स्वास्थ्य विभाग से संबंधित योजनाओं एवं गतिविधि की समीक्षात्मक बैठक  आयोजित 

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– सिविल सर्जन ने की स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ बैठक, दिए निर्देश
– केयर इंडिया के पदाधिकारी व कर्मी भी बैठक में हुए शामिल
खगड़िया, 14 फरवरी-
सोमवार को सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा ने स्वास्थ्य विभाग से संबंधित जिले में संचालित तमाम योजनाओं एवं गतिविधि की समीक्षात्मक बैठक की। यह बैठक जिला स्वास्थ्य समिति कार्यालय परिसर स्थित सभागार हाॅल में हुई। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के अलावा केयर इंडिया के भी पदाधिकारी व कर्मी शामिल हुए। बैठक के दौरान सिविल सर्जन ने बारी-बारी से जिले में चल रही स्वास्थ्य विभाग से संबंधित तमाम योजनाओं एवं गतिविधियों की मौजूद पदाधिकारियों एवं कर्मियों से फीडबैक ली और आवश्यक निर्देश दिए। इसके अलावा बैठक के दौरान सरकार द्वारा जनहित में चलाई जा रही तमाम स्वास्थ्य सेवाओं पर विस्तृत चर्चा की गई एवं अधिकाधिक लोगों को सभी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिले, इस पर बल दिया गया। बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ रवीन्द्र नारायण, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान, डीपीएम (हेल्थ) पवन कुमार, केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद समेत जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, बीसीएम समेत अन्य पदाधिकारी और कर्मी मौजूद थे।
– सेकेंड और प्रीकाॅशनरी डोज को गति देने पर दिया गया बल :
सिविल सर्जन डाॅ  झा ने बताया, समीक्षात्मक बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग से संबंधित सभी कार्यों की समीक्षा की गई। इसके अलावा जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने को लेकर जिले में चल रहे कोविड वैक्सीनेशन अभियान की भी समीक्षा की गई। जिसके पश्चात मौजूद संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। ताकि वैक्सीनेशन अभियान को और तेज गति मिल सके एवं जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा सेकेंड डोज एवं प्रीकाॅशनरी डोज अभियान को भी गति देने के लिए ऐसे लाभार्थियों का हर हाल में निर्धारित समय पर वैक्सीनेशन सुनिश्चित कराने का भी निर्देश दिया गया। वहीं, उन्होंने बताया, जिले में लगातार वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। जिसके माध्यम से नियमित तौर पर शिविर आयोजित कर योग्य लाभार्थियों को सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन दी जा रही है। साथ ही लोगों को वैक्सीनेशन के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।
– परिवार नियोजन योजना पर भी दिया गया बल :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, बैठक के दौरान परिवार नियोजन योजना की भी समीक्षा की गयी। जिसके बाद मौजूद पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए एवं योग्य महिलाओं को परिवार नियोजन के साधन को अपनाने के लिए प्रेरित करने को कहा गया। इसके अलावा नियमित टीकाकरण समेत अन्य कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए।
– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।

कायाकल्प अवॉर्ड से सम्मानित होंगे जिलास्तर पर बेहतर काम करने वाले हेल्थ एन्ड वेलनेस सेंटर 

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– जिलास्तर पर सबसे बेहतर  काम करने वाले हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को मिलेगी एक लाख रुपये की इनाम राशि
– 50 से अधिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर वाले जिला में सर्वश्रेष्ठ हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के अलावा फर्स्ट रनरअप को 50 हजार और सेकेंड रनरअप को मिलेगी 35 हजार रुपये की इनाम राशि
मुंगेर, 14 फरवरी-
कायाकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत  जिला भर में बेहतर काम करने वाले हेल्थ सब सेंटर (एचएससी) स्तरीय तीन ऑपरेशनल हेल्थ एन्ड वेलनेस सेंटर (एचडब्ल्यूसी) कायाकल्प अवॉर्ड से सम्मानित किए जाएंगे। जिला भर में सबसे बेहतर काम करने वाले ऑपरेशनल हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को कायाकल्प अवार्ड के रूप में एक लाख रुपये की इनाम राशि मिलेगी।
जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के जिला कार्यक्रम समन्वयक विकास कुमार ने बताया कि कायाकल्प कार्यक्रम के तहत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्तर के सभी स्वास्थ्य संस्थानों का इंटरनल और एक्सटर्नल असेसमेन्ट का कार्य जिला स्तर से ही संपादित किया जाना है। इसके  साथ ही जिलास्तरीय अवार्ड कमेटी के द्वारा ही विजेता हेल्थ एंड वेलनेस संस्थानों के नामों की घोषणा के साथ पुरस्कार राशि का वितरण भी किया जाना है।
उन्होंने बताया कि 50 से अधिक ओपरेशनल हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर वाले जिलों में जिलास्तर पर बेहतर काम करने वाले हेल्थ एन्ड वेलनेस सेंटर को कायाकल्प अवार्ड के रूप में एक लाख रुपये की इनाम राशि दी जाएगी। वहीं दूसरे स्थान पर रहने वाले हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को पचास हजार और तीसरे स्थान पर रहने वाले हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को 35 हजार रुपये की इनाम राशि कायाकल्प अवार्ड के रूप मिलेगी । इसके साथ ही 26 से 50 हेल्थ एंड वेलनेस वाले जिलों में बेहतर काम करने वाले विजेता हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को एक लाख रुपये  और दूसरे स्थान पर रहने वाले संस्थान को 50 हजार रुपये की इनाम राशि कायाकल्प अवार्ड के रूप में मिलेगी। इसी प्रकार से 10 से 25 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर वाले जिलों में सिर्फ विजेता हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को एक लाख रुपये की इनाम राशि कायाकल्प अवार्ड के तौर पर मिलेगी। वहीं वैसे जिला जहां 10 से कम हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर हैं और उन्होंने कायाकल्प असेसमेंट में 70 % से अधिक का स्कोर बनाया है तो उन्हें कायाकल्प अवार्ड के रूप में 25 हजार रुपये की इनाम राशि से सम्मानित किया जाएगा।

‘रामायण रिसर्च काउंसिल’ ने लिया जगत जननी भगवती सीताजी का विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा बनाने का संकल्प

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बिहार के सीतामढ़ी स्थित सर्किट हाउस में ‘रामायण रिसर्च काउंसिल’ द्वारा एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई जिसमें जगतजननी भगवती सीताजी का विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा बनाने का संकल्प लिया गया। काउंसिल ने इसके कार्यान्वयन हेतु एक समिति ‘श्रीभगवती सीता तीर्थ क्षेत्र समिति’ का भी गठन किया है जिसकी अध्यक्षता स्थानीय सांसद सुनील कुमार पिंटू करेंगे। सांसद श्री पिंटू ने बताया कि इसके लिए हमें 10 एकड़ भूमि की आवश्यकता है, जल्द ही हम बातचीत कर स्थान को चिन्हित कर लेंगे। सांसद ने कहा कि जगतजननी मां जानकीजी से संबंधित सीतामढ़ी की धरा पर ऐसे ऐतिहासिक कार्य को लेकर वह स्वयं शुरू से चिंतनशील रहे। सांसद ने इस पुनीत कार्य के लिए रामायण रिसर्च काउंसिल के मुख्य मार्गदर्शक परमहंस स्वामी सांदीपेंद्र जी महाराज (मध्य प्रदेश में नलखेड़ा स्थित बगलामुखी माता मंदिर प्रांगण के श्रीमहंत) को भी धन्यवाद कहा। सांसद श्री पिंटू ने बिहार में सांस्कृतिक चेतना को लगातार बढ़ावा देने के लिए मौजूदा नीतीश सरकार की प्रतिबद्धताओं और उपलब्धियों की भी सराहना की। साथ ही उन्होंने इस पुनीत कार्य में जनमानस से जुड़ने की अपील भी की।
इन विभागों से सहयोग की करेंगे अपीलः
सांसद ने बताया कि इस कार्य के समन्वय और क्रियान्वयन के लिए वित्त, नगर विकास, वन, पर्यावरण, पर्यटन व संस्कृति, लोकनिर्माण, सिंचाई, ऊर्जा, औद्योगिक और आवास विभाग से एक-एक नोडल अधिकारी भी नामित करने हेतु आग्रह किया जाएगा।
वेबसाइट भी लॉन्चः
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सांसद ने मां सीता डॉट कॉम वेबसाइट का भी शुभारंभ किया। सांसद श्री पिंटू ने बताया कि इस पुनीत कार्य से संबंधित हर जानकारी को समय-समय पर वेबसाइट पर अपडेट्स किया जाएगा, ताकि पूरे देश या देश के बाहर के लोग भी इस विषय से अवगत होते रहें।
वहीं प्रेस वार्ता में मौजूद रामायण रिसर्च काउंसिल के नेशनल कोऑर्डिनेटर तथा जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर हिमालयन योगी स्वामी वीरेंद्रानंद जी महाराज ने कहा कि यह विशाल प्रतिमा भारत के सांस्कृतिक मूल्यों का संवर्धन करेगा। उन्होंने कहा कि हम माता सीताजी पर जितना अधिक कार्य करेंगे, नारी-सशक्तीकरण को उतना अधिक बल मिलेगा, क्योंकि माता सीताजी ही हैं जो धैर्य और साहस की तब तक उदाहरण रहेंगी, जब तक यह धरती रहेगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हम काउंसिल के माध्यम से पूरे विश्व में माता सीताजी के जीवन-दर्शन का प्रसार कर भारत को विश्व-गुरू बनने में बल मिलेगा। साथ ही, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त भारत को भी नया आयाम मिलेगा।
ऐसी होगी विशाल प्रतिमा
काउंसिल के संस्थापक एवं महासचिव कुमार सुशांत ने बताया कि यह प्रतिमा 251 मीटर ऊंची होगी। प्रतिमा के चारों ओर वृताकार रूप में भगवती सीताजी की 108 प्रतिमाएं होंगी जो उनके जीवन-दर्शन को बिना किसी शब्द के ही वर्णित कर देगा। इन प्रतिमाओं के दर्शन के लिए इस स्थल को नौका-विहार तरीके से विकसित किया जाएगा। जानकारी दी गई कि भगवती सीताजी के जीवन-दर्शन पर आधारित एक डिजिटल-म्यूजियम का निर्माण, शोध संस्थान तथा अध्ययन केंद्र भी किया जाएगा। सुशांत ने बताया कि इस पवित्र परिसर में सभी देवी-देवता अपने अद्भुत रूप में स्थापित होंगे, वहीं श्रीतुलसीदासजी, श्रीवाल्मिकीजी, श्रीकेवटजी समेत रामायण के प्रमुख पात्रों की प्रतिमाएं भी स्थापित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि कई शक्तिपूर्ण स्थानों जैसे- नलखेड़ा (मप्र) में मां बगलामुखी माताजी की ज्योत लाकर इस स्थल को एक पर्यटक एवं शक्ति-स्थल के रूप में विकसित करना भी उद्देश्य है।
इनपर विशेष ध्यान होगा
इंटरप्रेटेशन सेंटर
लाइब्रेरी
पार्किंग
फूड प्लाजा
लैंडस्केपिंग के साथ-साथ पर्यटकों की मूलभूत सुविधाओं पर चिंतन
यह होगा समिति का प्रारूप
काउंसिल के सचिव पीताम्बर मिश्रा ने बताया कि इस समिति में कुल 21 सदस्य होंगे, बाद में चलकर इसका विस्तार 108 सदस्यों तक किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि समिति में देश के हर प्रदेश से एक सदस्य को शामिल किया जाएगा तथा विश्व के ऐसे देश जहां अधिकांश सनातनी हैं, उन देशों से भी एक-एक सदस्य को नामित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्य को थोड़ा गति प्रदान कर इस समिति के सदस्य सांसद जी के नेतृत्व में बिहार सरकार को और फिर केंद्र सरकार को भी अवगत कराएंगे।
प्रेस वार्ता के दौरान काउंसिल के उपाध्यक्ष रजनीश गुप्ता ने वर्तमान बिहार सरकार और केंद्र में मोदी सरकार की सराहना करते हुए कहा कि बिहार और केंद्र में बीते कुछ वर्षों में जनता के बीच जो जागृति का भाव आया है, उसी का परिणाम है कि आज हम ऐसे कार्य को मूर्त रूप देने की हिम्मत जुटा पा रहे हैं। रजनीश ने जनता से बढ़-चढ़कर इसमें भाग लेने की अपील भी की।
क्या है रामायण रिसर्च काउंसिल
यह काउंसिल ट्रस्ट के रूप में एक पंजीकृत संस्था है जो भगवान श्रीराम के मानव कल्याण संदेशों को जन-जन तक प्रसार तथा देश के सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन का कार्य करती है। यह काउंसिल प्रभु श्रीराम मंदिर संघर्ष पर पुस्तक-लेखन का कार्य भी कर रही है जो 1108 पृष्ठों की है तथा हिन्दी के अलावा 10 अन्य अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में भी अनुवाद हो रहा है।

चलत मुसाफ़िर और बस्तापैक एडवेंचर का पहला कवि सम्मेलन आयोजित

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ऋषिकेश, 12 फरवरी-
12 फरवरी को चलत मुसाफ़िर और बस्तापैक एडवेंचर ने साथ मिलकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का नाम है ‘बच्याण’, बच्याण का मतलब होता है ‘बात चीत’। इस कार्यक्रम के अंतर्गत पहला कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम मे उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों से कवि जुड़े रहे। उत्तरकाशी से दिनेश रावत जी, देहरादून से गीता गैरोला जी, रुद्रप्रयाग से बीना बेंजवाल जी और चमोली से ज्योत्सना जोशी जी इस कवि सम्मेलन मे शामिल रहे। सभी कवियों ने अपनी कविताओं के साथ साथ समाज को संदेश भी दिया है। गीता गैरोला जी का कहना है कि कविताओं का अपने तक सीमित ना रख कर पाठक तक पहुँचना बहुत ज़रूरी है इसके साथ ही सही शब्दों का चुनाव भी बहुत ज़रूरी है। ज्योत्सना जी ने कविताओं मे होने वाले शो ऑफ से नाराज़गी जताई। यह कार्यक्रम चलत मुसाफ़िर और बस्तापैक एडवेंचर की मीडिया कोओर्डिनेटर काजल मेहरा के द्वारा होस्ट किया गया।
चलत मुसाफ़िर और बस्तापैक एडवेंचर का कहना है कि इस तरह के कविता सम्मेलन आगे भी करवाये जाएँगे। पहाड़ भर से और कवियों को रूबरू करवाया जाएगा और साथ ही साथ समाज मे कविताओं और साहित्य की संरक्षणा की जाएगी।

लायंस क्लब ऑफ़ पटना-अनंता, राज्य स्वास्थ्य समीति एवं बीपीसीएल के सौजन्य से कोरोना टीकाकरण शिविर का हुआ आयोजन

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• एस.एल.मिस्सर पेट्रोल पंप पर लगा कोरोना टीकाकरण शिविर
• टेम्पू चालकों एवं पेट्रोल पंप में कर्मियों में दिखा खासा उत्साह
• करीब 100 लाभार्थियों ने टीका लगवाकर शिविर का उठाया लाभ
पटना/ 12 फ़रवरी-
राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग समुदाय के अधिक से अधिक लोगों को कोरोना का टीका लगाने के लिए प्रयासरत है ताकि लोग संक्रमण से सुरक्षित रह सकें. इसके लिए सरकार के अलावा लायंस क्लब ने भी कोविड टीकाकरण में अपनी सहभागिता दर्ज करायी है. आज शनिवार को पटना के गाँधी मैदान स्थित एस.एल.मिस्सर पेट्रोल पंप पर कोविड टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में ऐसे लाभार्थियों पर ख़ास ध्यान दिया गया जिन्होंने किसी भी कारन टीकाकरण स्थलों पर जाकर टीका नहीं लगवाया है. इस एक दिवसीय शिविर का उद्घाटन बीपीसीएल के बिहार एवं झारखंड प्रमुख नितिन सेलुकर ने किया. इस अवसर पर लायंस क्लब ऑफ़ अनंता- पटना की की अध्यक्ष नीता मिश्रा सहित क्लब के कई सदस्य मौजूद रहे.
टेम्पू चालकों एवं पेट्रोल पंप में कर्मियों में दिखा खासा उत्साह:
बीपीसीएल के राज्य प्रमुख नितिन सेलुकर ने बताया कि एस.एल.मिस्सर पेट्रोल पंप जो की राज्य का सबसे पुराना पेट्रोल पंप है और इनका यह प्रयास सराहनीय है. कई टेम्पो चालाक और पेट्रोल पंप कर्मियों के लिए यह शिविर लाभकारी साबित होगा. टेम्पो चालाक और पेट्रोल पंप के कर्मी अपने दैनिक समय में कई बार टीका लेने में असमर्थ दिखाई दिए और यह शिविर उन्हें ख़ास ध्यान में रखकर आयोजित किया गया है जिससे उन्हें लाभ होगा.
करीब 100 लाभार्थियों ने टीका लगवाकर शिविर का उठाया लाभ:
लायंस क्लब ऑफ़ पटना-अनंता की अध्यक्ष नीता मिश्रा ने बताया कि हमने टेम्पो चालाकों एवं ऐसे लोग जो किसी न किसी कारण टीकाकरण शिविरों में जाकर टीका नहीं लगवा पाए हैं उन्हें ध्यान में रखकर इस शिविर का आयोजन किया गया है. शिविर में कोवीशील्ड और कोवेक्सिन दोनों टीकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है ताकि किसी भी लाभार्थी को वापस नहीं लौटना पड़े. नीता मिश्रा ने बताया सरकार अपनी तरफ से टीकाकरण के लिए प्रयासरत है और यह सभी की जिम्मेवारी है की सरकार के साथ हाथ से हाथ मिलकर यह काम करें.
62 वर्षीय टेम्पो चालाक मोहम्मद शमी ने कोरोना टीका का अपना पहला डोज लिया और बताया कि इस शिविर के कारण ही वो टीका ले पाए हैं. रोज की कमाई के चक्कर में उन्हें कभी भी किसी टीकाकरण स्थल पर जाने का समय नहीं मिला और आज पेट्रोल लेने आने पर उन्हें पता चला कि यहाँ टीका लग रहा है और उन्होंने टीका लेकर इसका लाभ उठाया. उन्होंने इस पहल के लिए लायंस क्लब ऑफ़ पटना-अनंता और स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त किया.

‘सूर्यदत्त’द्वारा उरवडे गांव में महिला स्वयं सहायता समूहों को निःशुल्क सिलाई मशीन का वितरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम

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‘सूर्यदत्त’ निरंतर करता है  सामाजिक गतिविधियों का आयोजन

अमित तोडकर का वक्तव्य; उरवड़े में महिला स्वयं सहायता समूहों को सिलाई मशीनों का वितरण एवं प्रशिक्षण

पुणे : सूर्यदत्त ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स द्वारा संचालित सूर्यदत्त वुमेन एम्पॉवरमेंट अँड लीडरशिप अकॅडमी (स्वेला) और सेवा सारथी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में उरवड़े गांव के महिला स्वयं सहायता समूहों को मुफ्त सिलाई मशीन वितरण और प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला सदस्यों ने भाग लिया।

 

‘सूर्यदत्त’ के संस्थापक अध्यक्ष प्रा. डॉ. संजय चोरडिया के मार्गदर्शन में हुए इस कार्यक्रम में सूर्यदत्त की उपाध्यक्ष सुषमा चोरडिया, कार्यकारी निदेशक प्रा. सुनील धाडीवाल, सेवा सारथी फाउंडेशन के अमित तोडकर, प्रशिक्षण कार्यक्रम की मार्गदर्शिका कल्पना शिंदे, धनश्री पिसे, उरवडे ग्रामपंचायत के पदाधिकारी एवं सदस्य समीर शेलार, वैभव मुरकुटे, मंगला खोपकर, संगीत भिंगारे, प्रशांत मुंडे आदि उपस्थित थे।

 

सुषमा चोरडिया ने कहा, “सूर्यदत्त संस्था हमेशा सामाजिक कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाती है। जमीनी स्तर पर लोगों सहित जरूरतमंद और बुद्धिमान लोगों की मदद करने की भावना से संस्था का काम शुरू है। नॉलेज बैंक, फूड बैंक, क्लोदिंग बैंक जैसी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से छात्रवृत्ति, खाद्यान्न, कपड़े और अन्य सामग्री का वितरण किया जाता है। रेलवे स्टेशनों पर मजदूर और रिक्शा चालकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। एज्यु-सोशियो उपक्रम में महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक सेवा शामिल है।”

 

संस्था पहले भी इस तरह के उपक्रम कर चुकी है। भविष्य में, मुळशी और हवेली तालुका के गांवों में सिलाई मशीन वितरण और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रदान की गई सिलाई मशीन का ठीक से उपयोग किया जाना चाहिए, अच्छे प्रशिक्षण के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाना और अर्जित आमदनी से घरेलू खर्चों में योगदान देना चाहिए। यह उम्मीद सुषमा चोरडिया ने व्यक्त की। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस उपक्रम की सफलता के बाद स्वयं सहायता समूहों को अन्य उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

 

प्रा. सुनील धाडीवाल ने ‘सूर्यदत्त’ में केजी से पीजी पाठ्यक्रमों की प्रगति के बारे में बताया। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में संस्था के उपक्रम, सभी कॉलेजों के 100% परिणाम, गणमान्य व्यक्तियों को पुरस्कार, विभिन्न संस्था द्वारा ‘सूर्यदत्त’ को प्राप्त पुरस्कारों के बारे में जानकारी दी।

 

सूर्यदत्त संस्था लगातार सामाजिक रूप से उपयोगी गतिविधियों को लागू कर रही है। इसलिए सेवा सारथी फाउंडेशन हर संभव सहयोग कर रहा है और अधिक प्रभावी सामाजिक कार्य स्थापित किया जाना चाहिए, अमित तोडकर ने कहा।

उमड़ते सौ करोड़ अभियान के तहत लैंगिक असामानता, माहवारी स्वच्छता और महिला हिंसा पर चर्चा 

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उमड़ते सौ करोड़ अभियान के तहत लैंगिक असामानता, माहवारी स्वच्छता और महिला हिंसा पर चर्चा
सहयोगी और साहस संस्था की साझेदारी में हुआ तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
प्रतिभागियों को कार्यशाला में मिली माहवारी से जुड़ी भ्रांतियों व मिथकों पर जानकारी
पटना, 11 फरवरी:
समाज में व्याप्त लैंगिक भेदभाव और हिंसा के प्रति समुदाय में जागरूकता लाने का प्रयास किया जा रहा है. इसके लिए किशोरियों व महिलाओं के साथ विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है. जिला के दानापुर तथा बिहटा प्रखंड के विभिन्न गांवों में उमड़ते सौ करोड़ अभियान के तहत अलग अलग गतिविधियों में बड़ी संख्या में किशोरियां व महिलाएं हिस्सा ले रहीं हैं. उमड़ते सौ करोड़ अभियान एक अन्तर्राष्ट्रीय अभियान है जो विश्व के दो सौ से अधिक देशों में जेंडर आधारित भेदभाव व हिंसा के विरुद्ध एक सशक्त आवाज है. यह अभियान सभी प्रकार की हिंसा को समाप्त करने तथा समानता को बढ़ावा देने का प्रयास है.  बिहार में सहयोगी नामक संस्था द्वारा वर्ष 2016 से इस अभियान को दिशा मिल रही है. इसके तहत विभिन्न नेटवर्क संस्थाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, कलाकारों, महिलाओं, किशोर-किशोरियों, छात्रों के साथ बैठक कर लैंगिक हिंसा के प्रति जागरूक किया जा रहा है. संस्था घरेलु हिंसा को समाप्त करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर रही है.
तीन दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन:
इस अभिायान के तहत सहयोगी संस्था और साहस संस्था की साझेदारी में लैंगिक असामानता पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है. ऑनलाइन कार्यशाला में दो सौ से अधिक प्रतिभागियों एवं प्रशिक्षुओं ने भाग लिया. इस दौरान जेंडर, माहवारी स्वच्छता प्रबंधन एवं मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी गई, साथ ही प्रतिभागियों ने अपने अनुभवों को साझा किया. सहयोगी की प्रोग्राम डायरेक्टर रजनी ने कहा कि कोरोना महामारी के तीसरे लहर के कारण आॅनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया है. उन्होंने बताया कार्यशाला के पहले दिन जेंडर असमानता विषय पर किशोरियों ने अपने विचार रखें और कहा कि उन्हें अपने घर के पुरुषों की तरह आजादी नहीं मिल पाती है. घर के साथ साथ खेती बारी के काम में भी बेटियां हाथ बंटाती हैं फिर भी उनके काम को महत्व नहीं दिया जाता है. किशोरियों ने बताया घर के बाहर भी उन्हें कई परेशानियों का सामना करना होता है. लोगों का ताना, छेड़छाड़ तथा लैंगिक असमानता का सामना करना पड़ता है.
सोशल मीडिया पर होता है भेदभाव:
कार्यशाला के दौरान किशोरियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर महिलाओं के मजाक उड़ाये जाते हैं और गालियों से भी संबोधित किया जाता है. प्रतिभागी निशु ने कहा कि माहवारी के दौरान धार्मिक प्रतिबंधों का सामना महिलाएं करती हैं और कक्षा में साफ सफाई की जिम्मेदारी लडकियों की होती है. जबकि लड़कों पर ऐसे कामों की जिम्मेदारी नहीं दी जाती है.
प्रतिभागियों ने कहा  पुरुष केवल घर के बाहर का ही काम करना चाहते हैं, जबकि उन्हें भी बच्चों की देखभाल और घरेलु काम में सहयोग करना चाहिए. यद्यपि कुछ महिलाओं ने यह स्वीकार किया कि कुछ किशोर, पुरुष घर के कार्यों में सहयोग करते हैं. माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के बारे में बात करते हुए प्रतिभागी शिवानी ने कहा कि माहवारी को लेकर कोई जागरूकता संबंधी बातचीत नहीं की जाती है. समाज में आज भी इसके प्रति भ्रांतियां व गलत धारणाएं हैं. इसे दूर किये जाने की जरूरत है.  अन्य प्रतिभागियों ने बताया कि परेशानी या तकलीफ में हम दोस्तों से या माँ-बहन से बात कर लेते हैं, गाना गाते हैं, छत पर घूम लेते हैं तो मन हल्का हो जाता है। इसके साथ ही मानसिक स्वास्थ्य पर भी चर्चा की गई।साहस संस्था की मोना ने कहा कठिनाई, भय अथवा चिंता के समाधान लिए सकारात्मक पहल करना चाहिए, उपयुक्त व्यक्ति से सलाह-मशवरा कर उसका निदान करना चाहिए।  ऑनलाइन कार्यशाला में सहयोगी संस्था से उन्नति, लाजवंती, उषा, बिंदु, निर्मला, रूबी, मुन्नी, रिंकी, मनोज, धर्मेन्द्र, नितीश ने भाग लिया।

यौन हिंसा से संबंधित विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

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  -वैधानिक तरीके से मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की दी गई जानकारी
– जिला स्वास्थ्य समिति कार्यालय के सभागार में हुई कार्यशाला
– सभी स्वास्थ्य संस्थानों से एक-एक चिकित्सकों हुए शामिल
खगड़िया, 11 फरवरी-
शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य समिति कार्यालय के सभागार में यौन हिंसा से संबंधित विषय पर जिलास्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसका उदघाटन सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा ने किया। कार्यशाला में मौजूद चिकित्सकों को यौन हिंसा के पीड़ितों को वैधानिक (लीगल) तरीके से मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की विस्तृत जानकारी दी गई। जिसमें पीड़िता का कैसे लीगल रूप से केयर करना है, मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने समेत अन्य आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई। ताकि प्रशिक्षण प्राप्त सभी चिकित्सक पीड़िता को लीगल रूप से उनके सभी सुविधाओं का ख्याल रखते हुए आवश्यक मेडिकल सुविधा उपलब्ध करा सकें। जिससे पीड़िता खुद को सहज महसूस करते सुविधाजनक तरीके से मेडिकल सुविधा का लाभ ले सके। यह प्रशिक्षण केयर इंडिया के प्रशिक्षक अंशु द्वारा दिया गया। इस मौके पर डीआईओ डाॅ देवनंदन पासवान, डीपीएम (हेल्थ) पवन कुमार, केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद समेत जिले के सभी स्वास्थ्य संस्धान के एक-एक चिकित्सक शामिल थे।
– सभी स्वास्थ्य संस्थानों के एक-एक चिकित्सक को दिया गया प्रशिक्षण :
सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा ने बताया, यौन हिंसा से संबंधित विषय पर आयोजित कार्यशाला में जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के एक-एक चिकित्सक शामिल हुए। सभी चिकित्सकों को यौन हिंसा की पीड़िता को लीगल रूप से जरूरी मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने के दौरान किन-किन बातों का ख्याल रखना, पीड़िता का कैसे केयर करना है, समेत अन्य जानकारियाँ भी उपलब्ध कराई गई। ताकि पीड़िता को लीगल रूप से बेहतर मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
– यौन उत्पीड़न से संबंधित अधिनियम की भी दी गई जानकारी :
 कार्यशाला में मौजूद चिकित्सकों को यौन उत्पीड़न से संबंधित अधिनियम और कानूनी प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। जिसमें यौन उत्पीड़न से संबंधित एक्ट, कानूनी सहायता कैसे लेना, मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने के बाद क्या करना, यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आने वाली घटना, पीड़िता के गोपनीयता का ख्याल रखने, मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने के दौरान पीड़िता का केयर करने समेत अन्य लीगल और कानूनी जानकारियाँ विस्तार पूर्वक उपलब्ध कराई गई।

अनुमंडलीय अस्पताल बलिया का स्टेट टीम ने किया निरीक्षण, कालाजार और फाइलेरिया की ली जानकारी 

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– बड़ी बलिया गाँव का भ्रमण कर मरीजों के स्वास्थ्य का जाना हाल, मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की ली जानकारी
– कालाजार और फाइलेरिया से संबंधित एक-एक बिंदु की विस्तार से ली जानकारी
बेगूसराय, 11 फरवरी
शुक्रवार को पटना से आई स्टेट टीम ने जिले के अनुमंडलीय अस्पताल बलिया का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने कालाजार और फाइलेरिया से संबंधित विस्तृत जानकारी ली । टीम का लीड कर रहे हैँ केयर इंडिया के कालाजार और फाइलेरिया की स्टेट प्रोग्राम मैनेजर प्रीति कुमारी ने अस्पताल प्रबंधन से निरीक्षण के दौरान कालाजार और फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर जिले में चल रही तमाम गतिविधियों, मरीजों की संख्या, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधा समेत अन्य तमाम जानकारियाँ ली। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन के साथ एक मीटिंग की। जिसमें दोनों बीमारियों पर रोकथाम के लिए बेहतर से बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित कराने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई एवं मरीजों से सुविधाजनक तरीके से स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने पर बल दिया गया। साथ ही इस दौरान कालाजार और फाइलेरिया से संबंधित अस्पताल में संधारित एक-एक पंजी का अवलोकन किया गया और एक-एक बिंदु की जानकारी ली गई। जिसके बाद आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान अस्पताल की अन्य सुविधाओं की भी जानकारी ली गयी। इस मौके पर प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक मो. रहमान, केयर इंडिया के डीपीओ कृष्ण कुमार भारती, फाइलेरिया कार्यक्रम के इंचार्ज संजय कुमार, लैब टेक्नीशियन सुनील कुमार, केयर इंडिया के प्रखंड समन्वयक अंबुज कुमार, दिगम्बर कुमार आदि मौजूद थे।
– मरीजों से मिलकर जाना स्वास्थ्य हाल, दी गई आवश्यक चिकित्सा परामर्श :
अस्पताल निरीक्षण के बाद स्टेट टीम बड़ी बलिया गाँव पहुँची। जहाँ फाइलेरिया और कालाजार से पीड़ित मरीजों से मिलकर उनका स्वास्थ्य हाल जाना गया और आवश्यक चिकित्सा परामर्श दी गई। जिसमें दवाई का नियमित रूप से सेवन, स्वास्थ्य पीड़ा होने पर तुरंत स्थानीय अस्पतालों से संपर्क करने समेत अन्य कई आवश्यक जानकारियाँ दी गई। साथ ही सरकारी स्तर से मिल रही स्वास्थ्य सुविधा की भी जानकारी ली गयी।
– कालाजार और फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर जिले में लगातार चलाया जा रहा अभियान :
प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक मो. रहमान एवं केयर इंडिया के डीपीओ कृष्ण कुमार भारती ने संयुक्त रूप से बताया, कालाजार और फाइलेरिया उन्मूलन को सरकार द्वारा तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिसके माध्यम से घर-घर कालाजार मरीज खोज अभियान चलाकर मरीजों को चिह्नित किया जाता है। जिसके दौरान संक्रमित मिलने वालों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। वहीं, एमडीए अभियान के तहत फाइलेरिया जैसी बीमारी से बचाव के लिए लोगों को लोगों जरूरी दवाई का सेवन कराया जाता है। इसके अलावा अन्य तमाम गतिविधि का आयोजन कर लोगों को दोनों बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया जाता है। इस दौरान आवश्यक चिकित्सा परामर्श भी दी जाती है। साथ ही अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी दी जा सकती है। ताकि जरूरत पड़ने मरीज सुविधाजनक तरीके से सरकारी स्वास्थ्य सुविधा का लाभ ले सके।

नवजात को स्वास्थ्य की परेशानियाँ से दूर रखने को रोग-प्रतिरोधक क्षमता को ले रहें सजग 

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– मजबूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता संक्रामक बीमारी से भी रखता दूर और स्वस्थ शरीर का होता है निर्माण
– जन्म के बाद छः माह तक सिर्फ कराएं नवजात को माँ का स्तनपान, विकसित होगी रोग-प्रतिरोधक क्षमता
मुंगेर, 11 फरवरी
नवजात के स्वस्थ शरीर निर्माण के लिए नवजात का उचित देखभाल सबसे महत्वपूर्ण है। इसे सुनिश्चित करने में सबसे बड़ा योगदान नवजात की माँ का ही होता है। किन्तु, इसमें थोड़ी सी लापरवाही से नवजात बार-बार बीमार होने लगता है। जिससे वह शारीरिक रूप से भी बेहद कमजोर होने लगता है। बार-बार बीमार होना कमजोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता का बड़ा संकेत है। इसलिए, जन्म के बाद नवजात की  रोग-प्रतिरोधक क्षमता समेत अन्य देखभाल को लेकर पूरी तरह सजग रहें। इसके लिए नवजात की उचित देखभाल के साथ-साथ जन्म के बाद छह माह तक नवजात को सिर्फ माँ का ही स्तनपान कराएं। इससे ना सिर्फ बच्चे स्वस्थ्य रहते बल्कि, उसकी  रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है।
– माँ के दूध से बच्चों की विकसित होती है रोग- प्रतिरोधक क्षमता :
सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने बताया, उचित पोषण से ही बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास होगा और बच्चे स्वस्थ्य रहेंगे। इसलिए, शिशु को जन्म के पश्चात छह माह तक सिर्फ और सिर्फ माँ के ही दूध का सेवन कराएं। माँ का दूध बच्चों के लिए अमृत के समान होता और स्वस्थ्य शरीर निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है। माँ के दूध में मौजूद पोषक तत्व जैसे पानी, प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट मिनरल्स, वसा, कैलोरी, शिशु को न सिर्फ बीमारियों से बचाते , बल्कि उनमें रोग-प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं। इसके साथ ही बच्चे की पाचन क्रिया भी मजबूत होती है। इसलिए, मां के दूध को शिशु का प्रथम टीका कहा गया है, जो छह माह तक के बच्चे के लिए बेहद जरूरी है। वहीं, छह माह के बाद बच्चे के सतत विकास के लिए ऊपरी आहार की जरूरत पड़ती है। लेकिन, इस दौरान यह ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी हो जाता है कि उसे कैसा आहार दें।
– मजबूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता संक्रामक बीमारी से भी रखता है दूर :
जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी) विकास कुमार ने बताया कि मजबूत रोग- प्रतिरोधक क्षमता संक्रामक बीमारी से भी दूर रखता है। इसलिए, बच्चों की रोग- प्रतिरोधक क्षमता को लेकर शुरुआती दौर से ही सजग रहें। दरअसल, अगर शुरुआती दौर में ही बच्चे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी तो नवजात के स्वस्थ शरीर का निर्माण होगा और वह आगे भी शारीरिक रूप से मजबूत होगा।
– जन्म के बाद एक घंटे के अंदर नवजात को पिलाएं माँ का दूध :
एनआरसी मुंगेर की फीडिंग डिमांस्ट्रेटर रचना भारती ने बताया कि नवजात के स्वस्थ शरीर निर्माण के लिए जन्म के बाद एक घंटे के अंदर नवजात को माँ का दूध पिलाएं। इसके सेवन से नवजात की रोग- प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। किन्तु, जानकारी के अभाव में कुछ लोग इसे गंदा या बेकार दूध समझ नवजात को नहीं पिलाते हैं। जबकि, सच यह है कि माँ का पहला गाढ़ा-पीला दूध नवजात के लिए काफी फायदेमंद होता है।
– छह माह के बाद ही नवजात को दें ऊपरी आहार :
उन्होंने बताया कि नवजात को छह माह के बाद ही किसी प्रकार का बाहरी या ऊपरी आहार दें। छह माह तक सिर्फ और सिर्फ माँ का ही स्तनपान कराएं। इसके अगले कम से कम से कम दो वर्षों तक ऊपरी आहार के साथ माँ का स्तनपान भी जारी रखें। साथ ही लालन-पालन के दौरान साफ-सफाई का भी विशेष ख्याल रखें। बच्चों को गोद लेने के पहले खुद अपने हाथों को अच्छी तरह से धो लें, बच्चों को हमेशा साफ कपड़ा पहनाएं, गीला व गंदा कपड़ा से बच्चे को हमेशा दूर रखें। इससे वह संक्रामक बीमारी से दूर रहेगा।
– संम्पूर्ण टीकाकरण पर दें बल :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी (डीआईओ) राजेश कुमार रौशन ने बताया कि संम्पूर्ण टीकाकरण बच्चे को कई तरह के बीमारियों से दूर रखता और बच्चे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। इसलिए, बच्चे का संम्पूर्ण टीकाकरण कराएं। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बिलकुल नहीं करें।