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मैथिली के लिए विज्ञान प्रसार ने किया सीएम साइंस कॉलेज से करार
मैथिली में जन-जन तक पहुचाएंगे विज्ञान की बात : डॉ नकुल पराशर
नई दिल्ली-
आम लोगों तक उनकी भाषा में विज्ञान की बातें पहुंचाने के लिए संकल्पित विज्ञान प्रसार ने मैथिली भाषी में तेज गति से व्यापक काम करने के लिए दरभंगा के प्रसिद्ध सीएम साइंस कॉलेज के साथ समझौता किया है। विज्ञान प्रसार के स्कोप के तहत राजधानी के टेक्नोलॉजी भवन में मैथिली कोर कमिटी की बैठक हुई। इस बैठक के बाद विज्ञान प्रसार के निदेशक डॉ नकुल पराशर और सीएम साइंस कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ दिलीप चौधरी ने एमओयू पर हस्ताक्षर किया। इस समझौता के बाद मैथिली में निरंतर प्रकाशित हो रही पत्रिका विज्ञान रत्नाकर के साथ ही पुस्तक प्रकाशन, ऑडियो-वीडियो निर्माण, मिथिला के हर स्कूल तक मैथिली में विज्ञान के प्रचार प्रसार को तेज किया जाएगा।
समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद विज्ञान प्रसार के निदेशक डॉ नकुल पराशर ने कहा कि स्कोप के तहत हम तमाम भारतीय भाषाओं में काम कर रहे हैं। ंबीते डेढ साल से मैथिली में कुछ काम हो रहे हैं। आज कोर कमिटी की सहमति से सीएम साइंस कॉलेज के साथ समझौता किया गया है। हमने अगले एक वित्तीय वर्ष के लिए रोडमैप तैयार किया है। हमारी पूरी कोशिश है कि हर मैथिली भाषी तक विज्ञान की बात उनके ही शब्दों में पहुंचाएंगे। इसके लिए हमारे पास समर्पित टीम है।
सीएम साइंस कॉलेज दरभंगा के प्रिंसिपल डॉ दिलीप चौधरी ने कहा कि हमारे लिए यह गौरव की बात है कि केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की स्वायत्त संस्था विज्ञान प्रसार ने हमें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिया है। यह हमारे कॉलेज के साथ ही मिथिला के लिए गौरव की बात है। हम विज्ञान प्रसार के साथ मिलकर विज्ञान के क्षेत्र में बेहतर काम करेंगे।
इससे पूर्व देश के जाने माने वैज्ञानिक डॉ प्रभात रंजन की अध्यक्षता में मैथिली कोर कमिटी की बैठक हुए। अपने कई अनुभव को साझा करते हुए डॉ प्रभात रंजन ने मैथिली में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए आगे के लिए निर्देशित किया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विज्ञान प्रसार गांव-गांव तक विज्ञान की पहुंच बनाने में बेहतर कार्य कर रहा है, इसलिए मैथिली कोर कमिटी के सदस्यों को पूरी तन्मयता के साथ काम करना होगा। वहीं, विज्ञान प्रसार के वैज्ञानिक डॉ कपिल त्रिपाठी ने इसके प्रचार प्रसार में विपनेट की भूमिका को रेखांकित किया।
कोर कमिटी की बैठक में दिल्ली विश्वद्यिलय के प्रो इन्द्रकांत सिंह, प्रो रूबी मिश्रा, रांची विश्वविद्यालय के डॉ आनंद कुमार ठाकुर, विज्ञान प्रसार के मानवर्धन कंठ, आलोक कुमार, डॉ प्रकाश झा, सुभाष चंद्र, संजीव सिन्हा, रौशन झा, सीएम सांइस कॉलेज के डॉ सुजीत कुमार चौधरी, डॉ सत्येंद्र कुमार झा उपस्थित रहे। सभी ने विज्ञान प्रसार में आगामी एक साल को लेकर मैथिली में क्या सब काम किया जा सकता है, इसको लेकर विचार-विमर्श किया।
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सीपीजे कॉलेज में 12 जून को होगा वार्षिक दीक्षांत समारोह-2022 का आयोजन
सीपीजे कॉलेज ऑफ हायर स्टडीज एंड स्कूल ऑफ लॉ नरेला, (गुरुगोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली से संबद्ध) रविवार, 12 जून, 2022 को वार्षिक दीक्षांत समारोह का आयोजन करेगा। सीपीजे कॉलेज के महासचिव डॉ अभिषेक जैन और महानिदेशक श्री युगांक चतुर्वेदी ने एक संयुक्त बयान जारी किया और कहा – यह वास्तव में सभी के लिए सम्मान का क्षण होगा, खासकर उन उत्तीर्ण छात्रों के लिए जिन्हें माननीय अतिथियों द्वारा उनकी कड़ी मेहनत से अर्जित बीबीए(जनरल)/ बीबीए(कैम)/ बीसीए/ बीकॉम(ऑनर) और बी.ए.एलएलबी/ बीबीएएलएलबी की स्नातक डिग्री से सम्मानित किया जाएगा। विश्वविद्यालय के स्वर्ण पदक विजेता विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा।
प्रो. (डॉ.) महेश वर्मा, कुलपति, गुरुगोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय और प्रो. (डॉ.)अमिता देव, कुलपति, इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय इस अवसर पर क्रमशः मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि होंगे।