कोरोना के 21 मामले मिले, रहें सतर्क
23 से आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर बच्चों को पिलाएंगी विटामिन ए की खुराक
बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए दी जाती है विटामिन ए की खुराक
जिले के तीन लाख से अधिक बच्चे इस कार्यक्रम से होंगे लाभान्वित
बांका, 16 दिसंबर
बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए 23 दिसंबर से विटामिन ए अनुपूरक कार्यक्रम की शुरुआत होगी. इसके तहत 9 माह से 5 साल तक के बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जाएगी. नियमित टीकाकरण के दौरान पिछले 4 माह में जिन बच्चों को खसरे के टीके या बूस्टर डोज के साथ विटामिन ए की खुराक पिलाई गई है, वैसे बच्चों को अभियान के दौरान खुराक नहीं दी जाएगी.
इसे लेकर राज्य कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने सिविल सर्जन व जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी को पत्र लिखकर निर्देश जारी किया है. पत्र में कार्यक्रम को लेकर जिला, प्रखंड और ग्रामीण स्तर पर कार्यक्रम के क्रियान्वयन की जानकारी दी गई है. बताया गया है कि विटामिन ए की सिरप 9 से 11 माह के बच्चों को 1 एमएल, जबकि 12 से 60 माह के बच्चों को दो एमएल की खुराक दी जाएगी.
विटामिन ए की दवा आ चुकी है: सिविल सर्जन डॉक्टर सुधीर महतो ने बताया कि इसे लेकर जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और रेफरल अस्पतालों में तैयारी चल रही है. दवा आ गई है. इस बांटा जा रहा है. मालूम हो कि इस खुराक से ना सिर्फ बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, बल्कि शिशु मृत्यु दर में भी कमी आती है. जिले के लगभग तीन लाख बच्चों को विटामिन ए की खुराक पड़नी है.
आशा कार्यकर्ताओं को दी गई ट्रेनिंग: कटोरिया रेफरल अस्पताल के प्रभारी डॉ विनोद कुमार ने कहा कि अभियान को लेकर आशा कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दे दी गई है. 23 से 26 तारीख के दौरान आशा कार्यकर्ता घर घर जाकर बच्चों को विटामिन ए की खुराक देंगे. इसे लेकर एक माइक्रोप्लान तैयार किया गया है और इसमें आशा कार्यकर्ताओं को अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी सहयोग करेंगे.
कोरोना की गाइडलाइन का किया जाएगा पालन: वहीं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि विटामिन ए की खुराक देने के दौरान कोरोना की गाइडलाइन का पालन किया जाएगा. आशा कार्यकर्ता बच्चों को टच नहीं करेंगी. परिजन को एक साफ चम्मच लाने को कहेंगी, दूर से ही विटामिन ए की सिरप पिलाएंगी. बच्चे परिजन की गोद में रहेंगे.
कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढंके.
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें
कोरोना वैक्सीनेशन को ले काफी सजग हैं मुंगेर के युवा
– इसके प्रति अन्य लोगों को भी जागरूक करने में निभा रहे है अहम भूमिका
– अपने गांव-मुहल्लों में कोरोना वैक्सीन की अनिवार्यता को ले लोगों कर रहे हैं जागरूक
मुंगेर, 15 दिसंम्बर : मुंगेर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना वैक्सीनेशन को ले की जा रही तैयारियों के बीच मुंगेर के युवाओं ने भी कमर कस ली है। कोरोना टीकाकरण के महत्व को ले युवाओं ने भी अपने-अपने गांवों और गली-मोहल्लों में लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है।
सदर अस्पताल मुंगेर के अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. निरंजन कुमार ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए चलाया जाने वाला टीकाकरण अभियान एक सामाजिक कार्य है जिसमें समाज के सभी लोगों की सहभागिता आवश्यक है। मुंगेर के युवा वर्ग से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के टीकाकरण के प्रति यदि समाज में कोई भ्रांति हो तो युवा वर्ग को आगे आकर लोगों को जागरूक करना चाहिए।
कोरोना टीकाकरण के लिए लोगों को कर रहें हैं जागरूक :
मुंगेर के हसनगंज निवासी राजीव कुमार पहले से ही समाज सेवा से जुड़े हुए है। कोरोना काल में भी उन्होने अपने वार्ड के सभी लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रति जागरूक किया था। अब वह कोरोना टीकाकरण के प्रति भी लोगों को जागरूक करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
मुंगेर के शंकरपुर निवासी मनोज कुमार पेशे से पैथोलोजिस्ट हैं। कोरोना काल में उन्होंने कोरोना योद्धा के तौर पर काम करते हुए कोरोना संक्रमित मरीजों की काफी मदद की थी। अब कोरोना टीकाकरण के लिए भी लोगों को जागरूक करने में अपनी अहम भूमिका अदा कर रहे हैं।
मुंगेर के कासिम बाजार निवासी हर्षवर्धन कुमार ने बताया कि वह बेसब्री से कोरोना वायरस के टीकाकरण अभियान का इंतज़ार कर रहे हैं। वह खुद टीका लगवाने के साथ ही अपने परिवार और गली-मोहल्ले के सभी लोगों को टीका लगवाने में हरसंभव मदद करना चाहते हैं।
वैक्सीन आने तक इन बातों का ध्यान रख कोविड19 से बचा जा सकता है
– सार्वजानिक स्थानों पर लोगों से दूरी बनाएं
– कम से कम दो मास्क रखें। घर में बनाए गए मास्क को समय समय पर धुलते रहें
– अपनी आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें
– हाथों को नियमित रूप से साबुन एवं पानी से अच्छी तरफ साफ करें
– आल्कोहल आधारित हैण्ड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें
– तंबाकू, खैनी आदि का प्रयोग नहीं करें, ना ही सार्वजानिक स्थानों पर थूकें
सजग कार्यक्रम से कोरोना काल में बच्चों के बौद्धिक विकास की हो रही कोशिश
बांका जिले में कोरोना टीकाकरण की तैयारी युद्धस्तर पर
-पहले चरण में टीका पड़ने वालों के नाम की सूची तैयार
बांका, 15 दिसंबर।
बांका जिले में कोरोना के टीकाकरण को लेकर तैयारी युद्धस्तर पर चल रही है। इसे लेकर पहले चरण में टीका पड़ने वाले लोगों के नाम की सूची तैयार है। मालूम हो कि पहले चरण में सरकारी और निजी स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना के टीके पड़ेंगे। जिले में इसे लेकर सारी तैयारी पूरी कर ली गई है।
पहले चरण को लेकर तैयारी पूरी –
सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने बताया कि पहले चरण को लेकर जितनी तैयारी होनी थी, जिले में वह पूरी हो गई है। अब कोरोना के टीके का इंतजार किया जा रहा है। टीका आ जाने के बाद उसे देने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
10,000 से अधिक लोगों के नाम दर्ज:
सिविल सर्जन ने बताया कि टीकाकरण को लेकर 10,000 से अधिक लोगों के नाम की सूची तैयार हो गई है। इसमें लगभग 6000 सरकारी स्वास्थ्यकर्मी हैं। ढाई हजार से अधिक आईसीडीएस के कर्मी हैं। इसके अलावा निजी अस्पतालों में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मी हैं। पहले चरण में इन्हीं लोगों को टीका पड़ना है।
जिले में 6 जगहों पर टीका रखने की की व्यवस्था:-
डॉ. सुधीर महतो ने बताया कि जिले में 6 जगहों पर टीका को रखने के व्यवस्था की गई है। बौसी रेफरल अस्पताल में टीका रखने का इंतजाम किया गया है। वहां से बाराहाट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को भी कवर किया जाएगा। इसी तरीके से रजौन में टीका रखने की व्यवस्था की गई है। वहां से धोरैया का क्षेत्र कवर होगा। कटोरिया से फुल्लीडुमर का क्षेत्र और शंभूगंज से अमरपुर का क्षेत्र कवर किया जाएगा। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में भी एक केंद्र बनाया गया है। इस तरीके से पूरे जिले में टीकाकरण को लेकर तैयारी की गई है।
टीकाकरण की तैयारी के बावजूद कोरोना को लेकर सतर्कता जारी:
यह बात सही है कि टीकाकरण में अब ज्यादा दिन नहीं है, लेकिन इसके बावजूद कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्कता बरत रहा है। सदर अस्पताल समेत जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में कोरोना जांच की व्यवस्था है। पॉजिटिव आने वाले मरीजों को होम आइसोलेशन में भेजा जा रहा है। वहीं गंभीर मरीजों को सदर अस्पताल में भर्ती करने की व्यवस्था है।
कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढकें
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें
आशा ललिता रूबी रानी बिहार में अव्वल, शनिवार को हुयी पुरस्कार की घोषणा
कोविड-19 के मुश्किल दौर में भी निशी कुमारी ने पूरी की दोहरी जिम्मेदारी
• मजबूत इच्छाशक्ति और साकारात्मक सोच आया काम
• एनएनएम के प्रखंड समन्वयक पद पर हैं कार्यरत
खगड़िया 12 दिसंबर, 2020
कोविड-19 संक्रमण काल में जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले लोगों की अहमियत न सिर्फ बढ़ी है, बल्कि उनका योगदान समुदाय के सामने भी आया है. यद्यपि, संक्रमण काल ने लोगों की परेशानियाँ बढ़ाई है. लेकिन ऐसे मुश्किल दौर में कई ऐसे लोग भी हैं जो इन विपरीत हालात में लोगों की सेवा करने से पीछे नहीं हटे. गोगरी बाल बिकास परियोजना कार्यालय में एनएनएम(राष्ट्रीय पोषण मिशन) के प्रखंड समन्वयक के पद पर तैनात निशी कुमारी भी उन्हीं लोगों में शुमार है जिन्होंने कोरोना काल में दोहरी जिम्मेदारियों को कुशलता से पूरा किया, बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति और आत्मबल के बदौलत साकारात्मक सोच के साथ सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन का संदेश अपने कार्य क्षेत्र के लोगों तक पहुँचाने भी सफल रही। इतना ही नहीं कोविड-19 से बचाव के लिए विभाग में तैनात कर्मियों के अलावा आम लोगों को भी जागरूक करती रही। ताकि बढ़ते संक्रमण पर विराम लगे और लोग संक्रमण के दायरे से दूर रहें।
कोविड-19 से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने में भी रही सफल :
एनएनएम के जिला समन्वयक अम्बुज कुमार ने बताया कि कोविड-19 के मुश्किल भरे दौर में भी प्रखंड समन्वयक निशी कुमारी कभी अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटी और आत्मबल व साकारात्मक सोच के बल पर विभागीय कार्यों को तो बखूबी अंजाम दी ही। इसके अलावा वह कोविड-19 से बचाव के लिए लोगों स्वास्थ्य विभाग एवं सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का संदेश पहुँचाने में सफल रही। वह हमेशा अपने कार्यों को बखूबी अंजाम देने के लिए पूरी जिम्मेवारी के साथ मुस्तैद रहती है।
वक्त मुश्किलों से जरूर भरा था पर जिम्मेदारी भी थी बड़ी :
प्रखंड समन्वयक निशी कुमारी ने बताया ‘‘ कोविड-19 का शुरूआती वक्त निश्चित ही मुश्किलों से भरा था। किन्तु, मेरे उपर उससे बड़ी जिम्मेदारी थी। जिसके कारण मैं नया सवेरा की उम्मीद के साथ कोविड-19 से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने में जुट गई। शुरूआती दौर में परेशानी हुई। किन्तु, बाद में लोगों का भी सहयोग मिलने लगा। इस दौरान मैं लोगों को बचाव के लिए सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन की जानकारी दी और गाइडलाइन का पालन करने के लिए प्रेरित भी की। जिसका साकारात्मक प्रभाव भी रहा और लोगों के सहयोग एवं खुद का साकारात्मक आत्मबल और दृड़ निष्ठा के बल पर मैं दोहरी जिम्मेदारी पूरी करने में सफल रही’’.
मास्क का उपयोग एवं शारीरिक दूरी पालन सुनिश्चित करने पर दिया बल :
लोगों को कोविड-19 से बचाव के लिए जागरूक करने के दौरान प्रखंड समन्वयक निशी कुमारी ने इस बात पर बल दिया कि कम से कम समाज के प्रत्येक व्यक्ति निश्चित रूप से मास्क का उपयोग एवं शारीरिक दूरी पालन करें। क्योंकि, कोविड-19 से बचाव के लिए सबसे बेहतर और आसान उपाय यही है, जो समाज के हर तबके लोग करने में भी सक्षम हैं। इसके अलाव उन्होंने लोगों को साफ-सफाई, खान-पान, लक्षण दिखते ही कोविड-19 जाँच कराने एवं स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करने समेत सरकार द्वारा जारी अन्य गाइडलाइन को भी पालन करने के लिए जागरूक की।
जिले में तमाम चुनौतियों के बावजूद बेहतर तरीके से लाभार्थी को मिल रहा है पोषाहार व टीएचआर
– आईसीडीएस के डीपीओ के नेतृत्व में सीडीपीओ, एल एस समेत अन्य कर्मी के बेहतर पहल से मिल रहा है लाभ
– तकनीक व्यवस्था की लोगों को दी जा रही है जानकारी, किया जा रहा है जागरूक
लखीसराय, 14 दिसंबर।
जिले में अब ऑगनबाड़ी केंद्रों पर मिलने वाले पोषाहार व टीएचआर का लाभार्थियों को नई तकनीक के साथ लाभ दिया जा रहा है। ताकि लाभुकों को उक्त योजना का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, बल्कि सरकार योजना का शत-प्रतिशत लाभ सीधा लाभुकों तक पहुँच सके। इसको लेकर आईसीडीएस द्वारा ऑंगन एप की सुविधा लागू की गयी है। इसके सफल संचालन के लिए आईसीडीएस के तमाम पदाधिकारी एवं कर्मी पूरी तरह प्रयासरत हैं। ताकि तकनीक से संबंधित किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। वहीं, जिले में तमाम चुनौतियों के बावजूद आईसीडीएस के पदाधिकारियों एवं कर्मियों की सकारात्मक पहल से बेहतर तरीके से लाभुकों तक उक्त योजना का लाभ पहुँचाया जा रहा है।
– 65 प्रतिशत लाभुकों को दिया जा चुका है लाभ, शेष के लिए प्रयास जारी :-
आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी कुमारी अनुपमा ने बताया कि नई तकनीक लागू होने के बाद कुछ परेशानियाँ जरूर हुईं किन्तु, सकारात्मक प्रयास से जिले के सभी प्रखंडों में बेहतर तरीके से लाभुकों तक टीएचआर एवं पोषाहार का लाभ पहुँचाया जा रहा है। अबतक 65 प्रतिशत लाभुकों को लाभ दिया जा चुका है। शेष बचे लोगों को भी जल्द से जल्द लाभ मिले इसको लेकर जिले के सभी पदाधिकारी एवं कर्मी पूरी तरह प्रयासरत हैं।
– नई तकनीक को लेकर किया जा रहा है जागरूक :-
वहीं, आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी कुमारी अनुपमा के नेतृत्व में जिले के विभिन्न बाल विकास परियोजना कार्यालय में तैनात सीडीपीओ, एल एस, जिला समन्वयक, प्रखंड समन्वयक समेत अन्य पदाधिकारी व कर्मी लोगों को नई तकनीक की विस्तार से जानकारी दे रहे हैं। साथ हीं लाभ लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है। ताकि लाभुकों को नई तकनीक लागू होने के बाद किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो।
– क्या है नई तकनीक :-
पोषाहार एवं टीएचआर का लाभ पूर्व में लाभार्थियों को ऑगनबाड़ी केंद्रों पर सरकारी पंजी में हस्ताक्षर करने के बाद मिलता था। किन्तु, अब उक्त लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को मोबाइल लेकर अपने नजदीकी ऑगनबाड़ी केंद्र जाना होगा। जहाँ केंद्र की सेविका द्वारा अपने सरकारी मोबाइल में ऑंगन एप पर लाभुक का आधार कार्ड नंबर एवं पासवर्ड डालकर लॉग-इन करेंगे। इसके बाद लाभार्थी के मोबाइल पर ओटीपी जाएगी। ओटीपी नंबर को पुनः ऑंगन एप में डालकर अपलोड किया जाएगा। जिसके बाद लाभार्थी के राशन दिया जाएगा।
– सत्यापित लाभार्थियों को ही मिलेगा लाभ :-
उक्त योजना का लाभ उन लाभार्थियों को ही मिलेगा जिसका पूर्व में संबंधित एलएस एवं सेविका द्वारा भौतिक सत्यापन कर ऑंगन एप पर डिटेल्स अपलोड किया जा चुका है। इसके अलावा लाभुकों का खाता चालू होना जरूरी है। मोबाइल होना भी जरूरी है।
– इन मानकों का रखें ख्याल, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– साबुन या अन्य अल्कोहलयुक्त पदार्थों से बार-बार हाथ धोने की आदत डालें।
– सैनिटाइजर का उपयोग करने की आदत डालें।
– बाहर में लोगों से बातचीत के दौरान आवश्यक दो गज की दूरी का ख्याल रखें।
कोरोना की सावधानी ने दिलाई डेंगू से मुक्ति
लोगों ने साफ-सफाई का रखा ध्यान, नहीं पनप सका डेंगू का मच्छर
पिछले साल के मुकाबले इस साल जिले में डेंगू के मामले ना के बराबर
बांका, 14 दिसंबर
कोरोना को लेकर इस बार लोगों को तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन इस वजह से कुछ राहत भी मिली. पहले हर साल अक्टूबर से लेकर दिसंबर तक डेंगू को लेकर लोग परेशान रहते थे. काफी सतर्कता बरती जाती थी, लेकिन कोरोना की वजह से इस बार लोग पहले से ही सतर्क थे. साफ सफाई पर ध्यान दे रहे थे. इसका परिणाम यह रहा कि इस सीजन में डेंगू के एक-दो मामले ही सामने आए.
जिला वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल पदाधिकारी डॉ वीके यादव कहते हैं कि बांका में वैसे भी डेंगू के कम मामले आते थे, लेकिन इस बार ना के बराबर मामले सामने आए. अभी तक गिनती के एक-दो मामले ही सामने आए हैं. दरअसल, कोरोना काल शुरू होने के बाद लोगों ने साफ-सफाई का ध्यान रखा. इस कारण डेंगू का मच्छर पनप नहीं सका और लोगों को राहत मिली. पहले के सीजन में स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर काफी सतर्क रहता था. इस बार भी सतर्क था, लेकिन डेंगू के मामले सामने नहीं आने से बड़ी राहत मिली है.
लोगों की जीवनशैली में आया सकारात्मक बदलाव: डॉक्टर यादव कहते हैं कि कोरोना से बचने के लिए अब लोग दो-दो घंटे पर हाथ धोते रहते हैं. पानी को जमने नहीं देते हैं. घर और आसपास गंदगी नहीं रहती है. दरअसल, कोरोना से बचने के लिए लोगों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आया है. इसी का परिणाम है कि इस बार लोग डेंगू से पूरी तरह से बचे रहे. अगर लोग इसी तरह सावधान रहें तो कोरोना और डेंगू ही नहीं, बल्कि बहुत सारी बीमारियों से बचे रहेंगे.
सदर अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए है छह बेड का वार्ड: सदर अस्पताल के मैनेजर अमरेश कुमार ने कहा कि इस सीजन में हमलोगों ने डेंगू से निपटने के लिए तैयारी कर रखी थी. सदर अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए छह बेड का वार्ड अलग से तैयार है. हालांकि इस बार मामले काम आए जो कि बहुत ही राहत की बात है. अगर किसी को डेंगू की शिकायत आती है तो वह सदर अस्पताल में आकर अपना इलाज करवा सकते हैं. यहां पर उन्हें डेंगू से बचाव को लेकर हर तरह की सुविधा मिलेगी.
मच्छरदानी का करें इस्तेमाल: डॉ. यादव कहते हैं घरेलू स्तर पर सावधानी बरतने से डेंगू से बचाव होता है. इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि घर के आसपास पानी को जमने नहीं दें. रात में सोते समय मच्छदानी का प्रयोग करें. डेंगू का मच्छर दिन में काटता है, इसलिए दिन में विशेष तौर पर सतर्क रहें. साथ ही घर के आसपास कोई ऐसा सामान हो, जिसमें पानी जमा हो जाता है तो उसे तत्काल हटा दें.
कैसे और कब होता है डेंगू: डेंगू मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से होता है. इन मच्छरों के शरीर पर चीते जैसी धारियां होती हैं. ये मच्छर दिन में, खासकर सुबह काटते हैं. एडीज इजिप्टी मच्छर बहुत ऊंचाई तक नहीं उड़ पाते हैं. इसलिए डेंगू से बचने के लिए अभी भी सावधानी बरतें. यह बात सही है कि ठंड का मौसम शुरू हो गया है, लेकिन डेंगू का खतरा अभी पूरी तरह से टला नहीं है.
कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढंके.
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें
छोटा और सुखी परिवार के लिए परिवार नियोजन के स्थाई उपाय अपनाना आवश्यक
– परिवार नियोजन के ऑपेरशन के दौरान सुरक्षा का रखा जाता है ख्याल
– अफवाहों से रहें दूर, परिवार नियोजन का स्थाई उपाय अपनाएं जरूर
लखीसराय, 11, दिसंबर, 2020
समाज का हर परिवार खुशहाल जिंदगी जीने के लिए अपने बच्चे की संख्या को सीमित करना चाहते हैं ताकि बच्चों की सही तरीके से परवरिश हो सके। इसीलिए आज के समय में लोग बच्चों की सही शिक्षा-दीक्षा, रहन- सहन और सही मात्रा में पोषक तत्वों से युक्त भोजन की उपलब्धता के लिए छोटा और सुखी परिवार के मंत्र को अपना चुके हैं। लोगों की परिवार नियोजन के प्रति उत्सुकता जनसंख्या स्थिरीकरण के लक्ष्य के हासिल करने में सहायक है। इसके लिए सरकार भी तमाम तरह की गतिविधियों का आयोजन कर समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक कर रही है। इसके साथ ही स्थानीय पीएचसी स्तर पर निःशुल्क परिवार नियोजन के स्थाई उपाय की व्यवस्था उपलब्ध है। मालूम हो कि छोटा और खुशहाल परिवार के लिए परिवार नियोजन का स्थायी उपाय के तहत पुरुष नसबंदी या महिला बंध्याकरण का ऑपरेशन जरूरी है। इसीलिए अफवाहों से दूर रहते हुए परिवार नियोजन का स्थायी उपाय अपनाना जरूरी है।
अफवाहों से दूर हो निर्भीक हो कराएं बंध्याकरण का ऑपरेशन :
सरकारी अस्पताल में सरकारी व्यवस्था के बीच परिवार नियोजन के लिए बंध्याकरण का ऑपरेशन करा चुकी रिंकी कुमारी ने बताया कि ऑपरेशन कराने के पहले सरकारी अस्पतालों में व्यवस्था को लेकर तरह-तरह के बातें सुनने को मिलती थी। जब वह तैयार हुई तो उसे आसपास के लोगों के अफवाहों का सामना करना पड़ा। बावजूद इसके वह परिवार नियोजन के लिए बंध्याकरण के ऑपरेशन का मन पूरी तरह से बना चुकी थी और तमाम अफवाहों एवं बंदिशों से बाहर आकर स्वास्थ्य विभाग की पहल पर मैं बंध्याकरण के ऑपरेशन के लिए लखीसराय पीएचसी गई। जहाँ जाने के बाद ऑपरेशन एवं अस्पताल की व्यवस्था को लेकर मिल रही तमाम जानकारी महज एक अफवाह साबित हुई। इसीलिए, वह अन्य महिलाओं से भी यह अपील करती है कि अफवाहों से बाहर आते हुए निर्भीक होकर परिवार नियोजन के बंध्याकरण का ऑपरेशन कराएं। इसके बाद ही
कोई खुशहाल परिवार की जिंदगी जी सकते हैं।
अस्पतालों में समुचित व्यवस्था के बीच किया जाता है परिवार नियोजन के लिए ऑपरेशन :
एक अन्य महिला माया देवी ने बताया कि अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा के हर मानकों का ख्याल रखा जाता है और समुचित व्यवस्था के बीच ऑपरेशन किया जाता है। इसके साथ हीं ऑपरेशन के बाद आवश्यक दवाईयाँ भी मुफ्त दी जाती है। इसीलिए अस्पताल में उपलब्ध व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार के अफवाहों पर ध्यान नहीं देंते हुए खुद जाकर अस्पताल की व्यवस्था देखें।
बच्चों के उचित परवरिश के लिए जरूरी है छोटा परिवार :
एक अन्य महिला गुड़िया कुमारी ने बताया कि सभी लोग अपने बच्चे को उचित परवरिश देना चाहते हैं किन्तु बड़ा परिवार होने के कारण ऐसा संभव नहीं हो पाता है। इसीलिए बच्चे को उचित परवरिश एवं अच्छी शिक्षा देने के लिए छोटा परिवार जरूरी है तभी खुशहाल परिवार का सपना साकार होगा। इसके लिए बंध्याकरण के ऑपरेशन पर बल दें और खुद के साथ- साथ अन्य महिलाओं को भी जागरूक करें।
स्वास्थ्य प्रबंधक के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा लोगों को किया जा रहा है जागरूक :
लखीसराय पीएचसी के स्वास्थ्य प्रबंधक अनिल कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े आशा, ऑगनबाड़ी सेविका समेत अन्य कर्मियों द्वारा लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए कर्मी घर-घर जाकर महिला एवं उनके परिवार वालों को ऑपरेशन के लिए प्रेरित कर रहे हैं और परिवार नियोजन से होने वाले फायदे तथा अस्पताल की व्यवस्था की भी जानकारी दे रहे हैं।
जागरूकता का दिख रहा है असर :-
स्वास्थ्य प्रबंधक अनिल कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा लोगों को जागरूक करने का साकारात्मक असर भी दिखने को मिल रहा है। लोग उत्साह के साथ ऑपरेशन के लिए पीएचसी आने लगे हैं। जो सामाजिक बदलाव का बड़ा संकेत है।
कोरोना काल में संक्रमण से बचने के लिए इन मानकों का करें पालन :-
– मास्क का अनिवार्य रूप से करें उपयोग ।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों पर जाने से करें परहेज ।
– बेवजह यात्रा करने से बचें।
– बाहरी खाना खाने से करें परहेज ।
– साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से करें हाथ साफ ।
– यात्रा के दौरान आवश्यक दूरी का भी रखें ख्याल और निश्चित रूप से मास्क और सैनिटाइजर का करें उपयोग ।
– गर्म व ताजा खाना का सेवन करें, बासी खाना से बिलकुल रहें दूर ।