कोरोना वायरस: लॉकडाउन में सेक्स वर्कर्स के लिए मुश्किलें बहुत हैं

“सामाजिक दूरी और बाक़ी चीज़ें ठीक हैं, लेकिन हमें अपना धंधा करने की इजाज़त नहीं दी जा रही है. हम पैसे नहीं कमा सकते और ऐसे में हम अपने बच्चों को खाना भी नहीं खिला पा रहे हैं.”
नासिक की रेखा

रेखा एक सेक्स-वर्कर हैं और वह एक स्वयंसेवी संस्था की एक्टिविस्ट भी हैं जो कि सेक्स-वर्कर्स के लिए काम करती है.

कोरोना संक्रमण का ख़तरा बढ़ने के साथ ही पूरे विश्व में रेड-लाइट इलाक़ों में सेक्स-वर्कर्स ने अपना धंधा बंद कर दिया है. सेक्स-वर्कर्स ने लॉकडाउन का आदेश आने से पहले ही ख़ुद ही यह फ़ैसला लिया है और वे अपने यहां कस्टमर्स को आने नहीं दे रहे हैं.

कर्फ़्यू के ऐलान से तीन दिन पहले ही हमने अपना कामकाज बंद कर दिया था. हमने सोचा कि दूसरों को यह बीमारी नहीं होनी चाहिए और हम ख़ुद भी दूसरों के ज़रिए संक्रमित नहीं होना चाहते थे. वैसे तो हम हर रोज़ ही डर के साये में जीते हैं. हमारे बच्चे बड़े हो रहे हैं और हमें भी आने वाले दिनों में अपनी आजीविका के बारे में सोचना होगा. लेकिन, मैं यह कह सकती हूं कि अगर हम इससे संक्रमित नहीं होंगे तो आप भी इससे संक्रमित नहीं होंगे.”

सेक्स वर्कर्स भी समाज के हाशिए पर मौजूद तबका है. इनके लिए रोज़ाना के लिए खाने-पीने का इंतज़ाम करना मुश्किल भरा हो गया है. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के एक अनुमान के मुताबिक, देश में क़रीब 30 लाख सेक्स वर्कर्स हैं.

sex workers in corona

चूंकि, अब कारोबार बंद हो गया है ऐसे में सेक्स-वर्कर्स के पास पैसे की कमी हो गई है. छोटे दुकानदार, एजेंट्स और ठेले वालों की भी कमाई बंद हो गई है क्योंकि इनका कामकाज सेक्स-वर्कर्स के धंधे पर टिका होता है.

रानी खाला भिवंडी की एक सेक्स-वर्कर हैं. वो कहती हैं, “हमारे पास एक रुपया भी नहीं बचा है. हम अपने रोज़ाना की रोज़ी-रोटी को लेकर चिंतित हैं. हम फ़िलहाल स्वयंसेवी संस्थाओं पर ही टिके हुए हैं.”

इस रेड-लाइट एरिया में कई एचआईवी पॉज़िटिव और टीबी मरीज़ हैं. ऐसे लोगों के लिए क्लीनिक जाना मुश्किल हो गया है. रानी कहती हैं, “हम उन्हें रेगुलर मेडिसिन देते हैं. अगर कोई अधिक बीमार हो जाता है तो स्वयंसेवी संस्थाओं की एंबुलेंस मदद के लिए आती है.”

 

कोरोना के दौरान सेक्स करें या नहीं

ऋषि कपूर ने यूँ ही नहीं किया था ये मुकाम हासिल

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कोरोना के समय में लोग घरों में सुरक्षित हैं ऐसे समय में उनके चाहते अदाकारों का जाना उन्हें दुखी कर रहा है अभी कल ही लीक से हमेशा हटकर फ़िल्में देने वाले जिन्होंने हॉलीवुड और बॉलीवुड में अपना नाम कमाया इरफ़ान खान का चले जाना अभी उस सदमे से कोई बाहर भी नहीं आया था की 24 घंटे के अंदर दिग्गज कलाकार जिसने 40 साल से ज्यादा कई फिल्मों से अपने दर्शकों का मनोरंजन किया हो और तो और कपूर खानदान के मशहूर कलाकार ऋषि कपूर का जाना बहुत दुखदायी है

ऋषि कपूर एक भारतीय फिल्म अभिनेता-निर्माता हैं। ऋषि कपूर अपने जमाने के चॉकलेटी हीरो के रूप में जाने जाते हैं। ऋषि कपूर एक ऐसे परिवार से ताल्लुक रखते जिसने बॉलीवुड में बहुत ही महत्‍वपूर्ण योगदान दिया है। ऋषि कपूर ने अपने फ़िल्मी करियर में सैकड़ों फ़िल्में की हैं। इस दौरान उन्होंने कई अवार्ड भी अपने नाम किये। साल 2008 में ऋषि कपूर को फिल्म फेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से भी नवाजा गया। ऋषि कपूर अभी भी बॉलीवुड में एक सक्रिय अभिनेता हैं।

Rishi kapoor Family
Rishi kapoor with Family

ऋषि कपूर का जन्म 4 सितम्बर 1952 को मुंबई के चेंबूर में हुआ। ऋषि कपूर बॉलीवुड के शो मैन यानी राज कपूर के मंझले बेटे हैं। ऋषि कपूर का निक नेम चिंटू हैं। ऋषि कपूर के दो भाई हैं। रणधीर कपूर और राजीव कपूर और दोनो ही बॉलीवुड अभिनेता हैं।

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पढ़ाई

ऋषि कपूर ने अपनी प्रारम्भिक पढ़ाई अपने भाईयों के साथ कैंपियन स्कूल, मुंबई और उसके बाद आगे की पढ़ाई मेयो कॉलेज अजमेर से पूरी की।

शादी

ऋषि कपूर की शादी बॉलीवुड अभिनेत्री नीतू कपूर से हुई है। बता दें, ऋषि कपूर और नीतू ने शादी से पहले एक दूसरे को पांच साल तक डेट किया उसके बाद वे शादी के बंधन में बंध गए। ऋषि कपूर के दो बच्चे हैं। रणबीर कपूर और रिधिमा कपूर। रणबीर कपूर अपने पिता ऋषि कपूर की तरह बॉलीवुड के चॉकलेटी हीरो हैं। ऋषि कपूर की बेटी रिधिमा की शादी बिजनेस मैन भारत साहनी से हुई है। बॉलीवुड की लीडिंग एक्ट्रेस करीना कपूर और करिश्मा कपूर ऋषि कपूर की भतीजी हैं।

फ़िल्मी करियर

फ़िल्मी परिवार से होने के कारण ऋषि कपूर हमेशा से ही फिल्मों में अभिनय करने की रूचि रखते थे। ऋषि कपूर ने बॉलीवुड में 1970 में अपने पिता की फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ से डेब्यू किया थ। इस फिल्म में ऋषि ने अपने पिता के बचपन का किरदार निभाया था। ऋषि कपूर ने बॉलीवुड में बतौर एक्टर 1973 में फिल्म बॉबी से किया था। इस फिल्म में उनके अपोजिट डिंपल कपाड़िया थीं।

I had refused Agneepath: Rishi Kapoor - bollywood - Hindustan Times

 

ऋषि कपूर ने अपने करियर में 1973-2000 तक 92 फिल्मों में रोमांटिक हीरो का किरदार निभाया है। इन्होने बतौर सोलो लीड एक्टर 51 फिल्मों में अभिनय किया है। ऋषि कपूर अपने जमाने के चॉकलेटी हीरोज में से एक थे। उन्होने बॉलीवुड की कई रोमांटिक हिट फ़िल्में दीं। ऋषि ने अपनी पत्नी के साथ 12 फिल्मों में अभिनय किया है।

 

अभिनय की दुनिया में तहलका मचाने के बाद ऋषि ने निर्देशन में भी हाथ आजमाया। उन्होंने 1998 में अक्षय खन्ना और ऐश्वर्या राय बच्चन अभिनीत फिल्म आ अब लौट चलें निर्देशित की।

Rishi kapoor died

ऋषि कपूर ने अपने करियर की शुरुआत से हमेशा ही रोमांटिक किरदार को निभाया था, लेकिन फिल्म अग्निपथ में उनके खलनायक के किरदार को देख सभी हतप्रभ रह गए। ऋषि को फिल्म अग्निपथ के लिए आईफ़ा बेस्ट नेगेटिव रोल के अवार्ड से भी नवाजा गया।

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ऋषि कपूर का 67 साल की उम्र में निधन हो गया है. मंगलवार को तबीय बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के एचएन रिलायंस फ़ाउंडेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया था. ऋषि कपूर के बड़े भाई रणधीर कपूर ने बीबीस से निधन की पुष्टि की है.


 

मंगलवार को रणधीर कपूर ने कहा था, ”वह अस्पताल में हैं और कैंसर से जूझ रहे हैं. उन्हें सांस लेने में दिक्क़त हो रही थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था.” लेकिन इससे पहले फ़रवरी महीने में भी ऋषि कपूर को दो बार अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका था.

 

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद राणा प्रेस कांउसिल ऑफ इंडिया के सदस्य नियुक्त

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद राणा को प्रेस कांउसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) का सदस्य नियुक्त किया गया है। नई दिल्ली स्थित सूचना भवन में पीसीआई के चैयरमेन एवं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाद्यीश चन्द्रमौली कुमार प्रसाद की अध्यक्षता में गत 24 फरवरी को आनंद राणा की नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया को पूर्ण किया गया था। केंद्र सरकार ने राणा की नियुक्ति को गजट ऑफ़ इंडिया में अधिसूचित कर दिया है।

नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया (एनयूजेआई) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में दो दशक से भी ज्यादा समय से कार्यरत आनंद राणा पिछले कई सालों से हरिभूमि के दिल्ली संस्करण की बागडोर संभाल रहे हैं। दिल्ली जर्नलिस्टस एसोसिएशन (डीजेए) के पूर्व महासचिव आनंद राणा पत्रकारों से जुड़े मुद्दों पर संघर्षरत रहे हैं।

गौरतलब है कि ‘प्रेस कांउसिल ऑफ इंडिया’ यानी ‘भारतीय प्रेस परिषद’ एक संविधानिक स्वायत्तशासी संगठन है जो प्रमुखरूप से प्रेस की आजादी की रक्षा करने एवं उसकी जिम्मेदारियों को सुनिश्चित करने के दायित्व का निर्वहन करता है। अध्यक्ष पीसीआई के प्रमुख होते हैं, जिसे राज्यसभा के सभापति, लोकसभा के अध्यक्ष एवं सदस्यों में चुना गया एक सदस्य मिलकर नामित करते हैं। पीसीआई के सदस्यों में पत्रकार बिरादरी के नुमाइंदों के अलावा तीन लोकसभा सदस्य, दो राज्यसभा सदस्य तथा एक-एक सदस्य बॉर कांउसिल ऑफ इंडिया, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग तथा साहित्य अकादमी से होते हैं।

आनंद राणा की नियुक्ति पर ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्टस’ (एनयूजे) और संबंद्ध राज्य ईकाईयों ने खुशी का इजहार किया है। इंडियन जर्नलिस्टस यूनियन, प्रेस एसोसियसन ऑफ इंडिया, वर्किंग न्यूज कैमरामेनस एसोसियसन ने राणा के पीसीआई का सदस्य बनने पर बधाई दी है।

एनयूजे के अध्यक्ष रास विहारी, महासचिव प्रसन्ना मोहंती, इंडियन जर्नलिस्टस यूनियन के अध्यक्ष के. श्रीनिवास रेड्डी, महासचिव बलविंद्र सिंह जम्मू, पीआईबी मान्यता प्राप्त पत्रकारों के संगठन-प्रेस एसोसियसन के अध्यक्ष जयशंकर गुप्त, महासचिव सी.के.नायक और वर्किंग न्यूज कैमरामेनस एसोसियसन के अध्यक्ष एस. एन. सिन्हा,महासचिव श्री सन्दीप शंकर ने आनंद राणा की नियुक्ति के बाद कहा कि इससे पत्रकार हितों की आवाज और बुलंद होगी।

दिल्ली जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश थपलियाल और महासचिव के. पी. मलिक ने आनंद राणा के पीसीआई सदस्य नियुक्त होने पर एनयूजे, आईजेयू, प्रेस प्रेस एसोसिएशन और वर्किंग न्यूजकैमरामैन एसोसिएशन,विश्व पत्रकार महासंघ के दिल्ली प्रदेश प्रभारी अशोक कुमार निर्भय,अध्यक्ष विक्रम गोस्वामी,महासचिव मणि आर्य ने भी प्रेस कांउन्सिल के मनोनीत सभी पदाधिकारियों को बधाई देते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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अभिनेता इरफान खान ने हिंदी भाषा सहित अंग्रेजी भाषा की भी कई फिल्मों में काम किया हुआ है और इनके फैन्स की संख्या लाखों में है. भारत के अलावा दुनिया भर में भी इरफान के कई लाखों की संख्या में फैन्स मौजूद हैं. इरफान खान देखने में ज्यादा सुंदर नहीं हैं, लेकिन अपने उम्दा अभिनय के दम पर आज ये एक मशूहर अभिनेता बन सके हैं और इनका नाम दुनिया के बेहतरीन कलाकारों में लिया जाता है.

इस वक्त हर कोई इरफान की निजी जिंदगी के बारे में जाना चाहता है और आज हम आपको इनका जीवन परिचय देने जा रहे हैं.

पूरा नाम शाहबजादे इरफान अली खान
उप नाम इरफान
जन्म स्थान जयपुर, राजस्थान, भारत
जन्म तारीख 7 जनवरी, 1967
पिता का नाम यासीन अली खान
माता का नाम सईदा बेगम
कुल भाई-बहन तीन
पत्नी का नाम सुतापा सिकदर
कुल बच्चे दो लड़के
पेशा अभिनेता और प्रोड्यूसर
पहली हिंदी फिल्म ‘सलाम बॉम्बे’
लंबाई (Height) 6’0
वजन (Weight) 75 किलो
आंखों का रंग (Eye colour) काला रंग
बालों का रंग (Hair colour) काला रंग
कुल संपत्ति (Net worth) 80 करोड़ के करीब

 

इरफान खान का जन्म और शिक्षा (Irrfan Khan Birth And Education)

इरफान का जन्म भारत के राजस्थान राज्य में सन् 1967 में हुआ था और यहां के ही एक स्कूल से इन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा हासिल की थी. इरफान ने किस विषय में डिग्री हासिल की हुई है इसके बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं है. लेकिन जब ये अपनी पोस्ट ग्रेजुएश एम.ए. में कर रहे थे, तो उस समय इन्होंने नेशनल स्‍कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला ले लिया था. कहा जाता है कि इन्होंने इस ड्रामा स्कूल में पढ़ाई करने के लिए स्‍कालरशिप के लिए आवेदन किया था और इनकी ये आवेदन स्वीकार कर ली गई थी, जिसके बाद इन्होंने दिल्ली में स्थिति एक्टिंग के इस कॉलेजी में दाखिला ले लिया था.

इरफान खान का परिवार (Irrfan Khan Family)

इरफान खान का नाता राजस्थान राज्य के एक पठान परिवार से है. इनकी मां का नाम सईदा बेगम है और इनकी मां का नाता इस राज्य के टोंक हाकिम परिवार  से है. वहीं  इनके पिता का नाम यासीन है और वो एक कारोबारी थे, जिनका टायर का व्यापार हुआ करता था. इरफान के कुल तीन भाई बहन हैं, जिनमें से दो भाई हैं और एक बहन है.

साल 1995 में इरफान ने अपनी प्रेमिका से विवाह किया था जिनका नाम सुतापा सिकदर  है. इस शादी से इन दोनों को दो बेटे हुए थे जिनका नाम इन्होंने बाबिल और आयन रखा है. कहा जाता है कि इरफान की मुलाकात अपनी पत्नी से ड्रामा स्कूल में हुई थी. सुतापा भी इरफान की तरह इस ड्रामा स्कूल की छात्रा थी और यहां से शुरू हुई इनकी ये दोस्ती प्यार में बदल गई थी.

इरफान खान का करियर (Irrfan Khan TV Show)

इरफान खान अपनी एक्टिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद मुंबई चले गए और यहां आकर इन्होंने फिल्मों में काम खोजना शुरू कर दिया. इरफान के करियर के शुरुआती दिन काफी संघर्ष भरे थे. इन्हें फिल्मों की जगह टी.वी सीरियल में छोटे मोटे रोल मिलने लगे और इस तरह से इरफान के करियर की शुरुआत बतौर एक जूनियर एक्टर से हुई थी. इरफान कई हिंदी धारावाहिकों का हिस्सा रह चुके हैं और इनके द्वारा किए गए कुछ धारावाहिकों के नाम इस प्रकार हैं.

संख्या धारावाहिकों के नाम
1 चाणक्य
2 भरत एक खोज
3 साराजहां हमारा
4 बनेगी अपनी बात
5 चंद्रकांत
6 श्रीकांत
7 स्टार बेस्टसेलर्स
8 मानो या ना मानो

इरफान खान का फिल्म करियर (Irrfan Khan Film Career)

साल 1988 में आई फिल्म ‘सलाम बॉम्बे’ में इरफान को एक छोटा सा रोल मिला था. लेकिन इरफान के इस रोल को फिल्म से हटा दिया गया था. इस फिल्म के बाद इरफान ने कई फिल्मों में छोटे-मोटे रोल किया लेकिन साल 2001 में आई ‘द वारियर’ फिल्म ने इनकी जिंदगी बदल दी और इस फिल्म से उनको पहचान मिली. ये एक ब्रिटिश फिल्म थी जिसका निर्देशन आसिफ कपाड़िया ने किया था. ये फिल्म अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में भी प्रदर्शित की गई थी. इस फिल्म के बाद साल 2004 में आई ‘हासिल’ फिल्म में इरफान को एक नेगेटिव किरदार में देखा गया था और इस किरदार को भी इन्होंने बखूबी से निभाया था.

रोग फिल्म में मिला लीड रोल

साल 2005 में इरफान खान को बतौर लीड रोल अपनी पहली फिल्म मिली थी और इस फिल्म का नाम ‘रोग’ था. इस फिल्म में खान ने एक पुलिस ऑफिसर की भूमिका निभाई थी. हालांकि ये फिल्म कामयाब फिल्म साबित नहीं हुई थी. लेकिन इरफान के अभिनय ने सभी को हैरान कर दिया था और हर किसी ने इनके अभिनय की काफी तारीफ की थी और कहा था कि इरफान की आंखें भी एक दमदार अभिनय करती हैं. इस फिल्म के बाद इरफान को कई और फिल्मों में कार्य करने का मौका मिला.

साल 2007 में आई मल्टी स्टार फिल्म ‘लाइफ इन ए मेट्रो’ का हिस्सा इरफान भी थे और इस फिल्म में इरफान द्वारा किए गए अभिनय को फिर से लोगों द्वारा पसंद किया गया.  इस फिल्म में उनकी जोड़ी कोंकणा सेन के साथ नजर आई थी. इस फिल्म के बाद इरफान को एसिड फैक्ट्री, न्यूयॉर्क, पान सिंह तोमर, हैदर, पीकू, तलवार, जज्बा, हिंदी मीडियम सहित कई फिल्मों में देखा गया था और इन फिल्मों के लिए इन्हें कई अवार्ड भी मिले थे.

हॉलीवुड में भी किया है काम (Irrfan Khan Hollywood Movies)

इरफान का नाम उन भारतीय अभिनेताओँ में गिना जाता है, जिन्होंने भारतीय सिनेमा के साथ-साथ विदेशी सिनेमा यानी हॉलीवुड में भी कार्य किया हुआ है. इरफान ने बॉलीवुड सहित कई हॉलीवुड फिल्मों में भी दमदार प्रदर्शन किया है और उनके द्वारा की गई कुछ हॉलीवुड फिल्मों के नाम इस प्रकार हैं.

संख्या फिल्मों के नाम
1 सच अ लॉन्ग जर्नी(1988)
2 द नेमसेक (2006)
3 ए माइटी हार्ट (2007)
4 दार्जीलिंग लिमिटेड (2007)
5 स्लमडॉग मिलियनेयर (2008)
6 लाइफ ऑफ पाई (2012)
7 द अमेजिंग स्पाइडर मैन (2012)
8 जुरासिक वर्ल्ड (2015)
9 इन्फर्नो (2016)

 

इरफान खान की आनेवाली फिल्में ( Irrfan Khan Upcoming Movies Details in hindi) 

2018 में इरफान खान की कई मूवी बड़े पर्दे पर आने वाली हैं और इन मूवी के नाम इस प्रकार हैं – करवान, ब्लैकमेल, कबीर

इरफान खान को मिले पुरस्कार (Awards And Achievement Details)

  • इरफान खान को भारत सरकार द्वारा पद्म श्री अवार्ड दिया जा चुका है. ये अवार्ड इन्हें साल 2011 में दिया गया था, ये अवार्ड इन्हें बॉलीवुड में किए गए इनके कार्यों के लिए दिया गया था.
  • इस अभिनेता को इनका पहला फिल्मफेयर खिताब नेगेटिव किरदार के लिए दिया गया था और ये खिताब इन्हें साल 2003 में ‘हासिल’ मूवी के लिए मिला था.
  • साल 2007 में खान को ‘लाइफ इन मेट्रो’ फिल्म के लिए फिल्मफेयर अवार्ड दिया गया था. ये अवार्ड इन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के लिए दिया गए था और इसी फिल्म के लिए इन्हें 2008 में IIFA पुरस्कार भी दिया गया था.
  • साल 2012 में इरफान ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए अपना पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता था और इन्हें ये अवार्ड इनकी फिल्म ‘पान सिंह तोमर’ के लिए दिया गया था. इस फिल्म के लिए इरफान को फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवार्ड भी मिल चुका है.
  • साल 2013 में इरफान खान को उनकी मूवी लंच बॉक्स के लिए दुबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह, एशिया प्रशांत फिल्म समारोह और एशियाई फिल्म समारोह में अवार्ड दिए गए थे.
  • स्लमडॉग मिलियनेयर के लिए इरफान को सेंट्रल ओहियो फिल्म क्रिटिक्स एसोसिएशन की और से सर्वश्रेष्ठ एन्सेबल अवार्ड दिया गया था. वहीं पीकू फिल्म के लिए भी इरफान मेलबर्न के भारतीय फिल्म महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का अवार्ड दिया गया था.
  • मूवी ‘हिंदी मीडियम’ में इरफान ने राज नाम के व्यक्ति का रोल किया था और इस रोल के लिए इन्हें हाल ही में फिल्मफेयर में बेस्ट ऐक्टर का खिताब दिया गया है.

इरफान खान से जुड़े विवाद (Controversy details)

साल 2016 में बकरा ईद को लेकर इन्होंने एक बयान दिया था और अपने बयान में इरफान ने कहा था कि ‘बकरों की कुर्बानी देना सही नहीं है. पहले बकरों की कुर्बानी इसलिए दी जाती थी क्योंकि हम पहले जानवरों पर निर्भर रहते थे और ये हमारा भोजन हुआ करते थे. उस वक्त इनकी कुर्बानी देने का मतलब होता था कि लोग अपने खाने की कुर्बान दे रहे है. लेकिन अब लोग दुकानों से इन्हें खरीदते हैं, इनकी हत्या कर देते हैं और इस हत्या को कुर्बानी कहा जाता है. ऐसे स्थिति में हम इसको सच्ची कुर्बानी कैसे कहे सकते हैं?’. इरफान के इस बयान पर कई मुस्लिम संगठन ने आपत्ति जताई थी और कहा था कि इन्हें अपने कार्य पर ध्यान देना चाहिए ना की धार्मिक रिवाजों पर बयान देना चाहिए. वहीं अपनी इस आलोचना पर इरफान ने एक ट्विट करके कहा था कि ईश्वर का शुक्रिया है कि मैं धार्मिक ठेकेदारों द्वारा संचालित देश में नहीं रहता हूं.

इरफान खान की सोशल मीडिया से जुड़ी जानकारी (social media account details) 

  • इंस्टाग्राम और फेसबुक में इरफान के फॉलोअर- इंस्टाग्राम में इरफान खान के इस वक्त कुल 139k (हजार) फॉलोअर हैं और अभी तक इनके इंस्टाग्राम अकाउंट में इन्होंने कुल 71 फोटो पोस्ट किए हुए हैं. इरफान के इंस्टाग्राम अकाउंट का नाम irrfan है. वहीं फेसबुक में इरफान खान के फॉलोअर  की संख्या कुल 30 लाख के करीब है.
  • इरफान का ट्विटर अकाउंट- इरफान खान ने अपने इस अकाउंट में कुल 422 फोटो और वीडियो शेयर किए हुए हैं. इन्होंने अपना ये ट्विटर अकाउंट साल 2012 में बनाया था और इस वक्त ट्विटर में इरफान खान को 1.95 मिलियन लोगों द्वारा फॉलो किया जाता है.

इरफान खान से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण बातें (Irrfan Khan unknown facts)

  • पहले क्रिकेटर बनना चाहते थे- इरफान खान ने कभी- भी एक अभिनेता बनने का सपना नहीं देखा था और कहा जाता है कि वो एक क्रिकेटर बनना चाहते थे. लेकिन इरफान की किस्मत में कुछ और ही लिखा हुआ था और आज वो क्रिकेटर की जगह एक अभिनेता बन गए हैं.
  • अपने नाम में जोड़ा ‘R’– इरफान खान अंग्रेजी में अपने नाम को Irfan की जगह Irrfan लिखते हैं. कई लोगों को लगता है कि अंकज्योतिष के कारण इरफान ने अपने नाम में एक और ‘R’  जोड़ा है. लेकिन इरफान का कहना है कि उन्हें अपने नाम में ‘R’ का साउंड अच्छा लगता है. इसलिए इन्होंने अपने नाम में एक और ‘R’ जोड़ा दिया था.
  • खान नाम के चलते हुए परेशानी- इरफान खान के नाम के पीछे खान लगने के चलते इन्हें दो बार अमेरिका के एयरपोर्ट पर रोक लिया गया था और कई देर तक पूछताछ करने के बाद इन्हें जाने दिया गया था.
  • ऑस्कर विजेता फिल्मों में किया है काम– स्लमडॉग मिलियनेयर और लाइफ ऑफ पाई फिल्म ने कई ऑस्कर अवार्ड जीते हैं. इन दोनों मूवी में इरफान खान ने काम किया हुआ है और इसी के साथ इरफान भारत के पहले ऐसे अभिनेता हैं जो दो ऑस्कर विजेता मूवी हिस्सा का रहे हैं.
  • इरफान खान की संपत्ति की जानकारी (irrfan khan net worth detail)  इरफान खान एक फिल्म करने के लिए 12 से 14 करोड़ रुपए लिया करते हैं. मुंबई में इरफान का अपना एक फ्लैट है जिसमें ये अपने परिवार के साथ रहते हैं. इस फ्लैट की कीमत 2.5 करोड़ रुपए है. इरफान के पास कुल चार गाड़ियां भी है. इरफान किसी भी ब्रांड का हिस्सा बनने के लिए कम से कम 3 करोड़ रुपए लिया करते हैं. इस वक्त इनके पास कुल 80 करोड़ रुपए के करीब की संपत्ति मौजूद है.

गंभीर बीमारी से हैं ग्रस्त (Irrfan Khan Health Issues)

हाल ही में  बीमार होने की खबर सामने आई है और खबरों के मुताबिक इन्हें कोई खतरनाक बीमारी हुई है. इरफ़ान ने अपने ट्विटर अकाउंट में पोस्ट करते हुए बताया है कि उन्हें न्यूरो एंड्रॉन ट्यूमर (NeuroEndocrine Tumour) नामक बीमारी है.

धर्म ने इंसानियत जानते हैं इरफान

इरफान हमेशा से धार्मिक कट्टरता के खिलाफ रहे हैं। मुस्लिम होने के बावजूद भी कई शो में उन्होंने जय बजरंगबली और हर हर महादेव के नारे लगाए। इरफान ने जय हनुमान धारावाहिक में वाल्मिकि का भी किरदार निभाया है। कुछ समय पहले एक बयान को लेकर वो मौलवियों के निशाने पर भी आ गए थे, लेकिन अपने बयान को उन्होने बड़ी बेबाकी से सबके सामने रखा।

कमजोर अंग्रेजी का क्या था हॉलीवुड  कनेक्शन?

इरफान जब हॉलीवुड में अपनी किस्मत आजमा रहे थे, तब सबसे बड़ी चुनौती थी उनकी खराब अंग्रेजी। इरफान की अंग्रेजी बहुत कमजोर थी। इरफान ने अंग्रेजी पर काम करना तो शुरू कर दिया लेकिन अंग्रेजी का वो लहजा कहां से लाएं, ये बड़ा सवाल था। इस बीच इरफान को किसी ने बताया कि कई कोर्स होते हैं जहां अंग्रेजी बोलने का लहजा सिखाया जाता है। इरफान को इससे मदद तो मिली लेकिन  उनका काफी समय बर्बाद हो चुका था।

News Inputs Courtesy: www.deepawali.co.in

 

इरफान खान के पिता उन्हें पठानी ब्राह्मण कहते थे, जानिए क्यों

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अपनी बहुमुखी प्रतिभा और अदाकारी के दम पर लोहा मनवाने वाले इरफान खान लीक से हटकर चलने वाले लोगों में से हैं. शायद यही कारण है कि वे पठान परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद आजीवन शाकाहारी रहे और उन्हें जंगल में जानवरों का शिकार करना भी बिल्कुल पसंद नहीं है.

बॉलीवुड एक्टर इरफान खान किसी परिचय के मोहताज नहीं है. बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक में अपनी एक्टिंग की छाप छोड़ने वाले इरफान पिछले कुछ सालों में सुपरस्टारडम हासिल करने में कामयाब रहे हैं. बहुमुखी प्रतिभा के धनी इरफान लीक से हटकर चलने वाले लोगों में से हैं. शायद यही कारण है कि वे पठान परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद शुद्ध शाकाहारी हैं.

शिकार करना या गोश्त खाना पसंद नहीं करते हैं इरफान

irfan khan death

इरफान का पूरा नाम साहबजादे इरफान अली खान है. उनका जन्म एक पठान मुस्लिम ​परिवार में हुआ था. उनके पिता का नाम जागीरदार खान था. वे टायर का व्यापार करते थे. इरफान ने पठान मुस्लिम परिवार में जन्म होने के बाद भी कभी मीट या मांस नहीं खाया था और वे बचपन से ही शाकाहारी थे. यही कारण है कि उनके पिता इरफान को मजाक में कहा करते थे कि ये तो पठान परिवार में एक ब्राह्मण पैदा हो गया है.

इरफान के पिता उन्हें शिकार पर भी ले जाया करते थे. जंगल का वातावरण उन्हें काफी रोमांचित भी करता था लेकिन उन्हें कभी पसंद नहीं आता था जब मासूम जानवरों का शिकार होता था. इरफान उन जानवरों के साथ कनेक्ट महसूस करते थे कि आखिर अब इन जानवरों के परिवारों का क्या होगा. इरफान खुद भी राइफल चलाना जानते हैं लेकिन खुद कभी शिकार नहीं करते थे.

गौरतलब है कि एनएसडी में इरफान के एडमिशन के कुछ समय बाद उनके पिता का निधन हो गया था और घर की तरफ से मिलने वाले पैसे उन्हें मिलना बंद हो गया थे. एनएसडी से मिलने वाली फेलोशिप के जरिए उन्होंने अपना कोर्स खत्म किया था. उस मुश्किल दौर में इरफान की क्लासमेट सुतापा सिकंदर ने उनका पूरा साथ दिया. 23 फरवरी 1995 में दोनों ने शादी रचा ली थी. इरफान ने पीकू, लाइफ ऑफ पाई, द नेमसेक, स्लमडॉग मिलेनियर, पान सिंह तोमर, हासिल, लाइफ इन अ मेट्रो, तलवार, मकबूल, ये साली जिंदगी, हैदर जैसी कई चर्चित फिल्मों में काम किया है.

54 की उम्र में इरफान खान का कैंसर से निधन, नेशनल अवॉर्ड से लेकर जीत चुके हैं फिल्मफेयर पुरस्कार
लंबे समय से कैंसर की जंग लड़ रहे बॉलीवुड अभिनेता इरफान खान का आज यानि 29 अप्रैल 2020, सोमवार को निधन हो गया है. इरफान खान की उम्र 54 साल थी.

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बॉलीवुड ऐक्टर इरफान खान का मुंबई में निधन

लंबे समय से कैंसर की जंग लड़ रहे बॉलीवुड अभिनेता इरफान खान का आज यानि 29 अप्रैल 2020, सोमवार को निधन हो गया है. इरफान खान की उम्र 54 साल थी. अचानक उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई जिसके चलते उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इरफान की तबीयत काफी बिगड़ गई थी जिसके चलते उन्हें अस्पताल के आईसीयू वो आईसीयू में भर्ती थे. जिसके बाद वो जिंदगी की जंग हार गए और इस दुनिया को अलविदा कह दिया.


इरफान खान का जन्म 7 जनवरी 1967 को जयपुर, राजस्थान मे हुआ था. इरफान हिंदी और इंग्लिश फिल्मों के साथ साथ टेलीविजन के भी मशहूर अभिनेता थे. उन्होने द वारियर, मकबूल, हासिल, द नेमसेक, रोग जैसी फिल्मों मे अपने अभिनय का लोहा मनवाया. हासिल फिल्म के लिये उन्हें साल 2004 में फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ विलेन पुरस्कार से नवाजा गया था.

राष्ट्रीय पुरस्कार से लेकर फिल्म फेयर अवॉर्ड

इरफान खान ने बालीवुड की 30 से ज्यादा फिल्मों मे अभिनय कर चुके हैं. इरफान हॉलीवुड मे भी एक जाना पहचाना नाम हैं. वह ए माइटी हार्ट, स्लमडॉग मिलियनेयर और द अमेजिंग स्पाइडर मैन फिल्मों मे भी काम कर चुके हैं. 2011 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया. 60वे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2012 में इरफ़ान खान को फिल्म पान सिंह तोमर में अभिनय के लिए श्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार दिया गया.

 

बॉलीवुड ऐक्टर इरफान खान का मुंबई में निधन

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बॉलिवुड और हॉलीवुड में अपनी शानदार प्रतिभा से लोहा मनवाने वाले दिग्गज अभिनेता इरफान खान इस दुनिया में नहीं रहे। कोलन इनफेक्शन के चलते उन्हें मुंबई के अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। बीते साल से उनका न्यूरोइंडोक्राइन ट्यूमर का इलाज चल रहा था।
बॉलिवुड ऐक्टर इरफान खान इस दुनिया में नहीं रहे। कोलन इनफेक्शन के चलते पिछले हफ्ते उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
बुधवार को मिली खबरों के मुताबिक इरफान खान का 54 साल की उम्र में निधन हो गया है। फिल्ममेकर शूजित सरकार सहित कई बॉलिवुड सिलेब्स ने ट्वीट करके उनके परिवार को सांत्वना दी है।

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जारी किया गया स्टेटमेंट

मुझे लगता है, मैंने सरंडर कर दिया है, 2018 में कैंसर से लड़ते वक्त इरफान खान ने एक तहेदिल से लिखे एक नोट में ये शब्द लिखे थे। एक कम बोलने वाला, अपनी गहरी आंखों से शांत भाव देने वाला और स्क्रीन पर यादगार ऐक्शंस देने वाला शख्स… बेहद दुखद है कि इस दिन हम यह खबर दे रहे हैं कि वह इस दुनिया में नहीं रहे। इरफान बहुत मजबूत आत्मा थे, जो कि आखिर तक लड़ते रहे और हमेशा उस शख्स को प्रेरणा दी जो उनके करीब आया। 2018 में रेयर कैंसर होने की खबर का वज्रपात होने के बाद, उन्होंने जिंदगी को वैसे ही लिया जैसे वो उनके सामने आती गई और इसके साथ आने वाली सारी लड़ाइयों को लड़ा। अपने प्यार, परिवार जिनकी वह सबसे ज्यादा परवाह करते थे, उनके बीच वह जन्नत को चले गए है, अपनी सच्ची विरासत छोड़ते हुए। हम सभी यह प्रार्थना करते हैं कि उन्हें शांति मिले।

स्किप हो गई थी कीमोथेरपी

करीबी बताते हैं, ‘फिल्म अंग्रेजी मीडियम की शूटिंग के दौरान इरफान खान को एक कीमो थैरपी करवानी थी, लेकिन शूटिंग के चलते उनका वह ट्रीटमेंट स्किप हो गया। इस वजह से फिल्म की शूटिंग के दौरान भी कई बार उन्हें तकलीफ होती थी, लेकिन बाहरी तौर पर उनकी परेशानी नहीं दिखाई दे रही थी। 2 महीने पहले यानी होली के पहले उनकी तबियत फिर से बिगड़ गई थी, बस उसके बाद लगातार उनकी तबियत बिगड़ती गई। अभी 10 दिन पहले जब उनकी परेशानी और ज्यादा बढ़ गई, तब उन्हें कोकिलाबेन में ऐडमिट करवा दिया गया। इस बार हॉस्पिटल में वह अपनी बीमारी से बहुत संघर्ष कर रहे थे।’

2018 से चल रहा इलाज

बता देंं 2018 में इरफान खान को न्यूरोइंडोक्राइन ट्यूमर का पता चला था। लंदन में उनका इलाज चल रहा था। इसके बाद उनकी तबीयत में सुधार होने के बाद वह भारत वापस आ गए थे।लंदन से इलाज करवाकर लौटने के बाद इरफान कोकिलाबेन अस्पताल के डॉक्टर्स की देखरेख में ही इलाज करवा रहे थे। पिछले कई महीनों से वह इसी अस्पताल में रूटीन चेकअप करवाते रहे हैं।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता बदरुद्दीन शेख की कोरोनावायरस के संक्रमण से मौत

गुजरात के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और अहमदाबाद नगर निगम में पूर्व नेता विपक्ष बदरुद्दीन शेख की कोरोनावायरस के संक्रमण से मौत हो गई। रविवार रात यह जानकारी पार्टी के नेता शक्ति सिंह गोहिल ने दी। उन्होंने कहा- आज मेरे पास कहने के लिए शब्द नहीं हैं। हम बदरू भाई को गुजरात कांग्रेस परिवार में मजबूत पिलर मानते थे। मैं उन्हें 40 साल से जानता था। तब वे यूथ कांग्रेस में हुआ करते थे। पिछले कुछ दिनों से वे लगातार गरीबों के कल्याण के कार्यों में जुटे थे। इसी दौरान कोरोनावायरस की चपेट में आ गए।


बता दें कि शेख अहमदाबाद के दाणीलीमडा इलाके से पार्षद थे। इस इलाके में काफी संख्या में कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। यह इलाका अहमदाबाद का हॉटस्पॉट इलाका है।


 

3 मई के बाद भी लॉकडाउन जारी रखेगा, ग्रीन जोन इलाकों में छूट दी जाएगी

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  • मोदी ने मुख्यमंत्रियों से मौजूदा हालात पर 2 घंटे चर्चा की, समय कम होने की वजह से 9 मुख्यमंत्री ही बात कर पाए
  • मेघालय 3 मई के बाद भी लॉकडाउन जारी रखेगा, ग्रीन जोन इलाकों में छूट दी जाएगी
  • लॉकडाउन का दूसरा चरण 3 मई को खत्म होगा, सरकार 20 और 25 अप्रैल को छूट दे चुकी है

नई दिल्ली. लॉकडाउन का दूसरा चरण 3 मई को खत्म हो रहा है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना के मौजूदा हालात की समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यह चर्चा करीब 2 घंटे चली। समय की कमी की वजह से सिर्फ नौ मुख्यमंत्री ही बात कर पाए। मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा का कहना है कि वे अपने राज्य में लॉकडाउन 3 मई के बाद भी जारी रखना चाहते हैं। हालांकि, ग्रीन जोन वाले इलाकों में कुछ छूट दी जाएगी। केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल नहीं हुए। उनकी तरफ से राज्य के मुख्य सचिव शामिल हुए। कोरोना महामारी पर मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री की यह चौथी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग थी।

मोदी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात करते हुए, मोदी ने इस बार भी गमछे को ही मास्क बनाया।

लॉकडाउन का दूसरा चरण 3 मई को खत्म होगा। इससे पहले अर्थव्यवस्था में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार 20 और 25 अप्रैल को दो बार लॉकडाउन में छूट दे चुकी है। हालांकि, कहां-कहां दुकानें खोली जाएं और आर्थिक गतिविधियां शुरू की जाएं, इस पर फैसला राज्यों के ऊपर छोड़ा गया है।

20 मार्च को पहली बार मुख्यमंत्रियों से बातचीत की

देश में कोरोना के मामले बढ़ने के बाद 20 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्रियों से संक्रमण रोकने के उपायों पर चर्चा की थी। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों को संक्रमण को काबू करने में लोगों और स्थानीय प्रशासन के बीच तालमेल बढ़ाने पर बल देने के लिए कहा था। इस बीच, राज्यों में ट्रेंड स्टाफ बढ़ाने और स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों को ट्रेनिंग देने के मुद्दे पर विचार किया गया था। इसके अलावा बैठक में बीमारी के इलाज के लिए राज्यों में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की गई थी।

कोरोना से पैदा हुए हालात पर मुख्यमंत्रियों से बात करते मोदी। ममता बनर्जी, चंद्रशेखर राव, जगनमोहन रेड्डी समेत अन्य राज्यों के सीएम शामिल।

2 अप्रैल को दूसरी और 11 अप्रैल को तीसरी बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हुई थी

मोदी ने मुख्यमंत्रियों से 2 अप्रैल को भी चर्चा की थी। लॉकडाउन का पहला चरण 14 अप्रैल को खत्म हुआ था। इससे पहले 11 अप्रैल को मोदी ने सीएम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर लॉकडाउन बढ़ाने के पर सुझाव मांगे थे। इस दौरान मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा था, ‘‘जान है तो जहान है। जब मैंने राष्ट्र के नाम संदेश दिया था, तो शुरुआत में इस पर जोर दिया था कि हर नागरिक की जान बचाने के लिए लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन बहुत जरूरी है। जब देश का प्रत्येक व्यक्ति जान भी और जहान भी, दोनों की चिंता करते हुए अपने दायित्व निभाएगा, सरकार और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करेगा, तो कोरोना के खिलाफ हमारी लड़ाई और मजबूत होगी।’’