पूरी तरह से मुफ्त इलाज है आयुष्मान भारत योजना के तहत: डॉ. अजय कुमार भारती

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– जिले में कुल सोलह अस्पतालों में है स्वास्थ्य सेवा की सुविधा
– प्रति राशन कार्ड पर पांच लाख तक का इलाज

जमुई, 12 नवम्बर। आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना पात्र लाभार्थी परिवारों को अस्पताल में भर्ती के उपरांत कैश्लेस माध्यम से इलाज की सुविधा प्रदान करता है। यह योजना सार्वजनिक अस्पतालों को जरूरतमंद रोगियों को प्राथमिकता देने के लिए एक प्रोत्साहन प्रदान करता है। यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य आश्वासन योजना है। इसके तहत प्रति चिह्नित परिवार को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज निर्धारित है।
इस सन्दर्भ में जिले के सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार भारती ने कहा आयुष्मान कार्ड के लाभार्थियों को 11 सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों और 5 निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है। ये निजी अस्पताल श्री साईं हॉस्पिटल, अलीगंज, सत्यम नर्सिंग हॉस्पिटल, सिकंदरा, आत्म वल्लभ जनकल्याण ट्रस्ट, लक्चुआड, देव पुष्पा आर्थोपेडिक पोली सेन्टर, जमुई और जे.पी. हॉस्पिटल, जमुई में हैं। इन केन्द्रों पर आरोग्य मित्रों से पूर्णतः मुफ्त इलाज के लिए संपर्क किया जा सकता है।
जिला कार्यक्रम समन्वयक प्रणव कुमार ने बताया आयुष्मान कार्ड के माध्यम से असाध्य रोगों से उपचार के लिए उपरोक्त वर्णित अस्पतालों में नियमित तौर पर आरोग्य मित्र सेवारत हैं । उन्होंने कार्डधारियों या प्रधानमंत्री से चिट्ठी प्राप्त लाभार्थियों द्वारा निःसंकोच स्वास्थ्य सेवा को ग्रहण करने की सलाह दी।
इसी क्रम में हिमांशु कुमार, प्रबंधक, सूचना एवं प्रोद्यौगिकी, आयुष्मान भारत ने कहा जिले में पंद्रह सौ चार गांवों के पंद्रह सौ बावन लाभार्थियों ने उपचार सेवा को प्राप्त किया है। उन्होंने बताया जनगणना 2011 के आधार पर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के आंकड़े राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के पास मौजूद हैं। इसी के अनुसार प्रधानमंत्री के पत्र या 20 अंक के राशन कार्ड के अलोक में आयुष्मान कार्ड बनाया जाता है। कुछ कार्ड में नाम, पता, जन्मतिथि या अभिभावकों के नाम में विसंगतियों की जानकारी प्राप्त हुई है । इसमें शुद्धिकरण करने के लिए जिला या राज्य स्तर पर पदाधिकारी सक्षम नहीं हैं । इसकी पुष्टि हेतु mera.pmjay.gov.in को विजिट किया जाना ही बेहतर विकल्प है। आगे उपचार के बाद दावा के लिए चिकित्सक द्वारा जारी पर्ची, भर्ती सम्बन्धी फोटोग्राफ, दवाई प्राप्ति पर्ची को ग्रिवांस पोर्टल पर डाले जाने की प्रक्रिया निहित है।
इसके प्रचार-प्रसार के लिए सामाजिक उत्प्रेरण टीम को योजना के अनुसार लगाया जाता है। ताकि लाभार्थियों को किसी भी भ्रामक परिस्थिति से बचने में सहूलियत हो।

जिले में 15नवंबर से फिर से शुरू होगा परिवार नियोजन पखवाड़ा

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-कार्यपालक निदेशक ने पत्र जारी कर दिया आदेश
– दो चरणों में मनया जाएगा पखवाड़ा
-दम्पत्ति संपर्क सप्ताह एवं पुरुष नसबंदी पखवाड़ा

लखीसराय,12नवंबर । कोविड के प्रभाव के कम होते ही स्वास्थ्य विभाग ने फिर से अपनी मूलभूत सुविधा को बहाल करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में कार्यपालक निदेशक के आदेश पर जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह के नेतृत्व में परिवार नियोजन सेवा की सफलता को लेकर बैठक आयोजित हुई । इस बैठक में जिला सिविल सर्जन डॉ देवेन्द्र चौधरी एवं अपर मुख्य-चिकित्सा पाधिकारी के साथ जिले के सभी चिकत्सा पदाधिकारी ,प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबन्धक ,प्रखण्ड समुदायिक उत्प्रेरक के साथ पी आर आई ,केयर इंडिया एवं जीविका के पदाधिकारी मौजूद थे ।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि इस बार “पुरुषों ने परिवार नियोजन अपनाया सुखी परिवार का आधार बनाया “ थीम पर ये पखवाड़ा मनाया जाएगा। इसके लिए आशा एवं जीविका दीदी एवं आंगनबाड़ी सेविका घर –घर जाकर योग्य पुरुषों को इस बात के लिए जागरूक करेंगी। साथ ही इस बात के लिए भी जागरूक करें कि छोटा परिवार सुखी परिवार होता है । उन्होने आगे बताया कि जिले के हर प्रखण्ड से एक सौ पाँच पुरुषों की नसबंदी करवानी है । इसके लिए जिला सदर अस्पताल के साथ सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर समुचित व्यवस्था रहेगी ।
दो चरणों में मनाया जाएगा पखवाड़ा :
केयर इंडिया के जिला टीम लीड नावेद उर रहमान ने बताया कि परिवार नियोजन पखवाड़ा को दो चरणों में मनाया जाएगा। पहला 15 से 22 नवंबर तक दम्पत्ति संपर्क सप्ताह के रूप में एवं 22 नवंबर 4 दिसंबर तक पुरुष नसबंदी पखवाड़ा के रूप में मनाया जाएगा । उन्होंने बताया कि हम पुरुषों को इस बात को समझना होगा कि अगर हम छोटा परिवार रखते हैं तो हम हर तरह से प्रगति के रास्ते पर रहेंगे। चाहे वो शिक्षा का हो या कोई और क्षेत्र हमें इस मानसिकता को भी दूर करने की जरूरत है कि सिर्फ महिला ही परिवार नियोजन को अपना सकती है हम पुरुष नहीं ।
दम्पत्ति संपर्क सप्ताह में आशा कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी सेविका के साथ जीविका दीदी अपने क्षेत्र के हर घर जाकर योग्य दम्पत्ति को परिवार नियोजन के स्थाई एवं अस्थाई सेवा के लिए जागरूक करेंगी। साथ ही योग्य दम्पत्ति का सर्वे भी अद्यतन करेंगी ।
मिलेगी प्रोत्साहन राशि :
केयर के जिला एफपीसी अनुराग गुंजन ने बताया कि आशा कार्यकर्ता ,आंगनबाड़ी सेविका के साथ जीविका दीदी की इस कार्य में मुख्य भूमिका है और उन्हें इसके लिए चार सौ रुपये हर नसबंदी पर दी जाएगी। लाभार्थी को भी उनके खाते में तीन हजार प्रोत्साहन राशि के रूप में दी जाएगी । साथ ही जिले के हर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं हेल्थ एंड वेलनेस केन्द्रों पर शिविर लगाकर लोगों को अस्थाई सेवा के बारे में भी जागरूक किया जाएगा ।

गर्भवती महिलाओं का आज जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एएनसी जांच के साथ होगा टीकाकरण

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– राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने सभी जिलों के जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को जारी की चिट्ठी

– प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सभी गर्भवती महिलाओं की होती है एएनसी जांच

मुंगेर , 12 नवंबर। जिला में अभी तक कोरोना टीकाकरण से वंचित गर्भवती महिलाओं को कोरोना संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शनिवार को जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एएनसी संबंधित जांच के साथ-साथ कोरोना का टीका भी लगाया जाएगा। इस संबंध में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय सिंह ने सभी जिलों के जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को चिट्ठी जारी की है। मालूम हो कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में गर्भवती महिलाओ की एएनसी संबंधित जांच की जाती है। इसी क्रम में शनिवार को जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में गर्भवती महिलाओं को कोरोना संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से एएनसी जांच के साथ-साथ कोरोना टीकाकरण भी कराया जा रहा है।

मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने बताया कि जिला में कोविड 19 के संक्रमण से बचाव के लिए नेशनल टेकनिकल एडवाइजरी ग्रुप ऑफ इम्यूनजेशन (एनटीएजीआई) की अनुशंसा पर टीकाकरण से वंचित गर्भवती महिलाओं की एएनसी संबंधित जांच के साथ-साथ कोरोना टीकाकरण का भी आदेश प्राप्त हुआ है।
उन्होंने बताया कि शनिवार को (पीएमएसएमए) योजनांतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी सेविका या अन्य अन्य सामाजिक उत्प्रेरक घर-घर जाकर टीकाकरण से वंचित अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण के लिए उत्प्रेरित कर सुबह 10 बजे तक अपने संबंधित स्वास्थ्य केंद्र लाएगी और उनकी एएनएसी जांच के साथ-साथ कोरोना टीकाकरण सुनिश्चित करवाएगी। प्रखण्ड स्तर पर इसकी पूरी जिम्मेवारी प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबंधक (बीएचएम) और प्रखण्ड सामुदायिक उत्प्रेरक (बीसीएम) की होगी। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक सेवाएं जैसे बैठने की व्यवस्था के साथ-साथ आराम करने के लिए बेड, पीने के लिए स्वच्छ पेयजल, हाथ साफ करने के लिए साबुन या हैंड सैनिटाइजर के अलावा टॉयलेट/बाथरूम की व्यवस्था उपलब्ध होगी। इसके साथ-साथ वैसी गर्भवती महिलाएं जो आने-जाने में असमर्थ हो उनके लिए विशेष रूप से वाहन/एम्बुलेंस कि व्यवस्था होगी। साथ ही टीकाकरण के दौरान एक एम्बुलेंस आवश्यक दवाओं/सामग्रियों की व्यवस्था के लिए उपलब्ध होगा।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत एएनसी संबंन्धित जांच के लिए आई गर्भवती महिलाओं को सामूहिक रूप से बैठाकर चिकित्सक के द्वारा कोविड संक्रमण से बचाव एवम टीकाकरण से होने वाले लाभ के अलावा एएनसी जांच के बारे में ग्रुप काउंसलिंग की जाएगी। इस अभियान का सभी स्तर पर सघन अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के द्वारा किया जाएगा ।

छूटे व्यक्ति का टीकाकरण सुनिश्चित करने को लेकर घर-घर दिया जा रहा है टीका

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– जिले के शहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य टीम घर-घर जाकर टीका से वंचित लोगों का कर रही है टीकाकरण – वैक्सीन से वंचित लोगों को प्राथमिकता के आधार पर लगाई जा रही है वैक्सीन

बांका, 12 नवंबर

जिले में शत-प्रतिशत लोगों का कोरोना टीका जल्द से जल्द सुनिश्चित करने को लेकर लगातार विशेष वैक्सीनेशन के तहत शिविर आयोजित कर लोगों को वैक्सीन दी जा रही है। साथ ही हर जरूरी निर्णय भी लिए जा रहे और हर आवश्यक पहल भी की जा रही है। जिसका सार्थक परिणाम भी दिखने लगा है। वहीं जिले के शहरी क्षेत्रों में घर-घर टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई है। जिसके माध्यम से स्वास्थ्य टीम घर-घर जाकर टीका से छूटे लोगों को प्राथमिकता के आधार पर टीका लगा रही है। इसके अलावा स्वास्थ्य टीम द्वारा अभियान चलाकर लोगों को टीका के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। – वैक्सीन से वंचित लोगों को प्राथमिकता के आधार पर दी जाएगी वैक्सीन : शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ सुनील कुमार चौधरी ने बताया, एक भी व्यक्ति टीका लेने से छूटे नहीं, इसके लिए आवश्यक पहल की जा रही है। साथ ही आवश्यकतानुसार जरूरी कदम भी उठाए जा रहे हैं। जिसे सकारात्मक रूप देने के लिए शहरी क्षेत्रों में घर-घर टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई है। जिसके माध्यम से स्वास्थ्य टीम टीका से छूटे व्यक्ति को चिह्नित कर प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण कर रही है। इस कार्य में संबंधित क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता, ऑगनबाड़ी सेविका, जीविका दीदी समेत अन्य कर्मियों का काफी सहयोग मिल रहा है। – एक से अधूरा, दो से पूरा, इसलिए दूसरा डोज लेना भी नहीं भूलें : जिले में सेकेंड डोज को भी गति देने के लिए स्वास्थ्य टीम द्वारा आवश्यक पहल की जा रही है। इसके लिए दूसरा डोज लेने की निर्धारित समयावधि पूरा करने वाले व्यक्तियों को भी दूसरा डोज लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिसके दौरान लोगों को बताया जा रहा है कि एक से अधूरा, दो से पूरा, इसलिए दूसरा डोज भी जरूर लें। क्योंकि, इस महामारी से स्थाई निजात के लिए टीका की पूरी डोज लेना जरूरी है। – इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर : – मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें। – विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें। – साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें। – नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं। – अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।

कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर को रोकने के लिए सावधानी और सतर्कता जरूरी

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– कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीनेशन भी जरूरी, इसलिए जरूर लें वैक्सीन
– जिले में त्यौहारी दौर में भी नहीं थमी टीकाकरण अभियान की रफ्तार

भागलपुर, 12 नवंबर।
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को रोकने के लिए सावधानी और सतर्कता जरूरी है। क्योंकि, इसी के बदौलत जिले में पहली और दूसरी लहर का करीब-करीब समापन हो चुका है, जो जिले वासियों के लिए बेहद सुखद की खबर है। वहीं, इस महामारी को पूरी तरह जड़ से मिटाने एवं संभावित तीसरी लहर आने के पूर्व ही संपूर्ण जिलेवासियों को सुरक्षित करने के लिए लगातार कोरोना वैक्सीनेशन एवं जाँच अभियान चल रहा है। जिसे सफल बनाने के लिए जिलेवासियों का भी भरपुर सहयोग मिल रहा और लोग अपने नजदीकी शिविर स्थल पर टीकाकरण कराने के लिए आ भी रहे हैं। किन्तु, अभी और सहयोग की जरूरत है। इसके लिए जो भी व्यक्ति अबतक टीका नहीं ले पाएं, वह निश्चित रूप से टीकाकरण कराएं।

– सतर्कता और सावधानी से नहीं आएगी तीसरी लहर : सिविल सर्जन डाॅ उमेश कुमार शर्मा ने बताया, जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का टीकाकरण सुनिश्चित करने को लेकर जिले में लगातार टीकाकरण अभियान चल रहा है। ताकि एक भी व्यक्ति टीका लेने से छूटे नहीं और सभी लोगों को सुविधाजनक तरीके से टीका दी जा सके। वहीं, उन्होंने बताया, इस महामारी से सुरक्षा के मद्देनजर टीका लेना तो जरूरी है ही, इसके अलावा सतर्कता और सावधानी भी जारी रखने की जरूरत है। क्योंकि, इसी के बदौलत कोरोना के दो लहर का प्रभाव को खत्म करने में सफल रहे हैं। इसलिए, सतर्कता और सावधानी जारी रखने पर तीसरी लहर आने की कोई संभावना नहीं रहेगी।

– जिले में लगातार चल रहा है टीकाकरण अभियान, घर-घर जाकर दिया जा रहा है टीका : जिला में लगातार टीकाकरण अभियान चल रहा है। अबतक टीका लेने से छूटे व्यक्ति की घर-घर जाकर पहचान की जा रही और उन्हें सुविधाजनक तरीके से टीका भी दिया जा रहा है। ताकि जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का टीकाकरण सुनिश्चित हो सके और सामुदायिक स्तर पर लोग इस महामारी से खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। इसके अलावा स्वास्थ्य टीम में शामिल एएनएम, ऑगनबाड़ी सेविका, आशा कार्यकर्ता, जीविका दीदी समेत अन्य कर्मियों द्वारा अभियान चलाकर लोगों को टीकाकरण के प्रति प्रेरित किया जा रहा है।

– त्यौहारी दौर में भी नहीं थमी टीकाकरण अभियान की रफ्तार :
जिले में त्यौहारी दौर में भी टीकाकरण अभियान रफ्तार नहीं थमी। बल्कि, इसे और तेज गति देने के लिए जिले में लगातार वैक्सीनेशन अभियान जारी रहा और स्वास्थ्य विभाग के तमाम पदाधिकारी एवं कर्मी अपनी त्यौहारी छुट्टी छोड़ कर लोगों को सुरक्षित करने के लिए अपनी डयूटी पर डटे हुए हैं। इसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ केयर इंडिया की टीम भी कदम से कदम मिलाकर चल रही है।

इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– शारीरिक दूरी का पालन हमेशा करें।
– मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
– घर से निकलने पर सैनिटाइजर साथ लेकर निकलें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– अनावश्यक ऑख, नाक, मुँह छूने से बचें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– गर्म व ताजा खाना का सेवन करें।
– बासी और बाहरी खाना खाने से परहेज करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं।

गूजेंगी बच्चों की किलकारी, आंगनबाड़ी केंद्र होंगे फ़िर से गुलज़ार

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• आओ बच्चों बारी-बारी, खुल गयी है आंगनबाड़ी
• मास्क लगाओ- दूरी बनाओ, आंगनबाड़ी में इसे अपनाओ
• 15 नवंबर से आंगनबाड़ी केंद्रों का होगा संचालन
• कोविड दिशा -निर्देश के साथ खोले जायेंगे केंद्र
• अभिभावकों की सहमति के बाद ही आंगनबाड़ी में आयेंगे बच्चे

पटना, 12/नवंबर:

राज्य में एक बार फिर आंगनबाड़ी केंद्र गुलजार होंगे. इन आंगनबाड़ी केंद्रों पर लोगों को बच्चों की किलकारी और पोषण गीत सुनने को मिल सकेगी. वहीं पहले की तरह ही बच्चों को स्वास्थ्य जांच, शिक्षा, टीकाकरण और पोषण की सुविधा प्राप्त होगी. समेकित बाल विकास सेवाएं निदेशालय ने राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को 15 नवंबर से पुन: संचालित करने का निर्देश दिया है. कोविड संक्रमण काल के मद्देनजर आंगनबाड़ी केंद्रों को खोलने के लिए मार्गदर्शिका भी जारी की गयी है. ‘मास्क लगाओ- दूरी बनाओ, आंगनबाड़ी में इसे अपनाओ’ को आंगनबाड़ी केंद्र खुलने पर विशेष तरजीह भी दी जाएगी.

आइसीडीएस के निदेशक श्री आलोक कुमार ने सभी जिला प्रोग्राम पदाधिकारियों तथा बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को पत्र लिखकर आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन संबंधी आवश्यक निर्देश दिए हैं. निर्देश में कहा गया है कि 15 नवंबर से आंगनबाड़ी केंद्रों पर पूर्व की भांति सभी गतिविधियों का संचालन प्रारंभ किया जाएगा. आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा. आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की उपस्थिति से पूर्व उनके माता—पिता या अभिभावक से सहमति लेना अनिवार्य होगा बच्चे के बुखार या बीमार होने की सूचना मिलने पर उसके परिवार के सदस्यों को बच्चों की समुचित देखभाल करने की सलाह देना सुनिश्चित किया जाएगा और उनके पूर्णत: ठीक होने तक आंगनबाड़ी केंद्र नहीं आने की सलाह दी जाएगी. साथ ही संबंधित पदाधिकारियों से आंगनबाड़ी केंद्रों के अंदर और आसपास सफाई और स्वच्छता सुनिश्चित करने और केंद्रों के नियमित सेनिटाइजेशन कराये जाने पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया है. आंगनबाड़ी सेविकाओं तथा सहायिकाओं तथा केंद्र पर आने वाले अभिभावकों द्वारा मास्क के इस्तेमाल आवश्यक रूप से सुनिश्चित करने तथा कोरोना संक्रमण के पहचान, ईलाज और रोकथाम के लिए दिशा निर्देशों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रदर्शन करने के भी निर्देश दिए गए हैं.

आंगनबाड़ी केंद्रों पर होगी 50 प्रतिशत बच्चों की मौजूदगी:
आओ बच्चों बारी-बारी, खुल गई है आंगनबाड़ी की तर्ज पर मार्गदर्शिका में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की 50 प्रतिशत उपस्थिति, हाथों की नियमित सफाई, स्वच्छता, सेनिटाइजर का इस्तेमाल सुनिश्चित किये जाने के लिए कहा गया है. अस्वस्थ, कमजोर, गर्भवती महिला तथा 65 वर्ष के आयु के व्यक्तियों का आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रवेश निषेध रहेगा. केंद्रों पर गर्म पका भोजन भंडारण, तैयारी और वितरण के दौरान स्वच्छता एवं सामाजिक दूरी का पालन सुनिश्चित करना है. ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस के दौरान ग्रोथ मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के दौरान हाथों की नियमित सफाई तथा वजन मशीन का सेनेटाइजेशन आवश्यक है. आंगनबाड़ी केंद्र के सभी गेट को आगमन एवं प्रस्थान के समय खुला रखा जायेगा जाये ताकि एक जगह भीड़ जमा नहीं हो. बच्चों को परस्पर एक दूसरे का मास्क अदला बदली नहीं करने के लिए निर्देश देने की बात कही गयी है. सभी बच्चों को आंख, नाक, कान, मुंह आदि छूने से बचने एवं कफ, सर्दी, बुखार आदि के बारे में जानकारी दी जानी है. बच्चों को जहां तहां नहीं थूकने के सलाह देने की बात कही गयी है. यदि आंगनबाड़ी केंद्र पर चम्मच उपलब्ध हों तो यथा संभव गर्म पका भोजन खाने समय चम्मच के प्रयोग करने की भी बात कही गयी है

कोविड -19 की जाँच कराने को दें प्राथमिकता: डॉ. अजय भारती

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– स्वास्थ्य विभाग लगा रहा है नियमित जाँच शिविर
– जागरूक सदस्य के तौर पर निभाएं अपनी जिम्मेदारी

जमुई, 11 नवम्बर।
जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए केंद्रीय दिशा निर्देशों का पालन किया जा रहा है इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ समाज के समस्त जागरूक सदस्यों को अपने स्तर पर जिम्मेदारी को निभाने के लिए आगे आना श्रेयष्कर होगा। इस क्रम में जिले के सिविल, सर्जन, डाक्टर अजय कुमार भारती और चिकित्सा प्रभारियों द्वारा लगातार लोगों से कोविड जांच व टीकाकरण कराने की अपील की जा रही है। इस हेतु राज्य से बाहर के सभी प्रवासी कर्मियों से अपील करते हुए कहा जब भी आप अपने गाँव आगामी पंचायत चुनाव या त्यौहारों में आ रहे हैं, अतः स्वयं एवं बच्चे –परिवार को कोविड-19 के संक्रमण से बचाने को जाँच अवश्य कराएं।
इसी क्रम में डॉ. मनीष कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक बीमारियाँ कहते हैं कि पड़ोसी राज्यों से आने वाले सभी साथियों से अनुरोध है कि आप या आपके रिश्तेदारों के कोरोना वायरस की जाँच को पहली प्राथमिकता के आधार पर करायें। इसके लिए हम आपके सहयोग के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कोविड-19 की जाँच स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुफ्त में की जा रही है। उसे जरूर कराएँ। आप भी बचें औरों को सुरक्षित बनायें।
इस संबंध में प्राथमिक सदर अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डॉ. मनीषी आनंद कहते हैं स्वास्थ्य विभाग और मीडिया के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप कोविड-19 के टीकाकरण में लक्षित लाभार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया है जो सकारात्मक है। लेकिन राज्य में पंचायती राज के चुनाव और त्यौहारों में शामिल होने के लिए प्रवासी साथियों के आने का सिलसिला जारी है । उनका कोविड-19 की जाँच कराने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों को तत्परता के साथ आगे आना जरूरी है। इसके लिए गाँव और पंचायत स्तरों पर विशेष जाँच शिविरों का आयोजन किया जा जायेगा |
इसी क्रम में सुधांशु नारायण लाल, कार्यक्रम प्रबंधक, स्वास्थ्य समिति ने कहा 1554 आशा कार्यकर्ताओं को समुदाय उत्प्रेरण के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है। वे सभी योजनानुसार कोविड-19 की जाँच और टीकाकरण के लिए अपनी भूमिका निभा रही हैं । इस दिशा में जाँच शिविर आयोजन की पहल से कोरोना वायरस के संक्रमण को नियंत्रित करने की ठोस रणनीति को बल मिलेगा। उन्होंने नियमित मास्क लगाने और सामाजिक दूरी पालन करने के लिए सभी से अपील की।

हर घर दस्तक अभियान चला कर शत-प्रतिशत कोविड टीकाकरण का लक्ष्य

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• स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने दिये राज्यों को आवश्यक निर्देश
• कोविड वैक्सीनेशन अभियान में ली जायेगी प्रभावी लोगों की मदद

पटना, 11 नवंबर: कोविड टीकाकरण की संख्या बढ़ाने को लेकर प्रारंभ किये गये अभियान में हर घर दस्तक नामक एक नये अभियान को शामिल किया गया है. कोविड टीकाकरण को गति प्रदान करने के लिए 3 नवम्बर से हर घर दस्तक अभियान की शुरुआत कि गयी है जो 30 नवम्बर तक चलेगी. यह अभियान काफ़ी महत्वपूर्ण साबित हो रही है. इस अभियान की मदद से स्वास्थ्यकर्मी सुदूरवर्ती तथा दुर्गम क्षेत्रों में घर—घर जाकर आमजन, महिला, वृद्ध, दिव्यांग आदि का कोविड टीकाकरण कर रहे हैं. कोविड टीकाकरण के लिए तैयार सेशन साइट तक नहीं पहुंच पाने वाले लोगों के लिए भी हर घर दस्तक अभियान मददगार बन रही है. इसको लेकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने राज्यों को पत्र लिखकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किया है.

हर घर दस्तक अभियान चला कर घर -घर हो वैक्सीनेशन:
जारी पत्र में कहा गया है कि हर घर दस्तक अभियान के तहत 3 नवंबर से 30 नवंबर तक कोविड टीकाकरण के पहले तथा दूसरे डोज देने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर -घर जाकर कोविड टीकाकरण किया जा रहा है. राज्यों को निर्देश दिया गया है कि टीकाकरण को गति प्रदान करने के लिए 50 से 100 की संख्या में वैक्सीनेशन टीम या टोली बनायी जाये. साथ ही कोविड टीकाकरण के प्रति जागरूकता लाने के लिए प्रचार टोली बनाने कि भी बात कही गयी है. पत्र में वैक्सीनेशन तथा प्रचार टोलियों को चिन्हित क्षेत्रों में भेज कर समयबद्ध तरीके से आमलोगों का शत प्रतिशत वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है.

कोविड वैक्सीनेशन प्रतियोगिता आयोजन करें राज्य:
पत्र में कोविड 19 वैक्सीनेशन में लगी टीमों को प्रेरित करने के लिए अंतरराज्यीय प्रतियोगिता का आयोजन करने कि बात कही गयी है. इसके लिए 24 घंटे के भीतर सबसे अधिक संख्या में वैक्सीनेशन करने वाले पांच टीमों को सम्मानित करने के लिए राज्य सरकार रैकिंग सिस्टम विकसित कर इसका इस्तेमाल करने कि सलाह दी गयी है. वहीं टीम को राज्य, जिला तथा प्रखंड स्तर पर चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं.

संवेदीकरण कार्यों में प्रभावी लोगों की ली जायेगी मदद:
निर्देश में कहा गया है कि बाजार और हाट वाले दिनों में कोविड वैक्सीनेशन के प्रति जनजागरूकता लाने का काम किया जाये. साथ ही ऐसी जगह जहां पर बाजार हाट लगते हों, वैसी जगहों पर कोविड वैक्सीनेशन की पूरी व्यवस्था की जाये. वैक्सीनेशन के प्रति लोगों को प्रेरित करने के लिए समाज के प्रभावी लोगों जैसे धार्मिक नेता, सामाजिक कार्यकर्ता, डॉक्टर, जनप्रतिनिधि, खेल जगत की हस्तियां, सेना या ऐसी सेवाओं से सेवानिवृत लोग, एनसीसी कैडेट या राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक आदि की मदद लेने की बात कही गयी है. साथ ही इनके माध्यम से ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में विशेषकर उन जगहों पर जहां लोगों द्वारा पहला तथा दूसरा डोज लेने की संख्या कम है, वहां उन्हें संवेदीकरण कार्यों में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं.

सोशल मीडिया व नये तरीकों के इस्तेमाल पर बल:
जारी पत्र में कोविड टीकाकरण को लेकर सोशल मीडिया के प्रभावी इस्तेमाल करने कि सलाह दी गयी है. विशेष कर कोविड वैक्सीनेशन के विरुद्ध फैले अफवाहों आदि को दूर करने के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल किये जाने के लिए कहा गया है, जिसमें कोविड वैक्सीनेशन प्राप्त कर चुके लोगों के सकारात्मक अनुभवों को साझा करने के लिए भी कहा गया है. साथ ही कोविड टीकाकरण के लिए लोगों को जागरूक करने और 18 से अधिक उम्र के लोगों के शत प्रतिशत कोविड टीकाकरण होने के लिए अन्य नये तरीकों का इस्तेमाल करने के लिए भी कहा गया है.

छठ घाटों पर शिविर आयोजित कर वंचितों को दी गई वैक्सीन

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– जिले के विभिन्न प्रखंडों में 32 छठ घाटों पर शिविर का हुआ आयोजन, सुविधाजनक तरीके से दी गई वैक्सीन
– सभी शिविर स्थलों पर कोविड-19 वैक्सीनेशन एवं जाँच की सुविधा थी उपलब्ध

लखीसराय, 11 नवंबर।
जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का कोविड-19 वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने को लेकर जिले में लगातार वैक्सीनेशन एवं जाँच अभियान चल रहा है। जिसे सार्थक रूप देने के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह कटिबद्ध है। यही नहीं, इसको लेकर रोज जरूरी कदम भी उठाए जा रहे हैं। त्योहारी दौर में भी वैक्सीनेशन अभियान की रफ्तार में कमी नहीं आए, इसको लेकर जिले में त्यौहारी दौर में भी वैक्सीनेशन अभियान जारी है। इसी कड़ी में छठ पूजा के दौरान भी जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिले में वैक्सीनेशन अभियान चलाया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न छठ घाटों पर कोविड वैक्सीनेशन सह जागरूकता शिविर आयोजित किया गया है। जिसके माध्यम से किसी भी कारणवश अबतक वैक्सीन से वंचित योग्य व्यक्तियों को शिविर में ड्यूटी पर तैनात मेडिकल टीम द्वारा सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन दी गई।
– 32 छठ घाटों पर वैक्सीनेशन सह जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया, जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित और किसी भी स्थिति में एक भी व्यक्ति वैक्सीन से वंचित नहीं रहे, इसको लेकर हर जरूरी कदम उठाए जा रहे और आवश्यक निर्णय भी लिए जा रहे हैं। जिसे सार्थक रूप देने के लिए जिले में त्यौहारी दौर में भी वैक्सीनेशन अभियान जारी है। साथ ही अभियान के दौरान लोगों की सुविधा का भी ख्याल रखा जा रहा है। इसी उद्देश्य से छठ पूजा के दौरान जिले के विभिन्न छठ घाटों पर कोविड-19 वैक्सीनेशन सह जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। ताकि वैक्सीन से वंचित लोग अपनी सुविधा के कारण वैक्सीनेशन करा सके और सुरक्षित माहौल में त्यौहार का समापन सुनिश्चित हो सके। साथ ही एक ही समय में लोग वैक्सीनेशन भी करा सकें और त्यौहार भी मना सकें।

– सभी शिविर स्थलों पर जाँच की भी की गई थी व्यवस्था :
लखीसराय पीएचसी के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक निशांत राज ने बताया, जिले के विभिन्न छठ घाटों पर संचालित शिविर में वैक्सीनेशन के साथ-साथ जाँच की भी सुविधा सुनिश्चित की गई थी। ताकि लोगों की मौके पर ही जाँच की जा सके। दरअसल, छठ पूजा के अवसर पर दूसरे प्रदेशों में रहने वाले कामगार बड़ी संख्या में पूजा मनाने के लिए अपना गाँव आए हैं। जिसके कारण सुरक्षा के मद्देनजर यह व्यवस्था की गई थी। वहीं, उन्होंने बताया, शिविर के सफल संचालन के लिए शिफ्टवाइज मेडिकल टीम की तैनाती की गई थी। ताकि मेडिकल टीम को भी काम करने में किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो और सुविधाजनक तरीके से अपना काम कर सके। साथ ही योग्य व्यक्ति भी सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन ले सकें।
– सभी शिविर स्थलों पर दोनों डोज की वैक्सीन की व्यवस्था थी उपलब्ध :
छठ पूजा के अवसर पर जिले के सभी शिविर स्थलों पर वैक्सीन की दोनों डोज देने की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी। ताकि जो व्यक्ति पहली डोज ले चुके हैं और दूसरी डोज लेने के निर्धारित समय पूरा कर चुके हैं वह भी शिविर स्थल पर आकर वैक्सीनेशन करा सकें। जिससे सेकेंड डोज को भी गति मिल सके और इस महामारी से खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइज़र का उपयोग करें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाली जगहों से परहेज करें।

छठ घाटों पर लगा कोविड वैक्सीनेशन सह जागरूकता शिविर

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– सभी शिविर स्थलों पर दोनों डोज की वैक्सीन की व्यवस्था थी उपलब्ध

खगड़िया, 11 नवंबर।
गुरुवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ के साथ लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा का समापन हो गया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों के छठ घाटों पर भगवान सूर्य और माँ छठ की पूरे विधि-विधान के साथ आराधना की गई। प्रशासन एवं स्थानीय लोगों के सहयोग से जिले के विभिन्न प्रखंडों में बनाए गए छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। किन्तु, भीड़ के बावजूद कोविड-19 संक्रमण से संबंधित किसी प्रकार की कोई शिकायत सामने नहीं आए, इसके लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड दिखे। इस महामारी के खिलाफ सुरक्षा के मद्देनजर जिले के विभिन्न प्रखंडों के छठ घाटों पर कोविड-19 वैक्सीनेशन सह जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया था। जिसके माध्यम से जहाँ अबतक वैक्सीनेशन से वंचित लोगों को वैक्सीनेशन के प्रति प्रेरित किया जा रहा था वहीं, श्रद्धालुओं से कोविड प्रोटोकॉल के पालन के साथ त्यौहार मनाने की अपील भी की जा रही थी।

– जिले के विभिन्न प्रखंडों के छठ घाटों पर शिविर आयोजित:
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, किसी स्थिति में एक भी व्यक्ति वैक्सीन से वंचित नहीं रहे, इसको लेकर हर जरूरी कदम उठाए जा रहे और आवश्यक निर्णय भी लिए जा रहे हैं। जिसे सार्थक रूप देने के लिए जिले में त्यौहारी दौर में भी वैक्सीनेशन अभियान जारी है। साथ ही अभियान के दौरान लोगों की सुविधा का भी ख्याल रखा जा रहा है। इसी उद्देश्य से छठ पूजा के दौरान जिले के विभिन्न छठ घाटों पर कोविड-19 वैक्सीनेशन सह जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। ताकि वैक्सीन से वंचित लोग अपनी सुविधा के कारण वैक्सीनेशन करा सकें और सुरक्षित माहौल में त्यौहार का समापन सुनिश्चित हो सके। साथ ही एक ही समय में लोग वैक्सीनेशन भी करा सकें और त्यौहार भी मना सकें।

– सभी शिविर स्थलों पर जाँच की भी की गई थी व्यवस्था :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, जिले के विभिन्न छठ घाटों पर संचालित शिविर में वैक्सीनेशन के साथ-साथ जाँच की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी। ताकि संदिग्ध लोगों की मौके पर ही जाँच की जा सके। दरअसल, छठ पूजा के अवसर पर दूसरे प्रदेशों में रहने वाले बड़ी संख्या में कामगार पूजा मनाने के लिए अपना गाँव आए हैं। जिसके कारण सुरक्षा के मद्देनजर यह व्यवस्था की गई थी। वहीं, उन्होंने बताया, शिविर के सफल संचालन के लिए शिफ्टवाइज मेडिकल टीम की तैनाती की गई थी। ताकि मेडिकल टीम को भी काम करने में किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो और सुविधाजनक तरीके से अपना काम कर सके। साथ ही योग्य व्यक्ति भी सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन ले सकें।

– सभी शिविर स्थलों पर दोनों डोज की वैक्सीन की व्यवस्था थी उपलब्ध :
केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार ने बताया, छठ पूजा के अवसर पर आयोजित जिले के सभी शिविर स्थलों पर वैक्सीन की दोनों डोज देने की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी। ताकि जो व्यक्ति पहली डोज ले चुके हैं और दूसरी डोज लेने की निर्धारित समय पूरा कर चुके हैं, वह भी शिविर स्थल पर आकर वैक्सीनेशन करा सकें। जिससे सेकेंड डोज को भी गति मिल सके और इस महामारी से खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।