शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में मुखिया और वार्ड सदस्य की भूमिका की दी जानकारी

0

गोमिया प्रखंड सभागार में सक्षम ग्राम पंचायत के तहत एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन
पीरामल फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में प्रखंड विकास पदाधिकारी भी हुए शामिल

बोकारो-

गोमिया प्रखंड सभागार में गुरुवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी की अध्यक्षता में सक्षम ग्राम पंचायत के तहत एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में सक्षम ग्राम पंचायत के तहत चयनित गोमिया प्रखंड की टीकाहारा पंचायत के मुखिया, समिति, अस्पताल प्रभारी, डीपीएम, आईसीडीएस की सीडीपीओ, एलएस, सेविका, पंचायत सचिव, सीआरपी व बीआरपी शामिल हुए।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जमीनी और प्रखंड स्तर पर स्वास्थ्य, शिक्षा एवं पोषण के नीति आयोग के सूचकांकों में सुधार लाना है। कार्यशाला का आयोजन एवं कार्यान्वयन पीरामल फाउंडेशन की टीम द्वारा किया गया। फाउंडेशन के डिस्ट्रिक्ट लीड श्री रोबिन राजहंस जी द्वारा एक पीपीटी के माध्यम से एक-एक चीजों को बारीकी से बताया गया। इसमें उनका मुख्य बिंदु शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, स्वच्छता, मुखिया एवं वार्ड सदस्य के रोल और उनके दायित्व थे। साथ ही साथ डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम लीड अभिषेक राज ने यह बताया कि कैसे सरकार, समाज एवं बाजार एक साथ मिलकर बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने महिला सशक्तीकरण, शिक्षा का महत्व, सरकार की चल रही योजनाओं के बारे में जागरूक करने के बारे में बताया। कार्यशाला में स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर विशेष तौर पर जोर दिया गया। इसमें विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी की कार्यशैली एवं उनके क्या फायदे हैं, इसके बारे में बताया गया। ताकि एक स्वस्थ, स्वच्छ एवं शिक्षित पंचायत के साथ-साथ बच्चों का और वहां के लोगों का सर्वांगीण विकास हो सके।
पीरामल टीम को सहयोग करने का निर्देश: मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि चुनी गई पंचायतों के सभी मुखिया, सेविका एवं अन्य उपस्थित लोग पीरामल की टीम का सहयोग करें और पंचायतों को सक्षम बनाने और नीति आयोग के इंडिकेटर्स को बेहतर करने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने पीरामल टीम से यह भी कहा कि इस तरह की और भी कार्यशाला का आयोजन किया जाए, ताकि नीति आयोग के इंडिकेटर्स के बारे में और भी ज्यादा समझ बनाई जाए। इससे पंचायत के विकास में ज्यादा सहयोग मिलेगा। कार्यशाला में उपस्थित सभी व्यक्ति ने अपनी पंचायत के प्रति सजग एवं जागरूक रहकर और एक-दूसरे के सहयोग के साथ पंचायत को बेहतर बनाने का संकल्प लिया। साथ ही पीरामल फाउंडेशन की टीम से अपेक्षित सहयोग का भी आग्रह किया।

अयोध्या के बाद सीतामढ़ी में सीताजी की विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा

0
-कामेश्वर चौपाल बने अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष
पटना-
रामायण रिसर्च काउंसिल के तत्वावधान में पटना में सिन्हा लाइब्रेरी रोड स्थित बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन में प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें माता सीताजी के प्राकट्य-स्थल सीतामढ़ी में माता सीताजी की 251 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा एवं भव्य मंदिर-निर्माण की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। काउंसिल की ओर सीतामढ़ी में मंदिर के लिए गठित श्रीभगवती सीता तीर्थ क्षेत्र समिति का अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के सदस्य कामेश्वर चौपाल को मनोनीत किया गया। इस अवसर पर सीतामढ़ी के सांसद तथा श्रीभगवती सीता तीर्थ क्षेत्र समिति के अध्यक्ष सुनील कुमार पिंटू ने कहा कि पहली बार ऐसा होगा कि माता सीताजी केवल शब्दों में नहीं, बल्कि सही में श्रीभगवती के रूप में स्थापित होने जा रही हैं। सांसद श्री पिंटू ने कहा कि सीतामढ़ी में इसके लिए 30 एकड़ से अधिक भूमि का एग्रीमेंट का हो चुका है और रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि पहले फेज में 12 एकड़ 43 डिसमिल भूमि निबंधन-कार्य भी पूरा हो चुका है, वहीं शेष भूमि निबंधन के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलकर निबंधन-शुल्क माफ करने का आग्रह किया था, जिस पर मुख्यमंत्री ने हरसंभव मदद का आश्वासन भी दिया है, जिसे शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा।
वहीं, कामेश्वर चौपाल ने कहा कि जैसे अयोध्या में श्रीराम मंदिर को लेकर विश्व में जागृति का भाव आया है, उसी तरह माता सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी में भी इस मंदिर-निर्माण को लेकर हरसंभव प्रचार-प्रसार करने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि वह एक ही मंत्र को जानते हैं- जन-जन के मन में राम रमे, हर प्राण-प्राण में सीता है। उन्होंने कहा कि सीता भूमिजा हैं इसलिए यहां के हर एक इंसान को उन पर गर्व है, सीता सबकी हैं और सभी सीता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि सीता स्वयं महालक्ष्मी हैं और उनके बिना कोई कार्य पूरा हो ही नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पूरे विश्वभर से माताओं और बहनों को इस अभियान से जोड़ने के लिए वह आज ‘सीता सीखा समिति’ के गठन की भी घोषणा कर रहे हैं और आह्वान कर रहे हैं कि जो भी माताएं व बहनें इस अभियान से जुड़ना चाहती हैं, वह आगे आएं।
काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर मिश्र ने कहा कि यह केवल विशाल प्रतिमा नहीं, बल्कि हमारी नारी समाज के आदर्श एवं प्रेरणा का प्रतीक होगा जो सदियों तक महिलाओं को माता सीताजी जीवन से सीखने को प्रोत्साहित करता रहेगा। काउंसिल के अध्यक्ष ने कहा कि हम नलखेड़ा से शीघ्र ही ज्योत निकालेंगे जो भारत के हर राज्य की राजधानी से गुजरकर सीतामढ़ी में भूमि-पूजन के दिन सीतामढ़ी इस दिव्य स्थान तक पहुंचेगी।
ऐसी होगी प्रतिमा एवं मंदिर-परिसर
• माता सीताजी की 251 फीट ऊंची प्रतिमा का निर्माण
• प्रतिमा के चारों ओर वृत्ताकार रूप से 108 ऐसी प्रतिमाओं का निर्माण होगा, जिससे माताजी के जीवन दर्शन का उललेख हो सके। प्रतिमाओं का दर्शन नौका विहार तरीके से विकसित किया जाएगा।
• इसके साथ ही शोध केंद्र, अध्ययन केंद्र, डिजिटल लाइब्रेरी जैसे कई कार्यों को प्रारंभ किया जाएगा।
• इस परिसर में रामायण के सभी प्रमुख पात्रों की प्रतिमाएं दिव्य रूप में स्थापित होगी, वहीं विभिन्न राज्यों में स्थापित प्रमुख देवी-देवताओं के लोकप्रिय प्रतिमाओं को उसी रूप में वहां स्थापित किया जाएगा।
भारत में पर्यटन का होगा विकासः
• सांस्कृतिक दूतावास भवन की स्थापनाः ऐसे देश जहां से अधिक पर्यटक भारत आते हैं, उन देशों के राजदूतों के लिए यह भवन होगा, जहां से वे राजदूत अपने देश के पर्यटकों से यहां आने का आह्वान करेंगे। इससे भारत के पर्यटन का विकास होगा।
इस तरह भगवती के स्थापित होंगी माता सीताजीः
• 51 शक्ति-पीठों, इंडोनेशिया, बाली, अशोक वाटिका से मिट्टी एवं जल लाकर तथा नलखेड़ा (मध्य प्रदेश) में माता बगलामुखी सिद्ध पीठ से ज्योत लाकर माता सीताजी को श्रीभगवती के रूप में स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही भारत के विभिन्न राज्यों के प्रमुख मंदिरों से भी मिट्टी एवं जल लाकर माताजी के गर्भ-गृह को विकसित किया जाएगा।

राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम-निक्षय मित्र योजना के तहत आईटीसी मुंगेर ने 1500 टीबी के मरीजों को लिया गोद 

0
– योजना के तहत आईटीसी जिला के पांच बड़े प्रखंडों में अगले छह महीने तक उपलब्ध कराएगा पोषक आहार
– जिलाभर में निक्षय मित्र योजना के तहत सामुदायिक सहयोग के लिए चिह्नित हैं कुल 2285 टीबी के मरीज
मुंगेर, 21 फरवरी। राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के अंतर्गत निक्षय मित्र योजना के तहत मंगलवार को जिला यक्ष्मा केंद्र परिसर में सिविल सर्जन डॉ. पीएम सहाय की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में आईटीसी मुंगेर ने जिला भर के विभिन्न प्रखंडों में मौजूद 1500 टीबी के मरीजों को गोद लेते हुए अगले छह महीने तक लगातार पोषक आहार उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है ।  इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ.  सहाय के अलावा जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ ध्रुव कुमार शाह, जिला टीबी/ एचआईवी कोऑर्डिनेटर शैलेंदु कुमार, आईटीसी के पदाधिकारी अर्णव देव, गिरिराज सिंह, पटना से आए आईएसई एक्सपर्ट हारून रशीद, संजय चौहान, आईटीसी के पदाधिकारी वाईपी सिन्हा, शुभाजीत बनर्जी, विशाल पांडेय, अजीत कुमार सहित जिला यक्ष्मा केंद्र के कई पदाधिकारी और कर्मचारियों के अलावा प्रिंट इलेक्ट्रोनिक और वेब मीडिया के कई पत्रकार उपस्थित थे ।
कार्यक्रम की  अध्यक्षता करते हुए सिविल सर्जन डॉ. पीएम सहाय ने बताया कि टीबी के उपचार में दवाई के साथ- साथ पोषण संबंधी मदद  की  बहुत ही अधिक आवश्यकता होती है। अक्सर ऐसा देखा गया है कि टीबी मरीजों की  अधिकतर  स्थिति बहुत अच्छी नहीं होती  इस वजह से वो खाने- पीने में पोषक आहार नहीं ले पाते हैं । टीबी मरीजों के शरीर में पोषक तत्वों की  कमी की वजह से उनके शरीर की  रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बहुत ही कम होती है। इसी को ध्यान रहते हुए सरकार टीबी मरीजों के लिए मुफ्त जांच, इलाज और दवाइयों की व्यवस्था के साथ -साथ पोषण आहार के लिए निक्षय पोषण योजना के तहत प्रत्येक महीने 500 रुपए की  सहायता राशि भी दी जाती  है। इसी के अगले प्रयास के तहत 9 सितम्बर 2022 को सरकार ने निक्षय मित्र योजना शुरू किया। इसके तहत एनजीओ, कॉरपोरेट सेक्टर सहित कई अन्य लोग और संस्थाएं टीबी मरीजों को छह महीने से 3 साल तक गोद लेकर उनके लिए पोषक आहार उपलब्ध करा सकते हैं ।
इस योजना के तहत आज आईटीसी मुंगेर ने बड़ी पहल  करते  हुए जिला के 1500 टीबी को एक साथ गोद लेकर अगले छह महीने तक पोषक आहार उपलब्ध कराने का निर्णय लिया जो काफी स्वागत योग्य कदम है। मैं आईटीसी के इस प्रयास का दिल से शुक्रिया अदा करते हुए अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं से आगे आकर इस अभियान में सहयोग करने की अपील करता हूं।  ताकि मुंगेर के सभी टीबी मरीजों को सही जांच, इलाज, दवाइयों के साथ साथ पोषक आहार भी मिल सके ।
इस अवसर पर मौजूद आईटीसी के पदाधिकारियों ने बताया कि कल ही आईटीसी मुंगेर के द्वारा जमालपुर पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के हाथों पांच टीबी मरीजों के बीच पोषक आहार का पैकेट वितरित किया गया है।  आज सिविल सर्जन के हाथों पूरे मुंगेर जिला के 1500 टीबी मरीजों को पोषक आहार का पैकट वितरित किया जा रहा है। इस प्रकार  आईटीसी मुंगेर  जिला भर के वांछित 2285 टीबी मरीजों में से 1505 टीबी मरीजों को गोद लेते हुए अगले छह महीने तक पोषक आहार का पैकेट उपलब्ध कराएगा। आईटीसी मुंगेर जिला के पांच बड़े प्रखंडों, सदर प्रखंड, जमालपुर, बरियारपुर, धरहरा और हवेली खड़गपुर में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से टीबी मरीजों के बीच पोषक आहार के पैकेट  6  माह वितरित कराएगा । इसमें तीन किलो चावल, डेढ़ किलो दाल, आधा किलो सब्जी बनाने के लिए तेल और एक किलो दूध का पैकेट उपलब्ध कराएगा।

फाइलेरिया की गोली खिलाने से पहले आशा दीदी लोगों की शंकाओं को भी कर रही हैं दूर

0
-धोरैया प्रखंड की टीम नंबर 10 की आशा रिंकी देवी और अनिता देवी अभियान को बना रहीं सफल
-जिले में एमडीए अभियान के तहत लोगों को खिलाई जा रही अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली
बांका, 21 फरवरी-
जिले में फाइलेरिया को लेकर 10 फरवरी को शुरू हुआ अभियान काफी सफलतापूर्वक चल रहा है। अभियान में कुछ औऱ दिन बचे हुए हैं। इसके तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिला रही हैं। गोली खिलाने के दौरान लोगों के कुछ सवाल भी होते हैं, जिसका निराकरण आशा कार्यकर्ता कर रही हैं। इससे लोगों का भी भ्रम दूर हो जा रहा  और अभियान भी सफल हो रहा है। वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी आरिफ इकबाल कहते हैं कि दरअसल, अभियान के दौरान दो से पांच साल तक के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की एक गोली खिलाई जा रही है। छह से 14 साल तक के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की दो गोली खिलाई जा रही है। 15 साल या इससे ऊपर के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की तीन गोली खिलाई जा रही है। इसे लेकर लोगों के मन में सवाल रहता है कि अलग-अलग उम्र के लोगों की दवा का डोज अलग-अलग क्यों है। इसे भी आशा कार्यकर्ता समझा रही हैं। धोरैया प्रखंड की टीम नंबर 10 की आशा कार्यकर्ता रिंकी देवी और अनिता देवी अपने क्षेत्र में अच्छा काम कर रही हैं।
सामने ही गोली खिला रहीं आशाः बीसीएम उद्धव कुमार कहते हैं कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को थोड़ा समझाना पड़ता है। कई लोग तो यह भी कहते हैं कि जब सभी लोगों को गोली खिलाई जा रही है तो दो साल से कम उम्र के बच्चे, गंभीर रूप से बीमार और गर्भवती महिलाओं को गोली क्यों नहीं खिलाई जा रही है। साथ ही  भूखे पेट गोली खाने से क्या नुकसान होता है। लोगों के इन सवालों का भी समाधान किया जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि आशा कार्यकर्ता अपने सामने ही गोली खिला रही हैं। हमलोग निरीक्षण के दौरान भी इस बात को देखते हैं।
गोली खिलाने से पहले करती हैं संवादः आशा रिंकी देवी कहती हैं कि दवा खिलाने के दौरान कई सवालों का सामना करना पड़ता है। अगल लोगों के सवालों के समाधान नहीं करती हूं तो दवा खिलाने में दिक्कत होती है। इसलिए पहले लोगों की समस्याओं का समाधान करती हूं। फिर दवा खिलाती हूं। आशा अनिता देवी कहती हैं कि हमलोग पहले संवाद करते हैं। इसके बाद गोली खिलाती हूं। सामने में इसलिए गोली खिलाती हूं, ताकि कोई समस्या नहीं हो। अगर मेरे सामने समस्या आएगी तो उसका उसी समय समाधान कर दिया जाएगा।
क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है फाइलेरिया: जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल ने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है, जो क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। इसका प्रकोप बढ़ जाने के बाद कोई पर्याप्त इलाज संभव नहीं है। लेकिन, इसे शुरुआती दौर में ही पहचान करते हुए रोका जा सकता है। इसके लिए संक्रमित व्यक्ति को फाइलेरिया ग्रसित अंगों को पूरी तरह साफ सफाई करनी चाहिए।

फाइलेरिया को लेकर जिले में अभियान को किया गया तेज

0
-कहलगांव और पीरपैंती प्रखंड में ईंट-भट्ठे  पर काम करने वालों को खिलाई गई गोली
-दो साल से अधिक उम्र के लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की खिलाई जा रही गोली
भागलपुर, 21 फरवरी –
जिले में फाइलेरिया को लेकर 10 फरवरी से एमडीए अभियान शुरू हुआ है। इसके तहत जिले के 31 लाख 40 हजार लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा खिलाए जाने का लक्ष्य है। अभियान में अभी कुछ और दिन बचे हैं। इसलिए लक्ष्य को पूरा करने के लिए स्वास्थ्यकर्मी पूरी मेहनत कर रहे हैं। कोई भी व्यक्ति गोली खाने से छूट नहीं जाए, इसका ध्यान रख रहे हैं। इसी सिलसिले में मंगलवार को कहलगांव और पीरपैंती प्रखंड में ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिलाई गई। केयर इंडिया के डीपीओ मानस नायक ने बताया कि दो साल से अधिक उम्र के सभी योग्य लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिलाई जानी है। इसी सिलसिले में जेल हो या फिर ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले लोगों को जाकर गोली खिलाई जा रही है । स्वास्थ्यकर्मी घर पर जाकर तो गोली खिला रही हैं, लेकिन काम पर बाहर जाते हैं, वे छूट नहीं जाएं इसलिए ऐसी जगहों पर जाकर भी हमलोग गोली खिला रहे हैं।
नवगछिया जेल में भी खिलाई गई गोलीः उधर नवगछिया जेल के कैदियों को भी अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा खिलाई गई। कुल 455 कैदियों को नवगछिया जेल में दवा खिलाई गई। इनमें 455 पुरुष और 19 महिला कैदीं शामिल थीं। इस मौके पर गोपालपुर अस्पताल के प्रभारी डॉ. सुधांशु कुमार, बीएचएम अतीश कुमार राय, केयर इंडिया के डीपीओ मानस नायक, पीसीआई से राजेश मिश्रा और केयर इंडिया के केबीसी सुमंत कुमार सिंह भी मौजूद थे। इससे पहले भागलपुर जेल के भी कैदियों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिलाई गई थी।
दो वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को खिलाई जा रही गोलीः जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. दीनानाथ ने बताया कि जिले में अभी फाइलेरिया को लेकर एमडीए अभियान चल रहा है। इसके तहत दो वर्ष अधिक उम्र के लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिलाई जा रही है। अभियान के दौरान दो से पांच साल तक के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की एक गोली खिलाई जा रही है। छह से 14 साल तक के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की दो गोली खिलाई जा रही है। 15 साल या इससे ऊपर के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की तीन गोली खिलाई जा रही है। इसके अलावा दो साल से कम उम्र के बच्चे, गंभीर रूप से बीमार और गर्भवती महिलाओं को दवा नहीं खिलाई जा रही है। साथ ही दवा भूखे पेट नहीं खिलाई जायेगी। इसके अलावा सामने ही दवा खिलाने का निर्देश स्वास्थकर्मियों को दिया गया है। अभियान के दौरान इन बातों का ध्यान रखा जाना है।
क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है फाइलेरिया: डॉ. दीनानाथ ने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है, जो क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। इसका प्रकोप बढ़ जाने के बाद कोई पर्याप्त इलाज संभव नहीं है। लेकिन, इसे शुरुआती दौर में ही पहचान करते हुए रोका जा सकता है। इसके लिए संक्रमित व्यक्ति को फाइलेरिया ग्रसित अंगों को पूरी तरह साफ सफाई करनी चाहिए।

द ओबेराय नई  दिल्ली  में  आयोजित राष्ट्रीय डिजिटल सीनेट -2023 नई  दिल्ली मे कोटा के युवा डॉ.नयन प्रकाश गाँधी ने किया राजस्थान का प्रतिनिधित्व 

0
हाल  ही  मे भारत की G20 अध्‍यक्षता के महोत्सव में  देश  की  प्रतिष्ठित टेक् ऑब्जर्व के  तत्वाधान मे होटल  दी ओबेराय के  कांफ्रेंस  हाल  में आयोजित राष्ट्रीय डिजिटल सीनेट -2023 मे बकानी झालावाड़ मूल कोटा शिक्षा नगरी के युवा मेनेजमेंट विश्लेषक सलाहकार डॉ. नयन प्रकाश गाँधी ने राजस्थान  राज्य का प्रतिनिधित्व किया.
कार्यक्रम  की समन्वयक शालिनी  ने  बताया कि गाँधी ने राज्य सरकार की विभिन्न महत्वकांक्षी जन कल्याणकारी योजनाओं के संदर्भ  मे  डिजिटल  तकनीकी  नवोन्मेष के पहलुओं को संक्षिप्त में बताया .गाँधी ने  बताया  की  उनके मार्गदर्शक आईएएस डॉ.ओम प्रकाश बैरवा के नेतृत्व में  सीताराम स्वरुप,अशोक  वर्मा,अमित अग्रवाल , एवं अन्य विभागीय टीम आदि के संयुक्त प्रयासों से योजना विभाग द्वारा क्रियान्वित उच्चस्तरीय  डिजिटल  नवोन्मेष के  साथ  पहचान पोर्टल,जनाधार एवं बिजनैस  रजिस्ट्रेशन मे राजस्थान सिरमौर है और आम जन मानस के हितार्थ डिजिटल  ट्रांसफॉरमेंशन मे अग्रणी  राज्यों में आता है. वर्चुअल रूप से डॉ.ओम प्रकाश बैरवा द्वारा योजना  विभाग द्वारा संचालित राजस्थान सरकार की महत्तवपूर्ण योजनाओं की उपलब्धियां  के  बारे  मे बताया .गाँधी ने प्रत्यक्ष  रूप से पेनल स्पीकर के रूप मे विभिन्न गुड़ गवर्नेंस,स्किल डेवलपमेंट,कम्युनिटी क्षमता संवर्धन आदि के क्षेत्र मे भी विस्तार से वक्ता के  रूप  मे सहभागिता की. कार्यक्रम मे पूरे देश भर सेउच्चाधिकारियों,डेवलपमेंट प्रबंधन विश्लेषकों,शिक्षाविदों आदि ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया .गाँधी को कार्यक्रम के अंत मे कार्यक्रम के मुख्य अधिकारी डॉ.राकेश वर्मा ने मोमेंटो शील्ड देकर सम्मान किया

हमसे से जो हुई भूल उसे आप लोग नहीं दुहराएं-स्वास्थ्य कर्मियों के सामने ही फाइलेरिया की दवा जरूर खाएं : चंदन कुमार 

0
: जिला भर के सभी प्रखंडों में विगत 10 फरवरी से चल रहा है सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान
: स्वास्थ्य कर्मियों के सामने ही फाइलेरिया की दवा अल्बेंडाजोल और डीईसी टेबलेट्स का जरूर करें सेवन
मुंगेर, 20 फरवरी-
हमसे से जो हुई भूल उसे आप लोग नहीं दुहराएं, एमडीए राउंड के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों के सामने ही फाइलेरिया की  दवा जरूर खाएं । उक्त बात  सोमवार को मुंगेर के सदर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत नौवागढ़ी बाजार में  मिठाई की  दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण – पोषण करने वाले व विगत 22 वर्षों से हाथीपांव के मरीज 37 वर्षीय चंदन कुमार ने कही। नौवागढ़ी के महादेवपुर गांव निवासी स्वर्गीय देवेश्वर मंडल और    स्वर्गीय बच्ची देवी के पुत्र चंदन कुमार ने नौवागढ़ी हाईस्कूल से ही मैट्रिक तक की  पढ़ाई की है। उनके परिवार में पत्नी सोनी देवी के अलावा 8 वर्षीय पुत्र प्रियांशु कुमार और 6 वर्षीय पुत्री संध्या कुमारी की  शिक्षा- दीक्षा, भरण पोषण सहित सहित अन्य प्रकार की  आवश्यकताओं को पूरा करने की  जिम्मेवारी हाथीपांव से पूरी तरह से प्रभावित चंदन कुमार की है।
उन्होंने बताया कि विगत 22 वर्षों से में हाथी पांव जैसी स्थाई दिव्यंगता का शिकार हूं। इसकी वजह से मेरा पूरा जीवन क्रम अस्त व्यस्त हो गया है, चलने – फिरने सहित नित्य क्रियाकलाप को संपादित करने में भी मुझे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यह एक ऐसी बीमारी है जिसको समय रहते शुरुआती दौर में ही उचित देखभाल और व्यायाम से ठीक किया जा सकता है। इस मामले में बरती गई थोड़ी से लापरवाही ताउम्र भारी भरकम हाथीपांव के साथ जीवन जीने को विवश कर देती है।
जिला भर के सभी प्रखंडों में विगत 10 फरवरी से चल रहा है सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान :
उन्होंने बताया कि यह बहुत ही खुशी कि बात है कि जिला भर के सभी प्रखंडों में विगत 10 फरवरी से ही स्वास्थ्य विभाग के द्वारा सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस दौरान सभी प्रखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता और शहरी क्षेत्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर- घर जाकर लोगों को अपने सामने फाइलेरिया की  दवा के रूप में अल्बेंडाजोल और डीईसी टैबलेट का सेवन करवा रही हैं । उन्होंने बताया कि एमडीए राउंड के दौरान यदि लगातार 7 वर्षों तक फाइलेरिया की  दवा का सेवन कर लिया जाए तो उस व्यक्ति को फाइलेरिया बीमारी होने की  संभावना काफी हद तक खत्म हो जाती है।
आम लोगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि सभी लोग स्वास्थ्य कर्मियों के सामने ही फाइलेरिया की  दवा का सेवन करें अन्यथा दवा लेकर रखने के बाद दवा खाने के लिए भी भूल सकते हैं और इसकी वजह से आप भी मेरी तरह हाथीपांव के साथ जिंदगी जीने को मजबूर हो सकते हैं।
हाथीपांव के मरीज को दिव्यांगत प्रमाण पत्र मिलने से जगी उम्मीद :
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के सामाजिक कल्याण विभाग के द्वारा फाइलेरिया के मरीजों को दिव्यांगजन की  श्रेणी में शामिल करते हुए दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने के निर्णय से उम्मीद की  किरण जगी है कि हमारे जैसे हाथी पांव के कई मरीजों का जीवन कुछ सहूलियत भरा हो सकेगा ।

बांका जिले में अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिलाने के अभियान में आई तेजी

0
–अभी तक जिले के लगभग 13 लाख लोग खा चुके हैं अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली
–जिले में 10 फरवरी से चल रहा अभियान, 24 लाख लोगों को गोली खिलाने का है लक्ष्य
बांका, 20 फरवरी-
जिले में फाइलेरिया को लेकर 10 फरवरी से  एमडीए अभियान शुरू हुआ है। इसके तहत जिले के 24 लाख लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा खिलाए जाने का लक्ष्य है। अभी तक जिले की लगभग 13 लाख की आबादी को अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा खिलाई जा चुकी है। यानी कि आधे से अधिक आबादी को दवा खिला दी गई है। प्रभारी जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल ने कहा कि अभियान अभी कुछ दिन और चलेगा और हमलोग लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। लोगों को दवा खिलाने को लेकर लगातार अभियान चल रहा है। इससे लोगों में जागरूकता बढ़ी है। इस कारण आमलोग भी इसमें सहयोग कर रहे हैं। दवा खिलाने वाले टीम का कार्य भी काफी संतोषप्रद था।
अधिकारी लगातार कर रहे क्षेत्र का दौराः एमडीए अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लगातार दौरा कर रहे हैं। स्वास्थ्यकर्मियों को जरूरी निर्देश दिए जा रहे हैं। सोमवार को वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी आरिफ इकबाल औऱ केयर इंडिया के डीपीओ ओमप्रसाद नायक ने रजौन, धोरैया औ बाराहाट प्रखंड का दौरा किया और  अभियान के बारे में जानकारी ली। दोनों ने अभियान में शामिल स्वास्थ्यकर्मियों से जरूरी जानकारी ली। आरिफ इकबाल कहते हैं कि हमलोग अभियान की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। स्वास्थ्यकर्मियों को सामने ही दवा खिलाने के कहा जा रहा है। दवा सामने खाने से ज्यादा अच्छा रहता है। यदि कोई समस्या भी होगी तो तत्काल उसका समाधान किया जाएगा। धोरैया में प्रखण्ड सामुदायिक उत्प्रेरक उद्धव कुमार भी साथ में थे।
दो वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को खिलाई जा रही गोलीः डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल ने बताया कि जिले में अभी फाइलेरिया को लेकर एमडीए अभियान चल रहा है। इसके तहत दो वर्ष अधिक उम्र के लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिलाई जा रही है। अभियान के दौरान दो से पांच साल तक के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की एक गोली खिलाई जा रही है। छह से 14 साल तक के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की दो गोली खिलाई जा रही है। 15 साल या इससे ऊपर के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की तीन गोली खिलाई जा रही है। इसके अलावा दो साल से कम उम्र के बच्चे, गंभीर रूप से बीमार और गर्भवती महिलाओं को दवा नहीं खिलाई जा रही है। साथ ही दवा भूखे पेट नहीं खिलाई जायेगी। इसके अलावा सामने ही दवा खिलाने का निर्देश स्वास्थकर्मियों को दिया गया है। अभियान के दौरान इन बातों का ध्यान रखा जाना है।
क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है फाइलेरिया: डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल ने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है, जो क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। इसका प्रकोप बढ़ जाने के बाद कोई पर्याप्त इलाज संभव नहीं है। लेकिन, इसे शुरुआती दौर में ही पहचान करते हुए रोका जा सकता है। इसके लिए संक्रमित व्यक्ति को फाइलेरिया ग्रसित अंगों को पूरी तरह साफ सफाई करनी चाहिए।

एनसीसी के छात्रों ने एमडीए अभियान को लेकर निकाली रैली

0
-रैली के जरिये लोगों को डीईसी और अल्बेंडाजोल की गोली खाने की अपील की
-फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर जिले में एमडीए अभियान को किया गया तेज
भागलपुर, 19 फरवरी-
फाइलेरिया को लेकर 14 दिनों तक चलने वाले एमडीए अभियान को तेज कर दिया गया है। अभियान के तहत जिले के सभी लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिलाई जानी है। अभियान 10 फरवरी को शुरू हुआ है। रविवार को पॉलिटेक्निक कॉलेज बरारी में एनसीसी के छात्रों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिलाई गई। इस मौके पर जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. दीनानाथ, वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी रविकांत, केयर इंडिया के डीपीओ मानस नायक समेत स्थानीय स्वास्थ्यकर्मी भी मौजूद थे। दवा खाने के बाद एनसीसी के छात्रों ने रैली निकाली। रैली के जरिये आसपास के मोहल्ले को लोगों से अल्बेंडाजोल औऱ डीईसी की गोली खाने की अपील की गई। साथ ही इससे क्या फायदा होता है, इसकी भी जानकारी दी गई। केयर इंडिया के डीपीओ मानस नायक ने बताया कि कोई भी व्यक्ति अभियान के दौरान छूट नहीं जाए, इसका ख्याल रखा जा रहा है। इसके तहत रविवार को पॉलिटेक्निक कॉलेज में एनसीसी के छात्रों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिलाई गई। एनसीसी के छात्र वहां पर परीक्षा देने आए थे। इसी दौरान वहां पर उन्हें दोनों दवा खिलाई गई। साथ ही पास के मोहल्ले को लोगों को जागरूक भी किया गया।
दो वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को खिलाई जा रही गोलीः डॉ. दीनानाथ ने बताया कि जिले में अभी फाइलेरिया को लेकर एमडीए अभियान चल रहा है। इसके तहत दो वर्ष अधिक उम्र के लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिलाई जा रही है। जिले में 31 लाख 40 हजार लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान दो से पांच साल तक के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की एक गोली खिलाई जा रही है। छह से 14 साल तक के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की दो गोली खिलाई जा रही है। 15 साल या इससे ऊपर के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की तीन गोली खिलाई जा रही है। इसके अलावा दो साल से कम उम्र के बच्चे, गंभीर रूप से बीमार और गर्भवती महिलाओं को दवा नहीं खिलाई जा रही है। साथ ही दवा भूखे पेट नहीं खिलाई जायेगी। इसके अलावा सामने ही दवा खिलाने का निर्देश स्वास्थकर्मियों को दिया गया है। अभियान के दौरान इन बातों का ध्यान रखा जाना है।
क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है फाइलेरिया: डॉ. दीनानाथ ने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है, जो क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। इसका प्रकोप बढ़ जाने के बाद कोई पर्याप्त इलाज संभव नहीं है। लेकिन, इसे शुरुआती दौर में ही पहचान करते हुए रोका जा सकता है। इसके लिए संक्रमित व्यक्ति को फाइलेरिया ग्रसित अंगों को पूरी तरह साफ सफाई करनी चाहिए।

शिक्षाशास्त्री डॉ. राजेश कुमार बिहार गोल्ड स्टार-2023 से सम्मानित किए गए

0
 पटना.
स्थानीय खेमनीचक स्थित नयाचक में अवस्थित आदर्श इंटरनेशनल स्कूल और आदर्श गर्ल्स स्कूल के द्वारा संयुक्त रूप से मैट्रिक की परीक्षा में सेंट-अप होने वाले छात्र-छात्राओं के विदाई समारोह का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन मुख्य अतिथि के तौर पर पधारे हुए विभूति समाज सेवी अजय यादव, गायिका रेखा झा, वरिष्ठ पत्रकार एवं कला व सांस्कृतिक पुरुष विश्वमोहन चौधरी संत, नाट्य निर्देशक व अभिनेता मानव कुमार व शिक्षाविद डॉ. राजेश कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर के किया. इससे पहले स्कूल की प्राचार्य मीना कुमारी व स्कूल के निदेशक मनोज कुमार ने सभी अतिथियों को माला पहनाकर व पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया.
इस कार्यक्रम के दौरान बिहार के सामाजिक वैज्ञानिक, शिक्षाविद व समाजशास्त्री डॉ. राजेश कुमार को समाज सेवी अजय यादव व नाट्य निर्देशक मानव कुमार के हाथों अंग-वस्त्रम, स्मृति-पत्र, प्रमाण-पत्र व ट्रॉफी प्रदान कर बिहार गोल्ड स्टार एवार्ड से सम्मानित किया गया. यह सम्मान शिक्षा क्षेत्र में अतुल्नीय व असाधारण कार्य करने एवं योगदान देने के लिए डॉ. साहब को दिया गया. ज्ञात हो कि डॉ. साहब सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में अक्सर शोध कार्य करते रहते हैं और वर्त्तमान में नक्सलवाद विषय पर इनकी पुस्तक प्रकाशित होने वाली है. इसके साथ ही ग्रामीण विकास पर भी डॉ. साहब पुस्तक लेखन का कार्य कर रहे हैं. कॉलेज के दिनों से ही डॉ. राजेश कुमार की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में सामाजिक विज्ञान विषयों पर लेख-आलेख प्रकाशित होती रहती हैं.  ज्ञात हो कि इस एवार्ड का आयोजन 21 जनवरी को ही किया गया था लेकिन डॉ. साहब उस वक़्त पटना में नहीं बल्कि मुंबई में थे इसलिए वो उस दिन यह एवार्ड नहीं ले सके थे इसलिए उनको यह एवार्ड आज एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया.
मैट्रिक के छात्रों के इस विदाई समारोह में छोटे व बड़े छात्र-छात्राओं ने संगीत, नृत्य एवं नाटक से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम कर लोगों का  मनोरंजन किया जिसमें फिल्मी नृत्य, लोक नृत्य, गजल व भजन प्रस्तुत किया गया तथा इसके साथ जादू का कार्यक्रम शिक्षक रंजीत कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नाटक दिखा कर लोगों का दिल जीतने का काम छात्र-छात्राओं ने किया. नाटक में भाग लेने वाले कलाकार खुशी, वैष्णवी, भावना, आकांक्षा, अस्मिता, तृप्ति, आरोही, स्मृति, शशि आदि थे. अतिथियों के द्वारा छात्र-छात्राओं को मेडल और ट्रॉफी देकर के विदाई समारोह को संपन्न किया गया. सांस्कृतिक कार्यक्रम में जिन कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति की उसमें आकांक्षा, सद्भावना, खुशी, सोलंकी, रिया, श्रेया, अनन्या, स्नेहा, गायत्री, शिवानी, अमीषा, तमन्ना, अर्पिता, बादल, आदित्य, अंकित, सत्यम, आक्रांत, संस्कार, प्रिंस, स्वान, पीयूसी, संधि और यश प्रभु थे. घुँघरू टूट गए बोल पर शैली, कोमल, आस्था, दिव्या, रिधिमा, सृष्टि, आयुषी आदि छात्रों ने नृत्य शैली का परिचय दिया. मैंने पायल है खनकाई गाने पर उज्ज्वला, प्राची, अनुराधा, खुशी, सिमरन, नंदिनी ने नृत्य किया. इसके साथ ही रश्मि, तान्या, अर्पणा, माशूका, शिवांगी, अंजलि, पूजा, साक्षी, मुस्कान, नेहा, कुमकुम, सोनम, प्रतिज्ञा, अनुष्का आदि ने भाग लिया. समारोह के अंत में धन्यवाद ज्ञापन रिया कुमारी ने किया. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार, कला व सांस्कृतिक पुरुष एवं आदर्श स्कूल परिवार के अध्यक्ष विश्वमोहन चौधरी संत ने किया.