एईएस / जेई को ले प्रखंडों के मेडिकल ऑफिसर व अन्य अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण
कायाकल्प मूल्यांकन में भागलपुर के स्वास्थ्य संस्थानों ने मारी बाजी
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए दिया गया प्रशिक्षण
टीबी दिवस पर आज जिले के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर होंगे कार्यक्रम
यूपी की आवाज के संपादक अनूप गंगवार AISNA उत्तर प्रदेश के संगठन मंत्री नियुक्त,बधाईयों का तांता
-ऑल इंडिया न्यूज पेपर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एसएस त्रिपाठी ने सौंपा नियुक्ति पत्र
-बियोंड इंडिया लाइव के सीईओ अमित गौड़ ने दी बधाई
-पत्रकारों के हक की लड़ाई में अनूप गंगवार ने सभी से सहयोग मांगा, जर्नलिस्ट्स ने हर्ष जताया
नईदिल्ली-
एआईएसएनए के राष्ट्रीय अध्यक्ष एसएस त्रिपाठी ने यूपी की आवाज के प्रधान संपादक अनूप गंगवार को एसोसिएशन की उत्तर प्रदेश इकाई का संगठन मंत्री नियुक्त किया है। अनूप गंगवार के संगठन मंत्री बनने पर उत्तर प्रदेश के सरकारी पत्रकारों ने हर्ष व्यक्त किया है। अनूप गंगवार को पत्रकार संघों के सदस्यों ने बधाई दी। बियोंड इंडिया लाईव के सीईओ अमित गौड़ ने बधाई देते हुए कहा कि अनूप लगातार पत्रकारों की हक की लड़ाई ल़डते रहे हैं। इन्होंने पत्रकारों के लिए संघर्ष किया है और हक दिलाया है। समय समय अनूप गंगवार कान्कलेव एवं सेमिनार के जरिए भी सरकार को जगाया है एवं पत्रकारों की बातों को सरकार तक पहुंचाया है।
इंटिग्रेटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के डायरेक्टर मानवेंद्र कुमार ने बधाई देते हुए कहा कि अनूप गंगवार लंबे समय से पत्रकारों की हर समस्या पर सरकार के सामने लाते रहे हैं। अब उन्हें संगठन मंत्री बनाया गया है उनकी जिम्मेवारी बढ़ गई है। आईसीसीआई की ओर से शुभकामनाएं है कि वे अपने नए जिम्मेवारी को बखूबी निभाएंगें।
ज्योतिषाचार्य पं. केके शर्मा ने अनूप गंगवार को बधाई देते हुए कहा कि अनूप जी बेहतर प्रबंधकर्ता हैं जो कई कंपनियों के कामकाज को भी देखते हैं। वे लगातार पत्रकारों के लिए काम किया है। नए जिम्मेवारी मिलने से पत्रकारों के कल्याण के कार्य ओर भी शुरू होंगे।
वरिष्ठ डिजायनर चिरंजित कुमार ने बधाई देते हुए कहा कि आज समय की मांग अनूप गंगवार हैं। निश्चिततौर हम सब की आवाज अब सरकार के पास आसानी से पहुंच जाएगी।
अनूप गंगवार की नियुक्ति पर पत्रकार डॉ. जितेंद्र सिंह यादव, हरिश चंद पटेल, विवेक जैन, सचिन कटिहार, महेश वर्मा, विश्व प्रकाश चतुर्वेदी, अजय यादव, अनुराग सचान, संकल्प सचान, विश्वजीत पटेल, अमित गोयल, आकाश सक्सेना, रितेश श्रीवास्तव आदि ने हर्ष जताया है। आशा की है कि अनूप गंगवार उत्तर प्रदेश में ऑल इंडिया न्यूज पेपर एसोसिएशन के माध्यम से पत्रकारों को उत्पीड़न से बचाएंगे।
ऑल इंडिया न्यूज पेपर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एसएस त्रिपाठी ने नियुक्ति पत्र में कहा है- “लघु-मध्यम समाचार पत्रों के उत्थान में दिए जा रहे आपके योगदान को देखते हुए आपको संगठन का उत्तर प्रदेश का संगठन मंत्री नियुक्त किया जाता है। आशा है आपके द्वारा संगठन की मजबूती के लिए सदैव सक्रिय योगदान देते हुए संस्था द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों एवं नीतियों में सदैव सक्रिय योगदान दिया जाएगा।”
अनूप गंगवार ने पत्रकारों की शुभकामना पर अभिभूत होते कहा कि “राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री एस.एस. त्रिपाठी ने उन्हें जो जिम्मेदारी की है, उसका निर्वहन पूर्ण निष्ठा से करेंगे। पत्रकारों को संगठित करके उनके हक की लड़ाई लड़ेंगे। इस कार्य में उन्होंने उत्तर प्रदेश के समस्त पत्रकारों से सहयोग मांगा है।”
गौरतलब है कि अनूप गंगवार पिछले 15 वर्षों से पत्रकार हित के लिए संघर्षरत हैं। लोकप्रिय मासिक पत्रिका यूपी की आवाज के माध्यम से पत्रकारों के हित की आवाद बुलंद करते रहते हैं। मूल रूप से फर्रुखाबाद निवासी अनूप गंगवार लखनऊ के विकास नगर में निवासरत हैं। उन्होंने डेढ़ दशक के पत्रकारीय जीवन में नई पहचान कायम की है।
मैक्स प्रोटीन ने सुपरस्टार कार्तिक आर्यन को बनाया ब्रांड एंबेसडर
~ कार्तिक आर्यन और मैक्स प्रोटीन ने अनहेल्दी स्नैकिंग की रोकथाम के लिए बनाई ‘प्रोटीन पुलिस’ ~
राष्ट्रीय-
अग्रणी प्रोटीन-स्नैकिंग ब्रांड मैक्स प्रोटीन ने युवा आइकन और सुपरस्टार कार्तिक आर्यन को अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया है। अपनी ब्रांड इमेज को बढ़ाने और टारगेट ऑडियंस के साथ (जिसमे अधिकतर युवा हैं), एक स्ट्रांग कनेक्शन बनाने के लिए, मैक्स प्रोटीन को कार्तिक आर्यन की लोकप्रियता और फैन बेस का लाभ मिलेगा।
जल्दी ही एक एक्साइटिंग कैम्पेन लांच किया जाएगा जो ‘प्रोटीन पुलिस’ के कांसेप्ट के अंतर्गत लोगों को आहार में प्रोटीन के महत्व के बारे में शिक्षित करने और हेल्दी स्नैकिंग के बेहतर विकल्प के रूप में मैक्स प्रोटीन के प्रोटीन युक्त स्नैक्स को अपनाने पर फोकस्ड होगा. चूंकि कार्तिक आर्यन की फिटनेस और एक्टिव लाइफस्टाइल तथा मैक्स प्रोटीन का अपने उत्पादों के माध्यम से स्वास्थ्य और तंदुरूस्ती को बढ़ावा देने का दृष्टिकोण, ये दोनों बातें अलाइन होती हैं, इस गठजोड़ के कारण ब्रांड की विजिबिलिटी और मार्किट वैल्यू दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
ब्रांड का चेहरा बनने पर अपने उत्साह को व्यक्त करते हुए, मिलेनियल सुपरस्टार कार्तिक आर्यन कहते हैं, “एक फिटनेस प्रेमी के रूप में, मेरा यह मानना है कि पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन का सेवन एक स्वस्थ जीवन शैली जीने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, और यह कोई चॉइस नहीं बल्कि शरीर के लिए बेहद ज़रूरी है। हेल्दी और टेस्टी प्रोटीन बार और कुकीज को बूस्ट करने के लिए मैक्स प्रोटीन के साथ जुड़कर मैं बेहद खुश हूँ।”
इस पर टिप्पणी करते हुए, नेचरल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ, विजय उत्तरवार कहते हैं , “इस अत्यधिक प्रतिस्पर्धी स्नैकिंग बाजार में, कार्तिक आर्यन जैसे लोकप्रिय सेलिब्रिटी के साथ जुड़ने के कारण मैक्स प्रोटीन ब्रांड की पहुंच सबसे ज्यादा हो जाएगी। इससे हमारे ब्रांड को बाजार में विशिष्ट नज़र आने और ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। हमारे ब्रांड का लक्ष्य उस युवा पीढ़ी की जरूरतों को पूरा करना है जो सुविधाजनक और हेल्दी स्नैकिंग ऑप्शन की खोज में है। इस तरह, कार्तिक आर्यन की क्रेडिबिलिटी और ट्रस्ट फैक्टर के कारण हमें हमारे की ऑडियंस तक पहुँचने और मैक्स प्रोटीन के नाम को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।”
साथ ही, मैक्स प्रोटीन ने कार्तिक आर्यन की इमेज वाले लिमिटेड एडिशन प्रोडक्ट्स को लॉन्च करने की भी योजना बनाई है जिससे थोडा माहौल बने और सेल्स बढ़ने में मदद मिले। प्रोटीन बार और कुकीज में मार्केट लीडर मैक्स प्रोटीन, प्रोटीन से भरपूर स्नैक्स को नए रूप में पेश करने की भी योजना बना रहा है जो उपभोक्ताओं की बदलती रुचियों और प्रिफरेंस को पूरा करेंगे। ब्रांड ऐसे उत्पादों के विकास पर ध्यान केंद्रित करेगा जो न केवल स्वस्थ और पौष्टिक हों बल्कि स्वादिष्ट और मजेदार भी हों।
नेचरल इंडिया के बारे में
नेचरल इंडिया की स्थापना हमारे देश को स्वस्थ खान-पान की आदतों के बारे में अधिक जागरूक बनाने के विजन के साथ की गई थी। मैक्स प्रोटीन नेचरल इंडिया का एक प्रमुख ब्रांड है। ‘प्रोटीन कंपनी’ के रूप में जानी जाने वाली, नेचरल इंडिया एक ऐसी कंपनी है जो स्नैक बार और प्रोटीन बार से लेकर ब्रेकफास्ट कुकीज, प्रोटीन चिप्स और ऐसे ही कई अन्य प्रोटीन युक्त हेल्दी ईटिंग ऑप्शन की विस्तृत रेंज लेकर आती है। कंपनी का विजन बेहतरीन नेचर-बेस्ड प्रोडक्ट प्रदान करना है जो उपभोक्ताओं को स्वस्थ जीवन शैली को अपनाने में मददगार होंगे। और इसका हर उत्पाद उस विजन के अनुरूप है।
‘डॉ.अंबेडकर और राष्ट्रवाद’ पुस्तक का विमोचन किया गया
नई दिल्ली-
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब, रफी मार्ग, नई दिल्ली में प्रभात प्रकाशन से प्रकाशित तथा लेखक बसंत कुमार द्वारा लिखी गई पुस्तक डॉ. अंबेडकर और राष्ट्रवाद (Dr. Ambedkar and Nationalism) का लोकापर्ण पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा संसदीय बोर्ड के सदस्य डॉ. सत्यनारायण जटिया द्वारा किया गया। इस मौके पर पदमभूषण से सम्मानित डॉ. बिन्देश्वर पाठक (संस्थापक, सुलभ स्वच्छता और मानवाधिकार आंदोलन), श्री दुष्यन्त गौतम (भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व पूर्व सांसद, राज्यसभा), माननीय डॉ. देवेंद्र सरोज (प्रोफेसर, सुरे यूनिवर्सिटी, लंदन, इंग्लैंड) और श्री लाल सिंह आर्य (राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाजपा एससी मोर्चा) ने भी कार्यक्रम की शोभा बढाई।
‘डॉ. अंबेडकर और राष्ट्रवाद’ नामक पुस्तक का प्रथम संस्करण हिन्दी में पहले ही प्रकाशित हो चुका है। हिन्दी की अपार सफलता के बाद व अंग्रेजी संस्करण की डिमांड बढ़ने के कारण इस पुस्तक का अंग्रेजी में अनुवाद करवाकर हिन्दी व अंग्रेजी में इसका का विमोचन किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ. सत्यनारायण जटिया ने इस पुस्तक पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भले भारत को आजादी 1947 में मिली हो लेकिन डॉ. भीमराव अंबेडकर भारत के उन सच्चे सपूतों में से एक हैं जिन्होंने आजादी से कई वर्ष पूर्व ही एक मजबूत भारत की नींव तैयार करना आरंभ कर दी थी। जब एक ओर समूचा स्वतंत्रता आंदोलन राजनीतिक स्वतंत्रता की मांग की ओर झुका हुआ था तो उसी समय डॉ. भीमराव अंबेडकर का लक्ष्य भारत को ना सिर्फ राजनीतिक रूप से स्वतंत्र करना था बल्कि एक मजबूत राष्ट्र के रूप में सदियों तक खड़े रहने के लिए उसे सामाजिक और आर्थिक रूप से भी समर्थ व सक्षम बनाना भी था। इसी लक्ष्य को लेकर डॉ. भीमराव अंबेडकर ने अपनी पूरी जीवन यात्रा तय की। डॉ. भीमराव अंबेडकर भारतीय समाज के उन बौद्धिक नेताओं में से एक हैं जो स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान ही समझ चुके थे कि एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए जातिवाद, सत्तावाद और सांप्रदायिकता से मुक्ति जरूरी है। वह सामाजिक आर्थिक विषमता के उस विषाक्त स्वरूप से अच्छे से अवगत थे जिसने भारतीय समाज को कुछ इस तरह से जकड़ रखा था कि अगर भारत राजनितिक रूप से स्वतंत्र भी हो जाता तो भी जातिवाद, सत्तावाद, साम्प्रदायिकता का दीमक उसे एक दूसरे विभाजन की ओर धकेल देता।
असल में डॉ. अंबेडकर का राष्ट्रवाद, भौगोलिक सीमाओं से अधिक समानता पर आधारित है। वह वर्तमान की उपलब्धियों पर ध्यान देने के बजाय भविष्य की आशंका को दूर करने के लिए परिश्रम करने वाले नेता थे। उन्होंने भारतीय समाज में गहरे तौर पर फैले भारी असंतोष को बड़ी अच्छी तरह से समझ लिया था। यही कारण है कि उन्होंने राष्ट्र को बनाए रखने के लिए उस असंतोष को खत्म करने के लिए आवाज बुलंद की. इसके लिए जहां एक तरफ वो अपने समय के सर्वमान्य लोकप्रिय नेता गांधी से भी टकरा जाते हैं वही दूसरी तरफ आजादी के बाद संविधान सभा की बैठक में सभा को संबोधित करते हुए अपने आप को बड़े गर्व से अछूतों का नेता घोषित करते हैं।
इस मौके पर पदमभूषण से सम्मानित डॉ. बिन्देश्वर पाठक ने कहा कि ‘डॉ. अंबेडकर और राष्ट्रवाद’ का प्रकाशन स्वः प्रेरणा से जन मानस को जागरूक करने की उद्देश्य से किया जा रहा है। किताब सरल शब्दों मे लिखी गई है, जिसे आसानी से समझा जा सकता है।
यहां यह समझना भी होगा कि अंबेडकर जी की राजनीति बांटने और राज करने की नहीं थी बल्कि वह सकारात्मक और समावेशी राजनीति करने वाले नेता थे। डॉ. अंबेडकर बड़ी अच्छी तरह समझते थे कि किसी भी प्रकार के असंतोष को लंबे समय तक नहीं दबाया जा सकता। यही कारण है कि डॉ. अंबेडकर जब संविधान सभा में शामिल होते हैं तो उनका सारा ध्यान अब तक चले आ रहे अन्यायपूर्ण सामाजिक व्यवस्था बदलने पर रहता है।
डॉ. अंबेडकर एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए समाजवाद को जरूरी मानते थे। डॉ. अंबेडकर का समाजवाद सिर्फ आर्थिक समाजवाद नहीं था, सिर्फ आर्थिक समानता की बात नहीं करता बल्कि वह सांस्कृतिक समानता की बात भी करता था। सैकड़ों वर्षों से भारतीय समाज में सांस्कृतिक रूप से जो असमानता और भेदभाव की खाई घर कर गई थी जिसने समाज में असंतुलन पैदा कर दिया था, डॉ. अंबेडकर उस असंतुलन को खत्म करने की बात करते हैं।
देश के आर्थिक तरक्की के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है: सीए (डॉ.) शंकर घनश्यामदास अंदानी
सीए देश में अर्थशास्त्र के विशेषज्ञ की तरह कार्य करते हैं और आर्थिक व्यवस्था की परंपरा सुनिश्चित करने में उनका काफी महत्व है। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) की देश के आर्थिक विकास में अहमियत होती है। भारत में चार्टर्ड अकाउंटेंसी सबसे प्रतिष्ठित व्यवसायों में से एक है।
इसी विषय पर फेम फाइंडर्स ने पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट और सामाजिक कार्यकर्त्ता डॉ. शंकर घनश्यामदास अंदानी से बात की। डॉ. अंदानी, साईं एंड कंपनी के नाम से संस्था चलाते हैं जो कि एक चार्टर्ड एकाउंटेंट्स फर्म है। जिसका कार्यालय अहमदनगर, महाराष्ट्र में स्थित है। 2006 में जब वह प्रैक्टिस कर रहे थे तब ही उन्होंने सीए की परीक्षा पास कर ली थी। चार्टर्ड एकाउंटेंट्स में शामिल होने से पहले, वह टैक्सेशन में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में बतौर सहायक प्रोफेसर काम करते थे।
कलेक्टर कार्यालय, जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय और नगर निगम ने साईं एंड कंपनी को उनके पहले वर्ष से ही लगन और कड़ी मेहनत के कारण उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए महत्वपूर्ण कार्य असाइनमेंट्स सौंपे हैं।
अंतर्राष्ट्रीय टैक्सेशन में टैक्सेशन का गहन ज्ञान प्राप्त करने के लिए, उन्हें श्री साईं बाबा ट्रस्ट, शिरडी- (भारत में नंबर दो धर्मार्थ ट्रस्ट) के लिए एक आयकर और जीएसटी सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था, जिसे वो पिछले 15 वर्षों से कर रहे हैं।
हर साल भारतीय रिजर्व बैंक सीए फर्मों को उनके अभ्यास कार्य और अनुभव के अनुसार 1 से 4 श्रेणियों में वर्गीकृत करता है। इस वर्गीकरण के अनुसार ‘साईं एंड कंपनी’ आरबीआई के पैनलबद्ध “श्रेणी 1” की सी.ए. फर्म है। राज्य स्तरीय निगम विभाग में, जो सहकारी बैंकों, क्रेडिट समितियों और अन्य सहकारी दुग्ध और आवास समितियों को नियंत्रित करता है, वह सरकारी कार्यालय सीए फर्मों को उनके अभ्यास कार्य और अनुभव के अनुसार ‘ए से ‘डी’ श्रेणियाों में वर्गीकृत भी करता है और इस वर्गीकरण में (डॉ.) शंकर घनश्यामदास अंदानी की फर्म ‘साईं एंड कंपनी’ पैनलबद्ध “श्रेणी ए-1” की सी.ए. फर्म है.
डॉ. अंदानी पिछले 16 वर्षों से अभ्यास कर रहे हैं और उनके पास काम का बड़ा अनुभव है।डॉ. अंदानी के सामाजिक कार्यों में रुचि होने के कारण वो पिछले 15 सालों से हर साल 200 से अधिक ट्रस्टों, एनजीओ, मंदिर और मस्जिद, चर्च के लिए मुफ्त में टैक्स और अक्कौन्टिंग कंसल्टेंसी का काम करते आ रहे है.
वे पिछले 16 वर्षों से अहमदनगर नगर निगम और जिला परिषद, विभिन्न पंचायत समिति और नेवासा नगर पंचायत, कलेक्टर कार्यालय और अन्य कार्यालयों के लिए आयकर और जीएसटी सलाहकार के रूप में भी काम कर रहे हैं।
साईं एंड कंपनी AN ISO 9001-2008 है, जिसे महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में मान्यता प्राप्त है, उनकी कंपनी सभी सरकारी कार्यालयों में कार्य असाइनमेंट कर रही है। डॉ. अंदानी पिछले दो वर्षों से गौशाला भी चला रहे हैं और धर्मार्थ और धार्मिक कार्य करने के लिए दस से अधिक धर्मार्थ ट्रस्टों से भी जुड़े हुए हैं।
सीए (डॉ.) शंकर अंदानी को ओएसिस वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की ओर से साल 2022 के बेस्ट सीए के रूप में पुरुस्कृत किया गया है , उन्हें ग्लोबल स्कॉलर फाउंडेशन की ओर से भारतीय सेवा रत्न पुरस्कार भी मिला है। अंदानी को अंतर्राष्ट्रीय थियोफनी विश्वविद्यालय, मैजिक बुक ऑफ रिकॉर्ड व विश्व मानव अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से डॉक्टरेट की उपाधि मिली है।
इंडियन इंटरनेशनल अचीवमेंट अवार्ड 2022, मेरा भारत एजुकेशनल ट्रस्ट की ओर से प्राइड ऑफ इंडिया अवार्ड के लिए, ग्लोबल यूथ अचीवमेंट द्वारा गौरव श्री सम्मान के लिए, भारतीय समाज सेवा ट्रस्ट द्वारा ISST ICON अवार्ड- 2022 के लिए, हिंदुस्तान रत्न पुरस्कार के लिए और महात्मा गांधी सेवा रत्न पुरस्कार के लिए उन्हें नामांकित किया गया है.
ग्लैंटर एक्स मीडिया द्वारा 2022 में 100 शक्तिशाली व्यक्तित्वों के लिए डॉ. अंदानी को चयनित किया गया है। उन्हें इंडियन इंटरनेशनल अचीवमेंट अवार्ड 2022, वाइब्रेंट फाउंडेशन की ओर से यूथ आइकॉन ऑफ द ईयर, वर्ल्ड चैरिटी वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से इंटरनेशनल सोशल ऑनरेबल अवार्ड, रेड इनो की ओर से ग्लोबल प्रोफेशनल अवार्ड, भारतीय एकता सम्मान पुरस्कार, टीपीएल टेक्नो बिजनेस अवार्ड 2022, इंडियन सीएसआर अवार्ड 2022, इंटरनेशनल ग्लोरी अवार्ड 2022, इंडियन आइकन अवार्ड व अन्य और भी कई पुरुस्कारों से सम्मानित किया गया है.
सीए (डॉ.) शंकर अंदानी एक बहुत ही मेहनती और प्रतिबद्ध पेशेवर हैं और साथ ही एक सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं, जो अपने ग्राहकों को उनके जीवन की चुनौतियों को दूर करने और वित्तीय क्षेत्र में विकास करने में एक अनुभवी सहायक के रूप में मदद करते हैं. जीवन में उनका मुख्य ध्यान इस बात पर होता है कि कमाई कैसे की जाए, जीवन में बचत कैसे बढ़ाई जाए और इस अनिश्चित जीवन में भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रत्येक व्यक्ति के धन में वृद्धि की जाए।
डॉ. अंदानी दूसरों की मदद करने में कभी नहीं हिचकिचाते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य गरीबी से उबरने के लिए सभी के जीवन में सुधार करना है और एक लोगों को एक बेहतर जीवन देना है। उनका लक्ष्य सभी जरूरतमंद लोगों को सर्वोत्तम शिक्षा देना हैं क्योंकि उनके अनुसार शिक्षा से जीवन शैली को बदला जा सकता है।
अब हर महीने 16 तारीख को सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर मनाया जाएगा निक्षय दिवस
– विश्व टीबी दिवस 24 मार्च से आगामी 13 अप्रैल तक टीबी रोगियों की खोज के लिए चलेगा अभियान
– आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने सभी जिलों के सिविल सर्जन और सीडीओ को जारी किया पत्र
मुंगेर-
अब प्रत्येक महीने की 16 तारीख को जिला भर के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर निक्षय दिवस मनाया जाएगा । इस आशय की जानकारी जिला संचारी रोग पदाधिकारी (सीडीओ) डॉ.ध्रुव कुमार शाह ने दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक महीने की 16 तारीख को जिला भर के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर निक्षय दिवस के अवसर राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इस दिन संभावित रोगियों के लक्षणों की जांच की जाएगी। टीबी के लक्षण से युक्त व्यक्तियों का नजदीक के प्राथमिक या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के माध्यम से एक्स- रे तथा बलगम की जांच करवाई जाएगी। जांच में टीबी रोग की पुष्टि होने पर एक सप्ताह के अंदर टीबी की दवा प्रारंभ की जाएगी । इसके साथ- साथ निक्षय पोर्टल पर टीबी रोगियों का नोटिफिकेशन किया जाएगा । इसके बाद आशा एवम सामुदायिक कार्यकर्ता के माध्यम से बैंक डिटेल प्राप्त कर डायरेक्ट टू बेनिफिसियरी (डीबीटी) के माध्यम से निक्षय पोषण की राशि 500 रुपए प्रति माह के दर से भुगतान सुनिश्चित करवाया जाएगा। इसके साथ- साथ समय – समय पर फॉलोअप जांच, टीबी मरीजों के सम्पर्क में रहने वाले बच्चों एवम व्यस्कों में टीबी निवारक उपचार भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसको ले राज्य स्वास्थ्य समिति में आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ अजय कुमार शाही ने सभी जिलों के सिविल सर्जन और सीडीओ को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा- निर्देश दिए हैं।
विश्व टीबी दिवस 24 मार्च से आगामी 13 अप्रैल तक टीबी रोगियों की खोज के लिए चलेगा अभियान :
जिला टीबी/एचआईवी समन्वयक शैलेंदु कुमार ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति में आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी के निर्देशानुसार विश्व टीबी दिवस 24 मार्च से आगामी 13 अप्रैल 2023 तक टीबी मुक्त भारत कार्यक्रम के अंतर्गत जिला भर के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के माध्यम से टीबी रोगियों की सघन खोज अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान पिछले पांच वर्षों में अधिसूचित टीबी रोगियों एवं उनके संपर्क में रहने वाले बच्चों, व्यस्कों, गर्भवती महिलाओं, कुपोषित बच्चों, एचआईवी के संग जीवन जी रहे लोग, डायबिटीज के मरीज, डायलिसिस करवा रहे किडनी के पुराने मरीजों में टीबी के लक्षणों के आधार पर स्क्रीनिंग की जाएगी। इस दौरान टीबी के लक्षण से युक्त व्यक्तियों का एक्स रे और बलगम की जांच निकटतम पीएचसी/सीएचसी पर की जाएगी । इस दौरान टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग करवाने की पूरी जिम्मेदारी सबंधित आशा कार्यकर्ता और एएनएम की होगी। इसके साथ ही हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (सीएचओ) के द्वारा अपने अपने क्षेत्र की एएनएम एवं आशा कार्यकर्ता के कार्यों का अनुश्रवण भी किया जाएगा।
खगड़िया जिले के हृदय रोग से पीड़ित आठ बच्चों को इलाज के लिए भेजा पटना
– मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना • सभी बच्चों का निःशुल्क होगा समुचित इलाज और मुफ्त मिलेगी सभी सुविधाएं
– आरबीएसके टीम की पहल पर सभी बच्चों को चिह्नित कर अभिभावक संग भेजा गया पटना
खगड़िया-
लोगों को बेहतर और समुचित स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने को लेकर जहाँ सरकार पूरी तरह गंभीर है वहीं, स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सजग और कटिबद्ध है। जिसे सार्थक रूप देने के लिए आरबीएसके टीम की पहल पर जिले के हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का पूरी तरह निःशुल्क इलाज कराया जा रहा है। जिसका सार्थक परिणाम यह है कि समुचित इलाज और स्वस्थ होने की उम्मीद छोड़ चुके पीड़ित बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हो रहे और बच्चों को नई स्वस्थ जिंदगी जीने का अवसर मिल रहा है। ऐसे पीड़ित बच्चों को जिले की आरबीएसके टीम द्वारा स्क्रीनिंग कर चिह्नित किया जा रहा और आवश्यकता के अनुसार समुचित इलाज के लिए पटना या अहमदाबाद भेजा जा रहा है। जहाँ बच्चों का सरकारी स्तर से निःशुल्क समुचित इलाज हो रहा है। इसी कड़ी में आरबीएसके टीम ने जिले के विभिन्न प्रखंडों के हृदय रोग से पीड़ित आठ बच्चों की खोज की। सभी बच्चों को मंगलवार की शाम एम्बुलेंस से आईजीआईसी पटना भेजा गया । सदर अस्पताल परिसर से सिविल सर्जन डाॅ. अमिताभ कुमार, आरबीएसके कंसल्टेंट डाॅ प्रशांत कुमार, डीपीएम (हेल्थ) प्रभात कुमार, स्वास्थ्य प्रबंधक शशिकान्त कुमार, सुनील कुमार, सभ्यासचि पंडित, हेमलता जोशी ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर एम्बुलेंस को रवाना किया। सभी बच्चे को मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत सरकारी खर्च से समुचित इलाज होगा।
– सभी बच्चों को सभी सुविधाएं मिलेगी मुफ्त, परिजनों को नहीं उठाना पड़ेगा खर्च :
सिविल सर्जन डॉ. अमिताभ कुमार ने बताया, सभी बच्चों को आने-जाने समेत सभी सुविधाएं यानी समुचित इलाज की सुविधाएं पूरी तरह मुफ्त मिलेगी। इस दौरान उनके परिजनों को किसी प्रकार का खर्च नहीं उठाना पड़ेगा। इलाज समेत आने-जाने का खर्च भी सरकारी स्तर से ही वहन किया जाएगा। वहीं, उन्होंने बताया, जन्म से ही हृदय रोग से पीड़ित बच्चे को साँस लेने में परेशानी होती है। हमेशा सर्दी-खांसी रहती है। चेहरे, हाथ, होंठ नीला पड़ने लगता है। जिसके कारण गंभीर होने पर बच्चों के दिल में छेद हो जाता है। ऐसे बच्चों का आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) द्वारा इलाज कराया जाता है।
– हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के अभिभावक नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में आरबीएसके टीम से संपर्क कर ले सकते हैं लाभ :
आरबीएसके कंसल्टेंट डाॅ. प्रशांत कुमार ने बताया, हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का अभिभावक अपने बच्चों को नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में आरबीएसके टीम से संपर्क कर निःशुल्क समुचित स्वास्थ्य सुविधा का लाभ दिला सकते हैं। जानकारी उपलब्ध कराने के पश्चात आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, उन्होंने बताया, इस समस्या से पीड़ित बच्चों का स्थाई निजात के लिए समय पर इलाज शुरू कराना जरूरी है। अन्यथा, परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, जो उक्त बीमारी से पीड़ित बच्चे हैं, उसका अभिभावक आरबीएसके टीम के सहयोग से समय पर मुफ्त इलाज शुरू करा सकते हैं।