बिल्डर मनोज रॉय एवं संजीव शर्मा की धोखाधड़ी

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गार्डिनिया ग्लैमर फेज २, सेक्टर ३, वसुंधरा, ग़ाज़ियाबाद सोसाइटी की बिल्डर मनोज रॉय एवं संजीव शर्मा की धोखाधड़ी, आवास विकास और जिला प्रशासन क़े सरकारी ढुलमुल रवैये की वजह से अभी तक रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है क्योंकि बिल्डर मनोज राय एवं संजीव शर्मा ने  फ्लैट बायर्स से पूरे पैसे ले लिए परन्तु आवास विकास को प्लाट का पूरा पैसा नहीं दिया और इस प्रोजेक्ट की कम्पाउंडिंग भी अभी तक नहीं कराई है, बिल्डर के ऊपर आवास विकास की  बकाया राशि लगभग ७० करोड़ है। आवास विकास ने ७ साल पहले जिला प्रशाशन को बिल्डर क़े खिलाफ वसूली पत्र भेजा हुआ है परन्तु जिला प्रशासन की तरफ से बिल्डर क़े विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं हुई है। इसके अलावा इस बिल्डर ने कारपोरेशन बैंक का ३२ करोड़ का  कर्ज जो कि इस  प्रोजेक्ट के प्लाट पर ले रखा है उसको भी बिल्डर ने बैंक को अदा नहीं किया है। इस प्रकार  गार्डिनिया ग्लैमर फेज II प्रोजेक्ट पर लगभग १०० करोड़ की  देनदारी है, जबकि इस प्रोजेक्ट का पूरा पैसा मनोज राय ने स्पेक्ट्रम कमर्शियल सेक्टर ७५ नॉएडा  में लगा दिया है इससे लोग बहुत उत्तेजित और नाराज है।  अभी इस धोखेबाज़ बिल्डर ने DG की बिजली की यूनिट दरों में काफी वृद्धि कर दी है इस फ्लैट बायर्स पर कोरोना काल मैं दोहरी मार पड़ रही है। मा० मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ योगी जी के द्वारा बिल्डर से धोखा खायी जनता को उनके फ्लैटों का हक़ दिलाने का ४ साल पुराना वादा एक छलावा ही साबित हो रहा है।

गार्डिनिया ग्लैमर फेज २ सोसाइटी के लोगों के कई बार बिल्डर के नॉएडा में स्पेक्ट्रम कमर्शियल प्रोजेक्ट पर धरना प्रदर्शन भी किया है और कई बार मीटिंग भी की है । परन्तु बिल्डर हर बार खोखले वादे कर देता है और फिर कुछ नहीं करता है। इसमें  आवास विकास की भी गलती है कि उसने बिल्डर से बकाया राशि वसूल क्यों नहीं की है  इससे बिल्डर के साथ आवास विकास की मिलीभगत प्रतीत होती है तभी तो बिल्डर पुरे ३०८ फ्लैट बेचकर उसके पैसे भी डकार गया है। फ्लैट बIयर्स के द्वारा जब सब जगह जिलाधिकारी, प्रमुख सचिव (आवास), सांसद जनरल वी के सिंह  एवं मुख्यमंत्री श्री आदित्य नाथ योगी जी  एवं श्री जे पी नड्डा जी  से गुहार लगाने के बाद भी सरकार के द्वारा कोई भी मदद नहीं मिली तो लोगो ने सड़क पर आकर संघर्ष करना ही उचित समझा।

 

प्रशासन के ढुलमुल रवैये का यही पता चलता है कि जब हम लोग आवास विकास और जिलाधिकारी को इन सब बातो से अवगत करा चुके थे उसके बाद भी आवास विकास परिसद बिल्डर के वसुंधरा सेक्टर १५  स्थित दुसरे प्रोजेक्ट को भी सील नहीं करा और बिल्डर ने बिना कम्पलीशन सर्टिफिकेट के आवास विकास के अधिकारियो की मिलीभगत से कब्ज़ा दे दिया। रजिस्ट्री ना होने से सरकार को स्टाम्प ड्यूटी के रूप में करोडो की चपत लग रही है

 

हमारी सरकार से यही प्रार्थना है कि, सरकार और प्रशासन इस बिल्डर के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही करे और हमारे फ्लैट्स की रजिस्ट्री करवाने के लिए हर संभव कदम उठाये इसके अन्य प्रोजेक्टों से यथासंभव वसूली करे।

 

भारतीय कृषि क्षेत्र प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित कर रहा है

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दिल्ली:
भारतीय अर्थव्यवस्था के आगे बढ़ने में कृषि क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और आने वाले वर्षों में खाद्य उद्योग विकास की ओर छलांग लगाने वाला है। कृषि उत्पादों के निर्माण में कृषि संस्थानों और संगठनों ने निष्पक्ष और विशिष्ट परिणाम दिखाए हैं। भारत कृषि उत्पादों के निर्यात में शीर्ष पंद्रह देशों में शामिल है।

भारत कृषि में 100% का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश कृषि उत्पादों की स्थापना करने के लिए एक बड़ा कदम है। इसके अंतर्गत बागवानी, फूलों की खेती, बीज, जलीय कृषि, मशरूम की खेती, कृषि-उद्योग और संबंधित विनिर्माण क्षेत्रों में वृद्धि को मान्यता मिली है।

डेम मुन्नी आयरन भारत के विकास में योगदान देना चाहती हैं। उन्होंने 2017 में आर्ट फॉर पीस अवार्ड्स इंडिया चैप्टर शुरू किया और कई सामाजिक कार्यक्रमों और सेवाओं के माध्यम से योगदान दिया है। मुन्नी आयरन ने कहा कि “कृषि क्षेत्र में विदेशी निवेश की अनुमति से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पूंजी का पर्याप्त प्रवाह सुनिश्चित करने की संभावना है जिससे समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से किसानों और उपभोक्ताओं के विकास को बढ़ावा मिलेगा है। इससे किसानों की आय और कृषि में सुधार होगा और साथ ही साथ विकास और उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति को कम करने में भी सहायता मिलेगी”।

डेम मुन्नी आयरन उत्तराखंड राज्य सरकार और कुछ निजी संस्थानों के सहयोग से पहाड़ों में विकास कार्य शुरू करने के लिए उत्साहित है। इसका उपयोग उत्तराखंड के योग सेंटर कहे जाने वाले ऋषिकेश के पास टिहरी गढ़वाल जिले के कृषि क्षेत्र में निवेश करने के लिए किया जाएगा।

इसके अलावा उन्होंने कहा, “हमारे पास अमेरिका में सबसे उन्नत कृषि तकनीक है और हम सभी कृषि स्कूलों से जुड़ना चाहते हैं और जीवन से परे उन्नत तकनीक स्थापित करना चाहते हैं।

डेम मुन्नी आयरन शांति वार्ता में एक वैश्विक नेता, लेखक, सेलिब्रिटी कोच, मानवाधिकार अधिवक्ता और आध्यात्मिक गुरु हैं। वह वैश्विक स्थिरता और मानवीय मूल्यों का आदान-प्रदान करती हैं।

बच्चों,महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य पर कार्यशाला का आयोजन

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एमटीपी एक्ट के बारे में मिली जानकारी
राज्य में हर साल 12.5 लाख होते हैं गर्भपात
गर्भ समापन पर अभी तक जिला में 280 आशा, 91 नर्स, 146 आंगनबाड़ी सेविकाओं का उन्मुखीकरण
पटना-
आई पास डेवलपमेन्ट फाउंडेशन के सौजन्य से स्थानीय संस्था सामाजिक विकास संस्थान के द्वारा स्थानीय होटल में स्वास्थ्य, बच्चा, महिलाओं एवं किशोरियों के साथ कार्य कर रही संस्थाओं के साथ एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को एमटीपी एक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई | इसमें गर्भ समापन पर आशा, नर्स एवं आंगनबाड़ी सेविकाओं का उन्मुखीकरण किया गया | इस तरह अभी तक जिले की 280 आशा , 91नर्स, 146 आंगनबाड़ी सेविकाओं का उन्मुखीकरण किया जा चुका है |
कार्यशाला में सामाजिक विकास संस्थान के संस्थापक रघुपति जी ने उपस्थित प्रतिभागियों को विषय वस्तु से अवगत कराया | उन्होंने बताया साँझा प्रयास एक नेटवर्क है जो बिहार और उतरप्रदेश के 10-10 जिलों में 10-10 स्थानीय संस्था के साथ (एसआरएचआर) यौन और प्रजनन अधिकार,परिवार नियोजन एवं सुरक्षित गर्भपात पर कार्य कर रहा है। उन्होंने इस पर विस्तृत जानकारी दी ।
24 सप्ताह तक गर्भ समापन कराना वैध
आईपास डेवलपमेन्ट फाउंडेशन के राजीव ने उपस्थित प्रतिभागियों को एमटीपी एक्ट कानून पर जानकारी दी | उन्होंने बताया 24 सप्ताह तक गर्भ समापन कराना वैध है| लेकिन 12 सप्ताह के अंदर एक प्रशिक्षित डॉक्टर एवं 12 सप्ताह से ऊपर तथा 20 सप्ताह के अंदर तक में दो प्रशिक्षित डॉक्टर की मौजूदगी में होनी चाहिये । इस दौरान परिस्थिति क्या होनी चाहिए पर विस्तार से चर्चा की गई. साथ ही माहवारी के समय साफ सफाई के संबंध में भी जानकारी दी गयी । उन्होंने सभी संस्था के प्रतिनिधि से आग्रह किया की आप अपने कार्य क्षेत्र में भी इस बिषय पर चर्चा कीजिये ताकि असुरक्षित गर्भपात से होने बाली महिलाओं की मृत्यु एवं मातृ मृत्यु दर कम हो सके। राजीव ने बताया राज्य में हर वर्ष 12.5 लाख गर्भपात के केस सामने आते हैं और इनमे मात्र 8% सरकारी संस्थानों में कराये जाते हैं. देश में मातृ मृत्यु दर का 8 प्रतिशत आंकड़ा असुरक्षित गर्भपात के कारण दर्ज किया जाता है.
आई पास डेवलपमेन्ट फाउंडेशन के वरिष्ठ कार्यक्रम पदाधिकारी खुर्शीद एकराम अंसारी ने आई पास डेवलपमेंट फाउंडेशन के कार्यक्रम एवं सांझा प्रयास नेटवर्क के संबंध में वृहत् रूप से जानकारी दी और बताया कि अभी तक पटना जिले में 280 आशा, 91 नर्स, 146 आंगनबाड़ी सेविका का उन्मुखीकरण किया गया है |साथ ही 15 एनजीओ को सांझा प्रयास नेटवर्क से जोड़ा गया। कार्यक्रम के अंत में सांझा प्रयास नेटवर्क के अन्तर्गत हस्ताक्षर अभियान कराया गया| इस अभियान का स्लोगन था हम महिलाओं के प्रजनन, स्वास्थ्य एवं सुरक्षित गर्भपात संबंधित अधिकारों का समर्थन करते हैं.
हस्ताक्षर अभियान की हुई शुरुआत:
कार्यशाला में स्लोगन के पत्र पर शामिल प्रतिभागियों ने हस्ताक्षर कर हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की. महिलाओं के प्रजनन स्वस्थ्य, किशोरी स्वस्थ्य एवं सुरक्षित गर्भपात की महत्ता को सारे प्रतिभागियों ने स्वीकारा और समुदाय को जागरूक करने का संकल्प लिया.

मुंगेर में होगा स्वस्थ्य जीविका दीदी अभियान का संचालन

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-शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और स्वास्थ्य उपकेंद्र के कार्य क्षेत्र में चलेगा अभियान
– पॉपुलेशन बेस्ड मास स्क्रीनिंग फ़ॉर एनसीडी के तहत स्वास्थ्य संस्थानों में होगा इस अभियान का संचालन
– अभियान की सफलता को लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति और अपर उपाधीक्षक सह सहायक अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, गैर संचारी रोग मुंगेर के कार्यालय से जारी की गई चिट्ठी

मुंगेर, 27 अगस्त| मुंगेर में एनपीसीडीसीएस कार्यक्रम के अंतर्गत पॉपुलेशन बेस्ड मास स्क्रीनिंग फ़ॉर एनसीडीएस के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला के सभी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र और स्वास्थ्य उपकेंद्र के कार्य क्षेत्र में ” स्वस्थ जीविका दीदी” अभियान का संचालन किया जाना है। इस अभियान के सफल संचालन के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति और अपर उपाधीक्षक सह सहायक अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, गैर संचारी रोग मुंगेर के कार्यालय से एक चिट्ठी जारी की गई है। मालूम हो कि 2021-22 में पॉपुलेशन बेस्ड मास स्क्रीनिंग विथ एनसीडी’एस के तहत 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की स्क्रीनिंग की रफ्तार शून्य है। अप्रैल से जुलाई माह तक 30 वर्ष या उससे अधिक उम्र के कुल 836 लोगों की ही स्क्रीनिंग की गई है।
जीविका दीदी, स्वयं सहायता समूह की प्रत्येक सदस्य एवं उसके सभी परिवारजनों का फैमिली फोल्डर बनाया जाएगा –
जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी) विकास कुमार ने बताया कि “स्वस्थ जीविका दीदी” अभियान के तहत जिला के सभी शहरी और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ -साथ स्वास्थ्य उपकेंद्र के कार्यक्षेत्र में संकुल क्षेत्र संघ (क्लस्टर फेडरेशन) कार्यालय पर कैम्प के माध्यम से जीविका दीदी एवं स्वयं सहायता समूह की प्रत्येक सदस्य एवं उसके सभी परिवार जनों का फैमिली फोल्डर बनाया जाना है इसके साथ ही उस परिवार में 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों का सीबीएसी फॉर्म स्थानीय आशा कार्यकर्ता के द्वारा भरा जाना है। आशा कार्यकर्ता द्वारा पूर्ण रूपेण भरे गए फैमिली फोल्डर और सीबीएसी फॉर्म के प्रपत्रों के आधार पर 10 रुपये प्रति सीबीएसी प्रपत्र की दर से आशा को प्रोत्साहन राशि का भुगतान राज्य स्तर पर अश्विन पोर्टल के माध्यम से किया जाना है। अभियान का प्रारम्भ अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों,शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर किया जाना हैउन्होंने बताया कि प्रस्तावित “स्वस्थ्य जीविका दीदी” अभियान का प्रारम्भ उन अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (एपीएचसी), शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (यूपीएचसी) और स्वास्थ्य उपकेंद्रों (एचएससी) पर किया जाना है जिन्हें हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में विकसित किया जा चुका है।

उन्होने बताया कि जीविका के अधीन सभी जिलों में कार्यरत संकुल क्षेत्र संघ ( क्लस्टर फेडरेशन) में आयोजित कैम्प में प्रत्येक सोमवार, गुरुवार और शनिवार को संबंधित यूपीएचसी, एपीएचसी और एचएससी पर कार्यरत आशा, एएनएम, स्टाफ नर्स, सीएचओ, चिकित्सा पदाधिकारी एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर के साथ अन्य कर्मियों की एक टीम के द्वारा सभी आवश्यक उपकरण और सामग्रियों के साथ उपस्थित होकर इस अभियान के तहत सभी जीविका दीदी एवं स्वयं सहायता समूह की सभी सदस्य के साथ -साथ उसके परिवार के सभी सदस्यों का स्वास्थ्य प्रपत्र भरा जाना है। इसके साथ ही उनके परिवार में 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का सीबीए सी फॉर्म पूर्ण रूपेण भरकर सबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को उपलब्ध कराएंगे।
डाटा इंट्री ऑपरेटर का एनसीडी एप पर प्रशिक्षण कराया जाएगा
उन्होंने बताया कि सीबीएसी फॉर्म और फैमिली फोल्डर में अंकित सूचनाओं के डिजिटलाइजेशन के लिए जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी एवं प्रखण्ड अनुश्रवण एवं मूल्यांकन सहायक के द्वारा संयुक्त रूप से इन स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यरत डाटा इंट्री ऑपरेटर का एनसीडी एप पर प्रशिक्षण कराया जाएगा। इस प्रशिक्षण में टाटा ट्रस्ट के द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा।

कोविड वैक्सीन के प्रति बढ़ी रुचि सराहनीय, पर वैक्सीनेशन के दौरान प्रोटोकॉल का पालन भी जरूरी

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– जिले में वैक्सीनेशन के प्रति लोगों में दिख रहा उत्साह, खुद वैक्सीनेशन के लिए पहुँच रहे शिविर स्थल
– वैक्सीन के साथ-साथ प्रोटोकॉल का पालन जारी रखने को दी जा रही गाइडलाइन की जानकारी

खगड़िया, 27 अगस्त –

जिले में कोविड वैक्सीनेशन अभियान को पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए जहाँ स्वास्थ्य विभाग के साथ केयर इंडिया, आईसीडीएस समेत अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी व कर्मी कदम से कदम मिलाकर लगातार अग्रसर हैं वहीं, अब लोग भी आगे आने लगे हैं और वैक्सीन लेने के लिए खुद वैक्सीनेशन सेंटर पहुँचने लगें हैं, जो सामुदायिक स्तर पर बड़ा सकारात्मक बदलाव है। इतना ही नहीं लोगों का खुद के साथ-साथ समाज, राज्य और देश हित में बेहतर कदम इस बात का भी प्रमाण है कि लोगों में वैक्सीनेशन को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है और अफवाहों को कड़ी मात मिली है तथा वैक्सीन के प्रति लोगों विश्वास भी बढ़ा है। किन्तु, इस सकारात्मक पहल और बदलाव के साथ-साथ प्रोटोकॉल का पालन भी जरूरी है। क्योंकि, इसी बदलाव और प्रोटोकॉल के पालन से ही इस महामारी को पूरी तरह मात देने यानी खत्म करने के अंतिम दौर में पहुँच चुके हैं और यह भी तय है कि हर हाल में इस महामारी को पूरी तरह खत्म करके ही रहेंगे।
– कोविड वैक्सीन के प्रति बढ़ी रुचि सराहनीय, पर प्रोटोकॉल का पालन भी जरूरी :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, जिस तरह जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर वैक्सीन लेने वालों की काफी भीड़ देखी जा रही है। इससे यह तो साफ है कि लोगों में वैक्सीन के प्रति विश्वास बढ़ा है और अफवाहों को करारी मात मिली है। लोगों की यह पहल काफी सराहनीय और खुद के साथ-साथ समाज, राज्य और देश हित में बेहतर कदम भी है। किन्तु, इसके अलावा वैक्सीनेशन के साथ और बाद प्रोटोकॉल का पालन भी जरूरी है। ताकि संक्रमण से संबंधित किसी प्रकार की कोई समस्या उत्पन्न नहीं हो और वैक्सीनेशन के दौरान प्रोटोकॉल उल्लंघन की खबरें सामने नहीं आए। यही इस महामारी को जड़ से खात्मा करने के लिए सबसे बेहतर और कारगर उपाय है।
– जिले में लगातार चल रहा है वैक्सीनेशन अभियान :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने एवं इस महामारी को जड़ से खत्म करने के लिए वैक्सीन की उपलब्धता के अनुसार जिले में लगातार वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। जिसके तहत जगह-जगह शिविर आयोजित कर लोगों को वैक्सीन दी जा रही है। इस दौरान वैक्सीन की सेकेंड डोज की संख्या बढ़ाने को लेकर भी स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर आयोजित होने वाले वैक्सीनेशन शिविर की जानकारी दी जा रही है। ताकि लोग सुविधाजनक तरीके से अपने नजदीकी वैक्सीनेशन सेंटर पर आकर वैक्सीन ले सकें और संपूर्ण जिले वासी जल्द से जल्द वैक्सीन की पूरी डोज से वैक्सीनेटेड हो सकें तथा एक भी व्यक्ति वैक्सीन से वंचित नहीं रहे ।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।

वैक्सीन को लेकर लोगों के मन में बैठी भ्रांतियों को दूर कर रही हैं आईसीडीएस डीपीओ आभा कुमारी

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– लखीसराय के महिसोना पंचायत के वैक्सीनेशन सेंटर पर कई लोगों के मन में बैठी भ्रांतियों को किया दूर
– जिला में कोरोना वैक्सीन के सेकेंड डोज के लिए तेज किया गया अभियान

लखीसराय, 27 अगस्त-
लखीसराय सदर प्रखंड की आईसीडीएस सीडीपीओ जो अभी लखीसराय आईसीडीएस डीपीओ के प्रभार में भी हैं वो जिला भर में बनाए गए वैक्सीनेशन सेंटर के निरीक्षण के दौरान लगातार वैक्सीन को लेकर लोगों के मन में बैठी तरह-तरह भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास कर रही हैं।
गर्भवती महिला को बताया कोरोना की वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित और सौ फीसदी प्रभावी है
लखीसराय सदर प्रखंड की सीडीपीओ सह जिला की आईसीडीएस डीपीओ आभा कुमारी ने बताया कि पिछले दिनों वो लखीसराय सदर प्रखंड के महिसोना पंचायत में बनाए गए वैक्सीनेशन सेंटर का निरीक्षण करने गई तो पाया कि वहां आई एक गर्भवती महिला कोरोना की वैक्सीन लेने से साफ मना कर रही है। वो कह रही थी कि उसके गर्भ में उसका बच्चा पल रहा है इसलिए वो बच्चे को कोई परेशानी नहीं हो इसलिये वो कोरोना की वैक्सीन नहीं लेगी। इसके बाद मैंने उस गर्भवती महिला को बताया कि कोरोना की वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित और सौ फीसदी तक प्रभावी भी है। इसकी वजह से गर्भस्थ शिशु को कोई खतरा नहीं है। कोरोना की वैक्सीन लगाने से उसके साथ-साथ उसके गर्भस्थ शिशु को भी कोरोना वायरस के संक्रमण से पूरी तरह सुरक्षा मिलेगी। आईसीडीएस डीपीओ के द्वारा बहुत समझाने के बाद वो गर्भवती महिला वैक्सीन लगाने के लिए तैयार हुई। इसके साथ ही उन्होंने वहां मौजूद सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन का महत्व और उसकी आवश्यकता के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोरोना वैक्सीन सभी लोगों के लिए चाहे वो किसी भी एज ग्रुप का हो के लिए अति आवश्यक है। वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद ही सभी लोग अपने साथ- साथ अपने पूरे परिवार के साथ-साथ अपने पूरे समाज को कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षित कर सकते हैं।

वैक्सीन लेने के बाद 71 वर्षीय वृद्धा ने अपने अनुभवों से सभी लोगों को वैक्सीनेशन के लिए किया प्रेरित :
वैक्सीनेशन सेंटर पर वैक्सीन की डोज लेने के बाद एक 71 वर्षीय वृद्धा ने अपने अनुभवों से वहां मौजूद सभी लोगों को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मैं 71 साल की वृद्धा हूँ और मैंने वैक्सीन लगवायी है। इसके बाद मुझे किसी भी प्रकार कि परेशानी नहीं हुई, मैं अभी बिल्कुल स्वास्थ्य हूँ। मैं जब 71 वर्ष की उम्र में वैक्सीन लगवा सकती हूँ तो आप लोग क्यों नहीं ? देश और समाज को यदि कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्त करना है तो समाज के सभी आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीनेशन के लिए आगे आना होगा। इसके बाद ही लखीसराय जिला को कम से कम समय में कोरोना मुक्त जिला घोषित किया जा सकेगा और लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षित किया जा सकता है।

बांका शहर में टीकाकरण अभियान में आई तेजी

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चार दिनों से लगातार 800 से अधिक लोगों का हो रहा टीकाकरण
लोगों को घर-घर जाकर टीकाकरण को लेकर किया जा रहा जागरूक
बांका, 27 अगस्त-

बांका शहरी क्षेत्र में कोरोना टीकाकरण अभियान को तेज कर दिया गया है। जल्द से जल्द सभी लोगों का टीकाकरण हो, इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता अभियान के जरिये अधिक से अधिक लोगों को घरों से बुलाकर टीकाकरण करवा रहा है। इस वजह से पिछले चार दिनों में टीका लेने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पिछले कुछ दिनों से बांका सदर प्रखंड में एक दिन में 400 से लेकर 500 लोगों का टीकाकरण हो रहा था, लेकिन मंगलवार से प्रतिदिन 800 से अधिक लोगों का टीकाकरण हो रहा है। मंगलवार को 830 लोगों को कोरोना के टीके दिए गए तो बुधवार को 890 लोगों को। इसी तरह गुरुवार को 860 लोगों को कोरोना के टीके दिए गए, जबकि शुक्रवार को भी टीका लेने वालों की संख्या आठ सौ को पार कर गई।
प्रतिदिन आठ सौ से 900 लोगों का टीकाकरण किया जा रहा
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि शहरी क्षेत्र में टीकाकरण की गति को लगातार तेज किया जा रहा है। अभी प्रतिदिन आठ सौ से लेकर 900 लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। लोगों को घर-घर जाकर जागरूक किया जा रहा है। साथ ही अब टीका लेने वालों की संख्या भी अधिक हो गई है, इस वजह से भी लोगों के मन से भय खत्म हो गया है। इससे भी टीका लेने वालों की संख्या बढ़ रही है। बांका सदर प्रखंड के अंतर्गत आने वाली पंचायतों और गांवों में भी टीका लेने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
सदर प्रखंड क्षेत्र में 860 लोगों को पड़े टीकेः
उधर, शुक्रवार को बांका सदर प्रखंड क्षेत्र में 860 लोगों को कोरोना के टीके पड़े। टीका लेने वालों में पहले और दूसरे डोज लेने वाले, दोनों तरह के लोग शामिल थे। टीका देने के बाद सभी लाभुकों को 30 मिनट तक निगरानी में रखा गया। किसी तरह की समस्या नहीं होने पर सभी लाभुकों को घर जाने दिया गया। साथ ही पहला डोज लेने वालों को समय पर आकर कोरोना टीका का दूसरा डोज लेने के लिए कहा गया। कोरोना टीका का दोनों डोज ले लेने के बाद ही टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी होगी।
300 लोगों की हुई जांचः
उधर, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को 200 लोगों की एंटीजन किट से जांच की गई तो 100 लोगों के सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए लिया गया। जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला। हालांकि सभी लोगों को सतर्कता के साथ रहने के लिए कहा गया। घर से बाहर जाते समय मास्क लगाने और सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए कहा गया। भीड़ लगाने से बचने और एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी बनाए रखने के लिए कहा गया। बाहर से घर आने पर हाथों की धुलाई 20 सेकेंड तक अवश्य करने के लिए कहा गया। ऐसा करते रहने से लोग कोरोना की चपेट में आने से बचे रहेंगे।

आठवीं राज्य तंबाकू नियंत्रण समन्वय समिति की बैठक में लिया गया निर्णय

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पटना:

अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में शुक्रवार को विकास भवन स्थित स्वस्थ्य विभाग, के सभागार में राज्य तंबाकू नियंत्रण समंवय समिति की आठवीं बैठक संपन्न हुई जिसमें बिहार सरकार के विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारी एवं गैर सरकारी/स्वयंसेवी संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए.

सभी सरकारी और स्वास्थ्य संस्थानों में लगेंगे तंबाकू मुक्त परिसर की होर्डिंग- अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य
अपर मुख्य सचिव ने अपने संबोधन में कहा कि तंबाकू का सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव स्कूली बच्चों एवं युवाओं पर पड़ रहा है. सभी को एकजुट होकर प्रयास करने की जरुरत है, जिससे समाज को तंबाकू सेवन के खतरे से अवगत कराते हुए उन्हें तंबाकू से दूरी बनाने के लिए प्रेरित किया जाये. सभी सरकारी परिसर एवं स्वास्थ्य संस्थानों में अविलम्ब तम्बाकू मुक्त परिसर का बोर्ड अथवा होर्डिंग लगाने की व्यवस्था की जाये जिसपर उलंघन करने वालों को दंडित करने की प्रावधान का भी जिक्र हो. साथ ही परिसर अथवा चिकित्सीय संस्थान में तंबाकू इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने पर त्वरित दंड का प्रावधान हो.

तम्बाकू सेवन मुख कैंसर का है प्रमुख कारण

सभी प्रकार के कैंसरों में तंबाकू के सेवन से जुड़े कैंसरों का हिस्सा 40 प्रतिशत है एवं 90 प्रतिशत मुँह का कैंसर तंबाकू के प्रयोग से होते हैं. तंबाकू सेवन पर रोक लगाने एवं साथ ही तंबाकू से होने वाले विभिन्न प्रकार के कैंसर के बारे में वृहत पैमाने पर जन-जागरूकता फैलाने की जरुरत है. तंबाकू का दुष्प्रभाव सबसे अधिक स्कूली बच्चों एवं युवाओं पर पड़ रहा है. अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य ने आगे कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से तंबाकू के सेवन पर नियंत्रण एवं तंबाकू नियंत्रण अधिनियम-2003 के प्रभावी अनुपालन हेतु आवश्यक सहयोग प्रदान करें.

जनप्रतिनिधियों एवं वरीय सरकारी कर्मियों का होगा संवेदीकरण
राज्य स्वास्थ्य समिति अंतर्गत तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ सुनील कुमार ने सभी जनप्रतिनिधियों एवं सरकारी कर्मचारियों के संवेदीकरण पर बल दिया और इसमें अपर मुख्य सचिव से सहयोग की इच्छा जताई. डॉ. सुनील ने बताया कि जनप्रतिनिधि एवं वरीय सरकारी कर्मचारी तंबाकू नियंत्रण एवं इससे मुक्ति में अहम् भूमिका निभा सकते हैं और आमजनों को तंबाकू का त्याग करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं.

बैठक में अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य श्री प्रत्यय अमृत के अलावा राज्य स्वास्थ्य समिति के अपर कार्यपालक निदेशक श्री अनिमेष कुमार पराशर, डॉ. नमित कुमार, राज्य सलाहकार, तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम, सीड्स के निदेशक दीपक मिश्रा एवं अन्य विभागों के अधिकारीगण एवं सहयोगी संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद थे.

भागलपुर हुआ कोरोना मुक्त, फिर भी बढ़ाई गई सतर्कता

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स्टेशन पर बाहर से आने वालों की जांच को किया गया तेज
केरल, महाराष्ट्र और कर्नाटक से आने वालों पर विशेष नजर

भागलपुर, 27 अगस्त-
भागलपुर जिला कोरोना मुक्त हो गया है। अब जिले में कोई भी सक्रिय मरीज नहीं है, इसके बावजूद सतर्कता बढ़ा दी गई है। दरअसल, केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र में कोरोना के नए मामले आने के बाद यहां पर भी स्वास्थ्य टीम को सक्रिय कर दिया गया है। स्टेशन पर बाहर से आने वालों को जांच के बाद ही बाहर जाने दिया जा रहा है। कोरोना को लेकर जिला स्वास्थ्य समिति किसी भी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती है। जिले में अभी कोरोना का संक्रमण दर शून्य और रिकवरी रेट शत प्रतिशत है। इसे बरकरार रखने पर फोकस किया जा रहा है।
घरों से बाहर जाते वक्त हर हाल में मास्क लगाना चाहिए
सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा ने बताया कि यह बात सही है कि जिला कोरोना मुक्त हो गया है, लेकिन अभी भी सतर्कता जरूरी है। लोगों को घरों से बाहर जाते वक्त हर हाल में मास्क लगाना चाहिए। सामाजिक दूरी का पालन करना चाहिए और बाहर से घर आने पर 20 सेकेंड तक हाथों की धुलाई अवश्य करनी चाहिए। ऐसा करते रहने से लोग कोरोना से बचे रहेंगे। उन्होंने कहा कि भागलपुर समेत पूरे प्रदेश में कोरोना के मामले कम हुए हैं, लेकिन केरल, महाराष्ट्र और कर्नाटक में नए केस सामने आ रहे हैं, इसलिए स्टेशन पर स्वास्थ्य विभाग की कोरोना जांच टीम को सक्रिय कर दिया गया है। बाहर से आने वाले व्यक्ति से कोरोना का संक्रमण नहीं हो, इसे लेकर जांच के बाद ही लोगों को अंदर आने दिया जा रहा है। हालांकि जांच में अभी तक कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला है, लेकिन अगर कोई संक्रमित मिलता है तो तत्काल उसका इलाज कराया जाएगा।
बाहर से आने वालों की लगातार हो रही जांचः
डीपीएम फैजान आलम अशर्फी ने बताया कि स्टेशन पर बाहर से आने वालों की जांच लगातार चल रही है। बाढ़ आने के कारण पिछले दिनों वहां की जांच टीम को राहत शिविर में लगा दिया गया था, लेकिन अब बाढ़ कम हो गई है और राहत शिविरों में भी कम लोग ही रह रहे हैं। इस वजह से जांच टीम को फिर से स्टेशन पर सक्रिय कर दिया गया है। स्टेशन पर तैनात स्वास्थ्य टीम तापमान से लेकर कोरोना की जांच बाहर से आने वाले सभी लोगों की कर रही है।
जांच के साथ टीकाकरण पर भी फोकसः
सिविल सर्जन ने कहा कि अभी जिले में प्रतिदिन छह हजार से लेकर सात हजार लोगों की कोरोना जांच हो रही है। जरूरत पड़ने पर इसमें इजाफा भी किया जा सकता है। जिले में कोरोना के नए मरीज सामने नहीं आए इसे लेकर हमलोग पूरी तरह से सक्रिय हैं। जांच के साथ कोरोना टीकाकरण अभियान में सफलतापूर्वक चल रहा है। पहले डोज के साथ दूसरे डोज पर भी फोकस किया जा रहा है। 26 अगस्त को भागलपुर पूरे बिहार में सेकेंड डोज के मामले में दूसरे स्थान पर रहा। टीका की लगातार आपूर्ति हो रही है और उस हिसाब से प्रतिदिन लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है।

मुंगेर में कोरोना वैक्सीन के सेकेंड डोज़ वैक्सीनेशन के लिए अभियान तेज

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– जिला मुख्यालय मुंगेर सहित जिला के सभी प्रखंड़ों में बनाया गया सेकेंड डोज डेडिकेटेड वैक्सीनेशन सेंटर
– राज्य स्वास्थ्य समिति ने कोरोना वैक्सीन के सेकेंड डोज से वंचित हेल्थ और फ्रंट लाइन वर्करों का सेकेंड डोज वैक्सीनेशन कराने का दिया निर्देश

मुंगेर, 26 अगस्त| कोरोना संक्रमण की सम्भावित तीसरी लहर को देखते हुए और कोरोना वैक्सीन का दोनों डोज जल्द से जल्द पूरा करने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय सहित जिला के सभी प्रखंड़ों में स्वास्थ्य विभाग ने सेकेंड डोज डेडिकेटेड कोविड सेंटर बनाया है। यहां सिर्फ वैक्सीन की दूसरी डोज लेने वाले लोगों को ही कोरोना की वैक्सीन लगाई जाएगी।
मुंगेर के उपेन्द्र ट्रेनिंग स्कूल में सेकेंड डोज डेडिकेटेड कोविड वैक्सीनेशन सेंटर बनाया गया
जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) नसीम रजि ने बताया कि जिला मुख्यालय मुंगेर स्थित उपेन्द्र ट्रेनिंग स्कूल में सेकेंड डोज डेडिकेटेड कोविड वैक्सीनेशन सेंटर बनाया गया है। इसके साथ ही मुंगेर शहरी क्षेत्र नोलक्खा दुर्गा मंदिर और मुंगेर जेल में भी लोगों को सिर्फ कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक ही दी या जा रही है। इसके साथ ही मुंगेर जिला के असरगंज प्रखण्ड में असरगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बरियारपुर प्रखण्ड में फिलिप हाई स्कूल, धरहरा प्रखण्ड में मिडिल स्कूल धरहरा, जमालपुर प्रखण्ड में मिडिल स्कूल मंगरौरा, हवेली खड़गपुर प्रखण्ड में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हवेली खड़गपुर में सेकेंड डोज डेडिकेटेड कोविड वैक्सीनेशन सेंटर बनाया गया है। उन्होंने बताया कि मुंगेर सदर प्रखंड के मुंगेर सदर पीएचसी, संग्रामपुर प्रखण्ड में संग्रामपुर पीएचसी, तारापुर प्रखंड में तारापुर पीएचसी और टेटिया बम्बर के टेटिया बम्बर छात्रावास में भी 2 सेकेंड डोज डेडिकेटेड कोविड वैक्सीनेशन सेंटर बनाया गया है।

सेकंड डोज से वंचित हेल्थ और फ्रंटलाइन वर्कर का कराया जाएगा सेकेंड डोज वैक्सीनेशन :
उन्होंने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह द्वारा जारी निर्देश के अनुसार जिला में कोरोना वैक्सीन के सेकेंड डोज से वंचित हेल्थ और फ्रंट लाइन वर्कर का जल्द से जल्द सेकेंड डोज वैक्सीनेशन कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार मुंगेर के 72.8 % हेल्थ वर्कर और 53.3% फ्रंट लाइन वर्कर ने कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज ले ली है| शेष बचे हेल्थ और फ्रंट लाइन वर्कर को कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज दी जानी है।
– इन मानकों का रखें ख्याल, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– साबुन या अन्य अल्कोहलयुक्त पदार्थों से बार-बार हाथ धोने की आदत डालें।
– मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें और दूसरों को जागरूक करें।
– बाहर निकलने पर सैनिटाइजर जरूर पास में रखें।
– बाहर का खाना खाने से बचें और जहाँ सुरक्षा के मानकों का ख्याल नहीं रखा जाता हो वहाँ बिलकुल नहीं खाएँ।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।