फिर बढ़ सकता है दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर, अलर्ट जारी

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नई दिल्ली –

पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है. इसके दो कारण है एक तो हथनीकुंड बैराज से छोड़ा जा रहा पानी और दूसरा बारिश. इन दो कारणों से यमुना पूरी तरह लबालब है. रिपोर्टस के मुताबिक एक बार फिर हरियाणा के यमुनानगर के हथनीकुंड बैराज में जलस्तर में बढ़ोतरी होने के कारण हरियाणा के हथनिकुंड बैराज से बीती रात तकरीबन 1 लाख 75 हजार क्युसिक यमुना का पानी दिल्ली की और छोड़ा गया है जिससे दिल्ली में यमुना के जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकताी है.

 

जारी किया गया अलर्ट

वहीं बताया जा रहा है कि जो पानी हथनीकुंड बैराज से छोड़ा गया है वो अगले 72 घंटों में दिल्ली में पहुंच सकता है. इसको देखते हुए दिल्ली के  नीचले इलाकों में रह रहे लोगों और यमुना नदी के किनारे बसे लोगों को सुरक्षित जगह जाने का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं बात अगर बीते महीने जुलाई की करे तो जुलाई के महीने में भी हथनीकुंड बैराज से लगातार पानी दिल्ली की और छोड़ा गया था जिसने दिल्ली में यमुना नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की थी.

 

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लगातार हथनी कुंड बैराज से छोड़ा जा रहा पानी

लगातार हथनी कुंड  बैराज से छोड़े जा रहे पानी के कारण यमुना का जलस्तर दिल्ली में बढ़ा हुआ है जिससे दिल्ली के निचले इलाकों में पानी जमा हुआ हो गया था. राजधानी दिल्ली में यमुना खतरे से लगातार उपर बह रही है. पिछले महीने जुलाई में यमुना नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण इसके अलावा अगर यमुना नदी पर बने लोहे के पुल  की करे तो वहां भी  पानी के स्तर बढ़ोतरी  हुई थी  और जिसको  देखते हुए लोहे के पुल के गुजरने वाली 27  ट्रेनों को केंसिल कर दिया गया था.

 

 

पानी के स्तर बढ़ोतरी  हुई थी और इसको देखते हुए लोहे के पुल के गुजरने वाली 27  ट्रेनों को केंसिल कर दिया गया थी. इसते अलावा कई ट्रेनों के रूट को चेंज करने पड़े थे. वहीं बात अगर फिलहाल की स्थिती की करे तो फिलहाल यमुना नदी का पानी जलस्तर बढ़ा हुआ है जैसा की मीडिया रिपोर्ट में बताया गया जा रहा है की फिर से एक बार तकरीबन 1 लाख 75 हजार क्युसिक पानी दिल्ली की और छोड़ा गया है जिसके चलते एक बार फिर दिल्ली में यमुना नदी के जलस्तर में फिर से बढ़ोतरी होने की आशंका है.

 

क्या आपने जाना एयर एशिया के इस खास ऑफर के बारे में

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नई दिल्ली –

अगर आप भी अगले साल अपनी यात्रा हवाई मार्ग द्वारा करना चाहते है तो एयर एशिया से यात्रा करना आपके लिए इस मामलें में आपके लिए फायदेमंद हो सकता है. 15 अगस्त यानि स्वतंत्रता दिवस नजदीक है. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्राइवेट विमानन कंपनी एयर एशिया धरेलू उड़ानों पर 45 प्रतिशत की छूट दे रही है. वहीं बात अगर एयऱशिया के वेबसाइट की करे तो स्वतंत्रता दिवस को मौके पर ये ऑफर बेंगलुरू, रांची कोलकाता, नई दिल्ली, औक हैदराबाद , अमृतसर के लिए है.

 

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वहीं बात एयर एशिया द्वारा दिए जा रहे इस ऑफर की करे तो इस ऑफर के तहत टिकट की बुकिंग 13 अगस्त से लेकर 19 अगस्त तक की जा सकती है. वहीं जो टिकट स्वतंत्रता दिवस पर बुक किए जाएंगे  उनकी यात्रा की तारीख 19 फरवरी 2019 से 13 अगस्त 2019 तक है.  वहीं एयर एशिया के द्वारा दिए जा रहे इस ऑफर का लाभ उठाने के लिए लोगों को एडवांस बुकिंग करनी होगी. वहीं बात अगर इस ऑफर की करे तो पीक ऑफर में यह ऑफर एवलेबल नहीं होगा. वहीं एयरएशिया के मुताबिक छूट केवल सीटों की एवलिब्लीटी के आधार पर है और यह केवल चुनिंदा फ्लाइट पर है.

 

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वहीं प्राइवेट विमानन कंपनी एयर एशिया का ये ऑफर एयरएशिया के वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध है. वहीं बात अगर एयरएशिया द्वारा दिए जा रहे ऑफर की करे यह ऑफर प्रमोशन स्कीम अधिक खरीद अधिक बचत के तहत है. वहीं एयरएशिया द्वारा दिए जा रहे ऑफर का लाभ लेने के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा. जैसे आपको सबसे पहले अब अपने यात्रा की प्रस्थान और आगमन की तारीख तय करे. ध्यान रखे की यात्रा की तारीख का चयन प्रमोशन यात्रा अवधि के भीतर ही हो.

 

 

एयरएशिया के मुताबिक एक सीट बुक करने पर 15 प्रतिशत और 2 सीट बुक करने पर 25 प्रतिशत, तीन सीट बुक करने पर 35 प्रतिशत और चार या चार से अधिक सीट बुक करने पर 45 प्रतिशत छूट ( मैकसिमम 9 सीट) का लाभ उठा सकते है. अगर आप भी अगले साल धरेलू यात्रा हवाई मार्ग द्वारा करना चाहते है तो स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्राइवेट विमानन कंपनी एयर एशिया द्वारा दिए जा रहे ऑफर का लाभ उठा सकते है.

55वीं जन्मदिन पर याद की गई बॉलीवुड की पहली लेडी सुपरस्टार “श्रीदेवी “

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नई दिल्ली –

बॉलीवुड की पहली लेडी सुपरस्टार श्रीदेवी की आज 55वीं बर्थ एनीवर्सरी है. श्रीदेवी का  जन्म 13 अगस्त 1963 को तामिलनाडु में हुआ था. उनके जन्मदिन पर आज बॉलवुड के साथ साथ उनके फैंस भी मना रहे है. श्रीदेवी की हाल ही में दुबई के एक होटल में बाथटब में डूबने से मौत हो गई थी. अपनी अभिनय से लोगों के दिलों पर राज करने वाली इस अदाकारा के आज उनके 55वें जन्मदिन पर याद किया गया. इस मौके पर श्रीदेवी की बड़ी बेटी जाह्नवी कपूर ने एक फोटो शेयर किया और अपनी मां को जन्मदिन की बधाई दी. भले ही बॉलीवुड की चांदनी कही जाने वाली श्रीदेवी ने अपने पूरे करियर में 300 फिल्मों में अभिनय किया  था.

 

 

अपने अभिनय से बॉलीवुड पर किया राज

वहीं बात अगर श्रीदेवी की करें तो उन्होंने वर्ष 1975 में फिल्म जूली से डेब्यू किया था और इसके बाद उन्होंने अपने अभिनय से बॉलीवुड पर राज किया. भला कौन भूल सकता है उनकी फिल्मों को जिसने लोगों को सिनेमाघरों तक आने को मजबूर कर दिया. उनकी फिल्मों में जादू था की लोग उनकी एक भी फिल्मों को देखने से नहीं चुकते थे. वहीं बात अगर उनके काम के प्रति  समर्पण की करे तो वे इस मामले में सबसे आगे थी. श्रीदेवी ने फिल्म चालबाज की शूटिंग में एक गाने में 103 डिग्री बुखार होने के बाद भी गाने की शूटिंग की थी.

 

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हिन्दी फिल्मों के अलावा अन्य भाषाओं की फिल्मों में भी किया अभिनय

वहीं एक बार ऐसा भी हुआ जब वें लंदन में शूटिंग कर रही थी. इसी दोरान उनके पिता का देहांत हो गया. अपने पिता के देहांत की खबर सुनते ही वो भारत लोटी और अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद तुरंत फिल्म की शूटिंग के लिए लंदन लोट गई. उनके अभिनय का जादू लोगों के सर चढ़कर बोलता था. श्रीदेवी एक ऐसी अभिनेत्री थी जिन्हें हर कोई पसंद करता था. इस मशहूर अदाकारा को पदम्श्री और राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था. श्रीदेवी ने हिन्दी फिल्मों के अलावा तमिल, मलयालम, तेल्गू और कन्नड़ फिल्मों में भी काम किया  था.

 

 

वहीं सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय ने श्रीदेवी के 55वें जन्मदिन पर उनकी 6 फिल्मों की स्क्रीनिंग करने का फैसला लिया है. सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय द्वारा मशहूर अदाकारा और लेडी सुपरस्टार श्रीदेवी के 6 फिल्मों की स्क्रीनिंग 13 और 14 अगस्त को किया जाएगा जिसमें श्रीदेवी की फिल्म मॉम, लम्हें और मिस्टर इंडिया की 13 स्क्रीनिंग अगस्त को होगी. श्रीदेवी भले ही अब इस दुनिया में न हो लेकिन लोगों के दिलों में हमेसा वो जिंदा रहेगी.

नहीं रहें पूर्व लोकसभा स्पीकर सोमनाथ चटर्जी, नेताओं ने जताया शोक

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नई दिल्ली-

लोकसभा के पूर्व स्पीकर और सांसद सोमनाथ चटर्जी का निधन हो गया है. वे 89 साल के थे. लोकसभा के पूर्व स्पीकर और माकपा नेता सोमनाथ चटर्जी लंबे समय से बीमार चल रहे थे. वहीं कहा जा रहा है कि बीते सप्ताह मंगलवार को उनकी तबियत खराब होने पर उन्हें कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनका जन्म असम के तेजपुर में 25 अगस्त 1929 को हुआ था.

 

 

 

10 बार सांसद रहे सोमनाथ चटर्जी

इसके अलाव बताया जा रहा है कि उन्हें कल सुबह को उन्हें दिल का दौड़ा पड़ा था. उनके निधन पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत देश के कई बड़े नेताओं ने ट्विट कर अपना शोक वयक्त किया है. बात अगर लोकसभा के पूर्व स्पीकर सोमनाथ चटर्जी  की करे तो उन्होंने 1968 में सीपीएम के सदस्य बने थे. वे अपने जीवन में 10 बार सांसद रहे. उन्होंने सदैव संसद की गरिमा को बनाए रखने की हमेशा कोशिश की.

 

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स्पीकर का पद छोड़ने से किया था मना

उनके लिए राष्ट्रहित सदैव सर्वोपरि रहा और उन्होंने लोकसभा के स्पीकर के पद पर रहते हुए अपनी भूमिका सदैव अच्छे से निभाई. इसके अलावा यपीए-1 शासनकाल में उनकी पार्टी द्वार सरकार से समर्थन वापस लिए जाने के  बाद उनसे लोकसभा के स्पीकर का पद छोड़ने की बात कही गई लेकिन सोमनाथ चटर्जी ने ऐसा करने से मना कर दिया जिसका अंजाम यह हुआ कि उन्हें  पार्टी से निष्कासित कर दिया गया.

 

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वहीं सोमनाथ के निधन पर नेताओं ने शोक वयक्त किया है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरिवाल ने ट्वीट कर उनके निधन पर शोक व्यक्त किया.

 

 

उनकी शुरूआती शिक्षा कोलकाता में हासिल की और इसके बाद उनकी उच्च शिक्षा ब्रिटेन में हुई. पूर्व लोकसभा स्पीकर सोमनाथ चटर्जी के पिता मशहूर वकील और हिंदू महासभा के संस्थापक थे जिनका नाम अध्यक्ष निर्मलचंद चटर्जी था, वहीं लोग पूर्व लोकसभा स्पीकर सोमनाथ चटर्जी के रूप में भी जानते है. वहीं उन्हें 1996 में सर्वश्रेष्ठ सांसद भी चुना गया था.

ICCI द्वारा नेशनल एजुकेशन एक्सलेंस कॉन्कलेव का भव्य आयोजन

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नई दिल्ली –

नेशनल एजुकेशन एक्सलेंस कॉन्कलेव का भव्य आयोजन 11 अगस्त को इंटिग्रेटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (आईसीसीआई) के तत्वाधान में इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के मल्टी परपस हॉल में किया गया. इस एजुकेशन कॉन्कलेब को देश भर के शिक्षा के तमाम दिग्गजों ने संबोधित किया. इंटिग्रेटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (आईसीसीआई) द्वारा आयोजित इस नेशनल एजुकेशन एक्सलेंस कॉन्कलेव को RJD सांसद जयप्रकाश नारायण यादव ने संबोधित किया. उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षा के स्तर में सुधार की जरूरत है. बिहार में शिक्षा व्यवस्था मजाक का केंद्र बन गई है.

 

बिहार में शिक्षा व्यवस्था मजाक का केंद्र – जयप्रकाश नारायण यादव ( RJD सांसद)

 

इंटिग्रेटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के नेशनल एजुकेशन एक्सलेंस कॉन्कलेव को संबोधित करते हुए सांसद जयप्रकाश यादव ने कहा कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था मजाक का केंद्र बन गया है, जहां हर प्रतियोगिता परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक हो रहा है. उन्होंने कहा कि आज बिहार में शिक्षा में निवेश की जरूरत है जिसमें सबको सहयोग देने की आवश्यकता है. इसके अलावा सांसद जयप्रकाश नारायण यादव ने शिक्षा के विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी जोर देते हुए कहा कि बिहार अन्य प्रदेशों से शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर में काफी पिछड़ा है, जिस पर आज कार्य करने की जरूरत है.

 

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सांसद ने इस बावत आंकड़ें भी पेश किए. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में में 1347 टेक्नीकल कॉलेज में 1,20,000 फैक्लटी हैं, वहीं महाराष्ट्र में 1542 टेक्नीकल कॉलेज में 80000 फैकल्टी हैं तो बिहार में सिर्फ 96 टेक्नीकल कॉलेज में 3000 फैकल्टी है. आज बिहार में टेक्नीकल कॉलेज की संख्या बढ़ाने की बहुत जरूरत है, इसके लिए एआईसीटीई को सहयोग का रूख अपनाना पड़ेगा जिससे की बिहार के छात्रों को न्याय मिल सके और उन्हें बाहर जाना न पड़े।आईसीसीआई के इस खचाखच भर हॉल को संबोधित करते हुए जयप्रकाश नरायण यादव ने कहां कि आज इंटिग्रेटेड शिक्षा पर जोर देने की जरूरत है. जिस पर आईसीसीआई ने जो पहल की है वह अद्वीतीय है. सांसद जयप्रकाश यादव ने कहा कि आज स्मार्ट गांव स्मार्ट शिक्षा देने की जरूरत है जिस पर कार्य करने की जरूरत है.

 

नेशनल एजुकेशन एक्सलेंस कॉन्कलेव को संबोधित करते हुए एआईसीटीई के मेम्बर सेक्रेटरी एपी मित्तल ने कहा कि सरकार ने स्मार्ट हैक्थोनॉन की शुरुआत की जिसका प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखने को मिल रहा है. कई छात्रों के सुझाव को सरकार ने स्पष्ट रूप में स्वीकार किया है. आज देश में फैक्लटी डेवलपमेंट प्रोग्राम की आवश्यकता है. आईसीसीआई ने जिस प्रकार से कार्य की शुरुआत की है वह अहम है. साथ ही उन्होंने कहा कि आज हम छात्रों को कहां- कहां इंवोल्व कर सकते है इसको तलाशने की जरूरत है. सरकार ने कई ऐसी योजनाएं चलाई है जिसका स्पष्ट रूप से प्रभाव देखने को मिल रहा है.

 

कई बड़ी हस्तियां रही मौजूद

इस खास आयोजन में हायर एजुकेशन के दशा- दिशा पर खास चर्चा हुई. इस मौके पर एकेएस यूनिवर्सिटी के चांसलर अनन्त सोनी, हिमालयन यूनिवर्सिटी व सीईजीआर के प्रेसिडेंट एनके सिन्हा, वोल्टास के सीओओ और आईसीसीआई के वाइस प्रेसिंडेट सलील कपूर, शोभित यूनिवर्सिटी के चांसलर कुंवर शेखर विजेंद्र, लाइफ साइंस सेक्टर स्किल डेवलपमेंट काउंसिल के सीईओ रंजीत मदान, आईटीसी के डायरेक्टर व आईसीसी के नेशनल सेक्रेटरी प्रो. अजय कुमार, सहित कई अन्य वरिष्ठ विद्वजन ने संबोधित किया. वहीं इंटिग्रेटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (आईसीसीआई) कार्यक्रम में विभिन्न यूनिवर्सिटी के डीन, और शिक्षकों को अवार्ड देकर सम्मानित भी किया गया.

आखिर क्या हैं (आईसीसीआई)

इंटिग्रेटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (आईसीसीआई)-  इंटिग्रेटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (आईसीसीआई) उद्योग का विभिन्न क्षेत्रों के उद्यमियों, कारपोरेट, नीति, निर्माताओं, मीडिया, अकादमिक और शोधकर्ता का एक मजबूत नेटवर्क है. आईसीसीआई नियमित विचार-विमर्श, सर्वेक्षण, उद्योग और नीति निर्माताओं के बीच पुल का कार्य करता है. आईसीसीआई का विजन भारत की अग्रणी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने में भारत सरकार का सहयोग देना है.

नहीं चला किसी भारतीय बल्लेबाज का बल्ला, अश्विन ने बनाए सबसे अघिक 29 रन

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नई दिल्ली –

भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज चल रही है और भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा मैंच लार्डस में खेला जा रहा है. पहले टेस्ट में भारतीय टीम को जहां हार का सामना करना पड़ा वहीं दूसरे टेस्ट मैंच में भी भारतीय टीम का प्रदर्शन कुछ खास नजर नहीं आ  रहा है.

 

भारत और इंग्लैंड के बीच 9 अगस्त से शुरू हुआ है. दूसरे टेस्ट मैंच के पहले दिन तो बारिश के कारण मैच एक ओवर का भी खेल नहीं हुआ और पहले दिन के खेल को रद्द कर दिया गया. वहीं बीते दिन यानि 10 अगस्त को भारतीय टीम जब बल्लेबाजी करने उतरी तो भारतीय बल्लेबाज तास की पत्तों की तरह ढेर हो गए और पूरी टीम इंडिया मात्र 107 रन ही बना पाई.

 

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बारिश के साथ साथ इंग्लैंड के गेंदबाजों ने भी भारतीय बल्लेबाजों को खूब परेशान किया. आपके बता दे कि दूसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन मात्र 35.2 ओवर का खेल हो सका. वहीं बात इंग्लैंड की और से सबसे तेज अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज की करे तो इंग्लैंड के तेज गेंदबाज एंडरसन ने किफायती गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट लिए और वहीं क्रिस वोक्स ने दो विकेट लिए और स्टुअर्ट ब्रॉड और सैम  कुरैन ने एक- एक विकेट लिए.

 

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इस प्रकार दूसरे टेस्ट मैंच के दूसरे दिन भारतीय टीम एक- एक रन बनाने को मोहताज दिखी और इसके अलावा एक भी भारतीय बल्लेबाज अपने बल्ले से कमाल नहीं दिखा पाया. वहीं भारतीय टीम के ऑल- राउंडर आर अश्विन ने टीम के लिए सबसे ज्याद 29 रन बनाए और एक रिकार्ड भी अपने नाम किया. कल के खेल में आर अश्विन की बल्लेबाजी की बदोलत ही टीम इंडिया ने 100 रनों की करीब पहुंच पाई.

 

 

अपनी 29 रनों की पारी की बदोलत भारत के सबसे सफल ऑल- राउंडर्स की लिस्ट में शामिल हो गए. वहीं बात अगर अश्विन की करे तो अश्विन अपने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में तीन हजार से अधिक रन और 500 से अधिक विकेट लेने वाले चौथे भारतीय खिलाड़ी बन गए. लार्डस टेस्ट मेंच के तीसरे दिन आज भारतीय टीम गेंदबाजी करने उतरेगी.

 

भारतीय दल के ध्वजवाहक के रूप में नीरज चोपड़ा को चुना गया

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किसी भी खिलाड़ी के लिए राष्ट्रीय या अंतराष्ट्रीय खेल समारोह में अपने दल के ध्वजवाहक के रूप में चुना जाना गर्व और सम्मान की बात होती है. इस बार ये मौका भारत के स्टार भाला फेक एथलीट नीरज चोपड़ा को मिला है. भारत के स्टार भाला फेक एथलीट नीरज चोपड़ा को इसी माह 18 अगस्त से जकार्ता में शुरू होने जा रहे एशियन गेम्स के उद्धाटन समारोह में भारतीय दल का ध्वजवाहक चुना गया है. इस बात की जानकारी  भारतीय ओलंपिक संध के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने दी है.

 

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बात अगर वहीं 18 अगस्त से शुरू होने जा रहे एशियन गेम्स की करे तो एशियन गेम्स 18 अगस्त से दो दिसंबर तक चलेगा. इस बार एशियन गेम्स जकार्ता और पालेमबैग में किया जा रहा है.  वहीं बात अगर भारत के स्टार भाला फेक एथलीट नीरज चोपड़ा की करे तो नीरज चोपड़ा मौजूद राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन है और इसके साथ ही नीरज चोपड़ा ने बिते माह फिनलैंड में सावो खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया था.

 

 

इसके अलावा नीरज चोपड़ा ने पिछले साल 2017 में एशियाई एथलीट चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीता था. इसके साथ ही नीरज चोपड़ा ने वर्ष 2016 में भी आईएएएफ (IAAF) विश्व अंडर -20 में भी स्वर्ण पदक हासिल किया था. इस प्रकार स्टार भाला फेक एथलीट नीरज चोपड़ा का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है. अब लगता है उनकी अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए ही भारतीय ओलंपिक संध ने उन्हें जकार्ता में शुरू होने जा रहे एशियन गेम्स के उद्धाटन समारोह में भारतीय दल के ध्वजवाहक के रूप में चुना है.

“बत्ती गुल मीटर चालू” का ट्रेलर रिलीज, बिजली के बिल से जुड़ी है फिल्म की कहानी

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नई दिल्ली –

शाहिद कपूर और श्रद्धा कपूर की आने वाली फिल्म बत्ती गुल मीटर चालू का ट्रेलर को लान्च कर दिया गया है. इस फिल्म का निर्देशन श्रीनारायण सिंह कर रहे है. फिल्म का ट्रेलर लॉन्च के पहले से भी इस फिल्म की कहानी को लेकर खाशा चर्चा है. बात अगर फिल्म की कहानी की करे तो कहा जा रहा है कि फिल्म की कहानी बिजली के बिल के मुद्दे से जुडी कहानी है.

 

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इससे पहले बुधवार को फिल्म का नया पोस्टर जारी किया गया था और इस पोस्टर होने के जरिये इस बात को बताया गया था कि फ्यूजड बल्ब से क्रांति नहीं की जा सकती है. फिल्म बत्ती गुल मीटर चालू का नया पोस्टर बुधवार को लॉन्च किया गया था तब से ही इस बात के कयास लगाया जाने लगा था कि ये फिल्म आम लोगों को परेशानी की कहानी है. बात अगर फिल्म के ट्रेलर के लॉन्च की करे तो फिल्म का ट्रेलर भी इसी तरफ इशारा करता है.

 

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टिहरी गढ़वाल की है फिल्म की कहानी

फिल्म की कहानी उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल की है जहां एक परिवार के बिजली का बिल 54 लाख रूपये का आ जाता है और कैसे एक परिवार संकट में आ जाता है जिसके बाद कैसे शाहिद कपूर का किरदार इस फिल्म में एक वकील बनकर लड़ता है. इस फिल्म में शाहिद कपूर एक अपनी पहले की फिल्में में निभाए गए किरदारों से कुछ अलग नजर आएंगे. इस फिल्म में शाहिद कपूर फ्यूजड बल्ब से क्रांति कर रहे है.

 

 21 सितंबर को रिलीज होगी फिल्म

वहीं अगर फिल्म की बात करे तो फिल्म में शाहिद कपूर और श्रद्धा कपूर पहाड़ी टोन में बात करते हुए नजर आ रहे है जो काफी मजेदार लग रहा है. इस फिल्म में दिव्याशु शर्मा ने भी महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगे. इसके फिल्म में यामी गौतम भी है जो एक वकील का किरदार निभाती हुई नजर आएंगी. वहीं बात अगर फिल्म की रिलीज डेट की करे तो फिल्म 21 सितंबर को रिलीज होगी.

 

 

अब ये फिल्म लोगों को कितना पसंद आती है इस बात का पता तो 21 सितंबर के बाद ही पता चल पाएगा लेकिन निर्देशक श्रीनारायण सिंह की फिल्म बत्ती गुल मीटर चालू का ट्रेलर जबसे रिलीज हुआ है लोगों द्वारा इसे खुब पसंद किया जा रहा है। इस फिल्म को देखने के लिए लोगों को फिलहाल 21 सितंबर तक का इंतजार करना होगा।

जब एम करूणानिधि और एमजीआर की दोस्ती की दुनिया देती थी मिसाल

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नई दिल्ली-

दो दोस्त जिनकी दोस्ती की मिसाल दुनिया कभी देती थी. इन दोनों में मित्रों में मित्रता सागर से भी गहरी थी. हम बात कर रहे है तामिलनाडु के दो बड़े सियासतदानों की एम करूणानिधी और एमजीआर की. इन दोनों ही शख्सियतों ने अब दुनिया को अलविदा कह दिया है. बात अगर इन दोनों ही लोगों की करे तो कहा जाता है कि दोनो ही दोस्तों ने एकदूसरे की मदद सफलता पाने में की . करूणानिधी ने शब्द और एमजीआर के एक्शन ने एकदूसरे को सफलता के शिखर तक पहुंचाया. जहां करूणानिधी के द्वारा लिखे स्क्रिप्ट ने एमजीआर को स्टार बनाने में मदद की वहीं एमजीआर ने लोगों को डीएमके की विचारधारा की मैसेज लोगों को देते थे जिसने करूणानिधी को राजनीति में पकड़ बनाने में मदद की. करीब 30 साल पहले ये दोनों गहरे मित्र हुआ करते थे.

 

एम करूणानिधी और एमजीआर में मित्रता काफी गहरी थी और दोनो ही दोस्त अकसर अपने अपने क्षेत्रों के  अनुभव एकदूसरे के साथ शेयर किया करते थे. इस बात को लोग कभी भुला नहीं पाएंगे जब 1950 में में एम करूणानिधी के द्वारा लिखी स्क्रिप्ट मंतिरी कुमारी से एमजीआर को बड़ी सफलता मिली और करूणानिधी को अपनी योग्यता से नाम और व्यावसायिक सफलता हासिल हुई। करूणानिधि द्वारा लिखे गए स्क्रिप्ट ने एमजीआर को स्टार बना  दिया और उनकी गिनती बड़े स्टारों में होने लगी. बात अगर एमजीआर की करें तो एमजीआर उम्र मे करूणानिधि से सात साल बड़े थे लेकिन देखने में बड़े करूणानिधि ही लगते थे. करूणानिधि के विचारों और शब्दों ने एमजीआर को इतना प्रभावित किया की उन्होने कांग्रेस का हाथ छोड़कर डीएमके ज्वाइन कर लिया.

 

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एमजीआर की मदद से पहली बार सीएम बन करूणानिधि

जब 1969 में तामिलनाडु का सीएब बनने की 18 महीने के बाद ही जब अन्नादुरई का निधन हो गया तब हर किसी को इस बात की उम्मीद थी की अन्नादुरई के निधन के बाद नेदुनचेझियान ही मुख्यमंत्री बनेंगे लेकिन यहां करूणानिधि ने बहुत चतुराई से काम लिया और एमजीआर की मदद से अपना रास्ता बनाते हुए मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे. इसके बाद करूणानिधि लगतार चुनाव जीतते चले गए.  इस  बात को करूणानिधि भी मानते थे कि उनके मुख्यमंत्री बनने में एमजीआर का अहम रोल था. इस बात को उन्होने 2010 के विधानसभा चुनाव के दोरान कहा था. करूणानिधी ने एमजीआर के प्रति कृतज्ञता तो व्यक्त की लेकिन उन्हें एक बात की चिंता सताने लगी . वो बात कुछ और नहीं बल्कि एमजीआर के द्वार लोगों को अपने और आकर्षित करने की कला और क्षमता थी.

 

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जब एमजीआर ने डीएमके से अलग होकर की AIDMK की स्थापना

इस बात को लेकर करूणानिधि ने अपने बेटे एम के मुथू को कालीवुड में लॉन्च कर दिया. इसके बाद उन्होंने एमजीआर को डीएमके से किनारा करने की कोशिश की. इसके बाद हुआ  भी कुछ ऐसा भी एमजीआर ने एक साल के बाद डीएमके से अपने आपको अलग कर लिया और  अपनी अलग पार्टी के रूप में एआईएडीएमके (AIDMK) की स्थापना की. एमजीआर ने एआईएडीएमके (AIDMK) की स्थापना की  जिससे डीएमके में एमजीआर के प्रशंसकों की बड़ी संख्या भी डीएमके से अलग हो गई. इसके बाद एमजीआर तामिलानाडू की सत्ता में आ गए और इसके बाद करूणानिधि को 1987 तक विपक्ष में बैठना पड़ा. एमजीआर और करूणानिधि की दुश्मनी ने निर्देशक मणि रतन्नम को भी प्रभावित किया और उन्होंने साल 1997 में फिल्म “इश्वर” बनाई. बात अगर इसकी करे की करूणानिधि और एमजीआर की दोस्ती में आखिर दरार किस बात को लेकर पड़ी तो इस बारे में लेखक आर.

 

 

कानन ने इस बार में लिखा की उस समय केंद्र सरकार यह चाहती थी कि लगातार चुनाव में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली डीएमके को तोड़ दिया जाए और एमजीआर उनके हाथों का खिलौना बन जाए. करूणानिधि और एमजीआर के बीच मदभेद सार्वजनिक थे लेकिन दोनों ही तामिलनाडु की विधानसभा में दोनों के संबंध आदर्श रहे. इसके अलावा कानन बताते है कि दोनों ही हालाकि अपने अंतिम कार्यकाल में एमजीआर ने डीएमके का विरोध भी किया और कई डीएमके विधायकों को अयोग्य धोषित कर दिया था. एमजीआर से दोस्ती टुटने की बात का पछतावा शायद करूणानिधि को है इस बात को 2009 में ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक ने कहा था .

 

 

ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक ने दोनों को मिलान की कोशिश  भी की थी लेकिन एमजीआर ने कहा की ऐसा कभी नहीं हो सकता है. वहीं 2008 की बात है करूणानिधि ने अपने मित्र एमजीआर को याद करते हुए कहा था कि उनकी प्रबल इच्छा है कि एआईएडीएमके (AIDMK) सहित सभी पार्टियां एक हो जाए. खैर जो भी हो तामिलनाडु के ये दोनों ही शख्सियत अब इस दुनिया में नही है लेकिन लोग अभी भी इन दोनों की दोस्ती को याद करते है।

मोती नगर में कार में कावड़ियों द्वारा तोड़ोफोड़ के मामलें जागी पुलिस , एक युवक गिरफ्तार

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नई दिल्ली-

आज से दो दिन पहले यानि 7 अगस्त देश की राजधानी दिल्ली में कुछ कावड़ियों द्वारा दिल्ली के मोतीनगर इलाके में एक कार के उपर हमला कर उसे तहस- नहस कर दिया गया. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ. अभी तक तो पुलिस इस मामलें में कुंभकर्ण की नींद सो रही थी लेकिन अब शर्मसार कर देनी वाली घटना के दो तीन दिन बीत जाने के बाद पुलिस महकमा जागा है और इस मामलें में एक एक कावड़िए को गिरफ्तार किया गया है.

 

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जानकारी के अनुसार जिस एक कावड़िए को इस मामलें में गिरफ्तार किया गया है जिसका नाम राहुल बताया जा रहा है. पुलिस की पूछताछ में राहुल ने अपना गुनाह कबूला. उसके उपर चोरी के कई मामले दर्ज है और गिरफ्तार किया गया युवक इलाके का धोषित चोर है ऐसी जानकारी सामने आ रही है. सवला ये है कि जब बीते 7 अगस्त को पश्चिमी दिल्ली के मोतीनगर इलाके में ये घटना हो रही थी तो पुलिस वहां मौजूद थी लेकिन पुलिस वाले वहां मूकदर्शक बने रहे. कावड़ियों ने जिस कार को क्षति पहुंचाई उसमें एक महिला चालक सवार थी. कावड़ियो ने कार को तोड़ – फोड़ किया ही साथ ही कावड़िए ने कार को पलट भी दिया.

 

 

इस घटना को पुलिस चुपचाप देखती रही लेकिन कुछ किया नहीं जो पुलिस की लापरवाही औ नाकामी को दिखाता है. जब ये घटना हो रही थी तो उस समय रोड पर सैकोड़ों लोगों की भीड़ भी जमा हुई थी लेकिन किसी ने भी इन कावड़ियों को रोकने की हिमाकत नहीं. आखिर कोई करता भी क्या जब पुलिस ही चुपचाप इस  घटना को देखती रही और कावड़ियों को  रोकने के लिए आगे नहीं आई तो भला आम नागरिक इसमें क्या कर सकता था.

 

 

वहीं बात अगर कावड़़ियों की करे तो कावड़ियों का आरोप है जिस कार में तोड़- फोड़ की की गई उस कार ने एक कावड़़िए को टक्कर मार दी थी और उसका जल जमीन पर गिर गया जिसके बाद कावड़ियो में इससे आक्रोश भड़क उठा और  ने कार को हॉकी और डंडों से कार पर हमला बोल दिया और कार को पूरी तरह तहस- नहस करने के  बाद कार को बीच सड़क पर पलट भी दिया. वहीं बात अगर कार में सवार महिला और उसके मित्र साथी की करे तो दोनों पहले ही कार को छोड़कर घटनास्थल को छोड़ कर जा चुके थे.

 

 

 

वहीं इस घटना का वीडियो खूब वायरल हुआ. अगर बात इस घटना की कि जाए तो इस कावड़ियो द्वारा अंजाम दिए गए इस घटना में कांवड़िए कार में तोड़- फोड़ करते आ रहे है लेकिन इस वीडियो में दिल्ली पुलिस का एक पुलिसकर्मी जो घटनस्तल पर मौजदू था उसने अपने सब कुछ आंखों के सामने सबकुछ होता हुआ देखते हुए भी कुछ करने का साहस नहीं किया इस बात की भी चर्चा चारों और हो रही है और लोग इस बात को लेकर दिल्ली पुलिस की आलोचना कर रहे है. कुछ देर बाद ही सहीं आखिर प्रशासन इस शर्मासार करने वाली घटना पर देर सही पर पर एक्शन में आया है.