कोविड समेत स्वास्थ्य की विभिन्न विभिन्न गतिविधियों को लेकर बैठक आयोजित

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– अरियारी प्रखंड के चोरदरगाह पंचायत में मुखिया की अध्यक्षता में बैठक हुई
– स्वास्थ्य विभाग और पिरामल स्वास्थ्य के संयुक्त तत्वावधान में बैठक हुई

शेखपुरा, 09 जून। गुरुवार को अरियारी प्रखंड के चोदरगाह पंचायत में स्वास्थ्य विभाग एवं पिरामल स्वास्थ्य के संयुक्त तत्वावधान में पंचायत के जनप्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की गई। जिसमें पंचायत मुखिया, वार्ड सदस्य समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता पंचायत के मुखिया ने की। बैठक के दौरान जल-जीवन हरियाली, कोविड वैक्सीनेशन, पेयजल, स्वास्थ्य, स्तनपान, छः माह की उम्र पार कर चुके बच्चों को स्तनपान के साथ ऊपरी आहार देने समेत सरकार द्वारा पंचायत स्तर पर चलाई जा रही तमाम योजनाओं से संबंधित विभिन्न बिदुओं चर्चा की गई। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक त्रिलोकीनाथ पांडे, पिरामल स्वास्थ्य के सौरव सिन्हा, सेराज हसन समेत बड़ी संख्या में पंचायत के जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

– शत-प्रतिशत लोगों का कोविड वैक्सीनेशन सुनिश्चित कराने पर दिया गया बल :
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक त्रिलोकीनाथ पांडे ने बताया, बैठक के दौरान जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लाभार्थियों का कोविड वैक्सीनेशन सुनिश्चित कराने समेत तमाम बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। जिसके दौरान मौजूद जनप्रतिनिधियों से अपील की गई कि सभी लोग एकजुट होकर अपने-अपने स्तर से वैक्सीनेशन कराने को लेकर लोगों को जागरूक करें और उन्हें प्रेरित कर नजदीकी वैक्सीनेशन सेंटर पर वैक्सीनेट कराने में आवश्यक और जरूरी सहयोग भी करें। तभी शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित होगा और सामुदायिक स्तर पर लोग इस घातक महामारी से सुरक्षित होगा। साथ ही वैकसीन से वंचित (छूटे) लाभार्थियों की पहचान करने समेत अन्य आवश्यक बिंदुओं पर भी चर्चा की गई।

– स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी तमाम स्वास्थ्य सुविधाओं की दी गई जानकारी :
पिरामल स्वास्थ्य के सौरव सिन्हा एवं सेराज हसन ने बताया, बैठक के दौरान मौजूद सभी जनप्रतिनिधियों को स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी तमाम स्वास्थ्य सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ सरकारी द्वारा जनहित में चलाई जा रही स्वास्थ्य से संबंधित तमाम योजनाओं की भी जानकारी दी गई और सामुदायिक स्तर पर लोगों तक पहुँचाने का अपील की गई । ताकि सरकार द्वारा चलाई जा रही तमाम सुविधाओं की सामुदायिक स्तर पर लोगों को जानकारी मिल सके और जरूरतमंद लोग सुविधाजनक तरीके से स्वास्थ्य सुविधा का लाभ ले सकें । इसके अलावा ऑगनबाड़ी, स्कूल समेत अन्य सरकारी संस्थानों के संबंध में भी विस्तृत चर्चा की गई और आवश्यक विचार-विमर्श भी किया गया।

14 जून को मेगा रक्तदान शिविर,तैयारी को लेकर सिविल सर्जन ने की बैठक 

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– विभन्न संगठनों के प्रतिनिधि हुए शामिल, शिविर की सफलता को लेकर बनाई गई रणनीति
-सदर अस्पताल में विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर होगा शिविर, 300 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य
भागलपुर, 09 जून-
14 जून को विश्व रक्त दान दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर पर सदर अस्पताल भागलपुर में मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन होगा। शिविर के सफल संचालन के लिए चल रही तैयारियाँ को लेकर गुरुवार को सिविल सर्जन डाॅ उमेश कुमार शर्मा ने सदर अस्पताल परिसर में विभागीय पदाधिकारियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों एवं सदस्यों के साथ बैठक की। जिसमें हर हाल में शिविर का सफल संचालन सुनिश्चित करने और निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई तथा आवश्यक रणनीति बनायी गई ।  बैठक में स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए। मौजूद सभी लोगों ने अधिकाधिक लोगों को शिविर में शामिल करने और हर हाल में शिविर का सफल संचालन सुनिश्चित करने का  स कारात्मक आश्वासन दिए। शिविर में 300 यूनिट तक रक्त संग्रह करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसे सुनिश्चित करने को लेकर चल रही तैयारियाँ को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वहीं, सिविल सर्जन ने पूरे जिलेवासियों से शिविर में शामिल होने की  अपील की  है। बैठक में एसीएमओ डाॅ. अंजना, जिला स्वास्थ्य समिति के डाॅ. प्रशांत, डीपीएम (हेल्थ) फैजान आलम अशर्फी आदि मौजूद थे।
शिविर के दौरान रहेगी विशेष व्यवस्थाः सिविल सर्जन ने कहा,  14 को रक्तदान शिविर के दिन विशेष व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। , इसे सुनिश्चित करने को लेकर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक को आवश्यक निर्देश भी दिया जा चुका है। शिविर के दौरान हमेशा चार डॉक्टर और चार एएनएम तैनात रहेंगी। इसके अलावा रक्तदान करने वाले व्यक्ति के लिए नाश्ते में स्नेक्स की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। साथ ही सिक्योरिटी गार्ड, पार्किंग, पीने का पानी और शौचालय की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी । ताकि रक्तदान करने के लिए आने वाले व्यक्ति को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। रक्तदान शिविर में रजिस्ट्रेशन काउंटर से लेकर रक्तदान करने के लिए बेड की व्यवस्था बेहतर तरीके से करने के लिए कहा गया है।
स्वस्थ व्यक्ति कर सकते हैं रक्तदान, कोई नुकसान नहीं होगाः सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा ने कहा कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। इससे उन्हें किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होगा। रक्तदान शिविर के दौरान चार डॉक्टर तैनात रहेंगे, जो रक्तदान करने के लिए आने वाले व्यक्ति की जांच करेंगे। जांच में पूरी तरह से फिट रहेंगे, तभी उनसे  रक्तदान करवाया जाएगा। इसलिए मन में किसी तरह का कोई संकोच नहीं रखें। 14 जून को सदर अस्पताल आ जाएं। अगर आप रक्तदान करने के योग्य होंगे, तभी आपसे रक्तदान करवाया जाएगा। इच्छुक व्यक्ति उससे पहले आकर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इससे उन्हें सहूलियत होगी।

कालाजार उन्मूलन को लेकर चल रहा है घर-घर छिड़काव अभियान 

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– लखीसराय के रामपुर और रजौना चौकी गाँव में चल रहा है अभियान
– बालू मक्खी के काटने से होता है कालाजार, इसलिए रहें सावधान
लखीसराय, 09 जून-
कालाजार उन्मूलन को लेकर सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग काफी गंभीर है और इसे सुनिश्चित करने को लेकर तरह-तरह के गतिविधियाँ का आयोजन किया जा रहा । ताकि उक्त बीमारी की  रोकथाम संभव हो और लोग सुरक्षित महसूस कर सकें । इसी कड़ी में बुधवार से सुरजगढ़ा  पीएचसी अंतर्गत कालाजार प्रभावित गाँव रामपुर और लखीसराय पीएचसी अंतर्गत रजौन चौकी में घर-घर सघन छिड़काव अभियान  शुरू किया गया है , जिसका समापन 02 जुलाई को होगा।  अभियान के माध्यम से छिड़काव को  गठित स्वास्थ्य टीम घर-घर जाकर छिड़काव कर रही   और कालाजार से बचाव के लोगों को बरती जाने वाली सावधानियाँ की जानकारी देकर जागरूक कर रही है । वहीं, इस कार्य के सफल संचालन को  एक सुपरवाइजर समेत पाँच सदस्यीय दो टीम गठित की गई है ।
– कालाजार से बचाव के लिए एसपी पाउडर का छिड़काव ही सबसे बेहतर उपाय :
जिला सिविल सर्जन डॉ .देवेन्द्र चौधरी  ने बताया, कालाजार से बचाव के लिए लगातार कालाजार प्रभावित गाँव और क्षेत्रों में एसपी पाउडर से छिड़काव कराया जा रहा है। इस बीमारी से बचाव के लिए छिड़काव तो सबसे बेहतर उपाय है ही, पर इसके अलावा लोगों को सावधान और सतर्क रहने की भी जरूरत है। इसलिए, मैं तमाम लोगों से अपील करता हूँ कि इस बीमारी से बचाव के लिए खुद भी सतर्क और सावधान रहें और लक्षण महसूस होने के साथ तुरंत जाँच कराएं। यही आपके लिए सबसे बेहतर और कारगर उपाय है। वहीं, उन्होंने बताया, छिड़काव के दौरान भी लोगों को सतर्क रहने एवं साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखने समेत अन्य जानकारियाँ दी जा रही है।
– बालू मक्खी के काटने से होता है कालाजार :
 जिला वेक्टर बोर्न डिजिज सलाहकार नरेंद्र कुमार ने बताया, कालाजार बालू मक्खी के काटने से फैलती  है। एसपी पाउडर का छिड़काव से ही बालू मक्खी के प्रभाव को पूर्णत: खत्म किया जा सकता है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा  छिड़काव कराया जा रहा है। जिससे बालू मक्खी को समाप्त किया जा सके। वहीं, उन्होंने बताया, कालाजार का लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पतालों में जाँच कराएं और चिकित्सकों की  सलाह के अनुसार इलाज कराएं। सरकारी अस्पतालों में जाँच एवं इलाज की मुफ्त समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। साथ ही इन बीमारियों से बचने के जमीन  पर नहीं सोएं । मच्छरदानी का नियमित रूप से उपयोग करें। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें ।
– कालाजार के लक्षण :
– वजन में लगातार कमी होना।
– लगातार बुखार रहना
– प्लीहा  एवं लिवर   का बड़ा हो जाना
– कमजोरी होना
– खून की कमी होना
– छिड़काव के दौरान इन बातों का रखें ख्याल :
– छिड़काव के पूर्व घर की अन्दरूनी दीवार की छेद/दरार बंद कर दें।
– घर के सभी कमरों, रसोई घर, पूजा घर, एवं गोहाल के अन्दरूनी दीवारों पर छः फीट तक छिड़काव अवश्य कराएं छिड़काव के दो घंटे बाद घर में प्रवेश करें।
– छिड़काव के पूर्व भोजन समाग्री, बर्तन, कपड़े आदि को घर से बाहर रख दें।
– ढाई से तीन माह तक दीवारों पर लिपाई-पोताई ना करें, जिसमें कीटनाशक (एस पी) का असर बना रहे।
– अपने क्षेत्र में कीटनाशक (एस पी) छिड़काव की तिथि की जानकारी आशा दीदी से प्राप्त करें।

स्वास्थ्य संस्थानों में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व हुई जाँच

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– प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत शिविर का आयोजन कर की गई जाँच
– सामान्य और सुरक्षित प्रसव को लेकर दी गई आवश्यक जानकारियाँ
खगड़िया, 09 जून-
गुरुवार को जिले के सभी पीएचसी, सीएचसी, रेफरल एवं अनुमंडलीय व जिला अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की  प्रसव पूर्व (एएनसी) जाँच की गई। यह जाँच स्वास्थ्य संस्थानों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत शिविर आयोजित कर की जांच गई। जिसमें बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं ने अपने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता के सहयोग से अपने-अपने नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में सुरक्षित और सामान्य प्रसव के लिए एएनसी जाँच करवाई। इस दौरान जिले के सभी स्वास्थ्य स्थानों में गर्भवती की जाँच की गई और जाँच के पश्चात चिकित्सकों द्वारा आवश्यकतानुसार चिकित्सा परामर्श दिया गया। जिसमें रहन-सहन, साफ-सफाई, खान-पान, गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियाँ,  समेत अन्य चिकित्सा परामर्श विस्तार पूर्वक दिया गया। वहीं, परबत्ता सीएचसी में आयोजित शिविर का सफल संचालन में सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ राजीव रंजन, केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार, बीसीएम सह बीएचएम दीपक कुमार, हेड क्लर्क कृष्णा कुमार, क्लर्क विभाष कुमार, पिरामल स्वास्थ्य के डीपीएल प्रफूल्ल झा आदि मुस्तैद दिखे।
– गर्भवती महिलाओं की हुई समुचित जाँच :
सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा ने बताया, आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं शामिल हुईं और सुरक्षित व सामान्य प्रसव को बढ़ावा देने के लिए जाँच करवाई। शिविर में जाँच कर रहे मेडिकल टीम द्वारा गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबिन, यूरिन, एचआईवी, ब्लड ग्रुप, बीपी, हार्ट-बिट आदि की भी जाँच की गई। एएनसी जांच के लिए शिविर में मौजूद महिलाओं को प्रसव अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की शारीरिक परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकों से जाँच कराने की सलाह दी गई।
– सुरक्षित और सामान्य प्रसव के लिए प्रसव पूर्व जाँच जरूरी :
परवत्ता सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ राजीव रंजन ने बताया, प्रसव अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत जाँच करानी चाहिए। दरअसल, समय पर जाँच कराने से किसी भी प्रकार की परेशानी का शुरुआती दौर में ही पता चल जाता है और शुरूआती दौर में पता लगने पर ही उसे आसानी से दूर किया जा सकता है। इसके लिए सरकार द्वारा प्रत्येक माह की नौ तारीख को पीएचसी स्तर पर एएनसी जाँच की व्यवस्था की गई है। ताकि प्रसव के दौरान गर्भवती महिलाओं को किसी प्रकार की अनावश्यक शारीरिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े और सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा मिल सके। इसलिए, सुरक्षित और सामान्य प्रसव को बढ़ावा देने के लिए गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जाँच कराना जरूरी है।
– शिशु-मृत्यु दर में कमी लाने की है बेहतर व्यवस्था :
सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जाँच के लिए की गई यह व्यवस्था शिशु-मृत्यु दर में कमी लाने की बेहतर व्यवस्था है। सरकार की यह व्यवस्था मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने की दिशा में अच्छी पहल है। इससे ना सिर्फ सुरक्षित प्रसव होगा, बल्कि शिशु-मृत्यु दर पर भी विराम लगेगा। इसके साथ ही जच्चा-बच्चा दोनों को अनावश्यक परेशानियाँ का सामना नहीं करना पड़ेगा।
– संस्थागत प्रसव को लेकर किया गया जागरूक :
परबत्ता सीएचसी के बीसीएम सह बीएचएम दीपक कुमार ने बताया, एएनसी जाँच के दौरान महिलाओं को संस्थागत प्रसव को लेकर जागरूक किया गया। जिसके दौरान सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई। ताकि महिलाओं में सुरक्षा के दृष्टिकोण से संस्थागत प्रसव को लेकर किसी प्रकार की हिचकिचाहट नहीं रहे और सभी महिलाएं संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता दें।

कालाजार से बचाव के लिए मुंगेर सदर प्रखंड और बरियारपुर प्रखण्ड में 13 जून से शुरू होगा एस. पी. छड़काव का पहला चरण 

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– सदर प्रखंड में 13 से 18 जून और बरियारपुर प्रखण्ड में 13 जून से 15 जुलाई तक चलेगा एस.पी. छड़काव का प्रथम चक्र
– इसको ले जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी ने सदर प्रखंड और बरियारपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को जारी की चिठ्ठी
मुंगेर, 9 जून। कालाजार से बचाव के लिए आगामी 13 जून से जिला के सदर प्रखंड और बरियारपुर प्रखण्ड में एस. पी. छड़काव का पहला चरण शुरू हो रहा है। इसको ले जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ.अरविंद कुमार सिंह ने सदर प्रखंड और बरियारपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को चिठ्ठी जारी की है।
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी सह अपर निदेशक के निर्देशानुसार दिनांक 13 जून से जिला के दो प्रखंडों  सदर प्रखंड और बरियारपुर प्रखण्ड में एसपी का छिड़काव कराया जाना है। इसके लिए माइक्रो एक्शन प्लान बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि माइक्रो प्लान के अनुसार सदर प्रखंड में एक सब सेंटर और एक गांव के कुल  375 घरों में रहने वाले 1875 लोगों को कालाजार से बचाने के लिए एसपी का छिड़काव कराने का निर्णय लिया गया है। यहां 2021 में कोई केस नहीं मिला था लेकिन मई 2022 तक 1 केस मिला है। यहां 13 से 18 जून के दौरान कुल 6 दिनों में एक स्प्रे स्कवार्ड द्वारा छिड़काव किया जाएगा। इसी तरह बरियारपुर प्रखण्ड के 2 सब सेंटर और तीन गांव के कुल 2065 घरों में रहने वाले कुल 10355 लोगों को कालाजार से बचाने के लिए एसपी का छिड़काव कराने का निर्णय लिया गया है। यहां वर्ष 2021 में कालाजार के 4 मरीज मिले थे वहीं मई 2022 तक कोई मरीज नहीं मिला है। यहां 13 जून से 15  जुलाई तक कुल 32 दिनों के दौरान 1 स्प्रे स्क्वार्ड के द्वारा छिड़काव किया जायेगा। उन्होंने बताया कि सदर प्रखंड के लिए 18 केजी और बरियारपुर प्रखण्ड के लिए 100 केजी एस.पी. का आवंटन किया गया है।
वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी संजय कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि एसपी छिड़काव के दौरान निम्नलिखित शर्तो का पालन किया जाना है।
– छिड़काव कार्य के लिए अग्रिम कार्य योजना की एक प्रति स्थानीय प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को दिया जाए ।
– छिड़काव कार्य संबंधित क्षेत्र के पंचायती राज के सदस्यों की  देख-रेख में करायी  जाय।
– छिड़काव कार्य में आशा कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उन्हें छिड़काव से दो दिन पूर्व ग्रामवासियों को छिड़काव की सूचना देने के साथ ही पूर्ण छिड़काव कराने के लिए छिड़काव दल के साथ भ्रमण करना है।
– नेशनल वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम, भारत सरकार के निर्देशानुसार इस चक्र के छिड़काव में 6 फ़ीट के छिड़काव के स्थान पर घरों, कमरा, गोशाला, रसोई घर के पूरे दि वाल पर छिड़काव किया जाना है। इस दौरान छत एवं सीलिंग पर छिड़काव नहीं किया जाना है। इसके साथ ही प्रखण्ड स्तर पर प्रति सप्ताह टास्क फोर्स कि बैठक एवं प्रतिदिन संध्याकालीन ब्रीफिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की  जाएगी ।

सुरक्षित और सामान्य प्रसव के लिए एएनसी जांच जरूरीः डॉ. चौधरी

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-अमरपुर रेफरल अस्पताल  में 460 गर्भवती महिलाओं की हुई एएनसी जांच
-प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत महिलाओं की जांच की गई
बांका, 9 जून-
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गुरुवार को अमरपुर रेफरल अस्पताल में 460 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच हुई। जांच के बाद सभी गर्भवती महिलाओं को आवश्यक निर्देश दिए गए। जिनमें प्रसव को लेकर जटिलता देखी गई, उनका नाम सूची में दर्ज कर लिया गया, ताकि उसकी निगरानी की जा सके। खासकर जिन गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन कम था या फिर जिन्हें बीपी की शिकायत थी। जांच के दौरान रहन-सहन, साफ-सफाई, खान-पान, गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों समेत अन्य आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श भी दिया गया, ताकि सुरक्षित और सामान्य प्रसव को बढ़ावा मिल सके। साथ ही सभी लोगों को सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने की सलाह दी गई।
अस्पताल प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि सुरक्षित और सामान्य प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच जरूरी है। एएनसी जांच का मकसद मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। हर महीने की नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की जांच होती है। इसे लेकर मॉनिटरिंग भी की जाती है। अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच हो सके, इसे लेकर पहले से तैयारी की जाती है। दरअसल, गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व चार जांच होती है। पहली जांच गर्भधारण से लेकर 12वें सप्ताह तक, दूसरी जांच गर्भधारण के 14वें से लेकर 26वें सप्ताह तक, तीसरी जांच गर्भधारण के 28वें से 34वें सप्ताह तक और आखिरी जांच गर्भधारण के 36वें सप्ताह से लेकर प्रसव होने के पहले तक कराई जाती है।
अस्पतालों में एएनसी जांच की मुफ्त व्यवस्थाः डॉ. चौधरी ने बताया कि एएनसी जांच से न सिर्फ सुरक्षित और सामान्य प्रसव को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मातृ-शिशु मृत्यु दर पर विराम सुनिश्चित होगा। प्रसव अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत जांच करानी चाहिए। समय पर जांच कराने से किसी भी प्रकार की परेशानी का शुरुआती दौर में ही पता चल जाने से उसे आसानी से दूर किया जा सकता है। इसके लिए सरकार द्वारा प्रत्येक माह की नौ तारीख को पीएचसी स्तर पर मुफ्त एएनसी जांच की व्यवस्था की गई है, ताकि प्रसव के दौरान गर्भवती महिलाओं को किसी प्रकार की अनावश्यक शारीरिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
कई तरह की हुई जांचः एएनसी जांच के दौरान गर्भवती महिलाओं का वजन, बीपी, एचआईवी, ब्लड शुगर, एफएचएस व अन्य तरह की जांच की गई। जांच के बाद महिलाओं को उचित खानपान का परामर्श दिया गया। साथ ही गर्भवती महिलाओं को हरी पत्तेदार साग- सब्जी, फल, दूध,अंडा मांस-मछली, चुकंदर, केला, मौसमी फल खाने की सलाह दी गई। जांच के दौरान महिलाओं को परिवार नियोजन के प्रति भी जागरूक किया गया। सभी लोगों को दो बच्चे के बीच तीन साल का अंतराल रखने के लिए कहा गया। साथ ही दो बच्चे के बाद बंध्याकरण की भी सलाह दी गई।

युवा उद्यमी परविंदर कुमार एसपीटी डॉट कॉम के मुख्य जूरी सदस्य

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– यूए क्रियेटिव लाइन प्लस कंपनी के सीईओ है परविंदर कुमार।

नईदिल्ली-

नईदिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के सभागार में एसपीटीडॉट कॉम ने ट्रांसफोर्मिंग इंडिया थ्रू कॉपरेटिव विषय पर कॉन्कलेव का आयोजन किया। इस आयोजन में अपने अपने क्षेत्र में विशिष्ट कार्य् करने वाले को सम्मानित किया गया। इसी कड़ी में युवा उद्यमी परविंदर कुमार ने मैनेजमेंट गुरु उत्पल्ल मित्रा को सम्मानित किया।

युवा उद्यमी परविंदर कुमार ने उत्पल्ल मित्रा के विगत तीस वर्षों में किए गए कार्यों की भी चर्चा की। जिसकी खास चर्चा कॉन्कलेव में किया गया। एसपीटी डॉट कॉम के सीईओ संजयपति तिवारी ने जहां उत्पल्ल मित्रा के कार्यों की चर्चा की वहीं परविंदर कुमार को बधाई देते हुए कहा कि आपके द्वारा यूए क्रियेटिव लाइन प्लस कंपनी की शुरुआत की गई है जिसके कार्यों की चर्चा देशभर में हुई है।

यूए क्रियेटिव लाइन प्लस कंपनी की चर्चा जहां देश में है वहीं आपके द्वारा डिजिटल मार्केटिंग व ब्राइंडिंग को बढ़ाने में किए गए प्रयोग की भी सराहना किया गया है। आपने आर्ट डिजाइन की देश सहित विदेशों में भी चर्चा की जाती है। वैश्विक स्तर पर आपकी कंपनी तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी कारण से एसपीटी डॉट कॉम ने आपको जूरी टीम का अहम सदस्य के तौर पर आपका नाम तय किया है

गौरतलब है कि परविंदर कुमार जिन्होंने स्वरोजगार को चुनाव एवं अपनी कंपनी यूए क्रियेटिव लाइन प्लस कंपनी की शुरुआत की। जिनकी सलाह से कंपनियों को काफी फायदा हो रहा है। आपके द्वारा दिए गए सेवा से कंपनियों को भी काफी लोकप्रियता हासिल हुई है।

परविंदर कुमार ने कहा कि एसपीटी डॉट कॉम ने उन्हें की स्पीकर के रूप में मुख्य भूमिका रखा यह बड़ा सम्मान है इस तरह के सम्मान मिलने से कार्यों में उत्साह है वहीं जिम्मेवारी भी बढ़ जाती है। परविंदर कुमार ने कहा कि उनके द्वारा शुरु की गई कंपनी को लोगों ने सराहा है वहीं कंपनी से जनता को काफी फायदा हुआ है। इसी कारण से ही मुख्य जूरी में रखा गया है। इस खास जिम्मेदारी देने के लिए एसपीटी ड़ॉट कॉम को बहुत बहुत धन्यवाद। इस खास मौके पर देशी उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए आम जनता का आह्रवान किया है। स्टार्ट अप व स्वदेशी उत्पाद के अहमियत को समझने की जरूरत पर बल दिया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि एसपीटी ने इंडिया ट्रांसफोर्मिग थ्रू कॉपरेटिव पर कॉन्कलेव का आयोजन किया था जिसमें देश भर के विभिन्न सेक्टर के लोगों ने भाग लिया।

कोविड वैक्सीनेशन • जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी शिविर आयोजित कर दी जा रही है वैक्सीन 

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– चौथी लहर आए या नहीं, पर सुरक्षा के मद्देनजर जरूर कराएं वैक्सीनेशन
– सभी योग्य लाभार्थियों को सुविधाजनक तरीके से दी जा रही है वैक्सीन
खगड़िया, 08 जून-
जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लाभार्थियों का कोविड वैक्सीनेशन सुनिश्चित कराने को लेकर स्थानीय स्वास्थ्य विभाग काफी गंभीर है।  इसे सुनिश्चित करने को लेकर वैक्सीनेशन अभियान को गति देने के लिए लगातार जरूरी निर्णय भी लिए जा रहे हैं। ताकि जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लाभार्थियों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके और सामुदायिक स्तर पर लोग इस घातक महामारी से खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें । जिसे सार्थक रूप देने के लिए प्रखंड से लेकर जिला स्तर के स्वास्थ्य संस्थानों में तो नियमित तौर पर लगातार वैक्सीनेशन अभियान चल ही रहा है और शिविर आयोजित कर योग्य लाभार्थियों को टीकाकृत किया जा रहा है। इसके अलावा जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर शिविर आयोजित कर लोगों को टीकाकृत किया जा रहा है। साथ ही लाभार्थियों के सुविधानुसार अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी आवश्यकतानुसार शिविर आयोजित कर टीकाकृत किया जा रहा है।
– चौथी लहर आए या नहीं, पर सुरक्षा के मद्देनजर जरूर कराएं वैक्सीनेशन :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, कोविड वैक्सीनेशन के लाभार्थियों को वैक्सीन लेने में किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो, इसके मद्देनजर जिले में लगातार वैक्सीनेशन शिविर आयोजित कर योग्य लाभार्थियों का वैक्सीनेशन किया जा रहा है। इसलिए, मैं तमाम जिले वासियों से अपील करता हूँ कि चौथी लहर आए या नहीं, पर सुरक्षा के मद्देनजर सभी लोग जरूर वैक्सीनेशन कराएं और इस घातक महामारी के प्रभाव से दूर रहें। वहीं, उन्होंने बताया, सभी शिविर स्थलों पर सभी लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन दी जा रही है।
– कोविड वैक्सीनेशन से छूटे लाभार्थियों को चिह्नित  कर कराया जाएगा टीकाकृत :
कोविड वैक्सीनेशन से छूटे  एक-एक लाभार्थियों को घर-घर दस्तक वैक्सीनेशन अभियान के तहत चिह्नित  किया जाएगा। साथ ही ऐसे लोगों वैक्सीनेशन कराने के लिए प्रेरित भी किया जाएगा और नजदीकी वैक्सीनेशन सेंटर पर टीकाकृत कराना भी सुनिश्चित किया जाएगा। इस कार्य की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ता समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को दी गई।
– वैक्सीनेशन के बाद भी सतर्कता  और सावधानी भी जरूरी :
कोविड जैसी  घातक महामारी से सुरक्षित रहने के लिए वैक्सीन तो सबसे बेहतर और कारगर उपाय है ही। इसके अलावा इस महामारी के प्रभाव से दूर रहने के लिए सतर्कता और सावधानी भी बेहद जरूरी है। इसलिए, सभी लोग वैक्सीनेशन जरूर कराएं और बचाव के लिए कोविड गाइडलाइन का पालन भी जारी रखें। हम इसी की बदौलत तीन लहरों को मात देने में सफल हुए हैं। जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित कराने को लेकर जिले में लगातार वैक्सीनेशन अभियान जारी है।
– कोविड गाइडलाइन का पालन कई संक्रामक बीमारी से रहेंगे दूर :
कोविड गाइडलाइन का पालन, जैसे – मास्क का उपयोग, शारीरिक दूरी का पालन, नियमित तौर पर हाथों की सफाई समेत जारी अन्य गाइडलाइन का पालन से लोग ना सिर्फ कोविड संक्रमण से सुरक्षित रहेंगे बल्कि, कई तरह की संक्रामक बीमारी के प्रभाव से भी दूर रहेंगे। इसलिए, सामुदायिक स्तर पर सभी लोगों को गाइडलाइन का पालन करना चाहिए।

जिलाभर में एंटी मलेरिया माह के रूप में मनाया जा रहा है जून का महीना 

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– प्रत्येक वर्ष 1 से 30 जून तक मलेरिया रोगियों की खोज एवं इसके प्रसार को रोकने के उद्देश्य से मनाया जाता है एंटी मलेरिया माह
– इस वर्ष ” हार्नेस इनोवेशन टू द मलेरिया डिजीज बर्डन एंड सेव लाइव्स ” की थीम पर मनाया जा रहा है एंटी मलेरिया माह
मुंगेर, 8 जून-
जिला भर में जून का महीना एंटी मलेरिया माह के रूप में मनाया जा रहा है। मालूम हो कि प्रत्येक वर्ष 1 से 30 जून तक मलेरिया रोगियों की खोज एवं इसके प्रसार को रोकने के उद्देश्य से एंटी मलेरिया माह मनाया जाता है।
डिस्ट्रिक्ट वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल ऑफिसर डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्य बिहार के अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी के निर्देशानुसार प्रत्येक वर्ष कि भांति इस वर्ष भी 1 से 30 जून तक पूरे जून महीना को एंटी मलेरिया माह के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इस वर्ष का थीम ” हार्नेस इनोवेशन टू द मलेरिया डिजीज बर्डन एंड लाइव्स ” है । एंटी मलेरिया माह के सफल आयोजन को ले जिला भर के सभी पीएचसी और सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को चिट्ठी जारी कर दी गई है।
वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी संजय कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि एंटी मलेरिया माह के दौरान विशेष रूप से जनजातीय आबादी , घुमन्तु आबादी, बॉर्डर एरिया, अत्यधिक मलेरिया प्रभावित क्षेत्र, गर्भवती महिला और बच्चों को मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक करना है। मलेरिया से बचाव के लिए प्राइवेट प्रैक्टिशनर्स को सम्मिलित किया जाएगा ताकि समय पर मलेरिया रोगियों की खोज, जांच एवम उपचार हो सके । इसके अलावा इस माह के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों खासकर आशा कार्यकर्ता, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को एंटी मलेरिया माह के बारे में जानकारी दिया जाना है।
उन्होंने बताया कि इस माह के दौरान विशेष रूप से बुखार से पीड़ित व्यक्ति का खोज कर जांच एवं उपचार का काम किया जाएगा। इसके साथ ही मेडिकल टीम गठित कर मलेरिया रोगियों की सक्रिय खोज (एक्टिव सर्च) और पॉजिटिव रोगियों का उपचार किया जाएगा।
जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार पंकज कुमार प्रणव ने बताया कि एंटी मलेरिया माह के दौरान विभिन्न विद्यालयों में बच्चों और शिक्षकों को मलेरिया रोग के लक्षण, उससे बचाव एवम उपचार और सावधानियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। अभी  लगभग सभी विद्यालयों में गर्मी की छुट्टी  चल रही है इसलिए छुट्टियों  के बाद विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से करने एवं घरों में डीडीटी का छिड़काव करवाने के बारे में भी मलेरिया प्रभावित स्वास्थ्य उपकेंद्र एवं ग्राम स्तर पर आशा, एएनएम और आंगनबाडी कार्यकर्ता और पंचायती राज प्रतिनिधि के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही स्वास्थ्य उपकेंद्र स्तर पर आयोजित वीएचएसएनडी सत्र पर गोष्ठी एवं ग्राम स्तर पर मलेरिया के बारे में चर्चा के साथ ही लोगों को स्वच्छता एवम साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के लिए जागरूक करते हुए अपने घरों के आसपास जलजमाव को भी रोकने के लिए भी प्रेरित करना है।

पल्स पोलियो अभियान • जिले में 19 जून से बच्चों को पिलाई जाएगी दो बूँद की खुराक 

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– अभियान के दौरान कोविड वैक्सीनेशन से छूटे लाभार्थियों का भी किया जाएगा सर्वे
– राज्य स्वास्थ्य समिति के राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने पत्र जारी कर दिए निर्देश
लखीसराय, 08 जून।
जिले में 19 जून से पाँच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ होगा। जिसके दौरान कोविड वैक्सीनेशन से वंचित (छूटे) लाभार्थियों का भी सर्वे किया जाएगा। जिसके  सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभी से ही आवश्यक और जरूरी तैयारियाँ शुरू कर दी है। ताकि हर हाल में निर्धारित समय पर अभियान का शुभारंभ हो सके और जिले के शत-प्रतिशत बच्चों को दो बूँद की खुराक पिलाई जा सके तथा कोविड वैक्सीनेशन से छूटे लाभार्थियों को चिह्नित  किया जा सके। इस अभियान में मुख्य रूप से  आंगनबाड़ी सेविका, आशा कार्यकर्ता समेत स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अन्य कर्मियों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। अभियान के दौरान इस बात का ख्याल रखा जाएगा कि एक भी बच्चा पोलियो की दो बूँद दवा पीने से छूटे नहीं। इसके लिए लोगों को ड्यूटी में शामिल कर्मियों द्वारा जागरूक भी किया जाएगा और पोलियो दवा के  महत्व की जानकारी भी दी जाएगी। इसे सुनिश्चित करने को लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ नरेंद्र कुमार सिन्हा ने पत्र जारी कर राज्य के सभी सिविल सर्जन और जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
– हर दिन शाम में पीएचसी स्तर पर होगी ब्रीफिंग :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया, अभियान की सफलता को लेकर हर दिन शाम में जिले के सभी पीएचसी में ब्रीफिंग होगी। जिसमें पीएचसी प्रभारी, मैनेजर, सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिका (एल एस) समेत अन्य पदाधिकारी व कर्मी शामिल होंगे और दिनभर के कार्यों की समीक्षा करेंगे। साथ ही हर दिन कितने बच्चों को दवा पिलाई गई, कोविड वैक्सीनेशन से वंचित कितने लाभार्थियों को चिह्नित  किया गया समेत पूरे दिन के कार्यों की जानकारी ली जाएगी। जिसे देर शाम जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराऐंगे। यह अभियान जिले के सभी प्रखंडों में चलाया जाएगा। वहीं, उन्होंने बताया, कोविड वैक्सीनेशन से छूटे लाभार्थियों को ना सिर्फ चिह्नित  किया जाएगा बल्कि, उन्हें वैक्सीनेशन कराने के लिए प्रेरित कर नजदीकी वैक्सीनेशन सेंटर पर टीकाकृत भी कराया जाएगा। ताकि जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लाभार्थियों का टीकाकरण सुनिश्चित और सामुदायिक स्तर पर लोग सुरक्षित हो सकें ।
– शून्य से 05 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को पिलाई जाएगी दवा :
अभियान के दौरान 0 से 05 आयु वर्ग के सभी बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। यह दवा संबंधित क्षेत्र की  आंगनबाड़ी सेविका एवं आशा कार्यकर्ता द्वारा अपने पोषक क्षेत्र में घर-घर जाकर पिलाई जाएगी। साथ ही दवा पिलाने के बाद बच्चों का नाम, बच्चे के माता-पिता का नाम, गृह संख्या आदि विभाग द्वारा दी गई फारमेट में भरेंगे। साथ ही बाहर गये बच्चों की  भी पूरी जानकारी लेकर फारमेट में भरेंगे और देर शाम दिन भर के कार्यों की रिपोर्ट स्थानीय पीएचसी में जमा करेंगे।
– चौक-चौराहे से लेकर स्टेशन पर भी दवा पिलाने के लिए कर्मी रहेंगे तैनात :-
पल्स पोलियो अभियान के तहत एक भी बच्चा नहीं  छूटे, इसके लिए विभाग द्वारा व्यापक तैयारियाँ की गई। दरअसल, एक भी बच्चा छूटने पर वायरस फैलने की  प्रबल संभावना रहती  है। इसको लेकर जिले के चौक-चौराहे, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन आदि जगहों पर दवा पिलाने के लिए कर्मियों की तैनाती की  गई है । जो बाहर से आने-जाने वाले यानी सफर कर रहे बच्चे को दवा पिलाएंगे । ताकि सफर पर निकले बच्चे भी दवा पीने से वंचित नहीं  रहे।