महावीर जयंती के अवसर पर सूर्यदत्ता ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट की ओर से मोहन धारिया को मरणोपरांत ‘अहिंसारत्न विश्व पुरस्कार -२०२१’ से सम्मानित किया गया

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मोहन धारिया का जीवन बलिदान समर्पण का प्रतीक : प्रा. डॉ. संजय चोरडिया

सूर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इन्स्टिट्यूट की और से मोहन धारिया को मरणोत्तर ‘अहिंसारत्न विश्व पुरस्कार-२०२१’ प्रदान

पुणे: “भारत के माजी केंद्रीय मंत्री और वनराई के संस्थापक पद्मविभूषण मोहन धारिया उनका जीवन बलिदान समर्पण और निस्वार्थ भावना का प्रतीक है. कौन से भी पद की अपेक्षा न रखते हुए उन्होंने समाज और पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण काम किया है. ऐसे व्यक्ति को २५००वे भगवान महावीर जयंती के अवसर पर २५ अप्रैल २०२१ को पहला मरणोपरांत अहिंसारत्न पुरस्कार प्रदान करते हुए मन भर गया है,” ऐसी भावना सूर्यदत्ता ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट के संस्थापक अध्यक्ष प्रा. डॉ. संजय चोरडिया ने व्यक्त की.

भगवान महावीर जयंती के दिन सूर्यदत्ता ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट की ओर से मोहन धारिया को पहला ‘अहिंसारत्न विश्व पुरस्कार-२०२१’ (मरणोपरांत) प्रदान किया गया. वनराई के अध्यक्ष रविंद्र धारिया ने यह पुरस्कार स्वीकारा. इस वक्त सूर्यदत्ता के कार्यकारी संचालक प्रा. अक्षित कुशल, धारिया परिवारातील माधवी धारिया, सागर धारिया, निनादा कश्यप, रश्मी धारिया आदि उपस्थित थे. जिन्होंने महावीर जी की जीवन शैली को आचरण में रखते हुए अहिंसा सत्य निस्वार्थ भावना से काम काम किया ऐसे लोगों को महावीर जयंती के अवसर पर हर साल अहिंसारत्न पुरस्कार दिया जाएगा ऐसे प्रा. डॉ. संजय चोरडिया ने बताया.

प्रा.डॉ. संजय चोरडिया ने कहा, “मोहन धारिया के जीवन को देखते हुए, अन्ना ने भगवान महावीर द्वारा दी गई अहिंसा, सत्य की शिक्षाओं का अभ्यास किया. महावीर की शिक्षाओं और मूल्यों के प्रति सम्मान उनकी विचारधारा, जीवन में दिखाई देती है. गांवों में पर्यावरण संरक्षण के लिए आंदोलन का नेतृत्व किया. उन्हें किसानों और ग्रामीण लोगों का बहुमूल्य सहयोग मिला. राजनेताओं, समाजशास्त्रियों और जीवन के सभी क्षेत्रों के गणमान्य लोगों के साथ उनके करीबी संबंध थे. उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा था. यदि हर कोई अन्ना की तरह महावीर के मूल्यों का पालन करता है, तो दुनिया शांति और समानता के रास्ते पर चलेगी. सब स्वस्थ और खुशहाल रहेंगे.”

“मेरी मां रतनबाई और पिता बंसीलाल चोरडिया दोनों ने जीवनभर जैन धर्म, मूल्यों और नैतिकता का सख्ती से पालन किया. पिता बंसीलाल ने नाना पेठ के साधना सदन में मूल्यों को सिखाकर हजारों छात्रों को मूल्य आधारित जीवन जीने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने इसके लिए कई चीजें छोड़ दीं. जूते नहीं पहने, दिन में केवल दो बार खाना खाना, खाना बर्बाद नहीं करना, सुबह जल्दी उठना, वह वारकारी-संथारा की नियमित रूप से सेवा करने जैसी चीजें करते थे.

रवींद्र धारिया ने कहा, “मैं अपने पिता मोहन धारिया को भगवान महावीर के नाम पर यह पहला पुरस्कार देने के लिए सूर्यदत्ता परिवार को धन्यवाद देता हूं. अन्ना ने महावीर द्वारा दी गई शिक्षाओं के साथ वास्तविक दुनिया में काम किया. वही कार्य आगे ले जाने के लिए हम सभी कड़ी मेहनत कर रहे हैं.”

‘बन्सीरत्न इन्स्टिट्यूट ऑफ व्हेजिटेरियन क्यूलिनरी आर्टस् अँड रिसर्च’की स्थापना
माता-पिता की प्रेरणा से 22 साल पहले सूर्यदत्ता एजुकेशन फाउंडेशन की स्थापना की गई थी। सभी शाकाहारी छात्रों को होटल प्रबंधन के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करने और एक स्थायी व्यवसाय या रोजगार का निर्माण करने में सक्षम बनाने के लिए सूर्यदत्ता की ओर से महावीर जयंती के अवसर पर ‘बन्सीरत्न इन्स्टिट्यूट ऑफ व्हेजिटेरियन क्यूलिनरी आर्टस् अँड रिसर्च’की स्थापना कर रहे है. लंडन अकॅडमी ऑफ प्रोफेशनल ट्रेनिंग के सहयोग से उनका पाठ्यक्रम जल्द ही दुनिया भर के शाकाहारी खाद्य पदार्थों का अध्ययन करके तैयार किया जाएगा. संस्थान देश के कुछ शाकाहारी संस्थानों में से एक होगा.

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राज्य व केंद्र शासित प्रदेश को दिये जरूरी निर्देश

• सरकार एमबीबीएस छात्रों को कोविड प्रबंधन में आवश्यक सेवा देने के लिए करें प्रोत्साहित
• 100 दिनों तक सेवा देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को प्रधानमंत्री विशिष्ट कोविड सेवा सम्मान
• प्रोस्ट ग्रेजुएट के लिए आयोजित होने वाली नीट परीक्षा रद्द, पीजी छात्र भी देंगे अपनी सेवा

भागलपुर, 4 मई: भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को कोविड 19 महामारी की रोकथाम में संसाधनों व मानवबल की कमी नहीं हो इसके लिए विशेष निर्देश दिये गये हैं. मंत्रालय ने राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों की सरकार व संबंधित आला अधिकारियों को पत्र लिखाा है जिसमें संक्रमण काल में आवश्यक मानवबल प्रबंधन जुटाने के लिए कहा है. पत्र में कोविड महामारी की रोकथाम के लिए प्रशिक्षित मानवसंसाधन की आवश्यकता और आवश्यक तैयार किये गये गाइडलाइन की चर्चा की गयी है. यह गाइडलाइन नेशनल मेडिकल कमीशन तथा इंडियन नर्सिंग काउंसिल के साथ आवश्यक सलाह के साथ तैयार की गयी है.

गाइडलाइन के अनुसार कोविड 19 के कारण मेडिकल की पोस्ट ग्रेजुएट अध्ययन के लिए आयोजित होने वाली नेशनल एलिजिब्लिटी कम इंट्रेस टेस्ट— 2021 को स्थगित रहेगा. यह परीक्षा 31 अगस्त 2021 के बाद होगी. राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेश की सरकार से कहा गया है कि नीट अभ्यार्थियों को कोविड 19 की रोकथाम में कार्यबल के रूप में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करने का हर संभव प्रयास करें. कोरोना 19 प्रबंधन मे इन एमबीबीएस चिकित्सकों की सेवा ली जा सकती है.

टेलीकंस्लटेशन व कोविड मामलों की निगरानी:
गाइडलाइन में कहा गया है राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की सरकार मेडिकल इंटर्न को उनके इंटर्नशीप के रूप में विभाग के प्रमुखों की देखरेख में कोविड मैनेजमेंट से जुड़ी ड्यूटी में लगा सकती है. टेलीकंसल्टेशन तथा माइल्ड कोविड से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए अंतिम वर्ष के एमबीबीएस छात्रों से सेवा ली जा सकती है. वहीं पोस्ट ग्रेजुएट के अंतिम वर्ष में रहे छात्रों से अगले नये पीजी बैच आने तक कोविड प्रबंधन संंबंधी सेवाएं ली जा सकती है. नई नियुक्ति से पूर्व सीनियर रेजिडेंट या रजिस्ट्रार से सेवा ली जानी है. वरीय चिकित्सकों तथा नर्सों की निगरानी में बीएससी नर्सिंग या जीएनएम क्वालिफाइड नर्सों की सेवाएं आईसीयू में कोविड नर्सिंग ड्यूटी के लिए ली जा सकती है. जीएनएम या बीएससी नर्सिंग की अंतिम वर्ष के छात्र—छात्राएं सरकारी व गैर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में अपने विभागाध्यक्ष की निगरानी में कोविड नर्सिंग ड्यूटी के लिए सेवा देंगे।

100 दिनों तक सेवा देने की कही गयी है बात:
गाइडलाइन में इस बात की चर्चा की गयी है कि नेशनल मेडिकल कमीशन तथा इंडियन नर्सिंग काउंसिल की सहमति के साथ इसे तैयार किया गया है और कोविड 19 प्रबंधन में मानव संसाधनों को और अधिक बढ़ाने का प्रयास किया गया है. ये सुविधाएं सरकारी और गैरसरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को प्राप्त करनी चाहिए. गाइडलाइन में कहा गया है कोविड देखभाल में 100 दिनों तक सेवा देने के पश्चात ही आर्थिक रूप से प्रोत्साहन राशि दी जायेगी. वहीं सरकार द्वारा कोविड 19 प्रबंधन में लगे स्वास्थ्यकर्मियों का जीवन बीमा इंश्योरेंस स्कीम ऑफ गर्वमेंट फॉर हेल्थ वर्कर्स फाइटिंग कोविड 19 के तहत कवर किया जायेगा. सभी स्वास्थ्यकर्मी जो कम से कम 100 दिनों तक कोविड प्रबंधन कार्य व ड्यूटी में लगे हैं और जिन्होंने इस अवधि को सफलतापूर्वक पूरा किया हैं उन्हें भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री विशिष्ट कोविड राष्ट्रीय सेवा सम्मान दिया जायेगा.

सेवा देने वालों को नियुक्ति प्रक्रिया में प्राथमिकता:
राज्य सरकारों को निर्देश दिया गया है कि वह सुनिश्चित करें कि ऐसी सेवाओं में लगे स्वास्थ्यकर्मियों का वैक्सीनेशन कार्य पूरा हो चुका हो. वहीं केंद्र सरकार ने न्यूनतम 100 दिनों तक सेवा देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को स्वास्थ्य नियुक्ति प्रक्रिया में प्राथमिकता देने की अनुशंसा राज्य सरकार से की है. सभी राज्य व केंद्र शासित सरकार को निर्देशित किया है कि 45 दिनों के अंदर चिकित्सकों, नर्स व सभी प्रकार की खाली पद पर उम्मीदवारों का संविदा के आधार पर नियोजन करने की बात कही गयी है।

कोरोना काल में शुगर के मरीज बरतें सावधानी

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थोड़ी सी सावधानी बरतकर कोरोना की चपेट से रह सकते हैं मुक्त
शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाएं और खानपान पर विशेष ध्यान दें

बांका, 4 मई
कोरोना की दूसरी लहर में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. सामान्य लोग तो होम आइसोलेशन में आसानी से ठीक हो जा रहे हैं, लेकिन जो लोग बीमार हैं वे लोग थोड़े चिंतित रह रहे हैं. खासकर जिन्हें शुगर की बीमारी है, लेकिन थोड़ी सी सावधानी बरतकर ये लोग भी सामान्य लोग की तरह कोरोना से ठीक हो सकते हैं. इसे लेकर थोड़ी सी सतर्कता बरतनी पड़ेगी और मेहनत करनी पड़ेगी.

सुबह और शाम करें एक्सरसाइज:
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि शुगर के मरीज सुबह और शाम 40-40 मिनट तक अगर व्यायाम (एक्सरसाइज) करेंगे तो उन्हें बहुत बड़ी राहत मिलेगी. कोरोना की चपेट में भी नहीं आएंगे और अगर आ भी गए तो उससे उबरने में आसानी होगी. साथ ही एक्सरसाइज करने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है, जिससे ना सिर्फ कोरोना बल्कि दूसरी बीमारियों से भी उबरने में आसानी होती है.

हर घंटे में 10 मिनट के लिए खड़े हो जाएं या घर में ही चलें:
डॉ चौधरी कहते हैं कि शुगर के मरीज को अभी के समय में हर घंटे में 10 मिनट के लिए खड़े हो जाना चाहिए और चलते फिरते रहना चाहिए. ऐसा करने से शरीर शिथिल नहीं होगा. शुगर के मरीजों का शरीर चलते रहने से कई तरह के फायदे होते हैं.

खाने में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं:
डॉ चौधरी कहते हैं कि अभी के मौसम में शुगर के मरीज को खाने में प्रोटीन की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए. इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे कोरोना समेत अन्य दूसरी बीमारियों की चपेट में आने की आशंका कम होती जाती है. प्रोटीन के अलावा हरी साग- सब्जियां और दूध का भी इस्तेमाल करना चाहिए. साथ ही तेल मसाले युक्त भोजन से परहेज करना चाहिए.

अपना शुगर चेक करते रहें:
डॉ चौधरी कहते हैं कि शुगर के मरीजों को अभी अपना शुगर भी चेक करते रहना चाहिए. अगर बढ़ा हुआ दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और डॉक्टर की सलाह के मुताबिक दवा का सेवन करना चाहिए. शुगर के मरीज अगर कोरोना काल में इन सावधानियों को बनाए रखेंगे तो उन्हें भी ज्यादा परेशानी नहीं होगी.

कोरोना की गाइडलाइन पालन जरूरी:
डॉ. चौधरी कहते हैं कि सबसे महत्वपूर्ण है कोरोना की गाइडलाइन का पालन. इसे हर हाल में करना चाहिए. घर से बाहर निकलते वक्त मास्क लगाना चाहिए. भीड़भाड़ से बचना चाहिए और 2 गज दूरी बनाकर रहना चाहिए. सामाजिक दूरी का पालन हर हाल में करना चाहिए

हटकर है फिल्म ‘हम भी अकेले, तुम भी अकेले’, 9 मई को होगी रिलीज़

 

नई दिल्ली-

हटकर कुछ भी होगा। वाहवाही क्या, जीत भी उसी की होगी। हटकर होने के लिए आपको अपनी सोच को व्यापक करना होगा। फिर प्यार, दोस्ती, पैसा, शोहरत…..सब आपको मिलेगी। पूरी दुनिया से तारीफें बटोरने के बाद, प्यालर, जिंदगी और दोस्तीड को दर्शाती मानसी और वीर की दिल छू लेने वाली कहानी ‘हम भी अकेले, तुम भी अकेले’ डिज़्नी+ हॉटस्टानर वीआईपी पर आने वाली है। ऐक्टर्स जरीन खान और अंशुमन झा ने मानसी और वीर की भूमिका निभायी है।

ये दोनों एक-दूसरे को नहीं जानते और ये दोनों एलजीबीटी+ कम्युनिटी के मेंबर भी हैं। उन्हें इस बात का अहसास भी नहीं है कि उनमें ऐसी कितनी ही बातें हैं जो एक जैसी हैं। जब दोनों अपनी सच्चा कई से पीछा छुड़ा कर बचने की कोशिश कर रहे होते हैं तो इस दौरान एक बार में उनकी मुलाकात होती है। ये दोनों एक साथ रोड ट्रिप पर जाते हैं जो उनके लिए आजीवन यादगार सफर बन जाता है; जैसा कि जब वे दिल्लीि से मैकलॉडगंज के लिये निकलते हैं, वीर और मानसी को यह अहसास होता है कि प्याबर जेंडर से परे चीज होती है।

‘हम भी अकेले, तुम भी अकेले’ ने पूरी दुनिया में हंगामा मचा दिया है। इस फिल्‍म को कई सारे अंतरराष्ट्रीय फिल्म समीक्षकों और पारखियों की वाहवाही मिली और साथ ही ‘एचबीओ साउथ एशियन इंटरनेशनल फिल्मम फेस्टिवल’, न्यूंयॉर्क में बेस्टम फिल्म -ऑडियंस चॉइंस अवॉर्ड दिया गया। 2020 ‘राजस्थािन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ में ‘हम भी अकेले, तुम भी अकेले’ ने ‘जूरी अवॉर्ड बेस्ट एक्टार’ (अंशुमन झा), बेस्ट़ एक्ट्रे स हिन्दी फिल्स्वल (जरीन खान) और बेस्टल डायरेक्टसर (हरीश व्या स) अवार्ड भी जीता।

यह फिल्म‍ ‘आईएफएफएम मेलबोर्न’ 2020 में मुख्यम आकर्षण का केंद्र रही और एशिया के सबसे बड़े एलजीबीटीक्यूस फिल्म फेस्टिवल ‘कशिश’ 2020 में क्लोयजिंग नाइट गाला फिल्मट थी। हरीश व्या स ने इस फिल्मि को लिखा और निर्देशित किया है और इसे प्रोड्यूस किया है फर्स्टि रे फिल्स्ग ने। इस फिल्मह में लीड किरदारों और उनके खूबसूरत सफर के माध्याम से समलैंगिगता, दोस्तीि और प्यांर को दिखाया गया है। ‘हम भी अकेले, तुम भी अकेले’ 9 मई 2021 को एक्समक्लूैसिव रूप से डिज़्नी+ हॉटस्टायर वीआईपी और डिज़्नी+ हॉटस्टा्र प्रीमियम पर रिलीज की जायेगी।

डायरेक्टर हरीश व्याग कहते हैं कि, “हम भी अकेले, तुम भी अकेले’ एक खास दोस्ती की मानवीय कहानी है। इस फिल्म के साथ मेरी कोशिश है दोस्ती के रिश्तेब का वह अपनापन, पॉजिटिविटी और प्यार को सामने लना। साथ ही उस एलजीबीटीक्यूै+ कम्युलनिटी की खुशी में शामिल होना। हमें इस बात की बेहद खुशी है कि न्यूययॉर्क, ऑस्ट्रेकलिया और सारे फिल्म, फेस्टिवल में हमारे अंतरराष्ट्रीय दर्शक हैं, जहाँ फिल्मेंग को बड़े ही प्यािर के साथ दिखाया जाता है। इसके साथ ही दुनिया में थोड़ी पहचान भी मिलती है। हम सब डिज़्नी+ हॉटस्टाभर वीआईपी पर दर्शकों की तरफ से अच्छीच प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीसद कर रहे हैं।”

ऐक्टर जरीन खान ने कहा कि, “मैंने जब ‘हम भी अकेले, तुम भी अकेले’ की कहानी सुनी थी तो मैं तुरंत ही मानसी के किरदार की गहराई से भावनात्माक रूप से जुड़ गयी। इसकी पटकथा पढ़ने के बाद मैं इस अनूठी कहानी में जैसे खो ही गयी। जिस तरह वीर और मानसी की जिंदगी एक रोड ट्रिप के बाद बदल जाती है, उसी तरह ‘हम भी अकेले, तुम भी अकेले’ मेरे लिये जिंदगी बदलने वाला अनुभव रहा है। चूंकि यह डिज़्नी+ हॉटस्टाेर वीआईपी पर रिलीज हो रही है, इसलिये मुझे उम्मीहद है कि ज्याज़दा से ज्या दा लोगों तक यह मैसेज पहुँच पायेगा कि प्यामर तो प्या र होता है।”

एक्टर अंशुमन झा ने कहा कि, “इस फिल्म का मकसद है सबके सामने एक ‘विशुद्ध’ कहानी पेश करना। भारत में सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिकता को वैध कर दिया है। दोस्ती और प्यार की भावना के साथ ‘हम भी अकेले, तुम भी अकेले’ एक ऐसी फिल्म है जो एक प्यारी-सी झप्पी जैसी महसूस होती है। ऐसी उम्मीसद है कि लोग इस पर खुलकर बात करेंगे। इसकी स्वीमकार्यता के लिये प्रेरित होंगे। इस महामारी की वजह से थियेटर में नहीं आना खल रहा है। जब 2020 में मैंने अपनी माँ को खोया था उन्होंने यही मेरा आखिरी काम देखा था, इसलिये यह मेरे लिये और भी खास है।”

‘हम भी अकेले, तुम भी अकेले’ रिलीज हो रही है 9 मई 2021 को ख़ास तौर पर डिज़्नी+ हॉटस्टाीर वीआईपी और डिज़्नी+ हॉटस्टालर प्रीमियम के सब्सेक्राइर्ब्स के लिये।

शहर हो या गांव, हर जगह कोरोना से रहें सतर्क

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गांव में नहीं होता है कोरोना, इस भ्रम को मन में नहीं पालें
अभी के माहौल में सतर्क रहने वाले कोरोना से भी सुरक्षित रहेंगे

बांका, 3 मई
कोरोना की दूसरी लहर में मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. हालांकि लोगों ने भी अब सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है, लेकिन अभी भी बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो तमाम तरह के भ्रम को मन में पाले हुए हैं. इसी में से एक भ्रम यह है कि गांव के लोग मजबूत होते हैं, उन्हें कोरोना नहीं होता है. ऐसी सोच को हावी नहीं होने दें. इस तरह का भ्रम मन में नहीं रखें. हर जगह से कोरोना के मरीज मिले हैं. ऐसे में शहर हो या गांव, हर जगह लोगों को कोरोना से सतर्क रहने की जरूरत है.
ग्रामीण क्षेत्र से भी काफी संख्या में मरीज निकल कर सामने आ रहे-
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कोरोना एक संक्रामक बीमारी है और यह कहीं भी हो सकता है. ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ शहरी क्षेत्र में होता है और ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं. इस बार तो ग्रामीण क्षेत्र से भी काफी संख्या में मरीज निकल कर सामने आ रहे हैं. इसलिए लापरवाही नहीं करें. कोरोना गांव और शहर नहीं देखता है. जो लोग लापरवाह होते हैं, उसको अपनी चपेट में लेता है और सावधान लोग इससे बचे रहते हैं.

हाट-बाजार में भीड़ लगाने से करें परहेज: डॉ चौधरी कहते हैं कोरोना की दूसरी लहर में लोग सतर्क हो गए हैं, लेकिन फिर भी ग्रामीण क्षेत्रों में हाट में भीड़ देखने को मिल रही है. साथ ही बाजार में भी काफी संख्या में लोग दिखाई दे रहे हैं. ऐसा नहीं करें. बाजार और हाट को लेकर प्रशासन ने गाइडलाइन जारी किया है. उसका पालन करें और भीड़ लगाने से बचें.

3 दिन से अधिक बुखार हो तो जरूर कराएं कोरोना जांच: डॉ चौधरी कहते हैं बुखार, खांसी या फिर बदन दर्द जैसी समस्या हो तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए. घर के सदस्यों से अलग हो जाना चाहिए और अगर बुखार 3 दिन से अधिक हो जाए तो तत्काल कोरोना जांच करा लेनी चाहिए. जांच की रिपोर्ट के आधार पर अपना इलाज शुरू कर देना चाहिए. कोरोना के लक्षण दिखे तो लापरवाही नहीं करनी चाहिए.

डॉक्टर की सलाह पर ही लें दवा: डॉ चौधरी कहते हैं डॉक्टर की सलाह पर ही दवा का सेवन करें. थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है. दवा का साइड इफेक्ट होता है. अगर कोई गलत दवा आपने खा ली तो उसका नुकसान उठाना पड़ सकता है. इसलिए डॉक्टर से दिखा कर इलाज शुरू करें. यह आपके हित में होगा. खुद डॉक्टर बनने की कोशिश नहीं करें तो ज्यादा बेहतर रहेगा.

कोरोना की गाइडलाइन का हर हाल में करें पालन: डॉ चौधरी कहते हैं कोरोना की गाइडलाइन का हर हाल में पालन करें. घर से बाहर निकलते वक्त मास्क लगाएं और भीड़ भाड़ में जाने से बचें. 2 गज की दूरी बनाए रखें. घर में भी अगर आपस में कई लोग एक साथ बैठे हैं तो वहां भी सामाजिक दूरी का पालन करें. ऐसा करने से कोरोना से आप सुरक्षित रहेंगे और दूसरे लोग भी चपेट में नहीं आएंगे.

टीका लगवाने वाले कोरोना से बहुत हद तक हैं सुरक्षित

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टीका लगवाने वाले के मुकाबले नहीं लगवाने वाला ज्यादा हो रहे संक्रमित
अधिक से अधिक संख्या में टीका लेकर दो कोरोला की चैन तोड़े

भागलपुर, 3 मई
कोरोना की दूसरी लहर में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. हालांकि ठीक होने वालों की संख्या भी अच्छी खासी है. पिछले दो दिनों में जिले में जहां 870 संक्रमित पाए गए, वहीं 868 ठीक भी हुए. लेकिन जो सबसे महत्वपूर्ण बात है, वह यह कि कोरोना का टीका लेने वाले बहुत हद तक सुरक्षित दिख रहे हैं. कम- से- कम जिले के आंकड़े तो यही बता रहे हैं.

अब तक जिले में 133340 बुजुर्गों को कोरोना के टीके लग चुके हैं.
अप्रैल महीने के आंकड़े बताते हैं कि इस माह टीका लेने वाले बहुत ही कम लोग संक्रमित हुए. अप्रैल महीने में 21 से 30 साल उम्र के 11 प्रतिशत लोग पॉजिटिव पाए गए. इसका बड़ा कारण यह है कि इस उम्र के लोगों को कोरोना का टीका नहीं पड़ा था. वहीं दूसरी ओर 61 से 70 की उम्रवाले 7 प्रतिशत लोग ही कोरोना पॉजिटिव पाए गए. जबकि 70 से अधिक उम्र वाले 5 प्रतिशत लोग ही कोरोना पॉजिटिव पाए गए. वहीं टीका से वंचित 31 से 40 साल के लोगों की पॉजिटिविटी रेट अप्रैल महीने में 14 प्रतिशत रही. इससे साफ है कि जिन लोगों ने कोरोना के टीके लिए उनके संक्रमित होने की संख्या बहुत ही मामूली रही. जिन लोगों ने कोरोना के टीके नहीं लिए, वह ज्यादा संक्रमित हुए. इसलिए टीका लेने में संकोच नहीं करें. जल्द से जल्द नजदीकी केंद्र पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवाएं और टीके लगवाएं.

टीका लेने में उत्साह दिखाएं:
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मनोज कुमार चौधरी कहते हैं टीका लेने में सभी को उत्साह दिखाना चाहिए. हमलोग पहले से कह रहे हैं कि जब टीका लेने वालों की संख्या 95 प्रतिशत से अधिक हो जाएगी, तब संक्रमित होने वालों की संख्या अपने आप कम हो जाएगी. जितने अधिक लोग टीका लेंगे, कोरोना की चेन उतनी तेजी से टूटेगी. इसलिए टीका लेने में संकोच नहीं करें. उत्साह दिखाएं. टीका के बारे में किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं दें.

कोरोना की गाइडलाइन का करें पालन:
डॉ चौधरी ने बताया जब तक सभी लोग टीका नहीं ले लेते हैं तब तक लोगों को कोरोना की गाइडलाइन का पालन करना चाहिए. भीड़भाड़ से से बचना चाहिए. हमेशा मास्क लगाकर बाहर निकलना चाहिए और सामाजिक दूरी का पालन करना चाहिए. घर के सदस्यों से भी बात करते वक्त सामाजिक दूरी का पालन करना चाहिए और मास्क लगाना चाहिए. ऐसा करने से आप कोरोना से सुरक्षित रहेंगे.

#Covid19Updates : कोरोना से ठीक होने की दर में बढ़ोत्तरी

बियॉन्ड इंडिया ब्यूरो ।
देश में कोरोना संक्रमण की स्थिति संकटपूर्ण बनी हुई है। लेकिन इस बीच कुछ सकारात्मक संकेत भी सामने आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा अपडेट के अनुसार देश में कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की दर में उल्लेखनीय सुधार आया है।

 


दो मई को कोरोना से ठीक होने की दर यानी रिकवरी रेट 78 फ़ीसदी था, जो 3 मई को बढ़कर 82 फ़ीसदी हो गया। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि ये शुरुआती उपलब्धियां हैं, जिन्हें हम पॉजिटिव साइन के रूप में देख रहे हैं। हमें इन पर लगातार काम करते रहना है।

नए मामले कहीं घटे कहीं बढ़े

Delhi Reports Over 8,500 Covid Cases In Biggest 1-Day Spike This Year

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमण के चलते देश की कुल संचयी मृत्यु दर लगभग 1.10 फ़ीसदी है। कुछ राज्यों में रोजाना मिलने वाले कोरोना के नए मामलों में कमी आने के भी संकेत मिले हैं। इन राज्यों में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश शामिल हैं। वही आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, चंडीगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर और मेघालय आदि राज्यों में कोविड के मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है। मंत्रालय ने इन राज्यों में जरूरी मानक अपनाए जाने और तत्परता से काम किए जाने की बात कही है।

हल्के लक्षणों में सीटी स्कैन कराना ठीक नहीं

Young people in Delhi most affected by current Covid spike: AIIMS' Guleria  | Business Standard News

कई बार देखने में आया है कि कोरोना के हल्के फुल्के लक्षण होने पर भी लोग सीटी स्कैन कराने के लिए भाग दौड़ करने लगते हैं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि सीटी स्कैन और बायोमार्क्स का दुरुपयोग किया जा रहा है जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है। उन्होंने कहा कि अगर आपमें कोरोना संक्रमण के हल्के लक्षण हैं तो ऐसे में सीटी स्कैन कराने का आपको कोई लाभ नहीं होगा, उल्टा नुकसान हो सकता है। डॉ. गुलेरिया ने कहा कि एक सीटी स्कैन लगभग 300 चेस्ट एक्सरे के बराबर होता है। इससे आप जान सकते हैं कि बेवजह सीटी स्कैन कराने का स्वास्थ्य पर कितना दुष्प्रभाव पड़ सकता है।

घर पर इलाज

COVID-19: Kerala senior citizen recovers from coronavirus, dies of other  health issues

उन्होंने कहा कि जो कोविड पेशेंट होम आइसोलेशन में हैं उन्हें निरंतर अपने डॉक्टर के संपर्क में रहना चाहिए और यहां वहां से आ रही अनर्गल अफवाहों से बचना चाहिए। उनका परामर्श है कि अगर रोगी का ऑक्सीजन सैचुरेशन 93 या उससे कम हो रहा हो, उसकी बेहोशी जैसी स्थिति हो, छाती में दर्द महसूस कर रहे हों- तो उन्हें तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

अंतिम वर्ष के छात्र कर सकेंगे मरीजों की सेवा

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा है कि एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्रों को वरिष्ठ डॉक्टरों की देखरेख में कोरोना के कम गंभीर मामलों की निगरानी और टेलीकंसल्टेशन के काम में लगाया जा सकता है। पीएमओ ने कहा कि मेडिकल इंटर्न को उनकी फैकल्टी की देखरेख में कोरोना प्रबंधन संबंधी कार्यों में तैनात किया जाएगा। और जिन चिकित्सा अधिकारियों ने 100 दिन की कोविड ड्यूटी पूरी की होगी उनको आगामी सामान्य सरकारी भर्तियों में वरीयता दी जाएगी। इसके साथ ही 100 दिन की कोविड ड्यूटी पूरी करने वाले चिकित्सा अधिकारियों को प्रधानमंत्री के विशिष्ट कोविड राष्ट्रीय सेवा सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। पीएमओ के अनुसार बीएससी/जीएनएम पास नर्सों को वरिष्ठ डाक्टरों और नर्सों की देखरेख में फुल टाइम कोविड नर्सिंग ड्यूटी में तैनात किया जा सकता है।

ऑक्सीजन की कमी से जान गई

Delhi coronavirus case death toll covid vaccine distribution plan | India  News – India TV

देशभर में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े हैं और उसी के साथ ऑक्सीजन की कमी भी कई मरीजों की जान जाने का कारण बनी है। आंध्र प्रदेश के बेंगलुरु से 175 किलोमीटर दूर चमराजनगर के एक सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण कम से कम 24 कोरोना संक्रमित मरीजों की मृत्यु हो गई। अभी तक मिली खबरों में बताया गया कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी थी और पड़ोस के मैसूर जिले से आने वाली ऑक्सीजन भी समय पर नहीं पहुंची। ऑक्सीजन पहुंचने में देर होने की वजह से यह हादसा हो गया। हालांकि हादसा होने के कुछ देर बाद ही अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति कर दी गई।

यूपी में लॉकडाउन को दो दिन और बढ़ा दिया

After Slight Dip in Cases, Uttar Pradesh Extends Weekend Lockdown Till  Tuesday

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए लॉकडाउन को दो दिन और बढ़ा दिया है। शुक्रवार 30 अप्रैल को रात 8 बजे से मंगलवार 4 मई को सुबह 7 बजे तक लागू लॉकडाउन को दो दिन और बढ़ा कर बृहस्पतिवार 6 मई को सुबह 7 बजे तक कर दिया गया है।

टेस्टिंग बढ़ी संक्रमित घटे

No sense of smell or taste? You could have COVID-19- The New Indian Express

उत्तर प्रदेश में देश में सबसे ज्यादा टेस्टिंग हो रही है। इसके बावजूद कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में रिकॉर्ड कमी आई है। 24 अप्रैल को एक लाख 86 हजार लोगों का कोरोना परीक्षण किया गया था और 38 हजार लोग कोरोना संक्रमित मिले थे। उसके दस दिन बाद दो लाख 97 हजार लोगों का कोरोना टेस्ट किया गया जो कि अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इसमें 30 हजार कोरोना संक्रमित मरीज मिले यानी कोविड टेस्टिंग के अनुपात में संक्रमण की दर जो पहले 22 फ़ीसदी थी वह 10 दिन बाद घटकर आधे से भी कम यानी 10 फ़ीसदी पर पहुंच गई।

फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में लखीसराय जिले में पत्रकारों को भी लगने लगा कोविड-19 का टीका

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– वेब पोर्टल के पत्रकारों को भी मिल रही है वैक्सीन कि सुविधा
– इस सबंध में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने जारी किया निर्देश
– फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में अपने कर्तव्यों का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं जिले के पत्रकार

लखीसराय, 3 मई-

वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में हर कोई एक योद्धा के रूप में अपने कर्तव्यों का बखूबी निर्वहन कर रहा है। इस संक्रमण के खिलाफ चिकित्सक, पुलिसकर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, सफाई कर्मी के साथ- साथ जिले के पत्रकार भी योद्धा के रूप में कार्य कर रहे हैं। ऐसे में पत्रकारों के स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति चिंतित स्वास्थ्य विभाग ने एक अहम निर्णय लिया है। इसको लेकर पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में शामिल कर कोविड-19 का टीकाकरण किए जाने का एक आदेश दिया गया है। इस संबंध में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने पत्र जारी कर जिले के सभी सिविल सर्जन और जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं ।
चिह्नित पत्रकारों को प्राथमिकता के आधार पर कोविड-19 का टीकाकरण शुरू-
लखीसराय के जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया, राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा जारी किए गए पत्र में यह निर्देश दिया गया है कि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त (एक्रेडिटेड) सभी पत्रकारों के साथ- साथ जिला जनसंपर्क पदाधिकारी द्वारा सत्यापित प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं वेब मीडिया के पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर की श्रेणी में शामिल कर उन्हें कोविड-19 का टीकाकरण प्राथमिकता के आधार पर दिया जाना है। इसी आदेश के आलोक में सोमवार से जिला अंतर्गत ऐसे सभी चिह्नित पत्रकारों को प्राथमिकता के आधार पर कोविड-19 का टीकाकरण शुरू कर दिया गया है। पत्रकार बंधुओं से अपील करते हुए उन्होंने कहा जिले के सभी पत्रकार जो अभी तक वैक्सीनेशन से बचे हुए थे जिले के सभी सेशन साइट पर जाकर अपना वैक्सीन लगवा लें।

कोविड के दोनों टीके हैं जरूरी:
उन्होंने बताया कोविड-19 का टीका दो डोज में पूरा किया जाएगा। सभी लाभार्थियों को दोनों डोज लेना अनिवार्य है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कोविड-19 का टीकाकरण कारगर हथियार साबित हो रहा है। वैक्सीन के दोनों डोज लेने के करीब 4 सप्ताह बाद कोविड-19 के खिलाफ शरीर में प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है। ऐसे में टीका लेने के बाद भी सावधानी बरतना अति आवश्यक है। पहला डोज लेने के बाद समय अंतराल पूरा होने पर दूसरा डोज भी अवश्य लें। तभी आप खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकेंगे।

ऑनलाइन करना होगा रजिस्ट्रेशन:
उन्होंने बताया कोविड-19 का टीका लेने के लिए पत्रकारों को भी कोविन पोर्टल या आरोग्य सेतु एप के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन करने के बाद नजदीकी टीकाकरण केंद्र पर जाकर अपना टीकाकरण करा सकते हैं। टीकाकरण केंद्रों पर अपने और अपनों की भलाई के लिए सब से दूरी बनाते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी है।
सुरक्षा नियमों का पालन करना सबकी जिम्मेदारी:
पत्रकारों से अपील करते हुए संकट की इस घड़ी में हम सब की यह जिम्मेदारी है कि हम सभी सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें तथा एक-दूसरे के प्रति करुणा और दया का भाव रखें और जहां तक हो सके एक-दूसरे की मदद करें। इस दौरान मास्क का उपयोग अत्यंत ही आवश्यक है। जब भी आप बाहर जाएँ, दूसरों से मिलें या किसी कोविड संक्रमित व्यक्ति के पास जाएं, त्रिस्तरिए मास्क का प्रयोग करें। घर से बाहर निकालने की स्थिति में शारीरिक दूरी (कम-से-कम दो गज) का पालन अत्यंत जरूरी है तथा साबुन से कम-से-कम 60 सेकेंड तक अपने हाथों को नियमित धोते रहें। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगों का विशेष ध्यान रखें और सभी पात्र-लाभार्थी समय पर कोविड का टीका अवश्य लें।

खगड़िया जिले में टेलीमेडिसीन की सेवा शुरू, मरीजों को ऑनलाइन मिल रही है स्वास्थ्य सेवा

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– जिला अस्पताल में तीन चिकित्सकीय टीम द्वारा मरीजों का किया जा रहा है ऑनलाइन इलाज
– एएनएम के सहयोग से मरीजों की मिल रही ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवा की सुविधा

खगड़िया, 03 मई-

लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने को लेकर सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह कटिबद्ध है। खासकर दुर्गम इलाके के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिले, इसके लिए सरकार काफी गंभीर और प्रयासरत है। इसी कड़ी में जिले में टेलीमेडिसीन की सेवा शुरू की गई। जिसके माध्यम से जिला अस्पताल में तैनात तीन सदस्यीय चिकित्सकीय टीम मरीजों का ऑनलाइन इलाज कर रही है । ताकि मरीजों को आने-जाने के लिए काफी दूरी सफर समेत अन्य परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े और समुचित इलाज के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिल सके । इस चिकित्सकीय टीम में डॉ ज्योत्सना कुमारी, डॉ आशुतोष कुमार एवं डाॅ शुभम कुमार को शामिल किया गया है । तीनों चिकित्सक मरीजों को ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवा दे रहे हैं।

– सप्ताह में तीन दिन देखे जा रहे हैं मरीज :-
चिकित्सकीय टीम में शामिल डॉ ज्योत्सना कुमारी ने बताया , फिलहाल सप्ताह में तीन दिन सोमवार, गुरुवार और शनिवार को मरीजों को ऑनलाइन देखा जा रहा है और आवश्यक चिकित्सा परामर्श एवं उचित दवाई के सेवन की जानकारी दी जा रही है। वहीं, उन्होंने बताया , इससे ना सिर्फ मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिलेगा। बल्कि, आने-जाने के लिए लंबी दूरी का सफर भी नहीं करना पड़ेगा। साथ हीं अन्य परेशानियों का भी सामना नहीं करना पड़ेगा।

– एएनएम के सहयोग से मरीजों को मिल रही है ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवा की सुविधा :-
टेलीमेडिसीन की सुविधा से फिलहाल जिले के चौथम अंतर्गत कैथी, परबत्ता के तिहाय एवं खगड़िया के भदास में संचालित हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर को जोड़ा गया। इन सेंटर पर संबंधित क्षेत्र के मरीजों को जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। जिसके बाद वहाँ तैनात एएनएम द्वारा ऑनलाइन विभाग द्वारा जारी पोर्टल के माध्यम के टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य सेवा की सुविधा दिलाई जाएगी। जिसके बाद चिकित्सा परामर्श के अनुसार एएनएम मरीजों को दवाई समेत अन्य चिकित्सा सेवा सुनिश्चित कराएगी। यह तीनों इलाका दुर्गम इलाके में स्थित है। जिसके कारण इन इलाके के लोगों इलाज के लिए जिला स्वास्थ्य मुख्यालय आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। किन्तु, अब इन इलाके के मरीजों को इन परेशानियाँ का सामना नहीं करना पड़ेगा।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर रहें :-
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– अनावश्यक यात्रा से परहेज करें।
– समय पर खाना खाएं और अधिक देर तक भूखा नहीं रहें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी करें प्रेरित।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।

मुंगेर जिले के पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में मान्यता, उन्हें भी लगेगा कोविड-19 का टीका

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– प्रिंट- इलेक्ट्रॉनिक के साथ ही वेब पोर्टल के पत्रकारों को भी मिलेगी सुविधा
– राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने जारी किया निर्देश
– कोरोना काल में फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में पत्रकारों ने किया है अपने कर्तव्यों का बखूबी निर्वहन

मुंगेर, 03 मई-

प्रेस स्वत्रंता दिवस की पूर्व संध्या पर राज्य सरकार ने राज्य भर के पत्रकारों को फ्रंट लाइन वर्कर के रूप में मान्यता देते हुए कोविड वैक्सीनेशन का निर्देश दिया है। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में हर कोई एक योद्धा के रूप में अपने कर्तव्यों का बखूबी निर्वहन कर रहा है। इस संक्रमण के खिलाफ चिकित्सक, पुलिस कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, सफाई कर्मी के साथ- साथ जिले के पत्रकार भी योद्धा के रूप में कार्य कर रहे हैं। ऐसे में पत्रकारों के स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति चिंतित स्वास्थ्य विभाग ने एक अहम निर्णय लेते हुए पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में शामिल कर कोविड-19 का टीकाकरण किए जाने का आदेश दिया है। इस संबंध में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने पत्र जारी कर सभी सिविल सर्जन और जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी को आवश्यक दिशा- निर्देश जारी किया है। जारी किए गए पत्र में यह निर्देश दिया गया है कि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग बिहार सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सभी पत्रकारों के साथ- साथ जिला जनसंपर्क पदाधिकारी द्वारा सत्यापित प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं वेब मीडिया के पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर की श्रेणी में शामिल कर उन्हें कोविड-19 का टीकाकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. पंकज सागर ने बताया, कार्यपालक निदेशक ने यह निर्देश दिया है कि जिला अंतर्गत ऐसे सभी चिह्नित पत्रकारों को प्राथमिकता के आधार पर कोविड-19 का टीकाकरण किया जाना सुनिश्चित करना है।

कोविड के दोनों टीके हैं जरूरी:
उन्होंने बताया, कोविड-19 का टीका दो डोज लेने के बाद ही पूरा होता है इसलिये सभी लाभार्थियों को टीका का दोनों डोज लेना अनिवार्य है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कोविड-19 का टीकाकरण कारगर हथियार साबित हो रहा है। वैक्सीन के दोनों डोज लेने के करीब 4 से छह सप्ताह बाद ही कोविड-19 के खिलाफ शरीर में प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है। ऐसे में टीका लेने के बाद भी सावधानी बरतना अति आवश्यक है। पत्रकारों से अपील करते हुए उन्होने कहा कि पहला डोज लेने के बाद एक निश्चित समय अंतराल पूरा होने पर दूसरा डोज भी अवश्य लें। तभी आप खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकेंगे।

ऑनलाइन करना होगा रजिस्ट्रेशन:

उन्होंने बताया कोविड-19 का टीका लेने के लिए पत्रकारों को भी कोविन पोर्टल या आरोग्य सेतु एप के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन करने के बाद नजदीकी टीकाकरण केंद्र पर जाकर अपना टीकाकरण करा सकते हैं। टीकाकरण केंद्रों पर अपने और अपनों की भलाई के लिए सब से दूरी बनाते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी है।

सुरक्षा नियमों का पालन करना सबकी जिम्मेदारी:
उन्होने कहा संकट की इस घड़ी में हम सब की यह जिम्मेदारी है कि हम सभी सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें। सभी लोगों के लिए चाहे वो वैक्सीन ले चुके हो या वैक्सीन नहीं लिए हो हर किसी के लिए मास्क का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। आप जब भी बाहर जाएँ या दूसरों से मिलें या किसी कोविड संक्रमित व्यक्ति के पास जाएं, त्रिस्तरिए मास्क का प्रयोग करें। घर से बाहर निकालने की स्थिति में सभी लोगों के लिए शारीरिक दूरी के नियम के तहत (कम-से-कम दो गज) का पालन अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही साबुन से कम-से-कम 60 सेकेंड तक अपने हाथों को नियमित धोते रहें। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगों का विशेष ध्यान रखें और सभी पात्र-लाभार्थी समय पर कोविड का टीका अवश्य लें।