विवाह के साथ हीं करें परिवार कि प्लानिंग : सिविल सर्जन

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– परिवार नियोजन पर कार्यशाला का आयोजन

– सीफार के सहयोग से कार्यशाला का आयोजन

मुंगेर-

विवाह के साथ ही नवदम्पति को परिवार की प्लानिंग करनी चाहिए । उक्त बातें बुधवार को मुंगेर जिला के एक होटल में केयर इंडिया के सहयोग से सीफार द्वारा परिवार नियोजन विषय पर आयोजित मीडिया कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए जिले के सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार भारती ने कही। उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए, डॉक्टर और इंजीनियर बनने और बनाने के लिए बचपन से प्लानिंग करते हैं ।लेकिन विवाह के तत्काल बाद अपने परिवार की प्लानिंग नहीं कर पाते हैं। इसकी वजह से नवदम्पति अपने बच्चों के बीच सही अंतराल रख पाते हैं। इसके परिणाम स्वरूप नवदम्पति न तो अपने बच्चों को सही शिक्षा दे पाते हैं और न ही उसके सही पोषण और स्वास्थ्य का ख्याल रख पाते हैं। उन्होंने बताया कि परिवार नियोजन के प्रति जागरुकता के लिए देश भर में कई स्वयंसेवी संस्थाएं काम कर रही है। केयर इंडिया और सीफार भी उनमें से एक है। केयर के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कर्मियों को परिवार नियोजन सहित अन्य विषयों पर तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है। वहीं सीफार जैसी संस्था स्वास्थ्य संचार को मजबूत करने में योगदान दे रही है। उन्होंने सभी मीडिया कर्मियों से परिवार नियोजन सहित अन्य विषयों पर लोगों को जागरुक करने की अपील की, ताकि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी सही समय में सही तरीके से पहुंच सके।

इससे पहले कार्यशाला में आये स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और मीडिया बंधुओं का स्वागत करते हुए सेंटर फॉर एडवोकेसी रिसर्च संस्था के अनीस उर रहमान खान ने परिवार नियोजन में पुरुषों की सहभागिता की बात कही एवं मीडिया के द्वारा पुरुषों को जागरूक करने की अपील भी की।

कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए जिला सामुदायिक उत्प्रेरक (डीसीएम) निखिल राज ने बताया कि 14 जनवरी 31 जनवरी तक मुंगेर सहित राज्य भर में मिशन परिवार विकास अभियान शुरू हो रहा है। उन्होंने बताया कि बिहार के जिन जिलों का टोटल फर्टीलिटी रेट 3.0 से ज्यादा है वहां यह अभियान चलाया जाना है। बिहार के 38 में 37 जिले इस दायरे में आते हैं जहां यह अभियान चलाया जाना है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत 14 से 20 जनवरी के बीच जिले भर में आशा कार्यकर्ता नवदम्पतियों से संपर्क कर उसे नई पहल किट देकर उन्हें परिवार नियोजन के बारे में जागरूक करने के साथ हीं परिवार नियोजन के साधनों के प्रति भी जागरूक करेगी।

कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए डीटीएल केयर डॉ. अजय आर्य ने बताया कि 2018 में किए गए सर्वेक्षण के अनुसार बिहार में सामान्यतः 16 से 17 साल में लड़कियों की शादी हो जाती है और वो 18 वर्ष के करीब पहले बच्चे की मां बन जाती है। इसके बाद 20 साल कि उम्र वो दूसरे बच्चे की भी मां बन जाती है। उन्होंने बताया कि बिहार में करीब 25 वर्ष कि उम्र महिलाएं परिवार नियोजन के लिए बंध्याकरण ऑपरेशन करवाती हैं। उन्होंने बताया कि बगैर जागरूकता के बिहार में टोटल फर्टिलिटी रेट के 2 से नीचे आना सम्भव नहीं है। इसके लिए जरुरी है कि लड़की कि शादी सही समय पर हो और वह सही समय पर गर्भधारण करे। इसके साथ ही दो बच्चों के बीच कम से कम तीन साल का अंतराल रखे और 25 से पहले परिवार नियोजन के लिए स्थाई साधन अपना लेना जरूरी है।

कार्यशाला को सबोधित करते हुए केयर इंडिया की परिवार नियोजन परामर्श दाता तस्नीम रजी ने बताया कि जिले का टोटल फर्टीलिटी रेट तब तक कम नहीं हो सकता है जब तक हम और आप नहीं चाहेंगे। इसके लिए परिवार स्तर और आउटरीच लेवल पर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत निर्धारित स्थान पर ई. रिक्सा के माध्यम से परिवार नियोजन को ले माइकिंग की जाएगी। इस दौरान परिवार नियोजन के अस्थाई साधन जैसे कंडोम, गर्भनिरोधक गोली और इंजेक्शन सहित कई अन्य साधन उपलब्ध भी रहेंगे।

कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक मो. नसीम रजी ने बताया कि भारत सरकार कि सभी योजनाएं एक तरफ और परिवार नियोजन से सबंधित योजनाएं एक तरफ है। जनसंख्या नियंत्रण के बाद ही सरकार कि सभी योजनाएं सभी रूप में क्रियान्वित हो पाएगी। जनसंख्या यदि कम होगा तभी स्वास्थ्य संस्थानों पर लोड घटेगा और सुविधाओं में बढ़ोतरी और सुधार सम्भव है। उन्होंने कहा कि भारत को यदि अन्य विकसित देश कि तरह विकसित देश बनना है तो सबसे पहले जनसंख्या स्थिरीकरण पर ध्यान देना होगा।

इस अवसर पर सीफार के प्रमंडलीय समन्यक मुंगेर श्याम त्रिपुरारी, जय प्रकाश कुमार, राकेश कुमार सहित कई लोग उपस्थित थे।

परिवार नियोजन पखवाड़ा को सफल बनाने के लिए प्रभारियों को दिया गया निर्देश

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आज से शुरू हो रहा परिवार नियोजन पखवाड़ा, 31 जनवरी तक चलेगा
सिविल सर्जन ने ऑनलाइन दिए निर्देश

भागलपुर, 13 जनवरी
गुरुवार 14 जनवरी से 31 जनवरी तक परिवार नियोजन पखवाड़ा मनाया जाएगा. इसे लेकर सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार सिंह ने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारियों के साथ बुधवार को ऑनलाइन बैठक की. इस दौरान डीपीएम डॉ. फैजान अशर्फी, आईसीडीएस के अधिकारी और केयर इंडिया के प्रतिनिधि भी मौजूद थे. बैठक के दौरान सिविल सर्जन ने सभी प्रभारियों को परिवार नियोजन पखवाड़ा को सफल बनाने का निर्देश दिया. इस दौरान सभी प्रभारियों को क्षेत्र के हिसाब से लक्ष्य भी दिया गया. साथ ही इस दौरान अपने अपने क्षेत्र में सास- बहू सम्मेलन भी करवाने का निर्देश दिया गया.

पखवाड़ा को सफल बनाने को चार भागों में बांटा गया:
बैठक के दौरान सिविल सर्जन ने बताया कि परिवार नियोजन पखवाड़ा को चार भागों में बांटा गया है. पहला भाग 9 से 13 जनवरी तक थी जिसमें योजना बनानी थी. यह काल अब पूरा हो गया. अब दूसरा चरण 14 से 20 जनवरी तक है, जिसमें दंपत्ति से संपर्क करना है और तीसरा चरण 21 से 31 जनवरी तक है जिसमें कि बंध्याकरण करना है. इसके बाद आखिरी चरण में इसकी रिपोर्टिंग करनी है.

सभी प्रखंडों में लगेगा मेला: बैठक के दौरान सिविल सर्जन ने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारियों को मेला लगाने का निर्देश दिया. जिसमें एक स्टॉल फैमिली प्लानिंग कॉर्नर का रहेगा. जिस पर आने वाले दंपतियों की काउंसलिंग की जाएगी और उन्हें परिवार नियोजन की सलाह दी जाएगी.

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कराएगा माइकिंग: बैठक के दौरान सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार सिंह ने सभी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में धीमी गति के वाहनों से माइकिंग कराने का निर्देश दिया, ताकि सभी लोग परिवार नियोजन पखवाड़ा के बारे में जान सकें.

सुल्तानगंज में भी हुई बैठक: परिवार नियोजन पखवाड़ा की तैयारी को लेकर सुल्तानगंज प्रखंड में भी वीडियो प्रभात रंजन सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई. इस दौरान प्रभारी डॉ. उषा भी मौजूद थी. इस दौरान सभी स्वास्थ्यकर्मियों को परिवार नियोजन पखवाड़ा को सफल बनाने के लिए जोर-शोर से लग जाने के लिए कहा गया.

कोरोना काल में इन उचित व्यवहारों का करें पालन,-
– एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
– सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेस कवर या मास्क पहनें।
– अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं।
– आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
– छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें।

कोविड टीकाकरण की तैयारी पूरी, व्यवस्थाओं की हो रही समीक्षा

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• बुधवार को राज्य को अतिरिक्त 20,000 डोज कोवेक्सीन टीका प्राप्त
• कोविड टीकाकरण सुरक्षित, एईएफआई किट भी होगा उपलब्ध
• राज्य के 300 चिन्हित स्थलों के दलकर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण

पटना-13, जनवरी-

राज्य में कोविड टीकाकरण की तैयारी पूरी कर ली गयी है. 16 जनवरी से कोविड-19 टीकाकरण का कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में शुरू किया जायेगा. पूरे राज्य में 300 चिन्हित स्थानों पर टीकाकरण किया जाएगा। इन 300 चिन्हित स्थलों में प्राय: सभी मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल शामिल हैं। बुधवार को इन सभी 300 चिन्हित स्थलों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं दलकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया। इस प्रशिक्षण में सभी जिलों के जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी एवं जिला मुल्यांकन एवं अनुश्रवण पदाधिकारी भी शामिल थे।

राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सारी व्यवस्थाओं की प्रतिदिन समीक्षा कर रही है. राज्य को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 10 डोज वाली 54,900 वायल्स कोविशिल्ड वैक्सीन प्राप्त हो चुकी है और इसके भंडारण एवं जिलों में भेजने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है. बुधवार को केंद्र द्वारा वैक्सीन की और 20,000 डोज़ कोवेक्सीन टीके की आपूर्ती बिहार राज्य को करवाई गई है। राज्य में पटना स्थित राज्य वैक्सीन भंडार के अलावा 9 और क्षेत्रीय वैक्सीन भंडार यथा सारण, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, दरभंगा, सहरसा, भागलपुर, पूर्णियां, नालंदा एवं औरंगाबाद में इस वैक्सीन का भंडारण किया जा रहा है।

टीकाकरण के लिए कोविन पोर्टल पर निबंधन अनिवार्य:
चयनित समूह के लोगों को टीकाकरण का लाभ उठाने के लिए कोविन पोर्टल पर अपना निबंधन अनिवार्य रूप से करना होगा ताकि पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से वैक्सीनेशन और उसके निर्धारित समय के बारे में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सूचना दी जा सके। पंजीकरण के लिए लाभार्थी को फोटो युक्त पहचान पत्र देना होगा. पहचान पत्र में बैंक व पोस्ट ऑफिस के पासबुक सहित केंद्र, राज्य सरकार या पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा जारी सेवा आईडी कार्ड शामिल किये गये हैं. इसके अलावा विधायकों या एमएलसी को जारी आधिकारिक प्रमाणपत्र भी सूची में शामिल हैं.

पंजीकरण के लिए ये कागजात हैं महत्वपूर्ण्:
• आधार, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आइडी, पैन कार्ड
• पासपोर्ट, जॉब कार्ड, पेंशन दस्तावेज मनरेगा कार्ड
• स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड

टीकाकरण के लिए निम्न चरणों का पालन जरूरी:
लाभार्थी को कोविड टीकाकरण के लिए पंजीकरण कराना आवश्यक है. पंजीकरण कराने के लिए उचित फोटो आईडी का उपयोग कर कोविन सिस्टम में पंजीकरण कराएँ. लाभार्थी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त एसएमएस की पुष्टि कर निर्देशों का पालन करेंगे. वहीं सत्र स्थल पर टीकाकरण अधिकारी-1 लाभार्थी का फोटो आईडी और पंजीकरण सन्देश की जांच करेंगे. टीकाकरण अधिकारी-2 कोविन सिस्टम से दस्तावेजों को प्रमाणित करेंगे. इसके बाद लाभार्थियों को टीका लगाया जायेगा. इसके बाद टीकाकरण अधिकारी-4 और 5 सुनिश्चित करेंगे कि लाभार्थी टीकाकरण के उपरान्त 30 मिनट तक रुके. साथ ही वह गैर पंजीकृत लाभार्थियों का मार्गदर्शन भी करेंगे.

लाभार्थी को इन बातों का रखना है ध्यान:
• चयनित लाभार्थी सत्र स्थल पर उचित फोटो आइडी अपने पास रखें
• टीका लगने के बाद निर्धारित क्षेत्र में 30 मिनट तक रुकना है
• दूसरा टीका लगवाने के लिए एसएमएस के अनुसार दी तारीख पर आएं

कोविड-19 वैक्सीन सभी के लिए सुरक्षित:
कोविड का टीका सभी के लिए सुरक्षित है और इसे लगवाने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने पोस्टर जारी कर जनमानस को इसके तरीकों से अवगत कराया है. मंत्रालय ने कहा है कि कोविड वैक्सीन आवश्यक प्रक्रियाओं से गुजरने का बाद ही स्वीकृत की गयी है और पूर्णत: सुरक्षित है। चरणवार तरीके से इसे सभी को उपलब्ध कराने की सरकार की योजना है. टीकाकरण के पश्चात लाभार्थी को किसी प्रकार की होने वाली परेशानी के प्रबंधन के लिए सत्र स्थल पर एनाफलीसिस किट एवं एईएफआई किट पर्याप्त संख्या में उपलब्ध होगी. इसके लिए संबंधित टीकाकर्मी व चिकित्सकों को आवश्यक प्रशिक्षण दिये गये हैं.

बांका सदर अस्पताल की नर्स वंदना को मिलेगा नेशनल फ्लोरेंस नाइटेंगल अवार्ड- 2020

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-जिलाधिकारी सुहर्ष भगत और सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने वंदना के काम को सराहा
-स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने भी दी है शुभकामनाएं

बांका-

सदर अस्पताल में तैनात नर्स वंदना कुमारी को नेशनल फ्लोरेंस नाइटेंगल अवार्ड-2020 मिलेगा. राज्य स्वास्थ्य समिति ने वंदना के नाम का चयन किया है. स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने जिला स्वास्थ्य प्रबंधन को यह जानकारी देते हुए शुभकामनाएं दी है.
वंदना कुमारी ने अपनी पहचान कार्यकुशलता से बनाई है-
अस्पताल प्रबंधन इस खबर से काफी खुश है. जिलाधिकारी सुहर्ष भगत ने चयनित नर्स को बधाई दी है. साथ ही कहा कि किसी भी व्यक्ति की पहचान उनके कर्मों से होती है तो बहुत खुशी मिलती है. वंदना कुमारी ने अपनी पहचान कार्यकुशलता से बनाई है जो अस्पताल प्रबंधन के साथ-साथ जिलेवासियों के लिए गौरव की बात है. सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने वंदना के चयन पर खुशी जाहिर करते हुए कहा है कि वह दूसरी नर्सों के लिए रोल मॉडल की तरह हैं. उनसे हर किसी को सीख लेनी चाहिए.

रोगियों की सेवा पहला धर्म:
वहीं नर्स वंदना कुमारी ने बताया कि रोगियों की सेवा हमारा पहला धर्म है. नर्सिंग सेवा में रोगियों के साथ संबंध बहुत मायने रखता है. अगर आप रोगियों के साथ अपनेपन जैसा व्यवहार करेंगे तो वह भी आप पर भरोसा करता है. इससे वह जल्दी स्वस्थ हो जाता है. मैं इसी बात पर फोकस करती हूं. मुझे खुशी है कि मेरे काम की पहचान ऊपर तक मिली.

सदर अस्पताल में ग्रेड ए नर्स के तौर पर काम कर रही हैं:
5 मई 1980 को पैदा हुई वंदना कुमारी सदर अस्पताल में ग्रेड ए नर्स हैं. 2004 में भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज स्थित नर्सिंग कॉलेज से ट्रेनिंग लेने के बाद उन्होंने किशनगंज मेडिकल कॉलेज में अपनी सेवा दी. 2008 में इनकी तैनाती बांका जिले के धोरैया स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई.| वहां इनके बेहतर कार्य को देखते हुए 2015 में बांका सदर अस्पताल में उनको बुला लिया गया. एक नर्स के नाते रोगियों के साथ उनका व्यवहार बहुत ही विनम्र रहता है. यही कारण है कि अस्पताल के महत्वपूर्ण विभागों में इनकी तैनाती की जाती है. इमरजेंसी, ऑपरेशन थिएटर, मेटरनिटी विंग और शिशु (चाइल्ड) विंग में वह अपनी सेवा दे चुकी हैं.

3 महीने में ही बना दी गईं लेबर रूम का इंचार्ज:
2015 में सदर अस्पताल आने के बाद इनकी व्यवहार कुशलता को देख अस्पताल प्रबंधन ने 3 महीने में ही लेबर रूम का इंचार्ज बना दिया. वंदना कुमारी की पहचान ऐसी नर्स के रूप में बन गई है जो विपरीत परिस्थितियों में भी बेहतर सेवा प्रदान करती हैं. इन्होंने अस्पताल के कई ट्रेनिंग प्रोग्राम में भी हिस्सा लिया है.
कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढकें.
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें

कोविड टीकाकरण के लिए 54,900 वायल्स कोविशील्ड का आंवटन

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पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट से लाया गया है वै​क्सिन

पटना पहुंचा कोविड 19 के टीका का पहला खेप

पटना:

कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए 16 जनवरी से टीकाकरण किया जायेगा. इसके लिए वैक्सीन की आपूर्ति की गयी है. मंगलवार को पटना स्थित जय प्रकाश नारायण एयरपोर्ट पर कोरोना टीका का पहला खेप पहुंचा। इस अवसर पर खुद स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पाण्डेय, प्रधान सचिव, स्वास्थ्य श्री प्रत्यय अमृत एवं राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार उपस्थित थे।

भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा बिहार राज्य में डोज वाली कोविशील्ड वैक्सिीन की 54,900 वायल्स आवंटित की गई है। अपराह्न 1.30 बजे स्पाइसजेट के विमान संख्या SG757 द्वारा यह खेप पुणे के सीरम इन्स्टिट्युट से सीधा पटना लाया गया। माननीय मंत्री स्वास्थ्य ने खुद एयरपोर्ट पहुंच कर इस खेप को प्राप्त किया। इस खेप को प्राप्त कर राज्य टीकौषधी भंडार, एन.एम.सी.एच.,पटना में भंडारित करवाया गया।

एक ही लाभार्थी को दो टीका पड़ना है अनिवार्य:
भारत सरकार द्वारा दिए गए दिशा-निर्देश के अनुसार, जिस लाभार्थी को कोविड का टीका तय किए गए तारीख को पड़ेगा। उसी लाभार्थी को दुबारा 28 दिनों के अंतराल पर वही टीका पड़ेगा। 28 दिनों तक टीके का संरक्षण एवं उसे सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी संबंधित जिले की होगी।

कोविड-19 वैक्सीन सभी के लिए सुरक्षित:
कोविड टीका सभी प्रमाणित वैक्सीन पूरी प्रक्रिया के गुजरने का बाद ही स्वीकृत की गयी है और पूर्णतया सुरक्षित है। चरणवार तरीके से इसे सभी को उपलब्ध कराने की सरकार की योजना है। टीकाकरण के पश्चात लाभार्थी को किसी प्रकार की परेशानी के प्रबंध के लिए सत्र स्थल पर एनाफलीसिस कीट एवं एईएफआई कीट की पर्याप्त संख्या में उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी तथा इसके लिए संबंध टीकाकर्मी चिकित्सा को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

प्रत्येक सत्र पर 100 कर्मियों का होगा वैक्सीनेशन:
100 लाभार्थियों की संख्या पर एक दल का गठन होगा। प्रत्येक सत्र पर 100 लाभार्थियों का टीकाकरण किया जाएगा। टीकाकरण दल के सदस्यों के लिए अनिवार्य रूप से पहचान पत्र लगाना आवश्यक है। चयनित सत्र स्थलों पर 16 जनवरी को टीकाकरण के लिए नामित सभी लाभार्थियों की सूची टीकाकरण सत्र स्थल पर 2 दिन पहले अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाएगा।

कोविड-19 टीकाकरण एवं भ्रांतियों पर परिचर्चा में युवाओं ने लिया भाग

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○ लेखन एवं क्विज़ कार्यक्रम का हुआ आयोजन

जमुई-

मंगलवार 12 जनवरी को सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च संस्था द्वारा 35 युवाओं के साथ कोविड-19 टीकाकरण के महत्व एवं भ्रांतियों पर क्विज एवं लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसके लिए कोविड-19 दिशा निर्देशों के अनुसार जिले के बिहारी ग्राम के मध्य विद्यालय प्रांगण में आयोजन हुआ। मंच संचालन सुधांशु युवा क्लब के अध्यक्ष एवं दैनिक जागरण के संवादाता प्रमोद कुमार ने किया। इस कार्यक्रम के अतिथि डॉक्टर कृष्णमूर्ति जिला समन्वयक राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, सुधांशु नारायण लाल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला स्वास्थ्य समिति, जमुई, अर्जुन प्रसाद सिंह वरीय शिक्षक माध्यमिक विद्यालय बिहारी, मनोज कुमार पांडे, शिक्षक डीएवी, जमुई, शिव कुमार पासवान, समन्वयक किलकारी, पंकज कुमार सिंह, प्रखंड समन्वयक,आईडीएफ संस्था के रहे। कार्यक्रम की शुरुआत युवा दिवस पर स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद डिविजनल समन्वयक सीफार द्वारा कार्यक्रम के उद्देश्यों को स्पष्ट किया गया और आगंतुकों का स्वागत भी किया। इसके बाद युवा प्रतिभागियों को आधे घंटे समय के लिए कोविड-19 टीकाकरण के महत्व एवं भ्रांतियों पर लेख लिखने के लिए निर्धारित किया गया। इसके पश्चात क्विज की शुरुआत हुई जिसमें स्वच्छता हेतु हाथों की सफाई के तरीके का प्रदर्शन करने के लिए पायल कुमारी को पुरस्कृत किया गया। वही प्रिंस कुमार (12वीं कक्षा) ने कोविड-19 टीकाकरण की उपयोगिता पर जवाब देने के लिए पुरस्कार जीतने में सफलता हासिल की। क्विज का संचालन कर रहे डॉक्टर कृष्णमूर्ति ने कोरोना वायरस के बारे में बताया।

बांका में पहले दिन 700 स्वास्थ्यकर्मियों को पड़ेगा कोरोना का टीका

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-जिले में 16 जनवरी से शुरू हो रहा है टीकाकरण
-टीकाकरण को लेकर टास्क फोर्स की हुई बैठक

बांका-

कोरोना की रोकथाम को लेकर 16 जनवरी से टीकाकरण शुरू हो रहा है. इसे लेकर मंगलवार को टास्क फोर्स की बैठक हुई. बैठक में जिलाधिकारी सुहर्ष भगत ने टीकाकरण को लेकर सभी तरह की तैयारी पूरी कर लेने को कहा. बैठक में बताया गया कि पहले दिन सभी बूथों पर 100-100 स्वास्थ्यकर्मियों को टीका दिया जाएगा. बांका में 7 बूथ बनाए गए हैं. इस लिहाज से पहले दिन 700 स्वास्थ्यकर्मियों को टीका पड़ेगा.

टीका पड़ने से पहले स्वास्थ्यकर्मियों की होगी काउंसलिंग: बैठक के दौरान डीएम ने बताया कि जिन लोगों को पहले दिन टीका पड़ना है, उनकी काउंसलिंग पहले कर ली जाए, ताकि टीकाकरण के दिन यह परेशानी नहीं आए कि कोई बीमार हो गया या फिर किसी अन्य तरह की समस्या हो. इसके साथ ही उनलोगों के बारे में सभी तरह की जानकारी भी उपलब्ध कराने को कहा गया. एक तो पोर्टल पर सारी जानकारी है. अलग से भी इन लोगों की सारी जानकारी लेने को कहा गया है.

15 तारीख को फिर होगा पूर्वाभ्यास: बैठक में सिविल सर्जन डॉक्टर. सुधीर कुमार मेहता ने स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिया कि 16 जनवरी से टीकाकरण शुरू होगा. इसके पहले एक बार 15 जनवरी को फिर से पूर्वाभ्यास कर लिया जाए, ताकि 16 तारीख के दिन किसी तरह की परेशानी नहीं आए. पूर्वाभ्यास के दौरान अगर किसी तरह की समस्या आएगी तो उसे दूर कर लिया जाएगा.

टीकाकरण के दिन स्वास्थ्यकर्मियों की होगी जांच: बैठक के दौरान सिविल सर्जन ने बताया कि टीकाकरण को लेकर एक टीम गठित की गई है. उन्हें प्रशिक्षण भी दे दिया गया है. जिस दिन टीकाकरण होगा उस दिन जिन लोगों को टीका पड़ेगा उनकी स्वास्थ्य जांच भी की जाएगी. उनका रक्तचाप (बीपी) चेक किया जाएगा. साथ ही अन्य तरह की जांच भी की जाएगी.

बैठक में केयर इंडिया ने दिया दिखाया प्रेजेंटेशन: टास्क फोर्स की बैठक के दौरान केयर इंडिया के डॉक्टर. तौसीफ कमर ने टीकाकरण का पूरा प्रेजेंटेशन दिया दिखाया. उन्होंने बताया कि 16 तारीख को टीकाकरण किस तरह से किया जाना है और इसे लेकर क्या तैयारी की गई है.इस दौरान केयर इंडिया के डीटीएल डॉक्टर संजय महापात्रा भी मौजूद रहे.

कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढकें ढंके.
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें

लगातार बदल रहे सर्दी के इस मौसम में रहें सावधान

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– नवजात शिशु सहित छोटे बच्चों एवं बुजुर्गों का रखें विशेष ख्याल
– इस मौसम में बच्चों में निमोनिया और बुजुर्गों को सर्दी- खांसी और सांस लेने में होती है परेशानी

मुंगेर-

जनवरी महीने में पिछले कई दिनों से मौसम में लगातार उतार- चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सुबह में जहां ठंड लग रही है तो वहीं दोपहर में धूप निकलने के बाद गर्मी का एहसास होने लगा है। इसी बीच सोमवार की शाम से ठंडी हवा चलने के बाद ठंड ने एक बार फिर से पलटी मारी है। मकर संक्रांति का त्योहार करीब होने के कारण मौसम में काफी उतार- चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसकी वजह से छोटे बच्चों और बुजुर्गों के बीमार पड़ने की सम्भावना काफी बढ़ गई है।

सदर अस्पताल मुंगेर में कार्यरत जेनरल फिजिसियन डॉ. रमण कुमार ने बताया कि इस बदलते मौसम में सभी लोगों को काफी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इस समय सबको हमेशा अपने शरीर को गर्म रखने के लिए गर्म कपड़े पहनने की आवश्यकता है। इसके साथ ही हमेशा खाने में गर्म खाना ही खाना जरूरी है। सभी लोगों को इस मौसम में पीने में गर्म पानी का ही इस्तेमाल करना चाहिए । साथ ही किसी भी तरह के बाहरी संक्रमण से बचने के लिए सभी लोगों को हमेशा मास्क पहनने कि जरूरत है।

इस मौसम में 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों का रखें विशेष ख्याल :
उन्होंने बताया कि इस बदलते मौसम में 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को विशेष एहतियात बरतने की आवश्यकता है। सभी बुजुर्ग इस मौसम में अपने शरीर को गर्म रखने के लिए हमेशा गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें और आग एवं धूप का सेवन करें । इसके साथ ही खाने में गर्म खाना और पीने के लिए गर्म पानी का ही इस्तेमाल करें। किसी भी तरह के बाहरी संक्रमण और ठंडी हवाओं से बचने के लिए अपने नाक को हमेशा मास्क, गमछा या रुमाल से ढंककर हीं बाहर निकलें। सर्दी- खांसी या सांस लेने में तकलीफ होने पर तत्काल अपने नजदीकी डॉक्टर से सम्पर्क करें।

इस मौसम में नवजात शिशु सहित छोटे बच्चों का रखें विशेष ख्याल :
सदर अस्पताल मुंगेर में कार्यरत शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रौशन ने बताया कि उतार-चढ़ाव भरे इस मौसम में नवजात शिशु सहित छोटे बच्चों के ऊपर विशेष सावधानी बरतने कि आवश्यकता है। इस मौसम में बच्चों की उचित देखभाल नहीं होने पर वो कई तरह कि बीमारियों के शिकार हो जाते हैं । इस समय बच्चों में सबसे अधिक निमोनिया होने की संभावना रहती है। इससे बचने के लिए नवजात बच्चों को हमेशा गर्म रखने की कोशिश करनी चाहिये। नवजात शिशु की माताएं इसके के लिए कंगारू मदर केयर तकनीक का इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके साथ हीं छोटे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए उनकी माताओं को विशेष एहतियात बरतने की आवश्यकता है ताकि उनका बच्चा किसी भी तरह की बीमारी के संक्रमण से बचा रहे। इसके लिए बच्चों को हमेशा गर्म कपड़ा पहनाने के साथ हीं खाने में गर्म खाना और पीने में गर्म दूध और पानी पीने के लिए दें।

ठण्ड और कोरोना काल में सभी लोग बरतें ये सावधानी :
सर्दियों के इस मौसम में सभी लोग कोरोना वायरस के संक्रमण सहित अन्य बीमारियों के संक्रमण से बचने के लिए हमेशा मास्क, गमछा या रुमाल से अपने नाक को ढंकने की कोशिश करें ।
– घर से बाहर भीड़-भाड़ वाले स्थान पर जाने से बचें । यदि जाना बहुत हीं जरूरी हो तो वहां एक- दूसरे से कम से कम दो गज या छह फीट की दूरी रखें।
– अपने घर से निकलने की स्थिति में किसी भी चीज को छूने से बचें। इसके साथ ही छूने की स्थिति में अपने हाथों को हैंड सैनिटाइजर या साबुन से साफ करें।
– घर से बाहर निकलने पर घर में बने गर्म खाना और पानी को प्राथमिकता देते हुए बाहर के खाना से परहेज करें ।
– अपने चेहरे को अनावश्यक छूने से परहेज करें ।

सर्दी के मौसम में बच्चों को टीबी से बचाव के लिए लगवाएं बीसीजी का वैक्सीन

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– लगातार कई दिनों तक खाँसी रहने पर तुरंत कराएं जांच
– अस्पतालों में उपलब्ध है मुफ्त जांच की है सुविधा
– इलाज के लिए मरीजों को सरकार द्वारा दी जाती है सहायता राशि

खगड़िया-

सर्दी के इस मौसम में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति विशेष सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। इस मौसम में सर्दी-खांसी और बुखार सहित अन्य ठंडजनित मौसमी बीमारियों की चपेट में आना आम बात है। इसीलिए इस मौसम में खासकर छोटे-छोटे बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना जरूरी है। दरअसल इस मौसम में छोटे- छोटे बच्चों के टीबी की चपेट में आने की संभावना रहती है। इस बीमारी से बचाव के लिए बच्चों को बीसीजी का वैक्सीन लगना जरूरी है| क्योंकि कुपोषित और एनीमिया पीड़ित बच्चों में टीबी होने की संभावना बहुत अधिक रहती है। ऐसे बच्चों की उचित देखभाल बहुत जरूरी है।

टीबी भी है एक संक्रामक बीमारी :-
खगड़िया सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है| इस बीमारी से बचाव के लिए बच्चों के प्रति भी विशेष सजग रहने की जरूरत है । सभी लोगों को अपने बच्चे को निश्चित रूप से बीसीजी का वैक्सीन लगवाना आवश्यक है। इस बीमारी से बचाव के लिए यह सबसे बेहतर और आसान उपाय है। उन्होंने बताया कि यह बीमारी ट्यूबरक्लोसिस नामक एक बैक्टेरिया के कारण होती है। इस बीमारी से सबसे अधिक प्रभावित फेफड़ा होता है क्योंकि, हवा के जरिये यह बीमारी एक से दूसरे इंसान के अंदर फैलता है। टीबी के मरीज के खांसने और छींकने के दौरान मुंह, नाक से निकलने वाली बारीक बूंदें इन्हें फैलाती है। फेफड़ों के अलावा किसी दूसरे अंग पर टीबी इतना संक्रामक नहीं होता है।

टीबी पीड़ित बच्चे के संपर्क से सामान्य बच्चे को बचाएँ :-
डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि टीबी पीड़ित बच्चे के संपर्क से सामान्य बच्चे को दूर रखें। यदि घर से बाहर जाने की आवश्यकता हो तो बच्चे को मास्क पहनाकर ही बाहर भेजें। इसके साथ हीं बच्चों को श्वसन संबंधित स्वच्छता रखने के लिए भी प्रेरित करें। उन्हें पौष्टिक आहार के साथ खानपान में विटामिन – सी वाले भोज्य पदार्थ दें। टीबी पीड़ित बच्चों के लिए अच्छी नींद बहुत जरूरी है।

लक्षण महसूस होते ही कराएं जाँच : –
डा. कुमार के कहा कि टीबी का लक्षण महसूस होते ही ऐसे मरीजों को बिना देरी किए अपनी जाँच करवानी चाहिए। जिला सदर अस्पताल सहित जिले के सभी पीएचसी तथा अन्य सरकारी अस्पतालों में मुफ्त जाँच एवं दवाई की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही ऐसे मरीजों को उचित पोषण के तहत आहार के लिए सहायता राशि भी दी जाती है।

बचाव के उपाय : –
1- 2 हफ्ते से ज्यादा खांसी होने पर डॉक्टर को दिखाएं। दवा का पूरा कोर्स लें। डॉक्टर से बिना पूछे दवा बंद न करें ।
– मास्क पहनें या हर बार खांसने या छींकने से पहले मुंह को पेपर या नैपकिन से कवर करें।
– मरीज किसी एक प्लास्टिक बैग में थूकें और उसमें फिनाइल डालकर अच्छी तरह बंद कर डस्टबिन में डाल दें। यहां-वहां नहीं थूकें।
– पौष्टिक खाना खाएं, व्यायाम व योग करें ।
– बीड़ी, सिगरेट, हुक्का, तंबाकू, शराब आदि से परहेज करें।
– भीड़-भाड़ वाली और गंदी जगहों पर जाने से बचें।

ये हैं टीबी के लक्षण:—-
– भूख न लगना, कम लगना तथा वजन अचानक कम हो जाना।
– बेचैनी एवं सुस्ती रहना, सीने में दर्द का एहसास होना, थकावट व रात में पसीना आना।
– हलका बुखार रहना।
– खांसी , खांसी में बलगम तथा बलगम में खून आना। कभी-कभी जोर से अचानक खांसी में खून आ जाना।
– गर्दन की लिम्फ ग्रंथियों में सूजन आ जाना तथा वहीं फोड़ा होना।
– गहरी सांस लेने में सीने में दर्द होना, कमर की हड्डी पर सूजन, घुटने में दर्द, घुटने मोड़ने में परेशानी आदि।
– महिलाओं को बुखार के साथ गर्दन जकड़ना, आंखें ऊपर को चढ़ना या बेहोशी आना ट्यूबरकुलस मेनिन्जाइटिस के लक्षण हैं।
– पेट की टीबी में पेट दर्द, अतिसार या दस्त, पेट फूलना आदि होते हैं।
– टीबी न्यूमोनिया के लक्षण में तेज बुखार, खांसी व छाती में दर्द होता है।

– इन मानकों का पालन कर कोविड-19 से रहें दूर : –
– 6 फीट की शारीरिक दूरी के नियम का हमेशा करें पालन ।
– साफ-सफाई का रखें विशेष ख्याल ।
– लगातार साबुन से हाथ धोएँ। पानी और साबुन उपलब्ध नहीं होने पर हैंड सैनिटाइजर का करें उपयोग ।
– घर से निकलते समय हमेशा मास्क लगाएँ।
– ऑख, नाक, मुँह को अनावश्यक नहीं छुएं। छूने से पूर्व हाथ को धोएँ या सैनिटाइज करें।
– बातचीत के दौरान सतर्कता का रखें विशेष ख्याल ।

भागलपुर में कोरोना टीकाकरण की तैयारी को दिया जा रहा अंतिम रूप

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-सिविल सर्जन ने नारायणपुर प्राथमिक स्वास्थ्य का किया दौरा
-नारायणपुर में टीकाकरण की तैयारी को देख संतुष्ट हुए सिविल सर्जन

भागलपुर-

जिले में कोरोना के टीकाकरण की चल रही तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है. इस सिलसिले में मंगलवार को सिविल सर्जन विजय कुमार सिंह ने नारायणपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का जायजा लिया. वहां पर टीकाकरण को लेकर चल रही तैयारियों को देखा.

नारायणपुर पीएचसी में पहले दिन 100 लोगों को टीका दिया जाएगा –
नारायणपुर पीएचसी में पहले दिन 100 लोगों को टीका दिया जाएगा. इसे लेकर वहां पर तीन रूम की व्यवस्था की गई है. सिविल सर्जन ने तीनों ही रूम को देखा और वहां की तैयारियों से संतुष्ट दिखे. इस दौरान उन्होंने पीएचसी प्रभारी डॉ विजयेंद्र कुमार विद्यार्थी को बताया कि 16 तारीख को यहां पर 100 लोगों को टीका दिया जाएगा. इसकी सूची जिला स्वास्थ्य समिति से आएगी. उसके अनुसार लोगों को टीका दिलवा देंगे. इसके अलावा पहले चरण के बाद किस तरह से टीकाकरण होना है इसे लेकर भी उन्होंने पीएचसी प्रभारी को निर्देश दिया.
पहले चरण में भागलपुर में 10 जगहों पर टीकाकरण होना है-
पीएचसी प्रभारी डॉ विद्यार्थी ने बताया कि पहले चरण में भागलपुर में 10 जगहों पर टीकाकरण होना है. उसमें एक नारायणपुर पीएचसी भी है. हमलोग यहां पर इसकी तैयारी में लगे हुए हैं. सीएस यहां की तैयारी से संतुष्ट दिखे. यहां के कर्मियों ने भी टीकाकरण को लेकर प्रशिक्षण ले लिया है. बस अब टीका आ जाने के बाद 16 तारीख से टीकाकरण शुरू हो जाएगा.

पहले चरण में 12,000 लोगों को पड़ेगा टीका: भागलपुर में पहले चरण में लगभग 12,000 स्वास्थ्यकर्मियों को टीका दिया जाएगा. इसकी सूची तैयार है और जानकारी भी पोर्टल पर अपलोड कर दी गई है. पोर्टल पर सभी लोगों के मोबाइल नंबर, आधार नंबर और पैन कार्ड नंबर अंकित है. टीकाकरण के पहले सभी को मैसेज जाएगा. इसके बाद सभी लोग टीका दिलवाने के लिए नारायणपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आएंगे.
कुछ इस तरह से होगा टीकाकरण: नारायणपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ विजयेंद्र कुमार विद्यार्थी ने बताया कि कोरोना का टीका लगवाने वाले स्वास्थ्यकर्मी अपने-अपने टीकाकरण केंद्र पर पहुंचेंगे और . कतार में लगते ही वहां पर तैनात सिपाही उन्हें सेनिटाइज करेंगे. इसके बाद एक पर्ची दी जाएगी. पर्ची लेकर स्वास्थ्यकर्मी वेटिंग हॉल में जाकर बैठ जाएंगे. नंबर आते ही वह दूसरे टीकाकरण कक्ष में चले जाएंगे. जहां टीका लगने के साथ ही स्वास्थ्यकर्मी को मिली पर्ची पर टीका लगने का समय एएनएम दर्ज करेंगी. इसके बाद वह व्यक्ति सीधे तीसरे कक्ष यानी कन्वेंशन रूम जाकर आराम करने लगेंगे. आधा घंटा बीतने के बाद स्वास्थ्यकर्मी पर्ची के साथ बाहर निकलेंगे. वहां पर मौजूद सिपाही पर्ची के ऊपर समय लिखेंगे. इसके बाद व्यक्ति को अगली बार पड़ने वाले टीका की तारीख बता दी जाएगी. इसके बाद प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.

कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढकें.
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें