द आर्ट लाइफ गैलरी में कलाकारों के प्रदर्शनी का आयोजन, 02 सिंतबर तक चलेगी प्रदर्शनी

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नोएडा

मॉनसून मौसम ईश्वर के द्वारा बनाया गया अद्भूत नजारा है। जिसमें कलाकारों को कई नए रचनात्मक कला को विकसित करने को मजबूर कर देता है। द आर्ट लाइफ गैलरी कलाकारों के ग्रुप को लेकर प्रदर्शनी का आयोजन किया है। द वाइल्ड लीलीज ऑफ मॉनसून का आयोजन 22 अगस्त से किया गया है जिसमें करीब 35 पेंटिंग्स का प्रदर्शन किया गया है, इसमें सात कलाकारों ने अपने कला से इसे सुशोभित किया है।

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कलाकार हैं आरती गोयल, डॉ चिंत्रा सिंह, जाह्नवी अरोड़ा, डॉ कामिनी जैन, सोनम शर्मा, श्वेता दत्त और विवेक सिंह। यह प्रदर्शनी 12 दिनों तक यानी 02 सिंतबर तक चलेगा। जहां कलाकारों के उत्कृष्ट कला को 10-06 बजे तक देखा जा सकता है।गैलरी के संस्थापक व निदेशक प्रतिभा अग्रवाल का कहना है कि अशध पूर्णिमा से कार्तिक पूर्णिमा तक हिंदू कैलेंडर द्वारा चार महीने का एक हिस्सा आपके साथ जुड़ने और बहुतायत का जश्न मनाने का समय है। यहां कलाकार अपने कला कार्यों में रचनात्मकता की बहुतायत और खुशी का जश्न मनाने के लिए एक साथ आए हैं।

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“सावन के महीने में प्रत्येक वर्ष देश में तीज पर्व मनाया जाता है जिसमें महिलाएं हरे रंग की चूड़ियां और गहने पहनती हैं जो फूलों से बना होता है। कलाकारों ने बेहतरीन तरीके से फूलों, भक्ति और मॉनसून के मिश्रण को बेहतरीन तरीके से सामने रखा है। कलाकार आरति गोयल ने अपने आर्ट के बारे में बताते हुए कहा कि मॉनसून बहुत सुंदर मौसम है जिसमें पृथ्वी पर कई तरह के बेहतरीन चीजें सामने आती हैं जिसे हमने अपने आर्ट में दिखाया है। खास तौर पर राधा कृष्ण के नृत्य संयोजन को हर भरे बागों के बीच दिखाया है।

 

आरती गोयल ने बताया कि वह मधुबनी आर्ट से प्रभावित हैं। जानवी अरोड़ा ने अपने पेंटिंग कि विशेषता बताते हुए कहा कि भारत की धरती संस्कृति को लेकर काफी धनी है। खास तौर पर पेंटिंग्स में मॉनसून में विभिन्न छटाओं को दिखाया है जिसमें कई रंग एक साथ दिखेंगे।जानह्वी ने अपनी पेंटिंग्स की विशेषता बताते हुए कहा कि मॉनसून कई रंग लेकर आता है जिस प्रकार से जिंदगी के कई रंग होते है वह सब इस मौसम में देखने को मिलता है। इस मौसम में कई तरह के फूल खिल आते हैं।श्वेता दत्ता ने बगीचे की सौंदर्य पर चर्चा करते हुए कहा कि मॉनसून में विभिन्न तरह के फूल बगीचे में शोभा बढ़ाते हैं। जिसमें जूही, मोगरा,चमेली और लीली खास है जिससे बगीचा खिल उठाता है।

यह खास तौर पर भक्ति, शांति सबकुछ का सामंजस्य होता है। आज के मौहाल में युवाओं को शांति और प्रेम भाव में तालमेल बनाकर समाज को आगे बढ़ाना होगा। डॉ कामिनी जैन ने पेंटिग्स के विषय वस्तु पर चर्चा करते हुए कहा कि मॉनसून देश के कृषि व समाज के लिए भी काफी महत्व रखता है। इसलिए हमने कोशिश की है कि दोनों का समायोजन इसमें हो। जिसमें शावर और मॉनसून के छटाओं को भी दिखाया है। कालिदास द्वारा रचित मेघदूत में जिस प्रकार से मेघ को प्यार का दूत के रूप में दर्शाया गया है जिसे चित्रण किया गया है। मेघ इस समय प्यार का दूत है। कलाकार प्रतिभा अग्रवाल ने पेंटिंग्स के बारे में बताते हुए कहा कि मॉनसून में जहां प्यार बिखरने का संदेश देता है वहीं विश्व में शांति और उत्साह को वैश्विक रूप से प्रसार हो जिसमें सबके पास प्यार का संदेश फैले।

 

 

ईद-उल-जुहा मुसलमान कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण त्योहार

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कुर्बानी को हर धर्म और शास्त्र में भगवान को पाने का सबसे प्रबल हथियार माना जाता है। हिंदू धर्म में जहां हम कुर्बानी को त्याग से जोड़कर देखते हैं, वहीं मुस्लिम धर्म में कुर्बानी का अर्थ है खुद को खुदा के नाम पर कुर्बान कर देना यानी अपनी सबसे प्यारी चीज का त्याग करना.

– सरफराज अहमद सिद्दीकी

 

नई दिल्ली – 

कुर्बानी को हर धर्म और शास्त्र में भगवान को पाने का सबसे प्रबल हथियार माना जाता है। हिंदू धर्म में जहां हम कुर्बानी को त्याग से जोड़कर देखते हैं, वहीं मुस्लिम धर्म में कुर्बानी का अर्थ है खुद को खुदा के नाम पर कुर्बान कर देना। यानी अपनी सबसे प्यारी चीज का त्याग करना। इसी भावना को उजागर करता है मुस्लिम धर्म का महत्वपूर्ण त्योहार ईद-उल-जुहा जिसे हम बकरीद के नाम से भी जानते हैं। ईद-उल-जुला मुसलमान कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण त्योहार है।

 

बलिदान का त्योहार है ईद-उल-जुहा

दरअसल, इस्लामी साल में दो ईदों में से एक है बकरीद। ईद-उल-जुहा और ईद-उल-फितर। ईद-उल-फितर को मीठी ईद भी कहा जाता है। इसे रमजान को समाप्त करते हुए मनाया जाता है। एक और त्योहार है ईद-उल-मीनाद-उन-नबी, लेकिन बकरीद का महत्व अलग है। इसे बड़ी ईद भी कहा जाता है। हज की समाप्ति पर इसे मनाया जाता है। इस्लाम के पांच फर्ज माने गए हैं, हज उनमें से आखिरी फर्ज माना जाता है। मुसलमानों के लिए जिंदगी में एक बार हज करना जरूरी है। हज होने की खुशी में ईद-उल-जुहा का त्योहार मनाया जाता है। यह बलिदान का त्योहार भी है। इस्लाम में बलिदान का बहुत अधिक महत्व है। कहा गया है कि अपनी सबसे प्यारी चीज रब की राह में खर्च करो।

सबको साथ लेकर चलने की सीख देता है बकरीद

रब की राह में खर्च करने का अर्थ नेकी और भलाई के कामों में। जिस तरह ईद-उल-फितर को गरीबों में पैसा दान के रूप में बांटा जाता है, उसी तरह बकरीद को गरीबों में मांस बांटा जाता है। यह इस्लाम की खासियत है कि वह अपने किसी भी पर्व में समाज के कमजोर और गरीब तबके को भूलते नहीं हैं, बल्कि उनकी मदद करना उनके धर्म का एक अभिन्न अंग है। यह पर्व जहां सबको साथ लेकर चलने की सीख देता है, वहीं बकरीद यह भी सिखाती है कि सच्चाई की राह में अपना सब कुछ कुर्बान करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। इस त्योहार को मनाने के पीछे भी एक कहानी है, जो दिल को छू जाती है। हजरत इब्राहिम द्वारा अल्लाह के हुक्म पर अपने बेटे की कुर्बानी देने के लिए तत्पर हो जाने के याद में इस त्योहार को मनाया जाता है।

 

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हजरत इब्राहिम को पैगंबर के रूप में जाना जाता है, जो अल्लाह के सबसे करीब है। उन्होंने त्याग और कुर्बानी का जो उदाहरण विश्व के सामने पेस किया वह अद्वितीय है। इस्लाम के विश्वास के मुताबिक, अल्लाह हजरत इब्राहिम की परीक्षा लेना चाहते थे और इसीलिए उन्होंने उनसे अपनी सबसे प्यारी चीज की कुर्बानी देने के लिए कहा। हजरत इब्राहीम को लगा कि उन्हें सबसे प्रिय तो उनका बेटा है, इसीलिए उन्होंने अपने बेटे की ही बलि देना स्वीकार किया। हजरत इब्राहिम को लगा कि कुर्बानी देते समय उनकी भावनाएं आड़े आ सकती है, इसलिए उन्होंने अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली थी। जब अपना काम पूरा करने के बाद पट्टी हटाई, तो उन्होंने अपने पुत्र को अपने सामने जिंदा खड़ा हुआ देखा। बेदी पर कटा हुआ मेमना पड़ा हुआ था। तभी से इस मौके पर बकरे और मेमनों की बलि देने की प्रथा है।

 

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कुछ जगह लोग ऊंटों की भी बलि देते हैं। यहूदी, ईसाई और इस्लाम तीनों ही धर्म के पैंगबर हजरत इब्राहीम ने कुर्बानी का जो उदाहरण दुनिया के सामने रखा था उसे आज भी परंपरागत रूप से याद किया जाता है। आकाशवाणी हुई कि अल्लाह की रजा के लिए अपनी सबसे प्यारी चीज कुर्बानी करो, तो हजरत इब्राहीम ने सोचा कि मुझे तो अपनी औलाद ही सबसे प्रिय है। उन्होंने अपने बेटे को ही कुर्बान कर दिया। उनके इस जज्बे को सलाम करने का त्योहार है ईद-उल-जुहा।

 

 

कुर्बानी का अर्थ है कि रक्षा के लिए सदा तत्पर। हजरत मोहम्मद साहब का आदेश है कि कोई व्यक्ति जिस भी परिवार, समाज, शहर या मुल्क में रहने वाला है, उस व्यक्ति का फर्ज है कि वह उस देश, समाज, परिवार की हिफाजत के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार रहें। ईद-उल-फितर की तरह ईद-उल-जुहा में भी गरीबों और मजलूमों का खास ख्याल रखा जाता है। इसी मकसद से ईद-उल-जुहा के सामान यानी कि कुर्बानी के सामान के तीन हिस्से किए जाते हैं।

 

एक हिस्सा खुद के लिए रखा जाता है, बाकी दो हिस्से समाज में जरूरतमंदों में बांटने के लिए होते हैं, जिसे तुरंत बांट दिया जाता है। नियम कहता है कि पहले कर्ज उतारें, फिर हज पर जाएं। तब बकरीद मनाएं। इसका मतलब है कि इस्लाम व्यक्ति को अपने परिवार, अपने समाज के दायित्वों को पूरी तरह निभाने पर जोर देता है।

रक्षा के लिए सदा तत्पर रहने की सीख देता है “बकरीद”- वीएम बंसल

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नई दिल्ली – 

 

न्यू देहली इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के चेयरनमैन वीएम बंसल ने बकरीद पर्व की महत्ता बताते हुए कहा कि यह ऐसा पर्व है जो हमें रक्षा के लिए सदा तत्पर रहने की सीख देता है। यह इस्लाम की खासियत है कि वह अपने किसी भी पर्व में समाज के कमजोर और गरीब तबके को भूलते नहीं हैं, बल्कि उनकी मदद करना उनके धर्म का एक अभिन्न अंग है। बंसल ने कहा कि यह पर्व जहां सबको साथ लेकर चलने की सीख देता है, वहीं बकरीद यह भी सिखाती है कि सच्चाई की राह में अपना सब कुछ कुर्बान करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। इस त्योहार को मनाने के पीछे भी एक कहानी है, जो दिल को छू जाती है।

 

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हजरत इब्राहिम द्वारा अल्लाह के हुक्म पर अपने बेटे की कुर्बानी देने के लिए तत्पर हो जाने के याद में इस त्योहार को मनाया जाता है। हजरत इब्राहिम को पैगंबर के रूप में जाना जाता है, जो अल्लाह के सबसे करीब है। उन्होंने त्याग और कुर्बानी का जो उदाहरण विश्व के  सामने पेस किया वह अद्वितीय है। वीएम बंसल ने कहा कि इस्लाम के विश्वास के मुताबिक, अल्लाह हजरत इब्राहिम की परीक्षा लेना चाहते थे और इसीलिए उन्होंने उनसे अपनी सबसे प्यारी चीज की कुर्बानी देने के लिए कहा। हजरत इब्राहीम को लगा कि उन्हें सबसे प्रिय तो उनका बेटा है, इसीलिए उन्होंने अपने बेटे की ही बलि देना स्वीकार किया। हजरत इब्राहिम को लगा कि कुर्बानी देते समय उनकी भावनाएं आड़े आ सकती है, इसलिए उन्होंने अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली थी।

 

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जब अपना काम पूरा करने के बाद पट्टी हटाई, तो उन्होंने अपने पुत्र को अपने सामने जिंदा खड़ा हुआ देखा। बेदी पर कटा हुआ मेमना पड़ा हुआ था। तभी से इस मौके पर बकरे और मेमनों की बलि देने की प्रथा है। कुछ जगह लोग ऊंटों की भी बलि देते हैं। यहूदी, ईसाई और इस्लाम तीनों ही धर्म के पैंगबर हजरत इब्राहीम ने कुर्बानी का जो उदाहरण दुनिया के सामने रखा था उसे आज भी परंपरागत रूप से याद किया जाता है।

 

 

आकाशवाणी हुई कि अल्लाह की रजा के लिए अपनी सबसे प्यारी चीज कुर्बानी करो, तो हजरत इब्राहीम ने सोचा कि मुझे तो अपनी औलाद ही सबसे प्रिय है। उन्होंने अपने बेटे को ही कुर्बान कर दिया। उनके इस जज्बे को सलाम करने का त्योहार है ईद-उल-जुहा।

डिफेंस शो के दौरान ईरान का पहला घरेलू लड़ाकू विमान “कौसार” आया सामने

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नई दिल्ली – 

दुनिया के कई देशों में हैं एक से बढ़कर एक आधुनिक और उन्नत किस्म के हथियार और लड़ाकू विमान को अपने  बेड़े में शामिल और जमा करने की होड़ सी लगी हुई है. हर देश अपने आपकों सुरक्षा की दृष्टि से हथियारों से समप्नन करने में लगा है. इसी कड़ी में ईरान भी कभी पिछे नहीं रहा है और लगातार अपने अपने आपको सुरक्षित करने की दिशा में आगे बढ़ता रहा है. आज इरान ने अपने राजघानी तेहरान में नेशनल डिफेंस डे के लिए डिफेंस शों के दौरान अपने पहले घरेलू लड़ाकू विमान “कोसार” को पेश किया.

 

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वहीं बात अगर ईरान के रक्षा मंत्री अमीत हातमि की करे तो उन्होंने इस घरेलू लड़ाकू विमान “कोसार” के अनावरित होने की बात पिछले दिनों एक इंटरव्यू में कही थी. वहीं बात अगर अपने पहले घरेलू लड़ाकू विमान “कोसार”  की करे तो इस लड़ाकू विमान को लेकर इरान के रक्षा मंत्री अमीत हातमि ने कहा है कि ये लड़ाकू विमान इजराइल और अमेरिका जैसे देशों से आने वाले खतरों से निपटने के लिए मिसाइल मोर्चो पर दुरूस्त करेगा. वहीं बात अगर तेहरान में हुए इस डिफेंस शो की करे तो इरान की न्यूज एजेंसी तस्नीम के मुताबिक इरान की राजधानी तेहरान में हुए इस डिफेंस शो में ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ईरान के पहले घरेलू लड़ाकू विमान “कोसार” के कॉकपिट में बैठे नजर आए.

 

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“कोसार” है चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान

वहीं इस लड़ाकू विमान के बारे में बात करे तो इसे चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान बताया जा रहा है. इसके बारे में ये भी जानकारी सामने आ रही है कि इस लड़ाकू विमान में आधुनिकऔ और उन्नत किस्म के हथियारों को ले जाने की क्षमता है जो इसे खास बनाती है. वहीं आपको बता दे कि इरान द्वारा लॉन्च किए गए अपने पहले लड़ाकू विमान को पूरी तरह इरान में बनाया गया है. जानकारों का मानना है कि ईरान अपने आपको सुरक्षा की दृष्टि से समपन्न करना चाहता है जो समय की मांग है. वहीं इस लड़ाकू विमान के परिक्षण के लेकर जानकारी सामने आ रही है और बताया जा रहा है कि इसका सफल परिक्षण पहले ही किया जा चुका है.

 

हमारी पहली प्राथमिकता मिसाइल क्षमता – रक्षा मंत्री (ईरान)

वहीं ईरान के रक्षा मंत्री अमीत हातमि ने मिसाइल क्षमता को लेकर कहा है कि ईरान की पहली प्राथमिकता मिसाइल क्षमता है. इसके अलावा उन्होंने कहा है कि मिसाइल प्रतिरक्षा दुश्मनों के प्रयासो को हुए बढ़ाना होगा. आपको इस बात की भी जानकारी दे की ईरान द्वारा पेश किए गए अपने पहले धरेलू लड़ाकू विमान की चर्चा आस पड़ोस के देशो के साथ- साथ पूरी दुनिया में हो रही है. अपने पहले घरेलू लड़ाकू विमान “कोसार” को अनावरित करने के बाद ईरान ने  अपने देश के लड़ाकू विमानों की लिस्ट में एक और लड़ाकू विमान शामिल कर दिया है.

 

फर्जी कर्ज दिखाकर हथिया ली राहुल-सोनिया ने 5 हजार करोड़ की संपति

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  • फर्जी कर्ज दिखाकर हथिया ली राहुल-सोनिया ने 5 हजार करोड़ की संपति

 

  • नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन करने वाली कंपनी एजेएल पर यंग इंडियन का कब्जा

 

वरिष्ठ पत्रकार – रासबिहारी 

 

नई दिल्ली- 

नेशनल हेराल्ड घोटाले मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, उनकी मां सोनिया गांधी, बहन प्रियंका गांधी, पार्टी के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडिस आयकर विभाग की जांच में फंस गए हैं। देश की स्वतंत्रता से पहले अंग्रेजी हुकुमत की तोपों का मुकाबला करने के लिए पंडित जवाहर लाल नेहरू ने अखबार निकाले थे। नेशनल हेराल्ड ने आजादी से पहले और बाद में भी पत्रकारिता की स्वतंत्रता के लिए बड़ी भूमिका निभाई थी। पंडित नेहरू नेशनल हेराल्ड के पहले संपादक बने। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में बड़ी भूमिका निभाने वाले अखबारों की कंपनी की संपति हथियाने के लिए कांग्रेस के नेताओं ने कानून को भी ताक पर रख दिया।

 

 

2011 में कांग्रेस ने एसोसिएटेड जर्नल लि. को 90 करोड़ का फर्जी कर्ज देकर सारी देनदारी ले ली थी। फर्जी तरीके से एजेएल की पांच हजार करोड़ की संपति पर सोनिया, राहुल, वोरा और फर्नांडिस की स्वामित्व वाली कंपनी यंग इंडियन ने कब्जा कर लिया। इस मामले को लेकर अदालत में चुनौती दी गई थी। आयकर विभाग ने जांच में खुलासा किया है कि जिस कर्ज के आधार पर यंग इंडियन कंपनी ने एजेएल की संपत्ति खरीदी थी, वह 90 करोड़ का कर्ज कभी दिया ही नहीं गया था। कर्ज केवल कागजों पर ही दिखाकर एजेएल की संपत्ति यंग इंडियन के हवाले कर दी गई।

 

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आयकर विभाग ने जांच में पाया है कि 90 करोड़ के फर्जी कर्ज को चुकाने के लिए यंग इंडियन ने एसोसिएटेड जर्नल लि. को आंशिक तौर पर केवल 50 लाख रुपये दिए थे। पिछले साल दिसंबर में आयकर विभाग ने यंग इंडियन कंपनी के बारे में यह आदेश जारी किया है। आयकर विभाग ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी के स्वामित्व वाली कंपनी यंग इंडियन पर145 करोड़ का जुर्माना भी लगाया है।आयकर विभाग ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडिस को धोखाधड़ी और फर्जी तरीके से एसोसिएटेड जर्नल लि. का अधिग्रहण करने का आरोपी पाया है। आयकर विभाग ने यह जुर्माना यंग इंडियन को आयकर भरने की छूट की समाप्ति के बाद लगाया है। कंपनी ने2010-2011 के आयकर एसेसमेंट में अपनी आय शून्य बताई थी। आयकर विभाग  ने यह भी साबित किया है कि यंग इंडियन किसी तरह के चेरिटेबल कार्य नहीं कर रही है।

 

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आयकर विभाग ने 26 अक्टूबर 2017 को एक्ट की धारा 12एए(3) तहत आदेश जारी करके यंग इंडिया को कर छूट की सुविधा समाप्त कर दी थी। मुख्य आयकर आयुक्त पूर्वी ने धारा 12ए के तहत रजिस्ट्रेशन भी रद्द कर दिया। आयकर विभाग ने अपनी जांच में पाया है कि एक्ट की धारा 28(iv) के तहत कंपनी ने व्यवसाय के जरिये 413,40,55,980 रुपये अर्जित किए। सेक्शन 68 के तहत कंपनी को एक करोड़ भी मिले। 1,48,687 रुपये खर्च के बाद कंपनी करयोग्य आय 414,40,07,493 आंकी गई है। आयकर विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि यंग इंडियन कंपनी को 890 दिनों से ज्यादा का समय दिया गया। असेसमेंट के लिए 44 अवसर दिए गए। यंग इंडियन कंपनी की तरफ आयकर विभाग को किसी तरह का सहयोग नहीं किया गया।  आयकर विभाग ने जांच में पाया कि यंग इंडिया ने एजेएल की संपति से फायदा तो उठाया ही साथ ही कोई कोई टैक्स भी नहीं चुकाया।

 

 

आयकर विभाग की तरफ से वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं पर फर्जी कर्ज देने के आरोप के साथ ही यह आरोप भी लगाए है कि एक बुक इंट्री के जरिये एजेएल के 9.021 करोड़ के 99 फीसदी शेयर यंग इंडियन कंपनी ने हासिल कर लिए। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 90.21 करोड़ के फर्जी कर्ज चुकाने के लिए यंग इंडियन ने एक हवाला कारोबार के जरिये एक करोड़ की इंट्री खातों में दिखाई है। आयकर विभाग ने यह भी खुलासा किया है कि एजेएल की संपत्ति यंग इंडियन को देने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का ही निदेशक बना दिया गया। एजेएल के निदेशक बनने के बाद कांग्रेस के नेताओं ने बिना कानूनी कार्यवाही पूरी किए ही संपति यंग इंडियन के  नाम कर दी। एजेएल के सौ फीसदी शेयर पाने के लिए यंग इंडियन के निदेशक राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने रतनदीप ट्रस्ट और जनहित निधि ट्रस्ट से 47513 और 262411 शेयर भी लिए गए। आयकर विभाग ने अपनी जांच में एजेएल की संपति के बाजार भाव का पता भी लगाया है। एजेएल की संपति दिल्ली, पटना, पंचकूला, मुंबई और लखनऊ में है। आयकर विभाग की जांच के बाद राहुल गांधी और सोनिया गांधी की समस्याएं और बढ़ सकती है।

 

 

 

यंग इंडियन कंपनी पर आयकर विभाग के जुर्माना लगाने के बाद नेशनल हेराल्ड मामले में आयकर विभाग के जुर्माना लगाने के बाद ‘यंग इंडियन’ कंपनी को केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने भी झटका दिया है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने नोटिस जारी कर हेराल्ड हाउस खाली करने को कहा है। मंत्रालय को शिकायत की गई थी कि प्रेस एरिया में समाचार पत्र प्रकाशित करने के लिए आवंटित जमीन का उपयोग अन्य कार्यों में किया जा रहा है। जांच के बाद मंत्रालय ने यह कदम उठाया है। दस साल से इस इमारत से कोई अखबार ही प्रकाशित नहीं हो रहा है। इसमें आवंटन नियमों का उल्लंघन किया गया है। जांच में पाया गया कि पिछले आठ साल से इमारत के स्वामित्व वाली कंपनी ‘यंग इंडियन’ ने किराये  उठा रखा है। किराये से यंग इंडियन कंपनी को हर महीने 80 लाख रुपये से अधिक की धनराशि मिलती है। हेराल्ड हाउस की दो फ्लोग पासपोर्ट सेवा केंद्र को किराये पर दिए गए हैं। आयकर विभाग ने कंपनी पर इसी आधार पर जुर्माना लगाया है। शहरी विकास मंत्रालय के अधिकारियो ने भी हेराल्ड हाउस का निरीक्षण किया था। यह पाया गया कि हेराल्ड हाउस से किसी अखबार का प्रकाशन नहीं हो रहा है। नेशनल हेराल्ड को 2008 में बंद कर दिया गया था।

 

 

समाचार पत्र के प्रकाशन के लिए 1950 में हेराल्ड हाउस के लिए बहुत ही सस्ती दर पर जमीन का आवंटन पट्टे पर किया गया था। प्रेस एरिया में अन्य मीडिया घरानों को भी जमीन का आवंटन किया गया था। दिल्ली के हेराल्ड हाउस की तरह ही एजेएल को अन्य शहरों में कांग्रेसी सरकारों के दौरान जमीन का आवंटन किया गया था। बहुत ही सस्ती दरों पर लखनऊ, पटना, मुंबई, पंचकुला, भोपाल और इंदौर में जमीन दी गई थीं। इन सभी मामलों की जांच विभिन्न राज्यों में वहां की सरकारें अपने स्तर पर कर रही हैं।  2011 में कांग्रेस ने एजेएल को 90 करोड़ रुपये का फर्जी कर्ज देकर सभी देनदारिया ली थीं। बाद में पांच लाख रुपये से यंग इंडियन कंपनी की शुरुआत की गई। कंपनी में राहुल गांधी और सोनिया गांधी की 38-38फीसदी और कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रहे मोतीलाल वोरा तथा ऑस्कर फर्नांडिस की 24-24 फीसदी की हिस्सेदारी दिखाई गई।

इस मामले में भारतीय जनता पार्टी के नेता सुब्रहमण्यम स्वामी ने अदालत में अर्जी दायर की थी। अदालत से सोनिया गांधी और राहुल गांधी को जमानत दी गई है। सोनिया, राहुल, बोरा (कांग्रेस कोषाध्यक्ष), फर्नाडिस (कांग्रेस महासचिव), दूबे और पित्रोदा को आईपीसी की धारा 403 (बेईमानी से सम्पत्ति की हेराफेरी), धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात), धारा 120बी (आपराधिक साजिश) के आरोप हैं। इस मामले में राहुल गांधी ने हाई कोर्ट से निचली अदालत में सुनवाई रोकन की अपील की थी। सोनिया, राहुल, वोरा, फर्नांडिस के अलावा सुमन दुबे और सैम पित्रोदा को आरोपी बनाया गया है। सुब्रमण्यन स्वामी ने आरोप था कि गांधी परिवार हेराल्ड की संपति का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहा है। वे इस आरोप को लेकर 2012 में कोर्ट गए थे। लंबी सुनवाई के बाद 26 जून 2014 को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी के अलावा मोतीलाल वोरा, सुमन दूबे और सैम पित्रोदा को समन जारी कर पेश होने के आदेश जारी किए थे। तब से यह मामला कोर्ट में चल रहा है। आयकर विभाग के खुलासे के बाद अब सोनिया गांधी और राहुल गांधी से पूछताछ भी की जा सकती है।

 

अदालत ने कार्यवाही रोकने से किया था इंकार

मई 2017 में दिल्ली हाई कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड मामले में यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ आयकर विभाग कार्यवाही पर रोक लगाने से मना कर दिया था। हाई कोर्ट ने इस मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी को आयकर विभाग के अधिकारियों से बातचीत करने को कहा था। अदालत ने भी पाया कि कंपनी ने अपनी शिकायतों के साथ आकलन अधिकारी से संपर्क नहीं किया है। हाई कोर्ट कहा कहना था कि वह पहले आयकर विभाग से संपर्क करे और अपने दस्तावेज सौंपे। अगर वह तब भी संतुष्ट नहीं होती है तो कंपनी उसके बाद ही अदालत का दरवाजा खटखटाएं। कंपनी की तरफ से वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने याचिका वापस ले ली थी। अदालत ने इसे स्वीकार कर लिया और इसे वापस लिया हुआ मानकर खारिज कर दिया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने 19 मार्च 2018  को यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ 249.15 करोड़ रुपये की इनकम टैक्स की मांग की कार्यवाही में 10 करोड़ रुपये जमा कराने के निर्देश दिए थे। जज एस रवीन्द्र भट और जज ए.के. चावला की पीठ ने कंपनी को 31 मार्च तक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में दस करोड़ रूपए आधी राशि जमा कराने और शेष राशि 15 अप्रैल तक जमा कराने का आदेश दिया था। इससे पहले नेशनल हेराल्ड के आय के जानकारी वाले स्रोतों से अधिक संपत्ति के मामले में निचली अदालत ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ- साथ कंपनी को बतौर आरोपी समन भेजा था। हाईकोर्ट ने कहा था अगर कंपनी यह राशि जमा कर देती है तो इनकम टैक्स अधिकारी वित्त वर्ष 2011-12 के लिए कंपनी पर बकाया 249.15 करोड़ रुपये की राशि की मांग लागू नहीं करेंगे।

 

राहुल को अंतरिम राहत नहीं,

नेशनल हेलाल्ड मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से राहुल गांधी को निराशा हाथ लगी है। राहुल गांधी ने यंग इंडियन कंपनी में उनके डायरेक्टर होने का खुलासा नहीं करने के लिए आयकर विभाग द्वारा 2011-12 की उनकी आय का आकलन दोबारा शुरू करने बुधवार को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति एस. रवींद्र और न्यायमूर्ति ए.के. चावला की पीठ ने राहुल गांधी के वकील की उस याचिका को भी खारिज कर दिया, जिसमें विभिन्न मीडिया संगठनों पर इस संबंध में समाचार प्रकाशित करने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। राहुल ने आयकर विभाग द्वारा उन्हें जारी एक नोटिस को न्यायालय में चुनौती दी थी, जिसमें विभाग ने नेशनल हेराल्ड और यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच वर्ष 2011-12 में हुए वित्तीय लेन-देन के कर आकलन को फिर से खोले जाने के संबंध में नोटिस जारी किया था।

नेहरु की बनाई कंपनी विवादों में

पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 1938 में ‘द नेशनल हेराल्‍ड अखबार’ की स्‍थापना की थी। नेशनल हेराल्ड के अलावा हिंदी में नवजीवन और उर्दू में कौमी आवाज का प्रकाशन भी किया जाता था। सेक्शन 25 के तहत बनाई गई द असोसिएटेड जरनल्‍स लिमिटेड (एजेएल) नाम की कंपनी प्रकाशित करती थी। इस तरह की कंपनियों को कला, साहित्‍य, विज्ञान, वाणिज्‍य आदि को बढ़ावा देने के लिए बनाया जाता है। इस तरह की कंपनियां लाभ कमाने के लिए नहीं बनाई जाती हैं।

देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू नेशनल हेराल्ड के पहले संपादक थे। 1942 में अंग्रेजों ने भारतीय समाचार पत्र और पत्रिकाओं के खिलाफ कार्रवाई शुरु की तो अखबार को बंद करना पड़ा। सन 1942 से लेकर 1945 तक अखबार का एक भी अंक प्रकाशित नहीं हो पाया। 1945 के अंत में नेशनल हेरल्ड को फिर से प्रकाशित करने का प्रयास किया गया। नेहरू के प्रधानमंत्री बनने के बाद के राम राव हेराल्ड के संपादक बनाया गया। 1946 में इंदिरा गांधी के पति फिरोज गांधी ने नेशनल हेराल्ड का कामकाज संभाला था। उस एम चलपति राव अखबार के संपादक थे। 1977 में आपातकाल के बाद कांग्रेस की हार के बाद भी अखबार बंद हो गया था। राजीव गांधी के समय फिक से अखबार निकाले गए और 2008 में नेशनल हेरल्ड बंद हो गया। नवजीवन और कौमी आवाज पहले ही बंद हो गए थे। अप्रैल 2008 से नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन भी बंद कर दिया था। दो साल पहले एसोसिएटड जर्नल लि की तरफ से अखबारों का प्रकाशन शुरु करने की घोषणा की थी।

 

कांग्रेस ने नेशनल हेरल्ड के प्रकाशन के ले एजेएल को को बिना ब्‍याज और सिक्‍युरिटी के कई साल तक उसे कर्ज दिया। ऐसा 2010 तक चलता रहा। मार्च 2009 के आखिर तक एजेएल को दिया गया कथित कर्ज 78.2 करोड़ रुपए का था और मार्च 2010 तक यह बढ़कर 89.67 करोड़ रुपए हो गया। कंपनी को मिली जमीन की कीमत कर्ज से बहुत ज्यादा थी। एजेएल ने कांग्रेस से लिए गए कर्ज को चुकाने के लिए कभी कोशिश भी  नहीं की। वरिष्‍ठ कांग्रेसी नेता मोतीलाल वोरा 22 मार्च 2002 से इस कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक थे। साथ ही वह कांग्रेस के खजांची भी थे।

 

23 नवंबर 2010 को यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड नाम की सेक्‍शन 25 कंपनी बनाई गई। गांधी परिवार के खास सुमन दुबे और सैम पित्रोदा जैसे लोग इसके निदेशक थे। 13 दिसंबर 2010 को राहुल गांधी को इस कंपनी का डायरेक्‍टर बनाया गया। 22 जनवरी 2011 को सोनिया भी यंग इंडिया के बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर्स में शामिल हुईं। वोरा और कांग्रेस के राज्‍यसभा सदस्‍य ऑस्‍कर फर्नांडीज भी उसी दिन यंग इंडियन के बोर्ड में शामिल किए गए। इस कंपनी के 38-38 फीसदी शेयरों पर राहुल और सोनिया की हिस्‍सेदारी है।

 

बाकी के 24 पर्सेंट शेयर वोरा और फर्नांडिस के नाम हैं। 2010 में कांग्रेस ने एजेएल के हिस्‍से के 90 करोड़ रुपए के कर्ज को यंग इंडियन पर डालने का फैसला किया। इस तरह से एजेएल के कागजों में यंग इंडियन उसके कर्ज की हिस्‍सेदार हो गई। वो कर्ज जो कांग्रेस ने ही दिया था। इसके ठीक बाद, दिसंबर 2010 में इस 90 करोड़ रुपए के कर्ज के बदले एजेएल ने अपनी पूरी कंपनी यंग इंडियन को देने का फैसला किया। यंग इंडियन ने इस अधिग्रहण के लिए 50 लाख रुपए चुकाए। इस पूरी डील की वजह से कांग्रेस से 90 करोड़ रुपए का कर्ज लेने वाली एजेएल पूरी तरह यंग इंडियन की सहायक कंपनी में तब्‍दील हो गई। यंग इंडियन, जिसपर राहुल गांधी,सोनिया गांधी, मोतीलाल वोरा और ऑस्‍कर फर्नांडीज का मालिकाना हक है।

 

अदालत में यंग इंडियन द्वारा एजेएल के अधिग्रहण को चुनौती दी गई है। अदालत में सवाल किया गया है कि सोनिया और राहुल की 38-38 प्रतिशत भागीदारी वाली यंग इंडियन लिमिटेड कंपनी पर एजेएल के 90 करोड़ रुपए की देनदारी क्‍यों डाली गई? यंग इंडियन के शुरू होने के एक महीने बाद ही कैसे एजेएल उसकी सहायक कंपनी बन गई। साथ ही यंग इंडियन एजेएल की पूरे भारत में स्‍थ‍ित संपति की मालिक कैसे बनी।

 

अदालत में यह भी चुनौती दी गई है कि एजेएल ने अपनी संपति के कुछ हिस्‍से का इस्‍तेमाल करके कर्ज क्‍यों नहीं चुकाया? यह भी पूछा गया है कि एजेएल ने यंग इंडियन कंपनी से अधिग्रहण के लिए अपने 1000 से ज्‍यादा शेयरधारकों की मंजूरी ली कि नहीं। सवाल यह भी उठाया गया है कि जनप्रतिनिधित्‍व अधिनियम 1951 के तहत कोई राजनीतिक दल किसी को कर्ज नहीं दे सकती। ऐसे में कांग्रेस ने एजेएल को कर्ज कैसे दिया।

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा भी घेरे में

भारतीय जनता पार्टी के नेता डा. सुब्रमण्यम स्वामी ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ कर चोरी और धोखाधड़ी का आरोप लगाते पटियाला हाउस अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद अदालत ने ई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को इस मामले में जांच के निर्देश दिए थे। ईडी ने सोनिया और राहुल पर प्राइमरी जांच के मामले भी दर्ज किए। राहुल और सोनिया पर पर फेमा नियमों का उल्लंघन का मामला दर्ज है। पंचकूला में नेशनल हेराल्ड के प्रकाशक एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को प्लाट आवंटन करने में ईडी  के जवाब पर एजेएल की तरफ से जवाब हाईकोर्ट में दाखिल करने पर कोर्ट ने जवाब रजिस्ट्री में दाखिल करने को कहा है। ईडी की तरफ से अदालत को बताया गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने पद का दुरुपयोग कर एजेएल को लाभ पहुंचाया। करोड़ों रुपये का प्लाट महज 59 लाख रुपये में फिर से आवंटित कर दिया गया। एजेएल को 1982 में एक प्लॉट का आवंटन किया गया था। इस प्लॉट की लीज अवधि 1996 में समापत् हो गई थी। कांग्रेस के फिर से 2005 में फिर से सत्ता में आने के बाद एजेएल को प्लॉट फिर से दे दिया ।

एजेएल को 3360 वर्ग मीटर का प्लाट संख्या 17 पंचकूला के सेक्टर-6 में नियमों को ताक पर पर रख दोबारा आवंटित किया गया। हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो ने मई 2016 में हुडा और चार अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। ब्यूरो ने आरोप लगाया था कि हुडा के तत्कालीन चेयरमैन और अधिकारियों द्वारा उठाए गए कदमों से राज्य को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। ब्यूरो का कहना है कि  एजेएल को फिर से अलॉट करने की बजाय खुली बोली के माध्यम से बेचा जाना चाहिए था। प्लॉट आवंटन के समय हुड्डा हरियाणा के मुख्यमंत्री थे। आरोप है कि एजेएल को यह जमीन आबंटित करने के लिए नियमों की अनदेखी की गई। एजेएल को हुए इस जमीन आवंटन के चलते राज्य सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व का  नुकसान भी हुआ।

 

हुड्डा उस समय हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (हुडा) के चेयरमैन थे। ये प्लॉट 496 वर्ग मीटर से लेकर 1280 वर्ग मीटर तक के थे। जमीन के लिए हुडा के पास 582 आवेदन आए थे। आवंटन के समय 14 कंपनियों का चयन किया गया था। सीबीआई ने हुड्डा के खास रहे अफसरों से पूछताछ शुरु की है। हुडा के तत्कालीन मुख्य प्रशासक एसएस ढिल्लों से सीबीआई के अधिकारियों ने प्लाट आवंटन को लेकर चंडीगढ़ कार्यालय में पूछताछ की थी। सीबीआई ने प्लाट के दोबारा आवंटन के समय हुडा के मुख्य प्रशासक, प्रशासक और टीसीपी विभाग की वित्तायुक्त होने के नाते पांच अप्रैल 2017 को विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था।

इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 521 रन का स्कोर , टीम इंडिया ने जीत के लिए कसी कमर

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नई दिल्ली – 

भारतीय टीम इंग्लेंड के दौरे पर हैं और भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा टेस्ट मैच इंग्लैंड के नॉटिंघम में खेला जा रहा है. भारत ने तीसरे टेस्ट मेच के तीसरे दिन यानि सोमवार को अपनी दूसरी पारी 352 रनो पर सात विकेट खोकर घोषित कर दी और इंग्लिश टीम के सामने जीत के लिए 521 रनो का बड़ा लक्ष्य रखा है जिसे इंग्लैंड के बल्लेबाजों के लिए हासिल करना मुशकिल हो सकता है क्योकि भारतीय टीम के गेंदबाजों ने भी तीसरे टेस्ट मेंच में अच्छी गेंदबाजी का प्रदर्शन किया है और अच्छे फार्म में दिख रही है.

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इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 521रनों का लक्ष्य

वहीं बात अगर इंग्लैंड की करे तो बीते दिन 521 रनो के विशाल रन का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने बिना कोई विकेट गवाए 23 रन फिलहला बना लिया है. बात अगर भारत और इंग्लैंड के बीच चल रहे टेस्ट मैच के सीरीज की करे तो अभी तक इंग्लैंड की टीम का पलरा ही भारी है क्योकि इससे पहले इंग्लैंड की ने पहले और दूसरे टेस्ट मैच में भारत के खिलाफ जीत हासिल की है. लेकिन अपनी गलतियों को सुधारते हुए टीम इंडिया ने तीसरे टेस्ट मैंच में अच्छा प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड की टीम के सामने 521 रनों का बड़ा स्कोर जीत के लिए रख दिया है.

 

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टीम इंडिया का नॉटिंघम टेस्ट में बेहतरीन प्रद्रर्शन

आज इंग्लैंड की टीम फिर से बल्लेबाजी करने उतरेगी. वहीं बात अगर इतिहास की करे तो इंग्लैंड की टीम इस मामले में आकड़े टीम इंडिया के साथ है. आपको बता दे कि इंग्लैंड की धरती पर अभी तक कोई भी टीम इतेन विशाल स्कोर को चेज नहीं कर पाई है. बात अगर टीम इंडिया की करे तो भारतीय कप्तान विराट कोहली ने अपने शतकीय पारी से टीम इंडिया को मजबूत स्थिती में ला दिया जिससे भारत इंग्लैंड के सामने 521 रनो के विशाल स्कोर जीत के लिए रख पाया. पहले टेस्ट मैच और दूसरे टैस्ट मैच में हार का मुंह देखने के बाद टीम इंडिया ने नॉटिंघम टेस्ट में बेहतरीन प्रदर्शन किया है जो काबिल – ए- तारिफ है.

भारतीय बल्लेबाजों और गेंदबाजों के अच्छे प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया तीसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड की टीम पर भारी दिख रही है. अब जब आज इंग्लैंड की टीम जब बल्लेबाजी करने उतरेगी तो कितना कमाल अपने बल्ले से दिखा पाएगी इस बात पर नजर सभी की रहेगी. वहीं टीम इंडिया की कोशिश रहेगी की कितनी जल्दी इंग्लैंड के बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाए और तीसरा टेस्ट जीतकर 5 टेस्ट मैच की सीरीज में 2-1 से बराबरी करने की दिशा में आगे बढ़े. आपको बता दे 5 टेस्ट मैच की सीरीज का चौथा टेस्च मैच 30 अगस्त से शूरू होगा जो इंग्लैंड के साउथमपटॉन शहर में खेला जाएगा.

महिलाओं के अधिकार के लिए सबसे ज्यादा लिखा था “इस्मत चुग़ताई” ने

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नई दिल्ली –

अपने लेखन के लिए जानी जाने वाली उर्दू की महान लेखिका इस्मत चुग़ताई का आज 107वां जन्मदिन है. इस्मत चुग़ताई उर्दू की एक महान लेखिका थी. इस्मत जुगताई का जन्म 21 अगस्त 1915 को हुआ था. उनके 107वें जन्मदिन पर गूगल ने भी एक खास डूडल बनाकर उन्हें याद किया है. बात अगर उर्दू की इस महान लेखिका का करे तो इस्मत चुग़ताई ने एक से बढ़कर एक किस्से कहानियां और बहुत सारी कविताएं लिखी जिसे लोगों द्वारा खूब पसंद किया गया. उनके द्वारा लिखी गई कविताओं और कहानियों ने उन्हें कामयाबी के मुकाम तक भी पहुंचाया. इस प्रकार अगर बात उर्दू की महान लेखिका इस्मत चुग़ताई की करे तो उन्हें उर्दू शार्ट स्टोरी के चार स्तंभो में से एक माना जाता था. उर्दू लेखिका इस्मत चुग़ताई ने महिलाओं के अधिकार के लिए सबसे ज्यादा लिखा.

 

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अपनी ‘लिहाफ’ कहानी के कारण खासी मशहूर हुई

उर्दू लेखिका इस्मत चुग़ताई को शब्दों से बड़ा लगाव था जिस कारण था इस्मत चुग़ताई एक महान उर्दू लेखिका बन पाई. इसमत जुगताई  को महिला सशक्तिकरण के रूप में देखा जाता था. कई बार उनके द्वारा लिखे गए लेखनी में अश्लीलता को लेकर लोग उन्हें लोग निशाने पर लिया. इस्मत चुग़ताई का कैनवास काफी व्यापक था जिसमें अनुभव के विविध रंग उकेरे गए हैं. ऐसा माना जाता है कि “टेढी लकीरे” उपन्यास में उन्होंने अपने ही जीवन को मुख्य प्लाट बनाकर एक स्त्री के जीवन में आने वाली समस्याओं और स्त्री के नजरिए से समाज को पेश किया है. वे अपनी ‘लिहाफ’ कहानी के कारण खासी मशहूर हुई. वर्ष 1941 में लिखी गई इस कहानी में उन्होंने महिलाओं के बीच समलैंगिकता के मुद्दे को उठाया था. उस दौर में किसी महिला के लिए यह कहानी लिखना एक दुस्साहस का काम था.

 

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उनकी सोच अपने समय से आगे थी इस्मत चुग़ताई

इस्मत चुग़ताई को इस दुस्साहस की कीमत अश्लीलता को लेकर लगाए गए इलजाम और मुक़दमे के रूप में चुकानी पड़ी. उर्दू की महान लेखिका इस्मत चुग़ताई ने आज से करीब 70 साल पहले पुरुष प्रधान समाज में स्त्रियों के मुद्दों को स्त्रियों के नजरिए से कहीं चुटीले और कहीं संजीदा ढंग से पेश करने का जोखिम उठाया था उनके अफसानों में औरत अपने अस्तित्व की लड़ाई से जुड़े मुद्दे उठाती है. साहित्य तथा समाज में चल रहे स्त्री विमर्श को इस्मत चुग़ताई आज से 70 साल पहले ही प्रमुखता दी थी. इससे पता चलता है कि उनकी सोच अपने समय से कितनी आगे थी.

 

 

उन्होंने अपनी कहानियों में स्त्री चरित्रों को बेहद संजीदगी से उभारा और इसी कारण उनके पात्र जिंदगी के बेहद करीब नजर आते हैं. स्त्रीयों के सवालों के साथ ही उन्होंने समाज की कुरीतियों, व्यवस्थाओं और अन्य पात्रों को भी बखूबी पेश किया. उनके अपसानों में करारा व्यंग्य मौजूद है. वहीं बात अगर उर्द की महान लेखिका को मिले पुरस्कारो और सम्मानों की करे तो उन्हें वर्ष 1974 में गालिब अवार्ड से नवाजा गया जो उन्हें उनके उपन्यास टेढ़ी लकीर के लिए दिया गया था. इसके साथ ही उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार, इकबाल सम्मान, फिल्मफेयर बेस्ट स्टोरी अवार्ड और नेहरू अवार्ड से सम्मानित किया गया था.

 

साल 1991 76 वर्ष की उम्र में उर्दू की महान लेखिका इस्मत जुगताई का निधन हो गया. इस्मत चुग़ताई एक महान उर्दू लेखिका थी जिनके द्वारा लिखी गई कहानियों और उपन्यासों को लोग आज भी पढ़कर उनकी लेखनी के कायल हो जाते है.

21 अगस्त को भारत में लॉन्च होगा Nokia 6.1+, इंतजार हुुआ खत्म

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भले ही आज बाजार में कई कंपनियों के स्मार्टफोन हो लेकिन जो विश्वास नोकिया ने लोगों के दिलों में बनाई है उसकी बात ही अलग है. नोकिया ने हाल ही में अपने कई समार्टफोन बाजार में लॉन्च किए है जिसे लोग उतनी ही विश्वास से खरीद रहे है जितना लोग पहले खरीदा करते थे.  अब नोकिया की और  से नोकिया 6.1 प्लस 21 अगस्त यानि कल लॉन्च होने वाला है और आपको इस बाक की भी जानकारी दे दें कि नोकिया 6.1 ई कामर्स वेबसाइट फिल्पकार्ट एकसकलूसिव होगा.

 

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Nokia 6.1+ है मोस्ट अवेटेड फोन

बताया जा रहा है कि इसको देखते हुए ई कामर्स वेबसाइट फिल्पकार्ट ने पहेल ही अपने बैनर पैज को तैयार कर लिया है. वहीं इस मामले में नोकिया द्वारा भी अपने ऑफिलशियल twitter handle से एक वीडियो भी जारी किया है. नोकिया द्वारा ट्विट में कहा गया कि स्मार्टफोन के इवेंट को लेकर हम काफी उत्साहित है. वहीं 21 अगस्त को लॉन्च होने जा रहे नोकिया के स्मार्टफोन नोकिया 6.1 के बारे में   कहा जा रहा है कि ये फोन मोस्ट अवेटेड फोन है. साथ ही कहा गया कि बने रहे हमारे साथ #BringitOn, #Nokia mobile.

 

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फिचर्स भी है कमाल के

वहीं बात अगर लॉन्च होने जा रहे नोकिया 6.1 प्लस  की करे तो बताया जा रहा है कि नोकिया 6.1 प्लस पहला ऐसा समार्टफोन होगा जो नॉज फिचर के साथ लॉन्च होगा. साथ ही नोकिया 6.1 प्लस का आस्पेक्ट रेशियो 199 का होने की बात कही जा रही है. अब अगर बात नोकिया 6.1 प्लस के फिचर्स की करे तो इस फोन के फिचर्स बेहतरीन है जो कि एक बेहतरीन स्मार्टफोन में होनी चाहिए. नोकिया 6.1 प्लस में 5.8 inch का FHD + डिस्पले होगा जिसका रेजॉल्यूशन 2280 x 1080  पिक्सक होगा. इसके साथ ही नोकिया 6.1 प्लस में क्वॉलकम स्नैपड्रेगन 636 का प्रोसेसर होगा. साथ ही अगर फोन में 4 GB रैम और 64 GB का स्टोरेज होगा.

 

 

बात आगर Nokia 6.1+  की करे तो लोग कॉफी बेसब्री से नोकिया के इस स्मार्टफोन का इंतजार कर रहे थे.इसके अलावा फोन में अगर बैटरी की बात करे तो नोकिया 6.1 प्लस में 3.060mAh की बैटरी होगी. साथ ही फोन में 16 mega pixel + 5 mega pixel dual rear कैमरा होगा और 16 mega pixel का फ्रंट कैमरा होगा.  अब कल यानि 21 अगस्त को लोगों का इंताजार खत्म हो रहा है क्योकि कल Nokia 6.1+  कल लॉन्च होने वाला है जिसे लोग ई कामर्स वेबसाइट पोर्टल फ्लिपकार्ट पर खरीद पाएंगे.

आपको बता दे कि इससे पहले नोकिया Nokia 6.1+ को चीन में कंपनी द्वरा लॉन्च किया जा चुका है. अब जाकर भारत में नोकिया Nokia 6.1+  स्मार्टफोन को लॉन्च किया जा रहा है.

 

 

अक्षय कुमार की फिल्म “गोल्ड” इस मामले में निकली आगे

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नई दिल्ली – 

इस बार 15 अगस्त के मौके पर दो फिल्में रिलीज हुई थी पहली बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार की  फिल्म गोल्ड और दूसरी जॉन अब्राहम की फिल्म सत्यमेव जयते. दोनो ही फिल्में लोगों को खास पसंद आ रही है. दोनो ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अपना जलवा बिखेर रही है और अच्छी कमाई कर रही है. लेकिन कमाई के मामले में अक्षय कुमार की फिल्म गोल्ड ने बढ़त बनाई हुई है.

 

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दोनो ही फिल्मों को रिलीज हुए आज 5 दिन हो गए है. बात अगर अक्षय कुमार की फिल्म गोल्ड की करे तो इस फिल्म ने अभी तक 71.30 करोड़ की कमाई की कमाई कर चुकी है. फिल्म गोल्ड ने पहले दिन 25.25 करोड़ की कमाई की थी. अक्षय कुमार की फिल्म गोल्ड में खिलाड़ी अक्षय कुमार के साथ मौनी रॉय नजर आ रही है जो फिल्म गोल्ड से डेब्यू कर रही है. फिल्म के रिलीज होने के पांच दिन बाद भी फिल्म लगातार अच्छी कमाई कर रही है.

 

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वहीं बात अगर स्वतंत्रता दिवस के दिन ही रिलीज हुई फिल्म सत्यमेव जयते की करे तो इस फिल्म को भी लोगों ने खूब पसंद किया है. सतयमेव जयते ने पहले दिन 20.52 करोड़ रूपये की कमाई की थी. फिल्म सतयमेव जयते का टोटल कलेक्शन पांचवे दिन  तक 59.61 करोड़ है. इस फिल्म में जॉन अब्राहम के साथ मनोज वाजपेयी और आयशा शर्मा भी फिल्म में नजर आ रही है.

फिल्म सतयमेव जयते पांच दिनो में 59.61 करोड़ की कमाई के साथ दूसरे स्थान पर है तो वही बॉलवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार की फिल्म गोल्ड ने इस मामले में बढ़त बनाई हुई है और फिल्म 71.30 करोड़ी की कमाई कर चुकी है. अब आगे आने वाले दिनों में ये दोनो फिल्में बॉक्स आफिस पर कितना कमाल दिखा पाती है ये तो आने वाला दिन ही में ही पता चल पाएगा. फिलहाल तो फिल्म गोल्ड ही कमाई के मामले में बढ़ते बनाए हुए है.

एशियन गेम्स 2018 के दूसरे दिन भारतीय निशानेबाज दीपक कुमार ने जीता सिल्वर मेडल

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नई दिल्ली – 

एशियन गेम्स 2018  शुरू हो चुका है. उद्घाटन समारोह में भारत के भाला फेक एथीलीट नीरज चोपड़ भारत की और से ध्वजवाहक की भूमिका निभाई. बात अगर भारतीय खिलाड़ियो की करे तो भारतीय खिलाड़ियो की शुरूआत एशियाड गेम्स 2018 में अच्छी रही.

 

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एशियन गेम्स 2018 के पहले  दिन भारतती खिलाड़ियो ने  की दो पदक आए जीता था. बीते दिन पहलवान बजरंग पुनिया ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया तो वहीं शूटिंग के 10 मीटर एयर राइफल मिक्सड टीम में अपूर्वी चंदेला और रवि कुमार की जोड़ी ने ब्रान्ज मेडल जीतकर दूसरा पदक भारत के नाम किया. एशियन गेम्स 2018 में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलवान बजरंग पुनिया को बधाई दी.

 

 

वहीं बात अगर आज की  करे तो आज भारतीय निशनेबाज दीपक कुमार ने दूसरे दिन 10 मीटर राइफल स्पर्धा में 247.7 अंक  हासिल किया और दूसरे स्थान पर रहे और सिल्वर मेडल अपने नाम किया. भारतीय निशानेबाज दीपक कुमार के सिल्वर मेडल जितने के बाद अब एशियाड गेम्स 2018 में भारत के नाम अब तीन पदक हो गया है. वहीं बात अगर एशियाड गेम्स 2018  में भारतीय कब्ड्डी की करे तो भारतीय महिला कबड्डी टीम ने थाइलेंड की टीम को शिक्स्त दी है.

 

 

भारतीय महिला कबड्डी टीम ने थाइलेंड को ग्रुप ए में शिकस्त देकर अपने विजयी अभियान का सिलसिला जारी रखा है. बात अगर  भारतीय महिला कबड्डी टीम की करे तो एशियन गेम्स 2018 के पहले दिन यानि रविवार को जापान को भारतीय महिला कबड्डी टीम को मात दी थी.