कोविड -१९ संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल्स का सख्ती से पालन करना होगा, लापरवाही घातक हो सकती है

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स्टेट हेल्थ सोसाइटी बिहार (SHSB) और यूनिसेफ बिहार ने पटना क्षेत्र में कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार (CAB) और टीकाकरण पर शुरू किया जागरूकता अभियान ।

पटना, 28 अप्रैल 2021:

कोविड-19 मामलों में हो रही वृद्धि को देखते हुए बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा पटना में कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार (CAB) और टीकाकरण पर आज 40 ई-रिक्शा द्वारा जागरूकता अभियान शुरू किया गया ।

इस अभियान का उद्धघाटन श्री केशवेन्द्र कुमार, अपर कार्यपालक निदेशक, स्टेट हेल्थ सोसाइटी ऑफ बिहार (SHSB), श्री शिवेंद्र पांडेय, कार्यक्रम प्रबंधक, यूनिसेफ बिहार और SHSB तथा यूनिसेफ टीम के अन्य सदस्यों ने किया ।

यह कार्यक्रम SHSB द्वारा यूनिसेफ बिहार के के सहयोग शुरू किया गया है और यह शहरी और अर्ध शहरी पटना में उच्च जोखिम वाले इलाकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए है।

“यह उन इलाकों में जागरूकता फैलाने का एक अभिन्न कदम है जहां अभी भी लोग स्थिति की गंभीरता को समझ नहीं रहे हैं। मैं अनुरोध करता हूँ कि सभी लोग CAB व्यवहारों – जैसे कि साबुन से हाथ धोना, मास्क पहनना और दो गज़ की दूरी बनाए रखने का पालन करें और अपनी बारी आने पर टीका लगवायें।” श्री केशवेन्द्र कुमार, अपर कार्यकारी निदेशक, स्टेट हेल्थ सोसाइटी बिहार (SHSB) ने फ्लैग-ऑफ (उद्धघाटन) करते हुए कहा।

पटना सिटी, मारूफगंज, गुलजारबाग, जयप्रभा, कंकड़बाग, राजेंद्र नगर, एनजीआरएच, गर्दनीबाग, राजवंशी नगर, फुलवारीशरीफ, दानापुर, पटना सदर, दानापुर और संपतचक के क्षेत्रों को उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों के रूप में पहचाना गया। इसलिए, उस आबादी के बीच जागरूकता फैलाने के लिए इन ई-रिक्शाओं पर कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार (CAB) और टीकाकरण पर जागरूकता संदेशों को दिखाया जाएगा और ऑडियो संदेशों को स्पीकर से बजाया जायेगा। इन ई-रिक्शाओं के द्वारा 7 दिनों के लिए शहर और आस पास के इलाकों में प्रसारित होगा।
श्री शिवेंद्र पांडेय, कार्यक्रम प्रबंधक, यूनिसेफ बिहार ने कहा, “हम सब को सुरक्षा व्यवहारों को याद दिलाने की और सख्ती से पालन करने और करवाने की ज़िम्मेदारी लेनी होगी।
बचाव ही एकमात्र इलाज है। सुरक्षा का व्यवहार अपनाने से ही वायरस का फैलना कम होगा और लोगों की जान बचेगी।”

SHSB कर्मियों और SMNet टीम द्वारा नियमित क्षेत्र अवलोकन से पता चला है कि संक्रमण की संभावना उन क्षेत्रों में अधिक है जहां पर भीड़ होती है और जहां लोग कोविड-19 उचित व्यहवारों का उल्लंघन कर रहे हैं; यह जागरूकता संदेश कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार का पालन करने के लिए लोगों को सचेत करेंगे जैसे- घर पर ही रहना और केवल अति महत्वपूर्ण कार्य के लिए बाहर जाना, मास्क सही से लगाना, बार-बार साबुन से हाथ धोना; बच्चें, बड़े और बीमार लोगों का ध्यान रखना

यह पहल लोगों को कोविड-19 बिहार हेल्पलाइन नंबर-104, नेशनल हेल्पलाइन नंबर -1075 और 011-23978046 पर कॉल करने के लिए प्रोत्साहित करती है।

“मैं लोगों को पीड़ित देख रहा हूँ , मुझे पता है कि यह बीमारी खतरनाक है, इसलिए अगर मैं इसके बारे में कुछ कर सकता हूँ, तो मैं करूंगा। हमें कोविड-19 वायरस से एक साथ मिलकर लड़ना चाहिए।” फ्लैग ऑफ के दौरान ई-रिक्शा चालक संतोष ने कहा।

सभी कोविड-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए फ्लैग-ऑफ इवेंट को छोटा रखा गया था।

मानसिक तनाव से बचने के लिए समय का सकारात्मक इस्तेमाल जरूरी

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अफवाहों से भी बचना आवश्यक,अनावश्यक कोरोना का डर सही नहीं

लखीसराय, 28 अप्रैल –

कोरोना संक्रमण ने जैसे लोगों की जिंदगी पर लगाम लगा दिया है. घरों के कोने में बच्चे, बुढ़े, नौजवान, महिलाएं सभी मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं. वहीं व्यवसाय के जुगाड़ ने भी इस तनाव को बढ़ाया है. लेकिन ऐसे हालात का सामना सिर्फ सकारात्मक रह कर ही किया जा सकता है. कोरोना को लेकर अनावश्यक फोबिया से बच कर और हाथों की नियमित सफाई व सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन कर हम तनावमुक्त जीवन बिता सकते हैं. या यों कहें कि यह समय खुद को मानसिक रूप से मज़बूत करने का है.

सामाजिक जीवन बनाये रखने के लिए बातचीत करें:
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने कहा इस समय बच्चों सहित वृद्ध व गर्भवती महिलाओं, युवाओं आदि सभी के मानसिक तनाव अलग हैं. ऐसे में व्यक्ति अपने तरीकों से इनसे लड़ने का रास्ता निकाले. आप तनाव से बचने के लिए अपने पंसदीदा इनडोर कामों को प्राथमिकता दें सकते हैं. सामाजिक जीवन को बनाये रखने के लिए फोन व वीडियो चैट के माध्यम से दोस्तों व सगे संबंधियों से संपर्क बनाये रखें. घर में बच्चों को रचनात्मक कार्यों के लिए प्रेरित करें.

नई चीजें सीखने में खुद को व्यस्त रख कारगर:
कोरोना संकटकाल में मिलने वाली खबर व जानकारियां के प्रति भी हमें सावधानी रखनी चाहिए. अफवाहों व अटकलों से बचने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय या सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन द्वारा साझा की गयी बातों पर ही विश्वास करें. इसके साथ ही घर पर योग व ध्यान करेंं. घर की सफाई या घरेलू काम निपटाने में परिवार के सदस्यों की मदद करें. खुद को व्यस्त रखने के लिए नई चीजें सीख सकते हैं. आप अपना समय नॉवेल पढ़ने, पेंटिंग, राइटिंग, कुकिंग या सिलाई-बुनाई जैसे तमाम शौक पूरे करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके साथ ही इन बातों को भी अपनायें.

• नियमित हाथों की सफाई करें
• सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखें
• घर से बाहर मास्क का इस्तेमाल करें
• पौष्टिक खानपान का पूरा ध्यान रखें
• भीड़ भाड़ में जानें से बचें
• रात को अच्छी नींद लें.

गर्भवती महिलाएं इस तरह रहें तनावमुक्त:
गर्भवती महिलाओं में जिनका प्रसव का समय नजदीक है उनमें इस विषय को लेकर तनाव देखा पड़ रहा है. ऐसे समय में उन्हें अपना पूरा ख्याल रखते हुए पॉजिटीव सोचना है.

• रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले भोजन लें.
• सर्दी जुकाम पीड़ित के संपर्क में नहीं आयें.
• व्यक्तिगत साफ सफाई का पूरा ध्यान रखें.
• भीड़ भाड़ वाले जगहों पर जाने से बचें.
• नियमित हाथों की सफाई करते रहें.

स्वास्थ्य सुविधा केंद्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए जारी की गई स्तनपान मार्गदर्शिका

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– भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी की गई है स्तनपान मार्गदर्शिका
– मां के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भी स्तनपान करने को प्रोत्साहित करना है मार्गदर्शिका का उद्देश्य

मुंगेर, 28 अप्रैल-

कोरोना संक्रमण कि दूसरी लहर के बीच किसी वजह से यदि नवजात शिशु की मां कोरोना संक्रमित हो जाती है तो वैसी स्थिति में संक्रमित माता के द्वारा तमाम कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए शिशु के लिए स्तनपान जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसको ले देश के सभी स्वास्थ्य सुविधा केंद्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए एक स्तनपान मार्गदर्शिका जारी की गई है। इसी के मद्देनजर मुंगेर जिले में भी सभी स्वास्थ्य सुविधा केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए भारत सरकार के द्वारा एक स्तनपान मार्गदर्शिका जारी की गई है।
स्तनपान मार्गदर्शिका में विस्तार से स्तनपान के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी-
सदर अस्पताल मुंगेर स्थित पोषण एवं पुनर्वास केंद्र की फीडिंग डेमोंस्ट्रेटर रचना भारती ने बताया, भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के द्वारा जारी स्तनपान मार्गदर्शिका में विस्तार से स्तनपान के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी गई है। उन्होंने बताया, इस मार्गदर्शिका को जारी करने का मुख्य उद्देश्य माता के कोरोना संक्रमित होने के स्थिति में भी उसे स्तनपान कराने के लिए प्रोत्साहित करना है। मां का दूध नवजात शिशु के जीवन को बेहतर बनाने के साथ ही उसके शारीरिक और मानसिक विकास में भी मदद करता है। स्तनपान कराने से मां के स्वास्थ्य में भी बेहतर सुधार होता है।
माता, कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि होने पर मेडिकल मास्क पहनें-
उन्होंने बताया , यदि किसी माता के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हो जाती है तो वो मेडिकल मास्क पहनें, यदि उसे खांसी है और उसने छाती की ओर मुंह करके खाँसा हो तो वैसी स्थिति में माता अपने स्तनों और छाती को धोएं और इसके बाद ही स्तनपान कराएं। इसके साथ ही यदि माता अपना स्तनपान कराने में सक्षम नहीं हो तो किसी की सहायता से मां का निकाला हुआ दूध बच्चे को पिलाएं| इसके बाद जब मां दुबारा स्तनपान कराने कि स्थिति में हो तो फिर से वो स्तनपान शुरू कराएं।
माता ठीक होने तक बच्चे को डोनर ह्यूमन मिल्क ही पिलाएं-
इससे अलग यदि मां के दूध को अलग से निकालने में सक्षम नहीं हो और डोनर ह्यूमन मिल्क के उपलब्ध होने के स्थिति में माता के बिल्कुल ठीक होने तक बच्चे को डोनर ह्यूमन मिल्क ही पिलाएं। इसके बाद भी यदि माता बच्चे को स्तनपान कराने के लिए तैयार नहीं है तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर के परामर्श के अनुसार मां के दूध के वैकल्पिक साधनों के रूप में डब्बे का दूध दिया जा सकता है।
माता को नियमित स्तनपान के लिए प्रेरित करने के साथ ही उसकी सहायता भी करनी चाहिए-
उन्होंने बताया कि यदि किसी माता के कोरोना संक्रमित होने कि पुष्टि नहीं होती है तो माता को नियमित स्तनपान के लिए प्रेरित करने के साथ ही उसकी सहायता भी करनी चाहिए। नवजात बच्चे को उसके जन्म के पहले घन्टे के अंदर मां का गाढ़ा पीला दूध यानी कॉलेस्टरोन अवश्य पिलाएं और जल्द से जल्द बच्चे के त्वचा से सम्पर्क स्थापित करें। इसके बाद छह महीने तक नवजात शिशु को सिर्फ और सिर्फ मां का स्तनपान ही कराएं। इस दौरान शिशु को अलग से पानी भी देने कि जरूरत नहीं होती है क्योंकि छह महीने तक मां के दूध में शिशु के लिए आवश्यक पानी की मात्रा उपलब्ध रहती है। शिशु के छह महीने का होने के बाद ही उसे माता के स्तनपान के साथ ही अनुपूरक आहार के तौर पर हल्के खाने की चीजें जैसे खिचड़ी, खीर, हलवा, सहित अन्य चीजें दें। इस दौरान माता और शिशु एक पल के लिए भी एक- दूसरे से अलग नहीं रहें। माताएं अपने बच्चे को स्तनपान कराने से पूर्व अपने हाथों को साबुन – पानी या हैंड सैनिटाइजर से अच्छी तरह से साफ कर लें। इसके बाद ही शिशु को स्तनपान कराएं।

18+ वैक्सीनेशन अभियान : वैक्सीन लेने के लिए शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन

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– रजिस्ट्रेशन कराने के बाद ही निर्धारित तिथि पर दी जाएगी वैक्सीन, तेज होगा वैक्सीनेशन अभियान
– वैक्सीनेशन अभियान की सफलता को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तेज की तैयारी

खगड़िया, 28 अप्रैल-

जिले में 01 मई से 18+ यानी 18 वर्ष एवं इससे अधिक उम्र वाले सभी लोगों कोविड-19 की वैक्सीन दी जाएगी । जिसके सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। वहीं, बुधवार की शाम 04 बजे से वैक्सीन लेने की रजिस्ट्रेशन शुरू हो गई। ताकि हर हाल में निर्धारित समय व तिथि पर 18+ आयु वर्ग के लोगों का वैक्सीनेशन अभियान शुरू हो सके और जिले में चल रहे वैक्सीनेशन अभियान को और तेज गति मिल सके । वैक्सीनेशन के दौरान वैक्सीनेशन सेंटरों पर लोगों की एकसाथ भीड़ इकट्ठा नहीं हो, इसके मद्देनजर सरकार द्वारा रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया लागू की गई है। ताकि वैक्सीन लेने वाले लोगों को वैक्सीन लेने के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामने नहीं करना पड़े और खुद को सहज महसूस करते हुए वैक्सीन ले सकें।

– जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर दी जाएगी वैक्सीन :-
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, 01 मई से 18+ आयु वर्ग के लोगों को भी जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर वैक्सीन दी जाएगी। इसको लेकर सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं । इसलिए, सभी लोग अपने नजदीकी वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर वैक्सीन ले सकते हैं। वहीं, उन्होंने जिलावासियों से अपील की है, इस महामारी के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए वैक्सीन लेना जरूरी है। इसलिए, सभी लोग आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।

– रजिस्ट्रेशन के बाद निर्धारित तिथि पर ही दी जाएगी वैक्सीन :-
18+ आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन लेने के लिए विभाग द्वारा जारी एप रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन आप खुद भी मोबाइल या कंप्यूटर पर कर सकते हैं। किन्तु, इस दौरान किसी प्रकार की परेशानी हो तो आप नजदीकी वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग भी ले सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के बाद आपके मोबाइल पर वैक्सीन लेने की तिथि का मैसेज आएगा और आप उसी निर्धारित तिथि पर अपने नजदीकी वैक्सीनेशन सेंटरों पर जाकर वैक्सीन ले सकते हैं।

– ऐसे करें रजिस्ट्रेशन :-
मोबाइल या कंप्यूटर से विभाग द्वारा जारी एप covin.gov.in पर जाएं। अपना मोबाइल नंबर इस साइट पर दर्ज करें। जिसके बाद आपके उसी नंबर ओटीपी संदेश आएगा। पुनः उसी साइट में ओटीपी नंबर दर्ज करें। इसके बाद सभी जानकारी सही-सही भरें। वैध आईडी अपलोड करें जो आईडी आपके पास उपलब्ध है, जैसे कि, आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड समेत अन्य फोटोयुक्त व जन्मतिथि अंकित वाला अन्य आईडी कार्ड। सारी प्रक्रिया पूरी करने के बाद रजिस्ट्रेशन बटन पर क्लिक करें।

– वैक्सीनेशन अभियान की रफ्तार होगी तेज :-
18+ आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीनेशन अभियान शुरू होने के बाद जिले में चल रहे वैक्सीनेशन अभियान की गति और तेज होगी। दरअसल, इन आयु वर्ग के लोगों की संख्या काफी है। किन्तु, अबतक इनकी उम्र वैक्सीनेशन के लिए सरकार द्वारा जारी उम्र दायरे के बाहर था। इसके लिए स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा अभियान चलाकर एवं घर-घर जाकर लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। इस दौरान लोगों स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा रजिस्ट्रेशन करने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी जाएगी। ताकि सभी लोगों सुविधाजनक तरीके से रजिस्ट्रेशन कराकर वैक्सीन ले सकें।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर रहें :-
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित।
– खुद के साथ अपने परिवार व समाज को सुरक्षित रखने के लिए वैक्सीन लेना जरूरी समझें।
– अफवाहों पर ध्यान नहीं, पूरी तरह सुरक्षित है वैक्सीन।
– रजिस्ट्रेशन कराने में लोगों का सहयोग करें।
– निर्धारित तिथि पर वैक्सीनेशन सेंटर जाएं और वैक्सीनेशन कराएं।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें और दूसरों को भीड़ का हिस्सा नहीं बनने के लिए प्रेरित करें।

कोरोना संक्रमण के मुकाबले ठीक होने वाले लोगों की संख्या में भी हो रही बढ़ोतरी

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पिछले 1 सप्ताह में 3476 नए मरीज मिले तो 3353 ठीक हुए

भागलपुर में रिकवरी रेट बढ़ कर 81.67%

भागलपुर, 28 अप्रैल

एक तरफ जिले में कोरोना की दूसरी लहर को लेकर बड़ी संख्या में संक्रमित मरीज निकल रहे हैं तो दूसरी तरफ कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या भी अच्छी खासी है. यह बहुत ही राहत देने वाली बात है. स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के बेहतर समन्वय का नतीजा है कि लोग बड़ी संख्या में ठीक भी हो रहे हैं.

आंकड़े के मुताबिक पिछले 7 दिनों में जिले में 3476 कोरोना के नए संक्रमित मरीज मिले, लेकिन इतने ही दिनों में 3353 मरीजों ने कोरोना को मात भी दे दी है. जिले की रिकवरी रेट बढ़ कर 81.67% पर पहुंच गयी है. हालांकि ऐसे लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है और कोरोना की गाइडलाइन का पालन करने की जरूरत है.

बड़ी संख्या में कोरोना मरीज के ठीक होने से जगी उम्मीद: जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर राजकमल चौधरी कहते हैं कि कोरोना के मामले जितनी तेजी से बढ़ रहे हैं, उतनी ही तेजी से लोग कोरोना को मात भी दे रहे हैं. यह एक अच्छी बात है. पिछले कुछ दिनों में जिस तरह से कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे थे, उससे हालत काफी चिंताजनक हो गई थी, लेकिन जिस तरह से कोरोना के मरीज ठीक होते जा रहे हैं, यह काफी अच्छे संकेत हैं और इससे उम्मीद जगी है कि हमलोग जल्द कोरोना को मात दे देंगे.

ठीक होने के बावजूद रहें सतर्क: डॉक्टर चौधरी कहते हैं कि जो कोरोना के मरीज ठीक हो गए हैं उन्हें भी सतर्कता के साथ रहना चाहिए. कोरोना की गाइडलाइन का पालन करना चाहिए. साथ ही घर से निकलने से भी परहेज करना चाहिए. रिपोर्ट नेगेटिव आ जाने के बावजूद 14 दिनों तक होम आइसोलेशन मे रहना चाहिए. इससे कोरोना के संक्रमण बढ़ने का खतरा कम रहेगा.

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर दे जोर: डॉक्टर चौधरी कहते हैं कि कोरोना से बचने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर जोर देना चाहिए. इसके लिए लोगों को खाने-पीने में पौष्टिक आहार पर जोर देना चाहिए. हरी सब्जी ज्यादातर खाना चाहिए. इसके अलावा योग का सहारा लेना चाहिए. घर में रहकर 45 मिनट तक योग करने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता काफी सुदृढ़ रहेगी. इसलिए यदि संभव हो तो घर में रहकर योग करें. यह बहुत ही फायदेमंद रहेगा.

बुजुर्ग नागरिकों में कोविड संक्रमण के जोखिम की संभावना अधिक

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• गंभीर रोगों से ग्रसित उम्रदराज लोगों का रखना है विशेष ख्याल
• घर में ही रहें, बाहर जाने से बचें, लोगों से मिलने से करें परहेज

बांका, 28 अप्रैलः

कोविड 19 की दूसरी लहर चरम पर है. ऐसे समय में सभी लोगों को सुरक्षा के सभी पैमानों का पालन करते हुए सर्तक रहना है और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना है. विशेषकर कोविड संक्रमण का सबसे अधिक जोखिम उम्रदराज लोगों को होता है. इसे देखते हुए उनकी सुरक्षा जरूरी है. इसको लेकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा एम्स दिल्ली के जियाट्रिक मेडिसिन विभाग दवारा एडवाइजरी जारी की गयी है. जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि उम्रदराज लोगों में कोविड 19 संक्रमण का जोखिम अधिक है. साथ ही कोरोना संक्रमण के मद्देनजर वरिष्ठ नागरिकों व उनके देखभाल में लगे लोगों को इस दौरान क्या करना चाहिए एवं क्या नहीं करना चाहिए, इसके विषय में भी आवश्यक रूप से जानकारी दी गयी है. एडवाइजरी में कहा गया है कि 60 साल या इससे अधिक उम्र के बुजुर्ग लोग कोविड संक्रमण के जोखिम का सामना सबसे अधिक कर रहे हैं. उम्रदराज लोग जिन्हें अस्थमा, गंभीर श्वसन रोग, ब्रोंकाइटिस, फेफड़ों से जुड़े रोग जैसे टीबी, दिल की बीमारी, किडनी व लीवर की समस्या जैसे हेपेटाइटिस, तथा पार्किंसन, मधुमेह, हाइपरटेंशन व कैंसर आदि से जूझ रहे हों, उन्हें विशेष तौर पर खुद को सुरक्षित रखने के लिए कहा गया है.
इन बातों के पालन करने को लेकर खास सलाहःः
बुजुर्ग लोगों से कहा गया है कि वह अपना अधिकांश समय घरों में ही बितायें. बाहर से मिलने के लिए आने वाले मेहमानों या अन्य किसी से सीधे संपर्क में आकर मिलने से पूरी तरह परहेज करें. यदि मिलना जरूरी है तो एक मीटर के दूरी पर रहकर मुलाकात करें. बुजुर्गों से कहा गया है कि यदि वह घर में अकेले रह रहें हों तो अपने पड़ोसिंयों को इस बात की जानकारी जरूर दें ताकि समय समय पर आवश्यक वस्तुएं उनके दवारा उपलब्ध करायी जा सके. छोटे या बड़ी गैदरिंग जैसे बर्थ डे पार्टी, वैवाहिक समारोह या धार्मिक सभाओं में बिल्कुल हिस्सा नहीं लें. घर में रहने के दौरान खुद को घरेलू कामकाज में व्यस्त रख एक्टिव रहें. प्रतिदिन हल्के व्यायाम तथा योगा जरूर करें.. समय- समय पर नियमित रूप से 20 सेकेंड तक साबुन पानी से हाथ धोंये. विशेषकर खाना खाने से पहले व शौच के बाद हाथों को अच्छी तरह धोने का खास ख्याल रखें. खांसते व छींकते समय टिश्यू पेपर या रूमाल का इस्तेमाल करें. इस्तेमाल टश्यू पेपर को डस्टबिन में डालें तथा तथा रूमाल व हाथ को समय समय पर धोते रहें. अपना पौष्टिक खानपान सुनिश्चित करें. घरों में तैयार किया ताजा भोजन ही खायें. अधिक से अधिक पानी पीकर खुद को हाइड्रेट रखें तथा मौसमी फलों के जूस पीकर अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत बनायें. चिकित्सकों दवारा बताये गये दवाओं का नियमित और समय पर सेवन करें. अपने स्वास्थ्य की निगरानी करते रहें. यदि आपको बुखार, कफ या सांस लेने में तकलीफ या स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य समस्याएं होती हैं तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर चिकित्सीय परामर्श प्राप्त करें. आपके साथ नहीं रहने वाले परिवार के सदस्य, रिश्तेदार व दोस्तों आदि से फोन कॉल या वीडियो काॅफ्रेंसिंग से बात करें और जरूरत पड़ने पर मदद प्राप्त करें.
सर्दी खांसी वाले लोगों के संपर्क में नहीं आयें:
एडवाइजरी में कहा गया है कि कोविड 19 लक्षण वाले लोगों के संपर्क में आने से पूरी तरह बचें. ऐसे समय में हर उस व्यक्ति से दूर रहें जिसे सर्दी, खांसी, बुखार या सांस लेने में तकलीफ है. घर के बाहर किसी से भी हाथ व गले नहीं मिलायें. पार्क, बाजार या धार्मिक सभा में नहीं जायें. नंगे हाथों से नाक साफ नहीं करें. ना ही उन्हें अपने मुंह पर रख कर खांसे. गंदे हाथों से अपने आंख, चेहरा व नाक को बिल्कुल नही छूयें.

पठन संस्कृति जीवन का अभिन्न अंग होना चाहिए- प्रा. डॉ. संजय चोरडिया; सूर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट में विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस

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पुणे: सूर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट में विश्व पुस्तक दिवस और कॉपीराइट दिवस मनाया गया. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करके संस्थान के शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने समकालीन विषयों पर किताबें पढ़ीं. किताब दिन को अनोखे तरीके से मनाते हुए, कर्मचारियों ने अपने ज्ञान को बढ़ाया. पठन संस्कृति को हमारे जीवन का अभिन्न अंग होना चाहिए, ऐसे संस्था के संस्थापक अध्यक्ष प्रा.डॉ संजय चोरडिया ने बताया.
मुख्य कार्यकारी अधिकारी और समूह निदेशक प्रा. डॉ. शैलेश कासंडे ने मार्गदर्शन किया. उन्होंने आपको जीवन में अप-टू-डेट रखने के लिए अपने पेशे के साथ ही अतिरिक्त पुस्तकों को पढ़ने के महत्व के बारे में बताया . साहित्यिक चोरी, कॉपीराइट, लाइसेंस आदि के बारे में मार्गदर्शन किया. संस्था से जुड़े विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और संस्थानों के ५० से अधिक कर्मचारियों ने सामूहिक पुस्तक पढ़ने में भाग लिया. प्रा. संदीप जैन ने इस आयोजन का समन्वय किया और ध्यान रखा कि सोशल डिस्टेंसिंग सख्ती से रखा जाएगा.
किताबों की बैटरी कभी ‘डिस्चार्ज’ नहीं होती इसलिए प्रौद्योगिकी और गैजेट्स के उपयोग के साथ ही मन और शरीर को आराम और ऊर्जा देने के लिए किताब पढ़ना जरुरी है. ऐसा संस्था के संस्थापक अध्यक्ष प्रा.डॉ.संजय चोरडिया ने कहा. पढ़ना ये बुवाई है तो लिखना खिलना है, क्या खिलेगा इस चिंता में रहोगे तो बुवाई करना भूल जाओगे. एक दिन लोग बुवाई के लिए वही लेकर जाएंगे जो तुम्हारी खेती में खिला हो.
बौद्धिक संपदा सलाहकार और एएम लीगल एसोसिएट्स के संस्थापक, सलाहकार आनंद महुरकर ने भारत में कॉपीराइट और इनोव्हेशन के महत्व पर छात्रों और कर्मचारियों का मार्गदर्शन किया. उन्होंने उल्लेख किया कि बौद्धिक संपदा शाश्वत और मूल्यवान है.’सूर्यदत्ता’ में, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को एक घंटा पढ़ने के लिए देनेवाले है. स्कूल-कॉलेज शुरू होने के बाद छात्रों के लिए एक घंटा पढ़ना पाठ्यक्रम  में शामिल किया जाएगा जिससे उन्हें पढ़ने को प्रोत्साहन मिलेगा.
प्रा. डॉ. संजय चोरडिया ने आगे कहा, ” सूर्यदत्ता एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा संचालित सूर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट नियमित रूप से कर्मचारियों, छात्रों और संस्था से जुड़े लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने का प्रयास करता है. पिछले दो दशकों से सूर्यदत्ता सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए काम कर रहा है.”
विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस
1995 से, यूनेस्को ने 23 अप्रैल को विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस के रूप में मनाना शुरू कर दिया है. यह दिन लगभग 100 देशों में मनाया जाता है. इस दिन को किताबों से दोस्ती करने, पढ़ने के लिए, उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए एक अवसर के रूप में मनाया जा रहा है. यह एक ऐसी कड़ी है जो कई पीढ़ियों को जोड़ती है. कई प्रसिद्ध लेखकों की वर्षगांठ भी इस दिन मनाई जाती है. उनमें विलियम शेक्सपियर, राइस ड्रोन, हेल्डोर लैक्नेस, व्लादिमीर नाबोकोव, जोसेफ प्ला, मैनुअल वलेजो और अन्य शामिल हैं. यह दिन बच्चों में पढ़ने को प्रोत्साहित करने और उन्हें तंत्रज्ञान के अति उपयोग से दूर रखने  के उद्देश्य से यह दिन महत्वपूर्ण है.

लक्षण महसूस होते ही चिकित्सकों से कराएं जाँच

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सोशल-डिस्टेंस की बनाये रखें कड़ी, कोरोना हैं संक्रामक बीमारी

-साफ-सफाई एवं रहन-सहन में बदलाव जरूरी, कोरोना से बचेगी जान

लखीसराय, 27 अप्रैल-

कोविड-19 एक संक्रामक बीमारी है।यानी यह संक्रमित मरीजों के संपर्क(स्पर्श) में आने से होती है। घबराएं नहीं,बस इससे बचने के लिए सोशल-डिस्टेंस की स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दो गज की दूरी को ना लांघे। सरकार व स्वास्थ्य विभाग के अन्य जारी गाइडलाइन का पूरी तरह पालन करें।साथ हीं इसके लिए अन्य लोगों को प्रेरित भी करें।ताकि खुद के साथ अन्य लोग भी सुरक्षित रह सकें।क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही आपकी परेशानी बढ़ा सकती है। कोरोना संबंधित किसी प्रकार के लक्षण महसूस होते ही तुरंत स्वास्थ्य केंद्र या अन्य स्वास्थ्य संस्थान जाएं एवं जाँच कराएं । वहीं चिकित्सकों के परामर्श के अनुसार ही आगे चिकित्सा उपचार कराएं ।

लक्षण महसूस होते ही चिकित्सकों से कराएं जाँच

जिला सिविल सर्जन डॉ देवेंद्र चौधरी ने बताया अगर किसी भी शख्स को बुखार,सूखी खाँसी,साँस लेने मेंपरेशानी ,शरीर दर्द समेत अन्य शारीरिक पीड़ा हो तो वैसे शख्स को तुरंत स्थानीय स्वास्थ केंद्र में जाकर जाँच करानी चाहिए एवं चिकित्सकों की सलाह अनुसार ही आगे की चिकित्सा उपचार करनी चाहिए।ताकि समय रहते बीमारी की सही जानकारी मिल सके एवं उचित इलाज हो सके।ऐसे मरीजों की जाँच के लिए जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्र एवं अन्य स्वास्थ्य संस्थान में पर्याप्त सुविधा उपलब्ध है।

मास्क का अनिवार्य रूप से करें उपयोग

खाँसने या छीकने के दौरान निकले कणों से कोरोना का संक्रमण फैलता है।इसलिए अनिवार्य रूप से मास्क का उपयोग करें। हर दिन मास्क की अच्छे से साफ-सफाई करें।पहनने के बाद मास्क की ऊपरी परत को नहीं छूएँ ।मास्क खोलने के तत्पश्चात मास्क को सैनिटाइज करें।इसके बाद डिटाॅल पानी के साथ साबुन से धोएँ।

साफ-सफाई का रखें विशेष ख्याल

इस महामारी की रोकथाम के लिए साफ-सफाई एवं पूर्व के रहन-सहन के सापेक्ष रहन-सहन में बदलाव लाना भी जरूरी है।इसलिए साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।जैसे कि लगातार साबुन से 30-40 सेंकेंड तक हाथों की अच्छी तरह साफ सफाई करें,ऐसा हर दो घंटे में करना है।सफर या बाहर रहने पर जहाँ साबुन-पानी का अभाव है वहाँ सैनिटाइजर का उपयोग करें,पहनने वाले कपड़े से लेकर सोने वाले बिछावन तक लगातार साफ-सफाई करें,घरों में फिनाइल या डिटाॅल पानी का पोछा लगाएं ।अपने आसपास की जगह समेत अन्य साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।

भीड़-भाड़ वाले जगह एवं सार्वजनिक यात्रा से बचें

भीड़-भाड़ वाले जगह का हिस्सा बनने से बचें। अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।साथ ही सार्वजनिक यात्रा ना करें।

मौसमी खाद्य पदार्थों का करें सेवन

विटामिन ए,सी और जिंक से भरपूर मौसमी और स्थानीय रूप से उपलब्ध खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन करें। मौसमी फल में केला,आम,पपीता, अमरूद आदि फलों का भरपूर सेवन करें।

खाना बनाने के पहले और बाद हाथ समेत आसपास के जगहों को करें साफ

खाना बनाने से पहले अपने हाथ व अच्छी तरह से धोएँ। बर्तन समेत आसपास की जगह को भी अच्छी तरह से साफ-सफाई करें।हरी सब्जी को बनाने के पहले नमक-पानी से अच्छी तरह धोएँ उसके बाद आगे की प्रक्रिया करें।

नियमित करें व्यायाम व योग, शारीरिक रूप से होंगे स्वस्थ और संक्रामक बीमारी से भी रहेंगे दूर

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– व्यायाम व योग करने से संक्रमण की सम्भावना होती है कम, शरीर में नई ऊर्जा की होती है प्राप्ति

– खानपान का करें ख्याल, समय पर खाएं खाना, बीमारी से रहेंगे दूर

खगड़िया, 27 अप्रैल।
कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर ने एकबार फिर से लोगों के स्वास्थ्य की चिंता बढ़ा दी है। जिसके कारण स्वस्थ शरीर निर्माण को लेकर लोगों की परेशानी बढ़ गई। किन्तु, रहन-सहन एवं सामान्य दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव से इन परेशानियाँ को आसानी से दूर किया जा सकता है। इसलिए, इस मुश्किल भरे दौर में लोगों को स्वस्थ शरीर निर्माण के लिए समय निकालकर नियमित रूप से व्यायाम और योग करना चाहिए। इससे ना सिर्फ हम शारीरिक रूप से स्वस्थ होंगे बल्कि, संक्रामक बीमारी से भी दूर रहेंगे। साथ ही अनावश्यक अस्पतालों का चक्कर भी नहीं लगाना पड़ेगा। इसके अलावा नियमित व्यायाम एवं योग से रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होगी और जब लोगों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहेगी तो वह निश्चित ही संक्रामक बीमारी से दूर रहेगा। दरअसल, रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण लोग खासकर बदलते मौसम में मौसमी बीमारी की चपेट मे आ ही जाता है। इसलिए, इन परेशानियाँ से दूर रहने के लिए लोगों को नियमित रूप से व्यायाम और योग करना चाहिए।

– व्यायाम व योग करने से संक्रमण की सम्भावना होती है कम, शरीर में नई ऊर्जा की होती है प्राप्ति :-
खगड़िया सदर पीएचसी प्रभारी डॉ राजीव कुमार ने बताया, व्यायाम और योग से संक्रमण निश्चित रूप से कम रहता है। व्यायाम करने से शरीर की त्वचा, मांसपेशियों एवं नसों में मजबूती आती है। शरीर के अंगों व हड्डी एवं जोड़ में गतिशीलता बनी रहती है। जो बाहरी बैक्टीरिया और वायरस को शरीर के अंदर प्रवेश करने से रोकता है। नियमित रूप से योगाभ्यास और ध्यान करने से मानसिक तौर पर मजबूती मिलती है। जबकि, स्वांस का व्यायाम करने से फेफड़ा मजबूत होता है। इसलिए, वर्तमान दौर में सभी लोगों को नियमित रूप से व्यायाम और योग करना चाहिए।

– इस प्रकार करें व्यायाम :-
सुबह और शाम खाली पेट 15 मिनट तक टहलें। गर्दन, कंधा, केहुनी, कलाई, हाथ की अंगुली, कमर, कूल्हा, घुटना, पैर की अंगुली को बारी-बारी से 25-30 बार चलाएं। चित लेटकर छाती को गर्दन सहित ऊपर उठाना, पेट के बल लेटकर घुटना को मोड़ना, जमीन पर पैर मोड़कर लंबी-लंबी मुँह से सांस लेकर पाँच सेकेंड रोकना और नाक से धीरे-धीरे छोड़ना जैसे व्यायाम से काफी लाभ होगा।

– खानपान का करें ख्याल, समय पर खाएं खाना, बीमारी से रहेंगे दूर :-
स्वस्थ शरीर निर्माण एवं संक्रामक बीमारी से दूर रहने के लिए खानपान का विशेष ख्याल रखना जरूरी है। इसके लिए समय पर खाना खाएं, अधिक देर तक भूखा नहीं रहें, विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें। नींबू, मौसमी, संतरा, आंवला, पालक समेत अन्य पौष्टिक आहार का सेवन करें। इससे भी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को काफी मजबूती मिलेगी और बीमारी के दायरे से दूर रहेंगे। सुबह-शाम गुनगुना पानी से गरारा करें।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर रहें :-
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– गर्म पानी का अधिक सेवन करें।
– नींबू के साथ भी दो से तीन बार गर्म पानी का सेवन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– अनावश्यक यात्रा से परहेज करें और यात्रा के दौरान सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से हाथ धोएं।

कोविड-19 के पाँचवें चरण के वैक्सीनेशन अभियान की तैयारी में जुटा स्वास्थ्य विभाग

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– 1 मई से 18 वर्ष एवं इससे अधिक उम्र वाले को दी जाएगी वैक्सीन
– वैक्सीन के लिए विभाग द्वारा जारी एप पर होगा रजिस्ट्रेशन, फिर मिलेगी वैक्सीन

खगड़िया, 27 अप्रैल-

अगले माह में 01 मई से पाँचवें चरण के तहत शुरू होने वाले कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान की सफलता को लेकर स्वास्थ्य विभाग आवश्यक तैयारी में जुट गया है। इस चरण में 18 वर्ष से लेकर इससे अधिक उम्र वाले सभी लोगों को वैक्सीन दी जाएगी । ऐसे लोगों को चिह्नित कर सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अभियान शुरू होने के साथ ही इस आयु वर्ग के दायरे वाले बीमार एवं सामान्य सभी लोगों को पिछले चरण की भाँति रजिस्ट्रेशन कर वैक्सीन देने का कार्य शुरू हो जाएगा।

– वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी :-
जिला सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया, वैक्सीन लेने के लिए सभी लोगों का पहले रजिस्ट्रेशन होगा और रजिस्ट्रेशन के बाद ही वैक्सीन दी जाएगी । इसके लिए सभी लोगों को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। आधार कार्ड एवं मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। वहीं, बताया, वैक्सीनेशन अभियान को सफल बनाने के लिए करीब-करीब सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई है एवं जिले के सभी पीएचसी प्रभारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। ताकि वैक्सीनेशन अभियान के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े । क्योंकि, 18 वर्ष वाले के वैक्सीनेशन शुरू होने पर सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर भीड़ अधिक होगी। इसलिए, वैक्सीनेशन के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन के लिए जोर-शोर के साथ तैयारी की जा रही है।

– एप के माध्यम से होगा रजिस्ट्रेशन :-
पाँचवें चरण के तहत वैक्सीन लेने वाले लोगों का विभाग द्वारा जारी एप पर पूर्व की भाँति रजिस्ट्रेशन होगा। इसके बाद ही वैक्सीन दी जाएगी । इसके लिए सभी लोगों को आधार कार्ड एवं मोबाइल नंबर के साथ वैक्सीनेशन सेंटर पर आना होगा।

– स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा वैक्सीनेशन के प्रति लोगों को किया जाएगा जागरूक :-
वैक्सीनेशन अभियान की सफलता को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आमलोगों को वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक किया जाएगा। ताकि आमलोगों में मन में वैक्सीन को लेकर किसी प्रकार की दुविधा नहीं रहे एवं सभी लोग वैक्सीनेशन कराएं।

– वैक्सीनेशन अभियान की रफ्तार और होगी तेज :-
पाँचवें चरण के वैक्सीनेशन अभियान शुरू होने के बाद जिले में चल रहे वैक्सीनेशन अभियान की रफ्तार में और तेजी आएगी। जिससे निर्धारित समय पर लक्ष्य पूरा होगा और अधिकाधिक लोगों का वैक्सीनेशन होगा।

– वैक्सीनेशन के पूर्व कोविड-19 जाँच भी जरूरी :-
वैक्सीनेशन के पूर्व सभी लोगों की कोविड-19 जाँच भी की जाएगी। ताकि सुरक्षा के मद्देनजर किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं हो और सभी लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर वैक्सीनेशन करा सकें। इसके लिए सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर जाँच की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
– शारीरिक दूरी का हमेशा पालन पालन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– बाहरी और बासी खाना से बिलकुल दूर रहें।
– गर्म व ताजा खाना का सेवन करें।
– अफवाहों से रहें दूर रहें, बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं।