ग्रेटर नोएडा में निर्माणाधीन इमारत ढही, 3 की मौत, कई लोग घायल

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नोएडा।

ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी गांव में रात एक छह मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढहने से उसके मलबे में दब कर तीन लोगों की मौत हो गयी जबकि अन्य कई मजदूरों के अंदर फंसे होने की आशंका है। बताया जा रहा है कि घटना के समय इमारत में कम से कम 12 मजदूर मौजूद थे और उन सभी के फंसे होने की आशंका है। दमकल विभाग के कर्मी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और बचाव कार्य जारी है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) बल को भी तैनात किया गया है। अभी तक मलबे से दो शव निकाले गए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौतमबुद्ध नगर जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस को एनडीआरएफ दल के साथ रहात एवं बचाव कार्य की निगरानी करने का निर्देश दिए हैं।

 

भाला फेंक में नीरज चोपड़ा को गोल्ड

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फ्रांस के सूटवेल में हो रही ऐथलेटिक्स मीट में भारत के जेवलिन थ्रो खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पदक हासिल किया । नीरज चोपड़ा ने गोल्ड मेडल जीतने के लिए 85.17 मीटर दूर भाला फेंका था। प्रतियोगिता में यूरोप के देश मोलडोवा के एंड्रियन मार्डारे दूसरे नंबर पर रहे, उन्होंने 81.48 मीटर दूर भाला फेंका था। वहीं तीसरे नंबर पर लिथुआनिया के एडिस रहे। उनका भाला 79.31 मीटर दूर तक गया था। गौरतलब है कि टूर्नामेंट में भारत के 2012 के ओलिंपक चैंपियन केशर वालकोट का प्रदर्शन खास नहीं रहा। 78.26 मीटर तक भाला फेंककर वह पांचवे नंबर पर रहे।

मीका ने जस्ट इन के लिए वर्डचर किया लाॅन्च

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गुरुग्राम।

भागम भाग जिंदगी में दो पल सुकून की तलाश मंे हर कोई रहता है। ऐसे में जब लोगों को संगीत से सरोबार शाम मिले, तो क्या कहने। बीते शनिवार को ऐसा ही हुआ जस्ट इन के उदघाटन के मौके पर। मशहूर सिंगर मीका सिंह के साथ लोगों ने मस्ती की। असल में,
14 जुलाई लास्ट शनिवार की रात, गुड़गांव में जुसटॉन ने अपने उद्घाटन को बहुत सारी चर्चा और खुशी के साथ मनाया, जस्ट-इन के लिए वर्डचर लॉन्च किया, शहर की नई बात खेल मनोरंजन के लिए क्षेत्र है सबसे अच्छी योजनाबद्ध घटनाओं को छोड़ देता है गुड़गांव मिडी पॉप राजा में, एम सिंह इस अवधारणा के ब्रांड एंबेसडर हैं (यदि निखिल सियाल मिका सिंह के स्वामित्व वाले उद्यम वेंचर को जस्ट-इन का हिस्सा बनने के लिए उत्साहित किया गया था और माना जाता है कि अल निखिल उनके और उत्सव की रात और निखिल पर बहुत धन्यवाद अपने बचपन के दोस्त के लिए अपारशाकी खुरारत ने उन्हें जस्ट-इन के विचार के साथ पहली जगह पर समर्थन दिया। उन्होंने अपने विचार में विश्वास किया कि वे एक्सपानू में सॉरुथिंग वीआई आरएचएच को घुसपैठ कर रहे हैं। जैसे जस्ट-इन क्र श्गुड़गांव, एक जगह जो उल्लेखनीय रूप से बढ़ रही है वानक विस्तार से बहुत सारे प्अमतपजे का एक मिश्रण मिश्रण है, सिलाई ने पूरे जस्ट-इन टीम से बहुत सारे प्रयास किए। इस कार्यक्रम में संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रतिनिधि (श्री अल्ला सिम्स। एमसी क्रिस बर्गेन, श्रीमान। ग्रेग कार्लसन, और श्री अमरजीत एस कुन?) जो ेनचचव अपनी यात्रा के दौरान डब्लूएनएएन ने गाया, लाइव गायन, सूफी नाइट्स, हॉलीवुड नृत्य जैसे प्रदर्शन। बेली नृत्य। प्रसिद्ध कलाकारों और अधिक के द्वारा संगीत प्रस्तुतियों, जस्टिन सप्ताहांत को सबसे अच्छी समझ में बताते हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि 4 पंख आपको लाइव घटनाओं का सर्वोत्तम और पसंद करते हैं बस ऽ ब्रंसविक की गेंदबाजी और एक विशिष्ट समकालीन अवधारणा परिसर में भी दावा करता है जस्टिन की शानदार सुविधा और ग्राहकों को विशेष पेय अनुभव प्रदान करता है जिसके माध्यम से वे अपनी शराब को अपनी गलती में स्टोर कर सकते हैं ’। संगीत प्रस्तुति और पेट नृत्य घर में स्वागत पेय के साथ सामाजिक अभिवादन के बाद, उद्घाटन का अवसर। कई घटनाओं झील फोकस जसल-इन के रेक काटने का समारोह टीए शैंपेन का पीछा किया गया, एमपी सांसद द्वारा विशेष प्रदर्शन के साथ डालना और अधिक।
15 जुलाई जूल-इन, गुड़गांव द्वारा एक समारोह आयोजित किया गया था जिसमें बॉलीवुड के मेहमान थे और यह शहर के बहुत से लोग थे। जस्ट इन के ब्रांड एंबेसडर मिका सिंह मेहमानों के लिए एक अतिरिक्त इलाज था क्योंकि उन्होंने रविवार को होने वाले आयोजन में अपने सुपर हिट गाने पर प्रदर्शन किया था। उन्होंने अपना नया गीत भी शुरू किया सक्विया सुंदर और प्रतिभाशाली गायक अकीरा के सहयोग से है। गीत मिका सिंह और जोहेब खान द्वारा संगीत और ध्वनि (मिका सिंह द्वारा प्रचारित भारत के अग्रणी संगीत चैनल) द्वारा निर्मित रमन जंगलवाल के गीतों के साथ डिजाइन किया गया है। सामाजिक बैठक के बाद और एमएस बैंड द्वारा एक मनोरंजक संगीत प्रस्तुति के साथ बधाई प्रकट हुई, जिसके बाद मिका और अकीरा के प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम हुए। मालिक निखिल सीट और ब्रांड एंबेसडर मिका एक सफल पार्टी और आयोजन के लिए बहुत खुश थे, निखिल जल्द ही जल्द ही इस तरह की घटनाओं की मेजबानी करने की उम्मीद कर रहे हैं, उन्होंने कहा, हम सभी लोगों के लिए पार्टी के अनुभवों को फिर से परिभाषित करने के लिए बहुत उत्साहित हैं जस्ट-इन भव्य और जीवन के अनुभवों के बारे में सब कुछ। चाहे वह व्यंजनों, घटनाओं या मनोरंजन में हो। पिछले दिन, शनिवार को, निखिल ने जस्ट-इन के उद्घाटन के अवसर पर मेजबानी की, जिसमें निखिल और मिका के सेलिब्रिटी अतिथि, दोस्त और परिवार थे। सफल प्रक्षेपण और उद्घाटन के बाद, निखिल अपने उद्यम को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।

महाराष्ट्र में सड़कों पर बह रही हैं दूध की नदियां

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नई दिल्ली। महाराष्ट्र में दूध रोको आंदोलन हिंसक होता जा रहा है। कहीं आगजनी हो रही है तो कहीं बवाल हो रहा है। सड़क से लेकर सदन तक हंगामा हो रहा है और सड़कों पर दूध की नदियां बह रही है। आंदोलनकारियों की मांग है कि दूध पर प्रति लीटर पांच रुपए की सब्सिडी मिले, मक्खन और मिल्क पाउडर को जीएसटी के दायरे से बाहर किया जाए। कुछ महीने पहले भी महाराष्ट्र के दूध किसानों ने ऐसा ही आंदोलन किया था। ऐसे ही सड़कों पर दूध की नदियां बहाई गई थी। तब सरकार ने किसानों से कहा था कि सड़कों पर दूध इस तरह से मत फेंकिये, सरकार हर बात सुनने को तैयार है लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ।
किसानों को लगता है कि वो एक गंदी राजनीति का खिलौना बनकर रह गए हैं इसलिए इस बार जब तक मांगे पूरी नही होंगी झुकने को तैयार नहीं हैं। एक तरफ तो किसान सड़कों पर दूध फेंक रहे हैं और दूसरी ओर दूध रोको आंदोलन भी चला रहे हैं। मतलब सहकारी और सरकारी दूध भी घरों तक ना पहुंचे इसके लिए रास्ता रोककर बैठे हैं। किसान चाहते हैं कि गुजरात की तरह दूध पर प्रति लीटर पांच रुपए की सब्सिडी मिले और मक्खन और मिल्क पाउडर को जीएसटी के दायरे से बाहर किया जाए। सरकार वादे के मुताबिक दूध की कीमत 17 से 27 रुपये कर दे।

किसानों के इस आंदोलन को एनसीपी भी सपोर्ट कर रही है। आंदोलन को सुप्रिया सुले खुलकर समर्थन कर रही हैं। सुप्रिया सुले आंदोलन तो चाहती हैं लेकिन वो ये नहीं चाहती कि सड़कों पर दूध की बर्बादी हो और गाड़ियों में आग लगाई जाए। हालांकि सुप्रिया सुले की बातों का असर एक भी शहर में नहीं हुआ। 24 घंटे में ही इस आंदोलन से सरकार की नींद उड़ गई है। फिलहाल सरकार कह रही है 15 दिनों तक दूध की कोई कमी नहीं होगी लेकिन जो तस्वीर सामने आ रही है वो कह रही है स्थिति बहुत बुरी है।

क्यों रोने लगे हैं कुमारस्वामी ?

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नई दिल्ली। शनिवार की बात है जब पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जनता दल (सेकुलर) के नेता और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी अचानक भावुक हो गए थे. इस दौरान उन्होंने अपने आंसू पोंछते हुए दावा किया कि उन्हें जबर्दस्ती ‘विषकंठ’ बना दिया गया है. यहां उनका इशारा भगवान शिव की तरफ था जिन्हें संसार की रक्षा के लिए विष को अपने गले में धारण करना पड़ा था.

इस कार्यक्रम में कुमारस्वामी का आगे कहना था कि कर्नाटक के भले के लिए उन्हें ‘सत्ता’ का जहर पीने के लिए मजबूर होना पड़ा है. इससे पहले उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा भी दावा कर चुके हैं कि जेडीएसको मुख्यमंत्री पद लेने के लिए मजबूर किया गया था.
चाहे जो भी परिस्थिति हो किसी मुख्यमंत्री का इस तरह की नाटकीय हरकतें करना कतई जायज नहीं ठहराया जा सकता. इसके बदले अगर कुमारस्वामी शासन-प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर ध्यान दें तो वे अपने राज्य का ज्यादा भला कर सकते हैं. कर्नाटक की राजधानी और दुनिया की दूसरी सिलिकन वैली कहे जाने वाले बैंगलुरु में आज बुनियादी ढांचा पूरी तरह ढहने की कगार पर है. इसके साथ ही यहां बढ़ती आबादी के लिहाज से जरूरी नागरिक सुविधाओं में भारी कमी देखी जा रही है. आज यहां एक बड़े हिस्से की सड़कें जगह-जगह से उखड़ चुकी हैं, तो वहीं कचरा प्रबंधन के मोर्चे पर भी शहर के हालात संभले हुए नहीं लगते. अब बेंगलुरु के घरों में पानी की आपूर्ति भी नियमित रूप से नहीं हो पा रही है. इसके अलावा बिजली कटौती भी यहां की एक बड़ी समस्या है.
राजधानी के अलावा कर्नाटक के एक बड़े हिस्से में इस बार की भारी बारिश और जलभराव चलते बुनियादी ढांचा चरमराता दिख रहा है. चूंकि जेडीएसदक्षिणी कर्नाटक में ही सबसे मजबूत है सो इस सरकार का ध्यान इस इलाके पर ही ज्यादा है जिससे उत्तर, मध्य और तटवर्ती कर्नाटक के लोग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं.
जेडीएस की राज्य विधानसभा में 37 सीटें हैं और इनमें से ज्यादातर दक्षिणी कर्नाटक में पड़ती हैं. लेकिन कांग्रेस की राष्ट्रीय स्तर की कुछ मजबूरियों के चलते उसे यहां सरकार की अगुवाई करने का मौका मिल गया है. हालांकि वह किस्मत से मिले इस मौके को एक अवसर में बदल सकती है और अपने चुनावी वादों को पूरा कर सकती है.
विधानसभा में कांग्रेस के जेडीएस के मुकाबले दोगुने से ज्यादा विधायक हैं. ऐसे में यह स्वाभाविक ही है कि वह बड़े नीतिगत फैसलों पर चाहेगी कि उसकी बात को तवज्जो मिले. वहीं कुमारस्वामी को छोटे-मोटे मतभेदों पर कांग्रेस हाईकमान से दखल की उम्मीद नहीं करनी चाहिए. इसके बदले उन्हें चाहिए कि वे राज्य के कांग्रेस नेताओं के साथ मिलकर अपनी सरकार का न्यूनतम साझा कार्यक्रम लागू करें.
फिलहाल मुख्यमंत्री को किसानों की कर्जमाफी के अपने फैसले को ढंग से लागू करने की तरफ ध्यान देना चाहिए. इस समय कर्नाटक सरकार छात्र-छात्राओं को फ्री बस-पास उपलब्ध करवाने के साथ-साथ शिक्षा-ऋण माफ करने पर भी विचार कर रही है. आम चुनाव के लिए अब एक साल से भी कम समय बचा है और कुमारस्वामी ऐसे सभी फैसलों का श्रेय लेना चाहेंगे. लेकिन इसके लिए पहली शर्त यही है कि वे नाटकीय हरकतें करना छोड़ें और अपनी गठबंधन सरकार के और दूसरे वादे पूरा करने पर जुट जाएं.

हैरी केन ने जीता गोल्डन बूट, लुका को मिला गोल्डन बॉल का खिताब

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फीफा वर्ल्ड कप 2018 पर फ्रांस ने क्रोएशिया को 4-2 से हराकर खिताब पर दूसरी बार अपना कब्जा जमाया। पूरे विश्व कप के दौरान सबकी नजर जहां विजेता पर थी वहीं गोल्डेन बूट, गोल्डन बॉल व गोल्डन ग्लव्स किसे मिलेगा इस पर भी फुटबॉल फैंस की नजरें टिकी थीं।

गोल्डन बूट का खिताब टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी को दिया जाता है। इस दौड़ में इंग्लैंड के कप्तान और स्टार फॉरवर्ड हैरी केन और बेल्जियम के फॉरवर्ड खिलाड़ी रोमेलू लुकाकू सबसे आगे थे लेकिन जीत मिली हैरी केन को। इस विश्व कप के सबसे युवा कप्तान 24 वर्षीय हैरी ने 6 मैचों में हैट्रिक सहित छह गोल दागे। वहीं बेल्जियम के 25 वर्षीय लुकाकू ने पांच मैचों में चार गोल करने के साथ एक गोल करने में मदद भी की थी।

गोल्डन बॉल का खिताब टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को मिलता है। क्रोएशिया के लुका मॉड्रिक को ये खिताब मिला। विश्व कप में गोलकीपरों को शानदार प्रदर्शन के लिए गोल्डन ग्लव्स का अवॉर्ड दिया जाता है। बेल्जियम के थिबॉट कोरटूइस ने इस खिताब पर कब्जा जमाया। सबसे पहले फीफा विश्व कप 1994 में गोल्डन ग्लव्स अवॉर्ड देने की शुरूआत की गई थी। सबसे पहले इस अवॉर्ड को लेव याशिन अवॉर्ड के नाम से जाना जाता था, लेकिन 2010 फीफा विश्व कप से इसका नाम बदलकर गोल्डन ग्लव्स अवॉर्ड कर दिया गया। सबसे पहले 1994 में ये अवॉर्ड अमेरिका के मिचेल प्रयूडहोम को मिला था।

 

भारत और पाकिस्तान की सेना एक साथ करेंगे सैन्य अभ्यास

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नयी दिल्ली।

भारत और पाकिस्तान की सेनाएं 20-29 अगस्त को रूस में आयोजित होने वाले व्यापक आतंकवाद रोधी अभ्यास में हिस्सा लेंगी। शंघाई सहयोग संग‍ठन द्वारा आयोजित इस अभ्यास का लक्ष्य आतंकवाद और कट्टरपंथ से निपटने में सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाना है। भारत के करीब 200 थल सैनिक और वायु सैनिक रूस के चेल्याबिंस्क शहर में 20-29 अगस्त के बीच आयोजित होने वाले अभ्यास में हिस्सा लेंगे।

भारत और पाकिस्तान के अलावा इस अभ्यास में रूस, चीन, किर्गीस्तान, कजाखस्तान, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान सहित सभी सदस्य राष्ट्र हिस्सा लेंगे। चीन के चिंगदाओ शहर में एससीओ के वार्षिक सम्मेलन के तीन महीने बाद ‘पीस मिशन’ का आयोजन किया जाएगा। सालाना सम्मेलन में आतंकवाद, कट्टरपंथ और अलगाववाद के खतरों से निपटने के लिए सदस्य देशों की सेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया गया था।

 

संसद की सुचारू कार्यवाही के लिये विभिन्न दलों से अलग अलग चर्चा करेंगी लोकसभा स्पीकर

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नयी दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सांसदों से सहयोग की अपील करते हुए लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि वह  विभिन्न दलों के नेताओं से इस विषय पर अलग अलग बातचीत करेंगी। सुमित्रा महाजन ने कहा, ‘‘17 जुलाई को सभी दलों के नेताओं की बैठक होगी। इस दौरान मैं कोशिश करूंगी कि अगले दो..तीन दिनों जितने भी दलों से हो सके, अलग अलग बातचीत करूं। ’’ उन्होंने कहा कि उनका प्रयास होगा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित सभी दलों के नेताओं से सहयोग मांगा जाए। सदन के कामकाज में कौन सा विषय लेना है, कब लेना है… यह कार्य मंत्रणा समिति :बीएसी: में तय हो होगा लेकिन सदन का काम ठप नहीं होना चाहिए। ‘‘विभिन्न दलों से अलग अलग बातचीत के दौरान मैं इस बारे में कोई रास्ता निकालने का प्रयास करूंगी।’’

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन में शोर शराबे के कारण कामकाज ठप होता है, तब सदस्य अपने क्षेत्र की बात नहीं रख पाते हैं। जबकि एक जनप्रतिनिधि के तौर पर सदस्यों का कर्तव्य होता है कि वे जनता के विषयों को नियमों के तहत सदन में रखें। सदन में शोर शराबे के संदर्भ में सुमित्रा महाजन ने कहा, ‘‘बाहर के देशों में इससे देश की छवि बिगड़ती है। यह इतने बड़े लोकतांत्रिक देश की अच्छी तस्वीर पेश नहीं करता।’’ स्पीकर ने कहा कि उन्होंने इस बारे में सदस्यों को पत्र लिखकर आग्रह भी किया है। उल्लेखनीय है कि संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू हो रहा है और 10 अगस्त तक चलेगा। प्रश्नकाल स्थगित कर विषयों को उठाने संबंधी कार्यस्थगन प्रस्ताव की बढ़ती संख्या के बारे में पूछने पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘इसके बारे में नियम है, ऐसे विषय शून्यकाल में लिये जाते है। सभी नियम जानते हैं। ये नियम मैंने नहीं बनाये हैं, पहले से चले आ रहे हैं। अगर रोज किसी न किसी विषय को लेकर प्रश्नकाल स्थगित होगा, तब प्रश्नकाल का मतलब क्या रह जायेगा।’’

 

फ्रांस बना चैंपियन, क्रोएशिया को 4-2 से हरा कर जीता FIFA

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मास्को। फीफा विश्व कप के रोमांचक फाइनल में दमदार क्रोएशिया को 4-2 से हराकर दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। फ्रांस ने 18वें मिनट में मारियो मैंडजुकिच के आत्मघाती गोल से बढ़त बनायी लेकिन इवान पेरिसिच ने 28वें मिनट में बराबरी का गोल दाग दिया। फ्रांस को हालांकि जल्द ही पेनल्टी मिली जिसे एंटोनी ग्रीजमैन ने 38वें मिनट में गोल में बदला जिससे फ्रांस मध्यांतर तक 2-1 से आगे रहा। पॉल पोग्बा ने 59वें मिनट में तीसरा गोल दागा जबकि किलियान एमबापे ने 65वें मिनट में फ्रांस की बढ़त 4-1 कर दी। जब लग रहा था कि अब क्रोएशिया के हाथ से मौका निकल चुका है तब मैंडजुकिच ने 69वें मिनट में गोल करके उसकी उम्मीद जगायी।
फ्रांस ने इससे पहले 1998 में विश्व कप जीता था। तब उसके कप्तान डिडियर डेसचैम्प्स थे जो अब टीम के कोच हैं। इस तरह से डेसचैम्प्स खिलाड़ी और कोच के रूप में विश्व कप जीतने वाले तीसरे व्यक्ति बन गये हैं। उनसे पहले ब्राजील के मारियो जगालो और जर्मनी फ्रैंक बेकनबऊर ने यह उपलब्धि हासिल की थी। क्रोएशिया पहली बार फाइनल में पहुंचा था। उसने अपनी तरफ से हर संभव प्रयास किये और अपने कौशल और चपलता से दर्शकों का दिल भी जीता लेकिन आखिर में जालटको डालिच की टीम को उप विजेता बनकर ही संतोष करना पड़ा। निःसंदेह क्रोएशिया ने बेहतर फुटबाल खेली लेकिन फ्रांस अधिक प्रभावी और चतुराईपूर्ण खेल दिखाया, यही उसकी असली ताकत है जिसके दम पर वह 20 साल बाद फिर चैम्पियन बनने में सफल रहा। दोनों टीमें 4-2-3-1 के संयोजन के साथ मैदान पर उतरी। क्रोएशिया ने इंग्लैंड की खिलाफ जीत दर्ज करने वाली शुरुआती एकादश में बदलाव नहीं किया तो फ्रांसीसी कोच डेसचैम्प्स ने अपनी रक्षापंक्ति को मजबूत करने पर ध्यान दिया।

क्रोएशिया ने अच्छी शुरुआत और पहले हाफ में न सिर्फ गेंद पर अधिक कब्जा जमाये रखा बल्कि इस बीच आक्रामक रणनीति भी अपनाये रखी। उसने दर्शकों में रोमांच भरा जबकि फ्रांस ने अपने खेल से निराश किया। यह अलग बात है कि भाग्य फ्रांस के साथ था और वह बिना किसी खास प्रयास के दो गोल करने में सफल रहा। फ्रांस के पास पहला मौका 18वें मिनट में मिला और वह इसी पर बढ़त बनाने में कामयाब रहा। फ्रांस को दायीं तरफ बाक्स के करीब फ्री किक मिली। ग्रीजमैन का क्रास शॉट गोलकीपर डेनियल सुबासिच की तरफ बढ़ रहा था लेकिन तभी मैंडजुकिच ने उस पर हेडर लगा दिया और गेंद गोल में घुस गयी। इस तरह से मैंडजुकिच विश्व कप फाइनल में आत्मघाती गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गये। यह वर्तमान विश्व कप का रिकार्ड 12वां आत्मघाती गोल है।

दिल्ली-एनसीआर में मूसलाधार बारिश

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नईदिल्ली
दिल्ली-एनसीआर में मूसलाधार बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है। हालांकि, कई जगह जलजमाव के कारण लोगों को ट्रैफिक में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

दिल्ली में मॉनसून सामान्य से एक दिन पहले 27 जून को दस्तक दी थी। शुरुआत सामान्य रही, लेकिन कुछ ही दिनों में मॉनसून कमजोर पड़ गया। बारिश न होने की वजह से उमस और गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा था। अब बारिश के कारण लोग राहत की सांस ले रहे हैं। दिल्ली में आज सुबह आंशिक बादल छाए रहे और उमस भरी गर्मी रही , इस दौरान तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस रहा। दोपहर के 2.30 के आसपास हल्की बूंदाबांदी के बाद तेज बारिश शुरू हुई।  इधर, बारिश के कारण जगह-जगह जलजमाव हो गया। जिससे आम आदमी को काफी दिक्कत महसूस हो रहा है। दिल्ली में जगह जगह जाम लग गया है। जो देर शाम तक रहा।