प्रियंका-निक की शादी में शरीक होंगे पीएम मोदी !

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इन दिनों प्रियंका चोपड़ा अपनी शादी को लेकर खूब सुर्खियां बटोर रही हैं। बॉलीवुड के बहुचर्चित जो़ड़ी रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण के सात फेरे लेने के बाद अब सबकी नजरें पूर्व मिस वर्ल्ड प्रियंका चोपड़ा और निक जोनास पर ठहरी हुई हैं।  फैंस भी उनकी शादी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। दरअसल प्रियंका इसी साल दिसंबर महीने में विदेशी राजकुमार निक जोनास के साथ शादी की बंधन में बंधने जा रही हैं।

जहां एक तरफ प्रियंका अपनी शादी को लेकर चर्चा में हैं, इसी बीच उनको लेकर एक और खबर सुनने में आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो प्रियंका की शादी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हो सकते हैं। जोधपुर में होने वाली शादी में प्रियंका चोपड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित कर सकती हैं। इसके अलावा खबरें ये भी हैं कि नरेंद्र मोदी नई दिल्ली में होने वाले रिसेप्शन में भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि अब तक प्रधानमंत्री की तरफ से इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

गौरतलब है कि प्रियंका और निक शादी 2 दिसंबर को जोधपुर के शाही उम्मेद भवन पैलेस में होने वाली है। मीडिया में यह खबर भी चल रही है कि प्रियंका और निक भी दीपिका-रणवीर की तरह दो अलग-अलग रीति-रिवाजों पहली इंडियन और दूसरी कैथोलिक स्टाइल से शादी करने वाले हैं। प्रियंका के संग सात फेरे लेने के लिए विदेशी राजकुमार निक जोनास भारत वापस लौट आए हैं।  हाल ही में निक जोनास दिल्ली में प्रियंका चोपड़ा से मिले, जिसके बाद प्रियंका ने उन्हें लेकर एक रोमांटिक पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा किया। वहीं, प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस की शादी की तैयारी भी जोर-शोर से चल रही है।

गुरु नानक जी के आ्रदर्शों से सीखने की आवश्यकता- अरुण कुमार राणा, नेशनल सेक्रेटरी, आईसीसीआई

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नईदिल्ली-

इंटीग्रेटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (आईसीसीआई) के नेशनल सेक्रेटरी अरुण कुमार राणा ने गुरुनानक जयंती पर देशवासियों को शुभकामना देते हुए कहा कि कार्तिक पूर्णिमा का दिन काफी महत्वपूर्ण है। आज का दिन गुरु नानक का प्रकाश उत्सव मनाया जाता है। गुरुनानक जी के जीवनी का जीवन आदर्श जीवन है। उन्होंने समाज सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए जिसपर आज चलने की आवश्यकता है। अरुण कुमार राणा ने कहा कि गुरु नानक जी के विचारों और शिक्षाओं का अनुसरण करना चाहिए। हमें उनके बताए आदर्शों पर चलना चाहिए।

अरुण कुमार राणा ने कहा कि सिखों के पहले गुरु नानक देव जी का जन्म 1526 को कार्तिक पूर्णिमा के दिन हुआ। सिख धर्म के अनुयायी इस दिन को प्रकाश उत्सव और गुरु पर्व के नाम से मनाते हैं।

आईसीसीआई के नेशनल सेक्रेटरी ने कहा कि लद्दाख व तिब्बत में इन्हें नानक लामा भी कहा जाता है। नानक अपने व्यक्तित्व में दार्शनिक, योगी, गृहस्थ, धर्मसुधारक, समाजसुधारक, कवि, देशभक्त और विश्वबंधु – सभी के गुण समेटे हुए थे। आज के दिन गुरु नानक जी के आ्रदर्शों से सीखने की आवश्यकता है। गुरू पर्व पर देशवासियों को शुभकामनाएं।

 

गुरु नानक के विचारों और शिक्षाओं का अनुसरण करे छात्र- बंसल

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नईदिल्ली-

एनडीआईएम के चेयरमैन वीएम बंसल ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा का दिन काफी महत्वपूर्ण है। इसी दिन गुरु नानक का प्रकाश उत्सव मनाया जाता है। गुरुनानक जी के जीवनी का जीवन आदर्श जीवन है। उन्होंने समाज सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए जिसे आज समझने की जरूरत है। छात्रों को गुरु नानक जी के विचारों और शिक्षाओं का अनुसरण करना चाहिए।

बंसल ने कहा कि सिखों के पहले गुरु नानक देव जी का जन्म 1526 को कार्तिक पूर्णिमा के दिन हुआ। सिख धर्म के अनुयायी इस दिन को प्रकाश उत्सव और गुरु पर्व के नाम से मनाते हैं। सिखों के प्रथम गुरु नानक साहब को इनके अनुयायी नानक, नानक देव जी, बाबा नानक और नानकशाह नामों से संबोधित करते हैं।

बंसल ने कहा कि लद्दाख व तिब्बत में इन्हें नानक लामा भी कहा जाता है। नानक अपने व्यक्तित्व में दार्शनिक, योगी, गृहस्थ, धर्मसुधारक, समाजसुधारक, कवि, देशभक्त और विश्वबंधु – सभी के गुण समेटे हुए थे। छात्रों को आज के दिन गुरु नानक जी के आ्रदर्शों से सीखने की आवश्यकता है। गुरू पर्व पर देशवासियों को शुभकामना।

दिल्ली की आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार महिला विरोधी है- शर्मिष्ठा मुखर्जी

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नई दिल्ली

 – दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस की सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने आज प्रदेश महिला अध्यक्ष शर्मिष्ठा मुखर्जी के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी के नेता व मालवीय नगर क्षेत्र से विधायक सोमनाथ भारती के खिलाफ आम आदमी पार्टी के डीडीयू मार्ग स्थित कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। ज्ञातव्य है कि सोमनाथ भारती ने एक महिला टीवी जर्नलिस्ट के साथ बदसलूकी का रवैया अपनाते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग  किया था।

 शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि सोमनाथ भारती को एक महिला के साथ ऐसी औछी शब्दावली प्रयोग नही करनी चाहिए। शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि केजरीवाल सोमनाथ भारती को तुरंत पार्टी से बर्खास्त करें। शर्मिष्ठा मुखर्जी ने दिल्ली महिला आयोग को सोमनाथ भारती के खिलाफ कड़ी कार्रवाही करने की मांग की।

 प्रदर्शनकारियों में शर्मिष्ठा मुखर्जी के वरयाम कौर, सांई अनामिका, निगम पार्षद गुड्डी देवी और अमरलता सांगवान, आशा गांधी, पुष्पा सिंह, सत्यवती, इंदू सूरी, कमलेश चौधरी,कुसुम चौधरी, तिलोतमा चौधरी, राजकुमारी ढ़िल्लो, गुरमीत कौर, ईश्रत जहां सहित महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों सहित सैंकड़ो महिला कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थीं।

 शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि सोमनाथ भारती ने महिला पत्रकार के साथ शर्मनाक शब्दों का प्रयोग करके पूरी दिल्ली को शर्मसार कर दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की आप पार्टी की सरकार महिला विरोधी है, आप पार्टी महिलाओं के समर्थन से मत प्राप्त करके अभूतपूर्व बहुमत से सत्ता में आई और उन्होंने सत्ता के चार साल बीत जाने के बाद आज तक एक भी महिला को अपने मंत्रीमंडल में मंत्री नही बनाया। शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि सोमनाथ भारती ने महिला के साथ बदसलूकी कोई पहली बार नही की है। सोमनाथ भारती की पत्नी ने उनपर मारपीट की शिकायत दर्ज की हुई है। सोमनाथ भारती जब दिल्ली सरकार में कानून मंत्री थे तब 2013 में उन्होंने विदेशी महिलाओं के साथ देर रात को बदसलूकी महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में किया। जिसको पूरी दिल्ली ने देखा था। 2015 में पंजाब के चुनाव में आप पार्टी की वॉल्यूंटर के साथ यौन उत्पीड़न का मामला भी सामने आया था। शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि सोमनाथ भारती व्यवहारिक रुप से ही महिलाओं प्रति गलत सोच रखने वाले व्यक्ति है। शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि केजरीवाल बिना शर्त दिल्ली की जनता से माफी मांगे और तुरंत प्रभाव से सोमनाथ भारती को पार्टी से बर्खास्त करे।

दिल्ली में सीलिंग का आपातकाल कैट ने गृह मंत्री से सीलिंग पर रोक का ऑर्डिनेंस लाने की मांग की

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दिल्ली में. सीलिंग के भयावह वातावरण एवं उत्पीड़न को देखते हुए कन्फडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज केंद्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह को एक पत्र भेजकरमांग की है की दिल्ली में सीलिंग पर रोक लगाने का ऑर्डिनेंस केंद्र सरकार बिना किसी विलम्ब के लाये अथवा साफ़ शब्दों में यह बताये की वो आर्डिनेंस नहीं लाएगी जिससेइस मांमले पर व्यापारियों का संशय समाप्त हो ! क्योंकि अब संसद का सत्र नहीं है इसलिए केंद्र सरकार ऑर्डनेन्स लाने के लिए स्वतंत्र है ! मॉनिटरिंग कमेटी जिस प्रकार सेतानाशाही रवैय्ये को अख्तियार करते हुए सारे नियम एवं कानून को धता बताते हुए दिल्ली में मनमाने रूप से सीलिंग कर रही है उससे दिल्ली में सीलिंग के आपातकाल कावातावरण बन गया है ! केंद्र सरकार को मामले की गंभीरता को देखते हुए इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए दिल्ली में लोकतंत्र की बहाली करे और आर्डिनेंस लाये!

गृह मंत्री को भेजे अपने पत्र में कैट ने कहा कि मॉनिटरिंग कमेटी जो बिलकुल एक तानाशाह के रूप में काम कर रही है ने दुकानों की सील खोलने के लिए एक जटिल प्रक्रियाबनाई है जिसमें एप्लीकेशन के साथ पहले एक लाख रुपये की फीस जमा करानी जरूरी है ! पैसों के संकट से जूहझते व्यापारी कहाँ से एक लाख रुपये लाएंगे ! मॉनिटरिंगकमेटी नगर निगम कानून 1957 जिसमें किसी भी कार्रवाई से पहले कानूनी प्रक्रिया का प्रावधान है को नजरअंदाज करके अपने ही कानून बना रही है ओर यदि कोई कानून कीदुहाई देता है तो उसकी सुनवाई नहीं होती !

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री  श्री प्रवीन खंडेलवाल ने गृह मंत्री को भेजे पत्र में कहा है की स्रीलिंग रोकने के मामले में दिल्ली सरकार पूरे तौर पर फेल साबित हुई है और व्यापारियोंकी लगातार मांग के बावजूद दिल्ली सरकार ने इस दिशा में एक कदम भी अब तक नहीं बढ़ाया है !अब दिल्ली के व्यापारियों की सारी निगाहें केंद्र सरकार की ओर टिकी हैं कीकेंद्र सरकार ही अब दिल्ली के व्यापारियों को सीलिंग से निजात दिलाएगी !

श्री खंडेलवाल ने यह भी कहा की बड़ी संख्या में दिल्ली में 6 महीने से ऊपर के समय से दिल्ली में दुकाने सील पड़ी हैं ओर लगभग अब व्यापार बंद होने की स्तिथि में है !व्यापारियों के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है ! उन्हें न केवल अपने घर को चलाना है बल्कि अपने कर्मचारियों ओर उन पर आश्रित अन्य लोगों के घर को भी चलाना है !ऐसे में व्यापारियों के सामने जबरदस्त वित्तीय संकट उत्पन्न हो गया है !

ऐसे हालातों  में कैट ने गृह मंत्री से हस्तक्षेप करने का आग्रह करते हुए कहा है की तुरंत सीलिंग पर रोक का आर्डिनेंस लाया जाए ! कैट ने इसी तरह का एक पत्र केंद्रीय शहरीविकास मंत्री श्री हरदीप पूरी को भी भेजा है !

19-20 जनवरी को होगा पैन आईआईटी कॉन्क्लेव 2019’ का आयोजन

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नई दिल्ली।

पैन आईआईटी अल्मनाई इंडिया (पैन आईआईटी) देश के सभी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के पूर्व विद्यार्थियों का प्रतिनिधित्व करने वाला संघ है जो ’पैन आईआईटी कॉन्क्लेव 2019’ आयोजित करने जा रहा है। इस आयोजन में अग्रणी और विशेषज्ञ लोग एकजुट होंगे तथा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) की पड़ताल, विश्लेषण, अवलोकन एवं एक एसडब्लूओटीऐनालिसिस करेंगे, इसकी वृद्धि व संबंधित नीतियों पर चर्चा करेंगे जिनसे भारत एआई के क्षेत्र में विश्व की एक बड़ी ताकत बन सके। यह कॉन्क्लेव 19 व 20 जनवरी 2019 को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।

 

पैन आईआईटी कान्क्लेव 2019 के दौरान उन अवसरों का पता लगाने की कोशिश की जाएगी जिनका लाभ उठाते हुए भारत उस चौथी औद्योगिक क्रांति में विश्व लीडर बन सकेगा जो आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मशीन लर्निंग द्वारा होने जा रही है। यह आयोजन कुछ अहम प्रश्नों के उत्तर तलाशने में मददगार साबित होगा जैसे- आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के क्षेत्र में भारत अभी कहां खड़ा है? भविष्य के भारतीय न्यूनतम जोखिम के साथ एआई से अधिकतम लाभ पा सकें यह सुनिश्चित करने के लिए हमें क्या करना होगा? मौके कहां हैं और संकट किधर?

कॉन्क्लेव 2019 के चेयरमैन अर्जुन मल्होत्रा ने कहा कि हमारा मानना है भारत को एआई का केवल प्रयोक्ता नहीं बल्कि इस विषय के क्षेत्र में अग्रणी विचारक होना चाहिए और इस तरह से हमारा आगामी कॉन्क्लेव इस की पड़ताल करेगा कि इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए हम सर्वश्रेष्ठ क्या कर सकते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मशीन लर्निंग सभी राष्ट्रों व समाजों की सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक जिंदगी को बदलने जा रहे हैं और अतीत की परिवर्तकारी प्रौद्योगिकी की तरह ये भी दुनिया को बदल कर रख देंगे। ये दोनों विषय भारत को कहीं ज्यादा सक्षम बनाने में सहायक होंगे जिससे हमारा देश कृषि, शिक्षा, रक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्रों में महान प्रगति करेगा।’’

कॉन्क्लेव के संयोजक कृष्ण धर ने कहा कि यद्यपि, भारत को एआई के विषय में बड़ी ताकत बनाने के लिए अच्छी नीतियों से कहीं ज्यादा की जरूरत है। हमें उद्योग जगत, नीति निर्माताओं, अनुसंधानकर्ताओं तथा निवेशकों को एकजुट करने की आवश्यकता है तभी सपने को हकीकत में बदला जा सकेगा। इस कॉन्क्लेव का यही लक्ष्य है। यह कॉन्क्लेव अग्रणी विचारकों, विद्वानों, नीति निर्माताओं व कारोबार के अग्रणी लोगों को एक साथ एक स्थान पर लाएगा ताकि न सिर्फ लाभ व अवसरों के लिए एआई की असीम क्षमता पर चर्चा की जा सके बल्कि किन जोखिमों व नुकसानों के प्रति ऐहतियात बरता जाना है उस पर भी ध्यान दिया जाए। एआई के विकास तथा व्यापार के बहुत से वैश्विक लीडर आईआईटी के पूर्व विद्यार्थी हैं और इसलिए वे इस मुद्दे पर दृढ़ स्थिति में की भारत के एआई एजेंडा को आगे ले जा सकें।’’

अपने अन्य कार्यक्रमों के हिस्से के तौर पर आईआईटी अल्मनाई ग्रुप पहला ’पैन आईआईटी एआई हैकाथॉन 2019’ भी आयोजित कर रहा है। हैकाथॉन का फाइनल 24 घंटों का होगा, यह 19 जनवरी 2019 दोपहर 1 बजे से 20 जनवरी 2019 दोपहर 1 बजे तक, कॉन्क्लेव के साथ-साथ चलेगा। इससे पहले ऑनलाइन पहला राउंड होगा जिसमें सभी 23 आईआईटी से टीमें मुकाबला करेंगी। हर टीम में तीन सदस्य होंगे जिनमें से कम से कम एक आईआईटी का विद्यार्थी या पूर्व विद्यार्थी होगा। पहले राउंड की विजेता टीमें ऑन-साइट फाइनल में पहुंचेंगी। टीमों को प्रॉब्लम स्टेटमेंट दी जाएंगी इसके बाद वे एआई में अमलकारी समाधान खोजेंगे। समाधान का आकलन ज्यूरी द्वारा किया जाएगा और विजेता टीमों को कॉन्क्लेव के समापन सत्र में पुरस्कृत किया जाएगा। इस कॉन्क्लेव में एक प्रदर्शनी क्षेत्र भी होगा जो प्रदर्शकों को बेहतरीन मौका देगा कि वे सीधे प्रतिनिधियों से मिल सकें जिनमें शामिल होंगे- आईआईटी के प्रतिष्ठित पूर्व विद्यार्थी, नीति निर्माता तथा बड़ी कंपनियों के प्रमुख।

क्विज प्रतियोगिता में दिखा प्रतिभा का जलवा

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टॉपर्स बेंच नामक प्रतियोगिता में छठी से बारहवीं क्लास तक के बच्चों ने लिया हिस्सा, जीते कई पुरस्कार
पश्चिमी दिल्ली। बापरौला के प्रधान एनक्लेव में आयोजित बाल मेले में बच्चों के लिए ‘टॉपर्स बेंच’ नामक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छठी से 12वीं क्लास तक के 100 में से 10 चयनित बच्चों ने फाइनल क्विज में हिस्सा लिया। इनमें एवरग्रीन पब्लिक स्कूल के छात्र जगमोहन सिन्हा, रामा पब्लिक स्कूल की छात्रा निधि शर्मा, श्रीलाल कन्वेंट स्कूल के रोशन यादव, बीआर पब्लिक स्कूल की अंशुल यादव और आरके कंपटीशन प्वाइंट के अनमोल वासुदेव ने पुरस्कार जीते। क्विज का संचालन पत्रकार सुशील देव ने किया। उन्होंने बताया कि बच्चों में शैक्षिक जागरूकता लाने के मकसद से यह क्विज प्रतियोगिता की गई। विजेता बच्चों को किताबें, वाटर बोतल, जूसर, ट्राइपॉड, घड़ी के साथ मेडल और सर्टिफिकेट प्रदान किए गए।
क्विज प्रस्तुतकर्ता सुशील देव पश्चिमी दिल्ली में पिछले चार—पांच सालों से क्विज के जरिए विभिन्न सरकारी या निजी स्कूलों में ज्ञान का अलख जगा रहे हैं। गण्तंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर उनकी देशभक्ति क्विज प्रतियोगिता ‘देश के लिए 10 सवाल’ बच्चों, शिक्षकों या अभिवावकों के बीच लोकप्रिय बन गया है। सामाजिक स्तर पर भी उन्हें सराहना मिल रही है।
व्हाइट शैडो नामक संस्था द्वारा आयोजित इस बाल मेले में कई प्रकार के कार्यक्रम जैसे सिंगिंग, डांस, फैशन शो और चित्र प्रतियोगिता सहित कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसका मकसद बच्चों में पढ़ाई और अन्य गतिविधियों को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ाना और उनमें शिक्षा का विकास करना शामिल था। कार्यक्रम में दक्षिणी दिल्ली की पूर्व उप महापौर शशिप्रभा सोलंकी के साथ कई गणमान्य मौजूद रहे।

सिग्नेचर ब्रिज पर बाइक से स्टंट कर रहे 2 युवकों की मौत

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नईदिल्ली-

सिग्नेचर ब्रिज पर 23 नवंबर सुबह बड़ा हादसा हो गया. ब्रिज पर एक बाइक डिवाइडर से टकरा गई. इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है। गौरतलब है कि 04 नवंबर को ही इस ब्रिज का उद्घाटन हुआ है। जिसके उद्घाटन में ही काफी विवाद हो गया जब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी को धक्का दिया गया था।

इस ब्रिच पर दो बाइक सवार युवक ब्रिज पर स्टंट कर रहे थे. इसी दौरान ड्राइवर का संतुलन बिगड़ा और बाइक डिवाइडर से टकरा गई.

डिवाइडर से बाइक की टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइक सवार नीचे गिर पड़े और उन्हें गंभीर चोटें आईं. हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रुप से घायल हो गया. आनन-फानन में घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. विदित हो कि यह सिग्नेचर ब्रिज पर पहला हादसा है. लेकिन जिस प्रकार से हादसा हुआ है  इससे आम आदमी सहम सा गया है।

सबरीमाला में बर्बरता से बाज आएं विजयन अन्यथा देशव्यापी आन्दोलन : विहिप

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विश्व हिन्दू परिषद् ने कहा है कि केरल के मुख्यमंत्री विजयन आदिल शाह व औरंगजेब की तरह काम कर रहे हैं. विहिप के अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री डा सुरेन्द्र जैन ने कहा है हिंदू आस्थाओं को कुचल कर मुख्यमंत्री विजयन केरल को कश्मीर की तरह हिंदू विहीन करना चाहते हैं. शबरीमाला के मामले में उनका व्यवहार एक निर्मम तानाशाह की तरह बन चुका है. वे सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की आड़ में हिंदुओं पर बार-बार क्रूर अत्याचार कर रहे हैं. महिलाओं के अधिकारों का संरक्षण के नाम पर वे महिलाओं के साथ ही बेहद क्रूरता के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं.

      डा जैन ने कहा कि शबरीमाला परिसर को क्रूरता का केंद्र बनाने के कारण ही केरल हाईकोर्ट ने मजबूर होकर यह टिप्पणी की कि वहां के मुख्यमंत्री केरल को एक युद्ध क्षेत्र बना देना चाहते हैं. जिस तरह से वहां पर नामजप भी अपराध बन गया है, वह हिंदुओं को काफी परेशान करने लगा है. उन्होंने यात्रियों के ठहरने की जगह पर पानी डालकर कीचड़ कर दी है. किसी को भी यात्रा के बाद रुकने नहीं दिया जा रहा. इतनी लंबी चढ़ाई के बाद सरकार को भक्तों के विश्राम की उचित व्यवस्था करनी चाहिए थी लेकिन व्यवस्था के नाम पर वह वहां अव्यवस्था ही कर रहे हैं. यात्रियों को ले जाने वाली बसों को धमकी दी जा रही है जिससे यात्री वाहन ना जा सके. न पेयजल उपलब्ध है और न ही शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था है. इसके कारण से महिला भक्तों को विशेष परेशानी हो रही है. नय्या अभिषेकम जो प्रातः काल ही होता है प्रत्येक अय्यप्पा भक्त इस अभिषेकम में अवश्य उपस्थित होता है. इसके लिए उन्हें रात्रि को रुकना पड़ता है.

      उन्होंने कहा कि 18 नवंबर की रात को वहां अय्यप्पा भक्तों पर जिस प्रकार अत्याचार किए गए वे स्वतंत्र भारत में बहुत दुर्लभ हैं. सैकड़ों अय्यप्पा भक्तों को गिरफ्तार किया गया उनको पीने का पानी और भोजन की बात तो दूर शौचालय तक की सुविधाओं से बंचित कर उनके साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार किया गया और 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. जिस प्रकार पुलिस ने भक्तों को जूतों से ठोकरें मारी और महिलाओं को उठा कर फेंका गया. ऐसा लगता था कि हिन्दू समाज का यह पवित्र स्थान स्वतंत्र भारत का हिस्सा नहीं अपितु एक औरंगजेब का साम्राज्य बन गया है.

      विहिप ने पूछा कि धारा 144 क्यों लगाई जा रही है? क्या वहां किसी प्रकार के दंगे की संभावना थी? यह पूरा देश उनसे जानना चाहता है कि कानून व्यवस्था को कैसा खतरा उपस्थित हो गया था वहां? यह उन्हें अवश्य बताना चाहिए. विश्व हिंदू परिषद केरल सरकार के दुर्व्यवहार की घोर निंदा करते हुए आगाह करती है कि उनका यह तानाशाही पूर्ण व्यवहार केरल के हिंदू ही नहीं संपूर्ण विश्व में फैले हुए अय्यप्पा भक्त स्वीकार नहीं करेंगे.  कुछ लोग इस लड़ाई को संविधान विरुद्ध आस्था की लड़ाई का नाम दे रहे हैं जबकि वास्तव में यह संविधान की मूल भावना की रक्षा करने का ही संघर्ष है. संविधान अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा पाठ करने की अनुमति देता है. कानून तभी हस्तक्षेप कर सकता है जब किसी भी अन्य धर्म के लोगों को या अन्य भक्तों को इससे कष्ट हो रहा हो. यहां जबरदस्ती घुसने वालों में कोई अय्यप्पा भक्त नहीं है बल्कि अराजकतावादी तत्व हैं जो हिंदू आस्थाओं को हमेशा से कुचलते रहे हैं. पूरी केरल सरकार मुट्ठी भर अराजक तत्वों को मंदिर में जबरन प्रवेश कराने के लिए न्याय और संविधान की मूल भावना के विपरीत, अपनी सारी ताकत का लगा रही है.

      अय्यप्पा भक्त मीडिया के एक वर्ग में यह कहा गया देवस्वम बोर्ड द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में कुछ समय की मांग करना उनका यू टर्न है जबकि वास्तविकता ऐसी नहीं है वे अय्यप्पा भक्तों पर अत्याचार करके उनको झुकाना चाहते हैं उनकी आशाओं को कुचलना चाहते हैं अभी तक यह आंदोलन केवल केरल तक सीमित है किन्तु, यदि राज्य सरकार की यही हठधर्मिता रही तो विश्व हिंदू परिषद इसको राष्ट्रीय आंदोलन बनाने पर भी विचार कर सकता है.

      विश्व हिंदू परिषद की माननीय न्यायाधीशों से भी प्रार्थना है 22 जनवरी की तारीख देकर विजयन को अपनी बर्बरता करने का एक और अवसर मिल गया है जो उचित नहीं है. हमारा आग्रह है कि मामले की जल्द सुनवाई कर अपना निर्णय  शीघ्र दें जिससे देश के नागरिकों में यह संदेश जाए की अराजक तत्वों की नहीं भक्तों के अधिकारों की भी चिंता न्यायपालिका करती है.

 

पीडीपी,एनसीपी और कांग्रेस का प्लान हुआ सफल, तीनों पार्टियां विधानसभा भंग के पक्ष में

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नईदिल्ली

 

जम्मू कश्मीर का विधानसभा भंग हो गई। दरअसल पीडीपी, कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेस का यह प्लान था किसी भी तरह विधानसभा भंग हो। इसके लिए ही तीनों दलों ने सरकार बनाने की पहल एक साथ कर दी। दरअसल जैसे ही पीडीपी ने जैसे ही राज्यपाल सत्यपाल मलिक के पास प्रदेश में सरकार बनाने का दावा पेश किया उसके कुछ ही घंटे बाद राज्यपाल ने विधानसभा भंग कर दी।

पीडीपी सुप्रीमो महबूबा मुफ्ती द्वारा गवर्नर को लेटर लिखकर समय लेने के बाद से ही खबरों और टीवी रिपोर्ट्स में इस तरह के दावे किए जा रहे थे कि गैर-बीजेपी मोर्चा सरकार बनाने जा रहा है। प्रदेश में राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदलने लगे और अंत में राज्यपाल से विधानसभा भंग कर दी।

ऐसा कहा जा रहा है कि तीनों पार्टियों द्वारा साथ आना सरकार बनाने की कोशिश कम और राज्यपाल तथा बीजेपी पर दबाव बनाने की कोशिश ज्यादा था। इस पूरी कवायद के पीछे इन तीनों पार्टियों का मूल उद्देश्य भी विधानसभा भंग कराना ही था।

जिस समय सज्जाद लोन विधायकों को साधने का प्रयास कर रहे थे, उसी समय पीडीपी के मुजफ्फर बेग ने ऐंटी बीजेपी कैंप जॉइन करने की बात कही। पीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस ने इस पर चर्चा शुरू की। इसके बाद जनता के सामने यह बात उस समय आई जब बेग ने लोगों के बीच आकर बयान दिया। पीडीपी और एनसी साथ आने के लिए तैयार है और कांग्रेस ने भी पीडीपी को लेकर नरमी के संकेत दिए हैं।