कोरोना संक्रमण भी आशादीदी मिता सरकार के हौसलों को डिगा न सका

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● बानपुर की आशा मिता सरकार की सेवा भाव से अभिभूत हैं लाभार्थी व अधिकारी

जमुई-

जिले के खैरा प्रखंड के बानपुर पंचायत व गांव की आशा मिता सरकार विगत 12 वर्षों से समाज के जरूरतमंदों के लिए कार्यरत हैं । अपनी लगन और मेहनत से न केवल लाभार्थियों बल्कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कर रहीं हैं | सप्ताह के सातों दिन मातृत्व शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण में उत्तरोत्तर वृद्धि के लिए सेवारत रहनेवाली हैं वहाँ की आशा दीदी। मिता कहती हैं कि पिछले वर्ष 2020 के मार्च महीने के आखिरी सप्ताह में समुदाय में कोरोना सहित स्वास्थ्य जागरूकता प्रचार के क्रम में ही कोरोना जाँच के उपरांत मुझे संक्रमित होने की जानकारी मिली| इससे मैं बिल्कुल नहीं घबराई और 20 दिनों तक घर आधारित क्वारेनटाइन में रही। इसकी जानकारी क्षेत्र के लाभार्थियों को मिली तो अपनी आशा दीदी के जल्द कोरोना वायरस से मुक्त होने के लिए दो सप्ताह तक दुआओं का दौर शुरू हो गया जो किसी भी समाज सेवी के लिए विशेष सम्मान है। अगली जाँच के बाद उससे मुक्त होने की पुष्टि हुई। इससे मेरे अंदर का समाज सेवी और मजबूती से उभर गया। मैं स्वच्छता और सुरक्षा के सभी उपायों को अपनाकर समाज के हरेक व्यक्ति को कोरोना से सुरक्षित रहने के लिए पूरी तरह से जुट गई। हाँ, मेरे घर-परिवार के सदस्यगण लगातार चिंतित रहते थे जो उस मौके पर किसी शुभ चिन्तक के लिए लाजिमी था।

फ्रंट लाइन वर्कर को टीका दिये जाने से समाज में स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मान मिलने जैसा माहौल-

कोविड-19 टीकाकरण की शुरुआत होने पर इसके शोधकर्ताओं और इससे जुड़े वैज्ञानिकों को धन्यवाद् देते हुए कहती हैं कि इतने कम समय में टीका तैयार कर लेना और पहले फ्रंट लाइन वर्कर को दिये जाने से समाज में स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मान मिलने जैसा माहौल है। इसपर बात करते हुए वहां की एक गर्भवती महिला रुखसाना खातून कहती हैं – हमारी आशा मिता दीदी के कोरोना होने की जानकारी मिलते ही हम लोग उनके स्वस्थ होने के लिए रोज दुआएं करते रहे और वो ठीक भी हुई। वो नहीं रहेंगी तो हमें स्वस्थ रहने के लिए साफ सफाई के तरीके आखिर कौन बताता। आगे चर्चा के क्रम में खैरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डॉ. अमित रंजन ने बताया कि मिता सरकार हमारी सक्रिय आशा में से एक हैं और दिए गए प्रशिक्षण का नियमित पालन करती हैं और समय की पाबंद भी हैं। इसी में जोड़ते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य प्रबंधक गिरीश कुमार और सामुदायिक उत्प्रेरक शोहराब अली ने बताया मिता सरकार ने अपने अथक प्रयास और सूझबुझ से सदैव अपने समाज के जरूरत मंदों में अपनी पहुँच सुनिश्चित करती रही हैं और इससे हम सभी गौरवान्वित हैं।

खगड़िया जिले में छः माह की उम्र पार चुके बच्चों का कराया गया अन्नप्राशन

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– डीपीओ, डीसी, सीडीपीओ एवं एल एस ने क्षेत्र भ्रमण कर कार्यक्रम का लिया जायजा, दिए आवश्यक निर्देश
– जिले के सभी ऑगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यक्रम का हुआ आयोजन

खगड़िया, 19 जनवरी|
मंगलवार को जिले के सभी प्रखंडों में अन्नप्राशन कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान जिले की सभी सेविकाओं ने अपने-अपने पोषक क्षेत्र के छः माह की उम्र पार करने वाले बच्चों को अन्नप्राशन कराया| इस दौरान सेविकाओं ने बच्चे की माँ को बच्चे के 6 माह के बाद ऊपरी आहार की विशेषता बताते हुए अन्नप्राशन के महत्व की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही आईसीडीएस की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी नीना सिंह, एनएनएम के जिला समन्वयक अम्बुज कुमार, संबंधित क्षेत्र के सीडीपीओ एवं महिला पर्यवेक्षिका (एल एस) के साथ विभिन्न केंद्रों की मॉनिटरिंग की गई और सेविकाओं को आवश्यक निर्देश दिए गए।

– अन्नप्राशन के साथ दो वर्षों तक स्तनपान भी जरूरी : –
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी नीना सिंह ने बताया कि इस दौरान बच्चों की माँ को बताया गया कि बच्चों को अन्नप्राशन के साथ कम से कम दो वर्षों तक स्तनपान भी करायें | वहीं छः माह तक सिर्फ स्तनपान ही करायें । तभी बच्चे का स्वस्थ शरीर निर्माण हो पाएगा। इसके अलावा 6 माह से ऊपर के बच्चों के अभिभावकों को बच्चों के लिए पूरक आहार की जरूरत के विषय में जानकारी दी गयी। 6 माह से 9 माह के शिशु को दिन भर में 200 ग्राम सुपाच्य मसला हुआ खाना, 9 से 12 माह में 300 ग्राम मसला हुआ ठोस खाना, 12 से 24 माह में 500 ग्राम तक खाना खिलाने की सलाह दी गयी। इसके अलावा अभिभावकों को बच्चों के दैनिक आहार में हरी पत्तीदार सब्जी और पीले नारंगी फल को शामिल करने की बात बताई गयी। चावल, रोटी, दाल, हरी सब्जी, अंडा एवं अन्य खाद्य पदार्थों के पोषक तत्वों के विषय में चर्चा कर अभिभावकों को इसके विषय में जागरूक किया गया।

– पौष्टिक आहार की महत्ता की दी गई जानकारी :-
जिला समन्वयक अंम्बुज कुमार ने बताया कि शिशु के जन्म के एक घंटे के भीतर मां का गाढ़ा-पीला दूध बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। अगले छह माह तक केवल मां का दूध बच्चे को कई गंभीर रोगों से सुरक्षित रखता है। 6 माह के बाद बच्चे का शारीरिक एवं मानसिक विकास काफी तेजी से होता है। इस दौरान स्तनपान के साथ ऊपरी आहार की काफी जरूरत होती है। घर का बना मसला व गाढ़ा भोजन ऊपरी आहार की शुरुआत के लिए जरूरी है। वहीं, कहा कि सामान्य प्रसव के लिए गर्भधारण होने के साथ ही महिलाओं को चिकित्सकों से जाँच करानी चाहिए और चिकित्सा परामर्श का पालन करना चाहिए।

– स्वच्छता एवं साफ-सफाई पर दिया गया बल:-
परवत्ता सीडीपीओ कामिनी कुमारी ने बताया कि साफ पानी एवं ताजा भोजन संक्रामक रोगों से बचाव करता है। शौच जाने से पहले एवं बाद में तथा खाना खाने से पूर्व एवं बाद में साबुन से हाथ धोना चाहिए। घर में तथा घर के आस-पास सफाई रखनी चाहिए। इससे कई रोगों से बचा जा सकता है।

छोटा और सुखी परिवार के लिए मिशन परिवार विकास अभियान है बेहतर और आसान उपाय

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– अभियान कि सफलता के लिए सामाजिक सहयोग है जरूरी
– परिवार नियोजन के साधन अपनाने से मजबूत होगा शारीरिक और आर्थिक विकास

लखीसराय, 19 जनवरी|
दुनिया का प्रत्येक परिवार खुशहाल जिंदगी जीने और अपने बच्चों को अच्छी तालीम (शिक्षा), स्वास्थ्य, रहन-सहन के साथ ही पूरे परिवार के लिए सुखद जीवन-यापन की पहली चाहत रखता है। बावजूद इसके अधिकांश परिवार इस हसरत को पूरा करने में सफल नहीं हो पाते हैं। इसके विभिन्न कारणों में मुख्य कारण परिवार का छोटा नहीं होना है। क्योंकि, यह तभी संभव होगा जब आपका परिवार छोटा और सीमित होगा। दरअसल, बड़ा परिवार होने के कारण अधिकांश परिवार का अन्य सुविधाओं से जुड़ना तो दूर उचित परवरिश भी नहीं हो पाता है। इसीलिए प्रत्येक व्यक्ति को शादी के साथ अपने परिवार की जिम्मेदारी भी तय करने की जरूरत है। इसके लिए सरकार द्वारा भी तमाम योजनाएँ चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सरकार की योजनाओं में शामिल परिवार नियोजन अभियान छोटा और सीमित परिवार के लिए सबसे बेहतर और आसान उपाय है। जिसे अपनाकर हर व्यक्ति छोटा और खुशहाल परिवार की जिंदगी जी सकता है। इसके अलावे सरकार द्वारा अन्य वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई है।

छोटा और खुशहाल परिवार के लिए समाज के हर व्यक्ति को आगे आने की जरूरत :-
जिला अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. देवेन्द्र चौधरी ने बताया कि छोटा और खुशहाल परिवार के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आने कि जरूरत है। क्योंकि, किसी भी अभियान को सफल बनाने के लिए सामाजिक स्तर पर सहयोग जरूरी है। इसीलिए सामाजिक स्तर पर लोगों के जागरूक होने के बाद ही छोटा और खुशहाल परिवार को बढ़ावा मिलेगा और सरकार द्वारा चलाई जा रही परिवार नियोजन की योजना सफल होगी।

जिला से लेकर प्रखंड स्तर पर की जा रही है प्रशासनिक तैयारी :-
परिवार नियोजन योजना की सफलता को ले जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक प्रशासनिक पहल की जा रही है ताकि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को परिवार नियोजन योजना की जानकारी मिल सकें और इच्छुक व्यक्ति आसानी के साथ उक्त योजना का लाभ ले सकें। इसके लिए लगातार प्रखंड स्तर पर भी बीडीओ, पीएचसी प्रभारी, सीडीपीओ, केयर इंडिया समेत प्रखंड स्तरीय अन्य विभागों के पदाधिकारी संयुक्त बैठक कर योजना की सफलता को ले लगातार रणनीति तैयार कर रहे हैं। इसके साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए नित्य नये-नये प्लान तैयार कर रहे हैं। मिशन, सिर्फ एक ही कि उक्त योजना की जानकारी समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँचाई जा सके ।

परिवार नियोजन के साधन अपनाने से ही मजबूत होगा शारीरिक और आर्थिक विकास :-
परिवार नियोजन योजना को अपनाने से ना सिर्फ छोटा और सीमित परिवार होगा, बल्कि, जहाँ महिलाओं की शारीरिक विकास होगा। वहीं, परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। इससे आप अपने बच्चों को उचित परवरिश के साथ अच्छी शिक्षा हासिल कराने में समृद्ध होंगे और बच्चे को उचित परवरिश का माहौल मिलेगा। इसके साथ ही समाज में अच्छा संदेश जाएगा और सामाजिक स्तर पर लोग जागरूक होंगे। जब बच्चों को उचित परवरिश मिलेगा तो वो मानसिक और शारीरिक रूप से भी मजबूत होगा।

वैकल्पिक उपायों की भी दी जाएगी जानकारी :-
यदि कोई महिला परिवार नियोजन योजना को अपनाने के लिए तैयार है। किन्तु, उनका शरीर ऑपरेशन के लिए सक्षम नहीं है तो ऐसे महिला को लिए सरकार द्वारा अस्थाई उपाय को अपनाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई है। जिसकी जानकारी एएनएम के नेतृत्व में संबंधित क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता द्वारा समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँचाई जाएगी और वैकल्पिक व्यवस्था को भी अपनाने के लिए प्रेरित भी की जाएगी। जिसमें उक्त महिला को काॅपर – टी, छाया, कंडोम, अंतरा समेत अन्य वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी।

वैकल्पिक व्यवस्था भी है पूरी तरह सुरक्षित, नहीं है किसी प्रकार का साइड इफेक्ट :-
सरकार द्वारा परिवार विकास मिशन के तहत की गई वैकल्पिक व्यवस्था भी पूरी तरह सुरक्षित है। इसका किसी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं है। किन्तु, किसी भी प्रकार की वैकल्पिक व्यवस्था को अपनाने के पूर्व हर हाल में चिकित्सकों से सलाह लें और चिकित्सा परामर्श के बाद हीं अपनाएं। ताकि अपनाने के बाद किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।

परिवार नियोजन को लेकर जिले में चल रहा है पखवाड़ा :-
वर्तमान में जिले में परिवार नियोजन ऑपरेशन का पखवाड़ा चल रहा है। जिले के सभी पीएचसी में परिवार नियोजन की सुविधा उपलब्ध है।

रंगरा में रैली निकालकर परिवार नियोजन को लेकर लोगों को किया गया जागरूक

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-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एएनएम एवं आशा कार्यकर्ताओं की हुई बैठक
-परिवार नियोजन पखवाड़ा और संचार अभियान की दी गई जानकारी

भागलपुर, 19 जनवरी
स्वास्थ्यकर्मियों ने मंगलवार को जागरूकता रैली निकालकर क्षेत्र के लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक किया. रैली में आशा कार्यकर्ता, एएनएम एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे. रैली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रंगरा से रंगरा चौक तक निकाली गई. रैली के दौरान लोगों को परिवार नियोजन की जानकारी दी गई और इसके फायदे गिनाए गए.
परिवार नियोजन पखवाड़ा और जनवरी से मार्च तक चलने वाले संचार अभियान को लेकर बैठक-
इससे पहले रंगरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 21 से शुरू हो रहे परिवार नियोजन पखवाड़ा और जनवरी से मार्च तक चलने वाले संचार अभियान को लेकर बैठक हुई. बैठक में आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम को सामग्री का ऑनलाइन उठाव कर लेने के लिए कहा गया, ताकि परिवार नियोजन पखवारा के दौरान किसी भी तरह की कोई दिक्कत नहीं हो. बैठक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ रंजन कुमार ने आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम को क्षेत्र में परिवार नियोजन कार्यक्रम किस तरह चलाना है, इसकी जानकारी दी. डॉ. रंजन कुमार ने बताया कि बैठक में हमलोगों ने परिवार नियोजन पखवाड़ा को लेकर एक योजना बनाई. एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को बताया कि आगे किस तरीके से काम करना है. जिससे लोग परिवार नियोजन के महत्व को समझें और इसके प्रति अपनी दिलचस्पी दिखाएं.
आशा कार्यकर्ता योग्य दंपत्ति की करेंगी सर्वे:
डॉ. रंजन कुमार ने बताया कि बैठक के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को 21 से 31 जनवरी तक चलने वाले परिवार नियोजन पखवाड़े में योग्य दंपत्ति की पहचान करने को कहा गया है. योग्य दंपत्ति की पहचान करने पर आशा कार्यकर्ताओं को ₹300 रुपये दिया जाएगा. साथ ही योग्य दंपत्ति को हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी.
आज से शुरू हो जाएगा सास- बहू सम्मेलन:
बैठक में मौजूद केयर इंडिया के एफपीसी जितेंद्र कुमार ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं एवं एएनएम को क्षेत्र में सास- बहू सम्मेलन आयोजित करने के लिए कहा गया. सास बहू सम्मेलन में क्षेत्र की 10 परिवार की सास और बहू को इकट्ठा कर उन्हें परिवार नियोजन की जानकारी दी जाएगी और इसके फायदे के बारे में बताया जाएगा. आशा कार्यकर्ताओं का इसकी तैयारी करने कहां गया.

एक बच्चे वाले दंपति की होगी काउंसलिंग:
जितेंद्र कुमार ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र के 1 बच्चे वाले दंपति की आशा कार्यकर्ताओं ने पहचान की है. अब एएनएम उन लोगों की काउंसलिंग करेंगी. काउंसलिंग में उन्हें बताया जाएगा कि एक बच्चे से दूसरे बच्चे के बीच 3 साल का अंतराल होना चाहिए. ऐसा करने से क्या फायदा होगा. इसकी जानकारी एएनएम एक बच्चे वाले दंपती को देंगी. 3 साल के अंतराल से जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ रहता है, इसकी भी जानकारी देंगी.

कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढकें .
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें रंगरा में रैली निकालकर परिवार नियोजन को लेकर लोगों को किया गया जागरूक

कटोरिया में कोरोना का टीका लेने के लिए आगे आ रहे हैं स्वास्थ्यकर्मी

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-3 दिनों में लगभग 190 स्वास्थ्यकर्मियों ने लिए टीके
– मंगलवार को खराब मौसम में भी 40 स्वास्थ्यकर्मियों ने लिए टीके

बांका, 19 जनवरी

कटोरिया रेफरल अस्पताल में कोरोना टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्यकर्मी काफी उत्साहित हैं. मंगलवार को मौसम खराब होने के बावजूद 40 स्वास्थ्यकर्मी टीका लेने के लिए आगे आए. इससे पहले सोमवार को 80 स्वास्थ्यकर्मियों ने टीके लिए थे. जबकि शनिवार को 70 स्वास्थ्यकर्मी टीका लेने के लिए आगे आए थे. इस तरह से 3 दिन में लगभग 190 स्वास्थ्यकर्मियों ने कोरोना के टीके लिए. सबसे सुखद बात यह है कि अब तक किसी को भी कोई साइड इफेक्ट नहीं हुआ है.
3 दिन में लगभग 190 स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण-
कटोरिया रेफरल अस्पताल के प्रभारी और नोडल पदाधिकारी डॉ विनोद कुमार ने कहा कि यहां पर टीकाकरण अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है. स्वास्थ्यकर्मी भी अपना उत्साह दिखा रहे हैं. बढ़ चढ़कर इसमें अपनी भूमिका को निभा रहे हैं. 3 दिन में लगभग 190 स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण हो चुका है. आने वाले दिनों में भी बेहतर परिणाम की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि टीकाकरण से किसी तरह का कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होता है. अब तक किसी के साथ कुछ भी नहीं हुआ है. कुछ लोग इस तरह की अफवाह फैला रहे हैं, ऐसे लोगों के झांसे में नहीं आना चाहिए.

30 मिनट तक रखते हैं निगरानी में:
डॉ विनोद कुमार ने कहा कि टीका पड़ने के बाद स्वास्थ्यकर्मियों को हमलोग 30 मिनट तक निगरानी में रखते हैं. उसके बाद उन्हें घर जाने के लिए कहते हैं. अस्पताल में 3 रूम बनाया गया है. पहले रूम में स्वास्थ्यकर्मियों को पर्ची दी जाती है. दूसरे रूम में टीका पड़ता है और तीसरे रूम में 30 मिनट तक निगरानी में स्वास्थ्यकर्मी रहते हैं.

टीका लेने वालों को गाइडलाइन का पालन करने की दी जा रही सलाह:
डॉ विनोद कुमार ने कहा कि टीका लेने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को अगले 28 दिनों तक कोरोना की गाइडलाइन का पालन करने के लिए कहते हैं. उन्हें दो गज की सामाजिक दूरी का पालन करने को कहा जा रहा है. साथ में मास्क भी लगाने को कहा गया है| इसके अलावा साफ-सफाई का भी ध्यान रखने को कहा गया है.

टीकाकरण को लेकर अस्पताल में बनाई गई है 2 टीम:
डॉ विनोद कुमार ने बताया कि अस्पताल में टीकाकरण को लेकर हमलोगों ने 2 टीम बनाई है. एक टीम काम शुरू करती है, दूसरी टीम बैकअप में रहती है. अगर पहली टीम थक जाती है तो हमलोग दूसरी टीम को टीकाकरण में लगा देते हैं. दोनों ही टीम में पांच- पांच स्वास्थ्यकर्मियों को रखा गया है.

कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढकें .
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें

राज्य में 301 सत्र स्थलों पर हुआ टीकाकरण, सोमवार को 14745 लोगों को लगा टीका

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पटना-

राज्य भर में 16 जनवरी को एक साथ कोरोना टीकाकरण अभियान शुरू किया गया. पहले ही दिन राज्य में 18122 कोरोना योद्धाओं को टीका लगाया गया. सोमवार को पुनः राज्य में चिन्हित 301 सत्र स्थलों पर टीकाकरण किया गया . सप्ताह में चार दिन( सोमवार, मंगलवार, गुरूवार एवं शनिवार) कोरोना टीकाकरण कार्य किया जाएगा. प्रथम चरण के लिए बिहार में कोविन पोर्टल पर पंजीकृत स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण किया जाना है. सोमवार को राज्य में 14745 लोगों को टीका लगाया गया.
28 दिन में लगेगा दूसरा टीका:
जिन कोरोना योद्धाओं को कोरोना टीका का पहला डोज लगाया गया है, उन्हें 28 दिन बाद टीके का दूसरा डोज दिया जाएगा. दूसरे डोज के 14 दिन बाद बाद ही कोरोना के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है. इसलिए टीके के बाद भी सावधानी बरतनी जरुरी है. साथ ही कोविशील्ड टीकाकृत लाभार्थी को कोविशील्ड व कोवैक्सीन टीकाकृत लाभार्थी को कोवैक्सीन का ही दूसरा डोज दिया जाना है.
ऐसी स्थिति में न लें टीका:
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा यह आश्वस्त किया गया है कि कोविड टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित और असरदार है. टीके जल्द बनाए गए हैं, लेकिन पूरे नियमों का पालन किया गया ताकि यह सुरक्षित हो. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है जिन लोगों की दवा या किसी प्रकार के खाने की ऐलर्जी है,वह यह टीका न लगवाएं. गर्भवती, धात्री या ऐसी महिलायें जिन्हे गर्भवती होने की संभावना लग रही है उनको भी यह टीका नहीं लगवाया चाहिए. यह टीका 18 वर्ष से काम की उम्र के बच्चों के लिए भी नहीं है.
कोविड-19 वैक्सीन सभी के लिए सुरक्षित:
कोविड टीका सभी प्रमाणित वैक्सीन पूरी प्रक्रिया के गुजरने का बाद ही स्वीकृत की गयी है और पूर्णतया सुरक्षित है। चरणवार तरीके से इसे सभी को उपलब्ध कराने की सरकार की योजना है । टीकाकरण के पश्चात लाभार्थी को किसी प्रकार की परेशानी के प्रबंधन के लिए सत्र स्थल पर एनाफलीसिस कीट एवं एईएफआई कीट की पर्याप्त संख्या में उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है तथा इसके लिए संबंध में टीकाकर्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया गया है

वैक्सीन ले चुके व्यक्ति भी सुरक्षा के मद्देनजर जारी रखें एहतियात

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– वैक्सीनेशन के बाद स्वास्थ्य कर्मियों में दिखा उत्साह
– शत-प्रतिशत कर्मियों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने की तैयारी में जुटा स्वास्थ्य विभाग

खगड़िया-
कोविड-19 से बचाव के लिए कोविड टीकाकरण अभियान के पहले दिन जिले में निर्धारित 500 स्वास्थ्य कर्मियों में 380 कर्मियों का वैक्सीनेशन हुआ। जबकि शेष बचे अन्य कर्मियों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने को स्वास्थ्य विभाग आवश्यक तैयारी में जुट गया है। वहीं, वैक्सीन लेने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों में काफी उत्साह दिखा। जिले में सबसे पहला टीका सदर अस्पताल के सफाई कर्मी मंतर मल्लिक उर्फ भोला मल्लिक को दिया गया था।

– रजिस्ट्रर्ड सभी कर्मियों को दी जाएगी वैक्सीन :-
जिला सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया कि रजिस्ट्रर्ड सभी स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन दी जाएगी । इसको लेकर सारी तैयारियाँ पूर्व में ही पूरी कर ली गई है और शेष आवश्यक तैयारियाँ पूरी की जा रही है। वैक्सीनेशन के दौरान सरकार के निर्देश का पूरी तरह पालन किया जाएगा। ताकि वैक्सीन लेने वाले व्यक्ति को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। वहीं, सिविल सर्जन ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। इसलिए, सभी लोगों निर्भीक क होकर वैक्सीनेशन कराएं और अफवाहों से दूर रहें।

– जिले में 6900 स्वास्थ्य कर्मियों को पड़नी है वैक्सीन :-
स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार डेटा के अनुसार जिले में कुल 6,900 स्वास्थ्य कर्मियों का वैक्सीनेशन होगा। इन सभी कर्मियों का डेटा तैयार कर पूर्व में ही विभाग के वेबसाइट पर अपलोड किया जा चुका है। इन सभी कर्मियों को पहले चरण के तहत वैक्सीन दी जाएगी ।

– वैक्सीन ले चुके व्यक्ति को एहतियात जारी रखना जरूरी :-
सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया कि वैक्सीन ले चुके व्यक्ति को भी कोविड-19 से सुरक्षा के मद्देनजर नजर एहतियात जारी रखना जरूरी है। इसके लिए नियमित रूप से पूर्व की तरह मास्क का उपयोग, शारीरिक दूरी का पालन, साफ-सफाई का ख्याल समेत बचाव से संबंधित अन्य उपायों का पालन करना चाहिए। ताकि पुनः संक्रमण का खतरा उत्पन्न नहीं हो और आगे भी पूरी तरह सुरक्षित रहें।

– जिले में बनाए गए हैं पाँच वैक्सीनेशन सेंटर :-
वैक्सीनेशन अभियान की सफलता के लिए जिले में पाँच जगह वैक्सीनेशन सेंटर बनाया गया है। जिसमें सदर अस्पताल, परवत्ता पीएचसी, सदर पीएचसी, अलौली पीएचसी एवं गोगरी रेफरल अस्पताल शामिल हैं । सभी सेंटरों पर सप्ताह में चार दिन वैक्सीनेशन होगा।

– 28 दिनों के अंदर ही दी जाएगी वैक्सीन की दूसरी डोज :-
कोविड-19 से बचाव के लिए हर व्यक्ति को कोविड-19 वैक्सीन की पूरी डोज दी जाएगी। इसके लिए एक व्यक्ति का दो बार वैक्सीनेशन होगा। पहला टीका पड़ने के बाद 28 दिनों के अंदर ही वैक्सीन की दूसरी डोज दी जाएगी। जिन व्यक्ति को वैक्सीनेशन के लिए कोविडशील्ड दी जाएगी उन्हें दूसरे डोज के रूप में कोविडशील्ड ही दी जाएगी । कोविडशील्ड के एक वाइल से 10 लोगों का वैक्सीनेशन होगा। वैक्सीनेशन को लेकर सभी व्यक्ति को आवश्यक सावधानियाँ बरतने को कहा गया है। ताकि वैक्सीन लेने के पश्चात किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं हो।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क और सैनिटाइजर का नियमित रूप उपयोग करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से हाथ धोएं।
– अनावश्यक यात्रा से परहेज करें।
– बाहरी खाना खाने से परहेज करें और बासी खाना से बिलकुल दूर रहें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।

मैंने टीका लेकर निभाई अपनी जिम्मेदारी, अब आपकी है बारी

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– कोरोना का टीका लेने वाले शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी ने की यह अपील
-टीका पड़ने से आप ही नहीं, दूसरे लोग भी हो जाएंगे सुरक्षित

बांका-

कोरोना का टीकाकरण शुरू हो चुका है. पहले स्वास्थ्यकर्मियों को दिया जा रहा है. इसके बाद आमलोगों को भी दिया जाएगा. टीका लेने में आगे रहें. किसी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं दें और विश्वास रखें कि 1 दिन पोलियो की तरह ही कोरोना को भी हमलोग हरा देंगे. पिछले 9 महीने से चल रहे भय के माहौल को खत्म करने के लिए हमलोगों को आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभानी चाहिए. टीकाकरण से ना सिर्फ आप, बल्कि दूसरे लोग भी सुरक्षित हो जाएंगे. ऐसा कहना है कोरोना का टीका लेने वाले शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी का. उन्होंने कहा कि टीका पूरी तरह से सुरक्षित है. इसे लेने में किसी तरह का संकोच नहीं करें. मैंने लेकर अपनी जिम्मेदारी निभाई है. आप भी इस अभियान से जुड़ें और टीका लेने के लिए सामने आएं.

कोवैक्सीन और कोविशील्ड में कोई अंतर नहीं: डॉ. चौधरी कहते हैं कि कोरोना के दो टीके देश में विकसित हुए हैं. एक कोविशील्ड तो दूसरा कोवैक्सीन. दोनों में कोई अंतर नहीं है. दोनों ही टीका कारगर है. प्रयोग के दौरान दोनों से ही समान रिजल्ट आया है. इसलिए कोई भी टीका पड़े तो उससे आपका फायदा ही होगा.

28 दिन तक के बाद दूसरा डोज जरूर लें: डॉ चौधरी ने कहा कि 28 दिन के बाद कोरोना के टीका का दूसरा डोज भी दिया जाएगा. अभी टीका लेने वालों को 28 दिन तक सामाजिक दूरी का पालन करना पड़ेगा. दूसरा डोज लेने के बाद 14 दिनों तक सामाजिक दूरी का पालन करना पड़ेगा. इसके बाद टीका लेने वाला व्यक्ति 95% कोरोना से मुक्त हो जाएगा. इसलिए कोरोना का टीका लेने में आगे रहें.

टीका लेने के बाद भी एहतियात बरतें: डॉ. चौधरी कहते हैं कि टीका लेने के बाद भी एहतियात बरतनी चाहिए.
सावधानी बरतने में किसी तरह की बुराई नहीं है. मास्क पहनने से ना सिर्फ कोरोना से बचाव होता है, बल्कि दूसरी बीमारियों से भी हम लोग बचे रहते हैं. इसलिए मास्क जरूर पहने. सामाजिक दूरी का पालन करने से संक्रामक बीमारियों से लोगों का बचाव होता है.

अफवाह पर नहीं दें ध्यान: डॉ चौधरी ने कहा कि अफवाहों पर लोगों को ध्यान नहीं देना चाहिए. समाज में कुछ नकारात्मक लोग होते हैं जो हर अच्छी चीजों का विरोध करते हैं. सोशल साइट्स पर ऐसे लोग ज्यादा सक्रिय होते हैं. इन लोगों के झांसे में आने की जरूरत नहीं है. हमलोग टीकाकरण में शामिल होकर समाज को कोरोना से मुक्त बनाएंगे. देश के इतने बड़े अभियान को हमलोग अपनी भूमिका निभाकर सफल बनाएंगे.

टीकाकरण के उपरांत एइएफआई मामलों के लिए है समुचित प्रबंधन की व्यवस्था

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पटना-

कोरोना टीकाकरण पूरे देश में 16 जनवरी से शुरू की गयी है. टीकाकरण के उपरांत संभावित अड्वर्स इवेंट्स फालोइंग इमुनाइजशन (एइएफआई)मामलों के लिए समुचित प्रबंधन की व्यवस्था सरकार द्वारा की गई है|
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार टीकाकरण के उपरांत किसी भी प्रकार की चिकित्सीय परेशानी अगर टीका लगवाने वाले को होती है तो उसके ससमय प्रबंधन को एइएफआई यानी “एडवर्स इवेंट्स फोलोइंग इम्यूनाइजेशन” की संज्ञा दी जाती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन की शोध के अनुसार एइएफआई की स्थिति कई कारणों से उत्पन्न हो सकती है और यह जरुरी नहीं है की टीकाकरण ही इसकी वजह हो. टीकाकरण को लेकर आशंका, मन में घबराहट का होना एवं टीकाकरण के समय गलत तकनीक का इस्तेमाल आदि इसके वजह हो सकते हैं. ज्यादातर एइएफआई के लक्षण जैसे जी मितलाना, घबराहट, टीके वाली जगह सूजन एवं सर में दर्द आदि का प्रबंधन आसानी से किया जा सकता है. गंभीर चिकित्सीय जटिलता टीकाकरण के उपरांत कम ही नजर आती है.

दो दिनों के टीकाकरण के उपरांत देश में एइएफआई के मात्र 447 मामले सामने आये हैं जिनका त्वरित चिकित्सीय प्रबंधन किया गया. सिर्फ तीन लोगों को अस्पताल में भर्ती करने की जरुरत पड़ी और उनमे से दो लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है. एइएफआई के मामलों में सामान्यतः हलके लक्षण जैसे जी मचलाना एवं सर में दर्द आदि लक्षण देखने को मिले हैं
एइएफआई के मामलों के लिए है समुचित प्रबंधन की है व्यवस्था:
कोविड-19 टीकाकरण के उपरांत एइएफआई मामलों के प्रबंधन के लिए हर जिले में समुचित व्यवस्था की गयी है. यह व्यवस्था जिलों के मेडिकल कोलेज एवं अस्पताल में की गयी है. कोविड-19 को लेकर पूर्व में जिला एवं प्रखंड स्तर पर 24 घंटे क्रियाशील नियंत्रण कक्ष में मौजूद चिकित्सा पदाधिकारी एवं कर्मियों को तीन पारियों में प्रतिनियुक्ति की गयी है. साथ ही टीकाकरण स्थल पर कोविड सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जा रहा है और टीकाकरण के उपरांत टीकाकृत लाभार्थी पर नजर रखी जा रही है. इसके लिए कोरोना टीकाकरण के बाद लाभार्थी को 30 मिनट तक सत्र स्थल पर ही रोक कर उनकी निगरानी की जा रही है.
कोविड-19 वैक्सीन सभी के लिए सुरक्षित:
कोविड टीका सभी प्रमाणित वैक्सीन पूरी प्रक्रिया के गुजरने का बाद ही स्वीकृत की गयी है और पूर्णतया सुरक्षित है। चरणवार तरीके से इसे सभी को उपलब्ध कराने की सरकार की योजना है । टीकाकरण के पश्चात लाभार्थी को किसी प्रकार की परेशानी के प्रबंध के लिए सत्र स्थल पर एनाफलीसिस कीट एवं एईएफआई कीट की पर्याप्त संख्या में उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है. इसके लिए संबंधित टीकाकर्मी एवं चिकित्सकों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया गया है।

कोरोना टीकाकरण महाअभियान: पहले दिन सबसे पहले टीका लगवाने वाले स्वाथ्यकर्मियों ने टीका को बताया सुरक्षित

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– जिले के रामगढ़ चौक पीएचसी में कालाजार रोग के सुपरवाइजर रत्नेश चन्द्र पांडेय ने लगाया था सबसे पहले टीका
– शनिवार को जिले के पांच सेशन साइट पर स्वास्थ्य कर्मियों को लगाया गया था कोरोना का टीका
– 28 दिनों के बाद सभी स्वाथ्य कर्मी लगवाएंगे कोरोना वैक्सीन का दूसरा डोज

लखीसराय –

कोरोना टीकाकरण महाअभियान के पहले दिन शनिवार को जिले के पांच सत्र स्थल (सेशन साइट) पर सबसे पहले कोरोना का टीका लगवाने वाले स्वास्थ्य कर्मियों ने कोरोना वैक्सीन को पूरी तरह से सुरक्षित बताया है। टीका लगवाने के बाद उन्हें किसी तरह की कोई घबराहट और परेशानी महसूस नहीं हुई-
जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह द्वारा शनिवार को जिले के रामगढ़ चौक पीएचसी पर कोरोना टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया। यहां सबसे पहले कोरोना का टीका लगवाने वाले डॉ. कालाजार सुपरवाइजर रत्नेश चन्द्र पांडेय ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने वाला यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है। टीका लगवाने के बाद उन्हें किसी तरह की कोई घबराहट और परेशानी महसूस नहीं हुई। उन्होंने बहुत ही अच्छा महसूस किया। अब 28 दिनों के बाद वो निश्चित तौर पर टीका का दूसरा डोज भी लेंगे। उन्होंने बताया कि वो वैक्सीन लगवाने को लेकर काफी उत्साहित थे ताकि अन्य लोगों को वो पूरे विश्वास के साथ कह सकें कि वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है| जिससे सभी लोग निर्भय होकर कोरोना का टीका लगवा सकें ।
पहले से चल रही अन्य सभी 12 वैक्सीन की तरह यह भी पूरी तरह से सुरक्षित है-
सदर हॉस्पिटल लखीसराय के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर विभीषण कुमार ने बताया कि वो जिले में सबसे पहले कोरोना का वैक्सीन लगवाने को ले काफी उत्साहित थे और उनका सपना पूरा भी हुआ। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के तमाम मॉपदण्डों पर खरा उतरने के बाद ही कोरोना वैक्सीन को मंजूरी मिली है। यह वैक्सीन भी भारत में पहले से चल रही अन्य सभी 12 वैक्सीन की तरह पूरी तरह से सुरक्षित है। वैक्सीन लगवाने के बाद उन्हें किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई । 28 दिनों के बाद वो वैक्सीन का दूसरा डोज भी लेंगे।
कोरोना का यह वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है-
लखीसराय पीएचसी के ब्लॉक हॉस्पिटल मैनेजर अनिल कुमार ने बताया कि स्वाथ्यकर्मियों सहित अन्य लोगों के मन में कोरोना वैक्सीन को ले पनप रही भ्रांति को दूर करने के लिए उन्होंने स्वयं सबसे पहले कोरोना की वैक्सीन लगवाने के फैसला किया| ताकि सभी लोगों को अपने अनुभव के आधार पर यह बता सकें कि कोरोना का यह वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। इसको लेकर किसी भी प्रकार से भयभीत होने की आवश्यकता नही है।

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार भारती ने बताया कि कोरोना टीकाकरण अभियान के पहले चरण में सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना का टीका लगाया जा रहा है। भविष्य में जब ये स्वास्थ्य कर्मी अन्य लोगों को कोरोना का टीका लगायें तो अपने अनुभव के आधार पर यह बता सकें कि पहले उन्होंने कोरोना का टीका लगवाया है और उन्हें किसी भी तरह की परेशानी नहीं हुई। कोरोना वैक्सीन सभी लोगों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है| इसीलिए सभी लोगों को किसी भी तरह की भ्रांति पर ध्यान नहीं देने चाहिए और कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए बिना किसी भय के वैक्सीन लगवानी चाहिए।

कोरोना टीकाकरण के बाद भी सभी लोग बरतें ये सावधानी :
– सभी लोग घर से बाहर भीड़-भाड़ वाले स्थान पर जाने की स्थिति में अनिवार्य रूप से मास्क का इस्तेमाल करें या रुमाल या गमछे से मुहं और नाक को ढकें ताकि वायरस के संक्रमण को रोका जा सके।
– भीड़-भाड़ वाले स्थान पर जाने पर सभी लोग शारीरिक दूरी के नियम के तहत कम से कम दो गज या छह फीट के दूरी के नियम का पालन करें ।
– सभी लोग अपने हाथों को एक निश्चित अंतराल के बाद साबून या हैंड सैनिटाइजर से साफ करें ताकि हाथ साफ कर संक्रमण को दूर किया जा सके।