विशेष सत्र आयोजित कर मानसिक रोगियों का कराया जाएगा कोरोना टीकाकरण

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– राज्य स्वास्थ्य समिति के अपर निदेशक (प्रतिरक्षण) सह राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने सभी जिलों के सिविल सर्जन और डीआईओ को जारी किए पत्र

– इसके अतिरिक्त बालिका गृह, निःसहाय, भिखारी और घुम्मकड़ व्यक्तियों की भी सूची बनाकर किया जाएगा टीकाकरण

मुंगेर-

जिला में अब विशेष सत्र आयोजित कर मानसिक रोगियों का कोरोना टीकाकरण कराया जाएगा । इस संबंध में राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार के अपर निदेशक (प्रतिरक्षण) सह राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार सिन्हा ने सभी जिलों के सिविल सर्जन और जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी को पत्र लिखकर आवश्यक निर्देश दिए हैं। इस संबंध में भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के द्वारा भी पत्र जारी किया गया था।

मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने बताया कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और राज्य स्वास्थ्य समिति के अपर सचिव (प्रतिरक्षण) सह राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार सिन्हा द्वारा जारी पत्र के आलोक में जिला के सभी 18 वर्ष एवं इससे अधिक आयु वर्ग के मानसिक रोग से ग्रसित व्यक्तियों को कोरोना संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से कोरोना टीकाकरण कराया जाना है। इसके लिए जिलान्तर्गत मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों से समन्वय स्थापित कर उसी स्थान पर विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित कर मानसिक रोगियों को कोरोना का टीका लगाया जाएगा।

बालिका गृह, निःसहाय, भिखारी, घुम्मकड़ व्यक्तियों का भी कराया जाएगा कोरोना टीकाकरण :
मुंगेर के जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी (डीआईओ) डॉ. राजेश कुमार रौशन ने बताया कि राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार सिन्हा द्वारा जारी पत्र के अनुसार जिला के बालिका गृह, निःसहाय, भिखारी के साथ – साथ घुमक्कड़ प्रवृति के लोगों की भी सूची बनाकर कोरोना टीकाकरण कराया जाना है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता और शहरी क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता के साथ-साथ महिला आरोग्य समिति (एमएएस) के सदस्यों और सिविल डिफेंस के स्वयंसेवियों के माध्यम से सूची इकट्ठा कर उनके घर के समीप ही कोरोना टीकाकरण का सत्र का आयोजन कर इन सभी लोगों का टीकाकरण कराया जाएगा ।

कोविन पोर्टल पर ऑन स्पॉट रजिस्ट्रेशन के बाद ही होगा सभी लोगों का टीकाकरण
उन्होंने बताया कि कोरोना टीकाकरण की प्रक्रिया पूर्णतः कोविन पोर्टल पर आधारित है। कोविन पोर्टल पर ऑन स्पॉट रजिस्ट्रेशन के आधार पर ही इन सभी लाभार्थियों का कोरोना टीकाकरण कराया जाएगा।

जिले के नवनियुक्त जीएनएम का बुनियादी प्रशिक्षण का सफलतापूर्वक समापन, मिला प्रमाण-पत्र

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– सदर अस्पताल परिसर स्थित एएनएम स्कूल में स्वास्थ्य विभाग एवं केयर इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में प्रशिक्षण
– सिविल सर्जन एवं केयर इंडिया के डीटीएल के हाथों मिला प्रमाण-पत्र

खगड़िया, 27 सितंबर।
स्वास्थ्य विभाग एवं केयर इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में सदर अस्पताल खगड़िया परिसर स्थित एएनएम स्कूल में जिले के नवनियुक्त जीएनएम को दिया जा रहा बुनियादी प्रशिक्षण का सफलतापूर्वक समापन हो गया। समापन के अवसर पर प्रशिक्षण प्राप्त सभी जीएनएम को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र दिया गया। यह प्रमाण-पत्र सिविल सर्जन डाॅ अजय कुमार सिंह एवं केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद के हाथों संयुक्त रूप से बारी-बारी से प्रशिक्षण प्राप्त सभी जीएनएम को दिया गया। वहीं, प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षण में शामिल सभी जीएनएम को अस्पताल की तमाम सुविधाओं समेत अन्य आवश्यक जानकारी विस्तारपूर्वक दी गई। ताकि प्रशिक्षण प्राप्त सभी जीएनएम अपने कर्तव्य का बेहतर तरीके से निर्वहन कर सके और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिल सके। यह प्रशिक्षण केयर इंडिया के सीमांक सह प्रशिक्षक सलीला टंडी एवं नर्सिंग मेंटर प्रियंका टांडण एवं प्रखंड प्रबंधक रेणुका कुमारी द्वारा डीटीओ-एफ हरे कृष्णा नायक की मानिटरिंग में दिया गया। वहीं, इस अवसर पर सिविल सर्जन ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण समापन के लिए पूरी टीम को शुभकामनाएं दी और प्रशिक्षण प्राप्त सभी जीएनएम के उज्जवल भविष्य की कामना की। साथ ही बेहतर कार्य करने के लिए आवश्यक टिप्स दिए।

– सफलतापूर्वक समापन हुआ प्रशिक्षण :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, उक्त प्रशिक्षण का सफलतापूर्वक समापन हुआ, जो प्रशिक्षण देने वाली पूरी टीम की मेहनत का नतीजा है। वहीं, उन्होंने बताया, बेहतर कार्य यानी अपने कर्तव्य का मजबूती और बेहतर तरीके से निर्वहन के लिए बुनियादी प्रशिक्षण जरूरी है। क्योंकि, किसी भी कार्य को बेहतर तरीके से करने के लिए हर व्यक्ति को बुनियादी जानकारी होना अति आवश्यक है और इसी के बदौलत कोई भी लोग अपने कार्य का बेहतर क्रियान्वयन कर सकते हैं।

– प्रशिक्षण समापन के मौके पर सभी जीएनएम को दिया गया प्रमाण-पत्र :
केयर इंडिया के डीटीओ-एफ हरे कृष्णा नायक ने बताया, प्रशिक्षण समापन के मौके पर सभी प्रशिक्षित जीएनएम को प्रमाण-पत्र भी दिया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य नवनियुक्त जीएनएम को सरकार द्वारा जनहित में चलाई जा रही तमाम स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर संचालन की जानकारी सुनिश्चित कराना है। ताकि सभी जीएनएम लोगों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में खुद को सक्षम महसूस करे और लोगों को सुविधाजनक तरीके से सभी सुविधाओं का लाभ मिल सके। इसके लिए प्रशिक्षण के दौरान अस्पताल में होने वाले तमाम सुविधाएं एवं उसका क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। वहीं, उन्होंने बताया, एक बैच में 30 नवनियुक्त जीएनएम को प्रशिक्षण दिया गया। ताकि सभी जीएनएम को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल सके और सभी जीएनएम प्रशिक्षण के महत्व और उद्देश्य को बेहतर तरीके से समझ सके। वहीं, उन्होंने बताया, यह प्रशिक्षण कोविड प्रोटोकॉल का पालन के साथ दिया गया।

– इन मानकों का करें पालन और बरतें कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।

विश्व हृदय दिवस के अवसर पर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में चलेगा निःशुल्क चिकित्सा परामर्श सप्ताह

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– 29 सितंबर को होगा शुभारंभ और 05 अक्टूबर को होगा समापन
– चिकित्सकों द्वारा लोगों को हृदय रोग से बचाव के लिए दी जाएगी आवश्यक जानकारी

लखीसराय-

विश्व हृदय दिवस के अवसर पर 29 सितंबर से जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य स्थानों में निःशुल्क चिकित्सा परामर्श सप्ताह का शुभारंभ होगा। जिसका 05 अक्टूबर को समापन होगा। यह कार्यक्रम पीएचसी से लेकर अनुमंडल व जिलास्तरीय सभी अस्पतालों में होगा। जिसमें चिकित्सकों द्वारा लोगों को हृदय रोग के कारण, लक्षण एवं इससे बचाव की विस्तारपूर्वक जानकारी दी जाएगी। इस दौरान सप्ताह भर लोगों को हृदय रोग से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी दी जाएगी और जागरूक किया जाएगा। हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर सरकारी अस्पतालों में हो रही जाँच की जानकारी देंगी और जाँच कराने के लिए प्रेरित करेंगी। इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने प्रदेश के सभी जिलों के सिविल सर्जन को पत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए हैं एवं हर हाल में कार्यक्रम शुभारंभ सुनिश्चित कराने को कहा है।

– जिले के सभी चिकित्सा पदाधिकारी को दिए गए हैं निर्देश : सिविल सर्जन डॉ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, 29 सितंबर से विश्व हृदय दिवस के अवसर पर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क चिकित्सा परामर्श सप्ताह कार्यक्रम शुभारंभ करने का निर्देश प्राप्त हुआ है। जिसे हर हाल में सुनिश्चित कराने को लेकर जिले के सभी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। ताकि हर हाल में निर्धारित तिथि एवं समय पर कार्यक्रम का शुभारंभ सुनिश्चित हो सके और अभियान सफल हो सके।

– किसी भी आयु वर्ग के लोगों को हो सकता हृदय रोग :
गैर-संचारी रोग पदाधिकारी डॉ सुरेश शरण ने बताया, हृदय रोग किसी भी आयु वर्ग के लोगों को हो सकता है। बच्चे, बूढ़े, युवा सभी लोग इस बीमारी से पीड़ित हो सकते हैं। इसलिए, हर आयु वर्ग के लोग को इससे बचाव से संबंधित उपायों का पालन करना बेहद जरूरी है। साथ ही चिकित्सा परामर्श के अनुसार उपचार कराना भी जरूरी है।

– बीमारी का लक्षण दिखते ही करा इलाज :
गैर-संचारी रोग पदाधिकारी डॉ सुरेश शरण ने बताया, इस बीमारी का लक्षण दिखते ही इलाज कराना बेहद जरूरी है। दरअसल, समय पर इलाज कराने से स्थाई निजात मिल सकती है। अन्यथा यह बीमारी आपके जिंदगी का हिस्सा बन सकता है। इसलिए जैसे ही बीमारी के लक्षण दिखे कि तुरंत किसी अच्छे चिकित्सक से इलाज कराना चाहिए और चिकित्सा परामर्श का हरसंभव पालन करना चाहिए। इससे ना सिर्फ आपको बीमारी से आराम मिलेगा, बल्कि बीमारी से स्थाई निजात भी मिलेगी।

हृदय रोग के कारण:-
-तम्बाकू एवं शराब का प्रयोग।
-पूर्व में हृदय रोग का पारिवारिक इतिहास।
-उच्च रक्तचाप।
-मोटापा।
-रक्त में उच्च कोलेस्ट्रॉल।
-शारीरिक निष्क्रियता।
-मधुमेह।
-असंतुलित आहार।

हृदय रोग के लक्षण
-सीने में तीव्र दर्द, दबाव या शारीरिक श्रम के बाद अपच का आभास।
-कंधे या हाथ में दर्द या दबाव।
-जबड़ो में अकारण दर्द।
-परिश्रम/सीढ़ी चढ़ने में साँस फूलना या बेहोशी होना।
-पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द।
-अकारण जी घबराना या पसीना आना।
-धड़कन महसूस होना या चक्कर आना।
-शरीर के किसी अंग या हिस्से में कमजोरी होना।

हृदय रोग से बचाव के उपाय
-संतुलित आहार लें।
-नियमित व्यायाम करें।
-मदिरा या तम्बाकू युक्त पदार्थों का सेवन ना करें।
-वजन एवं रक्तचाप की नियमित जाँच कराएं एवं उसपर नियंत्रण रखें।

मायागंज अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट में सामान लगाने का काम शुरू

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जिले में कुल 5 ऑक्सीजन प्लांट को जल्द शुरू करने की हो रही कवायद

कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सजग

भागलपुर, 27 सितंबर

कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग काफी सजग है। इसे लेकर काफी तैयारी चल रही है। इसी सिलसिले में जिले में 5 नए ऑक्सीजन प्लांट लगने हैं। इनमें से सदर अस्पताल, नवगछिया अनुमंडल अस्पताल और कहलगांव अनुमंडल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का काम पूरा हो गया है। सदर अस्पताल में तो ट्रायल भी सफल रहा है। यह तीनों प्लांट जल्द ही शुरू हो सकता है। इसी कड़ी में मायागंज अस्पताल में बनने वाले 2 ऑक्सीजन प्लांट में से एक का काम लगभग पूरा हो चुका है। जिस ऑक्सीजन प्लांट का काम लगभग पूरा हो गया है, उसमें सामान लगाने का काम सोमवार को शुरू हो गया। जल्द ही यह ऑक्सीजन प्लांट भी पूरी तरह से तैयार हो जाएगा और इसका भी ट्रायल होगा।

मायागंज अस्पताल के अधीक्षक डॉ असीम कुमार दास ने बताया कि यहां पर बनने वाले दोनों ऑक्सीजन प्लांट को जल्द शुरू करने की कवायद चल रही है। एक का काम लगभग आखिरी चरण में है। दूसरे प्लांट का भी काम ठीक से चल रहा है। कोरोना की तीसरी लहर अगर आती है तो उससे पहले सभी तरह की व्यवस्था करने में लगे हैं। अगर तीसरी लहर आती है तो किसी भी मरीज को ऑक्सीजन की कमी ना हो, इसे लेकर सारी व्यवस्था की जा रही है।

सैकड़ों लोगों को हो सकेगी ऑक्सीजन की आपूर्ति: सिविल सर्जन डॉ उमेश कुमार शर्मा ने बताया कि ऑक्सीजन की आपूर्ति के मामले में भागलपुर जिला जल्द ही आत्मनिर्भर हो जाएगा। सभी प्लांट शुरू हो जाने के बाद जिले में एक दिन में सैकड़ों लोगों को ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सकेगी। यहां पर दो ऑक्सीजन प्लांट पहले से ही है। एक बरारी स्थित बियाड़ा में तो दूसरा अकबरनगर में है। नवगछिया कहलगांव और सदर अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट जल्द ही शुरू हो जाएगा।

मायागंज में 15 जिलों के आते हैं मरीज: मायागंज अस्पताल में बिहार और झारखंड के 15 जिलों से मरीज इलाज के लिए आते हैं। कोरोना काल के दौरान भी बड़ी संख्या में बिहार के कोसी-सीमांचल और झारखंड के मरीज यहां पर इलाज कराने के लिए आए थे। जब यहां पर दोनों ऑक्सीजन प्लांट शुरू हो जाएगा तो उन मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। साथ ही कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन के लिए मारामारी नहीं करनी पड़ेगी।

कोरोना टीका की दोनों डोज लेने के बाद लग रहा है अब सुरक्षित हूं

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-जिले में कोरोना टीका की दूसरी डोज लेने वालों की संख्या में लगातार हो रही है बढ़ोतरी

-बड़ी संख्या में महिलाएं भी टीका लेने के लिए टीकाकरण केंद्र तक पहुंच रही हैं

बांका, 27 सितंबर।
जिले में कोरोना टीकाकरण अभियान लगातार चल रहा है। इसमें बड़ी संख्या में लोग कोरोना का टीका लेने के लिए सामने आ रहे हैं। टीका की पहली डोज लेने वालों की संख्या जिले में तो काफी बेहतर है, लेकिन अब दूसरा डोज लेने के लिए भी काफी संख्या में लोग सामने आ रहे हैं। खासकर महिलाएं भी इसमें बढ़-चढ़कर भाग ले रही हैं। सोमवार को गांधी चौक पर कोरोना टीका की दूसरी डोज लेने आई शंकरपुर की कोमल कुमारी ने कहा कि आज जैसे ही मैंने टीका की दूसरी डोज ली मुझे संतुष्टि मिली। अब लगने लगा है कि मैं कोरोना से सुरक्षित हूं। गांधी चौक पर ही भागलपुर के सबौर की रहने वाली रूपा कुमारी ने भी सोमवार को ही कोरोना टीका की दूसरी डोज ली। रूपा कहती हैं शुरुआत में तो थोड़ी हिचकिचाहट थी, लेकिन जब स्वास्थ विभाग की टीम ने हमलोगों को समझाया तब इसके महत्व को समझा और अब मैंने टीका की दोनों डोज ले ली है। कोरोना वायरस से भी अब मैं सुरक्षित हो गई। अलीगंज की वर्षा रानी ने भी कोरोना टीका की दूसरी डोज ली। वर्षा कहती हैं कोरोना जो खत्म हुआ है उसका सबसे प्रमुख कारण है कि बड़ी संख्या में लोग टीका लेने के लिए सामने आ रहे हैं। शुरू में भले ही लोग भ्रमित थे, लेकिन धीरे-धीरे अब लोगों में जागरूकता बढ़ी है और बड़ी संख्या में लोग टीका लेने के लिए सामने आ रहे हैं। अब कोरोना अपना पांव नहीं बढा सकेगा, क्योंकि लोग जागरूक हो गए हैं। बैसा की सविता देवी ने बताया कि कोरोना टीका लेना कितना जरूरी है, इस बात को लोग अब समझ गए हैं। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग टीका लेने के लिए आ रहे हैं। मैंने तो दोनों डोज ले ली. अब मैं सुरक्षित हूं।

बड़ी संख्या में टीका लेने लोग आ रहे सामने: शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि टीकाकरण में लोगों का योगदान सराहनीय है। बड़ी संख्या में लोग टीका लेने के लिए आ रहे हैं। इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।. स्वास्थ्य विभाग, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाते रहने से लोगो में टीका के प्रति समझ बढ़ी है।. इसी का परिणाम है कि टीकाकरण की गति जिले में अच्छी है।

बिहार में आयोजित हस्तांतरण समारोह में भारत के सबसे बड़े टीका अभियान के लिए जापान सरकार की सहायता के प्रति अभिस्वीकृति

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पटना, 27 सितंबर: भारत भर में कोविड-19 टीकाकरण अभियान के लिए जापान सरकार द्वारा मुहैया कराई जा रही सहायता के अंतर्गत यूनिसेफ़ द्वारा हासिल किए गए कोल्ड चेन उपकरण (सीसीई) की पहली ख़ेप आज एक प्रतीकात्मक हस्तांतरण समारोह में बिहार सरकार को सौंपी गई. पहली ख़ेप में लगभग बीस हज़ार वैक्सीन कैरियर शामिल हैं।

यूनिसेफ़ इंडिया के उप प्रतिनिधि, यासुमासा किमुरा से वैक्सीन कैरियर ग्रहण करने के उपरांत बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा, “हम यूनिसेफ के ज़रिए कोल्ड चेन उपकरण बिहार की सहायता करने के लिए जापान सरकार के आभारी हैं। बिहार सरकार कोविड-19 से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है और 6 महीने में 6 करोड़ टीकाकरण के लक्ष्य को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
सीसीई से राज्य के टीकाकरण क्षमता में वृद्धि होगी जिससे कोविड-19 टीकाकरण के साथ-साथ बच्चों और महिलाओं के नियमित टीकाकरण को गति मिलेगी.
भारत में जापान सरकार के एम्बेसडर एक्स्ट्राऑर्डिनरी एन्ड प्लेनिपोटेंटीरी महामहिम सुजुकी सातोशी और यूनिसेफ इंडिया की प्रतिनिधि डॉ. यासमीन अली हक़ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
पटना में आयोजित कार्यक्रम में प्रत्यय अमृत, अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार और यूनिसेफ़ बिहार की राज्य प्रमुख नफ़ीसा बिन्ते शफ़ीक़ समेत स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग, बिहार सरकार एवं यूनिसेफ के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

जापान सरकार द्वारा भारत के कोविड-19 महामारी बचाव अभियान की मदद करने के लिए घोषित कुल 93 लाख अमेरिकी डॉलर की सहायता राशि के हिस्से के रूप में बिहार सरकार को 100,000 फ्रीज़ फ़्री वैक्सीन कैरियर, दो वॉक-इन कूलर, तीन वॉक-इन फ्रीज़र, 20 कोल्ड चेन इक्विपमेंट रिपेयर और मेंटेनेंस टूलकिट और 2100 फ्रीज़ टैग (जो एक वैक्सीन फ्रीज प्रिवेंशन मॉनिटरिंग डिवाइस है), मिलेगा.

महामहिम सातोशी सुजुकी ने कहा, “मुझे पूरी उम्मीद है कि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में हमारे संयुक्त प्रयासों से कोविड-19 महामारी के कारण होने वाले विनाशकारी प्रभाव को दूर करने में मदद मिलेगी एवं हमारे संबंधों को और भी अधिक ऊंचाइयों तक ले जाने का अवसर मिलेगा।

यूनिसेफ़ इंडिया की प्रतिनिधि डॉ. यासमीन अली हक़ ने कहा, “यूनिसेफ के माध्यम से जापान सरकार द्वारा भारत को सही समय पर यह बड़ी सहायता मिली है जब देश अपने टीकाकरण योग्य आबादी, विशेषकर कमज़ोर वर्ग के लोगों को कोविड टीका लगाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है.
पूरे भारत में पहले से ही 81 करोड़ से अधिक ख़ुराकें दी जा चुकी हैं और आने वाले दिनों में कोविड-19 टीकाकरण से देश में स्थिति सामान्य करने एवं आपातकालीन सेवाओं की सुरक्षित बहाली में मदद मिलेगी.
सभी स्तरों पर कोल्ड चेन सिस्टम की आपातकालीन क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए जापान सरकार के वित्त पोषण का कोल्ड चेन उपकरण की ख़रीद में निवेश किया जा रहा है ताकि एक प्रभावी कोविड-19 टीकाकरण अभियान के अलावा महिलाओं और बच्चों के नियमित टीकाकरण को लंबी अवधि के लिए मज़बूती मिल सके. इसमें कोल्ड चेन सिस्टम का हिस्सा – वॉक इन कूलर, वॉक इन फ्रीज़र, सोलर डायरेक्ट ड्राइव, फ्रीज़ फ़्री वैक्सीन कैरियर, टूलकिट, फ्रीज़ टैग और वोल्टेज स्टेबलाइज़र्स की ख़रीद और वितरण शामिल होंगे तथा 25 राज्यों में टीकाकरण अभियान में सहायता करेंगे

काराधीक्षक ने दवा खाकर जेल में की फाइलेरिया उन्मूलन के लिए एमडीए अभियान की शुरुआत

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– डीएमओ एवं डीभीबीडीसी के नेतृत्व में गठित स्वास्थ्य टीम ने कैदियों को खिलाई अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा
– शत-प्रतिशत कैदियों को दवाई खिलाने के लिए की गई है चार सदस्यीय स्वास्थ्य टीम की तैनाती

खगड़िया, 25 सितंबर।
जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान को सफल बनाने के लिए लगातार स्वास्थ्य टीम द्वारा घर-घर जाकर इस बीमारी से बचाव के लिए अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा खिलाई जा रही है। ताकि एक भी लोग दवाई खाने से वंचित नहीं रहें और अभियान सफल हो सके। इसी कड़ी में शनिवार को खगड़िया मंडल कारा में एमडीए अभियान का शुभारंभ हुआ। जहाँ, मंडल कारा के काराधीक्षक धर्मेन्द्र कुमार एवं उपाधीक्षक प्रमोद ने डीएमओ डाॅ विजय कुमार एवं डीभीबीडीसी बबलू सहनी के नेतृत्व में दवा खाकर अभियान की शुरुआत की। इसके बाद गठित स्वास्थ्य टीम ने तय मानकों के अनुसार जेल के कैदियों को दवा खिलाई। वहीं, इस दौरान डीएमओ ने कहा, फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए अल्बेंडाजोल व डीईसी की दवा का सेवन बहुत जरूरी है। इसलिए, मैं तमाम कैदियों एवं पूरे जिले वासियों से अपील करता हूँ कि निश्चित रूप से पूरी तरह निःसंकोच होकर दवा खिलाने वाली टीम के सामने दवा का सेवन करें। यही इस बीमारी से बचाव के लिए सबसे कारगर और बेहतर कदम होगा।

– घर-घर जाकर दो वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों को खिलाई जा रही है अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा :
डीभीबीडीसी बबलू सहनी ने बताया, जिले में 20 सितंबर से एमडीए अभियान की शुरुआत हो चुकी है। इसके बाद से ही गृह भेंट की तर्ज पर आशा कार्यकर्ता द्वारा घर-घर जाकर लोगों को खुद के सामने अल्बेंडाजोल एवं डीईसी की दवाएं खिलाई जा रही हैं। ताकि एक भी व्यक्ति दवाई खाने से वंचित नहीं रहे और अभियान सफल हो सके। वहीं, उन्होंने बताया, 2 से 5 साल तक के बच्चों को 100 मिलीग्राम की डीईसी एवं 400 मिलीग्राम की अल्बेंडाजोल की एक-एक गोली, 6 से 14 साल तक के किशोरों को डीईसी की दो एवं अलबेंडाजोल की एक गोली एवं 15 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को डीईसी की तीन गोलियां एवं अलबेंडाजोल की एक गोली खिलायी जानी है। वहीं, उन्होंने बताया, जेल के शत-प्रतिशत कैदियों को दवाई खिलाना सुनिश्चित करने के लिए चार सदस्यीय स्वास्थ्य टीम की तैनाती की गई है। जिसमें अलौली पीएचसी के भीबीडीएस अरुण कुमार, सदर पीएचसी खगड़िया के विनोद कुमार, मानसी के ओमप्रकाश यादव एवं केयर इंडिया के बीसी-भीएल संजय कुमार राम को शामिल किया गया है।

– फाइलेरिया क्या है ?
– फाइलेरिया मच्छर के काटने से होने वाला एक संक्रामक रोग है।
– किसी भी उम्र के व्यक्ति फाइलेरिया से संक्रमित हो सकता है।
– फाइलेरिया के लक्षण हाथ और पैर में सूजन (हाँथीपाँव) व हाईड्रोसिल (अण्डकोष में सूजन) है।
– किसी भी व्यक्ति को संक्रमण के पश्चात बीमारी होने में 05 से 15 वर्ष लग सकते हैं।

– इन बातों का रखें ख्याल :
– भूखे पेट दवा नहीं खिलाना है।
– किसी के बदले किसी अन्य को दवा ना दें और स्वास्थ्य कर्मी के सामने दवा खाएं।
– गर्भवती महिलाओं को दवा नहीं खिलानी है।
– 02 वर्ष छोटे बच्चे को दवा नहीं खिलानी है।
– गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को भी दवा नहीं खिलानी है।

– फाइलेरिया से बचाव के उपाय :
– सोने के समय मच्छरदानी का निश्चित रूप से प्रयोग करें।
– घर के आसपास गंदा पानी जमा नहीं होने दें।
– अल्बेंडाजोल व डीईसी दवा का निश्चित रूप से सेवन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।

एचआईवी एड्स एवं सामाजिक सुरक्षा विषय पर जिलास्तरीय प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यशाला

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– बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के मार्गदर्शन और जिला एड्स नियंत्रण इकाई के सौजन्य से आयोजित हुई कार्यशाला

– क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (आरपीएमयू) के सभागार में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यशाला में जिलाभर में कार्यरत सीडीपीओ और एलएस हुई शामिल

मुंगेर, 25 सितंबर । सदर अस्पताल परिसर स्थित क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (आरपीएमयू) के सभागार में एचआईवी एड्स एवं सुरक्षा विषय पर एकदिवसीय जिलास्तरीय प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया । उक्त कार्यशाला का आयोजन बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के मार्गदर्शन और जिला एड्स नियंत्रण इकाई के सौजन्य से जिला सिविल सर्जन के द्वारा किया गया। एचआईवी एड्स एवं सामाजिक सुरक्षा विषय पर आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यशाला में जिला भर के विभिन्न प्रखण्डों में कार्यरत विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ), महिला पर्यवेक्षिका (एलएस) के अलावा एसटीडी काउंसलर और पीपीटीसीटी काउंसलर उपस्थित हुई। एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए जिला सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने कहा कि एचआईवी एड्स जैसी बीमारी के प्रति जनजागरुकता से ही सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सकती है। इस महत्वपूर्ण सामाजिक कार्य में आप सभी पदाधिकारी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकती हैं। इस अवसर पर जिला संचारी रोग सह एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. कुमार सहित बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति पटना से आये ट्रेनर सहित कई अन्य महत्वपूर्ण लोग उपस्थित थे।

जिला टीबी/एचआईवी समन्वयक शैलेन्दु कुमार ने बताया कि एचआईवी एड्स एक ऐसा विषय है जिस पर समाज में खुलकर बातचीत होनी चाहिए ताकि समाज में एड्स रोगियों को उचित मान- सम्मान एवं सामाजिक सुरक्षा मिल सके। इसके साथ ही लोगों को एचआईवी एड्स से बचने के लिए अपनाए जाने वाले उपायों, सही आदतों के प्रति भी जागरूक किए जाने की आवश्यकता है। लोग एचआईवी एड्स से ग्रसित न हो इसके लिए जरूरी है कि लोगों की सही काउंसलिंग की जाय। साथ ही इस बारे में भी सही काउंसलिंग की जानी चाहिए कि एड्स जैसी बीमारी होने के बाद भी लोग सही इलाज और दिनचर्या का पालन करके सामान्य जीवन जी सकते हैं। समाज में एड्स रोगी भी सामान्य जीवन जी सके इसके लिए लोगों को जागरूक किए जाने की आवश्यकता है। एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यशाला में टेटिया बम्बर सीडीपीओ कूकू कुमारी, मुंगेर सदर सीडीपीओ पूनम, संग्रामपुर सीडीपीओ रंजू देवी के साथ-साथ खड़गपुर सीडीपीओ पुष्पा कुमारी उपस्थित हुई। इसके अलावा जमालपुर से एलएस निकिता जायसवाल, धरहरा से एलएस माधवी शाह, असरगंज से एलएस शिवानी कुमारी, संग्रामपुर से एलएस सोनिका कुमारी, खड़गपुर से एलएस विनीता कुमारी, बरियारपुर से स्मृति कुमारी और प्रीति प्रिया उपस्थित हुई। इसके साथ ही साथ एसटीडी काउंसलर स्वाति कुमारी और पीपीटीसीटी काउंसलर कुमारी रश्मि भी उपस्थित हुई।

कोविड वैक्सीनेशन एवं जाँच अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों समेत अन्य लोगों को किया जाएगा पुरस्कृत

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– जश्न-ए-टीका पोर्टल पर डेटाबेस तैयार कर किया जाएगा पुरस्कृत
– राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने पत्र जारी प्रदेश के सभी जिलाधिकारी एवं सिविल सर्जन को दिए निर्देश

लखीसराय-

कोविड-19 संक्रमण वायरस को पूरी तरह जड़ से मिटाने के लिए प्रदेश समेत जिले भर में बीते 16 जनवरी से ही लगातार कोविड-19 वैक्सीनेशन एवं जाँच अभियान के साथ-साथ इस महामारी से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने को जागरूकता अभियान चल रहा है। जिसे सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग समेत केयर इंडिया, आईसीडीएस, जीविका समेत अन्य प्रशासनिक विभागों के तमाम पदाधिकारी एवं कर्मी लगातार अपनी जिम्मेदारी पर पूरी मुस्तैदी के साथ डटे हुए हैं। इसके अलावा जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी भी अभियान को सफल बनाने के लिए सहयोगात्मक पहल में जुटे हुए हैं। ताकि हर हाल में सामाजिक स्तर पर सकारात्मक बदलाव और अभियान का उद्देश्य सफल हो सके। वहीं, अभियान को और तेज गति देने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 21 जून से छः माह, छः करोड़ अभियान की शुरुआत की गई है। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले तमाम पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ-साथ अन्य लोगों को चिह्नित कर पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया है। इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने पत्र जारी प्रदेश के सभी जिलाधिकारी एवं सिविल सर्जन को पत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए हैं।

– जश्न-ए-टीका पोर्टल पर डेटाबेस अपलोड कर किया जाएगा पुरस्कृत :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, कोविड-19 से बचाव के लिए मुश्किल भरे दौर में भी बेहतर कार्य करने वाले तमाम पदाधिकारियों एवं कर्मियों सहित अन्य लोगों को पुरस्कृत करने के लिए जश्न-ए-टीका पोर्टल का मुख्यमंत्री द्वारा शुरुआत की गई है। जिसपर कोविड-19 में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को चिह्नित कर उनके कार्यों की पूरी जानकारी अपलोड की जाएगी। जिसके बाद उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।

– जिले के सभी चिकित्सा पदाधिकारी को दिए गए हैं आवश्यक निर्देश :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया, कोविड के मुश्किल भरे दौर में उत्कृष्ट कार्य करने वाले तमाम पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ-साथ अन्य लोगों को भी पुरस्कृत करने का निर्देश प्राप्त हुआ है। हर हाल में निर्देश का पालन सुनिश्चित करने को लेकर जिले के सभी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। जिसमें कहा गया है कि कोविड के दौर में वैक्सीनेशन एवं जाँच अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को चिह्नित कर उनका डेटाबेस तैयार कराना सुनिश्चित करना है। ताकि उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सरकार के निर्देशानुसार पुरस्कृत किया जा सके सके।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।

खगड़िया सदर पीएचसी एवं चौथम सीएचसी में आशा कार्यकर्ताओं का छः दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शुरू

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– जिले के परबत्ता सीएचसी में स्वास्थ्य विभाग एवं केयर इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में शुरू हुआ प्रशिक्षण
– एक बैच में 30 आशा कार्यकर्ताओं और दो फैसिलिटेटर को दिया जा रहा है प्रशिक्षण

खगड़िया-

जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत एवं बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी आशा कार्यकर्ताओं को केयर इंडिया के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी कड़ी में आशा कार्यकर्ताओं का मॉड्यूल 05, 06 एवं 07 के चतुर्थ चरण का छः दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शुक्रवार से शुरू हो गया। यह प्रशिक्षण स्वास्थ्य विभाग एवं केयर इंडिया की टीम के संयुक्त तत्वावधान में जिले के परबत्ता सीएचसी में दिया जा रहा है। जिसमें आशा कार्यकर्ताओं को लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने समेत स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी अन्य सेवाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। ताकि आशा कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन बेहतर तरीके से कर सकें और समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा का लाभ पहुँचा सकें। साथ ही लोगों को स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ सकें और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलना सुनिश्चित हो सके। यह प्रशिक्षण केयर इंडिया के गोपाल शर्मा, नवनीत कुमार एवं राजेश कुमार द्वारा दिया जाएगा।

– 30 आशा कार्यकर्ताओं और 02 फैसिलिटेटर को एक बैच में दिया जाएगा प्रशिक्षण :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, यह छः दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण बैच वाइज चयनित आशा एवं फैसिलिटेटर को दिया जा रहा है। जिसमें खगड़िया सदर पीएचसी एवं चौथम सीएचसी में कार्यरत कुल 30 आशा कार्यकर्ताओं एवं दोनों प्रखंड की एक-एक फैसिलिटेटर को एक बैच में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी सभी सेवाओं का आशा कार्यकर्ता को विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना है। ताकि वह अपने क्षेत्र के लोगों को सुविधाजनक तरीके से बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करा सकें और लोगों को भी सरकार द्वारा चलाई जा रही तमाम स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी मिल सके।

– 29 सितंबर तक चलेगा यह प्रशिक्षण :
केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार ने बताया, इस प्रशिक्षण का समापन 29 सितंबर को होगा। यह प्रशिक्षण पूर्णतः आवासीय है। यानी सभी प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लाभार्थी प्रशिक्षण स्थल पर रहकर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। सभी लाभार्थियों के लिए प्रशिक्षण स्थल पर रहने, खाना-पीना समेत अन्य सभी व्यवस्थाएं की गई हैं । ताकि लाभार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो और सभी लोग सुविधाजनक तरीके से प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें ।

– गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के लिए यह प्रशिक्षण जरूरी :
केयर इंडिया के डीटीओ-एफ हरे कृष्णा नायक ने बताया, गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के लिए इस तरह का प्रशिक्षण बेहद जरूरी है। इस तरह के प्रशिक्षण से ना सिर्फ बेहतर कार्य करने की जानकारी मिलती है। बल्कि, क्षमतावर्धन भी होता और विभाग से संबंधित कार्य करने में आसानी होती है। इसीलिए, समय-समय इस प्रशिक्षण का आयोजन किया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान खासकर नई सेवाओं की जानकारी से आशा कार्यकर्ताओं को अवगत कराने पर बल दिया जाता है।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।