मशहूर गायक-संगीतकार बप्पी लहरी का निधन

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मशहूर गायक और संगीतकार बप्‍पी लहरी का 69 साल की उम्र में निधन हो गया है। बप्‍पी लहर का निधन मुंबई के क्रिटिकेयर हॉस्पिटल में हुआ है। अस्‍पताल के डायरेक्‍टर डॉक्‍टर दीपक नामजोशी ने पीटीआई को बताया है, बप्‍पी लहरी को अस्‍पताल में एक महीने भर्ती रखा गया था। इसके बाद उन्‍हें 15 फरवरी को छुट्टी दी गई थी लेकिन मंगलवार को उनकी तबीयत फिर अचानक बिगड़ी। इसके बाद परिवार ने घर पर ही डॉक्‍टर को बुलाने के लिए कॉल की थी बाद में उन्‍हें अस्‍पताल लाया गया था। उन्‍हें कई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं थीं उनका निधन मंगलवार रात को ऑब्‍सट्रक्टिव स्‍लीप एप्‍निया के कारण हुआ है।

क्रिटिकेयर हॉस्पिटल के अनुसार डॉ. दीपक नामजोशी बप्‍पी लहरी का इलाज कर रहे थे। उन्‍हें ओएसए और चेस्‍ट इंफेक्‍शन था। उनका निधन मंगलवार रात को 11:45 बजे हुआ बप्‍पी लहरी को पिछले एक साल से ओएसए की बीमारी थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बप्‍पी लहरी के निधन पर शोक जताया है। उन्‍होंने ट्विटर पर उनके साथ एक तस्‍वीर शेयर करते हुए लिखा, ‘बप्पी लाहिड़ी जी का संगीत सर्वांगीण था, विविध भावनाओं को खूबसूरती से व्यक्त करता था, कई पीढ़ियों के लोग उनके कार्यों से खुद को जोड़ सकते हैं, उनका जीवंत स्वभाव सभी को याद रहेगा, उनके निधन से दुखी हूं। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ओम शांति’

1980 और 1990 के दशकों में अपने संगीत और गानों के जरिये लोगों के दिलों पर छाने वाले बप्‍पी लहरी ने डिस्‍को डांसर, शराबी और नमक हलाल जैसी सुपरहिट फिल्‍मों में गाने गाए और संगीत दिया था। बप्‍पी लहरी का जन्‍म 27 नवंबर, 1952 को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में हुआ था। वह बंगाली ब्राह्मण परिवार से थे।
वह अंतिम बार सलमान खान के साथ बिग बॉस 15 में दिखे थे। वह अपने पौत्र के साथ शो में एक गाने के प्रमोशन के लिए आए थे।

टेलीमेडिसीन के माध्यम से मरीजों को मिलेगी ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवा

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– जिले के परबत्ता सीएचसी में एएनएम को दिया गया प्रशिक्षण, -मरीजों को बेहतर तरीके से ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की दी गई जानकारी
– मोबाइल एप के माध्यम से मरीजों को मिलेगी ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवा
खगड़िया, 15 फरवरी-
मंगलवार को जिले के परबत्ता सीएचसी में कार्यरत एएनएम को टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य सेवा संबंधित  एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण स्वास्थ्य विभाग एवं केयर इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में दिया गया। जिसमें मौजूद एएनएम को प्रशिक्षक द्वारा मरीजों को टेलीमेडिसीन के माध्यम से बेहतर तरीके से ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने समेत अन्य जानकारियाँ विस्तारपूर्वक दी गई। ताकि मरीजों को आसानी के साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में शुरू की गई टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य सेवा का सफल संचालन सुनिश्चित हो सके और मरीजों को सुविधाजनक तरीके से बेहतर तरीके से ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवा मिल सके।
– जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के एएनएम को दिया जाएगा प्रशिक्षण :
सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा ने बताया, यह प्रशिक्षण जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के एएनएम को बारी-बारी से निर्धारित तिथि के अनुसार दिया जाएगा। इसे सुनिश्चित करने को लेकर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। ताकि हर हाल में सभी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रशिक्षण सुनिश्चित हो सके। इसको लेकर सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। वहीं, उन्होंने बताया, इस सेवा के माध्यम से मरीजों की ऑनलाइन स्वास्थ्य जाँच होगी और आवश्यक चिकित्सा परामर्श एवं उचित दवाई का सेवन की जानकारी दी जाएगी। इससे ना सिर्फ मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिलेगा। बल्कि, आने-जाने के लिए लंबा दूरी का सफर भी नहीं करना पड़ेगा। साथ ही अन्य अनावश्यक परेशानियों का भी सामना नहीं करना पड़ेगा।
– मरीजों को प्रतिदिन मिलेगी टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य सेवा, ऑनलाइन होगी स्वास्थ्य जाँच :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, मरीजों को प्रतिदिन टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य सेवा मिलेगी। जिसके माध्यम से ऑनलाइन स्वास्थ्य जाँच की जाएगी। वहीं, उन्होंने बताया, यह सेवा eSanjeevani.in के माध्यम से प्रत्येक सोमवार, गुरुवार एवं शनिवार को तथा eSanjeevani OPD के माध्यम से प्रत्येक मंगलवार, बुधवार एवं शुक्रवार को 09 बजे से 02 तक उपलब्ध है। किन्तु, अब यह सेवा प्रत्येक दिन 09 बजे से 04 बजे तक उपलब्ध कराया जाना है।
– एएनएम के सहयोग से मरीजों को मिलेंगी ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवा की सुविधा :
केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार ने बताया, टेलीमेडिसीन की स्वास्थ्य सुविधा लेने के लिए मरीजों को अपने नजदीकी चयनित स्वास्थ्य संस्थान पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। जिसके बाद वहाँ तैनात एएनएम द्वारा ऑनलाइन विभाग द्वारा जारी पोर्टल के माध्यम के टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य सेवा की सुविधा दिलाई जाएगी। जिसके बाद चिकित्सा परामर्श के अनुसार एएनएम मरीजों को दवाई समेत अन्य चिकित्सा सेवा सुनिश्चित कराएंगी। यानी अब इलाज कराने के लिए मरीजों को अस्पताल का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। बल्कि, सुविधाजनक तरीके से पूरी तरह निःशुल्क ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिलेगा।
– दुर्गम इलाके के लोगों के लिए वरदान साबित होगा टेलीमेडिसीन सेवा :
केयर इंडिया के फैमिली प्लानिंग के जिला समन्वयक राजेश पांडेय ने बताया, दुर्गम इलाके के लोगों को स्वास्थ्य सेवा लेने में होने वाली परेशानियों को दूर करने में टेलीमेडिसीन सेवा वरदान साबित होगी। क्योंकि, अब दुर्गम इलाके के मरीजों को आने-जाने के लिए काफी दूरी का सफर समेत अन्य परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा और समुचित इलाज के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिलेगा।

राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन: शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य कर्मियों को कायाकल्प असेसमेंट का प्रशिक्षण

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– राज्य स्वास्थ्य समिति  के सहयोग से क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई मुंगेर ने आयोजित किया उन्मुखीकरण कार्यक्रम
-जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीसी ने स्वास्थ्य कर्मियों को दी तकनीकी पहलुओं की जानकारी
मुंगेर, 15 फरवरी-
राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत मंगलवार को मुंगेर स्थित क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (आरपीएमयू) के सभागार में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बेगूसराय में पदस्थापित एएनएम, लैब टेक्नीशियन, प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबन्धक(बीएचएम), प्रखण्ड सामुदायिक उत्प्रेरक(बीसीएम), फार्मासिस्ट सहित कई स्वास्थ्य कर्मियों को कायाकल्प असेसमेंट से संबंधित विभिन्न तकनीकी पहलुओं की विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। इससे पूर्व सोमवार को मुंगेर जिलान्तर्गत विभिन्न शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कार्यरत चिकित्सक, एएनएम, लैब टेक्नीशियन, बीएचएम, बीसीएम, फॉर्मासिस्ट को भी कायाकल्प असेसमेंट के तहत इंटरनल और एक्सटर्नल असेसमेंट से जुड़ी विभिन्न तकनीकी पहलुओं की विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। इस अवसर पर क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबन्धक रूप नारायण शर्मा और प्रशिक्षक के रूप में जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम समन्वयक विकास  कुमार के साथ-साथ केयर इंडिया की डीटीओ ऑफ डॉ. नीलू उपस्थित थी।
स्वास्थ्य कर्मियों को कायाकल्प असेसमेंट से जुड़ी विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी देते हुए जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम समन्वयक विकास कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन  के तहत अब शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद स्वास्थ्य सेवाओं का कायाकल्प असेसमेंट के तहत इंटरनल और एक्सटर्नल असेसमेंट किया जाना है। इसी को लेकर 14 और 15 फरवरी को मुंगेर और बेगूसराय जिला के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कार्यरत एएनएम, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के कैपेसिटी बिल्डिंग के लिए दो दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
उन्होंने बताया कि कायाकल्प असेसमेंट के तहत इंटरनल अससेमेंट के लिए सर्वप्रथम प्रत्येक अर्बन पीएचसी स्तर पर एक इन्फेक्शन कंट्रोल एंड क्लीनेस कमिटी के गठन किया जाएगा। इस कमिटी के चेयरमेन मेडिकल सुपरिटेंडेंट या मेडिकल ऑफिसर होंगे वहीं नर्सिंग इंचार्ज, इन्फेक्शन कंट्रोल नर्स कन्वेनर होंगी। इसके अलावा पैथोलोजिस्ट/माइक्रोबायोलॉजिस्ट, ब्लड बैंक इंचार्ज, ऑपरेशन थियेटर इंचार्ज, लैब टेक्नीशियन, हॉस्पिटल मैनेजर/क्वालिटी मैनेजर/ हेल्थ मैनेजर, चीफ फार्मासिस्ट हाउस कीपिंग इंचार्ज इस कमिटी के सदस्य होंगे। उन्होंने बताया कि कायाकल्प के एक्सटर्नल असेसमेंट के दौरान एक्सटर्नल कमिटी के मेंबर चार तरीके से असेसमेंट करते हैं। 1.ऑब्जरवेशन 2. पेशेंट इंटरव्यू 3. स्टाफ इंटरव्यू और 4. रिकॉर्ड रिव्यु। उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों को इन्फेक्शन , प्रीवेंशन एन्ड कंट्रोल बायो मेडिकल  वेस्ट मैनेजमेंट, हैंड वाशिंग 5 मूवमेंट एंड हैंड वाशिंग 6 टेक्नीक, इंस्ट्रूमेंट स्टरलाईजेशन सहित अन्य तकनीकी पहलुओं की विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई।

कोविड वैक्सीनेशन को लेकर प्रखंड के जनप्रतिनिधियों के साथ बीडीओ ने की बैठक

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– जिले के शेखुपुरसराय प्रखंड मुख्यालय स्थित ई-किसान भवन में आयोजित हुई बैठक
– प्रखंड स्तरीय सभी पदाधिकारी और पंचायतीराज के तमाम जनप्रतिनिधि हुए शामिल
शेखपुरा, 15 फरवरी-
मंगलवार को जिले के शेखुपुरसराय प्रखंड मुख्यालय परिसर स्थित ई-किसान भवन के सभागार हाॅल में कोविड वैक्सीनेशन को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अमरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में एक बैठक हुई । संचालन शेखुपुरसराय पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ बिपिन कुमार ने किया। बैठक में प्रखंड के विभिन्न पंचायतों के मुखिया, वार्ड, सामाजिक कार्यकर्ता सहित शिक्षा, आईसीडीएस, जीविका समेत अन्य विभागों के प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में मुख्य रूप से प्रखंड में चल रहे कोविड वैक्सीनेशन अभियान को और तेज गति देने पर बल दिया गया। साथ ही सामुदायिक स्तर पर अभियान चलाकर एक-एक व्यक्ति को वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक करने की भी बात कही गई। ताकि एक भी व्यक्ति वैक्सीन से वंचित नहीं रहे और शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके। इस मौके पर पिरामल स्वास्थ्य के जिला कार्यक्रम समन्यवक सेराज हसन समेत अन्य पदाधिकारी और कर्मी के अलावा प्रखंड के विभिन्न पंचायतों के पंचायतीराज के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता के साथ-साथ गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
– शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने को लेकर प्रखंड के जनप्रतिनिधियों के  सहयोग की जरूरत :
बैठक की अध्यक्षता कर रहे बीडीओ अमरेंद्र कुमार ने कहा, शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने प्रखंड में प्रशासनिक स्तर से तमाम गतिविधियों का तो आयोजन किया ही जा रहा है। किन्तु, इसे पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए प्रखंड जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्यों के भी सहयोग की जरूरत है। इसलिए, मैं तमाम जनप्रतिनिधियों से अपील करता हूँ कि आपलोगों अपने-अपने क्षेत्र में अपने स्तर से वैक्सीनेशन के लिए लोगों को जागरूक कर प्रशासनिक टीम को सहयोग करें। यह समाज के एक-एक व्यक्ति की जिम्मेदारी भी है और यही जिम्मेदार नागरिक का परिचय भी है।
– लोगों को अफवाहों और भ्रांतियों से बाहर करने की जरूरत :
बैठक में मौजूद शेखुपुरसराय पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ बिपिन कुमार ने कहा, जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने और इस घातक महामारी से सामुदायिक स्तर पर लोगों को सुरक्षित करने के लिए समाज में चल रही अफवाहों और भ्रांतियों को दूर करने की जरूरत है। इसलिए, मैं तमाम जनप्रतिनिधियों से अपील करता हूँ कि आपलोग अपने स्तर से भी लोगों को जागरूक कर उनके मन में चल रहे अफवाहों और भ्रांतियों को दूर करने में सहयोग करें। यही समाजहित में सबसे बेहतर समाज सेवा और एक जनप्रतिनिधि के दायित्व का निर्वहन है। वहीं, पीएचसी प्रभारी ने मौजूद जनप्रतिनिधियों को वैक्सीन लेने से इस घातक महामारी से बचाव के लिए होने वाले सुरक्षा की भी विस्तार से जानकारी दी।
– वार्ड स्तर पर वैक्सीनेशन शिविर आयोजित कर वंचितों को किया जाएगा वैक्सीनेट :
पिरामल के जिला समन्वयक सेराज हसन ने बताया, बैठक में निर्णय लिया गया कि वार्ड स्तर पर वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन कर जनप्रतिनिधियों के सहयोग से वैक्सीन से वंचित लोगों का वैक्सीनेशन किया जाएगा। जो लोग पहली डोज ले चुके हैं, उन्हें दूसरा डोज दी जाएगी। साथ ही अभियान चलाकर लोगों को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित भी किया जाएगा।

सुल्तानपुर पंचायत में शतप्रतिशत टीकाकरण को लेकर कार्यशाला आयोजित

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-जनप्रतिनिधियों ने शत प्रतिशत टीकाकरण का लिया संकल्प
-समाजसेवियों ने भी टीकाकरण में सहयोग का दिया भरोसा
बांका, 15 फरवरी
कोरोना टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अभियान लगातार जारी है। शत प्रतिशत लोगों का टीकाकरण हो, इसे लेकर लगातार अभियान चल रहा है। इसमें सामाजिक सहयोग भी मिल रहा है। इसी सिलसिले में मंगलवार को अमरपुर प्रखंड की सुल्तानपुर पंचायत में 15 से अधिक उम्र के सभी व्यक्तियों के शत प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए पिरामल स्वास्थ्य के डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम लीड (डीपीएल) मासूम रेजा, मुखिया नवसबा खातून की अध्यक्षता में पंचायत के सभी 14 वार्ड सदस्यों एवं समाजसेवियों के सहयोग से टीकाकरण के महत्व को लेकर एकदिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मौजूद सभी जनप्रतिनिधियों को डीपीएल मासूम रेजा ने कोरोना टीकाकरण के महत्व को बताया और जनप्रतिनिधियों को इससे संबंधित जानकारी दी। इस दौरान टीकाकरण को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को भी दूर किया गया। जनप्रतिनिधियों को बताया गया कि उनके प्रयास से सुल्तानपुर पंचायत के सभी 14 वार्डों में शत प्रतिशत टीकाकरण हो सकता है।
शत प्रतिशत टीकाकरण जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारीः बैठक में पंचायत की मुखिया नवसबा ने जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनका दायित्व सरकार द्वारा दी जाने वाली सभी सुविधाओं की जानकारी अपने वार्ड के सभी लोगों तक पहुंचाना है। कोरोना टीकाकरण भी सरकार के द्वारा सभी नागरिकों को मुफ्त में दी जा रही है। सभी जनप्रतिनिधियों का यह दायित्व बनता है कि वह 15 वर्ष से ऊपर के सभी व्यक्तियों का कोरोना टीकाकरण अपने-अपने वार्ड में करवाना सुनिश्चित करें। इस कार्य में स्वास्थ्य विभाग को पूर्ण सहयोग प्रदान करें। पूर्व मुखिया मोहम्मद हसनैन ने बताया कि सुल्तानपुर पंचायत के सभी 14 वार्डों के सभी सदस्य अगर कोरोना टीकाकरण में स्वास्थ्य विभाग की मदद करें और 15 वर्ष के ऊपर के सभी लोगों को चिह्नित कर जिनकी पहली खुराक या दूसरी खुराक या प्रीकॉशन डोज बाकी है उनका टीकाकरण करवाने में मदद करें।
सभी का टीकाकरण का लिया संकल्पः सुल्तानपुर पंचायत में बहुत कम समय में शत प्रतिशत कोरोना टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा। बैठक में वार्ड 1 के सदस्य रफीक मंसूरी, वार्ड 2 की सुलेखा देवी, वार्ड 3 की मुन्नी खातून, वार्ड 4 की बीबी बीना, वार्ड 5 के दिलीप दास, वार्ड छह के मोहम्मद सिराज, वार्ड 7 के मोहम्मद अंसार, वार्ड 8 के पप्पू खान, वार्ड 9 के मोहम्मद जावेद अख्तर, वार्ड 10 के मीर हुसैन, वार्ड 11 के साबिर, वार्ड 12 की अंजनी देवी, वार्ड 13 की मंजूला देवी और वार्ड 14 की किरण देवी और मौके पर मौजूद समाजसेवियों ने भी पंचायत में जल्द से जल्द टीकाकरण की बात कही।
कोरोना से बचाव को लेकर गाइड का वितरणः इस अवसर पर पिरामल स्वास्थ्य टीम ने कोरोना को लेकर देखभाल को लेकर एक गाइड का भी वितरण सभी जनप्रतिनिधियों के बीच किया। साथ मुखिया नवसबा ने सभी जनप्रतिनिधियों के बीच सैनिटाइजर का वितरण किया गया। गाइड में कोरोना से बचाव को लेकर महत्वपूर्ण बातें लिखी हुई थीं, जिसका पालन अन्य लोगों को कराने के लिए कहा  गया। गाइड में होम आइसोलेशन में किस तरह का व्यवहार करना है, इसकी भी जानकारी दी गई।

कोरोना से ठीक होने के बाद भी रहें सावधान

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-खान-पान का रखें ध्यान, दिनचर्या में शारीरिक गतिविधियों को करें शामिल
-सामाजिक दूरी का करें पालन, घर से बाहर निकलते वक्त मास्क जरूर लगाएं
बांका, 15 फरवरी-
कोरोना की तीसरी लहर के मामले कम होने लगे हैं। साथ ही बड़ी संख्या में कोरोना की चपेट में आए लोग ठीक भी हो गए हैं। ऐसे में उनकी दिनचर्या क्या हो, घर में कैसे रहना चाहिए, आहार कैसा हो और परेशानी होने पर क्या करना चाहिए, यह जान लेना भी जरूरी है। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि कोरोना से ठीक होने वाले लोगों को भी कुछ दिन सावधान रहने की जरूरत है। निगेटिव हो जाने के बाद भी पूरी तरह से रिकवर होने में थोड़ा समय लगता है। इसलिए ऐसे लोगों को कुछ दिन आराम कर लेना चाहिए।
योगा या फिर करें व्यायामः डॉ. चौधरी कहते हैं कि कोरोना से ठीन होने वाले लोगों को कुछ दिनों तक दूसरों से अलग रहना चाहिए। साथ ही इस दौरान आराम करना चाहिए। घर पर आराम करने के दौरान योगा या फिर व्यायाम करना चाहिए। इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। साथ ही शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह भी बढ़ता है। शारीरिक गतिविधियां बढ़ने से मानसिक तौर पर भी मजबूती बढ़ती है। इस दौरान घर के किसी सदस्य से बात करते वक्त मास्क लगा लेना चाहिए। सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए दो गज की दूरी का ध्यान रखना चाहिए।
पौष्टिक आहार का करें सेवनः डॉ. चौधरी कहते हैं कि किसी भी व्यक्ति के लिए आहार सबसे महत्वपूर्ण चीज है। सही आहार मिलने से लोग स्वस्थ रहते हैं और बीमारियों की चपेट में भी नहीं आते हैं। साथ ही बीमारियों से उबरने में भी उन्हें मदद मिलती है। इसलिए ताजा फल, हरी सब्जियां, दाल इत्यादि पौष्टक से भरपूर भोजन का सेवन  करना चाहिए। साथ ही जो लोग मांसाहारी हैं, वह मीट, मछली और अंडे का सेवन करें। ऐसा करने से वह जल्द पूरी तरह से रिकवर हो जाएंगे।
मानसिक स्वास्थ्य का रखें ध्यानः डॉ चौधरी कहते हैं कि कोरोना होने के दौरान और ठीक होने के बाद भी मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना जरूरी है। किसी भी बीमारी से उबरने के लिए सकारात्मक रहना जरूरी है। इसलिए हमेशा सकारात्मक रहें। नकारात्मक खबरों को पढ़ने से बचें। सोशल मीडिया पर आ रही नकारात्मक चीजों से बचने की कोशिश करें। आसपास माहौल को सकारात्मक बनाकर रखें। मन में हमेशा सकारात्मकता लाने के लिए प्रेरणादायी कहानियों को पढ़ने की कोशिश करें।
दवाओं का रखें ध्यानः डॉ. चौधरी कहते हैं कि यदि आप किसी अन्य बीमारी से परेशान हैं तो उसका ध्यान रखें। शुगर, हाइपरटेंशन या फिर अन्य किसी दूसरी बीमारी के शिकार लोग खासतौर पर अपना ध्यान रखें। समय पर दवा लें। अगर दवा बदलने की जरूरत हो तो डॉक्टर की सलाह लें। इसके अलावा अपने पास ऑक्सीमीटर रखें। नियमित रूप से ऑक्सीजन लेवल की जांच करते रहें। यदि ऑक्सीजन का लेवल 94 से कम हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या फिर डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर की सलाह के मुताबिक अपना इलाज शुरू करें।
गाइडलाइन का करें पालनः बाराहाट प्रखंड की नारायणपुर पंचायत के मुखिया मो. असरार ने कहा कि कोरोना से ठीक होने वालों को तो सावधान रहना ही चाहिए। साथ ही दूसरे लोगों को भी इसे लेकर जागरूक करना चाहिए। इससे अन्य लोगों को भी कोरोना की चपेट में आने से बचने में मदद मिलेगी। इसी तरह अमरपुर प्रखंड की पवई पंचायत की मुखिया तौहीदा खातून का कहना है कि कोरोना से ठीक होने के बाद भी लोगों को गाइडलाइन का पालन करना चाहिए। मास्क पहनना चाहिए और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

पूरी दुनिया के साथ बिहार में भी ‘उमड़ते सौ करोड़ अभियान’ कार्यक्रम का हुआ आयोजन 

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• किशोरियों ने उमड़ते सौ करोड़ अभियान के अंतर्गत कार्यक्रम में कहा –“हिंसा हमें मंजूर नहीं”
• उमड़ते सौ करोड़ अभियान धरती एवं पर्यावरण के मुद्दे पर भी करेगी आवाज़ बुलंद
• लड़कियों-किशोरियों ने कविता-गानों से दिया समानता का सन्देश
पटना/14 फ़रवरी, 2022:
‘उमड़ते सौ करोड़ अभियान’ के अन्तर्गत मठियापुर पंचायत भवन, दानापुर, पटना में सहयोगी संस्था के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में किशोरियों-महिलाओं के द्वारा जेंडर हिंसा एवं शोषण के विरुद्ध आवाज बुलंद किया। इस अवसर पर लिंग आधारित हिंसा को समाप्त करने के साथ–साथ धरती और पर्यावरण को सुरक्षित-संरक्षित रखने का भी आह्वान किया गया। जिस प्रकार समाज को चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निर्वाह करने के बावजूद महिलाओं को जेंडर आधारित भेदभाव एवं हिंसा झेलना पड़ता है उसी तरह धरती और पर्यावरण जो हमारे जीवन के अहम है उसका भी दोहन हो रहा है। किसी भी विषम परिस्थिति के अनंतिम कुप्रभाव की शिकार महिलाएँ होती हैं इसलिए समय रहते धरती और पर्यावरण को बचाने की ज़िम्मेदारी महिलाओं ने उठाई है।
महिलाओं एवं किशोरियों के समक्ष दोहरी चुनौतियाँ
उमड़ते सौ करोड़ अभियान की राज्य समन्वयक एवं सहयोगी की प्रमुख रजनी  ने इस अवसर पर कहा कि आज महिलाएँ, किशोरियाँ कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रही हैं। घर-परिवार के साथ-साथ घर के बाहर कार्यस्थल और सड़क पर विभिन्न प्रकार की हिंसा और असमानता को झेलती हैं, व्यावसायिक (प्रोफेशनल) जिम्मेदारियों में बेहतरी का दबाव भी उनपर बना हुआ है। साथ ही, सामाजिक ताने-बाने के अंदर परिवार को बनाये रखने की जिम्मेदारी भी महिलाओं के कंधे पर है। साथ ही, प्रकृति के साथ खिलवाड़ एवं प्राकृतिक संसाधनों का बेतहाशा दोहन के कारण उत्पन्न हुई चुनौतियों का सामना भी उन्हें ही करना पड़ता है। उन्होंने आगे कहा कि महिला के सम्मानपूर्ण स्थान एवं हिंसा मुक्त समाज के साथ हमारी धरती एवं पर्यावरण को बचाना भी महती आवश्यक है।
उमड़ते सौ करोड़ एक अंतर्राष्ट्रीय अभियान
उन्होंने इस अभियान के बारे में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए रजनी ने बताया कि उमड़ते सौ करोड़ अभियान एक अन्तराष्ट्रीय अभियान है एवं यह दो सौ से अधिक देशों में लिंग आधारित हिंसा एवं भेदभाव को समाप्त करने हेतु एक सशक्त प्रयास है, साथ ही, पर्यावरण संतुलन को बनाये रखना भी इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने इस अभियान के इस वर्ष के सन्देश ‘हमारा शरीर, हमारा अधिकार’ के बारे में भी कहा कि किशोरियों-महिलाओं के सम्मान की रक्षा करना सभी का अधिकार एवं कर्तव्य है, गैर-बराबरी एवं हिंसा-शोषण हमें बर्दाश्त नहीं है।
धरती एवं पर्यावरण के मुद्दे को किया गया शामिल
ज्ञातव्य हो कि सहयोगी संस्था के द्वारा पटना के दानापुर एवं बिहटा प्रखंड में महिला हिंसा तथा भेदभाव के विरुद्ध समुदाय एवं हितधारकों को जानकारी देने एवं उन्हें इस मुद्दे पर संवेदित करने का कार्य करती है। साथ ही, संस्था इस उद्देश्य के लिए अलग-अलग फोरम पर समुदाय एवं नेटवर्क संस्थाओं, समाजकर्मियों, सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं के साथ संवाद स्थापित कर हिंसा मुक्त समाज बनने की दिशा में कार्य करती है। सहयोगी संस्था 2016 से उमड़ते सौ करोड़ अभियान  के बिहार में आयोजन करने हेतु समन्वय कर रही है। इस अभियान में धरती एवं पर्यावरण को बचाने के मुद्दे को जोड़ने से यह और भी उद्देश्यपूर्ण हो गया है। सुरक्षित पर्यावरण होने से ही हमारा जीवन सुरक्षित रहेगा। महिला-पुरुष सभी को मिलकर हमारी धरती को सुरक्षित बनाये रखने के लिए एकजुट प्रयास करना होगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम दिया संदेश
इस मौके पर पंचायत के विभिन्न गांवों से महिला एवं किशोरियों ने अपनी प्रतिभागिता की एवं स्थानीय किशोरियों द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुति द्वारा समुदाय को महिला हिंसा को समाप्त करने के साथ हमारे पर्यावरण के प्रति भी सजग रहने के लिए आगाह किया। किशोरियों द्वारा गीत, संगीत, कविता एवं नृत्य कर समान अवसर एवं अधिकार देने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि वे किसी से कम नहीं हैं, एवं अवसर मिलने पर उन्होंने अपनी क्षमता और कौशल को दिखाया है। उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों से अपील किया कि बेटी-बेटे में अंतर न करें एवं उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण के साथ समान अवसर और अधिकार उपलब्ध कराएँ। इस अवसर पर सहयोगी से उन्नति, उषा, लाजवंती, बिंदु, निर्मला, रिंकी, मुन्नी, धर्मेन्द्र, मनोज, सुरेन्द्र, नितीश उपस्थित रहे।

शहरी क्षेत्र के एएनएम को परिवार नियोजन को लेकर दिया गया प्रशिक्षण

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-एएनएम क्षेत्र में जाकर लोगों को परिवार नियोजन के फायदे के बारे में बताएंगी
-परिवार नियोजन सामग्री का इस्तेमाल किस तरह करना है, इसकी जानकारी देंगी
भागलपुर, 14 फरवरी-
सदर अस्पताल में शहरी क्षेत्र की एएनएम को परिवार नियोजन को लेकर प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें अंतरा और छाया के इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी गई, जिसे वह क्षेत्र में जाकर लोगों को बताएंगी। साथ ही एफपीएलएमआईएस और व्हाट्सएप मैसेज के जरिये परिवार नियोजन को लेकर मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई। ट्रेनिंग देने का काम केयर इंडिया के एफपीसी आलोक कुमार और जितेंद्र कुमार सिंह ने किया। मौके पर शहरी क्षेत्र के कोऑर्डिनेटर दयानंद मिश्रा भी मौजूद थे।
दयानंद मिश्रा ने बताया कि शहरी क्षेत्र की एएनएम को फैमिली प्लानिंग लॉजिस्टिक इनफॉरमेशन सिस्टम (एफपीएलएमआईएस) का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान सभी लोगों को परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री को ऑनलाइन कैसे प्राप्त करना है, इसकी जानकारी दी गई। इंडेंट करने से लेकर रिसीव करने के तरीके प्रशिक्षण के दौरान बताए गए। कंडोम, कॉपर टी, अंतरा आदि सामग्री को ऑनलाइन प्राप्त करने की जानकारी प्रशिक्षण के दौरान दी गई। सामग्री प्राप्त कर क्षेत्र में इसका प्रचार-प्रसार से लेकर वितरण करने तक के बारे में प्रशिक्षण के दौरान बताया गया। प्रशिक्षण ले रही एएनएम को सभी बारीकी को समझ कर क्षेत्र में बेहतर तरीके से काम करने के लिए कहा।
तीन तरीके से प्राप्त कर सकेंगे परिवार नियोजन की सामग्रीः प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि परिवार नियोजन सामग्री को ऑनलाइन तीन तरीके से मंगाया जा सकता है। पहला मोबाइल एप के जरिये, दूसरा मोबाइल से मैसेज कर और तीसरा कंप्यूटर के जरिये ऑनलाइन मंगवा सकते हैं। एएनएम इसे मोबाइल एप और मैसेज के जरिये मंगा सकती हैं, जबकि स्टोर कीपर मैसेज और कंप्यूटर से ऑनलाइन इंडेंट कर भी मंगवा सकते हैं। पहले क्षेत्र के लोगों की जरूरतों के मुताबिक इंडेंट करेंगे। सामग्री आ जाने के बाद फिर उसका क्षेत्र के लोगों के बीच वितरण करेंगी।
व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर परिवार नियोजन से संबंधित सभी कुछ जानें : व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर भी लोग परिवार नियोजन से संबंधित जानकारी ले रहे हैं। तकनीक के जमाने में लोग इसका भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं। जिनलोगों के पास ज्यादा समय नहीं रहता है, वे लोग एक मैसेज भेजकर परिवार नियोजन से संबंधित हर तरह की जानकारी ले रहे हैं। दयानंद मिश्रा ने बताया कि यह बात सही है कि व्हाट्सएप नंबर पर सेवा मिलने से लोगों को काफी सहूलियत हो गई है। जिस काम में घंटों लग जाते थे, वह अब मिनटों में हो रहा है। घर बैठे एक मैसेज भेजकर लोग परिवार नियोजन से संबंधित सारी जानकारी जुटा ले रहे हैं। हां, अगर लोग व्हाट्सएप के जरिये नहीं समझ पाते हैं तो उनके लिए तो हमलोग हैं ही। इसलिए एएनएम को प्रशिक्षण के दौरान व्हाट्सएप मैसेज पर मिल रही सुविधाओं के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। वे क्षेत्र में जाकर लोगों को इसके फायदे और इसका इस्तेमाल कैसे करना है, इस बारे में लोगों को बताएंगी।
व्हाट्सएप नंबर पर मैसेज भेज ऐसे लें जानकारीः इस सुविधा का फायदा उठाने के लिए सबसे पहले 9031691691 पर हाय लिखकर व्हाट्सएप करें। इसके बाद उधर से आपका नाम और पता पूछा जाएगा। फिर एक-एक कर परिवार नियोजन से संबंधित जानकारी आपको मिलती रहेगी। आप अपनी समस्या व्हाट्सएप करें फिर उधर से उसका समाधान आएगा। यह सेवा केयर इंडिया उपलब्ध करवा रही है और यह सेवा उनलोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी, जो किसी के सामने अपनी परेशानी साझा करने से झिझक रखते हैं। चाहे वह डॉक्टर या कोई अन्य स्वास्थ्यकर्मी ही क्यों न हों।

कोरोना टीका की दूसरी डोज समय पर लेने वालों को मिला मेगा प्राइज

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-प्राइज के तौर पर 32 इंच का एक-एक टीवी तीनों लाभुकों को दिया गया
-समाहरणालय में कार्यक्रम का आयोजन कर पुरस्कार का हुआ वितरण
भागलपुर, 14 फरवरी-
कोरोना टीका की दूसरी डोज समय पर लेने वाले लाभुकों को सोमवार को मेगा प्राइज दिया गया। समाहरणालय में कार्यक्रम का आयोजन कर तीन लाभुकों को एक-एक 32 इंच का टीवी दिया गया। विजेता का चयन लक्की ड्रॉ के जरिए किया गया। नवगछिया के जितेंद्र राय, जगदीशपुर के फुको यादव और सुल्तानगंज की शबनम देवी को मेगा प्राइज दिया गया। इस खास मौके पर डीडीसी प्रतिभा रानी, सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा, डीपीएम फैजान आलम अशरफी, केयर इंडिया की डॉ. सुपर्णा टाट, डॉ खुशबू, मानस नायक, आलोक कुमार, जितेंद्र कुमार सिंह समेत कई लोग मौजूद थे। लाभुकों को मेगा प्राइज डीडीसी प्रतिभा रानी, सिविल सर्जन, डॉ. उमेश कुमार शर्मा और केयर इंडिया की डीटीओ डॉ. सुपर्णा टाट ने प्रदान किया। पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन केयर इंडिया के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग ने किया।
मालूम हो कि जिले में दिसंबर महीने में पांच सप्ताह तक सभी प्रखंडों में समय पर कोरोना टीका की दूसरी डोज लेने वाले लाभुकों को पुरस्कार दिया गया। हर सप्ताह एक लाभुक को बंपर तो 10 को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। उन्हीं लाभुकों में से तीन का चयन कर सोमवार को मेगा प्राइज दिया गया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. शर्मा ने कहा कि जिले में टीकाकरण की स्थिति अच्छी है। पहली के साथ अब दूसरी डोज लेने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ-साथ अब स्वास्थ्यकर्मियों, फ्रंटलाइन वर्करों और बीमारों-बुजुर्गों को प्रीकॉशनरी डोज भी दी जा रही है। जिले के सभी लोगों से मेरी अपील है कि जल्द से जल्द कोरोना का टीका ले लें। टीका लेने में किशोरों और किशोरियों ने भी जमकर उत्साह दिखाया है। उम्मीद है कि जल्द ही सभी लोग टीका ले लेंगे। साथ ही दूसरी डोज समय पर लेने वाले पुरस्कार लेने वाले लोग टीका नहीं लेने वालों को प्रोत्साहित करें। उन्हें टीका लेने के फायदे बताएं। जिले के अधिक लोगों के टीका लेने के कारण ही तीसरी लहर का असर ज्यादा नहीं रहा। टीका लेने के कारण ही तीसरी लहर में संक्रमित होने के कारण भी लोगों को अस्पताल में भर्ती नहीं होना पड़ा। इसलिए जल्द से जल्द लोग कोरोना का टीका ले लें।
कोरोना गइडलाइन का पालन जरूरी: सिविल सर्जन ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर का असर कम हो गया है, लेकिन इसके बावजूद लोगों को कोरोना की गाइडलाइन का पालन करना चाहिए। घर से बाहर जाते वक्त मास्क लगाएं और सामाजिक दूरी का पालन करें। एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी बनाएं रखें और भीड़भाड़ से बचें। बाहर से घर आने पर 20 सेकेंड तक हाथ की धुलाई करें। घर में किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। ऐसा करते रहने से आप भी कोरोना से बचे रहेंगे और आपके जानने वाले भी कोरोना की चपेट में नहीं आएंगे।

आशा कार्यकर्ता की सकारात्मक पहल से स्वस्थ्य हुई अति कुपोषित बच्ची

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– जन्म के बाद से कुपोषण की समस्या से जूझ रही थी 4माह की बच्ची, गृह भ्रमण के दौरान आशा कार्यकर्ता की पड़ी थी नजर
– आशा कार्यकर्ता के सहयोग से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में नवजात को मिली समुचित इलाज की सुविधा
लखीसराय, 14 फरवरी-
बात कोविड संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान की है। जब लखीसराय पीएचसी के अधीनस्थ मोरमा पंचायत के पतनेर गाँव के मुसहरी टोला में संचालित स्वास्थ्य उपकेंद्र क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता पप्पी कुमारी को गृह भ्रमण के दौरान अति कुपोषण की समस्या से जूझ रही 04 माह की एक बच्ची मिली। जिसके बाद आशा कार्यकर्ता ने ना सिर्फ बच्ची के परिजनों को नवजात की समुचित इलाज के लिए अस्पताल की राह दिखाई बल्कि, खुद भी अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन किया। वह परिजनों के साथ खड़ी रहकर सकारात्मक पहल की राह पर डटी रही। उसने खुद की मौजूदगी में बच्ची का इलाज करवाया। जिसका सकारात्मक परिणाम यह है कि बच्ची ना सिर्फ कुपोषण को मात देने में सफल रही बल्कि, आज सामान्य बच्चों की तरह पूरी तरह स्वस्थ्य भी है। यह सब आशा कार्यकर्ता की सकारात्मक पहल से ही संभव हुआ। पीड़ित बच्ची मुसहरी टोला के  निवासी राजू मांझी और सरस्वती कुमारी की पुत्री सुनीता कुमारी है। जो जन्म के बाद से ही अति कुपोषण की समस्या से जूझ रही थी, पर आशा कार्यकर्ता के सहयोग से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलने से आज पूरी तरह शारीरिक रूप से स्वस्थ्य है।
– समुचित इलाज के लिए शिशु को एसएनसीयू में कराया भर्ती :
आशा कार्यकर्ता पप्पी कुमारी ने बताया, मैं कोविड संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान गृह भ्रमण कार्यक्रम के तहत घर-घर जाकर लोगों को कोविड से बचाव के लिए जागरूक और इस घातक महामारी से बचाव के लिए वैक्सीनेशन के लिए प्रेतित कर रही थी। जिसके दौरान मुझे अति कुपोषण की समस्या से जूझ रही राजू मांझी की 04 माह की पुत्री सुनीता कुमारी मिली। जिसके बाद मैंने शिशु के माता-पिता से उसके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके बाद केयर इंडिया के सुधांशु कुमार के साथ पुनः दूसरे दिन शिशु के स्वास्थ्य अवलोकन किया। यह सिलसिला कई दिनों तक चलता रहा। इस दौरान मैं केयर इंडिया कर्मि के साथ पाँच-छः बार गृह भ्रमण कर पीड़ित शिशु के स्वास्थ्य का अवलोकन करती रही। किन्तु, शिशु के स्वास्थ्य में बहुत सुधार तो नहीं हुआ। किन्तु, पहले से कुछ सुधार जरूर हुआ। इसके बाद मैंने स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय पदाधिकारियों के सहयोग से शिशु को समुचित इलाज के लिए लखीसराय सदर अस्पताल परिसर में संचालित एसएनसीयू में भर्ती कराया। जहाँ मेरी मौजूदगी में शिशु का समुचित इलाज हुआ और आज शिशु पूरी तरह शारीरिक रूप से स्वस्थ्य है।
– आशा दीदी के सहयोग से स्वस्थ्य हुई मेरी बच्ची :
पीड़ित बच्ची के पिता राजू मांझी एवं माता सरस्वती कुमारी ने बताया, हमदोनों मजदूरी कर अपने परिवार की परवरिश करते हैं। ऐसे में कोविड संक्रमण के मुश्किल भरे दौर में काम-धंधा बंद होने के कारण अपनी बच्ची का इलाज कराना संभव नहीं था। इसी दौरान कोविड वैक्सीन लेने के लिए कहने आई आशा दीदी पप्पी कुमारी की नजर मेरी बच्ची पर पड़ी तो उन्होंने बताया सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध है। आशा दीदी की यह आवाज मेरे लिए उम्मीद की किरण साबित हुई। जिसके बाद आशा दीदी के सहयोग से मैंने अपने बच्चे का इलाज शुरू करवाया और आज मेरी बच्ची पूरी तरह शारीरिक रूप से स्वस्थ्य है। इस दौरान आशा दीदी का काफी सहयोग मिला और वह हमेशा घर से लेकर अस्पताल तक साथ में खड़ी रही है। आशा दीदी के इस सहयोग के लिए  मेरा पूरा परिवार शुक्रगुजार है। इधर, लखीसराय पीएचसी के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक निशांत राज ने बताया, मैं आशा कार्यकर्ता की इस पहल की सराहना करता हूँ। वह हमेशा अपने कार्य के प्रति संकल्पित रहती हैं।