एनडीआईएम को 2018 का सर्वेश्रेष्ठ उद्योग सहभागिता प्रबंध संस्थान का अवार्ड

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नईदिल्ली-

न्यू देहली इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट को बेस्ट इंडस्ट्री लिंक्ड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया 2018 के अवार्ड से नवाजा गया है। एआईसीटीई और सीआईआई के द्वारा करवाए गए सर्वेक्षण में 9500 सरकारी टेक्नीकल स्संथान जिसमें आईआईएम भी शामिल है जिसमें एनडीआईएम का चुनाव हुआ है। इस खास सर्वेक्षण में चार राउंड में गहन जांच के बाद किया गया जिसमें ऩ्यू देहली इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के उल्लेखनीय कार्यों और उद्योग के साथ सह संबंध और रोजगार को पढ़ाई के साथ बेहतर संबंध बनाने के लिए दिया गया। गौरतलब है कि सरकार और सीआईआई के उत्कृष्ट संस्थान को यह अवार्ड देता है। यह अवार्ड एआईसीटीई के प्रांगण में दिया गया। इसके पहले भी एनडीआईएम पहले भी अवार्ड जीत चुका है। एनडीआईएम के चेयरमैन वीएम बंसल ने इस अवार्ड के लिए चुने जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज देश में पढ़ाई को उद्योग से लिंक करने की जरूरत है। जिसमें मैंने अपने संस्थान से किया है। ऐसे अवार्ड से आगे बढ़ने में और उत्साह आता है।

कविता कोश के संस्थापक, ललित कुमार, दिव्यांगजन के रोल मॉडल के राष्ट्रीय पुरस्कार हेतु चयनित

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दिव्यांग व्यक्तियों के लिए 2018 के राष्ट्रीय पुरस्कारों की घोषणा की गई है और श्री ललित कुमार को रोल मॉडल श्रेणी में पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह पुरस्कार 03 दिसम्बर 2018 को दिव्यांग व्यक्तियों के अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर विज्ञान भवन,नई दिल्ली में भारत के माननीय राष्ट्रपति द्वारा दिया जाएगा। श्री ललित कुमार चार साल की उम्र में पोलियो से प्रभावित हुए। उन्होंने पोलियो और अपने परिवार की कमजोर सामाजिक और आर्थिक स्थिति से उत्पन्न बड़ी चुनौतियों के बावज़ूद अपनी शिक्षा जारी रखी। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्कॉलरशिप का प्राप्त की और विदेश जाकर अपनी पढ़ाई पूरी की।

भारतीय साहित्य को डिजिटलाइज करने की सबसे पहली पहल श्री ललित कुमार ने की। वह कविता कोश नामक साहित्य की दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन कोश में से एक के संस्थापक हैं। श्री कुमार इस कोश में पद्य की विभिन्न विधाओं को देश-विदेशमें फैले स्वयंसेवकों की एक टीम की मदद से सहेज रहे हैं। कविता कोश में 40 से अधिक भारतीय और विदेशी भाषाओं के काव्य शामिल है। श्री कुमार लालित्य इंटरनेशनल फॉर आर्ट एंड कल्चर (LICAC) संस्था के वर्तमान अध्यक्ष हैंजो भारतीय कला,साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

श्री कुमार ने दिव्यांगहित में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वे WeCapable.com नामक वेबसाइट के संस्थापक हैं जो कि विकलांगता से सम्बन्धित महत्वपूर्ण सूचनाओं का विश्वसनीय स्रोत है। जुलाई 2018 मेंश्री कुमार ने एक मुफ्त ऑनलाइन ब्रेल अनुवादक बनाया जो सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं का अनुवाद ब्रेल कोड में करता है। इसके बाद उन्होंने मूक-बधिर के लिए शब्द से सांकेतिक भाषा परिवर्तक भी बनाया। इसके अलावाश्री कुमार दशमलव नामक एक यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं जो भारत भर में दिव्यांग व्यक्तियों को जानकारीप्रशिक्षण और सलाह देता है। अपने इस चैनल के माध्यम से वे दिव्यांगजन के रोजगारव्यक्तिगत समस्याओंसरकार से मिलने वाली सुविधाओं के अलावा और भी अनेक विषयों पर जानकारी देते हैं और अपनी उत्साहवर्धक बातों से उनमें जीवन जीने का हौसला भरते हैं। इसके अलावा उनकी अन्य प्रमुख पहलों में TechWelkin.com और Gadyakosh.org शामिल हैं।

एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर और बायोइंफोर्मेटिशियनश्री कुमार ने संयुक्त राष्ट्र संघमेडिकल रिसर्च काउंसिल ऑफ यूके और नेशनल बुक ट्रस्टभारत जैसे प्रतिष्ठित संगठनों के साथ कार्य किया है।

वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये अपने लोगों से मिले राज्यपाल मुखी

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  दिल्ली-  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की डिजिटल इंडिया योजना पार्टी के नेताओं के बीच भी काफी लोकप्रियहो चुकी है। असम के राज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी डिजिटल तकनीक का बखूबी इस्तेमाल करके अपने लोगों से लगातार संपर्क में बने हुए हैं।शनिवार को अपने जन्मदिन के मौके पर प्रो. मुखी ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिये अपने परिवार और चाहने वालों के बीच अपनी मौजूदगी काअहसास करवाया।

                जनकपुरी स्थित निवास पर प्रोफेसर मुखी के परिवारिक सदस्यों और समर्थकों ने राज्यपाल की दीर्घायु के लिए हवन का आयोजनकिया था। इस मौके पर दिल्ली बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं, निगम पार्षदों, संघ के पदाधिकारियों और पश्चिमी जिला बीजेपी केकार्यकर्ताओं ने प्रो. जगदीश मुखी के घर पहुंच कर  वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। गुवाहाटी राजभवन से प्रोफेसरजगदीश मुखी और उनकी धर्मपत्नी एवं असम की प्रथम महिला श्रीमती प्रेम मुखी वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सबसे मुखातिब हुए।

                प्रोफेसर मुखी ने जन्मदिन की शुभकामनाओं के लिए सभी का आभार जताया और उपस्थित लोगों से राष्ट्र की उन्नति के लिएएकजुटता के साथ काम करने का आव्हान किया। वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से लोगों को संबोधित करते हुए राज्यपाल जगदीश मुखी नेकहा कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से हर समय खुद को दिल्ली और जनकपुरी के लोगों से जुड़ाव महसूस करते हैं। प्रो. मुखी ने बताया किअसम पूर्वोत्तर भारत का सबसे महत्वपूर्ण राज्य है। जहां सरकार निरंतर विकास के कामों को अंजाम दे रही है। उन्होंने कहा कि जीवन मेंईमानदारी के साथ काम करने वाले लोगों को समाज में अहम जगह मिलती है। लिहाजा राष्ट्र की सेवा के लिए हर व्यक्ति को ईमानदारी केसाथ काम करना चाहिए। इस अवसर पर उनके पुत्र अतुल मुखी (पश्चिमी जिला बीजेपी के उपाध्यक्ष) और पश्चिमी जिला अध्यक्ष रमेशखन्ना ने सभी लोगों को मिठाई खिलाकर खुशी जताई।

दिल्ली के मुख्यमंत्री क्लीनिकल इस्टैबलिस्टमेन्ट एक्ट 2010 तुरन्त लागू करें

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नई दिल्ली-

दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा दिल्ली में चल रहे अवैध जांच प्रयोगशालाओं पर किये गये एक टिप्पणी का हवाला देते हुये प्रदेश अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी ने केजरीवाल सरकार की कड़ी निंदा की है और कहा है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में उसकी अकर्मण्यता और लापरवाही के कारण ही जांच प्रयोगशालाओं के रजिस्ट्रीकरण और विनियमन के लिए कोई कानून नहीं है। जबकि सभी संघ राज्य क्षेत्रों ने केन्द्र द्वारा बनाये गये क्लीनिकल इस्टैबलिस्टमेन्ट एक्ट 2010 को कार्यान्वित किया है।

तिवारी ने कहा कि दिल्ली सरकार क्लीनिकल इस्टैबलिस्टमेन्ट एक्ट 2010 का समुचित कार्यान्वयन करने में असफल रही है और उपराज्यपाल से इन अवैध जांच प्रयोगशालाओं का संज्ञान लेने के लिए अनुरोध किया है जो दिल्ली में चल रही हैं।
तिवारी ने बताया कि क्लीनिकल इस्टैबलिस्टमेन्ट एक्ट 2010 का उद्देश्य पूरे देश में स्वास्थ्य सेवओं को एक सूत्र में बांधना है जिससे कि निजी क्षेत्र में अनैतिक रूप से चलाई जा रही प्रयोगशालाओं पर नियंत्रण रखा जा सके, जिसे दिल्ली सरकार ने लागू नहीं किया है और हजारों प्रयोगशालाओं में से केवल 130 प्रयोगशालायें ही एन.ए.बी.एल. द्वारा एक्रीडेटिड हैं।
उन्होंने आगे कहा कि यह अत्यंत दुखद है कि लोगों की बीमारियों की गतल जांच हो रही है और उन्हें ऐसे उपचार दिये जा रहे हैं जिनकी उन्हें आवश्यकता ही नहीं है। मोहल्ला क्लीनिकों की वीडियो ग्राफी के माध्यम से हाल ही में हुई जांच का हवाला देते हुये उन्होंने कहा कि मोहल्ला क्लीनिकों पर केजरीवाल ने करदाताओं के करोड़ों रूपये बहाये हैं जो अब असमाजिक तत्वों का केन्द्र बन गये हैं, इससे दिल्ली सरकार की नाकामी उजागर होती है तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश की राजधानी को शर्मसार होना पड़ रहा है।
तिवारी ने आगे कहा कि केजरीवाल ने विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत दिल्ली में लागू नहीं की है जो दिल्ली के लाखों परिवारों के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में वरदान साबित हो सकती है। उन्होंने केजरीवाल की नौटंकी की निंदा करते हुये कहा कि वह अपने राजनैतिक फायदे के लिए विधानसभा सत्र तो बुला सकते हैं किन्तु जनकल्याण से संबंधि मुद्दों पर नहीं बुलाते।

कोली सीफूड एंड मुगलय फुड्स फेस्टिवल का आयोजन 07 दिसंबर से

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नईदिल्ली-

कोशिवारा मुंबई में 07 दिसंबर से कोली सीफूड एंड मुगलय फुड्स फेस्टिवल की शुरुआत होगी। इस खास फेस्टिवल में फीस की कई भेरायटी उपलब्ध होगी। जिसमें खास तौर पर स्पाउंज, बादशाह, सुरमई, बॉम्बिल जैसे फीस की कई लजीज भेरायटी यहां उपलब्ध होगी।

कोली सीफूड एंड मुगलय फुड्स के चेयरमैन शौकत मरेडिया ने बताया कि फीस के बेहतर भेरायटी पसंद करने वाले के लिए खास ध्यान रखकर यह फेस्टिवल की शुरुआत की जा रही है। जहां तक रेट की बात है तो सारी सूचनाएं पोर्टल पर उपलब्ध होगा। मरेडिया ने बताया कि वे फुड्स के 15 सालों से बिजनेस में हैं। इसलिए उन्हें लोगों के टेस्ट को बेहतर तरीके से पता है। इस खास फेस्टिवल के लिए आम लोगों में उत्साह है। इस तरह के फेस्टिबल का आयोजन देश में कम ही देखने को मिलता है। खास तौर पर सीफूड को आज आम लोग काफी पसंद करने लगे हैं।

सुलह को तैयार तेजप्रताप

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राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र व बिहार के पूर्वस्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप पत्नी ऐश्वर्या से तलाक की अर्जी वापस ले सकते हैं। ब्रज में उनके सहयोगी और पूर्व जेल विजिटर लक्ष्मण प्रसाद शर्मा की मानें तो तेजप्रताप वचन देकर गए हैं कि वह अपने सारे विवाद सुलझा लेंगे। इसके लिए वह सबसे पहले तलाक की अर्जी वापस लेंगे।

गौरतलब है कि तलाक की अर्जी पर पटना में 30 नवंबर को सुनवाई होनी है। बकौल लक्ष्मण प्रसाद, तेजप्रताप ने उनसे कहा कि वह राजनीति में फिर से सक्रिय होंगे। इस बीच, तेजप्रताप ब्रज से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। वहां से पटना के लिए उड़ान भरेंगे।

तेज प्रताप के छोटे भाई तेजस्वी यादव पहले ही कह चुके हैं कि दोनों बालिग हैं और अपने मसले वे दोनों सुलझाने में सक्षम हैं। ऐसा माना जा रहा है कि जिस प्रकार से राजनीति कद लगातार तेजस्वी का बढ़ रहा है और बिहार में राजद का कद भी बढ़ा है। अगर तेजप्रताप मामले को सुलझा नहीं पाते हैं तो निश्चिततौर पर राजद को लोकसभा चुनाव में भारी घाटा हो सकता है। इसको ध्यान में रखते हुए राजद सुप्रीमो लालू यादव ने बड़ी ही चतुराई से अपने बड़े पुत्र को संदेश के मार्फत समझाने में सफल दिख रहे हैं।

गौरतलब है कि नीतीश मंत्रिमंडल में जहां छोटे भाई तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री थे वहीं बड़े भाई तेजप्रताप स्वास्थ्य मंत्री के रूप में अपना योगदान दिया है। अभी तेजप्रताप की छह महीने पहले ही शादी पूर्व मुख्यमंत्री दारोगा प्रसाद राय के पोती ऐश्वर्या से हुई थी।

योगेंद्र यादव की नई किताब “मोदीराज में किसान: डबल आमद या डबल आफत?”

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नई दिल्ली: स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष और जय किसान आंदोलन के संस्थापक योगेंद्र यादव द्वारा लिखी किताब मोदी राज में किसान का लोकार्पण सम्पन्न हुआ। इस मौके पर मोदी सरकार के कृषि नीतियों का मूल्यांकन करते हुए योगेंद्र यादव ने कहा कि मोदी सरकार आजादी के बाद देश की सबसे किसान विरोधी सरकार है। देश में आज तक किसान हितैषी सरकार का राज तो कभी नहीं आया, लेकिन मोदी सरकार का किसान विरोध पिछली सब सरकारों को मात करता है। यह देश की पहली सरकार है जो मानसिक, व्यवहारिक और भावनात्मक तीनों स्तरों पर किसान विरोधी साबित हुई है। इसकी सोच किसान विरोधी है, इसकी नीतियां किसान विरोधी हैं और इसकी नियत किसान विरोधी है।
प्रमाणिक तथ्यों और आंकड़ों के साथ यह पुस्तक मोदी सरकार के किसान संबंधी चुनावी वादों, सरकारी दावों और डबल आय के नारे का सच उजागर करती है।
• लागत का डेढ़ गुना दाम देने के चुनावी दावे से सरकार पहले तो मुकरी, फिर लागत की परिभाषा बदल कर किसानों के साथ धोखा किया।
• दावा न्यूनतम समर्थन मूल्य में ऐतिहासिक वृद्धि का था, लेकिन वास्तव में यह 2008 की वृद्धि से भी कम था।
• जो न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया वह भी किसान को कभी नहीं मिला। “पीएम आशा” योजना फ्लॉप हो गई है।
• कृषि में दोगुना खर्च करने का दावा सफेद झूठ है। पिछली सरकार की तरह मोदी सरकार ने भी बजट का सिर्फ 2% कृषि पर खर्च किया
• फसल बीमा योजना से सरकारी खर्च 450% बढ़ा लेकिन लाभान्वित होने वाले किसान 10% भी नहीं बढ़े। योजना लागू होने पर किसानों को बीमा का क्लेम 21,608 करोड़ से घटकर 15,502 करोड हो गया।
• किसानों की आय डबल करने का नारा महज एक जुमला है क्योंकि इसके लिए अब तक ना तो कोई योजना है ना बजट ना ही प्रगति की कोई समीक्षा पिछले चार साल में किसान की आय सिर्फ 2.2% की सालाना दर से बढ़ी है, जबकि डबल करने के लिए 10.4% की जरूरत थी।
किसान का भला करना तो दूर की बात है इस सरकार ने किसानों की आपदा में भी उनकी मदद नहीं की, बल्कि अपनी नीतियों से किसानों को नुकसान पहुंचाया।
• लगातार दो साल राष्ट्रव्यापी सूखे में मोदी सरकार ने बेरुखी दिखाई, राहत देने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश की भी अवहेलना की।
• बाजार भाव गिरने पर सरकार ने किसान की मदद करने की बजाय विदेश से आयात कर से उसे नुकसान पहुंचाया
• सूखे और मंदी से उभरते किसान पर नोट बंदी का तुगलकी फैसला कर सरकार ने किसान की कमर ही तोड़ दी।
• कृषि निर्यात पहले से कम हो गया, निर्यात आयात का सरप्लस 159 हजार करोड़ रु से घटकर 82 हजार करोड़ रु हो गया।
• पिछले साल भर में डीजल, खाद, कीटनाशक और बीज के दाम में 20% से 30% तक बढ़ोतरी हुई है।
• गौ हत्या रोकने के नाम पर देशभर में पशु व्यापार ठप पड़ गया है, पशुओं के दाम गिर रहे हैं और किसान आवारा पशुओं की समस्या से त्रस्त है।
• मोदी सरकार ने भूमि अधिग्रहण कानून को खत्म करने की बार-बार कोशिश की और वनाधिकार कानून मैं आदिवासी किसानों के अधिकारों को भी कमजोर किया।
अगर पिछली सरकारों ने भले चंगे किसान को मरीज बनाकर अस्पताल में डाल दिया, तो मोदी सरकार ने किसान को आईसीयू तक पहुंचा दिया है।
पुस्तक विमोचन के अवसर पर बतौर वक्ता व पैनलिस्ट प्रोफेसर अशोक गुलाटी ने भारतीय कृषि व किसानों की समस्या व समाधान के कई सुझाव दिए। पैनलिस्ट हरवीर सिंह ने कहा कि किसानों की समस्या कृषि भवन, उद्योग भवन,आपदा विभाग व खाद्य आपूर्ति मंत्रालय के चक्करों में पीस रहा है। पैनलिस्ट अजयवीर जाखड़ ने जोड़ देकर कहा कि देश मे सातवां वेतन आयोग भी किसानों के ख़िलाफ़ है। सरकार कुछ करोड़ लोगों की वेतन में बढ़ोतरी कर रही है जबकि मेरा मानना है कि उनके वेतन में कटौती कर उस पैसे से और फील्ड जॉब सृजित की जानी चाहिए। AIKSCC के संयोजक वीएम सिंह ने इस किताब को “पुस्तक” नही “दस्तक” की संज्ञा दिया। AIKSCC से  किरण बिस्सा भी पुस्तक विमोचन के मौके पर मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन जय किसान आंदोलन के संयोजक अविक साहा ने किया। इस अवसर पर पुस्तक के संपादक एसपी सिंह भी मौजूद थे।

एनजीटी ने लगाया 1-1 करोड़ का जुर्माना

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राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली के  मुख्य सचिव  पर एक-एक करोड़ का जुर्माना लगा दिया है। ये जुर्माना सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकले पानी को ट्रीट ना करने और राजधानी में उसका सही इस्तेमाल न करने पर लगाया गया है। एनजीटी ने जुर्माने की रकम को 1 महीने के अंदर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में जमा कराने के आदेश दिए हैं।

दरअसल, एनजीटी ने चीफ सेक्रेटरी को एसटीपी से निकले पानी को ट्रीट करने के बाद उसके इस्तेमाल को लेकर पूरा एक्शन प्लान बनाकर कोर्ट को देने के निर्देश दिए थे। चीफ सेक्रेट्री ने इस पर कोई एक्शन प्लान नहीं बनाया। इधर, जल बोर्ड ने एनजीटी में यह हलफनामा दे दिया कि एसटीपी से ट्रीट होकर निकले पानी का अभी भी पूरा इस्तेमाल दिल्ली में नहीं हो पा रहा है।

गौरतलब है कि दिल्ली में 20 जगहों पर तकरीबन 34 एसटीपी लगे हुए हैं, जिनकी क्षमता 607 एमजीडी पानी को ट्रीट करने की है, लेकिन फिलहाल 460 एमजीडी पानी ट्रीट किया जा रहा है।एसटीपी द्वारा जो पानी ट्रीट किया जा रहा है उसमें से एक बड़ा हिस्सा इस्तेमाल ना होने के चलते यूं ही बह कर बर्बाद हो जाता है। एनजीटी का सुझाव था कि जल बोर्ड पाइपलाइन बिछाकर इस पानी को स्टोर करे और जिस एजेंसी को जहां इसकी जरूरत हो वहां इसे उपलब्ध कराए। हॉर्टिकल्चर विभाग को खासतौर से इस पानी के इस्तेमाल को लेकर निर्देश दिए गए थे।
दिल्ली में पार्क और ग्रीन बेल्ट को इस पानी को दिए जाने का प्लान है ताकि पार्क और ग्रीन बेल्ट सिंचाई के लिए भूमिगत जल को निकाले ही नहीं। इससे ग्राउंड वॉटर की बड़ी मात्रा संरक्षित की जा सकती थी। मंगलवार की सुनवाई के बाद जब कोर्ट को यह जानकारी मिली की एसटीपी से निकलने वाले पानी को गटर में यूं ही बहा दिया जाता है तो एनजीटी नाराज हो गया।

विदित हो कि दिल्ली में यूं ही पानी की किल्लत बनी रहती है। अदालत ने जल बोर्ड और चीफ सेक्रेटरी के लापरवाह रवैये से नाराज होकर एक-एक करोड़ का जुर्माना लगाया। बता दें कि एनजीटी जल संरक्षण को लेकर जल बोर्ड को पहले भी कई निर्देश जारी कर चुका है जिनका पालन अभी तक नहीं किया गया। अब ऐसे में एनजीटी ने जुर्माना तो लगाया ही है साथ ही दिल्ली सरकार, जल बोर्ड, दिल्ली की सभी एमसीडी और डीडीए को भी 4 जनवरी को होने वाली अगली सुनवाई से पहले एक्शन प्लान देने को कहा है। एनजीटी ने साफ कर दिया है कि किसी भी हाल में एक बूंद पानी की भी बर्बादी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने सफाईकर्मियों की मदद के लिए उठाया यह बड़ा कदम

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सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की दरियादिली की एक और मिसाल सामने आ रही है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के 1,398 किसानों का कर्ज चुकाने की घोषणा के बाद अब उन्होंने मेनहोल और सीवरों की सफाई हाथों से करने वाले सफाईकर्मियों की मदद के लिए बड़ा कदम उठाया है। ‘बिग बी’ ने अपने वादे को पूरा करते हुए उनके लिए मशीनों का इंतजाम किया है।

अमिताभ ने  ट्वीट कर कहा, ‘हाथों से सफाई करने वाले कर्मियों की अमानवीय स्थिति को देखते हुए मैंने उनके लिए 50 मशीनें खरीदने का वादा किया था। आज मैंने उस वादे को पूरा कर दिया है! सफाईकर्मियों को 25 छोटी अलग-अलग मशीनें और बीएमसी को एक बड़ी ट्रक मशीन उपहार में दी है।’

दरअसल, इसी साल 24 नवंबर को एक पत्र लिखकर अमिताभ ने मैनुअल स्केवेंजर्स एसोसिएशन (एमएसए) और मुंबई नगर निगम (बीएमसी) से कहा था कि वह मेनहोल और सीवर नालों में सफाई के लिए उनमें उतरने वाले सफाईकर्मियों के लिए कुछ करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, ‘मेरा योगदान सफाईकर्मियों को इस अमानवीय कार्य को करने से रोकने और उन्हें समाज में सम्मान और गरिमा दिलाने के लिए है।’ अमिताभ ने सफाईकर्मियों के लिए मशीनें खरीदने के लिए 50 लाख रुपये देने का वादा किया था।

अमिताभ ने  कहा, ‘मैं बीएमसी को एक बड़ी मशीन और सफाईकर्मियों को छोटी मशीनें दान कर रहा हूं।’ उन्होंने बीएमसी और एमएसए से मशीनों के सही प्रयोग की निरंतर रिपोर्ट देने का भी आग्रह किया है। अभिनेता किसानों की मदद के लिए भी सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

 

अयोध्या पहुंचे उद्धव ठाकरे,‘हर हिंदू की यही पुकार, पहले मंदिर फिर सरकार’

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अयोध्या में माहौल थोड़ा गर्माता जा रहा है। ‘हर हिंदू की यही पुकार, पहले मंदिर फिर सरकार’ जैसे नारे लगाते हुए मुंबई से अयोध्या के लिए कूच करने वाले हज़ारों शिवसैनिक पहले ही अयोध्या पहुंच चुके हैं। अब शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे भी अपने कार्यक्रम ‘आशीर्वाद उत्सव’ को अंजाम तक पहुंचाने अयोध्या पहुंच गए हैं। शाम को वह सरयू तट पर आरती भी करेंगे। अयोध्या में इकट्ठा हुए सभी शिवसैनिकों की जुबान पर सिर्फ एक ही नारा है ‘अबकी बार राम मंदिर का निर्माण होकर रहेगा’।

अयोध्या में ‘विश्व हिंदू परिषद’ के कार्यक्रम ‘धर्म संसद’ को लेकर भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। अयोध्या पहुंचने के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे साधु-संतों के साथ मुलाकात करने वाले हैं। अयोध्या में बढ़ते हलचल को देखते हुए सुरक्षा काफी बढ़ा दी गई है और 70 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को वहां तैनात किया गया है। जय श्रीराम के नारों की गूंज लगातार तेज होती जा रही है।

अयोध्या के व्यापारियों ने विश्व हिंदू परिषद की धर्मसभा का विरोध करने का फैसला किया है। व्यापारियों को 1992 जैसी घटना दोहराए जाने का डर है। इसलिए व्यापारियों ने विहिप के रोड शो के बहिष्कार का फैसला किया है। उनकी संस्था संयुक्त व्यापार मंडल, फैजाबाद ने गुरुवार को कहा कि वह रविवार को विहिप की होने वाली धर्मसभा का विरोध करेगी और मुंबई से यहां आ रहे शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को काला झंडा दिखाएगी।

अयोध्या और फैजाबाद में धारा 144 लागू कर दी गई है, लेकिन गुरुवार को विहिप के रोड शो को रोका नहीं जा सका। इस रोड शो का नेतृत्व बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने किया। वे ‘रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’ का नारा लगा रहे थे। विहिप लीडर भोलेंद्र सिंह ने कहा, ‘हम राम जन्मभूमि की लड़ाई लड़ने जा रहे हैं।’ विहिप का रोड शो फैजाबाद के मुस्लिम बहुल इलाकों से भी होकर गुजरा। हालांकि, इस दौरान वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।