सिविल सर्जन ने किशोरों के लिए टीकाकरण केंद्र का किया उद्घाटन
स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सवाल एवं शिकायत के लिए 104 पर करें संपर्क
• मातृ एवं शिशु मृत्यु की सूचना भी दे सकते हैं
• मातृ मृत्यु की सूचना देने वाले को 1000 रूपये की प्रोत्साहन राशि
लखीसराय 2जनवरी :
स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता एवं लोगों तक इसकी आसान पहुँच सुनिश्चित करने के लिए सरकार कई प्रयास कर रही है. साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की प्रदायगी को सुदृढ़ करने की दिशा में भी गंभीर है. इसको लेकर सरकार ने 104 टोल फ्री नंबर की शुरुआत की है. जिसका मुख्य उद्देश्य चिकित्सकीय सेवा को सुदृढ़ करने, उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने , अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुँचाने एवं समय के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करना है. यदि आपको सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक, दवा, स्वास्थ्य सुविधा आदि से जुड़ी किसी भी तरह के सवाल का उत्तर जानना हो तो आप 104 टोल फ्री नंबर पर कॉल कर जानकारी हासिल कर सकते हैं. साथ ही इनसे जुड़ी किसी भी तरह की शिकायत एवं सुझाव के लिए 104 टोल फ्री नंबर पर कॉल कर सकते हैं. शिकायत दर्ज करने के बाद शिकायतकर्ता को एक यूनिक आईडी नंबर प्रदान किया जाता है. जिसकी सहायता से वह बाद में अपने शिकायत की स्थिति जान सकते हैं.
104 के तहत प्रदान की जाने वाली प्रमुख सेवाएं
• विशेषज्ञ चिकित्सक के द्वारा सामान्य रोगों की जानकारी
• कोरोना संबंधित जानकारी
• आयुष्मान भारत से संबंधित जानकारी
• चिकित्सकीय सेवा संबंधित सलाह, सुझाव एवं शिकायत
• मनोरोग संबंधित चिकित्सकीय परामर्श
• मातृ एवं शिशु मृत्यु की जानकारी देना
मातृ एवं शिशु मृत्यु की भी कर सकते हैं रिपोर्टिंग
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए कई तरह के कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं. साथ ही मातृ एवं शिशु मृत्यु की सही रिपोर्टिंग पर भी विशेष बल दिया जा रहा है. इसको लेकर सरकार गंभीरता पूर्वक कार्य भी कर रही है. इसको लेकर सरकार ने पहल करते हुए आम जनों से 104 टोल फ्री नंबर पर कॉल कर मातृ एवं शिशु मृत्यु की जानकारी देने की अपील भी कर रही है. मातृ मृत्यु की समय अवधि गर्भावस्था से लेकर प्रसव के बाद 42 दिनों तक रखी गयी है. अगर किसी भी व्यक्ति को इसके संबंध में जानकारी मिलती है तब वह 104 पर कॉल कर इसकी जानकारी दे सकते हैं. मातृ मृत्यु की जानकारी देने वाले को सरकार की तरफ से 1000 रूपये की प्रोत्साहान राशि देने का भी प्रावधान किया गया है. यह राशि मातृ मृत्यु के सत्यापन के बाद ही प्रदान की जाती है.
प्रत्येक व्यक्ति को उठाना चाहिए लाभ:
सिविल सर्जन डॉक्टर कुमार दवेन्द्र चौधरी ने कहा कि 104 टोल फ्री नंबर का लाभ सभी को उठाना चाहिए. इसके तहत स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी से लेकर शिकायत दर्ज करने की सुविधा प्रदान की गयी है. वहीं मातृ एवं शिशु मृत्यु की रिपोटिंग को बढ़ाने के लिए भी 104 टोल फ्री नंबर को प्रचारित करने की जरूरत है. मातृ एवं शिशु मृत्यु की सही जानकारी इससे जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने में सहयोग करता है. इसलिए आम जनों से अपील है कि वह 104 टोल फ्री नंबर का उपयोग जरुर करें
स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सवाल एवं शिकायत के लिए 104 पर करें संपर्क
• मातृ एवं शिशु मृत्यु की सूचना भी दे सकते हैं
• मातृ मृत्यु की सूचना देने वाले को 1000 रूपये की प्रोत्साहन राशि
बांका:
स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता एवं लोगों तक इसकी आसान पहुँच सुनिश्चित करने के लिए सरकार कई प्रयास कर रही है. साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की प्रदायगी को सुदृढ़ करने की दिशा में भी गंभीर है. इसको लेकर सरकार ने 104 टोल फ्री नंबर की शुरुआत की है. जिसका मुख्य उद्देश्य चिकित्सकीय सेवा को सुदृढ़ करने, उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने , अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुँचाने एवं समय के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करना है. यदि आपको सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक, दवा, स्वास्थ्य सुविधा आदि से जुड़ी किसी भी तरह के सवाल का उत्तर जानना हो तो आप 104 टोल फ्री नंबर पर कॉल कर जानकारी हासिल कर सकते हैं. साथ ही इनसे जुड़ी किसी भी तरह की शिकायत एवं सुझाव के लिए 104 टोल फ्री नंबर पर कॉल कर सकते हैं. शिकायत दर्ज करने के बाद शिकायतकर्ता को एक यूनिक आईडी नंबर प्रदान किया जाता है. जिसकी सहायता से वह बाद में अपने शिकायत की स्थिति जान सकते हैं.
104 के तहत प्रदान की जाने वाली प्रमुख सेवाएं
• विशेषज्ञ चिकित्सक के द्वारा सामान्य रोगों की जानकारी
• कोरोना संबंधित जानकारी
• आयुष्मान भारत से संबंधित जानकारी
• चिकित्सकीय सेवा संबंधित सलाह, सुझाव एवं शिकायत
• मनोरोग संबंधित चिकित्सकीय परामर्श
• मातृ एवं शिशु मृत्यु की जानकारी देना
मातृ एवं शिशु मृत्यु की भी कर सकते हैं रिपोर्टिंग
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए कई तरह के कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं. साथ ही मातृ एवं शिशु मृत्यु की सही रिपोर्टिंग पर भी विशेष बल दिया जा रहा है. इसको लेकर सरकार गंभीरता पूर्वक कार्य भी कर रही है. इसको लेकर सरकार ने पहल करते हुए आम जनों से 104 टोल फ्री नंबर पर कॉल कर मातृ एवं शिशु मृत्यु की जानकारी देने की अपील भी कर रही है. मातृ मृत्यु की समय अवधि गर्भावस्था से लेकर प्रसव के बाद 42 दिनों तक रखी गयी है. अगर किसी भी व्यक्ति को इसके संबंध में जानकारी मिलती है तब वह 104 पर कॉल कर इसकी जानकारी दे सकते हैं. मातृ मृत्यु की जानकारी देने वाले को सरकार की तरफ से 1000 रूपये की प्रोत्साहान राशि देने का भी प्रावधान किया गया है. यह राशि मातृ मृत्यु के सत्यापन के बाद ही प्रदान की जाती है.
प्रत्येक व्यक्ति को उठाना चाहिए लाभ:
सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने कहा कि 104 टोल फ्री नंबर का लाभ सभी को उठाना चाहिए. इसके तहत स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी से लेकर शिकायत दर्ज करने की सुविधा प्रदान की गयी है. वहीं मातृ एवं शिशु मृत्यु की रिपोटिंग को बढ़ाने के लिए भी 104 टोल फ्री नंबर को प्रचारित करने की जरूरत है. मातृ एवं शिशु मृत्यु की सही जानकारी इससे जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने में सहयोग करता है. इसलिए आम जनों से अपील है कि वह 104 टोल फ्री नंबर का उपयोग जरुर करें
नए वर्ष में नई उम्मीदें, नई चाहत और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ना है –़़डॉ.मनीष कुमार सिन्हा, डायरेक्टर, ईडीआरएफ
नईदिल्ली-
एजुकेशन डेवलपमेंट एंड रिसर्च फोरम, ईडीआरएफ के डायरेक्टर डॉ. मनीष कुमार सिन्हा ने नए वर्ष पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था जिस तरह से रफ्तार पकड़ रही है ऐसे में नए वर्ष में काफी कुछ नया करने का है, जिसके लिए हमें संकल्प लेना होगा।
ईडीआरएफ के डायरेक्टर डॉ.मनीष कुमार सिन्हा ने कहा कि नए वर्ष में हम नई उम्मीदें, नई चाहत और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगे। आज अर्थव्यवस्था पटरी पर अपनी रफ्तार पकड़ने को आतुर है। ऐसे में निवेश और उत्पादन के अंदाज में अद्यतन रहने की जरूरत है। ईडीआरएफ लगातार ऐसे कार्यशालाएं की आयोजन करता रहा है जिससे की व्यापारियों सहित देश के हर नागरिक को लाभ मिल सके।
डॉ.मनीष कुमार सिन्हा ने कहा कि आज निवेश के तरीके में बदलाव आया है ऐसे में साल के शुरुआत में अगर हम अपने आप को बदल लें तो तय है कि अंत तक हमें काफी लाभ मिलेगा। सरकार को एफडीआई और विनिवेश के क्षेत्र में कई बड़े काम करने की चुनौती है। ताकी बीमा, नागरिक उड्डयन, बैकिंग और रिटेल जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ाई जा सके। सरकारी खजाने में पैसे की बढ़ोत्तरी काफी हुई है, लेकिन अभी बहुत कुछ करने की चुनौती है जिसे इस वर्ष पूरा किया जा सकेगा। नए संकल्पों के साथ देशवासियों को ईडीआरएफ की तरह से नव वर्ष कीशुभकामनाएं।