मेगा कोविड वैक्सीनेशन अभियान • जिले में तीन सौ से अधिक सेशन साइटों पर आयोजित हुआ वैक्सीनेशन शिविर

0

– शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने के लिए छात्र भी आए आगे, नियंत्रण कक्ष में फोन संचालन की संभाली जिम्मेदारी
– 75 हजार से अधिक लोगों को वैक्सीनेट करने का लक्ष्य किया गया था निर्धारित

खगड़िया, 02 अक्टूबर

शनिवार को गाँधी जयंती के अवसर पर पूरे जिले में जय हो मिशन के तहत मेगा कोविड वैक्सीनेशन महाभियान चलाया गया। जिसकी सफलता को लेकर जिले में तीन सौ अधिक सेशन साइटों पर वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन किया गया और सभी जगहों पर पहला एवं दूसरा दोनों डोज वैक्सीन दी गई। साथ ही सभी सेशन साइटों पर विभाग द्वारा पर्याप्त संख्या में वैक्सीनेशन कर्मियों की तैनाती एवं वैक्सीन वाइल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी। ताकि सभी लोगों को सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन दी जा सके और एक भी लोग बिना वैक्सीन लिए वापस नहीं आए। वहीं, निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने को लेकर स्वास्थ्य टीम द्वारा घर-घर जाकर लोगों को महाभियान की जानकारी दी गई एवं वैक्सीन लेने के लिए प्रेरित किया गया। ताकि एक भी लोग महाभियान की जानकारी से वंचित नहीं रहें और अभियान सफल हो सके।

– महाभियान की सफलता के लिए स्कूली बच्चे भी आए आगे, फोन संचालन की संभाली जिम्मेदारी :
महाभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए स्कूली बच्चों की भी पहली बार जिले में अनूठी पहल देखी गई। जिले के विभिन्न प्रखंडों में बनाए गए कोविड नियंत्रण कक्ष में फोन संचालन की जिम्मेदारी स्कूली बच्चों ने ही संभाल रखी थी। बच्चों ने बारी-बारी से नियंत्रण कक्ष में उपलब्ध मोबाइल नंबर डायल कर संबंधित लोगों को ना सिर्फ वैक्सीनेशन शिविर की जानकारी दी। बल्कि, वैक्सीन लेने के लिए भी प्रेरित किया। बच्चों का यह कदम काफी सराहनीय रहा एवं दिन भर पूरे जिले में बच्चे समेत संबंधित विद्यालय प्रबंधन की सराहना होती रही।

– सभी सेशन साइटों पर लोगों ने उत्साह के साथ प्रोटोकॉल का पालन करते हुए ली वैक्सीन :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, मेगा कोविड वैक्सीनेशन अभियान की सफलता को लेकर जिले में तीन सौ अधिक सेशन साइटों बनाए गए। सभी साइट पर पर्याप्त संख्या में कर्मियों की तैनाती एवं वैक्सीन वाइल की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी। वहीं, उन्होंने बताया, सभी सेशन साइटों पर लोगों की भीड़ देखी गई और सभी लोगों ने उत्साह के साथ वैक्सीन ली। इस दौरान सबसे अच्छा बात यह रही कि वैक्सीनेशन के दौरान सभी लोगों ने प्रोटोकॉल का भी ख्याल रखा।

– 75 हजार से अधिक लोगों को वैक्सीनेटेड करने का लक्ष्य किया गया था निर्धारित :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, पूरे जिले में 75 हजार से अधिक लोगों को वैक्सीनेट करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसकी सफलता को लेकर तीन सौ अधिक सेशन साइट भी बनाए गए थे। इसके अलावा स्वास्थ्य टीम द्वारा घर-घर जाकर भी लोगों वैक्सीनेशन शिविर की जानकारी दी गई। ताकि सभी लोग अपने नजदीकी शिविर स्थल पर आकर सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन ले सकें। वहीं, उन्होंने बताया, जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों को वैक्सीनेट करने के लिए जिले में लगातार वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।

विश्व ह्रदय दिवस को लेकर सदर अस्पताल से हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तक आयोजित हो रहा निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर

0

– 29 सितंबर से 05 अक्टूबर तक चलेगा शिविर
-स्वास्थ्य शिविरों में लोगों की निःशुल्क की जा रही है ह्रदय जांच,
-निःशुल्क ईसीजी, बीपी जांच के साथ -साथ दी जा रही है रोग के कारण, लक्षण और बचाव की जानकारी

मुंगेर, 02 अक्टूबर –

विश्व ह्रदय दिवस पर सदर अस्पताल से लेकर जिलाभर के सभी अस्पतालों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ -साथ हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर 29 सितंबर से 05 अक्टूबर तक निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस शिविर में आने वाले सभी लोगों की निःशुल्क ह्रदय जांच इलेक्ट्रो कार्डियोग्राफ (ईसीजी) करने के साथ- साथ डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की भी जांच की जा रही है। इसके साथ ही डॉक्टरों के द्वारा लोगों को ह्रदय रोग के कारण, लक्षण और इससे बचाव के बारे में पूरी जानकारी दी जा रही है।

मुंगेर के गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. के.रंजन ने बताया कि ह्रदय रोग किसी भी आयु वर्ग के लोगों को हो सकता है। बच्चे, बुजुर्ग और युवा सहित सभी आयु वर्ग के लोग ह्रदय रोग से पीड़ित हो सकते हैं। इसलिए प्रत्येक आयु वर्ग के लोगों को ह्रदय रोग से बचाव के उपायों के पालन करने के अलावा विशेषज्ञ डॉक्टर के परामर्श के अनुसार उचित समय पर सही इलाज भी कराना आवश्यक है। इसके साथ ही ह्रदय संबंधी बीमारी से बचने के लिए लोगों को संतुलित भोजन के साथ-साथ सही तरीके से रहन-सहन पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष “यूज हर्ट टू बीट कार्डियोवैस्क्युलर डिजीज” की थीम पर विश्व ह्रदय दिवस सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान सप्ताह भर शिविर में आने वाले लोगों को ह्रदय रोग से बचाव के बारे में आवश्यक जानकारियां दी जा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्र में आशा कार्यकर्ता घर -घर जाकर ह्रदय रोग से पीड़ित लोगों को जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में हो रहे ह्रदय जांच सहित अन्य जांच की जानकारी देते हुए जांच कराने के लिए उन्हें प्रेरित कर रही हैं। सदर अस्पताल में आयोजित निःशुल्क जांच सह परामर्श शिविर में सदर अस्पताल स्थित एनसीडी ऑफिस इंचार्ज राखी मुखर्जी के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक परामर्श दाता नितिन कुमार, राहुल कुमार, एनसीडी क्लीनिक इंचार्ज सबा नाज़ और प्रतिमा कुमारी मौजूद थी।

हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर इटहरी, नोवागढ़ी मुंगेर की सीएचओ अर्चना कुमारी ने बताया कि यहां भी निःशुल्क ह्रदय जांच सह परामर्श शिविर का आयोजन किया गया है। यहां आने वाले लोगों का निःशुल्क ईसीजी जांच के अलावा डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की भी जांच की जा रही है। इसके साथ ही आने वाले सभी लोगों को ह्रदय रोग के कारण, लक्षण और बचाव की विस्तारपूर्वक जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि ह्रदय रोग का लक्षण देखते ही विशेषज्ञ डॉक्टर से चिकिसकीय सलाह लेने के बाद सही इलाज कराना अति आवश्यक है। सही समय पर सही इलाज होने के बाद ही इस बीमारी से निजात मिल सकती है अन्यथा यह बीमारी लोगों की जिंदगी को भी प्रभावित कर सकती है। उन्होंने बताया कि बच्चे भी जन्मजात ह्रदय में सुराग की बीमारी से पीड़ित हो जा रहा रहे हैं। इन बच्चों का राज्य सरकार के प्रयास से बिहार से बाहर अहमदाबाद भेज कर उनके ह्रदय का सफल ऑपरेशन कराया जा रहा है। राज्य सरकार के इस प्रयास से कई बच्चे जो जन्मजात ह्रदय में सुराग से पीड़ित थे उन्हें नई जिंदगी मिल रही है।

महाअभियान में 45000 लोगों को पड़े कोरोना के टीके

0

जिलेभर में बनाए गए थे 383 कोरोना टीकाकरण केंद्र

टीका लेने के लिए सुबह से ही लाभुक आ रहे थे केंद्र पर

बांका, 2 अक्टूबर

कोरोना टीकाकरण को लेकर शनिवार को जिले में अभियान चलाया गया। जिले भर में बनाए गए 383 टीकाकरण केंद्र पर सुबह से ही काफी संख्या में लोग टीका लेने के लिए पहुंच रहे थे। जिले में 45000 हजार लोगों को कोरोना का टीका दिया गया। टीकाकरण अभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्यकर्मी लगे रहे। एएनएम और डाटा ऑपरेटर जहां केंद्रों पर समय से पहले पहुंच गए थे, वहीं आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका, आशा कार्यकर्ता, बीएलओ और विकास मित्र लोगों को टीकाकरण केंद्रों तक लाते दिखे।
सिविल सर्जन डॉ, सुधीर कुमार महतो ने बताया कि शनिवार को चलाए गए अभियान में काफी संख्या में लोगों ने कोरोना का टीका लिया । खास बात यह रही दूसरा डोज लेने वाले भी काफी संख्या में केंद्रों तक पहुंचे। जो लोग टीका लेने से रह गए हैं, उनसे मेरी अपील है कि वह भी जल्द से जल्द टीका ले लें। अभी टीकाकरण चलता रहेगा। प्रतिदिन सभी प्रखंडों में टीकाकरण चलता रहेगा। कोरोना से बचने के लिए टीका लेना बहुत जरूरी है, इसलिए जो लोग छूट गए हैं वे जल्द से जल्द अपने नजदीकी केंद्रों पर जाकर कोरोना का टीका ले लें।
सदर प्रखंड में 3300 लोगों ने लिए टीकेः दूसरी ओर बांका सदर प्रखंड के तहत 28 केंद्र बनाए गए थे, जहां पर कि 3300 लोगों ने कोरोना के टीके लिए। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि टीका लेने वालों की कतारें सुबह से लग गई थीं। सभी स्वास्थ्यकर्मी भी टीकाकरण केंद्रों पर समय से पहले पहुंच गए थे। इस वजह से लाभुकों को टीका लेने में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई। टीका देने के बाद सभी लाभुकों को 30 मिनट तक निगरानी में रखा गया। किसी तरह की परेशानी नहीं होने पर सभी लोगों को घर जाने दिया गया। साथ ही जिन लाभुकों ने कोरोना टीका का पहला डोज लिया, उन्हें समय पर आकर दूसरा डोज लेने के लिए कहा गया।
335 लोगों की हुई जांचः टीकाकरण के साथ ही कोरोना जांच भी जारी रही। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत 225 लोगों की एंटीजन किट से जांच की गई। जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला। साथ ही 110 लोगों के सैंपल आरटीपीसीआर मशीन से जांच के लिए लिया गया। डॉ. चौधरी ने बताया कि यह बात सही है कि जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला, लेकिन सभी लोगों को सतर्कता के साथ रहने के लिए कहा गया। घर से बाहर जाते वक्त अनिवार्य़ तौर पर मास्क लगाने के लिए कहा गया। साथ ही सामाजिक दूरी का पालन करते हुए एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी बनाकर रहने के लिए कहा गया। इसके अलावा बाहर से घर आने पर 20 सेकेंड तक हाथ की धुलाई अनिवार्य तौर पर करने के लिए कहा गया।

महाअभियान में टीका लेने वालों की उमड़ी भीड़

0

जिलेभर में बनाए गए थे 661 टीकाकरण केंद्र

एक लाख से भी अधिक लोगों ने लिया टीका

भागलपुर, 2 अक्टूबर

कोरोना टीकाकरण को लेकर शनिवार को एक बार फिर से महाअभियान चलाया गया। इस बार जिलेभर में 661 टीकाकरण केंद्र बनाए गए थे, जहां की एक लाख से अधिक लोगों ने कोरोना का टीका लिया सुबह सात बजे से ही टीका लेने वालों की भीड़ केंद्रों पर उमड़ गई थी। इसके बावजूद सभी लोगों से कोरोना की गाइडलाइन का पालन कराया गया। दो गज की दूरी के साथ कतार में खड़े सभी लोग मास्क पहने हुए थे। टीका लगने के बाद सभी लाभुकों को 30 मिनट तक निगरानी में रखा गया। किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होने पर सभी लोगों को घर जाने दिया गया। साथ ही पहला डोज लेने वालों को समय पर आकर दूसरा डोज लेने की हिदायत दी गई।

सिविल सर्जन ड़ॉ. उमेश कुमार शर्मा ने बताया कि एक बार फिर जिले में टीकाकरण अभियान सफल रहा। एक लाख लोगों से ज्यादा लोगों ने कोरोना का टीका लिया इस बार खास बात यह रही कि दूसरा डोज लेने वाले भी काफी संख्या में टीकाकरण केंद्रों तक पहुंचे। अब हमलोग दूसरा डोज पर फोकस कर रहे हैं। इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि जिले में कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं रहे, जिन्होंने पहला डोज ले लिया हो और दूसरा डोज नहीं लिया हो। कोरोना टीका की दोनों डोज लेने के बाद ही टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी होगी, इसलिए लाभुकों को समय पर आकर दूसरा डोज लेने के लिए कहा जा रहा है।

स्वास्थ्यकर्मी क्षेत्र से लोगों को ला रहे थे केंद्र परः टीकाकरण को लेकर चलाए गए महाअभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका, बीएलओ और विकास मित्र अपने क्षेत्र से टीका नहीं लेने वाले लोगों को ला रहे थे। जिनलोगों के मन में टीका के प्रति दुविधा थी, उसे दूर किया जा रहा था। लोगों को समझाया जा रहा था कि कोरोना का टीका लेने से किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होता है, इसलिए बिना झिझक के टीका लीजिए। टीका लेने के बाद ही कोरोना से सुरक्षित हो पाएंगे।

15 घंटे के टीकाकरण केंद्र पर उमड़ी भीड़ः नाथनगर के घोषी टोला स्थित बालिका उच्च विद्यालय में चल रहे 15 घंटे के टीकाकरण केंद्र पर काफी संख्या में लाभुक टीके लेने के लिए पहुंचे। यहां पर टीकाकरण के बाद सर्टिफिकेट का प्रिंट आउट भी दिया जा रहा था, जो लाभुकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। इसके अलावा ड्राइव थ्रू वैक्सीनेशन के तहत बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों को वाहन पर ही टीका देने की यहां पर व्यवस्था है। साथ ही लाभुकों के लिए मनोरंजन की व्यवस्था से लेकर हर तरह के इंतजाम हैं। यही कारण है कि इस केंद्र पर आसपास के काफी संख्या में लोग टीका लेने के लिए पहुंचे।

डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव को लेकर पूरे जिले में चलेगा जागरूकता अभियान, सफलता को लेकर हुई बैठक

0

– जिला वेक्टर जनित-रोग नियंत्रण पदाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक
– जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों की ओर से चलाया जाएगा जागरूकता अभियान

लखीसराय-

डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव को लेकर पूरे जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जिसके माध्यम से लोगों को बचाव के लिए जागरूक किया जाएगा। अभियान की सफलता को लेकर शुक्रवार को संबंधित कर्मियों की एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक तैयारी पर बल दिया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला वेक्टर जनित-रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ धीरेंद्र कुमार ने की एवं संचालन डीभीबीडीसी नरेंद्र कुमार ने किया । इस मौके पर भीडीसीओ भगवान दास, गौतम दास आदि मौजूद थे।
– अभियान की सफलता को लेकर जिले के सभी चिकित्सा पदाधिकारी को दिए गए हैं निर्देश :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, डेंगू एवं चिकनगुनिया से बचाव को जिला से लेकर प्रखंड स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाना है। जिसकी सफलता को लेकर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं एवं हर हाल में अभियान की शुरुआत करना सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। ताकि इस बीमारी से बचाव की जानकारी समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँचायी जा सके।
– संक्रमित एडिस मच्छर काटने से होता है डेंगू और चिकनगुनिया :
जिला वेक्टर जनित-रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ धीरेंद्र कुमार ने बताया, डेंगू और चिकनगुनिया बीमारी संक्रमित एडिस मच्छर काटने से होता है। इसलिए, अगर आप दिन में भी सोते हैं तो अनिवार्य रूप से मच्छरदानी लगाएं। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। घर एवं सभी कमरे को साफ-सुथरा एवं हवादार बनाएं रखें। साथ ही आसपास भी साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें। इसके लिए अपने पड़ोस में रहने वाले अन्य लोगों को भी जागरूक करें। ताकि इस बीमारी के दायरे से सामुदायिक स्तर पर लोग दूर रहें। वहीं, उन्होंने बताया, इस बीमारी से बचाव के लिए रहन-सहन में बदलाव के साथ-साथ साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान देने की दरकार है। दरअसल, डेंगू व चिकनगुनिया के शुरुआती लक्षण बुखार से ही शुरू होते हैं। जिसके कारण लोगों को बीमारी की पहचान करने में भी काफी परेशानी होती है। इसलिए, लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी अस्पताल में जाँच कराने की जरूरत है।
– लक्षण दिखते ही तुरंत करायें इलाज, अस्पतालों में समुचित व्यवस्था है उपलब्ध :
डीभीबीडीसी नरेंद्र कुमार ने बताया, लक्षण दिखते ही ऐसे मरीजों को तुरंत जाँच करानी चाहिए। जाँच रिपोर्ट के अनुसार इलाज करानी चाहिए। ताकि बड़ी परेशानियाँ का सामना नहीं करना पड़े और समय पर इलाज शुरू हो सके। इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों में समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। वहीं, उन्होंने बताया, यह बीमारी संक्रमित एडिस मच्छर के काटने से होता है, जो स्थिर साफ पानी में पनपता है। इसलिए, घर समेत आसपास में जलजमाव नहीं होने दें। जलजमाव होने पर उसे यथाशीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था कर हटायें और पानी जमा होने वाले जगहों पर किरासन तेल या कीटनाशक दवाई का छिड़काव करें।

– डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण :
– तेज बुखार, बदन, सर एवं जोड़ों में दर्द तथा ऑखों के पीछे दर्द होना
– त्वचा पर लाल धब्बे या चकते का निशान
– नाक, मसूढ़े से या उल्टी के साथ रक्तस्राव होना
– काला पैखाना होना

– बचाव के उपाय :
– दिन में भी सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
– पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें अथवा मच्छर भगाने वाली दवा/क्रीम का उपयोग करें।
– टूटे-फूटे बर्तनों, कूलर, एसी/फ्रिज के पानी निकासी ट्रे, पानी टंकी, गमला, फूलदान, घर के अंदर एवं आसपास पानी नहीं जमने दें।
– जमे हुए पानी पर मिट्टी का तेल डालें अथवा कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें।

कालाजार उन्मूलन: अलौली में छिड़काव का केयर इंडिया की टीम ने लिया जायजा

0

– घर-घर जाकर छिड़काव की गुणवत्ता का लिया जायजा और कालाजार से बचाव के लिए लोगों को किया जागरूक
– कालाजार के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की भी दी जानकारी

खगड़िया-

जिले के अलौली प्रखंड व गाँव में कालाजार उन्मूलन को लेकर हुए सघन एसपी पाउडर छिड़काव का जायजा लेने के लिए केयर इंडिया की टीम संबंधित क्षेत्र पहुँची। जहाँ केयर इंडिया के डीपीओ-भीएल कृष्णा कुमार भारती के नेतृत्व में टीम में केयर इंडिया के प्रखंड समन्वयक नवीन कुमार, संजय कुमार, श्रवण कुमार आदि ने घर-घर जाकर छिड़काव का जायजा लिया। इस दौरान छिड़काव की गुणवत्ता को देखा एवं इस बीमारी से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया। साथ ही संभावित मरीजों की भी खोज की गयी । ताकि शुरुआती दौर में मरीजों की पहचान हो सके और संबंधित मरीजों को समुचित स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जा सके। वहीं, टीम का नेतृत्व कर रहे डीपीओ-भीएल कृष्णा कुमार भारती ने बताया, इस दौरान विशेष रूप से इस बात की जानकारी ली गई कि किसी कारणवश कोई गाँव, टोला-मोहल्ला तो छिड़काव से वंचित नहीं रह गया। उन्होंने बताया, वंचित क्षेत्र मिलने पर वहाँ जिला मुख्यालय से निर्देश प्राप्त कर पुनः छिड़काव कराया जाएगा।
– मरीजों को आर्थिक सहायता का मिलता है लाभ :
अलौली पीएचसी प्रभारी डाॅ मनीष कुमार ने बताया, कालाजार से पीड़ित रोगी को सरकार द्वारा आर्थिक सहायता दी जाती है। मुख्यमंत्री कालाजार राहत योजना के तहत श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में बीमार व्यक्ति को राज्य सरकार द्वारा 6600 रुपए और केंद्र सरकार द्वारा 500 रुपए दिए जाते हैं। यह राशि कालाजार संक्रमित व्यक्ति को संक्रमण के समय में दी जाती है। वहीं, चमड़ी से जुड़े कालाजार संक्रमित रोगी को केंद्र सरकार की तरफ से 4000 रुपए दिए जाते हैं।
– कालाजार से बचाव के लिए डीडीटी छिड़काव ही सबसे बेहतर उपाय :
केयर इंडिया के डीपीओ-भीएल कृष्ण कुमार भारती ने बताया, कालाजार से बचाव के लिए एसपी पाउडर छिड़काव ही सबसे बेहतर उपाय है। साथ ही इससे बचाव के लिए लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। इसके लिए लोगों को साफ-सफाई समेत रहन-सहन में बदलाव करने की आवश्यकता है। वहीं, उन्होंने बताया, कालाजार मादा बालू मक्खी (सैन्ड फ्लाई) के काटने से फैलता है। एसपी पाउडर के छिड़काव से ही बालू मक्खी के प्रभाव को पूर्णत: खत्म किया जा सकता है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा एसपी पाउडर का छिड़काव कराया जा चुका है। जिससे बालू मक्खी को समाप्त किया जा सके।
– लक्षण दिखते ही कराएं इलाज, सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है समुचित व्यवस्था :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, लोगों को कालाजार का लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पतालों में जाँच करानी चाहिए और चिकित्सकों की सलाह के अनुसार उचित व समुचित इलाज कराना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में जाँच एवं इलाज की मुफ्त समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। साथ ही इन बीमारियों से बचने के जमीन (सतह) पर नहीं सोएं। मच्छरदानी का नियमित रूप से उपयोग करें। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें ।
– कालाजार के लक्षण :
– लगातार रूक-रूक कर या तेजी के साथ दोहरी गति से बुखार आना।
– वजन में लगातार कमी होना।
– दुर्बलता।
– मक्खी के काटे हुए जगह पर घाव होना।
– व्यापक त्वचा घाव जो कुष्ठ रोग जैसा दिखता है।
– प्लीहा में नुकसान होता है।

– छिड़काव के दौरान इन बातों का रखें ख्याल :
– छिड़काव के पूर्व घर की अन्दरूनी दीवार की छेद/दरार बंद कर दें।
– घर के सभी कमरों, रसोई घर, पूजा घर, के अन्दरूनी दीवारों पर छः फीट तक छिड़काव अवश्य कराएं छिड़काव के दो घंटे बाद घर में प्रवेश करें।
– छिड़काव के पूर्व भोजन सामग्री , बर्तन, कपड़े आदि को घर से बाहर रख दें।
– ढाई से तीन माह तक दीवारों पर लिपाई-पोताई ना करें, जिसमें कीटनाशक (एस पी) का असर बना रहे।
– अपने क्षेत्र में कीटनाशक (एस पी) छिड़काव की तिथि की जानकारी आशा दीदी से प्राप्त करें।

आज चलेगा टीकाकरण को लेकर महाअभियान

0

महाअभियान में 1 लाख लोगों को टीका देने का लक्ष्य

टीकाकरण को लेकर जिलेभर में बनाए गए हैं 661 केंद्र

भागलपुर-

कोरोना टीकाकरण को लेकर शनिवार को जिले में महाअभियान चलेगा। इसे लेकर जिले में 661 केंद्र बनाए गए हैं, जहां पर 1 लाख से अधिक लोगों को टीका देने का लक्ष्य रखा गया है। जरूरत पड़ने पर टीकाकरण केंद्र की संख्या बढ़ भी सकती है।

सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा ने बताया कि टीकाकरण को लेकर चलने वाले महाअभियान की सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। सभी केंद्रों को लिए डाटा ऑपरेटर, एएनएम व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति कर दी गई है। सभी स्वास्थ्यकर्मियों को समय से कुछ देर पहले ही केंद्र पर पहुंचकर समय से टीकाकरण शुरू करने को कहा गया है। नोडल अधिकारी केंद्र का लगातार भ्रमण करेंगे, ताकि टीका लेने वाले लाभुकों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार चौधरी सभी केंद्रों पर टीका भेजने का काम सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा केयर इंडिया, यूएनडीपी समेत अन्य सहयोगी संस्था भी इसमें सहयोग करेंगे।
दूसरे डोज पर रहेगा फोकसः डॉ. उमेश कुमार शर्मा ने बताया कि महाअभियान में अधिक से अधिक लोगों को कोरोना का टीका प़ड़े, इस पर तो ध्यान रहेगा ही। साथ ही पहला डोज लेने के बाद जिनका समय पूरा हो गया है, उनका दूसरा डोज पूरा कराने पर भी फोकस रहेगा। दोनों टीका लेने के बाद ही टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी होगी, इसलिए सभी लोगों को समय पर दूसरा डोज पूरा हो जाए। इसे लेकर भी जिला स्वास्थ्य समिति गंभीर है। टीका लेने के लिए आने वाले लाभुकों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है। टीका देने के बाद 30 मिनट तक लाभुकों को निगरानी में रखा जाएगा। किसी तरह की परेशानी नहीं होने पर लाभुकों को घर जाने दिया जाएगा।
एक केद्र पर 150 लोगों अधिक को टीका देने का लक्ष्यः डॉ. उमेश कुमार शर्मा ने बताया कि महाअभियान के दौरान एक टीकाकरण केंद्र पर कम-से-कम 150 लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। संख्या इससे अधिक भी हो सकती है। इसके अलावा टीकाकरण का लक्ष्य हासिल करने के लिए शुक्रवार को जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, आशा कार्यकर्ता, बीएलओ और विकास मित्र लोगों को कोरोना टीका लेने के लिए जागरूक करेंगे। जिन लोगों ने अभी तक कोरोना का टीका नहीं लिया है, उन्हें टीका लेने के प्रेरित करते हुए नजदीकि केंद्रों तक लाने का काम करेंगे। लोगों के मन में टीका के प्रति अगर किसी तरह का भ्रम होगा तो उसे भी ये लोग दूर करेंगे। उन्हें यह समझाएंगे कि कोरोना का टीका पूरी तरह से सुरक्षित है।

जिले में कल से शुरू होगा एमडीए अभियान का दूसरा चरण

0

आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को खिलाएंगी दवा
24 लाख से अधिक लोगों को दवा खिलाने का है लक्ष्य

बांका-

जिले में फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर एमडीए ( मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान का दूसरा चरण रविवार तीन अक्टूबर से शुरू हो रहा है। पहला चरण 20 से 23 सितंबर तक चला। दूसरा चरण 1 अक्टूबर से शुरू होना था, लेकिन 29 सितंबर को जिउतिया पर्व होने के कारण पल्स पोलियो अभियान बाधित रहा। इसलिए एक अक्टूबर को अभियान के दौरान छूटे हुए बच्चों को पोलिया का ड्रॉप पिलाया जाएगा। दो अक्टूबर को कोरोना टीकाकरण को लेकर महाअभियान है। इस वजह से आशा कार्यकर्ता एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी उस दिन व्यस्त रहेंगे। इस कारण 3 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक एमडीए अभियान का दूसरा चरण चलाने का निर्णय लिया गया है। इस बात की जानकारी पर्यवेक्षण वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी आरिफ इकबाल ने शुक्रवार को दी। उन्होंने कहा कि इसे लेकर जिला वेक्टर बॉर्न डिजीज नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. बीरेंद्र कुमार यादव ने दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। मालूम हो कि इसे लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति, पटना के कार्यपालक निदेशक द्वारा भी पत्र जारी किया गया था।
जिले के 24 लाख से अधिक लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा खिलाई जाएगी
14 दिनों तक चलने वाले इस अभियान का 10 दिन अभी बचा हुआ है। इसके तहत जिले के 24 लाख से अधिक लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा खिलाई जाएगी। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं की 970 टीम बनाई गई है। जहां पर आशा कार्यकर्ता नहीं हैं, वहां पर आंगनबाड़ी सेविका या फिर प्रेरक इस काम को कर रही हैं। अभियान के दौरान लाभुकों को अल्बेंडाजोल की गोली चबाकर खिलाई जा रही है। आशा कार्यकर्ताओं की टीम को क्षेत्र में लोगों को अपने सामने दवा खिला रही हैं। दवा खिलाने के बाद आशा कार्यकर्ता रजिस्टर में लाभुकों का नाम भी दर्ज कर रही हैं। साथ ही अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग को केयर इंडिया और पीसीआई भी सहयोग कर रही है।
गंभीर रूप से बीमारों को नहीं खिलाई जा रही दवाः
जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. बीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि अभियान के दौरान दो से पांच वर्ष के बच्चों को डीईसी और अल्बेंडाजोल की एक गोली, छह से 14 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की दो और अल्बेंडाजोल की एक गोली और 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को डीईसी की तीन और अल्बेंडाजोल की एक गोली खिलाई जा रही है। अल्बेंडाजोल की गोली लोगों को चबाकर खानी है। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कोई दवा नहीं खिलायी जा रही है। साथ ही गंभीर रूप से बीमार लोगों को भी दवा नहीं खिलाई जा रही है। दवा सेवन के बाद किसी तरह के सामान्य साइड इफ़ेक्ट से घबराने की जरूरत नहीं है। अमूमन जिनके अंदर फाइलेरिया के परजीवी होते हैं, उनमें ही साइड इफ़ेक्ट देखने को मिलते हैं। साइड इफ़ेक्ट सामान्य होते हैं, जो प्राथमिक उपचार से ठीक भी हो जाते हैं।

क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है फाइलेरियाः
जिला मलेरिया पदाधिकारी (डीएमओ) ने बताया कि कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। क्यूलेक्स मच्छर घरों के दूषित स्थलों, छतों और आसपास लगे हुए पानी में पाया जाता है। इससे बचाव के लिए लोग घरों के आसपास गंदगी और पानी नहीं जमने देना चाहिए। घर के आसपास साफ-सफाई रखना चाहिए। बुखार आना, शरीर में लाल धब्बे या दाग होना, शरीर के किसी भी अंग में सूजन होना इसके लक्षण हैं। ज्यादातर इस बीमारी से ग्रसित लोगों के पांव या हाइड्रोसिल में सूजन हो जाती है। लोग इस बीमारी से सुरक्षित रह सकें इसके लिए सरकार हर साल में एक बार एमडीए अभियान चलाती है। इससे लोगों को जरूरी दवा उपलब्ध होती है, जो इस बीमारी को रोकने में सहायक होती है।

383 केंद्रों पर 50 हजार लोगों को टीका देने का लक्ष्य

0

कोरोना टीकाकरण को लेकर आज फिर चलेगा महाअभियान
पहला डोज देने के साथ दूसरे डोज पर किया जाएगा फोकस

बांका, 1 अक्टूबर-

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर शनिवार को जिले में एक बार फिर कोरोना टीकाकरण को लेकर महाअभियान चलाया जाएगा। इसे लेकर जिले में 383 टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं। महाअभियान में 50 हजार लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसे लेकर सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। सभी टीकाकरण केंद्रों के लिए स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति कर दी गई है। एएनएम और डाटा ऑपरेटर को समय से केंद्र पर पहुंचने के लिए कह दिया गया है। नोडल पदाधिकारी लगातार अपने क्षेत्र में भ्रमण करेंगे। साथ ही लाभुकों का टीकाकरण सही तरीके से हो, इस पर नजर रखेंगे।
टीकाकरण महाअभियान की सारी तैयारी पूरी
सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने बताया टीकाकरण को लेकर चलने वाले महाअभियान की सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। जिले के सभी लोगों को जल्द से जल्द कोरोना का टीका लग जाए, इसे लेकर जिला स्वास्थ्य समिति गंभीर है। जिले में सभी दिन टीकाकरण तो चल ही रहा है, साथ में बीच-बीच में लगातार महाअभियान भी चल रहा है। इसलिए जिले के वैसे लोग जिन्होंने अभी तक कोरोना का टीका नहीं लिया है, वह अपने नजदीकी केंद्रों पर जाकर टीका ले लें। जिनका दूसरा डोज लेने का समय पूरा हो गया है, वह निश्चित तौर पर समय सीमा के अंदर दूसरी डोज ले लें। कोरोना से बचने के लिए टीका लेना बहुत ही जरूरी है। इसलिए टीका लेने में किसी तरह की लापरवाही नहीं करें। साथ ही टीका पूरी तरह से सुरक्षित है। किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं होगा, इसलिए टीका लेने में किसी तरह का संकोच नहीं करें।
सदर प्रखंड में बनाए गए हैं 28 केंद्रः
टीकाकरण महाअभियान को लेकर सदर प्रखंड में 28 केंद्र बनाए गए हैं। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने कहा इसे लेकर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डाटा ऑपरेटर, कार्यपालक सहायक और विकास मित्र को प्रशिक्षण भी दिया गया है। प्रशिक्षण के दौरान सभी स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया गया कि टीकाकरण के दौरान लाभुकों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसका विशेष तौर पर ख्याल रखें। साथ ही सभी लोग अपने-अपने साइट पर समय से थोड़ा पहले पहुंचकर अपना काम समय से शुरू करें। लाभुक अपना आधार कार्ड और मोबाइल नंबर जरूर साथ में रखें। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बहुत ही आसान है। किसी को कोई परेशानी नहीं होगी।
लोगों को किया जाएगा जागरूकः
टीकाकरण से पहले शुक्रवार को जिले में जागरूकता अभियान भी चलाया गया। इस दौरान लोगों से कोरोना टीका जल्द से जल्द लेने की अपील की गई। वहीं शनिवार को भी आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, आशा कार्यकर्ता, बीएलओ और विकास मित्र लोगों को कोरोना टीका लेने के लिए जागरूक करेंगे। जिन लोगों ने अभी तक कोरोना का टीका नहीं लिया है, उन्हें टीका लेने के प्रेरित करते हुए नजदीकी केंद्रों तक लाने का काम करेंगे। लोगों के मन में टीका के प्रति अगर किसी तरह का भ्रम होगा तो उसे भी ये लोग दूर करेंगे। उन्हें यह समझाएंगे कि कोरोना का टीका पूरी तरह से सुरक्षित है।

मोबाइल हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना

0

• सामान्य गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग और सामान्य नेत्र विकारों के उपचार की होगी व्यवस्था
• शुरुआत में मुजफ्फरपुर और नालंदा में घूमेगी मोबाइल हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर

पटना-

आयुष्मान भारत कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को जन समुदाय के करीब पहुंचाने के उद्देश्य से गुरुवार को राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह के द्वारा समिति के प्रांगण से मोबाइल हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

शुरुआत में यह मोबाइल हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर राज्य के दो जिलों यथा मुजफ्फरपुर और नालंदा में चलेंगे। इन चलंत वाहनों में सामान्य गैर संचारी रोगों स्क्रीनिंग और सामान्य नेत्र विकारों के उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। मोबाइल हेल्थ एंड वैलनेस वाहन में चिकित्सकीय परामर्श हेतु टेलीकंसल्टेशन की भी सुविधा उपलब्ध है। इस वाहन में एक स्टाफ नर्स एक नेत्र सहायक मौजूद रहेंगे एवं नेत्र जांच से संबंधित आधुनिक उपकरण भी वाहन के अंदर मौजूद हैं, जिससे लाभार्थी मौके पर ही नेत्र जांच की सुविधा का लाभ उठा पाएंगे।

वाहन के माध्यम से दवा और उपकरण की व्यवस्था रहेगी। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करना एवं रोगों का सही समय पर इलाज करने के लिए प्रेरित करना है। इस प्रोजेक्ट में जापाईगो, केयर इंडिया और जिला स्वास्थ समिति के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का सहयोग लेकर इसे सुचारू रूप से क्रियान्वित किया जाएगा।

इस मौके पर राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह, अनिमेष कुमार पराशर, अपर कार्यपालक निदेशक, सुमन प्रसाद साह, प्रशासी पदाधिकारी, राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, हेल्थ एड वेलनेस सेंटर डॉ. ए. के. शाही, डॉ. माज़ इकबाल, हेल्थ एड वेलनेस सेंटर सलाहकार, जापाईगो के स्टेट हेड डॉ. पल्लवी, केयर इंडिया के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक श्री रवींद्र शर्मा समेत समिति के अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।