घर-घर जाकर मलेरिया के मरीजों की पहचान कर रहीं आशा कार्यकर्ता
25 से भागलपुर जिले में सिंथेटिक पायराथायराइड का होगा छिड़काव
*गोविंद माहेश्वरी आज असंख्य युवाओ के लिए प्रेरणास्रोत है -देवेश गाँधी*
*एलन ग्रुप निदेशक गोविंद माहेश्वरी का बकानी में स्वागत अभिनन्दन*
हाल ही में बकानी की धरा में पधारे पहली बार एलन ग्रुप के निदेशक डॉ गोविंद माहेश्वरी का भव्य स्वागत किया गया । देवेश गाँधी ने बताया कि होली के इस पावन पर्व पर अन्तराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त आध्यात्मिक एवं शिक्षा क्षेत्र की हाड़ौती क्षेत्र की एकमात्र छवि डॉ.गोविंद माहेश्वरी का बकानी पूर्व सरपंच मदनलाल गाँधी ,आर्थिक सांख्यिकी योजना भवन जयपुर परियोजना अधिकारी डॉ. नयन प्रकाश गाँधी ,बकानी मेड़तवाल नवयुवक संघ से अध्यक्ष संजय जुलानिया ,अरविंद गाँधी ,सत्यनारायण गाँधी ,पिंटू गाँधी ,धर्मेंद्र घाटिया ,राहुल गाँधी सभी की उपस्थिति में माल्यार्पण ,श्री फल ,शाल द्वारा अभिनन्दन किया गया एवं अमूल्य भेंट वार्ता हुई । गोविंद माहेश्वरी ने बताया कि मेड़तवाल एवं माहेश्वरी घटक का एक बरसो पुराना इतिहास है और गाँधी एक ऐसा गोत्र है जो माहेश्वरी एवं मेड़तवाल समाज एवं अन्य कई वैश्य घटकों के अंतर्गत भी आता है । पूर्व सरपंच मदनलाल गाँधी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि आज बकानी की धरा को गोविंद जी ने और मङ्गलमय बना दिया है । आगे देवेश गाँधी,अरविंद गाँधी
ने गाँधी परिवार एवं बकानी गांव से निकले एलन के कई पूर्व एवं वर्तमान छात्रों की जानकारी देते हुए बताया की बकानी ही नही सम्पूर्ण झालावाड़ से एलन कोचिंग संस्थान से निकले हुए पूर्व छात्र कई उच्च पदों पर आसीन है ,वाकई में संस्कार से सफलता तक एलन की टैगलाइन आज चरितार्थ होती हुई दिखाई दे रही है ,एलन ग्रुप से जुड़कर हर पेरेंट्स ,बच्चे स्वयं को गौरवान्वित महसूस करते है।
भुगतान के लिए लाभुकों को चक्कर नहीं काटना पड़ेगा, सीधे खाते में जाएगी राशि
*‘ग्रामीण विकास ट्रस्ट’ को ‘इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स’ द्वारा उत्कृष्ट कार्य हेतु किया सम्मानित*
होलिका दहन- की पूजा विधि
प्रथम पूर्व या उत्तर की ओर मुख कर अपने गोत्र का एवं अपना नाम तथा पत्नी बच्चों का नाम लेकर बोले मेरे एवं मेरे परिवार की सुण्डा नाम राक्षसी द्वार की हुई पीड़ा सर्वदा के लिए समाप्त हो अतैव मैं होलिका का यथाशक्ति पूजन कर रहा हूं।
ऊं होलिकायै नमः बोलकर ध्यान करें फिर गंगाजल, रोली, चावल पुष्प, धूप दीप नेवेद्म (भोग) फल, पान सुपाड़ी, द्रव्य होली को अर्पण करें। सुविधा के लिए पीले या लाल वस्त्र में उपर्युक्त सामग्री मौली से बांध कर होली में डालें, फिर कपूर से आरती करे तथा प्रार्थना करें कि हे होली माता मेरे एवं मेरे परिवार तथा मेरे देश में निरंतर सुख समृद्धि की वृद्धि हो एवं ईर्ष्या द्वेष, असत्य काम क्रोध लोभ मोह सदा दूर हों एवं नवीन वर्ष पूर्व मंगलमय हो। होवें सुखी सब लोग हे प्रभु अरु निरामय हो सभी कल्याण को देखें सभी कोई न पावे दुख कमी।
गर्भवती एवं गर्भस्थ शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए भी आयोडीन जरूरी
– उचित आयोडीन से बच्चों का मजबूत होगा शारीरिक और मानसिक विकास
– आयोडीन की कमी से गर्भस्थ शिशु के शारीरिक व मानसिक विकास में हो सकती है परेशानी
खगड़िया, 17 मार्च।
गर्भधारण के साथ ही हर महिला में सुरक्षित प्रसव व स्वस्थ्य बच्चे का जन्म का पहली चाहत होती है। किन्तु, इसके लिए हर गर्भवती महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की जरूरत है। तभी सुरक्षित प्रसव और स्वस्थ्य बच्चे का जन्म होगा। अन्यथा थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का सबब बन सकती है। इसके लिए शरीर में उचित आयोडीन की मात्रा हो इसको लेकर सजग रहने की जरूरत है। दरअसल, आयोडीन की कमी से गर्भस्थ शिशु का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है। इसलिए, स्वस्थ बच्चे का जन्म के लिए शरीर में पर्याप्त आयोडीन होना जरूरी है।
– गर्भस्थ शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए आयोडीन जरूरी :
खगड़िया सदर पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राजीव कुमार ने बताया कि गर्भस्थ शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए गर्भवती के शरीर में उचित मात्रा में आयोडीन होना जरूरी है। दरअसल, आयोडीन की कमी के कारण कम वजन वाला शिशु जन्म लेता है। इतना ही नहीं ऐसे में मृत शिशु का भी जन्म हो सकता है। इसलिए, गर्भावस्था के दौरान हर गर्भवती को आयोडीन को लेकर सजग रहना चाहिए। इसके लिए चिकित्सकों से सलाह लेनी चाहिए।
– आयोडीनयुक्त नमक का करें उपयोग :
आयोडीन , मिट्टी एवं पानी में पाई जाने वाला सूक्ष्म तत्व है। आयोडीन की कमी की समस्याओं को दूर करने के लिए आयोडीन युक्त नमक का सेवन करना चाहिए। यह हर आयु वर्ग के लोगों के लिए जरूरी है। क्योंकि, आयोडीन का शरीर में उचित मात्रा होना हर किसी के लिए जरूरी है। हालाँकि, अल्पमात्रा में ही आयोडीन हमारे शरीर के लिए जरूरी है।
– आयोडीन की कमी का महसूस होते ही चिकित्सकों से कराएं जाँच :
शरीर में आयोडीन की कमी का महसूस होते ही तुरंत चिकित्सकों से जाँच कराना चाहिए और चिकित्सा परामर्श के अनुसार ही आगे की प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। इसका शुरुआती लक्षण है शुष्क त्वचा, बालों का झड़ना, बोली में भारीपन समेत शरीर में अन्य परेशानी महसूस होना। इसलिए, आहार के साथ उचित आयोडीन का सेवन करना जरूरी है।
– आयोडीन की कमी से कई तरह की होती है परेशानी :
आयोडीन एक पोषक तत्व है। जिसकी कमी से लोगों को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है। जैसे कि, नींद अधिक आना, श्वास व हृदय से संबंधित परेशानी, डिप्रेशन, जोड़ों या मांसपेशियों में दर्द, गर्भपात, विकलांगता आदि परेशानी आयोडीन की कमी से ही होता है। इसलिए, भले ही शरीर में आयोडीन अल्पमात्रा में ही जरूरी है। किन्तु, कमी होने पर बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वयस्कों के लिए सामान्यतः प्रतिदिन 150 माइक्रोग्राम (एमसीजी)आयोडीन की आवश्यकता होती है। जबकि गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को प्रति दिन 200 एमसीजी जरूरी है।