कोरोना काल में खानपान का रखें विशेष ख्याल, विटामिन-सी युक्त पदार्थों का करें अधिक सेवन

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– लॉकडाउन के दौरान कोरोना गाइडलाइन का करें पालन और बरतें सावधानी

मुंगेर, 05 मई-

जिले में कोरोना के लगातार बढ़ते संक्रमण के बीच राज्य सरकार द्वारा लगाए गये लॉकडाउन को शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराने को ले स्थानीय जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयासरत है | बावजूद इसके इस महामारी को रोकने के लिए सामाजिक सहयोग भी बेहद जरूरी है। इसलिए, लोगों को सरकार द्वारा जारी किए गए कोरोना गाइडलाइन का पालन कर प्रशासन का सहयोग करना चाहिए। आम लोगों को यह समझने की जरूरत है कि सरकार हमारे हित में फैसले ले रही है। क्योंकि, जबतक लोग इसे समझेंगे नहीं, तब तक इस महामारी को रोक पाना संभव नहीं दिख रहा है। इसलिए, लोगों को खुद के साथ अपने परिवार व समाज के हित में सरकार के गाइडलाइन का पालन करते हुए सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है।

कोविड-19 संक्रमण से बचाव को सबसे बेहतर कवच है मजबूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता :-
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ पंकज सागर ने बताया, कोरोना वायरस का संक्रमण काफी तेजी से फैल रहा है। किन्तु, इससे डरने की जरूरत नहीं है बल्कि, यह वक्त है सतर्कता और सावधानी के साथ इससे मुकाबला करने का। उन्होंने बताया, इससे बचाव के लिए वैक्सीनेशन, जाँच एवं सतर्कता व सावधानी बरतने की जरूरत तो है ही। इसके अलावा इससे बचाव के लिए एक और बेहतर सुरक्षा कवच है मजबूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता। इसलिए, लोगों को वर्तमान दौर में खानपान का विशेष ध्यान रखने और अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की जरूरत है। खानपान का ध्यान का मतलब यह है कि समय पर खाना खाएं, अधिक देर भूखा नहीं रहें, प्रोटीन और विटामिन-सी युक्त पदार्थों का सेवन करें।

– दाल, हरी सब्जी समेत अन्य प्रोटीन और विटामिन-सी युक्त पदार्थों के सेवन पर दें बल :-
उन्होंने बताया, मजबूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता एक नहीं, बल्कि कई बीमारियों से बचाता है। दरअसल, रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर लोग तरह- तरह की बीमारियों की चपेट में आने लगते हैं। इसलिए, मजबूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता के लिए दाल, हरी सब्जी समेत अन्य प्रोटीन और विटामिन-सी पदार्थों के सेवन पर लोगों को बल देने की जरूरत है। इससे आप पूरी तरह शारीरिक रूप से भी मजबूत रहेंगे और बीमारियों के दायरे से भी दूर रहेंगे।

सरकार द्वारा जारी कोरोना गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित कराने को ले प्रशासन सख्त : –
उन्होंने बताया, कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव पर रोकथाम के लिए सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित कराने को ले जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त है। इसके मद्देनजर जिले के विभिन्न इलाकों में लगातार प्रशासनिक पहल जारी है और शत-प्रतिशत गाइडलाइन का पालन करने के लिए लोगों से अपील की जा रही है। दरअसल, प्रशासन का मानना है कि महामारी को रोकने के लिए समाज के हर तबके के लोगों को आगे आने की जरूरत है।

कोरोना संक्रमण से दूर रहने के लिए इन मानकों का करें पालन :

– राज्य सरकार द्वारा जारी कोरोना गाइड लाइन का अक्षरशः करें पालन ।
– हमेशा करें मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी के नियम का पालन ।
– लक्षण महसूस होने पर तत्काल कराएं कोविड-19 का जाँच ।
– अपनी बारी आने पर निश्चित रूप से कराएं वैक्सीनेशन और इसके लिए दूसरों को भी करें प्रेरित ।
– अनावश्यक घर से बाहर निकलने से करें परहेज और यात्रा के दौरान एक निश्चित अंतराल पर हाथों कि साफ- सफाई के लिए हमेशा हैंड सैनिटाइजर का करें उपयोग।
– अपने आसपास साफ-सफाई का रखें विशेष ख्याल ।
– बाहरी और बासी खाना से बिलकुल रहें दूर और समय पर ताजा खाना ही खाएं।

लॉकडाउन का पालन कराने के लिए सड़क पर उतरे प्रशासनिक अधिकारी

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कोरोना की चेन को तोड़ने के लिए सख्त हुआ प्रशासन
लोगों से कुछ दिनों तक घरों में रहने की अपील की गई

भागलपुर, 5 मई
लॉकडाउन का पालन कराने के लिए जिला प्रशासन सख्त हो गया है. बुधवार को जिले में बाहरी लोगों के प्रवेश करने पर जांच शुरू कर दी गई तो बाजारों में जगह- जगह जाकर लोगों से लॉकडाउन का पालन करने की अपील की गई. जिले का नवगछिया अनुमंडल कोरोना से बुरी तरह प्रभावित है. प्रतिदिन वहां सैकड़ों मरीज निकल रहे हैं. इस वजह से एसपी सुशांत कुमार सरोज सुबह एसडीओ और डीएसपी के साथ क्षेत्र में निकले. सबसे पहले नारायणपुर प्रखंड के मधुरापुर बाजार गए और वहां लोगों से लॉकडाउन का सख्ती से पालन करने को कहा. हालांकि बाजार में आवाजाही नहीं थी और सड़क पर भी लोग कम ही दिख रहे थे, लेकिन इसके बावजूद जो भी लोग मिले, उनसे घरों में रहने की अपील की. लोगों से लॉकडाउन का हर हाल में पालन करने को कहा गया.

नवगछिया बाजार में भी दिखी सख्ती:
कोरोना के बढ़ते मरीजों के कारण नवगछिया को एक सप्ताह के लिए सील कर दिया गया है. इसके बावजूद पिछले कुछ दिनों से बाजार में लोग आवाजाही करते दिख रहे थे, लेकिन बुधवार को बाजार में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ था. एसपी के निर्देश पर पुलिस पदाधिकारी सख्ती से पेश आ रहे थे और लोगों से घरों में रहने की अपील की जा रही थी. लोग भी अधिकारियों की बात मानते नजर आए और घरों में वापस चले गए.

पुलिस की गाड़ी करती रही गश्त:
बुधवार को दिनभर अपने-अपने थाना क्षेत्र में पुलिस की गाड़ी गश्त करती रही. जहां कहीं दुकानें खुली दिखी उसे बंद कराया गया. कहीं भी लोग दिखे तो उन्हें घर जाने को कहा गया. माइकिंग के जरिए लोगों से घरों में रहने की अपील भी की गई. लॉकडाउन का पालन कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से चुस्त-दुरुस्त दिखा.

सब्जी वालों को दी गई हिदायत: झंडापुर बाजार में सब्जी की दुकानें खुली हुई दिखाई दी तो उसे पुलिस ने बंद करने को कहा. साथ में आगे से सुबह 11 बजे तक दुकान बंद कर देने की सख्त हिदायत दी गई.ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी गई. मालूम हो कि लॉकडाउन लगने के बाद आवश्यक सामग्री की बिक्री सुबह सात से 11 बजे तक करने की छूट राज्य सरकार ने दी है.
– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क और सैनिटाइजर का नियमित रूप से उपयोग करें।
– लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से हाथ धोएं।
– सफर के दौरान हमेशा सैनिटाइजर पास में रखें।
– बाहर में लोगों से बातचीत के दौरान आवश्यक दूरी का ख्याल रखें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– मुँह, नाक, ऑख को अनावश्यक छूने से बचें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।

अगर कोरोना हो जाए तो घबराएं नहीं,शांत रहें

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खुद को घर के अन्य सदस्यों से कर लें अलग
सकारात्मक विचार रखते हुए खुद को व्यस्त रखें

बांका, 5 मई
कोरोना की दूसरी लहर में बड़ी संख्या में लोग चपेट में आ रहे हैं. हालांकि बड़ी संख्या में लोग ठीक भी हो रहे हैं, लेकिन कोरोना हो जाने के बाद जो व्यक्ति ज्यादा घबराता है, वह ज्यादा परेशान रहता है. इसलिए कोरोना हो जाने के बाद घबराने की बजाए शांत रहें और मन में सकारात्मक विचार रखें.
कोरोना हो जाने के बाद लोगों को घबराना नहीं चाहिए: शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि कोरोना हो जाने के बाद लोगों को घबराना नहीं चाहिए. होम आइसोलेशन में रहकर कोरोना पीड़ित को अपना इलाज शुरू कर देना चाहिए. डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा का सेवन करना चाहिए और घर पर रहते हुए सावधानी बरतनी चाहिए. ज्यादा गंभीर होने पर डॉक्टर से सलाह लेकर भर्ती होने के बारे में सोचना चाहिए.

10 दिनों के लिए हो जाएं आइसोलेट: डॉ चौधरी कहते हैं कि अगर आपको कोरोना हो जाए तो अलग कमरे में 10 दिनों के लिए आइसोलेट हो जाएं. कमरे में शौचालय की अगर अलग से व्यवस्था हो तो ज्यादा बेहतर रहेगा. आराम करें और दिमाग को शांत रखें. किताब पढ़ें, टीवी देखें और मोबाइल से वीडियो कॉल के जरिए खुद को व्यस्त रखें. अगर आप थोड़ा सा सहज महसूस कर रहे हों तो व्यायाम भी कर सकते हैं. साथ ही घर के सभी वेंटिलेशन और खिड़कियां को खोल दें.

कमरे के बाहर जाते वक्त पहनें मास्क: डॉ चौधरी कहते हैं कि आप जिस कमरे में रह रहे हैं, उससे अगर आप बाहर जा रहे हैं तो नाक और मुंह को ढककर रखें. इसके लिए मास्क पहनें. साथ ही अगर आपके कमरे में कोई और लोग आ रहे हैं तो उन्हें भी मास्क पहनने के बाद ही अंदर आने दें. ऐसा करने से कोरोना का संक्रमण आपसे दूसरों में नहीं होगा.

हाथों को साबुन से बार-बार धोएं:
डॉ चौधरी कहते हैं कि होम आइसोलेशन के दौरान भी हाथों को बार-बार साबुन से धोते रहना चाहिए. अपने कमरे को कीटाणुनाशक या फिर साबुन से साफ करते रहना चाहिए. इन उपायों को करने से आप कोरोना से जल्द से जल्द मुक्त हो जाएंगे. साथ ही आप से दूसरे लोगों में भी संक्रमण नहीं होगा.

एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें
– सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेस कवर या मास्क पहनें।
– अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं।
– आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
– छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें।

दादा साहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2021 में ‘जंगल क्राई’ ने ‘सर्वश्रेष्ठ फिल्म’ का अर्वार्ड जीता

“जंगल क्राई” फिल्म ने 11वें दादा साहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2021 में ‘सर्वश्रेष्ठ फिल्म’ (जूरी) का पुरस्कार जीता। कलिंगा इंस्टीच्यूट ऑफ़ सोसल सांइसेज (के.आई.एस.एस.) के 12 छात्रों की प्रेरणादायक सच्ची कहानी पर आधारित ‘‘जंगल क्राई”, वर्ष 2007 में यू.के. में आयोजित इंटरनेशनल जूनियर रग्बी टूर्नामेन्ट में उनकी विजयी यात्रा का अनुसरण करती है। वे इंग्लैंड में प्रतिष्ठित अण्डर-14 रग्बी वर्ल्ड कप जीतने के लिए आगे बढ़ते हैं। ‘जंगल क्राई’ एक ऐसी कहानी है जो परिभाषित करती है कि कुछ भी असम्भव नहीं है, शिक्षा एवं खेल को बढ़ावा देता है तथा गरीबी उन्मूलन में मदद करता है एवं हर राष्ट्र के लिए देशभक्ति का जज्बा पैदा करता है, जैसा कि के.आई.एस.एस. करता रहा है। ‘भेजा फ्राई’ के सुप्रसिद्ध सागर बल्लरी और बॉलीवुड हॉलीवुड प्रोडक्शंस के प्रशान्त शाह ने के.आई.एस.एस. के 12 छात्रों की जीवन-यात्रा के वृत्तांत पर आधारित इस रग्बी फिल्म का संचालन किया है।

शिक्षा के माध्यम से आदिवासी बच्चों के सशक्तीकरण के लिए 30,000 आदिवासी छात्र-छात्राओं के लिए एक आवासीय संस्थान के.आई.एस.एस. को स्थापित किया गया था, जो कि स्पोर्ट्स के सशक्तिकरण के लिए एक उपकरण के रूप में भी केन्द्रित था। रग्बी की शुरूआत वर्ष 2005 में के.आई.एस.एस. के संस्थापक, डॉ. अच्युत सामंत द्वारा की गयी थी। वर्ष 2007 में कलिंगा इंस्टीच्यूट ऑफ़ सोसल साइंसेज (के.आई.एस.एस.) के 12 लड़कों की रग्बी टीम ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए इंग्लैंड में आयोजित अण्डर-14 रग्बी वर्ल्ड कप में इतिहास रचा। तब से के.आई.एस.एस. ने पूरे भारत में रग्बी के खेल को बढ़ावा दिया और इसे लोकप्रिय बनाया। के.आई.एस.एस. की इस अनूठी उपलब्धि को बहुत ही खूबसूरती से ‘‘जंगल क्राई” फिल्म में चित्रित किया गया है।

प्रसन्नता व्यक्त करते हुए के.आई.एस.एस. के संस्थापक, डॉ. अच्युत सामंत ने इस फिल्म के निर्माता प्रशान्त शाह और निदेशक, सागर बल्लरी को इस उपलब्धि और पहचान के लिए उन्हें बधाई दी। साथ ही उन्होंने पुरस्कार के लिए इस फिल्म को योग्य ठहराने व चयन करने के लिए न्यायपीठ अर्थात जूरी को धन्यवाद दिया। डॉ. सामंत ने कहा, ‘‘इस बात से मैं बहुत खुश हूँ कि ‘जंगल क्राई’ में यह दर्शाया गया है कि इंग्लैंड में आयोजित अण्डर-14 रग्बी चैम्पियनशिप में के.आई.एस.एस. के छात्रों ने वर्ष 2007 में किस बहादुरी से सभी भौगोलिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक बाधाओं को पार करते हुए जीत हासिल की।

संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों को चिह्नित कर सूची तैयार होगी, दिया गया प्रशिक्षण

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– सदर पीएचसी में केयर इंडिया द्वारा आशा फैसिलिटेटर को दिया गया एक दिवसीय प्रशिक्षण
– खुद की सुरक्षा के मद्देनजर एहतियात के साथ कार्य करने की दी गई जानकारी

खगड़िया,4 मई –

कोविड-19 संक्रमण पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग हर स्तर पर पूरी तरह से अलर्ट मोड में है|प्रत्येक दिन आवश्यकतानुसार जरूरी निर्णय भी लिए जा रहे हैं। अब जिले में संक्रमित मरीज के संपर्क में आने वाले लोगों को भी चिह्नित उन्हें कोविड-19 च कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ताकि संक्रमण की चेन को गति नहीं मिल सके और लोगों को समय पर अपने स्वास्थ्य की सही जानकारी मिल सके । यह जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी आशा कार्यकर्ता को दी गई है । इस जिम्मेदारी के सफल क्रियान्वयन के लिए मंगलवार को सदर पीएचसी, खगड़िया में केयर इंडिया की टीम द्वारा आशा फैसिलिटेटर को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें खुद की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए कार्य करने की विस्तृत जानकारी दी गई। जिससे संक्रमण उत्पन्न नहीं हो और सभी आशा कार्यकर्ता खुद को सुरक्षित महसूस करते हुए अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर सकें।

– संक्रमितों के संपर्क के आने वाले व्यक्तियों को चिह्नित कर तैयार की जाएगी सूची :-
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, जिले की सभी आशा कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों को चिह्नित कर उनकी सूची तैयार करेंगी। जिसके बाद तैयार सूची को अपने स्थानीय पीएचसी मुख्यालय में जमा करना है। जिसके बाद पीएचसी स्तर से कोविड-19 जाँच की जाएगी। इसके अलावा आशा कार्यकर्ता भी ऐसे लोगों को जाँच के लिए प्रेरित करेंगी।

– आशा कार्यकर्ता को उपलब्ध कराया गया फॉरमेट :-
केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार ने बताया, सभी आशा को ऐसे लोगों को चिह्नित कर विभाग द्वारा दिए फॉरमेट में उनका नाम, पता, मोबाइल नंबर समेत अन्य जानकारियाँ भरनी है। फॉरमेट किस तरह भरना है। यह जानकारी प्रशिक्षण के दौरान दिया गया । साथ ही फॉरमेट भी उपलब्ध करा दिया गया। इसके अलावा होम क्वारेंटाइन में रहने वाले संक्रमित व्यक्तियों का भी आशा द्वारा लगातार 14 दिनों तक गृह भ्रमण कर स्वास्थ्य अवलोकन किया जाएगा एवं आवश्यकतानुसार सलाह दी जाएगी।

– संक्रमित मरीजों की सूची कराई गई उपलब्ध :-
वहीं, सदर पीएचसी में तैनात केयर इंडिया के प्रखंड प्रबंधक रेणुका कुमारी ने बताया , प्रशिक्षण के दौरान सभी आशा फैसिलिटेटर को संक्रमित मरीजों की सूची उपलब्ध करा दी गई है। जिसे अपने-अपने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता के बीच वितरित करेंगी । ताकि आशा कार्यकर्ता आसानी के साथ मरीजों के घर जाकर उनके परिजनों समेत अन्य व्यक्तियों की स्क्रीनिंग एवं अन्य स्वास्थ्य जाँच कर सकें। सूची में कब मरीज संक्रमित हुए हैं, मरीजों का मोबाइल नंबर समेत पूरा पता दर्ज है।

– प्लस ऑक्सीमीटर ऑपरेट करने की भी दी जानकारी :-
चौथम पीएचसी में तैनात केयर इंडिया के प्रखंड प्रबंधक सह प्रशिक्षक करण कुमार ने बताया, प्रशिक्षण के दौरान प्लस ऑक्सीमीटर ऑपरेट करने की विस्तृत जानकारी दी गई। जबकि, थर्मल स्क्रीनिंग के ऑपरेट की जानकारी पूर्व में ही दी जा चुकी है।

– बीपी, पल्स व ऑक्सीजन समेत अन्य स्वास्थ्य जाँच :-
इस दौरान आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर संक्रमित मरीजों के परिजनों को चिह्नित कर उनका पल्स व ऑक्सीजन रेट, बीपी, तापमान समेत अन्य स्वास्थ्य जाँच करेंगी । ताकि सभी व्यक्ति को समय पर स्वास्थ्य की जानकारी मिल सके ।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर रहें :-
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– बाहरी और बासी खाना से बिलकुल दूर रहें, गर्म व ताजा खाना का सेवन करें।
– अनावश्यक घर से बाहर नहीं निकलें।

मानसी में कोविड-19 वैक्सीनेशन शिविर आयोजित, रेल कर्मियों ने ली वैक्सीन

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– स्वास्थ्य कर्मियों ने कोरोना को रोकने को सतर्क और सावधान रहने के लिए किया प्रेरित

खगड़िया, 04 मई-

कोविड-19 संक्रमण की रफ्तार को रोकने के लिए जिले में लगातार वैक्सीनेशन एवं जाँच अभियान का आयोजन किया जा रहा है। ताकि जल्द से जल्द अधिकाधिक लोगों का वैक्सीनेशन एवं जाँच हो सके और इस महामारी के बढ़ते प्रभाव पर विराम लग सके । इसी कड़ी में मंगलवार को जिले के मानसी रेलवे स्टेशन परिसर में स्थानीय स्वास्थ्य संस्थान द्वारा कोविड-19 वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में रेल पदाधिकारी, कर्मचारी एवं कर्मियों ने वैक्सीन ली । वहीं, वैक्सीनेशन के बाद सभी पदाधिकारी, कर्मचारी एवं कर्मियों ने कहा, वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। इस महामारी को रोकने के लिए सभी लोगों को वैक्सीन लेनी चाहिए। क्योंकि, इस महामारी से तभी स्थाई निजात संभव है, जब शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन होगा। इसलिए, समाज के हर तबके के लोगों को वैक्सीनेशन के आगे आना चाहिए और खुद के साथ अपने परिवार व समाज के हित में अपनी जिम्मेदारी पूरी कर राष्ट्रहित के लिए जिम्मेदार बनना चाहिए।

– वैक्सीनेशन अभियान को गति देने के लिए जगह-जगह वैक्सीनेशन अभियान का हो रहा है आयोजन :-
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, इस महामारी को रोकने के लिए जिले में लगातार और आवश्यकतानुसार जगह-जगह वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन भी किया जा रहा है। जिससे इस महामारी से स्थाई निजात मिल सके और सभी लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।

– स्वास्थ्य कर्मियों ने महामारी को रोकने के लिए सतर्क और सावधान रहने को किया प्रेरित :-
वहीं, केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार ने बताया, वैक्सीनेशन शिविर में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा वैक्सीन लेने वाले रेल पदाधिकारी, कर्मचारी एवं कर्मियों को इस महामारी को रोकने के लिए सतर्क और सावधान रहने के लिए प्रेरित किया गया। जिसके दौरान शारीरिक दूरी का पालन जारी रखने, मास्क का उपयोग करने, सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करने, अनावश्यक घर से बाहर नहीं निकलने समेत अन्य जानकारियाँ दी गई। ताकि किसी प्रकार के संक्रमण उत्पन्न नहीं हो सकें और सामाजिक स्तर पर लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।

– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं :-
इस महामारी की रफ्तार को रोकने के लिए लक्षण महसूस होते ही जाँच कराना जरूरी है। दरअसल, समय पर जाँच कराने से संक्रमण का चेन लंबा होने की संभावना नहीं रहती है। वहीं आसानी से इस महामारी को मात देने के लिए समय पर जाँच कराना जरूरी है। इसलिए, लक्षण महसूस होते ही लोगों को तुरंत कोविड-19 जाँच करानी जरूरी है और चिकित्सा परामर्श का पालन करना चाहिए। यह संक्रमण का चेन तोड़ने के लिए काफी कारगर साबित होगा।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर रहें :-
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– बिना मास्क पहनें और अनावश्यक घर से बाहर नहीं निकलें।
– सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।

मुंगेर जिले में कुल 9153 कोरोना संक्रमित मरीजों में 7119 हुए स्वस्थ्य

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– जिले में अभी कुल 1955 एक्टीव केस, मंगलवार को मिले 213 कोरोना संक्रमित मरीज
– जिले में कोरोना जांच के लिए लिया गया है कुल 4,62,139 लोगों का सैम्पल

मुंगेर, 04 मई-

जिले में मंगलवार तक कुल 9153 कोरोना संक्रमित मरीजों में से 7118 मरीज कोरोना संक्रमण को हराकर स्वस्थ्य हो चुके हैं। इसके अलावा जिले के कुल 78 लोग कोरोना से लड़ाई हार चुके हैं| साथ ही मुंगेर से बाहर जिले के कुल 15 लोगों ने भी कोरोना संक्रमण की वजह से अपनी जान गवां दी है।
अच्छी खासी संख्या में लोग कोरोना को मात देकर स्वस्थ्य भी हो रहे-
मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र आलोक ने बताया जिले में कोरोना संक्रमित की तुलना में अच्छी खासी संख्या में लोग कोरोना संक्रमण से लड़ाई जीतकर स्वस्थ्य भी हो रहे हैं। उन्होंने बताया, मंगलवार को जिले में कुल 213 लोग कोरोना संक्रमित हो गए हैं| जिसमें 142 पुरुष और 71 महिलाएं हैं। जिले के विभिन्न आइसोलेशन सेंटर में या होम आइसोलेशन में मंगलवार तक कुल 1351 मरीज भर्ती हुए। इनमें से 45 मरीज मुंगेर के आइसोलेशन में भर्ती हुए जबकि 52 मरीजों को दूसरे जगह रेफर भी किया गया है। इसके साथ ही मंगलवार को 6 मरीज मुंगेर के आइसोलेशन सेंटर में भर्ती किए गए हैं।
कोरोना जांच के लिए कुल 4,62,139 लोगों का सैम्पल लिया गया है –
उन्होंने बताया कि जिले में मंगलवार तक कोरोना जांच के लिए कुल 4,62,139 लोगों का सैम्पल लिया गया है। जिसमें से अभी कुल 1955 एक्टिव केस हैं । जिले में एंटीजन कोरोना जांच के लिए कुल 412 लोगों का सैम्पल लिया गया था। इसी तरह पीएमसीएच लैब पटना के लिए कुल 589 लोगों का सैम्पल संग्रहित किया गया। इसके अलावा ट्रूनेट जांच के लिए मुंगेर लैब में कुल 57 सैम्पल लिए गए हैं ।
मास्क का नियमित इस्तेमाल करें-
उन्होंने कहा कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच सभी जिले वासी अनिवार्य रूप से कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए मास्क का नियमित इस्तेमाल करें। इसके साथ ही सामाजिक दूरी के नियम के तहत एक- दूसरे से कम से कम दो गज या छह फीट की दूरी रखें । लोग अपने हाथों की नियमित साफ- सफाई के लिए साबुन या हैंड सैनिटाइजर का नियमित इस्तेमाल करें तभी कोरोना वायरस के संक्रमण को पूरी तरीके से हराया जा सकता है। जिले वासियों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि सभी लोग देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए खुद भी कोरोना गाइड लाइन का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

अन्तराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर कोविड काल में मानवीय कार्यो पर वर्ल्ड यूथ ऑर्गेनेइज़ेशन भारत ने किया आगाज*

हाल ही यूनाइटेड नेशंस सस्टेनेबल डेवलपमेंट के तहत वैश्विक मानवीय विकास के सिंद्धान्तों पर कार्यरत भारत की एकमात्र वर्ल्ड यूथ आर्गेनाइजेशन द्वारा विश्व प्रेस फ्रीडम डे के अवसर पर कोविड पेंडेमिक को देखते हुए इस वर्ष भारत के प्रतिनिधित्व में ऑनलाइन कार्यशाला का आगाज हुआ । कार्यशाला समन्वयक वर्ल्ड यूथ संघठन के एशियाई सयुक्त निदेशक डॉ. नयन प्रकाश गाँधी ने बताया कि इस अन्तराष्ट्रीय कार्यशाला में मुख्य अन्तराष्ट्रीय वक्ता डॉ संदीप मारवाह जो कि नोयडा फ़िल्म सिटी के फाउंडर है और एशियन अकेडमी ऑफ फ़िल्म एन्ड टेलीविजन एएएफटी के चांसलर भी है ने,प्रिंट एवं मीडिया के भारत के वर्तमान कोविड के भयावह परिस्थिति पर महती भूमिका पर गहराई से व्यक्तव्य दिया साथ ही देश के मीडिया जर्नलिस्ट के दिन रात सकारात्मक रूप से जो एक बहुत बड़ा प्रेस मीडिया का युवा पत्रकारो का समूह इस कोरोना संकट के समय मे दिन रात कार्य कर रहा है और उपयुक्त सही जानकारी के माध्यम से राष्ट्रहित में एक यो कहे जन सेवक के रूप में भूमिका अदा कर रहा है वह अतुलनीय है ।डॉ संदीप मारवाह ने मीडिया के क्षेत्र के साथ साथ मानवीय अधिकारों ,आवश्यक जरूरतमंदों की सेवा एवं सबसे अधिक महत्वपूर्ण पहलू कि आज के युवाओ को मानवीयता के सच्चे अर्थ को गहन में लेकर सत्य ,पारदर्शी ,जागरूक नागरिक होने के नाते महती भूमिका निभाने की भी प्रेरणा दी। उन्होंने अपने मीडिया के कई दशकों के कार्यानुभव से भी रूबरू कराया और प्रेस मीडिया के हर सामाजिक मानवीय वैकासिक पत्रकारिता के हर पहलुओ पर गहराई से अपना सम्बोधन दिया।कार्यशाला के समापन पर नेशनल युथ अवार्डी एसोसिएशन नई दिल्ली भारत सरकार के चेयरमेन एवं वर्ल्ड युथ आर्गेनाइजेशन के अन्तराष्ट्रीय चेयरमैन डॉ जाविद जमादार ने आमंत्रित वक्ता डॉ संदीप मारवाह के व्यक्तव्य की भूरि भूरि प्रशंसा की ,तदुपरांत सयुक्त निदेशक यूएन वर्ल्ड युथ आर्गेनाइजेशन एवं कार्यशाला समन्वयक डॉ. एन पी. गाँधी.ने बताया कि यूनाइटेड नेशन्स एवं सस्टेनेबल डेवेलपमेन्ट पर संस्था कई वर्षों से पूरे विश्व भर में कार्य कर रही है ,यह सौभाग्य की बात है वर्ल्ड यूथ संघठन भारत इकाई को इस बार इसे करने का अवसर प्राप्त हुआ
एवं विभिन्न देशों से युवाओ एवं कई जर्नलिस्ट ,सॉशेल एक्टिविस्ट ,प्रोफेशनल्स ने प्रतिभागिता की।

रक्तदान महादान, कोविड वैक्सीनेशन से पूर्व एक बार जरूर करें रक्तदान

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कोविड वैक्सीनेशन के 70 दिनों बाद दिया किया जा सकता है रक्तदान

लखीसराय, 04 मई:

कोरोना संकट के बीच आम जन कई अन्य घातक बीमारियों के उपचार में समस्याओं का सामना कर रही है. कोरोना महामारी, विशेषकर खून की कमी से जूझ रहे मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन गयी है. इस संकटकाल में रक्तदान करने वालों की संख्या में लगातार कमी देखी गई है जिससे ब्लड बैंकों को पर्याप्त मात्रा में खून को स्टोर करने में समस्या हो रही है. हालाँकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड काल में भी तमाम सुरक्षा नियमों को अपनाते हुए रक्तदान किया जा सकता है. रक्तदान महादान है और कोविड संक्रमण से इसका कोई संबंध नहीं है. किसी भी ब्लड बैंक में संक्रमण से बचाव यथा मास्क लगाना, सैनिटाइजर या साबुन पानी से हाथों की नियमित धुलाई, शारीरिक दूरी जैसे मानकों का पालन करते हुए रक्तदान किया जा सकता है. स्वास्थ्य विभाग तथा सहयोगी संस्थाएं विभिन्न संदेशों के माध्यम से लोगों को रक्तदान करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है.

वैक्सीनेशन से पूर्व एक बार जरूर करें रक्तदान:
इस दिशा में स्टेट रिसोर्स यूनिट के मैटरनल हेल्थ ईकाई के टीम लीड डॉ प्रमोद ने लोगों से कोरोना वैक्सीनेशन से पूर्व रक्तदान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए बड़े पैमाने पर 18 वर्ष या इससे से अधिक आयुवर्ग के लोगों को टीका लगाया जा रहा है. ऐसे में वैक्सीनेशन के साथ-साथ जरूरतमंदों के लिए रक्त की माँग को पूरा करने हेतु रक्तदान भी आवश्यक है. उनका कहना है कि कोविड संक्रमण काल में भी सुरक्षित रह कर रक्तदान किया जा सकता है. चूंकि टीकाकरण के 70 दिनों तक रक्तदान नहीं किया जा सकता है, इसलिए वैक्सीनेशन से पूर्व युवावर्ग आगे बढ़कर रक्तदान करें. उन्होंने लोगों से कोरोना टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के साथ-साथ टीकाकरण से पहले एक बार रक्तदान अवश्य करने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि रक्तदान किसी भी जरूरतमंद को एक नई जिंदगी दे सकता है.

थैलीसीमिया व प्रसव के दौरान होती है रक्त की जरूरत:
कोरोना काल में कई लोगो को रक्त की जरूरत होती है. रक्त से संंबधित समस्या वाले रोगियों को रक्त की हमेशा जरूरत पड़ती है. विशेषकर थैलीसीमिया से पीड़ित मरीजों को समय समय पर खून की जरूरत पड़ती है. वहीं प्रसव के दौरान गर्भवती महिलाओं को भी खून की अधिक आवश्यकता होती है. ऐसे में उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखना हम सबकी जिम्मेदारी है. खून की कमी के कारण कहीं भी तथा किसी की भी जान जा सकती है. खून की आवश्यकता की पूर्ति के लिए ब्लड बैंक में पर्याप्त खून होना जरूरी है. स्वस्थ्य व्यक्ति ब्लड बैंक जाकर खून दे सकते हैं.

कोविड वैक्सीनेशन के 70 दिनों बाद दिया किया जा सकता है रक्तदान

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भागलपुर, 3 अप्रैल:

कोरोना संकट के बीच आम जन कई अन्य घातक बीमारियों के उपचार में समस्याओं का सामना कर रही है. कोरोना महामारी, विशेषकर खून की कमी से जूझ रहे मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन गयी है. इस संकटकाल में रक्तदान करने वालों की संख्या में लगातार कमी देखी गई है जिससे ब्लड बैंकों को पर्याप्त मात्रा में खून को स्टोर करने में समस्या हो रही है. हालाँकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड काल में भी तमाम सुरक्षा नियमों को अपनाते हुए रक्तदान किया जा सकता है. रक्तदान महादान है और कोविड संक्रमण से इसका कोई संबंध नहीं है. किसी भी ब्लड बैंक में संक्रमण से बचाव यथा मास्क लगाना, सैनिटाइजर या साबुन पानी से हाथों की नियमित धुलाई, शारीरिक दूरी जैसे मानकों का पालन करते हुए रक्तदान किया जा सकता है. स्वास्थ्य विभाग तथा सहयोगी संस्थाएं विभिन्न संदेशों के माध्यम से लोगों को रक्तदान करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है.

वैक्सीनेशन से पूर्व एक बार जरूर करें रक्तदान:
इस दिशा में स्टेट रिसोर्स यूनिट के मैटरनल हेल्थ ईकाई के टीम लीड डॉ प्रमोद ने लोगों से कोरोना वैक्सीनेशन से पूर्व रक्तदान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए बड़े पैमाने पर 18 वर्ष या इससे से अधिक आयुवर्ग के लोगों को टीका लगाया जा रहा है. ऐसे में वैक्सीनेशन के साथ-साथ जरूरतमंदों के लिए रक्त की माँग को पूरा करने हेतु रक्तदान भी आवश्यक है. उनका कहना है कि कोविड संक्रमण काल में भी सुरक्षित रह कर रक्तदान किया जा सकता है. चूंकि टीकाकरण के 70 दिनों तक रक्तदान नहीं किया जा सकता है, इसलिए वैक्सीनेशन से पूर्व युवावर्ग आगे बढ़कर रक्तदान करें. उन्होंने लोगों से कोरोना टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के साथ-साथ टीकाकरण से पहले एक बार रक्तदान अवश्य करने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि रक्तदान किसी भी जरूरतमंद को एक नई जिंदगी दे सकता है.

थैलीसीमिया व प्रसव के दौरान होती है रक्त की जरूरत:
कोरोना काल में कई लोगो को रक्त की जरूरत होती है. रक्त से संंबधित समस्या वाले रोगियों को रक्त की हमेशा जरूरत पड़ती है. विशेषकर थैलीसीमिया से पीड़ित मरीजों को समय समय पर खून की जरूरत पड़ती है. वहीं प्रसव के दौरान गर्भवती महिलाओं को भी खून की अधिक आवश्यकता होती है. ऐसे में उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखना हम सबकी जिम्मेदारी है. खून की कमी के कारण कहीं भी तथा किसी की भी जान जा सकती है. खून की आवश्यकता की पूर्ति के लिए ब्लड बैंक में पर्याप्त खून होना जरूरी है. स्वस्थ्य व्यक्ति ब्लड बैंक जाकर खून दे सकते हैं