राज्यसभा की कार्यवाही एक दिन बढ़ाने पर विपक्ष का हंगामा

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वर्तमान शीतकालीन सत्र में राज्यसभा की कार्यवाही एक दिन के लिए बढ़ाने को लेकर विपक्ष ने एतराज जताया है। विपक्ष के नेता ससंद में प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस, एनसीपी, वामदल, द्रमुक, सपा और दूसरे विपक्षी दलों के नेताओं का कहना है कि उनको जानकारी दिए बिना राज्यसभा की कार्यवाही बढ़ाई गई है जो कि गलत है। राज्यसभा में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सरकार का रवैया ठीक नहीं है।

शीतकालीन सत्र 11 दिसंबर को शुरू हुआ था और 8 जनवरी को खत्म होने वाला था। राज्यसभा की कार्यवाही एक दिन के लिए बढ़ाकर 9 जनवरी तक कर दी गई है। बताया गया है कि सवर्णों को आरक्षण के लिए प्रस्तावित विधेयक पेश के लिए राज्यसभा की कार्यवाही में एक दिन का विस्तार किया गया है। राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने सरकार के अनुरोध पर सहमति जताकर उच्च सदन की कार्यवाही एक दिन के लिए बढ़ाई। मोदी सरकार ने सवर्णों को आर्थिक आधार पर सरकारी नौकरी और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए 10 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान किया है। सरकार ये विधेयक मंगलवार को लोकसभा में और बुधवार को राज्यसभा में लाने की तैयारी में है।

नवीन पटनायक ने भारत सरकार से धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने के वादे पर तत्काल कार्रवाई की मांग की

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-राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल नेतृत्व करेगा।

नईदिल्ली-

भारत सरकार से धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढाने के बारे में 2014 में किए गए अपने वादे को तत्काल पूरा करने की मांग करते हुए ओडिशा के माननीय मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य केंद्र सरकार का विशेषाधिकार है और केंद्र के बार बार अनुरोध के बावजूद इसकी अवहेलना की गई है। बीजू जनता दल ने मांग की कि धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढाया जाना स्वामीनाथन समिति की सिफारिश के अनुरूप है और एमएसपी को कम से कम 50 प्रतिशत बढाने के लिए अपने 2014 के घोषणा पत्र में किए गए वादे को पूरा करने के लिए सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। इस धरना में सभी बीजद सांसदों, पंचायत प्रतिनिधियों और किसान नेताओं और ओडिशा के किसानों ने भाग लिया। ओडिशा के माननीय मुख्यमंत्री ने तालकटोरा स्टेडियम में 10,000 से अधिक किसानों को संबोधित करते हुए कहा, किसान भारतीय अर्थव्यवस्था की आत्मा है। मैं इस मांग को लेकर कई बार केंद्र सरकार के पास जा चुका हूं लेकिन इसे नजरअंदाज किया गया है। भाजपा ने 2014 में इसका वादा भी किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद वे अपना वादा भूल गए हैं।

ओडिशा के माननीय मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा, बीजेपी सरकार स्वामीनाथन समिति की सिफारिश के अऩुसार खाद्यान्न के न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढाने के आश्वासन के साथ सत्ता में आई थी। ओडिशा राज्य विधानसभा से सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव में केंद्र सरकार से धान का एमएसपी 2930 रुपए प्रति क्विंटल तय करने का अनुरोध किया था। हमारे राज्य के सभी किसान केंद्र सरकार से सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलने के कारण लगातार इसके लिए आंदोलन कर रहे हैं।

ओडिशा के माननीय मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सांसदों और विधायकों ने इस मुद्दे को संसद सहित विभिन्न मंचों पर कई बार उठाया है, लेकिन इसे बार बार अनदेखा किया गया है और केंद्र सरकार के द्वारा निर्धारित वर्तमान खरीफ मार्केटिंग सीजन के लिए सामान्य धान के लिए 1750 रुपए प्रति क्विंटल ओडिशा के किसानों को स्वीकार नहीं है। यह कीमत ओडिशा सरकार के अनुरोध पर विचार किए बिना तय की गई है। चूंकि धान के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य बीज, उर्वरक, खाद, सूक्ष्म पोषक तत्व, सिंचाई शुल्क और कृषि यंत्रों के लिए शुल्क जैसी चीजों को बढ़ती लागत के अऩुरुप नहीं है, इसलिए ओडिशा के किसान अपने उत्पाद के लिए उचित मूल्य प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं।

किसानों की भलाई को ध्यान में रखते हुए ओडिशा सरकार ने आजीविका और आय बढ़ाने के लिए कृषक सहायता (कालिया) योजना शुरू की है, जिससे राज्य के लगभग 92 प्रतिशत किसानों को लाभ होगा। राज्य सरकार ने 3 साल में कालिया के लिए 10,180 करोड़ रुपए निर्धारित किया है। यह योजना छोटे, सीमांत और भूमिहीन किसानों को बीमा सहायता के साथ साथ वित्तीय, आजीविका, खेती में सहायता प्रदान करेगी। हालांकि कालिया योजना को विशेषज्ञों और कृषि अर्थशास्त्रियों से काफी सराहना और तारीफ मिल रही है, बीजेडी को लगता है कि केंद्र सरकार के लिए किसानों से मदद करने के लिए उनसे बातचीत करने और एमएसपी को संशोधित करने का सही समय है।

ओडिशा के माननीय मुख्यमंत्री भारत के माननीय राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को अपना ज्ञापन सौंपने के लिए वरिष्ठ बीजद नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।

इस अवसर पर बीजद मंत्री प्रताप जेना ने कहा, एमएसपी की मदद से न केवल संकट को कम किया जा सकेगा बल्कि यह किसानों के लिए आय सृजन का एक महत्वपूर्ण साधन भी है। वर्तमान सरकार का रुख स्पष्ट नहीं है। वे उत्पादन की लागत का 50 प्रतिशत तक धान के एमएसपी को बढ़ाने के वादे के साथ सत्ता में आए और फिर 21 फरवरी 2015 को सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर कहा कि वे वादे के मुताबिक मूल्य में वृद्धि नहीं कर सकते। तब से 2015 से ही वरिष्ठ मंत्री कीमत बढ़ाने का वादा कर रहे हैं-इसलिए हम इस विषय पर तत्काल ध्यान देने और स्पष्टता की मांग करते हैं। ओडिशा के किसानों का पूरी तरह से मोहभंग हो चुका है और उन्हें लगता है कि उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है जो उन्हें स्वीकार नहीं है।

धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य से न केवल संकट को कम किया जा सकेगा बल्कि यह किसानों के लिए आय सृजन का एक महत्वपूर्ण साधन भी है। बीज, उर्वरक, कीटनाशक, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि का खेती की लागत पर काफी प्रभाव पड़ता है। एक विश्लेषण के अऩुसार 2344 रुपए प्रति क्विंटल किसानों के द्वारा तय किए गए मानक इनपुट लागत है।

उपरोक्त तथ्यों को ध्यान में रखते हुए ओडिशा की राज्य सरकार ने राज्य किसानों को उपज के कम मूल्य के कारण संकट से बचाने के लिए धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य को 2930 रुपए प्रति क्विंटल यानी,उत्पादन की लागत से कम से कम 25 प्रतिशत तय करने का प्रस्ताव दिया था। ओडिशा मूल रुप से एक एक कृषि प्रधान राज्य है और धान राज्य की प्रमुख फसल है जिसकी खेती एक साल में 40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में की जाती है। फसल सभी प्रकार की कृषि पारिस्थितिक स्थिति में पैदा की जाती है। यहां कुछ निचली सतह वाले बाढ़ के मैदान है जहां धान को छोड़कर किसी अन्य फसल को उगाने का कोई दूसरा विकल्प नहीं है। धान की खेती में ओडिशा राज्य का स्थान चौथा है। मूल रूप से ओडिशा एक कृषि अर्थव्यवस्था है और एमएसपी एक महत्वपूर्ण तत्व है जो राज्य की अर्थव्यवस्था को निर्धारित करता है।

 

असम गण परिषद का सरकार से समर्थन वापसी का ऐलान

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असम गण परिषद (एजीपी) ने नागरिकता संशोधन विधेयक के मुद्दे पर सोमवार को असम की भाजपा नीत गठबंधन सरकार से अपना समर्थन वापस लेने का ऐलान किया और कहा कि उसने प्रस्तावित विधेयक को वापस लेने के लिए केंद्र सरकार को समझाने की भरसक कोशिश लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से यहां मुलाकात के बाद, एजीपी अध्यक्ष अतुल बोरा ने कहा, ‘‘ हमने केंद्र को समझाने की कोशिश की कि यह विधेयक असम समझौते के खिलाफ है और राष्ट्रीय नागरिक पंजी को अपडेट करने की चल रही प्रक्रिया को निरर्थक बना देगा, लेकिन सिंह ने हमसे स्पष्ट कहा कि इसे कल लोकसभा में पारित कराया जाएगा। इसके बाद, गठबंधन में रहने का सवाल ही पैदा नहीं होता है।’’

यह विधेयक बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के गैर मुस्लिमों को भारत की नागरिकता देने के लिए लाया गया है। एजीपी और कई अन्य पार्टियों तथा संगठनों का दावा है कि इसका संवेदनशील सीमावर्ती राज्य की जनसांख्यिकी पर विपरीत असर पड़ेगा। बहरहाल, एजीपी के समर्थन वापसी से असम की सर्वानंद सोनेवाल नीत सरकार पर तत्काल कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि विधानसभा में भाजपा के 61 सदस्य हैं और उसे बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट के 12 विधायकों और एक निर्दलीय विधायक का समर्थन प्राप्त है।

असम में 126 सदस्यीय विधानसभा में एजीपी के 14 विधायक हैं जिनमें से बोरा समेत तीन मंत्री हैं। उनसे मंत्री पद से इस्तीफा देने के बारे में पूछा गया तो बोरा ने कहा, ‘‘ हम गुवाहाटी पहुंचने के बाद यह करेंगे।’’ इसके बाद, बोरा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ हमें लगता है कि भाजपा का विधेयक के प्रति जिस तरह का रूख है उससे हमारे साथ धोखा हुआ है, क्योंकि जब हम गठबंधन में आए थे तो हमें यकीन दिलाया गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अवैध प्रवासियों के मुद्दे का हल निकालने के लिए प्रतिबद्ध थे। हमने ऐसा सपने में भी नहीं सोचा था कि भाजपा असम के लोगों के साथ ऐसा करेगी। हमें भाजपा के साथ गठबंधन में शामिल होने का पछतावा है।’’ उन्होंने कहा कि जब उन्होंने मुद्दे पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा तो सोनोवाल ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया, क्योंकि ‘शायद वह हमारा सामना नहीं कर सकते थे।’’

बोरा ने कहा, ‘‘ हमने इस विधेयक को पारित नहीं कराने के लिए केंद्र को मनाने के लिए आज आखिरी कोशिश की। लेकिन सिंह ने हमसे स्पष्ट कहा कि यह लोकसभा में कल (मंगलवार को) पारित कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिंह से सिर्फ वोटों के लिए लोगों की भावनाओं को नजरअंदाज नहीं करने का आग्रह किया गया था लेकिन दुर्भाग्य है कि उन्होंने एक नहीं सुनी। भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनावों में विधेयक पारित करने का वायदा किया था।

यह विधेयक नागरिकता कानून 1955 में संशोधन के लिए लाया गया है। इस विधेयक के कानून बनने के बाद, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म के मानने वाले अल्पसंख्यक समुदायों को 12 साल के बजाय छह साल भारत में गुजारने पर और बिना उचित दस्तावेजों के भी भारतीय नागरिकता मिल सकेगी।

एजीपी और असम के अन्य समूह कह रहे हैं कि विधेयक के प्रावधान 1985 में हुए असम समझौते को निरर्थक बना देंगे। समझौता मार्च 1971 के बाद राज्य में प्रवेश करने वाले सभी अवैध प्रवासियों को निर्वासित करने की बात कहता है, भले ही उनका धर्म कुछ भी हो। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, माकपा समेत कुछ अन्य पार्टियां लगातार इस विधेयक का विरोध कर रही हैं। उनका दावा है कि धर्म के आधार पर नागरिकता नहीं दी जा सकती है क्योंकि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है।

असम के कृषि मंत्री ने दावा किया कि विधेयक के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं और ऐसा पहली बार है कि मीडिया भी इसके खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए सड़कों पर आ गया है। पूर्वोत्तर के आठ प्रभावशाली छात्र निकायों के अलावा असम के 40 से ज्यादा समूहों ने नागरिकता अधिनियम में संशोधन करने के सरकार के कदम के खिलाफ मंगलवार को बंद बुलाया है। कई समूहों ने असम के साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी में भी प्रदर्शन किया, जहां कुछ लोग संसद भवन के सामने निर्वस्त्र हो गए।

इससे पहले एजीपी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ल कुमार महंत ने बयान दिया था कि अगर नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2016 लोकसभा में पारित होता है तो उनकी पार्टी सरकार से समर्थन वापस ले लेगी। एजीपी के तीन मंत्री और एक वरिष्ठ विधायक प्रधानमंत्री से मिलने के लिए दिल्ली आए हुए हैं। प्रधानमंत्री ने उन्हें अभी मिलने का वक्त नहीं दिया है। नेताओं ने राजनाथ सिंह से मुलाकात की है। एजीपी का लोकसभा और राज्यसभा में कोई सदस्य नहीं है। भाजपा की सहयोगी, शिवसेना और जदयू ने भी ऐलान किया है कि वे संसद में विधेयक का विरोध करेंगी।

नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला का शुभारंभ

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”इस वर्ष नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले की थीम है ‘दिव्यांगजनों की पठन आवश्यकताएँ‘
इस थीम को प्रदर्शित करने का उद्देश्य समाज में दिव्यांगजनों द्वारा हासिल की गई सफलताओं को प्रस्तुत करना है तथा समाज में उनके प्रति दया और सहानुभूति की बजाय सम्मान और समानता का भाव लाना है।

नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले का उद्घाटन माननीय मानव संसाधन विकास मंत्री, प्रकाश जावडेकर के कर-कमलों से हंसध्वनि थिएटर, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में हुआ। इस अवसर पर शारजाह के राजकीय संबंध विभाग के कार्यकारी अध्यक्ष, महामहिम शेख फहीम बिन सुल्तान अल क़ासिमी मुख्य अतिथि थे। शारजाह पुस्तक प्राधिकरण के अध्यक्ष, अहमद बिन रक्काद अल अमेरी सम्मानित अतिथि होंगे। आल इंडिया काॅन्फेडेरेशन आफ द ब्लाइंड के महासचिव, पद्मश्री सम्मान प्राप्त,  जे. एल. कौल तथा शारजाह के लेखक-प्रतिनिधि,  हबीब योसेफ अब्दल्लाह अल सईह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे इस अवसर पर आईटीपीओ के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, एल.सी.गोयल, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष, प्रो. बल्देव भाई शर्मा व निदेशक, डाॅ. रीता चैधरी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
थीम को प्रदर्शित करने हेतु हाॅल नं. 7 में एक विशिष्ट डिसेबल्ड फ्रेंडली मंडप का निर्माण किया गया है जहाँ व्हीलचेयर्स, हर तरफ स्टील रेलिंग तथा संकेत भाषा के दुभाषियों की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, 500से अधिक पुस्तकों की विशेष प्रदर्शनी प्रमुख आकर्षण का केंद्र होगी। इनमें से 250 ब्रेल पुस्तकें एनबीटी द्वारा प्रकाशित की गई हैं। इस मंडप में आल इंडिया काॅन्फेडेरेशन आफ द ब्लाइंड द्वारा दिव्यांगजनों के लिए तकनीक आधारित उपयोगी उपकरणों की प्रदर्शनी भी होगी। इस मंडप पर माइक्रोसाॅफट द्वारा ‘एक्सपीरियंस बूथ‘ भी लगाया गया है।
इस बार मेले में इंटरनेशनल डिसैबिलिटी फिल्म फेस्टिवल आयोजित किया जा रहा है जिसके अंतर्गत थीम मंडप पर प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक देश-विदेश की डाॅक्यूमेंट्री फिल्में दिखाई जाएँगी।
यह भी बताया गया कि मेले के दौरान थीम मंडप पर विभिन्न साहित्यिक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम, परिचर्चाएँ, संवाद आदि आयोजित किए जाएँगे जिनमें प्रख्यात लेखक एवं साहित्यकार जैसे मृदुला सिन्हा, प्रेम जनमेजय, प्रसिद्ध कलाकार सोनल मानसिंह, मालिनी अवस्थी, बंत सिंह झब्बर, पैरा ओलंपियन व अर्जुन अवार्डी, राजेंद्र सिंह, परविंद्र सिंह, मनप्रीत कौर, सुवर्णा राज आदि शामिल होंगे।
प्रगति मैदान में पुनर्निर्माण कार्य होने के कारण सीमित स्थान होने के बावजूद भी प्रकाशकों नें मेला आयोजित करने में एनबीटी का सहयोग किया है। इस वर्ष नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में शारजाह सम्मानित अतिथि के रूप में भाग ले रहे हैं।
शारजाह अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला विश्व का तीसरा सबसे बड़ा पुस्तक मेला है जो संस्कृति एवं साहित्य का प्रचार-प्रसार करता है। शारजाह प्रतिनिधिमंडल में 150 से अधिक सदस्य भाग ले रहे हैं जिनमें प्रख्यात लेखक, साहित्यकार, विद्वान, प्रकाशक भाग ले रहे हैं। मेले के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा जिनमें शामिल हैं: काव्य पाठ, परिचर्चाएँ, बाल गतिविधियाँ आदि। इस मंडप पर विशेष आकर्षण का केंद्र होगा ‘अमीरात के लोक बैंड की प्रस्तुति‘ जो समृद्ध एवं गतिशील शारजाह संस्कृति व साहित्य का प्रदर्शन करेगी।

सुबह-सवरे की बड़ी खबर

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  • चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने चीनी सेना को युद्ध की तैयारियों में जुटने का आदेश दिया। चिनफिंग ने कहा कि चीन इस समय तमाम जोखिमों और चुनौतियों का सामना कर रहा है, लिहाजा पीएलए को युद्धक तैयारियां तेज करनी होंगी।
  • कमलनाथ ने कहा है कि वह व्यापम घोटाले की जांच कराएगी। बताते चलें विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने व्यापम को बड़ा मुद्दा बनाया था।
  • मायावती के दिल्ली स्थित आवास पर अखिलेश यादव पहुंचे और उन्होंने गठबंधन पर बातचीत की। 2019 के चुनाव में यूपी में दोनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ सकती हैं। इसमें सीटों का बंटवारा 37-37 के फॉर्म्युले पर हो सकता है
  • देश के सभी शहरों में आज से स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 आज से शुरू हो रहा है जिसके तहत स्वच्छता टीमें स्वच्छता अभियान की हकीकत जांचेगी.
  • वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एनसीएलटी द्वारा 66 मामलों का निपटान किए जाने को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि इससे बैंक अपने करीब 80 हजार करोड़ रुपये के पुराने फंसे कर्ज की वसूली कर पाए हैं और मार्च के अंत तक अंत तक बैंकों को 70 हजार करोड़ रुपये की और प्राप्ति हो सकती है.
  • केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह कश्मीर मुद्दे पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि लंबे समय से एक धारणा बनी हुई थी कि बीजेपी के लोग हुर्रियत से बात नहीं करना चाहते हैं, इसी कारण एक ठहराव की स्थिति बनी हुई है लेकिन हम बात करने गए, तो उन्होंने अपना दरवाजा बंद कर लिया था.
  • आगामी लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के साथ गठबंधन की ख़बरों को अफवाह बताते हुए आम आदमी पार्टी ने एलान किया है कि वह 2019 लोकसभा चुनाव अकेले अपने दम पर लड़ेगी.
  • शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने एनडीए को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि हम एनडीए हैं लेकिन कोई भी एक पार्टी एनडीए को अपनी संपत्ति नहीं समझ सकती है.
  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बड़ा बयान देते हुए दावा किया है कि दूसरा चंद्र मिशन’चंद्रयान-2′ का प्रक्षेपण अगले महीने हो सकता है जिसके लिए इसरो लगातार तैयारियों में जुटा हुआ है. हालांकि अभी इसकी तारीख तय नहीं हो पाई है.
  • समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए आरोप लगाया है कि मेड इन इंडिया के बहाने भाजपा ने स्वदेशी आंदोलन को फांसी लगा दी है और विदेश से विदेश से सामान मंगाने के लाइसेंस बंट रहे हैं.
  • हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कांगड़ा केन्द्रीय सहकारी बैंक के विभिन्न श्रेणियों के 216 पदों को भरने के लिए शुरू की गयी भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया है. आपको बता दें कि इसके लिये बैंक के ही निदेशक मंडल ने कोर्ट में प्रस्ताव दिया था.
  • उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तरप्रदेश के लोगों की धारणा बदलने का दावा करते हुए बड़ा बयान दिया और कहा कि मेरे अब तक के कार्यकाल को 2 वर्ष पूरे हो चुके है लेकिन अब तक यूपी कोई दंगा नहीं होने पाया है.
  • हिमाचल हाईकोर्ट ने सिविल जज सीनियर डिविजन कोर्ट कसौली में तैनात अधीक्षक एवं प्रोसेस सर्वर को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ अदालती आदेशों की अनुपालना नहीं करने के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए.
  • राजस्थान की नई कांग्रेस सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले वृद्धों को खुश करने की कोशिशों के तहत उनकी मासिक पेशन को बढाने का एलान किया है जिसके तहत अब वृद्धों को 500 रुपए की जगह 750 रुपए प्रतिमाह और जिन्हें पहले 750 रुपए मासिक मिल रहे थे अब उन्हें 1,000 रुपए मिलेंगे बतौर पेंशन मिलेंगे.
  • नेशनल हेराल्ड के स्वामित्व वाली एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड को प्लॉट दोबारा आवंटित करने के मामले में सीबीआई कोर्ट ने पूर्व सीएम हुड्डा और मोतीलाल वोरा को बड़ी राहत देते हुए 5-5 लाख के निजी मुचलके पर जमानत दे दिया है
  • छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार ने 2013 में हुए झीरम घाटी नक्सली हमले में एसआईटी जांच का आदेश दिया है. आपको बता दें कि इस हमले में कांग्रेस नेताओं सहित 29 लोगों की मौत हो गई थी.
  • आम आदमी पार्टी के नेताओं द्वारा हरियाणा सरकार के जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. बनवारीलाल से जुड़ा एक फेक वीडियो सोशल मीडिया वायरल करने के आरोप में आप के जिलाध्यक्ष संदीप यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है.
  • मध्यप्रदेश में वन्देमातरम पर मचे बवाल के बीच सीएम कमलनाथ के यूटर्न पर सवाल उठाते हुए प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पूछा कि प्रदेश को इस बात का जबाव मिलना चाहिए कि इसके पीछे राहुल गांधी की मंशा थी या कमलनाथ का निर्णय था.
  • दिल्ली में नये वर्ष पर आयोजित पार्टी के दौरान महिला को गोली मारे जाने के आरोपित जदयू के पूर्व विधायक राजू सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर साकेत कोर्ट में पेश किया जहां राजू सिंह को अदालत ने सात दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है.

साल का पहला सूर्य ग्रहण

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साल 2019 के शुरूआत के बाद पहले हफ्ते में ही साल का पहला ग्रहण है। 5 जनवरी की आधी रात से ही ये ग्रहण शुरू होगा जो 6 जनवरी दिन तक रहेगा। ये ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा लिहाजा इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है। खासतौर से गर्भवती महिलाओं को किसी तरह की कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। ये ग्रहण यूरोप, मध्य एशिया, अफ्रीका, अमेरिका में दिखाई देगा। लिहाजा इसका असर भी वहीं तक सीमित रहेगा।

साल का पहला सूर्य ग्रहण भले ही भारत में नजर नहीं आएगा। मगर देश के प्रमुख ज्योतिषियों का कहना है कि इससे 4 राशियां सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी। यह 4 राशियां हैं सिंह, धनु, तुला और कुंभ। सूर्यग्रहण के बाद इन राशि वालों पर जमकर खुशियों की बरसात होगी। इन राशि वाले लोगों के लिए ये समय बेहद खास होगा। शिक्षा नौकरी और व्यापार के क्षेत्र में किए गए प्रयास सफल होंगे। जीवन में आने वाली सभी प्रकार की विनाशकारी शक्तियों का नाश होगा। इस दिन शनैश्चरी अमावस्या होने की वजह से यह दिन बेहद खास होगा। शनैश्चरी अमावस्या के दिन ग्रहण होने के कारण इस दिन दान, जप, पाठ, मंत्र एवं स्तोत्र पाठ, मंत्र सिद्धि, तीर्थस्नान, ध्यान, हवन आदि का महात्मय और भी बढ़ जाता है।

ग्रहण काल के समय अगर शिव जी का पूजन किया जाए तो जिन पर शनि की साढ़े साती अथवा ढैया चल रही हो उसकी सभी विपत्ति दूर हो जाएंगी। ऐसे जातक जिनकी कुंडली में सूर्य और राहु या सूर्य शनि का संबंध हो तो उन्हें शिव जी की पूजा अवश्य करनी चाहिए। इस दिन गन्ने के रस, शहद और केसर मिश्रित दूध से शिव जी का पूजन करें। इस दिन शमी वृक्ष का पूजन भी अवश्य करना चाहिए जिससे सभी रोगों से मुक्ति मिल जाती है।

आपको बता दें कि इस साल 2019 में तीन सूर्यग्रहण और दो चंद्रग्रहण पड़ेंगे। सबसे पहला सूर्यग्रहण 5 जनवरी 2019 को होगा। इसके बाद 21 जनवरी को चंद्रग्रहण होगा जो दिन के समय में लगेगा। मगर भारत में यह दोनों ही नजर नहीं आएंगे। अपने देश में सिर्फ यह दो ग्रहण ही दिखाई देंगे। 16 जुलाई को खंडग्रास चंद्रग्रहण होगा। यह ग्रहण उत्तराषाढ़ा नक्षत्र एवं धनु, मकर राशि पर होगा। ग्रहण का स्पर्श रात 01.32 से होगा और मोक्ष रात 04.30 पर होगा। ग्रहण का पर्वकाल 2 घंटा 58 मिनट का रहेगा। 2019 का अंतिम सूर्यग्रहण 26 दिसंबर को होगा। यह खंडग्रास सूर्यग्रहण होगा जो मूल नक्षत्र एवं धनु राशि पर मान्य होगा। यह खंडग्रास सूर्यग्रहण केवल दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में ही दिखाई देगा। जिन क्षेत्रों में ये ग्रहण दिखाई देगा सिर्फ वहीं इससे जुड़े नियम मान्य और प्रभावी होंगे।

रोहित शेट्टी की लगातार आठ फिल्में 100 करोड़ की कमाई की

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मुंबई-

फिल्ममेकर रोहित शेट्टी की फिल्म ‘सिंबा’ बॉक्स ऑफिस पर खूब तहलका मचा रही है और मजेदार बात यह है कि उनकी लगातार यह 8वीं फिल्म है जिसने इंडियन बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर डाली है। इस तरह रोहित शेट्टी के ‘सिंबा’ की सफलता का जश्न भी बेहद खास है। बता दें कि रणवीर सिंह और सारा अली खान की फिल्म ‘सिंबा’ ने केवल 6 दिनों में डोमेस्टिक बॉक्स ऑफिस पर 138 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर चुकी है और इस तरह रोहित 100 करोड़ क्लब में लगातार एंट्री मारने वाले निर्देशक बन चुके हैं।

करण जौहर द्वारा प्रड्यूस की गई फिल्म ‘सिंबा’ रोहित शेट्टी की पॉप्युलर फिल्म ‘सिंघम’ की फ्रैंचाइज़ी बताई जा रही है, जिसमें अजय देवगन एक ईमानदार पुलिस ऑफिसर की भूमिका में थे। रोहित शेट्टी ने अपने इस निर्देशक को बधाई देते हुए इंस्टाग्राम पर लिखा है, ‘ब्लॉकबस्टर किंग की जय हो। रोहित भाई सेंचरी पर सेंचरी लगा रहे हैं।’
सिंघम’ फ्रैंचाइज़ी के अलावा उनकी ‘गोलमाल’ फ्रैंचाइज़ी भी बॉक्स ऑफिस पर खूब सफल रही है। इसके अलावा शेट्टी की फिल्में ‘दिलवाले’ और ‘चेन्नै एक्सप्रेस’ ने भी अच्छा बिज़नस किया है।

एक नजर रोहित की उन फिल्मों पर जिसने 100 करोड़ से ज्यादा का बिज़नेस किया-

1. सिंबा

2. गोलमान 3

3. सिंघम

4. बोल बच्चन

5. चेन्नै एक्सप्रेस

6. सिंघम रिटर्न्स

7. दिलवाले

8. गोलमाल अगेन

राम मंदिर को लेकर आज फिर से सुनवाई

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अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है और आज 4 जनवरी से इस मामले को लेकर फिर से सुनवाई शुरू होने जा रही है. वही अगर बात अयोध्या में राम मंदिरे के निर्माण कि करे तो इसको लेकर संत समाज से लेकर आम जन भी इस मुद्दे को लेकर केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार से कुछ नाराज़ दिख रही है. वही इस मुद्दे को लेकर अब आरएसएस प्रमुख ने बीते दिन नागपुर में कहा कि अयोध्या में केवल राम मंदिर बनेगा.

आपको बता दे कि आरएसएस प्रमुख का ये बयान 1 जनवरी को पीएम नरेन्द्र मोदी के एक न्यूज़ एजेंसी को दिए गए इंटरव्यू के बाद आय है जिसमे पीएम ने राम मंदिर निर्माण को लेकर कहा था कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अयोध्या में राम मंदिर पर अध्यादेश के संबंध में के कोई फैसला हो सकता है. वही पीएम ने इस बात को भी कहा कि इस मामले में सरकार अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए सभी प्रयास करने को तैयार है. वही 2 जनवरी को विश्व हिन्दू परिषद् ने भी राम मंदिर के मुद्दे को लेकर बयान दिया की हिन्दू राम मंदिर के मुद्दे पर अदालत के फैसले के लिए अनंतकाल तक तक इंतजार नहीं कर सकते.

वही वीएचपी ने इस बात को भी कहा कि राम मंदिर निर्माण कि दिशा में आगे बढ़ने का एकमात्र तरीका कानून बनाना है. वही इसी दौरान मोहन भागवत ने ये बयान दिया कि अयोध्या में केवल राम मंदिर ही बनेगा. खैर, ये बात को स्पष्ट है कि जिस तरह आरएसएस लगातार राम मंदिर के मुद्दे पर अपनी राय रख रही है उससे ये स्पष्ट होता है कि आरएसएस जल्द से जल्द अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण चाहती है

बात ये भी है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने सत्ता में आने से पहले ये वादा किया था कि वे अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करवाएंगे जो कि अभी तक पूरा नहीं हो पाया है. अब देखना ये होगा कि जब कल सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर को लेकर सुनवाई शुरू होगी तो इस मुद्दे पर सुनवाई के बाद किस तरह के तथ्य सामने आते है.

मयंक अग्रवाल का धमाका, चयन को सही साबित किया

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सिडनी:
मयंक अग्रवाल ने आस्ट्रेलिया में धमाका कर दिया है। मयंक अग्रवाल को पृथ्वी शॉ के चोट से नहीं उबर पाने के कारण टीम में शामिल होने का मौका मिला। मेलबर्न में डेब्यू करने वाले मयंक अग्रवाल ने अपनी पहली टेस्ट पारी में 76 और दूसरी में 42 रन बनाए। इसके बाद सिडनी में पहली पारी में उन्होंने 77 रन का पारी खेली। इस तरह टेस्ट करियर की तीन पारियों में उन्होंने 195 रन जोड़कर अन्य बल्लेबाजों को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने ये रन 65 की औसत से बनाए जिसमें दो अर्धशतक शामिल हैं। वहीं दूसरी तरफ अन्य ओपनर्स ऑस्ट्रेलिया दौरे पर कुल 11 पारियों में कुल 127 रन जोड़ सके। 11 पारियों में वो कुल 127 रन बना सके। जिसमें एक भी अर्धशतकीय पारी शामिल नहीं है।

दरअसल भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी में गुरुवार से शुरू हुआ सीरीज के चौथे और आखिरी टेस्ट में टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। विराट कोहली ने रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी में एक बार फिर केएल राहुल को मयंक अग्रवाल के साथ पारी की शुरुआत करने का मौका दिया। जो शुरुआती दो टेस्ट मैचों में मुरली विजय के साथ बुरी तरह नाकाम रहे थे। ऐसे में टीम मैनेजमेंट ने मेलबर्न में खेले गए सीरीज के तीसरे टेस्ट में कड़ा निर्णय लेते हुए मयंक अग्रवाल और हनुमा विहारी के साथ पारी की शुरुआत करने बड़ा निर्णय ले लिया। भले ही ये नई जोड़ी टीम इंडिया को रनों के लिहाज से बड़ी शुरुआत देने में नाकाम रही लेकिन ओवरों के लिहाज से इस जोड़ी अच्छी शुरुआत देने में सफल हुई। ऐसे में डेब्यूटेंट मयंक अग्रवाल ने 76 रन की पारी के साथ अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की और दूसरी पारी में 42 रन बनाकर टीम में अपनी जगह पक्की कर ली।

सिडनी टेस्ट से पहले रोहित शर्मा के पिता बनने के बाद स्वदेश लौटने की वजह से टीम के सामने एक बार फिर परेशानी खड़ी हो गई। मैनेजमेंट को छठवें नंबर पर बैट्समैन के साथ-साथ एक बार फिर ओपनर की तलाश थी। ऐसे में एक बार फिर राहुल पर दांव लगाने का फैसला किया गया। कर्नाटक के अपने साथी मयंक के साथ पारी की शुरुआत करने आए राहुल ने फिर निराश किया। 9 गेंद पर 6 रन की पारी खेलने के बाद पारी के दूसरे ओवर की तीसरी गेंद पर ऑफ साइड की गेंद के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश में स्लिप पर मार्श के हाथों लपके गए। पिछली दस टेस्ट पारियों में राहुल के बल्ले से 37, 149, 0, 4,33*,2,44,2,0,9 रन निकले हैं। उनके बल्ले से आखिरी बड़ी पारी इंग्लैंड के खिलाफ ओवल टेस्ट में आई थी। उस मैच में उन्होंने 149 रन की पारी खेली थी। ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा दौरे में उनका सर्वाधिक स्कोर 44 रन रहा है जो कि एडिलेड टेस्ट की दूसरी पारी में आई थी।

पीएम मोदी संसद से भाग गए- राहुल गांधी

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नई दिल्ली-
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल सौदे को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए है। इसको लेकर लगातार मोदी सरकार पर हमला कर रहे हैं। लोकसभा में राफेल के मुद्दे पर पीएम नरेंद्र मोदी को 20 मिनट के लिए बहस करने की चुनौती देने के बाद राहुल गांधी पीएम मोदी को वहां घेरने की कोशिश कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री गुरुदास में रैली को संबोधित करने चले गए जहां वे भारतीय विज्ञान कांग्रेस के 106 वें सत्र का उद्घाटन भी किया। और जय जवान जय किसान जय विज्ञान को आगे बढ़ाते हुए जय अनुसधान का नारा दिया। इस बीच
राहुल गांधी ने ट्वीट किया- ऐसा लगता है कि हमारे पीएम संसद और अपनी खुद की खुली किताब राफेल परीक्षा से भाग गए हैं और इसके बजाय आज वे छात्रों को पंजाब में लवली यूनिवर्सटी संबोधित करने चले गए. मैं वहां के छात्रों से सम्मानपूर्वक अनुरोध करता हूं कि उनसे मेरे द्वारा कल पूछे गए 4 प्रश्नों के जवाब देने के लिए कहें.
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने राफेल के मुद्दे पर कल पीएम मोदी से चार सवाल पूछे थे. राहुल ने ट्वीट कर तंज कसते हुए कहा, ‘ संसद में प्रधानमंत्री ‘ओपेन बुक राफेल डील एग्जाम’ का सामना करेंगे. सवाल पहले से पता हैं: 1. वायुसेना को 126 विमानों की जरूरत थी तो सिर्फ 36 विमानों का सौदा क्यों? 2. विमान की कीमत 526 करोड़ रुपए की बजाय 1,600 करोड़ रुपये क्यों की गई? 4. एचएएल की बजाय ए ए (अनिल अंबानी) को ठेका क्यों दिया गया? क्या वह परीक्षा के लिए आएंगे? या किसी प्रतिनिधि को भेज देंगे?’ हालांकि, बाद में उन्होंने तीसरा सवाल भी पूछा, ‘मोदी प्लीज बताइए, पर्रिकर जी ने अपने बेडरूम में राफेल की फाइल क्यों रखी हुई है और इस फाइल में क्या जानकारी है.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को पंजाब के गुरदासपुर शहर में एक रैली को संबोधित किया. यह लोकसभा चुनाव से पहले 100 रैलियां आयोजित करने केभारतीय जनता पार्टी के अभियान का हिस्सा है. मोदी ने पंजाब में शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) व भाजपा गठबंधन के लिए चुनावी अभियान की शुरुआत की है. गुरदासपुर लोकसभा सीट पर अक्टूबर 2017 में हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी. पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ लोकसभा में गुरदासपुर का प्रतिनिधित्व करते हैं. भाजपा पंजाब इकाई के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद श्वेत मलिक ने कहा, ‘हमने रैली के लिए विस्तृत व्यवस्था की. प्रधानमंत्री मोदी ने पंजाबियों और सिखों के हित के लिए कई कदम उठाए हैं. जिसे उन्होंने सिलसिलेबार ढ़ंग से जनता को बताया।.’