मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए प्रसव पूर्व जाँच जरूरी:सीएस

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– महिलाओं को करें जागरूक
– जिला स्वास्थ्य समिति लखीसराय के सभागार में मातृ-शिशु मृत्यु से संबंधित प्रशिक्षण का आयोजन
– प्रशिक्षण में सभी चिकित्सा पदाधिकारी, बीसीएम, केयर इंडिया की टीम के साथ निजी स्वास्थ्य स्थानों के चिकित्सक भी हुए शामिल

लखीसराय, 10 दिसंबर।
शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य समिति लखीसराय के सभागार हाॅल में मातृ-शिशु मृत्यु से संबंधित एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिसमें जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के चिकित्सा पदाधिकारी, बीसीएम, केयर इंडिया की टीम के साथ-साथ शहर के निजी स्वास्थ्य स्थानों के चिकित्सक भी शामिल हुए। प्रशिक्षण की अध्यक्षता सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने की। प्रशिक्षण में मातृ एवं मृत्यु दर पर किस तरह सर्विलांस रिपोर्टिंग हो, इस पर विस्तृत चर्चा की गई। वहीं, सिविल सर्जन ने कहा, शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए बेहतर प्रसव एवं उचित स्वास्थ्य प्रबंधन जरूरी है। प्रसव पूर्व जाँच से ही गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य की सही जानकारी मिलती है। गर्भावस्था में बेहतर शिशु विकास एवं प्रसव के दौरान होने वाले रक्तस्राव के प्रबंधन के लिए महिलाओं में पर्याप्त मात्रा में खून होना आवश्यक होता है। जिसमें प्रसव पूर्व जाँच की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। एनीमिया प्रबंधन के लिए प्रसव पूर्व जाँच के प्रति महिलाओं की जागरूकता न सिर्फ एनीमिया रोकथाम में सहायक होती है बल्कि, सुरक्षित मातृत्व की आधारशिला भी तैयार करती है। ऐसे में प्रसव पूर्व जांच की महत्ता और अधिक बढ़ जाती है, क्योंकि यह मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए, महिलाओं को इसके लिए जागरूक करने की जरूरत है। क्योंकि, मातृ-मृत्यु दर को कम करने, अर्थात रोकने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। वहीं, उन्होंने कहा, मातृ-मृत्यु की रिपोर्टिंग भी सुनिश्चित रूप से करें। ताकि घटना के कारणों की जानकारी मिल सके और फिर कारणों को दूर करने के लिए आवश्यक पहल की जा सके।

– मातृ-मृत्यु दर में कमी लाने के लिए किए जा रहे हर जरूरी प्रयास :
प्रशिक्षण के दौरान केयर इंडिया के मास्टर प्रशिक्षक राकेश कुमार ने कहा, मातृ-मृत्यु दर में कमी लाने के हर जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं। बाबजूद इसके जागरूकता के अभाव में हमारे प्रदेश में प्रति एक लाख प्रसव पर 149 महिलाओं की मौत हो जाती है। जिसे हर हाल में रोकने करने की जरूरत है। वहीं, उन्होंने कहा, सुमन कार्यक्रम के तहत शत-प्रतिशत मातृ मृत्यु दर की रिपोर्टिंग का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सबसे पहले मातृ-मृत्यु की सूचना देने वाले व्यक्ति को एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया जाता है। जबकि, मृत्यु के 24 घंटे के अंदर स्थानीय पीएचसी में सूचना देने पर आशा कार्यकर्ता को दो सौ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अलावा इस संबंध में किसी प्रकार की परेशानियाँ होने पर 104 टाॅल फ्री नंबर काॅल कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। वहीं, उन्होंने कहा, मातृ-मृत्यु को रोकने के लिए हर माह नौ तारीख को सभी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जाँच की जाती है, जो मातृ-शिशु मृत्यु दर को रोकने के लिए सबसे बेहतर अभियान है। वहीं, उन्होंने कहा, अगर इस अभियान में कोई प्राइवेट चिकित्सक भाग लेंगे तो उन्हें दो हजार रुपये दिए जाएँगे। वहीं, उन्होंने कहा, 80 प्रतिशत प्रसव सरकारी एवं निजी अस्पतालों में ही होती है। ऐसे में अगर सही जागरूकता हो तो 80 प्रतिशत मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को हम रोक सकते हैं। 05 प्रतिशत महिलाओं की मौत एएनसी सर्विस नहीं मिलने के कारण होती है। जबकि, 20 प्रतिशत मौतें प्रसव के दौरान और 50 प्रतिशत मौतें प्रसव के बाद 24 घंटे के दौरान होती है। जिसे सही प्रशिक्षण और सही सर्विलांस की बदौलत रोकी जा सकती है।

मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी : सीएस

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– जिले एएनएम स्कूल के सभागार में मातृ-शिशु मृत्यु से संबंधित प्रशिक्षण का आयोजन
– जिले के सभी चिकित्सा पदाधिकारी, बीसीएम, निजी स्वास्थ्य स्थानों के चिकित्सकों को दिया गया एक दिवसीय प्रशिक्षण

खगड़िया, 10 दिसंबर
शुक्रवार को जिले के एएनएम स्कूल में मातृ-शिशु मृत्यु से संबंधित एक प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा ने की। बैठक में जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीसीएम, निजी स्वास्थ्य स्थानों के चिकित्सक समेत अन्य पदाधिकारी और केयर इंडिया की टीम भी शामिल हुई। जिसमें मातृ एवं मृत्यु दर पर किस तरह सर्विलांस रिपोर्टिंग हो, इस पर विस्तृत चर्चा की गई। वहीं, सिविल सर्जन ने कहा, मातृ-मृत्यु दर को कम करने, अर्थात रोकने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। इसलिए, ऐसी घटना के कारणों की लोगों को जानकारी उपलब्ध कराएं और उन्हें बचाव के लिए आवश्यक जानकारी दें। ताकि घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो और मातृ-मृत्यु दर पर विराम सुनिश्चित हो सके। वहीं, उन्होंने बताया, इसको लेकर सरकार द्वारा तमाम कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सके और लोगों में जागरूकता आ सके। वहीं, उन्होंने कहा, मातृ-मृत्यु की रिपोर्टिंग भी सुनिश्चित रूप से करें। ताकि घटना के कारणों की जानकारी मिल सके और फिर कारणों को दूर करने के लिए आवश्यक पहल की जा सके।

– मातृ-मृत्यु दर रोकने के लिए किए जा रहे हर जरूरी प्रयास :
प्रशिक्षण के दौरान यूनिसेफ से आए मास्टर प्रशिक्षक डाॅ गौरव ओझा ने कहा, हर हाल में मातृ-मृत्यु दर को रोकने के लिए हर जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में हमारे प्रदेश में प्रति एक लाख प्रसव के दौरान 149 महिलाओं की मौत हो जाती है। जिसे हर हाल में कम करने की जरूरत है। वहीं, उन्होंने कहा, सुमन कार्यक्रम के तहत शत-प्रतिशत मातृ मृत्यु दर की रिपोर्टिंग का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सबसे पहले मातृ-मृत्यु की सूचना देने वाले व्यक्ति को एक हजार रूपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया जाता है। जबकि, मृत्यु के 24 घंटे के अंदर स्थानीय पीएचसी में सूचना देने पर आशा कार्यकर्ता को दो सौ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अलावा इस संबंध में किसी प्रकार की परेशानियाँ होने पर 104 टाॅल फ्री नंबर काॅल कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

– प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में भाग लेने वाले प्राइवेट चिकित्सकों को मिलेगा दो हजार :
यूनिसेफ के मास्टर प्रशिक्षक डॉ नलिनीकांत त्रिपाठी ने कहा, हर माह नौ तारीख को सभी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जाँच की जाती है, जो मातृ-शिशु मृत्यु दर को रोकने के लिए सबसे बेहतर अभियान है। वहीं, उन्होंने कहा, अगर इस अभियान में कोई प्राइवेट चिकित्सक भाग लेंगे तो उन्हें दो हजार रूपये दिए जाएँगे।

– 80 प्रतिशत प्रसव अस्पतालों में होती है :
डीसीक्यूए डाॅ गजेंद्र गौतम ने कहा, 80 प्रतिशत प्रसव सरकारी एवं निजी अस्पतालों में ही होती है। ऐसे में अगर सही जागरूकता हो तो 80 प्रतिशत मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को हम रोक सकते हैं। वहीं, उन्होंने कहा, 05 प्रतिशत महिलाओं की मौत एएनसी सर्विस नहीं मिलने के कारण होती है। जबकि, 20 प्रतिशत मौतें प्रसव के दौरान और 50 प्रतिशत मौतें प्रसव के बाद 24 घंटे के दौरान होती है। जिसे सही प्रशिक्षण और सही सर्विलांस के बदौलत रोकी जा सकती है।

– प्रशिक्षण में ये उपस्थित :
एसीएमओ डॉ आर एन चौधरी, डीपीएम (हेल्थ) पवन कुमार, खगड़िया सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डाॅ योगेन्द्र नारायण प्रयसी, केयर इंडिया के डीटीओ-एफ हरि कृष्णा नायक, डीटीओ-ऑन चंदन कुमार, बीएम रेणुका कुमारी आदि मौजूद थे।

दूसरी डोज समय पर लेकर लोग जीत रहे पुरस्कार, आप भी बन सकते हैं भागीदार

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-कोरोना टीका की पहली डोज ले लिए हैं और समय पूरा हो गया है तो देर मत कीजिए
-नजदीकी टीकाकरण केंद्र पर जाइए और टीका लीजिए, आप भी जीत सकते हैं पुरस्कार
बांका, 10 दिसंबर
जिले में कोरोना टीका की दूसरी डोज समय पर लेने वालों को पुरस्कार दिया जा रहा है। गुरुवार को काफी लोगों को पुरस्कार दिया गया। बचे हुए लोगों को शुक्रवार को भी पुरस्कार दिया गया। बांका सदर, बाराहाट, चांदन, धोरैया, रजौन और कटोरिया प्रखंड में शुक्रवार को एक-एक लोगों को बंपर प्राइज दिया गया, जबकि काफी लोगों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। यह पुरस्कार केयर इंडिया के सहयोग से दिया जा रहा है। सदर प्रखंड के तहत गांधी चौक स्थित टीकाकरण केंद्र पर पुरस्कार वितरण समारोह किया गया जहां पर बीडीओ संजय कुमार ने लाभुकों को पुरस्कार दिया ।मौके पर केयर इंडिया के राकेश कुमार और सीमा भी मौजूद थी। यह योजना 31 दिसंबर तक पांच चरणों में चलेगी। अभी एक चरण ही पूरा हुआ है। अगर आपने भी कोरोना टीका की पहली डोज ले ली और समय पूरा हो गया है तो देर मत कीजिए। नजदीकी टीकाकरण केंद्र पर जाइए और दूसरी डोज लीजिए। क्या पता आप ही हो जाएं इनाम के हकदार।
बंपर प्राइज के तहत तीन हजार रुपये तक का मिक्सर, कूकिंग गैस स्टोव, पानी का फिल्टर, सीलिंग फैन, कंबल और इंडक्शन कूकटॉप में से कोई एक सामान दिया जा रहा है। वहीं सांत्वना पुरस्कार के तहत एक हजार रुपये तक का पानी बोतल, कूकर, हेल्मेट, डिनर सेट, इमरजेंसी लाइट, टिफिन, योगा मैट, दीवाल घड़ी में से कोई एक सामान दिया जा रहा है। मालूम हो कि 27 नवंबर से 31 दिसंबर तक कोरोना टीका की दूसरी डोज समय पर लेने वालों को हर सप्ताह पुरस्कार देने की योजना है। इसके तहत कुल पांच सप्ताह तक लोगों को पुरस्कार दिया जाएगा। पांचों सप्ताह पूरा होने पर 31 दिसंबर को जिला स्तर पर तीन विजेताओं को ग्रैंड प्राइज दिया जाएगा। ग्रैंड प्राइज के तहत प्रखंड के सभी विजेताओं में से तीन को 25 हजार रुपये तक का 32 इंच की एलईडी टीवी या फिर डबल डोर वाला रेफ्रिजरेटर दिया जाएगा।
छूटे हुए लोग टीका लेने में देरी नहीं करेः शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि जिले में कोरोना टीका की पहली डोज काफी लोगों ने ले ली है। दूसरी डोज लेने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। अब तो समय पर दूसरी डोज लेने वालों को पुरस्कार भी दिया जा रहा है। समय से कोरोना टीका की दूसरी डोज लीजिए, हो सकता है आप ही इनाम के भागीदार हों। साथ ही टीका लेने से कोरोना से भी आपका बचाव होगा, इसलिए देरी नहीं करें और जल्द से जल्द जाकर कोरोना टीका की दूसरी डोज लें। जिन लोगों ने कोरोना टीका की पहली डोज नहीं ली है, वे जल्द से जल्द पहली डोज ले लें।
केयर इंडिया उपलब्ध करा रही सूचीः लक्की ड्रॉ के लिए निर्धारित अवधि के दौरान प्रतिदिन कोविन पोर्टल से दूसरी खुराक के ड्यू लाभुकों की सूची को शाम 6 बजे तक अपडेट करने के साथ अगले सात दिनों तक इसका संधारण केयर इंडिया के द्वारा उपलब्ध करायी जा रही है। संकलित आंकड़ों में से दूसरी खुराक का टीका लक्की ड्रॉ के पात्रता अनुरूप प्राप्त लाभर्थियों की सूची संधारित की जा रही है और लकी ड्रॉ के लिए सम्मिलित करते हुए पत्र के साथ संलग्न एसओपी में निर्धारित दिशा-निर्देश के अनुसार विजेता को पुरस्कृत किया जा रहा है।

लोगों को कोविड-19 से बचाने को लेकर घर-घर दस्तक दे रही हैं आशा कार्यकर्ता

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– नक्सल और सुदूर क्षेत्रों में नियमित टीकाकरण के साथ-साथ कोरोना टीके एवं एचआईवी जाँच के लिए कर रही हैं प्रेरित
– दूसरे डोज दिलाने के लिए प्रबुद्ध लोगों का लेती हैं सहयोग
– नियमित अंतराल पर विभागीय कर्मियों से परामर्श सत्रों का कराती हैं आयोजन

जमुई, 9 दिसम्बर
जिले के नक्सल प्रभावित और सुदूर क्षेत्रों में बसने वाले लोगों के स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। विभाग की पहल पर आशा कार्यकर्ता इसमें अपनी महती भूमिका निभा रही हैं। इसके फलस्वरूप ग्रामीणों को मातृत्व शिशु स्वास्थ्य, किशोर स्वास्थ्य या कोविड से जीवन रक्षा में सुलभता हुई है।
रंजू , आशा कार्यकर्ता, हरनी गाँव, खैरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बताती हैं कोविड-19 दिशा निर्देशों का पालन करते हुए अपने कार्य क्षेत्र के सभी लोगों के स्वास्थ्य के मुद्दों को समझाने में सफलता के साथ लगी हूँ। क्षेत्र के लाभार्थियों की जाँच और टीकाकरण की सूची तैयार करना, सामाजिक उत्प्रेरण और आंगनबाड़ी केन्द्रों पर प्रत्येक बुधवार और महीने के दूसरे शुक्रवार को नियमित टीकाकरण कराना हमारी जिम्मेवारी है। इन सब स्थितियों में समय के सही प्रबंधन के लिए विभाग से मिले प्रशिक्षणों का बखूबी उपयोग करती हूँ और समय-समय पर विभागीय कर्मियों से परामर्श सत्रों का आयोजन कराती हूँ । इसी का परिणाम है मेरे गाँव में अभी तक एक भी परिवार के किसी भी सदस्य की कोरोना संक्रमण से मृत्यु नहीं हुई है। कोविड-19 के दूसरे डोज के लिए गाँव के प्रभावी कुछ लोगों को समझाने हेतु सहयोग भी लेती हूँ।
इसी क्रम में आशा फैसिलिटेटर, संगीता देवी, अलीगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की कहती हैं हमारी टीम के द्वारा स्वच्छता के मानकों में मास्क की उपयोगिता, सामाजिक दूरी, साबुन से नियमित अंतराल पर हाथों को धोने के लिए दैनिक स्तर पर समझाने का कार्य किया जाता है। इसके साथ ही नियमित टीकाकरण, कोविड-19 जाँच की योजना बनायी जाती है और उसके कार्यरूप की मॉनिटरिंग निरंतर करती हूँ । उन्होंने बताया इस हालात में कार्य करना विशेष चुनौती तो है लेकिन उत्साह और कर्मठता से लक्ष्यों की प्राप्ति होती है।
मिता सरकार, आशा, बानपुर, खैरा कहती हैं हम तो महीने के प्रत्येक दिन स्वास्थ्य सेवाओं के साथ समुदाय में मौजूद रहते हैं। पिछले लॉकडाउन के समय से ही लाभार्थियों को संक्रमण से बचने के उपायों और समय-समय पर टीकाकरण, प्रसव पूर्व व पश्चात् जाँच, गृह भ्रमण में योगदान करती आ रही हूँ । इतना ही नहीं किशोर-किशोरियों को प्रजनन स्वास्थ्य और उनके अधिकारों के बारे में एएनम दीदी से चर्चा करवाती हूँ ।
इस संबंध में सोनो प्रखंड के स्वास्थ्य प्रबंधक जूही अलका ने कहा आशा कायकर्ताओं के कार्यों में निरंतर निखार आ रहा है । उनके प्रयास से स्वस्थ्य विभाग के हरेक क्षेत्र में सुधार हुआ है जो सरहनीय है। वे प्रशिक्षणों में बताये बिन्दुओं का पालन कर लोकस्वास्थ्य को बढ़ावा दे रहीं हैं ।
वहीं जिले के अवर मुख्या चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रमेश प्रसाद कहते हैं आशा कार्यकर्ता कठोर परिश्रम से पोषण अनुरूप माहौल बनाने से लेकर मातृत्व शिशु स्वास्थ्य, किशोरावस्था स्वास्थ्य के क्षेत्र में अहम् भूमिका निभा रहीं हैं। उनके प्रयास से स्वास्थ्य विभाग के कार्यों को बल मिला है ।

परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों को अपनाने वाली महिलाओं की संख्या में 12.6 % की हुई वृद्धि

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– महिलाओं में हुई जागरूकता, परिवार नियोजन को अपनाने के लिए आ रहीं है आगें
– जिले में तमाम कार्यक्रमों का आयोजन कर महिलाओं को किया जा रहा है जागरूक

खगड़िया, 09 दिसंबर।
परिवार नियोजन को अपनाने के लिए जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे तमाम कार्यक्रमों के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। महिलाएं इस साधनों को अपनाने के लिए आगे आने लगी हैं। जिसका सकारात्मक परिणाम यह है कि एनएफएचएस द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक जिले में स्थाई और अस्थाई उपायों को अपनाने वाली महिलाओं की संख्या में 12.6 % की वृद्धि हुई है। एनएफएचएस – 4 की रिपोर्ट के अनुसार जिले में 28.3 % महिलाओं ने स्थाई और अस्थाई साधनों को अपनाया था। जबकि, एनएफएचएस – 5 की रिपोर्ट में यह आकड़ा बढ़कर 40.9 % हो गया है। यानी एनएफएचएस – 5 की रिपोर्ट के अनुसार 12.6 % महिलाओं की वृद्धि हुई है।

– जिले में लगातार चलाया जा रहा जागरूकता अभियान :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, परिवार नियोजन को लेकर जिले में लगातार तमाम कार्यक्रमों का आयोजन कर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिसके माध्यम से महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है। जिसका महिलाओं पर सकारात्मक प्रभाव भी देखा जा रहा और परिवार नियोजन के साधन के अपनाने वाली महिलाओं की संख्या में वृद्धि भी हो रही है। जो सामुदायिक स्तर पर बड़ा सकारात्मक बदलाव है।

– जानें स्थाई और अस्थाई साधन क्या हैं-
परिवार नियोजन का स्थाई उपाय ऑपरेशन है। जबकि, अस्थाई उपाय कंडोम, काॅपर-टी, छाया, अंतरा समेत अन्य साधन हैं। अगर कोई महिला परिवार नियोजन ऑपरेशन को अपनाने के लिए इच्छुक है किन्तु, उनका शरीर ऑपरेशन के लिए सक्षम नहीं है तो ऐसी महिला वैकल्पिक व्यवस्थाओं यानी अस्थाई उपायों को अपनाती हैं। इसको लेकर संबंधित क्षेत्र की एएनएम, आशा कार्यकर्ता समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा महिलाओं को लगातार जागरूक किया जाता है।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।

निर्धारित समय कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लेने वालों को किया गया पुरस्कृत

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– जिले के रामगढ़ पीएचसी में लाभुकों के बीच उपहार का किया वितरण
– बीडीओ एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने पुरस्कार वितरण शिविर का किया उदघाटन

लखीसराय, 09 दिसंबर।
गुरूवार को जिले के रामगढ़ पीएचसी में निर्धारित समय पर कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लेने वालों को सम्मानित करने के लिए पुरस्कार वितरण शिविर का आयोजन किया गया। जिसका उदघाटन बीडीओ सुरेन्द्र कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ कंचन कुमार, केयर इंडिया के डीटीएल नावेद उर रहमान, आईसीडीएस की सीडीपीओ अमृता रंजन एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक अरुण कुमार ने संयुक्त रूप से किया। शिविर में निर्धारित समयावधि के एक सप्ताह अंदर वैक्सीन की दूसरी डोज लेने वालों के बीच बंपर एवं सांत्वना पुरस्कार का वितरण किया गया। वहीं, बीडीओ एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के हाथों बंपर एवं आईसीडीएस की सीडीपीओ अमृता रंजन, केयर इंडिया के डीटीएल नावेद उर रहमान, डीटीओ-ऑन राकेश कुमार साहू, फैमिली प्लानिंग के जिला समन्वयक अनुराग गुंजन, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक अरुण कुमार समेत मौजूद अन्य पदाधिकारियों के हाथों सांत्वना पुरस्कार का वितरण किया गया।

– बंपर पुरुस्कार में कूकिंग गैस स्टोव और सांत्वना पुरस्कार में प्रेशर कुकर दिया गया :
रामगढ़ पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ कंचन कुमार ने बताया, बंपर पुरस्कार के लिए प्रखंड के चयनित लाभुकों को कूकिंग गैस स्टोव दिया गया। जबकि, सांत्वना पुरस्कार के रूप में शेष सभी लाभुकों को प्रेशर कुकर दिया गया। वहीं, उन्होंने वैक्सीन से वंचित एवं पहला डोज लेने के बाद दूसरी डोज लेने की समयावधि पूरा करने वाले लोगों से जल्द से जल्द वैक्सीनेशन कराने की अपील की।

– पाँच सप्ताह तक सप्ताह में एक दिन पुरस्कार का होगा वितरण :
केयर इंडिया के डीटीएल नावेद उर रहमान ने बताया, पाँच सप्ताह तक सप्ताह में एक दिन पुरस्कार वितरण शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें प्रत्येक दिन वैक्सीन लेने वालों की सूची तैयार कर शिविर एक दिन पूर्व लक्की ड्रा के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। जिसके आधार पर पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं, उन्होंने बताया, पुरस्कार वितरण 31 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान प्रखण्ड स्तर पर साप्ताहिक लक्की ड्रा का भी आयोजन कर लाभार्थियों को पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं, उन्होंने बताया, लक्की ड्रा के लिए निर्धारित समयावधि के दौरान प्रतिदिन कोविन पोर्टल से द्वितीय खुराक के ड्यू लाभाथियों की सूची को अचूक रूप से शाम 6 बजे तक अपडेट करने के साथ संचयी रूप से अगले 7 दिनों तक इसका संधारण केयर इंडिया के द्वारा उपलब्ध कराए गए डीडीए द्वारा किया जाएगा । संकलित आंकड़ों में से द्वितीय खुराक का टीका लक्की ड्रा के पात्रता अनुरूप प्राप्त लाभर्थियों की सूची संधारित की जाएगी और लक्की ड्रा के लिए सम्मलित करते हुए पत्र के साथ संलग्न एसओपी में निर्धारित दिशा-निर्देश के अनुसार विजेता को पुरस्कृत किया जाएगा।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।

समय पर कोरोना टीका की दूसरी डोज लेने वालों को मिला पुरस्कार

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-नाथनगर रेफरल अस्पताल में विशाल कुमार को मिला बंपर प्राइज
-जिले में दूसरी डोज लेने वाले छूटे लाभुकों को आज मिलेगा पुरस्कार
भागलपुर, 9 दिसंबर
कोरोना टीका की दूसरी डोज समय से लेने वालों को गुरुवार को पुरस्कृत किया गया। नाथनगर रेफरल अस्पताल में लोगों को पुरस्कार दिया गया। विशाल कुमार को बंपर प्राइज के रूप में मिक्सर दिया गया। साथ ही अन्य लोगों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। जिले के कई प्रखंडों में शुक्रवार को पुरस्कार दिया जाएगा। मौके पर विकास कुमार, दयानंद मिश्रा और केयर की प्रखंड प्रबंधक मनीषा कुमारी भी मौजूद थी। मालूम हो कि लोगों को समय पर कोरोना टीका की दूसरी डोज लेने पर केयर इंडिया के सहयोग से पुरस्कार दिया जा रहा है। सभी प्रखण्ड से एक विजेता को बम्पर प्राइज और 10 विजेता को सांत्वना पुरस्कार दिया जा रहा है।
बंपर प्राइज के तहत तीन हजार रुपये तक का मिक्सर, कूकिंग गैस स्टोव, पानी का फिल्टर, सीलिंग फैन, कंबल और इंडक्शन कूकटॉप में से कोई एक सामान दिया जा रहा है। वहीं सांत्वना पुरस्कार के तहत एक हजार रुपये तक का पानी बोतल, कूकर, हेल्मेट, डिनर सेट, इमरजेंसी लाइट, टिफिन, फुटबॉल, क्रिकेट बैट, योगा मैट, दीवाल घड़ी में से कोई एक सामान दिया जा रहा है। मालूम हो कि 27 नवंबर से 31 तक कोरोना टीका की दूसरी डोज समय पर लेने वालों को हर सप्ताह पुरस्कार देने की योजना है। इसके तहत कुल पांच सप्ताह तक लोगों को पुरस्कार दिया जाएगा। पांचों सप्ताह पूरा होने पर 31 दिसंबर को जिला स्तर पर तीन विजेताओं को ग्रैंड प्राइज दिया जाएगा। ग्रैंड प्राइज के तहत प्रखंड के सभी विजेताओं में से तीन को 25 हजार रुपये तक का 32 इंच की एलईडी टीवी या फिर डबल डोर वाला रेफ्रिजरेटर दिया जाएगा।
छूटे हुए लोग टीका लेने में देरी नहीं करेः रेफरल अस्पताल की प्रभारी डॉ. अनुपमा सहाय ने बताया कि कोरोना टीका की पहली डोज काफी लोगों ने ले ली है। दूसरी डोज लेने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। अब तो समय पर दूसरी डोज लेने वालों को पुरस्कार भी दिया जा रहा है। समय से कोरोना टीका की दूसरी डोज लीजिए, हो सकता है आप ही इनाम के भागीदार हों। साथ ही टीका लेने से कोरोना से भी आपका बचाव होगा, इसलिए देरी नहीं करें और जल्द से जल्द जाकर कोरोना टीका की दूसरी डोज लें। जिनलोगों ने कोरोना टीका की पहली डोज नहीं ली है, वे जल्द से जल्द पहली डोज ले लें।
केयर इंडिया उपलब्ध करा रही सूचीः लक्की ड्रॉ के लिए निर्धारित अवधि के दौरान प्रतिदिन कोविन पोर्टल से दूसरी खुराक के ड्यू लाभुकों की सूची को शाम 6 बजे तक अपडेट करने के साथ अगले सात दिनों तक इसका संधारण केयर इंडिया के द्वारा उपलब्ध करायी जा रही है। संकलित आंकड़ों में से दूसरी खुराक का टीका लक्की ड्रॉ के पात्रता अनुरूप प्राप्त लाभर्थियों की सूची संधारित की जा रही है और लकी ड्रॉ के लिए सम्मिलित करते हुए पत्र के साथ संलग्न एसओपी में निर्धारित दिशा-निर्देश के अनुसार विजेता को पुरस्कृत किया जा रहा है।

कोविड वैक्सीनेशन के साथ जारी है नियमित टीकाकरणः मंगल पांडेय

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गर्भवती महिलाओं व बच्चों को तय समय पर दिया जा रहा टीका

बिहार। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के बीच अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए विभाग प्रयासरत है। आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं में से एक महत्वूपर्ण कार्यक्रम नियमित टीकाकरण है। नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है, ताकि गर्भवती एवं शिशु का ससमय टीकाकरण हो सकें और बेहतर स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिल सकें।
श्री पांडेय ने कहा कि इसके लिए राज्यभर के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ जिला और प्रखंड स्तर के अस्पतालों में कोविड वैक्सीनेशन के साथ-साथ नियमित टीकाकरण किया जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में प्रत्येक सप्ताह बुधवार और शुक्रवार को ऑगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित टीकाकरण किया जा रहा है। इस दौरान कोविड वैक्सीनेशन के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। कोविड के दौरान नियमित टीकाकरण सरकार के लिए बड़ी जिम्मेदारी थी, जिसे विभाग ने चुनौती के रूप में लिया।
श्री पांडेय ने कहा कि नियमित टीकाकरण के तहत बच्चों को खसरा, टिटनेस, पोलियो, क्षय रोग, गलाघोंटू, काली खांसी व हेपेटाइटिस बी समेत 12 तरह की रोगों से रक्षा के लिए टीकाकरण किया जाता है। निजी अस्पतालों में लोगों को टीकाकरण कराने में ज्यादा खर्च होता है। सरकारी अस्पतालों में टीकाकरण कराने से लोगों को आर्थिक बचत होती है। इसके अलावा सेंटर पर गर्भवती महिलाओं को भी टीका लगाया जा रहा है।

समय पर कोरोना टीका की दूसरी डोज लेने वालों को मिला पुरस्कार

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-11 प्रखंडों के 100 से अधिक लोगों को दिया गया पुरस्कार
-दूसरी डोज लेने वाले छूटे लाभुकों को आज मिलेगा पुरस्कार
बांका, 9 दिसंबर ।
जिले में कोरोना टीका की दूसरी डोज समय से लेने वालों को गुरुवार को पुरस्कृत किया गया। जिले के 11 प्रखंडों में 100 से अधिक लोगों को समय पर कोरोना टीका की दूसरी डोज लेने पर केयर इंडिया के सहयोग से पुरस्कार दिया गया। छूटे हुए लाभुकों को आज पुरस्कार दिया जाएगा। सभी प्रखण्ड से एक विजेता को बम्पर प्राइज और 10 विजेता को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
बंपर प्राइज के तहत तीन हजार रुपये तक का मिक्सर, कूकिंग गैस स्टोव, पानी का फिल्टर, सीलिंग फैन, कंबल और इंडक्शन कूकटॉप में से कोई एक सामान दिया गया। वहीं सांत्वना पुरस्कार के तहत एक हजार रुपये तक का पानी बोतल, कूकर, हेल्मेट, डिनर सेट, इमरजेंसी लाइट, टिफिन, फुटबॉल, क्रिकेट बैट, योगा मैट, दीवाल घड़ी में से कोई एक सामान दिया गया। मालूम हो कि 27 नवंबर से 31 तक कोरोना टीका की दूसरी डोज समय पर लेने वालों को हर सप्ताह पुरस्कार देने की योजना है। इसके तहत कुल पांच सप्ताह तक लोगों को पुरस्कार दिया जाएगा। पांचों सप्ताह पूरा होने पर 31 दिसंबर को जिला स्तर पर तीन विजेताओं को ग्रैंड प्राइज दिया जाएगा। ग्रैंड प्राइज के तहत प्रखंड के सभी विजेताओं में से तीन को 25 हजार रुपये तक का 32 इंट की एलईडी टीवी या फिर डबल डोर वाला रेफ्रिजरेटर दिया जाएगा।
छूटे हुए लोग टीका लेने में देरी नहीं करेः सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने बताया कि जिले में कोरोना टीका की पहली डोज काफी लोगों ने ले ली है। दूसरी डोज लेने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। अब तो समय पर दूसरी डोज लेने वालों को पुरस्कार भी दिया जा रहा है। समय से कोरोना टीका की दूसरी डोज लीजिए, हो सकता है आप ही इनाम के भागीदार हों। साथ ही टीका लेने से कोरोना से भी आपका बचाव होगा, इसलिए देरी नहीं करें और जल्द से जल्द जाकर कोरोना टीका की दूसरी डोज लें। जिनलोगों ने कोरोना टीका की पहली डोज नहीं ली है, वे जल्द से जल्द पहली डोज ले लें।
केयर इंडिया उपलब्ध करा रही सूचीः लक्की ड्रॉ के लिए निर्धारित अवधि के दौरान प्रतिदिन कोविन पोर्टल से दूसरी खुराक के ड्यू लाभुकों की सूची को शाम 6 बजे तक अपडेट करने के साथ अगले सात दिनों तक इसका संधारण केयर इंडिया के द्वारा उपलब्ध करायी जा रही है। संकलित आंकड़ों में से दूसरी खुराक का टीका लक्की ड्रॉ के पात्रता अनुरूप प्राप्त लाभर्थियों की सूची संधारित की जा रही है और लकी ड्रॉ के लिए सम्मिलित करते हुए पत्र के साथ संलग्न एसओपी में निर्धारित दिशा-निर्देश के अनुसार विजेता को पुरस्कृत किया जा रहा है।

आशा दीदी की सक्रियता से गांव की प्रसूताओं को नहीं होती कोई परेशानी

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-सदर प्रखंड के चुटिया उपस्वास्थ्य केंद्र के तहत पोखरिया गांव में पुष्पा कुमारी करती हैं काम
-2006 से बतौर आशा कार्य़कर्ता कर रहीं काम, क्षेत्र के लोगों को उनसे नहीं है कोई शिकायत
बांका, 9 दिसंबर।
ग्रामीण क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका बहुत अहम होती है। अगर क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता सक्रिय हैं तो प्रसूताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होती है। हर तरह की सरकारी सुविधाएं गर्भधारण के बाद से महिलाओं को मिलने लगती हैं। बांका सदर प्रखंड के चुटिया उपस्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत पोखरिया गांव की आशा कार्य़कर्ता पुष्पा कुमारी की गिनती जिले की बेहतरीन आशा कार्यकर्ता के रूप में होती है। गांव के एक-एक लोगों की जानकारी उनके पास रहती है। जैसे ही उन्हें किसी महिला के गर्भधारण की जानकारी मिलती है, वह सक्रिय हो जाती हैं। इसके बाद जांच से लेकर उसकी दवा तक का वह इंतजाम करती हैं। डिलीवरी के बाद भी डेढ़ साल तक जच्चा और बच्चा पर नजर रखती हैं। दोनों को कोई परेशानी नहीं हो जाए, इसे लेकर वह चौकन्ना रहती हैं। पुष्पा कुमारी की सक्रियता का ही परिणाम है कि उनके गांव की अधिकतर महिलाओं का प्रसव अस्पताल में होता है। गंभीर होने पर गर्भवती महिला को भागलपुर स्थित मेडिकल कॉलेज भेज देती हैं।
पुष्पा कहती हैं कि क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहने की वजह से मुझे घर-घर की जानकारी रहती है। किस घर में गर्भवती महिला है या फिर किनके यहां छोटे बच्चे हैं, इसकी जानकारी मुझे रहती है। जानकारी रहने का फायदा यह होता है कि मैं समय से उनलोगों की देखभाल कर पाती हूं। अगर किसी तरह की कोई परेशानी होती है तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क कर उसे दूर करने की कोशिश करती हूं। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता बेहतर काम कर रही हैं। पुष्पा कुमारी अपने क्षेत्र में लगातार काम कर रही हैं। क्षेत्र में सक्रिय रहती हैं, इस वजह से इनके क्षेत्र की प्रसूताओं को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है।
कोरोना काल में बढ़-चढ़कर निभाई भूमिकाः कोरोना काल स्वास्थ्यकर्मियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। आशा कार्यकर्ताओं के सामने तो दोहरी चुनौतियां थीं। एक तरफ रूटीन कार्य़ तो दूसरी तरफ कोरोना को लेकर लोगों को जागरूक करने से लेकर गाइडलाइन का पालन करवाने की जिम्मेदारी। पुष्पा कहती हैं, कोरोना जब शुरू हुआ तो सबसे पहले गर्भवती महिलाओं को लेकर सजग हो गई थी। उन पर लगातार नजर रख रही थी। कोरोना के बारे में जानकारी कम रहने के कारण और सजग रहती थी। इसके साथ-साथ घर-घर जाकर लोगों को मास्क पहनने और सामाजिक दूरी के साथ हाथ की धुलाई के लिए जागरूक करती रहती थी।
12 सौ से अधिक प्रसव करवा चुकी हैं पुष्पाः 41 साल की पुष्पा अब तक 12 सौ से अधिक प्रसव करवा चुकी हैं। घर में तीन बच्चों और पति की जिम्मेदारी के बीच वह अपना काम काफी सफलतापूर्वक करती हैं। पुष्पा कहती हैं कि घरवालों का हमें भरपूर सहयोग मिलता है। मेरे तीनों बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। वे समझदार भी हैं। मेरी भूमिका से वाकिफ हैं। इस वजह से मुझे घर में ज्यादा समय नहीं देना पड़ता है। इस वजह से मैं अपने क्षेत्र में भरपूर समय दे पाती हैं। 2006 से आशा कार्यकर्ता के तौर पर काम कर रही हूं, अबतक क्षेत्र से कोई शिकायत किसी ने नहीं की है। इसकी तस्दीक आप क्षेत्र में जाकर कर सकते हैं।