29 को देश के दिग्गज मैनेजमेंट विशेषज्ञ का जमावड़ा दिल्ली में

0

-सीईजीआर का इंटरनेशनल मैनेजमेंट कॉन्कलेव 29 जून को

नईदिल्ली-

सेंटर फॉर एजुकेशन ग्रोथ एंव रिसर्च (सीईजीआर), स्प्रिंगर नेचर और रुकमणी देवी इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज के संयुक्त तत्वाधान में इंटरनेशनल मैनेजमेंट कॉन्कलेव का आयोजन आरडीआईएएस के परिसर में 29 जून को किया जा रहा है। इस इंटरनेशनल मैनेजमेंट कॉनक्लेब को विभिन्न क्षेत्र के मैनेजमेंट के एक्सपर्ट संबोधित एवं सहभागी करेंगे। इस कॉन्कलेव को प्रो. एपी मित्तल मेम्बर सेक्रेटरी एआईसीटीई, प्रो. राजीव कुमार एडवाइजर एआईसीटीई, प्रो. दिलीप मालखड़े एडवाइजर एआईसीटीई, एवं कई सीनियर एकेडमीशियन और कॉरपोरेटर संबोधित करेंगे। खास बात यह है कि इस कॉन्कलेव में कुछ चुनिंदा रिसर्च पेपर प्रकाशित किया जाएगा।

गौरतलब है कि सेंटर फॉर एजुकेशन ग्रोथ एंड रिसर्च समय समय पर ऐसे सेमिनार, रिसर्च कांफ्रेंस विभिन्न शहरों में आयोजित करती रहती है। सीईजीआर देश की अग्रणी थींक टैंक में से एक है।

शरद यादव ने परविंदर कुमार सिंह की पेंटिंग की तारीफ

0

#नईदिल्ली-

दिल्ली के कांस्टिट्यूशन क्लब में पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह का जन्मदिवस मनाया गया। इस खास मौके पर किसान रत्न का अवार्ड से वरिष्ठ राजनेता शरद यादव सहित 15 लोगों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर जाने माने चित्रकार परविंदर कुमार सिंह की पेंटिंग की प्रदर्शनी लगाई जिसका थीम वीपी सिंह का था। इस मौके पर शरद यादव ने परविंदर कुमार सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि आज ऐसे युवा चित्रकार की आवश्यकता है। जो जमीन से जुड़े समस्याओं सहित देश के विकास का सीधे तौर पर जनता के सामने लाते हैं। परविंदर कुमार सिंह ने बेहतरीन पेटिंग बनाई है। शरद यादव ने कहा कि वीपी सिंह जननेता थे जिन्होंने अपने कार्यकाल में दलितों गरीबों के लिए पूरी जिंदगी कार्य करते रहे। आज इनके द्वारा किए गए कार्यों पर भी राजनीति हो रही है।

इस मौके पर भाकपा नेता अतुल कुमार अंजान ने भी पेंटिगं की तारीफ की। और कहा कि ऐसे आयोजन में पेटिंग देखने को नहीं मिलती लेकिन जिस प्रकार से परविंदर ने प्रदर्शनी लगाई है जिससे आम लोगों को इससे जुड़ाव का पता चलता है। इस खास कार्यक्रम में परविंदर कुमार सिंह ने शरद यादव को पेंटिग देकर सम्मानित किया।

 

 

नीतीश ने किया फोन, लगी अटकलें

0

पटना-

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद की स्वास्थ्य के बारे में फोन पर हाल चाल क्या लिया। राजनीतिक हलचल तेज हो गई। गौरतलब है कि लालू प्रसाद की दो दिनों पहले ही मुंबई में सर्जरी हुई है। नीतीश कुमार ने फोन कर लालू प्रसाद के स्वास्थ्य के बारे में जाना एवं जल्द स्वस्थ होने की कामना की। इस पर तेजस्वी यादव ने कहा कि देर से लिया गया हालचाल है। वहीं राजनीति रूप से इसका मतलब यह निकाला जाने लगा है कि नीतीश फिर से महागठबंधन की ओर देख रहे हैं। गौरतलब है कि जदयू और भाजपा में अभी लगातार विवादित बयान आ रहे हैं। खासकर लोकसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर खींचातानी हो रही है। नीतीश कुमार के लालू से बात करने का मतलब यह निकाला जा रहा है कि भाजपा पर वे दबाव बनाना चाह रहे हैं। जबकि नीतीश कुमार व्यक्तिगत रूप से लालू का बड़ा आदर करते हैं।

लालू यादव जब बिहार के मुख्यमंत्री शुरू शुरु में बने थे तो नीतीश कुमार चाणक्य की भूमिका में थे। लेकिन नीतीश कुमार बाद में समता पार्टी बनाकर अलग हो गए और दोनों एक दूसरे के प्रतिद्वंदवी हो गए। पिछले विधानसभा चुनाव में नीतीश और लालू ने मिलकर चुनाव लड़ा और सरकार का गठन किया लेकिन नीतीश ने बीच रास्ते में पलटी मारते हुए फिर से भाजपा से हाथ मिला लिया। लेकिन जिस प्रकार से भाजपा के खिलाफ माहौल बन रहा है ऐसे में अटकलें लगाई जा रही है कि नीतीश कुमार महागठबंधन की ओर फिर से देख रहे हैं। हालांकि तेजस्वी यादव कह चुके हैं कि उनके लिए रास्ते अभी बंद हैं। लेकिन राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है। वहीं नीतीश कुमार माहिर राजनीतिक खिलाड़ी हैं और तेजी से अपने पक्ष में माहौल बना लेते हैं।

मॉनसून सत्र से उद्योग जगत को अपेक्षाएं- आईसीसीआई

0

-मॉनसून सत्र 18 जुलाई से 20 अगस्त तक।

-सरकार के नीतियों से भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।

नईदिल्ली-

मॉनसून सत्र से उद्योग जगत को काफी अपेक्षाएं हैं। सरकार लगातार अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए कई कदम उठाए हैं निश्चिततौर पर सरकार अभी कई कदम और तेजी से आगे बढ़ाएंगें।

आईसीसीआई के डायरेक्टर मानवेंद्र कुमार ने कहा कि मॉनसून सत्र में कई अहम घोषणाएं होंगी। जिससे उद्योग जगत को फायदा पहुंचेगा। खासकर ई-बिल आने के बाद उद्योग जगत के पास कई तरह की समस्याएं आई हैं जिसके लिए केंद्र सरकार कदम बढ़ा सकती है। उन्होंने कहा कि आज जीएसटी कानून में आवेदन के सात दिन के भीतर 90 फीसदी रिटर्न देने के प्रावधान में अभी कई अड़चनें आ रही है। निश्चिततौर पर सरकार इस पर संसद में अपना पक्ष रखेगी जिससे जिससे उद्योग जगत को राहत मिलेगी। अभी केंद्र और राज्य सरकार में रिफंड को लेकर काफी समस्याएं हैं। जिसका हल उद्योग जगत चाहता है।

गैर परंपरागत ऊर्जा स्त्रोत पर सरकार का जोर-आईसीसीआई

मानवेंद्र कुमार ने कहा कि एनडीए सरकार अपने कार्यकाल के अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है। ऐसे में उद्योग जगत को कई ऐसे उदार नियम का फायदा मिल सकता है जिससे की निवेश में और तेजी आए। निश्चिततौर पर आने वाले दिनों में कई नए उपायों और निर्णयों की अपेक्षा है जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।

गौरतलब है कि मॉनसून सत्र 18 जुलाई से शुरु हो रहा है जो 20 अगस्त तक चलेगा। यह सत्र 16 वीं लोकसभा के ठीक पहले के आखिरी सत्र है। जिसमें कई अहम बिल पास होगा। जिसमें तीन तलाक जैसे बिल राज्यसभा में ऱखें जाएंगें। वहीं राज्यसभा में उपसभापति का चुनाव भी होगा जिसके लिए राजनीतिक गतिविधि तेज हो गई है।

 

योगी मंत्रिमंडल से कई मंत्रियों की होगी छुट्टी

0

नई दिल्ली

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अचानक दिल्ली पहुंचे और संघ के कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। ऐसा माना जा रहा है कि जहां 2019 का चुनाव पर चर्चा का विषय मुख्य केंद्रबिंदु था वहीं प्रदेश में सरकार के काम-काज को लेकर प्रमुखता से चर्चा हुई है। इस दौरान उत्तर प्रदेश में योगी मंत्रिमंडल में भारी फेरबदल की चर्चा हुई है।

ऐसा माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में जल्द ही मंत्रिमंडल में फेरबदल देखने को मिल सकता है। इस फेरबदल में उत्तर प्रदेश में मंत्रालयों की संख्या 80 से घटाकर 50 करने पर विचार किया गया। अगर ऐसा होता है तो कई मंत्रियों की कुर्सी चली जाएगी। माना जा रहा है कि लोकसभा चुनावों के मद्देनज़र राम मंदिर समेत कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। लोकसभा उपचुनावों में हार के बाद से ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के कामकाज पर सवाल उठने लगे हैं।

 

गैर परंपरागत ऊर्जा स्त्रोत पर सरकार का जोर-आईसीसीआई

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महासचिव भैय्याजी जोशी और वरिष्ठ नेता कृष्ण गोपाल से मिलने खासतौर से दिल्ली आए योगी आदित्यनाथ बाद में संघ प्रमुख मोहन भागवत भी वहां पहुंचे हालांकि संघ सूत्रों के अनुसार योगी की मुलाकात भागवत से नहीं हुई है।

गैर परंपरागत ऊर्जा स्त्रोत पर सरकार का जोर-आईसीसीआई

0

 

नईदिल्ली-

विश्व स्तर पर प्रतिवर्ष लगभग तीन गुऩा वृद्धि के कारण ऊर्जा संकट आज के युग की वास्तविकता बन चुका है। विश्व में चार करोड़ 36 लाख 65 हजार टन कोयला भंडार है। गैस भंडार तो केवल 41 हजार मेगा टन है। वहीं पेट्रोल उत्पादों के बढ़ते दामों से सरकार ने गैर-परंपरागत ऊर्जा स्त्रोतों पर जोर देना शुरु कर दिया है। यही कारण हैं कि अकेले 2011-12 में सरकार ने सौर और पवन ऊर्जा पर 30 हजार करोड़ रुपए खर्च करने की मंजूरी दी थी। आईसीसीआई के निदेशक मानवेंद्र कुमार का कहना है कि सरकार गैर-परंपरागत ऊर्जा स्त्रोतों को बढ़ावा दे रही है। आने वाले 10-12 वर्षों में इस क्षेत्र अच्छी सफलता मिलने की उम्मीद है। अगले तीन वर्ष में ही सौर ऊर्जा उत्पादन जो कि इस समय नाममात्र का ही है, बढकर 1300 मेगावाट तक पहुंच जाएगा। केंद्र सरकार सौर ऊर्जा मिशन को 2020 तक भारत में 20,000 मेगावाट उत्पादन की क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पिछले वर्ष 90,000 करोड़ रुपए की लागत वाले राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन के मसौदा दस्तावेज को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी भी दी है। सरकार 2030 तक गीगावाट और 2030 तक 200 मेगावाट सौर बिजली के उत्पादन का लक्ष्य रखा है। सौर ऊर्जा के बेहतर भविष्य को देखते हुए हाल ही में बिजली उत्पादन करने वाली सरकारी कंपनी एऩटीपीसी ने भी गैर परंपरागत ऊर्जा के उत्पादन पर 81 अरब रुपए के निवेश की घोषणा की है। सरकार पवन ऊर्जा के विकास पर भी जोर दे  रही है। अक्षय ऊर्जा मंत्रालय के अऩुसार, पवन ऊर्जा का उत्पादन 2022 तक तीन गुना बढ़कर 33 हजार मेगावाट तक पहुंच जाएगा। इसमें सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में भागीदारी होगी। मंत्रालय के पास निजी क्षेत्र के अऩेक प्रस्ताव आए हैं। दरअसल बिजली पैदा करने तथा पानी उठाने का सबसे सस्ता उपाय है हवा। जापान में भूंकप तथा सूनामी के बाद परमाणु बिजली घरों के सुरक्षित होने के बारे में उत्पन्न संदेह ने ऊर्जा संकट को और बढ़ा दिया है। मानवेंद्र कुमार बताते हैं कि गुजरात में लाम्बा नामक स्थान पर एशिया का सबसे बड़ा पॉवर प्रोजेक्ट चालू किया गया है, जिसमें हवा की 50 टरवाइनें 200 किलोवाट बिजली उत्पन्न करते हैं। इनमें से किसी भी काम से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचता। देश में इस समय 5 पवन फार्म हैं, जिनकी क्षमता 3.63 मेगावाट है और जो 45 लाख ऊर्जा इकाइयां तैयार करती है। नब्बे के दशक में तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश, मध्यप्रदेश, केरल, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों को पवन ऊर्जा के संभावनाशील क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया। वहीं कई निजी क्षेत्र की कंपनियों ने पवन ऊर्जा पर निवेश किया है।

टीवीएस ग्रुप की कंपनी ने सुंदरम फास्टनर्स विंड एनर्जी पर 50 करोड़ रुपए तक खर्च करने की योजना बनाई है। पुडुचेरी में लगने वाला यह संयंत्र अगले साल अगस्त तक तैयार हो जाएगा। सुंदरम फास्टनर्स के सीएमडी सुरेश कृष्णा का कहना है कि भारत विंड एनर्जी प्रोडक्ट्स का बड़ा उत्पादक देश बन सकता है। बहुत सी ग्लोबल कंपनियां इस बाजार में उतरी हैं। वे अपने मौजूदा संयंत्रों की टेक्नोलॉजी इंफार्मेशन प्रोवाइडर ब्लूवर्म न्यू एनर्जी फाइनेंस के शोध प्रमुख आशीष सेतिया का कहना है कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से उभर रहे विंड टर्बाइन बाजारों में से एक है। स्थापित क्षमता के मामले में दुनिया के पांचवें सबसे बड़े पवन ऊर्जा बाजार होने के बावजूद यह चीन को छोड़ दूसरे देशों के मुकाबले 15 फीसदी की तेजी से बढ़ रहा है। साल 2009 में पवन ऊर्जा प्रोड्क्टस में 1.9 अरब डॉलर का निवेश हुआ था। यह साल 2018 में चार अरब डॉलर तक जा सकता है। गोबर प्राथमिक ऊर्जा का एक मुख्य स्त्रोत है। देश में 20 करोड़ टन बायोगैस उपलब्ध है। इतनी गैस से 10.5 करोड़ टन फाइरोलाइल्ड ईंधन प्राप्त हो सकता है जो 27.5 करोड़ बैरल तेल के बराबर है। 1981-82 में देश में नेशनल प्रोजेक्ट फॉर बायोगैस डेवलपमेंट की स्थापना हुई। इसके बाद सरकार ने 1983 में उऩ्नत चूल्हों का अभियान चलाया। एक उन्नत चूल्हे ने प्रतिवर्ष 700 किलोग्राम लकड़ी शुरु किया। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की संभावना भी बढ़ी। अक्षय ऊर्जा मंत्रालय की मानें तो देश में लगभग 20 लाख गोबर गैस संयंत्र क्रियाशील हैं, जो खाना पकाने, खाद्य आपूर्ति करने तथा प्रदूषण रहित पर्यावरण बनाए रखने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। भारत के भूमध्य रेखा पर स्थित होने के कारण सौर ऊर्जा का असीम भंडार हमारे ऊपर बरस रहा है। भारत ने सूर्य से 200 मेगावाट प्रति वर्ग किलोमीटर ऊर्जा प्राप्त होती है। इसकी भौगोलिक क्षेत्र 3.28 मिलियन वर्ग किलोमीटर है। इसके अनुसार यहां 657.4 मिलियन मेगावाट ऊर्जा उपलब्ध है। पर इस क्षेत्र का सिर्फ 12.5 फीसदी अर्थात 0.413 मिलियन वर्ग किलोमीटर क्षेत्र ही सौर ऊर्जा विकास के लिए उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए यद 10 फीसदी भूमि भी उपलब्ध हो जाए, तो 8 मिलियन मेगावाट बिजली मिल सकती है। यह उपलब्ध ऊर्जा वर्तमान खपत की 26 गुना है। ऊर्जा मंत्रालय ने सौर ऊर्जा के जरिए पानी गरम करने की प्रणाली के विकास के लिए दसवीं पंचवर्षीय योजना में 10 लाख वर्गमीटर पर संग्रह क्षेत्र में योजना प्रारंभ की है। लेकिन सौर ऊर्जा से बिजली पैदा करने की दिशा में कोई खास प्रगति नहीं हुई है। इसी तरह से भारत नें पवन ऊर्जा से 45000 मेगावाट बिजली की क्षमता आंकी गई है। लेकिन अभी तक 5340 मेगावाट क्षमता का ही उपयोग हम कर सके हैं। देश में बायोमास के विद्युत उत्पादन की अनुमानित क्षमता लगभग 19,500 मेगावाट है, पर अभी तक 912 मेगावाट की बायोमास परियोजनाओं का ही पूरा किया जा सका है। इसके अलावा 1180 मेगावाट क्षमता की परियोजना पर काम हो रहा है। कुल मिलाकर ऊर्जा स्त्रोतों से अब तक कुल 8,095 मेगावाट बिजली ही ग्रिड को उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें छोटी पनबिजली परियोजनाओं का उत्पादन भी शामिल है। जबकि भारत में गर्मियों में प्रचंड सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा उपलब्ध है। इसका उपयोग करके हम अनेक जिलों के तमाम कस्बों और गांवों की बिजली की समस्या हल कर सकते हैं।

 

 

IBC24 न्यूज़ के सहयोग से जनसम्पर्क विभाग ने कैसे कराई प्रधानमंत्री की एक साथ सोलह शहरों से बात

0

भोपाल। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर मध्यप्रदेश पहुंचे थे। यहां उन्होंने राजगढ़ में 3800 करोड़ रुपए की लागत की मोहनपुरा वृहद सिंचाई परियोजना का लोकार्पण किया।इसके साथ ही तीन पेयजल परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया। इसके बाद वे इंदौर पहुंचे और  इंदौर, भोपाल सहित 12 स्वच्छ शहरों को पुरस्कृत किया।इस दौरान 20 शहरों में संचालित होने वाली नगरीय बस सेवा को भी हरी झंडी दिखाई।

        इस मौके पर खास बात ये रही कि इंदौर से ही उन्होंने प्रदेश के 16 स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न कार्यों का ई-लोकार्पण किया। सभी 374 नगरीय निकायों में एलईडी के माध्यम से कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया। लेकिन क्या आप जानते है पीएम मोदी ने एक साथ 16 शहरों में कैसे लोगों से बात की ।

दरअसल, यह सब मध्यप्रदेश के जनसंपर्क विभाग  और प्रदेश के नम्बर न्यूज़ चैनल IBC24 की मेहनत का नतीजा है। भारत में पहली बार, यह तकनीक जनसंपर्क मध्य प्रदेश और IBC24 न्यूज़ द्वारा विकसित की गई, जिसमें प्रधानमंत्री ने इंदौर से सांसद के 16 शहरों के साथ एक साथ बातचीत की।इस दौरान पीएम मोदी ने प्रदेश के 16  जिलों के हितग्राहियों से भी बातचीत की। जनसंपर्क विभाग और IBC24 द्वारा इस्तेमाल की गई इस तकनीक ने मध्यप्रदेश के इतिहास में नया कीर्तिमान रचा है।अब यह कहना कोई अतिशयोक्ति नही होगी कि मध्यप्रदेश अब धीरे धीरे स्मार्ट सिटी को ओर कदम बढ़ा रहा है।हालांकि विभाग द्वारा इस तननीक का पहली बार इस्तेमाल किया गया जो कि पूरी तरह से सफल रहा।अब तक विभाग 4  एंगल फ्रेम में लाइव दिखाता रहा है, लेकिन पहली बार 16 फ्रेमों में लाइव दिखाया गया है। जो कि अपने आप में एक अलग मिसाल पेश करता है। जिसके लिए इंदौर में IBC24 ने मास्टर कंट्रोल यूनिट स्थापित की थी। अभी तक इस तरह का एंगल किसी चैनल या मीडिया संस्थान में नही दिखाया गया है।

         वही प्रधानमंत्री से छिन्दवाड़ा, बुरहानपुर, जबलपुर, उज्जैन, सिंगरौली, रतलाम, होशंगाबाद, डिण्डौरी, धरमपुरी, कटनी, भोपाल, भिण्ड, बीजावर, सीहोर और ब्यौहारी के प्रधानमंत्री आवास योजना तथा अन्य योजनाओं के हितग्राहियों ने बात की। हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आवास के लिये आभार व्यक्त किया।

दीपिका ने जीता स्वर्ण

0

भारतीय तीरंदाज दीपिका कुमारी ने वर्ल्ड कप में महिला रिकर्व में  गोल्ड कप जीता। दीपिका ने फाइनल में जर्मनी की मिशेली क्रोपेन को 7-3 से हराया और इस तरह से 6 साल बाद वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वर्ल्ड कप फाइनल में 4 बार की रजत पदक विजेता (2011, 2012, 2013 और 2015) ने इस जीत से तुर्की के सैमसन में होने वाले तीरंदाजी वर्ल्ड कप फाइनल के लिए भी क्वॉलिफाइ कर लिया।

सत्र की आखिरी प्रतियोगिता में वह 7वीं बार देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। दीपिका ने इससे पहले अंताल्या में 2012 में खिताबी जीत हासिल की थी। उन्होंने कहा, ‘जब मैंने यह स्वर्ण पदक जीता, तो मैंने यही कहा आखिरकार मैं सफल रही।’ भारतीय खिलाड़ी ने संभावित 30 अंकों में से 29 अंक बनाकर शुरुआत की और 2-0 की बढ़त बना ली। उन्होंने इसके बाद क्रोपेन के साथ अंक बांटे। जर्मन खिलाड़ी ने तीसरा सेट जीतकर मैच 3-3 से बराबर कर दिया।

ज्योतिष समय की मांग : स्वामी ओमानंद जी

0
मोदीनगर। शुकदेव पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती जी ने कहा कि ज्योतिष शास्त्र भारतीय संस्कृति की जीवनधारा का शाश्वत प्रतीक है। यह मानवजीवन के संरक्षण और संवर्धन के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि ज्योतिष भविष्य की संभावनाओं का विषय है। यह भविष्य की संभावनाओं की तलाश और कला है। तलाश का विज्ञान है। तलाश का गणित है। भारतीय चिंतन और दर्शन का द्योतक है। उन्होंने कहा कि ज्योतिष में मानव जीवन की तमाम समस्याओं का समाधान है। यह सकारात्मक और गुणात्मक विकास का मार्ग प्रशस्त करता है। ज्योतिष तनावपूर्ण जीवन में शांति लाता है। देखा जाए तो शांति ही समृद्धि और अशांति ही दरिद्रता है।
स्वामी ओमानंद सरस्वती जी मोदीनगर के एसआएम यूनिवर्सिटी के सभागार में आयोजित राष्ट्रीय ज्योतिष परिषद के शपथ ग्रहण समारोह और अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कई विदेशी विद्वानों और भारतीय वेद-उपनिषद के प्रसंग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ज्योतिष वेद का नेत्र है। महाभारत काल से पूर्व यह अपने शिखर पर रहा। लेकिन, अफसोस की बात है कि उसके बाद आज तक भारतीय ज्योतिष अपने उस गौरव को हासिल नहीं कर सकी है। उन्होंने कहा कि ज्योतिष अज्ञानता की सतत खोज है, जो हमें स्वयं की खोज की ओर भी ले जाती है। ज्योतिष केवल विज्ञान ही नहीं है, यह तप की कसौटी है। उन्होंने कहा कि तप की कसौटी को दैदीप्यमान स्वरूप प्रदान करने के लिए आचार्य डॉ चंद्रशेखर शास्त्री ने अपने ज्योतिष साथियों और विद्वानों के साथ मिलकर राष्ट्रीय ज्योतिष परिषद का गठन किया। हम इसके संवर्धन और लक्ष्य प्राप्ति के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हैं।
राष्ट्रीय ज्योतिष परिषद के अध्यक्ष आचार्य डॉ चंद्रशेखर शास्त्री ने उपस्थित सैकड़ों ज्योतिषों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकारें ज्योतिर्विज्ञान को अपने शैक्षणिक वोकेशनल पाठ्यक्रम में सम्मलित करें, जिससे ज्योतिर्विज्ञान पर पाखण्ड का लांछन लगने से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकारों की उदासीनता के चलते ज्योतिष को विज्ञान के स्थान पर पाखंड माना जा रहा है, जबकि ज्योतिष पूर्ण विज्ञान है। सूर्य और चंद्रमा की गति केवल ज्योतिष से ही जानी जा सकती है। उन्होंने कहा कि ज्योतिष में घटती शोध प्रवृत्ति न केवल समाज के लिए घातक है, बल्कि देश के लिए भी हानिकर है। उन्होंने कहा कि ज्योतिष के द्वारा ही समग्र का विकास हो सकता है, इसलिए सबका साथ और ज्योतिष के विकास के लिए कार्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ज्योतिष ही समाज का नेत्र है, क्योंकि यह वेदों का नेत्र कहा गया है। वेद के अर्थ ज्ञान से होते हैं।
राष्ट्रीय ज्योतिष परिषद के कार्यक्रम में पूर्व मंत्री व सांसद जसवंत सिंह, स्थानीय विधायक डॉ मंजू शिवाच ने भी अपने वक्तव्य दिए। इसके साथ ही देश के जाने माने ज्योतिषाचार्य पं. अजय भांबी, योगेंद्र नाथ शर्मा अरुण, पं. सुभेष शर्मन, डॉ. राजेश ओझा, अखिलेश दिवेदी, निरंजन भट्ट, अक्षय भारती, रमेश सेमवाल, पूर्व आईपीएस अरुण उपाध्याय, भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी अशोक शर्मा, कैप्टन लेखराज शर्मा, विनायक पुलह आदि लोगों ने अपने विचार प्रकट किए।
Attachments area

रितिका तंवर बनी डेजल मिसेज इंडिया यूनिवर्स 2018

0
नई दिल्ली। बात घर का आँगन को संवारने को हो या फिर बिजनेस में परचम लहरान ेकी। मौका मिले तो नारी हर मंजिल हासिल कर खुद की काबलियत और आत्मविश्वास को साबित करने में किसी से पीछे नहीं रही है। घरों की चारदीवारी से निकल अपने शहर में ही नहीं प्रदेश में भी उसका जादू हर किसी को हैरान करता रहा है।श्रीलंका में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला।  मौका था सौंदर्य प्रतियोगिता डेजल मिस एंड मिसेज इंडिया यूनिवर्स 2018 का। जिसमं ेदिल्ली की रितिका तंवर ने क्लासिक श्रेणी में विनर का ताज जीत कर हर किसी को हैरान कर दिया।
परीसा कम्यूनिकेशन द्वारा श्रीलंका सरकार के पर्यटन मंत्रालय के साथ मिलकर आयोजित इस सौंदर्य प्रतियोगिता में ईस्ट आॅफ कैलाश में रहन ेवाली रितिका तंवर क्लासिक श्रेणी में विजेता घोषित हुई। फर्स्ट रनर-अप का ताज दक्षिणी दिल्ली के पंचशील एन्क्लेव में रहने वाली काजल ठुकराल और चेन्नई की श्रीदेवी रमेश के नाम हुआ तो सेकंड रनर-अप का ताज दक्षिणी दिल्ली के लाजपत नगर में रहने वाली शालिनी कौशल और मुंबई की भावना शर्मा को मिला।
मुख्य श्रेणी में कर्नाटक के शिमोगा की मनीषा वरुण डेजल मिसेज इंडिया यूनिवर्स 2018 चुनी गयी। पंजाब के भठिंडा की अमृत गिल और महाराष्ट्र के पुणे की श्रुति शिंदे फर्स्ट रनर-अप का क्राउन जितने में सफल रही। जब कि सेकंड रनर-अप के रूप में असम के गुवाहाटी रेखा दास और छत्तीसगढ़ की स्वाति नायडू जितने में सफल रही। क्वीन श्रेणी में मैसूर की डॉ हेमामालिनी लक्ष्मण विजेता का क्राउन जितने में सफल हुई। फर्स्ट रनर-अप के रूप मे ंदिल्ली के द्वारका में रहने वाली शीलू त्यागी और पुणे की पूनम सिंह चुनी गई तो सेकंड रनर-अप मुरादाबाद की डॉ विमिता अग्रवाल और गजियाबाद की मीनू गर्ग चुनी गयी।
परीसा कम्यूनिकेशन की निदेशक तबस्सुम हक ने बताया कि इस सौंदर्य प्रतियोगिता में असम के गुवाहाटी की पिंकी दास डेजल मिस इंडिया यूनिवर्स 2018 चुनी गयी तो हिमाचल प्रदेश के ऊना की स्माइली प्रथम रनर-अप चुनी गयी। तमाम सफल विजेताओं को श्रीलंका के पर्यटन मंत्री की वरिष्ठ सलाहकार फेलिक्स रोड्रिगो ने सम्मानित किया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में मशहूर ब्यूटी पैजेंट ग्रूमर बियासंधूतनेजा, मिसेज सेंट्रल एशिया यूनिवर्स 2017 श्रुति पटोले और मशहूर फैशन ब्लॉगर अनुजा पांडेय शामिल थी।