यूनिसेफ़ बिहार एवं प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन (PSACWA) की संयुक्त अपील

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“इस कठिन समय में आपके बच्चों को आपकी सबसे अधिक आवश्यकता है — उनकी सुरक्षा, पढ़ाईं और मानसिक स्वास्थ्य पर दें ध्यान”

संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए घर में ही रहें; घर के अंदर सुरक्षित, सकारात्मक और सहायक वातावरण बनाएं

पटना/ 30 अप्रैल 2021:

कोविड की इस दूसरी लहर ने एक सुनामी का रूप धारण कर पूरे भारत को आक्रांत कर रखा है। इस महामारी से निपटने के लिए बिहार सरकार ने आवश्यक कदम उठाए हैं परंतु अब इससे लड़ना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी बन गई है। इसी जिम्मेदारी के तहत यूनिसेफ़ बिहार एवं प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन (PSACWA) साथ आए हैं एवं उन्होंने एक संयुक्त अपील जारी की है जिसके द्वारा भारत के 650 जिलों और 6.4 लाख गाँवों के लगभग 2 लाख से अधिक प्राइवेट स्कूलों तक कोविड से सुरक्षा, सावधानी और सही जानकारियाँ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद और यूनिसेफ़ बिहार की चीफ नफीसा बिनते शफीक ने इस साझा अपील में सर्वाधिक चिंता बच्चों के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य के बारे में जाहिर की है।

इस संयुक्त अपील द्वारा इस बात पर विशेष बल दिया गया है कि जहां तक संभव हो सभी अपने परिवारों के साथ घर में हीं रहें, जब तक बिल्कुल जरूरी न हो, बाहर ना जाएँ। सुरक्षा प्रोटोकॉल/अनुदेशों और सरकारी दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करें।

प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सैयद शमायल अहमद ने बताया कि बच्चों के लिए घर में एक सुरक्षित, सकारात्मक और सहायक वातावरण बनाया जाए।

महामारी के कारण बच्चों के स्कूल बंद हो गए, उनका बाहर खेलने जाना बंद हो गया; उनकी पढ़ाई ऑनलाइन हो गई है; उन्हें दोस्तों, परिवार और मौज-मस्ती से पृथक होना पड़ा है। परिवार के लोग संक्रमित हो रहे हैं, और बच्चे एवं युवा भी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। बच्चों में मानसिक तनाव, उलझन, भय और चिंता बढ़ रही है। उनमे कई तरह की नकारात्मक मनोवैज्ञानिक प्रवृत्तियाँ भी देखने को मिल रहे हैं। इस महामारी ने बहुत परिवारों के रोजगार और उनकी जीविका की संभावनाओं पर प्रश्नचिंन्ह लगा दिया है। इसी तथ्य को सामने रखते हुऐ राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद ने अपने इस अपील में सर्वाधिक चिंता बच्चों के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य पर जाहिर की है।

यूनिसेफ़ बिहार की राज्य प्रमुख सूश्री नफ़िसा बिनते शफीक ने सभी माता-पिता और बच्चों की देखभाल करने वालों से अपील की है कि संकट की इस घड़ी में हम सब को बेहद संवेदनशील होने की आवश्यकता है, “आपके बच्चों को इस समय आपकी सबसे अधिक आवश्यकता है।“ इस महामारी में उनकी शारीरिक, मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक भलाई आपके कार्यों और प्रतिक्रियाओं पर निर्भर करती है। लड़कियों, विशेष जरूरतों वाले बच्चों और हाशिये पर खड़े समूहों के लोगों को ऐसे में विशेष ध्यान और देखभाल की आवश्यकता है। माता-पिता खुद भी बहुत परेशान हैं, ऐसे में अपना मनोबल ऊंचा बनाए रखना है, बच्चों को सकारात्मक गतिविधियों में व्यस्त रखना जरूरी है, यूनिसेफ़ और अन्य संस्थाओं द्वारा “पेरेंटिंग” पर बहुत से ऑनलाइन सीखने के संसाधन हैं जिनका इस्तेमाल किया जा सकता है। कैरियर संबंधी जानकारी www.yuwaah.org और www.biharcareerportal.com पर ले सकते हैं। .
माता-पिता को तनाव-परामर्शदाता, मनोचिकित्सकीय अथवा मनोवैज्ञानिक परामर्श लेने में झिझक नही करना चाहिए। NIMHANS द्वारा निःशुल्क हेल्पलाइन ( 08046110007)भी चलाई जा रही है। जरूरतमन्द बच्चों के लिए चाइल्डलाइन 1098 पर फोन करें।

संकट की इस घड़ी में हम सब की यह जिम्मेदारी है कि हम सभी सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें। एक-दूसरे के प्रति करुणा और दया का भाव रखें और जहां तक हो सके एक-दूसरे की मदद करें।
मास्क का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। जब भी आप बाहर जाएँ, दूसरों से मिलें या किसी कोविड संक्रमित व्यक्ति के पास जाएं, त्रिस्तरिए मास्क का प्रयोग करें। घर से बाहर निकालने की स्थिति में शारीरिक दूरी (कम-से-कम दो गज) का पालन अत्यंत जरूरी है तथा साबुन से कम-से-कम 20 सेकेंड तक अपने हाथों को नियमित धोते रहें। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगों का विशेष ध्यान रखें और सभी पात्र-लाभार्थी समय पर कोविड का टीका अवश्य लें।

एग्जिट पोल में TMC और BJP के बीच कांटे की टक्कर

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 8 चरणों में संपन्न हो गए हैं। 2 मई को इसके नतीजे आएंगे। लेकिन आज एग्जिट पोल आने शुरू हो गए हैं। एग्जिट पोल में पश्चिम बंगाल में भाजपा और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर दिखाई दे रही है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा के 292 सीट है। रिपब्लिक CNX एग्जिट पोल के मुताबिक पश्चिम बंगाल में भाजपा को 138 से 148 सीटें मिल सकती हैं। तृणमूल कांग्रेस को 126 से 136 सीटें मिलती दिख रही हैं। जबकि कांग्रेस और लेफ्ट गठबंधन को 4 से 8 सीटें ही मिलती दिखाई दे रही है।

टाइम्स नाउ सी वोटर एग्जिट पोल की बात करें तो पश्चिम बंगाल की 292 सीटों में से सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस को 158 सीटें मिलती दिखाई दे रही है। भाजपा के खाते में 115 सीटें जाती हुई दिखाई पड़ रही है। जबकि कांग्रेस और लेफ्ट गठबंधन के खाते में सिर्फ 19 सीटें जा रही हैं। अगर एबीपी सी वोटर की बात करें तो यहां भी पश्चिम बंगाल में एग्जिट पोल तृणमूल कांग्रेस की तरफ जाता दिखाई दे रहा है। 292 में से तृणमूल कांग्रेस को 152 से 164 सीटें मिलती दिखाई दे रही है जबकि बीजेपी को 109 से 121 सीटें मिलती दिखाई दे रही है।

केजरीवाल लॉकडाउन के भरोसे , इसलिए सुविधाओं के विस्तार का दूरगामी नीति नहीं- चौधरी अनिल कुमार

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नई दिल्ली : 29-04-2021

दिल्ली प्रदेश काँग्रेस कमिटी अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने बयान जारी कर चिंता जताते हुए कहा कि लॉकडाउन के बाबजूद जिस प्रकार से दिल्ली में संक्रमण बढ़ रहा है उससे आने वाले दिनों में और भी गंभीर समस्या पैदा होने का खतरा है , उन्होने कहा कि आज लॉकडाउन के बाबजूद केजरीवाल के विफलता के कारन दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सिजन बिस्तर , वेंटिलेटर की भारी कमी है , अगर दिल्ली सरकार लॉकडाउन हटाती है तो यह कमी कई गुना बढ़ सकती है । उन्होने कहा कि जहाँ दिल्ली सरकार वर्तमान हालात को काबू करने में विफल है वहीं सरकार का ध्यान आने वाले समस्याओं को लेकर भी नहीं है , तैयारी के नाम पर भी कुछ नज़र नहीं आ रहा केवल खाना – पूर्ति की कोशिश चल रही । उन्होने कहा कि लॉकडाउन समस्या का सामाधान नहीं हमें अस्पतालों व सुविधाओं का विस्तार करना ही होगा । चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने जिस प्रकार से दिल्ली में एक तरफ लॉकडाउन लगाया था तथा दूसरी तरफ टेस्टिंग बढ़ाने की जगह उलटा कम कर दी  उसका नतीजा है कि लॉकडाउन के बाबजूद दिल्ली में संक्रमण की दर में लागातार बढ़ोतरी दर्ज हुई । इसके लिए होम आइसोलेशन में देखरेख नहीं होना भी जिम्मेदार है । उन्होंने दिल्ली सरकार को चेताया कि अगर बड़े स्तर पर टेस्टिंग केंद्र अब भी नहीं बढ़ाए गए तो वाइरस को कंटेन करना मुश्किल होगा । ऐसे में कितनी भी सुविधाएं बढ़ाई जाएगी वो कम होंगे ।

चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि केजरीवाल दिल्ली को भगवान भरोसे छोड़ कर भाजपा के साथ आरोप – प्रत्यारोप कि राजनीति में व्यस्त है । उन्होने कहा कि केजरीवाल दिल्ली को ऑक्सिजन मुहैया कराने में बिल्कुल विफल रहे , शुरुवाती समस्याओं के बाद सभी राज्यों ने जहाँ अपने सप्लाइ चेन को दुरुस्त किया वहीं केजरीवाल ने अपनी ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए दोषारोपण में व्यस्त रहे ।

चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि केजरीवाल ने अपने 18 अप्रैल के पत्र में 700 मेट्रिक टन ऑक्सिजन की जरूरत बताया लेकिन अबतक दिल्ली को मात्र 445 मेट्रिक टन सप्लाइ ही मिल रही है  , आज एक अनुमान मुताबिक लगभग 1000 मेट्रिक टन ऑक्सिजन की जरूरत है लेकिन इसकी आधी भी नहीं मिल रहा । उन्होने कहा कि दिल्ली सरकार ने मौजूदा आवंटन का उठान करने का व्यवस्था अब तक नहीं किया है , ऐसे में आने वाले दिनों की जरूरत कैसे पूर्ण होगी यह गंभीर चिंता का विषय है । चौधरी अनिल कुमार ने माँग किया कि दिल्ली सरकार तुरंत 20000 बेड के ऑक्सिजन बेड व 2000 बेड आईसीयू बेड को बढ़ाने का तैयारी करे । दिल्ली को बड़े स्तर पर वेंटिलेटर , एम्ब्युलेन्स कि जरूरत भी पड़ने वाली है जिसको लेकर दिल्ली सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है ।

चौधरी अनिल कुमार ने चेताया कि लॉकडाउन कर लंबे समय तक भगवान भरोसे संक्रमण पर रोक का अब भी इंतज़ार किया गया तो तबतक दिल्ली बर्बाद हो जाएगा सारे , उद्योग धंधे चौपट हो जाएंगे ; आर्थिक समस्या के कारण कोविड से भी ज्यादा बड़ा नुकसान दिल्ली को उठाना पड़ सकता है

कोरोना संक्रमण कि दूसरी लहर के बीच अब सुबह 10 बजे से शाम के 05 बजे तक लोगों को निःशुल्क ऑनलाइन चिकित्सकीय परामर्श देंगे सदर अस्पताल मुंगेर के चिकित्सक

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– जिलाधिकारी रचना पाटिल द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई बैठक में जारी किया गया आदेश

– इस सम्बंध में जिला स्वास्थ्यय समिति मुंगेर के द्वारा जारी की गई है चिट्ठी भी की गयी जारी

मुंगेर, 29 अप्रैल 2021 –

जिले में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमितों किकी संख्या को देखते हुए अन्य रोग से बीमार लोगों के बेहतर इलाज में काफी परेशानी आ रही है। इसको देखते हुए जिलाधिकारी रचना पाटिल ने वीडियो कॉन्फेंसिग के माध्यम से स्वास्थ्यय विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम के 05 बजे तक मोबाइल के माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श देने संबंधी ब्यवस्था व्यवस्था शुरू करने का आदेश जारी किया है। इस सबंध में जिला स्वास्थ्यय समिति मुंगेर के द्वारा एक चिट्ठी जारी कर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम के 05 बजे तक मोबाइल पर चिकित्सकीय परामर्श देने वाले डॉक्टर के नाम और मोबाइल नंबर जारी किया गया है।

जिला स्वास्थ्यय समिति मुंगेर के जिला कार्यक्रम प्रबंधक नसीम रजि ने बताया, जिलाधिकारी के साथ हुई ऑनलाइन बैठक के बाद प्रतिदिन सुबह 10 से शाम 05 बजे तक सदर अस्पताल मुंगेर सहित जिले के अन्य प्रखंडो में कार्यरत डॉक्टरों को मोबाइल पर लोगों को चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल मुंगेर के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. रामप्रीत सिंह से उनके मोबाइल नंबर 9431183158 पर दिन के 10 बजे से शाम के 05 बजे तक कभी भी उन्हें फोन कर चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त किया जा सकता है। इसी प्रकार से जिले के गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. के. रंजन से उनके मोबाइल नंबर 6206945943 पर, जिले के संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. ध्रुव शाह से उनके मोबाइल नंबर 7004664795 पर, सदर अस्पताल मुंगेर के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रमण कुमार से उनके मोबाइल नंबर 9431237475 पर तथा प्राथमिक स्वास्थ्यय केंद्र बरियारपुर मुंगेर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार से उनके मोबाइल 7903649865 से दिन के 10 बजे से शाम के 05 बजे तक कभी भी कॉल करके विभिन्न्न बीमारियों के बेहतर इलाज और दवाओं को लेकर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त किया जा सकता है।

18+ वैक्सीनेशन अभियान के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन की तैयारी में जुटा स्वास्थ्य विभाग

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– 3000 वाइल वैक्सीन उपलब्ध कराने की राज्य से की गई माँग, तेज होगा वैक्सीनेशन अभियान

– जिले मे अबतक 50 हजार से करीब लोगों का हो चुका है वैक्सीनेशन

लखीसराय, 29 अप्रैल-

अगले माह 01 मई से 18+ आयु वर्ग के लोगों का जिले में वैक्सीनेशन अभियान शुरू हो रहा है। इसको लेकर बुधवार की शाम 04 बजे से रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है और बड़ी संख्या में युवा वर्ग रजिस्ट्रेशन भी करा रहे हैं। वैक्सीनेशन अभियान शुरू होने में किसी प्रकार की परेशानी उत्पन्न नहीं हो, इसके मद्देनजर स्वास्थ्य हर आवश्यक तैयारी में जुट चुका है। ताकि हर हाल में निर्धारित समय पर वैक्सीनेशन अभियान शुरू हो सके और रजिस्ट्रेशन कराने वाले लोग आसानी के साथ वैक्सीनेशन करा सकें। वैक्सीनेशन के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन के लिए वैक्सीन लेने आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसके मद्देनजर जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर लोगों को बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। ताकि किसी प्रकार का संक्रमण की सम्भावना नहीं हो और सभी लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर वैक्सीन ले सकें।

– राज्य से तीन हजार वाइल वैक्सीन उपलब्ध कराने की माँग :-
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया, 18+ आयु वर्ग के लोगों का वैक्सीनेशन शुरू होने पर निश्चित रूप से जिले में सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर वैक्सीन वाइल की खपत बढ़ेगी। क्योंकि, इस आयु वर्ग के लोगों की संख्या अधिक है। किन्तु, वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि, वैक्सीन की कमी नहीं हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग हर स्तर से पूरी तरह सजग है और अभी से आवश्यक तैयारी की जा रही है। जिले में पर्याप्त वैक्सीनेशन उपलब्ध रहे, इसके लिए अभी ही राज्य से तीन हजार वाइल वैक्सीन उपलब्ध कराने की माँग की गयी है। ताकि वैक्सीनेशन अभियान शुरू होने के बाद जिले में वैक्सीन की समस्या उत्पन्न नहीं हो।

– 50 हजार के करीब लोगों का हो चुका है वैक्सीनेशन :-
इस महामारी को रोकने के लिए जिले में सभी सेशन साइटों पर लगातार वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। जिसके दौरान अबतक तकरीबन 50 हजार लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है। जिसमें पहला डोज लेने वाले 41, 124 एवं दूसरा डोज लेने वाले 08, 535 लोग शामिल है। यह आंकड़ा जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बुधवार शाम तक का है। गुरुवार को भी जिले में वैक्सीनेशन अभियान जारी था।

– वैक्सीन लेने लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी :-
18+ आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन लेने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी साइट पर रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। क्योंकि, रजिस्ट्रेशन के बाद वैक्सीन दी जाएगी। इसलिए, अभी ही रजिस्ट्रेशन करा लें। ताकि आपको वैक्सीन लेने में परेशानी नहीं हो और आसानी के साथ अपने नजदीकी वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर वैक्सीन ले सकें। रजिस्ट्रेशन के लिए मोबाइल नंबर एवं आधार कार्ड यानि फोटो युक्त पहचान-पत्र जरूरी है।

– ऐसे करें रजिस्ट्रेशन :-
मोबाइल या कंप्यूटर से विभाग द्वारा जारी एप covin.gov.in पर जाएं। अपना मोबाइल नंबर इस साइट पर दर्ज करें। जिसके बाद आपके उसी नंबर ओटीपी मैसेज आएगा। पुनः उसी साइट में ओटीपी नंबर दर्ज करें। इसके बाद सभी जानकारी सही-सही भरें। वैध आईडी अपलोड करें जो आईडी आपके पास उपलब्ध है, जैसे कि, आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड समेत अन्य फोटोयुक्त व जन्मतिथि अंकित वाला अन्य आईडी कार्ड। सारी प्रक्रिया पूरी करने के बाद रजिस्ट्रेशन बटन पर क्लिक करें।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर रहें :-
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित।
– खुद के साथ अपने परिवार व समाज को सुरक्षित रखने के लिए वैक्सीन लेना जरूरी समझें।
– अफवाहों पर ध्यान नहीं, पूरी तरह सुरक्षित है वैक्सीन।
– रजिस्ट्रेशन कराने में लोगों का सहयोग करें।
– निर्धारित तिथि पर वैक्सीनेशन सेंटर जाएं और वैक्सीनेशन कराएं।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें और दूसरों को भीड़ का हिस्सा नहीं बनने के लिए प्रेरित करें।

कोविड-19 संक्रमण: जन संकल्प से रूकेगा बढ़ता संक्रमण, इसलिए सामाजिक सहयोग जरूरी

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– जुर्माना से बचने या दिखावे के लिए नहीं, महामारी को रोकने के लिए जरूरी है मास्क और दो गज की दूरी
– अधिक जरूरी पड़ने पर ही घर से निकलें बाहर और रहें सुरक्षित

खगड़िया, 29 अप्रैल-

कोविड-19 संक्रमण में लगातार इजाफा हो रहा है। हालाँकि, इसे हर हाल में रोकने के लिए सरकार पूरी तरह कटिबद्ध है और आवश्यकतानुसार प्रत्येक दिन नये-नये गाइडलाइन जारी भी किए जा रहे हैं । पुलिस-प्रशासन जारी गाइडलाइन के पालन को सुनिश्चित कराने में दिन-रात लगा हुआ है । किन्तु, इस वैश्विक महामारी को रोकने के लिए प्रशासनिक तैयारी के साथ जन संकल्प भी बेहद जरूरी है और जन संकल्प भी चेन को तोड़ने में स्वास्थ्य विभाग के अनुसार काफी कारगर साबित होगा। इसलिए, इस महामारी को रोकने के लिए सामाजिक सहयोग की दरकार है। ऐसे में समाज के हर तबके के को शासन-प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन कर इस महामारी को रोकने के लिए आगे आने की जरूरत है और प्रत्येक व्यक्ति को इसे रोकने का संकल्प भी लेना चाहिए । तभी हम एकबार फिर से इस महामारी को मात देने में सफल हो सकते हैं।

– जुर्माना से बचने या दिखावे के लिए नहीं, महामारी रोकने के लिए जरूरी है मास्क और दो गज की दूरी :-
जिला के सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया, इस महामारी को रोकने के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग हर स्तर से पूरी तरह तैयार है। किन्तु, इस महामारी के बढ़ते प्रभाव पर जल्द से जल्द काबू पाने के लिए सामाजिक सहयोग भी बेहद जरूरी है। इसके लिए मैं जिले वासियों से अनिवार्य रूप से मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी के पालन के साथ सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने की अपील करता हूँ। क्योंकि, मास्क का उपयोग और जुर्माना से बचने के या दिखावे के लिए नहीं, बल्कि इस महामारी को रोकने के लिए जरूरी है। वहीं, यह भी कहा, इससे पूरे प्रदेश में एक अच्छा संदेश भी जाएगा और जिले की अच्छी पहचान भी होगी। इसलिए, मैं सभी लोगों से पुनः अपील करता हूँ, खुद के साथ अपने परिवार व समाज की सुरक्षा एवं जिले की अच्छी पहचान के लिए सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करें और मास्क का उपयोग व शारीरिक दूरी बनाये रखें।

– अधिक जरूरी पड़ने पर ही घर से निकलें बाहर और रहें सुरक्षित :-
कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते प्रसार को देखते हुए राज्य सरकार सुरक्षा के मद्देनजर लगातार गाइडलाइन में सकारात्मक तब्दीली कर रही है। ताकि पूरा समाज सुरक्षित रहे । ऐसे में हमारा भी फर्ज और जिम्मेदारी है कि सरकार की गाइडलाइन का पालन कर सहयोग करें। इसके लिए घर से कम निकलने की जरूरत है। इसलिए, अधिक जरूरी पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें और घर में ही रहकर मोबाइल फोन के माध्यम अपनी जरूरी काम पूरा करने की कोशिश करें। क्योंकि, यह महामारी संक्रामक है और एक-दूसरे के संपर्क में आने से होता है। इसलिए, भीड़ से बिलकुल दूर रहें और अनावश्यक घर से बाहर नहीं निकलें।

– लक्षण दिखते ही तुरंत कराएं जाँच, नहीं करें लापरवाही :-
इस महामारी को मात देने के लिए समय पर समुचित इलाज जरूरी है। यह तभी संभव होगा, जब आपको समय पर यानी शुरुआती दौर में ही इस बीमारी की जानकारी मिलेगी। इसलिए, लक्षण दिखते ही तुरंत जाँच कराएं और इसके बाद चिकित्सा परामर्श का पालन करें। ताकि आपको सही समय पर सही बीमारी की जानकारी मिल सके और आप अपना इलाज करवा सकें। क्योंकि, यह जरूरी नहीं है कि सर्दी-खांसी होने पर कोरोना ही है। इसलिए, दुविधा में नहीं रहें और सकारात्मक सोच के साथ जाँच कराएं।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर रहें :-
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– जरूरी नहीं हर सर्दी-खांसी कोरोना ही है, इसलिए, निर्भीक होकर सकारात्मक सोच के साथ कराएं जाँच।
– अधिक जरूरी पड़ने पर ही घर से बाहर निकले।
– घर में सकारात्मक माहौल बनाएं और रचनात्मकता कार्य करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से हाथ धोएं।

कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए प्रशासन ने जारी किया नया आदेश

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15 मई तक दुकानों को तीन श्रेणियों में बांटकर खोलने का निर्देश
किराना और दूध की दुकानें सप्ताह में सभी दिन खुलेंगी

भागलपुर, 29 अप्रैल

कोरोना के बढ़ते मामले को लेकर प्रशासन लगातार सख्त होता जा रहा है. इस पर लगाम लगाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने गुरुवार को 15 मई तक के लिए नया आदेश जारी किया है. इसके तहत दुकानों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है. पहली श्रेणी में जरूरत वाली दुकानों को रखा गया है जो कि सप्ताह में सभी दिन खुलेंगी. दूसरी श्रेणी में इलेक्ट्रॉनिक्स और सोना चांदी समेत पांच तरह की दुकानों को रखा गया है जो कि सप्ताह में 3 दिन खुलेंगी. इसके अलावा तीसरी श्रेणी में 7 तरह की दुकानों को रखा गया है. यह भी सप्ताह में 3 दिन ही खुलेंगी.
किराना स्टोर, दूध, सब्जी एवं अन्य रोजमर्रा की जरूरत वाली दुकानें सभी दिन खुलेंगी-
जिलाधिकारी के आदेश के मुताबिक किराना स्टोर, दूध, सब्जी एवं अन्य रोजमर्रा की जरूरत वाली दुकानें सप्ताह के सभी दिन खुलेंगी. वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स और सोना चांदी की दुकान मंगलवार गुरुवार और शनिवार को खुलेंगी. इसके अलावा कपड़ा और अन्य तरह की दुकानें सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को खुलेंगी. सभी दुकान शाम 4:00 बजे बंद हो जाएंगी.

दुकानों पर रहेगी मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था:
नए आदेश के मुताबिक दुकानों पर मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था ग्राहकों के लिए मुफ्त में रहेगी. इसकी व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा किया जाएगा. बिना मास्क पहने ग्राहकों के आने देने पर दुकानदार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा:
नए आदेश के मुताबिक शादी समारोह में 50 व्यक्तियों के शामिल होने की अनुमति रहेगी. वहीं अंतिम संस्कार में सिर्फ 20 लोग ही शामिल हो सकेंगे. इसके अलावा शादी समारोह में डीजे बजाने पर पाबंदी रहेगी. किसी भी आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

4 बजते हैं प्रशासन ने बंद कराई दुकानें:
जिला प्रशासन द्वारा आदेश जारी हो जाने के बाद गुरुवार को शहर के विभिन्न बाजारों में शाम 4 बजे के बाद पुलिस दुकानों को बंद कर आती नजर आई. हालांकि बहुत सारे दुकानदारों ने पहले ही अपनी दुकानों को बंद कर लिया था, लेकिन जिन दुकानदारों को प्रशासन के आदेश की जानकारी नहीं थी, उन्होंने पुलिस के आने के बाद अपनी दुकानों को बंद किया. साथ ही शुक्रवार से नियम का पालन करने की बात कही

होम आईसोलेशन के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जारी, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने दिए निर्देश

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• होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को रेमेडेसिवीर इंजेक्शन इस्तेमाल नहीं करने की सलाह
• मरीज की देखभाल करने वालों को भी सतर्क रहने की जरूरत
• सांस लेने में दिक्कत, छाती में दर्द एवं ऑक्सीजन स्तर 94 से कम होने पर ही अस्पताल जाने की सलाह
• कम से कम 10 दिन होम आईसोलेशन में रहना जरुरी
• मास्क के भींगने पर तुरंत बदल लें मास्क, आठ घंटे से अधिक नहीं करें इस्तेमाल

पटना/ 29, अप्रैल:

पिछले साल 2 जुलाई को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोविड-19 के माइल्ड एवं बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए होम आईसोलेशन की सलाह दी थी एवं इसको लेकर दिशा-निर्देश भी जारी किया था. इस वर्ष पूरे देश में कोरोना की दूसरी लहर के कारण संक्रमण के स्वरुप में काफ़ी बदलाव देखने को मिल रहे हैं. इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने होम आईसोलेशन के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जारी किया है, जिसमें होम आईसोलेशन के लिए मरीजों की योग्यता, होम आईसोलेशन में मरीजों द्वारा ध्यान देने योग्य बातें, मरीजों की देखभाल करने वाले लोगों के लिए सलाह, चिकित्सकीय सलाह एवं अस्पताल में भर्ती होने की परिस्थितियों सहित होम आईसोलेशन में जरुरी ईलाज आदि बातों की विस्तार से जानकारी दी गयी है.

गाइडलाइन में कहा गया है कि माइल्ड या बिना लक्षण (असिम्टोमेटिक) वाले रोगी ही होम आइसोलेशन के लिए योग्य हैं. माइल्ड लक्षण वाले रोगियों को बुखार, कफ, खांसी, नाक बहना या बदं होना, सिरदर्द, थकान आदि रहता है.

चिकित्सा पदाधिकारी की सलाह के बाद होम आइसोलेशन:

गाइडलाइन में कहा गया है कि चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा कोरोना संक्रमित मरीज में माइल्ड अथवा बिना लक्षणों की पुष्टि किये जाने के बाद रोगी को होम आइसोलेशन में रहना चाहिए. सेल्फ आइसोलेशन के दौरान ऐसे रोगियों के लिए हरसमय एक देखभालकर्ता को मौजूद होना जरूरी है. होम आइसोलेशन के दौरान रोगी के स्वास्थ्य के निगरानी व अद्यतन जानकारी देने के लिए देखभालकर्ता को अस्पताल के साथ संवाद बनाये रखना बहुत जरूरी है. वैसे कोविड मरीज जिनकी उम्र 60 साल से अधिक है तथा हाइपरटेंशन, मधुमेह तथा लंग, लीवर, किडनी तथा तंत्रिका तंत्र से जुड़े गंभीर रोग से ग्रसित हैं उन्हें चिकित्सा पदाधिकारी के निर्देश व सलाह के बाद ही होम आइसोलेशन में रखा जाना चाहिए.

इन मरीजों को होम आइसोलेशन में नहीं रखने की सलाह:

गाइडलाइन में कहा गया है कि होम आइसोलेशन के दौरान रेमेडिसिविर का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना है. इसके साथ ही यह जानकारी दी गयी है कि वैसे रोगी जिनका अंग प्रत्यारोपण हुआ हो, एचआइवी ग्रसित हों या फिर कैंसर थेरेपी आदि हुआ है उन्हें होम आइसोलेशन में नहीं रखा जाना चाहिए. ऐसे मरीजों के लिए चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा सभी जांच के बाद ही होम आइसोलेशन में रखे जाने की सलाह दी गयी है. कोविड रोगी के देखभाल करने वाले व उनके संपर्क में आने वाले सभी लोगों को तीन लेयर वाले मास्क का इस्तेमाल करें.

कोविड रोगी एवं देखभालकर्ता इन बातों का रखें ध्यान:

गाइडलाइन में कोविड रोगी को घर के एक कमरे में रहने तथा विशेषतौर पर परिवार में मौजूद गंभीर रोगों से ग्रसित लोगों से दूरी बनाकर रहने के लिए कहा गया है. साथ ही कमरे में पर्याप्त फ्रेश हवा की मौजूदगी एवं इसके लिए वेंटिलेशन का पूरा ध्यान रखने की सलाह दी गयी है. कमरे में देखभालकर्ता तथा रोगी दोनों तीन लेयर के मास्क इस्तेमाल करने की सलाह दी गयी है. साथ ही अधिकतम आठ घंटे तक ही एक मास्क का इस्तेमाल करने की बात कही गयी है. मास्क के भींग जाने के बाद उसे तुरंत बदल लें. देखभालकर्ता को मरीज से शारीरिक दूरी, नियमित अन्तराल पर हाथों की सफ़ाई एवं रोगी के द्वारा इस्तेमाल की जा रही चीजों का घर के अन्य सदस्यों से दूर रखने की हिदायत भी दी गयी है. गाइडलाइन में मास्क एवं अन्य चीजों के सुरक्षित डिस्पोजल की भी सलाह दी गयी है.

इन परिस्थितियों में चिकित्सकीय सलाह जरुरी:
• सांस लेने में तकलीफ़ होने पर
• ऑक्सीजन का स्तर 94 से कम होने पर
• छाती में लगातार दर्द का बने रहना या अचानक बढ़ जाना
• मानसिक रूप से अधिक परेशान होने पर

10 दिन बाद आ सकते हैं आइसोलेशन से बाहर:
होम आइसोलेशन में रहने वाले रोगी 10 दिनों के बाद बाहर आ सकते हैं. होम आइसोलेशन से बाहर आने के बाद जांच की कोई आवश्यकता नहीं होती है. होम आइसोलेशन के दौरान रोगी अधिक से अधिक आराम करें और खूब पानी पीकर शरीर में पानी की मात्रा को बढ़ायें. श्वसन संबंधी सुरक्षा तथा व्यवहार के नियमों का पालन करें. साबुन पानी से हाथों को नियमित रूप से 40 सेकेंड तक अवश्य धोंयें. व्यक्तिगत इस्तेमाल वाली चीजें साझा नहीं करें. रोगी के कमरे को एक प्रति हाइपोक्लोराइट से टेबल, दरवाजे, आदि साफ करें. कोविड के माइल्ड लक्षण वाले रोगी अपने शरीर के आॅक्सीजन स्तर की निगरानी करते रहें.

कोरोना टीका के लिए 18 साल से अधिक उम्र वालों का रजिस्ट्रेशन अभियान हुआ तेज

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टीकाकरण केंद्र पर भी जाकर लाभुक करवा सकते हैं अपना रजिस्ट्रेशन

कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान तेज, टीकाकरण ने पकड़ी रफ्तार
बांका, 29 अप्रैल

जिले में कोरोना के खिलाफ अभियान काफी तेज गति से चल रहा है. स्वास्थ्य विभाग जांच और इलाज के साथ टीकाकरण अभियान को भी सफलतापूर्वक चला रहा है. इसी कड़ी में 1 मई से 18 साल से अधिक उम्र वालों का भी टीकाकरण शुरू हो जाएगा. इसके पहले 45 साल से अधिक उम्र वाले और स्वास्थ्यकर्मियों के अलावा फ्रंटलाइन वर्करों का टीकाकरण चल रहा था. अब 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों का टीकाकरण शुरू होने जा रहा है. इसे लेकर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

सिविल सर्जन डॉक्टर सुधीर कुमार महतो ने बताया कि 18 साल से अधिक उम्र वाले लोगों के लिए भी टीकाकरण की प्रक्रिया आसान कर दी गई है. इन लोगों के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया तो अभी चल ही रही है. इसके अतिरिक्त ये लोग भी ऑन स्पॉट अपना रजिस्ट्रेशन करा कर कोरोना का टीका ले सकते हैं. इसके अतिरिक्त पहले जिन लोगों के लिए टीकाकरण अभियान चल रहा था वह भी चलता रहेगा.

अफवाहों पर नहीं दें ध्यान: शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी ने कहा कोरोना का टीका पूरी तरह से सुरक्षित है. किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है. उन्होंने बताया कोरोना का टीका उन्होंने भी लिया है. किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है, इसलिए अफवाहों पर ध्यान नहीं दें और कोरोना का टीका लेकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं. एक आदमी टीका लेंगे तो इससे ना सिर्फ वह आदमी सुरक्षित रहेंगे, बल्कि दूसरों में भी उससे संक्रमण नहीं होगा.

कोरोना की गाइडलाइन का करें पालन: डॉ चौधरी ने बताया कि जब तक टीकाकरण अभियान पूरा नहीं हो जाता है, तब तक सभी लोग कोरोना की गाइडलाइन का पालन करें. घर से निकलते वक्त मास्क लगाएं. भीड़भाड़ से बचें और सामाजिक दूरी का पालन करें. घर में भी रहते वक्त एक दूसरे के साथ बात करते वक्त मास्क जरूर पहने.

घर में रहकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं: डॉक्टर चौधरी कहते हैं घर में रहकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए. इसके लिए लोगों को घर में कम से कम 45 मिनट तक योग करना चाहिए. योग के दौरान अनुलोम और विलोम का आसान जरूर करें. इसके अलावा प्रोटीनयुक्त भोजन पर जोर दें. हरी सब्जियों का सेवन करें. इसके अलावा दूध के साथ हल्दी मिलाकर सेवन करें. . ऐसा करने से करो ना की चपेट में आने से बचे रहेंगे.

उच्च स्तरीय बैठक में पीएमओ ने लिया बड़ा फैसला,दूर होगी ऑक्सीजन की किल्लत!

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देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का कहर रोजाना हजारों लोगों की सांसे छीन रहा है। कोरोना वायरस में संजीवनी मानी जाने वाली ऑक्सीजन की कमी से भारत जूझ रहा है। दिल्ली महाराष्ट्र में हालत बेहद दर्दनाक है। दिल्ली में आज सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए और हालात को संभालने के लिए एक उच्चस्तरी बैठक की जिसमें पीयुष गोयल, अमित शाह सहित कई कैबिनेट मंत्री शामिल हुए। इस बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने हालात की गंभीरता को देखते हुए कई बड़े फैसले किए।

पीएम मोदी ने पीएम कार्स फंड से 1 लाख पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर खरीदने की मंजूरी दी है। उन्होंने निर्देश जारी करके कहा है कि इन ऑक्सीजन Concentrators को जल्द से जल्द खरीद लिया जाना चाहिए और जिन राज्यों में इसकी ज्यादा जरुरत है वहां तत्काल इन्हें पहुंचाना चाहिएं। सरकार ने कहा कि पीएम-केयर्स कोष के तहत 500 नए पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र को मंजूरी दी गयी। इससे पहले पीएम केयर फंड के तहत 713 पीएसए प्लांटों को मंजूरी दी गई थी, इसके अलावा पीएम केयर फंड के तहत 500 नए प्रेशर स्विंग सोर्सेशन (पीएसए) ऑक्सीजन प्लांट मंजूर किए गए। पीएमओ ने कहा पीएसए प्लांट जिला मुख्यालय और टियर 2 शहरों में अस्पतालों में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति में वृद्धि करेंगे।