जांच की रफ्तार बढ़ाकर कोरोना को मात
लोग रहेंगे जागरूक तो संक्रमण का प्रभाव होगा कम
पोषण माह की सफलता को लेकर जिला मुख्यालय से निकाला गया जागरूकता रथ
पोषण के लिए दौड़ी जागरुकता की गाड़ी
– गर्भवती व धात्री महिलाओं को पोषण के बारे में दी गई जानकारी
– मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 117 में पोषण परामर्श केंद्र का हुआ शुभारंभ
बांका, 08 सितंबर
पोषण मह में जिले में जागरुकता की गाड़ी तेज दौड़ रही है। अभियान की रफ्तार में गर्भवती व धात्री महिलाओं को पोषण के बारे में जानकारी दी जा रही है। सोमवार को सदर प्रखंड के बाद मंगलवार को मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 117 में पोषण परामर्श केंद्र का शुभारंभ किया गया। इस दौरान गर्भवती और धात्री महिलाओं को पोषण को लेकर जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि गर्भधारण के बाद किस तरह का पोषण लेना चाहिए, इससे ना सिर्फ उनका स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, बल्कि बच्चे भी स्वस्थ रहेंगे।
– कुपोषण भगाने का दिया मंत्र
डीपीओ रिफत अंसारी ने बताया कि गर्भवती और धात्री महिलाओं को कुपोषण से दूर भगाने के लिए पूरी जानकारी दी जा रही है। इन लोगों को पोषण के बारे में जागरूक किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि सही पोषण के क्या-क्या फायदे हैं, साथ ही लोगों को स्वच्छता के बारे में भी जागरुक किया जा रहा है। डीपीओ ने कुपोषण कैसे खत्म करना है, इसकी सलाह भी दी साथ ही कुपोषण को खत्म करने में स्वच्छता की भूमिका पर भी चर्चा की है। लोगों को समझाया गया कि हाथ साफ रखने से कितना फायदा होता है। इस दौरान कोरोना काल में कुपोषण को कैसे खत्म करना है, इसकी भी जानकारी दी गई।
– जागरूकता रथ को किया रवाना
डीपीओ रिफत अंसारी ने ई-रिक्शा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पूरे महीने ई-रिक्शा से घूम-घूमकर लोगों को पोषण के बारे में जागरूक किया जाएगा। गर्भवती और धात्री महिलाओं को पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी जाएगी साथ में मांस मछली का अधिक सेवन करने की सलाह दी जाएगी। जो महिलाएं मांसाहार का सेवन नहीं करती हैं, उन्हें अधिक से अधिक दूध का सेवन करने की जानकारी दी जाएगी।
– बच्चों के विकास के लिए सही पोषण आवश्यक
डीपीओ रिफत अंसारी ने बताया कि बच्चों के विकास के लिए सही पोषण बहुत महत्वपूर्ण है। खासकर शुरुआती वर्षों के दौरान। गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन लेना बहुत महत्वपूर्ण होता है। इससे बच्चे का सही ढंग से विकास होता है। जन्म के बाद भी बच्चे को दो साल तक केवल पौष्टिक आहार ही देना चाहिए। गर्भावस्था और जन्म के बाद के शुरुआती वर्ष मस्तिष्क और अन्य महत्वपूर्ण अंगों के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। बच्चे के संपूर्ण विकास को सुनिश्चित करने के लिए विटामिन, कैल्शियम, आयरन, वसा और कार्बोहाइड्रेट जैसे पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार देना बहुत महत्वपूर्ण है।
स्थानीय बैरवा महासभा गठन समारोह संपन्न
नई दिल्ली, 07 सितम्बर 2020। आज दक्षिण दिल्ली में मदनगीर के कृष्णा मंदिर स्थित बैरवा भवन में अखिल भारतीय बैरवा महासभा (पंजी एस 277 सन 1946) संबंधित प्रांतीय बैरवा महासभा द्वारा अंबेडकर नगर स्थानीय बैरवा महासभा एवं देवली स्थानीय बैरवा महासभा का गठन समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में अंबेडकर नगर से एडवोकेट अरुण कुमार लवली को अध्यक्ष व युवा समाजसेवी दिलीप देवतवाल को महामंत्री सर्वसम्मित से नियुक्त किया गया। इसके साथ ही देवली विधानसभा से ओमप्रकाश माली को अध्यक्ष नियुक्त किया गया। नवनियुक्त अध्यक्ष व महामंत्री को समाज के गणमान्य लोगों द्वारा सम्मानित किया गया। सभी नवनियुक्त पदाधिकािरयों ने समाज हित के लिए कार्य करने का संकल्प लिया और सभी आदरणीय बैरवा बंधुओं का आशीर्वाद लिया।
इस अवसर पर प्रांतीय बैरवा महासभा के अध्यक्ष मोहनचंद कुण्डारा, महामंत्री चंद्रपाल बैरवा, उपाध्यक्ष राजकुमार गोठवाल, अतिरिक्त महामंत्री धर्मपाल आर्य, प्रवक्ता हेमराज भीटलवाल, मीडिया प्रभारी हजारीलाल बैरवा सहित अंबेडकर नगर के कर्मठ, जुझारू एवं युवा बैरवा साथियों ने गठन समारोह में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
घर-घर भ्रमण कर सेविकाओं द्वारा किया गया गोदभराई कार्यक्रम का आयोजन
– जिले के परवत्ता और गोगरी प्रखंडों में मनाया गया गोदभराई उत्सव
– सीडीपीओ व महिला पर्यवेक्षिका ने की मानिटिरिंग
– पोषण माह के तहत कार्यक्रम का हुआ आयोजन, पोषण के महत्व पर हुई विशेष चर्चा
खगड़िया, 07 सितम्बर, 2020
जिले में 1 से 30 सितंबर तक पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। पोषण अभियान के तहत कुपोषण को मिटाने के लिए कई गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को जिले के परवत्ता और गोगरी प्रखंडों में सेविका द्वारा अपने-अपने पोषक क्षेत्र में गृह भ्रमण कर गोदभराई उत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें गर्भवती महिलाओं के घर जाकर गोदभराई की रस्म की गयी। साथ हीं पोषण से संबंधित जानकारी विस्तारपूर्वक लाभार्थियों को दी गयी। इसके साथ ही कोविड-19 से बचाव के लिए जारी गाइडलाइंस का पालन किया गया।
परवत्ता प्रखंड के परवत्ता पंचायत में संचालित केंद्र संख्या 42 की सेविका गीता कुमारी ने बताया, लाभार्थियों के घर जाकर गोदभराई उत्सव मनाया गया और मंगल गीतों के साथ गर्भवती महिला को उपहार के रूप में पोषण की पोटली दी गई है। जिसमें गुड़, चना, हरी पत्तेदार सब्जियां, आयरन की गोली, पोषाहार व फल आदि शामिल थे। महिलाओं को उपहार स्वरुप पोषण की थाली भेंट की गयी, जिसमें सतरंगी व अनेक प्रकार के पौष्टिक भोज्य पदार्थ शामिल थे। गर्भवती महिलाओं को चुनरी ओढ़ाकर और टीका लगाकर महिलाओं की गोद भराई की रस्म पूरी की गई। सभी महिलाओं को अच्छे सेहत के लिए पोषण की आवश्यकता व महत्व के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही साथ स्तनपान सप्ताह को लेकर भी महिलाओं को जागरूक किया गया। 6 माह तक नवजात शिशुओं सिर्फ स्तनपान कराने के लिए प्रेरित किया गया। इस मौके पर महिला पर्यवेक्षिका अंजू सिन्हा भी मौजूद थी।
स्वस्थ माँ ही स्वस्थ बच्चे को दे सकती है जन्म:-
परवत्ता बाल बिकास परियोजना कार्यालय के सीडीपीओ कामिनी कुमारी ने कहा कि गोद भराई रस्म में सेविकाओं द्वारा गर्भवती महिलाओं के सम्मान में उसे चुनरी ओढ़ा उसे तिलक लगा कर उनके गर्भस्थ शिशु की बेहतर स्वास्थ्य की कामना की गई। साथ ही गर्भवतियों की गोद में पोषण संबंधी पुष्टाहार फल सेव, संतरा, बेदाना, दूध, अंडा डाल सेवन करने का तरीका बताया गया। साथ ही गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को आयरन की गोली खाने की सलाह दी गई। जिसमें बताया गया कि गर्भवती महिला कुछ सावधानी और समय से पुष्टाहार का सेवन करें तो बिना किसी अड़चन के स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती हैं।
पोषण के पांच सूत्रों से लगेगा कुपोषण पर लगाम
कुपोषण पर लगाम लगाने के लिए पोषण अभियान के तहत पांच सूत्र की जानकारी दी गई। जिसमें पहले सुनहरे 1000 दिनों में तेजी से बच्चे का शारीरिक एवं मानसिक विकास होता है। जिसमें गर्भावस्था की अवधि से लेकर बच्चे के जन्म से दो साल तक की उम्र तक की अवधि शामिल है। इस दौरान बेहतर स्वास्थ्य, पर्याप्त पोषण, प्यार भरा एवं तनाव मुक्त माहौल तथा सही देखभाल बच्चों के पूर्ण विकास में सहयोगी होता है।
पौष्टिक आहार के महत्ता की दी गई जानकारी
शिशु के जन्म के एक घंटे के भीतर मां का पीला दूध बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। अगले छह माह तक केवल मां का दूध बच्चे को कई गंभीर रोगों से सुरक्षित रखता है। 6 माह के बाद बच्चे का शारीरिक एवं मानसिक विकास काफी तेजी से होता है। इस दौरान स्तनपान के साथ ऊपरी आहार की काफी जरूरत होती है। घर का बना मसला व गाढ़ा भोजन ऊपरी आहार की शुरुआत के लिए जरूरी होता है।
एनीमिया प्रबंधन की दी गई जानकारी
गर्भवती माता, किशोरियां व बच्चों में एनीमिया की रोकथाम जरूरी है। गर्भवती महिला को 180 दिन तक आयरन की एक लाल गोली जरूर खानी चाहिए। 10 वर्ष से 19 साल की किशोरियों को भी प्रति सप्ताह आयरन की एक नीली गोली का सेवन करनी चाहिए। छह माह से पांच साल तक के बच्चों को सप्ताह में दो बार एक-एक मिलीलीटर आयरन सिरप देनी चाहिए।
डायरिया प्रबंधन की दी गई जानकारी
शिशुओं में डायरिया शिशु मृत्यु का कारण भी है। छह माह तक के बच्चों के लिए केवल स्तनपान (ऊपर से कुछ भी नहीं) डायरिया से बचाव करता है। साफ-सफाई एवं स्वच्छ भोजन डायरिया से बचाव करता है। डायरिया होने पर लगातार ओआरएस का घोल एवं 14 दिन तक जिक देना चाहिए।
स्वच्छता एवं साफ-सफाई पर दिया गया बल
साफ पानी एवं ताजा भोजन संक्रामक रोगों से बचाव करता है। खाना खाने से पूर्व एवं बाद में तथा शौच जाने के बाद में साबुन से अच्छी तरह से हाथ धोना चाहिए। घर में तथा घर के आस-पास सफाई रखनी चाहिए। इससे कई रोगों से बचा जा सकता है।
आज ग्लोबल बाजार के ग्लोबल चैन को समझना आवश्यक- हेलेन ई विलियम, डीन, पेपरडाइन यूनिवर्सिटी, यूएसए
नईदिल्ली-
न्यू देहली इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में छात्रों को संबोधित करते हुए पेपरडाइन यूनिवर्सिटी यूएसए की डीन हेलेन ई विलियम ने कहा कि आज ग्लोबल बाजार तेजी से बदला है जिसे समझना आवश्यक है। आज जिस तरह से लोगों को आवश्यकताएं में बदलाव आया है ऐसे में कई तरह के बदलाव की जरूरत है।
हेलेन ई विलियम ने कहा कि आज पूरा विश्व एक प्लेटफार्म पर है आवश्यकताएं लगभग सभी की एक जैसी है। लेकिन मैनेजमेंट यह करना है कि कैसे सभी को वस्तुएं सस्ती दरों में उपलब्ध हो जाए। इसके लिए ग्लोबल सप्लाय को बेहतरीन तरीके से समझने की आवश्यकता है।
हेलेन ई विलियम ने कहा कि ग्लोबल सप्लाय चेन की विशेषता यह है कि सभी वस्तुएं बड़े ही आराम से एक जगह से दूसरे जगह पहुंच रही हैं। लेकिन क्या यह सप्लाय सही तरीके से कार्य कर रहा है। क्या इसमें और नयेपन लाने की जरूरत है इसके लिए छात्रों को इनोवेशन करने की जरूरत है। आज के बाजार में और विगत कुछ वर्षों के बाजार में काफी बदलाव आ गया है। एडवरटाइजिंग से सब कुछ बदल गया है जिसके कारण आज सप्लाय चेन में भी बदलाव आ गया है और बेहतर तरीके से सप्लाय को सुगम बनाने की जरूरत है। हेलेन ई विलियम ने एनडीआईएम के छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह संस्थान काफी अद्य़तन जानकारी रखता है जिससे छात्रों को फायदा मिल रहा है।