वरिष्ठ समाजवादी नेता और पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस का निधन

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वरिष्ठ समाजवादी नेता और पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस का निधन हो गया है। वे 88 वर्ष के थे और काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। आज सुबह लगभग सात बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। आपातकाल के दौरान जॉर्ज फर्नांडिस ने कांग्रेस और इंदिरा गांधी के खिलाफ आवाज बुलंद की थी और देश के संविधान को बचाने में अपना अहम योगदान निभाया था।
रक्षा मंत्रालय के अलावा फर्नांडिस ने रेलवे और उद्योग जैसे मंत्रालयों में भी अपने काम का लोहा मनवाया था। बिहार के नालंदा और मुजफ्फरपुर से वे कई बार लोकसभा के सांसद रहे। इसके अलावा वह राज्यसभा के भी सदस्य रहे हैं।

भारत ने जीता लगातार तीसरा वनडे

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दिल्ली-

टीम इंडिया ने न्यूज़ीलैंड से हो रही द्विपक्षीय सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है. हालांकि इस सीरीज के दो मैच अभी खेले जाने बाकी हैं. खास बात यह कि सलीम मलिक के बाद विराट कोहली न्यूजीलैंड में लगातार तीन वन-डे मैच जीतने वाले एशिया के दूसरे कप्ता न भी बन गए हैं.

बता दें कि सुबह टॉस जीतकर न्यूजीलैंड के कप्ताान केन विलियमसन ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन उनकी पूरी टीम 49 ओवर में 243 रन पर ढेर हो गई, जबकि टीम इंडिया ने 244 रन के लक्ष्य को विराट कोहली (60), रोहित शर्मा (62), शिखर धवन (28), अंबाती रायडू (40 नाबाद) और दिनेश कार्तिक (38 नाबाद) के दम पर 42 गेंद बाकी रहते हुए तीन विकेट गंवा कर हासिल कर लिया. रायडू और कार्तिक के बीच चौथे विकेट की अटूट साझेदारी में 11.5 ओवर में 77 रन बने, जबकि इससे पहले रोहित और विराट कोहली ने तीसरे विकेट लिए 100 से अधिक रन जोड़ थे. अब तक रोहित और विराट के बीच 16 बार शतकीय साझेदारी हुई है. अब वह एडम गिलक्रिस्ट और मैथ्यू हेडन (16) के बराबर पहुंच गए हैं, जबकि तिलकरत्ने दिलशान और कुमार संगकारा (20) और सचिन और गांगुली (26) की जोड़ी ही इस जोड़ी से आगे है. न्यूजीलैंड के लिए ट्रेंट बोल्ट ने दो तो मिचेल सेंटनर ने एक विकेट लिया.

इससे पहले किवी टीम 49 ओवर में 243 रन पर ही ढेर हो गई है. न्यूजीलैंड के लिए रोस टेलर ने सर्वाधिक 93 रन बनाए, जबकि टॉम लाथम ने 51 और कप्ता न विलियमसन ने 28 अहम रन की अहम पारियां खेलीं. भारत के लिए शमी ने सबसे अधिक तीन विकेट लिए, वहीं भुवनेश्वर कुमार, चहल और हार्दिक पंड्या ने दो-दो खिलाड़ी आउट किए.

इस जीत के साथ विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने न्यूजीलैंड में भी वन-डे सीरीज अपने नाम कर ली है. इससे पहले ‘विराट सेना’ न सिर्फ भारत बल्कि श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे की सरजमीं पर वन-डे सीरीज जीतने में कामयाबी हासिल की है. यही नहीं, भारतीय टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के बाद 11 वन-डे सीरीज खेली हैं और सिर्फ एक गंवाई है.

मोहम्मद शमी को मैन ऑफ द मैच चुना गया. उन्होंने नौ ओवर में 41 रन देकर सबसे अधिक तीन विकेट लिए. इससे भी मजेदार बात ये कि उन्होंने पहली बार अंग्रेजी में सवाल का जवाब दिया.

साइना नेहवाल ने जीता इंडोनेशिया मास्टर्स खिताब

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जकार्ता-
भारतीय शटलर साइना नेहवाल ने इंडोनेशिया मास्टर्स के फाइनल में तीन बार की विश्व चैम्पियन कैरोलिना मारिन के पैर में चोट के कारण हटने से दो साल में पहला बीडब्ल्यूएफ खिताब अपने नाम किया। साइना नेहवाल शुरूआती गेम में 4-10 से पिछड़ रही थी, तब मारिन ने मैच से हटने का निर्णय लिया। साइना ने पिछला बीडब्ल्यूएफ खिताब 2017 में मलेशिया में जीता था। साइना को 2016 रियो ओलंपिक में घुटने में गंभीर चोट लगी थी। उन्होंने कहा, हम सभी के लिये यह साल काफी अहम है। यह देखना इतना अच्छा नहीं था। यह दर्दनाक हैं। मैं पिछले कुछ वर्षों में काफी चोटिल होती रही हूं और कोर्ट पर यह सब देखना सचमुच दर्दनाक है।
उन्होंने कहा, मैं जानती हूं कि मानसिक रूप से यह कैसा होता है क्योंकि जब ओलंपिक में मुझे घुटने की चोट लगी थी तो मैं बहुत निराश थी। मैं बहुत रो रही थी। इसलिये मैं जानती हूं कि एक खिलाड़ी के लिये इस तरह की चोटों से गुजरना कितना मुश्किल होता है लेकिन खेल ही ऐसा है।

  केआरसी नेशनल राइटिंग कॉन्टेस्ट, 19 और वाई वाई ग्लोकल टीन हीरो इंडिया, २०१९ का लोकार्पण

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केआरसी (नॉलेज रिसोर्स सेंटर) फाउंडेशन ने दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में आयोजित एक कार्यक्रम में केआरसी नेशनल राइटिंग कॉन्टेस्ट २०१९ और वाई वाई ग्लोकल टीन हीरो इंडिया, २०१९ का लोकार्पण किया. समारोह में अनेक गणमान्य लोगों की प्रस्तुति रही जिसमें पुरपा वांग्याल, ट्रस्टी केआरसी फाउंडेशन, विश्वदीप गुप्ता मैनेजिंग ट्रस्टी केआरसी फाउंडेशन, दीपक राज जोशी, सीईओ नेपाल टूरिज्म; डॉक्टर एस ननदेई सीईओ टी क्यू एस ग्लोबल बिज़नेस कंसल्टिंग एल एल पी, मनोज शर्मा नेशनल सेल्स हेड, सीजी फूड्स (इंडिया), अजय पांडेय, मैनेजर आईटी & डिज़ाइन ग्लोकल प्राइवेट लिमिटेड नेपाल और लेफ्टिनेंट कर्नल मलय शंकर; प्रोजेक्ट कंसलटेंट वहाब रिज़वी पाल शामिल थे.

इस खास मौके पर जाम्बे वांग्दी, चेयरमैन(कैबिनेट स्टेटस ), डिपार्टमेंट ऑफ़ कार्मिक एंड आध्यात्मिक, गवर्नमेंट ऑफ़ अरुणाचल  प्रदेश कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे।

केआरसी एक सपने का यथार्थ के धरातल पर साकार होना है, जिसकी परिकल्पना समाज पर गंभीर प्रभाव के दृष्टिगत हुई थी और जिसके क्रमिक विस्तार के पीछे वृहद सामाजिक सरोकार के उद्देश्य निहित रहे हैं। पिछले 15 वर्षों से पूर्वोत्तर और अब भारत के कई दूसरे इलाकों में रोज़गार, श्रमशक्ति विकास, कौशल-निर्माण प्रशिक्षण, नियोजन जैसे क्षेत्रों में कार्य और अपनी विशेषज्ञता के कारण केआरसी फाउंडेशन ने मीडिया, व्यापार परामर्श, व्यापार-प्रणाली विकास, परियोजना परामर्श और इवेंट्स पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण परामर्श संगठन के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है।

इससे पहले चले अभियान केआरसी नेशनल राइटिंग कॉन्टेस्ट 2018 के तहत फाउंडेशन ने लेखन के क्षेत्र में प्रतिभा तलाशने के लिए देशभर में 90 दिनों तक एक अभियान चलाया थी. इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर केआरसी नेशनल राइटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जिसे जूनियर और सीनियर दो श्रेणियों में रखा गया था. 18 वर्ष के आयु से कम के प्रतिभागियों को जूनियर श्रेणी में और इससे ऊपर की आयु वाले प्रतिभागियों को सीनियर श्रेणी में रखा. इस कॉन्टेस्ट में कुछ चुनिंदा विषयों में से किसी एक पर अपनी लेखन क्षमता की श्रेष्ठता साबित करने के लिए प्रतिभागियों से प्रविष्ठियां आमंत्रित की गई थीं. सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा उभर कर सामने आये इसके लिए केआरसी टीम ने लगातार तीन माह तक देशभर में जनभागीदारी अभियान चलाया, विशेषकर स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को इस कॉन्टेस्ट में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया.

इस मौके पर इस कॉन्टेस्ट के विजेताओं के नामों की घोषणा की गई और उन्हें प्रशस्ति पत्र के साथ-साथ तमाम तरह के पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया. सीनियर श्रेणी में प्रथम स्थान सिलीगुड़ी के प्रदीप कुमार सिन्हा, द्वितीय स्थान अगरतला के प्रबीर साह और तृतीय स्थान चेन्नई की अभिनया एलान्चेज्हीं को प्राप्त हुआ वहीं जूनियर श्रेणी में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान क्रमशः श्रीनगर की ट्विंकल हीर, नोयडा की रिया शर्मा व गाजियाबाद की शालिनी शर्मा को मिला.

इसके आलावा इस कार्यक्रम में वाई वाई ग्लोकल टीन हीरो इंडिया, 2019 की भी घोषणा की गई. इसे व्यवसाय उद्दयम और शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत ग्लोकल प्राइवेट लिमिटेड के तत्वाधान में आयोजित किया जा रहा है जिसका मुख्यालय काठमांडू में है. ग्लोकल टीन हीरो ने शिक्षा के अलावा अन्य क्षेत्रों में युवाओं की प्रतिभा को विश्व के पटल पर उभारने के लिए नेपाल में अपनी तरह की अनोखी पहल करते हुए 2015 में इसकी शुरुआत की थी ताकि युवा वर्ग समाज और राष्ट्र की उन्नति के लिए अपना प्रभावशाली योगदान दे सकें. वर्ष 2015 में 98 प्रतिभागियों को ग्लोकल टीन हीरो के रूप में पहचान मिली. इसी क्रम में ग्लोकल टीन हीरो इंडिया में पहली बार केआरसी फाउंडेशन के साथ मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ा रहा है.

विगत वर्षों में ग्लोकल टीन हीरो ज्ञान और अनुभव के एक ऐसे मंच के रूप में उभरा जहां दुनियाभर के युवा और युवतियां सहभागी और संवादमूलक वातावरण में नेतृत्व, सशक्तिकरण और सामाजिक प्रभाव के बारे में सीख सकते हैं. इस कार्यक्रम में केआरसी फाउंडेशन के मैनेजिंग ट्रस्टी बिस्वदीप गुप्ता ने फाउंडेशन की भावी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए अपनी कई परियोजनाओं की भी घोषणा की. वहीं केआरसी फाउंडेशन के प्रोजेक्ट कंसलटेंट वाहेब रिज़वी ने केआरसी नेशनल राइटिंग कॉन्टेस्ट 2019 के पूरे अनुभव को साझा किया.

 

गणतंत्र दिवस से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें

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भारतीय संविधान दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान है। इसमें 448 आर्टिकल हैं। भारतीय संविधान की एक हिंदी और एक इंग्लिश कॉपी हाथ से लिखकर तैयार की गई थी, जो अब संसद की लाइब्रेरी में है। भारत का सिद्धांत सत्यमेव जयते अथर्ववेद से लिया गया है, जिसे पहली बार 1911 में आबिद अली ने ट्रांसलेट किया था। पूर्ण स्वराज दिवस 26 जनवरी 1930 को ध्य़ान में रखते हुए भारतीय संविधान 26 जनवरी को लागू किया गया था। 26 जनवरी 1950 को हमारे देश में संविधान लागू हुआ, इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं।

कब आएगा गणतंत्र

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-सुभाष चंद्र
26 जनवरी को हम देश के लिए अपने प्राण की आहुति देने वाले शहीदों को याद करना नहीं भूलते, लेकिन उनके लिए या उनके नाम पर बनाये गए स्मारक व पार्क कहीं न कहीं हम भूलते जा रहे हैं। अगर जब इस ख़ास इन देश के लिए कुर्बानी देने वाले शहीदों को याद नहीं किया जाता तो अन्य दिन क्या हम उन्हें याद करेंगे? इस बारे में तो सोचने का कोई मतलब ही नहीं बनता। हम बहुत ही तेज़ी से आधुनिकता की तरफ बढ़ते जा रहे, जिसके चलते हमारी सोच और रहन-सहन का तरीका भी बदलता जा रहा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस होड़ में उतनी ही तेजी से हमारे अंदर की देश प्रेम की भावना भी खत्म होती जा रही है। सैकड़ो वर्षों की गुलामी के बाद 26 जनवरी 1950 में भारत में गणतंत्र का पौधा रोपा गया। इस बार हम 71वां गणतंत्र मना रहे है। यह दिन इसलिए विशेष है क्योंकि इसी दिन हमारा संविधान लागू हुआ था, लेकिन क्या हम असल मायने में आज भी अपने संविधान को पूरी तरह से अपना पाए है? उस पर अमल कर पाए है? यह बात सोचने वाली है। अंग्रेजों की सैकड़ों वर्ष की गुलामी और हजारों बलिदान के बाद इस दिन हमने अपने भारत को संवैधानिक रूप से पा लिया था। बस तभी से देशवासी इसे पूरा हर्षोल्लास के साथ मानते हैं। लेकिन अगर देखा जाये तो आज हमारी बदलती मानसिकता के साथ इस दिन के मायने भी बदलते जा रहे हैं।

वर्ष 1950 का 26 जनवरी का दिन। डॉ. राजेन्‍द्र प्रसाद ने गवर्नमेंट हाउस के दरबार हाल में भारत के प्रथम राष्‍ट्रपति के रूप में शपथ ली और इसके बाद राष्‍ट्रपति का काफिला 5 मील की दूरी पर स्थित इर्विन स्‍टेडियम पहुंचा जहां उन्‍होंने राष्‍ट्रीय ध्‍वज फहराया। भारतीय इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण दिन के रूप में इस दिन को भारत के संविधान था में से एक है बल में आया है और भारत वास्तव में एक संप्रभु राज्य बना। इस दिन भारत में एक पूरी तरह से रिपब्लिकन इकाई बन गई|तो यह जो भी सविधान बना इसमे कहा गया आम आदमी को बराबरी का दर्जा उपलब्ध होगा। आज भी लोग कहते मिल जायेंगे उनके साथ कानून का ही खिलवाड़ किया गया। उन्हें न जाने किन किन अपराधों में जिन्हें उन लोगो ने नहीं किया उसकी सजा दी गयी| उनके लिए आज भी गणतंत्र प्रासंगिक ही है। देश में आज जिधर देखो उधर ही कभी राजनीतिक तो कभी प्रशासनिक उत्पीडन का शिकार होना पद रहा है। एक बार आम आदमी को इस गणतंत्र से किसी न्याय की आपेक्षा मखौल उडाता ही मिल रहा है। देश के न जाने कितने भागों में आज भी विकास की रह देखि जा रही है, कही भी यथोचित कागजी विकास के अलावा ज्यादा कुछ भी देखने को नहीं मिल रहा है। इस विकास की धनराशि को नेता और प्रशासन चलने वाले ही मिल बात कर खा रहे है। कोई भी कुछ कर सकने में सक्षम नहीं है। जिसका हक़ मारा जा रहा है वह भी रोज कमाने खाने वाले ही है, भला उनकी कहाँ हिम्मत है किसी का विरोध या कानून की जटिल प्रक्रिया से दो चार हो सके। ऐसे में हम केवल गणतंत्र मना ही सकते है, ज्यादा कुछ कर नहीं सकते।

अगर देखा जाए तो 26 जनवरी का हमारी जिंदगी में बहुत महत्व है पर वह महत्व भी जैसे किताबों तक ही सीमित रह गया है| अब गणतंत्र दिवस को राष्ट्रीय उत्सव कहना भी एक मजाक सा प्रतीत होने लगा है। इस दिन राजकीय अवकाश तो घोषित है, लेकिन यह अवकाश किस लिए घोषित किया गया है इस बात की जानकारी आज भी आजाद भारत के आजाद नागरिक को पूरी तरह नहीं है। इसे हम सरकार की असफलता ही कहेंगे कि 70 साल बाद भी उसका राष्ट्रीय उत्सव देश के आम आदमी तक नहीं पहुंच पाया है। आम आदमी जब इसके महत्व को ही नहीं समझ पाए तो वह उत्साह कैसे मनाएंगे। यकीनन आज भारत अंग्रेजों से तो आजाद हो गया है लेकिन किसी और मायने में गुलामी की जंजीरों में कैद होता जा रहा है।
गणतंत्र दिवस को यदि संविधान स्थापना समारोह के रूप में मनाया जाए तो फिर भी सही है। परंतु इसे राष्ट्रीय उत्सव कहना उचित नहीं लगता। जो उत्सव देश के आम आदमी को उत्साहित नहीं करता उसे राष्ट्रीय उत्सव कैसे कहें। अब तो ऐसा लगता है कि यह दिन महज एक कागजी तौर पर हमारे सामने छुट्टी का दिन बनकर रह गया है| इस साल की तरह हर साल यह दिन आयेगा और चला जायेगा और हम सिवाए बड़ी-बड़ी बातों के कुछ नहीं कर पाएंगे। आज हम अपनी ही उलझनों में इतने उलझ गए है कि हमारे पास इन सब के लिए समय ही नहीं है।आज भी इस देश में इन्सान भूख से मर रहा है। किसान फसल न होने पर उत्पीडन के चलते मर रहा है, भला इनके लिए कैसा गणतंत्र है। इनकी तो भूंख ही गणतंत्र है और भोजन ही इनकी मुख्य आवश्यकता है। भला एक मजदूर मजदूरी नहीं करेगा तो खायेगा, गणतंत्र दिवस मनायेगा तो भूखो उसका परिवार मर जतेगा। आज भी मनरेगा किसे कांग्रेस अपनी उपलब्धि मानती है उसे कैसे सभी लूट रहे है सभी ने देखा ही है। स्वास्थ्य बीमा योजना को तो ऐसा बिमा कंपनी ने ही छला जिसकी कोई भी बानगी ही नहीं मिलती। यह योजना भी अस्पतालों व बिमा कंपनियों के कर्मचारियों के सीधे लूट का साधन बन गयी और गुणवत्ता सभी मिलकर खा गए। इलाज के नाम पर एक अलग तरीके का ही बर्ताव किया जा रहा है। जब तक समाज या देश के निम्न आय वर्ग के व्यक्ति तक विकास की वास्तविक धन नहीं पहुचेगा तब तक कैसा गणतंत्र। भारत के सरकार जिस पार्टी की है उसी के कारिंदे ही स्वीकार करते है की देश के आखिरी आदमी तक विकास का धन ही नहीं पहुंच रहा है। अर्थात वह आज भी भूखा है और उसके जीवन में कोई भी परिवर्तन नहीं देखने को मिल रहा है। तब समझो यह गणतंत्र आम आदमी के किस लायक है। अब तो दूसरे गणतंत्र की, जिसमे आम आदमी की भागीदारी हो की जरूरत महसूस ही होगी। आम आदमी का गणतंत्र कब आएगा यह तो समय ही बताएगा।

हार्दिक पंड्या न्यूजीलैंड में वन डे खेलेंगे

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नई दिल्ली

भारतीय क्रिकेटर हार्दिक पंड्या और केएल राहुल का निलंबन तुरंत प्रभाव से हटा दिया। इसके बाद बोर्ड ने ऐलान किया कि हार्दिक पंड्या न्यूजीलैंड में जारी वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया से जुड़ेंगे, जबकि लोकेश राहुल इंग्लैंड लॉयन्स के खिलाफ इंडिया-ए के लिए खेलेंगे। गौरतलब है कि इन दोनों को एक टीवी कार्यक्रम के दौरान आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के कारण निलंबित कर दिया गया था। उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच से स्वदेश बुलाया गया था।

बीसीसीआई द्वारा बयान में कहा गया कि सीओए द्वारा निलंबन हटाने के बाद सीनियर सिलेक्शन कमिटी ने फैसला किया है कि हार्दिक पंड्या न्यूजीलैंड में टीम इंडिया से जुड़ेंगे, जबकि लोकेश राहुल भारत में इंग्लैंड लॉयन्स के खिलाफ भारत-ए की टीम के लिए तिरुवनंतपुरम में जुड़ेंगे। पंड्या जल्द ही भारत से रवाना होंगे। इससे पहले बीसीसीआई ने सीओए के बयान में कहा था, ‘दोनों खिलाड़ियों पर निलंबन हटाने का फैसला न्यायमित्र पी एस नरसिम्हा की सहमति से लिया गया है। इसे देखते हुए 11 जनवरी के निलंबन आदेशों को लोकपाल की नियुक्ति और उनके द्वारा फैसला लिए जाने तक तुरंत प्रभाव से हटा दिया गया है। गौरतलब है कि दोनों खिलाड़ी ने कॉफी विद करन में महिलाओँ के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिसके बाद उन्हें काफी विरोध का सामना करना पड़ा।

पूर्व मुख्‍यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के घर पर सीबीआई का छापा

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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के रोहतक स्थित आवास पर सीबीआई छापा मारा है। जब छापा मारा जा रहा था तब भूपेंद्र हुड्डा भी घर के अंदर ही मौजूद थे। सीबीआई की टीमें दिल्ली-एनसीआर में एक साथ 30 से अधिक जगहों पर छापे मार रही हैं।

गौरतलब है कि सीबीआई ने यह छापा साल 2005 में असोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को गलत तरीके से जमीन आवंटित करने के मामले में मारा है। इस बीच रिपोर्ट के मुताबिक सीबीआई ने हुड्डा के खिलाफ एक नया मामला भी दर्ज किया है। सीबीआई ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और एजेएल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है।

हाल ही में हरियाणा के राज्यपाल नारायण आर्य ने बहुचर्चित एजेएल मामले में सीबीआई को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ अभियोग चलाने की मंजूरी दी थी। पूर्व मुख्यमंत्री पर एजेएल को उसके अखबार नैशनल हेरल्ड के लिए पंचकूला में नियमों के खिलाफ जमीन अलॉट करने का आरोप है। मौजूदा बीजेपी सरकार ने साल 2016 में यह मामला सीबीआई के सुपुर्द कर दिया था।

बीजेपी ने सत्ता में आने से पहले हुड्डा के शासनकाल को मुद्दा बनाया था और सत्ता हासिल करते ही विभिन्न मामलों की जांच करवाई। इनमें एजेएल का मामला भी था। मामले पर बीजेपी सरकार ने विजिलेंस विभाग को मई 2016 को जांच सौंपी थी। मामला हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) की शिकायत पर दर्ज हुआ था। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री इसलिए निशाने पर आए क्योंकि मुख्यमंत्री प्राधिकरण के पदेन अध्यक्ष होते हैं।

बजट में स्किल और टेक्नोलॉजी पर रहेगा सरकार का जोर- एली

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अपने इस कार्यकाल के अंतिम बजट को लेकर अपनी सारीतैयारियां पूरी कर ली हैं। एसोसिएशन ऑफ लीडर्स एण्ड इंडस्ट्रीज (एलीके डायरेक्टरनीरज कुमार मिश्रा ने मोदी सरकार के अंतरिम बजट के बारे में चर्चा करते हुए बताया किइससे छात्रों और शिक्षण जगत से जुड़े लोगों को काफी उम्मीद हैंजहां एक ओर छात्रों कोएजुकेशन लोन में छूट तो वहीं शिक्षाविदों को स्किल और टेक्नोलॉजी पर फोकस की भीउम्मीद हैगौरतलब है कि केंद्र सरकार एक फरवरी को अंतरिम बजट पेश करने वाली है,ऐसे में आम जनता और कारोबार जगत के साथ ही एजुकेशन सेक्टर से जुड़े लोगों की भीइस वजट से खासा उम्मीदें हैं। शिक्षाविदों का मानना है कि हायर एजुकेशन पर सरकार कोविशेष पहल करने की जरूरत है। डायरेक्टर एली कहते हैं कि सरकार इस बार डिजिटलइंडिया पर पहले से भी ज्यादा जोर दे सकती हैं। दश  में ज्यादातर स्कूलों में अब भी पूरानेतरीके से पढ़ाई हो रही हैऐसे में ये माना जा रहा है कि सरकार इस दिशा में बड़ा बदलाव करसकती है। नई टेक्नोलॉजी के माध्यम से पढ़ाई पर स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बारचर्चा कर चुके हैं। बजट 2018 में एजुकेशन सेक्टर में इन्फ्रास्ट्रक्चर कोे ठीक करने परफोकस था। बजट 2018 में अगले चार सालों में एक लाख करोड़ रुपए इन्वेस्ट करने कीबात कही गई थी और चूंकि मोदी सरकार अपने कार्यकाल के अंतिम बजट को पेश करने जारही है तो माना जा हा है कि इससे बार पहले से कहीं ज्यादा लोकलुभावन फैसले हो सकतेहैं।

 

मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम बाबूलाल गौर कांग्रेस में जाएंगें

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भोपाल-
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल गौर ने दावा किया है कि उन्हें कांग्रेस की ओर से भोपाल लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाने का प्रस्ताव मिला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की ओर से उन्हें कांग्रेस में शामिल होने का प्रस्ताव मिलने संबंधी खबरों के बारे में पूछे जाने पर गौर ने कहा, दिग्विजय सिंह पिछले माह मेरे घर पर आये थे और उन्होंने मुझे कांग्रेस के टिकट पर भोपाल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था।

गौर ने कहा मैंने अब तक इस बारे में कुछ सोचा नहीं है। हालांकि गौर ने इस बात से इंकार किया कि उन्हें अपनी पार्टी (भाजपा) से कोई नाराजगी है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने उनकी बहू कृष्णा गौर को गोविंदपुरा विधानसभा सीट से टिकट दिया और अब वह भाजपा की विधायक हैं। गौर के बयान पर भाजपा ने कहा कि कांग्रेस में नेताओं की कमी हो गई है, इसलिये वह अन्य दलों के नेताओं को प्रस्ताव दे रही है।