सदर अस्पताल में 70 लोगों को पड़े कोरोना के टीके

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बीमारों और बुजुर्गों के साथ फ्रंटलाइन वर्करों को भी लगे टीके
जिले में जोर पकड़ रहा है कोरोना टीकाकरण अभियान

बांका-

जिले में कोरोना टीकाकरण को लेकर लाभुकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है. मंगलवार को सदर अस्पताल में 70 लाभुकों ने कोरोना के टीके लगवाए. सदर अस्पताल केंद्र पर बीमारों- बुजुर्गों के अलावा फ्रंटलाइन वर्करों को भी कोरोना के टीके लगाए गए. अस्पताल मैनेजर अमरेश कुमार ने बताया कि 45 से 59 साल के बीमारों और 60 साल के बुजुर्गों के अलावा फ्रंटलाइन वर्करों को भी कोरोना के टीके लगाए गए. टीका पड़ने के बाद स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने 30 मिनट तक सभी लोगों की निगरानी की. एएनएम राजकुमारी ने सभी लाभुकों को कोरोना का टीका लगाया.

ऑनस्पॉट रजिस्ट्रेशन से लाभुकों में बढ़ा उत्साह:
अस्पताल मैनेजर अमरेश कुमार ने बताया कि टीकाकरण के लिए आने वाले बीमारों और बुजुर्गों के लिए ऑन स्पॉट रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था थी. इस वजह से भी टीका लगवाने में लाभुक उत्साह दिखा रहे हैं. उन्होंने कहा कि लाभुक अपने से भी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. रजिस्ट्रेशन के बाद लाभुक कागजात के साथ सदर अस्पताल के अंदर पहुंचे, जहां पर उनका टीकाकरण किया गया.

पूरी तरह से सुरक्षित है कोरोना का टीका:
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि कोरोना का टीका पूरी तरह से सुरक्षित है. मैंने भी कोरोना का टीका लिया. अब मैं पूरी तरह से सुरक्षित हूं. टीका लेने पर किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है. मुझे कोई नुकसान नहीं हुआ और अब मैं कोरोना के खतरे से मुक्त हूं. इसलिए आप भी कोरोना का टीका लेने में उत्साह दिखाएं. आप भी सुरक्षित हो जाएंगे.

कोरोना की गाइडलाइन का पालन भी जरूरी:
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग पूरी मुस्तैदी से लड़ाई लड़ रहा है. पहले जांच फिर इलाज के बाद अब टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है. उम्मीद है कि हमलोग जल्द ही कोरोना पर विजय पा लेंगे. जब तक कोरोना पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता है, तब तक सभी लोगों को इसकी गाइडलाइन का पालन जरूरी तौर पर करना चाहिए. जब सभी लोगों का टीकाकरण हो जाएगा, तब हमलोग कोरोना से पूरी तरह से निजात पा लेंगे.

“टीबी हारेगा, देश जीतेगा” कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के लिए मार्च में होगी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक

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– जिले के सभी प्रखंड मुख्यालय पर प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों एमओआईसी, बीडीओ, सीडीपीओ सहित जनप्रतिनिधियों और धार्मिक गुरुओं के साथ आयोजित की जानी है बैठक
– प्रति वर्ष 24 मार्च को मनाया जाता है विश्व यक्ष्मा दिवस

लखीसराय, 02 मार्च

भारत सरकार के महत्वाकांक्षी लक्ष्य सन 2025 तक भारत को टीबी से मुक्त बनाने को ले केंद्र सरकार के द्वारा राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम ( नेशनल टीबी एलिमिनेशन प्रोग्राम एनटीईपी) चलाया जा रहा है। इसी प्रयास के तहत पूरे देश में “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” अभियान भी चल रहा है। इसी अभियान को जनांदोलन के रूप में चलाए जाने को ले प्रयास तेज किए जा रहे हैं। इसके तहत मार्च के महीने में जिले के सभी प्रखंड मुख्यालय पर केयर इंडिया के सहयोग से तिथि निर्धारित कर टीबी पेशेंट सपोर्ट ग्रुप मीटिंग के माध्यम से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, धार्मिक संस्थाओं के प्रमुखों, टीबी चैंपियन, ट्रीटमेंट सपोर्ट के साथ ही प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सुविधाओं, निक्षय पोषण योजना के बारे में जानकारी दी जानी है।
बैठक आयोजित करने को ले तैयारियां शुरू-
जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. पीसी वर्मा ने बताया कि राज्य स्वास्थ्यय समिति के राज्य यक्ष्मा कार्यक्रम पदाधिकारी के द्वारा मार्च के महीने में जिले के सभी प्रखंड मुख्यालय पर केयर इंडिया के सहयोग से “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” अभियान के तहत प्रचार- प्रसार के लिए टीबी पेशेंट स्पोर्ट ग्रुप मीटिंग आयोजित करने के सम्बंध में एक पत्र प्राप्त हुआ है। इसके तहत बैठक आयोजित करने को ले तैयारियां शुरू कर दी गई है।

सभी प्रखंड मुख्यालय पर इन लोगों के साथ आयोजित करनी है टीबी पेशेंट स्पोर्ट ग्रुप मीटिंग :
उन्होंने बताया कि 24 मार्च को विश्व यक्ष्मा दिवस मनाया जाता है । इसको देखते हुए पूरे मार्च महीने तक केयर इंडिया की जिला टीम के सहयोग से जिले के सभी प्रखण्ड मुख्यालय पर टीबी पेशेंट स्पोर्ट ग्रुप मीटिंग के माध्यम से निर्वाचित जनप्रतिनिधि, धार्मिक संस्थाओं के प्रमुख, टीबी चैंपियन, ट्रीटमेंट स्पोर्ट के साथ ही प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों जैसे मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, बीडीओ, सीडीपीओ, बीआरपी, बीईओ, एचएम, एमओ आयुष / एचडब्ल्यूसी के साथ राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सुविधाओं और निक्षय पोषण योजना के बारे में जानकारी दी जानी है।

लेबर रूम में तैनात जीएनएम एवं एएनएम के लिए वरदान साबित हो रहा है अमानत का प्रशिक्षण

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– जटिल स्थिति में भी सामान्य तरीके से करा रही हैं बेहतर प्रसव, गर्भवती को मिल रही बेहतर स्वास्थ्य सेवा
– सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रति लोगों में बढ़ने लगा है विश्वास, संस्थागत प्रसव को देने लगे हैं प्राथमिकता

बेगूसराय, 02 मार्च-

बेहतर प्रसव को सुनिश्चित करने एवं संस्थागत प्रसव को गति देने के लिए एएनएम एवं जीएनएम को दिया जाने वाला ज्योति अमानत का प्रशिक्षण जिले के एएनएम एवं जीएनएम के लिए वरदान साबित हो रहा है| प्रशिक्षण प्राप्त कर एएनएम एवं जीएनएम जटिल स्थिति में भी सामान्य तरीके से बेहतर प्रसव करा रही हैं। जिससे गर्भवती को तो प्रसव के दौरान बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिलने ही लगी वहीं संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिल रहा है। दरअसल, जब लोगों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिलने लगी तो लोग संस्थागत प्रसव को ही प्राथमिकता देने लगे हैं। जिसके कारण पूर्व की भाँति अब सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव कराने आने वाली महिलाओं की संख्या में इजाफा हुआ है। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उमड़ रही भीड़ इस बात का प्रमाण है कि यहाँ की स्वास्थ्य सेवाओं में सकारात्मक बदलाव हुए हैं ।
– अमानत प्रशिक्षण का दिख रहा है सकारात्मक प्रभाव :-
स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम शैलेश चंद्र ने बताया कि अमानत प्रशिक्षण का जिले के विभिन्न अस्पतालों में सकारात्मक प्रभाव दिख रहा है। इसका मुख्य कारण यह है कि प्रशिक्षण प्राप्त एएनएम एवं जीएनएम अब किसी भी समस्या से घबराती नहीं हैं। बल्कि, प्रशिक्षण के दौरान सीखे हुनर का सहारा लेकर बखूबी समाधान करने लगी हैं। जिसके कारण लोगों को तो बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिल ही रही है। इसके अलावा संस्थागत प्रसव को भी काफी बढ़ावा मिल रहा है। लोग अब संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता दे रहे हैं। जो कि सामुदायिक स्तर पर लोगों में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रति हुए सकारात्मक बदलाव का बड़ा संकेत है।

– बेहतर प्रसव कराने की जानकारी के लिए अमानत का प्रशिक्षण जरूरी :-
जिले के मंसुरचक पीएचसी में लेबर रूम की जिम्मेदारी संभाल रहीं एएनएम चैताली कुमारी गुप्ता ने बताया कि बेहतर प्रसव कराने की जानकारी के लिए हर एएनएम एवं जीएनएम के लिए अमानत का प्रशिक्षण जरूरी है। कुमारी गुप्ता ने अपने पिछले अनुभव को याद करते हुए बताया कि जब अमानत का प्रशिक्षण उन्हें नहीं मिला था तो प्रसव करवाने को लेकर हमेशा कठिनाई का सामना करना पड़ता था । पीएचसी में तैनात चिकित्सक के बिना प्रसव कार्य असंभव सा लगता था। पर अमानत प्रशिक्षण के बाद मुझे किसी भी कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ता है । प्रशिक्षण के दौरान मुझे बहुत कुछ नया सीखने का भी मौका मिला और आज मैं उसी प्रशिक्षण के बल पर जटिल से भी जटिल स्थिति में बेहतर प्रसव कराने के लिए खुद को सक्षम महसूस कर रही हूँ।

– अमानत प्रशिक्षण के बदौलत आज बेहतर प्रसव कराने में खुद को सक्षम महसूस करती हूँ :-
वहीं, बलिया पीएचसी में तैनात जीएनएम रूपम ने बताया कि मेरी डयूटी पीएचसी के लेबर रूम में है। मैं अमानत प्रशिक्षण कर चुकी हूँ । पीएचसी में तरह-तरह की शारीरिक समस्या से पीड़ित गर्भवती प्रसव के लिए आती हैं। जिसका प्रसव कराने के दौरान अमानत प्रशिक्षण में सीखे गये हुनर का काफी सहयोग मिलता है और उसी के बदौलत मैं जटिल स्थिति में भी बेहतर तरीके से प्रसव कराने में खुद को सक्षम महसूस करती हूँ। इसलिए, मैं दावे के साथ कहती हूँ कि बेहतर तरीके से सामान्य प्रसव कराने के लिए अमानत प्रशिक्षण करना जरूरी है।

इस्माइलपुर प्रखंड के छोटी परबत्ता में लगा अंतरा कैंप

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-कैंप में 30 लाभुकों को एएनएम ने लगाई सुई
-परिवार नियोजन को लेकर चल रहा संचार अभियान

भागलपुर, 2 मार्च-
परिवार नियोजन को लेकर जिले में संचार अभियान चल रहा है. इसके तहत तरह- तरह के आयोजन किए जा रहे हैं. कहीं पर रैली निकाली जा रही है तो कहीं पर परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री का वितरण किया जा रहा है. इसके तहत मंगलवार को इस्माइलपुर प्रखंड के छोटी परबत्ता में अंतरा कैंप लगाया गया, जिसमें 30 लाभुकों को एएनएम कल्याणी कुमारी, रूबी कुमारी और शीला कुमारी ने अंतरा की सुई लगाई. अस्थाई संसाधनों में अंतरा की सुई बहुत ही सुरक्षित-
मौके पर मौजूद इस्माइलपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ राकेश रंजन ने कहा कि परिवार नियोजन को लेकर तमाम तरह के कार्यक्रम किए जा रहे हैं. लाभुकों को इसके फायदे गिनाए जा रहे हैं. अस्थाई संसाधनों में अंतरा की सुई बहुत ही सुरक्षित है. एक बार सुई ले लेने के बाद 3 महीने तक महिलाएं गर्भधारण से बची रह सकती हैं. साथ ही इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है. लाभुकों को इससे कोई परेशानी भी नहीं होती है. इसलिए हमलोग परिवार नियोजन को लेकर अंतरा की सुई लगवाने की सलाह देते हैं. इस दौरान जितेंद्र कुमार सिंह, शैलेंद्र कुमार, सुरेश कुमावत, मोहम्मद अलीउद्दीन काजिम, भीम सिंह, कमलेश कुमार और सुमित कुमार भी मौजूद रहे.

एक बच्चे वाले दंपति की हुई काउंसिलिंग: मौके पर मौजूद केयर इंडिया के एफपीसी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि इस दौरान एएनएम ने एक बच्चे वाले दंपति की काउंसिलिंग की. उन्हें समझाया कि दूसरे बच्चे के बीच तीन साल का अंतराल जरूर रखें. तीन साल का अंतराल रखने से जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ रहता है. साथ ही बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है, जिससे कि वह भविष्य में होने वाली बीमारियों से लड़ने में सक्षम रहता है.
अस्थाई संसाधनों पर दिया जा रहा जोर: जितेंद्र कुमार ने बताया कि संचार अभियान के तहत परिवार नियोजन के लिए जो भी कार्यक्रम चल रहे हैं, उसमें अस्थाई संसाधनों पर जोर दिया जा रहा है. लोगों के बीच कंडोम का वितरण किया जा रहा है तो लाभुकों को टेबलेट भी दिया जा रहा है. उन्हें इसके इस्तेमाल के तरीके भी बताए जा रहे हैं.

31 मार्च तक चलेगा संचार अभियान: केयर इंडिया के सहयोग से जिले भर में 31 मार्च तक संचार अभियान कार्यक्रम चलाया जाएगा. इसके तहत सभी लाभुकों को परिवार नियोजन की जानकारी दी जा रही है. परिवार नियोजन से होने वाले फायदे के बारे में भी बताया जा रहा है. गांव-गांव में कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं. लोग इसे हाथोंहाथ ले रहे हैं और इसका बहुत ही सकारात्मक प्रभाव भी पड़ रहा है

टीबी को मात देकर संजू जगा रही जागरूकता की अलख टीबी मरीजों के लिए बनीं प्रेरणा स्रोत

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– समाज की उपेक्षा को दरकिनार कर जिंदगी की जंग से नहीं हारी हिम्मत

जमुई-
‘‘मैं टी.बी. से जीत पा चुकी हूँ और पूरी तरह से स्वस्थ हूँ. जबकि अपने ही परिवार के कुछ सदस्यों ने जाँच के बाद टी.बी. की जानकारी मिलते ही घृणा और उपेक्षा से मुझे देखते थे और दूरियां बनाने लगे थे’’ यह कहना है जिले के खैरा प्रखंड के उन्नीस वर्षीय टी.बी. चैंपियन संजू कुमारी का | इन्होंने विगत दो वर्षों तक डॉट्स के अंतर्गत टी.बी. से मुक्त होने के लिए दवाई खायी और अब दूसरे मरीजों को सीधे जिला यक्ष्मा केंद्र से जुड़ने की सलाह देती हैं |
संजू कुमारु दो वर्ष पूर्व करीब दो सप्ताह से अधिक समय तक घबराहट, साँस लेने में दिक्कत एवं शाम के समय बुखार और खांसी में आये बलगम में खून की बूंदें जैसे लक्षणों को देख खैरा स्थित एक निजी चिकित्सक से इलाज कराने लगे| उचित जानकारी के अभाव में पंद्रह दिनों तक दवाई खाने से राहत मिलने के साथ ही वह आगे का इलाज नहीं करवाई | पुनः एक महीने के बाद उपरोक्त लक्षण आने के साथ ही पूर्णतः अस्वस्थ हो गयी | इसके बाद उसके पिता शम्भु केशरी एवं परिवार के अन्य सदस्यों ने पटना में एक निजी चिकित्सक से इलाज कराने के क्रम में टी.बी. होने की पुष्टि हुई और उक्त चिकित्सक द्वारा एनएमसीएच में जाने की सलाह दिए | वहां डॉट्स से जोड़ते हुए उन्हें जिला यक्ष्मा केंद्र रेफर कर दिया गया | इसके पश्चात एक हफ्ते तक की दवा खाते ही संजू सामान्य जैसी स्थिति महसूस करने लगी तब तक वह एमडीआर की श्रेणी में पहुँच चुकी थी और पुरे दो वर्षों तक नियमित दवा लेती रही और आवश्यक जाँच भी कराती रही | इस पर उसके उनके पिता कहते हैं उन्होंने तो संजू को पटना ले जाने के क्रम में उनके पूर्णतः ठीक हो जाने की उम्मीद ही छोड़ दी थी लेकिन उनके आत्मबल और नियमित दवाई के उपयोग के बदौलत ही वह अपनी बेटी को पुनः स्वस्थ देख पाए हैं. इसके लिए वह सर्वशक्तिमान के आभारी हैं |

वरीय टी.बी. पर्यवेक्षक विजय कुमार बताते हैं चैंपियन संजू कुमारी सेकंड लाइन ट्रीटमेंट के तहत टी.बी. की दवा डॉट्स लेने में स्वयं ही विशेष एक्टिव होकर ली हैं और वह अब पूर्णतः स्वस्थ होकर औरों को भी प्रशिक्षित करने में एक चैंपियन की तरह अग्रणी भूमिका निभाती हैं |
टी.बी. मुक्त वाहिनी से जुड़कर करती हैं जागरूक :
टी. बी. चैंपियन सह समाजसेवी राजीव रावत कहते हैं संजू कुमारी अब लगातार टी.बी. मुक्त वाहिनी संस्था के साथ जुड़कर अन्य मरीजों को नियमित तौर डॉट्स और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध साग-सब्जीयों के उपयोग के लिए जागरूक कर रही हैं | वह सभी लोगों को मास्क लगाने एवं 2 गज की दूरी एवं व्यक्तिगत स्वच्छता को अनिवार्य तौर पर अपनाने के लिए भी कहती हैं ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण से भी बचा जा सके |
अवर चिकित्सा पदाधिकारी सह संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. रमेश प्रसाद ने बताया कि संजू कुमारी प्रथम स्तर की टी.बी. की दवा जो निर्धारित छः माह तक खानी होती है, इसमें अनियमितता होने की वजह से वह मल्टी-ड्रग रेजिस्टंट हो चुकी थी। इसलिए उनका द्वितीय स्तर का इलाज जो 2 वर्षों तक चला, अब वो टी.बी. मुक्त हो चुकी हैं

मेरे राजनैतिक सफलता का सूत्र बना अणुव्रत -अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री

आज दुनिया को अणुव्रत की जरूरत – वेद प्रताप वैदिक, वरिष्ठ पत्रकार व लेखक

– देश विदेश में 500 अणुव्रत एंबेस्डर्स तैयार कर इस जीवन शैली का व्यापक प्रसार किया जाएगा

-73 वां अणुव्रत स्थापना दिवस पर देश भर में मीडिया के साथ अणुव्रत संवाद*

नई दिल्ली:

73 वें अणुव्रत स्थापना दिवस पर आज कांस्टीट्यूशन क्लब नईदिल्ली में देश भर के आए मीडिया के साथ अणुव्रत संवाद का आयोजन किया गया। इस खास कार्यक्रम में अपने संदेश में केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि अणुव्रत का मतलब है नैतिकता को अपने जीवन में उतारना। आज के समय में अणुव्रत व्रत सभी को लेने की जरूरत है। उन्होंने संदेश में कहा कि अणुव्रत हमें अध्यात्म से भी जोड़ता है जिससे हम दूर चले जा रहे हैं।

मेघवाल ने बताया किसी प्रकार अपने राजनैतिक जीवन में अणुव्रत का अपनाकर उन्होंने सफलता अर्जित की है। उन्होंने कहा कि वे अपने चुनाव प्रचार में शराब और पैसे नहीं बांटने का संकल्प ले चुके हैं। उनका यह संकल्प उनकी जीत में सहयोगी बना है।

इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद वरिष्ठ पत्रकार व लेखक श्री वेद प्रताप वैदिक ने अणुव्रत से अपने जुड़ाव को बताते हुए कहा कि हम अणुव्रत से जुड़े हैं और इनके संदेश को जनजन तक पहुंचाने के लिए लगातार लोगों को प्रेरित करते रहे हैं। वेद प्रताप वैदिक ने अणुव्रत के महत्ता और आचार्य तुलसी के बारे में बताते हुए कहा कि हमलोगों के गौरव की बात है कि लाखों लोगों ने अणुव्रत को अपनाया है। आज दुनिया को अणुव्रत की जरूरत है इन्होंने कहा कि दक्षेस देशों में हम अणुव्रत की बात को विशेष बल देंगे।

वेद प्रताप वैदिक ने लोगों से अपने हस्ताक्षर भी अपनी मातृभाषा में करने का अनुरोध किया। छोटे संकल्प लीजिए और बेहतर जीवन पाइए। वेद प्रताप वैदिक ने शाकाहार के महत्ता पर खास जोर दिया।

इस मौके पर अणुव्रत विश्व भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संचय जैन ने कहा कि सात दशक से निरंतर चल रहे अणुव्रत आंदोलन की प्रासंगिकता स्वत सिद्ध है। आज बढ़ती भोगवादी संस्कृति के चलते व्यक्तिगत, सामाजिक और वैश्विक स्तर पर जो समस्याएं खड़ी हो रही है उनका समाधान अणुव्रत की संयम प्रधान जीवन शैली में निहित है। जैन ने बताया कि देश विदेश में 500 अणुव्रत एंबेस्डर्स तैयार कर इस जीवन शैली का व्यापक प्रसार किया जाएगा।

इस मौके पर अणुव्रत विश्व भारती के प्रकल्प के 15 पोस्टर जारी किए गए। जिनमें अणुव्रत जीवन शैली, बाल संस्कार निर्माण के लिए जीवन विज्ञान और अणुव्रत बालोदय, अणुव्रत संसदीय मंच, अणुव्रत लेखक मंच, चुनाव शुद्धि अभियान, नशा मुक्ति अभियान, पर्यावरण जागरूकता आदि प्रमुख हैं।

पत्रकारों के प्रश्नों का जवाब देते हुए अणुविभा के न्यासी श्री तेज करण सुराणा ने कहा कि अणुव्रत द्वारा आयोजित दस अंतरराष्ट्रीय शांति सम्मेलनों में विदेशी विद्वानों की सहभागिता यह सिद्ध करती है कि वे स्वयं पश्चिमी जीवन शैली से असंतुष्ट हैं। उपाध्यक्ष अविनाश नाहर ने पारिवारिक हिंसा से प्रश्न का जवाब देते हुए अणुव्रत के नशामुक्ति अभियान की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लिया कोविड-19 का टीका

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• उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद एवं रेनू देवी ने भी कराया टीकाकरण
• टीकाकरण के तीसरे चक्र की हुई शुरुआत
पटना-
कोविड-19 महामारी से बचाव हेतु राज्य में 16 जनवरी से टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है. आज 1 मार्च से तीसरे चरण में 60 वर्ष या उससे ऊपर के लगभग 1.10 करोड़ नागरिकों एवं 45 से 59 वर्ष के लगभग 16 लाख वैसे नागरिकों का टीकाकरण किया जाना है जो को-मोर्बीडीटीस से ग्रसित हैं.
टीकाकरण सभी के लिए है जरुरी:
आज पटना स्थित इंदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संसथान में राज्य के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने कोविड-19 टीका का पहला डोज लिया. इस अवसर पर उन्होंने टीकाकरण को सभी के लिए जरुरी बताते हुए टीकाकरण के उपरांत भी मास्क का नियमित उपयोग और हाथों की नियमित सफाई पर बल दिया.
कोविड टीकाकरण है पूरी तरह सुरक्षित:
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने भी टीकाकरण कराया और लोगों को सन्देश दिया टीकाकरण एक सामान्य प्रक्रिया है और सभी निश्चिंत होकर टीकाकरण कराएं. किसी भी तरह के नकारात्मक विचार अपने मन में न आने दें और कोरोना के खिलाफ लड़ाई में खुद को सुरक्षित रखें.
स्वदेशी निर्मित टीका लेना है गर्व की बात:
उपमुख्यमंत्री रेनू देवी ने टीकाकरण के उपरान्त प्रधानमंत्री, वैज्ञानिकों एवं तमाम चिकित्सकों को धन्यवाद देते हुए स्वदेशी निर्मित टीका लेने पर ख़ुशी जाहिर की और कहा हमारे देश में निर्मित वैक्सीन दुनिया के कई देशों में उपलब्ध करायी जा रही है जो गर्व की बात है.
इस अवसर पर बिहार के ऊर्जा एवं योजना विकास मंत्री श्री विजेंद्र प्रसाद यादव, श्री विजय कुमार चौधरी शिक्षा एवं संसदीय कार्य मंत्री, बिहार स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, राज्य स्वास्थ समिति के कार्यपालक निदेशक श्री मनोज कुमार, प्रशासी पदाधिकारी श्री हेमंत कुमार सिंह समेत स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी गण उपस्थित थे।

सूर्यगढ़ा और हलसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर टीकाकरण केंद्र को आधुनिक टीकाकरण कॉर्नर के रूप में किया गया विकसित

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– जिले के सिर्फ दो ही जगह के टीकाकरण केंद्र को किया गया है विकसित

– वित्तिय वर्ष 2020 – 21 एनएचएम/एफएमआर के अनुसार प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आधुनिक टीकाकरण कार्नर को किया जाना है विकसित

लखीसराय-

जिले के दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सूर्यगढ़ा और हलसी पर कार्यरत नियमित टीकाकरण केंद्र को मॉडर्न टीकाकरण कॉर्नर के रूप में विकसित किया गया है। राज्य के सभी नियमित टीकाकरण केंद्र को उत्क्रमित कर सभी केंद्रों में एकरूपता बनाए रखने के उद्देश्य राज्य के 230 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को आधुनिक टीकाकरण कॉर्नर के रूप में विकसित किया जा रहा है।

जिले के जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार भारती ने बताया कि जिले के सूर्यगढ़ा और हलसी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर कार्यरत नियमित टीकाकरण केंद्र को उत्क्रमित कर आधुनिक टीकाकरण कॉर्नर के रूप में विकसित किया गया है। उन्होंने बताया कि जिले के दो सीएचसी या पीएचसी में से सिर्फ दो का चयन मॉडर्न टीकाकरण कॉर्नर के रूप किया जाना था। इसी के तहत जिले के दोनों सीएचसी का चयन मॉडर्न टीकाकरण कॉर्नर के रूप में किया गया है।
सभी टीकाकरण केंद्रों में एकरूपता को ले मॉडर्न टीकाकरण कॉर्नर में होनी चाहिए ये सुविधाएँ :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया कि सभी जगह एकरूपता बनाये रखने के लिए कमरे की दीवार को रोबिन ब्लू रंग से पेंट किया जाना आवश्यक है। इसके साथ ही कमरे की छत पर फ़ैज़ कूलिंग एलईडी लगाया जाना है। इसके अलावा कमरे का वायरिंग कवर्ड होना चाहिए । साथ ही मॉड्यूलर स्वीच एवं बोर्ड भी लगाना आवश्यक है। बताया कि मॉडर्न टीकाकरण कॉर्नर में एयर कंडीशनर के साथ ही कमरे की दीवारों पर टीकाकरण से संबंधित सिग्नेट्स विनाइल बोर्ड पर असिलाइने बैक के साथ स्टीलनेस स्टैंड ( 3′ x 2′) में लगाकर फिक्स किया जाय।
उन्होंने बताया कि टीकाकरण कक्ष के बाहर दरवाजे पर मॉडर्न इम्युनाइजेशन कॉर्नर ( एमआईसी) का नाम एवं स्थान के साथ ही बिहार सरकार एवं एनएचएम के लोगो के साथ लाइट के साथ सिग्नेट्स लगाना है। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही गोदरेज का एक अलमीरा, एक टेबल, एक रिवोल्विंग स्टील स्टूल, एक आरामदायक कुर्सी और प्रतीक्षा कर रहे लाभार्थी के परिजनों के लिए तीन सीट वाला 2 पीस स्टेनलेस स्टील के साथ ही कलर कोटेड डस्टबिन का होना अति आवश्यक है।

जिले में तीसरे चरण का वैक्सीनेशन अभियान हुआ शुरू

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– वृद्धावस्था वाले वृद्ध को दिया गया वैक्सीन, उत्साह के साथ कराया वैक्सीनेशन

– सीएम को वैक्सीन लेने के बाद जिले में भी शुरू हुआ वैक्सीनेशन अभियान

खगड़िया, 01 मार्च, 2021
कोविड-19 संक्रमण वायरस को जड़ से मिटाने के लिए जिले में पूरे जोर- शोर से वैक्सीनेशन महाअभियान जारी है। जिसे गति देने में स्वास्थ्य विभाग ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। सोमवार सीएम नीतीश कुमार को कोविड-19 का वैक्सीन लेने के बाद निर्धारित तिथि के अनुसार खगड़िया जिले में भी तीसरे चरण का वैक्सीनेशन अभियान शुरू हो गया। इस चरण में 60 वर्ष के सामान्य एवं बीमार वृद्धों का भी वैक्सीनेशन होना है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी सारी तैयारियाँ पूरी कर ली है। इस चरण में स्वास्थ्य विभाग की पूरी कोशिश है कि एक भी लोग वैक्सीन लगवाने से वंचित नहीं रहें। जिससे कि कोविड-19 वायरस संक्रमण को जड़ से मिटाया जा सके।

– निर्धारित समय पर पूरा होगा वैक्सीनेशन अभियान का लक्ष्य :-
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया कि तीसरे चरण का वैक्सीनेशन अभियान का लक्ष्य भी हर हाल में तय एवं निर्धारित समय पर पूरा कर लिया जाएगा। इसको लेकर सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई है और जिले के सभी पीएचसी प्रभारी को भी इसको लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। ताकि वैक्सीनेशन अभियान का सफल संचालन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

– वैक्सीन लेने के बाद लोगों में दिखा उत्साह :-
वहीं, केयर इंडिया के आईसीटी उदय कुमार ने बताया कि शुरू तीसरे चरण का वैक्सीनेशन अभियान के दौरान वैक्सीन लेने के बाद वैक्सीन लेने वाले वृद्धों में काफी उत्साह दिखा। जो भविष्य के लिए शुभ संकेत है। सभी लोगों ने निर्धारित समय पर वैक्सीनेशन सेंटर पहुँचकर उत्साह के साथ वैक्सीन लिए।

– पूरी तरह सुरक्षित है वैक्सीन :-
वहीं, वैक्सीन लेने के बाद वैक्सीन लेने वाले वृद्धों ने कहा कि पूरी तरह वैक्सीन सुरक्षित हैं। मेरी बारी आई तो मैंने वैक्सीन ली और पूरी तरह स्वस्थ हूँ। इसलिए, आप भी अपनी बारी आने पर वैक्सीन जरूर लगवाएं।

– कोविड-19 से स्थाई निजात का एकमात्र उपाय है वैक्सीन, इसलिए वैक्सीनेशन से नहीं करें परहेज :-
कोविड-19 से स्थाई निजात का एकमात्र उपाय वैक्सीन ही है। इसलिए, वैक्सीनेशन से परहेज नहीं करें, बल्कि उत्साह के साथ वैक्सीनेशन कराएं। इससे आप तो स्वस्थ होंगे ही साथ ही आपका परिवार और समाज भी सुरक्षित रहेगा । इसलिए, इस मौका को छोड़े नहीं, बल्कि इसे अवसर समझकर इसका लाभ लें। क्योंकि, यदि एक बार मौका छूट जाएगा तो फिर दुबारा ऐसा मौका नहीं मिलेगा। आने वाले दिनों में इतनी आसानी के साथ वैक्सीन नहीं मिलेगी।

– दूसरा डोज का भी वैक्सीनेशन अभियान रहा जारी :-
इधर, दूसरा डोज का भी वैक्सीनेशन अभियान जारी रहा। जिसमें वैक्सीन का पहला डोज ले चुके जिन व्यक्तियों का 28 दिन सोमवार को पूरा हुआ, उन्हें वैक्सीन का दूसरा डोज दिया गया।

– इन मानकों का रखें ख्याल, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– दो गज की शारीरिक दूरी का हमेशा रखें ख्याल ।
– मास्क का नियमित रूप से करें उपयोग ।
– साफ-सफाई का भी रखें विशेष ख्याल ।
– बाहरी खाना खाने से करें परहेज ।
– घर से बाहर निकलने पर निश्चित रूप से सैनिटाइजर का करें उपयोग।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों पर जाने से करें परहेज ।

बांका सदर अस्पताल में बीमारों और बुजुर्गों को लगे कोरोना के टीके

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-60 साल से अधिक उम्र के लोगों को पड़ा टीका
-45 से 59 साल के बीमारों को भी लगाया गया टीका
-40 लोगों को पड़ा कोरोना का टीका
बांका, 1 मार्च
जिले में कोरोना टीकाकरण के तीसरे चरण का आगाज सोमवार को हो गया. इसके तहत 45 से 59 साल के बीमारों और 60 साल के बुजुर्गों को कोरोना के टीके लगाए गए. टीका पड़ने के बाद स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने 30 मिनट तक सभी लोगों की निगरानी की.

40 लोगों को पड़ा कोरोना का टीका:
अस्पताल मैनेजर अमरेश कुमार ने बताया कि सोमवार को बुजुर्गों और बीमारों के साथ फ्रंटलाइन वर्करों को भी कोरोना के टीके लगाए गए. कुल मिलाकर 40 लाभुकों को कोरोना का टीका का पहला डोज लगाया गया. एएनएम राजकुमारी ने सभी लाभुकों को कोरोना का टीका लगाया.

ऑनस्पॉट रजिस्ट्रेशन की भी थी व्यवस्था;
अस्पताल मैनेजर अमरेश कुमार ने बताया कि टीकाकरण के लिए आने वाले बीमारों और बुजुर्गों के लिए ऑन स्पॉट रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था थी. साथ में लाभुक अपने से भी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. रजिस्ट्रेशन के बाद लाभुक कागजात के साथ सदर अस्पताल के अंदर पहुंचे जहां पर उनका टीकाकरण किया गया.

पूरी तरह से सुरक्षित है कोरोना का टीका:
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि कोरोना का टीका पूरी तरह से सुरक्षित है. मैंने भी कोरोना का टीका लिया. अब मैं पूरी तरह से सुरक्षित हूं. टीका लेने पर किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है. मुझे कोई नुकसान नहीं हुआ और अब मैं कोरोना के खतरे से मुक्त हूं. इसलिए आप भी कोरोना का टीका लेने में उत्साह दिखाएं. आप भी सुरक्षित हो जाएंगे.
कोरोना की गाइडलाइन का पालन भी जरूरी:
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग पूरी मुस्तैदी से लड़ाई लड़ रहा है. पहले जांच फिर इलाज के बाद अब टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है. उम्मीद है कि हमलोग जल्द ही कोरोना पर विजय पा लेंगे. जब तक कोरोना पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता है, तब तक सभी लोगों को इसकी गाइडलाइन का पालन जरूरी तौर पर करना चाहिए. जब सभी लोगों का टीकाकरण हो जाएगा, तब हमलोग कोरोना से पूरी तरह से निजात पा लेंगे