दिवंगत नेत्रदानी स्वर्गीय श्रीमती सुनीता गुप्ता की प्रथम पुण्य तिथि पर रिकार्ड एतिहासिक 125 यूनिट हुआ रक्त संग्रहण

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समाज की मणिकर्णिका नेत्रदानी स्व. सुनीता गुप्ता धर्मपत्नी राधेश्याम गुप्ता (बौबस परिवार) की प्रथम पुण्यतिथि पर 125 यूनिट रक्त का हुआ संग्रहण

मेड़तवाल नवयुवक संघ एवं महिला मंडल की अनूठी पहल

समाज के 300 से ज्यादा परिवारों से किया ऑनलाइन घर घर जाकर संपर्क

थेलेसिमिया, ल्‍यूकिमिया एवं हीमोफिलिया के मरीजों के लिए किया संग्रहण

युवा,युवती,महिलाएं,पुरुष विवाहित जोड़ों ने किया बढ़चढ़क रक्तदान

कोटा-

गायत्री शक्तिपीठ के सामने मेडतवाल छात्रावास विज्ञान नगर कोटा में मेड़तवाल नवयुवक संघ एवं महिला मंडल के सहयोग से रक्तदान महोत्सव का आयोजन हुआ जिसमें युवा,युवती,महिलाएं,पुरुष विवाहित जोड़ों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया.

कार्यक्रम समन्वयक गुंजन गुप्ता एवं नवयुवक संघ उपाध्यक्ष डॉ.नयन प्रकाश गाँधी ने बताया की रक्तदान महोत्सव की आधारशिला पहली बार समाज की नेत्रदानी स्व.श्रीमती सुनीता गुप्ता धर्मपत्नी राधेश्याम गुप्ता प्रारम्भ से ही रक्तदान मे सक्रिय थी और नेत्रदान का संकल्प भी उनके असमय चले जाने पर पति द्वारा पूरा करवाया गया था .सुनीता गुप्ता ने मृत्यु के अंतिम क्षणों के कुछ महीनों पूर्व ही पिछले कोरोना काल में रक्तदान किया था .आज जब अचानक उनकी प्रथम पुण्यतिथि रक्तदान के आयोजन ने एक सामाजिक सरोकार का संदेश दिया.महिला अध्यक्ष शारदा गुप्ता ,शोभा गुप्ता,प्रीति गाँधी ने बताया की सुनीता गुप्ता की पुण्यतिथि एक तरह से सेंकड़ों थेलेसिमिया, ल्‍यूकिमिया एवं हीमोफिलिया के मरीजों को 125 यूनिट रक्त दान के द्वारा नव रोशनी नव जीवन दे गई. आगे समिति अध्यक्ष राधेश्याम गुप्ता एवं उनके परिवार जनों ने मुख्य सहयोग कर्ता महिला मंडल एवं नवयुवक संघ का आभार व्यक्त किया जिनमे मुख्यतः शारदा,शोभा गुप्ता,प्रीति गाँधी,स्वाति,अनिता,रेखा गुप्ता,शुचि भंडारी,पंकज मेड़तवाल,शुभम गुप्ता,रवि गुप्ता,चेतन गुप्ता,उमेश गुप्ता,शैलेन्द्र गुप्ता,संजय बिरला,गोविंद गुप्ता ,गोपाल गुप्ता आदि सभी नवयुवकों वरिष्ठजनों महिला मंडल सदस्यों का भरपूर सहयोग रहा.राधेश्याम गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम के दोरान समाज जनों को प्रोत्साहित करने और हौसला बढ़ाने हेतु आमंत्रित अतिथियों के रूप मे श्री संदीप शर्मा विधायक दक्षिण,श्रीमती राखी गौतम,विकास शर्मा ,भाजपा चिकित्सकीय प्रकोष्ठ से डा.आर.बी. गुप्ता,डा.विनीता गुप्ता,निर्मल गुप्ता,वेश्य कोटा इकाई अध्यक्ष दिनेश विजय समाज जनों में वरिष्ठ समाज सेवी मदनलाल दलाल ,प्रकाश चद गुप्ता,कमला दलाल,महिला मंडल राष्ट्रीय महामंत्री मंजू गुप्ता ,रक्तदान एम्बेसेडर भुवनेश् गुप्ता ,बेटी बचाओ बेटी पडाऔ ब्रांड एम्बेसेडर डॉ. हेमलता गाँधी,विश्व युवा संघठन संयुक्त निदेशक डॉ.नयन प्रकाश गाँधी ,आइरन मेन मृगश गुप्ता आदि कई गणमान्य व्यक्ती उपस्थित रहे.ब्लड संग्रहण में एमबीएस सरकारी हॉस्पिटल ब्लड बेंक एवं अपना ब्लड बेंक सहयोगी रहे ,संस्था के अधिकारियों ने प्रशस्ति पत्र गिफ्टसे सभी को सम्मानित कियाो

नवयुवक संघ एवं महिला मंडल द्वारा भव्य रक्तदान शिविर आयोजन

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समाज की मणिकर्णिका नेत्रदानी स्व. सुनीता गुप्ता धर्मपत्नी राधेश्याम गुप्ता (बौबस परिवार)
की पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर का आज रविवार को होगा भव्य आयोजन

परमपिता परमेश्वर प्राणों के वो आधार हैं, पाकर नर तन करे मानव सेवा यही सफल जीवन का आधार है । रक्तदान जीवनदान जैसे पुनीत कार्य हेतु करबद्ध मेड़तवाल वैश्य नवयुवक-नवयुवती संघ एवं
श्री फलौदी महिला मंडल सेवा समिति ने समाज के कोरोना काल के दोरान विभिन्न कारणों से दिवंगत हुए इष्ट परिजनों के पुण्यतिथि एव अन्य पारिवारिक दिवस पर सामाजिक सरोकार के तहत अनवरत रूप से रक्तदान शिविर का बीड़ा उठाया है .इसी पहल को देखते हुए इस बार रक्तदान शिविर कल रविवार को प्रात 10 बजे से 4 बजे तक अनवरत रूप से आयोजित किया जा रहा है जो पहली बार सामाजिक सरोकार के तहत राधेश्याम गुप्ता बौबस परिवार है जिनकी धर्मपत्नी नेत्रदानी स्व.श्रीमति सुनीता गुप्ता की प्रथम पुण्य स्मृति पर इसका आयोजन हो रहा है ,शिविर में अल्पाहार ,फल,फ्रूटज्यूस की व्यवस्था रखी गई है ,और समाज के सभी युवा महिलाओं पुरुषों को रक्तदान के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और समाज कार्य मान वता के पुनीत कार्य के साथ समाज जनों की उपस्थिति मे प्रथम पुण्यतिथि को रक्तदान महोत्सव के रूप मे करना एक समाज के लिए प्रेरणास्पद है ,आगे राधेश्याम गुप्ता ने बताया कि उनकी धर्मपत्नी प्रारम्भ से ही रक्तदान के लिए सक्रिय थी और यही नहीं नेत्र दान का संकल्प भी उन्होंने बहुत पहले लिया था जो असमय जाने पर परिवार जनों ने दुःख की घड़ी में नेत्रदान भी करवाया था ,वे बताते है कि मुझे फक्र है कि आज वे किसी की आखों मे आज भी मौजूद है उनकी प्रथम पुण्य तिथि के अवसर पर समाज जनों इष्ट मित्रों शुभचिंतकों से जो रक्तदान हेतु सकरात्मक सामाजिक मानवीय सम्वेदना के समय जो साथ मिल रहा है यह मेरे लिए एक दिल को अनुभूत कर देने वाला क्षण है.

आगे नवयुवक संघ उपाध्यक्ष समिति मीडिया प्रभारी डॉ.नयन प्रकाश गाँधी ने बताया की कार्यक्रम शिविर में महिला मंडल अध्यक्षा शारदा गुप्ता,शोभा गुप्ता,प्रीति गाँधी एवं कार्यक्रम समन्वयक गुंजन गुप्ता ,नवयुवक संघ के अध्यक्ष पंकज मेड़तवाल ,राहुल गुप्ता ,रवि गुप्ता,चेतन गुप्ता सतत रूप से सक्रिय है और समाज जनों को रक्तदान के लिए मह्त्व बताते हुए जागरूकता के साथ प्रेरित कर रहे है,पहली बार किसी समाज परिजन की पुण्यतिथि पर युवा कपल को रक्तदान के लिए प्रोत्साहित कर समाज मे समरसता एव सामाजिक कार्यो को प्रोत्साहित किया जा रहा है.आगे कार्यक्रम समन्वयक गुंजन गुप्ता ने बताया की कोई भी परिजन इष्ट मित्र जो रक्तदान करने के इच्छुक है सीधे रविवार 26 फरवरी को मेडतवाल समाज छात्रावास (गायत्री मन्दिर के सामने) विज्ञान नगर, कोटा पहुंचकर संबंधित आवश्यक जांच करवाकर रक्तदान कर सकते है सभी रक्तदान करने वालो का नवयुवक संघ एवं महिला मंडल कोटा की और से एव संबंधित ब्लड बेंक अधिकारियों द्वारा विभिन्न प्रशस्ति पत्र ,गिफ्ट मोमेंटो द्वारा सम्मानित किया जाएगा

प्रखंड कार्यालय के कर्मियों और पुलिसवालों को खिलाई गई अल्बेंडाजोल व डीईसी की गोली

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-फाइलेरिया से बचाव को लेकर खिलाई जा रही अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली
-14 दिनों तक चला अभियान, अब मॉपअप राउंड चल रहा है जो दो मार्च तक चलेगा

बांका, 25 फरवरी-

फाइलेरिया से बचाव को लेकर जिले में एमडीए अभियान का मॉपअप राउंड चल रहा है। पहले 14 दिनों तक अभियान चलाया गया। इसके बाद छूटे हुए लोगों के लिए मॉपअप राउंड शुरू किया गया। मॉपअप राउंड के पहले दिन विशेष अभियान के तहत शनिवार को चांदन, शंभूगंज, बेलहर, फुल्लीडुमर, बौंसी और रजौन के विभिन्न प्रखण्ड कार्यालयों और पुलिस स्टेशन के कर्मियों एवं अन्य लोगों को सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम के तहत अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिलाई गई। वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी आरिफ इकबाल ने बताया कि अभियान के दौरान 14 दिनों में जिले के 21 लाख लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा खिलाई गई थी। चूकि लक्ष्य 24 लाख है, इसलिए बचे हुए लोगों को मॉपअप राउंड में दवा की गोली खिलाई जा रही है। शनिवार को विशेष अभियान के तहत प्रखंड कार्यालयों और थाना में तैनात कर्मियों को दवा खिलाई गई। 2 मार्च तक मॉपअप राउंड चलेगा। इस दौरान जिले के 24 लाख लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिला दी जाएगी। ऐसा मुझे उम्मीद है।
अभियान की ही तरह मॉपअप राउंड में भी चल रहा काम: वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी आरिफ इकबाल ने बताया कि मॉपअप राउंड में भी आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका और वॉलेंटियर क्षेत्र में जाकर लोगों को गोली खिलाने का काम कर रहे हैं। इस दौरान भी दो वर्ष अधिक उम्र के लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिलाई जा रही है। दो से पांच साल तक के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की एक गोली खिलाई जा रही है। छह से 14 साल तक के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की दो गोली खिलाई जा रही है। 15 साल या इससे ऊपर के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की तीन गोली खिलाई जा रही है। इसके अलावा दो साल से कम उम्र के बच्चे, गंभीर रूप से बीमार और गर्भवती महिलाओं को दवा नहीं खिलाई जा रही है। साथ ही इस दौरान भी किसी को भूखे पेट गोली नहीं खिलाई जाएगी। सभी कुछ पहले की ही तरह चलेगा।
क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है फाइलेरिया: प्रभारी जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल ने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है, जो क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। इसका प्रकोप बढ़ जाने के बाद कोई पर्याप्त इलाज संभव नहीं है। लेकिन, इसे शुरुआती दौर में ही पहचान करते हुए रोका जा सकता है। इसके लिए संक्रमित व्यक्ति को फाइलेरिया ग्रसित अंगों को पूरी तरह साफ-सफाई करनी चाहिए। लगातार देखभाल करते रहने से फाइलेरिया के मरीजों को ज्यादा परेशानी नहीं होती है।

काराधीक्षक ने दवा खाकर जेल में की फाइलेरिया उन्मूलन के लिए एमडीए अभियान की शुरुआत

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– बीसीएम के नेतृत्व में गठित स्वास्थ्य टीम ने कैदियों को खिलाई अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा
– शत-प्रतिशत कैदियों को गठित स्वास्थ्य टीम द्वारा खिलाई जाएगी दवा

जमुई-

जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा घर-घर जाकर लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा खिलाई जा रही है। ताकि एक भी लोग दवाई खाने से वंचित नहीं रहें और अभियान सफल हो सके। इसी कड़ी में शुक्रवार को जमुई मंडल कारा में एमडीए अभियान का शुभारंभ हुआ। जहाँ मंडल कारा के काराधीक्षक समेत अन्य अफसरों ने बीसीएम सुनील कुमार एवं पीसीआई के जिला प्रतिनिधि पुंजय शाही के नेतृत्व में दवा खाकर अभियान की शुरुआत की। इसके बाद गठित स्वास्थ्य टीम द्वारा तय मानकों के अनुसार जेल के कैदियों को दवा खिलाई गयी । वहीं, इस मौके पर बीसीएम ने कहा, फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए अल्बेंडाजोल व डीईसी की दवा का सेवन बहुत जरूरी है। इसलिए, मैं तमाम कैदियों एवं पूरे जिले वासियों से अपील करता हूँ कि निश्चित रूप से पूरी तरह निःसंकोच होकर दवा खिलाने वाली टीम के सामने दवा का सेवन करें। इस बीमारी से बचाव के लिए दवाई का सेवन और सतर्कता ही सबसे कारगर और बेहतर कदम होगा।

– घर-घर जाकर दो वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों को खिलाई जा रही है अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा :
पीएसआई के जिला प्रतिनिधि पुंजय शाही ने बताया, जिले में 10 फरवरी से एमडीए अभियान की शुरु आत हुई । इसके बाद से ही गृह भेंट की तर्ज पर आशा कार्यकर्ता द्वारा घर-घर जाकर लोगों को खुद के सामने अल्बेंडाजोल एवं डीईसी की दवा खिलाई जा रही है। उन्होंने बताया, 2 से 5 साल तक के बच्चों को 100 मिलीग्राम की डीईसी एवं 400 मिलीग्राम की अल्बेंडाजोल की एक-एक गोली, 6 से 14 साल तक के किशोरों को डीईसी की दो एवं अल्बेंडाजोल की एक गोली एवं 15 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को डीईसी की तीन गोलियां एवं अल्बेंडाजोल की एक गोली खिलायी जानी है। वहीं, उन्होंने बताया, गठित स्वास्थ्य टीम द्वारा जेल के शत-प्रतिशत कैदियों को दवाई खिलाई जाएगी।

– फाइलेरिया क्या है ?
– फाइलेरिया मच्छर के काटने से होने वाला एक संक्रामक रोग है।
– किसी भी उम्र के व्यक्ति फाइलेरिया से संक्रमित हो सकता है।
– फाइलेरिया के लक्षण हाथ और पैर में सूजन (हाँथीपाँव) व हाईड्रोसील (अण्डकोष में सूजन) है।
– किसी भी व्यक्ति को संक्रमण के पश्चात बीमारी होने में 05 से 15 वर्ष लग सकते हैं।

– इन बातों का रखें ख्याल :
– भूखे पेट दवा नहीं खिलानी है।
– किसी के बदले किसी अन्य को दवा ना दें और स्वास्थ्य कर्मी के सामने दवा खाएं।
– गर्भवती महिलाओं को दवा नहीं खिलानी है।
– 02 वर्ष छोटे बच्चे को दवा नहीं खिलानी है।
– गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को भी दवा नहीं खिलानी है।

– फाइलेरिया से बचाव के उपाय :
– सोने के समय मच्छरदानी का निश्चित रूप से प्रयोग करें।
– घर के आसपास गंदा पानी जमा नहीं होने दें।
– अल्बेंडाजोल व डीईसी दवा का निश्चित रूप से सेवन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।

हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के राज्यस्तरीय परफॉर्मेंस रैंकिंग में मुंगेर को राज्यभर में दूसरा स्थान

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–मुंगेर का रहा 0.89 ओवरऑल स्कोर
: नवंबर 2022 के आंकड़ों के अनुसार फरवरी 2023 में जारी की गई राज्यस्तरीय रैंकिंग

मुंगेर-

हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के राज्य स्तरीय परफॉर्मेंस रैंकिंग में 0.89 के ओवर ऑल स्कोर के साथ मुंगेर ने राज्य भर में दूसरा स्थान हासिल किया है। उक्त आशय की जानकारी शुक्रवार को जिला के सिविल सर्जन डॉ. पीएम सहाय ने दी । उन्होंने बताया कि नवंबर 2022 के आंकड़ों के अनुसार फरवरी 2023 में जारी की गई हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की राज्य स्तरीय रैंकिंग में जहां मुंगेर ने राज्य भर में दूसरा स्थान प्राप्त किया है वहीं 0.93 के ओवर ऑल परफॉर्मेंस के साथ पटना जिला राज्य में पहले स्थान पर है।
उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीने की रैंकिंग की यदि बात की जाए तो सितंबर के महीने में मुंगेर जिला राज्य भर में 8वें स्थान पर था वहीं अक्टूबर में चौथे और फिर नवंबर के महीने में राज्य भर में दूसरे स्थान पर आया है।

5 अलग- अलग इंडिकेटर के आधार पर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के परफॉर्मेंस की गणना की जाती है :
जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी) और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के नोडल अधिकारी विकास कुमार ने बताया कि 5 अलग- अलग इंडिकेटर के आधार पर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के परफॉर्मेंस की गणना की जाती है। हेल्थ एंड वेलनेस की परफॉमेंस रैंकिंग का पहला इंडिकेटर जिला भर में हेल्थ सब सेंटर, एडिशनल पीएचसी और अर्बन पीएचसी को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में परिवर्तित करने के प्रतिशत पर निर्भर करता है। इसका ओवर ऑल परफॉर्मेंस में 40% वेटेज है। इस इंडिकेटर में मुंगेर का स्कोर 0.45 है । इसी तरह दूसरा इंडिकेटर टोटल फंक्शनलिटी क्राइटेरिया के विरुद्ध जिला में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के फंक्शनलिटी क्राइटेरिया के प्रतिशत पर आधारित होता है। इसका ओवर ऑल परफॉर्मेंस में 27.5% वेटेज है। इस इंडिकेटर में मुंगेर का स्कोर 0.28 है ।
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के परफॉर्मेंस का तीसरा इंडिकेटर प्रोग्रेसिव हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के पिछले माह के प्रत्येक दिन कम से कम 20 इंट्री सबमिट करने के प्रतिशत के आधार पर होता है। इसका ओवर ऑल परफॉर्मेंस में 15% वेटेज है। इस इंडिकेटर में मुंगेर का स्कोर 0.08 है । इसी तरह चौथा इंडिकेटर ऑपरेशनल हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के पिछले एक महीने के सर्विस डेलिवरी के सबमिटेड डाटा के प्रतिशत पर आधारित होता है। इसका ओवर ऑल परफॉर्मेंस में 15% वेटेज है। इस इंडिकेटर में मुंगेर का स्कोर 0.07 है । इसके अलावा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की रैंकिंग का पांचवां इंडिकेटर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कार्यरत सीएचओ के लिंक्ड पेमेंट के पर्सेंटेज पर आधारित होता है। इसका ओवर ऑल परफॉर्मेंस में 2.5% वेटेज है।

जीविका दीदियों को टीबी के बारे में किया गया जागरूक

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-सबौर के बाबूपुर में पर्सपेक्टिव बिल्डिंग ट्रेनिंग का आयोजन
-स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से केएचपीटी ने किया आयोजित

भागलपुर-

सबौर के बाबूपुर मोड़ स्थित जिज्ञासा भवन में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से कर्नाटका हेल्थ प्रमोशन ट्रस्ट (केएचपीटी) ने पर्सपेक्टिव बिल्डिंग ट्रेनिंग का आयोजन किया। यह ट्रेनिंग दो दिनों तक चलेगी। इसमें फतेहपुर, बरारी और खनकित्ता पंचायत की 29 जीविका दीदी शामिल हुईं। ट्रेनिंग देने का काम सीसी मुकेश और संदीप ने किया। सत्र की शुरुआत केएचपीटी के परिचय से हुई । इसके बाद कहानी के जरिये टीबी से लड़ने के बारे में बताया गया। सभी को टीबी के लक्षण, बचाव और उसके इलाज की जानकारी दी गई। साथ ही इस बीमारी से बचाव को लेकर समाज में क्या किया जा सकता है, इसकी भी जानकारी दी गई। इसके अलावा यह भी बताया गया कि टीबी रोगियों के प्रति संवेदनशील होकर उनकी जरूरत को पूरा करने में मदद करनी चाहिए।
केएचपीटी की डिस्ट्रिक्ट टीम लीडर आरती झा ने बताया कि टीबी को समाप्त करने के लिए इलाज के साथ-साथ सामाजिक स्तर पर जागरूकता भी बहुत जरूरी है। लोगों में जितनी तेजी से जागरूकता बढ़ेगी उतनी ही तेजी से टीबी बीमारी समाज से खत्म होगी। जीविका दीदियों की समाज पर अच्छी पकड़ है। अधिकतर घरों में उनका आना-जाना है। इसलिए टीबी के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए जीविका एक बेहतर माध्यम हो सकती है। इसी उद्देश्य से अंतीचक पंचायत में गुरुवार को जीविका दीदियों की ट्रेनिंग आयोजित की गई। उम्मीद है कि इसका व्यापक असर पड़ेगा। लोग टीबी के प्रति जागरूक होंगे।
टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना बहुत जरूरीः जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. दीनानाथ ने बताया कि केएचपीटी जिले में टीबी उन्मूलन में अच्छा काम कर रही है। इस तरह के आयोजन से टीबी उन्मूलन में मदद मिलेगी। लोगों में टीबी के प्रति जानकारी बढ़नी बहुत जरूरी है। टीबी का इलाज सरकारी अस्पतालों में बिल्कुल मुफ्त में होता है। यदि किसी व्यक्ति को लगातार दो हफ्ते तक खांसी हो, शाम को पसीना आए, लगातार बुखार रहे, बलगम के साथ खून हो इत्यादि लक्षण महसूस हो तो उसे तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल चले जाना चाहिए। वहां जांच करानी चाहिए। जांच में अगर टीबी की पुष्टि होती है तो तत्काल इलाज शुरू कर देना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में इलाज तो मुफ्त में होता ही है, साथ में दवा भी बिल्कुल मुफ्त दी जाती है। इसके अलाना जब तक इलाज चलता है, तब तक पांच सौ रुपये प्रतिमाह पौष्टिक आहार के लिए भी मरीजों को दी जाती है।

आज से मॉपअप राउंड में छूटे हुए लोगों को खिलाई जाएगी अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली

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-जिले में 24 लाख लोगों को गोली खिलाने का रखा गया था लक्ष्य
-14 दिनों चले अभियान में लगभग 21 लाख लोगों को खिलाई गई गोली

बांका-
फाइलेरिया को लेकर जिले में चल रहे एमडीए अभियान का शुक्रवार को समापन हो गया। अब शनिवार से दो मार्च तक मॉपअप राउंड चलेगा। इसमें छूटे हुए लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिलाई जाएगी। 14 दिनों तक चले अभियान में जिले के लगभग 21 लाख लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिलाई गई। अब बचे हुए तीन लाख लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिलाई जाएगी। वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी आरिफ इकबाल ने बताया कि वैसे तो शुक्रवार को भी मॉपअप राउंड ही चला। 14 दिनों तक जो अभियान चलना था। उसके मुताबिक पहले छह दिन आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर दवा गोली खिलानी थी और फिर सातवां दिन मॉपअप राउंड चलना था। दूसरे सप्ताह में भी इसी तरह से होना तय था। उस लिहाज से देखें तो शुक्रवार को भी मॉपअप राउंड ही चला। अच्छी बात यह है कि अभियान के दौरान लगभग 21 लाख लोगों को गोली खिला दी गई। अब जो लोग बच गए हैं उन्हें मॉपअप राउंड में गोली खिला दी जाएगी। हमलोग आसानी से लक्ष्य को पूरा कर लेंगे। लोगों से भी अपील है कि छूटे हुए व्यक्ति अपने क्षेत्र की आशा या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से भी जाकर दवा लेकर खा सकते हैं।
वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी आरिफ इकबाल ने बताया कि मॉपअप राउंड में भी आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका और वॉलेंटियर क्षेत्र में जाकर लोगों को गोली खिलाने का काम करेंगे। इस दौरान भी दो वर्ष अधिक उम्र के लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिलाई जाएगी। दो से पांच साल तक के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की एक गोली खिलाई जाएगी। छह से 14 साल तक के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की दो गोली खिलाई जाएगी। 15 साल या इससे ऊपर के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की तीन गोली खिलाई जाएगी। इसके अलावा दो साल से कम उम्र के बच्चे, गंभीर रूप से बीमार और गर्भवती महिलाओं को दवा नहीं खिलाई जाएगी। साथ ही इस दौरान भी किसी को भूखे पेट गोली नहीं खिलाई जाएगी। सभी कुछ पहले की ही तरह चलेगा।
क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है फाइलेरिया: प्रभारी जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल ने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है, जो क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। इसका प्रकोप बढ़ जाने के बाद कोई पर्याप्त इलाज संभव नहीं है। लेकिन, इसे शुरुआती दौर में ही पहचान करते हुए रोका जा सकता है। इसके लिए संक्रमित व्यक्ति को फाइलेरिया ग्रसित अंगों को पूरी तरह साफ-सफाई करनी चाहिए। लगातार देखभाल करते रहने से फाइलेरिया के मरीजों को ज्यादा परेशानी नहीं होती है।

एमडीए कार्यक्रम- आगामी 02 मार्च तक मुंगेर जिला में चलेगा मॉपअप राउंड

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– जिलाभर में फाइलेरिया की दवा खिलाने के लिए अब तक कुल 9. 77 लाख लोगों को खिलाई जा चुकी है फाइलेरिया की दवा

मुंगेर-
एमडीए कार्यक्रम के तहत आगामी 02 मार्च तक लोगों के बीच शत – प्रतिशत दवा सेवन सुनिश्चित कराने को ले मुंगेर सहित सभी 24 जिलों में मॉप अप राउंड चलेगा। उक्त आशय की जानकारी गुरुवार को जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अरविंद कुमार सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि विगत 10 फरवरी से मुंगेर सहित राज्य के 24 जिलों में 14 दिवसीय सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) कार्यक्रम चल रहा है। बुधवार तक जिला भर में फाइलेरिया की दवा खिलाने के लिए चिह्नित किए गए 14,25,6230 लोगों में से 9,77,540 लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाई जा चुकी है । इस दौरान किसी भी कारणवश छूट गए लोगों को 02 मार्च तक मॉप अप राउंड चलाकर फाइलेरिया की दवा खिलाई जायेगी ताकि जिला भर में फाइलेरिया की दवा खिलाने के लिए निर्धारित शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जा सके। इसको ले बिहार के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी सह अपर निदेशक फाइलेरिया ने सभी 24 जिलों के जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी को पत्र जारी किया है। मॉप अप राउंड के दौरान आशा कार्यकर्ता, आशा फैसिलिटेटर सहित सभी स्वास्थ्य कर्मी घर- घर जाकर छूटे हुए सभी लोगों को अपने सामने फाइलेरिया की दवा के रूप में डीईसी और अल्बेंडाजोल टेबलेट्स का सेवन सुनिश्चित करवाएंगे । इस दौरान मानिटरिंग, इवनिंग ब्रीफिंग सहित अन्य सभी कार्य पूर्ववत चलते रहेंगे ।

बुधवार तक जिला भर में निर्धारित लक्ष्य के 68.56 % लोगों को खिलाई जा चुकी है फाइलेरिया की दवा :
जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार पंकज कुमार प्रणव ने बताया कि मुंगेर जिला की कुल आबादी 16,77,204 लोगों में से फाइलेरिया की दवा खिलाने के लिए 14,25,623 लोगों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से बुधवार शाम तक कुल 9,77,540 लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाई जा चुकी है जो निर्धारित लक्ष्य का 68.56% है। इस दौरान छूट गए लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाने के लिए राज्य सरकार के निर्देशानुसार आगामी 02 मार्च तक चलने वाले मॉप अप राउंड के दौरान आशा कार्यकर्ता सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा घर- घर जाकर अपने सामने ही दवा खिलायी जाएगी ।

जिला भर में बुधवार तक लोगों को खिलाई जा चुकी है 24,59,713 डीईसी और 9,77,540 अल्बेंडाजोल टेबलेट्स :
मुंगेर जिला के फाइलेरिया विभाग में कार्यरत सीनियर सुपरवाइजर सुधांशु कुमार ने बताया कि जिला भर में बुधवार शाम तक राज्य से प्राप्त 40,84,050 में से 24,59,713 डीईसी टेबलेट्स लोगों को खिलाई जा चुकी है। शेष बचे डीईसी टेबलेट्स को मॉप अप राउंड के दौरान लोगों को खिलायी जायेगी । वहीं अल्बेंडाजोल की राज्य से प्राप्त कुल 16,60,414 में से बुधवार कि शाम तक कुल 9,77,540 टेबलेट्स लोगों को खिलायी गयी है। शेष बचे हुए अल्बेंडाजोल के टेबलेट्स मॉप अप राउंड के दौरान लोगों को खिलायी जायेगी ।

अबतक 19 लाख लोगों को खिलाई गई अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा

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-जिले में 24 लाख लोगों को गोली खिलाने का रखा गया है लक्ष्य
-10 को शुरू हुए अभियान का आज आखिरी दिन, कल से मॉपअप राउंड

बांका-

फाइलेरिया को लेकर जिले में चल रहे एमडीए अभियान का शुक्रवार को आखिरी दिन है। हालांकि छूटे हुए लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिलाने के लिए शनिवार से मॉपअप राउंड चलेगा, जो दो मार्च तक चलना है। 10 फरवरी को शुरू हुए अभियान को 14 दिनों तक चलना था। इस लिहाज से अभियान 23 फरवरी को ही समाप्त हो जाता, लेकिन बीच में महाशिवरात्रि की छुट्टी के चलते अभियान का समापन 24 को होगा। इसके बाद छूटे हुए लोगों को दवा खिलाई जाएगी। वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी आरिफ इकबाल ने कहा कि जिले में अबतक अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है। जिले के 24 लाख लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिलाने का लक्ष्य रखा गया था। इनमें से 19 लाख से अधिक लोगों को गुरुवार शाम तक गोली खिला दी गई। अनुमान है कि शुक्रवार तक लगभग 21 लाख लोगों को गोली खिला दी जाएगी। इसके बाद जो लोग बचेंगे, उन्हें मॉपअप राउंड में गोली खिला दी जाएगी। अभियान में शामिल लोगों को निर्देश दे दिया गया है कि शुक्रवार को बाद शनिवार से मॉपअप राउंड शुरू हो रहा है, जो दो मार्च तक चलेगा। उस दौरान भी पूरी तन्मयता से शामिल रहें। लक्ष्य को हर हाल में पूरा करना है।
कोई भी व्यक्ति छूटे नहीं, इसका रखा जा रहा ध्यानः वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी आरिफ इकबाल ने बताया कि जिले में अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका और वॉलेंटियर क्षेत्र में जाकर लोगों को गोली खिलाने का काम कर रहे हैं। अभियान के दौरान एक भी व्यक्ति छूट नहीं जाए, इसका विशेष ध्यान रखने के लिए कहा गया है। अभियान के तहत दो वर्ष अधिक उम्र के लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिलाई जा रही है। अभियान के दौरान दो से पांच साल तक के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की एक गोली खिलाई जा रही है। छह से 14 साल तक के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की दो गोली खिलाई जा रही है। 15 साल या इससे ऊपर के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की तीन गोली खिलाई जा रही है। इसके अलावा दो साल से कम उम्र के बच्चे, गंभीर रूप से बीमार और गर्भवती महिलाओं को दवा नहीं खिलाई जा रही है।
क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है फाइलेरिया: प्रभारी जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल ने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है, जो क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। इसका प्रकोप बढ़ जाने के बाद कोई पर्याप्त इलाज संभव नहीं है। लेकिन, इसे शुरुआती दौर में ही पहचान करते हुए रोका जा सकता है। इसके लिए संक्रमित व्यक्ति को फाइलेरिया ग्रसित अंगों को पूरी तरह साफ-सफाई करनी चाहिए। लगातार देखभाल करते रहने से फाइलेरिया के मरीजों को ज्यादा परेशानी नहीं होती है।

मुखिया ने पंचायत को टीबी मुक्त बनाने का लिया संकल्प

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-अंतीचक पंचायत में पर्सपेक्टिव बिल्डिंग ट्रेनिंग का आयोजन
-स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से केएचपीटी ने किया आयोजित

भागलपुर-

कहलगांव की अंतीचक पंचायत के पंचायत भवन में गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से कर्नाटका हेल्थ प्रमोशन ट्रस्ट (केएचपीटी) ने पर्सपेक्टिव बिल्डिंग ट्रेनिंग का आयोजन किया। यह ट्रेनिंग दो दिनों तक चलेगी। इसका उद्घाटन पंचायत की मुखिया ललिता देवी ने किया। इस ट्रेनिंग में 24 जीविका दीदियों की भागीदारी रही। उद्घाटन के बाद मुखिया ललिता देवी ने प्रतिभागियों को संबोधित कर उनका उत्साह बढ़ाया और पंचायत को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लिया। ट्रेनिंग में शीतल कुमार, आशा भारती, पुष्पा कुमारी, काजल कुमारी समेत 8 भीओ के सीएम और सदस्यों ने भाग लिया। सत्र का संचालन और प्रशिक्षण संदीप कुमार और धीरज कुमार मिश्रा के द्वारा किया गया। सत्र की शुरुआत केएचपीटी के परिचय से शुरू की गयी । इसके बाद कहानी के जरिये टीबी से लड़ने के बारे में बताया गया। सभी को टीबी के लक्षण, बचाव और उसके इलाज की जानकारी दी गई। साथ ही इस बीमारी से बचाव को लेकर समाज में क्या किया जा सकता है, इसकी भी जानकारी दी गई। इसके अलावा यह भी बताया गया कि टीबी रोगियों के प्रति संवेदनशील होकर उनकी जरूरत को पूरा करने में मदद करनी चाहिए।
टीबी मुक्त जिला बनाने के लिए जागरूकता जरूरीः केएचपीटी की डिस्ट्रिक्ट टीम लीडर आरती झा ने बताया कि टीबी को समाप्त करने के लिए इलाज के साथ-साथ सामाजिक स्तर पर जागरूकता भी बहुत जरूरी है। लोगों में जितनी तेजी से जागरूकता बढ़ेगी उतनी ही तेजी से टीबी बीमारी समाज से खत्म होगी। जीविका दीदियों की समाज पर अच्छी पकड़ है। अधिकतर घरों में उनका आना-जाना है। इसलिए टीबी के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए जीविका एक बेहतर माध्यम हो सकती है। इसी उद्देश्य से अंतीचक पंचायत में गुरुवार को जीविका दीदियों की ट्रेनिंग आयोजित की गई। उम्मीद है कि इसका व्यापक असर पड़ेगा। लोग टीबी के प्रति जागरूक होंगे।
सरकारी अस्पतालों में टीबी का इलाज मुफ्तः जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. दीनानाथ ने बताया कि केएचपीटी जिले में टीबी उन्मूलन में अच्छा काम कर रहा है। इस तरह के आयोजन से टीबी उन्मूलन में मदद मिलेगी। लोगों में टीबी के प्रति जानकारी बढ़नी बहुत जरूरी है। टीबी का इलाज सरकारी अस्पतालों में बिल्कुल मुफ्त में होता है। यदि किसी व्यक्ति को लगातार दो हफ्ते तक खांसी हो, शाम को पसीना आए, लगातार बुखार रहे, बलगम के साथ खून हो इत्यादि लक्षण महसूस हो तो उसे तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल चले जाना चाहिए। वहां जांच करानी चाहिए। जांच में अगर टीबी की पुष्टि होती है तो तत्काल इलाज शुरू कर देना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में इलाज तो मुफ्त में होता ही है, साथ में दवा भी बिल्कुल मुफ्त दी जाती है। इसके अलावा जब तक इलाज चलता है, तब तक पांच सौ रुपये प्रतिमाह पौष्टिक आहार के लिए भी मरीजों को दी जाती है।