टीका,कोरोना से बचाव के लिए है सुरक्षा कवच : जिलाधिकारी

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● जिलाधिकारी ने खैरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में किया कोरोना वैक्सीनेशन का मुआयना।

जमुई, 11 मई –

जिलाधिकारी अवनीश कुमार सिंह ने खैरा प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और मध्य विद्यालय खैरा में 18 से 44 वर्ष तक के लोगों के लिए बनाए गए टीकाकरण केंद्र का मुआयना किया। उन्होंने इस अवसर पर कोरोना जांच की भी जानकारी ली और इसमें तेजी लाए जाने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा केंद्र के समीप रहने वाले लोगों की सुविधा के लिए यहां टीकाकरण केंद्र बनाया गया है। उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के तहत 18 से 44 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों को तीसरे चरण में कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए टीकाकृत किये जाने की जानकारी देते हुए कहा कि यह महाअभियान अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर है। उन्होंने जरूरत के अनुसार और टीकाकरण केंद्र की शुरुआत किये जाने की जानकारी देते हुए कहा कि सम्बंधित उम्र के लोगों को वैक्सीनेशन के लिए हर संभव सुविधा मुहैया कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जिला पदाधिकारी ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को टीका लेने आए लोगों को हर संभव सुविधा मुहैया कराए जाने का निर्देश देते हुए कहा कि अवलोकन कक्ष के साथ प्रतीक्षा कक्ष को सुव्यवस्थित रखें ताकि लाभार्थियों को अतिरिक्त कठिनाइयां ना हों। इसी क्रम में भीड़ के अनुसार निबंधन काउंटर की संख्या में वृद्धि किये जाने का निर्देश देते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम और इससे बचाव के लिए हर नागरिक सम्बंधित टीका लें और भारत को स्वस्थ एवं उन्नत देश बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएं।
जिला पदाधिकारी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को निदेशित करते हुए कहा कि टीकाकरण की गति को और तेज किये जाने के लिए व्यापक प्रचार – प्रसार करायें ताकि अधिक से अधिक लोग वैक्सीनेशन का लाभ ले सकें।
जिला पदाधिकारी ने कोरोना रोधी टीका की चर्चा करते हुए कहा कि शरीर के प्रतिरक्षण के लिए यह अत्यंत आवश्यक है। सम्बंधित वैक्सीन कोरोना से लड़ने के लिए सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है। उन्होंने जोर देकर कहा टीकाकृत लोगों को कोरोना न के बराबर होता है। यदि होता भी है तो वे शीघ्र ही स्वस्थ हो जाते हैं।
डीएम ने जिलावासियों से अनुरोध करते हुए कहा कि आप सभी अपने – अपने पंचायत के नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर निश्चित रूप से टीकाकरण का लाभ लें ताकि कोरोना वायरस के फैलाव पर पूर्ण विराम लगाया जा सके।
मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी अवतुल्य कुमार आर्य , प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अमित रंजन समेत कई अधिकारी एवं स्वास्थ्य कर्मी मौके पर उपस्थित थे।

18+ वैक्सीनेशन अभियान: वैक्सीन के प्रति युवाओं में दिख रहा विश्वास, सभी सेन्टरों पर उमड़ रही है भीड़

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– रजिस्ट्रेशन के बाद 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को दी जा रही है वैक्सीन

– वैक्सीनेशन के लिए स्वास्थ्य विभाग लोगों को कर रहा जागरूक

खगड़िया, 11 मई।
जिले में रविवार से शुरू 18+ आयु वर्ग के लोगों का वैक्सीनेशन महाअभियान मंगलवार को भी जारी रहा। जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर वैक्सीन लेने वाले युवाओं की अच्छी-खासी भीड़ देखी जा रही है। जो इस बात का संकेत है कि युवाओं में वैक्सीन को लेकर किसी प्रकार की कोई दुविधा नहीं है और युवाओं में वैक्सीन के प्रति विश्वास है। सभी जगह युवा वर्ग पूरी तरह से खुद को सुरक्षित महसूस कर वैक्सीन ले रहे हैं एवं अन्य लोगों से भी वैक्सीन लेने की अपील कर रहे हैं। जो सामाजिक स्तर पर सकारात्मक बदलाव का भी संकेत हैं। युवा वैक्सीन लेने के लिए इतने इच्छुक हैं कि रजिस्ट्रेशन के दौरान स्थानीय वैक्सीनेशन सेंटर पर जगह नहीं मिलने पर आसपास के सेंटर को चिह्नित कर रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। मंगलवार को भी खगड़िया सदर पीएचसी में कई दूसरे जगहों के भी युवाओं ने आकर वैक्सीन ली। इस संबंध में पूछने पर उन्होंने बताया, स्थानीय सेंटर पर जगह खाली नहीं मिला। जिसके कारण इसी सेंटर को चिह्नित किया। मसलन, जिसको वैक्सीनेशन के लिए जहाँ जगह उपलब्ध मिल रहा है वह वहीं सेंटर को चिन्हित कर रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं।

– रजिस्ट्रेशन के बाद ही दी जा रही है वैक्सीन :-
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन के लिए विभाग द्वारा जारी एप पर रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है और रजिस्ट्रेशन के बाद वैक्सीन दी जा रही है। इसलिए, रजिस्ट्रेशन के दौरान जिले के किसी भी सेंटर जहाँ जगह उपलब्ध मिले, उस सेंटर को चिन्हित कर कोई भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं और संबंधित सेंटर पर आकर वैक्सीन ले सकते हैं। वहीं, उन्होने कहा, मैं सभी युवाओं से अपील करता हूँ, रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूर्ण कर निश्चित रूप से वैक्सीन लें। वैक्सीन आपके साथ-साथ आपके परिवार व समाज के हित में बेहद जरूरी है।

– वैक्सीनेशन के दौरान कोविड-19 की भी जाँच :-
जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर चल रहे वैक्सीनेशन अभियान के दौरान वैक्सीन लेने आने वाले सभी लोगों की पहले कोविड-19 जाँच की जा रही है। इसके बाद निगेटिव पाए जाने वाले लोगों को ही वैक्सीन दी जा रही है। ताकि संक्रमण उत्पन्न नहीं हो सके और अन्य लोग भी खुद को सुरक्षित महसूस कर वैक्सीनेशन करा सकें। इसके अलावा टीकाकर्मी भी सुरक्षित रहेंगे और लोगों को अपने स्वास्थ्य की ससमय सही जानकारी मिल सके।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर रहें :-
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– सुबह-शाम गर्म पानी में नींबू और नमक डालकर गरारा करें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और जरुरी पर भी मास्क लगाकर ही निकलें।
– बाजारों में खरीददारी के दौरान आवश्यक दूरी का ख्याल रखें।
– सरकार के गाइडलाइन का पालन करें।

भारत सरकार की मार्गदर्शिका से संचालित होंगी परिवार नियोजन सम्बंधी सेवाएं

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– मार्गदर्शिका के सम्बंध में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने सभी मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक और सिविल सर्जन को जारी किया निर्देश
: कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत सरकार ने जारी किया गाइड लाइन

मुंगेर, 11 मई-

कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखने के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने एक मार्गदर्शिका जारी की है। इस सबंध में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक सह विशेष सचिव स्वास्थ्य विभाग बिहार सरकार ने राज्य के सभी जिलों में स्थापित मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के अधीक्षक (सुपरिटेंडेंट) और जिले के सिविल सर्जन सह जिला स्वास्थ्य समिति के सदस्य सचिव को पत्र जारी कर व्यवस्था बहाल करने का निर्देश दिया है।

जिले के सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र आलोक ने बताया, भारत सरकार द्वारा जारी निर्देशिका के अनुसार जिले में परिवार नियोजन की निम्न व्यवस्था की गई है_-
: पुरुष कंडोम ( निरोध), दैनिक गर्भनिरोधक गोली ( माला एन), साप्ताहिक गर्भनिरोधक गोली ( छाया), आपातकालीन गर्भनिरोधक (ईजी), गर्भ जांच किट( निश्चय) एवं गर्भ निरोधक सुई ( अंतरा) एमपीए को चिकित्सा महाविद्यालय अस्पातल से स्वास्थ्य उपकेंद्र तक, कोविड केयर सेंटर( सीसीसी), डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर( डीसीएचसी) एवं डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल( डीसीएच) छोड़कर अन्य स्थानों पर योग्य दम्पतियों को उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके अलावा केयर इंडिया के सहयोग से उक्त सभी गर्भ निरोधक सामग्रियों को सबंधित क्षेत्र की आशा/ एएनएम के माध्यम से योग्य दम्पतियों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि दैनिक गर्भनिरोधक गोली सहित अन्य गर्भनिरोधक सामग्री प्राप्त मात्रा में उपलब्ध हो। इसके लिए आवश्यकतानुसार एफपीएलएमआईएस के माध्यम से मांग और आपूर्ति सुनिश्चित किया जाय।

केयर इंडिया के फैमिली प्लानिंग कोऑर्डिनेटर तस्नीम रजि ने बताया, जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में केयर इंडिया के सहयोग से कंडोम बॉक्स और कॉन्ट्रासेप्टिव डिस्प्ले ट्रे में सबंधित गर्भ निरोधकों की आवश्यक मात्रा में उपलब्धता की जा रही है।

उन्होंने बताया , नियमित सेवा सामान्य होने तक योग्य दम्पति महिला बंध्याकरण, पुरुष नसबंदी, अंतराल आईयूसीडी की सुविधा प्रदान किया जाना स्थगित रखा गया है। इसके साथ ही इस आशय कि सूचना आमजनों के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रदशित किया जाना सुनिश्चित किया जा रहा है। जिले के विभिन्न्न स्वास्थ्य केंद्रों पर परामर्शी के द्वारा स्थाई विधि के स्थान पर अस्थाई विधि जैसे कंडोम, गर्भ निरोधक गोली एवं अंतरा सुई जैसी गर्भ निरोधक अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही चिकित्सा एवं सर्जिकल गर्भपात सेवा को उचित सुविधा स्तर के साथ ही उचित संक्रमण की रोकथाम के उपाय एवं गर्भपात के बाद देखभाल तथा गर्भ निरोधक को अपनाने के लिए प्रदर्शित किया जाना है।

उन्होंने बताया भारत सरकार द्वारा जारी मार्गदर्शिका के अनुसार परिवार नियोजन सेवा को संचालित करने के साथ ही संबंधित स्वास्थ्य केंद्र पर आए लाभर्थियों में कोरोना प्रोटोकॉल के तौर पर मास्क के उपयोग के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करने के साथ ही हाथों की नियमित साफ- सफाई कि व्यवस्था भी सुनिश्चित करना है।

युवाओं में संक्रमण नहीं फैले, जिला स्कूल में हुआ टीकाकरण

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सदर अस्पताल का टीकाकरण केंद्र जिला स्कूल शिफ्ट

संक्रमण को रोकने स्वास्थ्य विभाग ने उठाया कदम

भागलपुर, 11 मई ।

कोरोना की दूसरी लहर को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार कदम उठा रहा है। इसी दिशा में सदर अस्पताल का टीकाकरण केंद्र मंगलवार को जिला स्कूल शिफ्ट कर दिया गया। यहां पर दो टीकाकरण केंद्रों पर 18 से 44 साल के युवाओं को तो एक पर 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना के टीके दिए गए। दरअसल, जब से 18 साल से अधिक उम्र के युवाओं को कोरोना का टीका देना शुरू किया गया है, तब से सदर अस्पताल स्थित टीकाकरण केंद्रों पर काफी संख्या में भीड़ उमड़ रही थी। इसके अलावा सदर अस्पताल में कोरोना जांच व इलाज भी होता है। इस कारण भी वहां भीड़ उमड़ती है। स्वास्थ्य विभाग ने एहतियातन यह कदम उठाया है।

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार चौधरी ने बताया कि कोरोना को लेकर लगातार सतर्कता बरती जा रही है। टीकाकरण केंद्रों पर भीड़ की वजह से संक्रमण नहीं फैले, इस वजह से यह कदम उठाया गया है। काफी तादाद में युवावर्ग टीकाकरण के लिए आ रहे हैं। आज लगातार तीसरे दिन चार हजार से अधिक युवाओं को टीके दिए गए। इसके अलावा 45 से अधिक उम्र के लोगों के अलावा छूटे हुए स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को भी कोरोना के टीके दिए जा रहे हैं। साथ ही कोरोना का बूस्टर डोज लेने वाले लोगों की संख्या भी काफी रहती है। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए टीकाकरण केंद्र को सदर अस्पताल से जिला स्कूल शिफ्ट कर दिया गया है।

सामाजिक दूरी का किया गया पालनः जिला स्कूल के तीनों टीकाकरण केंद्रों पर मंगलवार को सामाजिक दूरी का पालन किया गया। जिला स्कूल में अभी कक्षाएं भी नहीं चल रही हैं। इस वजह से वहां पर काफी जगह थी। लोगों को दो गज की दूरी का पालन कराया गया। कोरोना का टीका लेने के लिए आने वालों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य है। इसके अलावा सभी स्वास्थ्यकर्मियों से भी कोरोना की गाइडलाइन का पालन हर हाल में करने के लिए कहा गया है। वे लोग केंद्रों पर ऐसा करते दिखे भी।

30 मिनट तक की गई निगरानीः डॉ. चौधऱी ने बताया कि कोरोना टीका लेने वाले लाभुकों की 30 मिनट तक निगरानी की गई। टीका पड़ने के बाद स्वास्थ्यकर्मी 30 मिनट तक स्वास्थ्यकर्मियों की देखरेख में रहे। सभी कुछ सामान्य रहने के बाद लाभुकों को छोड़ दिया गया। जो टीका का पहला डोज लेने आए थे, उन्हें दूसरे डोज समय पर आकर अवश्य लेने को कहा गया। साथ ही जिन लोगों ने बूस्टर डोज लिया, उनका टीकाकरण पूरा हो गया। डॉ. चौधरी ने बताया कि इस दौरान लाभुकों से टीका का बूस्टर डोज अवश्य लेने की अपील की गई। जो लोग ऐसा नहीं करेंगे, उनका टीकाकरण पूरा नहीं होगा।

कोरोना काल में सार्वजनिक समारोहों में जाने से करें परहेज

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दूसरी लहर के बीच घरों में रहकर कोरोना की चपेट में आने से बचें
लापरवाही करने से परिवार के अन्य सदस्य भी हो सकते हैं संक्रमित

बांका, 11 मई-

कोरोना की दूसरी लहर के बीच भी जिले में सार्वजनिक समारोह हो रहे हैं। शादी व श्राद्ध जैसे आयोजन किए जा रहे हैं। हालांकि बहुत सारे लोगों ने शादियों को टाल दिया है, लेकिन बहुत सारे लोग कर भी रहे हैं। वहीं दूसरी ओर श्राद्ध और मैयत जैसे कायर्क्रम टाले नहीं जा सकते हैं, लेकिन ऐसे आयोजनों में सावधानी तो बरती जा सकती है। इस तरह के आयोजनों में हर हाल में कोरोना की गाइडलाइन का पालन करने की जरूरत है। एक अनुमान के मुताबिक, इस तरह के सार्वजनिक आयोजन नहीं हों तो कोरोना के 10 प्रतिशत मामले कम हो सकते हैं।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि अगर सार्वजनिक आयोजनों से 10 प्रतिशत तक मामले कम हो सकते हैं तो लोगों को ऐसे आयोजनों से दूरी बनाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी लोगों से शादी जैसे कार्यक्रम को टालने की अपील की है। लोगों को ऐसी अपील माननी चाहिए। दूसरी ओर श्राद्ध या मैयत में कम संख्या में लोगों को जाना चाहिए। जिन लोगों की जरूरत हो, उसी लोगों को जाना चाहिए। अनावश्यक भीड़ नहीं लगानी चाहिए।
घर आने पर गुनगुने पानी से करें स्नानः डॉ. चौधरी कहते हैं कि तमाम पाबंदियों के बावजूद अगर ऐसे आयोजनों में आप जाने से परहेज नहीं कर पाते हैं तो कुछ सावधानियों का ध्यान जरूर रखें। जैसे कि घर आते ही सबसे पहले अपने कपड़े को खोलकर पानी में डाल दें। जूते या बेल्ट जैसे सामान को जरूरी तौर पर सैनिटाइज कर लें। इसके बाद गुनगुने पानी से स्नान कर लें। इसके बाद ही घर घुसें। इस तरह की सावधानी बरतने से आप कोरोना की चपेट में आने से बचे रह सकते हैं। साथ ही घर के सदस्य भी सुरक्षित रहेंगे।
आयोजन में शामिल होने वाले कोई हो जाए बीमार तो हो जाएं आइसोलेटः डॉ. चौधरी कहते हैं कि इसके अलावा आप जिस समारोह में शामिल हुए हों और उसमें शामिल होने वाले कोई सदस्य बीमार हो जाए तो घर में खुद को आइसोलेट कर लें। इस बात का इंतजार नहीं करें कि अगर लक्षण दिखेगा, तभी सावधानी बरतेंगे। आइसोलेट होने के बाद अपनी कोरोना जांच करवाएं। रिपोर्ट आने तक आइसोलेट ही रहें। अगर रिपोर्ट निगेटिव ही रहे तो भी कम-से-कम एक सप्ताह घर के सदस्यों से दूरी बनाकर रहें।
कोरोना की गाइडलाइन का करें पालनः डॉ. चौधरी कहते हैं कि कोरोना की गाइडलाइन का हर हाल में पालन करें। घर से बाहर निकलें तो हर हाल में डबल लेयर मास्क लगा लें। बाहर भीड़भाड़ में जाने से बचें। सामाजिक दूरी का पालन करें। एक से दूसरे के बीच दो गज दूरी का पालन करें। घर में भी अगर किसी से बात कर रहे हैं तो मास्क जरूर लगा लें और दो गज दूरी बनाकर रहें। ऐसा करने से घर के अन्य सदस्य संक्रमित होने से बचे रहेंगे।

 जरूरी विज्ञापन प्रमुखता से नहीं दे रहे केजरीवाल- डॉ. आनंद शुक्ला

 

नई दिल्ली-

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ आनंद शुक्ला  ने  कोरोना  काल  के  दौरान  भी  ख़ाली  परे मेडिकल व पारामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति नहीं किये जाने तथा हाईकोर्ट द्वारा

महामारी से उपजे विशेष  जरूरत  की  पूर्ति  के  लिए  प्रमुख  दैनिक  अखबारों  में  विज्ञापन नहीं दिये जाने के कारण मिले फटकार के मुद्दे पर केजरीवाल को आड़े हाथों  लेते हुए कहा कि केजरीवाल केवल अपना चेहराचमकाने के लिए विज्ञापन देते है।

डॉ आनंद शुक्ला ने  कहा  कि  दिल्ली  सरकार  के  अस्पतालों  में   लगभग  29% पारमेडिकल स्टाफ, 34% मेडिकल स्टाफ  की  कमी  कोविड  काल  से  पहले  से ही थे,  जिसे केजरीवालने कोरोना महामारी को आए हुए एक साल से अधिक समय के दौरान भी नहीं भरा।

 

आनंद शुक्ला कोर्ट द्वारा चुनाव के समय दी जाने वाली विज्ञापन पर  किये कटाक्ष पर

कहा कि चुनाव के समय तथाकथित वर्ल्ड क्लास अस्पताल बताने के लिए करोड़ों का

विज्ञापन  दिया गया, कांग्रेसपार्टी ने हमेशा केजरीवाल सरकार से अस्पतालों के  इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने की मांग किया, कमियों को जनता व सरकार के सामने लाया ताकि व्यवस्था बिगड़े नहीं लेकिन केजरीवाल ने हमेशा  की  तरह  विपक्ष  की  आवाज़  को सुनने की जगह भ्रामक विज्ञापनों के जरिये दिल्ली को गुमराह किया। आनंद शुक्ला ने  कहा  कि  आज  ये  नौबत  आ  चुकी  है  कि  डॉक्टरों,  नर्सों  की  भारी  कमी  को  भरने  व  महामारी  से  उपजे  हालात  में  लोगों  को  समुचित इलाज मुहैया कराने को लेकर कोर्ट से प्रमुख दैनिक अखबारोंमें डॉक्टरों की जरुरत वाले विज्ञापन नहीं दिये जाने को लेकर फटकार लग रहा है

आनंद शुक्ला ने कहा  कि  केजरीवाल   बेड  बढ़ाने  का  कार्य  कर  रहे  लेकिन  इन   बिस्तरों  पर  जो  मरीज  इलाज  करवाएंगे  उनके  लिए  डॉक्टर,  नर्स,  स्टाफ कहां से आएंगे उसको लेकर चुपचाप है, केवल खानापूर्ति का कार्य कर रहे।

 

 

खगड़िया जिले में संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों की कांट्रैक्ट ट्रेसिंग शुरू

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– जिले के परवत्ता और चौथम प्रखंड में केयर इंडिया के सहयोग से की जा रही है ट्रेसिंग
– आशा कार्यकर्ता भी कर रही हैं सहयोग, संक्रमित मरीज के संपर्क में आने वाले लोगों को चिह्नित तैयार कर रही है सूची

खगड़िया, 10 मई-

जिले में कोविड-19 संक्रमण वायरस की रफ्तार को रोकने एवं लोगों को सुविधाजनक तरीके से बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सजग है| इसी कड़ी में जिले में मिलने वाले संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों की कांट्रैक्ट ट्रेसिंग अभियान की शुरुआत की गई है है। जिसके माध्यम से संपर्क में आने वाले लोगों को चिह्नित कर उन्हें कोविड-19 जाँच कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ताकि लोगों को ससमय अपनी स्वास्थ्य की जानकारी मिल सके और संक्रमण की रफ्तार को गति नहीं मिल सके । इतना ही नहीं, इससे ना सिर्फ लोगों को ससमय स्वास्थ्य की जानकारी मिलेगी बल्कि, अन्य लोग भी संक्रमण के दायरे से दूर रहेंगे। इस कार्य में केयर इंडिया की टीम भी अहम भूमिका निभा रही है।
– फोन के माध्यम से की जा रही है कांट्रैक्ट ट्रेसिंग :-
केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार ने बताया, जिले में संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों की फोन के माध्यम से कांट्रैक्ट ट्रेसिंग की जा रही है। इससे ना सिर्फ संक्रमण दूर होगा बल्कि, कार्य में भी तेजी आएगी। इसके लिए हमारी टीम संबंधित क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता के सहयोग से ऐसे लोगों को चिह्नित कर उन्हें कोविड-19 जाँच कराने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। ताकि उन्हें ससमय स्वास्थ्य की जानकारी मिल सके और उनके परिवार व समाज के अन्य सदस्य संक्रमण के दायरे से दूर सकें।
– परबत्ता और चौथम प्रखंड के लोगों की हो रही है ट्रेसिंग :
वर्तमान जिले के परबत्ता एवं चौथम प्रखंड में संक्रमितों के संपर्क में आने वाले लोगों की कांट्रैक्ट ट्रेसिंग की जा रही है। इसके लिए संबंधित क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची के आधार पर फोन कर लोगों को जाँच कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही होम क्वारेंटाइन में रह रहे मरीजों को भी नियमित रूप से फोन कर उनका स्वास्थ्य हाल जाना जा रहा और आवश्यकतानुसार आवश्यक सलाह भी दी जा रही है।
– होम विजिट कर भी मरीजों का स्वास्थ्य अवलोकन कर रही स्वास्थ्य टीम :-
जिले में होम क्वारेंटाइन में रहने वाले संक्रमित मरीजों की स्वास्थ्य टीम द्वारा होम विजिट कर स्वास्थ्य हाल जाना जा रहा है। इस दौरान मरीजों का तापमान समेत अन्य स्वास्थ्य जाँच की जा रही है और आवश्यकतानुसार आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर रहें :-
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– अनावश्यक यात्रा से परहेज करें और भीड़-भाड़ से बिलकुल दूर रहें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– गर्म पानी का अधिक सेवन करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।

कोविड वैक्सीन लगवाने वाले लोगों ने खुद को स्वस्थ्य बताते हुए वैक्सीन को बताया सुरक्षित

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– जिले के सभी लोगों से की वैक्सीनेशन के लिए आगे आने अपील
– जिले में शुरू हो गया है 18 से 44 वर्ष के लोगों के लिए वैक्सीनेशन अभियान

मुंगेर, 10 मई-

रविवार 09 मई से ही जिले के 16 सेशन साइट पर 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों के लिए वैक्सीनेशन का कार्य आरंभ हो गया है। इससे पहले से 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए जिले के सभी 64 सेशन साइट पर वैक्सीनेशन का कार्य पहले से ही जारी है। वैक्सीन लगवाने वाले अधिकांश लोग वैक्सीन को सुरक्षित बताते हुए आम लोगों खासकर युवा वर्ग से वैक्सीनेशन के लिए आगे आने की लगातार अपील कर रहे हैं।
सभी लोग वैक्सीन लगवाएं तभी जिले को कोरोना के संक्रमण से मुक्त कराया जा सकता-
मुंगेर के सफियाबाद निवासी संजय कुमार सुमन ने बताया, मैंने और मेरी पत्नी दोनों ने मुंगेर सदर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन ली है। वैक्सीन लेने के बाद हमलोगों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई है। वैक्सीन लेने के बाद मैं और मेरी पत्नी दोनों ही बिल्कुल स्वस्थ्य हैं। मैं सामाजिक कार्यकर्ता हूँ इसलिए अपने आसपास रहने वाले सभी लोगों को वैक्सीनेशन के लिए बताता रहता हूँ कि यह पूरी तरह से सुरक्षित है। इसलिये सभी लोग वैक्सीन लगवाएं तभी जिले को कोरोना के संक्रमण से मुक्त कराया जा सकता है।
गांव में सभी लोगों को वैक्सीनेशन के प्रेरित करता हूँ-

मुंगेर के शंकरपुर गांव निवासी पैथोलॉजिस्ट डॉ. मनोज शर्मा ने बताया, मैने और मेरी पत्नी दोनों ने कोविड वैक्सीन ली है । वैक्सीन लेने के बाद अपने अनुभव के आधार पर यह कह सकता हूँ कि भारत सरकार द्वारा हमलोगों के बीच उपलब्ध कराई गई वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ा हुआ हूँ इसलिए भी मैं अपने स्तर से अपने गांव में सभी लोगों को वैक्सीनेशन के प्रेरित करता हूँ।

गौरीपुर सफियाबाद मुंगेर के रहने वाले कृष्णानंद यादव ने बताया मैंने भी पिछले 06 मई को कोरोना की वैक्सीन ले ली है। वैक्सीनेशन के बाद मुझे किसी प्रकार की कोई परेशानी महसूस नहीं हुई । मैं अभी बिल्कुल स्वस्थ्य हूँ।
बढ़-चढ़कर वैक्सीनेशन अभियान के लिए आगे आएं।-
मुंगेर के जमालपुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत चन्द्रपुरा गांव निवासी कृष्णा सिंह ने बताया 06 मई को कोविड की वैक्सीन ली है। वैक्सीनेशन के बाद में बिल्कुल ही स्वस्थ्य हूँ। वैक्सीन लगवाने के बाद मैने किसी प्रकार परेशानी महसूस नहीं की। मुंगेर के सभी लोगों से मैं यह अपील करता हूँ कि वो जिला को कोरोना के संक्रमण से मुक्त बनाने के लिए बढ़-चढ़कर वैक्सीनेशन अभियान के लिए आगे आएं।

जिले के कासिम बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत हसनगंज गांव निवासी 20 वर्षीय युवक रविकांत सुमन ने बताया जिले में 18 से 44 वर्ष के लोगों के लिए वैक्सीनेशन शुरू होने के बाद मैंने कोविड वैक्सीन ले ली है । वैक्सीनेशन के बाद में बिलकुल स्वस्थ्य हूँ। किसी तरह की कोई परेशानी महसूस नहीं की है। जिले के सभी युवाओं से अपील है कि वो कोविड वैक्सीनेशन के लिए आगे आएं तभी जिले को कोरोना के संक्रमण से मुक्त कराया जा सकता है।

मुंगेर के जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. पंकज सागर ने बताया, रविवार से जिले के सभी 16 सेशन साइट पर 18 वर्ष से लेकर 44 वर्ष तक के सभी लोगों के लिए वैक्सीनेशन का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही जिले के सभी 64 सेशन साइट पर 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों के वैक्सीनेशन का काम जारी है।

उन्होंने बताया कि 18 प्लस के लोगों के वैक्सीनेशन के लिए पहले ही कोविन एप पर रजिस्ट्रेशन करना आवश्यक है। रजिस्टर्ड किए गए डाटा के अनुसार ही वैक्सीनेशन डेट, एड्रेस, सहित अन्य आवश्यक जानकारियां प्राप्त होती हैं । इसी के अनुसार ही सभी लोगों का वैक्सीनेशन किया जा रहा है। जिले के सभी लोगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा यदि जिले वासी चाहते हैं कि मुंगेर कोरोना मुक्त हो तो सभी लोग कोविड वैक्सीनेशन के लिए आगे आएं और जल्द से जल्द जिले को कोरोना मुक्त बनाएं ।

कोरोना संक्रमण के बीच सरकारी मार्गदर्शन के अनुसार संचालित होंगी परिवार नियोजन सम्बंधी सेवाएं

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– राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने सभी मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक और ज़िलों के सिविल सर्जन को जारी किया निर्देश
: इस संबंध में भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने जारी की है एक मार्गदर्शिका

लखीसराय, 10 मई –

कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखने के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने एक मार्गदर्शिका जारी की है। इस सबंध में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक सह विशेष सचिव स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी जिलों में स्थापित मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट और जिले के सिविल सर्जन सह जिला स्वास्थ्य समिति के सदस्य सचिव को पत्र जारी कर व्यवस्था बहाल करने का निर्देश दिया है।
जिले में परिवार नियोजन कि निम्न व्यवस्था जारी है-
जिले के सिविल सर्जन डॉ. देवेंद्र चौधरी ने बताया, भारत सरकार द्वारा जारी निर्देशिका के अनुसार जिले में परिवार नियोजन कि निम्न व्यवस्था जारी है–
: पुरुष कंडोम ( निरोध), दैनिक गर्भनिरोधक गोली ( माला एन), साप्ताहिक गर्भनिरोधक गोली ( छाया), आपातकालीन गर्भनिरोधक (ईजी), गर्भ जांच किट( निश्चय) एवं गर्भ निरोधक सुई ( अंतरा) एमपीए को चिकित्सा महाविद्यालय अस्पातल से स्वास्थ्य उपकेंद्र तक, कोविड केयर सेंटर( सीसीसी), डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर( डीसीएचसी) एवं डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल( डीसीएच) छोड़कर अन्य स्थानों पर योग्य दम्पतियों को उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके अलावा केयर इंडिया के सहयोग से उक्त सभी गर्भ निरोधक सामग्रियों को सबंधित क्षेत्र की आशा/ एएनएम के माध्यम से योग्य दम्पतियों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि दैनिक गर्भनिरोधक गोली सहित अन्य गर्भनिरोधक सामग्री प्राप्त मात्रा में उपलब्ध हो। इसके लिए आवश्यकतानुसार एफपीएलएमआईएस के माध्यम से मांग और आपूर्ति सुनिश्चित की जाय।

केयर इंडिया के फैमिली प्लानिंग कोऑर्डिनेटर अनुराग गुंजन ने बताया, जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में केयर इंडिया के सहयोग से कंडोम बॉक्स और कॉन्ट्रासेप्टिव डिस्प्ले ट्रे में सबंधित गर्भ निरोधकों की आवश्यक मात्रा में उपलब्धता की जा रही है।
नियमित सेवा सामान्य होने तक योग्य दम्पति महिला बंध्याकरण, पुरुष नसबंदी, सुविधा प्रदान किया जाना स्थगित –
उन्होंने बताया , नियमित सेवा सामान्य होने तक योग्य दम्पति महिला बंध्याकरण, पुरुष नसबंदी, अंतराल आईयूसीडी की सुविधा प्रदान किया जाना स्थगित रखा गया है। इसके साथ ही इस आशय कि सूचना आमजनों के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रदर्शित किया जाना सुनिश्चित किया जा रहा है। जिले के विभिन्न्न स्वास्थ्य केंद्रों पर परामर्शी के द्वारा स्थाई विधि के स्थान पर अस्थाई विधि जैसे कंडोम, गर्भ निरोधक गोली एवं अंतरा सुई जैसी गर्भ निरोधक अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही चिकित्सा एवं सर्जिकल गर्भपात सेवा को उचित सुविधा स्तर के साथ ही उचित संक्रमण की रोकथाम के उपाय एवं गर्भपात के बाद देखभाल तथा गर्भ निरोधक को अपनाने के लिए प्रदर्शित किया जाना है।

उन्होंने बताया भारत सरकार द्वारा जारी मार्गदर्शिका के अनुसार परिवार नियोजन सेवा को संचालित करने के साथ ही संबंधित स्वास्थ्य केंद्र पर आए लाभर्थियों में कोरोना प्रोटोकॉल के तौर पर मास्क के उपयोग के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करने के साथ ही हाथों कि नियमित साफ- सफाई कि व्यवस्था भी सुनिश्चित करना है।

कमजोर इम्युनिटी वालों को हो रहा म्यूकोरमाइकोसिस संक्रमण

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• यह एक दुर्लभ फंगल इन्फेक्शन है जो कोरोना काल में ज्यादा हो रहा है
• कोविड-19 से ठीक हुए मरीजों में यह इन्फेक्शन दिखने को मिल रहा है
• डायबिटीज के मरीजों के लिए खतरनाक, शुगर लेवल नियंत्रित रखें

10 मई 2021

बांका, कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच कई लोग म्यूकोरमाइकोसिस नाम के फंगल इन्फेक्शन की चपेट में आ रहे हैं. यह दुर्लभ फंगल इन्फेक्शन है जो किसी व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर होती है. कोविड-19 और डायबिटीज के मरीजों के लिए यह इन्फेक्शन और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है. इस संक्रमण को `ब्लैक फंगस’ के नाम से भी जाना जाता है.
क्या है म्यूकोरमाइकोसिस?
इंडियन काउन्सल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) द्वारा जारी अड्वाइज़री के अनुसार म्यूकोरमाइकोसिस फंगल इंफेक्शन है जो शरीर में बहुत तेजी से फैलता है. म्यूकोरमाइकोसिस इंफेक्शन नायक, आँख, दिमाग, फेफड़े या फिर स्किन पर भी हो सकता है. इस बीमारी में कई लोगों की आंखों की रौशनी चली जाती है वहीं कुछ मरीजों के जबड़े और नाक की हड्डी गल जाती है.
कोरोना के मरीजों को ज्यादा खतरा
म्यूकोरमाइकोसिस आम तौर पर उन लोगों को तेजी से अपना शिकार बनाती है जिन लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम होती है. कोरोना के दौरान या फिर ठीक हो चुके मरीजों का इम्यून सिस्टम बहुत कमजोर होता है इसलिए वो आसानी से इसकी चपेट में आ रहे हैं. खासतौर से कोरोना के जिन मरीजों को डायबिटीज है. शुगर लेवल बढ़ जाने पर उनमें म्यूकोरमाइकोसिस खतरनाक रूप ले सकता है.
यह संक्रमण सांस द्वारा नायक से व्यक्ति के अंदर चला जाता है. जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता काम होती है उनको यह जकड़ लेता है.
लक्षण
• नाक में दर्द हो, खून आए या नाक बंद हो जाए
• नाक में सूजन आ जाए
• दांत या जबड़े में दर्द हो या गिरने लगें
• आंखों के सामने धुंधलापन आए या दर्द हो, बुखार हो
• सीने में दर्द
बुखार
सिर दर्द
खांसी
सांस लेने में दिक्कत
खून की उल्टियाँ होना
कभी दिमाग पर भी असर होता है

किन रोगियों में ज्यादा पाया गया है:
• जिनका शुगर लेवल हमेशा ज्यादा रहता है
• जिन रोगियों ने कोविड के दौरान ज्यादा स्टेरॉइड लिया हो
• काफी देर आय सी यू में रहे रोगी
• ट्रांसप्लांट या कैंसर के रोगी

कैसे बचें
• किसी निर्माणधीन इलाके में जाने पर मास्क पहनें
• बगीचे में जाएं तो फुल आस्तीन शर्ट, पैंट व गलब्स पहनें
• ब्लड गुलुकोज स्तर को जांचते रहें और इसे नियंत्रित रखें

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है हल्के लक्षण दिखने पर जल्दी से डॉक्टर से संपर्क करें| कोविड के रोगियों में अगर बार बार नाक बंद होती हो या नाक से पानी निकलता रहे, गालों पर काले या लाल चकते दिखने लगें, चेहरे के एक तरफ सूजन हो या सुन्न पद जाए, दांतों और जबड़े में दर्द, काम दिखाई दे या सांस लेने में तकलीफ हो तो यह ब्लैक फंगस हो सकता है|