अगर अाप भी Whatsapp एडमिन है तो जाना पड़ सकता है जेल !

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नई दिल्ली

क्या आप भी किसी Whatsaap ग्रुप के एडमिन है यदि हां तो सावघान हो जाएं. ऐसा हम इसलिए कह रहै है क्योकि एक Whatsapp ग्रुप के एडमिन को 5 महीने से इसलिए जेल की हवा खानी पड़ रही है. क्योकि वो एक Whatsapp ग्रुप डिफाल्ट एडमिन था, जिसमें उसी Whatsapp ग्रुप के एडमिन ने आपत्तिजनक मैसेज भैज दिया और ग्रुप लेफ्ट कर दिया।

 

जिस युवक को इस मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया है, उस युवक का नाम जुनैद खान है जो कि एमपी के राजगढ़ के तालेन कस्बें का रहने वाला है. जुनैद बीएससी का छात्र है. मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने जुनैद को उस समय गिरफ्तार किया जब कुछ स्थानीय लोगो ने आपत्तिजनक मैसेज की शिकायत पुलिस से की.

 

पुलिस ने जुनैद को IPC एक्ट 124 ए के तहत गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि जिस जुनैद नाम के युवक को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है वो उस ग्रुप एडमिन था जिस Whatsapp ग्रुप में आपत्तिजनक मैसेज भेजा गया था. पुलिस ने जुनैद को उस समय गिरफ्तार किया है जब जुनैद उस Whatsaap ग्रुप का एडमिन था.

 

वहीं गिरफ्तार किए गए युवक जुनैद के परिवारवालों माने तो जुनैद उस Whatsapp ग्रुप का मेंमबर जरूर था लेकिन उस समय एडमिन नहींं था. जुनैद के कजिन ने कहा कि जब उस Whatsapp ग्रुप में मैसेज भैजा गया था तो वो घर पर नहीं था बल्कि किसी काम से रतलाम गया था.

 

जुनैद के कजिन ने इसके अलावा कहा कि ग्रुप के एडमिन ने ग्रपु में मैसेज शेयर करके ग्रुप लेफ्ट कर दिया जिसके बाद जुनैद ग्रुप का एडमिन बन गया. वहीं पुलिस इस मामले में कह रही है कि जुनैद के घरवालों ने कैस फाइल होते वक्त ये बात नहीं बताई थी. अगर उन्हें अब ये बात बतानी है तो वे इसे अब कोर्ट में बताए.

मैडम तुसाद म्यूजिम में होगी दीपिका के वैक्स स्टेच्यू की इंट्री

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नई दिल्ली –

मैडम तुसाद म्यूजिम में बॉलीवुड के कई सितारों की वैक्स स्टेच्यू तो है पर दीपिका पादुकोण की वैक्स स्टेच्यू नहीं. लेकिन अब दीपीका के फैंन्स को इस बात का मलाल नहीं रहेगा, क्योकि दीपिका की वैक्स स्टेच्यू की इंट्री अब लंदन के मैडम तुसाद म्यूजिम में जल्द ही होने वाली है।

 

 

इसी के साथ दीपिका पादुकोण बॉलीवुड की उन हस्तियों में शुमार हो जाएंगी. जिनकी वैक्स स्टेच्यू मैडम तुसाद म्यूजिम में लगी है। दीपिका पादुकोण का वैक्स स्टेच्यू लंदन के मैडम तुसाद म्यूजिम में लगने की जानकारी खुद दीपिका ने अपने फेसबुक पोस्ट के जरिए अपने चाहने वालों को दी.

इस बात को लेकर दीपिका के फैंन्स भी बहुत खुश दिखाई दे रहे है और दीपिका को बधाई दे रहै है. बताया जा रहै है कि कुछ दिन पहले ही दीपिका लंदन गई थी से लोटी और लंदन में उन्होनें अपने स्टेच्यू का माप लंदन में दिया था, जिसके बाद उन्होने अपने फैंन्स को ये खुशखबरी दी.

लंदन में दीपिका का वैक्स स्टेच्यू तो अब लग ही रहा है, साथ ही साथ दिल्ली के मैडम तुसाद म्यूजिम में भी दीपीका के वैक्स स्टेच्यू को लगाया जाएगा जिसे आप जल्द ही देख पाएंगे. इस बात को लेकर दीपिका के फैंन्स फूले नहीं समा रहे है।

 

 

 

 

 

 

राफेल डील पर कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस

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नई दिल्ली –

 

संसद और संसद के बाहर कुछ दिनों से फ्रांस के साथ राफेल एयरक्राफ्ट के डील का मुद्दा गरमाया हुआ है। जहां मोदी सरकार राफेल को लेकर सीक्रेट डील की बात कर रही है, वहीं विपक्ष इस बात पे सरकार के पिछे पड़ गयी है कि अगर मोदी सरकार ने कोई सीक्रेट डील राफेल पर किया है तो उसे सरकार छुपा क्यों रही है. देश की जनता को जानने का ये हक है कि कैसे राफेल का दाम तीन गुना बढ़ गया।

 

जानकारी के अनुसार कांग्रेस सरकार में एक राफेल का दाम 520 करोड़ रूपये था जो अब 1600 करोड़ हो गया है, जिससे विपक्ष को सवाल करने का मौका मिल गया है और कांग्रेस जिसे छोड़ना नहीं चाहती है. संसद में कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी राफेल डील के मुद्दे पर भाजपा सरकार और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर हमला बोला. पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी और कांग्रेस पार्टी के नेता आनंद शर्मा ने प्रेस कॉन्फेंस के जरिए

 

राफेल डील के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी औऱ रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर संसद और देश की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है. कांग्रेस पार्टी द्वारा इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में विशेषाधिकार के हनन की बात कही गई। कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री द्वारा संसद को गुमराह करना विशेषाधिकार का हनन है और कांग्रेस पार्टी इस बात को लेकर लोकसभा में नोटिस भी देगी.

 

राफेल डील के मुद्दे पर पूर्व मंत्री एके एंटनी ने मोदी सरकार को घेरते हुए कहा कि राफेल डील की पिछली सरकार ने राफेल को कई कंपनियो से वार्ता कर राफेल को चुना था और इस विषय पर कई कंपनियों से बातचीत की थी. उन्होने कहा कि फिर जाकर राफेल को सिलेक्ट किया गया. एके एंटनी ने कहा कि वर्तमान में सरकार ने ऐसे कंपनी को राफेल एयरक्राफ्ट बनाने का काम दे दिया है जिसके पास इस तरह के एयरक्राफ्ट बनाने का कोई अनुभव नही है.

इसके अलावा कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे पर सरकार से सवाल किया की अगर सरकार ने फ्रांस के साथ राफेल के मुद्दे पर अगर कोई सीक्रेट डील की गई है तो सरकार उसे उजागर क्यों नहीं करती है. इसके अलावा कहा गया की मोदी सरकार में राफेल के दाम का बढ़ना किसी को समक्ष में नहीं आ  रहा है और ये एक पहेली बनकर रह गई है. कांग्रेस द्वारा राफेल मुद्दे पर सरकार को घेरना लाजमी है क्योकि जानकार मानते है कि 2019 के चुनाव में कामयाबी के लिए ये मुद्दा कांग्रेस के लिए अहम है क्योकि दोनो ही पार्टियां अभी से ही 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर कमर कस चुकी है।

विस्फोटक है रोजगार की मौजूदा हालत

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भारत में रोजगार की मौजूदा हालत काफी विस्फोटक है। जिस देश की दो तिहाई आबादी यानी 80 करोड़ जनता 35 वर्ष से कम आयु की हो और इनमें से तीस प्रतिशत से ज्यादा लोग बेरोजगार हों, तो स्थिति गंभीर ही मानी जाएगी। खासकर इसलिए भी कि बचे सत्तर प्रतिशत लोगों में भी ज्यादातर कोई जमी-जमाई या बहुत अच्छी अनख्वाह वाली नौकरी नहीं कर रहे हैं बल्कि उनमें भी बड़ी तादाद ऐसे लोगों की है, जो अशंकालिक तौर पर नियोजित हैं और बेहद कम तनख्वाह में किसी तरह गुजर-बहस कर रहे हैं। यही वजह है कि देश में बढ़ती बेरोजगारी पर चिंता जताकर हर राजनीतिक दल अपने अपने तरीके से युवाओं को साधने की कोशिश करते रहते हैं। उन्हें मालूम है कि 35 वर्ष तक के युवाओं की पहली प्राथमिकता निश्चित तौर पर अच्छे वेतन की नौकरी या प्रगतिशील व्यापार के अवसर प्राप्त करना है। तभी कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में भी युवाओं को दस करोड़ रोजगार के सपने दिखाए थे वहीं भाजपा ने भी करोड़ों युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था।

दरअसल आगामी एक दशक में दस करोड़ नौकरियों के सृजन का मुद्दा लगभग सभी राजनीतिक दलों के एजेंडे में है, भले ही वह महज चुनावी लाभ अर्जित करने की ही गरज से क्यों न हो। कांग्रेस ने 2014 के अपने घोषणापत्र में सत्ता में वापसी की सूरत में सरकार गठन के सौ दिनों के अंदर अपना रोजगार एजेंडा घोषित करने का वादा किया था, जिसमें नौकरियों के सृजन हेतु नये निवेश पर ध्यान देने की बात कही गई है। वैसे पिछली बार उसने सौ दिन के अंदर महंगाई घटाने का वादा किया था, जो मजाक बनकर रह गया।

बहरहाल, भाजपा ने भी रोजगार बढ़ाने को लेकर अपनी योजनाओं-कार्यक्रमों का जो विस्तृत खाका पेश किया है, उसमें मुख्य जोर निवेश, विनिर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहन देने, निर्यात में वृद्धि और कौशल विकास आदि पर है। पिछले दशक में यूपीए सरकार की अनोखी राष्ट्रीय विनिर्माण नीति से रोजगार सृजन तथा विनिर्माण आधारित विकास के एजेंडे का उदय हुआ लेकिन इस एजेंडे से नौकरियां तो नहीं बढ़ीं। हां, रोजगार विहीन विकास जरूर हुआ। भाजपा आर्थिक विकास करने तथा देश में विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष ध्यान देने हेतु औद्योगिक कॉरिडोर के निर्माण हेतु प्रतिबद्धता जता रही है। वैसे भाजपा ने रोजगार सृजन एवं कौशल विकास को रफ्तार देने का जो वादा किया है, उसमें पूंजीवादी व्यवस्था की धाक और जमने का ही अंदेशा है। यह एक कड़वी सच्चाई है कि पूंजी आधारित अर्थव्यवस्था में रोजगार के अवसर लगातार कम से कम होते जा रहे हैं। रोजगार कुछ क्षेत्रों तक ही सीमित हो गए हैं। रोजगार के मोर्चे पर देश को सुदृढ़ बनाने के लिए भाजपा ने भारत में व्यापार शुरू करने संबंधी प्रक्रिया में सुधार लाने, परमिट और ऋण सुविधाओं को सरल बनाने और कर प्रवर्तन प्रणाली में सुधार की पहल की है। ऐसी बातें तो लंबे समय से की जाती रही हैं लेकिन नतीजा क्या निकला। राष्ट्रीय कौशल विकास एजेंसी स्थापित कर भी उसने बड़ा ढिंढोरा पीटा था कि इससे रोजगार बढ़ेंगे। प्रशिक्षणार्थियों को नियुक्ति का प्लेटफार्म उपलब्ध कराने के लिये प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के नाम पर जमकर कंपनियों को प्रोत्साहन दिया गया और कंपनियों ने कम से कम नियुक्तियों के सहारे ज्यादा से ज्यादा लाभ जुटाया। दिक्कत यही है कि योजनाओं के नाम पर शुरुआत तो होती है लेकिन मकसद को साधने के लक्ष्य से मॉनिटरिंग नहीं होती। मनरेगा के साथ भी ऐसा ही हो रहा है। रोजगार के अवसर तो छोड़िए, इससे श्रमिकों के हितों का संरक्षण भी नहीं हो पा रहा है, जिसे लेकर लंबे चौड़े दावे किए जाते हैं और रोज ब रोज श्रमिक वर्ग के कल्याण के लिए कानून में बदलाव की प्रतिबद्धता जताई जाती है। वैसे भाजपा युवाओं की समस्याओं से कम चिंतित नजर नहीं आती। उसके पास भी युवाओं से वादे करने के लिए बहुत कुछ है। पार्टी ने रोजगार सृजन और उद्यमिता के अवसरों को अपनी उच्च प्राथमिकता में रखा है। लेकिन व्यापक आर्थिक पुनरुत्थान के जरिए। उसका दावा है कि सरकार लगातार भारी प्रभाव वाले क्षेत्रों जैसे कपड़ा, जूता, इलेक्टॉनिक सामान असेंबलिंग आदि और पर्यटन का रणनीतिक आधार पर विकास कर रही है। युवाओं को उद्योग तथा ऋण की सुविधा के जरिए स्वरोजगार के लिए सशक्त बनाना उसका लक्ष्य है। रोजगार कार्यालयों को रोजगार केंद्र के रूप में बदलने की बात कही जा रही है। यह अलग बात कि इससे बदलाव कैसे आएगा, इसका खाका अभी तक पेश करने में वह विफल दिखती है। केवल यह कहा गया है कि कौशल कार्यक्रम पेश करके, आर्थिक पुनरुत्थान से, अधोसंरचना और आवास के सुधार के जरिए, कृषि और संबंधित उद्योगों को आधुनिकीकरण के साथ मजबूत बनाकर शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करने की कोशिश की जा रही है। कई मामलों में तो विरोधाभास भी है। रोजगार को लेकर भाजपा को सारी समस्याएं सेवाभाव से हल करने पर जोर है लेकिन क्या केवल सेवाभाव से ही देश चलाया जा सकता है। बहरहाल पिछले पांच वर्षों में उत्पादकता तो करीब 35 प्रतिशत बढ़ी है लेकिन रोजगार के अवसरों में महज 0.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसमें सुधार लाने की जरूरत है जिस पर सरकार का ध्यान है। और दूसरी पार्टियां इस मसले को उठाती तो हैं लेकिन समाधान नहीं बता पाती हैं।

 

चन्द्रशेखर आजाद के जन्मदिन पर पूरा देश कर रहा ऊन्हें नमन

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नई दिल्ली-

“आजाद” ये नाम ही कुछ ऐसा है की इस शब्द के सुनते ही मन में नई खुशी दोड़ जाती है और इस नाम से कौन वाकिफ नही है. जी हॉ सही सौचा आपने हम बात कर रहै है भारत माता के उस वीर सपूत की जिसने देश की आजादी के हसते -हसते अपनी जान दे दी. “चन्द्रशेखर आजाद”  इस नाम को भला कौन नहीं जानता कौन नहीं जानता. भारत माता के इसी वीर सपूत का आज जन्मदिन है. चन्द्रशेखर आजाद”  का जन्म 23  जुलाई 1906 को मध्यप्रदेश के जहाबुआ जिले के भाभरा गांव में हुआ था. आज आजाद के जन्मदिन के अवसर पे पूरा देश उन्हें नमन कर रहा है.

 

भारत माता के वीर सपूत और इस महान क्रांतिकार को भला कौन भूल सकता है. कौन भूल सकता है जिसने अंग्रेजो के दात खट्टे कर दिए. लोगों को अभी भी याद है कि किस तरह आजाद जब एक बार कुछ निश्चय कर लेते थे तो उसे पूरा कर ही लेते थे. काकोरी ट्रेन डकैती और साण्डर्स की हत्या में सम्मिलित निर्भीक महान देशभक्त व क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद का नाम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अहम् स्थान रखता है.अंग्रेज तो उनसे इस तरह खौफ खाते थे कि जब वे अंग्रेजो से आखिरी जंग लड़ रहै थे तो उनके और अंग्रोजो के बीच जमकर गोलाबारी और फायरिंग हुई. आजाद ने अंग्रेजों को अपने जीवन के इस आखिरी लड़ाई में नाको चने चबवा दिए.

 

आजाद से लड़ाई के दौरान आजाद ने कई अंग्रेजो को काल के गाल में पहुंचा दिया. आजाद ने जब देखा कि जब उनके बंदूक में आखिरी ही गोली बची है तो उन्होनें ये कसम खाई थी की वे अंग्रेज की गोली से नहीं मरेंग और न ही अंग्रेजों के हाथ आऐंगे. इसी बात को ध्यान में रखते हुए इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्की में अपनी बंदूक की आखिरी गोली से खुद को गोली मार ली और अपने जीवनलीला को समाप्त कर लिया।

 

आजाद का अंग्रेजो को इतना खौफ था कि आजाद के शरीर पर उनके मरने के बाद भी कई गोलियां बरसाई तब जाके उनको विश्वास हुआ की आजाद मर चुका है. इस घटना के बाद पूरे देश के युवाओं अपनी पूरी ताकत से स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े. इलाहाबाद का चन्द्रशेखर पार्क जो आज भी आजाद के बलिदान का साक्षी है जिसे पहले अल्फ्रेड पार्क के नाम से जाना जाता है.

 

इसी पार्क में चन्द्रशेखर आजाद ने जीवन की आखिरी सांस ली थी. आजाद देश में युवाओं के लिए प्रेरणादायक है और देश के लोग उनका बलिदान कभी नहीं भूल सकते है. चन्द्रशेखर आजाद के बलिदान को देश हमेशा याद रखेगा। चन्द्रशेखर आजाद की जनमदिन पर पूरा देश इस भारत माता के महान सपूत को नमन कर रहा है जिसेके  बलिदानों के चलते देश आज आजाद है और लोग आजाद फिजा में सांस ले पा रहै है.

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राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी को गले लगाया

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नईदिल्ली-

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने भाषण में जहां लगातार नरेंद्र मोदी पर हमले किया। अपने भाषण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास जाकर उनके गले लग गए। प्रधानमंत्री ने भी उन्हें दोबारा बुलाकर फिर से हाथ मिलाकर उनको शाबासी दी। अपने भाषण के दारौन राहुल गांधी ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दलितों पर हमले पर एक शब्द नहीं बोलते हैं। प्रधानमंत्री का फर्ज बनता है कि वे जवाब दे। वे अपने दिल की बात को क्यों नहीं रखते हैं। उन्होंने कहा कि जब हिंदुस्तानियों पर हमला होता है तो पूरे संविधान पर हमला है अंबेडकर के द्वारा तैयार किया गया संविधान पर हमला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह बिना सत्ता के नहीं रह सकते। राहुल गांधी ने कहा कि

अविश्वास प्रस्ताव LIVE: राहुल बोले-चौकीदार नहीं भागीदार हैं पीएम, मोदी मुझसे आंख नहीं मिला पा रहे

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संसद में अविश्वास प्रस्ताव LIVE News: अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए सात घंटे का समय तय किया गया है. सरकार की ओर से खुद पीएम मोदी सहित पांच बड़े नेता और मंत्री बहस में हिस्सा लेंगे.

 

संसद में अविश्वास प्रस्ताव LIVE: मोदी सरकार के खिलाफ संसद में आज अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है और चर्चा के बाद वोटिंग होगी. सरकार की ओर से जीत का दावा किया जा रहा है तो वहीं विपक्ष का भरोसा है कि अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सरकार को संसद में बेनकाब करने का मौका मिलेगा. अविश्वास प्रस्ताव में सभी पार्टियों के बोलने का समय तय कर दिया गया है. संख्या के हिसाब से पार्टियों के समय तय हुए हैं. बीजेपी को सबसे ज्यादा 3 घंटे और 33 मिनट बोलने का समय मिला जबकि कांग्रेस को 38 मिनट का समय दिया गया है. अविश्वास प्रस्ताव से जुड़ी पल-पल की अपडेट के लिए एबीपी न्यूज़ के साथ बने रहें.

02.05 PM: पीएम मोदी, बीजेपी और आरएसएस ने मुझे धर्म का मतलब समझाया है. आपके लिए मैं पप्पू हो सकता हूं, लेकिन मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता- राहुल गांधी

02.02 PM: जब आपके मैं अंदर गया तो मोदी जी आपके सांसद बोले की मैं बहुत अच्छा बोला. मोदी और अमित शाह सत्ता छोड़ना नहीं चाहते. अकाली दल की नेता मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा रही थीं- राहुल

01.59 PM: पीएम का फर्ज बनता है कि वह देश को अपने दिल की बात बताएं. आज किसी व्यक्ति पर हमला नहीं बल्कि आंबेडकर जी के संविधान पर हमला होता है. मोदी के मंत्री हत्या करने वालों के गले में माला डालते हैं- राहुल गांधी

01.57 PM: देश में कमजोर आदीवासी और दलित कुचले जा रहे हैं लेकिन पीएम मोदी के मुंह से एक शब्द नहीं निकलता. भीड़ा हिंसा पर उतर आई है. पीएम कुछ नहीं बोलते- राहुल

01.53 PM: एमएसपी को लेकर मोदी जी ने नया जुमला दिया है. बाहर देशों में बोला जाता है कि हिंदुस्तान में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं. सरकार महिलाओं की रक्षा नहीं कर पा रही है. यहां गैंगरेप और महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है- राहुल गांधी

01.52 PM: राहुल गांधी ने फिर बोलना शुरू किया.

01.45 PM: लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने राहुल गांधी ने कहा है कि अगर आपने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण का नाम लिया है तो आपको उनको भी बोलने देना चाहिए.  आपतो सीधे आरोप नहीं लगाने चाहिए. राहुन ने राफेल डील को लेकर रक्षा मंत्री पर झूठ बोलने का आऱोप लगाया है.

01.38 PM: सिर्फ आठ मिनट के लिए सदन स्थगित की गई है.

01.36 PM: राहुल के बयान पर बीजेपी ने सबूत देने की मांग की है. लोकसभा स्पीकर ने सदन को 1.45 बजे तक स्थगित कर दी गई है.

01.34 PM: बीच में राहुल ने स्पीकर को टोका और बैठने के लिए कहा. राहुल ने कहा- आप डरो मत

01.33 PM: पीएम मोदी बिना किसी एजेंडे के चीन जाते हैं. ढाई लाख सबसे अमीर लोगों का कर्जा माफ किया है मोदी जी ने. किसानों मांगता रह गया- राहुल गांधी

01.30 PM: पीएम मोदी सदन में मुझसे आंख नहीं मिला रहे हैं. इधर उधर देख रहे हैं.  पीएम मोदी ने सेैनिकों को धोखा दिया है. डोकलाम पर चीन के राष्ट्रपति से कोई बात नहीं की. ये एक सच्चाई है इसे झुठलाया नहीं जा सकता- राहुल गांधी

01.27 PM: राहुल के बयान के बाद सरकार ने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर उठाया. अनंत कुमार ने सदन में बहस करने के नियमों का हवाला दिया है. अनंत कुमार ने कहा है कि राहुल बिना नोटिस के किसी पर आरोप नहीं लगा सकते.

01.22 PM: मोदी की मार्केटिंग में बिजनेसमैन हजारों करोड़ रुपए पैसा लगाते हैं. HAL से सौदा क्यों लिया गया? मोदी जवाब दें- राहुल गांधी

01.20 PM: राफेल डील पर राहुल गांधी ने जमकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है. राहुल ने कहा है कि जादू से राफेल जहाज का दाम 1600 करोड़ रुपए हो गया. मैंने फ्रांस के राष्ट्रपति से इसपर बात की थी. पीएम के दबाव में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने झट बोला है.

01.17 PM: राहुल ने सदन में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह का मुद्दा उठाया. जिसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया औऱ स्पीकर ने कहा कि आप बाहर के किसी शख्स का नाम सदन में नहीं ले सकते.

01.15 PM: पीएम मोदी ने करोड़ों लोगों को बर्बाद कर दिया है. छोटे दुकानदारों के बारे में इन्होंने कुछ नहीं सोचा. इन लोगों के लिए पीएम मोदी के दिल में जगह नहीं है. ये सिर्फ सूट-बूट की सरकार है- राहुल गांधी

01.13 PM: पता नहीं पीएम के पास कहां से मैसेज आया और उन्होंने नोटबंदी लागू कर दी. आज देश का हर तबका परेशान है. पीएम के जुमलों से युवा और किसान सभी परेशान हैं- राहुल गांधी

01.11 PM: लोकसभा में बोल रहे है राहुल गांधी, कहा 15 लाख रुपए औऱ रोजगार देने का वादा सिर्फ जुमला है. पीएम के शब्द का मतलब होना चाहिए- राहुल गांधी

बीजेपी के राकेश सिंह का भाषण

01.01 PM: बता दें कि साल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले तीन राज्य मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में चुनाव हैं. इन तीनों राज्यों में बीजेपी की सरकार है. बीजेपी अविश्वास प्रस्ताव के जरिए अपनी सरकार के कामों को भी गिना रही है.

12.57 PM: एमपी बिमारु राज्यों की श्रेणी से बाहर निकल गया है- राकेश सिंह

12.55 PM: मध्य प्रदेश में पिछले 14 सालों से शानदार विकास हुआ है. पहले एमपी में कृषि विकास दर 3 फीसदी होती थी अब 20 फीसदी है. 200 मेगावाट से 18000 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है- राकेश सिंह

12.51 PM: मोदी सरकार में राज्यों का तेज़ी से विकास हो रहा है. इस सरकार ने जय जवान जय किसान के नारे को साकार किया- राकेश सिंह

12.46 PM: एमपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़ में लिखी गई विकास की नई इबारत. राजस्थान में सड़कों का विस्तार हुआ और इसपर 24,500 करोड़ रुपए खर्च हुए. मोदी सरकार ने छत्तीसगढ़ का बजट बढ़ाकर 83,179 करोड़ रुपए किया. छत्तीसगढ़ में प्रति-व्यक्ति आय 13,000 रुपए से बढ़कर 92,000 रुपए पर पहुंची- राकेश सिंह

12.44 PM: जो काम 70 सालों में नहीं हुआ वो चार सालों में किया, 2019 में मोदी सरकार बनने जा रही है- राकेश सिंह

12.42 PM: इस्लामिक देश यूएई में मंदिर बनाने की इजाजत मिल रही है, ऐसे भारत के इतिहास में पहली बार हो रहा है. डोकलाम जैसे विवाद के बाद जब दोनों देशों की सेनाएं पीछे हट जाती हैं, पाकिस्तान के खिलाफ सेना सर्जिकल स्ट्राइक करके आती है. मोदी के लिए प्रोटोकॉल तोड़ते हैं विदेशों के नेता- राकेश सिंह

12.40 PM: कांग्रेस के समय में एक दिन में 12 किलोमीटर सड़कें बना करती थीं, अब हर दिन 27 किलोमीटर सड़कें बना करती हैं. पीएम मोदी के नेतृत्व में ये सब संभव हुआ- राकेश सिंह

12.35 PM: कांग्रेस के राज में पहले फाइलें अटकती थीं फिर लटकती थीं और फिर भटकती थीं जिनके पीछे विशेष कारण होते थे- राकेश सिंह

12.30 PM: कांग्रेस को गरीबों की कोई चिंता नहीं है. उज्जवला योजना से 4.78 करोड़ लोगों को फायदा हुआ है. इतिहास में पहली बार हुआ है कि लक्ष्य से पहले काम पूरा हुआ है- राकेश सिंह

 

12.26 PM: मनमोहन ने कहा था कि देश के संसाधनों पर पहला हक मुस्लिमों का है. लेकिन अब  देश के संसाधनों पर पहला हक गरीब जनता का है. पीएम मोदी की वजह से आज गरीबों के चेहरे पर खुशी है. आज लोगों को जीवन में सकारात्मक बदलाव हो रहे हैं. मोदी सरकार ने जाति धर्म से उठकर जरुरतमंदों को सहारा दिया है- राकेश सिंह

 

12.22 PM: साल 2019 में विजय यात्रा को रोकने की कोशिश हो रही है. गांधी परिवार के कारण खडगे जी कर्नाटक में मुख्यमंत्री नहीं बन पाए. कांग्रेस के सभी घोटाले देश पर एक कलंक की तरह हैं- राकेश सिंह

 

12.20 PM: कांग्रेस के साथ जाने से कुमारस्वामी ने जहर का घूंट पिया है. हमने कुछ दिनों पहले उन्हें रोता देखा है. टीडीपी के जयदेव गल्ला जी श्रापित हो गए हैं, क्योंकि वह कांग्रेस के साथ हैं. ऐसे दल अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए हैं जो एक दूसरे के खिलाफ रहे हैं- राकेश सिंह

 

12.15 PM: लोकतंत्र का मतलब सरकार नहीं है. दूसरों का गला घोंटना भी लोकतंत्र नहीं है. टीडीपी की तरफ से अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोई ठोस वजह नहीं है. बिना कारण विश्वसनीय वाली सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है- राकेश सिंह

 

12.11 PM: अविश्वास प्रस्ताव पर बीजेपी की तरफ से पहला भाषण राकेश सिंह दे रहे हैं. राकेश सिंह मध्य प्रदेश के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हैं और जबलपुर से सांसद हैं. मध्य प्रदेश में इसी साल विधानसभा के चुनाव हैं, इसलिए उन्हें मौका दिया गया है.

 

12.05 PM: बता दें कि शिवसेना सदन में भी मौजूद नहीं है. शिवसेना ने वोटिंग का बहिष्कार कर दिया है. सांसदों को बिना उद्धव की जानकारी के व्हिप जारी किया गया था.

 

टीडीपी ने क्या कहा है?

 

12.03 PM: सरकार किसान सेस, शिक्षा सेस वगैराह से खूब कमा रही है लेकिन सरकार को एक पैसा नहीं दे रही, हम नागरिक के लिए 15 लाख नहीं सिर्फ उनका हक मांग रहे हैं-

 

11.59 AM: मोदी सरकार मूर्तियों पर ज्यादा पैसा खर्च कर रही है. गुजरात में सरदार पटेल के लिए जितना पैसा दिया जा रहा है उससे कम पैसा आंध्र की राजधानी अमरावती के लिए दिया जा रहा है- टीडीपी

 

11.57 AM: विकास के मामले में आंध्र प्रदेश बहुत पिछड़ गया है. केंद्र सरकार ने विकास के नाम पर आंध्र प्रदेश को सिर्फ पांच हजार करोड़ रुपए दिए हैं- टीडीपी

 

11.53 AM: आंध्र प्रदेश के लिए जो परियोजनाओं लाने की बात की गई थी, उसके लिए भी सरकार ने कोई दिशा-निर्देश नहीं दिए हैं. सराकर अपने सभी वादे भूल गई है- टीडीपी

 

11.50 AM: अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए टीडीपी को सिर्फ 13 मिनट का वक्त दिया गया था, लेकिन टीडीपी के गल्ला करीब 45 मिनट से बोल रहे हैं. इसको लेकर सदन में मौजूद कुछ पार्टियां विरोध कर रही हैं.

 

11.45 AM: आंध्र प्रदेश के साथ बुंदेलखंड से भी ज्यादा भेदभाव किया गया है. आंध्र को संसाधन नहीं दिए गए जिनकी जरुरत राज्य की जनता को थी- गल्ला

 

11.42 AM: आंध्र प्रदेश को विशेष पैकेज का आज भी इंतजार है. आंध्र को विशेष राज्य के दर्जे का दावा मोदी सरकार भूल गई है. आंध्र प्रदेश को बजट में भी एक भी पैसा नहीं दिया गया- गल्ला

 

11.38 AM: गल्ला ने कहा है कि आंध्र प्रदेश में बीजेपी का हाल वैसा ही होगा जैसा कांग्रेस का होगा. हम मोदी सरकार को श्राप दे रहे हैं. पीएम मोदी भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात करते हैं, लेकिन कर्नाटक में जनार्दन रेड्डी और उनके लोगों को टिकट दिया गया है.

 

11.36 AM: इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा है कि अविश्वास प्रस्ताव पर जेडीयू मोदी सरकार के साथ है. आपको बता दें कि नीतीश भी बिहार को स्पेशल राज्य के दर्जे की मांग करते रहे हैं.

 

11.33 AM: गल्ला ने पीएम मोदी को याद दिलाते हुए कहा कि साल 2014 के विधानसभा चुनाव में भी आपने रैली करके आंध्र को स्पेशल स्टेटस देने का वादा किया था. लेकिन वह वादा आपने आजतक पूरा नहीं किया है.  क्या आपके वादों में कोई ताकत नहीं है.

 

11.30 AM:  टीडीपी के सांसदों ने लोकसभा मे बालाजी भगवान की तस्वीर दिखाई है.गल्ला ने कहा कि तेलंगाना को ज्यादा राजस्व दिया जा रहा है, बंटवारे के बाद हमारे साथ न्याय नहीं हुआ.गल्ला के इस भाषण के बीच टीआरएस के सांसदों ने हंगामा भी किया.

 

11.22 AM: टीडीपी ने कहा कि कई वजहों से मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है. इसमें भेदभाव, विश्वास की कमी, प्राथमिकता की कमी जैसी कई वजह शामिल हैं. उन्होंन कहा है कि वादों को पूरा नहीं करना हमारे लिए भावनात्मक मुद्दा है.

 

11.18 AM: टीडीपी का कहना है कि राज्य बंटवारे के बाद आंध्र प्रदेश का आर्थिक नुकसान हुआ है. केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश की कोई मदद नहीं की. आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा भी नहीं दिया गया.

 

11.15 AM: टीडीपी ने कहा है कि मोदी सरकार के कारण चुनौतियां पैदा हुई हैं. सरकार ने हमारे साथ अन्याय किया है. आंध्र प्रदेश पर लोन थोप दिया गया है. आंध्र प्रदेश बहुत मुश्किल में है. टीडीपी के भाषण के बीच टीआरएस के सांसद हंगामा कर रहे हैं.

 

11.11 AM: टीडीपी के जयदेव गल्ला ने विश्वास प्रस्ताव पर बोलना शुरू कर दिया है. जयदेव गल्ला टीडीपी के बड़े नेता हैं. टीडीपी के लोकसभा में 16 सांसद हैं. उन्होंने कहा है कि मोदी सरकार ने आंध्र प्रदेश का वादा पूरा नहीं किया है. उन्होंने आंध्र प्रदेश के साथ भेदभाव किया है.

 

11.09 AM: बीजू जनता दल ने भी विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और वोटिंग का बहिष्कार कर दिया है.

 

11.06 AM: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में चर्चा के लिए समय देने पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा है कि कांग्रेस को बोलने के लिए कम समय दिया गया है. बता दें कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शाम 6 बजे तक चलेगी.

 

11.02 AM: लोकसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है. कुछ ही देर में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हो जाएगी. सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद हैं.

 

10.45 AM: शिवसेना ने अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग का बहिष्कार कर दिया है. शिवसेना ने कहा है कि सरकार ने साल 2014 में जनता से जो वादे किए तो उसे अबतक पूरा नहीं किया है. इसलिए हमने इसका बहिष्कार करने का फैसला किया है. शिवसेना के लोकसभा में 18 सांसद हैं.

 

10.35 AM: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि सरकार को विपक्ष को बोलने नहीं देना चाहती है. उन्होंने कहा है कि विपक्ष को बोलने के लिए कम समय दिया गया है.

 

10.27 AM: शिवसेना संसदीय दल की बैठक शुरू हो गई है. बैठक में अविश्वास प्रस्ताव पर वोट का रुख तय होना है. इस बैठक में आनंद राव अदसूल, अनिल देसाई, अरविंद सावंत समेत कई अन्य सांसद मौजूद हैं.

 

10.22 AM: संसदीय मंत्री अनंत कुमार ने कहा है, ”जैसा कि राहुल गांधी जी ने कहा था कि भूकंप आएगा तो भूकंप जरूर आएगा, लेकिन वह कांग्रेस में आएगा. एनडीए सरकार को उम्मीद से ज्यादा समर्थन मिलेगा.”

राहुल गांधी के भाषण के दौरान हंगामा

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नईदिल्ली-
लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में बोलते हुए राहुल गांधी सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आक्रामक हो गए। जिसमें उन्होंने किसानों के मुद्दे के साथ साथ उद्योगपतियों को दी जा रही तरजीह और राफेल सौदे के मुद्दे को भी उठाया। राहुल गांधी काफी आक्रामक मुड में थे। जिससे लोकसभा स्पीकर ने यह भी निर्देश दे दिया कि यह संसद है ना कि जनसभा। राहुल गांधी जी आप अपने शब्दों पर गौर करें। गौरतलब है कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उद्योगपतियों को कर्जा माफ करने का एकतरफा निर्देश बताया जबकि किसानों के कर्जे को माफ नहीं किया गया। राहुल गांधी ने चीन के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि जब चीन के राष्ट्रपति के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में झूला रहे थे तब देश के अंदर चीन की सेना थी हमारे सैनिक पर खतरे थे। उन्होंने कहा कि पूरा देश देख रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारे आंखों में नहीं देख सकते हैं। राहुल गांधी के आक्रामक भाषण से सत्ता पक्ष के सांसद व मंत्री भी आक्रामक हो गए और हंगामा हो गया जिसके बाद स्पीकर ने लोकसभा को कुछ देर के लिए स्थगित कर दिया।

नहीं रहे मशहूर गीतकार गोपालदास नीरज

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नईदिल्ली-

राजकपूर के सुप्रसिद्ध फिल्म मेरा नाम जोकर में गीत लिखने वाले हिंदी के प्रख्यात कवि और गीतकार गोपाल दास नीरज का निधन हो गया है। गोपालदास नीरज वैसे गीतकार थे जो समान रूप से बॉलीवुड फिल्मों में, हिंदी साहित्य में और मंचीय कवि के रूप में प्रसिद्ध रहे। आदमी हूं आदमी से प्यार करता हूं। नीरज का जन्म 4 जनवरी, 1924 को उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के पुरावली गांव में हुए था। उन्हें 1970, 1971, 1972 में फिल्म फेयर अवॉर्ड मिले। ‘मेरा नाम जोकर’ के ‘ए भाई! ज़रा देख के चलो’ ने नीरज को कामयाबी की बुलंदियों पर पहुंचाया। राजकपूर ने जब मेरा नाम जोकर के लिए लिखा तो उनकी रचना को राजकपूर ने छोटा कर दिया।

उनके लिखे प्रसिद्ध फिल्मी गीतों में शोखियों में घोला जाए फूलों का शबाब, लिखे जो खत तुझे, ऐ भाई.. जरा देखकर चलो, दिल आज शायर है, खिलते हैं गुल यहां, फूलों के रंग से, रंगीला रे! तेरे रंग में और आदमी हूं- आदमी से प्यार करता हूं शामिल हैं। गोपालदास नीरज लंबे समय से बीमार चल रहे थे. मंगलवार को उन्‍हें सांस लेने में दिक्‍कत हो रही थी. इसके चलते उन्हें आगरा के अस्पताल में भर्ती कराया गया था. तबीयत बिगड़ने के बाद गोपाल दास नीरज को दिल्ली के एम्स अस्पताल में लाया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।

साल 1991 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया. इसके बाद उन्हें साल 2007 में पद्मभूषण दिया गया। यूपी सरकार ने यशभारती सम्मान से भी नवाजा. ‘कारवां गुजर गया गुबार देखते रहे’ जैसे मशहूर गीत लिखने वाले नीरज को उनके बेजोड़ गीतों के लिए फिल्म फेयर पुरस्कार भी मिला है।

‘पहचान’ फिल्म के गीत ‘बस यही अपराध मैं हर बार करता हूं’ और. उनके एक दर्जन से भी अधिक कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। उनकी गीतों के पाठ सुनने के लिए लोग दूर दूर से आते रहे हैं। मंचीय पाठ में उनका जवाब नहीं था। तालकटोरा स्टेडियम में उनके गीतों को सुनने के बाद पूरा स्टेडियम खड़े होकर अभिवादन किया था।

 मुख्य सचिवों के खिलाफ भ्रष्टाचार की होगी जांच: अरविंद

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नयी दिल्ली-

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को निर्देश दिया कि दिल्ली सरकार के पूर्व और मौजूदा मुख्य सचिवों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की जाए। केजरीवाल ने कहा कि मंत्री मनीष सिसोदिया को शिकायतकर्ता से मिलने और सभी सबूत जुटाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लगातार अब आक्रामक रूख अखित्यार कर रहे हैं जबसे कोर्ट ने कहा कि है कि दिल्ली की सरकार चुनी हुई है इसके निर्देश को माना जाना चाहिए। हालांकि अभी इनके द्वारा उठाए गए कदम को अब भी माना नहीं जा रहा है। हाल में दिए गए निर्देश पर दरअसल यह कदम तब उठाया गया है जब मीडिया में आ रही खबरों में दिल्ली सरकार के अस्पताल के एक डॉक्टर के हवाले से कहा गया है कि मुख्य सचिवों ने भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे अधिकारियों से उनके खिलाफ जांच में देरी करने के लिए घूस ली।