कोविड-19 टीकाकरण के लिए स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण अंतिम चरण में

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• करीब 4.74 लाख लाभार्थियों ने कराया टीकाकरण के लिए कोविन पोर्टल पर पंजीकरण
पटना-

राज्य में होने वाले कोविड-19 टीकाकरण को लेकर राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है. कोरोना टीकाकरण के प्रथम चरण में चिन्हित सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों के स्वास्थ्यकर्मियों का कोविन पोर्टल पर निबंधन का कार्य भी तेजी से हो रहा है. कोविड टीकाकरण के लिए स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण पूरे राज्य में अंतिम चरण में है. अभी तक 4,74,338 लाभार्थियों का पंजीकरण कोविन पोर्टल पर हो चुका है.

स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण अंतिम चरण में:

कोविड टीकाकरण के लिए स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण पूरे राज्य में अंतिम चरण में है और स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण आरम्भ करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. वैक्सीन के समुचित रख रखाव के लिए कोल्ड चेन प्रणाली को पूरी तरह से तैयार कर लिया गया है और हर जिले में इसकी निगरानी की जा रही है. स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन कोविड टीकाकरण को लेकर पूरी तरह से सजग और तत्पर है. कोविड टीके के भण्डारण एवं इसे राज्य के अन्य क्षेत्रीय भंडार केन्द्रों तक पहुँचाने में एनएमसीएच स्थित राज्य टीकौषधी भंडार महत्वपूर्ण भूमिका में है. राज्य टीकौषधी भंडार में कोविड-19 के टीके के भण्डारण के लिए एक वाक इन कूलर को चिन्हित किया गया है, जिसकी क्षमता लगभग 3 लाख वायल है. विभिन्न जिलों में सीरिंजों की पूरी खेप पहुंचाने की व्यवस्था की गयी है ताकि टीकाकरण का कार्य सुचारू रूप से किया जा सके.

कोविड-19 टीकाकरण के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:

कोविड का टीका सभी के लिए पूरी तरह सुरक्षित है और इसे लगवाने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने पोस्टर जारी कर जनमानस को इसके तरीके के बारे में अवगत कराया है.

टीकाकरण के लिए निम्न चरणों का पालन करें:
• उचित फोटो आईडी का उपयोग कर कोविन सिस्टम में पंजीकरण कराएँ
• पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त एसएमएस की पुष्टि कर निर्देशों का पालन करें
• टीकाकरण स्थल पर टीकाकरण अधिकारी-1 लाभार्थी का फोटो आईडी और पंजीकरण सन्देश की जांच करेंगे
• टीकाकरण अधिकारी-2 कोविन सिस्टम से दस्तावेजों को प्रमाणित करेंगे
• टीकाकरण अधिकारी लाभार्थियों को टीका लगायेंगे
• टीका लगने के बाद निर्धारित क्षेत्र में 30 मिनट तक रुकना होगा
• टीकाकरण अधिकारी-4 और 5 सुनिश्चित करेंगे की लाभार्थी टीकाकरण के उपरान्त 30 मिनट तक रुके और गैर पंजीकृत लाभार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे
• दूसरा टीका लगवाने के लिए एसएमएस के अनुसार दी तारीख पर आएं

वैक्सीन आने की खबर से स्वास्थ्य कर्मियों में भी है उत्साह, कहा – अब होगा नया सवेरा

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– चौथम सीएचसी में तैनात एएनएम अनिला कुमारी ने कहा – पहले खुद लूँगी वैक्सीन फिर दूसरों को भी करूँगी प्रेरित

– पहले चरण में ही होगा स्वास्थ्य कर्मियों का वैक्सीनेशन
– वैक्सीन से स्थाई निजात की उम्मीद जरूर, पर जारी रखना होगा एहतियात

खगड़िया-

कोविड-19 से बचाव के लिए आने वाली वैक्सीन की खबर से स्वास्थ्य कर्मियों समेत आमलोगों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों में तो इसलिए भी उत्साह है कि सरकारी निर्देशों के अनुसार उन्हें पहले चरण में ही वैक्सीन देने के लिए चयन किया गया है। इसको लेकर जिले के सभी स्वास्थ्य कर्मियों का डेटाबेस तैयार कर वेबसाइट पर अपलोड भी हो चुका है। अब सिर्फ वैक्सीन आने का कर्मियों को बेसब्री से इंतजार है। वैक्सीन आने के साथ ही पहले चरण वाले कर्मियों को वैक्सीन देने का कार्य शुरू हो जाएगा। टीकाकरण की तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए स्वास्थ्य कर्मी पूरी मुस्तैदी के साथ अपने-अपने कार्यों में जुटे हुए हैं।

– पहले खुद लूँगी वैक्सीन फिर दूसरों को भी करूंगी प्रेरित :-
जिले के चौथम सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) में तैनात एएनएम अनिला कुमारी ने कहा कि वैक्सीन आने की खबर से वाकई स्वास्थ्य कर्मियों में खुशी का माहौल है। खासकर इस बात को लेकर भी खुशी है कि सरकार ने उन्हें पहले चरण में ही वैक्सीन देने का निर्णय लिया है। इसलिए, मैं सरकार के फैसले का सम्मान करते हुए पूरी निष्ठा और विश्वास के साथ पहले खुद वैक्सीन लूँगी और फिर दूसरों को भी वैक्सीन लेने के लिए प्रेरित करूँगी। ताकि हर हाल में वैक्सीनेशन का सफल क्रियान्वयन हो सके और लोग अफवाहों से बच सकें।

– कोविड-19 वैक्सीनेशन के लिए करूँगी जागरूक :-
एएनएम अनिला कुमारी ने कहा कि कोविड-19 के उस मुश्किल भरे दौर में भी जिस जिम्मेदारी के साथ लोगों को बचाव के लिए जागरूक करती रही। उसी जिम्मेदारी और जुनून के साथ लोगों को वैक्सीनेशन के लिए भी जागरूक करूँगी| इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक वैक्सीन की सही जानकारी पहुँचाउंगी और वैक्सीनेशन के लिए जागरूक करूँगी। ताकि हर लोग जिस कोविड-19 जाँच कराने के लिए पूरी उत्साह के साथ आगे आए थे उसी उत्साह के साथ वैक्सीनेशन के लिए भी आगे आयें ।

– वैक्सीनेशन के बाद भी सतर्कता जरूरी:-
एएनएम अनिला कुमारी ने कहा कि वैक्सीन आने की खबर से निश्चित ही सभी कर्मी उत्साहित हैं । क्योंकि, वैक्सीन का लंबे समय से समाज के हर व्यक्ति इंतजार कर रहे हैं। दरअसल, वैक्सीन आने के बाद ही लोगों को कोविड-19 से स्थाई निजात की उम्मीद है। मेरा मानना है कि हर कर्मियों को वैक्सीनेशन के बाद सतर्क और सावधान रहना जरूरी है। इसके बाद भी कम से कम मास्क का नियमित उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखना चाहिए। ताकि संक्रमण की संभावना पूर्ण रूप से खत्म हो।

– वैक्सीनेशन के बाद नया सवेरा के साथ जिंदगी की होगी शुरुआत:-
एएनएम अनिला कुमारी ने कहा कि कोविड-19 के लिए वैक्सीन आने की खबर से लोगों में कोविड-19 से स्थाई निजात के साथ-साथ नया सवेरा की भी उम्मीद है। इसलिए, वैक्सीनेशन के बाद लोग राहत तो महसूस करेंगे ही, इसके अलावे नया सवेरा के साथ जिंदगी की शुरुआत कर पूर्व की भाँति खुद को सुरक्षित महसूस करते निर्भीक होकर अपने-अपने कार्यों में सामान्य तरीके से जुट जाएँगे।

– वैक्सीनेशन के बाद लोगों को होगा फायदा:-
एएनएम अनिला कुमारी का मानना है कि वैक्सीनेशन के बाद विभागीय कर्मियों के साथ-साथ क्षेत्र के आमलोगों को भी फायदा होगा। क्योंकि, इन कर्मियों को अपने सहकर्मियों के साथ-साथ आमलोगों के बीच ही रहकर कार्य करना है। इसलिए, ऐसे में हमलोगों के वैक्सीनेशन के बाद समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर:-
– साबुन या अन्य अल्कोहलयुक्त पदार्थों से लगातार हाथ धोने की आदत डालें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– अनावश्यक मुँह, नाक और ऑख नहीं छएं।
– मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– बाहरी खाना खाने से बचें।

जगदीशपुर और पीरपैंती में खुलेगी ब्लड स्टोरेज यूनिट

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-गर्भवती महिलाओं को नहीं होने दी जाएगी खून की कमी
-ब्लड स्टोरेज यूनिट खोलने में केयर इंडिया कर रहा है सहयोग

भागलपुर-

जिले के पीरपैंती और जगदीशपुर में ब्लड स्टोरेज यूनिट खुलने जा रही है. इन दो प्रखंडों में ब्लड स्टोरेज यूनिट खुल जाने से गर्भवती महिलाओं को काफी राहत मिलेगी. उन्हें जरूरत पड़ने पर खून की कमी नहीं होने दी जाएगी. अभी जरूरत पड़ने पर उन्हें मायागंज अस्पताल आना पड़ता है, लेकिन वहां पर ब्लड स्टोरेज खुलने से आसानी से खून उपलब्ध हो जाएगा. दोनों ही प्रखंड में ब्लड स्टोरेज यूनिट चालू करवाने में केयर इंडिया भी सहयोग कर रही है.
ब्लड स्टोरेज यूनिट खोलने को लेकर कवायद चल रही-
सिविल सर्जन डॉक्टर विजय कुमार सिंह ने बताया कि ब्लड स्टोरेज यूनिट खोलने को लेकर कवायद चल रही है. फरवरी के पहले सप्ताह तक इसके चालू हो जाने की उम्मीद है. ब्लड स्टोरेज यूनिट चालू हो जाने से जगदीशपुर और पीरपैंती प्रखंड के लोगों को काफी राहत मिलेगी. विशेषकर गर्भवती महिलाओं को. गर्भवती महिलाओं के अलावा अन्य मरीज जिनका ऑपरेशन होता है और उन्हें खून की जरूरत होती है, उन्हें भी फायदा होगा.

500 से अधिक गर्भवती महिलाएं हर महीने आती हैं प्रसव कराने के लिए: केयर इंडिया के एफपीसी आलोक कुमार का कहना है कि जगदीशपुर और पीरपैंती प्रखंड क्षेत्र में हर महीने 500 से अधिक गर्भवती महिलाएं प्रसव के लिए अस्पताल आती हैं. इनमें से दर्जनों गर्भवती महिलाओं को ब्लड की जरूरत पड़ती है, लेकिन अभी ब्लड स्टोरेज यूनिट नहीं है तो उन्हें मायागंज रेफर करना पड़ता है.जब ब्लड स्टोरेज यूनिट चालू हो जाएगी तो ऐसी नौबत नहीं आएगी.

मातृ मृत्यु दर में आएगी कमी: आलोक कुमार ने बताया कि ब्लड स्टोरेज यूनिट खुल जाने से मातृत्व मृत्यु दर में भी कमी आएगी. उन्होंने कहा कि प्रसव के बाद अगर पीपीएच की समस्या हो जाती है तो 2 घंटे के अंदर गर्भवती महिलाओं को खून की जरूरत पड़ती है. पीरपैंती से भागलपुर आने में अगर जाम मिल गया तो देरी हो जाती है. इन सब झंझट से आमलोगों को मुक्ति मिलेगी. जब वहां पर ब्लड स्टोरेज यूनिट रहने से तत्काल खून उपलब्ध करवाकर पीड़ित महिलाओं को दे दिया जाएगा. इससे उनकी जान बच जाएगी.

दियारा क्षेत्र के लोगों को विशेष फायदा: आलोक कुमार कहते हैं कि पीरपैंती प्रखंड में दियारा वाला इलाका अधिक है, जबकि जगदीशपुर में नदियों की संख्या अधिक है. इस वजह से दोनों ही प्रखंडों में आवागमन की सुविधा में लोगों को समस्या होती है. आने जाने में समय लगता है. ब्लड स्टोरेज यूनिट खुल जाने से अब लोगों को ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ेगा. इसलिए इन दो प्रखंड के लोगों को इस मायने में बहुत फायदा होगा. उन्हें ब्लड के लिए ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ेगा. इससे समय की बचत होगी और मरीजों की जान बचेगी.

कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढकें ढंके.
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें

कोरोना वैक्सीन के सुरक्षित स्टोरेज और ट्रांसपोर्टेशन के लिए जिले भर में कोल्ड चेन और रेफ्रिजरेटेड वाहन की व्यवस्था

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– सदर अस्पताल हॉस्पिटल के आरएचएस में बनाया गया है एक बड़ा कोल्ड सेंटर
– जिले के सभी पीएचसी पर बनाए गए हैं कोल्ड चेन

लखीसराय-

मकर संक्रांति के बाद 16 जनवरी से राज्य भर में कोरोना टीकाकरण शुरू होने जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिले में भी कोरोना वैक्सीन के स्टोरेज के लिए सदर अस्पताल में एक बड़ा कोल्ड सेंटर बनाया गया है। यहां वैक्सीन को लगभग 2 डिग्री सेल्सियस पर सुरक्षित रखने की तैयारी की जा रही है। जिले भर में कोरोना वैक्सीन के और सुरक्षित लॉजिस्टिक की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी की है।
टीकाकरण अभियान के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी-
लखीसराय के जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार भारती ने बताया कि जिले में कोरोना टीकाकरण अभियान के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई है । सदर अस्पताल हॉस्पिटल स्थित आरएचएस में बनाए गए सबसे बड़े कोल्ड सेंटर से जिला के विभिन्न पीएचसी में बनाये गए कोल्ड चेन में वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए 2 डिग्री तापमान मेंटेन रखने कि की कोशिश की जा रही है।

कोविशील्ड के वैक्सीन का रखरखाव सुविधाजनक :
उन्होंने बताया कि बिहार में सीरम इंस्टीटूट इंस्टिट्यूट का कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड कि वैक्सीन आने जा रही है। बिहार के भौगोलिक परिवेश में कोविशील्ड वैक्सीन का रखरखाव सुविधाजनक है। इस वैक्सीन को 2 डिग्री तापमान पर लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

कोरोना काल में इन सावधानियों का करें इस्तेमाल :
– अपने – अपने घरों से बाहर निकलने की कि स्थिति में सभी लोग अनिवार्य रूप से मास्क लगाएं लगाए। इसके साथ हीं मास्क नहीं रहने की स्थिति में रुमाल, गमछा सहित अन्य कपड़ों से अपने नाक को ढकें ताकि कोरोना संक्रमण का खतरा कम से कम हो सके।

– घर से बाहर भीड़- भाड़ र वाले जगहों पर जाने पर सभी लोग शारीरिक दूरी के नियम के तहत एक- दूसरे से कम से कम दो गज या छह फीट की दूरी रखें।

– कुछ भी छूने की कि स्थिति सभी लोग एक निश्चित अंतराल पर अपने हाथों को साफ करने के लिए साबुन साबून या हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।

बांका जिला में टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्यकर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण

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-सदर अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों ने टीकाकरण की प्रक्रिया को समझा
-16 जनवरी से जिले में कोरोना टीकाकरण की हो सकती है शुरुआत

बांका-

कोरोना की रोकथाम को लेकर जिले में 16 जनवरी से टीकाकरण शुरू हो जाएगा. इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग जोर-शोर से लगा हुआ है. इसकी सफलता को लेकर 8 जनवरी को जिले के तीन अस्पतालों में ड्राई रन भी किया गया. सोमवार को सदर अस्पताल समेत जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मियों को टीकाकरण को लेकर प्रशिक्षण दिया गया. सभी लोगों को टीकाकरण के दौरान उनकी भूमिका के बारे में बताया गया.
टीकाकर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया-
सदर अस्पताल के मैनेजर अमरेश कुमार ने बताया कि डाटा ऑपरेटर, एएनएम और सुरक्षा गार्ड को उनके कार्य के बारे में बताया गया. जब टीकाकरण की शुरुआत होगी, उनकी क्या भूमिका रहेगी और उनको कैसे काम करना है. इसके बारे में हमलोगों ने प्रशिक्षण दिया. इसी तरह से शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. बजरंग गुप्ता और कटोरिया रेफरल अस्पताल में डॉ. विनोद कुमार ने स्वास्थ्यकर्मियों को टीकाकरण का प्रशिक्षण दिया. अन्य सरकारी अस्पतालों में भी वहां के प्रभारी ने स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण दिया.

लाभार्थियों का ब्योरा वेबसाइट पर जल्द करें अपलोड: प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों को बताया गया कि उनके केंद्र के सभी लाभार्थियों का ब्योरा वेबसाइट पर जल्द अपलोड कर लें. जिसमें लाभार्थी का मोबाइल, आधार और पैन कार्ड नंबर लिखा रहेगा. डाटा अपलोड हो जाने के बाद लाभार्थी के मोबाइल पर मैसेज चला जाएगा. मैसेज में केंद्र का नाम और टीकाकरण का दिन लिखा रहेगा. उस दिन पहुंचने पर वहां मौजूद सिपाही लाभार्थी को सैनिटाइज करेगा. इसके बाद वहां मौजूद डाटा ऑपरेटर लाभार्थी को सत्यापित करेगा और एएनएम लाभार्थी को पर्ची देगी. टीकाकरण के बाद एएनएम पर्ची पर समय दर्ज करेगी. इसके बाद लाभार्थी कन्वेंशन रूम में आधा घंटा तक आराम करेगा. इसके बाद वह पर्ची के साथ बाहर निकलेंगे, जहां पर सिपाही पर्ची के ऊपर समय लिखेगा. इस दौरान लाभार्थी को टीकाकरण के दूसरे दौर की तारीख भी बता दी जाएगी.

पहले चरण में 10 हजार स्वास्थ्यकर्मियों को पड़ेगा टीका: 16 जनवरी से शुरू हो रहे कोरोना टीकाकरण के पहले चरण में जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों के स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना का टीका पड़ेगा. इसके अलावा आईसीडीएस में काम करने वाले लोगों को भी टीका दिया जाएगा. जिले में ऐसे लोगों की संख्या 10,000 है. इनमें से अधिकांश की सूची बनकर तैयार है. टीका आ जाने के बाद टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. पहला चरण जो पूरा हो जाएगा तो दूसरे चरण में सभी सरकारी कर्मियों, बुजुर्गों, गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों और कोरोना के संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों को टीका दिया जाएगा. आखिरी चरण में आमलोगों को टीका दिया जाएगा. इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग की सारी तैयारी पूरी है.

कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढकें.
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें

एनएमसीएच पहुँच मुख्यमंत्री ने राज्य टीकौषधी भंडार का लिया जायजा

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• टीके के भंडारण के लिए 5 वाक इन कूलर एवं 3 वाक इन फ्रीजर है उपलब्ध
• टीकौषधी भंडार में औसतन 5 लाख वायल रहता है उपलब्ध
• -कोविड टीका भंडारण के लिए 1 वाक इन कूलर चिन्हित, 3 लाख वायल होगी क्षमता
• राज्य के 10 क्षेत्रीय टीकौषधी भंडार को की जाती है आपूर्ति

पटना-

कोरोना संक्रमण से लोगों को निजात दिलाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना वैक्सीन लॉन्च अंतिम चरण में है। इस दिशा में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को एनएमसीएच पहुँच वहाँ स्थित राज्य टीकौषधी भंडार का जायजा लिया। कोविड-19 टीका लॉन्च के मद्देनजर मुख्यमंत्री का यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ माननीय मंत्री, स्वास्थ्य श्री मंगल पाण्डेय, प्रधान सचिव, स्वास्थ्य, बिहार सरकार प्रत्यय अमृत, BMSICL के प्रबंध निदेशक प्रदीप कुमार झा, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार, प्रशासी पदाधिकारी, राज्य स्वास्थ्य समिति, खालिद अरशद एवं राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. एनके सिंहा भी शामिल थे.
कोविड टीके के भण्डारण एवं इसे राज्य के अन्य क्षेत्रीय भंडार केन्द्रों तक पहुँचाने में एनएमसीएच स्थित राज्य टीकौषधी भंडार की भूमिका अहम होगी. राज्य टीकौषधी भंडार में कोविड-19 के टीके के भण्डारण के लिए एक वाक इन कूलर को चिन्हित किया गया है, जिसकी क्षमता लगभग 3 लाख वायल है. अब तक राज्य के 21 जिलों को कोविड-19 के टीका कार्य के लिए सिरिंज भी उपलब्ध करायी जा चुकी है. बताते चलें नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल(एनएमसीएच), पटना के परिसर में राज्य टीकौषधी भंडार का निर्माण वर्ष 2018 में बिहार चिकित्सा आधारभूत संरचना निगम द्वारा किया गया था। यह भवन चार मंजिल का है.

टीकाकरण संबंधित उपकरणों का किया जाता है भंडारण:

राज्य टीकौषधी भंडार में प्रतिरक्षण से संबंधित 11 प्रकार के टीके, सिरिंज,कोल्ड बॉक्स, वैक्सीन कैरियर एवं शीत श्रृंखला से संबंधित उपकरण के भंडारण की व्यवस्था है। टीकों के भंडारण के लिए यहाँ 5 वाक इन कूलर एवं 3 वाक इन फ्रीजर उपलब्ध हैं, जिससे उचित तापमान पर टीकों का भंडारण किया जाता है। तापमान की निगरानी ईविन के डाटा लॉगर एवं थर्मामीटर द्वारा की जाती है। प्रत्येक वाक इन कूलर एवं वाक इन फ्रीजर के निर्वाध विधुत आपूर्ति के लिए अलग से जेनेरेटर की भी व्यवस्था उपलब्ध है।

भंडारण वाक इन कूलर की 15 लाख एवं वाक इन फ्रीजर की 5 लाख औसतन भंडारण क्षमता:
राज्य टीकौषधी भंडार में वाक इन कूलर की औसतन भण्डारण क्षमता 15 लाख वायल एवं वाक इन फ्रीजर की औसत क्षमता 5 लाख वायल है. राज्य टीकौषधी भंडार में औसतन 5 लाख वायल हमेशा उपलब्ध भी रहते हैं. राज्य स्तरीय टीकौषधी भंडार में रेफ्रिजरेटेड वैन/ कोल्ड बॉक्स के द्वारा राज्य राज्य के 10 क्षेत्रीय टीकौषधी भंडार को टीकों की आपूर्ति की जाती है. निर्धारित तापमान की गुणवत्ता की निगरानी के लिए सभी रेफ्रिजरेटेड वैन में फ्रीज टैग/ लॉग टैग रखा जाता है. सभी क्षेत्रीय टीकौषधी भंडार से कोल्ड बॉक्स के अंदर को रखकर इंसुलेटेड वैन के द्वारा सभी जिलों के टीकौषधी भंडार में आपूर्ति की जाती है. इसके बाद अन्य टीकौषधी भंडार (कोल्ड चेन पॉइंट) को टीका उपलब्ध की जाती है. जिलों में टीकों का भण्डारण इसे लाइन रेफ्रीजरेटर( आईएलआर) एवं डीप फ्रीज़र तथा प्रखंड स्तर पर टीकों का भण्डारण आइस लाइन में किया जाता है.
वर्तमान में भारत सरकार द्वारा 270 स्माल आइस लाइन रेफ्रीजरेटर एवं 162 लार्ज आइस लाइन रेफ्रीजरेटर की आपूर्ति की गयी है. जिसमें से 423 आइस लाइन रेफ्रीजरेटर जिलों को उपलब्ध करायी जा चुकी है.

मकर संक्रान्ति के बाद जिले में कोरोना टीकाकरण अभियान की होगी शुरुआत

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– कोरोना टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले भर में युद्धस्तर पर की जा रही है तैयारी

– कोरोना वैक्सीन के रखरखाव कि व्यवस्था से सम्बंधित प्रशिक्षण के लिए पटना गए जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी

मुंगेर-

कोरोना टीकाकरण को लेकर संभावित तिथि की घोषणा मकर संक्रांति के बाद हो सकती है। इसको ले जिले में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी गई है । कोरोना वैक्सीन के रखरखाव व ट्रांसपोर्टेशन से सम्बंधित विषयों पर आधारित राज्यस्तरीय प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी प्रकाश चंद्र सिन्हा पटना गए हुए हैं।
कोरोना टीकाकरण के लिए सभी आवश्यक तैयारियां युद्धस्तर पर –
कोरोना वायरस के संक्रमण और कोरोना टीकाकरण को ले बनाए गए जिला नियंत्रण कक्ष के नोडल ऑफिसर डॉ. निरंजन कुमार सिंह ने बताया कि जिले भर में कोरोना टीकाकरण के लिए सभी आवश्यक तैयारियां युद्धस्तर पर की रही हैं । पिछले 3 जनवरी को ड्रग कंट्रोल जनरल के द्वारा सीरम इंस्टिट्यूट पुणे में बनी ऑक्सफ़ोर्ड- एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन कोविशील्ड और एक और वैक्सीन कोवैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिलने के बाद जिले में तैयारियां युद्धस्तर पर की जा रही है।

मकर संक्रांति के बाद जिले में कोरोना टीकाकरण की संभावना :
उन्होंने बताया कि 14 जनवरी मकर संक्रांति के दिन जब भगवान सूर्य अपनी दिशा बदलेंगे ठीक उसी वक्त जिले में टीकाकरण अभियान चलाकर स्वास्थ्य कर्मी एवं वैक्सीनेटर अधिकारी लोगों को कोरोना का टीका लगाएंगे। उन्होंने बताया कि जिले के सभी पीएचसी पर कोरोना वैक्सीन के भंडारण की व्यवस्था की गई है। इसके साथ हीं जिला मुख्यालय से पीएचसी तक कोरोना वैक्सीन पहुंचाने के लिए रेफ्रिजरेटेड वाहन की व्यवस्था की गई है।

जिले में 3892 कोरोना संक्रमितों की संख्या :
उन्होंने बताया कि बुधवार तक जिले में कोरोना संक्रमितों कि कुल संख्या 3892 पहुंच गई है। इसमें से कुल 3818 कोरोना संक्रमित मरीज इलाज होने के बाद ठीक होकर अपने घर चले गए हैं और कुल 19 मरीजों का इलाज जिला मुख्यालय के हाजी सुजान कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पिटल में चल रहा है। इसके साथ हीं जिले में कोरोना संक्रमण से हुई मरीजों कि कुल संख्या भी 53 हो गई है।

कोरोना का वैक्सीन आने तक बरतें ये सावधानी :
1. घर से बाहर निकलने कि स्थिति में हमेशा मास्क पहनकर हीं निकलें।
2. अपने साथ हमेशा हैंड सैनिटाइज़र कि छोटी डिब्बी रखें और एक निश्चित अंतराल के बाद अपने हाथों को साबून या हैंड सैनिटाइजर से साफ करते रहें।
3. घर से बाहर भीड़- वाले स्थान पर जाने पर शरीरिक दूरी के नियम के तहत एक – दूसरे से कम से कम दो गज या छह फीट की दूरी रखें।
4. घर से बाहर निकलने पर बाज़ार में बनी चीजों को खाने-पीने से परहेज बरतते हुए घर में बनी चीजों को हीं प्राथमिकता दें।
5. अपने मुँह, आंख, नाक कान को बेवजह छूने से बचें और इन्हें निश्चित अंतराल के बाद साफ करते रहें।

जिम्मेदारी निभाओ, प्लान बनाओ कार्यक्रम के तहत परिवार की सभी नवदम्पति को किया जा रहा जागरूक

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– केयर इंडिया के सहयोग से जिलेभर में नई पहल किट का वितरण
– आशा कार्यकर्ता और एएनएम अपने क्षेत्र में घर- घर जाकर नव दम्पति को परिवार नियोजन को लेकर जागरूक कर रहीं

लखीसराय-

जिला मुख्यालय सहित सभी प्रखण्डों में केयर इंडिया के सहयोग से एएनएम और आशा कार्यकर्ता जिम्मेदारी निभाओ, प्लान बनाओ कार्यक्रम के तहत अपने क्षेत्र में घर- घर जाकर नव विवाहित जोड़ियों को परिवार नियोजन के लिये जागरूक कर रही हैं । इसके लिए आशा कार्यकर्ता और एएनएम बहनें नवदम्पतियों को एक नई पहल किट भी दे रही हैं । नई पहल किट में परिवार नियोजन के लिए अपनाये जाने वाले उपाय से सबंधित जानकारी से युक्त ब्रोसर, आईना, कंघी सहित कई अन्य सामान मौजूद हैं ।
आशा कार्यकर्ता अपने – अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर नवदम्पतियों को शादी के कम से कम दो साल के बाद हीं परिवार बढ़ाने की जानकारी दे रही-
जिले में परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. देवेंद्र चौधरी ने बताया कि केयर इंडिया के सहयोग से जिला मुख्यालय सहित सभी प्रखण्डों में में काम कर रही आशा कार्यकर्ता अपने – अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर नवदम्पतियों को शादी के कम से कम दो साल के बाद हीं परिवार बढ़ाने की जानकारी दे रही हैं। इसके साथ हीं पहले बच्चे के कम से कम तीन साल के बाद दूसरी बार परिवार बढ़ाने के लिए जागरूक कर रही हैं । उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ता एवं एएनएम बहनें नवदम्पतियों को दो बच्चों में अंतर रखने के लिए परिवार नियोजन के अस्थाई उपाय और दूसरे बच्चे के जन्म के बाद परिवार नियोजन के लिए स्थाई उपाय अपनाने के लिए जागरूक कर रही हैं ।

छोटा परिवार – सुखी परिवार के प्रति नवदम्पतियों को जिम्मेदार बनाने के लिए चलाया जा रहा है अभियान :
उन्होंने बताया कि छोटा परिवार – सुखी परिवार कि उद्देश्य पूर्ति के लिए नवविवाहित दम्पतियों के बीच जिम्मेदारी निभाओ प्लान बनाओ कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके लिए सभी दम्पतियों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से नई पहल नाम की एक किट दी जा रही है। जिसमें परिवार नियोजन के लिए अस्थायी और स्थाई उपाय के बारे में जानकारी दी गई है।

परिवार नियोजन के अस्थाई और स्थाई उपाय :
परिवार नियोजन के अस्थाई उपाय के तहत नवविवाहित पुरुषों को कंडोम का इस्तेमाल करने और महिलाओं को गर्भनिरोधक गोली खाने और इंजेक्शन लगवाने के साथ हीं कॉपर टी लगवाने की सलाह दी जाती है। इसके साथ हीं स्थाई उपाय के तहत पुरुषों को नसबंदी का ऑपरेशन करवाने और महिलाओं को महिला बन्ध्याकरण ऑपरेशन करवाने की सलाह दी जाती है।

कोरोना की गाइडलाइन का पालन करने में नहीं करें लापरवाही

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-कोरोना के मामले कम होने से लोग बरतने लगे हैं असावधानी
-ऐसा करना स्वास्थ्य के लिहाज से उचित नहीं है

बांका, 6 जनवरी
स्वास्थ्य विभाग के तमाम प्रयास के बाद कोरोना के मामले कम होने लगे हैं. इससे लोगों ने राहत की सांस ली है. लेकिन अभी भी ऐसा नहीं हुआ है कि लोग कोरोना संक्रमण से मुक्त हो गए हैं. जब तक कोरोना का टीका नहीं आ जाता है, तब तक लोगों को सावधान रहने की जरूरत है. जबसे कोरोना के मामले कम आने लगे हैं तबसे देखा जा रहा है कि लोग कोरोना की गाइडलाइन का पालन करने में ढिलाई बरत रहे हैं. ऐसा बिल्कुल भी नहीं करें. इस तरह की लापरवाही से आप कोरोना की चपेट में आ सकते हैं.

आमलोगों की भागीदारी को और आगे बढ़ाने की जरूरत-
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि कोरोना के मामले कम होने लगे हैं, यह अच्छी खबर है. इसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ आमलोगों की भी भागीदारी है, लेकिन इसे आगे और बढ़ाने की जरूरत है. अगर इतने से हम संतुष्ट हो गए तो कोरोना जड़ से खत्म नहीं हो पाएगा और जब तक कोरोना जड़ से खत्म नहीं होगा तब तक इसके पसरने की संभावना बनी रहेगी. ऐसे में जरूरी है कि आप सावधानी बरतें.

ठीक से पहने मास्क: डॉ सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि ऐसा देखा जा रहा है कि सख्ती के चलते लोग घर से बाहर निकलते वक्त मास्क तो पहनते हैं, लेकिन उसे नाक और होंठ से नीचे कर देते हैं. ऐसा ना करें . नाक और मुंह से ही वायरस जाने की सम्भावना रहती है. इसलिए मास्क से मुंह और नाक को पूरी तरह से ढक लें.

सूती कपड़े का मास्क इस्तेमाल करें: डॉ. चौधरी कहते हैं कि सूती कपड़े का मास्क थोड़ा आरामदायक होता है और इससे किसी भी तरह का नुकसान नहीं होता है. अगर आप n95 मस्क नहीं भी पहनेंगे और सूती कपड़े का मास्क पहनेंगे तो यह फायदेमंद रहेगा. साथ ही गंदे मास्क भी ना पहने. सर्जिकल मास्क को 8 घंटे के इस्तेमाल के बाद उसे फेंक दें. ऐसा नहीं करने से अन्य बीमारी की का भी संभावना हो सकती है.

सामाजिक दूरी का हर हाल में करें पालन: डॉ. चौधरी कहते हैं कि कुछ लोग कहते दिखते हैं कि मुझे कुछ नहीं होगा, मुझे कोरोना नहीं होगा. ऐसी सोच नहीं रखें. लापरवाही बरतने पर कोई भी कोरोना की चपेट में आ सकता है. अगर आप घर के बाहर हैं या फिर अंदर दो गज की दूरी का पालन करें. एक-दूसरे के बीच 6 फीट की दूरी बनाकर रहें.

सार्वजनिक आयोजनों से रहें दूर: डॉ. चौधरी कहते हैं कि जबसे कोरोना के मामले कम आने लगे हैं लोग बढ़-चढ़कर सामाजिक आयोजनों में भाग लेने लगे हैं. अभी शादी का मौसम खत्म हुआ है, लेकिन बर्थडे पार्टी या मैरिज एनिवर्सरी जैसे आयोजनों में लोग जमकर मस्ती करते दिखते हैं, ऐसा ना करें. अगर आप आयोजन में जा भी रहे हैं तो कोरोना की गाइडलाइन का पालन करें. मास्क पहने रहें और दो गज की दूरी का पालन करें

नवजात शिशु और मातृ मृत्यु दर की जटिलताओं से अवगत हुई एएनएम

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सदर अस्पताल में चार दिवसीय अमानत प्रशिक्षण का आगाज

प्रशिक्षण लेने वाली एएनएम अपने- अपने क्षेत्र में इस पर करेंगी अमल

बांका, 6 जनवरी

नवजात शिशु और मातृ मृत्यु दर की जटिलताओं को लेकर चार दिवसीय अमानत प्रशिक्षण का बुधवार को सदर अस्पताल में आगाज हुआ. इस दौरान लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर में काम करने वाली एएनएम को केयर इंडिया के मेंटर ने सुरक्षित प्रसव के तरीके बताए. एएनएम को बताया गया कि सामान्य प्रसव से स्वस्थ बच्चे का कैसे जन्म होता है. साथ ही यह भी बताया गया कि प्रसव के बाद चिंतित मां की सम्मानपूर्वक तरीके से देखभाल कैसे की जाती है.
केयर इंडिया के डीटीएल डॉक्टर संजय महापात्रा ने बताया प्रशिक्षण के पहले दिन एएनएम को यह बताया गया कि नवजात शिशु की पुनर्जीवन की प्रक्रिया जन्म के 15 मिनट बाद कैसे की जाती है. प्रशिक्षण के दौरान आगे इसे डमी के जरिए करके दिखाया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण लेने वाली एएनएम अपने-अपने क्षेत्र में इस पर ठीक तरीके से अमल कर सकें. यहां प्रशिक्षण लेने वाली एएनएम अपने-अपने अस्पताल में जाकर मेंटर का काम करेंगी.

आज प्रायोगिक तौर पर होगा प्रशिक्षण: एएनएम को प्रशिक्षण दे रही केयर इंडिया की मेंटर जुलेखा नाज़नीन और रूबेदा नाज़नीन ने बताया मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से अमानत प्रशिक्षण का आयोजन किया जाता है. आज एएनएम को सुरक्षित प्रसव को लेकर सैद्धांतिक बात बताई गई. आगे इनलोगों को प्रायोगिक तौर पर करके दिखाएंगे. साथ ही प्रशिक्षण के दौरान नवजात शिशु की पुनर्जीवन प्रक्रिया जन्म के 15 मिनट बाद कैसे की जाती है, इसकी भी जानकारी दी.

प्रशिक्षण में कई नई बातों की जानकारी मिली: वहीं ट्रेनिंग ले रही एएनएम रिंकू कुमारी और मनीषा कुमारी ने बताया प्रशिक्षण का पहला दिन हमलोगों के लिए काफी फायदेमंद रहा. प्रशिक्षण के दौरान हमलोगों को बहुत सारी नई बातें बात सीखने को मिली. जिसे हमलोग क्षेत्र में प्रसव कराने के दौरान अपनाएंगे. इससे ना सिर्फ सुरक्षित तरीके से प्रसव हो सकेगा, बल्कि जच्चा और बच्चा भी स्वस्थ रहेगा.

चार प्रखंड की एएनएम को दिया जा रहा प्रशिक्षण: केयर इंडिया के डॉक्टर तौसीफ कमर ने बताया बाराहाट, धोरैया और सदर अस्पताल की दो-दो और फुल्लीडुमर की एक एएनएम को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. ये लोग आगे जाकर अपने-अपने अस्पताल में जाकर मेंटर का काम करेंगी और अपनी सहयोगी एएनएम को यहां प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारी को साझा करेंगी.

मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है मकसद: मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से अमानत प्रशिक्षण की शुरुआत की गई थी. अब इसका असर जिले में दिख रहा है. प्रशिक्षण जब से शुरू हुआ है तब से लेकर अब तक मातृ और शिशु मृत्यु दर में काफी कमी देखने में आ रही आई है. अमानत प्रशिक्षण के जरिए केयर इंडिया के मेंटर हर महीने एएनएम और जीएनएम को किसी एक चीज की जानकारी देती हैं जिसे वह अपने क्षेत्र में जाकर बाकी एएनएम और जीएनएम को बताती हैं. इसे एक महीने तक फॉलो किया जाता है. फिर दूसरे महीने किसी दूसरी चीज की जानकारी प्रशिक्षण के दौरान एक सप्ताह तक दी जाती है.

कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढकें.
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें