छठ व्रतियों का अभिनंदन करने सोनिया विहार छठ घाट पर पहुँचें मनोज तिवारी

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सोनिया विहार के विशाल यमुना तट पर व्रतधारियों का अभिनंदन करने के लिए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी के साथ प्रदेश संगठन महामंत्री श्री सिद्धार्थन, श्री राकेश मिश्रा, श्री नीलकांत बख्शी एवं पूर्वांचल मोर्चा अध्यक्ष श्री मनीष सिंह घाट पर पहुँचे। उन्होंने मोटर बोट से यमुना के अंदर जाकर सोनिया विहार, जगतपुर, बाबा कॉलोनी बुराड़ी, के लगभग पाँच किलोमीटर लंबे यमुना तट पर भगवान सूर्य को अर्घ्य दे रहे लाखों श्रद्धालुओं का अभिनंदन कर आशीर्वाद लिया। तत्पश्चात सोनिया विहार यमुना तट पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित शिविर में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित किया और छठ गीत सुनाकर भक्तिमय वातावरण कर दिया। कार्यक्रम का संचालन शिविर के आयोजक श्री आनंद त्रिवेदी ने किया।

श्री मनोज तिवारी ने कहा खगोल वैज्ञानिकों के लिए सूर्य सबसे बड़ा ग्रह है। सारे ग्रह नक्षत्र इसकी परिक्रमा करते हैं, मगर लोकमानस पर सूर्य भी एक व्यक्ति है। उनके भी रिश्ते-नाते हैं। बिहार, उत्तर प्रदेश से लेकर सारा देश ही नहीं फिजी, गुयाना, मॉरिशस और अमेरिका, इंग्लैंड जहां-जहां भी पूर्वांचल के लोग गये, छठ पूजा बड़े धूमधाम से मनाई जाती है।


किरणों में भेदभाव नहीं है। राज्यसत्ता और कल्याणकारी संस्थाओं के लिए सूर्य का समरस व्यवहार मूल्य स्थापना करता है। राज्य व्यवस्था को भी सूर्य की भांति अभावग्रस्त व्यक्ति की जरूरतों की पूर्ति करने वाला होना चाहिए। वंचित पीड़ितों की वाणी को सुनना और तदनुकूल संवेदनापूर्ण हृदय से उसकी सहायता करना। उन्होंने दिल्ली की सुख संमृध्दि की कामना के साथ सभी दिल्लीवालों को महापर्व की बधाई दी ।
संगठन महामंत्री सिध्दार्थन ने महापर्व ने महापर्व छठ की शुभकामना देते हुए दिल्ली की खुशहाली की कामना की।
इस अवसर पर पर जिलाध्यक्ष अजय महावर, भाजपा नेता दीपक त्यागी, डाॅ. यू के चैधरी, निगम पार्षद सुषमा मिश्रा, मंडल अध्यक्ष अनुपम पांडे, संजीव मिश्रा आदि लोग मौजूद रहे।

केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का निधन

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केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का निधन हो गया है। वह कैंसर से पीड़ित थे और रविवार देर रात करीब डेढ़ बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। 59 साल के अनंत कुमार का पहले लंदन और न्यूयॉर्क में इलाज चला और 20 अक्टूबर को ही उन्हें बेंगलुरू लाकर एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत तमाम बड़े नेताओं ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है। केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार के निधन पर कर्नाटक में तीन दिवसीय शोक घोषित किया गया। आज का अवकाश घोषित किया गया है।

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा, ‘अनंत कुमार के निधन की खबर सुनकर काफी दुख हुआ। वह कुछ समय से बीमार थे, लेकिन कभी नहीं सोचा था कि ऐसा होगा। मैं उनकी पत्नी और बच्चों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।’ रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अंनत कुमार के बारे में सुनकर काफी दुख हुआ। उन्होंने लंबा वक्त बीजेपी को दिया। बेंगलुरु उनके दिल और दिमाग में बसता था। भगवान इस क्षति को सहने की शक्ति उनके परिवार को दे।

शेडो इकनामी में आई है कमी – चिरंजीत शर्मा, नेशनल सेक्रेटरी, आईसीसीआई

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नईदिल्ली

इंटीग्रेटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की नेशनल सेक्रेटरी चिरंजीत शर्मा ने कहा कि सरकार की नोटबंदी अपने मूल उद्देश्य में सफल रही और इससे देश की बेहिसाबी अर्थव्यवस्था (शेडो इकनामी) में भारी कमी आई। इसका मूल उद्देश्य था देश में शेडो अर्थव्यवस्था को घटाना और इसमें नोटबंदी एक सफल उपाय साबित हुआ। उन्होंने कहा कि भीम एप, यूपीआई ये आंकडे़ इसके गवाह हैं कि हम कितनी तेजी से औपचारिक अर्थव्यवस्था की ओर बढ़े हैं।

चिरंजीत शर्मा ने कहा कि जब नोटबंदी हुई उस समय इस देश में शेडो इकनामी 23.7 प्रतिशत थी। किसी भी विकसित देश में ऐसा आंकड़ा नहीं था। यह इकोनामी, आर्थिक गतिविधि तो है लेकिन जीडीपी में इसकी गणना नहीं होती। शेडो इकनामी देश में अपराध बढ़ा रही थी, काले धन को बढ़ा रही थी और कर संग्रहण को भी प्रभावित कर रही थी। निश्चिततौर पर डिजिटल लेनदेन भी बड़ा मुद्दा था।  सरकार ने दो बड़े प्रयास नोटबंदी व जीएसटी किए जिससे आज शैडो अर्थव्यवस्था पर चोट पड़ी। खासतौर पर डिजिटल ट्रांजेक्शन बढ़ने से शेडो इकनामी को चोट पहुंची।

सरकार इसे 15 या 14, 13 प्रतिशत तक ले जाते हैं तो यह भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है। चिरंजीत शर्मा ने कहा कि व्यापार सुगमता सूचकांक में भारत के 143वें पायदान से 77वें पायदान का आंकड़ा छुआ है। जो एक बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी।

 

नहाय खाय के साथ ही शुरू हो गया सूर्य उपासना का महापर्व छठ

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सूर्य उपासना का महापर्व छठ। दिवाली के बाद सूर्य उपासना का यह पर्व छठ पूरे बिहार,पूर्वी उत्तर प्रदेश और पड़ोसी देश नेपाल में अपार श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की यह तिथि यहां सूर्य षष्ठी व ‘डाला छठ’ के नाम से भी जानी जाती है। इस पर्व में नियम-निष्ठा व पवित्रता, शुचिता, सफाई का बहुत खयाल रखा जाता है।

एक मात्र प्रत्यक्ष देवता सूर्य की पूजा पूरे वर्ष ही विभिन्न रूपों से की जाती है। पर छठ पूजा के मौके पर सूर्य की उपासना का ढंग निराला है। इसमें न केवल उगते, बल्कि डूबते सूर्य को भी अर्घ्य दिया जाता है।

छठ पूजा के इतिहास की ओर दृष्टि डालें, तो इसका प्रारंभ महाभारत काल में कुंती द्वारा सूर्य की आराधना व पुत्र कर्ण के जन्म के समय से माना जाता है। मान्यता है कि छठ देवी सूर्य देव की बहन हैं और उन्हीं को प्रसन्न करने के लिए जीवन के महत्वपूर्ण अवयवों में सूर्य व जल की महत्ता को मानते हुए, इन्हें साक्षी मानकर भगवान सूर्य की आराधना तथा उनका धन्यवाद करते हुए मां गंगा-यमुना या किसी भी पवित्र नदी या पोखर (तालाब) के किनारे यह पूजा की जाती है।

छठ पर्व तीन दिनों तक मनाया जाता है। इसे छठ से दो दिन पहले चौथ के दिन शुरू करते हैं, जिसमें दो दिन तक व्रत रखा जाता है। इस पर्व की विशेषता है कि इसे घर का कोई भी सदस्य रख सकता है तथा इसे किसी मंदिर या धार्मिक स्थान में न मना कर अपने घर में देवकरी (पूजा-स्थल) और प्राकृतिक जल राशि के समक्ष मनाया जाता है। तीन दिन तक चलने वाले इस पर्व के लिए महिलाएं कई दिनों से तैयारी करती हैं। इस अवसर पर घर के सभी सदस्य स्वच्छता का बहुत ध्यान रखते हैं, जहां पूजा स्थल होता है वहां नहा धो कर ही जाते हैं। यही नहीं, तीन दिन तक घर के सभी सदस्य देवकरी के सामने जमीन पर ही सोते हैं। पर्व के पहले दिन पूजा में चढ़ावे के लिए सामान तैयार किया जाता है, जिसमें सभी प्रकार के मौसमी फल, केले की पूरी गौर (गवद), इस पर्व पर खासतौर पर बनाया जाने वाला पकवान ठेकुआ, ( बिहार में इसे खजूर कहते हैं। यह बाजरे के आटे और गुड़ व तिल से बने हुए पुए जैसा होता है) नारियल, मूली, सुथनी, अखरोट, बादाम, नारियल,इस पर चढ़ाने के लिए लाल/ पीले रंग का कपड़ा, एक बड़ा घड़ा जिस पर बारह दीपक लगे हों, गन्ने के बारह पेड़ आदि। पहले दिन महिलाएं अपने बाल धोकर चावल, लौकी और चने की दाल का भोजन करती हैं और देवकरी में पूजा का सारा सामान रखकर दूसरे दिन आने वाले व्रत की तैयारी करती हैं। छठ पर्व पर दूसरे दिन पूरे दिन व्रत (उपवास) रखा जाता है और शाम को गन्ने के रस की बखीर बनाकर देवकरी में पांच जगह कोशा (मिट्टी के बर्तन) में रखकर उसी से हवन किया जाता है। बाद में प्रसाद के रूप में खीर का ही भोजन किया जाता है और सगे संबंधियों में इसे बांटा जाता है।

तीसरे यानी छठ के दिन 24 घंटे का निर्जल व्रत रखा जाता है। पूरे दिन पूजा की तैयारी की जाती है और पूजा के लिए एक बांस की बनी हुई बड़ी टोकरी, जिसे दौरी कहते हैं, में पूजा के सभी सामान डालकर देवकरी में रख दिया जाता है। देवकरी में गन्ने के पेड़ से एक छत्र बनाकर और उसके नीचे मिट्टी का एक बड़ा बर्तन, दीपक तथा मिट्टी के हाथी बना कर रखे जाते हैं और उसमें पूजा का सामान भर दिया जाता है। वहां पूजा अर्चना करने के बाद शाम को एक सूप में कपड़े में लिपटा हुआ नारियल, पांच प्रकार के फल, पूजा के अन्य सामान लेकर दौरी में रखकर घर के पुरुष इसे अपने हाथों से उठा कर नदी, समुद्र या पोखर पर ले जाते हैं। यह अपवित्र न हो जाए, इसलिए इसे सिर पर रखते हैं। नदी किनारे जाकर नदी से मिट्टी निकालकर छठ माता का चौरा बनाते हैं, वहीं पूजा का सारा सामान रखकर नारियल चढ़ाते हैं और दीप जलाते हैं। उसके बाद टखने भर पानी में जा कर खड़े होते हैं और सूर्य देव की पूजा के लिए सूप में सारा सामान लेकर पानी से अर्घ्य देते हैं और पांच बार परिक्रमा करते हैं। सूर्यास्त होने के बाद सारा सामान लेकर सोहर गाते हुए घर आ जाते हैं और देवकरी में रख देते हैं। रात को पूजा करते हैं। कृष्ण पक्ष की रात जब कुछ भी दिखाई नहीं देता श्रद्धालु अलसुबह सूर्योदय से दो घंटे पहले पूजा का नया सामान लेकर नदी किनारे जाते हैं। पूजा का सामान फिर उसी प्रकार नदी से मिट्टी निकाल कर चौक बनाकर उस पर रखा जाता है और पूजन शुरू होता है।

सूर्य देव की प्रतीक्षा में महिलाएं हाथ में सामान से भरा सूप लेकर सूर्य देव की आराधना और पूजा नदी में खड़े हो कर करती हैं। जैसे ही सूर्य की पहली किरण दिखाई देती है, सब लोगों के चेहरे पर एक खुशी दिखाई देती है और महिलाएं अर्घ्य देना शुरू कर देती हैं। शाम को पानी से अर्घ्य देते हैं, लेकिन सुबह दूध से अर्घ्य दिया जाता है। इस समय सभी नदी में नहाते हैं तथा गीत गाते हुए पूजा का सामान लेकर घर आ जाते हैं। घर पहुंच कर देवकरी में पूजा का सामान रख दिया जाता है और महिलाएं प्रसाद लेकर अपना व्रत खोलती हैं तथा प्रसाद परिवार व सभी परिजनों में बांटा जाता है।

 

प्रदूषण को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री गंभीर नहीं

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दिल्ली में लगातार दिन-प्रतिदिन प्रदूषण बढ़ रहा है, दिल्ली की जनता जहरीले धुंये से भरी सांस लेने को मजबूर है। दिल्ली में हर तरफ जहरीले धुंये का गुबार है। दूसरी तरफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल परिवार सहित दुबई की सैर कर रहे हैं। इस पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी ने ट्वीटर पर प्रतिक्रिया देते हुये कहा कि दिल्ली प्रदूषण भरी आंखों से बिलख रही है… जहरीले धुंयें से सांसे थमी पड़ी है पर आप सपरिवार दुबई की सैर पर हैं दिल्ली के मालिक अरविन्द केजरीवाल यह सही नहीं है… चंदे के नाम पर ब्लैक को वाइट करने की सिग्नेचर डील चल रही है, इसे जनता माफ नहीं करेगी।
श्री तिवारी ने कहा कि यह देख कर भी डर लगता है कि जिस तरह से एंटी पोल्यूसन मास्क और एयर प्यूरीफायर बिक रहे हैं, यह एक व्यापार की तरह विकसित हो रहा है यदि यह व्यापार प्रगति कर गया तो ताउम्र प्रदूषण खत्म नहीं होने देगा और यह प्रदूषण हमारी जिन्दगी का अभिन्न हिस्सा बन जायेगा। हमें इस समस्या से बचना है। आइये सभी मिलकर प्रयास करें। इसका समाधान हम केजरीवाल पर नहीं छोड़ सकते क्योंकि केजरीवाल और उनकी सरकार निकम्मी है। दिल्ली का पैसा अन्य राज्यों में राजनीतिक विस्तार के लिए खर्च करते हैं और विदेशों में ब्लैक को वाइट करने जाते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बढ़ रहे जानलेवा प्रदूषण पर दिल्ली सरकार के अधीनस्त दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रदूषण को कम करने के लिए किये जा रहे सारे प्रयास विफल साबित हुये हैं।
श्री तिवारी ने कहा कि आम आदमी पार्टी अपने मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के सरकारी खर्चे पर निजी टूर को छुपाने का प्रयास कर रहे हैं और इस बारे में कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं। हाल ही में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेन्द्र जैन भी एक हफ्ते के लिए दुबई होकर आये हैं उनके टूर की जानकारी भी किसी को नहीं दी गई। जिससे यह साफ जाहिर होता है कि इसके पीछे कोई नया षड़यंत्र रचा जा रहा है।
उन्होंने कहा है कि दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण से बुरा हाल है। देश के सबसे प्रदूषित 10 शहरों में से 6 दिल्ली एनसीआर के शहर आते हैं। कुछ दिनों मंे दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के और अधिक आसार हैं क्योंकि दिल्ली में आतिशबाजी से ज्यादा धूल मिट्टी और वाहनों से निकलने वाले जहरीले धुंयें के कारण प्रदूषण दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है और उससे बचने के लिए दिल्ली सरकार के पास कोई एक्शन प्लान नहीं है। दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए ग्रेडेड रिस्पोंश एक्शन प्लान को लागू किया है जो कि हर स्तर पर प्रदूषण कम करने के लिए विफल साबित हुआ है।
श्री तिवारी ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री सिर्फ आरोप प्रत्यारोप की राजनीति कर प्रदूषण के लिए पड़ोसी राज्यों को जिम्मेदार बताना बंद करें और गंभीरता के साथ केन्द्र सरकार के साथ मिलकर प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रयास करें। केजरीवाल चंदे के नाम पर लिये जाने वाले हवाला के पैसे को पार्टी फंड के नाम पर सफेद करने में जुटे हुये हैं। दिल्ली की जनता को प्रति घंटे 45 सिग्रेट पीने के समान धुंयें के बीच छोड़कर विदेश रवाना हो गये। दिल्ली की जनता अपने मुख्यमंत्री से प्रदूषण पर राहत की उम्मीद कर रही थी उसी वक्त मुख्यमंत्री का देश छोड़कर चले जाना अत्यंत निंदनीय है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री केजरीवाल से सवाल किया कि उन्होंने दिल्ली के इस बढ़ते रिकार्ड तोड़ प्रदूषण से निपटने के लिए क्या उपाय किये हैं ? उन्होंने कहा कि प्रदूषण को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री गंभीर नहीं हैं जिसका खामियाजा दिल्ली की जनता को भुगतना पड़ रहा है और जिसके लिए जनता उन्हें माफ नहीं करेगी।

हरमनप्रीत बनी टी 20 अंतरराष्ट्रीय में शतक जड़ने वाली पहली भारतीय बल्लेबाज

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कप्तान हरमनप्रीत के रेकॉर्ड शतक और युवा जेमिमा रोड्रिग्स के साथ उनकी शतकीय साझेदारी से भारत ने खिताब के प्रबल दावेदारों में से एक न्यूजीलैंड को 34 रन से हराकर आईसीसी महिला विश्व टी20 में अपने अभियान का शानदार आगाज किया। हरमनप्रीत ने ग्रुप बी के इस मैच में छठे ओवर में क्रीज पर कदम रखा और 51 गेंदों पर 103 रन की लाजवाब पारी खेली जो इस प्रारूप में किसी भारतीय का पहला शतक है। उनकी पारी में सात चौके और आठ गगनदायी छक्के शामिल हैं।

रोड्रिग्स ने 45 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 59 रन बनाए जो उनका सर्वोच्च स्कोर है। इन दोनों ने चौथे विकेट के लिए 134 रन जोड़े जिससे टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने वाले भारत पांच विकेट पर 194 रन बनाए जो इस टूर्नामेंट का नया रेकॉर्ड है। न्यूजीलैंड की टीम सूजी बेट्स की 50 गेंदों पर 67 रन की पारी के बावजूद नौ विकेट पर 160 रन ही बना सकी। कैटी मार्टिन ने भी 25 गेंदों पर 39 रन बनाए लेकिन इससे हार का अंतर ही कम हो पाया। अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय खेल रही दयालन हेमलता और पूनम यादव ने भारत की तरफ से तीन-तीन जबकि राधा यादव ने दो विकेट लिए। हरमनप्रीत टी20 अंतरराष्ट्रीय में शतक जड़ने वाली पहली भारतीय बल्लेबाज बन गई हैं। इससे पहले भारत की तरफ से सर्वाधिक स्कोर मिताली राज (नाबाद 97) के नाम पर था। यही नहीं हरमनप्रीत और रोड्रिग्स ने भारत के लिए पहली बार चौथे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी निभाई। भारत ने विश्व टी20 में सर्वाधिक स्कोर भी बनाया।

उच्चतम न्यायालय के आदेश की धज्जियां उड़ी, जमकर फूटे पटाखे, प्रदूषण बढ़ा

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नई दिल्ली
दिपावली के बाद दिल्ली में गुरुवार सुबह जब लोगों ने आंखें खोली तो कई इलाकों में उन्हें सांस लेने में भी दिक्कत हुई। दिपावली के दिन ही कई लोग मेडिकल स्टोर से दवाईयां ले रहे थे। जिन्हें सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। दिल्ली के साउथ ब्लॉक एवं आसपास का इलाका स्मॉग की मोटी चादर से ढका था। दिवाली से पहले भले ही पटाखों को लेकर लोगों में उत्साह कम देखा गया था पर बुधवार को दिल्ली में जमकर पटाखे फोड़े गए, जिससे राजधानी की हवा खतरनाक स्तर पर पहुंच गई। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने पटाखे फोड़ने को लेकर रात 8 से 10 बजे की समय सीमा तय की थी पर लोगों ने इस आदेश का उल्लंघन किया। कई इलाकों में शाम से ही पटाखे फोड़ने की शुरुआत हो गई, जो देर रात तक जारी रही।


गुरुवार सुबह 6 बजे कुल एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) PM 2.5 805 रेकॉर्ड किया गया। दिल्ली के कई इलाकों में तो AQI  900 के ऊपर पहुंच गया। आनंद विहार में लेवल 999, अमेरिकी दूतावास चाणक्यपुरी के आसपास 459 और मेजर ध्यान चंद नैशनल स्टेडियम के आसपास 999 पहुंच गया, जो हवा की गुणवत्ता की ‘खतरनाक’ श्रेणी में आता है।

गौरतलब है कि छोटी दिवाली में ज्यादातर इलाकों में पटाखे नहीं चले लेकिन दिपावली के दिन शुरु में लोगों ने संयम दिखाया लेकिन जैसे जैसे पर्व का परवान चढ़ता गया पटाखे चलने शुरु हो गई जो देर तक चले। जिससे प्रदूषण स्तर बढ़ गया। उच्चतम न्यायालय ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए आदेश जारी किए थे लेकिन नियम की धज्जियां उड़ती रही।

सीपीजे कॉलेज में दिवाली उल्लास की धूम

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नईदिल्ली-

सीपीजे कॉलेज ऑफ हायर स्टडीज एंड स्कूल ऑफ लॉ, नरेला (गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली से संबंद्ध) ने उत्साह और उमंग के साथ दिवाली कार्निवाल उल्लास मनाया। समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि सुरेश जैन, राष्ट्रीय आयोजन सचिव भारत विकास परिषद एवं सुभाष चंद्र जैन, अध्यक्ष सीपीजे द्वारा अऩ्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ शुभ दीपक की रोशनी और सरस्वती वंदना से शुरू हुआ।

उद्घाटन समारोह के बाद युगांक चतुर्वेदी (महानिदेशक सीपीजे) ने स्वागत भाषण दिया और मुख्य अतिथि गणमान्य व्यक्तियों और छात्रों को गर्मजोशी से स्वागत करते हुए दोहराया कि दिवाली एक खुशी का महोत्सव है और हमें समाज में भाईचारे को बढ़ावा देने के साथ जश्न मनाया जाना चाहिए और एक दूसरे के लिए अभिवादन और अच्छी इच्छा का आदान प्रदान करने की खुशी और पारस्परिकता फैलाना चाहिए। मुख्य अतिथि सुरेश जैन ने इस अवसर पर अपने मुख्य भाषण में कहा, मैं आशा करता हूं और प्रार्थना करता हूं कि सीपीजे कॉलेज आपके माता-पिता और शिक्षकों की आकांक्षा के अनुरूप खुशी के दीपक आपके भविष्य के करियर में ज्ञान, कौशल, विकास, मूल्यों और नैतिकता के साथ जीवन में प्रगति के आपके मार्ग को उजागर करे। छात्र समुदाय के साथ बातचीत करते हुए सुभाष चंद्र जैन (अध्यक्ष,सीपीजे) और डॉ अभिषेक जैन (महासचिव, सीपीजे)) ने कहा, अब आपके भीतर अज्ञानता और अंधेरे को दूर करने और आशा की रोशनी के साथ इसे बदलने का समय है और इसके बजाय अपने दिलों के अंदर ज्ञान उत्पन्न हो। सांस्कृतिक समिति के सुसंस्कृत सुश्री मीनाक्षी खन्ना ने नो क्रेकर्स कहने की इच्छा को बढ़ावा देने और छात्रों, बच्चों और युवाओं द्वारा इको फ्रेंडली दीवाली का जश्न मनाने के अभियान पर जोर दिया, एक प्रतिज्ञा भी ली गई केवल प्रदूषण मुक्त आतिशबाजी का उपयोग करने के लिए इकठ्ठा करना।

उल्लास दिवाली उत्सव के दौरान एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने सुंदरगीत, संगीत, एक कार्य खेल और विभिन्न प्रकार के नृत्य, भांग़ड़ा इत्यादि की अपनी प्रतिभा दिखाई। इसके बाद पेपरिको (peprico) बैंड, रॉक बैंड ने प्रदर्शन किया जिसने दर्शकों ने तालियों बजाकर सुंदर और चौंकाने वाले प्रदर्शन के दौरान कई बार भारी प्रशंसा करके उत्साहित किया और अंत में दिवाली त्योहार ग्रीटिंग्स और शुभकामनाएं खुशी से आदान प्रदान की।

जीवन में मूल्यों को बढ़ावा देने का पर्व है दीपावली- रविश रोशन, निदेशक, सीईजीआर

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नईदिल्ली-

सेंटर फॉर एजुकेशन ग्रोथ एंड रिसर्च के निदेशक रविश रोशन ने दिपावली पर्व की देशवासियों को शुभकामना देते हुए कहा कि दिपावली पर्व खुशी का महोत्सव है और हमें समाज में भाईचारे को बढ़ावा देने के साथ जश्न मनाया जाना चाहिए और एक दूसरे के लिए अभिवादन और अच्छी इच्छा का आदान प्रदान करने की खुशी और पारस्परिकता फैलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देशवासियों को आकांक्षा के अनुरूप खुशी के दीपक आपके भविष्य के करियर में ज्ञान, कौशल, विकास, मूल्यों और नैतिकता के साथ जीवन में प्रगति के आपके मार्ग को उजागर करे। सीईजीआर के निदेशक ने कहा कि अब आपके भीतर अज्ञानता और अंधेरे को दूर करने और आशा की रोशनी के साथ इसे बदलने का समय है। दिपावली पर्व अपने दिलों के अंदर ज्ञान उत्पन्न करने का समय है।

देश का सबसे ऊँचा पुल उत्तर पूर्वी दिल्ली में शान से खड़ा है तो उसकी योजना से लेकर निर्माण तक मे भाजपा के हजारों कार्यकर्ताओं का संघर्ष और योगदान – मनोज तिवारी

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नई दिल्ली-
  बाजीराबाद स्थित सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष एवं उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद  मनोज तिवारी हजारों कार्यकर्ताओं के साथ ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए पहुँचे। समारोह में पहुँचने से पहले बड़ी संख्या में कार्यकर्ता खजूरी चैक पर एकत्रित हुए और श्री मनोज तिवारी के नेतृत्व में सिग्नेचर ब्रिज उद्घाटन स्थल पर पहुँचे।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि अगर देश का सबसे ऊँचा पुल उत्तर पूर्वी दिल्ली में शान से खड़ा है तो उसकी योजना से लेकर निर्माण तक मे भाजपा के हजारों कार्यकर्ताओं का संघर्ष और योगदान है क्योंकि बिगत पंद्रह वर्षों तक सत्तासीन सरकारें पुल के निर्माण में विलंब कर वजट बढ़ाकर भ्रष्टाचार की गुंजाइश पैदा कर रही थी तब भाजपा के हजारों कार्यकर्ता सड़क पर और सदन में भाजपा के जनप्रतिनिधि पुल के निर्माण के लिए संघर्ष कर रहे थे और जब यह सिलसिला चल रहा था तब केजरीवाल और उनकी पार्टी का राजनैतिक जीवन भी नहीं हुआ था।
 तिवारी ने कहा सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण जब अधर में लटका हुआ था तो मैंने स्वयं पहल कर दिल्ली में राष्ट्रपति शासन के दौरान माननीय उपराज्यपाल से मिल कर निर्माण के लिए राशि उपलब्ध करायी और सिग्नेचर ब्रिज का काम तेजी से शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि हमारे संसदीय क्षेत्र के लिए ही नहीं पूरी दिल्ली के लिए सिग्नेचर ब्रिज कार निर्माण बड़े हर्ष का विषय है लेकिन इस बड़े विकास कार्य की धमक सहने के लिए खजूरी पुस्ता रोड और आगे के वजीराबाद रोड की पीडब्लूडी की सड़कें तैयार नहीं हंै और यह सड़के केजरीवाल की दिल्ली सरकार के अधीन आती है।
 मनोज तिवारी ने कहा कि विगत कई वर्षों से वजीराबाद रोड सिग्नल फ्री योजना प्रस्तावित है लेकिन केजरीवाल सरकार एक बड़ी बाधा है। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार विपक्ष होने के नाते जिस तरह सड़क से सदन तक संघर्ष कर भाजपा ने सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण कराया उसी तरह भारतीय जनता पार्टी के हजारों कार्यकर्ता वजीराबाद रोड को सिग्नल फ्री करने के लिए सड़कों पर संघर्ष करेंगे और अकर्मण्य केजरीवाल सरकार को इन सड़कों के विकास के लिए विवस कर देंगे क्योंकि जब तक पीडब्ल्यूडी की इन सड़कों का विकास नहीं होगा।
श्री मनोज तिवारी ने कहा कि सिग्नेचर ब्रिज खुलने के बाद उत्तर पूर्वी दिल्ली को जाम से मुक्ति नहीं मिलेगी बल्कि जाम की स्थिति और विकट हो जाएगी जिससे श्रेय लेने की होड़ में ओछी राजनीति करने वाले केजरीवाल और उनकी सरकार अनजान है। श्री तिवारी ने पुलिस द्वारा रोकने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केजरीवाल जनता से डरकर यह कार्यवाही करवायी जो समझ से परे है। उन्होंने कहा कि निमंत्रण न देकर सांसद का अपमान कर केजरीवाल ने मेरे संसदीय क्षेत्र के लाखों मतदाताओं का अपमान किया है। केजरीवाल के इशारे पर उनके विधायक अमानतुल्लाह खान का दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी पर हमला उनकी गुंडागर्दी संस्कृति का प्रमाण है।