राजीव जैन सदस्य ,बाल कल्याण समिति (न्यायिक पीठ मैजिस्ट्रेट श्रेणि १) 9893048239
मध्य प्रदेश :भारत स्काउट एंड गाइड राज्य मुख्यालय भोपाल के द्वारा संचालित कोरोना महामारी की समस्या से पीड़ित गरीब मजदूर वर्ग के परिवारों के लिए भोजन के सौ पैकेट निर्माण एवं वितरण का कार्य माननीय राज्य मुख्य आयुक्त श्री पारस चंद जैन एवं राज्य सचिव श्री आर. के. त्रिवेदी एवं श्री राजीव जैन सहायक राज्य आयुक्त स्काउट के मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है |
श्री पारस चंद जैन माननीय राज्य मुख्य आयुक्त
इस भोजन संचालन व्यवस्था को श्री बी. एल. शर्मा राज्य प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट के कुशल निर्देशन में प्रशिक्षण केंद्र के स्टाफ़ के द्वारा जारी है | आज दिनाँक – 26/04/2020 को गांधी नगर पैकेट निर्माण के समय भोपाल की प्रसिद्ध डॉक्टर पूनम चन्दानी ने अवलोकन किया और कार्य की बहुत प्रशंसा की एवं साथ ही एक गीत गाकर सभी का उत्साह वर्धन किया, इस अवसर पर श्री बी. एल. शर्मा राज्य प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट, श्री पी. आर. देशमुख, श्री रामेश्वर दयाल वार्डन एवं अन्य स्टाफ़ उपस्थित रहा |
दिल्ली में शराब की दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ीं। कई जगहों पर उमड़ी भीड़ के कारण भगदड़ की स्थिति भी बन गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी नाराजगी जताई।दिल्ली सरकार ने शराब की दुकानें खोलने का फैसला किया था, जिसके बाद दुकानों पर लंबी-लंबी लाइनें लग गईं थीं। सरकार की इस पहल का लोग विरोध भी करने लगे क्योंकि दिल्ली के सभी जिले रेड जोन में हैं और यहां पर कोरोना केस पांच हजार से ज्यादा हो चुके हैं। इसको देखते हुए अब दिल्ली सरकार ने ई-टोकन सिस्टम लॉन्च किया है, जिससे शराब की दुकानें भी खुली रहें और लोगों का मेला भी न लगे।सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में शराब की बिक्री के लिए एक ई-टोकन सिस्टम लॉन्च किया है। यह निर्णय शराब की दुकानों पर भीड़ को देखते हुए लिया गया है ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके। सरकार ने इसके लिए एक वेब लिंक जारी किया है।
क्या है नया सिस्टम
दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में शराब की बिक्री के लिए एक ई-टोकन सिस्टम लॉन्च किया है। यह निर्णय शराब की दुकानों पर भीड़ को देखते हुए लिया गया है ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके। सरकार ने इसके लिए एक वेब लिंक जारी किया है।
Delhi Government has launched an e-token system (demo token in pic) for the sale of liquor in the national capital. This decision has been taken in view of crowding at liquor shops so that social distancing can be maintained. A web link has been issued for the same: Delhi Govt pic.twitter.com/rqgzQ5bfEg— ANI (@ANI) May 7, 2020
इस लिंक पर जाकर शराब खरीदने का इच्छुक कोई भी व्यक्ति अपनी जानकारी भरकर शराब खरीदने का समय ले सकता है। उसके मोबाइल पर ई-कूपन भेज दिया जाएगा। दिल्ली सरकार ने एक वेब लिंक https://www.qtoken.in जारी किया है। अगर आप शराब खरीदना चाहते हैं, तो इस वेब लिंक पर जाकर दुकान पर शराब खरीदने के लिए जाने का समय ले सकते हैं। आपको दुकान पर जाने के समय का एक ई-कूपन आपके मोबाइल पर भेजा जाएगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शराब की दुकानों को खोलने के लिए दिल्ली सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार उस समय शराब की दुकानें खोलने में जुट गई जब राष्ट्रीय राजधानी अभी भी रेड जोन में है। उन्होंने कहा कि दुकानों के बाहर भारी भीड़ के मद्देनजर सरकार को अपने फैसले की समीक्षा करनी चाहिए।
गुरुवार को कोरोना के राज्य में 580 नए केस सामने आए, इसके साथ ही तमिलनाडु में कोरोना पॉजिटिव मामलों की संख्या 5,409 हो गई है। इनमें से अधिकांश मामले चेन्नै के कोयमबेडू सब्जी मार्केट से जुड़े बताए गए हैं। 295 एकड़ में फैला यह सब्जी मार्केट कोरोना संक्रमण का हॉट स्पॉट बन चुका है।
‘गुरुवार को रिपोर्ट हुए मामलों में से बहुत अधिक कोयमबेडू सब्जी मार्केट से जुड़े हुए हैं। 295 एकड़ के इस बाजार में करीब तीन हजार दुकानें हैं। जहां बड़ी संख्या में ट्रकों आते हैं। इससे पहले भी इस मार्केट को कोरोना के ‘सुपर स्प्रेडर’ के तौर पर बताया गया था।
तमिलनाडु देश के उन गिने चुने राज्यों में से एक बन गया है जहां कोरोना के मामलों की तादाद 5000 या उससे ज्यादा है। तमिलनाडु के अलावा दिल्ली (5532), गुजरात (6625) और महाराष्ट्र (16, 758) में कोरोना के मामले पांच हजार के पार है। इनमें सबसे बुरी हालत तो महाराष्ट्र की है जिसने मदद के लिए केंद्रीय एजेंसियों से गुहार लगाई है। महाराष्ट्र में भी आधे से ज्यादा यानि 10,714 मामले अकेले मुंबई से हैं।
कोरोना मरीजों की संख्या के दोगुनी होने की रफ्तार 13 दिन से घटकर 11 दिन हो गई है। महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली से जैसे राज्य इस जानलेवा वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कोविड-19 ने 1,783 लोगों की जान ले ली है। सरकारी आंकड़ें के अनुसार, अभी तक 52,952 कोविड-19 के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 15,267 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। महाराष्ट्र में कोरोना केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं। दिल्ली में कोविड-19 के मरीजों का मिलना जारी है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अन्य 180 जिलों में पिछले सात से 13 दिन में कोई नया मामला सामने नहीं आया। इसी तरह, कम से कम 164 जिलों में पिछले 14-20 दिन में, 136 जिलों में पिछले 21-28 दिन में संक्रमण का नया मामला सामने नहीं आया।
देश में कोविड-19 से संक्रमण के मामले बृहस्पतिवार को 54,000 के नजदीक पहुंच गए। तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और राजस्थान सहित अन्य राज्यों से और लोग इस खतरनाक वायरस से संक्रमित पाये गए। हालांकि ठीक हुए लोगों की संख्या भी 15,000 को पार कर गई। बुधवार सुबह से देशभर में कम से कम 4,500 नये मामले सामने आये हैं।
इस वायरस से देशभर में मौत का आंकड़ा बढ़कर 1,783 हो गई है। राजधानी दिल्ली में आज कोरोना के कुल 448 नए मामले सामने आए जिसके बाद कोरोना संक्रमित कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 5980 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अन्य 180 जिलों में पिछले सात से 13 दिन में कोई नया मामला सामने नहीं आया। इसी तरह, कम से कम 164 जिलों में पिछले 14-20 दिन में, 136 जिलों में पिछले 21-28 दिन में संक्रमण का नया मामला सामने नहीं आया।
अन्य राज्यों में भी बढ़े मरीज
संक्रमण के मामलों में महाराष्ट्र और गुजरात अभी सबसे ऊपर हैं, तमिलनाडु में मामले 5000 के पार हो गए हैं क्योंकि दिन में वहां 580 नये मामले सामने आये। दक्षिणी राज्य में मृतक संख्या बढ़कर 37 हो गई है क्योंकि दिन में दो और महिलाओं ने कोविड-19 के चलते दम तोड़ दिया। राज्य में ऐसे व्यक्तियों की संख्या 3,822 है जिनका अभी भी इलाज चल रहा है जबकि पूरे मामले बढ़कर 5,409 हो गई है। जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस के 18 नये मामले सामने आये। इसके साथ ही केंद्र शासित प्रदेश में कुल मामले बढ़कर 793 हो गए। वहीं जम्मू में अब तक 68 मामले सामने आये हैं, कश्मीर घाटी में 725 मामले सामने आये हैं। पश्चिम बंगाल में कोविड-19 से और सात मौतें होने से मृतक संख्या बढ़कर 79 हो गई जबकि पिछले 24 घंटे में 92 नये मामले सामने आये हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ” अन्य देशों की तुलना में भारत बेहतर स्थिति में है क्योंकि यहां मृत्यु दर 3.3 फीसदी और स्वस्थ होने की दर 28.83 फीसदी है।” उन्होंने कहा कि अब भी कुल 35,902 संक्रमित हैं, जिनमें से 4.8 फीसदी मरीज आईसीयू में हैं, 1.1 वेंटिलेटर पर हैं और 3.3 को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। हर्षवर्धन ने उत्तर प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में कोविड-19 की रोकथाम के लिए की गई तैयारियों और उपायों का भी जायजा लिया और कहा कि देश भर के 180 जिलों में पिछले सात दिन के भीतर श्वास संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया।
13 दिनों से नया मामला नहीं
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अन्य 180 जिलों में पिछले सात से 13 दिन में कोई नया मामला सामने नहीं आया। इसी तरह, कम से कम 164 जिलों में पिछले 14-20 दिन में, 136 जिलों में पिछले 21-28 दिन में संक्रमण का नया मामला सामने नहीं आया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरल, मिजोरम, मणिपुर, गोवा, मेघालय, लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में पिछले 24 घंटे में कोई नया मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि दमन और दीव, सिक्किम, नगालैंड और लक्षद्वीप में अब तक एक भी मामला नहीं आया है।
327 सरकारी और 118 निजी प्रयोगशालाओं में रोजाना 95,000 तक परीक्षण
मंत्री ने कहा, ‘कोविड-19 की जांच क्षमता में बढ़ोतरी हुई है। 327 सरकारी और 118 निजी प्रयोगशालाओं में रोजाना 95,000 तक परीक्षण किए जा रहे हैं। अब तक 13 लाख 57 हजार 442 जांच हो चुकी है।’ स्वास्थ्य आधारभूत ढांचे को लेकर जानकारी देते हुए हर्षवर्धन ने कहा कि अब तक देश में खासकर कोविड-19 के मरीजों का इलाज करने के लिए 821 अस्पताल हैं, जिनमें 1,50,059 बिस्तरों की क्षमता है और 1,19,109 बिस्तरों की क्षमता वाले 1,898 स्वास्थ्य केंद्र भी मरीजों के लिए हैं। इनके अलावा, 7,569 पृथक-वास केंद्र भी बनाए गए हैं।
विशाखापट्टनम: जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने प्रारंभिक जांच के हवाले से बताया कि फैक्टरी के दो टैंकों में रखे स्टाइरीन गैस से जुड़ी प्रशीतन प्रणाली में तकनीकी खराबी आने के कारण उसमें गैस बना और वह लीक हो गई. बृहस्पतिवार तड़के हुई इस घटना में 11 लोगों की मौत हुई है जबकि 1,000 लोग इससे प्रभावित हुए हैं. जिलाधिकारी वी. विनय चंद ने बताया कि एलजी पॉलीमर्स लिमिटेड से हुई गैस लीक इतनी ज्यादा थी कि ‘‘हमें सुबह करीब साढ़े नौ बजे समझ आया कि आखिरकार हुआ क्या है, क्योंकि उस वक्त क्षेत्र में लीक के कारण छाया घना कोहरा छंटा.’’
फैक्टरीज विभाग की ओर से प्राप्त प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के हवाले से उन्होंने कहा, ‘‘स्टाइरीन एकलक सामान्य तौर पर तरल रूप में रहता है और उसके भंडारण का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के नीचे रहने पर वह सुरक्षित रहता है. लेकिन प्रशीतन (रेफ्रीजेरेशन) इकाई में गड़बड़ी के कारण यह रसायन गैस में बदल गया.’’ उन्होने यहां संवाददाताओं को बताया कि तकनीकी खामी के कारण टैंक में रखे गए रसायन का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया और वह गैस में बदलकर लीक हो गया.
कारखाने में बनते हैं एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के बर्तन
जानलेवा स्टिरीन गैस का रिसाव जिस एलजी पॉलिमर इंडिया के कारखाने से हुआ वह दक्षिण कोरिया की रसायन कंपनी एलजी केम की अनुषंगी कंपनी है. एलजी केम ने एक स्थानीय कंपनी का अधिग्रहण कर 1997 में भारत में इस क्षेत्र में कारोबार शुरू किया था.
कंपनी के इस वाइजैग संयंत्र में पॉलीस्टिरीन (पीएस) का विनिर्माण किया जाता है, जिसका खानपान सेवा उद्योग में काफी इस्तेमाल होता है. इस रसायन का इस्तेमाल प्लास्टिक के एकबारगी इस्तेमाल वाले ट्रे और कंटेनर, बर्तन, फोम्ड कप, प्लेट और कटोरे आदि बनाने में होता है. इन्हें एक बार इस्तेमाल करने के बाद फेंक दिया जाता है.
जानकार सूत्रों के अनुसार एलजी पॉलिमर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की विशाखापट्टनम फैक्टरी को लॉकडाउन के बाद फिर से खोलने के लिये तैयार किया जा रहा था, तभी यह दुर्घटना हुई. कंपनी के कर्मचारी परिचालन को फिर से शुरू करने की तैयारी कर रहे थे, तभी शुरुआती घंटों में गैस का रिसाव होने लगा.
कहा जा रहा है कि जब रिसाव हुआ तब भंडारण टेंक में 1,800 टन स्टिरीन गैस थी. ठहराव और तापमान में बदलाव के कारण, स्टिरीन का स्वत: पॉलीमराइजेशन हो सकता है, जिसके कारण वाष्पीकरण हो सकता है.
कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, इसकी स्थापना श्रीराम ग्रुप के द्वारा 1961 में विशाखापत्तनम में पॉलीस्टिरीन और इसके सह-पॉलिमर निर्माण के लिये ‘हिंदुस्तान पॉलिमर’ के रूप में की गई थी. बाद में 1978 में यूबी ग्रुप के मैकडॉवेल एंड कंपनी लिमिटेड के साथ इसका विलय हो गया.
एलजी केम ने आक्रामक वैश्विक वृद्धि की योजनाओं के तहत भारत को महत्वपूर्ण बाजार मानते हुए जुलाई 1997 में हिंदुस्तान पॉलिमर का अधिग्रहण किया और जुलाई 1997 में इसका नाम बदलकर एलजी पॉलिमर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एलजीपीआई) कर दिया.
कारखाने को पिछले साल 222.eight अरब वॉन (18.18 करोड़ डॉलर) का राजस्व और 6.three अरब वॉन का शुद्ध लाभ हुआ था. बिक्री के मामले में, मूल कंपनी एलजी केम 2017 में दुनिया की 10 वीं सबसे बड़ी रासायनिक कंपनी थी.
स्टिरीन गैस एक ज्वलनशील तरल है, जिसका उपयोग पॉलीस्टिरीन प्लास्टिक, फाइबरग्लास, रबर और लेटेक्स बनाने के लिये किया जाता है.
विशाखापट्टनम कारखाने में दुर्घटना ने उद्योग में रसायनों के अनुचित रखरखाव पर सवाल खड़े कर दिये हैं और दुनिया की सबसे खराब औद्योगिक आपदा 1984 की भोपाल गैस त्रासदी की याद दिला दी है.
Karnataka 1st PUC 2020 रिजल्ट की घोषणा कर्नाटक यूनिवर्सिटी ऑफ प्री-यूनिवर्सिटी एजुकेशन ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट pue.kar.nic.in पर की थी।
प्री-यूनिवर्सिटी एजुकेशन डिपार्टमेंट (PUE), कर्नाटक सरकार ने 5 मई को कर्नाटक 1 PUC रिजल्ट 2020 की घोषणा की। कर्नाटक 1st PUC 2020 का परिणाम कर्नाटक डिपार्टमेंट ऑफ प्री-यूनिवर्सिटी एजुकेशन ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर घोषित किया pue.kar.nic.in। छात्र अपने कर्नाटक 1 पीयूसी परिणाम 2020 पर भी देख सकते हैं result.bspucpa.com
इंडियन एक्सप्रेस की एक पूर्व रिपोर्ट में कहा गया था कि कर्नाटक प्रथम पीयूसी परिणाम 2020 छात्रों को सीधे भेजा जाएगा। “प्रथम वर्ष के प्री-यूनिवर्सिटी परीक्षाओं के परिणाम 5 मई को घोषित किए जाएंगे। परिणाम सीधे छात्रों को भेजे जाएंगे। इसलिए, कॉलेज परिणाम प्रदर्शित नहीं करेंगे, ”प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री एस सुरेश कुमार ने दैनिक को बताया।
कर्नाटक I PUC परिणाम 2020: परिणामों की जांच कैसे करें:
चरण 1- पूर्व विश्वविद्यालय शिक्षा विभाग (PUE), कर्नाटक सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ: pue.kar.nic.in
चरण 2- I कर्नाटक I PUC परिणाम २०२० ’टैब देखें और उस पर क्लिक करें
चरण 3- कर्नाटक 1 पीयूसी परिणाम 2020 के परिणाम की जांच करने के लिए विवरण दर्ज करें
स्टेप 4- कर्नाटक बोर्ड रिजल्ट 2019, कर्नाटक 1 पीयूसी रिजल्ट 2020 आपके स्क्रीन पर दिखाई देगा।
मास्क आज काम आ रहा है। मीडिया के सामने चेहरा भी छिप गया और धूप से बचाव भी
पूरी पेटी हाथ लग गई। लोगों ने लॉकडाउन में शराब की दुकानें क्या खुलीं, हफ्तों-महीने का स्टॉक जमा कर लिया है।दुकानें खुलीं तो लंबी-लंबी लाइन लग गई। अब किसी फोटो में चेहरा ना दिख जाए और घरवालों के आगे पोल ना खुले, इसलिए लोग इस अंदाज में दुकानों पर पहुंचे।
लॉकडाउन पीरियड में फीस बढ़ाकर उसे वसूलने के मामले में दिल्ली सरकार ने दक्षिणी दिल्ली के नामी स्कूल एपीजे की दो शाखाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने सोमवार को स्कूल की शेख सराय और साकेत शाखा को सील कर दिया है। स्कूल के खिलाफ यह करवाई फीस को लेकर दिए गए शिक्षा निदेशालय के निर्देशों के उल्लंघन करने पर की गयी है। शिक्षा निदेशालय का कहना है कि कोरोना महामारी के कारण जब लॉकडाउन है और आपातकाल की स्थिति है।
ऐसे में स्कूल फीस वसूलने को लेकर दबाव बना रहा है। निदेशालय ने इसे अमानवीय कृत्य के रूप में देखा है। स्कूल ने अनधिकृत फीस बढ़ोतरी की है, जो कि निदेशालय के निर्देशों का उल्लंघन है। दरसअल सभी स्कूल संचालकों को निर्देशित किया गया था कि वह लॉकडाउन में अभिभावकों से ट्यूशन फीस के अलावा किसी प्रकार की फीस नही वसूलेंगे। वार्षिक शुल्क और विकास शुल्क लॉकडाउन समाप्त होने के बाद मासिक रूप से प्रो रेटा आधार पर वसूला जा सकता है। बावजूद इसके स्कूल ने फीस में बढ़ोतरी की और अभिभावकों पर फीस देने का दबाव बनाया। इसके बाद उपमुख्यमंत्री शिक्षा निदेशालय को स्कूल के खिलाफ एफआईआर करने और स्कूल की दो शाखाओं को सील करने को कहा।
Thanks to the leadership of @ArvindKejriwal & @msisodia that thousands of harrassed parents felt relieved.
Sealing of APEEJAY school reinforces a message that nobody is above the law of land
Petition Committee investigation revealed more than 30 cr surplus in school accounts pic.twitter.com/roWKXqBTkA
APEEJAY school had been voilating all kinds of norms of Healthy Education system.
Inspite of audits showing crores of surplus money in accounts, it was illegally arm twisting parents for increased fee.
Today two of its schools have been sealed. pic.twitter.com/MWZlZEa1vB
आपको बता दें कि लॉकडाउन में फीस बढ़ाकर उसे वसूलने के मामले में केजरीवाल सरकार ने दक्षिणी दिल्ली के नामी स्कूल एपीजे की दो शाखाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है. सरकार ने इसकी शेख सराय और साकेत शाखा को सील कर दिया है. जबकि यह कार्रवाई स्कूल के खिलाफ फीस को लेकर दिए गए शिक्षा निदेशालय के निर्देशों के उल्लंघन करने पर की हुई है. एपीजे स्कूल की दो ब्रांच को सील करने के बाद शिक्षा निदेशालय ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण जब लॉकडाउन है और आपातकाल की स्थिति है, ऐसे में स्कूल फीस वसूलने को लेकर बच्चों के माता-पिता पर दबाव बना रहा है, जो कि अमानवीय कृत्य है. स्कूल द्वारा फीस बढ़ाना निदेशालय के निर्देशों का सरासर उल्लंघन है.
सरकार ने दिया था ये आदेश
इस वक्त कोरोना वायरस के कहर से पूरे देश के साथ दिल्ली भी जूझ रही है और सरकार ने इस आपदा के बीच सभी स्कूलों को आदेश दिया था कि वह लॉकडाउन में अभिभावकों से ट्यूशन फीस के अलावा किसी प्रकार की फीस नहीं वसूलेंगे, लेकिन एपीजे स्कूल की दो ब्रांस इस आदेश का उल्लंघन कर रही थीं.
बहरहाल, दिल्ली सरकार द्वारा सभी स्कूल संचालकों को निर्देशित किया गया था कि वार्षिक शुल्क और विकास शुल्क लॉकडाउन समाप्त होने के बाद मासिक रूप से प्रो रेटा आधार पर वसूला जा सकता है. बावजूद इस स्कूल ने फीस में बढ़ोतरी की और बच्चों के अभिभावकों पर फीस देने का दबाव बनाया. इसके बाद उपमुख्यमंत्री शिक्षा निदेशालय को स्कूल के खिलाफ एफआईआर करने और स्कूल की दो शाखाओं को सील करने को कहा गया था.
लॉकडाउन के तीसरे चरण में आज मिली रियायत, दिल्ली में कई स्थानों पर सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियां इसी के मद्देनजर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने #लॉकडाउन के शराब के दुकानों पर उमड़ पड़े भीड़ और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि अगर फिर से ऐसा हुआ तो हम कड़ी कार्रवाई करेंगे। लोगों को घरों से निकलने से पहले मास्क पहनना अनिवार्य है।
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर हमें अब मालूम पड़ा कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है तो हमें उस इलाके को सील करना होगा और जो भी छूट दी जा रही है उसे वापस लेना होगा. दिल्ली के लोगों के सेहत के लिए हमें कड़े कदम उठाने पड़ेंगे.
कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन में अभी तक शराब की बिक्री बंद थी. सोमवार से लॉकडाउन 3.0 की शुरुआत हो गई है. देश को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटा गया है. इन जोन के अनुसार देश में शराब की बिक्री की शुरुआत भी हो चुकी है. सोमवार को सुबह से ही शराब की दुकानों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग गईं. दिल्ली के भी कई इलाकों में ऐसा देखा गया. कुछ जगह तो भगदड़ भी मची. लोगों के इस रवैये पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नाराजगी जताई है.
उन्होंने कहा कि अगर हमें अब मालूम पड़ा कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है तो हमें उस इलाके को सील करना होगा और जो भी छूट दी जा रही है उसे वापस लेना होगा. दिल्ली के लोगों के सेहत के लिए हमें कड़े कदम उठाने पड़ेंगे.
A man stands in his balcony as People stand in a queue outside a wine shop after authorities allowed sale of liquor with certain restrictions, during the ongoing COVID-19 nationwide lockdown, in New Delhi.
अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आप लोग कसम खा लें कि कल से ऐसी हरकत नहीं करेंगे. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे. ये आपके सेहत के लिए है. कोई दुकान बंद नहीं हो रही. दुकानें खुली रहेंगी. ऐसी भगदड़ नहीं करनी है. अगर अब हमें पता चला कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा तो हमें उस इलाके को सील करना होगा.
सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि डेढ़ महीने के लॉकडाउन के बाद आज से केंद्र सरकार ने देश के अलग-अलग हिस्सों में कुछ छूट दी. देश को तीन जोन में बांटा गया है. ग्रीन जोन में काफी छूट हैं. ऑरेंज में थोड़ी कम है और रेड जोन में काफी कम रियायतें दी गई हैं. दिल्ली को रेड जोन में रखा गया और काफी कम रियायतें दी गई हैं. केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक हमने उन सभी गतिविधियों की इजाजत दी.
We can not be under lockdown,forever. We must defeat Corona,only then it will end and we will lead a normal life back.
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों पर भरोसा जताते हुए कहा कि राजधानी के लोगों ने जैसे डेंगू को हराया वैसे ही कोरोना को भी हराएंगे. उन्होंने कहा कि कोरोना को केवल सरकार नहीं हरा सकती है. इसमें लोगों का साथ जरूरी है. दिल्ली के लोगों ने आजतक बहुत बड़े-बड़े काम करके दिखाए हैं. यहां के लोगों ने डेंगू को हराकर दिखाया है. अब कोरोना को हराना है. कोरोना को हराएंगे तभी लॉकडाउन खत्म होगा.
कोरोना को अकेले सरकार नहीं हरा सकती,हमें पूरे दिल्ली वालों का साथ चाहिए।Social Distancing का पालन कीजिए,Mask लगाइए,अन्यथा हमें कड़े कदम उठाते हुए पूरे क्षेत्र की सीलिंग करनी पड़ जाएगी : @ArvindKejriwalpic.twitter.com/1a5h5HTwfc
एक ट्विटर यूजर ने 3 मई को ‘#BoisLockerRoom’ नाम के एक इंस्टाग्राम चैट ग्रुप के बारे में ट्वीट किया. इस ट्वीट में यूजर ने बताया कि इंस्टाग्राम ग्रुप में सैंकड़ों साउथ दिल्ली के लड़के हैं, जो कथित रूप से अवयस्क लड़कियों के फोटो शेयर करते हैं. यूजर ने कहा कि ग्रुप में लड़कियों को ऑब्जेक्टिफाई किया जाता है और ‘गैंगरेप’ का प्लान किया जाता है.
कथित रूप से क्लास 11 और 12वीं में पढ़ने वाले लड़के इस ग्रुप पर अवयस्क लड़कियों की मॉर्फ की हुई फोटो शेयर करते हैं. लड़कियों के बारे में अश्लील टिप्पणियां करते हैं, बॉडी और स्लट शेमिंग करते हैं.
Bois locker room is straight up sexual harassment. If you’re even thinking about defending it you’re complicit in every form of discomfort and abuse a girl has faced since puberty, sometimes even before. Stop normalising this under the garb of ‘boys will be boys’ it’s disgusting.
I’m disgusted to my very core but the fact that I’m not at all shocked and there are people who are defending these 16-17 y/o delhi monsters is beyond me.
I told my mom about this situation and my her response was ‘delhi se aur umeed bhi kya rakh sakte hai’
साउथ दिल्ली की एक लड़की ने ट्विटर पर चैट ग्रुप का स्क्रीनशॉट शेयर किया और लिखा, “17-18 साल के साउथ दिल्ली के लड़कों के इस इंस्टाग्राम ग्रुप में उनकी ही उम्र की लड़कियों की तस्वीरें शेयर की जाती हैं. मेरे स्कूल के दो लड़के इसका हिस्सा हैं. मैं और मेरे दोस्त डर गए हैं और मेरी मां चाहती हैं कि मैं इंस्टाग्राम छोड़ दूं.”
कथित रूप से क्लास 11 और 12वीं में पढ़ने वाले लड़के इस ग्रुप पर अवयस्क लड़कियों की मॉर्फ की हुई फोटो शेयर करते हैं. लड़कियों के बारे में अश्लील टिप्पणियां करते हैं, बॉडी और स्लट शेमिंग करते हैं.
फोटो मॉर्फ करना और लोगों के प्राइवेट पार्ट की फोटो शेयर करना आईटी एक्ट के सेक्शन 66E और IPC के सेक्शन 354C का उल्लंघन हो सकता है.
क्या करते हैं?
घटिया बातें करते हैं. लड़कियों के बारे में. तस्वीरें शेयर करते हैं, लड़कियों की. ज़्यादातर 15-16 साल की. उनकी शारीरिक बनावट कैसी है? कैसी दिखती हैं? शरीर का कौन-सा हिस्सा कैसा है? इन सब पर बातें करते हैं. मज़ाक बनाते हैं, एन्जॉय करते हैं. कई बारी तो इन लड़कियों की तस्वीरें एडिट भी करते हैं. इन लड़कियों का यौन शोषण, रेप करने की बातें भी होती हैं. इस ग्रुप में शामिल लड़कों की उम्र भी ज्यादा नहीं है. ज्यादातर तो स्कूल में पढ़ते हैं. यानी 17-18 साल के हैं.
ट्विटर पर शेयर किए गए स्क्रीनशॉट से पता चलता है कि लड़कों ने रेप को लेकर भी कई कमेंट किए हैं. जैसे कि – ‘हम उसका आसानी से रेप कर सकते हैं’ और ‘जहां तुम कहोगे, मैं आ जाऊंगा. हम उसका गैंगरेप करेंगे’.
साइबर सेल क्या कहता है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ज्यादातर लड़के साउथ दिल्ली के हैं. इसलिए वहां के साइबर सेल ब्रांच को कॉल किया गया, कोई जवाब नहीं मिला. ‘आज तक’ से जुड़े अरविंद ओझा ने बताया कि दिल्ली पुलिस की नज़र में मामला आ गया है. दक्षिणी दिल्ली पुलिस ने साइबर सेल से इस मामले की जांच करने के लिए कहा था. अब जांच शुरू कर दी गई है. इंस्टाग्राम से कहा गया है कि वो इस अकाउंट की सारी जानकारी, एडमिन की जानकारी उन्हें मुहैया कराए. इसके अलावा दिल्ली महिला आयोग ने भी दिल्ली इस केस में जानकारी पाने के लिए दिल्ली पुलिस और इंस्टाग्राम को नोटिस भेजा है.
Breaking –
DCW chief @SwatiJaiHind issues notice to Instagram and Delhi Police in the matter of a group named “boys locker room” being used by some miscreants to share objectionable pictures of minor girls and planning illegal acts such as rape of minor girls. #boyslockerroompic.twitter.com/PyzxGCv7kt
— Delhi Commission for Women – DCW (@DCWDelhi) May 4, 2020
DCP साइबर सेल का कहना है
‘दिल्ली पुलिल साइबर क्राइम सेल ने जांच शुरू कर दी है. सोशल मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर IT एक्ट और IPC की कुछ धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है.’
जांच शुरू करने की जानकारी मिलने से पहले हमारी बात साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट और कंस्टल्टेंट रक्षित टंडन से हुई थी. उन्होंने तभी कहा था,
‘अभी मेरी जानकारी में ‘बॉयज़ लॉकर रूम’ के खिलाफ किसी विक्टिम ने कोई आधिकारिक शिकायत नहीं की है. हालांकि सोशल मीडिया के ज़रिए हमें इस ग्रुप के बारे में पता चला है. लेकिन जब तक कोई आधिकारिक शिकायत नहीं होगी, हम उचित कार्रवाई नहीं कर पाएंगे. वहीं इंस्टाग्राम पर ये पेज अब बंद हो गया है. इसके अलावा इसके मेंबर लड़कों में से ज्यादातर ने अपना अकाउंट डिएक्टिवेट कर दिया है. साइबर क्राइम अपनी तरफ से जांच कर रहा है.’
दिल्ली पुलिस के साइबर क्राइम सेल ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है. सोशल मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर एक केस दर्ज किया गया है.
फोटो मॉर्फ करना और लोगों के प्राइवेट पार्ट की फोटो शेयर करना आईटी एक्ट के सेक्शन 66E और IPC के सेक्शन 354C का उल्लंघन हो सकता है.
पहली घटना नहीं
दिसंबर 2019 में मुंबई के एक टॉप रैंक स्कूल ने 13-14 साल के 8 लड़कों को सस्पेंड किया था. इन लड़कों ने एक WhatsApp ग्रुप पर अपनी कई फीमेल क्लासमेट के बारे में हिंसाजनक और यौन टिप्पणियां की थीं.
मुंबई मिरर की खबर के मुताबिक, 100 पेजों से ऊपर की चैट में पता चलता है कि लड़के बॉडी शेमिंग कर रहे थे और ‘रेप’, ‘गैंग बैंग’ जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया था.
पूरी चैट के दौरान लड़कियों को कथित रूप से ‘कचरा’ कहकर संबोधित किया गया. जब दो लड़कियों ने स्कूल जाने से मना किया तो उनकी माओं ने स्कूल प्रशासन से बात की और ये मामला सामने आया.
दिल्ली महिला आयोग ने इंस्टाग्राम को भेजा नोटिस
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने इस मामले में दिल्ली पुलिस और इंस्टाग्राम को नोटिस जारी किया है. मालीवाल ने ट्विटर पर लिखा कि ये हरकत एक घिनौनी,अपराधी और बलात्कारी मानसिकता का प्रमाण है.
महिला कांग्रेस ने केंद्र सरकार को जिम्मेदार बताया
महिला कांग्रेस ने इस पूरे मामले के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार बताया है, क्योंकि ये केस दिल्ली का है. महिला कांग्रेस ने भी इसे सेक्सुअल हैरासमेंट बताया और कहा कि लॉकडाउन में महिलाओं के खिलाफ साइबर क्राइम बढ़ गए हैं.