AIIMS में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगवाई कोरोना वैक्सीन, देश को कोविड मुक्त बनाने की आग्रह की

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कोरोना वायरस का कहर कितना ख़ौफनाक हैं यह मंज़र हमारा देश बेहद क़रीब से देख चुका हैं और अब कहीं वापस कोरोना वायरस अपना पैर हमारे शहर में ना पसार लें इसका चिंता सबको सता रहा हैं। कोरोना वायरस के वजह से पूरे देश में हहाकार मचा हुआ हैं लोग भयभीत हैं और सबसे बड़ी डराने वाली बात फेक ख़बरें हैं जो सोशल मिडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहें हैं ऐसे ख़बरों को लेकर लोगो के मन में तमाम तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी का दिल्‍ली के एम्‍स में टीकाकरण

किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें

सोशल मिडिया पर कोरोना के डरावने और गलत ख़बरें पढ़ने के बाद लोगो के अंदर डर और दहशत का माहौल पैदा हो रहा हैं लोग सोशल मिडिया पर वायरल हो रहे फेक न्यूज़ के वजह से सही चीज़ों को भी गलत नज़रिए से देख रहें हैं। अब लोगों के इसी अटकलों को दूर करने के लिए देश के प्रधानमंत्री ने सोमवार को राजधानी दिल्ली के AIIMS में कोविड-19 वैक्सीन की पहली डोज लगवाई। और देश के सभी लोगों से अपने सोशल मिडिया के जरिए अपिल भी किया। ताकि लोग कोरोना वायरस के इस जंग से लड़ रहें सभी लोग पूरी तरह से जागरूक हो कर अफवाहों पर ध्यान नहीं देकर, कोविड-19 वैक्सीन की डोज लें।

प्रधानमंत्री ने कोविड-19 टीकाकरण के बाद देशवासियों से किया यह अपिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ने ट्विटर के जरिए ट्वीट किया, “मैंने एम्स में कोविड-19 वैक्सीन का पहला डोज ले लिया। कोविड-19 के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत करने में हमारे डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने जितनी तेजी से काम किया, वह उल्लेखनीय है।” पीएम ने लोगों से वैक्सीन लेकर भारत को कोविड महामारी से मुक्त करने में सहयोग की गुहार लगाई। उन्होंने कहा, “मैं उन सभी से वैक्सीन लेने का आग्रह करता हूं जो इसके लिए योग्य हैं। आइए, हमसब मिलकर भारत को कोविड-19 मुक्त बना दें।”

कोरोना टीकाकरण का आज से दूसरा चरण शुरू

कोरोना वैक्सीनेशन का दूसरा चरण देश में आज से शुरू हो गया हैं। कोरोना टीकाकरण के इस दूसरे चरण में अब 60 साल से ज्यादा उम्र के लोग और अन्य बीमारियों से पीड़ित 45 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग वैक्सीन ले सकेंगे। सरकार ने इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। खास बात यह है कि इस बार सरकारी के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। निजी अस्पतालों में वैक्सीन के एक डोज की कीमत केंद्र सरकार ने अधिकतम 250 रुपये तय की है। सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन पहले की तरह फ्री रहेगी।

अब आरोग्य सेतु से भी होगा रजिस्ट्रेशन

यदि कोई भी नागरिक टीकाकरण के लिए पंजीकरण करवाना चाहता हैं तो वो बहुत ही आसानी से करवा सकता हैं। किसी भी समय कोई भी नागरिक और टीकाकरण के लिए पंजीकरण और बुकिंग को-विन2.0 पोर्टल का उपयोग करके या आरोग्य सेतु जैसे अन्य आईटी ऐप्लिकेशन के माध्यम से कर सकेंगे। इसके अलावा ऑन-साइट पंजीकरण की सुविधा भी होगी ताकि पात्र लाभार्थी चिन्हित टीकाकरण केंद्रों में जाकर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।

देशभर में कोरोना टीकाकरण की रफ़्तार हुई तेज़, इन प्रमुख हस्तियों ने लगवाई वैक्‍सीन

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New delhi: कोरोना टीकाकरण का देश में सोमवार को दूसरे चरण का शुरुआत हो गया। आपको बता दें कि 60 वर्ष से बुजुर्गों और 45 वर्ष से अधिक गंभीर बीमारी से पीड़‍ितों को वैक्‍सीन लगाई जा रही है। निजी अस्‍पतालों में 250 रुपये शुल्‍क के साथ और सरकारी अस्‍पतालों में मुफ्त कोविड-19 का टीकाकरण लगाई जा रही है। एम्‍स में सोमवार के सुबह पीएम मोदी ने दिल्‍ली जाकर कोविड-19 वैक्सीन की डोज ली। पीएम मोदी लगभग सुबह 7.30 बजे एम्स पहुंच गए थे, ताकि अस्पताल में ओपीडी शुरू होने पर मरीजों के आवगमन में कोई परेशानी न हो।

पीएम नरेंद्र मोदी का दिल्‍ली के एम्‍स में टीकाकरण
नए ओपीडी ब्लाक में बने टीकाकरण केंद्र पर प्रधानमंत्री को टीका लगा। पीएम को केरल और पुडुचेरी की नर्सों ने टीका लगाया। पीएम ने उनका हालचाल पूछा। इस दौरान उन्‍होंने भारत बायोटेक की कोवैक्सीन लगवाई। इस टीके को मंजूरी दिए जाने पर विपक्ष ने सवाल उठाया था। इसके जरिए उन्‍होंने इस वैक्‍सीन के आलोचकों को जवाब दे दिया। इसे लेकर पीएम ने ट्वीट भी किया। और सभी देशवासियों को कोरोना वैक्सीन का डोज लेने के लिए अपिल भी किया।

मोदी के अलावा उपराष्‍ट्रपति एम वेंकैया नायडू वैक्सीन की पहली खुराक ली

पीएम मोदी के अलावा उपराष्‍ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने चेन्‍नई के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में कोविड वैक्सीन की पहली खुराक ली। अगली खुराक 28 दिन के बाद लगाई जाएगी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन मंगलवार को वैक्सीन लगवाएंगे। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा जो लोग पैसे दे सकते हैं, उनको पैसे देकर वैक्सीन लगवानी चाहिए। चाहे वह मंत्री हो या सांसद हो या कोई भी व्यक्ति हो। हर्षवर्धन ने कहा कि पीएम मोदी ने आज वैक्सीन लगवाकर एक अच्छा उदाहरण पेश किया है, ताकि लोग आगे बढ़ कर के वैक्सीन लगावाएं। जो भ्रम और गलत बातें की जा रही थी, वह सब दूर हो गई हैं। प्रधानमंत्री ने स्वदेशी वैक्सीन लगवाई है।

बिहार के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने लगवाई वैक्सीन की डोज

बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने सोमवार को पटना के आइजीआइएमएस अस्पताल में कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक लगवाई। नीतीश कुमार ने कोविशील्ड वैक्सीन लगवाई।

उनके दोनों उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी ने भी वैक्सीन लगवाई। बता दें कि बिहार में नीतीश सरकार ने सभी को मुफ्त वैक्सीन देने का ऐलान किया है। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी सोमवार को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाई।

बीमारों और बुजुर्गों को लगा कोरोना का टीका

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जिले में टीकाकरण के तीसरे चरण की हुई शुरुआत
रविवार रात से शुरू हो गई थी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया
भागलपुर, 1 मार्च
जिले में कोरोना टीकाकरण के तीसरे चरण की शुरुआत सोमवार को हो गई. पहले दिन सिर्फ ग्लोकल अस्पताल में बीमारों और बुजुर्गों को कोरोना का टीका लगाया गया. उम्मीद है कि मंगलवार से अन्य केंद्रों पर भी बीमारों और बुजुर्गों को कोरोना का टीका लगाया जाएगा. जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मनोज कुमार चौधरी ने बताया कि सरकार से आए निर्देश के मुताबिक सोमवार को सिर्फ ग्लोकल अस्पताल में बीमारों और बुजुर्गों को कोरोना के टीके लगाए गए. उन्होंने बताया कि साठ साल पूरा करने वाले बुजुर्गों और 45 से 59 साल के बीमारों का टीकाकरण किया गया. इस टीके पर लगने वाले शुल्क को राज्य सरकार वहन करेगी.
रविवार रात से ही पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई थी:
डीआईओ ने बताया कि रविवार रात 9 बजे से पोर्टल पर बीमारों और बुजुर्गों को कोरोना टीका लगवाने के लिए जरूरी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी. उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन कराने वाले को तो मुफ्त में टीका लगेगा ही, साथ ही जो व्यक्ति ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन कराएंगे उन्हें भी टीका लगाया जाएगा. इसके अतिरिक्त जागरूकता  के जरिए टीकाकरण केंद्र पर लाए गए बीमारों एवं बुजुर्गों को भी टीका लगाया जाएगा.
सदर और मायागंज अस्पताल में लगा बूस्टर डोज:
 जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया कि इसके अलावा सदर और मायागंज अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना टीका का बूस्टर डोज लगाया गया. जिन लोगों को कोरोना टीका का बूस्टर डोज लगाया गया, उनकी टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी हो गई और अब वह कोरोना से सुरक्षित हो गए. हालांकि उन्होंने फिर भी कोरोना की गाइडलाइन का पालन करने की सलाह दी गयी .
पूरी तरह से सुरक्षित है कोरोना का टीका: जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया कि कोरोना का टीका पूरी तरह से सुरक्षित है. टीका लेने के बाद आप कोरोना से सुरक्षित हो जाएंगे. इसलिए किसी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं दें और टीकाकरण में उत्साह दिखाएं. स्वास्थ्यकर्मियों, फ्रंटलाइन वर्करों के बाद अब बीमारों और बुजुर्गों को कोरोना का टीका लगाया जा रहा है. इसके बाद आम लोगों की भी बारी आएगी. सभी लोगों को जब कोरोना का टीका लग जाएगा तब कोरोना की चेन टूटेगी और हमलोग इस पर विजय पा लेंगे.

जिले में जन-आंदोलन के रूप में टीबी उन्मूलन के लिए चलेगा अभियान

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• “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” स्लोगन के तहत होगा प्रचार प्रसार
• केयर इंडिया की टीम करेगी सहयोग
• निक्षय योजना के प्रति किया जाएगा जागरूक
• 2025 तक टीबी मुक्त होगा देश

भागलपुर,1 मार्च –

भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025 तक टीबी उन्मूलन के लिए निर्धारित महत्वाकांक्षी लक्ष्य की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण स्वाभाविक रूप से आघात पहुंचा है। अब स्वास्थ्य विभाग ने टीबी उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग के द्वारा मार्च महीने को जन आंदोलन के रूप में मनाया जाएगा। इसको लेकर राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, यक्ष्मा ने सभी उपाधीक्षक सह सहायक अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी संचारी रोग को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया है। जारी पत्र में कहा गया है कि टीबी हारेगा देश जीतेगा अभियान को जन आंदोलन के रूप में चलाया जाएगा। जिसके तहत प्रखंड स्तर पर कई गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा।

केयर इंडिया की टीम करेगी सहयोग, धर्म गुरु फैलाएंगे जागरूकता:
प्रतिवर्ष 24 मार्च को विश्व यक्ष्मा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस बार सहयोगी संस्था केयर इंडिया के द्वारा सभी प्रखंड मुख्यालयों में सहयोग किया जाएगा। इसके तहत टीबी पेशेंट सपोर्ट ग्रुप मीटिंग के माध्यम से जनप्रतिनिधि, धार्मिक संस्थाओं के प्रमुखों, टीबी चैंपियन, ट्रीटमेंट सपोर्टर, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के बीच राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं, निक्षय पोषण योजना आदि विषय पर व्यापक जानकारी दी जाएगी । कार्यक्रम के लिए केयर इंडिया के जिला प्रतिनिधि के द्वारा रोस्टर भी तैयार किया जाएगा।

वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त करने का लक्ष्य:
जन-आंदोलन अभियान के तहत प्रखंडस्तर पर टीबी पेशेंट सपोर्ट ग्रुप मीटिंग के माध्यम से जनप्रतिनिधि, धार्मिक संस्थाओं के प्रमुखों, टीबी चैंपियन, ट्रीटमेंट सपोर्टर, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) रोगी की पहचान के विषय में जानकारी दी जाएगी, ताकि यह लोग जल्द ही टीबी के लक्षणों को पहचान कर रोगी को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में भेज सकें।ऐसा करके टीबी के रोगी का जल्द से जल्द उपचार शुरू किया जा सकेगा। सरकारी अस्पतालों में टीबी के संभावित रोगियों की स्क्रीनिंग भी की जाती है। परीक्षण उपरांत रोगियों का निशुल्क उपचार किया जाता है। केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत देश को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।

हर व्यक्ति की नि:शुल्क जांच व इलाज:
जिले के सभी प्रखंडों में प्राथमिक या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी के मरीजों के इलाज की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध है। जहां पर वह अपना इलाज करा सकते हैं । इसके साथ उनको नि:शुल्क दवा भी दी जाती है। जो नजदीक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है। इससे टीबी के मरीजों को काफी सहूलियत होती है। टीबी मुक्त बनाने का संकल्प है और इसीलिए टीबी रोग की रोकथाम के विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। टीबी रोगी सघन खोज अभियान में टीबी के लक्षण मिलने पर उसके बलगम की जांच की जाती है। साथ ही टीबी रोग पर नियंत्रण करने के लिए लोगों को सावधानियां बताते हुए जागरूक करने का प्रयास भी किया गया है।

टीबी (क्षयरोग) के लक्षण:

• लगातार 3 हफ्तों से खांसी का आना और आगे भी जारी रहना
• खांसी के साथ खून का आना
• छाती में दर्द और सांस का फूलना
• वजन का कम होना और ज्यादा थकान महसूस होना
• शाम को बुखार का आना और ठंड लगना
• रात में पसीना आना

सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए आई गर्भवती महिला के एपीएच कॉम्प्लिकेशन की पहचान कर किया रेफर

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– जिले के तेघड़ा पीएचसी पर प्रसव के लिए आई कोमल कुमारी के कॉम्प्लिकेशन को जीएनएम रति रानी कुमारी और राधा कुमारी ने तत्काल पहचान करते हुए सदर अस्पताल किया रेफर

– 22 फरवरी को शाम साढ़े चार बजे के करीब तेघड़ा के करतौल वार्ड 13 निवासी भरत कुमार की 21 वर्षीय पत्नी कोमल कुमारी सुरक्षित प्रसव के लिए तेघड़ा पीएचसी में हुई भर्ती

बेगूसराय-

जिले के तेघड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कार्यरत जीएनएम नर्स रति रानी कुमारी और राधा कुमारी ने 22 फरवरी की शाम लगभग साढ़े चार बजे सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए आई 21 वर्षीय कोमल कुमारी के एन्टी पार्टम हरमैच्योर (एपीएच ) एंड फीटल डिस्टर्ब कॉम्प्लिकेशन की न सिर्फ रहते पहचान कर ली बल्कि बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल बेगूसराय रेफर भी कर दिया। मालूम हो कि प्रसूता कोमल कुमारी तेघड़ा के करतौल वार्ड 13 निवासी भरत कुमार की पत्नी है। जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर 3816/22.02.2021 है। जीएनएम रति रानी कुमारी और राधा कुमारी के द्वारा सही समय पर प्रसूता की एपीएच कॉम्प्लिकेशन की पहचान कर सदर अस्पताल बेगूसराय रेफर करने के बाद प्रसूता ने शाम साढ़े छह बजे लड़के को जन्म दिया ।

पीएचसी तेघड़ा पर कार्यरत जीएनएम रति रानी कुमारी और राधा कुमारी ने बताया कि 22 फरवरी की शाम लगभग साढ़े चार बजे आशा प्रमिका सहनी ने आकर मुझे बताया कि वो कोमल कुमारी के रूप में संस्थागत सुरक्षित प्रसव के लिए एक पेशेंट को लेकर आई है। इसके बाद जब मैं एग्जामिनेशन ट्रे औऱ केसशीट के साथ कोमल के पास गई तो देखा कि वो बहुत सुस्त है। मुझे वो डिहाइड्रेशन से पीडित दिखी, उसका शरीर भी काफी कांप रहा था। इसके बाद सेंसर थर्मामीटर लगाकर सबसे पहला टेम्परेचर लिया जो 97.6 फारेनहाइट था, पल्स रेट 60 बी/एम और बीपी 90/60 एमएमएचजी था। उसके बाद मैंने पूछा कि क्या हो रहा है तो उसके साथ आई सास ने बताया कि खून निकल रहा है। मैंने देखा कि उसका पूरा कपड़ा खून से भींगा हुआ था। फिर मैंने पूछा कि कब से खून आ रहा है तो उसकी सास ने बताया कि दोपहर बाद डेढ़ बजे से ही खून जा रहा है। फिर हमलोगों ने आइवी लाइन सेट करने के बाद आरएल लगाया और एफएचएस मिलाया और कोमल को ओ 2 इन हाफ लगाया और आइवी लाइन लगाकर तेज चलाई क्योंकि वो मुझे डिहाइड्रेट लग रही थी। इसके बाद मैंने कोमल की सास को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल बेगूसराय ले जाने की सलाह देकर रेफर फॉर्म भरने लगी। इसके बाद एम्बुलेंस की सहायता से कोमल को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। आशा से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोमल ने शाम लगभग साढ़े छह बजे एक लड़के को जन्म दिया लेकिन जन्म के बाद बाद जब बच्चा रोया नहीं तो वहां की नर्सो के द्वारा पुनर्जीवन प्रक्रिया दी गई तो बच्चे में सांस आई । बावजूद इसके वो रोया नहीं। इसके बाद बच्चे को बेहतर इलाज के लिए शिशु रोग विशेषज्ञ के पास भर्ती कराया गया जहां उसका इलाज चल रहा है और कोमल की स्थिति भी बेहतर है।

बिहार में 60 वर्ष से ऊपर के लगभग 1.08 करोड़ नागरिकों को दिया जाएगा कोविड का टीका

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• प्रथम चरण में हेल्थ केयर वर्करों को 399831 हेल्थ केयर वर्करों को प्रथम एवं 79212 को सेकंड डोज दी गई

• 1 मार्च से होगी तृतीय चरण की शुरुआत

• तृतीय चरण के लिए बना माइक्रोप्लान

पटना-

कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए राज्य में 16 जनवरी से टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। प्रथम चरण के तहत कुल 3,99,831 हेल्थ केयर वर्कर को प्रथम खुराक एवं 79212 को द्वितीय खुराक दी गई है। द्वितीय चरण के तहत कुल 1,60,496 फ्रंटलाइन वर्कर को प्रथम खुराक दी गई। इस कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार से कोविड-19 के लिए कुल 2333880 खुराक की आपूर्ति की गई है जिसमें से 664650 खुराक की खपत की जा चुकी है। 1 मार्च से तृतीय चरण की शुरुआत की जाएगी जिसमें 60 वर्ष से ऊपर के लगभग 1.08 करोड़ नागरिकों एवं 45 से 59 वर्ष के वैसे नागरिकों का टीकाकरण किया जाएगा जो किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित है।

सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर मिलेगा निशुल्क टीका:

राज्य स्वास्थ समिति के द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा गया है कि 1 जनवरी 2022 को 60 वर्ष की उम्र पूर्ण कर रहे या उससे अधिक हो वैसे सभी नागरिकों का टीकाकरण का लाभ प्राप्त होगा। टीकाकरण की व्यापकता को देखते हुए सरकारी एवं निजी अस्पतालों (आयुष्मान भारत के अंतर्गत एवं सीजीएचएस एंपेनल्ड) में टीकाकरण का कार्य किया जाएगा। 1 मार्च से शुरू हो रहे तृतीय चरण में लक्षित लाभार्थियों का टीकाकरण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक के सभी सरकारी संस्थानों में निशुल्क किया जाएगा। अगर टीकाकरण कराने के लिए निजी अस्पतालों का चयन करते हैं तो इसकी सुविधा चिन्हित निजी अस्पतालों (आयुष्मान भारत के अंतर्गत एवं सीजीएचएस एंपेनल्ड) में सशुल्क टीकाकरण की व्यवस्था की गई है।

ऑनलाइन करना होगा रजिस्ट्रेशन:

लक्षित लाभार्थी टीकाकरण की सेवा प्राप्त करने के लिए स्वयं ऑनलाइन निबंधन कर सकते हैं अथवा चिन्हित स्वास्थ्य संस्थानों में ऑनसाइट रजिस्ट्रेशन कर कोविड-19 टीकाकरण की सेवा का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए लाभार्थी के पास मोबाइल नंबर एवं सरकार द्वारा अनुमान्य ने पहचान पत्र होना अनिवार्य है। यदि लाभार्थी द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण किया जाता है तो उनके मोबाइल नंबर पर ओटीपी जाएगा। जिसके प्रविष्टि के उपरांत कोविन 2.0 पोर्टल पर सफलतापूर्वक पंजीकरण हो पाएगा। पंजीकरण के बाद पोर्टल पर लाभार्थी अपने निकटतम कोविड-19 करण केंद्र का चयन कर सकते हैं। साथ ही साथ उपलब्ध स्लॉट में से अपने लिए टीकाकरण की तिथि भी निर्धारित कर सकते हैं।

तृतीय चरण टीकाकरण के लिए बना माइक्रो प्लान:

द्वितीय चरण के टीकाकरण के लिए आवश्यक कार्य योजना बना लिया गया है। जिसके तहत 15 मार्च 2021 तक 1000, 16 मार्च से 31 मार्च तक 1200, 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक 1500 एवं 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक 1600 टीकाकरण सत्र प्रति कार्यदिवस आयोजित किया जाएगा। टीकाकरण की सेवा प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों द्वारा आधार कार्ड प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य है।

एडवोकेसी टू एक्शन: बाल अधिकारों के लिए युवा हुए एकजुट

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बच्चों के अधिकारों के प्रति एडवोकेसी के महत्व पर 200 से ज़्यादा युवाओं को जागरूक करने के लिए चाइल्ड राइट्स सेंटर-यूनिसेफ़ द्वारा कार्यशाला का आयोजन

पटना-

सार्वजनिक नीति के निर्माण को प्रभावित करने के लिए एडवोकेसी बहुत महत्वपूर्ण है. एडवोकेसी से एक व्यक्ति या लोगों के समूह के साथ प्रभावी ढंग से संवाद करने और विचार बदलने में मदद मिलती है. इसके लिए यह जरूरी है कि हमारे पास विषय के बारे में पर्याप्त जानकारी हो. हम सभी जानते हैं कि हमारे बच्चे हमारे देश के भविष्य हैं. बच्चे अपने अधिकारों के बारे में पूर्ण से जागरूक नहीं होते हैं और ना ही वह इस बारे में कोई कदम उठाने में सक्षम होते हैं। इसलिए हमें बड़ों को उनकी मदद करनी चाहिए. उक्त बातें चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की कुलपति न्यायमूर्ति मृदुला मिश्रा ने एक ऑनलाइन ओरिएंटेशन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही. इस कार्यक्रम, “फ्रॉम एडवोकेसी टू एक्शन – यूथ यूनाइट फॉर चाइल्ड राइट्स” का आयोजन चाइल्ड राइट्स सेंटर, चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी और यूनिसेफ बिहार द्वारा किया गया था.

यूनिसेफ बिहार की संचार विशेषज्ञ निपुण गुप्ता ने कहा कि हमें हर बच्चे के लिए एक बेहतर दुनिया बनाने की जरूरत है। जैसा कि महात्मा गाँधी ने कहा था – “जो बदलाव आप दुनिया में देखना चाहते हैं, आप खुद वो बदलाव अपने में लाइए”, हमें भी बदलाव की शुरुआत अपने घर से ही करनी चाहिए. उन्होंने इसके लिए जागरूकता फैलाने की जरूरत पर जोर दिया. आगे उन्होंने कहा कि युवा समूह बना कर इस दिशा में प्रभावी ढंग से कार्य किया जा सकता है.
सोशल मीडिया पर #BachcheAageBiharAage, #KidsTakeOver, #WorldChildrensDay, #ReImagine जैसे हैशटैग का भी उपयोग किया जा सकता है. यूनिसेफ़ द्वारा सिविल सोसाइटी व अन्य हितधारकों के सहयोग से शुरू किए गए YUWAAH! पहल जिसके तहत युवाओं के कौशल विकास एवं करियर निर्माण का कार्य किया जा रहा है के अलावा बिहार यूथ फॉर चाइल्ड राइट्स जैसे युवा समूह एडवोकेसी के ज़रिए बच्चों के अधिकारों को लेकर सराहनीय काम कर रहे हैं.

सीआरसी की सेंटर कोऑर्डिनेटर, शाहीना अहलुवालिया ने कहा कि सामान्य लोगों को बाल अधिकारों के बारे में संवेदनशील करना बेहद आवश्यक है. अगर आप अपने आस-पास किसी बच्चे को बाल श्रम में लिप्त पाते हैं, तो चाइल्ड लाइन नंबर 1098 पर कॉल कर सकते हैं. आपकी एक छोटी कोशिश एक बड़े बदलाव का वाहक बन सकती है.

सेव द चिल्ड्रन की कैंपेन प्रमुख, प्रज्ञा वत्स ने कहा कि देश की 40 प्रतिशत आबादी बच्चों की हैं. हम उनकी भागीदारी के बिना देश के भविष्य की कल्पना नहीं कर सकते. इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक बच्चा अपने अधिकारों को जाने और इसका उपयोग करें. आगे उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान, 300 मिलियन से अधिक बच्चे स्कूल नहीं जा सके. बच्चे के अधिकारों की रक्षा के लिए एकीकृत आवाज़ की आवश्यकता है. उन्होंने एडवोकेसी अभियान की सफलता के लिए सोशल मीडिया की प्रासंगिकता पर ज़ोर देते हुए कहा कि हमारी संस्था ने मशहूर रिटेल मार्केटिंग चैन स्नैपडील के साथ मिलकर जुलाई 2020 में #KidsNotForSale अभियान चलाया था जिससे बच्चों की तस्करी को लेगर जागरूकता फ़ैलाने में काफी मदद मिली. उनके द्वारा प्रतिभागियों को एडवोकेसी पर आधारित एक विडियो भी दिखाया गया.

यूनिसेफ बिहार के योजना निगरानी एवं मूल्यांकन विशेषज्ञ, प्रसन्ना ऐश ने कहा कि हम सभी एक पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा हैं. नीति और नियमों में किसी भी प्रकार के बदलाव के लिए जरूरतों को समझना महत्वपूर्ण है. उन्होंने एडवोकेसी के संदर्भ में डाटा और डाटा के सही इंटरप्रीटेशन पर बल दिया. साथ ही, उनके द्वारा सही सूचनाओं के लिए विश्वस्त स्रोत से ही आंकड़े लेने पर ज़ोर देते हुए कहा कि एनएफ़एचएस, यू-डाइस, नीति आयोग वेबसाइट, सेन्सस आदि से सूचनाएं एकत्रित करने के बारे में विस्तार से बताया. जब तक हम नीति बनाने के स्तर पर कदम नहीं उठाते, तब तक बदलाव नहीं लाया जा सकता.
इस कार्यक्रम के दौरान कोविड-19 टीकाकरण पर एक विशेष सत्र का भी आयोजन किया गया जिसमें यूनिसेफ बिहार के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सिद्धार्थ रेड्डी और एम्स, पटना के डॉ सी एम सिंह ने कोविड के टीके से जुड़े मिथकों के बारे में बताया और प्रतिभागी छात्र-छात्राओं के सवालों का भी जवाब दिया.
इसके बाद प्रतिभागियों के लिए एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया जिसमें सभी प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए. बच्चों के अधिकार के लिए कार्य करने वाली नेहा भारती ने कहा कि कई बच्चों को उनके अधिकारों के बारे में पता नहीं होता है. हम सभी को उन्हें अपने अधिकारों के बारे में जागरूक करना चाहिए. साथ ही, प्रतिभागियों ने एक ऑनलाइन क्विज में भी हिस्सा लिया.
बिहार बाल भवन किलकारी की मिनी मलिक ने कहा कि इस तरह की कार्यशाला का आयोजन समय-समय पर किया जाना चाहिए.
इस कार्यक्रम में चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी. पटना, एमिटी यूनिवर्सिटी, पटना, विमेंस कॉलेज समेत अलग-अलग राज्यों के 200 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया.
सीआरसी की सेंटर कोऑर्डिनेटर, शाहीना अहलुवालिया ने इस ऑनलाइन कार्यक्रम को मॉडरेट किया तथा सीआरसी के चंदन कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया

सोशल मिडिया पर वायरल हो रहा हैं बिपाशा बसु के हॉट जलवे,बिपाशा ने बिकिनी में फोटोज सोशल मीडिया पर शेयर की

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Mumbai: बिपाशा बसु बॉलीवुड की बेहद ही जानीमानी अभिनेत्री में से एक हैं। बिपाशा बसु की आने वाली फिल्मों और उनके द्वारा शेयर किये जाने वाले तमाम पोस्ट्स का उनके दर्शकों को बेहद ही इंतजार रहता हैं। बिपाशा बसु आय दिन अपने बदलते अंदाज़ को लेकर सुर्ख़ियों में बानी रहती हैं। बॉलीवुड फेम एक्ट्रेस बिपाशा बसु के बारे में कोई ऐसा शख्स नहीं हैं जो उन्हें जानता नहीं हैं, आज भी बिपाशा के लाखों फैंस चाहने वाले हैं।


आपको बता दें कि कुछ दिन पहले बिपाशा अपने पति करण सिंह ग्रोवर के साथ मालदीव गई थीं, हांलाकि वो अब वापस आ चुके हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर बिपाशा अपने हॉट जलवे बिखेरने में लगी हुई हैं। जी हां बिपाशा ने बिकिनी में अपनी कई फोटोज सोशल मीडिया पर शेयर की जिसे उनके फैंस काफी पसंद कर रहे हैं। बता दें कि एक समय था जब बिपाशा का नाम कई सेलेब्स के साथ जुड़ा था, लेकिन बिपाशा बसु ने करण सिंह ग्रोवर का हाथ थामां।

Bipasha Basu looks super sizzling in a black swimming costume
बिपाशा और करन सिंह ग्रोवर इनकी शादी को चार साल बीत गए हैं यानि चार साल से ज्यादा का समय हो चुका है लेकिन आज भी ये कपल अपनी शादी का बहुत खुल कर आनंद लेते नजर आते है। बता दें कि करण ने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा था, “मेरे प्‍यार को शादी की सालगिरह की शुभकामनाएं., तुमने अंधेरे को दूर कर सारे दर्द को बदल दिया है, तुम मेरे साथ तूफान, धूप और यहां तक कि बारिश में भी रही हो तुमने मेरा परिचय शांति से कराया, तुमने मुझे सच्‍चा प्‍यार दिखाया और मेरी जिंदगी के हर पल को खुशियों से भर दिया है, मैं इस जिंदगी में तुम्‍हें हर रोज़ और ज्‍यादा प्‍यार करूंगा ये मेरा वादा है तुमसे…

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करण ग्रोवर के प्यार को देखकर ये कहना गलत नहीं होगा कि बिपाश ने अपना सही जीवनसाथी चुना है, ये कपल एक दूसरे के साथ बेहद खुश है।

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विपक्षी पार्टी पर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किया करारा हमला: भारत को शक्तिशाली देखने में सवाल खड़े करने की आदत है विपक्ष को

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New delhi: शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीख़ का ऐलान किया गया। इसी बीच बीजीपी और तृणमूल के बीच सियासी धमसान शुरू हो चुका हैं। सत्ता की इस विध्वंस लड़ाई में दोनों पक्षों में लगातार जुबानी जंग जारी हैं। पक्ष विपक्ष एक दूसरे के ऊपर हमलावार होते नज़र आ रहे हैं। अब इसी बीच कांग्रेस और बीजेपी में हमेशा की तरह इसबार भी एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने का दौर लगातार जारी हैं।

  • शनिवार को कांग्रेस पर भाजपा अध्‍यक्ष जेपी नड्डा ने करारा हमला बोला। उन्‍होंने कहा कि कुछ लोगों को भारत को शक्तिशाली देखने में सवाल खड़े करने की आदत है। जब मैं पहली बार चुनाव लड़ने गया तो कांग्रेस ने कहा कि ये तो दरिया के उस पार का है, जैसे कि मैं पाकिस्तान का हो गया। भाजपा अध्‍यक्ष ने कहा कि कांग्रेस का काम भाई को भाई से लड़ाना है। संत गुरु रविदास जी की जयंती के अवसर पर नड्डा ने एकता एवं सद्भाव से परिपूर्ण संत रविदास का दर्शन आज भी प्रासंगिक है। उनका हर विचार हमारी सरकार के लिए समाज सेवा का मंत्र है।

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  • जेपी नड्डा ने कहा कि हमारी जिम्मेदारी बनती है कि गुरु रविदास जी के बताए रास्ते पर चलते हुए एक सशक्त और सामर्थ्यवान भारत हम बनाएं। इसमें जो प्रधानमंत्री जी की योजनाएं हैं हम उनको नीचे तक फलीभूत करने के लिए काम करेंगे। यही संत रविदास जी को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को 100 फीसद ओपेन डेफिकेशन फ्री बना दिया है। 11 करोड़ इज्जत घर बनाए हैं।


बीजेपी अध्‍यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी धरती की चिंता करने वाले लोगों में हैं। सौभाग्य योजना में तय हुआ कि हर घर को भारत सरकार के पैसे से बिजली पहुंचाई जाएगी। भाजपा अध्यक्ष ने महान संत गुरु रविदास जी की जयंती के मौके पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्‍होंने कहा कि एकता और सद्भाव से परिपूर्ण संत रविदास का दर्शन आज भी प्रासंगिक है

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Ahmedabad: गुजरात के अहमदाबाद शहर से एक ऐसा मामला सामने आया हैं जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे। एक शादीशुदा महिला का साबरमती नदी में छलांग लगा कर सुसाइड कर लेने का मामला सामने आया हैं। सुसाइड करने से कुछ समय पहले उन्होंने पहले अपना एक इमोशनल वीडियो बनाया। इस विडियो में वे परिवार को मैसेज दे रही हैं। इमोशनल वीडियो जारी करते हुए उन्होंने कहा, ‘ऐ प्यारी सी नदी, प्रे करते हैं कि मुझे अपने में समा ले’ और फिर ब्रिज से साबरमती नदी में छलांग लगा दी। वीडियो मिलते ही परिवार ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीम ने नदी से आयशा की लाश निकाली।

आयशा ने वीडियो में कहा, ‘हैलो, अस्सलाम अलेकुम, मेरा नाम आयशा आरिफ खान…और मैं जो कुछ भी करने जा रही हूं, मेरी मर्जी से करने जा रही हूं। इसमें किसी का दबाव नहीं है, अब बस क्या कहें? ये समझ लीजिए कि खुदा की दी जिंदगी इतनी ही थी और मुझे इतनी जिंदगी बहुत सुकून वाली मिली। और डैड, कब तक लड़ोगे? केस विड्रॉल कर लीजिए।’

‘आयशा लड़ाइयों के लिए नहीं बनी है। और आरिफ से तो प्यार करते हैं, उसे परेशान थोड़ी न करेंगे। अगर उसे आजादी चाहिए तो ठीक है वो आजाद रहे। चलो अपनी जिंदगी तो यहीं तक है। मैं खुश हूं कि अल्लाह से मिलूंगी और उनसे कहूंगी कि मेरे से गलती कहां रह गई? मां-बाप बहुत अच्छे मिले, दोस्त बहुत अच्छे मिले, लेकिन कहीं कोई कमी मेरे से ही रह गई। अल्लाह से दुआ करती हूं कि दोबारा इंसानों की शक्ल न दिखाए।’

हवाओं की तरह सिर्फ मैं बहाना चाहती हूँ

आयशा ने आगे कहा, ‘एक चीज जरूर सीख रही हूं कि मोहब्बत करनी है तो दो तरफा करो, क्योंकि एकतरफा में कुछ हासिल नहीं है। मोहब्बत तो निकाह के बाद भी अधूरी रहती है। ऐ प्यारी सी नदी, प्रे करते हैं कि मुझे अपने में समा ले और मेरे पीठ पीछे जो भी हो, प्लीज ज्यादा बखेड़ा मत करना।’

‘मैं हवाओं की तरह हूं, बस बहते रहना चाहती हूं। किसी के लिए नहीं रुकना, मैं खुश हूं कि आज के दिन जिन सवालों के जवाब चाहिए थे, वे मिल गए। और मुझे जिसको जो बताना था, बता चुकी हूं। थैंक्यू, मुझे दुआओं में याद रखना। पता नहीं, जन्नत मिले न मिले। चलो अलविदा।’

आयशा की शादी साल 2018 में हुई थी

अहमदाबाद के रहने वाले आयशा के पिता पेशे से टेलर हैं। आयशा के पिता लियाकत अली ने बताया की , ‘बेटी का निकाह 2018 में जालौर (राजस्थान) में रहने वाले आरिफ खान से हुआ था, लेकिन शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा था।’

पति आरिफ ने कहा था- मरना है तो जाके मर जा

‘आयशा और आरिफ की शादी के कुछ महीनों बाद ही आरिफ दहेज की मांग करते हुए आयशा को मायके छोड़ गया था। बाद में रिश्तेदारों के समझाने पर आयशा को अपने साथ लेता गया था, लेकिन 2019 में फिर से उसे हमारे पास यानि आयशा के माँ-बाप के पास उसे छोड़ गया था। आरिफ और उसके घर वाले डेढ़ लाख रुपए की मांग कर रहे थे। हालाँकि लियाकत अली आयशा के पिता ने बताया की किसी तरह पैसों का इंतजाम कर आरिफ के घर वालों को उन्होंने पैसा दे भी दिया था।’ लियाकत अली का कहाना हैं की पैसे देने के बाद दिन प्रीतिदिन आरिफ के घर वालो को पैसों का लालच बढ़ता गया।
आरिफ के परिजनों का और पैसों की माँगो को आयशा के पिता पूरी नहीं कर पाएं जिसके वजह से कुछ महीनों पहले आरिफ ने आयशा को फिर से अहमदाबाद छोड़ गया था। आरिफ तो आयशा से फोन पर तक बात नहीं करता था। कुछ दिनों पहले आयशा ने गुस्से में खुदकुशी करने की धमकी दी। इस पर आरिफ ने जवाब दिया कि मरना है तो जाके मर जा। इसी बात से आयशा आहत थी और आखिरकार उसने साबरमती नदी में खुद को समाहित कर ली।