16 को डेंगू दिवस पर जिलेभर में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे
बारिश के बाद तेज धूप स्वास्थ्य के लिए है हानिकारक
– इस दौरान वेक्टर जनित बीमारियों से बचने के अपनाएं उपाय
मुंगेर, 12 मई-
बारिश के बाद निकलने वाली तेज धूप स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। खासकर वैसे स्थानों पर जहां बारिश की वजह से जल जमाव हो जाता है। ऐसे में लोगों के घरों के नजदीक का जलजमाव एवं तेज घूप कई प्रकार की बीमारियों को फैलने में मददगार साबित हो सकता है। इससे बचने की आवश्यकता है। बच्चों को जलजमाव वाले स्थानों पर जाने से रोकें, खासकर तेज धूप के दौरान अपने घरों के आसपास जलजमाव से बचने के लिए जल निकासी का समुचित प्रबंधन करें। कुछ जगहों पर बारिश से हुए जलजमाव कुछ अधिक दिनों तक रह जाता है। इन जगहों के आसपास जाने से बचें। बीमारी फैलने की संभावनाओं से बचने के लिए एहतियात बरतने की आवश्यकता है। थोड़ी सी लापरवाही लोगों को बीमार कर सकती है।
वेक्टर जनित बीमारियों से बचने के लिए अपनायें उपाय :
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि वर्षा के बाद हुए जलजमाव से लोग ऐसी बीमारियों का शिकार हो सकते हैं जिनका कारण मच्छरों का काटना होता है। जलजमाव मच्छरों के पनपने का मुख्य कारण है। जिससे रोग फैलाने वाले कई मच्छरों को पनपने का मौका मिलता है। यही नहीं बरसात के बाद निकली तेज धूप अन्य सामान्य बीमारियों का कारण बन सकती है। जैसे- सर्दी, जुकाम आदि। ऐसे में जरूरी एहतियात अवश्य बरतें। भीगने से बचें, तेज धूप में घरों से बाहर न निकलें। यदि आवश्यक हो तो तेज धूप से बचने के उपायों को अपनायें। खासकर बच्चे इसका शिकार आसानी से हो जाते हैं। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम रहने के कारण वे आसानी से सामान्य बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। बरसात के बाद निकली तेज धूप से उमस पैदा होती है। उमस भी कई रोगों का कारण हो सकता है। इससे बचने के लिए घरों को हवादार रखें।
नष्ट करें मच्छरों के पनपने वाले स्थान: –
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी ने बताया कि वेक्टर जनित रोगों से बचने के लिए आवश्यक उपाय अवश्य अपनायें। मच्छरों का प्रकोप प्रायः सुबह एवं शाम में होता है। ऐसे में इस समय पूरे शरीर को ढकने वाले कपडे़ पहनें। सोने के लिए मच्छरदानी का उपयोग करें। मच्छर पनपने वाले स्थानों को नष्ट करें। घरों के कोनों में जहां मच्छर छिपे रह सकते हैं उन स्थानों पर मच्छरनाशक दवाओं का छिड़काव करें। घरों के आसपास गंदगी न फैलायें। पालतु जानवरों के रहने वाले स्थानों की नियमित रूप से साफ-सफाई करें। ऐसा करके न केवल आप बल्कि आपके पालतु जानवर भी बीमारियों से बचे रह सकते हैं।
फाइलेरिया उन्मूलन • जिले में नाइट ब्लड सर्वे कार्यक्रम शुरू, सामुदायिक स्तर पर लोगों का लिया जा रहा है सैंपल
– चयनित जगहों पर शिविर आयोजित कर की जा रही है सैम्पलिंग
– 18 मई तक चलेगा कार्यक्रम, सफलता को लेकर बैठक कर तैयार किया गया एक्शन प्लान
लखीसराय, 12 मई-
फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर जिले में तय तिथि के अनुसार बुधवार की देर रात से नाइट ब्लड सर्वे कार्यक्रम (रात्रि रक्तपट्ट संग्रह) का शुभारंभ हो गया। जिसका समापन 18 मई को होगा। इस दौरान चयनित जगहों पर शिविर आयोजित कर गठित मेडिकल टीम द्वारा सैंपल ली जाएगी। इसके अलावा संबंधित क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता द्वारा घर-घर जाकर लोगों को सैम्पलिंग कराने के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है। ताकि संबंधित मरीजों की समुचित जाँच सुनिश्चित हो सके और शुरुआती दौर में ही बीमारी की सही जानकारी मिल सके। इससे ना सिर्फ मरीजों का समसय इलाज शुरू होगा बल्कि, फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को भी गति मिलेगी। इसी उद्देश्य के साथ जिले में नाइट ब्लड सर्वे कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। वहीं, कार्यक्रम की सफलता को लेकर गठित मेडिकल टीम ने पूरी ताकत झोंक दी है। हर हाल में शत-प्रतिशत लोगों का सैम्पलिंग सुनिश्चित कराने को लेकर व्यापक तैयारी की गई है। वहीं, इस दौरान सर्वे कर रही मेडिकल टीम द्वारा सामुदायिक स्तर पर लोगों को इस कार्यक्रम के उद्देश्य समेत फाइलेरिया से बचाव, इसके कारण, लक्षण और उपचार की भी जानकारी दी जा रही है।
– कार्यक्रम की सफलता को लेकर बैठक कर बनाया गया एक्शन प्लान :
कार्यक्रम की सफलता को लेकर स्थानीय स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सजग और संकल्पित है। जिसको लेकर गुरुवार को फाइलेरिया प्रभावित एरिया में आने वाले सदर पीएचसी लखीसराय, पिपरिया और रामगढ़ पीएचसी में समन्वय समिति की एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अलावा आईसीडीएस, जीविका, केयर इंडिया समेत अन्य सहयोगी संगठन के पदाधिकारी और कर्मी शामिल हुए। बैठक में हर हाल में कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने को जरूरी बिचार-विमर्श किया गया। जिसके बाद कार्यक्रम को गति को तेज रफ्तार देने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया गया। बैठक में केयर इंडिया के डीटीएल नावेदउर रहमान, डीपीओ कृष्ण कुमार भारती, वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी गौतम प्रसाद आदि मौजूद थे।
– फाइलेरिया से बचाव के लिए शुरुआती दौर में ही बीमारी की जानकारी जरूरी, इसलिए जरूर कराएं जाँच :
वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी गौतम प्रसाद ने बताया, फाइलेरिया से बचाव के लिए शुरुआती दौर में ही बीमारी की सही जानकारी होना जरूरी है। किन्तु, यह तभी संभव है, जब शुरुआती यानी लक्षण दिखते जाँच कराया जाएगा। इसलिए, मैं तमाम आमजनों से अपील करता हूँ कि निश्चित रूप से जाँच कराएं और फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के प्रभाव से दूर रहें। वहीं, उन्होंने बताया, रात के 08 बजे से 12 बजे के बीच इस बीमारी जाँच करने के लिए सबसे उपयुक्त समय है। दरअसल, इस दौरान कीटाणु सक्रिय होता है। जिसके कारण आसानी के साथ शुरुआती दौर में बीमारी की सही जाँच संभव है। इसी उद्देश्य से नाइट ब्लड सर्वे कार्यक्रम का निर्णय लिया गया।
– कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य कर्मियों का मिल रहा सकारात्मक सहयोग :
नाइट ब्लड सर्वे कार्यक्रम का लीड कर रहे केयर इंडिया के डीपीओ कृष्ण कुमार भारती ने बताया, कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों का भी सकारात्मक सहयोग मिल रहा है। कार्यक्रम के पहले दिन सभी सहयोग से ब्लड सैम्पलिंग का कार्य अच्छा रहा और निर्धारित समय के अनुसार 08 बजे से ही कार्यक्रम शुरू हुआ और आधी रात 12 बजे तक चला। वहीं, उन्होंने बताया, इस दौरान आशा कार्यकर्ता समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा अपने-अपने स्तर से भी लोगों को सैम्पलिंग के लिए जागरूक किया जा रहा है।
बच्चों को टीकाकरण को लेकर किया गया जागरूक
-अमरपुर प्रखंड के स्कूलों में चलाया गया टीकाकरण अभियान
-पिरामल के सहयोग से आयोजित किया गया टीकाकरण शिविर
बांका, 12 मई।
कोरोना टीकाकरण को गति देने के लिए अमरपुर प्रखंड के स्कूलों में शिविर लगाकर बच्चों को जागरूक कर टीका लगाया गया। स्कूलों में 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को टीका के फायदे के बारे में बताया गया। उन्हें यह जानकारी दी गई कि कोरोना से बचाव में टीका लेना कितना जरूरी है। स्कूलों में शिविर लगाने का काम पिरामल की ओर से किया गया, जबकि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों ने भी सहयोग किया। इस दौरान लोगों को कोरोना से बचाव के बारे में भी जानकारी दी गई।
पिरामल के डीपीएल मासूम रेजा ने बताया कि कोरोना टीकाकरण को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी सिलसिले में अमरपुर प्रखंड की सुल्तानपुर पंचायत के स्कूलों में शिविर लगाकर बच्चों को कोरोना का टीका लगाया गया। जिन बच्चों की उम्र 12 साल से अधिक थी, उन्हें टीका दिया गया। साथ ही उन्हें कोरोना से बचाव की जानकारी दी गई। मास्क लगाते रहने और कोरोना की गाइडलाइन का पालन करते रहने के लिए कहा गया। कोरोना की तीसरी लहर समाप्त हो जाने के बाद सभी कुछ सामान्य हो गया है। बाजारों से लेकर स्कूल-कॉलेज तक खुल गए हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर बच्चों को, इसलिए इस तरह का आयोजन किया जा रहा है।
प्रीकॉशन डोज के लिए भी किया गया जागरूकः मासूम रेजा ने बताया कि पंचायत की मुखिया नवसबा खातून और शिक्षिका बी इमराना के सहयोग से बच्चों के अलावा अन्य लोगों को भी प्रीकॉशन डोज लेने के लिए जागरूक किया गया। कई सारे ऐसे लोग हैं जिन्होंने कोरोना टीका की एक या दो डोज ले ली है और अन्य डोज नहीं ली है। वैसे लोगों को समझाया कि जल्द ही कोरोना टीका की प्रीकॉशन डोज ले लें। टीके की सभी तरह की डोज लेने के बाद ही कोरोना से पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। इसलिए देरी नहीं करें, जिनका भी समय पूरा हो गया है वह जल्द से जल्द प्रीकॉशनरी डोज ले लें।
अस्पताल से लेकर स्कूलों तक में हो रहा टीकाकरणः अमरपुर रेफरल अस्पताल के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि अस्पताल की तरफ से लोगों का लगातार टीकाकरण किया जा रहा है। इसके अलावा सहयोगी संस्था भी टीकाकरण शिविर आयोजित करा रही है तो यह अच्छी बात है। उन्हें भी पूरा सहयोग किया जा रहा है। हमलोगों का प्रयास है कि जल्द से जल्द सभी लोगों का टीकाकरण हो जाए। उस दिशा में यह प्रयास सराहनीय है। इससे लोगों को भी सुविधा मिल रही है। अस्पताल से लेकर स्कूलों तक में कोरोना का टीका लगाया जा रहा है। इसलिए बचे हुए लोगों को कोरोना का टीका लेने में देरी नहीं करनी चाहिए