Maharana Pratap Jayanti 2020: हल्दी घाटी युद्ध में हारकर भी जीत गए थे महाराणा प्रताप!

इतिहास का सबसे ऐतिहासिक हल्दी घाटी का युद्ध महाराणा प्रताप मुगलों की विशाल सेना से हार गए थे लेकिन फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी. अकबर के लिए कुछ खास साबित नहीं हुई जीत.

नई दिल्ली: राजस्थान के वीर सपूत, महान योद्धा और अदभुत शौर्य व साहस के प्रतीक महाराणा प्रताप की आज (9 मई 2020) को 480वीं जयंती है. महाराणा प्रताप ने मुगलों से कई लड़ाइयां लड़ी, लेकिन अकबर के साथ हल्दी घाटी का युद्ध उनका सबसे ऐतिहासिक रहा है. प्रताप की हर शौर्य गाथा में उनके चेतक घोड़े का भी जिक्र जरूर होता है. इतिहास की कई लड़ाइयां जीतने में हवा से बात करने वाले अद्भुत, बहादुर चेतक की अहम भूमिका रही है.

महाराणा प्रताप का जन्म महाराजा उदयसिंह के घर 9 मई, 1540 को कुंभलगढ़ दुर्ग (पाली) में हुआ था. हिन्दू तिथि के हिसाब से साल 1540 में 9 मई को ज्येष्ठ शुक्ल की तृतीया तिथि थी. इस हिसाब से महाराणा प्रताप की जयंती इस साल 25 मई को भी मनाई जाएगी.

महाराणा प्रताप और अकबर का ऐतिहासिक युद्ध

महाराणा प्रताप के इतिहास के पन्नों में सबसे ज्यादा चर्चा हल्दी घाटी के युद्ध की होती है. प्रताप और अकबर के बीच दुश्मनी भारतीय इतिहास में दो बड़े शासकों के बीच युद्ध की गाथा है. 1576 में हुए इस युद्ध में प्रताप ने 20 हजार सैनिकों के साथ मुगल के 80 हजार सैनिकों का सामना किया था. युद्ध में प्रताप के चेतक ने भी अपनी वीरता और बुद्धिमत्ता का परिचय दिया था.

चेतक इतना फुर्तीला था कि उसका पांव हाथी के सिर तक पहुंच जाता था. युद्ध में चेतक ने सेनापति मानसिंह के हाथी के सिर पर पांव रख दिया था, जिसके बाद महाराणा प्रताप ने दुश्मन पर प्रहार किया. हालांकि उसी समय चेतक घायल हो गया था, लेकिन फिर भी दुश्मनों के बीच से महाराणा प्रताप को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया था. इसी दौरान चेतक एक बरसाती नाले को ऐसे लांघा जैसे वह कोई घोड़ा नहीं बल्कि बाज हो. मुगल सेना भी इस नाले को पार नहीं कर पाई थी.

It was Maharana Pratap, not Akbar, who won the Battle of ...पूरी जिंदगी मुगल साम्राज्य के खिलाफ लड़ते रहे महाराणा प्रताप

हालांकि इस युद्ध में मुगल सेना और जयपुर के राजा मानसिंह की जीत हुई थी. हल्दी घाटी की युद्ध में जीतकर भी अकबर की हार मानी जाती है. भले ही ज्यादातर राजपूत राजा मुगलों के अधीन हो गए थे लेकिन महाराणा प्रताप और उनके सहयोगी मुगलों के हाथ नहीं आए. प्रताप ने मुगल सम्राट अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की और पूरी जिंदगी मुगल साम्राज्य के खिलाफ लड़ते रहे.

भारत में जून जुलाई में क्यों होगा कोरोना का कहर ?

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देश में अभी खत्‍म नहीं होगा कोरोना वायरस, एम्‍स डायरेक्‍टर बोले- जून-जुलाई में आएंगे सर्वाधिक केस

दिल्‍ली स्थित AIIMs के डायरेक्‍टर डॉ. रणदीप गुलेरिया (Dr. Randeep Guleria) ने देश में इसके और बढ़ने की आशंका जताई है. उनके अनुसार कोविड 19 (Covid 19) अभी खत्‍म होने वाला नहीं है.

नई दिल्‍ली. देश में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. गुरुवार को इनकी कुल संख्‍या बढ़कर 52952 हो गए हैं. साथ ही देश में कोविड 19 (Covid 19) से मरने वालों की संख्‍या बढ़कर 1783 हो गई है. देश-दुनिया में इस संक्रमण की वैक्‍सीन (Covid 19 Vaccine) विकसित करने के प्रयास युद्धस्‍तर पर जारी हैं. इस बीच दिल्‍ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान (AIIMs) के डायरेक्‍टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने देश में इसके और बढ़ने की आशंका जताई है. उनके अनुसार कोविड 19 अभी खत्‍म होने वाला नहीं है. जून और जुलाई में यह देश में चरम पर होगा. इन दो महीनों में इसके सर्वाधिक मामले सामने आएंगे.

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा, ‘जिस तरह से देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं, उससे यह जाहिर है कि जून और जुलाई में यह चरम पर होगा. इन दो महीनों में इसके सर्वाधिक मामले सामने आ सकते हैं.’


डॉ. रणदीप गुलेरिया ने यह भी कहा कि हालांकि इसकी रोकथाम के कुछ उपाय हैं लेकिन यह समय के साथ ही पता चलेगा कि वह कितने कारगर हैं और लॉकडाउन बढ़ाने का क्‍या प्रभाव पड़ रहा है.

उनके अनुसार जून और जुलाई में कोविड 19 के मामले अधिक आने के बाद इनकी संख्‍या कम होना शुरू हो सकती है. डॉ. गुलेरिया ने यह भी कहा कि देश में लॉकडाउन के कारण संक्रमण के मामले अधिक नहीं बढ़ पाए हैं.

KOZHIKODE: केरल पुलिस ने ज़ी न्यूज़ के एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी के खिलाफ मुसलमानों की भावनाओं को आहत करने के लिए मामला दर्ज किया है

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कोझीकोड जिले के कसबा पुलिस थाने ने आईपीसी की धारा 295 ए के तहत मामला दर्ज किया, जिसमें कहा गया कि चौधरी ने अपने शो डीएनए में मुसलमानों को नाराज किया, जिसने 11 मार्च को प्रसारित एक एपिसोड में ‘जिहाद’ पर चर्चा की।

गावस ने कहा, “मैं संयोग से डीएनए कार्यक्रम को देखने के लिए आया था। मुझे शो में दिखाए गए आरेख में जिहाद के प्रकारों को आपत्तिजनक सामग्री के रूप में दिखाया गया है, जो मुस्लिम के खिलाफ है।”

“बाद में मैंने इसे अनुवाद करने के लिए दूसरों से मदद मांगी। जब मैंने पार्टी के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की, तो हमने मुस्लिमों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए एक मामले (सुधीर चौधरी के खिलाफ) के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया,” गावस ने कहा, राज्य कौन है AIYF के संयुक्त सचिव। 24 मार्च को स्टेशन पर मामला दर्ज किया गया था।

हालांकि, यह घटना तब सुर्खियों में आई जब चौधरी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एफआईआर की फोटो पोस्ट की।

औरंगाबाद: रेलवे ट्रैक पर पैदल घर जा रहे 16 प्रवासी मजदूरों को मालगाड़ी ने कुचला

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महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर में शुक्रवार सुबह कम से कम 16 प्रवासी श्रमिकों की ट्रेन से कुचलने जाने से मौत हो गई है, बताया जा रहा है कि वे मध्य प्रदेश में अपने ग्रामीण घरों में लौटने की कोशिश कर रहे थे।

एक अधिकारी ने कहा कि वे रेल की पटरियों पर चल रहे थे और थकावट के कारण वहां सो रहे थे। उन्हें सुबह 5.15 बजे जालना और औरंगाबाद के बीच चलने वाली मालगाड़ी ने कुचल दिया।

स्मार्टफोन Xiaomi Mi 10 लॉन्च, शुरुआती कीमत 49999 रुपए

चीन की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी शाओमी ने लॉकडाउन के बीच भारत में आज अपने लॉन्ग अवलेटेड प्रीमियम स्मार्टफोन Mi 10 5G को 49999 रुपए की शुरुआती कीमत में लॉन्च कर दिया है. इसके साथ ही कंपनी ने मी ट्रू वायरलेस इयरफोन्स 2 (Mi True Wireless Earphones 2) और मी बॉक्स 4के (Mi Box 4K) जैसे स्मार्ट डिवाइस भी लॉन्च किया है. Xiaomi Mi 10 स्मार्टफोन में 108MP का प्राइमरी कैमरा लगा है. कंपनी ने कहा है कि जो कस्टमर प्री-बुकिंग पीरियड में पहले बुकिंग कराएंगे उन्हें मी पावरबैंक फ्री में मिलेगा.

Xiaomi Mi 10 की कीमत
8GB RAM + 128 GB वेरिएंट – 49,999 रुपए
8GB RAM +  256 GB वेरिएंट – 54,999 रुपए

Xiaomi Mi 10 के स्पेसिफिकेशन
डिस्प्ले:6.67 इंच, 3D कर्व्ड ई3 एमोलेड डिस्प्ले है, जिसका रिजॉल्यूशन 2340×1080 है. यह FullHD+ रिजॉल्यूशन के साथ है.
प्रोसेसर:Qualcomm Snapdragon 865
बैटरी:4780 एमएएच
चार्जिंग:30W वायर्ड और वायरलेस टर्बो चार्जिंग टेक्नोलॉजी (दुनिया का सबसे फास्ट वायरलेस चार्जिंग स्मार्टफोन), 10W रिजर्व वायरलेस चार्जिंग
कैमरा:रीयर में 2MP+108MP+2MP+13MP कैमरा सेटअप है, सेल्फी के लिए 20MP कैमरा है. फ्रंट कैमरा बिल्कुल बाईं तरफ लगा है.

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Xiaomi Mi 10 के फीचर्स

  • यह स्मार्टफोन दो रंगों – Twilight Grey और Coral Green में पेश किया गया है
  • यह प्रीमियम स्मार्टफोन 8K वीडियो रिकॉर्डिंग करता है
  • शाओमी ने सैमसंग के साथ मिलकर 108 मेगापिक्सल कैमरा तैयार किया है
  • स्मार्टफोन में स्क्रीन टू बॉडी रेशियो 92.4 प्रतिशत है
  • रात में भी शानदार वीडियो शूट कर सकता है
  • फ्रंट और बैक में 3D ग्लास है
  • यह MIUI 11 बेस्ड Android 10 पर ऑपरेट करता है
  • Xiaomi Mi 10 का वजन 208 ग्राम है

प्री-बुकिंग और कैशबैक 

कंपनी ने 8 मई से Xiaomi Mi 10 की प्री-बुकिंग दिन में 2 बजे से ओपन कर रही है. प्री-बुकिंग mi.com और अमेजन की वेबसाइट पर की जा सकती है. जल्द ही यह स्मार्टफोन सभी रिटेल आउटलेट पर भी मिलना शुरू हो जाएगा. इसके अलावा अगर आप HDFC Bank के कार्ड से खरीदारी करते हैं तो आपको 3000 रुपए तक का कैशबैक भी मिल सकता है. शाओमी ने स्मार्टफोन के अलावा कंपनी ने वायरलेस इयरफोन्स भी लॉन्च किया. मी ट्रू वायरलेस इयरफोन्स 2 नाम से इस इयरफोन की कीमत 3,999 रुपए है. इस कीमत पर आप इसे 12 मई से 17 मई के बीच दिन में 12 बजे Mi.com, Mi Homes, Amazon.in और रिटेल पार्टनर से खरीद सकते हैं. कंपनी का कहना है कि जल्द यह सभी रिटेल स्टोर पर भी उपलब्ध होगा.

मी बॉक्स 4के

शाओमी ने एक खास डिवाइस मी बॉक्स 4के भी शुक्रवार को लॉन्च किया जो किसी भी टीवी को स्मार्ट बना देता है. इसकी कीमत 3499 रुपए है. इस डिवाइस को आप 11 मई को दिन में 12 बजे से Mi.com, Mi Homes, Mi Homes Studio और फ्लिपकार्ट से खरीद सकते हैं. इस डिवाइस पर कंटेट को लेकर कई ऑप्शन मौजूद हैं.

Mother’s Day 2020: क्यों और कैसे हुई थी मदर्स डे की शुरुआत, जानिए इसका इतिहास

10 मई 2020 को मदर्स डे हैं. यह दिन मां को समर्पित है. इस दिन मां के योगदान और मातृत्व को नमन करने का भी दिन है. मदर्स डे की शुरूआत कैसे और सबसे पहले कहां से हुई, आइए जानते हैं इसके बारे में-

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Barkha with her daughter Vanshika Gaur

Mother Day: मां नाम जुबान पर आते हैं मन और मतिष्क में मातृत्व और करुणा से भरा वो चेहरा नजरों के सामने आ जाता है जिसे हम सब मां कहते हैं. 1912 में मदर्स डे की शुरूआत अमेरिका से हुई. एना जार्विस एक प्रतिष्ठित अमेरिकन एक्टिविस्ट थीं. जो अपनी मां से बेहद प्यार करती थीं. उन्होंने कभी शादी नहीं की. उनकी कोई संतान भी नहीं थी. मां की मौत होने के बाद प्यार जताने के लिए उन्होंने इस दिन की शुरुआत की. जिसे बाद में 10 मई को पूरी दुनिया में मनाने की परंपरा शुरू हुई.

भारत समेत कई देशों में मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है. मदर्स डे पर हर बेटा अपनी मां को तरह तरह के उपहार व सरप्राइज देकर विश करते हैं और आर्शीवाद लेते हैं.

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Shikha & Raghav Sharma with son Shivay

मई महीने में दूसरे हफ्ते के रविवार को मदर्स डे को तौर पर मनाया जाता है। मां के लिए कोई एक दिन नहीं होता है, वो अलग बात है कि एक खास दिन को मां के नाम निश्चित कर दिया गया है। इस वर्ष ये खास दिन 10 मई को मनाया जा रहा है। अपनी हर तकलीफें एक तरफ कर बच्चों की हर खुशी का ध्यान रखने वाली मां के साथ इस खास दिन को बिताना चाहिए। मदर्स डे लोगों को अपनी भावनाओं को जाहिर करने का मौका देता है। ज्यादातर देशों में मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है। लेकिन कई देशों में इस खास डे को अलग-अलग तारीखों पर भी मनाया जाता है। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि इस खास दिन की शुरुआत कैसे हुई?

मदर्स डे की शुरुआत

मदर्स डे को लेकर कई मान्यताएं हैं। कुछ का मानना है कि मदर्स डे के इस खास दिन की शुरुआत अमेरिका से हुई थी। वर्जिनिया में एना जार्विस नाम की महिला ने मदर्स डे की शुरुआत की। कहा जाता है कि एना अपनी मां से बहुत प्यार करती थी और उनसे बहुत प्रेरित थी। उन्होंने कभी शादी नहीं की और मां का निधन हो जाने के बाद उनके प्रति सम्मान दिखाने के लिए इस खास दिन की शुरुआत की। ईसाई समुदाय के लोग इस दिन को वर्जिन मेरी का दिन मानते हैं। यूरोप और ब्रिटेन में मदरिंग संडे भी मनाया जाता है।

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Soniya Madaan with her son Chirag

इससे जुड़ी एक और कहानी है जिसके अनुसार, मदर्स डे की शुरुआत ग्रीस से हुई थी। ग्रीस के लोग अपनी मां का बहुत सम्मान करते हैं। इसलिए वो इस दिन उनकी पूजा करते थे। मान्यताओं के अनुसार, स्यबेसे ग्रीक देवताओं की माता थीं और मदर्स डे पर लोग उनकी पूजा करते थे।

9 मई 1914 को अमेरिकी प्रेसिडेंट वुड्रो विल्सन ने एक कानून पारित किया था। इस कानून में लिखा था कि मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाएगा। इसी के बाद से भारत समेत कई देशों में ये खास दिन मई के दूसरे रविवार को मनाया जाने लगा। तो इस मदर्स डे के खास मौके पर अपनी मां के साथ समय बिताएं, वो सब करें जो व्यस्त होने के कारण आप नहीं कर पाते और मां को खास तोहफे देकर जरूर खुश करें।

 

कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में लॉकडाउन घोषित है. देश में लॉकडाउन का तीसरा चरण चल रहा है. ऐसे में लोग घरों में रहकर कोरोना वायरस से लड़ाई लड़ रहे हैं. 10 मई को घर में रहकर मां के साथ इस दिन को यादगार बनाएं. यह पूरा दिन मां के नाम समर्पित करें और घर के सभी लोग इस दिन को जश्न के तौर पर मनाएं. कुछ लोगों ने तो इसकी तैयारी भी की है. लोगों ने अभी से केक के लिए भी ऑडर कर दिया है. लॉकडाउन में मदर्स डे को एक यादगार दिन के तौर पर मनाने के लिए लोगों ने खास तरह से घरों के भीतर रहकर तैयारियां की हैं.

किसी ने रोजा रखा किसी ने उपवास रखा,
कुबूल उसका हुआ जिसने अपने माँ-बाप को अपने पास रखा….!!

माँ की अजमत से अच्छा जाम क्या होगा,
माँ की खिदमत से अच्छा काम क्या होगा,
खुदा ने रख दी हो जिस के कदमों में जन्नत,
सोचो उसके सर का मुकाम क्या होगा।


“माँ” की एक दुआ जिन्दगी बना देगी,
खुद रोएगी मगर तुम्हे हँसा देगी…
कभी भुल के भी ना “माँ” को रूलाना,
एक छोटी सी गलती पूरा अर्श हिला देगी…!!

माँ तेरी याद सताती है मेरे पास आ जाओ,
थक गया हूँ मुझे अपने आँचल में सुलाओ,
उँगलियाँ फेर कर बालों में मेरे,
एक बार फिर से बचपन की लोरियाँ सुनाओ


“All that I am, or hope to be, I owe to my angel mother.”

“We are born of love; Love is our mother.”


कौन सी है वो चीज़ जो यहाँ नहीं मिलती,
सब कुछ मिल जाता है लेकिन “माँ” नहीं मिलती…
माँ-बाप ऐसे होते हैं दोस्तों जो ज़िन्दगी में फिर नहीं मिलते,
खुश रखा करो उनको फिर देखो जन्नत कहाँ नहीं मिलती.


बच्चों को खिलाकर जब सुलादेती है माँ,
तब जाकर थोडा सा सुकोन पाती है माँ,
प्यार कहते हैं किसे ? और ममता क्या चीज़ है ?,
कोई उन बच्चों से पूछे जिनकी गुज़र जाती है माँ,
चाहे हम खुशियों में माँ को भूल जाएँ ,
जब मुसीबत सर पर आती है तो याद आती है माँ.


 

 

वैज्ञानिकों को अब स्पर्म में मिला कोरोना, अब सेक्सुअली ट्रांसमिटेड भी हुई महामारी ?

वाशिंगटन से चौकाने वाली खबर है ,  दुनिया भर में कोरोना को लेकर वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं, लेकिन जब तक वैज्ञानिक जब तक इस किलर कोरोना के बारे में कोई राय बना पाए उससे पहले ही इसके बारे में नये खुलासे हो जाते हैं । अब कोरोना को लेकर हैरान करने वाला लक्षण सामने आया है । वैज्ञानिक समझ ही नहीं पा रहे है कि ये किस तरह का वायरस है, जो  इंसान की नाक कान आंख, फेफड़े, और ह्दय पर अपना प्रभाव छोड़ कर इंसान की जान ले लेता है ।

चीनी वैज्ञानिकों ने हाल ही संक्रमित पुरुषों के स्पर्म में  कोविड-19 का पता लगाया है। हालांकि वैज्ञानिक इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पा रहे हैं  कि क्या वास्तव में इंसान के सीमेन में कोरोना आ सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि, इस बारे में अभी और रिसर्च की जरूरत है । तथा इस नतीजे पर पहुंचना होगा कि क्या यह वायरस  सेक्सुअली ट्रांसमिटेड भी हो सकता है ।

NEW YORK, NY – APRIL 10: Mirimus lab scientists validate rapid IgM/IgG antibody tests of COVID-19 samples from recovered patients on April 10, 2020 in New York City. (Photo by Misha Friedman/Getty Images)

एक भगोड़ा मौलाना साद और कई सुलगते सवाल ?

चीन में कोरोना से संक्रमित रोगियों पर किए गए शोध में ये पता चला है कि कोरोना का वायरस  सांस की बूंदों या फिर संपर्क से फैलता है। वहीं यह वायरस लार, मल,और मूत्र में भी पाया जाता है । चीन के शांगकिउ म्युनिसिपल हॉस्पिटल के वैज्ञानिकों ने 15 साल से लेकर 50 साल के 35  कोरोनो संक्रमित रोगियों के वीर्य की जांच की थी । उन्होने बताया कि कोविड-19 से जेनेटिक मेटेरियल छह रोगियों के स्पर्म में मिला। जबकि इनमें से चार लोगो एक्यूट अवस्था में थे ।  वैज्ञानिकों ने कहा है कि अगर भविष्य  में ये साबित होता है कि SARS-CoV-2 सेक्सुअली ट्रांसमिटेड हो सकता है तो ,तो कोरोना संक्रमण को काबू करने का रास्ता निकाला जा सकता है ।

FILE – In this March 3, 2020, file photo, Hawaii state Department of Health microbiologist Mark Nagata demonstrates the process for testing a sample for coronavirus at the department’s laboratory in Pearl City, Hawaii. An Associated Press analysis shows that some of the least-populated states, such as Hawaii, with relatively few coronavirus cases received an out-sized proportion of the $150 billion in federal money that was designed to address virus-related expenses. (AP Photo/Audrey McAvoy, File)

ये कोरोना दिन पर दिन अपना रंग कुछ इस तरह बदल रहा है कि इसके लक्षण को वैज्ञानिक समझ ही नहीं पा रहे हैं।

एक भगोड़ा मौलाना साद और कई सुलगते सवाल ?

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देश भर में संक्रमण फैलाने के आरोपी निजामुद्दीन मरकज का चीफ भगोड़ा मौलाना साद तक फरार है। दिल्ली पुलिस या तो किसी मजबूरीवश उसे ढूंढ नहीं रही या ये प्रशाशन की घोर लापरवाही का नतीजा है ये एक अहम् सवाल है आखिर निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज का मुखिया मौलाना मुहम्मद साद दिल्ली पुलिस के लिए सिर्फ चुनौती ही नहीं बना है, पहेली भी बन गया है. मौलाना साद से दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच से आंख मिचौली का खेल करीब महीने भर से चल रहा है. पुलिस उसकी तलाश में दिल्ली से लेकर शामली तक उसकी खाक छानती है. लेकिन मौलाना कहता है कि वो छिपा नहीं है. यूपी के शामली जिले में साद का फार्म हाउस है. फार्म हाउस पर क्राइम ब्रांच की टीम ने छापेमारी की. लेकिन मौलाना साद पुलिस के हाथ नहीं आया. कोरोना वायरस के प्रकोप को कम करने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन है. सड़कों पर ट्रैफिक करीब करीब बंद है, गलियों में सन्नाटा है. लेकिन दिल्ली पुलिस को ना तो मौलाना साद मिल पा रहा है, और ना ही दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस टीम को मौलाना के बारे में कोई सही सूचना मिल रही है. आखिर पुलिस को कब तक छकाएगा मौलाना साद?

तबलीगी जमात का मुखिया मौलाना साद अपने वीडियो और ऑडियो मैसेज जारी कर दिल्ली पुलिस तक अपने संदेश बेखौफ पहुंचा रहा है, 5 अप्रैल २०२० को उसकी उसकी बेटी का निकाह भी हुआ है, यानि उसकी जिंदगी में सब कुछ सामान्य है, लेकिन केंद्र की दिल्ली पुलिस अब तक उसका पता लगाने में नाकाम है। आखिर क्यों? क्या है वजह?

दिल्ली में मरकज खाली कराने के लिए रात को दो बजे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को निजामुद्दीन जाना पड़ा था. तब कहीं 4 बजे भोर तक मरकज खाली हुआ और मालूम हुआ कि करीब ढाई हजार लोग अंदर जमे हुए थे. ये तब की बात है जब पूरे देश में संपूर्ण लॉकडाउन हुए तीन दिन बीत चुके थे.

ऑडियो क्लिप में मौलाना साद ने अपने समर्थकों से भूखे लोगों तक खाना पहुंचाने के लिए भी अपील की है. मौलाना साद ने दोहराया है कि वो अब भी क्वारनटीन में हैं. अपने वकीलों के माध्यम से हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित एक इंटरव्यू में मौलाना साद का कहना है, ‘डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक, मैं सेल्फ क्वारंटाइन था और पुलिस इस तथ्य को जानती है और उसे मेरे ठिकाने के बारे में भी पता है.’

31 मार्च को मौलाना साद सहित 7 तबलीगी जमात के 7 लोगों पर सरकारी निर्देशों के उल्लंघन के लिए महामारी रोग अधिनियम 1897 के सेक्शन 269, 270, 271 और IPC की धारा 120-B के तहत केस दर्ज किया गया था है. दिल्ली पुलिस अपराध शाखा ने 31 मार्च को मौलाना साद समेत सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. साथ ही, प्रवर्तन निदेशालय भी मौलाना साद और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी दर्ज किया हुआ है.

मौलाना साद की तीन ऑडियो क्लिप आ चुकी है

क्या समझा जाये इसे? आखिर दिल्ली पुलिस का क्राइम ब्रांच क्यों हाथ पर हाथ धरे बैठा है? क्या दिल्ली पुलिस का खुफिया तंत्र इतना निकम्मा हो चुका है – या फिर उसके मुखबिर भी खामोश हो गये हैं? ये ठीक है कि मुखबिर दिल्ली पुलिस तक नहीं पहुंच पा रहे होंगे, लेकिन पुलिस को उन तक पहुंचने से किसने रोका है – या फिर ऐसी कोई खास वजह है जिससे दिल्ली पुलिस हाथ बंधा हुआ महसूस कर रही है?

मौलाना साद के ससुराल सहारनपुर जिले के उनके कुछ रिश्तेदार भी मरकज के आयोजन में शामिल हुए थे. पता चला सहारनपुर में कोरोना पॉजिटिव पाये गये लोगों में से आधे तब्लीगी जमात के रहे. स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से भी बताया गया था कि देश में कुल संकमित मामलों में से 30 फीसदी केस तबलीगी जमात की वजह से बढ़े.

‘मौलाना साद ने लोगों को बरगलाने की कोशिश की है – और कभी न माफ करने वाला अपराध किया है. मौलाना साद जैसे लोग इस्लाम की भलाई नहीं बल्कि इसके खिलाफ काम कर रहे हैं.’

मालूम नहीं मौलाना साद को अभी ये समझ आयी या कभी आएगी भी कि नहीं कि तब्लीगी जमात के लोगों ने अपनी हरकत से चौतरफा नुकसान किया है.

  • एक खुद की जान को खतरे में डाला है.
  • ये किसी को भी नहीं मालूम कि कितने लोगों के कोरोना वायरस के खतरे में डाला है.
  • इलाज करने वाले डॉक्टर, नर्स और दूसरे स्वास्थ्यकर्मियों के के साथ बहुत ही बुरा सलूक किया है – और
  • पूरे मुस्लिम समुदाय को नफरत के निशाने पर लाने में भी कोई कसर बाकी नहीं रखी है.

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मौलाना साद के बेटे से पूछताछ की है। मौलाना साद के बेटे से पूछताछ में उन लोगों की जानकारी मांगी गई है जो मरकज का कामकाज देखते हैं।

मरकज में पहुंचे जमाती बड़ी संख्या में कोरोना पॉजिटिव निकले हैं. मौलाना साद ने दावा किया है कि उन्होंने कोरोना की जांच करा ली है और रिपोर्ट नेगेटिव आई है। वहीं, दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, 13 से 24 मार्च के बीच मरकज में कम से कम 16,500 लोग पहुंचे थे। सेल फोन डेटा के यूज के आधार पर कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग कर और मरकज में एक्टिव मोबाइल्स के आधार पर इस संख्या का आकलन किया गया है।
ख़बरों के अनुसार साद को दिल्ली के जाकिर नगर में ट्रेस कर लिया गया था एक बार पर दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि मौलाना साद से अभी पूछताछ नहीं किया जा सकता है।

आखिर दिल्ली पोलिस मौलाना साद को क्यों नहीं ढूंढ पा रही ये अहम् सवाल है जो देश जानना चाहता है

सब्‍जी मार्केट के चलते कोरोना के मामले 5 हजार के पार, आए 580 नए केस

बीते 24 घंटे में दिल्ली, महाराष्ट्र कोरोना मामले में सबसे आगे

राजीव जैन ने जरूरतमंदों की सहायता हेतु ढाई क्विंटल चावल भेंट किया

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भारत स्काउट एवं गाइड मध्यप्रदेश के सहायक राज्य आयुक्त स्काउट श्री राजीव जैन (राज) द्वारा कोरोना वायरस के रूप में फेली वैश्विक महामारी के दौरान लाँक डाउन के चलते आर्थिक रूप से विपन्न हुए लोगों हेतु ढाई क्विंटल चावल सहायतार्थ भेंट किया गया था । जिसमें से 50 किलो चावल गत गत दिवस शहर की समाज सेवी संस्था जीवन सार्थक को प्रदान किया गया था।

राजीव जैन सदस्य ,बाल कल्याण समिति (न्यायिक पीठ मैजिस्ट्रेट श्रेणि १) 

इसी प्रकार आज एक और समाजसेवी संस्था सहारा साक्षरता एजुकेशन एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष/ संस्थापक श्री शिवराज कुशवाह को अपने क्षेत्र में संचालित हो रही सामुदायिक रसोई हेतु 50 किलो चावल तथा भारत स्काउट एवं गाइड मध्य प्रदेश के जिला भोपाल के जिला सचिव श्री गौरव शुक्ला द्वारा संचालित की जा रही सामुदायिक रसोई हेतु 50 किलो चावल डीईओ कार्यालय जाकर प्रदान किए गए इसके अलावा 50 किलो चावल राज्य प्रशिक्षण केंद्र गांधीनगर भोपाल मैं संचालित हो रही सामुदायिक रसोई हेतु भी भेजे गए । चावल वितरण का कार्य राज्य प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट श्री बी एल शर्मा जी द्वारा किया गया।

भारत स्काउट एंड गाइड द्वारा मजदूर वर्ग के परिवारों के लिए भोजन के सौ पैकेट वितरण किये गए

मध्य प्रदेश में जरूरतमंदों की मदद के लिए तत्पर है गुडलक टीम

सब्‍जी मार्केट के चलते कोरोना के मामले 5 हजार के पार, आए 580 नए केस

सतना ज़िला का उदाहरण दे रहा हूँ यदि सही लगे तो अपना सकते हैं -वहाँ हमारे fellowship member Scouts विराम जैन CA व पवन ताम्रकार उध्योगपति ने क़रीब १५० + सदस्यों का ग्रूप बनाया व ५०००/- सभी से लेकर तक़रीबन १० लाख एकत्रित कर ग़रीब जरूरतमंद को identify किया व ७५०० pkts का वितरण किया जिसमें क़रीब १० दिन की राशन सामग्री थी ।कोई हौच पोच नहीं और संक्रमण फ़ेलने का ख़तरा नहीं और न needy भोजन के लिए सड़क पर आएगा ।
ऐसा उदाहरण समाज के लिए अपनाने योग्य हो सकता है

 

 

मध्य प्रदेश में जरूरतमंदों की मदद के लिए तत्पर है गुडलक टीम

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राशन वितरण—
मध्य प्रदेश: सरकार जो दे रही है उसका कोई मुक़ाबला नहीं है यदि वह ईमानदारी से सबको मिल जाए और लेने वाले भी ईमानदार रहें ।यह आज इसलिए लिख रहा हूँ की पूरे दो दिन की मशक़्क़त के बाद मान.मंत्री जी गोविंद सिंह जी से मेरी चर्चा होने के बाद आज उनके दख़ल से मेरी जानकारी में आए सभी लगभग ८५ ग़रीबों को जिनके पास आधार या कोई कार्ड न होने की स्थिति में सरकारी योजना के तहत अनाज उसी राशन दुकान से ही दिया गया जहां से पहले उन्हें भगा दिया गया था ।सचमुच आज सरकारी व्यवस्था पर विश्वास बहुत बड़ गया और अब हज़ारों लोगों को अपनी टीम की मदत से यह राशन दिलवाया जाएगा
इसीलिए आप सब इसका फ़ायदा ग़रीब को दिलवाए व किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए मुझे मदत करें व मदत लें सकते हैं ।बस केवल एक दो फ़ोन उस राशन दुकान वाले को करें और बताए कि आपको सारी जानकारी है वरना शिकायत पक्की है ।वो ज़रूर देगा । आपकी ताक़त ,आपका थोड़ा समय ,ग़रीब की मदत हो सकती है ।
Goodluck टीम के mob. No.आपकी सहायता हेतु —
रजनीश -9893048239
Jitendra- 9893600315
Amir-99775 65949
उद्देश्य- सरकारी योजना का पूर्ण फ़ायदा पात्र को मिले ।


राजीव जैन
सदस्य ,बाल कल्याण समिति (न्यायिक पीठ मैजिस्ट्रेट श्रेणि १)
9893048239