फाइलेरिया का नहीं है कोई इलाज, जरूर लें दवा

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• बीमारी को खत्म तो नहीं किया जा सकता, लेकिन समय रहते बचाव है संभव
• एमडीए अभियान के दौरान ले डीईसी एवं अल्बेंडाजोल दवा की खुराक
• 28 सितम्बर से जिले में चलाया जा रहा है सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान

लखीसराय, 29 सितम्बर।

रास्ते कैसे भी हों संजीत के कदम 4 साल पहले चलने से थकते ही नहीं थे. मीलों पैदल चलकर मंजिल पर पहुंचने का विश्वास भीतर बना रहता था. अब सबकुछ बदल गया है. आम लोगों की तरह सरपट दौड़ जाना संजीत के लिए अब संभव नहीं है. सिर्फ़ 36 साल की उम्र में ही जिले के मुस्तफापुर गांव के निवासी संजीत हाथीपांव यानी फाइलेरिया से ग्रसित हो चुके हैं. जिस उम्र में लोग कैरियर के भार को संतुलित करते नजर आते हैं, उस उम्र में संजीत पैरों के अतिरिक्त भार को अपने पैरों से ही ढ़ोने पर मजबूर हैं. हाथीपांव यानी फाइलेरिया एक ऐसा गंभीर रोग है जिसका दर्द व्यक्ति को ताउम्र सहना पड़ता है, क्योंकि इसका कोई पूर्ण इलाज नहीं हैं. हालांकि प्राथमिक अवस्था में इसे रोका तो जा सकता है, लेकिन खत्म नहीं किया जा सकता। संजीत को भी यह दर्द अब जीवन भर ढोना पड़ेगा।
संजीत बताते हैं चार-पांच वर्ष पूर्व से अचानक पैर लाल होना शुरू हुआ और फिर उनमें सूजन बढ़ने लगी। जांच कराने पर फाइलेरिया बताया गया। इसके बाद से से वे लगातार परेशान रहने लगे। पैर की परेशानी तो बढ़ ही गई है, इसको लेकर उन्हें अक्सर बुखार भी आ जाता है। हालांकि वह नियमित रूप से दवा ले रहे हैं।

फाइलेरिया पूरी तरह से ठीक नहीं हो सकता:
संजीत बताते हैं वह निजी चिकित्सकों से लेकर सरकारी अस्पतालों तक में इलाज कराने जा चुके हैं, लेकिन हर जगह उन्हें मायूस ही होना पड़ा है। जवाब मिलता है कि फाइलेरिया पूरी तरह से ठीक नहीं हो सकता, लेकिन सावधानी रख कर इसका प्रसार और इससे होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है। आज संजीत को अपनी सामान्य दिनचर्या में भी समस्याएं आती रहती हैं। संजीत कहते हैं कि उन्हें चिकित्सकों से यह जानकारी मिली कि कुष्ठ रोग के कारण खराब हुए अंगों को तो रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के जरिए दोबारा सही किया जा सकता है, लेकिन हाथीपांव की समस्या नहीं सुलझाई जा सकती।

सामान्य चल रही थी दिनचर्या, आज होती है परेशानी:
संजीत बताते हैं कि एक वक्त ऐसा था जब वह सामान्य व्यक्तियों की तरह जीवन व्यतीत कर रहे थे। लोगों से मिलने के साथ रोजमर्रा के कामों को अंजाम देते थे। लेकिन जब से यह परेशानी हुई है, वह सामान्य होते हुए भी सामान्य नहीं हैं। वह महसूस करते हैं कि अगर उन्होंने एहतियात बरती होती एवं फाइलेरिया की दवा ली होती तो शायद आज वह पूर्ण रूप से स्वस्थ होते। वह कहते हैं कि अगर कोई व्यक्ति उनके जैसी परेशानी से बचना चाहता है और अगर एमडीए के तहत वितरित की जाने वाली दवा लेने से यदि चूक गया है तो अभी समय है, वह किसी भी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर फाइलेरिया की दवा ले सकते है। इसे हल्के में न लें यह ऐसी बीमारी है जो शारीरिक पीड़ा के साथ मानसिक तनाव भी देती है।

दवा सेवन से व्यक्ति बीमारी से प्रतिरक्षित हो सकता है:

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी, डॉ. धीरेन्द्र कुमार ने बताया अगर दो साल की उम्र पूरी करने के बाद पांच साल तक लगातार साल में एक बार फाइलेरिया की दवा का सेवन किया जाए तो व्यक्ति इस बीमारी से प्रतिरक्षित हो जाता है। संजीत जैसे मरीजों को फाइलेरिया की समस्या को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। दवा लेने के साथ कुछ सामान्य व्यवहार में भी बदलाव रखना चाहिए। जैसे बिस्तर को पैर की तरफ छह इंच ऊंचा रखना चाहिए। पैर को रगड़ कर साफ करने से परहेज करना चाहिए। पैरों को बराबर रख कर आरामदेह मुद्रा में बैठना चाहिए। साथ ही पट्टे वाला ढीला चप्पल पहनने के साथ सूजन वाली जगह को हमेशा चोट से बचाना चाहिए।

एमडीए साबित होगा मील का पत्थर:

जिले में 28 सितम्बर से सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जिले के हरेक घर तक पहुंचकर आशा कार्यकर्ता लोगों को फाइलेरिया से बचाव के लिए डाई इथाइल कार्बामाजिन (डीईसी) एवं अल्बेंडाजोल दवा की खुराक अपने सामने खिला रही हैं। यह कार्यकम 14 दिनों तक चलेगा। इस दौरान दवा देने के साथ लोगों को फाइलेरिया होने के कारण और बचाव के उपाय बताए जाएंगे। फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है और यह ठहरे हुए गंदे पानी में ही पनपता है। इसलिए मच्छरों के पनपने को रोककर इससे बचा जा सकता है। जरूरी है कि अपने घर के आसपास सफाई रखें, आसपास जलभराव न होने दें। ऐसे कपड़े पहनें, जिससे पूरा बदन ढका रहे। बारिश के मौसम में बासी खाना न खाएं। बाहर के खाने से परहेज करें और मच्छरदानी का प्रयोग करें।

बदल कर अपना व्यवहार, करें कोरोना पर वार

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कोरोना व अन्य तरह की बीमारियों से बचाव के लिए मानसिक तौर पर मजबूत रहना बहुत जरूरी

किसी भी तरह का तनाव लेने से बचें, हमेशा खुश रहने की कोशिश करें

भागलपुर, 29 सितंबर
किसी भी बीमारी से उबरने के लिए मानसिक रूप से मजबूत रहना बहुत जरूरी है. कोरोना काल में तो मानसिक तौर पर स्वस्थ रहना और भी अधिक आवश्यक है. जिस तरीके से समाज में कोरोना को लेकर एक माहौल बन गया है, उसमें अगर आप मानसिक तौर पर स्वस्थ नहीं रहेंगे तो परेशानी हो सकती है.
मायागंज अस्पताल के अधीक्षक और मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अशोक कुमार भगत कहते हैं कि अगर आप मानसिक तौर पर मजबूत हैं तो समझ लीजिए बीमारी के खिलाफ आपने आधी लड़ाई जीत ली है. बाकी की लड़ाई आप इलाज से जीत लेंगे. इसलिए कोरोना संक्रमण का डर खत्म करने के लिए लोगों को मानसिक तौर पर मजबूत होना बहुत जरूरी है.

सकारात्मक रहें और अपने काम से जीवन में संतुलन बनाकर रखें: डॉक्टर अशोक कुमार भगत ने बताया सकारात्मक रहना बहुत जरूरी है. साथ ही काम और जीवन में संतुलन बनाकर भी रखें. किसी भी तरह का तनाव लेने से बचें. एक तो कोरोना को लेकर लोगों के मन में डर है. ऊपर से अगर अन्य तनाव भी ले लेंगे तो इससे आप पर असर पड़ सकता है. इसलिए तनाव से बचने की कोशिश करें.

योग और ध्यान करें: योग करने से एकाग्रता आती है. लोगों में भटकाव कम होता है. इसलिए अभी योग और ध्यान पर भी फोकस करें. ऐसे में यह कोशिश जरूर करें कि कम से कम 45 मिनट योग और ध्यान में बीते. इससे आप मानसिक तौर पर तो संतुष्ट रहेंगे. साथ ही शारीरिक तौर पर भी स्वस्थ रहेंगे.

अपनों के संपर्क में रहें और अपनी भावनाओं को साझा करें: डॉक्टर अशोक कुमार भगत ने बताया अपनों के संपर्क में रहना बहुत जरूरी है. अगर आप अपनों के साथ रहेंगे तो आपको उनके प्रति चिंता नहीं होगी, लेकिन अगर आप अपनों से दूर रहेंगे तो उनके प्रति मन चिंतित रहेगा जो ठीक नहीं है. अपनी भावनाओं को भी साझा करने की कोशिश करें. अगर आप अपना दुख दर्द अपनों को शेयर करते हैं तो इससे आपका मन हल्का होता है. दिमाग पर बोझ नहीं पड़ता है.

सक्रिय रहें और मनोरंजन में भी व्यस्त रहें: डॉक्टर अशोक कुमार भगत ने बताया खुद को सक्रिय रखना बहुत जरूरी है. सक्रिय रहने से दिमाग इधर-उधर भटकता नहीं है. काम में मन लगा रहने से यूं ही समय कट जाता है और लोगों का खालीपन दूर हो जाता है. इससे लोगों के मन में बेकार की बातें नहीं आती है. अगर समय बचे तो उसका इस्तेमाल मनोरंजन में करें. इसके लिए आप टीवी- मोबाइल का इस्तेमाल कर सकते हैं या फिर अपनों के साथ गप्पे मार कर भी अपना मनोरंजन कर सकते हैं.

किसी भी तरह के नशा से करें परहेज: तंबाकू, धूम्रपान या फिर शराब के सेवन से ना सिर्फ स्वास्थ्य खराब होता है बल्कि इससे मानसिक तनाव भी बढ़ता है. आदमी जितना नशा करता है मानसिक तौर पर वह उतना ही परेशान होता रहता है. इसलिए कोशिश करें कि अभी के माहौल में नशा बिल्कुल भी नहीं करें. नशा करने से तनाव बढ़ेगा जो कि फायदेमंद नहीं है.

भरपूर नींद लें: अगर आप भरपूर नींद नहीं लेंगे तो मन चिड़चिड़ा रहेगा. इससे भी तनाव बढ़ता है, इसलिए कोशिश करें कि प्रतिदिन 8 घंटे तक सोए. अगर आप 8 घंटे नहीं सो पाते हैं तो कम से कम 6 घंटे जरूर नींद लें. 6 घंटे से कम अगर आप सोते हैं तो आप मानसिक तौर पर परेशान रहेंगे और बीमारियों की भी चपेट में आएंगे.

खगड़िया में पोषण माह की सफलता को लेकर निकाली गई साइकिल रैली

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– गाँव-गाँव जाकर दिया गया पोषण का संदेश पहुँच

– लोगों को किया गया जागरूक, दिया कुपोषण मुक्त समाज का निर्माण पर बल

खगड़िया, 28 सितम्बर, 2020
पोषण माह को सफल बनाने के लिए आईसीडीएस द्वारा सामुदायिक स्तर पर लोगों को जागरूक करने के लिए तरह-तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। ताकि पोषण का संदेश पहुँच समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँच सकें। इसी कड़ी में सोमवार को जिले के सभी प्रखंडों में साइकिल रैली निकाली गई और गाँव-गाँव जाकर लोगों तक पोषण का संदेश पहुँचाया गया।

गाँव-गाँव जाकर लोगों को दिया गया संदेश
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी नीना सिंह ने बताया, रैली के माध्यम से गाँव-गाँव जाकर पोषण का संदेश पहुँचाया गया और लोगों को जागरूक किया गया। इस दौरान नारे, पोषण गीत समेत अन्य माध्यमों से लोगों को पोषण का महत्व बताया गया। साथ ही लोगों से कुपोषण मुक्त समाज का निर्माण का अपील किया गया।

रैली की सफलता में सेविकाओं ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
एनएनएम के जिला समन्वयक अंम्बुज कुमार ने बताया निकाली गई रैली को सफल बनाने के लिए जिले के सभी सेविकाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सेविका के ही नेतृत्व में जिले के सभी ऑगनबाड़ी केंद्रों पर रैली निकाली गई। जिसके माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया।

साफ-सफाई पर दिया गया बल
खगड़िया सदर की सीडीपीओ विनीता कुमारी ने बताया इस दौरान स्वच्छता पर भी बल दिया गया और लोगों खुद के साथ-साथ आसपास के परिसर का भी साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखने के लिए जागरूक किया गया। साथ ही दूसरों को भी जागरूक करने का अपील किया गया।

कुपोषण मुक्त समाज का निर्माण के लिए स्वच्छता भी जरूरी
परवत्ता सीडीपीओ कामिनी कुमारी ने कहा पोषण माह को सफल बनाने एवं कुपोषण मुक्त समाज का निर्माण के लिए स्वच्छता भी बेहद जरूरी है। क्योंकि साफ-सफाई से अधिकांश बीमारियों से लोग दूर रहते हैं और अस्पतालों का चक्कर नहीं लगाना पड़ता है। इसलिए समाज के हर लोगों का खुद व आसपास के क्षेत्र का साफ-सफाई रखना जिम्मेदारी है। कोई भी अभियान जन-जन के ही भागीदारी से सफल होता है।

फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का हुआ शुभारंभ

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– घर-घर जाकर आशा खिला रहीं हैं डीईसी व एल्बेंडाजोल की दवा

– 14 दिनों तक चलेगा अभियान, प्रत्येक व्यक्ति को खिलाई जाएगी दवा

– जिले के 12.17 लाख से अधिक लोगों को दवा खिलाने का है लक्ष्य

लखीसराय, 28 सितम्बर, 2020
जिले में 14 दिनों तक चलने वाले फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का सोमवार को शुभारंभ हो गया। इस अभियान के तहत पूरे जिले में स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर लोगों को डीईसी व एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी और इससे बचाव व पीड़ित व्यक्ति को उपचार की जानकारी दी जाएगी। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी, डॉ. धीरेन्द्र कुमार ने बताया, जिले के सभी प्रखंडों में कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जिले के 12 लाख 17 हजार 298 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है।

घर-घर जाकर आशा ने सामने में खिलाई दवा
उक्त अभियान का शुभारंभ के साथ स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को को अपने सामने में दवाई खिलाई और इससे बचाव को लेकर आवश्यक जानकारी दी। साथ ही पूर्व से फाइलेरिया से पीड़ित लोगों को उपचार एवं सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने बताया शहरी क्षेत्र में ऑगनबाड़ी सेविका और ग्रामीण क्षेत्र में आशा घर-घर जाकर दवा खिला रही हैं।

निर्धारित है दवा की मात्रा
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी, डॉ. धीरेन्द्र कुमार ने बताया अभियान को हर हाल सफल बनाने को लेकर को 61 पर्यवेक्षकों, 1218 दवा वितरकों और 609 दलों के साथ स्वास्थ्य टीम का किया गया। अभियान के दौरान दो वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को डाई इथाइल कार्बामाजिन (डीईसी) एवं एल्बेंडाजोल दवा की खुराक दी जाएगी। 2 से 5 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की एक गोली एवं एल्बेंडाजोल की एक गोली, 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की दो गोली एवं एल्बेंडाजोल की एक गोली एवं 15 वर्ष से अधिक लोगों को डीईसी की तीन गोली एवं एल्बेंडाजोल की एक गोली दी जाएगी। एल्बेंडाजोल की दवा को चबाकर खाना है।

फाइलेरिया एक घातक रोग है
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी, डॉ. धीरेन्द्र कुमार ने बताया इस बीमारी से जुड़ी विकलांगता जैसे ब्रंक्रोफटियन फाइलेरिया में विभिन्न अंगों में सूजन के साथ हाइड्रोसील (अंडकोष की थैली में सूजन) तथा ब्रजीयन फाइलेरिया में हाथीपांव और घुटने के नीचे पैर प्रभावित होते हैं। यह एक घातक रोग है। इसके कारण पीड़ित को काफी समस्याओं को सामना करना पड़ता है। इसकी दवा लाभप्रद है। फाइलेरिया की दवा खाली पेट नहीं खानी चाहिए। साथ ही गर्भवती और दो वर्ष से कम वर्ष के बच्चों को दवा का सेवन नहीं करना है। दवा सेवन से जी मतलाना, हल्का सिर दर्द एवं हल्का बुखार हो सकता है जो शरीर में मौजूद फाइलेरिया के परजीवी के मरने के कारण होता है। हालांकि ज्यादा परेशानी होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क कर सकते हैं।

केयर इंडिया का रहेगा तकनीकी सहयोग, कोई छूट न जाए इसका रहेगा ख्याल
इस अभियान में केयर इंडिया भी तकनीक सहयोग करेगी। साथ ही इस बात विशेष रूप से ख्याल रखा जाएगा कि कोई भी व्यक्ति इससे नहीं छूटे। इसके लिए केयर इंडिया के 14 एक्सटर्नल मॉनिटर कार्यक्रम के दौरान विभिन्न गतिविधियों से इसकी सफलता सुनिश्चित करेंगे। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की जानकारी और लाभ के साथ समुदाय में जागरूकता फैलाने के लिए घर-घर जाकर नुक्कड़ नाटक, बैनर पोस्टर जैसे माध्यमों से प्रचार-प्रसार किया जााएगा। कार्यक्रम के दौरान 13 दिन बाद यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई व्यक्ति दवा के सेवन से छूट न गया हो, अगर कोई ऐसा मिलेगा तो उसे दवा की खुराक दिलाई जाएगी।

कर्मियों को मिलेगा पारितोषिक, केंद्रों में पहुंच चुकी है दवा
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी, डॉ. धीरेन्द्र कुमार ने बताया सर्वजन दवा सेवन अभियान में लगे स्वास्थ्य कर्मियों को विभाग द्वारा पारितोषिक भी दिया जाएगा। दवा वितरकों का पारितोषिक 200 घरों में खिलाने पर एकमुश्त 2400 रुपए है वहीं पर्यवेक्षकों को 175 रुपए प्रति दिन की दर में देय है। उन्होंने बताया जिले में राज्य द्वारा 28,006,020 डीईसी एवं 12,00,320 अल्बेंडाजोल दवा की आपूर्ति की गई है, जिसे सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में वितरित कर दिया गया है।

बच्चे को कोरोना से कम खतरा, पर रहें सावधान: डॉ. चौधरी

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बाहरी लोगों के संपर्क में आने से बच्चे को बचाएं

मास्क और ग्लब्स पहन कर ही बच्चे को गोद में उठाएं

भागलपुर, 28 सितंबर

कोरोना का खतरा बच्चों में आम लोगों के मुकाबले कम देखा जा रहा है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि बच्चों को कोरोना नहीं होगा. इसलिए सावधानी बरतने में लापरवाही नहीं करनी चाहिए. जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार चौधरी का कहना है जिन बच्चों का पूर्ण टीकाकरण हो गया है उनमें कोरोना संक्रमण का खतरा कम है. लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि बेपरवाह हो जाएं. डॉ. चौधरी ने बताया, कोरोना एक संक्रामक बीमारी है, इस वजह से हर वर्ग के लोगों को इसके प्रति सावधान रहना चाहिए. मास्क और ग्लव्स पहनते रहना चाहिए और शारीरिक दूरी का पालन करना चाहिए. सावधान रहने पर ही लोगों में कोरोना संक्रमण का खतरा कम होता है. इसी तरीके से बच्चे को आप जितना सतर्क रखेंगे, वह कोरोना संक्रमण से उतना ही सुरक्षित रहेगा. लापरवाही बरतने पर कोई भी व्यक्ति इसकी चपेट में आ सकता है. इसलिए बच्चे को भी उतना ही सावधानी से रखें, जितना कि आप सावधानी बरत रहे हैं.

टीकाकरण के लिए ले जाते वक्त रहें सावधान: डॉक्टर चौधरी कहते हैं कि बच्चे को जब टीका दिलवाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र या अस्पताल जा रहे हैं तो बच्चे को गोद में उठाने से पहले हाथ को साफ जरूर करें. आंगनबाड़ी केंद्र और अस्पताल में भी टीका लगाने वाली एएनएम और अन्य लोगों को मास्क और और ग्लब्स पहनने के लिए जरूर कहें. इससे कोरोना का संक्रमण कम होगा. सरकारी अस्पतालों या आंगनबाड़ी केंद्रों में मास्क और ग्लव्स का पर्याप्त स्टॉक है.

गोदी में उठाने से पहले हाथ को पूरी तरह से धो लें: डॉक्टर चौधरी बताते हैं कि बच्चे को गोदी में उठाने से पहले हाथ की सफाई ठीक तरीके से कर लें. अगर आपके हाथ में संक्रमण रहेगा तो उससे बच्चे भी चपेट में आ सकते हैं. इसलिए बच्चे को गोदी में उठाने से पहले हाथ हाथ जरूर धो लें. साफ सफाई से ही हम कोरोना को हरा सकते हैं.

बाहरी लोगों के संपर्क से बच्चे को बचाएं: ऐसा देखा जा रहा है कि कुछ लोग यह मान बैठे हैं कि बच्चों को कोरोना से कम खतरा है. इस वजह से वह बच्चे के प्रति थोड़ा लापरवाह हो जा रहे हैं. हर आने-जाने वाले किसी भी व्यक्ति को वह बच्चे को गोदी में उठाने या खिलाने दे रहे हैं. ऐसा बिल्कुल भी नहीं होने दें. डॉक्टर चौधरी बताते हैं कि इस बात का जरूर ध्यान रखें कि आपके घर कोई कोरोना पीड़ित तो नहीं आ रहा. कोई अगर कोरोना पीड़ित नहीं भी है तो उसे बच्चे को गोद में नहीं लेने दे. अगर ले भी रहा है तो उसके पहले उसे हाथ धोने कहें. यह भी सुनिश्चित करें कि वह मास्क और ग्लव्स पहना हो.

बच्चे का कपड़ा बदलते रहें: डॉक्टर चौधरी कहते हैं कि अगर कोई बाहरी व्यक्ति आपके बच्चे को गोद में उठाया हो या फिर खिलाया हो, उसके जाने के बाद बच्चे का कपड़ा जरूर बदल दें. इससे यह होगा कि अगर उस व्यक्ति के जरिए बच्चे में किसी तरह का संक्रमण आया भी होगा तो उससे बच्चे प्रभावित नहीं होगा. वैसे भी बच्चे की साफ सफाई पर अधिक ध्यान देना चाहिए. सफाई रहेगी तो कोरोना के साथ अन्य रोगों से भी बच्चे का बचाव होगा.

टीकाकरण से बढ़ती है बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता: डॉक्टर चौधरी कहते हैं कि दरअसल बच्चों को कोरोना का कम खतरा होने की वजह यह होता है कि उसका टीकाकरण हाल में ही हुआ होता है. टीकाकरण से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. इस वजह से वह जल्दी कोरोना की चपेट में नहीं आता है, लेकिन जैसे-जैसे बच्चे बड़े होने लगते हैं उसकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है और उसमें कोरोना होने का खतरा बच्चों के मुकाबले अधिक हो जाता है. यही कारण है कि बच्चों में कोरोना का खतरा आमलोगों के मुकाबले कम होता है. इसका यह मतलब नहीं है कि बच्चे को कोरोना नहीं होगा. इसलिए सावधानी जरूर रखिए.

इस बार सतर्कता के साथ चलेगा पल्स पोलियो कार्यक्रम

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5 साल तक के बच्चों को 11 अक्टूबर को पिलाया जाएगा पोलियो ड्रॉप

बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाने को लेकर जिले भर में चल रही है तैयारी

बांका, 28 सितंबर

11 अक्टूबर को जिले भर के बच्चों को पल्स पोलियो ड्रॉप पिलाया जाएगा. इसे लेकर युद्धस्तर पर तैयारी चल रही है. आशा कार्यकर्ता, एएनएम और आंगनबाड़ी सेविकाओं को इसे लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है. साथ ही इस दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी बताया जा रहा है. जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल ने बताया पल्स पोलियो कार्यक्रम को लेकर जिले के अस्पतालों के प्रभारियों को निर्देश दे दिया गया है.. सभी को कोरोना संक्रमण को लेकर जारी की गई गाइडलाइन के बारे में भी स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण देने को कहा गया है.

कटोरिया रेफरल अस्पताल के प्रभारी डॉ. विनोद कुमार ने बताया इस बार बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाते वक्त विशेष सावधानी बरती जाएगी. कोरोना को लेकर जो भी गाइडलाइन जारी की गई है, उसका पालन किया जाएगा. बच्चों में कोरोना का संक्रमण नहीं हो, इसे लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी. इन सब चीजों को लेकर एक माइक्रो प्लान बना लिया गया है.

आशा कार्यकर्ता, एएनएम और आंगनबाड़ी सेविका घर-घर जाकर पिलाएंगी बच्चों को पोलियो ड्राप: डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि आशा कार्यकर्ता, एएनएम और आंगनबाड़ी सेविका घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो का ड्रॉप पिलाएंगी. इस दौरान सभी स्वास्थ्यकर्मी मास्क और ग्लव्स पहनकर जाएंगी. इसे लेकर इन लोगों को जानकारी दे दी गई है. किस तरह से बच्चों को पोलियो की खुराक देनी है अभी बता दिया गया है.

दूर से ही बच्चों को पिलाया जाएगा पोलियो का ड्रॉप: डॉ. विनोद कुमार ने बताया के कोरोना को लेकर इस बार सावधानी बरती जा रही है. आशा हो या एएनएम या फिर आंगनबाड़ी सेविका- सहायिका कोई भी बच्चों को टच नहीं करेंगी. दूर से ही बच्चों को ड्रॉप पिलाएंगी. बच्चे मां की गोद में ही रहेंगे. अगर बच्चा बड़ा है और 5 साल का है तो उसे भी दूर से पोलियो का ड्रॉप पिलाएंगी.

26 सुपरवाइजर को दिया जा चुका है प्रशिक्षण: पल्स पोलियो कार्यक्रम को लेकर कटोरिया प्रखंड में 26 सुपरवाइजर को प्रशिक्षण दिया जा चुका है. ये लोग इसे लेकर तैयारी कर रहे हैं. चिन्हित कर रहे हैं कि किस-किस घर में बच्चे हैं और इसे लेकर क्या तैयारी करनी है. हालांकि हर घर में आशा कार्यकर्ता, एएनएम और आंगनबाड़ी सेविका जाएंगी. एक भी बच्चा छूट न जाए, इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा

सांसद महेश शर्मा ने किया ग्रेविटी फैसिलिटी मैनेजमेंट सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड ऑफिस का उद्घाटन

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नोएडा-
दिनांक 27 सितंबर 20 20 दिन रविवार को ग्रेविटी फैसिलिटी मैनेजमेंट सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड ऑफिस का उद्घाटन समारोह हुआ जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभा सांसद माननीय डॉ महेश शर्मा जी उपस्थित हुए ! इस उद्घाटन समारोह के अवसर पर मनोज गुप्ता जिला अध्यक्ष नोएडा संजय बलिया जी (सांसद प्रतिनिधि), श्री नरेंद्र भाटी जी, अन्नू पंडित जी (युवा मोर्चा अध्यक्ष भाजपा ), अंबुज सिंह दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा ,श्री जगदीश शर्मा जी वरिष्ठ नेता, सतेंद्र नागर जी युवा मोर्चा सेक्रेटरी यूपी ,उपस्थित रहे।
उद्घाटन समारोह में माननीय सांसद डॉ दिनेश शर्मा जी ने ग्रेविटी फैसिलिटी मैनेजमेंट सलूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर डॉक्टर जी० एस० खान एवं कंपनी के सभी कर्मचारी तथा आयोजन में उपस्थित सभी आगंतुकों एवं पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कंपनी के उज्जवल भविष्य की कामना की एवं बधाई दी तथा उन्होंने कहा कि नोएडा में इस तरह की कंपनी की शुरुआत हुई है इसके लिए आप लोग बधाई के पात्र हैं ,यह कंपनी जो भविष्य में सिंगल विंडो सॉल्यूशन की तरह कार्य करेगी अनेक प्रकार की सुविधाएं एक ही जगह से प्राप्त हो सकेंगे, तथा कंपनी के डायरेक्टर डॉ जी०एस०खान ने बताया  हमारे क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के शुभ अवसर प्रदान होंगे  तथा हमारी कंपनी विभिन्न प्रकार की सर्विस सेवा मुहैया कराएगी  जैसे कि  वेस्टज मैनेजमेंट , सिक्योरिटी सर्विस, हाउसकीपिंग सर्विस, हॉर्टिकल्चर सर्विस, इत्यादि, कार्यक्रम के संयोजक अनुज पांडेय,नदीम हुसैन, रमित नेगी ,अमित मतहान ,ललित कुमार संकलन,  उज़ैर जाफरी, डॉ प्रीति राजपूत, मोनिका सिंह, भूपेंद्र जी रहे।  समारोह के अंत में डायरेक्टर डॉ जी०एस०खान ने मुख्य अतिथि एवं समारोह में आए हुए सभी आगंतुकों को धन्यवाद दिया !

अब जिले के वसुधा केंद्र पर भी बनेंगे गोल्डन कार्ड

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-आयुष्मान भारत योजना के तहत बनाया जाएगा कार्ड

-24 घंटे के बाद वसुधा केंद्र पर ही मिलेंगे गोल्डन कार्ड प्रिंट आउट काॅपी

-प्रत्येक व्यक्ति पर 30 रूपया शुल्क का किया गया है निर्धारित

लखीसराय, 26 सितम्बर, 2020

आयुष्मान भारत योजना के तहत बनने वाले गोल्डन कार्ड कार्य में तेजी लाने को लेकर अब जिले के सभी वसुधा केंद्र में भी गोल्डन कार्ड बनाये जाएंगे। ताकि लोगों को कार्ड बनवाने में किसी प्रकार की परेशानियाँ नहीं हो। इसे शीघ्र शुरू कराने को लेकर जिले में प्रशासनिक कवायद तेज कर दी गई है। जिससे जल्द सभी वसुधा केंद्र पर कार्ड बनना शुरू हो सके। इसकी सफलता को लेकर शुक्रवार को जिला सिविल सर्जन पदाधिकारी डॉ आत्मानंद राय ने अपने कार्यालयों में आयुष्मान भारत के संबंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक कर चुकें है।

05 लाख रूपये तक का करा सकेंगे मुफ्त इलाज

जिला सिविल सर्जन पदाधिकारी डॉ आत्मानंद राय ने बताया कि गोल्डन कार्ड बनने के बाद कार्डधारी अपने इच्छानुसार सरकार एवं सूचीबद्ध निजी अस्पताल में 05 लाख रूपये तक मुफ्त इलाज करा सकेंगे। एक भी कार्ड बनवाने से वंचित नहीं रहें और हर लोगों तक इसकी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए जिले सभी पीएचसी प्रभारी, सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

प्रत्येक व्यक्ति को 30 रूपया लगेगा शुल्क

आयुष्मान भारत योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक बबीता कुमारी ने बताया कि 24 घंटे के बाद गोल्डन कार्ड का प्रिंट आउट काॅपी वसुधा केंद्र पर ही मिलेंगे। जिसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को निर्धारित 30 रूपया वसुधा केंद्र केंद्र संचालक को देना होगा। उन्होंने बताया कि जिले के सभी वसुधा केंद्र संचालक को प्रखंड एवं पंचायत स्तरीय सूची उपलब्ध कराने का कार्य शुरू कर दिया गया है। ताकि शीघ्र कार्य शुरू हो सकें।

जिले में 83 वसुधा केंद्र हैं संचालित

पूरे जिले में कुल 83 वसुधा केंद्र संचालित हैं और 04 लाख 78 हजार गोल्डन कार्ड बनवाने वाले लाभुक हैं, जिसमें 35 हजार 381 लोगों का पूर्व में कार्ड बन चुका है। शेष लाभुकों का वसुधा केंद्र पर ही कार्ड बनाया जाएगा।

आशा और जनप्रतिनिधि करेंगे लोगों को जागरूक

कार्ड बनवाने को लेकर संबंधित क्षेत्र की आशा और जनप्रतिनिधि लोगों को जागरूक करेंगे और लोगों वसुधा केंद्र तक आने में आवश्यकतानुसार सहयोग करेंगे। ताकि जल्द से जल्द कार्य पूरा हो सकें और एक भी व्यक्ति कार्ड बनवाने से नही छूटे।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय हमारे लिए प्रेरणास्रोत: चन्दर धवन

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अंत्योदय की परिकल्पना को साकार कर रही है मोदी सरकार: मनोज तिवारी

नई दिल्ली। अंत्योदय और एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर संत नगर, बुराडी में सनराइज रेजिडेंटस वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से कंबल वितरण और भण्डारा का आयोजन किया गया था। एसोसिएशन के प्रधान और युवा भाजपा नेता चन्दर धवन ने सैकडों लोगों के लिए कंबल वितरण और भण्डारे की व्यवस्था कराई। भाजपा नेता चन्दर धवन ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी द्वारा दिया गया मानवीय एकता का मंत्र हम सभी का मार्गदर्शन करता है। पंडित जी हमेशा हमारे प्रेरणा स्रोत रहेंगे। निस्वार्थ सेवा की भावना उनमें स्वाभाविक रूप से थी। हमने उनकी नीतियों को अंगीकार करते हुए आज यह आयोज किया। हमें बेहद प्रसन्न्ता है कि इस आयोजन में हमारे सांसद श्री मनोज तिवारी जी, जिलाध्यक्ष श्री मोहन गोयल जी, ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री गौरव खारी, निगम पार्षद रेखा सिन्हा सहित जिले और मंडल के तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इससे पूर्व उत्तर पूर्वी दिल्ली के भाजपा सांसद श्री मनोज तिवारी का एसोसिएशन की ओर से चन्दर धवन और केके शर्मा ने स्वागत किया। सांसद श्री तिवारी ने पंडित जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया। अपने संबोधन में मनोज तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रद मोदी पंडित दीनदयाल जी की नीतियों और सिद्धांतों का अनुसरण करते हुए काम कर रहे हैं। यही कारण है कि देश की हर जनता तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचता है। चाहे वह किसी भी तबका और वर्ग से हो, सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ अब आम व्यक्ति तक सीधे पहुंचता है।
अपने संबोधन में उत्तर पूर्व जिलाध्यक्ष श्री मोहन गोयल ने मोदी सरकार की नीतियों का ब्यौरा दिया। भाजपा नेता श्री गौरव खारी, निगम पार्षद श्री रेखा सिन्हा ने भी केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों का बात करते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर भाजपा नेता संजय त्यागी, कमालपुर मंडल अध्यक्ष राजन, झाडौदा मंडल अध्यक्ष श्री प्रवीण चैधरी, बुराडी मंडल अध्यक्ष दिनेश त्यागी, पूर्व निगम पार्षद राजपाल राणा, पूर्व मंडल अध्यक्ष संजीव झा सहित भाजपा और क्षेत्र के दर्जनों गणमान्य लोग उपस्थित थे।

संक्रमण और बदलते मौसम के दौर में रखें सेहत का विशेष ख्याल

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– मास्क व शारीरिक दूरी सामान्य फ्लू और कोविड-19 से रखेगा दूर
– स्वच्छता व सतर्कता अपनाकर रख सकते हैं स्वयं के साथ परिवार का ख्याल

मुंगेर, 25 सितम्बर।

जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार रुक-रुक कर बारिश हो रही है। वहीं धूप और बादलों के बीच मौसम में बदलाव जारी है। अक्सर देखा गया है कि मौसम बदलते ही लोगों में कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आ जाती हैं। खासकर बारिश के मौसम में ज्यादातर लोगों में सर्दी-जुकाम की समस्या का होना आम हो जाता है। यह एक ऐसी समस्या है जो मौसम बदलते ही तेजी से फैलती है। वहीं अभी कोविड-19 के संक्रमण का प्रभाव भी कम नहीं हुआ है, इसलिए ऐसे मौसम में लोगों को विशेष सतर्क रहते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है। क्योंकि कोविड-19 के लक्षण भी सामान्य फ्लू जैसे ही देखने को मिले हैं।

अपनी लापरवाही से संक्रमण को देते हैं न्योता:

यह कहना गलत नहीं होगा कि कोई भी वायरस हम पर तब तक असर नहीं कर सकता जब तक कि हम खुद उसे न्योता नहीं देते। चाहे वह कोविड-19 ही क्यों न हो। अपनी कुछ लापरवाही के कारण से हम सर्दी-जुकाम सहित अन्य कई संक्रमण वाले बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। साथ ही स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी लापरवाही के साथ-साथ हम अक्सर अपने खान-पान, रहन-सहन और स्वच्छता की अनदेखी से भी संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। इसलिए हरेक स्थिति और बदलते मौसम में हमें विशेष सावधान रहने की जरूरत होती है।

मास्क व शारीरिक दूरी को बनाए हथियार:

संक्रमण से फैलने वाला कोविड-19 एक नयी बीमारी है। इससे बचाव के लिए सबने मास्क और शारीरिक दूरी को सबसे महत्वपूर्ण ​हथियार बताया है। वहीं मास्क न केवल कोविड-19 के से बल्कि सर्दी-जुकाम सहित अन्य एक दूसरे व्यक्ति से फैलने वाले संक्रमण से हमारी सुरक्षा करता है। वहीं शारीरिक दूरी अपनाने से हम सीधे प्रभाव में आने वाले बीमारियों से स्वयं को बचा सकते है।

स्वच्छता और सैनिटाइजर वक्त की मांग:
स्वच्छता का महत्व अमूमन सभी को बचपन से ही और घर-घर में बताया जाता है, लेकिन इसकी महत्ता को अनदेखी कर हम बीमारियों को न्योता देते हैं। कोविड-19 के साथ अभी बारिश का मौसम चल रहा है, इसलिए इस वक्त बहुत एहतियात बरतने की आवश्यकता है। घर की सफाई के साथ बाहर से आने वाले सामानों की सफाई का विशेष ख्याल रखना होगा। इसके लिए सैनेटाइजर का उपयोग कर सकते हैं। साथ ही काम के दौरान स्वयं भी हाथों को सैनेटाइज करते रहें। अगर इन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल करेंगे तो संभव है कि सामान्य फ्लू और कोविड-19 के संक्रमण से दूर रहेंगे।

इन बातों का ध्यान रखना है जरूरी:
– घरों और अपने आसपास साफ-सफाई का ख्याल रखें।
– फ्लू जैसे कोई भी लक्षण हो तो एहतियात बरतें।
– मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग करते रहें।
– गर्म पदार्थ का सेवन ही करें।
– गर्म पानी, चाय व काढ़ा पी सकते हैं।
– फ्लू से परेशानी बढ़ जाए तो तुरंत चिकित्सक से मिलें।
– संक्रमण के प्रभाव में आए व्यक्ति से मिले हो तो जल्द जांच करा लें।