परिवार नियोजन जागरूकता रथ को सिविल सर्जन ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

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-परिवार नियोजन को लेकर जिले में जनवरी से मार्च तक चल रहा है संचार अभियान
-लोगों को परिवार नियोजन के बारे में दी जाएगी जानकारी, किया जाएगा जागरूक

भागलपुर-

जिले में परिवार नियोजन को लेकर चल रहे संचार अभियान का प्रचार- प्रसार तेज करने के लिए सोमवार को सिविल सर्जन विजय कुमार सिंह ने ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. ई-रिक्शा से भागलपुर सदर क्षेत्र में प्रचार- प्रसार किया जाएगा. मालूम हो कि जनवरी से 31 मार्च तक जिले में परिवार नियोजन को लेकर संचार अभियान चल रहा है.
महीने में 10 दिन ई- रिक्शा से प्रचार प्रसार किया जाएगा-
इस मौके पर सिविल सर्जन ने कहा कि क्षेत्र के लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करने के लिए महीने में 10 दिन ई- रिक्शा से प्रचार प्रसार किया जाएगा. बुधवार और शुक्रवार को आरोग्य दिवस मनाया जाता है, इस दिन ई-रिक्शा से जिले के क्षेत्रों में परिवार नियोजन को लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा. लोगों को परिवार नियोजन के फायदे गिनाए जाएंगे. उन्हें समझाया जाएगा कि परिवार नियोजन से ना सिर्फ स्वास्थ्य के क्षेत्र में लोगों को फायदा होता है, बल्कि आर्थिक तौर पर खुशहाली रहती है.

नियोजन के अस्थाई तरीके भी बताए जाएंगे:
सिविल सर्जन विजय कुमार सिंह ने बताया कि परिवार नियोजन के अस्थाई तरीके भी लोगों को बताए जाएंगे. अंतरा, छाया, कॉपरटी और कंडोम के बारे में भी लोगों को जानकारी दी जाएगी.. इन संसाधनों का प्रयोग करने से दो बच्चों के बीच अंतराल 3 साल का हो सकेगा. 3 साल का अंतराल होने से बच्चे भी स्वस्थ रहते हैं और मां भी स्वस्थ रहती है.

सदर अस्पताल से निकाली गई जागरूकता रैली:
ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाने के बाद सदर अस्पताल से घंटाघर होते हुए कचहरी चौक होते हुए वापस सदर अस्पताल तक जागरूकता रैली निकाली गई. रैली के दौरान लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक किया गया. उन्हें परिवार नियोजन से होने वाले फायदे के बारे में बताया गया.

मौके पर डीसीएम जफरुल इस्लाम, डॉ राजेश मिश्रा, डॉ. निनकुश अग्रवाल, आलोक कुमार, जितेंद्र कुमार, ज्ञानउदय प्रकाश, पूजा कुमारी, दीपा कुमारी, शिवम कुमार, सुष्मिता, सदर अस्पताल के प्रभारी डॉ एके मंडल प्रबंधक जावेद आदि मौजूद थे.
कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढकें ढंके.
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें

International Delphic Council appoints Mr. BIJENDER GOEL, a former Minister, as its Advisor with the responsibility of South Asian Region

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The International Delphic Council (IDC) has appointed Mr. BIJENDER GOEL as its advisor, in charge for the South Asian region to promote Delphic Games. He has been assigned the job of reviving all National Delphic Councils in that region and monitor the development of Delphic Games. Mr. Goel is a former Minister from the state of Jharkhand in India and now Chairman of the National Council on Disaster management, Associated Chambers of Commerce of India (ASSOCHAM) and a Member, Governing Council of Bir Tikenderajit University, Manipur. He is known for introducing earthquake onsite early warning technology in the region.
The International Delphic Council arrange for Delphic Games, Junior Delphic Games and continental Delphiads and by doing so, providing a unique Forum for Arts and Cultures of the world. H.E. Nelson Mandela patronized the Idea till his life as Delphic Ambassador for Youth.
The Delphic Games are historically a peace-engendering competition of the arts. They first took place over 1000 years ago in ancient Greece prior to the Olympic Games and had at the time a similar level of importance in society. Delphi became the neutral crossroad for solving conflicts. The Games were organized by the Amphictyony, forerunner of the UN.
The Olympic Games for Sports revived in 1894 with the founding of the International Olympic Committee (IOC) in Paris, on the initiative of Pierre de Coubertin. The Delphic Games for Arts and Cultures revived in 1994 with the founding of the International Delphic Council (IDC) in Berlin, organised by Mr. J. Christian Kirsch.
The Games gather the world’s best artists in six Delphic Arts Categories and have thus far taken place under the patronage of international institutions (e.g., UNESCO, Council of Europe, ASEAN) and the Heads of States of the respective host countries. The cultures do not enter into a competition but showcase their respective arts. They learn from each other by conversing, getting together and treating each other with mutual respect.
Mr Kirsch, IDC Secretary General, said that “progress and prosperity of a country depends on the quality of its citizens, and this in turn is the outcome of the Arts and Culture they perceive. There is a need to restructure the existing National Delphic Council’s in the South Asian Region and ensure large participation from these countries in the Delphic movement. There is need to adopt new technologies for more participation and look forward to have more participation of South Asian countries in near future. South Asian region is hub of different Arts and Culture and need to be explored more. We are confident that we shall achieve the goal with the experience of Mr Bijender Goel”.

कोरोना केसेस में आई उल्लेखनीय कमी, कुल पॉजिटिव केसेस में एक्टिव केसेस 2% से भी कम

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• पीआईबी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी जानकारी
• पहले दिन बिहार में 18000 से अधिक कोरोना योद्धाओं को लगा टीका
• विगत 23 दिनों से कोरोना से मौतों की संख्या 300 से नीचे
• विगत 10 दिनों से प्रतिदिन 20000 से भी कम मिल रहे नए कोरोना मरीज

पटना/ 17, जनवरी : कोरोना के खिलाफ़ मुहिम में भारत ने उल्लेखनीय सफ़लता हासिल करते हुए 16 जनवरी से देश भर में कोरोना टीकाकरण शुरू किया गया. वहीं बिहार में टीकाकरण के पहले दिन 18122 कोरोना योद्धाओं को कोरोना का टीका लगाया गया. दूसरी तरफ़ प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो( पीआईबी), भारत सरकार ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर एक और खुशखबरी दी है. प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि देश में कुल कोरोना पॉजिटिव केसेस में एक्टिव केसेस की संख्या घटकर 2% से भी कम हो गयी है यानी 1.98% हो गयी है.
विगत 10 दिनों में नए कोरोना मरीजों की संख्या में भी कमी आयी है. अब यह संख्या प्रतिदिन 20000 से भी कम हो गयी है. फ़िलहाल देश में कुल पॉजिटिव कोरोना मरीजों की संख्या घटकर 2.08 लाख हो गयी है. रिकवरी रेट भी 96.58% हो गया है जिससे अभी तक 1.01 करोड़ लोग कोरोना को मात दे चुके हैं.

देश के 10 राज्यों में लगभग 80.53% नए मरीज हुए ठीक:

लगभग 80.53% कोरोना के नए मरीज जो ठीक हुए हैं वह देश के 10 राज्यों से आते हैं. जिसमें केरल पहले स्थान पर है जहाँ सिर्फ़ एक दिन में 5011 लोग रिकवर हुए हैं. वहीं दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र है जहाँ एक दिन में 3039 लोग संक्रमण से उबरे हैं. इसी तरह उत्तरप्रदेश में 930, , मध्यप्रदेश में 793, तमिलनाडु में 775, गुजरात में 764, कर्नाटक में 676, वेस्ट बंगाल में 666, छतीसगढ़ में 615 एवं राजस्थान में 558 लोग एक दिन में कोरोना को मात देने में सफ़ल हुए हैं.

81% नए मामले 8 राज्यों से:

जहाँ एक तरफ देश के 10 राज्यों में 80.53% मरीज कोरोना से ठीक हुए हैं, वहीं देश के 8 राज्यों में 81% नए कोरोना के मरीज भी मिले हैं. जिसमें केरल में प्रतिदिन सबसे अधिक 5960 नए मरीज मिले हैं. जबकि महराष्ट्र में 2910 एवं तमिनलाडू में 610 नए मामलों की पुष्टि हुयी है. इसी तरह, वेस्ट बंगाल में 609 कर्नाटक में 584, छतीसगढ़ में 566, उत्तरप्रदेश में 523 एवं गुजरात में 505 कोरोना के नए मामले सामने आये हैं.
विगत 23 दिनों से प्रतिदिन 300 से भी कम हो रही मौतें:

समय के साथ कोरोना के कारण जान गंवाने वाले लोगों की संख्या में भी कमी दर्ज हुयी है. विगत 23 दिनों से देश भर में प्रतिदिन 300 से भी कम कोरोना से मौतें हो रही है. पिछले 24 घंटों में महराष्ट्र में 52, केरल में 27, वेस्ट बंगाल में 15, पंजाब में 14 एवं उत्तरप्रदेश में कुल 12 मौत रिपोर्ट हुयी है

राज्य में सीएम ने किया कोविड-19 टीकाकरण का शुभारंभ, 301 सत्र स्थल पर 18,122 कोरोना योद्धाओ को लगाया गया टीका

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•आईजीआईएमएस में सफाईकर्मी रामबाबू को लगा पहला टीका

•मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित

पटना-

बिहार में शनिवार को कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण के महाअभियान का शुभारंभ किया गया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के द्वारा इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना में टीकाकरण का शुभारंभ किया गया। प्रथम चरण में बिहार में लगभग 18122 लोगों को टीका दिया गया। पहले दिन राज्य में 301 टीकाकरण सत्र स्थल का संचालन किया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समक्ष इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के सफाईकर्मी रामबाबू को कोविड-19 का पहला टीका लगाया गया। रामबाबू के बाद वहां के एंबुलेंस चालक अमित कुमार, लैब टेक्नीशियन सोनू पंडित, डॉ सनत कुमार एवं कर्मवीर सिंह राठौर को टीका लगाया गया। टीकाकरण के पश्चात 30 मिनट के और अवलोकन को पूरा कर सभी लाभार्थी पूर्ण रूप से स्वस्थ दिखे एवं अपने अपने कार्यों में लग गए।

मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को किया सम्मानित:

टीकाकरण के पश्चात पहला टीका लगवाने वाले सफाई कर्मी समेत अन्य लाभार्थियों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री के द्वारा पौधारोपण भी किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आज से बिहार में टीकाकरण की शुरुआत हुई है। हम लोग इस अवसर पर यहां उपस्थित हुए हैं। पूरे देश की तरह बिहार में भी टीकाकरण के पूर्ण तैयारी की गई है।

यह एक ऐतिहासिक पल है:

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक पल है जिसके लिए सभी को शुभकामनाएं देता हूं।यह गर्व की बात है कि देशवासी स्वदेशी निर्मित कोरोना के टीके का इस्तेमाल कर रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्य सचिव दीपक कुमार, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, राज्य स्वास्थ समिति के कार्यपालक निदेशक सह विशेष सचिव मनोज कुमार, अपर निदेशक डॉ करुणा कुमारी, इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ एनआर विश्वास, राज्य स्वास्थ्य समिति के प्रशाषी पदाधिकारी खालिद अरशद, राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी एनके सिन्हा के साथ राज्य स्वास्थ्य समिति के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

भागलपुर में पहले दिन 10 केंद्रों पर 650 स्वास्थ्यकर्मियों को पड़े टीके

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टीकाकरण के बाद स्वास्थ्यकर्मियों की 30 मिनट तक हुई निगरानी

भागलपुर-

जिले में शनिवार को कोरोना टीकाकरण की शुरुआत हो गई. पहले दिन 650 लोगों को कोरोना के टीके पड़े. सदर अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार सिंह और डीपीएम डॉ फैजान अशर्फी की मौजूदगी में स्वास्थ्यकर्मियों को टीके दिए गए. सदर अस्पताल में पहला टीका डाटा ऑपरेटर देवाशीष को दिया गया. टीका पड़ने के बाद देवाशीष ने बताया कि मुझे खुशी है कि मैं इस अभियान का हिस्सा बना. टीका पड़ने को लेकर मैं काफी उत्साहित था. पड़ने के बाद मुझे किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई.

वहीं सुल्तानगंज रेफरल अस्पताल में जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने फीता काटकर टीकाकरण की शुरुआत की. इसके बाद उन्होंने बताया कि कोरोना का टीका पूरी तरह से सुरक्षित है. इसे लेकर किसी भी तरह की चिंता नहीं करनी चाहिए. प्रशासन ने इसकी पूरी तैयारी कर रखी है. पहले चरण में 13 हजार से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों को जिले में कोरोना का टीका पड़ेगा. टीका पड़ने के बाद स्वास्थ्यकर्मी की निगरानी की जाएगी. किसी तरह की समस्या नहीं आने दी जाएगी.

मायागंज अस्पताल से हो रही है निगरानी: टीका पड़ने के बाद लोगों को किसी तरह की परेशानी आने पर उसका समाधान करने के लिए मायागंज अस्पताल में आठ डॉक्टरों की एक टीम बनाई गई है. टीम का नेतृत्व डॉ विनय कुमार कर रहे हैं. यहां से कटिहार, भागलपुर, बांका, मुंगेर और जमुई में टीका पड़ने वाले लोगों की निगरानी की जा रही है. टीका पड़ने के बाद अगर लोगों को किसी तरह की समस्या होगी तो यहां उसका समाधान किया जाएगा.

हर केंद्र के बाहर एंबुलेंस मौजूद: टीकाकरण के दौरान जिले के सभी 10 केंद्रों पर एंबुलेंस की व्यवस्था थी. मरीज को किसी भी तरह की परेशानी आने पर उसे एंबुलेंस से मायागंज अस्पताल ले जाने की व्यवस्था थी. साथ ही टीकाकरण केंद्र पर एक डॉक्टर भी मौजूद थे जो 30 मिनट तक टीका लेने वाले स्वास्थ्यकर्मी की निगरानी कर रहे थे.

इन केंद्रों पर पड़ रहे टीके: जिले में 10 केंद्रों पर पहले चरण में टीका लगाया जा रहा है. शहरी क्षेत्र में सदर अस्पताल, मंगलम अस्पतालऔर रक्षिता नर्सिंग होम, वहीं नारायणपुर, सबौर प्राथमिक और जगदीशपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, नाथनगर, सुल्तानगंज रेफरल अस्पताल और कहलगांव, नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में पहले चरण का कोरोना का टीका दिया जा रहा है.

28 दिन के बाद पड़ेगा दूसरा डोज: शनिवार को जिन लोगों को कोरोना का टीका दिया गया, उनकी पर्ची पर दूसरा डोज किस दिन दिया जाएगा, यह भी लिख दिया गया. साथ ही टीका पड़ने वालों को 42 दिनों तक सामाजिक दूरी का पालन करने को कहा गया. इसके अलावा गर्भवती महिलाओं और 50 साल से अधिक उम्र के लोगों को भी अभी टीका नहीं दिया जाएगा.

खगड़िया जिले में कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान का हुआ शुभारंभ

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– जिलाधिकारी ने जिला स्वास्थ्य समिति कार्यालय परिसर में वैक्सीनेशन का किया उदघाटन
– वैक्सीनेशन को लेकर सुरक्षा के मद्देनजर समुचित व्यवस्था थी उपलब्ध

खगड़िया-

कोविड-19 से स्थाई निजात को लेकर वैक्सीन का इंतजार आखिरकार शनिवार को समाप्त हो गया। जिले में सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर शनिवार को वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ हो गया। वहीं, जिला स्वास्थ्य समिति कार्यालय परिसर में बनाए गए वैक्सीनेशन केंद्र पर जिलाधिकारी डॉ आलोक रंजन घोष ने फीता काट कर एवं गुब्बारा उड़ाकर वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ किया। इसके बाद जिले के अन्य वैक्सीनेशन सेंटरों पर वैक्सीनेशन का नामित पदाधिकारियों द्वारा शुभारंभ किया गया। इस मौके पर जिला सिविल सर्जन पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राम नारायण चौधरी, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवानंद पासवान, डीपीएम पवन कुमार, केयर इंडिया के डीटीएल आनंद कुमार आदि मौजूद थे।

– वैक्सीनेशन के बाद भी एहतियात रखें जारी :-
जिलाधिकारी डॉ आलोक रंजन घोष ने कहा कि वैक्सीन का हर किसी को को बेसब्री से इंतजार था । जो आज पूरा हुआ। वहीं, उन्होंने वैक्सीन ले चुके लोगों से अपील करते हुए कहा कि वैक्सीनेशन के बाद भी कोविड-19 से बचाव के लिए के जरूरी एहतियात जारी रखें। ताकि किसी प्रकार की परेशानियाँ का सामना करना नहीं करना पड़े। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन के बाद सभी लोग पूरी तरह सामान्य दिखे।

– वैक्सीनेशन की पूरी डोज जरूरी :-
जिला सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार सिंह ने कहा कि कोविड-19 से स्थाई निजात के लिए वैक्सीन की पूरी डोज जरूरी है। तभी कोविड-19 से पूर्णतः लोग सुरक्षित होंगे। वहीं, उन्होंने कहा कि मैं हर वैक्सीन लेने वाले स्वास्थ्य कर्मियों से अपील करता हूँ कि निश्चित रूप से वैक्सीन का पूरा डोज लें। उन्होंने कहा कि वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। जिले में कहीं भी वैक्सीनेशन के बाद किसी प्रकार की परेशानी सामने नहीं आई।

– पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों का हुआ वैक्सीनेशन :-
जिले में वैक्सीनेशन को लेकर पाँच वैक्सीनेशन सेंटर बनाएं गये हैं। जहाँ पहले चरण के तहत पहले सत्र में जिले के स्वास्थ्य कर्मियों का वैक्सीनेशन हुआ। वैक्सीनेशन के बाद सभी उत्साहित दिखे। सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर एम्बुलेंस के साथ मेडिकल टीम तैनात दिखी । ताकि किसी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत पूरी व्यवस्था के साथ निपटा जा सके।

– सुरक्षा के मद्देनजर हर मानकों का रखा गया ख्याल :-
सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर सुरक्षा के मद्देनजर सुरक्षा से संबंधित हर मानकों का ख्याल रखा गया। ताकि किसी प्रकार की परेशानी उत्पन्न नहीं हो। इसको लेकर सभी सेंटरों पर शारीरिक दूरी का पालन, साफ-सफाई का ख्याल, पर्याप्त मेडिकल टीम की तैनाती समेत सुरक्षा के मद्देनजर अन्य समुचित व्यवस्था देखी गई।

– 28 दिनों के अंदर ही दी जाएगी वैक्सीन की दूसरी डोज :-
कोविड-19 से बचाव के लिए हर व्यक्ति कोविड-19 वैक्सीन की पूरी डोज दी जाएगी। इसके लिए एक व्यक्ति का दो बार वैक्सीनेशन होगा। पहला वैक्सीन पड़ने के बाद 28 दिनों के अंदर ही वैक्सीन की दूसरी डोज दी जाएगी। जिन व्यक्ति को वैक्सीनेशन के लिए कोविशील्ड दी जाएगी उन्हें दूसरे डोज के रूप में कोविडशील्ड ही दी जाएगी । कोविडशील्ड के एक वाइल से 10 लोगों का वैक्सीनेशन होगा। वैक्सीनेशन को लेकर सभी व्यक्ति आवश्यक सावधानियाँ बरतने को कहा गया है। ताकि वैक्सीन लेने के पश्चात किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं हो।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क और सैनिटाइजर का नियमित रूप उपयोग करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से हाथ धोएं।
– अनावश्यक यात्रा से परहेज करें।
– बाहरी खाना खाने से परहेज करें और बासी खाना से बिलकुल दूर रहें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।

कालाजार तकनीकी सुपरवाइजर रत्नेश चन्द्र पाण्डेय को जिलेभर में पहला टीका लगा

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कोरोना संक्रमण कि समाप्ति को ले देशब्यापी टीकाकरण अभियान का जिलाधिकारी ने किया शुभारंभ

– जिले के रामगढ़ चौक पीएचसी पर जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने फीता काटकर किया शुभारम्भ
– जिले के कुल पांच सेशन साइट पर स्वास्थ्य कर्मियों को लगाया गया वैक्सीन

लखीसराय –
शनिवार की सुबह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल तरीके से एक साथ पूरे देश में कोरोना टीकाकरण अभियान कि शुरुआत की। इसके तत्काल बाद राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजधानी पटना के शेखपुरा स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में कोरोना टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। दिन के लगभग 11:00 जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने जिले के रामगढ़ चौक स्थित पीएचसी पर कोरोना टीकाकरण अभियान का फीता काटकर शुभारंभ किया। यहाँ सबसे पहले कालाजार तकनीकी सुपरवाइजर रत्नेश चन्द्र पाण्डेय को जिलेभर में पहला टीका लगा | इसके साथ हीं जिले के सभी पांच सत्र स्थल पर कोरोना टीकाकरण महाअभियान शुरू हो गया।
जिले के पांच सत्र स्थल पर स्वास्थ्य कर्मियों को लगाया गया टीका :
जिले के सिविल सर्जन डॉ. आत्मानंद राय ने बताया कि जिले के पांच सत्र स्थल सदर अस्पताल लखीसराय, लखीसराय पीएचसी, रामगढ़ चौक पीएचसी, सूर्यगढ़ा पीएचसी और प्राइवेट हॉस्पिटल सुदामा हॉस्पिटल में एक साथ स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया गया।

सभी सत्र स्थल पर सप्ताह में चार दिन स्वास्थ्य कर्मियों को लगाया जाएगा टीका :
उन्होंने बताया कि जिले के सभी सत्र स्थल (सेशन साइट) पर सप्ताह में चार दिन सोमवार, मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना वैक्सीन लगायी जाएगी । वहीं बुधवार और शुक्रवार को सभी पीएचसी और हॉस्पिटल में नियमित टीकाकरण किया जाएगा। इन सभी साइटों पर सुबह 09 बजे से शाम 05 बजे तक वैक्सीनेशन का काम होगा।

कोरोना वैक्सीनेशन के पहले दिन शनिवार को इन स्वास्थ्य कर्मियों ने लगवाया टीका :
सदर हॉस्पिटल लखीसराय के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विभीषण कुमार ने सबसे पहले कोरोना का टीका लगवाया। उन्होंने बताया कि उन्हें वैक्सीन लगवाने के बाद कोई घबराहट या परेशानी महसूस नहीं हो रही है। वो काफी अच्छा महसूस कर रहे हैं।
लखीसराय पीएचसी के हॉस्पिटल मैनेजर अनिल कुमार और फार्मासिस्ट किशोर कुमार ने सबसे पहले कोरोना का टीका लगवाया है। उन्होंने बताया कि कोरोना का वैक्सीन लगवाने को ले वो काफी उत्साहित थे।
इसी तरह प्राइवेट हॉस्पिटल सुदामा हॉस्पिटल में डॉ. चंद्रमोहन ने कोरोना का पहला टीका लगाया। उन्होंने बताया कि टीका लगवाने के बाद वो काफी अच्छा महसूस कर रहे हैं। उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है। इसी तरह सूर्यगढ़ा पीएचसी में कार्यरत आशा कार्यकर्ता कंचन देवी ने भी कोरोना वैक्सीनेशन अभियान के पहले दिन कोरोना का टीका लगवाया। उन्होंने बताया कि अपने और अपने परिवार को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए मैं खुद कोरोना का वैक्सीन लगवाई हूँ।
अधिकारियों ने जिले के सभी सेशन साइट का निरीक्षण-
शनिवार को रामगढ़ चौक पीएच सी में कोरोना टीकाकरण अभियान का जिलाधिकारी द्वारा उद्धघाटन करने के बाद सिविल सर्जन डॉ. आत्मानंद राय, डीपीएम मो. खालिद, डीआईओ अशोक कुमार भारती, डॉ. सुरेश शरण सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारियों ने जिले के सभी सेशन साइट का निरीक्षण किया।

कोरोना वैक्सीनेशन के बाद भी इन सावधानी का करें पालन :
– घर से बाहर निकलने पर सभी लोग हमेशा मास्क ,रुमाल या गमछे का पालन करें।
– अपने हाथों की नियमित साफ-सफाई के लिए सभी लोग अपने साथ हैंड सैनिटाइजर की डिब्बी रखें।
– घर से बाहर भीड़- भार वाले स्थान पर जाने पर एक- दूसरे से कम से कम दो गज या छह फीट कि दूरी के नियम का पालन करें।

बांका में 560 स्वास्थ्यकर्मियों को पड़ा कोरोना का टीका

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-टीका लगने के बाद निगरानी के लिए डॉक्टर थे मौजूद

बांका-

जिले में शनिवार को कोरोना टीकाकरण की शुरुआत हो गई. पहले दिन बांका में 560 स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना का टीका पड़ा.सदर जिले में पहले चरण में 6265 स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगना है. जिलाधिकारी सुहर्ष भगत ने सदर अस्पताल में फीता काटकर टीकाकरण की शुरुआत की. जिले का पहला टीका सफाई कर्मचारी गुड़िया कुमारी को दिया गया. मौके पर सिविल सर्जन डॉ सुधीर कुमार महतो और डीपीएम प्रभात कुमार राजू भी मौजूद थे.
टीकाकरण के उद्घाटन के बाद जिलाधिकारी सुहर्ष भगत ने कहां कि जिले में पहले चरण के टीकाकरण की शुरुआत हो गई है. पहले चरण में सफलतापूर्वक लोगों को टीका पड़ जाएगा. जिले के सभी सात केंद्रों पर बेहतर व्यवस्था की गई है.

संख्या घटे नहीं, इसलिए अधिक लोगों की बनाई गई सूची:
जिले में पहले दिन 700 लोगों को टीका पड़ना था. इसकी तैयारी जिला स्वास्थ्य समिति ने बेहतर तरीके से की थी. अगर कोई व्यक्ति इनमें से बीमार पड़ जाए तो उसके बदले किसे टीका देना था इसकी भी तैयारी कर रखी थी. सदर अस्पताल में 100 के बदले 150 लोगों की सूची बनाई गई थी.

हर केंद्र पर डॉक्टर कर रहे थे निगरानी: टीका पड़ने के बाद मरीज की 30 मिनट तक निगरानी की गई. इसके लिए हर केंद्र पर एक डॉक्टर की तैनाती की गई थी. साथ ही सभी केंद्रों पर एक-एक नोडल पदाधिकारी भी मौजूद रहे. हालांकि टीकाकरण के बाद किसी भी केंद्र कैंट से किसी तरह की समस्या सामने नहीं आई.

मेले जैसा दिख रहा था नजारा: टीकाकरण के दौरान को लेकर सदर अस्पताल समेत जिले के सभी अस्पतालों में मेले जैसा नजारा था. अस्पतालों को बैलून से सजाया गया था. सुबह से ही टीका लगवाने वाले स्वास्थ्यकर्मी व अन्य लोग केंद्र पर पहुंचने लगे थे. सुबह 11 बजे से सभी जगहों पर टीकाकरण की शुरुआत हुई.

स्वास्थ्यकर्मियों की टीम कर रही थी प्रक्रिया को पूरी: जिले के सभी केंद्रों पर टीकाकरण के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों की बनाई गई टीम प्रक्रिया को पूरी कर रही थी. हर केंद्र पर तीन रूम बनाए गए थे. पहले रूम पर मरीज को पर्ची दी जाती थी. नंबर आने पर दूसरे रूम में मरीज को टीका लगाया जाता था और आखिरी कन्वेंशन रूम पर मरीज 30 मिनट तक निगरानी में रह रहे थे

खगड़िया जिले में वैक्सीनेशन की सफलता को लेकर फिर हुआ पूर्वाभ्यास

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– जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया गया पूर्वाभ्यास
– सभी सेंटरों पर एम्बुलेंस के साथ तैनात रहेगी मेडिकल टीम

खगड़िया-

शनिवार 16 जनवरी से जिले में वैक्सीनेशन की शुरुआत हो जाएगी। जिसमें पहले चरण के तहत के जिले के स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण (वैक्सीनेशन) किया जाएगा। इसकी सफलता को लेकर वैक्सीनेशन के एक दिन पूर्व शुक्रवार को फिर जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूर्वाभ्यास किया गया। ताकि वैक्सीनेशन शुरू होने के बाद किसी प्रकार की तकनीकी समस्या उत्पन्न नहीं हो। इसको लेकर जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के तमाम पदाधिकारियों द्वारा पूर्वाभ्यास के साथ सभी सेंटरों का जायजा भी लिया गया और मौके पर मौजूद संबंधित जिम्मेदारों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। बता दें कि इससे पूर्व बीते 08 जनवरी को भी जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर पूर्वाभ्यास किया गया था। इधर, पूर्वाभ्यास की सफलता को लेकर जगह- जगह जिलाधिकारी डॉ आलोक रंजन घोष, जिला सिविल सर्जन पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राम नारायण चौधरी, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवानंद पासवान, डीपीएम पवन कुमार, केयर इंडिया के डीटीएल आनंद कुमार समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे।

– सभी सेंटरों पर एम्बुलेंस के साथ तैनात रहेगी मेडिकल टीम :-
जिला सिविल सर्जन पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया कि वैक्सीन के लिए जिले में पाँच वैक्सीनेशन सेंटर बनाये गये हैं। जिसमें सदर अस्पताल, परवत्ता पीएचसी, सदर पीएचसी, अलौली पीएचसी एवं गोगरी रेफरल अस्पताल को वैक्सीनेशन सेंटर के लिए चिह्नित किया गया है। सभी सेंटरों पर एम्बुलेंस के साथ मेडिकल टीम तैनात रहेगी। ताकि किसी भी स्थिति से समय पर पूरी व्यवस्था के साथ निपटा जा सके और वैक्सीन लेने वाले लाभार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। वहीं, बताया कि पूर्वाभ्यास के सफल संचालन में केयर इंडिया के कर्मियों का भी सहयोग रहा।

– वैक्सीनेशन के दौरान सुरक्षा के हर मानकों का रखा जाएगा ख्याल :-
जिलाधिकारी डॉ आलोक रंजन घोष ने कहा कि वैक्सीनेशन के सफल क्रियान्वयन के लिए पूर्वाभ्यास का आयोजन किया गया। ताकि वैक्सीनेशन के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। वहीं, उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन के दौरान सुरक्षा के हर मानकों का ख्याल रखा जाएगा। ताकि किसी प्रकार के संक्रमण की संभावना नहीं हो और लोग पूरी तरह सुरक्षित महसूस करते हुए वैक्सीनेशन करा सकें।

– 28 दिनों के अंदर ही दी जाएगी वैक्सीन की दूसरी डोज :-
कोविड-19 से बचाव के लिए हर व्यक्ति को कोविड-19 वैक्सीन की पूरी डोज दी जाएगी। इसके लिए एक व्यक्ति का दो बार वैक्सीनेशन होगा। पहला वैक्सीन पड़ने के बाद 28 दिनों के अंदर ही वैक्सीन की दूसरी डोज दी जाएगी। जिन व्यक्ति को वैक्सीनेशन के लिए कोविशील्ड दिया जाएगा। उन्हें दूसरे डोज के रूप में कोविशील्ड ही दिया जाएगा। कोविशील्ड के एक वाइल से 10 लोगों का वैक्सीनेशन होगा। वैक्सीनेशन को लेकर सभी व्यक्ति आवश्यक सावधानियाँ बरतने को कहा गया है। ताकि वैक्सीन लेने के पश्चात किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं हो।

– वैक्सीनेशन सेंटरों पर एईएफआई का किट रहेगा उपलब्ध :-
जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर पर्याप्त मात्रा में एनफ्लासिक्स तथा स्वास्थ्य संस्थानों पर एईएफआई किट की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। कोविड-19 वैक्सीनेशन के पश्चात होने वाले किसी प्रकार की एईएफआई घटना की प्रविष्टि को-विन पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।

– वैक्सीनेशन सेंटर पर इस तरह की रहेगी व्यवस्था :-
जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर वैक्सीनेशन के बाद मतदान केंद्र की तर्ज पर सत्र स्थल का चयन किया गया है। जिसमें कम से कम तीन कमरे की व्यवस्था की गयी है । पहला कमरा वैक्सीन लेने के लिए चयनित व्यक्ति का वेटिंग हाॅल बनाया गया है। जबकि दूसरे कमरे में वैक्सीनेशन होगा और तीसरे कमरे में वैक्सीनेशन के बाद वैक्सीन लेने वाले लोगों की मेडिकल टीम द्वारा 30 मिनट तक निगरानी की जाएगी। सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर पाँच सदस्यीय मेडिकल टीम मौजूद रहेगी । जिसमें एएनएम, स्थानीय आशा कार्यकर्ता, पुलिसकर्मी, ऑगनवाड़ी सेविका, पुरुष स्वास्थ्य कर्मी शामिल रहेंगे। जो चिकित्सकों की मौजूदगी में निगरानी करेंगे।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क और सैनिटाइजर का नियमित रूप उपयोग करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से हाथ धोएं।
– अनावश्यक यात्रा से परहेज करें।
– बाहरी खाना खाने से परहेज करें और बासी खाना से बिलकुल दूर रहें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।

शनिवार से कोरोना पर जीत की होगी शुरुआत: मंगल पाण्डेय

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• प्रथम चरण के टीकाकरण के लिए 4.64 लाख लाभार्थी पंजीकृत
• 300 सत्र स्थलों पर होगा टीकाकरण
• प्रथम चरण के लिए राज्य को टीके के 5.69 लाख डोज हुए प्राप्त
• प्रेस वार्ता के जरिए स्वास्थ्य मंत्री ने दी जानकारी

पटना-

शनिवार यानी 16 जनवरी देश के साथ राज्य के लिए अति महत्वपूर्ण दिन साबित होने वाला है. विगत कई महीनों से कोरोना के खिलाफ़ चल रही लड़ाई एवं संघर्ष पर जीत की शुरुआत होने वाली है. शनिवार से राज्य के सभी जिलों में कोविड टीकाकरण कार्य शुरू किया जा रहा है. उक्त बातें शुक्रवार को बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने राज्य स्वास्थ्य समिति के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कही.
मंगल पाण्डेय ने मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कोविड टीकाकरण के लिए पहले चरण में कोविन पोर्टल पर पंजीकृत 4,64,160 स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण किया जाना है. जिसमें 3,79,962 सरकारी स्वास्थ्यकर्मी एवं 84,198 प्राइवेट स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं. इसके लिए राज्य में कुल 300 सत्र स्थल बनाए गए हैं, जिसमें 259 सत्र स्थल सरकारी एवं 41 सत्र स्थल प्राइवेट के हैं. उन्होंने कहा कि कोविड टीकाकरण के प्रथम चरण के लिए राज्य के 10 क्षेत्रीय टीकाकरण स्टोरेज केन्द्रों को टीके भेज दिए गए हैं. इन 10 क्षेत्रीय टीकाकरण स्टोरेज केन्द्रों को टीका उपलब्ध कराया गया है. इन केन्द्रों में औरंगाबाद, भागलपुर, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, नालंदा, पटना, पूर्णिया, सहरसा एवं सारण क्षेत्रीय टीकाकरण स्टोरेज केंद्र शामिल हैं. इनके माध्यम से सभी जिलों को जरुरी मात्रा में टीका जिलों को भेज दिया गया है.
प्रत्येक लाभार्थी को मोबाइल नंबर पर मिलेगी जानकारी:
मंगल पाण्डेय ने टीकाकरण प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सभी पंजीकृत लाभार्थी के मोबाइल नंबर पर टीकाकरण सत्र के स्थान एवं समय की जानकारी मेसेज के माध्यम से दी जाएगी. उन्होंने बताया कि लाभार्थी के टीकाकृत होने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा लाभार्थी की जानकारी कोविन पोर्टल पर दर्ज की जाएगी. उन्होंने बताया कि टीकाकरण के बाद लाभार्थी को स्वास्थ्यकर्मी की देखरेख में 30 मिनट तक रखा भी जाएगा. राज्य के सभी 38 जिलों में 678 कोल्ड चैन पॉइंट बनाये गये हैं. कोविड टीके की दो डोज सबको दी जानी है. टीकाकरण का दूसरा डोज 28 दिनों के अंदर ही दोहराया जायेगा. कोविशील्ड टीकाकृत लाभार्थी को कोविशील्ड व कोवैक्सीन टीकाकृत लाभार्थी को कोवैक्सीन का ही दूसरा डोज दिया जाना है.

राज्य को कुल 5,69,000 डोज हुए प्राप्त:
प्रेस वार्ता के दौरान प्रधान सचिव, स्वास्थ्य, अमृत प्रत्यय ने पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए टीकाकरण कार्यक्रम की कार्य योजना पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने मीडिया कर्मी को संबोधित करते हुए कहा कि चिन्हित स्वास्थ्यकर्मियों के टीकाकरण के लिए राज्य को सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया द्वारा निर्मित कोवीशील्ड की 54,900 वाईल एवं भारत इन्फोटेक द्वारा निर्मित कोवैक्सीन की 1000 वाईल प्राप्त हुयी है. कोवीशील्ड की एक वाईल से 10 डोज एवं कोवैक्सीन की एक वाईल से 20 डोज बनाए जाएंगे. इस लिहाज से राज्य को कोवीड टीकाकरण के पहले चरण के लिए कुल 5,69,000 डोज प्राप्त हो चुके हैं. शनिवार यानी 16 जनवरी को राज्य के दो टीकाकरण सत्र स्थल( इंदिरा गाँधी इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज एवं पारस एचएमआरआई अपस्ताल) टीकाकरण शुरुआत की लाइव प्रसारण के साथ देश के अन्य राज्यों के साथ जुड़े रहेंगे.

जैव अपशिष्टों के प्रबंधन व निष्पादन की होगी व्यवस्था:
अमृत प्रत्यय ने बताया कि प्रत्येक टीकाकरण स्थलों पर जैव चिकित्सा अपशिष्टों के प्रबंधन के लिए कलर कोडेड बैग्स की व्यवस्था है. इन्हें सम्बंधित जैव चिकित्सा अपशिष्ट उपचार केंद्र के माध्यम से उठाव कर उनका निष्पादन किया जायेगा. इसके लिए राज्य में भागलपुर को 11 जिलों से, गया को 6 जिलों से, मुजफ्फरपुर को 15 जिलों से एवं पटना से 6 जिलों को जोड़ा गया है. जैव चिकित्सा अपशिष्टों के कलेक्शन एवं डिस्पोजल की जिम्मेदारी सिनर्जी वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, मेडीकेयर इनवोरमेंट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड एवं संगम मेडीसर्व प्राइवेट लिमिटेड को दी गयी है.

प्रथम चरण में इनका होगा टीकाकरण:
शनिवार से शुरू होने वाले टीकाकरण में सफाई कर्मी, एम्बुलेंस ड्राईवर, लेबोरेटरी टेकनीशियन, नर्स(एएनएम एवं जीएनएम), चिकित्सक एवं 50 वर्षों से अधिक उम्र वाले लोग, जिन्हें किसी तरह की कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या न हो, शामिल होंगे.
प्रत्येक सत्र स्थल पर 3 कक्ष बनाए गए हैं:
टीकाकरण के लिए प्रत्येक सत्र स्थल पर 3 कक्ष बनाये गये हैं. पहला कक्ष प्रतीक्षालय, दूसरा टीकाकरण कक्ष व तीसरा अवलोकन कक्ष निर्धारित किया गया है. अवलोकन कक्ष में टीकाकृत लाभार्थी की 30 मिनट तक करनी है. सत्र स्थलों पर एईएफआई किट, हैंड सेनिटाइजर, मास्क, बिजली व पानी की आपूर्ति, साफ सफाई, वेबकास्ट के लिए टेलीविजन व इंटरनेट कंनेक्शन सहित अन्य आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है.
इस दौरान राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार, प्रशासी पदाधिकारी खालिद अरशद, राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. एनके सिन्हा सहित अन्य राज्य स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे