उर्वशी डांस म्यूजिक आर्ट कल्चरल सोसायटी जैसी संस्था को आगे लाने की जरूरत है- इकबाल दुर्रानी

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– गेस्ट ऑफ आनर के रूप में कत्थक डायरेक्टर सुमन कुमार और मारवाह स्टुडियो के डायरेक्टर संदीप मारवाह मौजूद थे

नईदिल्ली-

उर्वशी डांस म्यूजिक आर्ट एंड कल्चरल सोसायटी ने दो दिवसीय कत्थक नृत्य महोत्सव का आयोजन त्रिवेणी कला संगम नईदिल्ली में आयोजन किया गया। इस महोत्सव का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद प्रसिद्ध प्रोड्यूसर इकबाल दुर्रानी, कत्थक डायरेक्टर सुमन कुमार और मारवाह स्टुडियो के डायरेक्टर संदीप मारवाह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर इकबाल दुर्रानी ने कहा कि उर्वशी डांस म्यूजिक आर्ट कल्चरल सोसायटी जैसी संस्था को आगे लाने की जरूरत है। जो ऐसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया है। दुर्रानी ने कहा कि उन्होंने ने भी इसी त्रिवेणी में पहला पर्फोमेंस दिया था। जिससे उऩकी यादें जुडी हैं। इस मौके पर कत्थक डायरेक्टर सुमन कुमार ने कहा कि ऐसी परफोर्मेंस कम ही देखने को मिलती है। उर्वशी संस्था लगातार कलाकारों को आगे बढ़ाता रहा है। संदीप मारवाह ने कलाकारों को शुभकामना देते हुए कहा कि सुर ताल हुनार का कमाल कार्यक्रम की शुरुआत उनकी स्टुडियो से हुई जिसका आज यहां परफोर्मेंस देखकर काफी खुशी हो रही है। हमारा स्टुडियों नवोदित कलाकारों के लिए सदा खुला है।

इस मौके पर उर्वसी डांस म्यूजिक आर्ट एंड कल्चरल सोसायटी के संयोजक उमेश शर्मा ने कहा कि कत्थक मनुष्य के शारीरिक क्षमता को दैविक रूप से बढ़ा देता है। उर्वसी विगत कई वर्षों से ऐसे कार्यक्रम करता रहा है लेकिन कोरोना के बाद यह पहला कार्यक्रम है जिसमें दर्शकों और कलाकारों को उत्साह देखते ही बना है।

इस मौके पर उर्वसी डांस म्यूजिक आर्ट एंड कल्चल सोसायटी की प्रेसिडेंट रेखा मेहरा ने कहा कि उनका हमेशा से यह उद्देश्य रहा है कि कलाकारों को आगे लाया जाए। इसके लिए संस्था लगातार कार्य करता रहा है। इसी कड़ी में आज यह कार्यक्रम की शुरुआत हुई है जो दो दिनों तक चलेगा। जिसमें कई परफोर्मेंस होंगे।

आज यानी 20 मार्च को सुर ताल हुनार का कमाल की कत्थक डांसर विजेता व्रिति गुजराल, ओडिशी डांस विजेता अर्चिता आर्या ने शुरुआत में परफोर्मेंस देकर दर्शकों को मन मोह लिया।

इस खास मौके पर कोरियोग्राफर एसएनए अवार्डी गुरु प्रेरणा श्रीमाली के परफोर्मेंस को देखकर दर्शक मन मुग्ध हो गए।

दर्शकों को इंतजार था पद्रमश्री शोभना नारायण का के परफोर्मेंस का। जब उन्होंने अपना परफोर्मेंस दिए तो दर्शक वाह वाह करने लगे। शोभना नारायण ने जहां बड़े सहजता से अपने परफोर्मेंस दिए वहीं कई नए कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।

इसमौके पर कत्थक कोरियोग्राफी कत्थक एसएनए अवार्डी गुरु सस्वती सेन ने अपने परफोर्मेंस से दर्शकों कोअपनी ओर खीचा।

गौरतलब है किइस दो दिवसीय कत्थक महोत्सव का पहला दिन थ। 21 मार्च को भी कई और महत्वपूर्ण परफोर्मेंस होने हैं। जिसे दर्शकों का इंतजार है। दो दिवसीय कत्थक नृत्य महोत्सव का आयोजन में देश के कई नामी कत्थक नृत्यक तो भाग ले रहे हैं ही जहां युवा प्रतिभा को आगे आने का मौका मिलेगा। उर्वसी डांस म्यूजिक आर्ट एंड कल्चरल सोसायटी प्रत्येक वर्ष ऐसे कार्यक्रम करता है जिसकी चर्चा देशभर में होती है।

शिशु को डायरिया- निमोनिया से बचाने के लिए नियमित स्तनपान जरूरी

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– शिशु का जन्म के पहले एक घंटे में स्तनपान करना बनेगा जीवन का वरदान

लखीसराय-

कोरोना संक्रमण के दूसरे लहर की कई राज्यों में शुरुआत हो चुकी है. ऐसे दौर में शिशुओं को सुरक्षित रखने के लिए उनके रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने की जरूरत है. शिशुओं के भी पोषण का खास ख्याल रखा जाना जरूरी है। शिशुओं के लिए आधारभूत पोषण में स्तनपान मुख्य रूप से शामिल है। बच्चे के सम्पूर्ण शारीरिक और मानसिक विकास के लिए माँ का दूध जरूरी है। माँ के दूध के अलावा 6 महीने तक के बच्चे को ऊपर से पानी देने की भी जरूरत नहीं होती है। स्तनपान कराने से बच्चे में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होने के साथ वह कई अन्य रोगों से सुरक्षित भी रहते हैं. डायरिया एवं निमोनिया जैसे रोग भी नियमित स्तनपान के कारण बच्चों पर हावी नहीं हो पाते हैं.
निमोनिया- डायरिया से बसी बच्चों को बचाने के लिए शुरूआती स्तनपान जरुरी: जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार भारती ने बताया डायरिया व निमोनिया से बचाव में स्तनपान बहुत ही कारगर है। माँ के दूध की महत्ता को समझते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी यह सुनिश्चित कराया जा रहा है कि जन्म के तुरंत बाद कंगारू मदर केयर तकनीक अपनाते हुए बच्चे को माँ की छाती पर रखकर स्तनपान की शुरुआत लेबर रूम के अंदर ही की जाए. साथ ही माँ को स्तनपान की स्थिति, बच्चे का स्तन से जुड़ाव और माँ के दूध निकालने की विधि को समझाने में भी नर्स द्वारा पूरा सहयोग किया जाता है ताकि कोई भी बच्चा अमृत समान माँ के दूध से वंचित न रह जाये।

उन्होंने बताया कि यदि बच्चे को जन्म के पहले एक घंटे के अंदर माँ का पहला पीला गाढ़ा दूध पिलाया जाये तो ऐसे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। बच्चे को छ्ह माह तक लगातार केवल माँ का ही दूध दिया जाना चाहिए और इसके साथ किसी अन्य पदार्थ जैसे पानी, घुट्टी, शहद, गाय अथवा भैंस का दूध नहीं देना चाहिए, क्योंकि 6 माह तक केवल स्तनपान सम्पूर्ण मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए सम्पूर्ण आहार के रूप में काम करता है। बच्चे को हर डेढ़ से दो घंटे में भूख लगती है। इसलिए बच्चे को जितना अधिक बार संभव हो सके माँ का दूध पिलाते रहना चाहिए। माँ का शुरुआती दूध कम होता है लेकिन वह बच्चे के लिए पूर्ण होता है। अधिकतर महिलाएं यह सोचती हैं कि उनका दूध बच्चे के लिए पूरा नहीं पड़ रहा है और वह बाहरी दूध देना शुरू कर देती हैं जो कि एक भ्रांति के अलावा और कुछ भी नहीं है। माँ के दूध में भरपूर पानी और पोषक तत्व होते हैं इसलिए बच्चे को बाहर का कुछ देने की जरूरत नहीं होती।

कोविड-19 का वैक्सीन लेने के बाद भी गाइडलाइन का जारी रखें पालन

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– कोविड-19 से स्थाई निजात के लिए वैक्सीन के साथ सतर्कता जरूरी
– संक्रमण वायरस से बचाव के लिए सामुदायिक स्तर पर लोगों का सहयोग जरूरी

खगड़िया-
देश में कोविड-19 वायरस की ताकत अबतक पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है | देश के विभिन्न प्रदेशों से संक्रमण को लेकर खबरें आ रही हैं। बिहार में भी कोविड-19 संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं | ऐसे में सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। हालाँकि, दूसरों प्रदेशों के हालात को देखते हुए स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह सजग है| संक्रमण में वृद्धि नहीं हो, इसके मद्देनजर हर जरूरी कदम भी उठाये जा रहे हैं। किन्तु, स्वास्थ्य विभाग के साथ हमें भी एकबार फिर से सतर्क और सावधान रहकर संक्रमण के दायरे को रोकने में सहयोग दर्ज करने की जरूरत है। ताकि खुद के साथ पूरा समाज कोविड-19 संक्रमण से दूर रह सके । बीते वर्ष आपने ही अपनी संयम और सावधानी से संक्रमण को काबू किया था। इसलिए, एकबार फिर से आपको उसी संयम और सावधानी की जरूरत है।

– संक्रमण को समाप्त करने के लिए जोर-शोर के साथ चल रहा है वैक्सीनेशन अभियान :-
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया कि देश के विभिन्न प्रदेशों के साथ-साथ बिहार में भी संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं | ऐसे में संक्रमण की ताकत को खत्म करने एवं लोगों की रोग प्रतोरोधक क्षमता ( इम्युनिटी) को बढ़ाने के लिए जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर पूरे जोर-शोर के साथ वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। इसके साथ कोविड-19 जाँच भी की जा रही है। ताकि कोविड-19 संक्रमण को पूरी तरह जड़ से मिटाया जा सके और लोगों को इस वैश्विक महामारी से पूरी तरह सुरक्षित किया जा सके । इसके लिए सामाजिक स्तर पर लोगों में जागरूकता भी आई है और लोग इसे सफल बनाने के लिए आगे आकर वैक्सीन भी ले रहे हैं। किन्तु, इसे पूरी तरह जड़ से मिटाने के लिए सामुदायिक स्तर पर लोगों के और सहयोग की जरूरत है। देश के अन्य प्रदेशों के हालात को देखते हुए हमें भी सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह सजग और सावधान है।

– वैक्सीनेशन के बाद सतर्कता भी जरूरी :-
कोविड-19 संक्रमण को पूरी तरह जड़ से खत्म करने के लिए सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह कटिबद्ध है और इसके लिए लगातार वैक्सीनेशन सेंटरों पर वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। ताकि कोविड-19 वायरस पूरी तरह जड़ से खत्म हो सके और पूरा समाज इस वैश्विक महामारी से स्थाई रूप से दूर सके । किन्तु, इसके लिए हर व्यक्ति को वैक्सीन लेना जरूरी है ही, इसके अलावा वैक्सीनेशन के साथ और बाद भी गाइडलाइन का पालन रखना जरूरी है। क्योंकि, वैक्सीनेशन के तुरंत बाद कोविड-19 संक्रमण जड़ से खत्म नहीं हो जाएगा। इसलिए, वैक्सीन ले चुके व्यक्ति को वैक्सीन लेने के साथ यानी तुरंत बाद और आगे भी गाइडलाइन का पालन जारी रखना जरूरी है।

– सामुदायिक स्तर पर लोगों का सहयोग जरूरी :-
देश के विभिन्न प्रदेशों के जो हालात हैं, उससे सभी लोग अवगत हैं। किन्तु, दूसरे प्रदेशों जैसे हालात नहीं हो, इसके लिए सामुदायिक स्तर पर लोगों का सहयोग अपेक्षित है। क्योंकि, समाज के हर वर्ग के लोगों को सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। इसके लिए बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें। बाहर से आने वाले लोगों को कोविड-19 जाँच कराने के लिए जागरूक करें। बीते वर्ष की तरह एकबार फिर से पूरी दुनिया को अपने संयम और सावधानी की ताकत को दिखाएं।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– अनावश्यक यात्रा से बचें।
– बाहरी खाना खाने से परहेज करें।
– साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से हाथ धोएं।
– यात्रा के दौरान आवश्यक दूरी का ख्याल रखें और निश्चित रूप से मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– गर्म व ताजा खाना का सेवन करें, बासी खाना से बिलकुल दूर रहें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं।
– बाहर से आने पर कोविड-19 जाँच कराएं।

मुंगेर सदर अस्पताल सहित सभी पीएचसी और एपीएचसी पर युद्धस्तर पर कोरोना जांच शुरू

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-जिले में तीन कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद जांच में तेजी
– सदर अस्पताल में सभी मरीजों और आगन्तुकों की थर्मल स्क्रीनिंग से हो रही जांच
– कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और जमालपुर जंक्शन पर यात्रियों की जा रही कोरोना जांच

मुंगेर-

शुक्रवार को मुंगेर के जमालपुर प्रखंड के चंदनपुरा व ओलिपुर गांव में तीन कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद शनिवार से जिले के सभी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) पर कोरोना की जांच शुरू कर दी गई है। चंदनपुरा गांव में दो और ओलिपुर गांव में एक कोरोना संक्रमित मरीज पाया गया था। इसके बाद जमालपुर के बीडीओ राजीव कुमार ने चंदनपुरा गांव को माइक्रो कंटेन्मेंट जोन बनाने की सिफारिश जिलाधिकारी से की है। विभाग की टीम द्वारा संक्रमित पाए गए लोगों के घर के आसपास के लोगों की रैपिड एंटीजन किट से जांच की जा रही है।

सदर अस्पताल के अस्पताल प्रबंधक तौसीफ हसनैन ने बताया कि जिले में एक बार फिर से कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद सदर अस्पताल मुंगेर के साथ ही सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) से लेकर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) पर शनिवार से सभी लोगों की कोरोना जांच की जा रही है। बताया कि सदर अस्पताल में पहले से ही आने वाले सभी मरीजों और आगन्तुकों की थर्मल स्क्रीनिंग के साथ ही कोरोना जांच की जा रही है। अस्पताल आने वाले सभी लोगों के लिए शारीरिक दूरी के नियम का पालन करने के साथ ही मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। सदर अस्पताल में बनाए गए वैक्सीनेशन सेशन साइट पर तीसरे चरण के तहत 60 वर्ष से उम्र के सभी लोग और गम्भीर बीमारी से ग्रसित 45 वर्ष से अधिक के सभी लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा रहा है। साथ ही जीएनएम स्कूल कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल में भी कोरोना जांच के साथ ही संक्रमण से बचने के लिए कोरोना का टीका लगाया जा रहा है।

मुंगेर बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और जमालपुर जंक्शन पर यात्रियों की कोरोना जांच :
उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल मुंगेर के अलावा मुंगेर बस स्टैंड पर सभी आने- जाने वाले यात्रियों, मुंगेर रेलवे स्टेशन और जमालपुर जंक्शन पर दूसरे शहरों से आने वाले सभी यात्रियों की कोरोना जांच की जा रही है। बताया कि राज्य से प्राप्त निर्देश के अनुसार जिले में प्रतिदिन 800 लोगों की कोरोना जांच करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कोरोना टीका का दोनों डोज लेने के बाद भी सभी लोग करें कोरोना गाइड लाइन का पालन :
उन्होंने बताया कि जो लोग कोरोना टीका का दोनों डोज ले चुके हैं वो ये नहीं समझें कि कोरोना वायरस का संक्रमण अभी खत्म हो गया है। इसलिये सभी लोग जब तक पूरी तरह से इस देश से कोरोना का संक्रमण समाप्त न हो जाय सभी लोग अनिवार्य रूप से भारत सरकार द्वारा जारी किए गए कोरोना गाइड लाइन का सख्ती के साथ पालन करें | बताया कि जिले में अभी कुल 16 एक्टिव मरीज हैं जिनका इलाज होम आइसोलेशन में चल रहा है।

कोरोना वायरस का संक्रमण देश से पूरी तरह समाप्त होने तक सभी लोग बरतें ये सावधानी :
घर से निकलने पर अनिवार्य रूप से मास्क, रुमाल या गमछा, दुपट्टा या साड़ी के पल्लू से अपने नाक मुंह को ढकने की कोशिश करें ताकि वायरस के संक्रमण को नाक और मुंह के जरिये फैलने से रोका जा सके।
– घर से बाहर निकलने पर अनिवार्य रूप से शारीरिक दूरी के नियम का पालन करते हुए एक – दूसरे से कम से कम दो गज या छह फिट की दूरी रखें।
– कुछ भी चीज छूने के बाद साबून या हैंड सैनिटाइजर से अपने हाथों को साफ करें। इसके लिए सभी लोग अपने साथ हैंड सैनिटाइजर रखें।

कोरोना का टीका लेने में आधी आबादी में उत्साह

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जिले के पुरुषों के मुकाबले टीका लेने में महिलाएं आगे
47 प्रतिशत पुरुषों के मुकाबले 53 प्रतिशत महिलाओं ने लिया टीका

भागलपुर-

जिले में अभी कोरोना टीकाकरण अभियान का तीसरा चरण चल रहा है. इस दौरान पहले और दूसरे चरण के छूटे हुए लाभुकों को भी कोरोना का टीका लगाया जा रहा है. साथ ही टीका का पहला डोज ले चुके लोगों को 28 दिन पूरा होने पर बूस्टर डोज भी दिया जा रहा है. अब तक के टीकाकरण अभियान में एक महत्वपूर्ण बात जो सामने आई है, वह यह है कि आधी आबादी मानी जानी वाली महिलाएं टीकाकरण में पुरुषों के मुकाबले आगे चल रही हैं. कोरोना टीका को लेकर उनमें ज्यादा उत्साह दिख रहा है. वैसे तो सभी लोग टीका लगवाने के लिए सामने आ रहे हैं, लेकिन महिलाओं में खास उत्साह देखा जा रहा है.

जिले में अब तक 80341 लोगों को कोरोना का टीका लग चुका है. इनमें 53 प्रतिशत महिलाएं हैं. यानी कि टीका लेने वाली महिलाओं की संख्या 42000 से भी ज्यादा है. 8 मार्च को तो पुरुष और महिला का अनुपात 42 और 58 हो गया था. यानी कि 42 प्रतिशत पुरुषों के मुकाबले 58 प्रतिशत महिलाओं ने कोरोना का टीका लिया था. हालांकि उस दिन महिला दिवस भी था और स्वास्थ्य विभाग ने महिलाओं के लिए विशेष अभियान भी चलाया था.

कोरोना टीका को लेकर बुजुर्गों में भी ज्यादा उत्साह: महिलाएं ही नहीं, कोरोना का टीका लेने में बुजुर्गों में भी ज्यादा उत्साह देखा जा रहा है. पिछले कुछ दिनों से प्रतिदिन लक्ष्य से अधिक बुजुर्ग कोरोना का टीका ले रहे हैं. 2 दिन तो लक्ष्य से 25 प्रतिशत से भी अधिक बुजुर्गों ने कोरोना का टीका लिया. बुजुर्गों में भी कोरोना का टीका लेने का उत्साह महिलाओं से कम नहीं है. जिले में टीकाकरण के प्रतिशत को बढ़ाने में महिलाओं और बुजुर्गों की भूमिका महत्वपूर्ण है.

टीका लेने में हर किसी को उत्साह दिखाना चाहिए: जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मनोज कुमार चौधरी ने बताया महिलाएं टीकाकरण में आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं. आमलोगों को भी इसी तरह से टीकाकरण अभियान में सहयोग करना चाहिए. जो लाभुक मापदंड को पूरा करते हैं, उन्हें टीका लेने के लिए आगे आना चाहिए. टीका से किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होता है. अफवाहों में नहीं आना चाहिए. साथ ही टीका लेने में बुजुर्गों का उत्साह भी सराहनीय है.

अभी नहीं संभले तो कोरोना की दूसरी लहर बन सकती है ख़तरनाक

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कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को किया तेज

सावधानी बरतकर आप भी कोरोना के खिलाफ निभाएं अपनी भूमिका

बांका-

कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग लगातार अभियान चला रहा है. पहले जांच और इलाज के बाद अभी टीकाकरण का तीसरा चरण चल रहा है. इस दौरान पहले और दूसरे चरण के छूटे हुए स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्करों को भी टीका दिया जा रहा है. साथ ही टीके के पहले डोज लेने वाले को 28 दिन पूरा होने पर बूस्टर डोज भी दिया जा रहा है. पिछले कुछ दिनों से कोरोना के मामले सामने भी आने लगे हैं. खासकर महानगरों में और महाराष्ट्र व गुजरात जैसे राज्यों में अधिक मामले आ रहे हैं. वहां से होली के लिए लोगों का आना शुरू हो गया है. ऐसे में लोगों को कोरोना को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है. लापरवाही बरतने से कोरोना संक्रमण का प्रसार अधिक होने की सम्भावना बढ़ जाएगी.

शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी कहते हैं – कोरोना को लेकर लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. अभी महानगरों और दूसरे राज्यों में कोरोना के केस सामने आ रहे हैं. वहां से बड़ी संख्या में लोग होली पर अपने घर आ रहे हैं. ऐसे में लोगों को लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए. बाहर से आने वालों की जांच करानी चाहिए. अगर बाहर से आने वाले लोग जांच कराने से मना करते हैं तो यह घरवालों की जिम्मेदारी है कि उसे जांच केंद्र तक ले जाकर जांच कराएं.

कोरोना की गाइडलाइन का करें पालन: डॉक्टर चौधरी कहते हैं कि कोरोना की गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने की जरूरत है. मामले सामने आने से पहले ही अगर लोग सतर्क हो जाएंगे तो कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोका जा सकेगा. इसलिए लोगों को गाइडलाइन का पालन करना चाहिए. घर से बाहर जाते वक्त मास्क पहनना चाहिए और 2 गज की दूरी का पालन करना चाहिए. साथ में भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए.

घर में रहकर बढ़ाएं प्रतिरोधक क्षमता: डॉ चौधरी ने कहा- ऐसे समय में जब बाहर निकलना कम हो रहा हो तो घर में रहकर भी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है. इसके लिए 1 घंटे योग करें या फिर किसी तरह की शारीरिक गतिविधियां बढ़ाने पर जोर दें. इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है. इससे लोग बीमारियों की चपेट में आने से बचे रहते हैं. साथ ही खानपान पर भी ध्यान रखें. ज्यादा तेल- मसाले वाले चीज का सेवन नहीं करें. हरी सब्जियों और मौसमी फल का ज्यादा सेवन करें

टीका लेने के लिए लाभुक आए सामने: डॉ चौधरी लोगों से अपील करते हुए कहते हैं- कोरोना का टीका लेने के लिए लाभुकों को सामने आना चाहिए. अभी तीसरा चरण चल रहा है. जल्द ही आमलोगों के लिए भी टीकाकरण शुरू हो जाएगा. अभी तक जो भी टीकाकरण के दायरे में आते हैं, उन्हें टीका लेने के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाना चाहिए. अब जबकि टीकाकरण की प्रक्रिया भी आसान हो गई है तो लोगों को टीका लेने में संकोच नहीं करना चाहिए. अगर पहले और दूसरे चरण के छूटे हुए लाभुक हैं तो उन्हें भी टीका ले लेना चाहिए. साथ ही 28 दिन पूरा हो जाने पर टीका का बूस्टर डोज भी निश्चित तौर पर ले लें.

हवाई सफर करना हुआ महंगा, सरकार ने बढ़ाया किराया

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New delhi: कोरोना महामारी के तेजी से फैलने का कारण पीएम मोदी ने देशभर में लॉकडाउन का ऐलान किया था जिसके बाद लगभग साल भर तक दुनिया थम सा गया था देश में दुसरें देशों से आने वाली हवाई सफर से लेकर सड़को पर चलने वाली सभी सवारियों को रोक दिया गया था. लॉकडाउन के बाद कोरोना वायरस से पूरी तरह तो नहीं कहा जा सकता लेकिन पिछले साल के मुकाबलें इस साल काफी राहत देखा गया जिसके बाद देश धीरे-धीरे समान स्तिथि में अब लौट रहा हैं. कोरोना के कारण कई कोमकाज और तमाम क्षेत्रों पर भारी असर देखा गया.

हवाई यात्रा के न्यूनतम किराए में पांच प्रतिशत की बढ़ोत्तरी

हवाई यात्रा कोरोना महामारी के कारण काफी लंबे समय तक प्रभावित रही थी. अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही हवाई यात्रा भी धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही है. कोरोना का प्रभाव अभी देश में खत्म नहीं हुआ है, इसलिए अभी भी अधिकतर लोग ट्रेन अथवा बस में सफर करने के बजाय हवाई यात्रा को अधिक तरजीह दे रहे हैं. केंद्र सरकार ने शुक्रवार को हवाई यात्रा के न्यूनतम किराए में पांच प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की है.

हवाई जहाज के ईंधन की कीमतों में हुआ इजाफा

हवाई जहाज का ईंधन महंगा होने की वजह से हवाई यात्रा के किराए में बढ़ोत्तरी की गई है. किराया बढ़ने की वजह से अब यात्रियों को हवाई सफर के लिए अधिक रकम चुकानी होगी.  भारत सरकार के उड्डयन मंत्रालय ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि हवाई यात्रा के न्यूनतम किराए में पांच प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी की है. उड्डयन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि हवाई यात्रा  के किराए में हुई बढ़ोत्तरी का मुख्य कारण हवाई जहाज के ईंधन की कीमतों में हुआ इजाफा है.

80 प्रतिशत यात्री क्षमता के साथ उड़ान भरेंगे

हालांकि हवाई यात्रा के उच्चतम किराए में कोई इजाफा नहीं किया गया है. उड्डयन मंत्रालय ने हाल ही में, एक बयान जारी करते हुए बताया है कि एक अप्रैल से हवाई जहाज 80 प्रतिशत यात्री क्षमता के साथ उड़ान भरेंगे. केंद्रीय उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी ने बताया कि कई राज्यों में कोरोना के मामले बढ़े हैं. इसे ध्यान में रखते हुए अभी हवाई जहाज 80 प्रतिशत यात्री क्षमता के साथ ही उड़ान भरेंगे. देश के कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के कारण लॉकडाउन की स्थिति पैदा हो गई है. इस लिहाज से यह संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में कमी आएगी.

2 हफ्ते से अधिक खांसी हो तो टीबी जांच कराएं

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नाथनगर रेफरल अस्पताल में विश्व यक्ष्मा दिवस का शुभारंभ

कार्यक्रम के दौरान टीबी सर्वाइवर ने भी अपना अनुभव किया साझा

भागलपुर-

नाथनगर रेफरल अस्पताल में शुक्रवार को विश्व यक्ष्मा दिवस का शुभारंभ हुआ. इस दौरान स्वास्थ्यकर्मी, केयर इंडिया व वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर के प्रतिनिधि और आशा कार्यकर्ता शामिल थी. कार्यक्रम में क्षेत्र के टीबी सर्वाइवर को भी बुलाया गया था. इस दौरान टीबी से बचाव के उपाय बताए गए और इसके लक्षण के बारे में जानकारी दी गई. नाथनगर रेफरल अस्पताल की प्रभारी डॉ अंजना कुमारी ने बताया कि अगर 2 हफ्ते से अधिक खांसी हो और बलगम में खून आए तो टीबी जांच करा लेनी चाहिए. साथ ही अगर वजन कम होने लगे और शाम के वक्त पसीना आने के साथ बुखार हो तो यह टीबा के लक्षण हैं. कुछ मामले बिना लक्षण वाले भी होते हैं. इसलिए अगर किसी तरह का संदेह हो और लक्षण दिखे तो तत्काल जांच करा लें.

टीबी का इलाज संभव है:
मीटिंग के दौरान एसटीएस कृति भारती ने बताया कि टीबी लाइलाज बीमारी नहीं है. इसका इलाज संभव है. वह भी बिल्कुल मुफ्त. अगर किसी को टीबी का लक्षण लगे तो निसंकोच होकर सरकारी अस्पताल पहुंचे. अगर जांच में पुष्टि हो जाती है तो आपको निःशुल्क दवा मिलेगी. 6 महीने तक दवा का सेवन करने के बाद दोबारा जांच करा लें. जांच में अगर रिपोर्ट निगेटिव आती है तो समझिए आप पूरी तरह से टीबा मुक्त हो गए.

बीच में नहीं छोड़ें दवा:
कार्यक्रम के दौरान केयर इंडिया की ब्लॉक मैनेजर मनीषा ने बताया कि टीबी के मरीज बीच में दवा नहीं छोड़ें. जब तक आप टीबी से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाते हैं तब तक ऐसी भूल नहीं करें. बीच में दवा छोड़ने से आप एमडीआर टीबी की चपेट में आ सकते हैं. जिसका इलाज थोड़ा जटिल हो जाता है और ठीक होने में भी समय लगता है.

आशा कार्यकर्ताओं को मिला लक्ष्य:
मीटिंग में मौजूद आशा कार्यकर्ताओं को विश्व टीबी दिवस के अवसर पर 24 मार्च को क्षेत्र के 2 हफ्ते से अधिक समय तक हंसने वाले के बलगम की जांच के लिए लाने को कहा गया. आशा कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में ऐसे लोगों को ढूंढेंगी. ऐसे लोगों को 24 तारीख को रेफरल अस्पताल लाएंगी और जांच भी कराएंगी. इस दौरान टीबी सर्वाइवर ने भी अपना अनुभव साझा किया. कार्यक्रम में संजीव, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक अपर्णा और विशाल भी मौजूद थे

मिर्जापुर 3 की फैंस को बेसब्री से इंतजार के बीच पोस्टर हुआ रिलीज़

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New delhi: मिर्जापुर वेब सीरीज का नाम लेते ही हमारे ज़हन में सबसे पहले मुन्ना भईया और कालिन भईया का ख्याल आता हैं. हलांकि मिर्जापुर में सभी कलाकारों ने अपना किरदार जिस तरह से निभाया हैं वो बेहद ही सराहनिय हैं अमेजन प्राइम की सभी वेब सीरीज में मिर्जापुर लोगों का सबसे पसंदीदा वेब सीरीज हैं मिर्जापुर में गाली से लेकर भरपूर एक्सन और रोमांस हर एक चीज देखने को मिलता हैं यहीं कारण हैं कि लोगों को मिर्जापुर कुछ खास पसंद हैं.

‘मिर्जापुर 3’ के पोस्टर रिलीज

‘मिर्जापुर’ अमेजन प्राइम वीडियो की सबसे सफल वेब सीरीज अब अपने तीसरे सीजन के साथ एक बार फिर दर्शकों के सामने पेश होने के लिए तैयार है. ‘मिर्जापुर 3’ का ऐलान पिछले सीजन की रिलीज के बाद से ही कर दिया गया था. अब इसका पहला पोस्टर भी रिलीज किया जा चुका है. सीरीज में गोलू का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री श्वेता त्रिपाठी ने अब ‘मिर्जापुर 3’ के पोस्टर अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. उन्होंने तीन पोस्टर्स दिखाए है.

फिर भौकाल मचाने आ रही है 'मिर्जापुर 3', रिलीज हुआ पहला पोस्टर

‘मैं गोलू को बहुत याद करती हूं’

पहले पोस्टर में मुन्ना भईया (दिव्येंदु शर्मा), कालीन भईया (पंकज त्रिपाठी), गोलू (श्वेता त्रिपाठी) और गुड्डू (अली फजल) दिख रहे हैं. जबकि दूसरे पोस्टर में श्वेता त्रिपाठी, रसिका दुग्गल और हर्षिता गौर दिख रही हैं. वहीं, तीसरे पोस्टर में श्वेता और अली फजल हाथ में पिस्तौल थामे गुस्से में दिखाई दे रहे हैं. श्वेता ने इसके साथ कैप्शन में लिखा, ‘मैं गोलू को बहुत याद करती हूं. आगे क्या होगा ये जानने के लिए और इंतजार नहीं कर पा रही हूं. दोबारा उनके होने का इंतजार नहीं कर सकती. शुक्रिया मिर्जापुर.’ श्वेता ने इसके #MS3W #Mirzapur जैसे हैशटैग का भी इस्तेमाल किया है. अब इन पोस्टर्स से इस बात का तो खुलासा हो गया है कि किन कहानी इस बार इन्हीं सितारों के इर्द-गिर्द घूमती दिखेगी. इसके अलावा पोस्टर में दिव्येंदु का दिखना काफी दिलचस्प है. क्योंकि पिछले साल रिलीज हुए सीरीज के दूसरे सीजन में मुन्ना भईया यानी दिव्येंन्दु को गोली मार दी गई थी.

कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए 5 अप्रैल तक चिकित्सकों व कर्मियों की छुट्टी रद्द

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• अध्ययन व मातृत्व अवकाश को छोड़कर सभी तरह की छुट्टी रदद्

• पूर्व से अवकाश पर गए चिकित्सकों व कर्मियों को अविलंब योगदान देने के निर्देश

• सरकार के संयुक्त सचिव ने जारी किया निर्देश

बांका-

कोरोनावायरस संक्रमण की दूसरी लहर की रोकथाम एवं इसके निरोधात्मक उपाय के लिए विशेष चौकसी एवं अनुश्रवण की आवश्यकता बढ़ गयी है. इसको लेकर राज्य के सभी चिकित्सा पदाधिकारियों (संविदा व नियोजित सहित) चिकित्सा पदाधिकारियों, निदेशक प्रमुख तक प्राचार्य/ अधीक्षक चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल, जूनियर रेजिडेंट एवं निदेशक विशेष चिकित्सा संस्थान तथा राज्य के सभी चिकित्सकों व कर्मियों की छुट्टी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गयी है. सभी स्वास्थ्य कर्मियों( संविदा नियोजित सहित) स्वास्थ्य प्रशिक्षक, पारा मेडिकल, जीएनए, एएनएम, शल्य कक्ष सहायक, लैब टेक्नीशियन एवं सभी चतुर्थवर्गीय कर्मी इत्यादि के सभी प्रकार के अवकाश को (अध्ययन अवकाश एवं मातृत्व अवकाश को छोड़कर) 5 अप्रैल तक रद्द किया गया है। इस संबंध में सरकार के संयुक्त सचिव अनिल कुमार ने पत्र जारी कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया है। इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

जांच का दायरा बढ़ाया गया:

स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना जांच अधिक से अधिक करने के निर्देश दिए हैं। खासकर कोरोना प्रभावित बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की जांच हो रही है। इसके लिए विशेष टीम का गठन किया गया है। कोरोना जांच सेंटर पर अधिक से अधिक जांच किये जा रहे हैं। सिविल सर्जन डॉ सुधीर कुमार महतो ने अपील करते हुए कहा कि जो भी कोरोना प्रभावित राज्यों से आए हैं वे लोग कोरोना की जांच जरूर कराएं ताकि उनका परिवार और समाज सुरक्षित रहे।

भीड़ वाली जगह पर जाने से बचें:

कोरोना वायरस से बचे रहने के लिए ऐसे स्थान पर न जाएं जहां भीड़ अधिक हो। ऐसी जगह पर संक्रमण का खतरा ज्यादा रहेगा। इसलिए कोशिश करें कि ऐसे किसी भी जगह पर जाने से पहले मास्क जरूर लगाएं। इस बात का जरूर ध्यान दें कि आपका मास्क उतरने न पाए। खांसने और छींकने वाले लोगों से दूर रहें।

कोरोना काल में इन उचित व्यवहारों का करें पालन:

– एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
– सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेस कवर या मास्क पहनें।
– अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं।
– आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
– छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें।