उत्तर प्रदेश में चेतक रैपिड रिस्पोन्स टीम सक्रिय, गांवों में ही किया जा रहा इलाज

-चेतक रैपिड रिस्पोन्स टीम ने 4. 25 करोड़ लोगों के कोरोना टेस्ट किया

नईदिल्ली-

उत्तर प्रदेश के गांवों में कोरोना को नियंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चेतक रैपिड रिस्पोन्स टीम का गठन किया है जो गांव-गांव जाकर कोरोना की जांच कर रही है और निर्देश भी दे रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना को रोकथाम के लिए 7 0 हजार से ज्यादा निगरानी समितियां बना दी है जो लगातार कोरोना की स्थिति पर प्रदेश में नजर रख रही है और सरकार के निर्देश को प्रसारित कर रही है। यह निगरानी समितियां घर-घर जाकर टेस्टिंग शुरू कर दी है जिससे प्रदेश के गांवों में कोरोना के मरीजों की संख्या में कमी आई है। अभी तक चेतक रैपिड रिस्पोन्स टीम नें 1 लाख गांव में 4. 25 करोड़ लोगों के कोरोना टेस्ट कर चुका है। और अभी भी कार्य तेजी से चल रहा है। कोरोना के मरीजों को घर पर ही दवा मिले, गांव में टेस्टिंग की सुविधा हो इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने चेतक रैपिड रिस्पोन्स टीम को विशेष रूप से सक्रिय किया है यह टीम गांवों में लाउडस्पीकर के जरिए जानकारी दे रही है वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम और निगरानी टीम घर-घर जाकर कोरोना टेस्ट कर रही है। इस टीम में आशा वर्कर भी साथ में रहती हैं। टीम के द्वारा गांव के लोगों को कोरोना की दवा भी दी जा रही है। इसका सबसे ज्यादा फायदा यह हो रहा है कि कोरोना के शुरुआती लक्षण वाले मरीज अगर मिल जाते हैं तो उन्हें तत्काल रूप से दवा दी जाती है ओर विशेष निगरानी भी रखी जा रही है। ऐसे मरीज को अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। जिस प्रकार से चेतक रैपिड रिस्पोन्स टीम कार्य कर रही है इससे तत्काल रूप से यह फायदा हो रहा है कि कोरोना के मरीज कम हुए हैं, टेस्टिंग बढ़ी है ओर गांव वाले जागरुक हुए हैं जिसके कारण गांवों में कोरोना को फैलने से रोका जा रहा है।

बेगूसराय जिले में तीन लाख से अधिक लोगों का हो चुका है टीकाकरण,सभी हैं पूर्ण रूप से स्वस्थ

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– 26 मई से जिले में गाँव-गाँव चलंत वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन होगा
-कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीनेशन है जरूरी, इसलिए जरूर लगवाएं वैक्सीन

बेगूसराय, 24 मई-

कोविड-19 संक्रमण को पूरी तरह जड़ से मिटाने एवं इससे स्थाई निजात के लिए जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। इस महामारी से बचाव व स्थाई निजात के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को वैक्सीन लेना भी जरूरी है। इसलिए, अफवाहों से बाहर आकर सभी लोग खुद के साथ अपने परिवार व समाज के हित में वैक्सीन जरूर लें यही आपके लिए सुरक्षा का सबसे बेहतर और आसान उपाय है। साथ ही वैक्सीनेशन के बाद भी पूर्व की तरह सतर्कता को भी जारी रखें और यह भ्रम नहीं रखें कि वैक्सीन लेने के तुरंत बाद इस महामारी से हम पूरी तरह सुरक्षित हो गये।

– तीन लाख से अधिक लोगों का हो चुका है वैक्सीनेशन :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ गोपाल कुमार मिश्रा ने बताया, जिले में वैक्सीनेशन के शुभारंभ से लेकर अबतक तीन लाख से अधिक लोग वैक्सीन ले चुके हैं। वैक्सीन लेने वाले सभी लोग ना सिर्फ पूरी तरह स्वस्थ हैं बल्कि, पूर्व की भाँति अपना कार्य भी मजबूती के साथ कर रहे हैं। अबतक जिले के किसी क्षेत्र से वैक्सीन लेने वाले लाभार्थियों के बारे में गंभीर साइड इफेक्ट की खबरें सामने नहीं आई है। जो वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है, इस बात का जीता-जागता सबूत है। इसलिए, तमाम जिले वासियों से अपील करता हूँ कि वैक्सीन को लेकर मन में किसी प्रकार का भ्रम ना पालें और निर्भीक होकर वैक्सीनेशन कराएं। वैक्सीन ना सिर्फ सुरक्षित है बल्कि, काफी प्रभावी भी है। इस महामारी के खिलाफ लड़ाई के लिए वैक्सीन बेहद जरूरी है। वैक्सीन प्रतिरोधक क्षमता (इम्युन सिस्टम) को मजबूती प्रदान करता है। जिससे हम इस महामारी से बचाव के लिए खुद को सक्षम महसूस करेंगे। इसके अलावा धैर्य के साथ सावधानी और सतर्कता भी जरूरी है।

– 26 मई से चलंत वैक्सीनेशन शिविर का होगा शुभारंभ :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ गोपाल कुमार मिश्रा ने बताया, वैक्सीनेशन अभियान को गति देने के लिए सरकार पूरी तरह कटिबद्ध है। इसके मद्देनजर अब चलंत वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन करने का निर्णय लिया गया है । जिसका जिले में 26 मई से शुभारंभ होगा और इसके साथ ही पंचायत स्तर पर गाँव-गाँव चलंत वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन कर 45+ आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन दी जाएगी । इससे ना सिर्फ वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज होगी। बल्कि, लोगों को भी वैक्सीन लेने में काफी आसानी होगी।

– बचाव के लिए वैक्सीनेशन के साथ जाँच भी जरूरी :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया, इस महामारी से बचाव के लिए वैक्सीनेशन के अलावा जाँच भी जरूरी है। इसलिए, जिले वासियों से अपील करता हूँ कि वैक्सीनेशन सेंटर पर वैक्सीन लेने के पूर्व जाँच जरूर कराएं। ताकि सभी लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर वैक्सीनेशन करा सकें।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर रहें :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।

गांव-गांव भ्रमण कर लोगों को कोरोना टीकाकरण के लिए प्रेरित कर रहे हैं अरुण कुमार

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– लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ब्लॉक हेल्थ मैनेजर हैं अरुण कुमार
– गांव – गांव में वैक्सीनेशन के लिए बढ़ने लगी लोगों की भीड़

लखीसराय, 24 मई-

कोरोना संक्रमण के मामलों के बीच लखीसराय के रामगढ़ चौक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) स्टाफ के रूप में ब्लॉक हेल्थ मैनजर के पद पर कार्यरत अरुण कुमार कोविड टेस्टिंग को चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए लगातार काम कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान जिले में इन्होंने अधिक से अधिक संख्या में लोगों का कोरोना टेस्ट करवाने का निर्णय लिया और अपने पीएचसी सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर कोरोना जांच की सुविधा उपलब्ध करवाई| ताकि संक्रमित मरीजों की सही संख्या का पता चल सके। इसके बाद इन्होने मरीजों के बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल लखीसराय रेफर करने के साथ ही पीएचसी में ही कोरोना मरीजों की इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की । वहीं कोरोना संक्रमित मरीजों को घर में ही आइसोलेट होकर अपना ख्याल रखने की बात बताते हैं।
टीम बनाकर गांव – गांव भ्रमण कर लोगों को जागरूक करने का निर्णय लिया-
रामगढ़ चौक पीएचसी के ब्लॉक हेल्थ मैनेजर ने बताया कि जिले में वैक्सीनेशन के प्रति लोगों में कुछ भ्रांतियों के कारण उनका वैक्सीनेशन के लिए आगे नहीं आना एक गंभीर चुनौती बनते जा रही थी। इसके बाद मैंने एएनएम और आशा कार्यकर्ता के साथ एक टीम बनाकर गांव – गांव भ्रमण कर लोगों को जागरूक करने का निर्णय लिया। इसका ही आज सुखद परिणाम है कि गांवों में जहां लोग कुछ भ्रांतियों के कारण वैक्सीन लगवाने से दूर भाग रहे थे वहीं आज भारी संख्या में लोग विभिन्न सेशन साइट पर आ रहे हैं।

होम आइसोलेटेड मरीजों की एच आईटी एप से की जा रही है ट्रैकिंग :
उन्होंने बताया कि इन दिनों एच आईटी एप के माध्यम से घर – घर जाकर होम आइसोलेटेड कोरोना संक्रमित मरीजों की ट्रैकिंग की जा रही है । इसके तहत एएनएम के नेतृत्व में एक टीम होम आइसोलेटेड मरीज के घर जाकर थर्मामीटर से मरीज के शरीर का तापमान और ऑक्सीमीटर से मरीज का ऑक्सीजन लेवल मापने के बाद उसी वक्त ऑनलाइन अपडेट भी कर देती है।
ब्लॉक मैनेजर ने प्रेरित किया फिर कई लोगों ने कोरोना का टीका लगवाया-
रामगढ़ चौक पीएचसी क्षेत्र के महसौरा गांव के रहने वाले हरे राम सिंह ने बताया पहले कुछ लोगों ने मेरे मन में वैक्सीन को लेकर कुछ गलतफहमियां पैदा कर दी थी । इसके बाद रामगढ़ चौक पीएचसी के ब्लॉक मैनेजर ने बताया कि यह वैक्सीन कोरोना की बीमारी से बचाने के लिए पूरी तरह कारगर और सुरक्षित है। इससे किसी भी तरह की कोई बीमारी या परेशानी नहीं होती है। इसके बाद मैंने कोरोना का टीका लगवाया है। इसके बाद में आज बिल्कुल स्वस्थ्य हूँ |मुझे किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है।
इसी गांव की रहने वाली माया देवी ने बताया कि पहले मेरे साथ- साथ गांव के लगभग सभी लोगों के मन में वैक्सीन को लेकर यह भ्रांति थी कि वैक्सीन लगवाने के बाद लोगों में बहुत सारी परेशानियां पैदा होने लगती है। यहां तक कि लोगों की मौत भी हो जाती है। इसके बाद बीएचएम साहब ने जब बताया कि वैक्सीन से कोई खतरा नहीं है यह बिल्कुल सुरक्षित है तो जान में जान आई। इसके बाद मैंने भी कोरोना वैक्सीन लगवाई और आज मैं पूरी तरह से स्वस्थ्य हूं। वैक्सीन लगवाने के बाद मुझे किसी प्रकार कि कोई परेशानी नहीं हुई। मैं अपनी ओर से लोगों से यही अपील करना चाहूँगी कि सभी लोग वैक्सीन लगवाएं ताकि जल्द से जल्द जिला को कोरोना संक्रमण से मुक्त बनाया जा सके।

लॉकडाउन का असर : जिले में थमने लगी संक्रमण की रफ्तार, पर अभी और सावधान रहने की जरूरत

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– राहत की खबर : 10 दिनों में 17, 711 लोगों ने कराई जाँच, मात्र 494 लोग मिले संक्रमित
– गाइडलाइन का पालन और लोगों की सतर्कता से आई कमी, अभी और इसी तरह बनाएं रखें धैर्य

खगड़िया, 24 मई-
जिले लॉकडाउन का सकारात्मक असर दिखने लगा है। बीते 10 दिनों के अंदर जिले के विभिन्न जगहों पर आयोजित कोविड-19 वैक्सीनेशन शिविर में कुल 17, 711 लोगों ने जाँच कराई। जिसमें सबसे बड़ी राहत की यह खबर रही है इनमें मात्र 494 लोग संक्रमित पाए गए। जो गाइडलाइन का पालन और लोगों की सतर्कता का जीता-जागता सबूत है। किन्तु, अभी और सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। क्योंकि, भले संक्रमण की रफ्तार में कुछ कमी आई है पर इस महामारी का दौर नहीं खत्म हुआ है| इसलिए, अभी और सभी लोगों को इस महामारी से बचाव के लिए धैर्य के साथ सतर्कता और सावधानी बरतने की जरूरत है। तभी इस महामारी से स्थाई निजात की उम्मीद है।

– सामाजिक सहयोग से रफ्तार में आई कमी :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, संक्रमण की रफ्तार को रोकने के लिए लगातार आवश्यक और जरूरी कदम उठाए जा रहें हैं| सामुदायिक स्तर पर भी लोगों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। आगे भी इसी तरह से जिले वासियों से सकारात्मक सहयोग की उम्मीद है। क्योंकि, सामाजिक सहयोग भी संक्रमण की रफ्तार में कमी लाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है |

– लाॅकडाउन के दौरान 23, 340 लोगों का हुआ वैक्सीनेशन :
लाॅकडाउन अवधि के दौरान 05 मई से 23 मई तक जिले में 23 हजार 340 लोगों का वैक्सीनेशन हुआ। जबकि, वैक्सीनेशन शुभारंभ के बाद से अबतक कुल 01 लाख 33 हजार, 681 लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है।

– संक्रमितों की संख्या घटी तो स्वस्थ होने वालों की संख्या बढ़ी :
जिले में लाॅकडाउन के दौरान धीरे-धीरे ही सही, पर संक्रमण की रफ्तार कमी आई है। जिसके कारण लगातार संक्रमित होने वाले मरीजों की संख्या घटने लगी है और मिलने वाले मरीजों के सापेक्ष दुगुनी संख्या में लोग स्वस्थ भी हो रहे। जो स्वास्थ्य विभाग का सजगता और लोगों की जागरूकता का परिणाम है। इस महामारी से बचाव के लिए लोगों को लगातार स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूक भी किया जा रहा है।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर रहें :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– लाॅकडाउन का पालन कर पुलिस-प्रशासन का सहयोग करें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।

21 टीकाकरण रथ को जिलाधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

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प्रखंड और पंचायतवार लोगों का किया जाएगा टीकाकरण

जिले के लोगों को अब ऑन द स्पॉट टीका भी दिया जाएगा

भागलपुर, 24 मई-
जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने सोमवार को समाहरणालय स्थित डीआरडीए परिसर से 21 टीकाकरण रथ सह जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि आज रवाना किए जा रहे टीकाकरण सह जागरूकता रथ के माध्यम से प्रखंडवार और पंचायतवार न केवल आम नागरिकों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा, बल्कि निर्धारित आयुवर्ग के व्यक्तियों को ऑन द स्पॉट टीका भी दिया जाएगा।

टीकाकरण कार्य के संचालन के लिए प्रत्येक रथ के साथ एएनएम और अन्य चिकित्सा कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान समय में टीकाकरण ही वायरस जनित कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सबसे विश्वसनीय माध्यम है। इसलिए निर्धारित आयु वर्ग के प्रत्येक व्यक्ति को टीका अवश्य लेना चाहिए। टीकाकरण रथ की रवानगी के अवसर पर सिविल सर्जन एवं अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी भी मौजूद थे। इस दौरान लोगों को मास्क पहनने और सामाजिक दूरी का पालन करने की अपील भी की गई।

नवगछिया में भी जागरूकता रथ को किया रवाना: जिलाधिकारी, सिविल सर्जन और अन्य अधिकारी डीआरडीए में जागरूकता रथ को रवाना करने के बाद नवगछिया अनुमंडल अस्पताल पहुंचे। वहां भी टीकाकरण के लिए जागरूकता रथ और चलंत कोरोना जांच वाहन को रवाना किया। अनुमंडल अस्पताल प्रभारी डॉ. वरुण कुमार ने बताया कि जागरूकता रथ के जरिये क्षेत्र में टीकाकरण अभियान को तेज किया जाएगा। साथ ही चलंत जांच वाहन से अधिक से अधिक लोगों की कोरोना जांच की जाएगी। मालूम हो कि नवगछिया के एक गांव में भोज खाने से कोरोना का संक्रमण काफी पसर गया है। इस वजह से एक सौ से ज्यादा लोग संक्रमित हो गए हैं। इसलिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का ध्यान वहां पर अभी ज्यादा है।

कोरोना की तीसरी लहर को लेकर 10 बेड रखें तैयार: इसके बाद जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने बिहपुर सीएचसी एवं इंटरस्तरीय मधुसूदन सर्वोदय उच्च विद्यालय में चल रहे 18 एवं 45 प्लस लोगों के लिए बने कोरोना टीकाकरण केंद्र का औचक निरीक्षण किया। साथ में सिविल सर्जन डॉ उमेश शर्मा एवं डीपीएम फैजान असरफी और एडीएम राजेश कुमार झा राजा भी मौजूद थे। इसके बाद डीएम ने चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर मुरारी पोद्दार को कोरोना की आने वाली तीसरी लहर को लेकर 10 बेड का कोविड केयर सेंटर ऑक्सीजन पाइपलाइन के साथ तैयार रखने का निर्देश दिया। साथ ही बीडीओ सतीश कुमार को जंबो ऑक्सीजन खरीदकर अपडेट रखने का और सीएचसी के प्रथम तल पर एक अर्धनिर्मित रूम को तैयार करने का निर्देश दिया।

बांका जिले में मोबाइल वैन के जरिये टीकाकरण शुरू

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सभी 12 प्रखंडों में आरबीएसके की टीम अभियान में जुटी
पंचायतों में केंद्र बनाकर लोगों का किया जा रहा टीकाकरण
बांका, 24 मई-

कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। पहले जांच और इलाज, अब टीकाकरण अभियान में तेजी लाई जा रही है। स्वास्थ्यकर्मियों, फ्रंटलाइन वर्करों, बुजुर्गों और 45 साल से अधिक उम्र के लोगों के साथ 18 से 44 साल के युवाओं का भी टीकाकरण अभी चल रहा है। इसे और गति देने के लिए सोमवार से जिले के सभी 12 प्रखंडों में मोबाइल वैन के जरिये टीकाकरण शुरू किया गया है। मोबाइल वैन में आरबीएसके की टीम है, जो पंचायतों में बने टीकाकरण केंद्र पर लोगों को कोरोना का टीका लगा रही है।
सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने बताया कि जिले में टीकाकरण अभियान काफी सकारात्मक तरीके से चल रहा है। कोरोना का टीका लेने में जिले के लोग भी काफी उत्साह दिखा रहे हैं। इसी उत्साह को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को एक और कदम आगे बढ़ाया है। आरबीएसके की टीम अब पंचायतों में जा-जाकर लोगों का टीकाकरण करेगी। इससे टीकाकरण अभियान को और गति मिलेगी। जितने ज्यादा से ज्यादा लोग कोरोना का टीका लेंगे, संक्रमण की चेन को तोड़ने में उतनी मदद मिलेगी।

किसी दुविधा में नहीं रहेः कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग लगातार गाइडलाइन जारी कर रहा है। इसमें टीका के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। गाइडलाइन में यह बताया जा रहा है कि किसे टीका लेना चाहिए और किसे नहीं। 18 साल से अधिक उम्र के लगभग सभी लोगों को टीका लेने के लिए योग्य माना गया है। सिर्फ जो लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं, उन्हें तीन महीने बाद टीका लेना है। बाकि सभी लोग टीका ले सकते हैं। फिर भी अगर किसी तरह की दुविधा हो कि हमें टीका लेना चाहिए या नहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम टीकाकरण केंद्र पर तैनात रहती है, जो आपको गाइड करेगी। उचित सलाह देगी।
जिले में मोबाइल जांच पहले से ही चल रहीः मालूम हो कि कोरोना को मात देने के लिए जिले में पहले से ही मोबाइल वैन के जरिये लोगों की जांच चल रही है। जिले के सभी प्रखंडों में स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव जाकर लोगों की जांच रही है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे होम आइसोलेशन में भेज दिया जाता है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग का किट दिया जा रहा है। किट में कोरोना से बचाव के लिए दवा रहती है, जिसका डोज लेने की सलाह मरीज को दी जा रही है।

कोरोना की गाइडलाइन का करें पालनः कोरोना से बचाव के लिए गाइडलाइन का पालन करना बहुत जरूरी है। इस बीमारी को खत्म करने में सतर्कता की बहुत बड़ी भूमिका है। लोग जितना सतर्क रहेंगे, उतना ही जल्द कोरोना खत्म होगा। इसलिए घर से बाहर निकलते वक्त मास्क लगाएं। भीड़भाड़ में जाने से बचें। सामाजिक दूरी का पालन करें और दो गज की दूरी बनाकर रहें। घर में भी एक-दूसरे से बातचीत करते वक्त मास्क को लगाकर रखें। ऐसा करते रहने से कोरोना की चपेट में आने से बचे रहेंगे और दूसरे लोग भी संक्रमित नहीं होंगे।

“चिकित्सा, शिक्षा व रोजगार में बिहार सरकार फेल – राजीव राज

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जय हिंद नेशनल पार्टी- जेएनपी इंडिया, के रिसर्च टीम ने बिहार के विभिन्न मापदंडों जैसे जनसंख्या, गरीबी, शिक्षा, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, कानून और व्यवस्था, आदि पर सांख्यिकीय विश्लेषण पर काम किया है और पाया है कि ये स्थिति एक साल में बिगड़ी नहीं बल्कि कई वर्षों से कोई काम नहीं हुआ है।
इन सभी मापदंडों को राज्य में विभिन्न सत्तारूढ़ सरकार द्वारा बुरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया और इसके परिणामस्वरूप स्थिति काफी गंभीर हो गई है।
जय हिन्द नेशनल पार्टी – जेएनपी इंडिया के पटना जिलाध्यक्ष राजीव राज ने कहा – वर्तमान बिहार सरकार चिकित्सा, शिक्षा व युवाओं को रोजगार देने में असफल साबित हो रही है। वैसे तो राज्य में बहुतेरे मामले हैं जिसमें राज्य की जग हंसाई विदित है। हत्या, डकैती, अपहरण, महिलाओं का शोषण, बलात्कार चरम पर है।
यह सच है कोरोना महामारी काल में राज्य की चिकित्सा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार व विधि व्यवस्था जग जाहिर हो गई। न चिकित्सक, न बेड, न ऑक्सीजन, न दवाई सब कमी सामने आ गया। यहां तक कि सत्तासीन मंत्री, विधायक व विधायक के परिजन को भी पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था न मिल पाने के कारण बेड व वेंटिलेटर की कमी से मौत को गले लगाना पड़ा तो आम जन की सुविधा की बात ही व्यर्थ है।
पटना हाईकोर्ट द्वारा बार–बार चिकित्सा व्यवस्था पर नोटिस करना सरकार की निर्लज्ता पर प्रश्नचिन्ह है। राज्य में उद्योग–धंधे नहीं होने की वजह से युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन को मजबूर होते हैं। आखिर सरकार 15 वर्षों में एक भी उद्योग–धंधे स्थापित करने में असफल क्यों है? क्यों युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा है?
वर्तमान सरकार सिर्फ़ सत्ता के लिए और सत्ता पर काबिज रहने के लिए कार्य कर रही है। सत्ता का मोह सरकार को ले डूबेगी। बिहार के लोग इस निरंकुश सरकार से हर मोर्चे पर त्रस्त हो चुकी है, इसलिए जनता अब राज्य में तीसरा विकल्प तलाश रही है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.आशीष श्रीवास्तव का मानना है कि बिहार की संभावनाओं और साख को बुरी तरह से नजरअंदाज किया गया और इसका दुरुपयोग किया गया और इसकी वजह से बिहार एक गरीब राज्य बन गया, बजाय इसके कि यह सबसे अमीर राज्य हो। पार्टी का मानना है कि ” बिहार जैसा बड़ा राज्य, अवसरों का सबसे बड़ा स्रोत होना चाहिए”, जो अब तक नहीं हो सका है।
नाम को पुनर्जीवित करने और बिहार को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए, बिहार को निश्चित रूप से जेएनपी इंडिया के नाम पर एक सकारात्मक वैकल्पिक सरकार की आवश्यकता है, जो शिक्षित, प्रतिबद्ध हो और बिहार के लोगों को स्थायी समाधान दे सके। बिहार के लोगों को राज्य के पुनरुद्धार और विकास के लिए अपने मिशन पर जेएनपी इंडिया का समर्थन करना चाहिए।
जेएनपी इंडिया, बिहार के लोगों को उनके मूल अधिकारों के बारे में जागरूक करना चाहती है और उन्हें विभिन्न आँकड़ों के बारे में भी बताती है जो बिहार के लिए सही नहीं हैं। बिहार में स्थितियों को सुधारने के लिए सभी को आगे आना होगा।
जेएनपी इंडिया ने सभी संबंधितों से जवाब मांगा:बिहार के लोगों की ऐसी दयनीय स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार है?
जनसंख्या : 12.85 करोड़। बिहार जनसंख्या में नंबर 2 पर है। गरीबी:: बिहार भारत का 2 दूसरा सबसे गरीब राज्य है। अभी भी, 4करोड़ से अधिक लोग (बीपीएल) गरीबी रेखा से नीचे रह रहे हैं। इतना बड़ा राज्य, लेकिन फिर भी समृद्धि नहीं। शिक्षा: बिहार शिक्षा की गुणवत्ता में अंतिम स्थान पर है। अभी भी बिहार में 5 करोड़ से अधिक लोग निरक्षर हैं।भ्रष्टाचार : बिहार भारत का (02nd) दूसरा सबसे भ्रष्ट राज्य है।न्यायपालिका: भारत के विभिन्न न्यायालयों में उच्चतम लंबित मामले (>30 लाख) बिहार से है।
कानून व्यवस्था : बिहार में अपराध दर हमेशा बहुत अधिक रही है।नौकरियां: बिहार में बेरोजगारी दर 46.6% बहुत अधिक है। नौकरी के अवसर नहीं। शिक्षित युवा बेरोजगार हैं।प्रवासन दर: बिहार से प्रवासन दर बहुत अधिक है। क्यों हमें नौकरी पाने के लिए अपना राज्य छोड़ना पड़ता है।
प्रेसवार्ता के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने बिहार की जनता से अनुरोध किया कि शिक्षित समाज,पढ़े लिखे युवा,महिलाओं को आगे आना चाहिए और एक सकारात्मक बदलाव का भागीदार बनना चाहिए। आगामी चुनावों में जयहिंद नेशनल पार्टी (जेएनपी इंडिया) सभी सीटों पर बिहार में अपना पार्टी उम्मीदवार उतारेगी। वार्ता के दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. राजीव मिश्रा भी उपस्थित थे।

राज्य में एचआईटी एप पर डाटा अपलोड करने वाला अग्रणी जिला बना जमुई : डीएम

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– डाटा अपलोड के लिए 109 एएनएम को किया गया प्रतिनियुक्त।

– नामित एप पर 520 में से 477 कोरोना संक्रमितों का डाटा अपलोड।

– जमुई में एचआईटी एप पर डाटा अपलोड करने का काम शुरू।

जमुई, 22 मई –
जमुई जिला एच आईटी एप पर कोरोना संक्रमित लोगो का डाटा अपलोड करने के मामले मे राज्य मे अग्रणी जिला बन गया है। जिले के प्रखंडों मे होम आइसोलेशन मे उपचाराधीन 520 कोरोना संक्रमित मे 477 से सम्बंधित डाटा एच आईटी एप अपलोड किया जा चुका है। यह जानकारी जमुई के जिलाधिकारी अवनीश कुमार सिंह ने दी है। उन्होंने बताया इस काम मे 109 एएनएम को प्रतिनियुक्त किया गया है। आगे कहा कि जिले के सभी प्रखंडों के ग्रामीण इलाकों में होम आइसोलेशन ट्रैकिंग (एचआईटी) एप पर कार्यारंभ हो गया है।प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी , एएनएम के साथ अनुश्रवण एवं मूल्यांकन सहायकों के द्वारा कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति जो घर पर ही पृथक – वास में हैं उनकी ट्रैकिंग कर उनके घर पर ही जाकर उनका तापमान और ऑक्सीजन लेवल की जांच कर उसे एचआईटी एप पर अपलोड करने लगे हैं। उन्होंने सम्बंधित जनों को इस कार्य में तेजी लाए जाने का निर्देश देते हुए कहा कि कोरोना वायरस को परास्त करने के लिए यह सशक्त माध्यम है।
उन्होंने ने आगे कहा कि जिले के संक्रमित व्यक्तियों का ऑक्सीजन लेवल और तापमान की जांच कर सम्बंधित पोर्टल पर अपलोड किए जाने के लिए कुल 109 एएनएम को प्रतिनियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक जिले के सभी प्रखंडों के ग्रामीण इलाकों में पृथक – वास में निवासित कुल 520 कोरोना संक्रमित व्यक्तियों में से 477 लोगों को इस एप के माध्यम से ट्रैक कर उनका ऑक्सीजन स्तर और तापमान अपलोड किया जा चुका है और शेष कार्य प्रगति पर है।
जिलाधिकारी ने हर्ष प्रकट करते हुए कहा कि जिले के पदाधिकारियों , चिकित्सकों , स्वास्थ्यकर्मियों के भागीरथी प्रयास से जमुई जिला इस एप के माध्यम से कोरोना संक्रमित व्यक्तियों को ट्रैक कर अपलोड करने में राज्य में अग्रणी जिला के रूप में नामित किया जाने लगा है।
उन्होंने कोरोना वायरस को हराने के लिए पदाधिकारियों, कर्मियों के साथ जिलावासियों से सकारात्मक सहयोग की अपील की।

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में समाजसेवियों ने किया सहयोग

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केयर इंडिया के कर्मियों को समाजसेवियों ने दिए पीपीई किट

क्षेत्र में काम करने के दौरान कोरोना से कर्मियों की होगी सुरक्षा

भागलपुर, 22 मई।

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में स्वास्थ्य विभाग तो जी-जान से जुटा हुआ ही है, समाजसेवियों का भी इसमें सहयोग मिल रहा है। शनिवार को सदर अस्पताल के पास स्थित केयर इंडिया के ऑफिस में मंजूषा गुरु मनोज कुमार पंडित और किंडर गार्डेन स्कूल के काशीकांत सिंह ने डीटीएल निनकुश अग्रवाल को 10 पीपीई किट दिए। इस मौके पर ज्ञानोदय प्रकाश, मनोज कुमार, आलोक कुमार, जितेंद्र कुमार, रवि, शानू, पूजा, दीपा, अभिजीत, सौरव, संतोष, इंतखाब आदि मौजूद थे। मौके पर केयर इंडिया के अधिकारियों और कर्मियों ने समाजसेवियों के प्रति अभार जताया।

इस दौरान मंजूषा गुरु मनोज कुमार पंडित ने कहा केयर इंडिया के कर्मी स्वास्थ्यकर्मियों के साथ-साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हैं। हमेशा क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं। कोरोना मरीजों की ट्रेसिंग से लेकर उनके बेहतर इलाज के काम में लगे रहते हैं। कोरोना की जांच से लेकर इलाज और टीकाकरण के काम में केयर इंडिया के कर्मी महत्पवूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में इनका कोरोना से सुरक्षित रहना बहुत जरूरी है। इसलिए हमलोगों ने केयर इंडिया के कर्मियों को पीपीई किट बांटने का फैसला किया। इससे इन्हें क्षेत्र में काम करने के दौरान इन्हें कोरोना से सुरक्षा मिलेगी, जिससे ये लोग अपना काम स्वतंत्र होकर कर पाएंगे।

कोरोना के प्रति जागरूक करने का लिया संकल्पः कार्यक्रम के दौरान सभी लोगों ने कोरोना के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया। साथ ही दूसरे लोगों को भी जागरूक करने पर प्रतिबद्धता जताई। समाजसेवियों ने कहा कि हमारा काम समाज के लोगों के बीच होता है, इसलिए हमलोग जहां-जहां भी जाएंगे लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करते रहेंगे। वहीं केयर इंडिया के अधिकारियों और कर्मियों ने कहा कि हमलोग भी क्षेत्र में काम करते रहने के दौरान लोगों को जागरूक करते रहते हैं। आगे और करेंगे। साथ में खुद और परिवार के लोग भी कोरोना के प्रति हमेशा जागरूक रहेंगे।

कोरोना की गाइडलाइन का करें पालनः कार्यक्रम के दौरान मौके पर मौजूद सभी लोगों ने कोरोना की गाइडलाइन का पालन करने की बात कही। घरों से बाहर निकलते वक्त मास्क पहनने की अपील की गई। साथ ही भीड़भाड़ में नहीं जाने की बात भी कही गई। हर हाल में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए दो गज की दूरी बनाए रखने को कहा गया। इस तरह की सावधानी घर में बरतने की अपील की गई। कहा गया कि अगर घर में भी एक-दूसरे से बात करते वक्त दो गज की दूरी का पालन करें। संभव हो तो मास्क भी लगा लें। ऐसा करते रहने से कोरोना की चपेट में आने से बचे रहेंगे।

कोरोना के खिलाफ हर मोर्चे पर है बेहतर इंतजामः सिविल सर्जन

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जांच, इलाज से लेकर टीकाकरण का बेहतर तरीके से चल रहा काम
कोरोना के लक्षण दिखने पर तत्काल जांच करा अपना इलाज शुरू करे

बांका, 22 मई

एक तरफ कोरोना की दूसरी लहर के बीच जिले के काफी संख्या में लोग कोरोना की चपेट में आए, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की बेहतर तैयारी की वजह से कोरोना के मामले अब कम होने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग की मेहनत का ही नतीजा है कि अब जिले में संक्रमितों की तुलना में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। जिले में पंचायत स्तर तक जांच, इलाज से लेकर टीकाकरण की व्यवस्था है और जिले के लोग इसका लाभ भी उठा रहे हैं। घर-घर जाकर मरीजों की देखभाल हो रही है। टेलीफोन के जरिये भी मरीजों के स्वास्थ्य का हाल जाना जा रहा है। अगर किसी मरीज को कोई परेशानी होती है तो स्वास्थ्य विभाग की टीम तत्काल घर जाकर उसका इलाज करती है।
सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो कहते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर से हमलोग डटकर मुकाबला कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम हर मोर्चे पर तैयार है और हमारी टीम कोरोना उन्मूलन को लेकर जी तोड़ मेहनत कर रही है। किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं होने दी जा रही है। पंचायत तक जांच से लेकर टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध है। जिले में टीकाकरण अभियान भी सुचारू तरीके से चल रहा है। लोगों से मेरी यही अपील है कि अपने निजी केंद्रों पर जाकर कोरोना का टीका लें। जितने अधिक लोगा टीका लेंगे, कोरोना पर हम उतनी जल्दी विजय पा लेंगे। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी के साथ लोगों का सहयोग भी जरूरी है।
होम आइसोलेशन में मरीजों की हो रही लगातार जांचः सिविल सर्जन ने कहा कि जिन मरीजों का होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा है, उनकी लगातार स्वास्थ्य जांच हो रही है। स्वास्थ्यकर्मी घर जाकर ऑक्सीजन लेवल से लेकर मरीजों की स्थिति को देखकर दवा दे रहे हैं। यह काम जिले के सभी प्रखंडों में चल रहा है। इसलिए अगर किसी को भी कोरोना के लक्षण का आभास भी हो तो तत्काल पास के जांच केंद्र पर जाकर अपनी जांच कराएं। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर अपना इलाज शुरू कर दें।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम कर रही कड़ी मेहनतः वहीं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने बताया शहरी क्षेत्र में कोरोना के खिलाफ लगातार अभियान चल रहा है। हमारी टीम कड़ी मेहनत कर रही है। कंटेनमेंट जोन में जाकर होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों की लगातार जांच हो रही है। जांच के बाद उन्हें दवा उपलब्ध करवाई जा रही है। कोरोना को हराने के लिए इलाज के साथ उचित व्यवहार भी जरूरी है। इसलिए घर से बाहर निकलते वक्त मास्क लगाएं और भीड़भाड़ से बचें। सामाजिक दूरी का पालन करें और एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी को बनाएं रखें। ऐसा करने से आप कोरोना की चपेट में आने से बचे रहेंगे और दूसरे लोग भी संक्रमित नहीं होंगे।