सिविल सर्जन ने किशोरों के लिए टीकाकरण केंद्र का किया उद्घाटन

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-एसएस बालिका विद्यालय की छात्राओं ने टीका लेने में दिखाया उत्साह
-जिले में 15 से 18 साल के किशोरों के लिए कोरोना टीकाकरण की  शुरुआत
बांका, 3 जनवरी
जिले में 15 से 18 साल के किशोर-किशोरियों के लिए कोरोना टीकाकरण की शुरुआत सोमवार को हो गई। सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने बांका सदर प्रखंड के एसएस बालिका विद्यालय में कोरोना टीकाकरण केंद्र का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जिलेभर में किशोर-किशोरियों को टीका लगाने का काम शुरू हो गया है। स्कूलों में टीका देने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। 15 से 18 साल के छात्र-छात्राओं से मेरी अपील है कि वह जल्द से जल्ट टीका लेकर कोरोना से सुरक्षित हो जाएं। इसके अलावा 18 से अधिक उम्र वाले भी जिनलोगों ने अभी तक कोरोना का टीका नहीं लिया है, वे भी जल्द से जल्द टीका ले लें। जिनलोगों ने कोरोना टीका की पहली डोज ले ली है और समय पूरा हो गया है तो दूसरी डोज ले लें।
मौके पर मौजूद शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि सदर प्रखंड में किशोर-किशोरियों को कोरोना का टीका देने के लिए खास व्यवस्था की गई है। स्कूल के अलावा अन्य केंद्र पर भी ये लोग जाकर टीका ले सकते हैं। रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था ऑनलाइन भी की गई है और ऑन स्पॉट भी हो रहा है। जिनलोगों को जिस तरह से सुविधा हो, रजिस्ट्रेशन करवाएं और कोरोना का टीका ले लें। अब तो काफी लोगों का टीकाकरण हो गया है। पहली के साथ दूसरी डोज लेने वालों की संख्या भी अधिक है, इसलिए टीका को लेकर सभी लोग जागरूक हो गए हैं। लोगों को यह बात समझ में आ गई है कि कोरोना का टीका लेने से फायदा ही होता है। इसलिए जल्द से जल्द जाकर कोरोना का टीका ले लें।
किशोरियों में उत्साहः एसएस बालिका टीकाकरण केंद्र पर टीका लेने आई ममता कुमारी ने कहा कि मुझे टीका लेने में बहुत खुशी हो रही है। तीसरी लहर में बच्चों को कोरोना होने की आशंका व्यक्त की गई थी, इसलिए हमलोग थोड़े डरे हुए थे। लेकिन अब कोरोना का टीका ले लिया है तो खुशी हो रही है कि अब हमलोगों का बचाव हो सकेगा। इसी तरह प्रीति कुमारी ने कहा कि जब से मैंने सुना था कि किशोरों-किशोरियों को भी कोरोना का टीका लगाया जाएगा, तभी से उत्साहित थी। अब जब टीका ले लिया है तो ऐसा लग रहा है मानो कोरोना से सुरक्षित हो गईं।
टीका लेने के बाद भी रहें सावधानः डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि जिले में टीका लेने वालों की संख्या अच्छी खासी हो गई है। अब किशोरों और किशोरियों को भी टीका लगाया जा रहा है, लेकिन लोग फिर भी सतर्क रहें। कोरोना के नए मामले सामने आने लगे हैं। टीका लेने वालों को खतरा कम है, लेकिन कोरोना फिर से अपना पांव नहीं पसार सके इसलिए कोरोना की गाइडलाइन का पालन करें। घर से बाहर निकलते वक्त मास्क लगाएं। सामाजिक दूरी का पालन करें। बाहर से घर आने पर हाथ की धुलाई 20 सेकेंड तक अवश्य करें।

स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सवाल एवं शिकायत के लिए 104 पर करें संपर्क

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• मातृ एवं शिशु मृत्यु की सूचना भी दे सकते हैं
• मातृ मृत्यु की सूचना देने वाले को 1000 रूपये की प्रोत्साहन राशि

लखीसराय 2जनवरी :
स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता एवं लोगों तक इसकी आसान पहुँच सुनिश्चित करने के लिए सरकार कई प्रयास कर रही है. साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की प्रदायगी को सुदृढ़ करने की दिशा में भी गंभीर है. इसको लेकर सरकार ने 104 टोल फ्री नंबर की शुरुआत की है. जिसका मुख्य उद्देश्य चिकित्सकीय सेवा को सुदृढ़ करने, उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने , अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुँचाने एवं समय के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करना है. यदि आपको सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक, दवा, स्वास्थ्य सुविधा आदि से जुड़ी किसी भी तरह के सवाल का उत्तर जानना हो तो आप 104 टोल फ्री नंबर पर कॉल कर जानकारी हासिल कर सकते हैं. साथ ही इनसे जुड़ी किसी भी तरह की शिकायत एवं सुझाव के लिए 104 टोल फ्री नंबर पर कॉल कर सकते हैं. शिकायत दर्ज करने के बाद शिकायतकर्ता को एक यूनिक आईडी नंबर प्रदान किया जाता है. जिसकी सहायता से वह बाद में अपने शिकायत की स्थिति जान सकते हैं.

104 के तहत प्रदान की जाने वाली प्रमुख सेवाएं

• विशेषज्ञ चिकित्सक के द्वारा सामान्य रोगों की जानकारी
• कोरोना संबंधित जानकारी
• आयुष्मान भारत से संबंधित जानकारी
• चिकित्सकीय सेवा संबंधित सलाह, सुझाव एवं शिकायत
• मनोरोग संबंधित चिकित्सकीय परामर्श
• मातृ एवं शिशु मृत्यु की जानकारी देना

मातृ एवं शिशु मृत्यु की भी कर सकते हैं रिपोर्टिंग
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए कई तरह के कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं. साथ ही मातृ एवं शिशु मृत्यु की सही रिपोर्टिंग पर भी विशेष बल दिया जा रहा है. इसको लेकर सरकार गंभीरता पूर्वक कार्य भी कर रही है. इसको लेकर सरकार ने पहल करते हुए आम जनों से 104 टोल फ्री नंबर पर कॉल कर मातृ एवं शिशु मृत्यु की जानकारी देने की अपील भी कर रही है. मातृ मृत्यु की समय अवधि गर्भावस्था से लेकर प्रसव के बाद 42 दिनों तक रखी गयी है. अगर किसी भी व्यक्ति को इसके संबंध में जानकारी मिलती है तब वह 104 पर कॉल कर इसकी जानकारी दे सकते हैं. मातृ मृत्यु की जानकारी देने वाले को सरकार की तरफ से 1000 रूपये की प्रोत्साहान राशि देने का भी प्रावधान किया गया है. यह राशि मातृ मृत्यु के सत्यापन के बाद ही प्रदान की जाती है.

प्रत्येक व्यक्ति को उठाना चाहिए लाभ:
सिविल सर्जन डॉक्टर कुमार दवेन्द्र चौधरी ने कहा कि 104 टोल फ्री नंबर का लाभ सभी को उठाना चाहिए. इसके तहत स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी से लेकर शिकायत दर्ज करने की सुविधा प्रदान की गयी है. वहीं मातृ एवं शिशु मृत्यु की रिपोटिंग को बढ़ाने के लिए भी 104 टोल फ्री नंबर को प्रचारित करने की जरूरत है. मातृ एवं शिशु मृत्यु की सही जानकारी इससे जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने में सहयोग करता है. इसलिए आम जनों से अपील है कि वह 104 टोल फ्री नंबर का उपयोग जरुर करें

स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सवाल एवं शिकायत के लिए 104 पर करें संपर्क

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• मातृ एवं शिशु मृत्यु की सूचना भी दे सकते हैं
• मातृ मृत्यु की सूचना देने वाले को 1000 रूपये की प्रोत्साहन राशि

बांका:

स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता एवं लोगों तक इसकी आसान पहुँच सुनिश्चित करने के लिए सरकार कई प्रयास कर रही है. साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की प्रदायगी को सुदृढ़ करने की दिशा में भी गंभीर है. इसको लेकर सरकार ने 104 टोल फ्री नंबर की शुरुआत की है. जिसका मुख्य उद्देश्य चिकित्सकीय सेवा को सुदृढ़ करने, उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने , अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुँचाने एवं समय के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करना है. यदि आपको सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक, दवा, स्वास्थ्य सुविधा आदि से जुड़ी किसी भी तरह के सवाल का उत्तर जानना हो तो आप 104 टोल फ्री नंबर पर कॉल कर जानकारी हासिल कर सकते हैं. साथ ही इनसे जुड़ी किसी भी तरह की शिकायत एवं सुझाव के लिए 104 टोल फ्री नंबर पर कॉल कर सकते हैं. शिकायत दर्ज करने के बाद शिकायतकर्ता को एक यूनिक आईडी नंबर प्रदान किया जाता है. जिसकी सहायता से वह बाद में अपने शिकायत की स्थिति जान सकते हैं.

104 के तहत प्रदान की जाने वाली प्रमुख सेवाएं

• विशेषज्ञ चिकित्सक के द्वारा सामान्य रोगों की जानकारी
• कोरोना संबंधित जानकारी
• आयुष्मान भारत से संबंधित जानकारी
• चिकित्सकीय सेवा संबंधित सलाह, सुझाव एवं शिकायत
• मनोरोग संबंधित चिकित्सकीय परामर्श
• मातृ एवं शिशु मृत्यु की जानकारी देना

मातृ एवं शिशु मृत्यु की भी कर सकते हैं रिपोर्टिंग
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए कई तरह के कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं. साथ ही मातृ एवं शिशु मृत्यु की सही रिपोर्टिंग पर भी विशेष बल दिया जा रहा है. इसको लेकर सरकार गंभीरता पूर्वक कार्य भी कर रही है. इसको लेकर सरकार ने पहल करते हुए आम जनों से 104 टोल फ्री नंबर पर कॉल कर मातृ एवं शिशु मृत्यु की जानकारी देने की अपील भी कर रही है. मातृ मृत्यु की समय अवधि गर्भावस्था से लेकर प्रसव के बाद 42 दिनों तक रखी गयी है. अगर किसी भी व्यक्ति को इसके संबंध में जानकारी मिलती है तब वह 104 पर कॉल कर इसकी जानकारी दे सकते हैं. मातृ मृत्यु की जानकारी देने वाले को सरकार की तरफ से 1000 रूपये की प्रोत्साहान राशि देने का भी प्रावधान किया गया है. यह राशि मातृ मृत्यु के सत्यापन के बाद ही प्रदान की जाती है.

प्रत्येक व्यक्ति को उठाना चाहिए लाभ:
सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने कहा कि 104 टोल फ्री नंबर का लाभ सभी को उठाना चाहिए. इसके तहत स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी से लेकर शिकायत दर्ज करने की सुविधा प्रदान की गयी है. वहीं मातृ एवं शिशु मृत्यु की रिपोटिंग को बढ़ाने के लिए भी 104 टोल फ्री नंबर को प्रचारित करने की जरूरत है. मातृ एवं शिशु मृत्यु की सही जानकारी इससे जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने में सहयोग करता है. इसलिए आम जनों से अपील है कि वह 104 टोल फ्री नंबर का उपयोग जरुर करें

नए वर्ष में नई उम्मीदें, नई चाहत और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ना है –़़डॉ.मनीष कुमार सिन्हा, डायरेक्टर, ईडीआरएफ

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नईदिल्ली-

एजुकेशन डेवलपमेंट एंड रिसर्च फोरम, ईडीआरएफ के डायरेक्टर डॉ. मनीष कुमार सिन्हा ने नए वर्ष पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था जिस तरह से रफ्तार पकड़ रही है ऐसे में नए वर्ष में काफी कुछ नया करने का है, जिसके लिए हमें संकल्प लेना होगा।

ईडीआरएफ के डायरेक्टर डॉ.मनीष कुमार सिन्हा ने कहा कि नए वर्ष में हम नई उम्मीदें, नई चाहत और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगे। आज अर्थव्यवस्था पटरी पर अपनी रफ्तार पकड़ने को आतुर है। ऐसे में निवेश और उत्पादन के अंदाज में अद्यतन रहने की जरूरत है। ईडीआरएफ लगातार ऐसे कार्यशालाएं की आयोजन करता रहा है जिससे की व्यापारियों सहित देश के हर नागरिक को लाभ मिल सके।

डॉ.मनीष कुमार सिन्हा ने कहा कि आज निवेश के तरीके में बदलाव आया है ऐसे में साल के शुरुआत में अगर हम अपने आप को बदल लें तो तय है कि अंत तक हमें काफी लाभ मिलेगा। सरकार को एफडीआई और विनिवेश के क्षेत्र में कई बड़े काम करने की चुनौती है। ताकी बीमा, नागरिक उड्डयन, बैकिंग और रिटेल जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ाई जा सके। सरकारी खजाने में पैसे की बढ़ोत्तरी काफी हुई है, लेकिन अभी बहुत कुछ करने की चुनौती है जिसे इस वर्ष पूरा किया जा सकेगा। नए संकल्पों के साथ देशवासियों को ईडीआरएफ की तरह से नव वर्ष कीशुभकामनाएं।

लोगों के सहयोग से बहुत ही जल्द 10 करोड़ वैक्सीनेशन लक्ष्य को पूरा करेगा बिहार

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– मुंगेर के सभी पीएचसी/सीएचसी क्षेत्र में 80 प्रतिशत से अधिक लोगों को किया जा चुका  है वैक्सीनेटेड
– शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन लक्ष्य को सुनिश्चित करने को विभिन्न स्तर पर चलाए जा रहे अभियान
मुंगेर, 31 दिसंबर-
बिहार में कोरोना वैक्सीनेशन का आंकड़ा साढ़े नौ करोड़ को पार कर चुका है । नए वर्ष 2022 की शुरुआत के साथ ही संभव है कि बिहार में कोरोना वैक्सीनेशन का आंकड़ा 10 करोड़ के लक्ष्य को प्राप्त कर लेगा। मुंगेर में 10 लाख से अधिक लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जा चुकी है। पूरी संभावना है कि नए वर्ष के शुरुआती कुछ ही दिनों में मुंगेर शत प्रतिशत लोगों को वैक्सीनेटेड करने के लक्ष्य को प्राप्त कर ले । यह परिणाम सामुदायिक स्तर पर हर किसी के सहयोग और चुनौतीपूर्ण दौर में भी अपनी जान की परवाह नहीं करने वाले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी के साथ-साथ फ्रंटलाइन वर्करों में शामिल अन्य विभागों के पदाधिकारी और कर्मियों के अथक मेहनत से संभव हुआ। प्रदेश में एक और जहाँ कोरोना वैक्सीनेशन का 10 करोड़ का आंकड़ा पार हो जाएगा वहीं मुंगेर भी इस उपलब्धि में अपनी सशक्त भूमिका निभाएगा, जो संपूर्ण जिलावासियों के लिए इस महामारी से बचाव की दिशा में सबसे सुखद खबर है । इस महामारी को मात देने के लिए बेहतर उपलब्धि भी है। इस उपलब्धि को हासिल करने में स्वास्थ्य विभाग सहित आईसीडीएस, जिला प्रशासन, जीविका, केयर इंडिया, डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ सहित अन्य विभागों के एक-एक पदाधिकारी व कर्मी के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता सहित पूरे जिलेवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
– स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों और कर्मियों के सकारात्मक सहयोग से सफलता की राह पर मुंगेर  :
सिविल सर्जन डाॅ.हरेन्द्र आलोक ने बताया, पूरे प्रदेश में 10 करोड़ वैक्सीनेशन के आंकड़ा के साथ  ही मुंगेर भी बहुत जल्द शत-प्रतिशत लोगों को वैक्सीनेटेड करने की उपलब्धि पूरा कर लेगा । क्योंकि 25 दिसम्बर के आंकड़ों के अनुसार जिला भर के 80 प्रतिशत लोगों को वैक्सीनेटेड करते हुए 10 लाख का आंकड़ा प्राप्त कर लिया गया है। जो इस  महामारी से बचाव के लिए सबसे बेहतर उपलब्धि है। किन्तु, यह जिले के तमाम विभागों के एक-एक पदाधिकारी एवं कर्मियों की कडी मेहनत के साथ-साथ पूरे जिले वासियों के सकारात्मक सहयोग का परिणाम है। इस मुहिम को सफल बनाने में इन सभी लोगों का सराहनीय योगदान रहा है। मुश्किल भरे दौर में भी जहाँ जिले के तमाम विभागों के पदाधिकारी और कर्मी अपनी जिम्मेदारी पर डटे रहे। वहीं, सामुदायिक स्तर पर लोगों का भी सकारात्मक सहयोग मिलता रहा। मैं जिले वासियों से इस सहयोग को जारी रखते हुए जो भी लोग किसी कारण वश वैक्सीन नहीं ले सके हैं, उनसे जल्द से जल्द वैक्सीनेशन कराने की अपील करता हूँ।
– जिले में लगातार चलाए जा रहे हैं तमाम अभियान :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ राजेश कुमार रौशन ने बताया कि इस उपलब्धि में निश्चित तौर पर एक-एक विभागीय पदाधिकारी  एवं कर्मियों का अहम योगदान रहा है। इसके साथ ही सामुदायिक स्तर पर जिलेवासियों का सकारात्मक सहयोग मिलता रहा। इसके अलावा लोगों को वैक्सीनेशन कराने में किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो, इसके लिए लगातार तमाम माध्यमों से अभियान चलाकर जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का टीकाकरण सुनिश्चित करने का प्रयास जारी है। जैसे कि लगातार मेगा ड्राइव के तहत वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन, घर-घर दस्तक वैक्सीनेशन अभियान, 9-टू-9 वैक्सीनेशन सेंटर की स्थापना समेत अन्य अभियान।

03 जनवरी से 15 से 18  साल के किशोर-किशोरियों का वैक्सीनेशन, अभियान की सफलता को ले बैठक 

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– समाहरणालय के सभागार हाॅल में सिविल सर्जन की अध्यक्षता में हुई बैठक
– सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीएचएम एवं +2 स्कूलों के शिक्षक हुए शामिल
खगड़िया, 31 दिसंबर।
नववर्ष के आगमन के साथ 03 जनवरी से जिले के सभी प्रखंडों में 15 से 18 आयु वर्ग दायरे में आने वाले सभी किशोर-किशोरियों का वैक्सीनेशन अभियान शुरू होगा। इसके लिए 01 जनवरी से ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन कराने में युवाओं को किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो, इसके लिए जिले के सभी सेशन साइटों पर ऑन द स्पॉट भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसे सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक स्तर से करीब-करीब सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। वहीं, हर हाल में निर्धारित समय पर युवाओं का  वैक्सीनेशन शुरू कराने एवं इस अभियान की सफलता को लेकर शुक्रवार को समाहरणालय परिसर स्थित सभागार हाॅल में सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। जिसमें स्वास्थ्य विभाग,  शिक्षा विभाग समेत अन्य विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान इस वैक्सीनेशन की सफलता को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया और हर हाल में इसे सफल बनाने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया गया। बैठक में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान, डीपीएम (हेल्थ) पवन कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी कृष्ण कुमार, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (शिक्षा) शैलेन्द्र कुमार, केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद सहित जिले के सभी स्वास्थ्य स्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, केयर इंडिया की टीम, +2 हाईस्कूल के शिक्षक सहित अन्य पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।
– वैक्सीनेशन कराने में युवाओं को नहीं हो असुविधा, इसलिए सेशन साइटों पर भी रजिस्ट्रेशन की रहेगी व्यवस्था :
सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा ने बताया, नववर्ष के आगमन के साथ 03 जनवरी से 15 से 18 आयु वर्ग के सभी युवाओं का वैक्सीनेशन शुरू हो जाएगा। जिसको लेकर करीब-करीब सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। इसके अलावा हर हाल में निर्धारित समय पर वैक्सीनेशन कार्य शुरू कराने को लेकर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। वहीं, उन्होंने बताया, 01 जनवरी से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इच्छुक युवा पूर्व की भाँति कोविन-एप पर वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके अलावा सभी सेशन साइटों पर ऑन द स्पॉट भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। ताकि युवाओं को रजिस्ट्रेशन कराने में किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो और सभी युवा सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन ले सकें। साथ ही अधिकाधिक लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके।
– युवाओं को सिर्फ लगाया जाएगा को-वैक्सीन का टीका :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, निर्देशानुसार 15 से 18 आयु वर्ग सभी युवाओं को सिर्फ को-वैक्सीन का टीका लगाया जाएगा और पहला डोज लेने के बाद 28 दिनों के अंतराल पर दूसरी डोज भी दी जाएगी। इसको लेकर अभी से तैयारियाँ शुरू कर दी गई हैं। ताकि हर हाल में निर्धारित समय पर युवाओं का वैक्सीनेशन शुरू हो सके और सभी लाभार्थी सुविधाजनक तरीके से वैक्सीनेशन करा सकें।
– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।

नये साल में कोरोना से सुरक्षा की सौगात, 01 जनवरी से रजिस्ट्रेशन और 03 जनवरी से 15 से 18 वर्ष के युवाओं का होगा टीकाकरण

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– ऑनलाइन के साथ-साथ ऑन द स्पॉट भी रजिस्ट्रेशन की  सुविधा रहेगी उपलब्ध
– स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने संयुक्त रूप से पत्र जारी कर सिविल सर्जन और जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिए निर्देश
लखीसराय, 31 दिसंबर।
कोविड के नये वैरिएंट के बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार सामुदायिक स्तर पर लोगों को इस  महामारी से सुरक्षित करने को लेकर पूरी तरह सजग और संकल्पित है। साथ ही आवश्यकतानुसार हर जरूरी फैसले भी लिए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब 15 से 18 आयुवर्ग के सभी  किशोर और किशोरियों को भी टीकाकृत करने का निर्णय लिया गया है। ताकि इस आयुवर्ग के भी किशोर-किशोरी इस महामारी से खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें और इस  महामारी को मात देने के लिए खुद सक्षम महसूस कर सकें। ऐसे किशोरों को सरकार दो दिन बाद  नववर्ष के पहले दिन सुरक्षा की सौगात देने जा रही है। दरअसल, इस आयु वर्ग के युवाओं के वैक्सीनेशन के लिए साल के पहले दिन यानी 01 जनवरी से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और पूरे प्रदेश में 03 जनवरी से वैक्सीनेशन  कार्य भी शुरू हो जाएगा। इसे सुनिश्चित करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत एवं शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने संयुक्तरूप से पत्र जारी कर प्रदेश के सभी सिविल सर्जन और जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
– ऑनलाइन के साथ-साथ ऑन द स्पॉट भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा रहेगी उपलब्ध :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, नववर्ष के आगमन के साथ 03 जनवरी से 15 से 18 आयु वर्ग के सभी युवाओं का वैक्सीनेशन शुरू कराने का निर्देश प्राप्त हुआ है। जिसके सफल संचालन के लिए चल रही तैयारियां को अंतिम दिया जा रहा है। हर हाल में निर्धारित समय पर वैक्सीनेशन कार्य शुरू होगा। इसको लेकर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। वहीं, उन्होंने बताया, ऑनलाइन के साथ-साथ ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। ताकि युवाओं को वैक्सीनेशन कराने में किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो और सभी लोग सुरक्षित माहौल में सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन ले सकें। साथ ही अधिकाधिक लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके।
– युवाओं को सिर्फ को-वैक्सीन का लगाया जाएगा टीका :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया, निर्देशानुसार 15 से 18 आयु वर्ग सभी युवाओं को सिर्फ को-वैक्सीन का टीका लगाया जाएगा और पहला डोज लेने के बाद 28 दिनों के अंतराल पर दूसरा डोज भी दिया जाएगा। इसको लेकर अभी से तैयारियाँ शुरू कर दी गई हैं। ताकि हर हाल में निर्धारित समय पर युवाओं का वैक्सीनेशन शुरू हो सके और सभी लाभार्थी सुविधाजनक तरीके से वैक्सीनेशन करा सकें।
– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।

03 जनवरी से जिले के किशोर-किशोरियों का होगा कोविड  टीकाकरण, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन आज से 

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– टीकाकरण के लिए ऑनलाइन के साथ-साथ सेशन साइटों पर भी किया जाएगा रजिस्ट्रेशन
– स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने संयुक्त रूप से पत्र जारी राज्य के सिविल सर्जन और जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिए निर्देश
बाँका, 31 दिसंबर-
कोरोना के नये वैरिएंट के बढ़ते खतरे के मद्देनजर सामुदायिक स्तर पर लोगों को इस  महामारी से सुरक्षित करने के लिए नववर्ष के आगमन के साथ 03 जनवरी से जिले के सभी प्रखंडों में 15 से 18 वर्ष के दायरे में आने वाले किशोर-किशोरियों का टीकाकरण अभियान शुरू हो जाएगा। इसको लेकर सारी तैयारियाँ करीब-करीब पूरी कर ली गई हैं। ताकि अभियान का हर हाल में निर्धारित समय पर शुरू हो सके । सभी योग्य युवाओं को सुविधाजनक तरीके से टीका लगाया जा सके। इस आयु वर्ग के युवाओं के टीकाकरण के लिए साल के पहले दिन यानी 01 जनवरी से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसे सुनिश्चित करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत एवं शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने संयुक्तरूप से पत्र जारी कर प्रदेश के सभी सिविल सर्जन और जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
– टीकाकरण कराने में युवाओं को नहीं हो असुविधा, इसलिए सेशन साइटों पर भी रहेगी रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था :
सिविल सर्जन डाॅ सुधीर कुमार महतो ने बताया, नववर्ष के आगमन के साथ 03 जनवरी से 15 से 18 आयु के दायरे में आने वाले सभी युवाओं का टीकाकरण शुरू कराने का निर्देश प्राप्त हुआ है। हर हाल में निर्धारित समय पर टीकाकरण शुरू कराने को लेकर करीब-करीब सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। साथ ही इसे सुनिश्चित करने को लेकर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। वहीं, उन्होंने बताया, टीकाकरण के लिए रजिस्ट्रेशन कराने में युवाओं को किसी प्रकार की कोई असुविधा या परेशानी का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए जिले सभी सेशन साइटों पर भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इससे ना सिर्फ युवाओं को सुविधा होगी। बल्कि, जल्द से जल्द अधिकाधिक युवाओं का टीकाकरण भी सुनिश्चित होगा।
– युवाओं को सिर्फ लगाया जाएगा को-वैक्सीन का टीका :
15 से 18 आयु वर्ग सभी युवाओं को निर्देशानुसार फिलहाल  सिर्फ को-वैक्सीन का टीका लगाया जाएगा। पूर्व की भाँति  पहला डोज लेने के बाद 28 दिनों बाद ही फिर दूसरा डोज दिया जाएगा। इसको लेकर अभी से तैयारियाँ शुरू कर दी गई हैं। ताकि हर हाल में निर्धारित समय पर युवाओं को दोनों डोज की टीका लगाना सुनिश्चित हो सके और सभी लाभार्थी सुविधाजनक तरीके से वैक्सीनेशन करा सकें।

अनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम से अनीमिया के ख़िलाफ़ मुहिम में मिलेगी गति

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• 6 आयु वर्ग के लोगों को एनीमिया से मुक्ति
• अनीमिया में प्रति वर्ष 3 प्रतिशत की कमी करने का रखा गया है लक्ष्य
पटना: अनीमिया एक गंभीर लोक स्वास्थ्य समस्या है. इससे जहाँ शिशुओं का शारीरिक एवं  मानसिक विकास अवरुद्ध होता है. वहीँ किशोरियों एवं माताओं में कार्य करने की क्षमता में भी कमी आ जाती है. इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय पोषण अभियान के अंतर्गत ‘ अनीमिया मुक्त भारत’ कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है. बिहार सहित देश के सभी राज्यों में इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को संचालित किया जा रहा है. इस कार्यक्रम के तहत 6 विभिन्न आयु वर्ग के समूहों को चिन्हित कर उन्हें एनीमिया से मुक्त करने की पहल की गयी है.
अनीमिया में प्रतिवर्ष 3% की कमी लाने का लक्ष्य:
राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. श्री निवास प्रसाद ने कहा कि इस अभियान के तहत 6 विभिन्न आयु वर्ग की महिलाओं को लक्षित किया गया है. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश के लोगों को अनीमिया जैसे गंभीर रोगों से बचाव करना है. साथ ही इस कार्यक्रम के तहत एनीमिया में प्रतिवर्ष 3% की कमी लाने का लक्ष्य भी रखा गया है. इसके लिए सरकार द्वारा 6X6X6 की रणनीति के तहत 6 आयुवर्ग, 6 प्रयास एवं 6 संस्थागत व्यवस्था की गयी है. यह रणनीति आपूर्ति श्रृंखला , मांग पैदा करने और मजबूत निगरानी पर केंद्रित है. उन्होंने कहा कि खून में आयरन की कमी होने से शारीरिक एवं मानसिक विकास अवरुद्ध हो जाता है. इसके लिए सभी को आयरन एवं विटामिन ‘सी’ युक्त आहार का सेवन करना चाहिए. जिसमें आंवला, अमरुद एवं संतरे प्राकृतिक रूप से प्रचुर मात्रा में मिलने वाले स्रोत हैं. उन्होंने कहा कि विटामिन ‘सी’ ही शरीर में आयरन का अवशोषण करता है. इस लिहाज से इसकी मात्रा को शरीर में संतुलित करने की जरूरत है.
इन 6 आयु वर्ग के लोगों को किया गया है लक्षित:
• 6 से 59 महीने के बालक और बालिकाएं
• 5 से 9 साल के लड़के और लड़कियाँ
• 10 से 19 साल के किशोर औरकिशोरियां
•  20 से 24 वर्ष के प्रजनन आयु वर्ग की महिलाएँ( जो गर्भवती या धात्री न हो)
• गर्भवती महिलाएं
• स्तनपान कराने वाली महिलाएं
प्रदान की जाती है निःशुल्क दवा:
अनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के तहत सभी 6 आयु वर्ग के लोगों में अनीमिया रोकथाम की कोशिश की जा रही है. जिसमें 6 से 59 महीने के बालक और बालिकाओं को हफ्ते में दो बार आईएफए की 1 मिलीलीटर सिरप आशा द्वारा माताओं को निःशुल्क दी जाती है. 5 से 9 साल के लड़के और लड़कियों को हर सप्ताह आईएफए की एक गुलाबी गोली दी जाती है. यह दवा प्राथमिक विद्यालय में प्रत्येक बुधवार को मध्याह्न के बाद शिक्षकों के माध्यम से निःशुल्क दी जाती है. साथ ही 5 से 9 साल तक के वैसे बच्चे जो स्कूल नहीं जाते हैं, उन्हें आशा गृह भ्रमण के दौरान उनके घर पर आईएफए की गुलाबी गोली देती हैं. 10 से 19 साल के किशोर और किशोरियों को हर हफ्ते आईएफए की 1 नीली गोली दी जाती है. जिसे विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों पर प्रत्येक बुधवार को भोजन के बाद शिक्षकों एवं आंगनबाड़ी सेविका के माध्यम से निःशुल्क प्रदान की जाती है. 20 से 24 वर्ष के प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं को आईएफए की एक लाल गोली हर हफ्ते आरोग्य स्थल पर आशा के माध्यम से निःशुल्क दी जाती है. वहीं गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के चौथे महीने से प्रतिदिन खाने के लिए  आईएफए की 180 गोलियाँ दी जाती है. यह दवा उन्हें ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस के दिन प्रदान की जाती है. साथ ही धात्री माताओं के लिए भी प्रसव के बाद आईएफए की 180 गोली दी जाती है, जिसे उन्हें प्रतिदिन खाने की सलाह दी जाती है. इस दवा का भी वितरण ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस के दिन निःशुल्क ही होता है.
सप्ताह में दो ख़ुराक दिलाएगा आपके बच्चे को खून की कमी से निज़ात:
अनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के तहत 6 माह से 59 माह तक के बच्चों को सप्ताह में दो बार आईएफए(आयरन फोलिक एसिड) सिरप देने का प्रावधान किया गया है. एक ख़ुराक में 1 मिलीलीटर यानी 8-10 बूंद होती है. सभी आशा को स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से सिरप की 50 मिलीलीटर की बोतलें आवश्यक मात्रा में दी जाती है. प्रथम दो सप्ताह में आशा स्वयं बच्चों को दवा पिलाकर माँ को सिखाने का प्रयास करती हैं एवं अनुपालन कार्ड भरना सिखाती हैं. दो सप्ताह के बाद का ख़ुराक माँ द्वारा स्वयं पिलाने तथा अनुपालन कार्ड में निशान लगाने के विषय में इस कार्यक्रम के दिशा-निर्देश में विशेष बल दिया गया है

समय पर कोरोना टीका की दूसरी डोज लेने वालों को दिया गया पुरस्कार

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-टीका की दूसरी डोज समय पर लेने पर आप भी जीत सकते हैं पुरस्कार
बांका, 30 दिसंबर
जिले में कोरोना टीका की दूसरी डोज समय से लेने वालों को पुरस्कार देने का सिलसिला जारी है। गुरुवार को जिले के बांका सदर, बौंसी, कटोरिया, शंभूगंज, बाराहाट, चांदन, अमरपुर रजौन और धौरेया प्रखंड के लाभुकों को कोरोना टीका की दूसरी डोज समय पर लेने की वजह से लक्की ड्रॉ के तहत पुरस्कार दिया गया। सभी प्रखंडों से एक विजेता को बम्पर प्राइज और 10 विजेता को सांत्वना पुरस्कार दिया जा रहा है। आप भी बन सकते हैं पुरस्कार के भागीदार, इसलिए देर मत कीजिए। कोरोना टीका की पहली डोज लेने के बाद समय पूरा हो गया है तो जल्द दूसरी डोज लगवा लें। आपको भी मिल सकता है इनाम।
बंपर प्राइज के तहत तीन हजार रुपये तक का मिक्सर, कूकिंग गैस स्टोव, पानी का फिल्टर, सीलिंग फैन, कंबल और इंडक्शन कूकटॉप में से कोई एक सामान दिया गया। वहीं सांत्वना पुरस्कार के तहत एक हजार रुपये तक का पानी बोतल, कूकर, हेल्मेट, डिनर सेट और दीवाल घड़ी में से कोई एक सामान दिया गया। मालूम हो कि 27 नवंबर से 31 दिसंबर तक कोरोना टीका की दूसरी डोज समय पर लेने वालों को हर सप्ताह पुरस्कार देने की योजना है। इसके तहत कुल पांच सप्ताह तक लोगों को पुरस्कार दिया जाएगा। पांचों सप्ताह पूरा होने पर जिला स्तर पर तीन विजेताओं को ग्रैंड प्राइज दिया जाएगा। ग्रैंड प्राइज के तहत प्रखंड के सभी विजेताओं में से तीन को 25 हजार रुपये तक का 32 इंच की एलईडी टीवी या फिर डबल डोर वाला रेफ्रिजरेटर दिया जाएगा।
छूटे हुए लोग टीका लेने में देरी नहीं करें -सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने बताया कि जिले में कोरोना टीका की पहली डोज काफी लोगों ने ले ली है। दूसरी डोज लेने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। अब तो समय पर दूसरी डोज लेने वालों को पुरस्कार भी दिया जा रहा है। समय से कोरोना टीका की दूसरी डोज लीजिए, हो सकता है आप ही इनाम के भागीदार हों। साथ ही टीका लेने से कोरोना से भी आपका बचाव होगा, इसलिए देरी नहीं करें और जल्द से जल्द जाकर कोरोना टीका की दूसरी डोज लें। जिनलोगों ने कोरोना टीका की पहली डोज नहीं ली है, वे जल्द से जल्द पहली डोज ले लें।
उपलब्ध करायी जा रही सूचीः लकी ड्रॉ के लिए निर्धारित अवधि के दौरान प्रतिदिन कोविन पोर्टल से दूसरी खुराक के ड्यू लाभुकों की सूची को शाम 6 बजे तक अपडेट करने के साथ अगले सात दिनों तक इसका संधारण उपलब्ध करायी जा रही है। संकलित आंकड़ों में से दूसरी खुराक का टीका लक्की ड्रॉ की पात्रता अनुरूप प्राप्त लाभर्थियों की सूची संधारित की जा रही है और लक्की ड्रॉ के लिए सम्मिलित करते हुए पत्र के साथ संलग्न एसओपी में निर्धारित दिशा-निर्देश के अनुसार विजेता को पुरस्कृत किया जा रहा है।