प्रीमियर वर्ल्ड व राष्ट्र जागरूकता के संपादक डॉ. राजेश कुमार देश रत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद एचीवमेंट अवार्ड-2020 से सम्मानित

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पटना-

थिएटर आर्टिस्ट से मॉडल एवं अभिनेता बनने के साथ-साथ पत्रकारिता जगत में भी अतुल्यनीय कार्य करने वाले पटना का राजा के नाम से सुप्रसिद्ध डॉ. राजेश कुमार को पत्रकारिता जगत में 25 वर्षों से भी अधिक कार्य करने एवं पत्रकारिता की दशा व दिशा बदलने के लिए देश रत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद एचीवमेंट अवार्ड-2020 के सम्मान से सम्मानित किया गया. ज्ञात हो कि डॉ. राजेश कुमार ने किशोरावस्था में अपने एक शौक “अखबार में नाम छपने” को पूरा करने के लिए पत्रकारिता करना प्रारम्भ किया था लेकिन धीरे-धीरे उनकी लेखनी की धार एवं शैली से मुरीद हो कर उन्हें पटना, आगरा, दिल्ली एवं मुंबई से प्रकाशित होने वाली दैनिक, साप्ताहिक व मासिक समाचार-पत्र व पत्रिका का सह-सम्पादक, उप-संपादक, सहायक संपादक, समाचार संपादक इत्यादि का पद मिला जिस पर रहते हुए डॉ. राजेश साहब ने जहाँ अपना एक अलग इमेज बनाया वहीँ पत्रकारिता जगत में एक विशेष व सर्वोच्च स्थान हासिल किया जो कि अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है. सम्पादक के अधीनस्थ काम करना डॉ. साहब को कुछ ख़ास रास नहीं आया तो इन्होंने खुद ही अपनी दो पत्रिका का प्रकाशन करने के साथ-साथ स्वतंत्र सम्पादन का भी कार्य प्रारम्भ किया. इनकी प्रथम पत्रिका प्रीमियर वर्ल्ड जहाँ मुंबई से प्रकाशित होती है वहीँ इनकी दूसरी पत्रिका राष्ट्र जागरूकता पटना से प्रकाशित होती है.
डॉ. राजेश कुमार साहब को पटना में स्थित वॉइस ऑफ़ जस्टिस द्वारा आयोजित आई.एम्.ए. हॉल में आयोजित एक सम्मान समारोह कार्यक्रम में देश रत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद एचीवमेंट अवार्ड-2020 का सम्मान दिया गया. इस अवसर पर जहाँ वॉइस ऑफ़ जस्टिस के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. पुरुषोत्तम कुमार ने कहा कि डॉ. राजेश कुमार को सम्मानित करना दरअसल सम्मान को सम्मानित करने जैसा है वहीँ कार्यक्रम संयोजक डॉ. राकेश दत्त मिश्र ने डॉ. राजेश कुमार को पत्रकारिता जगत का राजा कहते हुए कहा कि डॉ. साहब को सम्मानित कर के संस्था खुद को गौरान्वित महसूस कर रही है और डॉ. साहब का नाम आज देश के एक बड़े पत्रकार के रूप में लिया जाता है.

तीन वैक्सीन को दी गयी है परीक्षण की अनुमति

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• निदेशक, ड्रग्स कंट्रोलर ने प्रेस वार्ता में दी जानकारी
• तीन वैक्सीन को दी गयी है परीक्षण की अनुमति
• आपात स्थिति में वैक्सीन लगाने की दी गयी है अनुमति

लखीसराय/ 3 जनवरी-
कोरोनावायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लोग गाइडलाइन का पालन कर रहे हैं और अपने स्तर पर जरुरी सावधानियां बरत रहे हैं. अब लोगों की उम्मीद कोरोनावायरस के टीके पर जिसका टीका नववर्ष में लगना प्रारंभ हो जाएगा. कोविड-19 टीकाकरण चरणवार होगा और स्वास्थ्य विभाग एवं राज्य सरकार इसके लिए समुचित व्यवस्था कर चुकी है. कोविड-19 के लिए चयनित टीकों और उनकी विश्वशनीयता के बारे में मीडियाकर्मियों को निदेशक, ड्रग्स कंट्रोलर ने प्रेस वार्ता के माध्यम से जानकारी दी.

कोविड-19 की वैक्सीन है सभी के लिए सुरक्षित:
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए निदेशक, ड्रग्स कंट्रोलर डॉ.बी.जी.सोमानी ने बताया कोविड-19 टीकाकरण के लिए चयनित वैक्सीन जल्दी ही उपलब्ध करायी जाएगी. सरकार द्वारा तीन वैक्सीन को कोविड टीकाकरण के लिए चयनित किया गया है और ये सभी वैक्सीन ट्रायल के विभिन्न चरणों में है.

डॉ. सोमानी ने बताया केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने मैसर्स सीरम इंस्टीीट्यूट ऑफ इंडिया और मैसर्स भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड की त्वरित स्वीकृति प्रक्रिया साथ ही साथ मैसर्स कैडिला हैल्थ केयर लिमिटेड के चरण– 3 परीक्षणों से संबंधित अनुरोध के संदर्भ में सिफारिश की. उन्होंने बताया सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया की वैक्सीन ”कोविशिल्ड” जिसे एस्ट्रा जेंका और ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय के सहयोग से तैयार किया गया है उसका सफलता प्रतिशत करीब 70.42 है और इसके दोनों चरण के ट्रायल के नतीजे उत्साहवर्धक हैं. इस वैक्सीन के ट्रायल के नतीजे बताते हैं कि यह वैक्सीन विश्व में तैयार किये जा रहे किसी भी वैक्सीन से गुणवत्ता में कम नहीं है. इस वैक्सीन के 2 डोज लेने होंगे.

डॉ. सोमानी ने बताया भारत बायोटेक द्वारा विकसित की जा रही वैक्सीन “ कोवेक्सिन” के नतीजे भी उत्साहवर्धक हैं और इसके इस्तेमाल से प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि देखी जा रही है. इस वैक्सीन का ट्रायल सर्वप्रथम चूहों, खरगोश आदि पर किया गया और अब करीब 22,000 लोगों पर इसका ट्रायल किया जा चुका है. इस वैक्सीन के 800 से ज्यादा ट्रायल किये गए हैं और नतीजे सकारात्मक आये हैं. इस वैक्सीन के भी 2 डोज लेने होंगे. कैडिला हेल्थकेयर की वैक्सीन का ट्रायल भी अन्तम चरण में है और इसे करीब 26,000 लोगों पर टेस्ट करने का कार्य चल रहा है.

सभी वैक्सीन 2 से 8 डिग्री तापमान पर की जाएगी स्टोर:
डॉ. सोमानी ने बताया तीनो चयनित वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री तापमान पर स्टोर किया जायेगा जिससे यह सुरक्षित रह सकेगी.

कोविड-19 टीकाकरण के सफल कार्यान्वयन पर दिया गया बल

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• देश के 125 जिलों में 286 सत्र स्थलों पर हुआ आयोजन
• बिहार के 3 जिलों के 9 सत्र स्थलों पर हुआ मॉक ड्रिल
• देश में 1 लाख से अधिक वैक्सीनेटर हुए प्रशिक्षित
• को-विन सॉफ्टवेयर पर 75 लाख से अधिक लाभार्थी पंजीकृत
खगड़िया 3, जनवरी
 कोरोना टीकाकरण के सफ़ल क्रियान्वयन को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देश पर शनिवार को देश के राज्य/ केंद्रशासित प्रदेशों के 125 जिलों में 286 सत्र स्थलों पर मॉक ड्रिल आयोजित किया गया।  वहीं बिहार के 3 जिलों( जमुई, पटना एवं बेतिया) में कुल 9 सत्र स्थलों पर मॉक ड्रिल का आयोजन हुआ।  प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस संबंध में जानकारी दी है। जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस दौरान देशभर में 1.14 लाख वैक्सीनेटर को कोविड-19 टीकाकरण पर प्रशिक्षण भी प्राप्त हुआ।
बिहार सहित देश के 125 जिलों में कोविड-19 टीकाकरण को लेकर मॉक ड्रिल आयोजित
कोरोना टीकाकरण के सफल कार्यान्वयन को लेकर विभिन्न जिलों में आयोजित ड्राई रन यानी मॉक ड्रिल सत्र स्थल के लिए सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों( जिला अस्पताल/मेडिकल कॉलेज), निजी अस्पताल, ग्रामीण एवं शहरी सुदूर क्षेत्रों को शामिल किया गया।  ड्राई रन का उद्देश्य स्वास्थ्य प्रणाली में कोविड-19 टीकाकरण रोल-आउट के लिए निर्धारित तंत्रों का परीक्षण करना और ब्लॉक, जिला और राज्य में योजना, कार्यान्वयन और रिपोर्टिंग के लिए को-विन एप्लिकेशन के उपयोग के परिचालन का आकलन करना था।
सुबह 9 बजे से शुरू हुआ मॉक ड्रिल:
देशभर के सभी राज्यों/ केंद्रशासित प्रदेशों ने सुबह 9 बजे से ड्राई रन शुरू किया।  ड्राई रन की शुरुआत लाभार्थी डेटा अपलोड, सत्र साइट आवंटन,माइक्रो प्लानिंग,  टीका आवंटन, परीक्षण लाभार्थियों के साथ सत्र साइट प्रबंधन  एवं रिपोर्टिंग सिस्टम आदि  गतिविधियाँ के साथ हुयी।  ड्राई रन में आयोजित सभी गतिविधियों का आयोजन वास्तविक टीकाकरण दिवस के संभावित परिणामों के मद्देनजर किया गया।  टीकाकरण के बाद होने वाले प्रतिकूल प्रभाव के प्रबन्धन के लिए एडवर्स इवेंट्स फोल्विंग इम्यूनाइजेशन(एईएफआई) का अभ्यास किया गया। साथ ही इससे निपटने के लिए बनाये गए कॉल सेंटर का परीक्षण भी किया गया।
जिलाधिकारियों ने किया सुपरविजन:
 ड्राई रन की निगरानी जिला कलेक्टरों द्वारा की गई थी। दिन के दौरान सामने आने वाले मुद्दों और चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए जिला और राज्य स्तर पर डिबेटिंग बैठकों के साथ ड्राई रन समाप्त हुआ। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय  अपने अनुभव पर प्रतिक्रिया लेने के लिए पूरे दिन राज्यों के साथ लगातार संपर्क में था। राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों ने ड्राई रन के सफल आयोजन पर पूर्ण संतोष व्यक्त किया है जिसमें को-विन सॉफ्टवेयर के परिचालन प्रक्रिया और इसके लिंकेज शामिल हैं।
देशभर में सिरिंज और अन्य लॉजिस्टिक्स की पर्याप्त आपूर्ति :
कोविड-19 टीकाकरण के सफल कार्यान्वयन के लिए कोल्ड चेन इन्फ्रास्ट्रक्चर, सिरिंज एवं अन्य लॉजिस्टिक्स की पर्याप्त आपूर्ति भी सुनिश्चित की गई है। टीकाकरण स्थलों पर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पर लगभग 1,14,100 वैक्सीनेटरों को प्रशिक्षित किया गया  है, जिसमें लाभार्थी सत्यापन, टीकाकरण, कोल्ड चेन और लॉजिस्टिक्स प्रबंधन, बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, एईएफआई प्रबंधन और को-विन सॉफ्टवेयर पर जानकारी अपलोड करना शामिल है।
को-विन सॉफ्टवेयर पर 75 लाख से अधिक लाभार्थी पंजीकृत:
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोविड टीकाकरण के लिए टीके के वास्तविक स्टॉक की जानकारी, इनके भण्डारण तापमान एवं लाभार्थी के ट्रेकिंग के लिए को-विन सॉफ्टवेयर का निर्माण किया है।  यह सॉफ्टवेयर कार्यक्रम प्रबंधकों को पूर्व-पंजीकृत लाभार्थियों के लिए स्वचालित सत्र आवंटन करने में सहयोग करेगा।  साथ ही लाभार्थी के सत्यापन एवं वैक्सीन अनुसूची के सफल समापन पर एक डिजिटल प्रमाण पत्र भी उत्पन्न करेगा।  को-विन सॉफ्टवेयर पर अब तक 75 लाख से अधिक लाभार्थियों को पंजीकृत किया गया है।

निगम के बकाया फंड को लेकर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता के नेतृत्व में तीन लाख बूथ कार्यकर्ताओं ने चलाया जनजागरण अभियान

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नई दिल्ली, 3 जनवरी। नगर निगम का बकाया फंड 13,000 करोड़ रुपए की मांग करते हुए आज दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता के नेतृत्व में लगभग 3 लाख कार्यकर्ताओं ने जनजागरण अभियान चलाया और 5 लाख लोगों के बीच 13,000 करोड़ रुपए संबंधित जानकारी के पत्रक वितरित किए। प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने वेस्ट पटेल नगर स्थित अपने निवास स्थान के बाहर प्लेकार्ड लेकर निगम के बकाए फंड की मांग को लेकर जनजागरण अभियान की शुरुआत करते हुए पत्रक वितरित किए। नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बदरपुर विधानसभा क्षेत्र से, प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्धार्थन ने प्रदेश कार्यालय के बाहर, सांसद गौतम गंभीर ने कार्यकर्ताओं के साथ जनजागरण अभियान चलाया। जन जागरण अभियान के तहत सभी बूथ कार्यकर्ताओं ने अपने निवास के बाहर पोस्टर, बैनर, प्लेकार्ड लेकर निगम के बकाए फंड की मांग की।
प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि हम केजरीवाल सरकार से निगम कर्मचारियों के हक की मांग कर रहे हैं, भारी बारिश और ठंड के बावजूद भी सभी कार्यकर्ता अपने परिवार सहित पूरी दिल्ली में जनजागरण अभियान चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल निगम का फंड रोककर विलेन की भूमिका निभा रहे हैं और निगम कर्मचारियों का जीवनयापन मुश्किल कर दिया है। दिल्ली की सफाई व्यवस्था, स्कूल के बच्चों का मीड-डे मील, सेवानिवृत कर्मचारियों का पेंशन, डॉक्टर्स, वृद्ध और विधवाओं का पेंशन, पार्कों का रखरखाव प्रभावित है, लेकिन मुख्यमंत्री केजरीवाल को दिल्लीवासियों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि 4 डिग्री ठंड और बारिश में निगम महापौर और पार्षद कई दिनों तक मुख्यमंत्री के दरवाजे पर बैठे रहे, लेकिन केजरीवाल बस मुंह छिपाते रहे और निगम नेताओं से नहीं मिले। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दिल्लीवासियों की सुविधाएं छीनने का काम किया है।
आदेश गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने निगम को संवैधानिक रूप से आवंटित फंड देने में भी तानाशाही दिखा रही है। हम मुख्यमंत्री केजरीवाल को होश में लाएंगे और उन्हें निगम के सफाई कर्मियों, डॉक्टर्स, कोरोना वारियर्स व शिक्षकों के हक का पैसा जारी करना पड़ेगा।
नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी असाधारण सेवा भाव से निगम के डॉक्टरों, नर्स, स्वास्थ्य कर्मी, सफाईकर्मियों और सभी कोरोना वॉरियर्स ने दिल्लीवासियों के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है। लेकिन केजरीवाल सरकार ने संवेदनहीनता दिखाते हुए इन कोरोना योद्धाओं के हक के पैसे जारी नहीं कर रही है। मुख्यमंत्री केजरीवाल की ओछी राजनीति की वजह से निगम द्वारा किए जा रहे विकास कार्य बाधित है और 2 लाख निगम कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति भी बिगड़ गई है। दिल्लीवासियों के हितों की लड़ाई हम निर्णायक मोड़ तक लड़ेंगे और निगम कर्मचारियों का हक दिलवा कर रहेंगे।
जनजागरण अभियान में प्रदेश महामंत्री कुलजीत सिंह चहल, हर्ष मल्होत्रा, दिनेश प्रताप सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष विष्णु मित्तल, प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव बब्बर, वीरेन्द्र सचदेवा, अशोक गोयल देवराहा, राजन तिवारी, सुनील यादव, प्रदेश मीडिया प्रमुख नवीन कुमार, दिल्ली भाजपा पूर्व अध्यक्ष व विधायक विजेन्द्र गुप्ता, विधायक ओम प्रकाश शर्मा, अभय वर्मा, जितेंद्र महाजन, मोहन सिंह बिष्ट, अनिल वाजपेयी, अजय महावर, दिल्ली भाजपा पूर्व अध्यक्ष सतीश उपाध्याय, प्रदेश मीडिया रिलेशन प्रभारी हरीश खुराना, प्रदेश मीडिया रिलेशन प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर, प्रदेश मीडिया सह-प्रमुख हरिहर रघुवंशी और अनिल वर्मा, प्रदेश प्रवक्ता विक्रम बिधूड़ी, खेमचंद शर्मा, बृजेश राय, सारिका जैन, पूजा सूरी, निघत अब्बास, यासिर जिलानी, सतीश गर्ग, वीरेंद्र बब्बर, अजय सहरावत, शुभेन्दू शेखर अवस्थी, नेहा शालिनी दुआ, प्रदेश पदाधिकारी, मोर्चा अध्यक्ष, जिला व मंडल पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया और लोगों के बीच पत्रक वितरित किए।

गाजियाबाद में चार महीने पहले ही बनी श्मशान घाट की छत गिरी, 18 लोगों ने गवाई जान

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गाजियाबाद –

उत्तर प्रदेश के मुरादनगर में रविवार को एक श्मशान स्थल पर छत ढह जाने से 18 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि जब छत ढही, तो बारिश से बचने के लिए 25 लोग उसके नीचे खड़े थे। इनमें से अधिकतर लोग रामधन के रिश्तेदार थे, जिनका उस वक्त वहां अंतिम संस्कार हो रहा था। गाजियाबाद (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक इराज राजा ने कहा कि बचावकर्मी इस घटना के कई घंटे बाद भी और लोगों की तलाश के लिए मलबा हटा रहे हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो गई है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे में लोगों की मौत पर दुख जताया है। राज्य सरकार ने एक बयान जारी करके बताया कि मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिए जाने का अधिकारियों को निर्देश दिया है।

दिल्ली से सटे गाजियाबाद में सुबह से हो रही बारिश की वजह से मुरादनगर इलाके में श्मशान घाट में छत भरभरा कर गिर गई। सीएमएस अनुराग भार्गव के मुताबिक, इस हादसे में 18 लोगों की मौत हो चुकी है। 30 से ज्यादा लोगों को मलबे से निकाला गया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों के लिए 2-2- लाख रुपये की सहायता का एलान किया है।

बिहार सहित देश के 125 जिलों में कोविड-19 टीकाकरण को लेकर मॉक ड्रिल आयोजित

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• देश के 125 जिलों में 286 सत्र स्थलों पर हुआ आयोजन
• बिहार के 3 जिलों के 9 सत्र स्थलों पर हुआ मॉक ड्रिल
• देश में 1 लाख से अधिक वैक्सीनेटर हुए प्रशिक्षित
• को-विन सॉफ्टवेयर पर 75 लाख से अधिक लाभार्थी पंजीकृत

पटना/ 3, जनवरी: कोरोना टीकाकरण के सफ़ल क्रियान्वयन को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देश पर शनिवार को देश के राज्य/ केंद्रशासित प्रदेशों के 125 जिलों में 286 सत्र स्थलों पर मॉक ड्रिल आयोजित किया गया। वहीं बिहार के 3 जिलों( जमुई, पटना एवं बेतिया) में कुल 9 सत्र स्थलों पर मॉक ड्रिल का आयोजन हुआ। प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस संबंध में जानकारी दी है। जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस दौरान देशभर में 1.14 लाख वैक्सीनेटर को कोविड-19 टीकाकरण पर प्रशिक्षण भी प्राप्त हुआ।

कोविड-19 टीकाकरण के सफल कार्यान्वयन पर दिया गया बल:
कोरोना टीकाकरण के सफल कार्यान्वयन को लेकर विभिन्न जिलों में आयोजित ड्राई रन यानी मॉक ड्रिल सत्र स्थल के लिए सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों( जिला अस्पताल/मेडिकल कॉलेज), निजी अस्पताल, ग्रामीण एवं शहरी सुदूर क्षेत्रों को शामिल किया गया। ड्राई रन का उद्देश्य स्वास्थ्य प्रणाली में कोविड-19 टीकाकरण रोल-आउट के लिए निर्धारित तंत्रों का परीक्षण करना और ब्लॉक, जिला और राज्य में योजना, कार्यान्वयन और रिपोर्टिंग के लिए को-विन एप्लिकेशन के उपयोग के परिचालन का आकलन करना था।

सुबह 9 बजे से शुरू हुआ मॉक ड्रिल:
देशभर के सभी राज्यों/ केंद्रशासित प्रदेशों ने सुबह 9 बजे से ड्राई रन शुरू किया। ड्राई रन की शुरुआत लाभार्थी डेटा अपलोड, सत्र साइट आवंटन,माइक्रो प्लानिंग, टीका आवंटन, परीक्षण लाभार्थियों के साथ सत्र साइट प्रबंधन एवं रिपोर्टिंग सिस्टम आदि गतिविधियाँ के साथ हुयी। ड्राई रन में आयोजित सभी गतिविधियों का आयोजन वास्तविक टीकाकरण दिवस के संभावित परिणामों के मद्देनजर किया गया। टीकाकरण के बाद होने वाले प्रतिकूल प्रभाव के प्रबन्धन के लिए एडवर्स इवेंट्स फोल्विंग इम्यूनाइजेशन(एईएफआई) का अभ्यास किया गया। साथ ही इससे निपटने के लिए बनाये गए कॉल सेंटर का परीक्षण भी किया गया।

जिलाधिकारियों ने किया सुपरविजन:

ड्राई रन की निगरानी जिला कलेक्टरों द्वारा की गई थी। दिन के दौरान सामने आने वाले मुद्दों और चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए जिला और राज्य स्तर पर डिबेटिंग बैठकों के साथ ड्राई रन समाप्त हुआ। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय अपने अनुभव पर प्रतिक्रिया लेने के लिए पूरे दिन राज्यों के साथ लगातार संपर्क में था। राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों ने ड्राई रन के सफल आयोजन पर पूर्ण संतोष व्यक्त किया है जिसमें को-विन सॉफ्टवेयर के परिचालन प्रक्रिया और इसके लिंकेज शामिल हैं।

देशभर में सिरिंज और अन्य लॉजिस्टिक्स की पर्याप्त आपूर्ति :

कोविड-19 टीकाकरण के सफल कार्यान्वयन के लिए कोल्ड चेन इन्फ्रास्ट्रक्चर, सिरिंज एवं अन्य लॉजिस्टिक्स की पर्याप्त आपूर्ति भी सुनिश्चित की गई है। टीकाकरण स्थलों पर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पर लगभग 1,14,100 वैक्सीनेटरों को प्रशिक्षित किया गया है, जिसमें लाभार्थी सत्यापन, टीकाकरण, कोल्ड चेन और लॉजिस्टिक्स प्रबंधन, बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, एईएफआई प्रबंधन और को-विन सॉफ्टवेयर पर जानकारी अपलोड करना शामिल है।

को-विन सॉफ्टवेयर पर 75 लाख से अधिक लाभार्थी पंजीकृत:

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोविड टीकाकरण के लिए टीके के वास्तविक स्टॉक की जानकारी, इनके भण्डारण तापमान एवं लाभार्थी के ट्रेकिंग के लिए को-विन सॉफ्टवेयर का निर्माण किया है। यह सॉफ्टवेयर कार्यक्रम प्रबंधकों को पूर्व-पंजीकृत लाभार्थियों के लिए स्वचालित सत्र आवंटन करने में सहयोग करेगा। साथ ही लाभार्थी के सत्यापन एवं वैक्सीन अनुसूची के सफल समापन पर एक डिजिटल प्रमाण पत्र भी उत्पन्न करेगा। को-विन सॉफ्टवेयर पर अब तक 75 लाख से अधिक लाभार्थियों को पंजीकृत किया गया है।

कोविड-19 की वैक्सीन है सभी के लिए सुरक्षित

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• निदेशक, ड्रग्स कंट्रोलर ने प्रेस वार्ता में दी जानकारी
• तीन वैक्सीन को दी गयी है परीक्षण की अनुमति
• आपात स्थिति में वैक्सीन लगाने की दी गयी है अनुमति

पटना/ 3 जनवरी- कोरोनावायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लोग गाइडलाइन का पालन कर रहे हैं और अपने स्तर पर जरुरी सावधानियां बरत रहे हैं. अब लोगों की उम्मीद कोरोनावायरस के टीके पर जिसका टीका नववर्ष में लगना प्रारंभ हो जाएगा. कोविड-19 टीकाकरण चरणवार होगा और स्वास्थ्य विभाग एवं राज्य सरकार इसके लिए समुचित व्यवस्था कर चुकी है. कोविड-19 के लिए चयनित टीकों और उनकी विश्वशनीयता के बारे में मीडियाकर्मियों को निदेशक, ड्रग्स कंट्रोलर ने प्रेस वार्ता के माध्यम से जानकारी दी.

कोविड-19 की वैक्सीन है सभी के लिए सुरक्षित:
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए निदेशक, ड्रग्स कंट्रोलर डॉ.बी.जी.सोमानी ने बताया कोविड-19 टीकाकरण के लिए चयनित वैक्सीन जल्दी ही उपलब्ध करायी जाएगी. सरकार द्वारा तीन वैक्सीन को कोविड टीकाकरण के लिए चयनित किया गया है और ये सभी वैक्सीन ट्रायल के विभिन्न चरणों में है.

तीन वैक्सीन को दी गयी है परिक्षण की अनुमति:
डॉ. सोमानी ने बताया केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने मैसर्स सीरम इंस्टीीट्यूट ऑफ इंडिया और मैसर्स भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड की त्वरित स्वीकृति प्रक्रिया साथ ही साथ मैसर्स कैडिला हैल्थ केयर लिमिटेड के चरण– 3 परीक्षणों से संबंधित अनुरोध के संदर्भ में सिफारिश की. उन्होंने बताया सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया की वैक्सीन ”कोविशिल्ड” जिसे एस्ट्रा जेंका और ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय के सहयोग से तैयार किया गया है उसका सफलता प्रतिशत करीब 70.42 है और इसके दोनों चरण के ट्रायल के नतीजे उत्साहवर्धक हैं. इस वैक्सीन के ट्रायल के नतीजे बताते हैं कि यह वैक्सीन विश्व में तैयार किये जा रहे किसी भी वैक्सीन से गुणवत्ता में कम नहीं है. इस वैक्सीन के 2 डोज लेने होंगे.

डॉ. सोमानी ने बताया भारत बायोटेक द्वारा विकसित की जा रही वैक्सीन “ कोवेक्सिन” के नतीजे भी उत्साहवर्धक हैं और इसके इस्तेमाल से प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि देखी जा रही है. इस वैक्सीन का ट्रायल सर्वप्रथम चूहों, खरगोश आदि पर किया गया और अब करीब 22,000 लोगों पर इसका ट्रायल किया जा चुका है. इस वैक्सीन के 800 से ज्यादा ट्रायल किये गए हैं और नतीजे सकारात्मक आये हैं. इस वैक्सीन के भी 2 डोज लेने होंगे. कैडिला हेल्थकेयर की वैक्सीन का ट्रायल भी अन्तम चरण में है और इसे करीब 26,000 लोगों पर टेस्ट करने का कार्य चल रहा है.

सभी वैक्सीन 2 से 8 डिग्री तापमान पर की जाएगी स्टोर:
डॉ. सोमानी ने बताया तीनो चयनित वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री तापमान पर स्टोर किया जायेगा जिससे यह सुरक्षित रह सकेगी.

कोविड-19 के टीकाकरण के लिए ड्राई रन की हुई शुरुआत

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– मॉक ड्रिल (ड्राई रन) के लिए जिले के तीन केंद्र हुए चयनित
– प्रत्येक केंद्र पर 25 चयनित लोगों को लगाया जायेगा टीका
– टीकाकरण शुरू होने के पूर्व इस्तेमाल होने वाली तकनीक का होगा परिक्षण

पटना

जिले में कोविड-19 के टीकाकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। लेकिन, इसके पूर्व पूरी तैयारियों की समीक्षा के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति ने नई पहल शुरू की है। जिसके तहत तैयारियों का जायजा लेने के लिए मॉक ड्रिल (ड्राई रन) की शुरुआत की गई। इस क्रम में जिले के तीन केंद्रों का चयन किया गया है। जिसमें पटना के फुलवारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शाश्त्रीनगर शहरी स्वास्थ्य केंद्र व दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल शामिल है। इन केंद्रों पर शनिवार से ड्राई रन की शुरुआत की जा चुकी है। फुलवारीशरीफ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य मंत्री मंत्री मंगल पांडे भी पहुंचे थे.

राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार स्वयं इस ड्राई रन की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने बताया इस ड्राई रन का मुख्य उद्देश्य टीकाकरण में इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक का परिक्षण करना है। इसके लिए टीकाकरण के पूर्व रिहर्सल करना जरूरी इसलिए है कि ताकि टीकाकरण में आ रही बाधाओं को समय रहते दूर किया जा सके।

ड्राई रन में वैक्सीन का नहीं होगा इस्तेमाल :
कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति मनोज कुमार ने बताया ड्राई रन में किसी वैक्सीन का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। बल्कि सिर्फ इसकी जांच की जा रही है कि वैक्सीनेशन के लिए बनाई गई योजना कितनी कारगर है। ड्राई रन में टीका लगाने के अलावा बाकी सारा इंतजाम वास्तविक टीकाकरण सत्र जैसा ही रहेगा। उन्होंने बताया देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के कुल 116 जिलों में कोरोना वैक्सीन का ड्राई रन चल रहा है। इसके लिए कुल 259 वैक्सीनेशन बूथ बनाए गए हैं। इस क्रम में राजधानी के अलावा जमुई व बेतिया जिले का भी चयन किया गया है। जहां पर तीन-तीन केंद्रों पर ड्राई रन आयोजित किए जाएंगे।

वास्तविक टीकाकरण में मिलेगी मदद :
सिविल सर्जन डॉ. विभा सिंह ने बताया ड्राई रन वास्तविक कोविड -19 टीकाकरण में हमारी मदद करेगा। इससे हमें अपनी तैयारियों का आंकलन करने में सहूलियत होगी। अगर किसी तरह के बदलाव की जरुरत होगी, तो इस ड्राई रन के माध्यम से उसकी जानकारी हो सकेगी। हर मोक ड्रिल में करीब 3 घंटे का समय लगेगा। प्रत्येक चयनित केंद्र पर 25 लाभार्थी मौजूद रहेंगे और सत्र का संचालन एवं अध्यक्षता चयनित केंद्र के प्रभारी करेंगे।

को-विन पोर्टल के माध्यम से की जाएगी निगरानी :
कार्यपालक निदेशक ने बताया वैक्सीन कोल्ड चेन प्वाइंट पर वैक्सीन के स्टाक की मात्रा एवं भंडारण फ्रिजरियल टाइम तापमान की ऑनलाइन निगरानी ‘को-विन’ (विन ओवर कोविड) प्रोग्राम के अंतर्गत मोबाइल एप एवं बेब पोर्टल से की जाएगी। इसके लिए जिले में प्रत्येक कोल्ड चेन पर रखे आईएलआर में टेंपरेचर लागर नाम की एक सेंसर युक्त डिवाइस स्थापित है। यह डिवाइस नेट के माध्यम से वेब पोर्टल से जुड़ी रहेगी। यह पोर्टल पूरी तरह से कोरोना वैक्सीन के प्रबंध पर कार्य करेगा। को-विन पोर्टल से वैक्सीन और लॉजिस्टिक, सत्र स्थल, वैक्सीनेटर और लाभार्थी की सूचना मिलेगी। ‘को-विन’ पोर्टल के माध्यम से रजिस्टर्ड लाभार्थी को वैक्सीनेशन की सूचना उनके मोबाइल पर मैसेज के जरिए प्राप्त होगी। उसमें स्थान, समय, दिनांक, सत्र स्थल और कौन वैक्सीनेटर है, इसकी जानकारी शामिल होगी।

स्कूलों में कोरोना की गाइडलाइन का हर हाल में कराना होगा पालन

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-नौवीं से 12वीं तक की कक्षा सोमवार से हो रही है शुरू
-स्कूल परिसर में चल रहा है साफ-सफाई का काम

भागलपुर-

राज्य सरकार के निर्देश के बाद सोमवार से स्कूल खुल रहे हैं। अभी नौवीं से 12वीं कक्षा तक की कक्षाएं ही चलेंगी। इसे लेकर स्कूलों में जोर-शोर से तैयारी चल रही है। साफ-सफाई का काम चल रहा है। कक्षा चलने के दौरान कोरोना की गाइडलाइन का हर हाल में पालन किया जाए, इसे लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार सिंह ने शनिवार को प्रधानाचार्य के साथ बैठक की। बैठक में सभी प्रधानाचार्य को इस बारे में जानकारी दी गई। साथ ही स्कूलों में कक्षा चलने के दौरान कोरोना की गाइडलाइन का पालन कराने को कहा गया। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने प्रधानाचार्य से स्कूलों में अब तक की हुई तैयारी के बारे में भी जानकारी ली।

एक बेंच पर 2 छात्र ही बैठेंगे:-
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने प्रधानाचार्य को बताया कि एक बेंच पर 2 छात्र के ही बैठने की व्यवस्था हो। दरअसल, सरकार की ओर से अभी 1 दिन में 50% छात्रों को ही आने को कहा गया है। कक्षा के दौरान सामाजिक दूरी का हर हाल में पालन करने को कहा गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने साफ कहा कि अगर 50% छात्रों के बुलाने पर भी सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो पाए तो उसके लिए अलग से व्यवस्था की जाए। वैसी कक्षाओं को सप्ताह में 2 दिन ही कराने की बात कही गई।

छात्रों को मास्क पहनना अनिवार्य:
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि कक्षा में आने वाले छात्र-छात्राओं को हर हाल में मास्क पहनना होगा। जीविका दीदी द्वारा बनाए गए मास्क को स्कूलों में भेजा जा रहा है। इस दौरान कई प्रधानाचार्य ने कहा कि स्कूल में मास्क की पर्याप्त उपलब्धता है। जीविका से हम लोगों ने मास्क ले लिया है।

निजी स्कूल के प्रधानाचार्य को भी दिया गया निर्देश:- जिले के कई निजी स्कूलों में नौवीं से 12वीं तक की कक्षाएं पहले से ही चल रही हैं। जिन स्कूलों में नहीं चल रही है उनमें सोमवार से शुरू हो रही है। ऐसे में निजी स्कूल के प्रधानाचार्य को भी जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कोरोना की गाइडलाइन का पालन करवाते हुए कक्षा का संचालन करने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी प्रधानाचार्य से स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर किसी तरह की परेशानी हो तो उसकी सूचना दें। उसे दूर किया जाएगा।

छात्रों के स्वास्थ्य से नहीं होगा कोई समझौता:
बैठक में सभी प्रधानाचार्य को निर्देश देते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि छात्रों के स्वास्थ्य के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। कोरोना से बचाव को लेकर जिन-जिन सावधानियों की बरतने की जरूरत है, उसे हर हाल में बरती जाए। स्कूल में सैनिटाइजेशन की भी व्यवस्था की जाए। साथ ही साफ सफाई पर ध्यान दिया जाए, ताकि बच्चे पूरी तरह से सुरक्षित रहें।

कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढकें
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें

वैक्सीन आने की खबर से आईसीडीएस कर्मियों में भी है उत्साह, कहा – अब होगा नया सवेरा

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– स्वास्थ्य कर्मियों के साथ ही जिले के आईसीडीएस कर्मियों को भी पहले चरण में ही लगेगा टीकाकरण

– वैक्सीन से स्थाई निजात की उम्मीद जरूर, पर जारी रखना होगा एहतियात

खगड़िया-

कोविड-19 से बचाव के लिए आने वाली वैक्सीन के सफल क्रियान्वयन को लेकर जिले में जोर-शोर के साथ तैयारी चल रही है । इसको लेकर पहले चरण जिन कर्मियों को वैक्सीन पड़नी है उन कर्मियों का डाटाबेस तैयार कर वेबसाइट पर अपलोड किया जा चुका है। ताकि वैक्सीन आने के पश्चात किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं हो । ऐसे में अब सिर्फ वैक्सीन आने का कर्मियों को बेसब्री से इंतजार है। वैक्सीन आने के साथ ही पहले चरण वाले कर्मियों को वैक्सीन देने का कार्य शुरू हो जाएगा। जिसके कारण वैक्सीन की तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए स्वास्थ्य कर्मी दिन-रात एक कर पूरी मुस्तैदी के साथ अपने-अपने कार्यों में जुटे हुए हैं।

– आईसीडीएस कर्मियों को भी पहले चरण में पड़ेगी वैक्सीन:-
स्वास्थ्य विभाग के अफसर एवं कर्मियों के साथ-साथ आईसीडीएस के अफसरों एवं कर्मियों को भी पहले चरण में ही वैक्सीन पड़ेगी । जिसमें आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी से लेकर सीडीपीओ, एल एस, सेविका-सहायिका समेत अन्य कर्मियों के नाम शामिल हैं । वहीं, पहले चरण में ही वैक्सीन पड़ने की जानकारी से आईसीडीएस कर्मियों में भी काफी उत्साह का माहौल है। ऐसे में आइये जानते हैं कि आखिर वैक्सीन को लेकर आईसीडीएस कर्मियों का क्या विचार है। वैक्सीन के बारें में वह क्या सोच रहें हैं। वैक्सीन से क्या बदलाव होगा। तमाम बिदुओं पर आईसीडीएस कर्मियों का विचार जानना जरूरी है।

– वैक्सीनेशन के बाद भी सतर्कता जरूरी:-
आईसीडीएस के जिला समन्वयक अम्बुज कुमार ने बताया कि वैक्सीन आने की खबर से निश्चित ही आईसीडीएस के कर्मी काफी उत्साहित हैं । क्योंकि, वैक्सीन का लंबे से समाज के हर व्यक्ति इंतजार कर रहे हैं। दरअसल, वैक्सीन आने के बाद ही लोगों को कोविड-19 से स्थाई निजात की उम्मीद है। हमलोग खुद को खुशकिस्मत समझते हैं कि सरकार ने हमलोगों को भी पहले चरण में ही वैक्सीन के लिए चुना है । इसके लिए हमलोग सरकार का आभार व्यक्त करते हैं। मेरा मानना है कि हर कर्मियों को वैक्सीनेशन के बाद सतर्क और सावधान रहना जरूरी है। इसके बाद भी कम से कम मास्क का नियमित उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखना चाहिए। ताकि संक्रमण की संभावना पूर्ण रूप से खत्म हो।

– वैक्सीनेशन के बाद नया सवेरा के साथ जिंदगी की होगी शुरूआत:-
खगड़िया बाल विकास परियोजना कार्यालय में तैनात एनएनएम के प्रखंड समन्वयक रंजू कुमारी का कहना है कि कोविड-19 संक्रमण ने दुनिया के लोगों में भय पैदा कर दिया। किन्तु, वैक्सीन आने की खबर से लोगों में कोविड-19 से स्थाई निजात के साथ-साथ नया सवेरा की भी उम्मीद है। इसलिए, वैक्सीनेशन के बाद लोग राहत तो महसूस करेंगे ही, इसके अलावे नया सवेरा के साथ जिंदगी की शुरु आत कर पूर्व की भाँति खुद सुरक्षित महसूस करते निर्भीक होकर अपने-अपने कार्यों में सामान्य तरीके से जुट जाएँगे । हमलोग सरकार का शुक्रगुजार हैं कि हमलोगों का पहले चरण में ही वैक्सीनेशन होगा।

– वैक्सीनेशन के बाद लोगों को होगा फायदा:-
आईसीडीएस कर्मियों का मानना है कि वैक्सीनेशन के बाद विभागीय कर्मियों के साथ-साथ क्षेत्र के आमलोगों को भी फायदा होगा। क्योंकि, इन कर्मियों को अपने सहकर्मियों के साथ-साथ आमलोगों के बीच ही रहकर कार्य करना है। इसलिए, ऐसे में हमलोगों के वैक्सीनेशन के बाद समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर:-
– साबुन या अन्य अल्कोहलयुक्त पदार्थों से लगातार हाथ धोने की आदत डालें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– अनावश्यक मुँह, नाक और ऑख नहीं छएं।
– मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– बाहरी खाना खाने से बचें।