केरल में बाढ़ के कारण हुई तबाही और लगातार बारिश ने सभी को हैरान कर रखा है. इसी बीच एक अच्छी खबर यह है कि केरल में फिलहाल बारिश रूक गई है जिससे लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली है. मगर इससे पहले बाढ़ ने जो केरल में तबाही मचाई है उससे कई लोग अपनी जान गवां चुके है और हजारों लोगों को बेघर होना पड़ा है.मौसम विभाग द्वारा अगले चार दिन बारिश ने होने की बात कही गई है. केरल में आए जलप्रलय ने अभी तक 370 लोग अपनी जान गवां चुके है और लगभग 7, 24,649 लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है. केरल में पिछले 12 दिनों से लगातार बारिश ने जो तबाही का मंजर केरल में दिखाया है उसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. केरल के लगभग दर्जन भर से भी अधिक जिले बाढ़ की चपेट में है. केरल में कई दिनों के बाद विमान सेवा शुरू हो पाई है जो भारी बारिश के कारण रूकी हुई थी.
बाढ़ प्रभावित इलाको में सेना के जवान फसे लोगों को निकालकर सुरक्षित जगहों पर ले जा रहे है और लोगो को खाने के पैकेट और राहत सामग्री और दवाईयां भी लोगो तक पहाचाई जा रही है. कोच्चि एयरपोर्ट जो बाढ़ के कारण पूरी तरह पानी में डूब गया था. अब नवल एयर स्टेशन पर विमान सेवा को शुरू किया गया है. इसके अलावा आपको बता दे कि लगातार बारिश और बाढ़ के कारण सभी जिलों में जो रेड अलर्ट जारी किया गया था उसे वापिस ले लिया गया है. इसी बीच अगर केरल में बाढ़ से आई आफत और भारी जान माल के नुकासान की करे तो भारी जान माल का नुकसान हुआ है. इसी बीच बात अगर राज्य सरकार की करे तो राज्य सरकार का पूरा फोकस रेस्कयू पर है. केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने मीडियकर्मियों को बताया की हमारी सबसे बड़ी चिंता लोगों की जान बचाने की है.
इसके अलावा उन्होनें कहा कि लगता है इस दिशा में काम हुआ है. साथ ही केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इसे अभी तक की सबसे बड़ी त्रासदी बताया और कहा की इससे भारी तबाही मची है और उन्होंने कीहा की इसिलिए हम सभी प्रकार की मदद स्वीकार करेंगे. साथ ही केरल के मुख्यमंत्री ने बताया की 1924 के बाद राज्य में ऐसी बाढ़ की त्रासदी नहीं आई थी. इसके अलावा केरल के मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव के बारे में बताया की राहत और बचाव का कार्य अंतिम चरण पर है. इसके अलावा उन्होंने बताया कि कई WHhatsapp group पर मदद की मांग की जा रही है. इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि खासकर अलप्पुझा से मदद की मांगी जा रही है.
इसके अलावा उन्होंने कहा की अलप्पुझा,एर्नाकुलम और त्रिशूर में बचाव कार्य जारी है. साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में फसे 22,034 लोगों को रेस्कयू किया गया है. बात अगर वर्तमान समय की करे तो केरल में 12 दिन से हो रही बारिश रूक गई है जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है. राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा बाढ़ प्रभावित एरिया में फसे लोगों तक राहत सामग्रियां पहुंचाई जा रही है और बाढ़ प्रभावित इलाको में सेना का हैलिकाप्टर लगातार गश्त लगाकर लोगों को रेस्कूयू कर रही है. केंद्र सरकार द्वारा भी केरल को पूरी मदद देने की बात कही गई है और देश के विभिन्न राज्यों से भी केरल को मदद भेजी जा रही है.
पूर्व प्रधानमंत्री और बहुमुखी प्रतिभा के धनी अटल बिहारी वाजपेयी का निधन हो गया है. आज दिल्ली के एम्स अस्पताल में 5 बजकर 5 मीनट में उन्होंने अंतिम सांस ली. वे 93 साल के थे. उनके निधन की खबर सुनते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है. आपको बता दे की बीते दिन बुधवार से ही उनकी हालत नाजुक चल रही थी. उनकी हालत बेहद नाजुक होने की खबर चारों और फेलते ही देश के कई शहरों और गावों में पूजा पाठ और हवन कर उनके सेहत के लिए प्राथनाएं की जा रही थी. उन्हें एम्स में लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर कल से ही रखा गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर शोक जताया और कहा की उनके जाने से एक युग का अंत हो गया है.
मैं नि:शब्द हूं, शून्य में हूं, लेकिन भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है।
हम सभी के श्रद्धेय अटल जी हमारे बीच नहीं रहे। अपने जीवन का प्रत्येक पल उन्होंने राष्ट्र को समर्पित कर दिया था। उनका जाना, एक युग का अंत है।
कई वर्षो से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तबियत लगातार खराब चल रही थी.बता दे कि 11 जून से ही यूरिन इंफेक्शन को लेकर उनका इलाज एम्स में चल रहा था. कल से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा और अन्य दल के नेता पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सेहत की जानकारी लेने एम्स पहुंचे थे. आज गुरूवार के दिन भी प्रधानमंत्री मोदी समेत कई नेता अटल बिहारी वाजपेयी का हालचाल जानने एम्स पहुंचे थे. आज सुबह भी एम्स द्वारा हैल्थ बुलेटिन जारी कर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी के स्वास्थय की जानकारी दी थी जिसमें बताया गया था कि उनकी हालत बेहद ही नाजुक है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी केे निधन पर ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजली दी.
Link of my blog: भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को विनम्र श्रद्धांजलि।
आज उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडु , भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण गृह मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थय मंत्री जेपी नड्डा समेत भाजपा और अन्य दलों के नेता पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सेहत जानकारी लेने एम्स पहुंचे थे. अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था. वे साल 1996 में पहली बार प्रधानंत्री देश के प्रधानमंत्री बने लेकिन 13 दिन के अंदर में ही सरकार गिर गई. इसके बाद साल 1998 में वे फिर देश के प्रधानमंत्री बने और 2004 तक देश की प्रधानमंत्री रहे. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी का राजनीतिक जीवन बेहद ही शानदार रहा. वें एक बेहतरीन कवि, पत्रकार और प्रखर प्रवक्ता थे. उनकी कविता की पूरी दुनिया दिवानी थी. उनकी कविताओँ को लोग खूब पसंद करते है. वे एक ऐसे नेता थे जिसे सभी पसंद करते थे. अटल बिहारी वाजपेयी की बात ही अलग थी. वह भारतीय जनसंघ की स्थापना करने वालों में से एक थे और सन् 1968 से 1973 तक वह उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके थे. सन् 1955 में उन्होंने पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा, परन्तु सफलता नहीं मिली. लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सन् 1957 में बलरामपुर (जिला गोण्डा, उत्तर प्रदेश) से जनसंघ के प्रत्याशी के रूप में विजयी होकर लोकसभा में पहुंचे थे.
शानदार रहा राजनीतिक जीवन
सन् 1957 से 1977 तक जनता पार्टी की स्थापना तक वे बीस वर्ष तक लगातार जनसंघ के संसदीय दल के नेता रहे। मोरारजी देसाई की सरकार में सन् 1977 से 1979 तक विदेश मंत्री रहे और विदेशों में भारत की छवि बनायी. 1980 में जनता पार्टी से असन्तुष्ट होकर इन्होंने जनता पार्टी छोड़ दी और भारतीय जनता पार्टी की स्थापना में मदद की. 6 अप्रैल 1980 में बनी भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पद का दायित्व भी वाजपेयी को सौंपा गया. अटल बिहारी वाजपेयी दो बार राज्यसभा के लिये भी निर्वाचित हुए. लोकतंत्र के सजग प्रहरी अटल बिहारी वाजपेयी ने सन् 1997 में प्रधानमंत्री के रूप में देश की बागडोर संभाली थी. 19 अप्रैल 1998 को एक बार फिर प्रधानमंत्री पद की शपथ ली और उनके नेतृत्व में 13 दलों की गठबन्धन सरकार ने पाँच वर्षों में देश के अन्दर प्रगति के अनेक आयाम छुए। सन् 2004 में कार्यकाल पूरा होने से पहले भयंकर गर्मी में सम्पन्न कराये गये लोकसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबन्धन (NDA) ने वाजपेयी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा और इण्डिया शाइनिंग का नारा दिया. इस चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला. ऐसी स्थिति में वामपंथी दलों के समर्थन से कांग्रेस ने भारत की केन्द्रीय सरकार पर कायम होने में सफलता प्राप्त की और भाजपा विपक्ष में बैठने को मजबूर हुई. सम्प्रति वे राजनीति से संन्यास ले चुके हैं और नई दिल्ली में 6-A कृष्णामेनन मार्ग स्थित सरकारी आवास में रहते थे.
अटल बिहारी जी थे बेहतरीन कवि
अटल बिहारी वाजपेयी राजनीतिज्ञ होने के साथ-साथ एक कवि भी थे. मेरी इक्यावन कविताए अटल जी का प्रसिद्ध काव्यसंग्रह है. वाजपेयी जी को काव्य रचनाशीलता एवं रसास्वाद के गुण विरासत में मिले थे. उनके पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी ग्वालियर रियासत में अपने समय के जाने-माने कवि थे. वे ब्रजभाषा और खड़ी बोली में काव्य रचना करते थे. पारिवारिक वातावरण साहित्यिक एवं काव्यमय होने के कारण उनकी रगों में काव्य रक्त-रस अनवरत घूमता रहा है. उनकी सर्व प्रथम कविता ताजमहल थी. इसमें शृंगार रस के प्रेम प्रसून न चढ़ाकर “एक शहंशाह ने बनवा के हसीं ताजमहल, हम गरीबों की मोहब्बत का उड़ाया है मजाक” की तरह उनका भी ध्यान ताजमहल के कारीगरों के शोषण पर ही गया. वास्तव में कोई भी कवि हृदय कभी कविता से वंचित नहीं रह सकता.
राजनीति के साथ-साथ समष्टि एवं राष्ट्र के प्रति उनकी वैयक्तिक संवेदनशीलता आद्योपान्त प्रकट होती ही रही है. उनके संघर्षमय जीवन, परिवर्तनशील परिस्थितियाँ, राष्ट्रव्यापी आन्दोलन, जेल-जीवन आदि अनेक आयामों के प्रभाव एवं अनुभूति ने काव्य में सदैव ही अभिव्यक्ति पायी. विख्यात गज़ल गायक जगजीत सिंह ने अटल जी की चुनिंदा कविताओं को संगीतबद्ध करके एक एल्बम भी निकाला था. वहीं वाजपेयी सरकार के शासनकाल में ही देश परमाणु सम्पन्न राष्ट्र बना. अटल सरकार ने 11 और 13 मई 1998 को पोखरण में पांच भूमिगत परमाणु परीक्षण विस्फोट करके भारत को परमाणु शक्ति संपन्न देश घोषित कर दिया
इस कदम से उन्होंने भारत को निर्विवाद रूप से विश्व मानचित्र पर एक सुदृढ वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित कर दिया. यह सब इतनी गोपनीयता से किया गया कि अति विकसित जासूसी उपग्रहों व तकनीकी से संपन्न पश्चिमी देशों को इसकी भनक तक नहीं लगी. यही नहीं इसके बाद पश्चिमी देशों द्वारा भारत पर अनेक प्रतिबंध लगाए गए लेकिन वाजपेयी सरकार ने सबका दृढ़तापूर्वक सामना करते हुए आर्थिक विकास की ऊचाईयों को छुआ. आज देश ने अटल बिहारी के रूप में एक महान नेता को खो दिया है जिसकी भरपाई करना नामुमकिन है. देश हमेशा उन्हें एक महान नेता के रुप में याद रखेगा.
अगर आप भी एयरटेल का सीम यूज करते है तो आपके लिए एक अच्छी खबर है जिसे आप जानकर जरूर खुश होंगे. भारती एयरटेल अपनी 23वीं सालगिरह पर अपने प्रिपेड और पोस्टपेड कस्टमर्स जो स्मार्टफोन यूजर्स को एक गिफ्ट देने जा रहा है. आपको बता दे कि एयरटेल अमेजन पे के साथ साझेदारी के तहत अपने प्रिपेड और पोस्टपेड कस्टमर्स को 51 रूपये का अमेजन पे डिजीटल गिफ्ट कार्ड देने जा रहा है.
इन जगहों पर हो सकता है गिफ्ट कार्ड का यूज
लोग इसका इस्तेमाल मोबाइल रिचार्ज, बिल भुगतान या फिर अमेजन से शॉपिंग के दौरान यूज कर सकते है. वहीं बात अगर एयरटेल द्वारा दिए जा रहे इस गिफ्ट कार्ड की करे तो ये गिफ्ट कार्ड उन प्रीपेड कस्टमर्स को ही दिया जाएगा जो 100 रूपये या उससे अधिक का रिचार्ज पैक इस्तेमाल कर रहे है.
इसके अलावा पोस्टपेड यूजर्स जो इनफिनिटी पैक का इस्तेमाल कर रहे है उन्हें ये गिफ्ट कार्ड दिया जाएगा. वहीं अगर इसकी करे की इस गिफ्ट कार्ड का इस्तेमाल किस प्रकार किया जा सकता है तो आपको बता दे कि इसके लिए लोगों को My airtel app पर जाकर airtel thanks ke बैनर पर क्लिक करना होगा. इसके बाद डिजीटल गिफ्ट कार्ड activate हो जाएगा.
वहीं एक और जानकारी से आपको अवगत करा दे कि एयरटेल द्वारा दिए जा रहे इस डिजीटल गिफ्ट कार्ड का लाभ वे यूजर्स भी उठा पाएंगे जो 100 या उससे अधिक के बंडल रिचार्ज पैक और एयरटेल इनफिनिटी पोस्टपेड प्लान में अपग्रेड करते है. वहीं आपको बता दे कि कंपनी द्वारा ये ऑफर लिमिटेड समय के एवलेवल है. अपनी 23वीं सालगिरह पर एयरटेल भारती अपने यूजर्स के लिए ये 51 रूपये का अमेजन पे डिजीटल गिफ्ट कार्ड लेकर आया है.
तो अगर आप भी एयरटेल के प्रीपेड या पोस्टपेड के कस्टमर है और प्रीपेड सिम पर 100 या उससे अधिक का बंडल पैक यूज कर रहे है और अगर आप पोस्टपेड यूजर है और इनफिनिटी पैक का इस्तेमाल कर रहे है तो एयरटेल भारती द्वारा दिया जा रहे 51 रूपये का अमेजन पे डिजीटल गिफ्ट कार्ड आपके लिए मौजूद है.
अपने दमदार अभिनय के लिए जाने जाने वाले और बॉलीवुड से लेकर हालीवुड तक अपने अभिनय का डंका बजाने वाले बेहतरीन बॉलीवुड अभिनेता इरफान खान बिते कुछ दिनों से अपनी एक अजीब किस्म का बिमारी का इलाज लंदन में करा रहे है. आपको बता दे कि एक्टर इरफान खान अपने जिस बीमारी का इलाज लंदन में करा रहे है उसका नाम “न्यरों इंडोक्राइम ट्यूमर” है.
अब जानकारी सामने आ रही है कि अभिनेता इरफान खान अपनी इस बीमारी को देखते हुए ही अब आगे के फैसेले ले रहे है. अब अभिनेता इरफान खान ने एआइबी की वेब सीरीज गोरमिंट में नजर नहीं आएंगे यानि उन्होंने एआइबी की वेब सीरीज- गोरमिंट छोड़ दी है. facebook पर एक नोट लिखकर अभिनेता इरफान खान ने इस बात की जानकारी दी है. आपको बता दे एआइबी की वेब सीरीज गोरमिंट को अमेजॉन प्राइम के बेनर तले बनाया जा रहा था. इरफान खान खान का पिछले दिनों पांचवी बार किमो हुआ था जिसके बाद वे काफी कमजोर हो गए थे.
इंटरव्यू में की थी अपनी बीमारी और इलाज के बारें में बात
वहीं इरफान खान ने एक इंटरवयू मे अपनी बीमारी को लेकर जानकारी दी थी.अभिनेता ने कहा था कि कभी कभी वे अपनी बीमारी से जुड़े सवालों को लेकर कभी कभी वे इतना परेशान हो जाते है कि उन्हें लगता है कि वे गले में बोर्ड बांधकर लोगों से कह दे कि कुछ ही महीने या साल में वे नहीं रहेंगे. इसके अलावा उन्होंने कहा कि या फिर में इन सब बातों को अनसुना कर दूं और जिंदगी ने जो दिया है उसे तरीके से जिउं. साथ ही अभिनेता इरफान खान ने कहा कि उन्हें जिंदगी ने बहुत कुछ दिया है और वे स्वीकार करते है कि वें आखों में पट्टी बांध कर चल रहे थे.
इसके अलावा बॉलीवुड एक्टर इरफान खान ने कहा कि वें देख ही नहीं पाए की जिंदगी ने उन्हें क्या कह दिया है. फिलहाल अगर बात दिग्गज एक्टर इरफान की करे तो फिलहाल उनका कुछ ही दिन पहले छठा कीमो हुआ था. अब अपनी स्वास्थय की स्थिती को देखकर ही अब इरफान खान अपने आगे के फैसले ले रहे है. अब वे एआइबी की वेब सीरीज गोरमिंट में नजर नहीं आएंगे.
देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी की तबियत बहुत नाजुक बनी हुई. आपको बता दे कि पूर्व प्रधानमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी की तबियत खराब होने के कारण पिछले दो महीनों से राजधानी दिल्ली के एम्स (ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस) में उनका इलाज चल रहा है. लेकिन बीते 36 धंटे से अटल बिहारी वाजपेयी की तबियत कुछ ज्यादा ही खराब चल रही है.
उनकी तबियत नाजुक होने की जानकारी मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेता उनसे मिलने एम्स पहुंचे और लगातार कई नेताओं के एम्स पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है. बीते दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एम्स पहुंचे और अटल बिहारी वाजपेयी के स्वास्थय की जानकारी ली. प्रधानमंत्री मोदी लगभग 50 मिनट तक एम्स में रहे. वहीं बीते दिन 15 अगस्त को एम्स द्वारा हेल्थ बुलेटिन जारी कर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के स्वास्थ के बारे में बताया गया था जिसमें कहा गया था कि उनकी हालत बेहद नाजुत बनी हुई है.
कई नेता पहुंचे एम्स
आपको बता दे कि अटल बिहारी वाजपेयी 11 जून से ही एम्स में भर्ती है. गुरूवार की सुबह भाजपा अध्यक्ष अमित साह, गृह मंत्री राजनाथ सिंह , उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू , भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी सहित भाजपा के कई नेता एम्स पहुंचे और उनके स्वास्थय के बारे में जानकारी ली. वहीं बात अगर अन्य दलों के नेताओं की करे तो बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज शाम को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का हालचाल जानने एम्स पहुंचेंगी.
आज गुरूवार को एम्से ने फिर से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का हैल्थ बुलेटिन जारी किया है जिसमें कहा गया है कि उनकी तबियत फिलहाल नाजुक बनी हुई है. आपको बता दे की बीते 11 जून से ही पूर्व पर्धानममंत्री अटल बिहारी वाजपेयी यूरिन इनफेक्शन की शिकायत के चलते एम्स में भर्ती है और बीते कई वर्षों से बीमार चल रहे है. इसके साथ कई नेता उनसे मिलने एम्स पहुंच रहे है. जब से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अटल बिहारी वाजपेयी की स्थिती नाजुक होने की खबर लोगों को पता चली है तब से ही देश के विभिन्न इलाकों में उनके सेहत में सुधार के लिए लोग पूजा पाठ कर भगवान से प्रार्थना कर रहे है.
The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the Nation on the occasion of 72nd Independence Day, in Delhi on August 15, 2018.
आज देश आत्मविश्वास से भरा हुआ है। सपनों के संकल्प के साथ परिश्रम की पराकाष्ठा से देश नई ऊंचाईयों को पार कर रहा है।
आज़ादी का यह पर्व हम तब मना रहे हैं, जब उत्तराखंड, हिमाचल, मणिपुर, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों की हमारी बेटियों ने सात समंदर पार किया और सातों समंदर को तिरंगे रंग से रंग करके हमारे बीच लौट आईं।
दूर-सुदूर जंगलों में जीने वाले नन्हें-मुन्ने आदिवासी बच्चों ने इस बार एवरेस्ट पर तिरंगा झंडा फहरा करके तिरंगे झंडे की शान और बढ़ा दी है।
दलित हो, पीड़ित हो, शोषित हो, वंचित हो, महिलाएं हो उनके हकों की रक्षा करने के लिए हमारी संसद ने संवेदनशीलता और सजगता के साथ सामाजिक न्याय को और अधिक मजबूत बनाया।
ओबीसी आयोग को सालों से संवैधानिक दर्जा देने की मांग उठ रही थी। इस बार संसद ने इसे संवैधानिक दर्जा दे कर पिछड़ों और अति पिछड़ों के हकों की रक्षा करने का प्रयास किया।
देश में अतिवृष्टिऔर बाढ़ के कारण जिन परिवारों को अपने स्वजन खोने पड़ें हैं, जिन्हें मुसीबतें झेलनी पड़ी हैं, उन सबके प्रति देश पूरी शक्ति से उनकी मदद में खड़ा है।
अगली बैसाखी को जलियांवाला बाग नरसंहार को सौ वर्ष पूरे हो रहे हैं।जलियावालां बाग कांड हमारे देश के वीरों के त्याग और बलिदान की प्रेरणा का संदेश देता है। मैं उन सभी वीरों को हृदयपूर्वक, आदरपूर्वक नमन करता हूं।
भारत ने विश्व की छठी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपना नाम दर्ज करा दिया है।
तिरंगे झंडे की आन-बान-शान हमें जीने-जूझने की, मरने-मिटने की प्रेरणा देता है, उस तिरंगे की शान के लिए देश की सेना के जवान अपने प्राणों की आहुति दे देते हैं।
सेना के सभी जवानों, अर्धसैनिक बलों और पुलिस के जवानों को, उनकी महान सेवा और त्याग-तपस्या के लिए, उनके पराक्रम और पुरुषार्थ के लिए शत-शत नमन।
आज़ादी के बाद पूज्य बाबा साहेब अम्बेडकर जी के नेतृत्व में भारत ने एक समावेशी संविधान का निर्माण किया। ये नए भारत के निर्माण का संकल्प ले करके आया है।
एक आत्मनिर्भर हिन्दुस्तान हो, एक सामर्थ्यवान हिन्दुस्तान हो, एक विकास की निरंतर गति को बनाए रखने वाला, लगातार नई ऊंचाइयों को पार करने वाला हिन्दुस्तान हो, दुनिया में हिन्दुस्तान की साख हो, और इतना ही नहीं, हम चाहते हैं कि दुनिया में हिन्दुस्तान की दमक भी हो। हम वैसा हिन्दुस्तान बनाना चाहते हैं।
जब सवा सौ करोड़ देशवासियों की भागीदारी होती है, जन-जन देश को आगे बढ़ाने के लिए हमारे साथ जुड़ता है। सवा सौ करोड़ सपने, सवा सौ करोड़ संकल्प, सवा सौ करोड़ पुरुषार्थ, जब निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सही दिशा में चल पड़ते हैं तो क्या कुछ नहीं हो सकता ?
2014 में इस देश के सवा सौ करोड़ नागरिक सिर्फ सरकार बना कर रुके नहीं थे। वे देश बनाने के लिए जुटे थे, जुटे हैं और जुटे रहेंगे। मैं समझता हूं यही हमारे देश की ताकत है।
The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the Nation on the occasion of 72nd Independence Day, in Delhi on August 15, 2018.
पिछले 4 साल में जो काम हुए हैं, उन कामों का अगर लेखा-जोखा लें, तो आपको अचरज होगा कि देश की रफ़्तार क्या है, गति क्या है, प्रगति कैसे आगे बढ़ रही है।
शौचालय ही ले लें, अगर शौचालय बनाने में वर्ष 2013 की जो रफ़्तार थी, उसी रफ़्तार से चलते तो शायद कितने दशक बीत जाते शौचालयों का निर्माण शत-प्रतिशत पूरा करने में।
वर्ष 2013 की रफ्तार के आधार पर गांव में बिजली पहुंचाने के लिए शायद एक-दो दशक और लग जाते।
गरीबों को एलपीजी गैस कनेक्शन, गरीब मां को धुंआ-मुक्त बनाने वाला चूल्हा, यदि 2013 की रफ़्तार से चले होते तो उस काम को पूरा करने में शायद 100 साल भी कम पड़ जाते।
वर्ष 2013 की रफ्तार से अगर ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क लगाने का काम करते तो शायद पीढि़यां निकल जाती। ये रफ़्तार, ये गति, ये प्रगति, ये लक्ष्य इस प्राप्ति के लिए हम आगे बढ़ेगें।
चार साल में देशबदलाव महसूस कर रहा है। देश एक नई चेतना, नई उमंग, नए संकल्प, नई सिद्धि और नये पुरुषार्थ के साथ आगे बढ़ा रहा है। आज देश दोगुना Highway बना रहा है, चार गुना, गांवों में नए घर बना रहा है।
देश आज Record अनाज का उत्पादन कर रहा है, तो देश आज RecordMobile phone का उत्पादन भी कर रहा है। देश में आज Recordट्रैक्टरों की बिक्री हो रही है।
देश में आज आज़ादी के बाद सबसे ज्यादा हवाई जहाज खरीदने का काम हो रहा है।
देश आज नए IIM, नए IIT, नए AIIMS की स्थापना कर रहा है। देश आज छोटे-छोटे स्थानों पर नए Skill Development के Mission को आगे बढ़ाकर नए-नए Centre खोल रहा है।
हमारे tier 2,tier 3 cities में Startup की बाढ़ आई हुई है।
दिव्यांग लोगों के लिये Common Sign की Dictionary बनाने का काम भी हमारा देश कर रहा है।
हमारे देश का किसान इन दिनों आधुनिकता, वैज्ञानिकता की ओर जाने के लिये micro irrigation, drip irrigation और Sprinkle पर काम कर रहा है।
संकट से घिरे मानव की रक्षा के लिये हमारी सेना करुणा, माया और ममता के साथ पहुंच जाती है, लेकिन वही सेना जब संकल्प लेकर के चल पड़ती है, तो surgical strike करके दुश्मनों के दांत खट्टे करके आ जाती है।
हमारे लिये आवश्यक है कि हम बड़े लक्ष्य लेकर के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की दिशा में प्रयास करे और जब लक्ष्य ढुलमुल होते हैं, हौसले बुलंद नहीं होते हैं, तो समाज तथा जीवन के जरूरी फैसले भी सालों तक अटके पड़े रहते हैं।
हिम्मत के साथ फैसला किया गया कि देश के किसानों को लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाएगा।
देश के छोटे-छोटे व्यापारियों की मदद से, उनके खुलेपन से, नएपन को स्वीकारने के उनके स्वाभाव के कारण आज देश ने जीएसटी लागू कर दिया। व्यापारियों में एक नया विश्वास पैदा हुआ।
The Prime Minister, Shri Narendra Modi interacting with the school children after addressing the Nation on the occasion of 72nd Independence Day from the ramparts of Red Fort, in Delhi on August 15, 2018.
बुलंद हौसले और देश के लिए कुछ करने के इरादे के कारण बेनामी संपत्ति का कानून लागू किया गया है।
दुनिया एक समय कहती थी कि हिन्दुस्तान की economy, risk भरी है। आज वही लोग वही संस्थाएं, वही लोग बड़े विश्वास के साथ कह रहे है कि reform momentum, fundamental को मजबूती दे रहा है।
पहले दुनिया red tape की बात करती थी लेकिन आज red carpet की बात हो रही है। ease of doing business में हम सौ तक पहुंच गये हैं।
पहले भारत की छवि policy paralysis, यानी delayed reformकी थी। लेकिन आज दुनिया में एक ही बात आ रही है कि भारत यानी reform, perform और transform.
पहले Fragile five में हमारी गिनती हो रही थी। लेकिन आज दुनिया कह रही है कि भारत multi trillion dollar के investment का destination बन गया है।
भारत के लिए कहा जा रहा है कि सोया हुआ हाथी अब जग चुका है, चल पड़ा है, सोए हुए हाथी ने अपनी दौड़ शुरू कर दी है। दुनिया के अर्थवेत्ता कह रहे हैं international institutions कह रहे हैं, आने वाले तीन दशक तक, विश्व की अर्थव्यवस्था की ताकत को भारत गति देने वाला है।
37. आज अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत की साख बढ़ी है, दुनिया के मंचों पर हमने अपनी आवाज़ को बुलंद किया है।
विश्व की जिन संस्थाओं में भारत को सदस्यता का इंतजार था, आज ऐसी अनगिनत संस्थाओं में हमें स्थान मिला है। पर्यावरण की चिंताओं के लिए, global warming के लिए परेशानी की चर्चा करने वाले लोगों के लिए, आज भारत एक आशा की किरण बना है। भारत International solar alliance की पूरे विश्व में अगुआई कर रहा है।
आज खेल के मैदान में North-East की दमक नजर आ रही है।
North-East के आखिरी गांव में बिजली पहुंच गई है।
North-East से highways, railways, airways, waterways और information ways (i-way) के विकास की खबरें आ रही है।
हमारे North-East के नौजवान वहां BPO खोल रहे हैं।
आज हमारा North-East, organic farming का hub बन रहा है वहीं North-East, sports university की मेजबानी कर रहा है।
एक समय था जब North-East को लगता था कि दिल्ली बहुत दूर है। हमने चार साल के भीतर-भीतर दिल्ली को North-East के दरवाज़े पर ला करके खड़ा कर दिया है।
आज हमारे देश में 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 साल की उम्र की है। हमारे देश के नौजवानों ने nature of job को पूरी तरह बदल दिया है। startupहो, BPO हो, e-commerce हो, mobility का क्षेत्र हो ऐसे नये क्षेत्रों को आज मेरे देश का नौजवान अपने सीने में बांध करके नई ऊंचाईयों पर देश को ले जाने के लिए लगा हुआ है।
13 करोड़ लोगों कोMUDRA LOAN, बहुत बड़ी बात है। उसमें 4 करोड़ नौजवान हैं, जिन्होंने ज़िंदगी में पहली बार कहीं से लोन लिया है, और अपने पैरों पर खड़ें होकर स्वरोजगार पर आगे बढ़ रहे है। ये अपने आप में बदले हुए वातावरण का एक जीता जागता उदाहरण है।
हिन्दुस्तान के तीन लाख गावों में COMMON SERVICE CENTRE देश के युवा चला रहे हैं और हर गांव को, हर नागरिक को, पलक झपकते ही विश्व के साथ जोड़ने के लिए Information Technology का भरपूर उपयोग कर रहे हैं।
वैज्ञानिकों के आधार, कल्पना और सोच के परिणामस्वरूप, ‘नाविक’ को हम लॉन्च करने जा रहे हैं। इससे देश के मछुआरों को, देश के सामान्य नागरिकों को नाविक के द्वारा दिशा दर्शन का लाभ मिलेगा।
हमारे देश ने संकल्प किया है कि 2022 तक हम अंतरिक्ष में मानव सहित गगनयान लेकर के चलेगें, जब ये गगनयान अंतरिक्ष में जाएगा, हम मानव को अंतरिक्ष में पहुंचाने वाले विश्व के चौथे देश बन जाएंगे।
50. आज हमारा पूरा ध्यान कृषि क्षेत्र में आधुनिकता लाने के लिए, बदलाव लाने के लिए चल रहा है। आजादी के 75वें साल में हमने, किसानों की आय दोगुनी करने का सपना देखा है।
हम कृषि में आधुनिकता ला कर, कृषि के फलक को चौड़ा कर चलना चाहते हैं। बीज से ले करके बाजार तक हम value addition करना चाहते हैं। हम पहली बार देश में agriculture export policy की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं ताकि हमारे देश का किसान भी विश्व बाज़ार के अंदर ताकत के साथ खड़ा रहे।
आज नई कृषि क्रांति, organic farming, blue revolution, sweet revolution, solar farming; ये नए दायरे खुल चुके हैं। उसको ले करके हम आगे बढ़ना चाहते हैं।
मछली उत्पादन के मामलों में हमारा देश दुनिया में second highest हो गया है।
आज शहद का export दोगुना हो गया है।
गन्ना किसानों को खुशी होगी कि हमारे ethanol का उत्पादन तीन गुना हो गया है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था में जितना महत्व कृषि का है, उतना ही अन्य कारोबारों का है। इसलिए हम women self help group द्वारा, अरबों-खरबों रूपयों के माध्यम से, गांव के जो संसाधन हैं, गांव का जो सामर्थ्य है, उसको आगे बढ़ाना चाहते हैं और उस दिशा में हम प्रयास कर रहे हैं।
खादी की बिक्री पहले से दोगुनी हो गई है।
देश का किसान अब solar farming पर भी बल देने लगा है। खेती के सिवाय वो solar farming से बिजली बेच कर भी कमाई कर सकता है।
देश में आर्थिक विकास और आर्थिक समृद्धि के साथ-साथ मानव की गरिमा भी हो, ये supreme होती है। हम उन योजनाओं को ले करके आगे बढ़ना चाहते हैं ताकि व्यक्ति सम्मान से जिंदगी जी सकें, गर्व से जिंदगी जी सकें।
WHO की रिपोर्ट के हिसाब से भारत में स्वच्छता अभियान के कारण 3 लाख बच्चे मरने से बच गए हैं।
गांधी जी ने सत्याग्रही तैयार किए थे और गांधी जी की प्रेरणा ने स्वच्छाग्रही तैयार किए हैं। बापू के 150वीं जयंती पर पूज्य बापू को स्वच्छ भारत के रूप में, ये हमारे कोटि-कोटि स्वच्छाग्रही, कार्यान्जलि समर्पित करेंगे।
देश के गरीब से गरीब व्यक्ति को, सामान्य जन को, आरोग्य की सुविधा मिले इसलिए गंभीर बीमारियों के लिए और बड़े अस्पतालों में सामान्य लोगों को भी आरोग्य की सुविधा मिले, मुफ्त में मिले और इसलिए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री जनआरोग्य अभियान प्रारंभ करने का तय किया है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत, 10 करोड़ परिवारों को, यानी करीब-करीब 50 करोड़ नागरिक, हर परिवार को 5 लाख रुपया सालाना,health assurance देने की योजना है। ये हम इस देश को देने वाले हैं।
ये technology driven व्यवस्था है, transparency पर बल हो, किसी सामान्य व्यक्ति को ये अवसर पाने में दिक्कत न हो, रुकावट न हो इसमें technology intervention बहुत महत्वपूर्ण है। इसके लिए technology के टूल बने हैं।
25 सितंबर, 2018 को प्रधानमंत्री जनआरोग्य अभियान लॉन्च कर दिया जाएगा और उसका परिणाम ये होने वाला है कि देश के गरीब व्यक्ति को अब बीमारी के संकट से जूझना नहीं पड़ेगा।
देश में भी मध्यमवर्गीय परिवारों के लिये, नौजवानों के लिये आरोग्य के क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे। tier 2 tier 3 cities में नए अस्पताल बनेंगे। बहुत बड़ी मात्रा में medical staff लगेगा। बहुत बड़े रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
हमने पिछले चार साल में ग़रीब को सशक्त बनाने की दिशा में बल दिया है। अभी-अभी एक अंतरराष्ट्रीय संस्था ने एक बहुत अच्छी रिपोर्ट निकाली है। उन्होंने कहा है कि पिछले दो वर्ष में भारत में पांच करोड़ ग़रीब, ग़रीबी की रेखा से बाहर आ गए हैं।
गरीब को सशक्त बनाने के लिये हमनें अनेक योजनाएं बनाई है। योजनाएं तो बनती हैं। लेकिन बिचौलिये, कटकी कम्पनी उसमें से मलाई खा लेते हैं। ग़रीब को हक मिलता नहीं है।
सरकारleakages बंद करने में लगी है, इस सरकार ने इसको रोका है। भ्रष्टाचार, कालेधन, ये सारे कारोबार रोकने की दिशा में हमने कदम उठाया है। इसके परिणामस्वरूप करीब 90 हज़ार करोड़ रुपया सरकारी खज़ाने में आया है।
जो ईमानदार व्यक्ति कर देता है उन पैसों से ये योजनाएं चलती हैं। इन योजनाओं का पुण्य अगर किसी को मिलता है तो सरकार को नहीं, मेरे ईमानदार करदाताओं को मिलता है, Tax payer को मिलता है।
देश में 2013 तक, यानी पिछले 70 साल की हमारी गतिविधि का परिणाम था, कि देश में directTax देने वाले 4 करोड़ लोग थे। लेकिन आज यह संख्या करीब-करीब दो गुना हो करके पौने सात करोड़ हो गई है।
70 साल में हमारे देश में जितने indirect tax में उद्यमी जुड़े थे वो 70 साल में 70 लाख का आंकड़ा पहुंचा है। लेकिन सिर्फ GST आने के बाद पिछले एक वर्ष में यह 70 लाख का आंकड़ा एक करोड़ 16 लाख पर पहुंच गया।
हम काला धन, भ्रष्टाचार को माफ नहीं करेंगे। कितनी ही आफतें क्यों न आएं, इस मार्ग को तो मैं छोड़ने वाला नहीं हूं। अब दिल्ली के गलियारों में power broker नज़र नहीं आते हैं।
हमने प्रक्रियाओं को transparent बनाने के लिए online प्रक्रिया चालू की है। हमने IT Technology का उपयोग किया है।
भारतीय सशस्त्र सेना में short service commission के माध्यम से नियुक्त महिला अधिकारियों को पुरूष समकक्ष अधिकारियों की तरह पारदर्शी चयन प्रक्रिया द्वारा स्थाई commission की मैं आज घोषणा करता हूं।
बलात्कार पीड़ादायक है, लेकिन बलात्कार की शिकार उस बेटी को जितनी पीड़ा होती है, उससे लाखों गुना पीड़ा हम देशवासियों को, देश को, जनता को, हर एक को पीड़ा होनी चाहिए।
इस राक्षसी मनोवृत्ति से देश और समाज को मुक्त कराना होगा। कानून अपना काम कर रहा है। हमें इस मानसिकता पर प्रहार करने की आवश्यकता है, इस सोच पर प्रहार करने की आवश्यकता है, इस विकृति पर प्रहार करने की आवश्यकता है।
तीन तलाक की कुरीति ने हमारे देश की मुस्लिम बेटियों की ज़िंदगी को तबाह करके रखा हुआ है। और जिनको तलाक नहीं मिला है वो भी इस दबाव में गुज़ारा कर रही है। संसद के मॉनसून सत्र में Parliament में कानून लाकर के हमारी इन महिलाओं को कुरीतियों से मुक्ति दिलाने का बीड़ा उठाया गया था। लेकिन, अभी भी कुछ लोग हैं जो इसे पारित नहीं होने देते।
हमारे सुरक्षाबलों के प्रयासों, राज्य सरकारों की सक्रियता और, केन्द्र तथा राज्यों की विकास योजनाओं के कारण, जन-साधारण को जोड़ने के प्रयासों का परिणाम है कि आज कई वर्षों के बाद त्रिपुरा और मेघालय- दो राज्य पूरी तरह armed forces special power act से मुक्त हो गए हैं।
जम्मू और कश्मीर के मामले में अटल बिहारी वाजपेयी जी ने जो रास्ता हमें दिखाया है वही रास्ता सही है। उसी रास्ते पर हम चलना चाहते हैं। हम गोली और गाली के रास्ते पर नहीं, गले लगा करके कश्मीर के देशभक्ति से जीने वाले लोगों के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं।
आने वाले कुछ ही महीनों में जम्मू–कश्मीर में गांव के लोगों को अपना हक जताने का अवसर मिलेगा। अपनी स्वयं की व्यवस्था खड़ी करने का अवसर मिलेगा। अब तो भारत सरकार से इतनी बड़ी मात्रा में वो पैसे सीधे गांव के पास जाते हैं तो गांव को आगे बढ़ाने के लिए वहां के चुने हुए पंच के पास ताकत आएगी। इसलिए निकट भविष्य में पंचायतों के चुनाव हों, स्थानीय नगर-निकायों के चुनाव हों, उस दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।
हर भारतीय के पास अपना घर हो – housing for all. हर घर के पास बिजली कनेक्शन हो – Power for all. हर भारतीय को धुंए से मुक्ति मिले रसोई में, और इसलिए cooking gas for all. हर भारतीय को जरूरत के मुताबिक जल मिले और इसलिए water for all. हर भारतीय को शौचालय मिले और इसलिए sanitation for all, हर भारतीय को कुशलता मिले और इसलिये skill for all, हर भारतीय को अच्छी और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं मिले, इसलिये health for all, हर भारतीय को सुरक्षा मिले, सुरक्षा का बीमा सुरक्षा कवच मिले और इसलिए insurance for all, हर भारतीय को इंटरनेट की सेवा मिलें और इसलिए connectivity for all, इस मंत्र को ले करके हम देश को आगे बढ़ाना चाहते है।
हमें ठहराव मंज़ूर नहीं है, हमें रुकना मंज़ूर नहीं है, और झुकना तो हमारे स्वभाव में नहीं है। ये देश न रुकेगा, न झुकेगा, ये देश न थकेगा, हमें नई ऊंचाइयों पर आगे चलना है, उत्तरोत्तर प्रगति करते चलना है।
स्वतंत्रता दिवस उत्सव पर देशभक्ति क्विज प्रतियोगिता ‘देश के लिए 10 सवाल’ के फाइनल में मोहन गार्डेन स्थित सर्वोदय कन्या उच्च विद्यालय की छात्रा संजना ने दो निजी स्कूलों को पटकनी देते हुए प्रथम पुरस्कार जीत लिया।जबकि एक अन्य स्कूल के छात्र प्रिंस द्वितीय और श्रीलाल कॉन्वेंट स्कूल के छात्र रितिक ने तृतीय पुरस्कार जीते।फाइनल खेलने के लिए तीन स्कूलों 30 बच्चों में शिव पब्लिक स्कूल के 10 बच्चों का भी चयन हुआ था।
प्रतियोगिता का आयोजन सामाजिक संस्था ‘पंचकोसी’ ने किया था.क्विज प्रतियोगिता के प्रस्तोता सुशील देव ने बताया कि तीनों स्कूलों के छठी से बारहवीं कक्षा तक के बच्चों ने इसमें हिस्सा लिया.इस प्रतियोगिता का मकसद बच्चों में देशभक्ति बढ़ाना, राष्ट्र, संविधान और देशहित में सामान्य ज्ञान केप्रति जागरूकताफैलाना था।
स्वतंत्रता दिवस उत्सव पर बच्चों ने रंगारंग देशभक्ति कार्यक्रम प्रस्तुत किए.कार्यक्रम में सामाजिक संस्था या गैर सरकारी संगठन राजनीति की पाठशाला, व्हाइट शेडो, स्माइली क्लासेस सर, सोशलग्रोथफाउंडेशन, लायंस क्लब दिल्ली वेज और पूर्वांचल जन-गण-मंच का भी सहयोग रहा।
72वें स्वतन्त्रता दिवस की स्वर्ण बेला पर एनजीओ ‘जन शरणम’ ने देशभक्ति से सराबोर कार्यक्रम ‘आज़ादी आशा की’ का आयोजन किया, जिसमें ‘जन शरणम’ द्वारा समाज के हाशिये पर खड़े परिवारों के बच्चों को शिक्षित करने के साथ ही उन बच्चों की बहुमुखी प्रतिभाओं को विकसित करने के उद्देश्य से एक रंगारन्ग कार्यक्रम तथा फैशन परेड भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्जवल के साथ हुई। उसके बाद बदरपुर के थानाध्यक्ष शोएब अहमद फारूकी, बदरपुर के विधायक नारायण दत्त शर्मा व भाजपा दिल्ली प्रदेश मंत्री बिक्रम बिधूड़ी आदि ने ध्वजारोहण किया। उनके अलावा डीआरयूसीसी मेंबर भारत सरकार ऋचा बशिष्ठ, एसिस्टेंट प्राइवेट सेक्रेटरी भारत सरकार करमवीर यादव ने विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
उन्होंने संस्था में पढ़ रहे मेधावी बच्चों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया व उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।बदरपुर विधायक नारायण दत्त शर्मा ने इस अवसर ‘जन शरणम’ के तीन साल पूरे होने पर बधाई दी और आश्वासन दिया कि वे अपनी सरकार से कहकर संस्था को पूर्ण सहयोग प्रदान करायेंगे।’जन शरणम’ की ब्रांड एम्बेस्डर कृष्णा चौधरी, जो कि समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं, उन्होंने कभी भी अपनी कमियों को अपनी कामयाबी के आगे नहीं आने दिया। वे मधुर आवाज की धनी हैं और अपने मुंह से तरह तरह के पेंटिंग व मेहंदी भी लगाती हैं। उन्होंने इस मौके पर देश भक्ति से ओतप्रोत गीत गाये, जिन्हें सुनकर वहां उपस्थित जनसमूह ने उनकी तारीफ की। विधायक महोदय ने उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर एसडीएमसी के चेयरमैन के के शुक्ला, प्रख्यात मोटीवेशनल वक्ता डा. पूर्णिमा अग्रवाल, डी एस तंवर पर्यावरणविद एवं समाजसेवी, श्री डी. डी. ध्यानी आदि ‘जन शरणम’ के बच्चों के उत्साहवर्धन हेतु उपस्थित रहे। सभी अतिथियों को एक पौधा व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों ने संस्था के बच्चों को उपस्थिति देखकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की और कहा कि यही बच्चे हमारे देश का आने वाला भविष्य है और इस दिशा में ‘जन शरणम’ उनकी जिंदगी को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है। संस्था के अध्यक्ष रमांशु वर्मा ने बताया कि ‘जन शरणम’ समाज के पिछड़े वर्ग की महिलाओं एवं बच्चों के उत्थान को समर्पित संस्था है जिसने वर्ष 2015 में समाज के अशिक्षित एवं पिछड़े वर्ग की सेवा के उद्देश्य से दिल्ली और उत्तर प्रदेश में अपना सेवा कार्य आरम्भ किया।
सबसे पहले इन क्षेत्रों में अनाथाश्रमों और वृधाश्रमों को आर्थिक व रोजमर्रा की आवश्यकताओं की सहायता के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा/मनोरंजन तथा वृद्ध लोगों के साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनकर, उनकी मनोभावनाएँ समझकर उनका आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ाने हेतू त्यौहारों पर और प्रत्येक सन्डे मनोरंजन कार्यक्रमों का आयोजन किया। बच्चों के साथ उनके शैक्षिक एवं व्यक्तित्व सुधार के लिये उन बच्चों के साथ मिलकर कई प्रकार के कार्यक्रम/उत्सवों का आयोजन, तथा NCR के लोगों द्वारा इन बच्चों को समुचित सुविधाएँ प्रदान करवायी गयीं और आज़ ये बच्चे अपना जीवन सार्थक बनाने की दिशा में आगे बढ़ चुके हैं। हमने गत वर्षों में इन बच्चों के साथ शैक्षिक/दैनिक आवश्यकताओं और अन्य योगदान करने के अलावा, उनको दिल्ली जू, म्युसियम तथा ऐतिहासीक स्थानों की मनोरंजक यात्राएं करवाई ज़ो उनके व्यक्तित्व को बहु आयामी बनाने में कारगर सिद्ध हों!
उत्तर प्रदेश और दिल्ली में ‘जन शरणम’ स्कूल ना ज़ा पाने वाले बच्चों के लिये फ्री शिक्षा केन्द्र चला रहा है। साथ ही गरीब महिलाओं को सिलाई-कढाई की ट्रेनिंग भी दी ज़ा रही है, जिसके द्वारा वो आर्थिक रूप से भी स्वतन्त्र हो पायें। हम उपरोक्त चिन्हित इलाकों में समय समय पर फ्री मेडिकल और स्वास्थ्य केम्प भी लगा रहे हैं। हमारी योजना है की शीघ्र ही भारत के सभी राज्यों मे ऐसे केन्द्र और सेवायें खोले ।
‘जन शरणम’ को विगत 3 वर्षों में कई ‘जन शिक्षा केन्द्र’ के माध्यम से गरीबी की रेखा से नीचे रह रहे 2500 से अधिक बच्चों को साक्षर बनाने में सफलता मिली है।
अगर आप भी कलर्स टीवी के चर्चित शो बीस बॉस के फैंन है तो तैयार हो जाइए बीग बॉस-12 के लिए. जी हां 16 सित्मबर से बीग बॉस सीजन- 12 शुरू होने वाला है. वहीं आपको बता दे की बीग बॉस सीजन 12 का पहला प्रोमो भी रिलीज किया जा चुका है जिसे लोगों ने खूब पसंद भी किया है. बात अगर बीग बॉस -12 के प्रोमों की करे बीग बॉस -12 का प्रमो क्लारूम के थीम पर आधारित है.
वहीं शो के होस्ट दबंग खान यानि सलमान खान स्टूडेंट्स की कलास लेते नजर आ रहे है. बीग बॉस -12 के रिलीज किए गए इस प्रोमो में सलमान आखिर में फेमस टॉवल डांस करते हुए नजर आ रहे है. वहीं बात अगर पॉपुलर शो बिग बास की करे तो बीग बॉस का हर सीजन कुछ अलग होता है जिसे लोग खूब पसंद करते है. इस बार भी बीग बॉस-12 में शो मेकर्स ने कुछ अलग करने की सोची है. इस बार बीग बॉस-12 में विचित्र जोड़ीस का कान्सेप्ट हो सकता है.
बीग बॉस-12 में हो सकता है विचित्र जोड़ीस का कॉन्सेप्ट
वहीं बात अगर सलमान खान की करे तो सलमान खान भी बीग बॉस-12 के प्रोमों में विचित्र जोड़ी की चर्चा कर रहे है. इसेक अलाव बीग बॉस-12 के प्रोमो में सलमान कह रहे है कि इस बार बदल जाएगी गेम की ABCD जब आएंगे विचित्र जोड़ीस. अब सलमान खान ने जब विचित्र जोडीस की चर्चा पॉ बीग बॉस-12 के प्रोमो में की है तो शायद इस बार विचित्र जोड़ीस का कॉन्सेप्ट शो में देखने को मिले.
सलमान ही होस्ट करेंगे बीग बॉस-12
वहीं बात अगर कलर्स टीवी पर आने वाले लोकप्रीय शो में बीग बॉस की करे तो पिछले सीजन की तरह ही इस बार बीग बॉस-12 में सेलब्रिटिज और कामनर्स इस शो का हिस्सा होंगे. इस बार बीग बॉस-12 में 6 सेलेब्रिटि जोड़िया और 7 कामनर्स जोड़िया को चुना जाएगा. हर साल बीग बॉस का शो लोगो को खूब मनोरंजन देता है. इस शो की टीआरपी भी टॉप पर रहती है और सबसे खास बात इस शो की ये है कि कलर्स टीवी पर प्रसारित होने वाले इस शो को बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान होस्ट करते है फिर तो शो की टीआरपी तो टॉप पर रहनी ही है.
इस बार भी बीग बॉस सीजन 12 को दबंग खान यानि सलमान खान ही होस्ट कर रहे है. वहीं बात अगर बीग बॉस के पिछले सीजन बीग बॉस- 11 की करे तो बीग बॉस- 11 की विनर शिल्पा शिंदे रही थी जिन्हें लोग &TV पर आने वाले शो “भाभाजी धर पर है” में अंगूरी भाभी के किरदार में देख चुके है. लेकिन अब शिल्पा शिंद इस &TV पर आने वाले शो “भाभाजी धर पर है” का हिस्सा नहीं है. बीग बॉस- 11 काफी मजेदार रहा था और लोगों ने बीग बॉस- सीजन 11 को खूब पसंद किया था. अब ये तो समय के साथ ही पता चल पाएगा कि बीग बॉस सीजन 12 को लोग कितना पसंद करते है.
देवभूमि उत्तराखंड में अब गौ हत्या पर पूरी तरह बैन लगा दिया है. उत्तराखंड हाइकोर्ट की कार्यवाहक चीफ जस्टिस राजीव शर्मा और जस्टिस मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ ने आदेश जारी कर पूरे उत्तराखंड में गाय, बैल , सांड, बछड़े और बछिया के किसी भी उद्देश्य के लिए हत्या पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है. वहीं बात अगर उत्तराखंड हाइकोर्ट की करे तो उत्तराखंड हाइकोर्ट ने इस मामले में एक लैटिन शब्द और सिद्दांत “परेन्स पैट्रए” इस्तेमाल किया है. कोर्ट ने इस सिद्धांत का इस्तेमाल करते हुए गाय और इसके अलावा अन्य आवारा पशुओं को हित को ध्यान में रखते हुए निर्देश जारी किया है.
हाईकोर्ट ने जारी किया आदेश
आपको बता दे कि लैटिन शब्द “परेन्स पैट्रए” का मतलब होता है ” अपने देश के माता पिता”. जानकारी के लिए आपको बता दे कि इस सिद्धांत के अनुसार किसी भी राज्य को यह अधिकार होता है कि वह ऐसे निरोह प्राणियों की हित के लिए कानून बनाए जो अपनी रक्षा अपने आप नहीं कर सकते है. वहीं कोर्ट ने इस मामले में उत्तराखंड के सभी सर्किल ऑफिसर को ये आदेश जारी किया है कि अगले 24 घंटों के भीतर इस बात को सुनिश्चित किया जाए कि अब किसी भी गाय की हत्या न हो.
कानूनी मुकदमा दायर करने के आदेश
वहीं हाइकोर्ट ने इस बात को कहा कि यदि कोई पशु सड़क, चौराहे या सार्वजनिक स्थानों पर पाया जाए तो उसके मालिक पर मुकदमा दायर कर कानूनी कार्रवाई की जाए. इसके अलावा उत्तराखंड हाइकोर्ट ने राज्य में यातायात को सूचारू रूप से चलाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य के राजमार्गों और ग्राम पंचायतों और नगर निगमों को इस बात को सुनिश्चित करने को कहा हा कि अगर सड़क पर कोई आवारा पशु धूमता दिखाई न दे.
वहीं अगर कोई पशु सड़क पर दिखाई देता है तो इस मामले में भी कोर्ट ने आदेश जारी किया है और आवारा पशुओं को सड़क से हटाते समय पूरी करूणा दिखाए जाने का आदेश उत्तराखंड हाइकोर्ट द्वारा जारी किया गया है साथ- साथ इस बात को भी कहा गया है कि पशुओँ को सड़को से हटाए जाने के दौरान इस बात का ध्यान रहे कि पशुओं को किसी भी प्रकार का अनावश्यक दर्द का सामना न करना पड़े.
उत्तराखंड हाइकोर्ट द्वारा गाय और अन्य पशुओं की रक्षा और हित में जारी किए इस आदेश को अब पूर राज्य में लागू कर दिया गया है. इस आदेश को देखकर ऐसा लगता है कि उत्तराखंड हाइकोर्ट गाय और अन्य आवारा पशुओँ के रक्षा और हित के लिए सामने आया है जो की एक अच्छा कदम है.