पहली स्मार्ट सिटी बनने में और तीन साल

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नई दिल्ली –

 

नरेंद्र मोदी सरकार ने देश के लगभग 100 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने का वादा किया था लेकिन इस योजना के तहत फिलहाल एक भी स्मार्ट सिटी बनकर तैयार नहीं हो पाई है. इस बात को लेकर कांग्रेस और देश की अन्य पार्टियां भी लगातार सरकार को घेरती रही है और इस योजना पर सवाल उठाती रही है.वहीं बात अगर ये करे की मोदी सरकार की स्मार्ट सिटी योजना के तहत कितने रूपये अभी तक खर्च किए जा चुके है तो जानकारी के अनुसार सरकार ने इस योजना के तहत लगभग 30 हजार रूपये खर्च कर दिए गए है.

 

इसके अलावा इस बात को भी कहा जा रहा है कि इस योजना के तहत 20 हजार करोड़ रूपये और खर्च होंगे. वहीं सरकार ने इस बात का दावा किया है कि इस योजना के तहत पहली स्मार्ट सिटी को तैयार होने अभी 3 साल का समय औऱ लगेगा यानि की 2021 में पहली स्मार्ट सिटी बनकर तैयार हो जाएगी.बनारस को जापान के शहर क्योटो बनाने की बात को लेकर भी अकसर सरकार पर विपक्ष द्वारा निशाना साधा जाता रहा है.

 

 

राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान इस योजना पर जवाब देते समय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ये बताया कि मौजूदा सरकार की स्मार्ट सिटी योजना पर कार्य तेजी से किया जा रहा है. साथ में शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ये बताया की इस योजना के तहत पहले चरण का कार्य 2016 में ही प्रारंभ कर दिया गया था और इस योजना के तहत 37 प्रतिशत की राशि खर्च की जा चुकी है.

 

वहीं इस योजना पर ज्यादा जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना में 500 करोड़ रूपये केंद्र सरकार मुहैया कराएगी और जबकि शेष रूपये राज्य सरकार और पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप औऱ त्रृण के द्वारा खर्च किया जाएगा.वहीं अगर इसकी करे की सरकार की इस स्मार्ट सिटी योजना पर कुल कितनी राशि खर्च होगी तो बताया जा रहा है कि इस योजना में कुल 2,05,800 करोड़ रुपये खर्च होगे.

 

 

सरकार के इस स्मार्ट सिट योजना पर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठाता रहा है. विपक्ष की कहना है कि इस योजना के तहत पूरी राशि का मात्र सात प्रतिशत बजट का ही प्रयोग किया गया है. खैर जो भी अब इस बात को लेकर कई सरकार और विपक्ष शुरू से ही एकदूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहे है.

 

अब जाकर सरकार इस बात का दावा कर रही है कि अभी देश के पहले स्मार्ट सिटी को बनने में अभी तीन साल का समय और लगेगा तो अब इस बात के देखना होगा कि क्या स्मार्ट सिटी योजना के तहत पहली समार्ट सिटी तीन साल बाद बनकर तैयार हो पाती है या नहीं.

अाज लगेगा सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण

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नई दिल्ली –

27 जुलाई यानी आज 21वीं सदी का सबसे बड़ा पूर्ण चंद्रग्रहण लगने वाला है औऱ इस चंद्रगहण पर पूरी दुनिया की नजरे टिकी हुई है. इस चंद्रग्रहण का असर 1 घंटा 43 मिनट तक रहेगा. आज लगने वाले इस पर्ण चंद्रग्रहण में चंद्रमा लाल रंग में दिखेगा जिस कारण इसे ब्लड मून भी कहा जाता है. ये चंद्रग्रहण भारत समेत पूरी विश्व में देखा जा सकेगा. बात अगर भारत कि की जाए तो भारत में ये चंद्रग्रहण रात के 11 बजकर 54 मिनट पर शूरू होगा. वैज्ञानिकों को मुताबिक 27 जुलाई को चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी से सबसे अधिक दूरी पर होगा.

 

इस घटना को लूनर एपोजी कहा  जाता है. ये लंबा चंद्रग्रहण है क्योकि इस चंद्रग्रहण के दौरान पृथ्वी औऱ चंद्रमा के बीच के बीच ज्याद दूरी रहेगी. बात अगर इस चंद्रग्रहण कि की जाए तो इस चंद्रग्रहण को देखने के लिए भारत समेत पूरी दुनिया में देखने के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है. इस चंद्रग्रहण को अगर बिना की चश्में या किसी यंत्र द्वारा न देखा जाएगा लेकिन चंद्रग्रहण का समय जैसे- जैसे खत्म होता जाएगा तो लोग इसे बिना किसी यंत्र के भी देख पाएंगे. इसी साल 31 जनवरी को पूर्ण चंद्रग्रहण को देखा गया था.

 

 

वहीं इस मामले में खगोल वैज्ञानिकों का मानना है कि इसके बाद 2028 में अब पूर्ण चंद्रग्रहण देखा जा सकेगा. वहीं अगर बात इससे पहले पूर्ण चंद्रग्रहण की करे तो वर्ष 2000 और वर्ष 2011 में भी पूर्ण चंद्रग्रहण देखा जा चुका है. चंद्रग्रहण की धटना की अगर बात करे की चंद्रग्रहण कैसे लगता है तो आपको बता दे कि पृथ्वी जब सूर्य की परिक्रमा करते हुए पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा को बीच आ जाता है जिसके कारण पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है जिसके कारण चंद्रग्रहण होता है. चंद्रग्रहण की घटना को पूरे विश्व में अगल – अलग समय पर देखा जाता है.

 

 

बात अगर 27 जुलाई यानि आज लगने वाले इस पूर्ण चंद्रग्रहण की करे तो इस भारत समेत यूरोप एशिया के कई देश दक्षिण अफ्रीका और इसके आसपास के देशों सहित भारतीय महासागर और अंटार्कटिका में दिखेगा. चंद्रग्रहण की घटना 11 बजकर 54 मिनट में शुरू होगा औऱ मध्य रात्री 1 बजकर 51 मिनट पर चंद्रग्रहण अपने सबसे उच्च स्तर पर होगा. इसके बाद चंद्रग्रहण का असर कम होने लगेगा.

जानिए क्यों रूकी वरूण और अालिया के फिल्म की शूटिंग

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नई दिल्ली –

वरूण धवन और आलिया भट्ट की जोड़ी पहले भी कई फिल्मों में धमाल मचा चुकी है. अब आने वाले समय में वरूण और आलिया की जोड़ी एक बार फिर लोगों का दिल जीतने के लिए तैयार है. जी हां हम बात कर रहे है वरूण और आलिया की आने वाली फिल्म “कलंक”  की . फिल्म कलंक की शूटिंग फिलहाल मायानगरी मुंबई में चल रही थी लेकिन इस फिल्म की शूटिंग को भी मुंबई की खराब मौसम की मार झेलनी पड रही है.

 

यही कारण है कि वरुण और आलिया की फिल्म कलंक की शूटिंग फिलहाल 15 दिनों के लिए फिलहाल रोक दी गई है. बताया जा रहा है कि मुंबई में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण सेट का हिस्सा टूट गया जिसके कारण फिल्म की शूटिंग को बीच में ही रोकना पडा. बात इस फिल्म के स्टारकास्ट कि की जाए तो इस मूवी में माधुरी दीक्षीत, संजय दत्त, आदित्य रॉय और सोनाक्षी सिन्हा कपूर भी नजर आएंगे.

 

 

जानकारी ये भी मिल रही है कि जिस सेट में फिल्म की शूटिंग की जा रही थी उसकी मरम्मत फिर किया जाएगा. आशा करते है कि इस फिल्म की शूटिंग जल्द शुरू हो और लोगों को फिर से वरूण और आलिया की जोड़ी एक बार फिर लोग देख पाए.

 

 

इससे पहले वरूण और आलिया की जोड़ी कई फिल्मों में लोगो का दिल जीत चुकी है जिसमें स्टूडेंट ऑफ द इयर, और हम्पटी शर्मा की दुलहनियां जैसे फिल्में है जिसे दर्शको ने खूब पसंद किया है. अब फिल्म “कलंक”  दर्शकों को कितना पसंद करते है इसका पता तो आने वाले समय में ही चल पाएगा.

ट्विटर बदने वाला है अपनी पॉलिसी

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नई दिल्ली –

अगर आप भी ट्विटर यूज करते है और आपका भी एकाउंट माइक्रो ब्लोगिंग साइट ट्विटर पर है तो ये खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है. कुछ दिनों से ट्विटर पर फेक न्यूज और फोस्ट पोस्ट से लोगो को कई कठनाईयों का सामना करना पड़ा है. शायद इसी बात को ध्यान में रखते हुए ट्विट अपनी पॉलिसी में बदलने जा रहा है ये जानकरी अब सामने आ रही है.

 

बताया जा रहा है कि ट्विटर द्वारा अपनी प़ॉलिसी बदलने के बाद ट्वीट और री ट्वीट औऱ लाईक करने की सीमा तय कर दी जाएगी. जानकारी के मुताबिक ट्विटर अपनी नई पॉलिसी 10 सितंबर से लागू करने जा रहा है. इस बात की जानकारी खुद ट्विटर ने ब्लॉग पोस्ट के द्वारा दी है. बात अगर ये करे की ट्विटर द्वारा 10 सितंबर से जो नई पॉलिसी लाई जाएगी तो ट्विटर पर क्या क्या बदलाव होगे तो इसमें कुल चार बदलाव होगा.

 

 

पहला कोई भी यूजर तीन घंटे में सिर्फ 300 ट्विट और री-ट्वीट कर सकता है. इसके बाद दूसरा बदलाव ये होगा कि कोई भी यूजर 1 दिन यानि की 24 घंटे में 1000 ट्विट को ही लाईक कर सकेगा. साथ ही 24 घंटे में 1000 हजार से ज्यादा लोगो को फॉलो भी नहीं किया जा सकेगा. इसके बाद एक बदलाव जो कि ट्विटर की नई प़ॉलिसी लागू होने के बाद देखने के बाद मिलेगा वो ये होगा कि 24 घंटे में सिर्फ 1500 लोगो को ही मैसेज किया जा सकेगा.

 

जानकारी ये भी सामने आ रही है कि ट्विटर द्वारा तीन महींने अपने प्लेटफार्म से कुल 1लाख 43 हजार एप्स को डिलीट किया है जो ट्विटर की पॉलिसी को उलंघन कर रहे थे. अब जब ट्विटर नई अपनी नई पॉलिसी जब लागू करने जा रहा है तो इस पर इस बात की चर्चा तो होनी ही है कि इससे किसको नुकसान और किसको फायदा होगा.

 

 

बात अगर नुकासन की करे तो ट्विटर की इस नई पॉलिसी से सबसे ज्याद नुकासान सेलेब्रिटिज को होगा जिनके फॉलोअर्स हर रोज बढ़ते है. साथ ही उनके ट्विट भी ज्याद री- नहीं हो पाएंगे. वहीं ट्विटर की नई पॉलिसी लागू होने के बाद आम लोगों को उतना कोई फर्क नहीं पड़ेगा.

 

फैन कल्ब ने कोहली को अवार्ड से नवाजा

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नई दिल्ली –

भारतीय कप्तान विराट कोहली की बल्लेबाजी की पूरी दुनिया कायल है. फिलहाल विराट कोहली फिलहाल भारतीय टीम के साथ इंग्लेंड दौरे पर है. भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टैस्ट मेच 1 अगस्त से इंग्लैंड के बर्मिंधम में खेला जाना है. इंग्लैंड की बार्मी आर्मी भी कोहली की बल्लेबाजी की कायल है. इसी बीच कोहली को इंग्लैंड के फैन कल्ब बार्मी आर्मी के द्वारा 2017-2018 का बेस्ट इंटरनेशनल प्लेयर के अवार्ड से नवाजा गया.

 

कोहली को बिते दिन बुधवार को एसेक्स के खिलाफ अभ्यास मैच के दोरान इस अवार्ड से सम्मानित किया गया है। बात अगर इस फैन कल्ब की करे तो ये इंग्लैंड का ये फैन कल्ब इंग्लैंड के हर मैच में खिलाड़ियो के समर्थन में स्टेडियम में मौजूद रहती है.

 

 

वहीं अगर बात भारतीय कप्तान विराट कोहली की करे तो कोहली को 2017 के लिए आईसीसी प्लेयर ऑफ द ईयर का अवार्ड भी दिया गया था और साथ ही कोहली को क्रिकेटर ऑफ द ईयर का भी अवार्ड से भई नवाजा गया था.इसके अलावा उन्हें आईसीसी वनडे टीम का कप्तान भी घोषित किया गया था.

 

 

बात अगर बीसीसीआई की करे तो बीसीसीआई के द्वारा कोहली को 2016- 2017 और 2017-2018 के लिए सर्वश्रेष्ठ प्लेयर चुना गया था.इस तरह भारतीय कप्तान विराट कोहली को हाल ही के दिनों में कई अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है और अब इंग्लैंड के फैन कल्ब बार्मी आर्मी के द्वारा 2017-2018 का बेस्ट इंटरनेशनल प्लेयर के अवार्ड मिलने के बाद कोहली को मिले सम्मान में ये भी एक अवार्ड शामिल हो गया है.

मंगल पर मिला झील होने का प्रमाण

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नई दिल्ली –

विज्ञानिकों द्वारा विभिन्न ग्रहों पर जीवन की खौज हमेशा से होती आ रही है. इसी बीच ये जानकारी सामने आ रही है कि वैजानोकों को मंगल ग्रह पर तरल अवस्था में पानी की मौजूदगी का पता चला है. ये ऐसा पहली बार नहीं है जब विज्ञानिकों को मंगल ग्रह पर पानी होने के साक्ष्य मिले हो लेकिन इस बार वैज्ञानिकों को पहली बार मंगल ग्रह पर पानी के झील होने के सबूत प्राप्त हुए है.

 

बताया जा रहा है कि मंगल ग्रह पर ये झील मंगल ग्रह के दक्षिणी ध्रुव पर तकरीबन बीस किलोमीटर के क्षेत्र में  फैली हुई है.हालांकि इस बारे में ये बताया जा रहा है कि ये पानी बर्फ की एक किलोमीटर मोटी चट्टान के नीचे हो सकती है. इस बात की जानकारी योरोपीय स्पेस एजेंसी के मार्स ऑर्बिटर के द्वारा दी गई है.

 

योरोपीय स्पेस एजेंसी के मार्स ऑर्बिटर के द्वारा भेजे गए आकड़े का वैज्ञानिकों द्वारा ने तीन साल तक अध्धयन किया और इस अध्धयन में वैज्ञानिकों को इस बात पता चला की रडार द्वारा जो तरंगे भेजी जा रहा वो तरंगे बर्फ को तो पार कर जा रही है लेकिन ये तरंगे मंगल ग्रह के दक्षिणी ध्रुव के पास से लोट रही है.

 

 

इस तरह की जानकरी सामने आने के बाद वैज्ञानिकों में वहां किसी जलाशय की मौजूदगी की संभावना बढ़ गई.मंगल ग्रह पर क्या जीवन संभव है और क्या इस ग्रह पर भविष्य में कभी मानव बस पाएगा इसपर निरंतर चर्चा होती रहती है. कई वैजानिकों ने इस क्षेत्र में अध्धयन किया औऱ पता लगाने की कोशिश की है.

 

 

इस मामले में एक प्रोफेसर का कहना है कि लोग मंगल ग्रह पर और इस ग्रह पर जीवन न होने की परिस्थितीयों के बारे में वाकिफ है पर मंगल ग्रह पर अब पानी की मौजूदगी का पता लगने के बाद वहां जीवन की संभावना की खोजी जा सकती है. वहीं पानी से जीवन को पनपन के बारे में पर प्रोफेसर द्वारा कुछ नही कहा गया. कहा जाता है कि जल ही जीवन है.

 

अब जब मंगल पर पानी होने के साक्षय मिल गए है तो आशा करते है कि एक दिन ऐसा भी आएगा जब वैज्ञानिक जो इतने वर्षों से मंगल या अन्य ग्रहों पर जीवन की संभावनाएं तलाशने में लगे है उनकी तलाश पूरी हो और भविष्य में मानव मंगल ग्रह पर जीवन संभव हो.

फ्लाइट में नवजात का शव मिलने से डड़कंप

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नई दिल्ली –

 

मनिपुर की राजधानी इम्फाल से दिल्ली आ रही थी एयर एशिया की फ्लाइट नंबर आई5 784 में उस समय हड़कंप मच गया जब फ्लाइट में एक नवजात का शव पाया गया. इस मामलें में पुलिस का कहना है कि एयर एशिया की फ्लाइट आई5 784 गुवाहाटी होते हुए दिल्ली पहुंची.

 

वहीं दिल्ली पुलिस द्वारा फ्लाइट की सभी महिला यात्रियों से इस बारे में पूछताछ की गई तो इस दौरान एक ताइक्वांडों खिलाड़ी जिसकी उम्र 19 साल है ने कबूला की उसी ने बच्चें को जन्म दिया है. इस मामलें में ये जानकारी सामने आ रही है कि 19 साल की महिला जिसने नवजात शिशु को जन्म दिया था वो गुरूवार को एक प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए अपने कोच के साथ दक्षिण कोरिया जानेवाली थी.

 

वहीं इस इस महिला खिलाड़ी के कोच का इस बारे में कहना है कि उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी . पुलिस ने जानकारी दी है कि नवजात की उम्र लगभग 6 महीनें थी और बच्चा टॉयलेट में बच्चा जन्म के वक्त मृत था और बच्चें के शव को टॉयलेट पेपर में लपेट दिया गया था.

 

 

बच्चे की मां के बारे में बताया जा रहा है वो इम्फाल से फ्लाइट में चढ़ी थी. वहीं एयर एशिया के द्वारा इस मामले में कहा गया कि इस पूरे मामले की जानकारी डीजीसीए को दी जा चुकी है और हम इस मामले की पूछताछ औऱ जांच में पूरी मदद कर रहै है और हम यात्रियों को दौरान हुई परेशानी के लिए हम मांफी मांगते है. फिलहाल इस मामले की जांच चल रही है.

दो दिन के लखनऊ दौरे पर होंगे पीएम मोदी

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नई दिल्ली –

लोकसभा चुनाव 2019 धीरे- धीरे नजदीक आ रहा है. इसी को देखते हुए राजनीतिक पार्टियां भी अपनी कमर लोकसभा चुनाव 2019 के लिए अब कसने लगी है या फिर कहे की लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियां शुरू हो चुकी है. कहते है कि दिल्ली की सियासत का रास्ता यूपी होकर ही गुजरता है. कहावत तो ये भी है कि अगर किसी पार्टी को केंद्र में सरकार बनानी है तो उस पार्टी को यूपी में अधिक सीटे लाना जरूरी है.

 

इस बात को भाजपा बखूबी समझती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार अपने यूपी दौरे पर है. वहीं बात अगर प्रधानमंत्री मोदी के अगले यूपी दौरे कि की जाए तो तो मोदी 28 जुलाई यानि शनिवार को यूपी के राजधानी लखनऊ में होगे . इस दौरान वें दो दिन लखनऊ में रहेंगे. जानकारी ये भी मिल रही है कि इस दौरान यूपी को 60 हजार करोड़ रूपये की सौगात दी जा सकती है.

 

 

साथ ही प्रधानमंत्री मोदी यहां डिजिटल इंडिया परियोजना के तहत विकास परियोजनाओं को लांच करेंगे. वहीं बात अगर मोदी की करे तो पीएम मोदी यहां देश के कई बड़े उधोगपतियों की मौजूदगी में 60,146 करोड़ रूपये की 81 परियोजनाओँ  की शुरूआत करेंगे. जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम में पश्चिमी यूपी को अधिक महत्व दिया जा रहै है और बताया जा रहा है कि यहां सबसे अधिक निवेश किया जाएगा. यूपी में भाजपा की सरकार है जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में आगे बढ़ रही है.

 

इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बात को कहा था कि 4.2 लाख करोड़ के एमओयू को कुछ ही महीनों पहले यूपी निवेशक के शिखर सम्मेलन में अंतिम रूप दिया गया था. इसके अलावा दिल्ली से सटे यूपी के शहर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 23500 करोड़ रूपये का इनवेंस्टमेंट किया जाएगा.

 

 

वहीं बात अगर इस योजना में सबसे बड़े निवेशक की की जाए तो रिलयांस और डब्लयूसीटी 1000 करोड़ रूपये के निवश के साथ सबसे बडे निवेशक है. अब देखना होगा कि लोकसभा चुवाव 2019 के पहले इस तरह के कार्यक्रम से केंद्र की मोदी सरकार और यूपी की योगी सरकार कहां तक जनता को रिझाने में सफल हो पाती है।

BSNL लेकर आया नया प्रीपेड प्लान

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नई दिल्ली –

बीएसएनएल भी आज के दौर में बाकी कंपनियों से सस्ते कॉल रेट और अधिक डेटा के मामले नहीं रहना चाहता और बाकी टेलिकॉम  कंपनियों को टक्कर देने की और बढ़ रहा है. इसी बीच बीएसएनएल ने भी एक नया प्रीपेड प्लान लेकर आया है.

 

बीएसएनएल ने अभी ये प्लान अभी केवल आंध्र प्रदेश ओर तेलांगना में ही जारी किया है.जानकारी के मुताबिक बीएसएनएल के इस प्रपेड प्लान की कीमत 171 रूपये रखी गई है जिसमें लोगो को 2gb  2g/3g/4g डेटा दिया जा रहा है. वहीं बीएसएनएल के इस प्लान की वेलिडिटी की करे तो इसकी वेलिडिटी 30 दिन की है.

 

बीएसएनएल के इस प्रीपेड पैक में रोमिंग सिर्फ दो महानगरों दिल्ली और मुंबई सर्कल के लिए लागू किया गया है. वहीं अगर बात अन्य कंपनियों की इस तरह के प्लान की करे तो रिलायंस जियो, एयरटेल, वोडाफोन और भी इस तरह के प्लान पर वेलिडिटी 30 दिनों की ही दी जा रहा है लेकिन इन सभी कंपनियों के प्लान की कीमत अलग- अलग है.

 

 

जैसे की रिलायंस जिओ 198 रूपये में 2gb 4g डेटा दे रहा है और जिसमें अनलिमिटेड कॉल औऱ प्रतिदिन 100 sms भी दिया जाता है. वहीं एयरटेल 199 रूपयें में 1.4 gb डेटा और अनलिमिटेड कॉल्स दे तो रहा है पर इसमें sms  की सुविधा नहीं दी गई है. अब ये देखना होगा कि  लोगों के बीएसएनएल का ये प्रीपेड प्लान कितना पसंद आता है.

गूगल के ट़ॉप ट्रेंड में ये शब्द

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नई दिल्ली –

कई दिनों से एक शब्द जिस पर चर्चा खूब हो रही है. वो शब्द कोई और शब्द नहीं बल्कि “मॉब लिंचिंग” है जो आजकल चर्चा का विषय बना हुआ है और जिसपर सड़क से लेकर संसद तक चर्चा हो रही है. गूगल के पास ये आकड़े है कि कब, कितना और कहा किस राज्य या शहर में इस शब्द को अधिक सर्च किया गया. वहीं बात अगर मॉब लिंचिंग” शब्द के सर्च की की जाए तो इसी साल 2018 में जुलाई के महीने में इस शब्द को लोगों ने अधिक सर्च किया है.

 

आकड़ो के मुताबिक साल 2015 में लिंचिंग को लेकर इंटरनेट पर सर्च शुरू हुआ. गूगल के सर्च ट्रेंड के मुताबिक 2015 में लिंचिंग  को लेकर सर्च तब शुरू हुआ जब आमाम नागालैंड में मॉब लिंचिंग की एक घटना सामने आई थी. इसके अलावा अगर बात इस शब्द के पहले सर्च की करे तो “मॉब लिंचिंग” शब्द जरूर सर्च किया गया था लेकिन उस समय इस शब्द को इस शब्द को उतना नहीं किया था और इसके आकड़े बहुत कम थी.

 

 

वहीं गूगल ट्रेड के आकड़ो की बात करे तो वर्तमान में सबसे ज्यादा इस शब्द को लोगों के द्वारा सर्च किया जा रहा है. बात अगर मॉब लिंचिंग की घटनाओं की करे तो पिछले कई महीनों में मॉब लिंचिंग के कई मामले सामने आ चुके है जिसने गूगल पर इस शब्द के सर्च को और बढ़ा दिया है.

 

वहीं अगर बात इसके अलावा गूगल ट्रेंड में इस बात की करे की देश के किन राज्यों औऱ किन राज्यों में इस शब्द को सर्च किया गया तो इस क्रम में सबसे पहला स्थान झारखंड का आता है जहा ये शब्द सबसे ज्याद सर्च किया गया. वहीं इस तालिका में दूसरे नंबर पर असम तीसरे नंबर पर उत्तराखंड और चोथे नंबर पर यूपी और पांचवे नंबर पर हरियाणा आता है.

 

मॉब लिंचिंग” की धटनाएं सरकार के लिए चिंता का विषय है. इसी कारण सरकार ने राज्यों से मॉब लिंचिंग की घटनाओं को रोकने के लिए निर्देश दिए है.