शुरुआती कारोबार में सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी देखी गई। इसकी प्रमुख वजह शुक्रवार को जारी जीडीपी के आंकड़ों का बेहतर रहना, प्रौद्योगिकी और पूंजीगत सामान की कंपनियों के शेयरों में लिवाली का दौर चलना रही। बंबई शेयर बाजार का 30 कंपनियों के शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 289.28 अंक यानी 0.74% की तेजी के साथ 38,934.35 अंक पर खुला।
पिछले तीन सत्र के कारोबार में इसमें 251.56 अंक की गिरावट दर्ज की गई थी। इसी प्रकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 71.30 अंक यानी 0.61% की बढ़त के साथ 11,751.80 अंक पर पहुंच गया। ब्रोकरों के अनुसार शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद पहली तिमाही के जीडीपी आंकड़े जारी हुए जिसका लाभ शेयर बाजार में शुरूआती कारोबार में मिला है। इसके अलावा रुपये में सुधार का समर्थन भी घरेलू बाजार को मिला है। उल्लेखनीय है कि चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में देश की जीडीपी वृद्धि दर 8.2% रही है।
इंटीग्रेटेड चैबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के नेशनल सेक्रेटरी डॉ अजय कुमार ने जन्माष्टमी पर्व पर देशवासियों को बधाई दी है। इन्होंने कहा कि यह पर्व में सदाचार के मार्ग पर चलने को प्रेरित करता है एवं कर्म के महत्ता को बताता है। अजय कुमार ने कहा कि श्रीकृष्ण सदा धर्म का साथ दिया एवं यह बार बार याद दिलाया कि सही रास्ते का चुनाव कर ही हम सफल हो सकते हैं। जिसका जीवन में महत्व है। आईसीसीआई के नेशनल सेक्रेटरी ने कहा कि आज के समय में श्री कृष्ण के दिए गए उपदेश ज्यादा प्रासंगिक हो गए हैं जिससे पूरे विश्व में शांति का संदेश को फैलाया जा सके। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण के जन्मदिन के रूप में हमलोग मनाते हैं। यह पर्व हमें एक साथ कई संदेश दे जाता है। विश्व में मंगल कामना का संदेश भी इस पर्व से जाता है। पूरे विश्व में श्रीकृष्ण के अनुयायी हैं। जो शांति का संदेश फैला रहे हैं।
नई दिल्ली। जैसे जैसे चुनाव के दिन नजदीक आ रहे हैं, दर्जनों भाजपा सांसदों की सांसें तेज चल रही हैं। उन्हें यह डर सता रहा है कि कहीं उनका टिकट कट नहीं जाए। पार्टी के अंदर और बाहर कई तरह की चर्चाओं का दौर चल रहा है। ताजा मामला एक सर्वे को लेकर है, जो सितंबर के पहले सप्ताह से शुरू हो जाएगा।
असल में, भाजपा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अपने मौजूदा सांसदों की उनके लोकसभा क्षेत्रों में लोकप्रियता जानने के लिए सर्वेक्षण कराएगी। भाजपा ने 2014 के आम चुनाव में सभी सात सीटों पर जीत दर्ज की थी और 2019 में इस जीत को दोहराने के लिए भाजपा चुनौतियों का सामना कर रही है। दिल्ली में भाजपा के एक शीर्ष नेता के अनुसार सितंबर के पहले पखवाड़े में चुनाव पूर्व सर्वेक्षण एक कंसल्टेंसी कंपनी के द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया, इस सर्वेक्षण से न केवल इन सात सीटों के सांसदों की स्वीकार्यता का पता चलेगा बल्कि इससे उनके द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए काम के साथ ही पिछले साढ़े चार साल में भाजपा सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन और कार्यक्रमों के प्रभाव का भी पता चलेगा।’
इस सर्वेक्षण में भाजपा सासंदों द्वारा किए गए कामों और लोगों तक उनकी पहुंच के संबंध में सवाल रहेंगे। उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण से मिले आंकड़ों को पार्टी की राष्ट्रीय इकाई और दिल्ली इकाई के साथ साझा किया जाएगा। भाजपा को दिल्ली में मुख्य तौर पर कांग्रेस और आप से चुनौती मिलेगी और इन पार्टियों के आंतरिक सर्वेक्षण में दावा किया गया है कि वे सात में से ज्यादातर सीटों पर जीत रहे हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में दिल्ली में एक भी सीट नहीं जीत पाने वाली आम आदमी पार्टी ने पांच संसदीय क्षेत्रों के लिए प्रभारियों के नामों की घोषणा कर दी है जिन्होंने चुनाव पूर्व तैयारियां शुरू कर दी हैं।
इस बात की चर्चा तो चारों और है की 2019 का चुनाव बीजपी वर्सेस ऑल होने वाला है जिसकी झलक कुछ महीनों पहले कर्नाटक में कर्नीटक के मुख्यमंत्री एच. डी कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में मिली जहां सभी विपक्षी पार्ट के मुखिया या उनके सद्स्य ने एक होने का संदेश दिया. लेकिन राजनीति के गिलियारो में इस बात की भी चर्चा है और इस बात को राजनीति के जानकार से लेकर देश की सत्ता पर काबिज भाजपा भी इस बात को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधती हुई नजर आती है की आखिर इन पार्टियो में प्रधानमंत्री का उम्मीदवार किस पार्टी से और कौन होगा.
साथ ही इस सवाल का जवाब देश की जनता भी जानना चाहती है क्योकि इस बात की जानकारी सभी को है 2019 में भाजपा के विजयी रथ को रोकने के लिए ये सभी पार्टिया साथ आ रही है लेकिन महागठबंधन के नेतागण इस इस बात को मानने से भी हिचकते रहे है और इस बात का हवाला देते रहे है कि लोकतंत्र को बचाने के लिए हम साथ आ रहे है. लेकिन इसी बीच एनसीपी प्रमुख ( राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ) के प्रमुख शरद पवार ने 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में विपक्ष के प्रधानमंत्री के उम्मीदवार को लेकर इसका उपाय बताया है जिसकी चर्चा मीडिया से लेकर राजनीति के गलियारों में हो रही है. शरद पवार ने 2019 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष के प्रधानमंत्री को लेकर इस बात को कहा की 2019 के लोकसभा चुनाव में सबसे अधिक सीट जीतने वाली पार्टी का नेता प्रधानमंत्री बन सकता है.
एनसीपी शरद पवार ने इसके अलावा पार्टी के कार्यकरताओँ की बैठक में इस बात को भी कहा की इन लोग ( बीजेपी) को सत्ता से बाहर होने दिजिए. इसके बाद हम लोग एकसाथ बैठेगे. इसके अलावा शरद पवार ने इस बात को कहा की सबसे ज्याद सींट जीतने वाली पार्टी प्रधानमंत्री के पद का दावा कर सकती है. साथ ही राकपा प्रमुख ने इस बात को भी कहा की साल 2004 में भी यूपीए ने एनडीए को सत्ता से बेदखल किया था. इसके अलावा उन्होनं इस बात को भी बताया की वें देश के हर राज्य में जाकर उन दलों को उनके साथ जोड़ने की कोशिस करेंगे जो अभी भाजपा के साथ नहीं है. इसके अलावा शरद पवार ने विपक्ष को मजबूत करने की बात पर भी जोर दिया.
उन्होने इसके अलावा विभिन्न राज्यों में स्थिति अलग होने की बात कही और हर राज्य से मजबूत लोगों को सात लेन की बात को कार्यक्रम में रखा. इसके साथ ही उनसे जब सवाल किया गया की क्या आप अपने आपको भारत के अगले प्रघानमंत्री के तौर पर देखते है ? तो उन्होंने इस सवाल का जवाब देते हुए इस कहा की वें इसका सपना नहीं देखते है और फिलहाल वे इस बारे में नहीं सोच रहे है. साथ शरद पवार ने खुद को वैचारिक लड़ाई लड़ने वाला बताया . साथ ही उन्होंन अपने आप में इस बदलाव आने की बात को लेकर कहा की उनमें यह बदलाव 2014 के बाद से आया है.
साथ ही उन्होने बताया की देश मे जिस तरह की घटनाएं हो रही है उससे भारतीयता को खतरा है. उन्होंने इसके साथ इस बात को भी कहा की उन्हें इससे देश की हिफाजत करनी है. खैर जो भी हो राकपा के प्रमुख ने विपक्ष का प्रधानमंत्री उम्मीदवार को लेकर अपना उपया तो बताया है लेकिन इस उपाय से क्या अन्य विपक्षी पार्टियां सहमत हो पाएंगी और क्या इससे कांग्रेस पार्टी को फायदा हो सकता है. इन सवालों का उत्तर अभी समय के गर्भ में है. वहीं महागठबंधन में प्रधानमंत्री के उम्मीदवार को चुनना अभी भी टेढ़ी खीर के जैसा ही है.
कई बार हमारे पास इस प्रकार की घटनाओं की जानकारी सामने आती है जो हमे सोचने पर मजबूर कर देती है. इसके अलावा कई बार दुनिया भर से अजीब चोरों की भी जानकारी अक्सर लोगो को सोचने और हसाती भी है. ऐसी ही एक चोरी का मामला दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका के केलिफार्नियां से सामने आई है जहां एक 69 साल का वृद्ध वयक्ति 362 किलोग्राम नींबू चुराकर भाग रहा था. इस घटना को लेकर इस बात की जानकारी सामने आ रही है की इस 69 के वृद्ध को पुलिस ने कार सहित और चुराए गये नींबू के साथ रंगे हाथो पकड़ा है.
इसके अलावा इस चोरी की घटना के बारे में इस बात को भी बताया जा रहा है कि इस जितने भी नींबू को इस शख्स ने चुराया था वे बिल्कुल ताजे थे जो कि हैरानी की बात है. बात अगर इस घटना की विस्तार से करे तो यह घटना बीते 24 अगस्त यानि शुक्रवार की है. इस घटना को लेकर इस बात को बताया जा रहा है कि जब पुलिस ने फियर्रोस नाम के एक वयक्ति को रेड लाइट पर चेकिंग के लिए रोका तो उसकी गाड़ी में चुराए गए नींबूओं की ढेर मिला जिसने पुलिसकर्मियों को चोका दिया.
वहीं आपको इस बात की भी जानकारी दे की पुलिस फिलहाल इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इस वृद्ध शखस ने ये नींबू चुराए क्यों और वह इतने सारे नींबूओं का क्या करना चाहता था. आपको बता दे की अमेरिका के कैलिफोर्निया के जिस इलाके से एक वृद्द द्वारा नींबू चोरी की जानकारी सामने आई है उस इलाके के बारे में जानकारी मिल रही है की इस इलाके से लगतार फल और सब्जियों के चोरी होनी के मामले लगतार सामने आ रहे थे और पुलिस भी इन शिकायतों को लेकर चोकन्ना थी.
वहीं बात अगर इस मामले में पकड़े गए 69 साल के वृद्द शखस की करे तो उसे चोरी के आरोपी में फिलहाल जेल भेज दिया गया है और पुलिस आगे की कार्यवाई में लग गई है. चोरी के इस प्रकार की घटनाएं लोगों को खूब हसांती भी है.
मिस्टर परफेक्शनिस्ट के नाम से जाने- जाने वाल बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान और सदी के महानायक अमिताभ बच्चन आने वाल मूवी “ठग्स ऑफ हिंदोस्तान” जिसकी चर्चा कई दिनों से चारो है. इस फिल्म का लोग बेसब्री से इंताजार कर रहे है और साथ ही इस फिल्म को लेकर समय- समय पर नई जानकारियां भी सामने आती रही है. वहीं आपको इस बात की भी जानकारी दे दे की इस फिल्म ठग्स ऑफ हिंदोस्तान के बारे में बताया जा रहै है कि ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कमाल दिखा सकती है क्योकि फिल्म में अमिताभ बच्च्न, आमिर खान सहित अन्य कई बॉलीवुड स्टार फिल्म में नजर आएंगे जो इस फिल्म को दमदार बना रहे है.
अब वहीं इस फिल्म को लेकर इस बात की जानकारी मीडिया रिपोर्टस से सामने आ रही है की इस फिल्म की इडिटिंग का काम फिलहला चल रहा है. लेकिन फिल्म की इडिटिंग का काम भी कुछ अलग अंदाज में किया जा रहा है जिसके बारे में बताया जा रहा है कि इससे पहले इस तरह किस भी फिल्म की इडिटिंग काम इस प्रकार नहीं किया गया है. फिल्म ठग्स ऑफ हिंदोस्तान की इडिटिंग को लेकर इस प्रकार की जानकारी सामने आ रही है कि इस फिल्म की इडिटिंग के लिए किसी बड़े मॉनिटर या बड़े कम्पयूटर का नहीं बल्कि इस फिल्म को एक प्रीव्य थियेटर में एडिट किया जा रहा है जो की इसेसे पहले कभी भी किसी भी फिल्म की इडिटिंग में नही हुआ है.
इस फिल्म के थियेटर में एडिट किए जान को लेकर इस बात की जानकारी मिल रही है कि फिल्म के प्रोडक्शन हाइउस यानि यशराज फिल्मस ने फिल्म के एडिटिंग के काम के लिए अपना प्रीव्यू थियेटर खोल दिया है. इसके साथ ही बड़े स्क्रीन यानि प्रीव्यू थियेटर में फिल्म को एडिट किए जाने को लेकर इस बात की जानकारी सामने आ रही है कि इससे एक- एक भाग को बड़े ही ध्यान से एडिट किया जा रहा है जिससे फिल्म लाजवाज बने. इसके साथ ही इस बात की भी जानकारी सामने आ रही है कि इस तरह फिल्म को एडिट करने के पिछे फिल्म के प्रत्येक भाग को आसानी से देख कर ढालने के लिए बनाई गई है.
वहीं बात अगर फिल्म के रिलीज डेट की करे तो फिल्म ” ठग्स ऑफ हिंदोस्तान ” 7 नवंबर को रिलीज होने जा रही है. साथ ही इस फिल्म के बारें में आपको इस बात की भी जानकारी दे दे की फिल्म में अमिताभा बच्चन और आमिर खान सहित केट्रीने कैफ सहित फातिमा सना शेख लीड रोल में नजर आएंगे. वहीं आपको इस बात से भी अवगत करा दे की फिल्म ठग्स ऑफ हिंदोस्तान को यशराज फिल्मस की ये अबतक की सबसे बड़ी फिल्म है. अब ये फिल्म आगे आने वाले दिनों में कितना कमाल दिखा पाती है यो तो आने वाला समया ही बता पाएगा.
भारतीय जनता पार्टी अगले साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए पहेल से ही कमर कसी हुई है लेकिन भाजपा द्वारा अब इस मुहिम को और तेज कर दिया गया है. बीजेपी ने 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर अब बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा शुरू कर दी है. इसी को देखते हुए दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं सहित भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक आज हो रही हैं.
खबर के मुताबिक इस बैठक में 2019 लोकसभा चुनाव के साथ – साथ इसी साल मध्यप्रदेश , छत्तीसगढ़ और राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति पर चर्ची किए जाने की खबर है. आपको इस बात की भी जानकारी दे दे की इस बैठक में 15 राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री हिस्सा ले रहे है. वहीं आपको इस बात की जानकारी दे दे की पंडित दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित बीजेपी मुख्यालय में होने जा रही इस मीटिंद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर में बैठक में भाग लेंगे. वहीं भाजपा मुख्यालय पर होने जा रही भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की और उपमुख्यमंत्रियों की बैठक में 2019 के आम चुनाव पर चर्चा की जाएगी और इससे पहले की बैठक में जो मुख्यमंत्रियों की काम सौपा गया था इस बात की भी जांच की जाएगी.
वहीं आपको इस जानकारी से भी अवगत करा दै भाजपा मुख्यालय पर यह आज पूरे दिन चलेगी. इसके साथ ही इस बैठक का मुख्य मकसद आगे आने वाले 2019 के आम चुनाव और इसके साथ ही इसके साथ ही एमपी. राजस्थान और छत्तीसढ़ में इसी साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव पर चर्चा होगी क्योकि इस बात को भी जानने की जरूरत हे की ये तीनो राज्यों में भाजपा की सरकार है.
इसके साथ ही आज हो रही इस बैठक में राफेल डील समेत माईनारिटी से जुड़े मुद्दे पर चर्ची होगी. साथ ही इस बात को लेकर चर्चा की जाएगी की सरकार की लाभाकारी योजनाओं तक लोगों को किस तरह पहुंचाया जाए. खैर अब आज होने जा रही भाजपा मुख्यालय में होने जा रही मुख्यमंत्रियों की बैठक से बीजपे को एमपी, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में इस साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव में कितना फायदा होता है ये तो आने वाले समय में ही पता चल पाएगा.
भोपाल। विधानसभा चुनावी साल में भारतीय जनता पार्टी जिलों में ऐसे नेताओं को संगठन की जिम्मेदारी से मुक्त करने जा रही है, जो निकट भविष्य में चुनाव मैदान में कूदने के इच्छुक हैं। अभी तक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह 10 जिलाध्यक्षों की संगठन की जिम्मेदारी से मुक्त कर चुके हैं, चुनाव लड़ने के इच्छुक ऐसे दर्जन से ज्यादा नेताओं ने भी संगठन की जिम्मेदारी से मुक्त होने की इच्छा जताई है, लेकिन यदि सर्वे रिपोर्ट उनके पक्ष में आई तो निकट भविष्य में कुछ जिलाध्यक्षों को भी मुक्त किया जा सकता है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने एक बार फिर जिलाध्यक्षों को विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं देने के संकेत दे दिए हैं। इसके बाद से ऐसे जिलाध्यक्षों में हलचल शुरू हो गई है, जो किसी भी हालत में अगला विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। संगठन सूत्र बताते हैं कि ये नेता पार्टी के नेताओं के सामने भी अपनी बात रख चुके हैं कि उन्हें विधानसभा चुनाव में टिकट दिया जाना चाहिए, चुनाव लड़ने के इच्छूक ये नेता अपने आकाओं के माध्यम से टिकट के लिए लॉबिंग भी कर रहे हैं। हालांकि पार्टी ने ऐसे नेताओं पर अभी विचार नहीं किया है।
इसके लिए ऐसे नेताआें को यह कहकर संतुष्ठ किया जा रहा है कि यदि वे जीत के प्रवल दावेदार होंगे तो पार्टी उन्हें जिलाध्यक्ष रहते हुए भी चुनाव मैदान में उतारेगी। लेकिन राकेश सिंह के बयान के बाद आधा दर्जन से ज्यादा जिलाध्यक्ष प्रदेश कार्यालय में नेताओं के यहां हाजिरी देते नजर आए। ऐसे में चुनाव लड़ने के इच्छुक कुछ जिलाध्यक्षों को जल्द ही संगठन की जिम्मेदारी से मुक्त किया जा सकता है।
इन जिलों के अध्यक्षों की हो चुकी है छुट्टी,भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने अपने 4 महीने के कार्यकाल में 10 जिलाध्यक्षों को बदल दिया है। जिन जिलों के जिलाध्यक्ष बदले गए हैं उनमें देवास, खरगोन, जबलपुर ग्रामीण, सीधी, नरसिंहपुर, बैतूल, विदिशा, राजगढ़, इंदौर शहर, उज्जैन सिटी के पदाधिकारी शामिल हैं। बताया गया कि हटाए गए जिलाध्यक्ष अब टिकट के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। हालांकि प्रदेश नेतृत्व का तर्क है कि जिलाध्यक्षों को हटाए जाने का टिकट से कोई सरोकार नहीं है। चुनावी साल में काम-काज के आधार पर जिलाध्यक्षों को बदला गया है। उन्हें जिलों से हटाकर प्रदेश में पदाधिकारी बनाया गया है।
बीग बॉस सीजन 12 जल्द ही शुरू होने वाला है. वहीं बात अगर बीग बॉस सीजन 12 की करे तो इस बार का बीग बॉस सीजन 12 को काफी रोचक अंदाज में पेश किए जाने की खबर मीडिया रिपोर्टस में आ रही है और साथ ही इस बार शो का थीम काफी अलग होने की बात मीडिया रिपोर्टस के अनुसार आ रही है.लेकिन इसी बीच बीग बॉस सीजन 12 को लेकर एक और जानकारी सामने आ रही है कि अब शो के थीम में कुछ बदलाव किए जा रहे है. बात अगर इससे पहले की करे तो बीग बॉस सीजन 12 को लेकर खबर सामने आई थी की बीग बॉस सीजन 12 में सेलेब्रिटी जोड़े भी शो में दिखाई देंगे लेकिन अब अगर मीडिया रिपोर्टस की माने तो के शो थीम में तबदीली की गई है.
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक शो में एक बड़ा बदलाव होने की बात कही जा रही है. अब बीग बॉस सीजन 12 में बदलाव को लेकर जानकारी सामने आ रही है कि अब बीग बॉस सीजन 12 के शो में सिलेब्रिटिज जोड़िया नहीं होंगी. इसका कारण ये बताया जा रहा है कि शो के लिए बड़ी सिलेब्रिटिज की जोड़िया नहीं मिलने के कारण इस प्रकार का कदम उठाया जा रहा है. ताजा मीडिया रिपोर्टस के अनुसार अब बीग बॉस सीजन 12 में 6 सिंगल सेलेब्स होंगे और वहीं 5 कामनर्स जोड़िया और 5 कामनर्स होंगे.
इसके बाद सिंगल कामनर्स को सिलेब्रटिज के साथ लाकर जोड़ियो में तबदील कर शो को आगे बढ़ाया जाएगा. वहीं इसके अलावा इस बात की भी जानकारी बीग बॉस सीजन 12 को लेकर सामने आ रही है कि इस बार शो के सभी कंटेस्टेंट को एक ही साथ बीग बॉस के घर में नहीं प्रवेश कराया जाएगा. पहले उन्हें सीक्रेट हाउस में रखे जाने की खबर आ रही है और बाद में उन्हें बीग बॉस के घर के अंदर प्रवेश कराया जाएगा.
इस बार बीग बॉस सीजन 12 को शो मेकर्स द्वारा अलग बताया जा रहा है और खास बात यह हे की इस बार शो को पहले की तुलना में पहले ऑन एयर किया जाएगा. colors पर आने वाला शो बीग बॉस को लोग खूब पसंद करते है और इस शो की लोकप्रियता भी काफी ज्यादा है.
न्यू देहली इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के चेयरमैन वीएम बंसल ने रक्षा बंधन का पर्व भाई-बहन के स्नेह की अटूट डोर का प्रतीक है। बहन द्वारा भाई को राखी बांधने से उसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। दोनों के मध्य विश्वास और प्रेम का जो रिश्ता बनता है, वह अटूट है।
उन्होंने कहा है कि रक्षा बंधन पर्व का सबसे खूबसरूत पहलू यही है कि यह पर्व धर्म और जाति के बंधनों को नहीं मानता। अपने इसी गुण के कारण आज इस पर्व की सराहना पूरी दुनिया में की जाती है। जब भी कोई कार्य शुभ समय में किया जाता है, तो उसका अपना महत्व है।
बहन के रिश्ते से उस कार्य की शुभता में वृद्धि होती है। रक्षाबंधन का समय भी निर्धारण है। वीएम बंसल ने कहा कि गुरुदेव रवीद्र नाथ टैगोर ने राखी का पर्व को एकदम नया अर्थ दे दिया। उनका मानना था कि राखी एक इंसानियत का पर्व है। विश्वकवि रवींद्रनाथ ने इस पर्व पर बंग भंग के विरोध में जनजागरण किया था और इस पर्व को एकता और भाई चारे का प्रतीक बनाया था।