पौष्टिक भोजन का करें सेवन, बढ़ेगी रोग – प्रतिरोधक क्षमता

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– विटामिन, कैल्शियम और आयरनयुक्त आहार का सेवन जरूरी

– रोग – प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहने पर संक्रमण से रहेंगे दूर

लखीसराय, 29 अक्टूबर।
कोरोना काल में हमें सही पोषण पर अधिक ध्यान देना चाहिए। सही पोषण रहने से रोग – प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहती है। सही पोषण के लिए हमें अधिक से अधिक पौष्टिक और प्रोटीनयुक्त आहार का सेवन करना चाहिए। इसलिए पोषण और रोग – प्रतिरोधक क्षमता को लेकर हर व्यक्ति को सजग रहने की जरूरत है। पौष्टिक और प्रोटीनयुक्त आहार से रोग – प्रतिरोधक क्षमता में तेजी से वृद्धि होती है। यह हमें कई बीमारियों से दूर रखता है।

विटामिन, कैल्शियम और आयरनयुक्त आहार का सेवन जरूरी : –
जिला सिविल सर्जन पदाधिकारी डॉ आत्मानंद राय ने बताया कि रोग – प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के लिए विटामिन, कैल्शियम और आयरनयुक्त आहार का सेवन जरूरी है। समय पर खाना खाना चाहिए। खाना खाने के करीब 30 मिनट बाद भरपूर मात्रा में पानी पीना चाहिए। इससे हमारी रोग – प्रतिरोधक क्षमता काफी मजबूत होती है।

रोग – प्रतिरोधक क्षमता की मजबूती को इन सब्जियां का करें सेवन : –
पालक, पनीर, सोयाबीन, कद्दू, गाजर, बीट समेत अन्य हरी सब्जी व साग का भरपूर मात्रा में सेवन करें।

– इन फलों का करें सेवन : –
रोग – प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के लिए केला, पपीता, संतरा, अनार, अनानास आदि मौसमी फलों का सेवन करना चाहिए।

– नियमित रूप से करें व्यायाम : –
रोग – प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखने एवं बढ़ाने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करें और साथ ही भरपूर नींद लें।

क्या है रोग – प्रतिरोधक क्षमता : –
प्रतिरक्षा प्रणाली में अंग, कोशिकाएं, टिशू और प्रोटीन आदि शामिल होते हैं। ये सभी तत्व मिलकर मानव – शरीर को सही तरीके से काम करने में सहायता करते हैं। इसके साथ में प्रतिरक्षा प्रणाली मानव – शरीर को बीमारियों, संक्रमण, वायरस इत्यादि से लड़ने में सहायता प्रदान करती है। रोग – प्रतिरोधक क्षमता बीमारियों से लड़ने की शक्ति है, जो व्यक्ति को सेहतमंद रहने में सहायता करती है।

प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहने से होने वाले फायदे : –
रोग – प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहने से लोग शारीरिक, मानसिक रूप से भी मजबूत रहते और संक्रामक बीमारियों से दूर रहते हैं। साथ ही स्वस्थ और मजबूत शरीर का निर्माण होता है।

रोग – प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के लक्षण :
– तनाव महसूस होना।
– अधिक सर्दी लगना।
– पेट संबंधी परेशानियाँ होना।
– चोट को ठीक होने में समय लगना।
– संक्रमण होना।
– कमजोरी महसूस होना

– रोग – प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने का कारण : –
– नशीले पदार्थों का सेवन करना।
– पर्याप्त नींद नहीं लेना।
– वजन का अधिक होना।
– व्यायाम नहीं करना।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर : –
– हमेशा दो गज की शारीरिक – दूरी का पालन करें।
– मुँह, नाक और ऑख को अनावश्यक छूने से बचें।
– आवश्यकतानुसार बार – बार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से हाथ धोएं।
– भीड़ – भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– मास्क और सैनिटाइजर का नियमित रूप से उपयोग करें।

लॉकडाउन के दौरान मजदूरों का नहीं टूटने दिया मनोबल, मनोज यादव ने ईंट भट्टे का संचालन रखा जारी

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• सूर्यगढ़ा के निस्ता गाँव स्थित ईट भट्टे के मालिक हैं मनोज यादव
• लॉकडाउन के दौरान मजदूरों का खान -पान से लेकर रहने तक की व्यवस्था का रखा ख्याल

लखीसराय, 29 अक्टूबर, 2020
कोरोना संक्रमण ने न सिर्फ संक्रमण प्रसार के खतरे जो बढ़ाया, बल्कि इस दौरान हुए लॉकडाउन ने दैनिक मजदूरी करने वाले श्रमिकों के सामने जीवन-यापन की कड़ी चुनौती भी पेश की. यद्यपि, सरकार ने अपनी तरफ से इसकी क्षति-पूर्ति के कई प्रयास भी किये. लेकिन लॉकडाउन के दौरान मजदूरों के सामने काम नहीं मिलने की समस्या का पूर्ण समाधान आसान नहीं था. ऐसे में जिले के सूर्यगढ़ा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत निस्ता गाँव स्थित ईट भट्टा के मालिक मनोज यादव ने लॉकडाउन के दौरान भी सरकार के हर गाइडलाइन का पालन करते हुए ईट भट्टा के कार्यों का पूरी सावधानी के साथ संचालन जारी रखा। इस दौरान उन्होंने ना सिर्फ ईट भट्टा का संचालन किया, बल्कि भट्टे पर काम करने वाले मजदूरों का खाना – पीना से लेकर रहने तक आवश्यक व्यवस्था का प्रबंध किया। साथ ही कोविड-19 से बचाव के लिए सुरक्षा के मद्देनजर नजर मजदूरों का विशेष ख्याल भी रखें और बचाव के लिए जागरूक भी करते रहें। ताकि काम करने वाले प्रत्येक मजदूर संक्रमण के दायरे से दूर रहें। भट्टा मालिक का मानना है कि जब समाज के हर व्यक्ति संक्रमण से दूर रहेंगे तभी संक्रमण पूरे समाज से दूर हो सकेगा। यह एक संक्रामक बीमारी है। इसलिए, हर व्यक्ति को सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है।

सरकार के गाइडलाइन का पालन करने के लिए सभी मजदूरों को समुचित व्यवस्था कराया मुहैया
ईट भट्टा मालिक मनोज यादव ने बताया लॉकडाउन के दौरान सरकार ने कोविड-19 संक्रमण रोकथाम के लिए आवश्यक गाइडलाइन जारी किया। जिसमें यह भी शामिल था कि जो जहाँ हैं वह वहीं रहें तभी संक्रमण फैलने से रूकेगा। जिसके बाद सरकार के गाइडलाइन का पालन करते हुए सभी मजदूरों के लिए खाना – पीना से लेकर रहने तक की समुचित व्यवस्था उन्होंने उपलब्ध कराया। ताकि एक भी मजदूर को किसी प्रकार की परेशानियाँ का सामना नहीं करना पड़े और वह पूरी तरह सुरक्षित रहें, जिससे कि मजदूर के साथ अन्य लोग भी सुरक्षित रहें। इस दौरान उनके हर आवश्यक जरूरत का भी उन्होंने विशेष ख्याल रखा।

मजदूरों को बचाव के लिए भी करते रहें जागरूक
भट्टा मालिक मनोज यादव ना सिर्फ मजदूरों का खाना – पीना से लेकर रहने तक की व्यवस्था की, बल्कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरान कार्य कर रहें मजदूरों को कोविड-19 से बचाव के लिए आवश्यक गाइडलाइन की जानकारी देकर जागरूक भी किया और उन्हें पालन करने के लिए प्रेरित भी किया। जिसमें मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करने एवं शारीरिक – दूरी का पालन करने समेत अन्य बचाव से संबंधित उपायों का पालन करने के लिए भी प्रेरित करना शामिल था। इस दौरान अगर कोई मजदूर इसके बाबजूद लापरवाही करते थे तो ऐसे मजदूरों को व्यक्तिगत रूप से जागरूक करते थे और उन्हें कहते थे कि यह संक्रामक बीमारी है। इसलिए, इससे बचाव करना जरूरी है। अन्यथा परेशानी उत्पन्न हो सकती है।

ईट भट्टा के साथ – साथ कोविड-19 योद्धा के रूप में मिली पहचान : –
मनोज यादव के इस पहल के लिए इलाके में उनका पहचान ना सिर्फ ईट भट्टा मालिक के रूप में हो रही है। बल्कि कोविड-19 योद्धा के रूप में भी हो रही है। यानी मनोज को समाज हित में इस पहल के लिए इलाके में एक नई पहचान भी मिली।

लॉकडाउन में ईट भट्टा का मालिक ने रखा हर मजदूरों का ख्याल :
ईट भट्टा पर कार्य करने वाले धरारा निवासी मजदूर मनोज तांती ने बताया लॉकडाउन के दौरान काम करने वाले सभी मजदूरों को रोजी – रोटी की चिता होने लगी थी। किन्तु, ईट भट्टा का मालिक मनोज यादव ने सभी मजदूरों का ख्याल रखा और खाना – पीना से लेकर रहने तक का समुचित व्यवस्था के साथ – साथ अन्य आवश्यकताओं का भी विशेष ख्याल रखा.

कोविड-19 से बचाव को लेकर भी करते रहें जागरूक :-
वहीं, ईट भट्टा पर ही काम करने वाले लक्ष्मीपुर निवासी मजदूर बिरजू दास ने बताया मनोज यादव मजदूर के खाना – पीना से लेकर रहने तक का व्यवस्था तो की है। साथ ही एक – एक मजदूरों को कोविड-19 से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी देकर जागरूक करते रहें। साथ ही बचाव से संबंधित उपायों का पालन करने के लिए प्रेरित भी करते रहें।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर : –
– शारीरिक – दूरी का पालन हमेशा करें।
– मास्क और सेनेटाइजर का नियमित रूप से उपयोग करें।
– भीड़ – भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– साफ – सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– बार – बार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से हाथ धोएं।

जिंक,विटामिन डी और सी से रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है मजबूत

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सरकार की गाइडलाइन का करें पालन:
कोरोना को लेकर समाज में फैल रहे भ्रम से बचने की कोशिश करें

बांका, 29 अक्टूबर।
कोरोना को लेकर लोगों के मन में तमाम तरह के भ्रम हैं। कोई लहसुन खाकर इससे बचने की जुगत में है तो कोई अत्यधिक अल्कोहल का सेवन कर इससे बचने की सलाह दे रहे हैं। कुछ ऐसे भी लोग हैं जो जिंक, विटामिन डी और विटामिन सी का भरपूर सेवन करने की सलाह देकर लोगों को कोरोना से बचने के तरीके बता रहे हैं।

आखिर इन बातों में कितना दम है? शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि आज से नहीं, शुरुआत से ही कोरोना को लेकर तमाम तरह की भ्रांतियां समाज के लोगों में हैं। कुछ बातें आधी सच होती हैं तो कुछ बातें पूरी तरह से गलत होती हैं। जैसे कि अल्कोहल के सेवन से कोरोना खत्म होता है, यह पूरी तरह से गलत है। इसी तरह से जिंक, विटामिन डी और विटामिन सी के सेवन से कोरोना खत्म हो जाता है, यह बात आधी सच है। दरअसल इसके सेवन से लोगों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होने से वह व्यक्ति सामान्य लोगों के मुकाबले कोरोना की चपेट में जल्दी नहीं आएंगे। इसलिए इन विटामिन का प्रयोग तो करें, लेकिन यह नहीं माने कि इसी से कोरोना ठीक हो जाएगा।

सरकार की गाइडलाइन का करें पालन:
डॉक्टर चौधरी कहते हैं कि कोरोना से बचाव को लेकर सरकार की जो गाइडलाइन है उसका पालन करें। इसी से आपका कोरोना से बचाव होगा। घर से बाहर निकलते वक्त जरूरी तौर पर मास्क पहनें और दो गज की शारीरिक दूरी का पालन करें। यह दो बड़ा कारगर हथियार है कोरोना के खिलाफ लड़ाई में।

संक्रमित होने पर रहें सतर्क:
डॉक्टर चौधरी कहते हैं कि अगर कोई व्यक्ति संक्रमित हो जाता है तो उसे दूसरों से अलग रहना चाहिए। होम आइसोलेशन में रहते हुए सभी शर्तों को मानना चाहिए। अलग बाथरूम इस्तेमाल करना चाहिए। घर के सदस्यों से दो गज की शारीरिक दूरी बनाकर रखना चाहिए। अगर घर में यह सुविधा नहीं है तो मरीज को लकड़ीकोला स्थित कोविड केयर सेंटर में भर्ती हो जाना चाहिए।

साफ-सफाई पर दें ध्यान:
डॉ सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि घर या दफ्तर या फिर जहां आप समय गुजारते हैं वहां पर साफ सफाई का ध्यान रखें। इससे कोरोना से तो आपका बचाव होगा ही साथ ही अन्य बीमारियों से भी आप बच सकेंगे। सफाई रहने से संक्रमण का खतरा कम हो जाएगा। साथ हीं 2 घंटे के अंतराल पर 20 सेकंड तक हाथ की धुलाई अवश्य करें।

कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढकें .
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंकें .
• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें

संतुलित आहार से बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता होगी विकसित

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– बच्चों के भोजन में दूध और अनाज की मात्रा बढ़ाएं
– पानी और जूस भी अधिक से अधिक देने की कोशिश करें

खगड़िया, 28 अक्टूबर।
कोविड-19 वैश्विक महामारी से बचाव के लिए लोग अपनी दिनचर्या में लगातार सकारात्मक बदलाव कर रहे है। कोविड-19 से बचाव के लिए छोटे बच्चों का भी विशेष ख्याल रखना जरूरी है। बच्चे की खान – पान समेत साफ – सफाई का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। ऐसे में खुद के साथ – साथ बच्चों की सेहत का भी ध्यान रखना बहुत जरूरी है। छोटे – छोटे बच्चों का उसके स्वस्थ शरीर निर्माण के लिए कौन सा आहार हो, इसको लेकर सावधान रहने की जरूरत है। संतुलित आहार से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है। बच्चों को अगर विटामिन और मिनरल्स नहीं मिलते हैं तो उसके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता धीरे धीरे कमजोर होने लगती है।

– बच्चों के आहार में दूध, अनाज की मात्रा बढ़ाएं –
खगड़िया सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राजीव कुमार ने बताया कि बच्चों के आहार के प्रति थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। दरअसल, अभी उनमें तेजी से प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है। अभी अगर थोड़ा सावधान रहें तो आगे ज्यादा परेशानी नहीं होगी। इसलिए जरूरी है कि उनके भोजन में दूध, अनाज की मात्रा बढ़ाएं। साथ ही पानी और जूस भी अधिक से अधिक दें। क्योंकि कोविड-19 के साथ – साथ मौसम में भी लगातार बदलाव हो रहे हैं।

शारीरिक विकास के लिए प्रोटीन जरूरी : –
बच्चे के शारीरिक विकास के लिए कैलोरी बहुत जरूरी है। अधिक कैलोरी के लिए दूध और साबुत अनाज अधिक देने पर ध्यान दें। बच्चों को कॉर्नफ्लैक्स व ओट्स दे सकते हैं। वहीं, प्रोटीन की कमी से शारीरिक विकास सही तरीके से नहीं हो पाता और मस्तिष्क संबंधी भी कई तरह के विकार पैदा हो जाते हैं। इसके अलावा मांसपेशियों और हड्डियों की मजबूती के लिए भी प्रोटीन बहुत जरूरी है। प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनाने के लिए बच्चों को पूरी मात्रा में विटामिन और मिनरल दें। थोड़ी – थोड़ी मात्रा में बच्चों को पानी पिलाते रहें।

इन बातों का रखें ध्यान : –
– जन्म के शुरुआती 1 घण्टे में नवजात को कराएं स्तनपान
– 6 माह तक सिर्फ शिशु को कराएं स्तनपान(ऊपर से कुछ भी न दें। पानी भी नहीं)। स्तनपान को कम से कम 2 साल तक जारी रखें।
– 6 माह पूर्ण होने के बाद बच्चे को स्तनपान के साथ संपूरक आहार देना शुरू करें।
– शुरुआत में प्रतिदिन बच्चे को अलग-अलग आहार दें । इस बात का ध्यान रखें कि इनमें पौष्टिक तत्व भरपूर मात्रा में शामिल हों।
– बच्चे को प्यार से समझाएं। उसे खेल-खेल में खाना खिलाएं।
– कलरफुल चीजें बच्चे को बहुत पसंद होती हैं। यह बात आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। उन्हें सलाद,फल और सब्जियां काट कर दें।
– बच्चो को खेलने दें, वह जितना ज्यादा थकेंगे उन्हें उतनी ही भूख लगनी शुरू हो जाएगी और वह खुद खाना मांगेगा ।
– बच्चे को पौष्टिक खाना खाने की आदत डालें और बाहरी खाना से बचाएं।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर : –
– दो गज की शारीरिक – दूरी का पालन हमेशा करें।
– मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
– घर से निकलने पर सैनिटाइजर साथ लेकर निकलें।
– भीड़ – भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– अनावश्यक ऑख, नाक, मुँह छूने से बचें।

मजबूत इच्छाशक्ति से कोविड-19 को डॉ योगेन्द्र ने दी मात

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– कोविड-19 के दौर में लोगों का करते रहें अनवरत सेवा

– सूर्यगढ़ा पीएचसी में चिकित्सक के पद पर हैं तैनात

लखीसराय, 28 अक्टूबर, 2020
कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी में जहाँ लोग बचाव को लेकर अपने स्तर से हरसंभव सभी आवश्यक प्रयास कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग खुद के जान का परवाह किए वगैर पूरी तरह समर्पित भाव से लोगों को कोरोना संक्रमण के दायरे से सुरक्षित रखने में दिन-रात एक कर जुटे हुए हैं। ऐसे ही लोगों में सूर्यगढ़ा पीएचसी के चिकित्सक डॉ योगेन्द्र कुमार दिवाकर का नाम जिले में शुमार है। वह कोविड-19 के दौर में ना सिर्फ पीएचसी में लोगों को अपना सेवा दिए, बल्कि पीएचसी अंतर्गत क्षेत्र में भी जागरूक लोगों को चिकित्सा सेवा के साथ बचाव के लिए आवश्यक जानकारी दिए। इसके लिए वह पीएचसी कर्मियों को तो बचाव को लेकर जागरूक कर ही रहें हैं, इसके अलावे लगातार अपने क्षेत्र का भ्रमण कर आमलोंगो को भी जागरूक कर रहें हैं और बचाव से संबंधित आवश्यक जानकारी दे रहे हैं। साथ ही लोगों से सुरक्षा कवच का पालन करने का अपील कर रहे हैं।

– लोगों को सेवा देने के दौरान हो गये थे संक्रमित : –
डॉ योगेन्द्र कुमार दिवाकर लोगों को सेवा देने के दौरान ही खुद कोविड-19 से संक्रमित हो गये थे। इसके बाद वह सुरक्षा व इलाज के मद्देनजर आइसोलेट हुए। जहाँ स्वस्थ होने पर छुट्टी मिलने के बाद पुनः दुगुनी ताकत के साथ अपनी जिम्मेदारी में जुट गये।

– सामुहिक के साथ-साथ व्यक्ति गत रूप से भी लोगों को दे रहे बचाव की जानकारी : –
डॉ योगेन्द्र कुमार दिवाकर क्षेत्र भ्रमण के दौरान लोगों को समूह के साथ-साथ व्यक्तिगत यानी एक लोगों को भी कोविड-19 से बचाव को लेकर आवश्यक जानकारियाँ दे रहे हैं और उन्हें बचाव के प्रति सजग रहने के लिए जागरूक कर रहें हैं। इस दौरान शारीरिक-दूरी का भी पूर्ण रूप से पालन करते हैं, इसके अलावे अन्य निर्देशों का भी पालन करते हैं।

-जिले में कोरोना योद्धा के रूप में हो रही पहचान : –
चिकित्सक डॉ योगेन्द्र द्वारा कोविड-19 में दी जा रही अनवरत सेवा के कारण जिले में उनकी पहचान कोरोना योद्धा के रूप में हो रही है और स्वास्थ विभाग के अलावे अन्य विभागों के पदाधिकारी भी इनके कार्यों की सराहना कर रहे हैं।

– धैर्य व मजबूत इच्छाशक्ति से कोविड-19 को दी जा सकती है मात :-
डॉ योगेन्द्र बताते हैं कोविड-19 संक्रमण होने के बाद इलाज तो जरूरी है ही। इसके अलावे इलाज के साथ मजबूत इच्छाशक्ति व धैर्य होना भी बेहद जरूरी है। दरअसल, मजबूत इच्छाशक्ति और धैर्य कोविड-19 से स्वस्थ होने के लिए किसी दवाई से कम नहीं है।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– हमेशा 2 गज शारीरिक दूरी का पालन करें।
– मास्क और सैनिटाइजर का नियमित रूप से उपयोग करें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– ऑख, नाक, मुँह को अनावश्यक छूने से बचें।

मास्क का सही तरीके से करें इस्तेमाल, संक्रमण से होगा बचाव

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सही तरीके से मास्क नहीं पहनने से आ सकते हैं संक्रमण की चपेट में

भागलपुर, 28 अक्टूबर

मास्क से कोरोना के संक्रमण से हम बच सकते हैं, यह बात तो साफ हो चुकी है. लेकिन मास्क को सही तरीके से इस्तेमाल करने भी हमें आना चाहिए.लेकिन सही ढंग से मास्क न पहनने का कोई मतलब नहीं रह जाता है. जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मनोज कुमार चौधरी कहते हैं कि अभी तक कोविड 19 संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन नहीं आई है। मास्क इस्तेमाल और उचित शारीरक दूरी का पालन करने से ही हम कोरोना से बच सकते हैं, इस बात का आभास सभी लोगों को हो गया है. किन्तु सही तरीके से मास्क नहीं पहनने से लोग संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं इसलिए लोगों को सही तरीके से मास्क कैसे पहनना चाहिए, यह बताना जरूरी है. जिससे लोग संक्रमण से बच सकें।

गंदा मास्क नहीं पहने: डॉ चौधरी के अनुसार सबसे पहले तो मास्क को साफ सुथरा रखना जरूरी है. गंदा मास्क पहनने से आपका बचाव नहीं होगा. इस बात का ध्यान रखें कि एक निश्चित समय के बाद मास्क को साफ करना जरूरी होता है. इसके लिए आवश्यक है कि आप अपने पास एक से अधिक मास्क रखें.

गीला होने पर मास्क को तत्काल बदलें: डॉ चौधरी के अनुसार गीला होने पर मास्क मुंह से चिपक जाता है. ऐसे में बाहर से पड़ने वाली गंदगी मास्क के अंदर जाने का खतरा रहता है. इसलिए गीला मास्क नहीं पहने. गीला होने पर मास्क को तुरंत बदल लें.

एक दूसरे के साथ शेयर नहीं करें: डॉ चौधरी के अनुसार मास्क निहायत ही निजी तौर पर इस्तेमाल होने वाला वस्तु है. इसका लेन-देन नहीं करें. आप अपना मास्क दूसरे को नहीं दें और दूसरे का मास्क आप नहीं लगाएं. ऐसा करने से एक दूसरे की गंदगी आ- जा सकती हैं. इससे संक्रमण का भी खतरा हो सकता है.

सर्जिकल मास्क को 8 घंटे बाद के बाद बदल ले: डॉ चौधरी के अनुसार सर्जिकल मास्क का 8 घंटे के इस्तेमाल के बाद बदल लेना जरूरी होता है. इसके बाद उसमें गंदगी को रोकने की क्षमता नहीं रह जाती है. इसकी जगह सूती मास्क ज्यादा उपयोगी रहता है। वह बार-बार साफ कर उपयोग में लाया जा हैं.

कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढंके.
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें

मौसमी बीमारियों से बचने को दिनचर्या में करें बदलाव

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थोड़ी सावधानी बरतकर रख सकते हैं खुद को स्वस्थ
मौसम में हो रहा है बदलाव, रहें सतर्क

बांका, 28 अक्टूबर।
मौसम में बदलाव आ रहा है। तापमान लगातार नीचे जा रहा है। सर्दी लगनी शुरू हो गई है। ऐसे में मौसमी बीमारियों से बचने के लिए सावधान रहने की जरूरत है। आमतौर पर जब मौसम में बदलाव आता है तो लोग वायरल की चपेट में आ जाते हैं। इससे बचने के लिए लोगों को अपनी दिनचर्या में बदलाव लाने की जरूरत है।

अभी के मौसम में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत- शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि अभी के मौसम में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। जरा सी लापरवाही करने से लोग सर्दी, खांसी बुखार की चपेट में आ सकते हैं। इससे बचने के लिए लोगों को अपनी दिनचर्या में बदलाव लाने की जरूरत है।

पंखे की हवा से बचें:
अभी के मौसम में पंखा चलाने पर ठंड का अहसास होने लगता है, पर पंखा अगर नहीं चलाते हैं तो गर्मी का अहसास होता है। कई लोगों को देखा जाता है कि ठंड का अहसास होने के बावजूद वे पंखे चलाते हैं। ऐसा करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इससे शरीर का तापमान घटता है और मौसमी बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता। रात में सोते वक्त पंखे नहीं चलाएं।

पानी को उबाल कर ही पीजिए:
डॉ सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि पानी को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अभी के मौसम में पानी को उबालकर ही पीना चाहिए। ठंडा पानी पीने से बचें। ऐसा करने से मौसमी बीमारियों से तो आपका बचाव होगा ही, साथ में पेट से संबंधित बीमारी भी नहीं होगी।

परेशानी होने पर तत्काल डॉक्टर से मिलें:
डॉक्टर चौधरी कहते हैं कि अभी के मौसम में सामान्य बुखार, सर्दी, खांसी होने पर लोग सबसे बड़ी लापरवाही यह करते हैं कि वे अपनी जानकारी के मुताबिक दवा का सेवन करने लगते हैं या फिर दवा दुकानदार की सलाह पर अपना इलाज कर लेते हैं। ऐसी लापरवाही भूल से भी नहीं करें। अगर आपको सर्दी, बुखार जैसा लगता है तो आप डॉक्टर से संपर्क करें। दवा का सेवन करें।

3 दिन बुखार हो तो कोरोना जांच कराएं:
डॉ चौधरी कहते हैं कि अगर बुखार लगातार 3 दिनों तक रहती है तो निश्चित तौर पर कोरोना जांच करा लें। साथ में घर के दूसरे सदस्यों से दो गज की शारीरिक दूरी बना कर रहें । इससे आपका भी बचाव होगा और घर के अन्य सदस्य भी संक्रमित होने से बच जाएंगे।

कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढकें .
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंकें .
• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें

कोविड-19 में पूरी मुस्तैदी के साथ निभा रहीं अपना कर्तव्य

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– गोगरी प्रखंड के गोगरी पंचायत में संचालित केंद्र संख्या 106, ऑगनबाड़ी की सेविका मुन्नी कुमारी

– तमाम चुनौतियों के बावजूद बुलंद हौसले से निभाई दोहरी जिम्मेदारी

खगड़िया, 27 अक्टूबर।
ऑगनबाड़ी सेविका का काम पहले से ही काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। छोटे-छोटे बच्चों की देखभाल करना और उनमें शिक्षा की अलख जगाना कोई आसान काम नहीं है। किन्तु, इस कार्य के अलावा गोगरी प्रखंड के गोगरी पंचायत में संचालित केंद्र संख्या 106 की ऑगनबाड़ी सेविका मुन्नी कुमारी ने कोविड-19 के दौर में भी पूरी मुस्तैदी और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्य का पालन किया। इन्होंने विभागीय कार्यों के साथ – साथ कोविड – 19 से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने में भी अहम भूमिका निभाई। बचाव के लिए आवश्यक जारी गाइडलाइन का पालन करने के लिए भी लोगों को जागरूक किया।

– कोविड-19 के साथ विभागीय कार्य को भी दिया अंजाम
गोगरी बाल विकास परियोजना कार्यालय की सीडीपीओ नीना सिंह ने बताया कि इन्होंने कोविड-19 के दौर में ना सिर्फ विभागीय कार्यों का निष्पादन मुस्तैदी के साथ किया , बल्कि कोविड-19 से बचाव के लिए भी बेहतर काम किया । जैसे कि, कोविड-19 से लोगों को बचाव के लिए सरकार व स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन का संदेश घर – घर जाकर लोगों तक पहुँचाया। गाइडलाइन का पालन करने के लिए लोगों को प्रेरित भी किया।

– जागरूकता की दोहरी जिम्मेदारी कर रहीं पूरी :-
कोविड-19 संक्रमण के मद्देनजर सेविका मुन्नी कुमारी को घर- घर जाकर लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी भी मिली है। सेविका अमृता कुमारी सुबह से ही अपने काम में जुट जाती हैं। वह घर- घर जाकर गांव के लोगों को स्वच्छता के बारे में जागरूक करती हैं। कोरोना से बचाव के लिए लोगों को मास्क पहनने और घरों से कम निकलने की सलाह देती हैं। लोगों को समझाती हैं कि बाहर से घर आने पर हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल जरूर करें। वह लोगों को शारीरिक दूरी का पालन करने एवं बाजार या सब्जी मंडी में एक- दूसरे से दूरी बनाकर रहने की सलाह देती हैं।

– आते-जाते लोगों को कर रहे हैं जागरूक : –
सेविका मुन्नी कुमारी ना सिर्फ अपनी डयूटी के दौरान लोगों को कोविड-19 से बचाव की जानकारी दे रहीं हैं। बल्कि डयूटी के लिए घर से जाने एवं डयूटी के बाद घर आने के दौरान भी रास्ते में मिलने वाले लोगों खासकर महिलाओं को कोविड-19 से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी देकर जागरूक कर रहीं हैं।

– जागरूकता का दिख रहा है असर : –
जागरूकता का गांव के लोगों में असर पड़ रहा है। बाहर निकलते वक्त लोग भीड़ लगाने से बच रहे हैं। लोगों ने मास्क पहनना शुरू कर दिया है। सैनिटाइजर का भी लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। कोरोना का अतिरिक्त काम मिलने के बारे में सेविका मुन्नी कुमारी कहती हैं कि यह विपत्ति का समय है। इस वक्त लोगों को को बढ़-चढ़कर अपनी भूमिका निभानी चाहिए। खासकर जब तक कोरोना संक्रमण का खतरा है तब तक तो लोगों को निश्चिंत होकर नहीं बैठना चाहिए और इससे बचाव के लिए सतर्कता जारी रखना जरूरी है।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर : –
– मास्क और सैनिटाइजर का नियमित रूप से उपयोग करें।
– हमेशा शारीरिक – दूरी का पालन करें।
– खुद के साथ दूसरों को भी जागरूक करें।
– लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से हाथ धोएं।
– भीड़ – भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।

संस्थागत प्रसव को ही दें प्राथमिकता, अस्पतालों में उपलब्ध है समुचित व्यवस्था

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– कोविड-19 के गाइलाइन का पालन कर कराया जा रहा है सुरक्षित प्रसव

– सुरक्षा के हर मानकों का रखा जाता है विशेष ख्याल

लखीसराय, 27 अक्टूबर।
शिशु – मृत्यु दर में कमी लाने को लेकर सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह कटिबद्ध है। इसको लेकर जिला से लेकर पीएचसी स्तर पर तमाम कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। ताकि लोगों को प्रसव के दौरान सरकारी स्वास्थ्य सेवा का समुचित लाभ मिल सके। सुरक्षित प्रसव को लेकर पीएचसी स्तर पर समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। जहां समुचित स्वास्थ्य सेवा के साथ सुरक्षित प्रसव कराया जा रहा है। कोरोना काल में भी जिले के सभी अस्पतालों में पूरी सतर्कता के साथ इमरजेंसी सेवाएं जारी हैं । ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानियाँ नहीं हो और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिले सके।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान व जननी सुरक्षा योजना की जानकारी दी जा रही है
इसको लेकर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान व जननी सुरक्षा योजना की जानकारी आशा और आँगनबाड़ी सेविकाओं के माध्यम से चिन्हित गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को दी जा रही है। खासकर लोगों को संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह बात सही नहीं है कि घर पर प्रसव कराना आसान और कम खर्च वाला है। घर पर प्रसव के दौरान आपातकालीन सुविधाएं नहीं रहने से मां और नवजात दोनों की जान का खतरा होता है। साथ ही लोगों को यह भी बताया जा रहा है कि जननी सुरक्षा योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने के लिए प्रसूता को 6 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिलती है। कोरोना से बचाव के लिए अस्पताल में दो गज की शारीरिक दूरी का पालन करने, मास्क का इस्तेमाल करने, गर्भवती महिलाओं की व्यक्तिगत साफ-सफाई रखने सहित उनके परिजनों को अस्पताल में अनावश्यक भीड़ नहीं लगाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

सभी अस्पतालों में उपलब्ध है समुचित व्यवस्था :- जिला अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ देवेन्द्र चौधरी ने बताया कि जिले के सभी अस्पतालों, पीएचसी समेत अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षित प्रसव के लिए समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। प्रसूति विशेषज्ञ व प्रशिक्षित नर्स द्वारा प्रसव कराया जाता है। सदर अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा भी उपलब्ध है। प्रसव के दौरान कोरोना से संबंधित जरूरी गाइडलाइन का भी पालन किया जा रहा है।

– सूर्यगढ़ा पीएचसी के अधीनस्थ एपीएचसी में भी उपलब्ध है समुचित व्यवस्था : –
सूर्यगढ़ा पीएचसी के अधीनस्थ एपीएचसी में भी सुरक्षित प्रसव के लिए समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। ताकि लोगों को आसानी के साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।

– जागरूकता से ही संस्थागत प्रसव संभव : –
जागरूकता से ही संस्थागत प्रसव संभव है। लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक गाइलाइन दी जा रही है। ताकि संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता मिल सके। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रही है।

– प्रसव के दौरान अस्पतालों में इन बातों का रखा जाता है ख्याल : –
प्रसव के दौरान अस्पतालों में प्रसव कराने वाली एएनएम ग्लब्स, मास्क , फेस कवर का उपयोग करती हैं। प्रसव के पूर्व एवं बाद में लेवर वार्ड को सुरक्षा के लिहाज से पूरी तरह सैनिटाइज किया जाता है। इस दौरान गर्भवती को भी स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा बचाव को लेकर आवश्यक जानकारियाँ दी जाती हैं ।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर : –
– मास्क और सैनिटाइजर का नियमित रूप से उपयोग करें।
– दो गज की शारीरिक – दूरी का हमेशा पालन करें।
– भीड़ – भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– खुद के साथ दूसरों को भी जागरूक करें।

कोरोना को लेकर घर के बुजुर्गों के प्रति रहें सतर्क

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आमलोगों के मुकाबले बुजुर्गों पर कोरोना के संक्रमण का खतरा ज्यादा

कोरोना की चपेट में आने पर पूरी तरह से स्वस्थ होने में लग जाता है वक्त

बांका, 27 अक्टूबर

कोरोना की चपेट में वैसे तो हर वर्ग के लोग आ रहे हैं, लेकिन बुजुर्गों को इसे लेकर विशेष तौर पर सावधान रहने की जरूरत है. अभी तक देखा गया है कि जितने भी लोग कोरोना की चपेट में आ रहे हैं, उनमें बुजुर्गों की स्थिति ज्यादा चिंताजनक हो जाती है. इसलिए बुजुर्गों पर खास ध्यान देने की जरूरत है. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि अभी तक देखा गया है कि युवा वर्ग के लोग और बच्चे कोरोना के शिकार होने पर जल्दी ही स्वस्थ हो जा रहे हैं. परेशानी सिर्फ उन्हीं लोगों को हो रही है जिन्हें शुगर, बीपी या अन्य कोई दूसरी बीमारी हो. लेकिन बुजुर्ग लोगों को अगर कोई दूसरी बीमारी ना भी हो तो उन्हें कोरोना ज्यादा सता रहा है. इसलिए इस समय उनकी देखभाल करने की जरूरत है.

शारीरिक दूरी का करें पालन: डॉ सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि अगर आपके घर में कोई बुजुर्ग व्यक्ति हो तो उनसे जरूरी तौर पर शारीरिक दूरी का पालन करें. देखा जाता है कि घर के जो बुजुर्ग सदस्य होते हैं उनसे अन्य लोगों का लगाव अधिक रहता है और वह उनके साथ ज्यादा घुले-मिले रहते हैं. उन्होंने बताया, यदि घर का कोई सदस्य बाहर जाता है, तो वह इससे बचने की कोशिश करें और घर के बुजुर्ग से शारीरिक दूरी का अवश्य पालन करें.

मास्क लगाकर उनके साथ बैठे: डॉ सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि आमतौर पर देखा जाता है लोग जब घर में रहते हैं तो आपस में बातचीत करने के दौरान मास्क नहीं लगाते हैं. इस परिस्थिति से बचें. घर में भी अगर बातचीत करें तो मास्क लगा लें. अगर संभव हो ग्लव्स भी लगाएं. घर में अगर बुजुर्ग व्यक्ति हो और उनके पास आप बैठ रहे हैं तो जरूरी तौर पर ऐसा करें.

घर में कोरोना मरीज होने पर बुजुर्गों को कहीं और कर दे शिफ्ट: डॉ सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि अगर आपके घर में कोई व्यक्ति कोरोना की चपेट में आ गया हो और वह होम आइसोलेशन में रह रहा हो तो ऐसी परिस्थिति में घर के बुजुर्ग व्यक्ति को कहीं और शिफ्ट कराने की कोशिश करें. अगर आपके घर में कोरोना मरीज के लिए अलग से बाथरूम की व्यवस्था समेत तमाम सुविधाएं हो जो कि होम आइसोलेशन में रहना चाहिए तभी आप बुजुर्ग व्यक्ति को घर में रखें. वरना किसी रिश्तेदार के यहां भेजते हैं.

खान-पान का रखें ख्याल: वैसे तो हर वर्ग के लोगों खान-पान के प्रति सावधान रहने की जरूरत है, लेकिन बुजुर्गों को इसके प्रति विशेष तौर पर सावधान रहना चाहिए. तेल मसाले से युक्त भोजन का इस्तेमाल ना के बराबर करना चाहिए. साथ ही घर में रहते वक्त बुजुर्गों को योग भी करना चाहिए. 45 मिनट अगर आप घर में योग करेंगे तो कोरोना समेत अन्य बीमारियों से भी बचाव होगा.

कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढंके.
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें