अर्थव्यवस्था में मजबूती के संकेत- आईसीसीआई

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नईदिल्ली-

आरबीआई ने मौद्रिक नीति के रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे साफ संदेश है कि मुद्रास्फीति को लेकर कोई बड़ा जोखिम नहीं है। आईसीसीआई ने कहा है कि इससे अर्थव्यवस्था में सकारात्मक संकेत दिखाई दे रहे हैं।

इंटीग्रेटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के डायरेक्टर मानवेंद्र ने कहा कि जिस प्रकार से आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है यह काफी सकारात्मक है। आरबीआई ने जिस प्रकार से बैंकों को विभिन्न क्षेत्रों में अधिक कर्ज देने की सलाह दिया इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में अर्थव्यवस्था काफी मजबूत होगी। निश्चिततौर पर पिछले कुछ वर्षों से अर्थव्यवस्था में गति नहीं आई है जिसे और तेज करने के लिए आरबीआई ने जो कदम उठाए हैं वह काफी सकारात्मक है इससे अर्थव्यवस्था में मजबूती आएगी। गौरतलब है कि आरबीईई ने अभी एसएलआर दर 0.25 फीसदी की कटौती की है। इससे तय है कि बैकों के पास अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी और वह अधिक कर्ज दे सकेंगे।

मानवेंद्र ने कहा है कि जिस प्रकार से आरबीआई ने बड़ी सावधानीपूर्वक मौद्रिक नीति को कोई सख्त रखने के लिए कोई बदलाव नहीं किया है। आरबीआई ने जिस प्रकार से कदम उठाए हैं इससे यह तय है कि आने वाले दिनों में मुद्रास्फीति पर नियंत्रण किया जा सकेगा।

गडकरी बेहोश होकर गिरे

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी स्‍टेज पर ही बेहोश हो गए। गडकरी गिरने ही वाले थे कि मंच पर मौजूद राज्‍यपाल सी विद्यासागर राव ने उन्‍हें पकड़ लिया। गौरतलब है कि गडकरी महाराष्ट्र के अहमदनगर में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे। तबियत बिगड़ने के बाद गडकरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनकी हालत अब सामान्‍य है। गडकरी ने स्वंय ट्वीट कर बताया कि लो शुगर की वजह से उन्‍हें थोड़ी परेशानी हुई थी लेकिन अब वह ठीक हैं। यह घटना उस समय हुई जब वह महात्‍मा फूले कृषि विद्यापीठ में अन्‍य अतिथियों के साथ राष्‍ट्रगान के लिए खड़े थे। इस दौरान गडकरी ने बेचैनी महसूस की। इसके बाद उनका संतुलन बिगड़ गया और मंच पर ही लड़खड़ाकर गिरने लगे। इसी दौरान राज्‍यपाल विद्यासागर राव ने उनको पकड़ लिया। उन्‍हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

नितिन गडकरी ने ट्वीट ने कहा ‘लो शुगर की वजह से थोड़ी तबीयत खराब हुई थी। डॉक्‍टरों ने जांच की है और अब मेरी हालत ठीक है। सभी शुभचिंतकों को बहुत-बहुत धन्‍यवाद।’ भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने बताया कि डॉक्‍टरों ने गडकरी के स्‍वास्‍थ्‍य की जांच की है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

सरकार जीएसटी वार्षिक रिटर्न की तारीख बढ़ाए- कैट

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कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को एक पत्र भेजकर जीएसटी की वार्षिक रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 दिसम्बर 2018 को बढ़ाकर 31 मार्च 2019 करने का आग्रह किया है।

जेटली को भेजे अपने पत्र में कैट ने श्री जेटली का ध्यान वर्ष 2017-18 की वार्षिक जीएसटी रिटर्न जिसको दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 दिसम्बर 2018 की तरफ दिलाते हुए कहा की अभी तक जीएसटी पोर्टल पर वार्षिक रिटर्न दाखिल करने का प्रारूप अथवा विकल्प आया ही नहीं है जिसके चलते देश भर में जीएसटी पोर्टल से पंजीकृत 1 करोड़ से अधिक व्यवसायिओं का रिटर्न भरना मुश्किल है ! जीएसटी की वार्षिक रिटर्न दाखिल करने बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इस रिटर्न को दाखिल करते समय सम्बंधित वर्ष की पूर्व में भरी हुई रिटर्न को संशोधित करने का यह आखिरी विकल्प है। कैट ने यह भी कहा की क्योंकि वैट अथवा बिक्री कर में वार्षिक रिटर्न भरने का कोई प्रावधान नहीं था इस दृष्टि से बड़ी संख्यां में देश भर में व्यापारियों को अभी यह जानकारी भी नहीं है की उन्हें वार्षिक रिटर्न भी भरनी है।

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी.भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा की क्योंकि जीएसटी के लागू होने का 2017 -18 पहला वर्ष है इस नाते से जीएसटी से सम्बंधित अनेक विषयों से देश भर में व्यापारी अनभिज्ञ है। व्यापारियों को यह मालूम ही नहीं है की वार्षिक रिटर्न उनके लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं और यदि यह रिटर्न नहीं भरी गई तो उसके क्या परिणाम होंगे। एक तरफ इस रिटर्न के द्वारा व्यापारी अपनी रिटर्न संशोधित कर सकते हैं जिससे उन्हें इनपुट क्रेडिट की हानि न हो और उनके ऊपर कर की कोई बकायेदारी न आ जाये। इस दृष्टि से जीएसटी की वार्षिक रिटर्न भरना प्रत्येक व्यापारी के लिए महत्वपूर्ण एवं जरूरी है।

कैट ने इस अंतिम तारीख को आगे बढ़ाने की मांग करते हुए वित्त मंत्री को सुझाव दिया है की अविलम्ब वार्षिक रिटर्न का फॉर्मेट एवं उससे सम्बंधित प्रक्रिया को जीएसटी पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाए वहीँ दूसरी ओर सरकार इस बारे में एक राष्ट्रीय जानकारी अभियान चलाये जिसके द्वारा लोगों को वार्षिक रिटर्न भरने के बाजरे में जानकारी दी जाए। कैट ने कहा है की इस मुद्दे पर देश भर के व्यापारी सरकार का सहयोग करने के लिए तैयार हैं और वार्षिक रिटर्न भरने के सरकार के अभियान में कंधे से कन्धा मिलाकर जुटेंगे।

समाज में श्रीकृष्ण त्यागी जैसे ही याद किए जाते हैं : सिद्धार्थन

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नई दिल्ली-
बुराड़ी विधानसभा के पूर्व विधायक श्री श्रीकृष्ण त्यागी के तीसरी पुण्यतिथि के अवसर पर श्री श्रीकृष्ण सेवा संस्थान का लोकार्पण किया गया। इस संस्थान में हरेक लोगों को चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कई क्षेत्रीय और प्रांतीय पदाधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे। इससे पूर्व आयोजित श्रद्धांजलि सभा में दिल्ली प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री श्री सिद्धार्थन ने कहा कि संघ की विचारधारा समाज में सबके साथ लेकर चलने की है। हमारे स्वंयसेवक दशकों से इसी भावना के तहत कार्य कर रहे हैं। आज हम श्रीकृष्ण त्यागी जी को पुष्पांजलि अर्पित करने आए हैं। अपने जीवन काल में इन्होंने समाज के सर्वांगीण विकास के लिए कई कार्य किया। विधायक रहने से पूर्व और विधायक रहते हुए भी वो सदा ही समाज की बेहतरी के लिए कार्य करते रहे। यही कारण है कि आज हम सब यहां उनकी श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित हुए हैं और उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर बात कर रहे हैं।
इस श्रद्धांजलि सभा में श्री श्रीकृष्ण सेवा संस्थान के अध्यक्ष श्री देवेंद्र जोशी जी ने ट्रस्ट की प्रस्तावना और कार्यक्षेत्र पर बात करते हुए श्रीकृष्ण त्यागी जी के जीवन के कई पहलुओं पर बात की। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण त्यागी जी के दोनों सुपुत्र अमित त्यागी और चंचल त्यागी अपने पिता के सपने को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सभा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दिल्ली प्रांत प्रचारक श्री दिनेश जी ने भी अपने विचार रखे।
श्री श्रीकृष्ण सेवा संस्थान के संदर्भ में चंचल त्यागी ने बताया कि हमारी कोशिश क्षेत्र को लोगों को सहज चिकित्सीय लाभ देना है। इसलिए हमने केवल दस रूपये की फीस रखी है। यहां डॉ नवीन जैन और डॉ सुभाष देव लोगों का चिकित्सीय परीक्षण करेंगे और परामर्श देंगे। जल्द ही संस्थान पैथोलॉजिकल टेस्ट आदि कीसुविधा भी शुरू करेगी। बता दें कि इस सेवा संस्थान का शिल्यान्यास 6 दिसंबर, 2017 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दिल्ली प्रांत प्रचारक श्री कुलभूषण आहूजा जी ने रखी थीं। आज 6 दिसंबर, 2018 को उनके द्वारा ही इसका लोकार्पण होना था। लेकिन, कुछ अपरिहार्य कारणों से वो नहीं आ पाए। उनकी अनुपस्थिति में श्री दिनेश जी, श्री सिद्धार्थन जी, श्री जोशी जी आदि ने मिलकर सेवा संस्थान लोकार्पित किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय कई स्वयंसेवक, निगम पार्षद और सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।

कुरुक्षेत्र में कुंभ मेला शुक्रवार से

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हरियाणा की धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में कुंभ मेले का शुभारंभ 7 दिसंबर को विशेष स्नान के साथ शुरु हो जाएगा। 5 से 7 दिसंबर तक वृश्चिक राशि होने के कारण ढाई दिन का दुर्लभ योग बना है। इस दौरान कुरुक्षेत्र में देश-प्रदेश से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे और ब्रह्मसरोवर में डुबकी लगाएंगे।

गौरतलब है कि देश में हरिद्वार, प्रयाग, उज्जैन और नासिक में महाकुंभ का आयोजन किया जाता है। एक स्थान पर महाकुंभ 12 साल बाद लगता है, लेकिन धर्मग्रंथों में 12 राशियों के अनुसार 12 स्थानों पर कुंभ लगने का उल्लेख मिलता है। वर्तमान में देश में आठ स्थानों पर कुंभ सदियों पहले लुप्त हो चुका है। अखिल भारतीय सर्वमंगला कुंभ सेवा समिति ने इन्हीं स्थानों पर लुप्त और सुप्त कुंभों को जागृत करने की मुहिम शुरू की है। इसी के तहत 2017 में बिहार के सिमरिया, तो इस वर्ष कुरुक्षेत्र में कुंभ मेले का आयोजन किया जा रहा है।

उधर, तीर्थराज प्रयाग में चल रहे दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक मेले महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर होने वाले शाही स्नान के लिए मेले में श्रद्धालुओं, साधुओं और पर्यटकों की आवक बढ़ गई है। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों के संगम के सभी 19 घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं के स्नान का सिलसिला शुरू हुआ जो देर शाम तक जारी रहा। सोमवार की देर रात से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण ठंड बढ़ गई, लेकिन इससे श्रद्धालुओं के जोश में कोई कमी नहीं आई। सोमवार को करीब पांच लाख श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई थी। इस बीच राज्य सरकार ने आगामी स्नान पर्व को भी सकुशल संपन्न कराने के लिए समस्त राज्यों से कुम्भ मेले के मुख्य स्नान पर्व पर अति विशिष्ट व्यक्तियों तथा फिल्म एवं अन्य क्षेत्रों की हस्तियों के सम्भावित आगमन को देखते हुए यह परामर्श दिया है कि वे मुख्य स्नान पर्व से एक दिन पहले या एक दिन बाद का कार्यक्रम बनाएं, ताकि उनकी सुरक्षा एवं स्वागत सुनिश्चित की जा सके।

विश्व हिंदू परिषद की ओर से संगम क्षेत्र में आयोजित होने वाली धर्म संसद की तैयारियां भी लगभग पूरी हो गई हैं। बताया जाता है कि राम मंदिर आंदोलन में एक बार फिर से प्राण फूंकने के लिए महाकुंभ में साधु, संतों और संघ परिवार का जमावड़ा हो रहा है।

अयोध्या में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

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बाबरी विध्वंस की 26 वीं बरसी पर अध्योध्या में सुरक्षा के कड़ी व्यवस्था की गई है। सुरक्षा बैरियर लगाकर हर आने-जाने वाले व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है। संदिग्ध लगनेवाले व्यक्ति को रोककर उसकी तलाशी ली जा रही है। धार्मिक नगरी अयोध्या पूरे कड़ी सुरक्षा घेरे में जकड़ी रहेगी।

काला दिवस शौर्य दिवस साथ साथ

हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी परंपरागत रुप से कारसेवक पुरम परिसर में विवादित ढांचे की बरसी को शौर्य दिवस के रूप में मनाया जाएगा। वहीं मुस्लिम समुदाय विवादित ढांचे के ध्वंस की बरसी पर यौमे गम और काला दिवस के रूप में मनाएंगे।
विवादित ढांचे की बरसी को लेकर अयोध्या में सुरक्षा के लिहाज से छह कंपनी पीएसी, दो कंपनी आरएफ, चार एडिशनल एसपी, 10 डीएसपी, 10 इंस्पेक्टर, 150 सब इंस्पेक्टर व 500 सिपाहियों को सुरक्षा में लगा दिया गया है। यही नहीं सुरक्षा के लिहाज से घर की छतों पर भी सुरक्षा बल मुस्तैद रहेंगे। किसी भी गैर परंपरागत कार्यक्रम के आयोजन पर पूरी तरह से प्रतिबंध है।

6 दिसंबर को 1992

भारत के इतिहास में 6 दिसंबर को 1992 का दिन ऐसे काले अक्षरों में दर्ज है कि जिसका रंग समय बीतने के साथ-साथ और भी स्याह हो रहा है। आज के ही दिन 26 साल पहले लाखों कारसेवकों की भीड़ ने बाबरी मस्जिद के विवादित ढांचे को ढहा दिया था। ‘एक धक्का और दो, बाबरी तोड़ दो’… ऐसे नारों की गूंज से अयोध्या का आसमान भी थर्राने लगा था। अभी बाबरी मस्जिद राम जन्मभूमि मुकदमा सुप्रीम कोर्ट में चल रही है।
6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में विवादित परिसर में मौजूद ढांचे को गिरा दिया था, जिसके बाद हर वर्ष दोनों समुदाय के लोग अपने-अपने तरीके से इस दिन को मनाते आ रहे हैं। अयोध्या में शांति व्यवस्था को लेकर कोई बाधा उत्पन्न न हो, इसे दृष्टिगत रखते हुए हर वर्ष सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाते हैं। उसी कड़ी में इस वर्ष भी अयोध्या में सुरक्षा के बेहद सख्त इंतजाम किए गए। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी परंपरागत रुप से कारसेवक पुरम परिसर में विवादित ढांचे की बरसी को शौर्य दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

इस वर्ष भी परंपरागत आयोजन के तहत कारसेवक पुरम प्रांगण में शौर्य दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष व मणिराम दास छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास महाराज करेंगे। इसके अलावा अयोध्या के शीर्ष संत और विहिप व राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में शरीक होंगे। इस कार्यक्रम के माध्यम से एक बार फिर से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का संकल्प दोहराया जाएगा। आयोजनों की कड़ी में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मुस्लिम समुदाय विवादित ढांचे के ढांचे के ध्वंस की बरसी पर यौमे गम और काला दिवस के रूप में मनाएंगे। बाबरी मस्जिद मामले के मुद्दई इकबाल अंसारी के आवास पर मुस्लिम समुदाय के लोग जुटेंगे।
अयोध्या में होने वाले इन दो परंपरागत आयोजनों के अलावा जिला प्रशासन ने किसी भी अन्य आयोजन को अनुमति नहीं दी है। जिले में निषेधाज्ञा लागू होने के कारण अगर कोई व्यक्ति सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा के क्षेत्र में माइल स्टोन है सीईजीआर- नीरज मिश्रा

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एसोसिएशन ऑफ लीडर्स एण्ड इंडस्ट्रीज (एली) के डायरेक्टर नीरज कुमार मिश्रा ने
सेंटर फॉर एजुकेशन ग्रोथ एंड रिसर्च (सीईजीआर) के डायरेक्टर रविश रोशन को अटल सम्मान 2018 मिलने पर बधाई दी। नीरज मिश्रा कहते हैं कि हाल के सालों में सीईजीआर ने शिक्षा के क्षेत्र में जो कार्य किए हैं वह निश्चित रूप से सराहनीय है। वर्तमान में सीईजीआर ने देश भर में उच्च शिक्षण व्यवस्था को लेकर कई नये आयाम स्थापित किए हैं और आज वह शिक्षा के क्षेत्र में देश की सबसे बड़ी थिंक टैंक के रूप में जानी जाती है।
सीईजीआर के डायरेक्टर रविश रोशन को एएम मीडिया की ओर से सर्वे के आधार पर यूथ कैटेगरी में अवार्ड दिया गया है। गौरतलब है कि रविश रोशन शिक्षा के क्षेत्र में रिसर्च एंड इनोवेशन के कई मानदंड स्थापित किए हैं जो किसी माइल स्टोन से कम नहीं है।

आसमान की ऊंचाइयों को छूता रहे देश का झंडा— प्रो. पीयूष रंजन

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नई दिल्ली-

देश भर में सशस्त्र झंडा दिवस हर साल 7 दिसंबर को  मनाया जाता है। झंडा दिवस का महत्व समस्त भारतीयों के लिए खास है लेकिन तीनों सेनाओं के लिए इसका विषेष महत्व है। तीनों सेनाओं में यह दिन विशेष रूप से मनाया जाता है।

झंडा दिवस के बारे में बताते हुए एसोसिएशन ऑफ लीडर्स एण्ड इंडस्ट्रीज (एली) के डायरेक्टर जनरल प्रो. पीयूष रंजन कहते हैं कि 23 अगस्त 1947 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की रक्षा समिति की ओर से युद्ध दिग्गजों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए हर साल 7 दिसंबर को झंडा दिवस मनाने का फैसला लिया गया था और तब से लेकर आज तक हर साल 7 दिसंबर को झंडा दिवस मनाया जाता है। झंडा दिवस यानी अपने राष्ट्र और राष्ट्र के सुर वीरों के सम्मान का दिन व हमारे जांबाज सैनिकों के प्रति एकजुटता दिखाने का दिन।

प्रो. पीयूष रंजन देश की तीनों सेनाओं के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए कहते हैं कि देश के हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह झंडा दिवस कोष में अपना योगदान दें, ताकि हमारे देश का झंडा आसमान की ऊंचाइयों को छूता रहे। हम आम भारतीय का भी दायित्व है कि हम सैनिकों के सम्मान व उनके कल्याण में अपना योगदान दें

सीईजीआर के डायरेक्टर रविश को आईसीसीआई ने दी बधाई

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नईदिल्ली-

इंटीग्रेटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के डायरेक्टर मानवेंद्र कुमार ने सेंटर फॉर एजुकेशन एंड ग्रोथ के डायरेक्टर रविश रोशन को अटल सम्मान मिलने पर बधाई दी।

मानवेंद्र कुमार ने कहा कि जिस प्रकार से सीईजीआर शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहा है वह अतुलनीय है। सीईजीआर आज देश में कई उचे मानदंड स्थापित किए हैं। रविश को एएम मीडिया ने सर्वे में यूथ कैटेगरी में अवार्ड दिया है यह जानकर प्रसन्नता हुई है। निश्चिततौर पर ऐसे अवार्ड से सीईजीआर और कई बेहतरीन कार्य की ओर अग्रसर होगा। आईसीसीआई के डायरेक्टर ने कहा कि सीईजीआर लगातार रिसर्च पर कार्य कर रहा है जिसकी आज सख्त जरूरत है। सीईजीआर देश के सबसे बड़ी शिक्षा का थिंक टैंक है।

गौरतलब है कि एएम मीडिया ने सीईजीआर के डायरेक्टर रविश रोशन को अटल सम्मान 2018 का अवार्ड से नवाजा है।

कोत्योर रनवे वीक में दिखी खादी की धूम

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गाँधी स्मृति एवं दर्शन समिति के सहयोग से आयोजित कोत्योर रनवे वीक का आयोजन आई टी सी वेलकम होटल द्वारका में 1 और 2 दिसम्बर को अभिमंच संस्था द्वारा आयोजित किया गया. कार्यक्रम में पारम्परिक सांस्कृतिक छटा बिखेरने वाले देश के विभिन्न भागो से आये हुए डिजाईनरो ने अपना कलेक्शन प्रस्तुत किया. कार्यक्रम की शुरुवात सुप्रसिद्ध फैशन डिज़ाइनर अमित तलवार के कलेक्शन से हुई. जबकि ग्रैंड फिनाले तनय पारीक के पारंपरिक परिधानों के साथ संपन्न हुआ. जिसके लिए अभिनेता राहुल देव एवं सुपर मॉडल सोनालिका सहाय और लक्ष्मी राणा ने वाक किया.

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण खादी के लिए डिज़ाइनर आरती तिवारी, तनय पारीख एवं अमीन फ़रिश्ता  ने अपना कलेक्शन प्रस्तुत किया. अभिनेता सत्यकाम आनंद ने अपने खादी वस्त्रों के साथ किये गये वाक से दर्शको का मन मोहा.

कार्यक्रम में देश के विभिन्न भागो से आये हुए फैशन छात्र – छात्राओ को अवसर दिया गया. पर्ल अकादमी ऑफ़ फैशन, आई आई एफ टी, तत्यम स्कूल ऑफ़ डिजाईन, एफ डी डी आई, लक्मे अकादमी जैसे संस्थाओ ने अपने स्टूडेंट्स के साथ कार्यक्रम में भागीदारी की. पर्ल अकादमी ऑफ़ फैशन के रविशंकर, आई आई एफ टी के चेयरमैन आर डी लाल, तत्यम स्कूल ऑफ़ स्कूल की चेयरमैन रजनी राठी, लक्मे अकादमी के वरुण, एफ डी डी आई की विभूति जैसे लोगो ने अपने स्टूडेंट्स का उत्साह वर्धन किया एवं उन्हें सीखने के गुर दिखाए.

साउथ दिल्ली की पूर्व मेयर कमलजीत सहरावत ने आकर आयोजक एवं सहभागियों का उत्साह वर्धन किया. कस्तूरी ज्वेलर्स  के मालिक सुरेन्द्र, विटलिंगर के प्रबंध  निदेशक  अनुज प्रताप सिंह, न्यूज़ 7 के आकाश गोयल, रोहित ढींगरा, हर्ष कुल्हर, नवनीत अरोरा, वरुण झाम्ब, निलेश्वरी बसाक, प्रोफेसर धनंजय जोशी, प्रोफेसर बी एन मिश्रा, डॉ. आमना मिर्ज़ा एवं अभिमंच की पूरी टीम ने कार्यक्रम में भाग लिया.

कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण के केंद्र रहे तनय पारीक के अनुसार “कोत्योर रनवे वीक के माध्यम से मैं अपने पारंपरिक एवं खादी वस्त्रो का प्रदर्शन करने आया हूँ. यहाँ आकर मुझे अपने प्रयासों को सही दिशा मिल रही है. शो डायरेक्टर एवं खादी डिज़ाइनर  आरती तिवारी के अनुसार खादी को हर एक आम एवं खास आदमी की प्रथम प्राथमिकता बनाने की जरूरत है और इसके लिए हमने यह प्रयास शुरू किया है. कलात्मक प्रस्तुति के साथ अपना डिजाईन शो करने वाले अभिषेक वशिष्ठ ने मत्स्य जीवन की भावनाओ का प्रदर्शन कर दर्शको का मन मोह लिया तो वही प्लस साइज़ के वस्त्रो का प्रदर्शन कर सौम्या  शर्मा ने एक अनोखा प्रयास किया.

कार्यक्रम के प्रमुख आयोजक एवं अभिमंच के सचिव नित्यानंद तिवारी के अनुसार “खादी न सिर्फ एक वस्त्र है बल्कि एक जीवन शैली है और यह प्रत्येक जीवन की एक मूलभूत आवश्यकता बननी चाहिये.”

कार्यक्रम में जैस्मिन, ज्योति, नीतू, सुनीता, निकिता, शशि वर्मा, उमेन्द्र, याशिका, नीरज, मोहम्मद जावेद, सुमित दास  गुप्ता, गीतांजलि, सोनिया, विपिन और मिनी गुलाटी, अरुणा, साक्षी, शिवम, ए. मतिन पाशा, मिलिंदर गुलाटी, नूर निसार, सीमा, अमिन फरिस्ता जैसे डिजाईनरो ने अपने बहुरंगी प्रदर्शनों से दर्शको का मन मोहा.

आयोजन हेतु जेम माइंस, मोडाजी, होटल ली तारा, गीतांजलि पवार, वात्सल्य ग्रुप एवं शार्प डिजिटल के आई एस चड्ढा, कैप्चरिंग मोमेंट्स जैसे सहयोगियों ने अपनी सहयोग दिया था. कार्यक्रम को सफल बनाने में कोत्योर रनवे वीक के प्रशांत चौधरी, कपिल गौहरी, तनु सिंह, शिवम राजपूत, सिद्धार्थ गुप्ता, प्रशांत रावत, राजदीप राय, आशु, तवरेज खान, आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

द्वारका में हुए इस भव्य आयोजन ने न सिर्फ आमंत्रितो को आकर्षित किया अपितु स्थानीय निवासियों एवं होटल के विजिटर्स को भी आने को मजबूर कर दिया. देर रात संपन्न हुए इस कार्यक्रम के जबरदस्त आकर्षण ने दर्शको की भीड़ को पलभर भी कम नहीं होने दिया. आधुनिक एवं पारंपरिक वस्त्रो के संयुक्त प्रदर्शन ने इस फैशन वीक को एक अलग पहचान दी है एवं अभिमंच प्रायोजित इस पहले कार्यक्रम को सफल बना आगे का मार्ग प्रसस्त किया.